Saturday 4th of July 2026 10:54:57 AM
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सरायकेला के बाकारकुड़ी गांव में NIA का छापा

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सरायकेला: तिरुलडीह थाना क्षेत्र के कुकड़ू साप्ताहिक हाट में 14 जून 2019 को हुए पांच पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में एनआईए ने बीते 9 फरवरी को कुचाई थाना क्षेत्र से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इधर मामले में एनआईए ने 14 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। जिन्हें 9 फरवरी को एनआईए ने गिरफ्तार किया था उनका राकेश मुंडा उर्फ सुखराम मुंडा, जीतवाहन मुंडा और बिरसा मुंडा है। राकेश मुंडा पुलिसकर्मियों की हत्या में एनआईए का नामजद अभियुक्त था।

इधर मामले की तहकीकात के लिए बुधवार को एनआईए की टीम तिरुलडीह थाना क्षेत्र के बाकारकुड़ी गांव पहुंची। जहां बाकारकुड़ी गांव के चित्तरंजन प्रामाणिक नामक व्यक्ति के घर की तलाशी ली और करीब चार घंटे तक पूछताछ की। चित्तरंजन प्रामाणिक के परिजनों के द्वारा बताया जा रहा है कि उन्हें एक नोटिस दिया गया है और गुरुवार को रांची के धुर्वा में स्थिर एनआईए कार्यालय बुलाया गया है। वही एनआईए की टीम जब बाकारकुड़ी गांव आयी थी तो चित्तरंजन प्रामाणिक घर मे नही था, वो अपने पिताजी को अस्पताल इलाज के लिए जमशेदपुर ले गया है।

बताया जा रहा है कि चित्तरंजन प्रमाणिक का कुकड़ू हाट के समीप सैलून चलता है। इधर एनआईए की टीम मामले पर मीडिया से किनारा करते हुये नजर आयी और कुछ भी कहने से इंकार दिया। दरअसल माओवादियों के कमांडर महाराज प्रमाणिक के दस्ते ने सरायकेला के जिला के तिरुलडीह थाना क्षेत्र के कुकड़ू साप्ताहिक हाट बाजार में 14 जून 2019 को पुलिस बलों पर हमला कर दिया था। पुलिस पेट्रोलिंग पार्टी पर किए गए अचानक हमले में पांच पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद माओवादी दस्ते ने हथियार, मोबाइल फोन, वायरलेस सेट समेत अन्य चीजों की लूट लिया था। मामले में तब पुलिस ने तिरूलडीह थाने में एफआईआर दर्ज की थी।

बता दे कि एनआईए ने 9 दिसंबर 2020 को केस को टेकओवर किया था। इस मामले में एनआईए ने 14 माओवादी और माओवादी समर्थकों को नामजद आरोपी बनाया था। केस में आरोपी नामजद माओवादी बोयदा पाहन ने हाल में झारखंड पुलिस के समक्ष सरेंडर भी किया है।

राज्यस्तरीय किसान ट्रैक्टर रैली को लेकर नेताओं का तूफानी दौरा

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हजारीबाग में पदयात्रा के दौरान मंत्री बादल पत्रलेख और आलमगीर आलम

उज्ज्वल दुनिया संवाददाता

हजारीबाग। झारखंड सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम, कृषि मंत्री बादल पत्रलेख बुधवार को हजारीबाग पहुंचे। किसानों के समर्थन में आगामी 20 फरवरी को जिले में आयोजित होने वाले राज्यस्तरीय ट्रैक्टर रैली को सफल बनाने को लेकर शीर्ष स्तर के नेताओं का दौरा लगातार जारी है। इसी कड़ी में नेताओं का तूफानी दौरा बनहा, पेलावल, कटकमसांडी व इचाक में हुआ।

मुख्य अतिथि ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन ने देश को नई राह दिखाई है। अब तक इस आंदोलन में 200 से अधिक किसानों की शहादत हो चुकी है। केंद्र सरकार के कृषि मंत्री भी मान चुके हैं कि इस कानून में कई त्रुटियां हैं। यहां तक कि मोदी सरकार के मंत्री इस कानून के विरोध में इस्तीफा भी दे चुकीं हैं। बावजूद इसके मोदी सरकार अपने पूंजीपति दोस्तों के इशारे पर अन्नदाता किसान भाइयों के सामने झुकने को तैयार नहीं है। अपना देश कृषि प्रधान देश रहे, इसके लिए आप सभी से अपील है कि 20 फरवरी की किसान ट्रैक्टर रैली को कामयाब बनाएं।

कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने अपने संबोधन में कहा कि हम सब आपसभी को आमंत्रण देने के लिए आए हैं। पूरी देश की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। किसानों की जान जा रही है। मोदी सरकार लोकतंत्र की खुबसूरती को समाप्त करने पर तुली है। अंबानी-अडानी को स्थापित करने की कोशिश की जा रही है।

पंचायती राज के अध्यक्ष जय शंकर पाठक ने अपने संबोधन में कहा कि गांधीवादी तरीके से किए जा रहे किसानों के आंदोलन पर जो अत्याचार की जा रही है। उससे देश की जनता में काफी आक्रोश है। कांग्रेस पार्टी हमेशा से अपने किसानों के सम्मान की लड़ाई लड़ती रही है।

सभा को संबोधित करने वालों में डॉ जमाल अहमद, साजिद हुसैन, डॉ आरसी मेहता, सुनील ओझा, शमशेर आलम, उदय कुमार साव, शहजादी खातून, मो कमालुद्दीन, मो अकरम, सलाउद्दीन अंसारी, बाबर अंसारी, जवाहरलाल सिन्हा, विनोद कुमार सिंह, प्रकाश यादव, उमेश साव, मो शिबली आदि ने किया।

80 साल के नेत्रहीन वृद्ध पर लगाया अफीम की खेती का आरोप

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लाचार गुठाली भुइयां

उज्जवल दुनिया संवाददाता/ गीतांजलि

सिमरियाचतरा जिले के कुंदा थाना में 80 वर्षीय लाचार नेत्रहीन वृद्ध पर अफीम की खेती करने का आरोप लगा है।उनके खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला भी दर्ज हो गया है। जबकि वे पिछले कुछ वर्षों से लाचार बिस्तर पर पड़े हुए हैं।इस मामले का खुलासा होने के बाद वन विभाग और पुलिस दर्ज केस के अनुसंधान की बात करने लगी है।

दरअसल बीते छह फरवरी को वन विभाग और पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर अफीम की खेती को रौंद डाला था। इस प्रकरण के बाद दस लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इस केस में दारी गांव के 80 वर्षीय गुठली भुइयां को भी अभियुक्त बनाया गया।
यह बात जब गुठली को पता चला तो दंग रह गया। उन्होंने कहा कि केस करने वालों को यह समझना चाहिए कि एक वृद्ध लाचार नेत्रहीन कैसे अफीम की खेती कर सकता है।

कुंदा में यह चर्चा अब आम हो गई कि जो अफीम की खेती कर रहे हैं वो तो पकड़े नहीं जा रहे हैं।निर्दोषों को फंसाना कहां तक उचित है। इसके पूर्व भी कुंदा थाना में सिकीदाग गांव के विश्वनाथ गंझू नामक मृत व्यक्ति पर एनडीपीएस का मामला दर्ज कर लिया गया था। हालांकि कुंदा के रेंजर सूर्यभूषण कुमार और थाना प्रभारी बंटी यादव का कहना है कि निर्दोष व्यक्ति को किसी भी सुरत में ऐसे मामलों में घसीटा नहीं जाएगा।अगर कोई व्यक्ति निर्दोष है तो उसका नाम अनुसंधान के क्रम में हटा दिया जाएगा।

80 साल के नेत्रहीन वृद्ध पर लगाया अफीम की खेती का आरोप

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लाचार गुठाली भुइयां

उज्जवल दुनिया संवाददाता/ गीतांजलि

सिमरियाचतरा जिले के कुंदा थाना में 80 वर्षीय लाचार नेत्रहीन वृद्ध पर अफीम की खेती करने का आरोप लगा है।उनके खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला भी दर्ज हो गया है। जबकि वे पिछले कुछ वर्षों से लाचार बिस्तर पर पड़े हुए हैं।इस मामले का खुलासा होने के बाद वन विभाग और पुलिस दर्ज केस के अनुसंधान की बात करने लगी है।

दरअसल बीते छह फरवरी को वन विभाग और पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर अफीम की खेती को रौंद डाला था। इस प्रकरण के बाद दस लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इस केस में दारी गांव के 80 वर्षीय गुठली भुइयां को भी अभियुक्त बनाया गया।
यह बात जब गुठली को पता चला तो दंग रह गया। उन्होंने कहा कि केस करने वालों को यह समझना चाहिए कि एक वृद्ध लाचार नेत्रहीन कैसे अफीम की खेती कर सकता है।

