
सरायकेला: तिरुलडीह थाना क्षेत्र के कुकड़ू साप्ताहिक हाट में 14 जून 2019 को हुए पांच पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में एनआईए ने बीते 9 फरवरी को कुचाई थाना क्षेत्र से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इधर मामले में एनआईए ने 14 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। जिन्हें 9 फरवरी को एनआईए ने गिरफ्तार किया था उनका राकेश मुंडा उर्फ सुखराम मुंडा, जीतवाहन मुंडा और बिरसा मुंडा है। राकेश मुंडा पुलिसकर्मियों की हत्या में एनआईए का नामजद अभियुक्त था।

इधर मामले की तहकीकात के लिए बुधवार को एनआईए की टीम तिरुलडीह थाना क्षेत्र के बाकारकुड़ी गांव पहुंची। जहां बाकारकुड़ी गांव के चित्तरंजन प्रामाणिक नामक व्यक्ति के घर की तलाशी ली और करीब चार घंटे तक पूछताछ की। चित