कुंदा में यह चर्चा अब आम हो गई कि जो अफीम की खेती कर रहे हैं वो तो पकड़े नहीं जा रहे हैं।निर्दोषों को फंसाना कहां तक उचित है। इसके पूर्व भी कुंदा थाना में सिकीदाग गांव के विश्वनाथ गंझू नामक मृत व्यक्ति पर एनडीपीएस का मामला दर्ज कर लिया गया था। हालांकि कुंदा के रेंजर सूर्यभूषण कुमार और थाना प्रभारी बंटी यादव का कहना है कि निर्दोष व्यक्ति को किसी भी सुरत में ऐसे मामलों में घसीटा नहीं जाएगा।अगर कोई व्यक्ति निर्दोष है तो उसका नाम अनुसंधान के क्रम में हटा दिया जाएगा।

इचाक बाजार में जयंत सिन्हा के खिलाफ जमकर नारेबाजी

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टोल टैक्स के विरोध में सांसद और एनएचआई का फूंका पुतला


उज्ज्वल दुनिया संवाददाता/ अजय निराला

हजारीबागइचाक बाजार में नगवां टोल टैक्स में टोल टैक्स लेने के मामले में आदर्श युवा संगठन टॉल टैक्स विरोध समिति ने NHAI व हजारीबाग सांसद जयंत सिन्हा का बुधवार को पुतला दहन किया। संगठन के सदस्यों ने जयंत सिन्हा होश में आओ, जयंत सिन्हा मुर्दाबाद, जयंत सिन्हा इस्तीफा दो का नारा लगाते हुए विरोध जताया।

विरोध समिति के अध्यक्ष गौतम कुमार ने कहा कि सांसद ने आम जनता के बीच दोहरा चरित्र दिखाने का काम किया है। हजारीबाग की जनता टॉल टैक्स से निजात चाहती है। लेकिन वह जनता के भावनाओं के बीच छुरा घोंपने का काम किए हैं। वे नितिन गडकरी से समस्या का समाधान के लिए मिलने नहीं गए सिर्फ जनता के बीच चापलूसी पेश करने गए थे। जयंत सिन्हा टॉल प्लाजा के आंदोलन को बेचने का काम किए हैं। वे क्षेत्र की जनता के बीच माफी मांगनी चाहिए या फिर स्वतः संसदीय क्षेत्र से इस्तीफा दे देना चाहिए।

गौतम ने कहा कि इतने दिनों से अनशन व आंदोलन के बीच हजारीबाग वासियों को टॉल टैक्स फ्री नहीं किया गया, तो पूरे क्षेत्र में आंदोलन किया जाएगा। गौतम कुमार ने कोर्ट का फैसला आने तक टॉल टैक्स नहीं चालू करने की मांग की है।

पुतला दहन में संगठन के जिलाध्यक्ष रूपेश कुमार, रंजीत कुमार, मुकेश कुमार, अमित कुमार, आनंद सिंह, विस्थापन संघर्ष समिति के कृष्णा मेहता, गणेश मेहता, मनोज मेहता, मोदी मेहता, सतीश मेहता समेत सैकड़ों लोग शामिल थे। गौरतलब है कि पिछले दिनों टोल टैक्स पर ब्यान देकर सांसद जयंत सिन्हा टाल टैक्स विरोध समिति के साथ आमजनों के भी निशाने पर आ गए। अपने खुद के ब्यान से उनकी खूब किरकिरी होने लगी है। चूंकि आमजनों के हित में टाल टैक्स के विरोध में यहां जोरदार सर्वदलीय आंदोलन लगातार चलता रहा है, जिसमें भाजपा भी शामिल रही है।

इचाक बाजार में जयंत सिन्हा के खिलाफ जमकर नारेबाजी

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टोल टैक्स के विरोध में सांसद और एनएचआई का फूंका पुतला


उज्ज्वल दुनिया संवाददाता/ अजय निराला

हजारीबागइचाक बाजार में नगवां टोल टैक्स में टोल टैक्स लेने के मामले में आदर्श युवा संगठन टॉल टैक्स विरोध समिति ने NHAI व हजारीबाग सांसद जयंत सिन्हा का बुधवार को पुतला दहन किया। संगठन के सदस्यों ने जयंत सिन्हा होश में आओ, जयंत सिन्हा मुर्दाबाद, जयंत सिन्हा इस्तीफा दो का नारा लगाते हुए विरोध जताया।

विरोध समिति के अध्यक्ष गौतम कुमार ने कहा कि सांसद ने आम जनता के बीच दोहरा चरित्र दिखाने का काम किया है। हजारीबाग की जनता टॉल टैक्स से निजात चाहती है। लेकिन वह जनता के भावनाओं के बीच छुरा घोंपने का काम किए हैं। वे नितिन गडकरी से समस्या का समाधान के लिए मिलने नहीं गए सिर्फ जनता के बीच चापलूसी पेश करने गए थे। जयंत सिन्हा टॉल प्लाजा के आंदोलन को बेचने का काम किए हैं। वे क्षेत्र की जनता के बीच माफी मांगनी चाहिए या फिर स्वतः संसदीय क्षेत्र से इस्तीफा दे देना चाहिए।

गौतम ने कहा कि इतने दिनों से अनशन व आंदोलन के बीच हजारीबाग वासियों को टॉल टैक्स फ्री नहीं किया गया, तो पूरे क्षेत्र में आंदोलन किया जाएगा। गौतम कुमार ने कोर्ट का फैसला आने तक टॉल टैक्स नहीं चालू करने की मांग की है।

पुतला दहन में संगठन के जिलाध्यक्ष रूपेश कुमार, रंजीत कुमार, मुकेश कुमार, अमित कुमार, आनंद सिंह, विस्थापन संघर्ष समिति के कृष्णा मेहता, गणेश मेहता, मनोज मेहता, मोदी मेहता, सतीश मेहता समेत सैकड़ों लोग शामिल थे। गौरतलब है कि पिछले दिनों टोल टैक्स पर ब्यान देकर सांसद जयंत सिन्हा टाल टैक्स विरोध समिति के साथ आमजनों के भी निशाने पर आ गए। अपने खुद के ब्यान से उनकी खूब किरकिरी होने लगी है। चूंकि आमजनों के हित में टाल टैक्स के विरोध में यहां जोरदार सर्वदलीय आंदोलन लगातार चलता रहा है, जिसमें भाजपा भी शामिल रही है।

ब्लास्ट के बाद लोहरदगा पहुंचे डीजीपी नक्सलवाद के खात्मे को लेकर चलेगा बड़ा अभियान

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लोहरदगा। लोहरदगा में हुए आईईडी ब्लास्ट में एक जवान की शहादत के बाद डीजीपी नीरज सिन्हा आज लोहरदगा पहुंचे। एडीजी ऑपरेशन नवीन कुमार सिंह और आइजी ऑपरेशन साकेत कुमार सिंह भी उनके साथ थे। उन्होंने पुलिस के आला अधिकारियों के साथ जंगली-पहाड़ी क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ चलाये जा रहे छापामारी योजना पर चर्चा की। सेरेंगदाग थाना परिसर में आयोजित बैठक में डीजीपी श्री सिन्हा ने घटनास्थल के आसपास और सीमावर्ती क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ योजनाबद्ध तरीके से पुलिसिया कार्रवाई की रणनीति तैयार की। बैठक के बाद उन्होंने कहा कि घटना बेहद दुखद और नक्सलियों की कायरतापूर्ण कार्रवाई है। पुलिस मामले को लेकर गंभीर है। हम नक्सलियों को करारा जवाब देंगे। अभियान को गति दी जाएगी। पुलिस फिलहाल अभियान और योजना को लेकर कोई खुलासा नहीं कर सकती है। शहीद जवान के आश्रित को मुआवजा देने के सवाल पर डीजीपी ने कहा कि जवान के आश्रित में से एक सदस्य को सरकारी नौकरी, 45 लाख रुपये की बीमा राशि, 25 लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान, सेवाकाल के वेतन में से तीस लाख रुपये सहित कुल एक करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि आश्रित को दी जाएगी। डीजीपी ने पुलिस के अधिकारियों को नक्सलवाद के खात्मे को लेकर बड़ा अभियान चलाने का निर्देश दिया है।

नहीं थम रहा डायन बिसाही का मामला,प्रताड़ित हो रही महिलाएं

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छतरपुर(उज्ज्वल दुनिया)ः किसी महिला को डायन घोषित कर उसको बदनाम और प्रताड़ित कर किसी तरह का नुकसान पहुंचाना अपराध है। झारखंड में बिहार से अंगीकृत डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम 1999 लागू है, इस प्रावधान के मुताबिक कानूनन कारावास व जुर्माना का प्रावधान है लेकिन इसका कड़ाई से पालन नहीं किया जा रहा।बावजूद इसके डायन बिसाही का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा, आए दिन ऐसी घटनाए सामने आती रहती है।जब विधवा,बुजुर्ग, बिकलांग महिलाओं पर डायन होने का आरोप लगा उन्हे ओझा गुणी के नाम पर प्रताड़ित किया जाता है और कई बार राक्षसी प्रवृति के लोग उनकी हत्या कर सिना चौड़ा करते है।डायन के विषय में आम लोगो के मन में बैठे डर व पूर्वग्रहों के आड़ में झारखंड के ग्रामीण इलाकों में जमीनों के दलाल और असामाजिक तत्वों ने अपने निजी हित खूब साधे और खूब फायदा कमाया।प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2015 से 2020 तक झारखंड के थानों में डायन बिसाही से जुड़े 4658 मामले दर्ज है, जिनमे 211 महिलाओं की निर्ममता से हत्या कर दी गई। अकेले पलामू में 446 मामले दर्ज है।
क्या है ताजा मामला.
ताजा और शर्मिन्दा करने वाला मामला फिलहाल छतरपुर थाना क्षेत्र के लोहरआही ग्राम से आ रही है,इस सम्बन्ध में पीड़िता व उसके पुत्र ने छतरपुर थाने में मंगलवार को लिखित आवेदन देने की बात कही है।आवेदन में महिला ने गांव के संतोष कुमार सहित अन्य लोगो पर उन्हे डायन बता कर बदनाम करते हुए मारपीट,गाली गलौज व जान से मारने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। महिला ने बताया की बीते सोमवार को संतोष व उसके परिवार के द्वारा उनके घर पर आकर गाली गलौज किया गया व लाठी डंडों से महिला व उसके बेटे पर पर प्रहार किया गया।बाद में जबरन दोनो को पकड़ कर जिले के चैनपुर प्रखंड अंतर्गत बंधु अलखदिहा गांव में ओझा गुणी करने वाले एक व्यक्ति के पास ले जाया गया। जहां पर उनके साथ काफी बुरा व्यवहार व मारपीट भी किया गया। जान से मारने की भी धमकी दी गई,जिसके बाद महिला व उसके बेटे ने किसी तरह भाग कर जान बचाई।पीड़िता ने कानून से न्याय की गुहार लगाते हुए करवाई की मांग की है।

किसानों को ऋण के बोझ से दिलायें राहत: डीसी झारखंड कृषि ऋण माफी योजना को लेकर आयोजित हुई कार्यशाला

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मेदिनीनगर (उज्ज्वल दुनिया)ः झारखंड कृषि ऋण माफी योजना का लाभ जिले के किसानों तक पहुंचाने को लेकर समाहरणालय स्थित एनआईसी सभागार में कार्यशाला आयोजित किया गया। इसमें योजना के क्रियान्वयन को लेकर जानकारी दी गई। उपायुक्त शशि रंजन ने कहा कि किसानों को शीघ्र लाभ पहुंचायें, ताकि किसानों को ऋण के बोझ से राहत मिले। इस योजना के तहत किसानों का 50 हजार रुपये तक के बकाया राशि माफ किये जायेंगे। 31 मार्च 2020 तक के मानक फसल ऋणी इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। उन्होंने बताया कि इस योजना से पलामू के 65,839 किसानों को लाभान्वित किया जाना है। इसमें 9,982 ऑफलाइन सूची है। वहीं वर्तमान में 22,888 किसानों की ऑनलाइन सूची उपलब्ध कराई गयी है। उन्होंने 9,982 किसानों की ऑफलाइन सूची को जिला आपूर्ति पदाधिकारी के स्तर पर सत्यापित कराने के बाद ही ऋण माफी की प्रक्रिया शुरू करने को कहा। उन्होंने डीएसओ अमित प्रकाश को 10 कंप्यूटर ऑपरेटर की नियुक्ति कर कार्यो में तेजी लाते हुए सूची का सत्यापन कराने का निर्देश दिया। उपायुक्त शशि रंजन ने झारखंड कृषि ऋण माफी योजना से संबंधित जानकारी हेतु प्रज्ञा केंद्र के बाहर सूची लगाने, बीडीओ को इसकी समीक्षा करते रहने और योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को जागरूक करने का निर्देश दिया। कार्यशाला में कृषि पदाधिकारी अरुण कुमार ने झारखंड कृषि ऋण माफी योजना की विशेषताओं पर प्रकाश डाला। साथ ही योजना की रूपरेखा से सभी को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को अपने आधार और राशन कार्ड की प्रति के साथ प्रज्ञा केंद्र/बैंक शाखा में जाना होगा। आवेदक को आवेदन के लिए केवल एक रूपये का भुगतान करना होगा, जिसकी उन्हें रसीद दी जा सकती है। जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी रणवीर सिंह ने कहा कि योजना का लाभ देने की प्रक्रियाओं को पूर्ण करने में प्रज्ञा केंद्र/ग्राहक सेवा केंद्र की अहम भूमिका है और वे सरकारी दिशा निर्देश के तहत काम करना सुनिश्चित करेंगे। कार्यशाला में अग्रणी बैंक प्रबंधक अनुकरण तिर्की, नाबार्ड के डीडीएम शालीन लकड़ा, एडीआईओ संजीव कुमार ने योजना से संबंधित जानकारी दी। मौके पर प्रशिक्षु आईएएस दिलीप प्रताप सिंह शेखावत, एएओ सामू साहू, सीएससी के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर समेत वर्चुअल माध्यम से बीडीओ, बीएओ, बीटीएम व एटीएम आदि उपस्थित थे।

सड़क दुर्घटना मे विधायक ने दिखाई मानवता, घायलों को पहुंचाया अस्पताल

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सड़क दुर्घटना मे दो की मौत, चार घायल

साहिबगंजबोरियो से साहिबगंज जाने के क्रम मे बुधवार को बड़ी लोहंडा जलेबीघाटी के पास टाटा 407 छोटी ट्रक दुर्घटना ग्रस्त हो गई। छोटी ट्रक मे घाटी से आधे दर्जन महिला पुरूष जलावन के लिए जंगलझाड़ लेकर साहिबगंज आने के लिए सवार हो गए और घाटी के बडी लोहंडा के पास एक बाइक चालक को बचाने के क्रम मे छोटी ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गई। जिससे एक अज्ञात की मौत मौके वारदात हो गई वहीं दुसर की मौत ईलाज के दरम्यान।

घटना के समय संयोगवश विधायक लोबिन हेंब्रम अपने निजी वाहन से गुजर रहे थे। जहां उन्होंने सड़क पर घायलो को तड़पते देख तत्काल अपने वाहन मे घायलों को सदर अस्पताल पहुंचाया। जहां सीएच डाँ. अरविंद कुमार ने स्वयं कमान संभाल घायलों का ईलाज प्रारंभ किया। डाँ. कुमार ने बताया कि राजू पासवान और एक अज्ञात को मृत घोषित कर दिया वहीं रीता देवी, रविंद्र रजक को बेहतरीन ईलाज के लिए धनबाद हाँयर सेंटर रेफर कर अन्य घायलो को ईलाज देने की जानकारी दी। अस्पताल का माहौल क्रंदन, चित्कार से गमगीन था।

सूत्रों के अनुसार ट्रक मे सात लोग थे जिनमें छह लोग चानन गांव के ही थे। जिनमें दो पुरूष की मौत हो चुकी वहीं घायल तीन महिला का ईलाज चल रहा है। जिरवाबाड़ी थाना पुलिस मामले की छानबीन मे जुटी है।

जगरनाथ महतो से मिले गडकरी, अर्जुन मुंडा से मिले मिथिलेश ठाकुर, माजरा क्या है?

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मिथिलेश ठाकुर और अर्जुन मुंडा के बीच मुलाक़ात

मंगलवार को झारखंड की आमतौर पर शांत राजनीति में कुछ हलचल हुई । एक ही दिन में तीन बड़ी घटनाओं ने अचानक सबका ध्यान अपनी ओर खींचा । झारखंड मुक्ति मोर्चा के दो सबसे एक्टिव मंत्री और केंद्र सरकार के दो मंत्रियों के बीच मुलाक़ात हुई । इसके बाद केंद्र सरकार के तीसरे मंत्री रामदास अठावले ने झामुमो को एनडीए में शामिल होने का न्योता दे दिया ।

अचानक जगरनाथ महतो का हालचाल लेने पहुंचे नीतिन गडकरी

मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने ट्वीट कर बताया कि केन्द्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा से गढ़वा के आदिवासी इलाकों में एकलव्य विद्यालय खोलने की मांग की । वहीं जगरनाथ महतो की ओर से कहा गया कि फुसरो से गिरिडीह तक की सड़क फोरलेन करने को लेकर एक मांग पत्र सौंपा । इसके अलावा झामुमो और भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया ।

फुसरो से गिरिडीह तक की सड़क फोरलेन करने की मांग

मिथिलेश ठाकुर और जगरनाथ महतो ने अपने ट्वीट में कहा कि दोनों केन्द्रीय मंत्रियों के साथ उनकी मुलाक़ात “सौहार्दपूर्ण” वातावरण में हुई और केन्द्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा और नीतिन गडकरी ने मांग पूरी होने का आश्वासन दिया है ।

रामदास अठावले और कांग्रेस का रिएक्शन

रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और केन्द्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि झामुमो पहले भी NDA में रह चुका है । अगर एक बार फिर एनडीए में शामिल हो जाते हैं तो शिबू सोरेन को केन्द्र में मंत्री पद मिलेगा ही झारखंड को केन्द्र से पैसा मिलने में भी कोई दिक्कत नहीं होगी ।

रामदास अठावले के बयान पर भाजपा और झामुमो ने तो कुछ नहीं कहा लेकिन कांग्रेस आगबबूला हो गई । झारखंड कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता आलोक दूबे ने तो रामदास अठावले को राजनीति का “टमाटर” तक कह दिया । उन्होंने कहा कि अठावले को तो एनडीए वाले भी सीरियसली नहीं लेते ।

फिलहाल राजनीति है तो चर्चा होगी ही । राजधानी के चौक चौराहों पर भविष्य की संभावना पर चटखारे लेकर कहानियाँ गढ़ी जा रही हैं । और लोग मजे ले-लेकर अर्जुन मुंडा और हेमंत सोरेन के रिश्तों की दुहाई दे रहे हैं ।

आजाद भारत में पहली बार किसी महिला को फांसी, तैयारियां पूरी

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आजाद भारत के इतिहास में पहली बार किसी महिला को फांसी लगने जा रही है । मथुरा जेल में फांसी की सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं । बिहार से फांसी की रस्सी आ चुकी है । पवन जल्लाद ने फांसी घर आकर सारी तैयारियों का जायजा लिया, लीवर में कुछ समस्या थी जिसे ठीक कर लिया गया है ।

कौन है शबनम जिसे फांसी पर लटकाया जाएगा ?

शबनम उत्तर प्रदेश के अमरोहा की रहने वाली है….कहानी कुछ यूं है….

15 अप्रैल, 2008. यूपी के अमरोहा डिस्ट्रिक्ट का गांव – बावनखेड़ी… रात के लगभग डेढ़ दो बजे होंगे . एक लड़की ज़ोर-ज़ोर से चीखती है. उसकी चीख सुनकर आस पड़ोस वाले इकट्ठा हो जाते हैं. घर के अंदर घुसते हैं तो वहां के हालात देखकर दंग रह जाते हैं. अंदर सात लाशें पड़ी हैं. इस लड़की के परिवार के सारे सदस्य मारे गए हैं. जीवित बची है तो ये 25 साल की लड़की, जिसका नाम शबनम है. जो मरे, वो थे – शबनम के मां-बाप. शबनम के दो भाई. शबनम की एक भाभी. शबनम की एक मौसी की बेटी. शबनम का एक भतीजा.

रुकिए! दरअसल ज़िंदा बचने वालों में केवल शबनम ही नहीं थी. कोई और भी उसके परिवार में था जिसे एक खरोंच तक नहीं लगी. और वो था, उसके पेट में दो महीने का बच्चा.

उधर शबनम पछाड़ खाते हुए, बिलखते हुए इस रात की घटना सबको बताती है. कि कैसे लुटेरे उसके घर में घुस गए और उसके पूरे परिवार का क़त्ल कर डाला. वो बच गई क्यूंकि वो बाथरूम में थी ।

दरअसल पुलिस ने तफ्तीश में जाना कि वो लुटेरे नहीं थे जिन्होंने शबनम के परिवार का क़त्ल किया. क्यूंकि अव्वल तो मृतकों द्वारा खुद को बचाने की कोई कोशिश की गई हो, ऐसा किसी भी एंगल से नहीं दिखता था. साथ ही, जो क़त्ल का उद्देश्य शबनम बता रही थी – यानी लूट-पाट – ऐसा पूरे घर में कुछ भी नहीं पाया गया था. और हां, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में ये भी पता चला कि मृतकों की हत्या करने से पहले उन्हें बेहोशी की दवाई या कोई ज़हर भी दिया गया था.

तो?

तो, क़त्ल करने वाला घर का ही कोई सदस्य था जिसने तसल्लीबख्श इस घटना को अंजाम दिया था. कोल्ड-ब्लडेड

सामने आई शबनम और सलीम की घिनौनी प्रेम कहानी

आज ग्यारह वर्ष होने को आए हैं लेकिन आज भी बावनखेड़ी और आस-पास के गांवों में कोई अपनी लड़की का नाम शबनम नहीं रखता ।

शबनम और सलीम की फाइल तस्वीर

दरअसल इस अविश्वसनीय कहानी की शुरुआत होती है शबनम और सलीम के बीच बेइन्तहा प्रेम से….

लेकिन दोनों के परिवारों को, ख़ास तौर पर शबनम के परिवार को ये रिश्ता कतई मंज़ूर न था. उधर शबनम को परिवार का ये रिश्ता मंज़ूर न करना मंज़ूर न था. बस फिर क्या था, जैसे वन फाइन डे होता है, वैसे ही वन बैड नाईट में शबनम ने मौका देखकर और सलीम के साथ प्लानिंग कर इन 7 लोगों की हत्याओं को अंजाम दे दिया । पहले इन दोनों ने सबके खाने में कुछ मिलाया और उसके बाद एक धारदार कुल्हाड़ी से एक के बाद एक, पूरे परिवार की हत्या कर दी…. जिस एक इंसान के साथ शबनम उस रात लगातार कॉल में थी वो दरअसल सलीम ही था…

गर्भ में पल रहे उस बच्चे का क्या हुआ ?

शबनम की गर्भ में पल रहा बच्चा अब 10 साल का हो चुका है । फिलहाल वह एक पत्रकार के यहां पल रहा है और पत्रकार दंपत्ति को ही अपना मां-बाप समझता है । हालांकि उसे शबनम और सलीम के बारे में सब पता है ।

कब होगी शबनम को फांसी ?

सुप्रीम कोर्ट ने शबनम की फांसी की सज़ा बरकरार रखी है । पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भी शबनम और सलीम की दया याचिका खारिज कर दी थी । इसके बाद दोनों ने सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पेटिशन दाखिल किया था , जिसका फैसला इसी हफ्ते आना है । इसके बाद दोनों को कभी भी फांसी हो सकती है । इस तरह शबनम आजाद भारत की वो पहली महिला होगी जिसे फांसी पर लटकाया जाएगा । आज तक सिर्फ पुरुषों को ही फांसी हुई है ।

मुख्यमंत्री पद के लिए ममता पहले नंबर पर कायम

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एबीपी न्यूज़-सीएनएक्स के सर्वे में 77 फीसद लोगों को कहना है कि सौरव गांगुली को राजनीति में आना चाहिए। सर्वे में 76.53 फीसद लोगों ने ‘दादा’ के राजनीति में आने की वकालत की।

वहीं 21.28 फीसद लोगों ने कहा कि गांगुली को राजनीतिक पारी की शुरुआत नहीं करना चाहिए। इसके अलावा 2.19 फीसद लोगों ने इस पर कोई राय नहीं दी। अब जब 77 फीसद लोगों का मानना है कि सौरव गांगुली को राजनीतिक पारी की शुरुआत करना चाहिए, वहीं कुछ लोग ‘दादा’ को चुनाव के बाद राज्य का मुख्यमंत्री भी देखना चाहते हैं। सर्वे के मुताबिक, 12.72 फीसद लोग चाहते हैं कि विधानसभा चुनाव के बाद गांगुली राज्य की कमान संभालें। मुख्यमंत्री पद के लिए लोगों की पसंद में गांगुली तीसरे पायदान पर हैं।

सर्वे में लोगों की पहली पसंद राज्य की मौजूदा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हैं। उन्हें 38 फीसद लोग सीएम के रूप में देखना चाहते हैं। दूसरे नंबर पर बंगाल भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष हैं। दिलीप को 18.68 फीसद लोग सीएम के रूप में देखना चाहते हैं। सुवेंदु अधिकारी 10.13 फीसद लोगों की पसंद हैं।

देश में सीरियल ब्लास्ट की थी साजिश, दो गिरफ्तार

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लखनऊ । नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध की आड़ में हि‍ंसा फैला चुके संगठन पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआइ) ने अब देश-प्रदेश को दहलाने की साजिश रची थी। पहली बार उसका आतंकी चेहरा सामने आया है। वसंत पंचमी के आसपास लखनऊ में होने वाले हि‍ंदू संगठनों के कार्यक्रमों व महत्वपूर्ण स्थलों पर आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए पीएफआइ के दो आतंकी केरल से लखनऊ पहुंच भी गए थे, लेकिन वह अपने खौफनाक मंसूबों को पूरा कर पाते, उससे पहले स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। एसटीएफ ने विस्फोटक व हथियार बरामद कर आतंकी हमले की साजिश नाकाम कर दी। पीएफआइ के निशाने पर कई बड़े नेता भी थे। उनका मकसद देश के अलग-अलग हिस्सों में हि‍ंदूवादी संगठनों के नेताओं की सीरियल किलि‍ंग भी था।

वृंदा करात ने ‘आंदोलनजीवी’ के जवाब में ‘धोखाजीवी’ से किया पलटवार, केंद्र पर जमकर बोला हमला

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भारतीय कम्‍युनिस्‍ट पार्टी (मार्क्‍सवादी) सीपीएम के पोलित ब्‍यूरो की सदस्‍य वृंदा करात ने पीएम मोदी द्वारा पिछले दिनों संसद में 'आंदोलनजीवी' शब्‍द का इस्‍तेमाल किए…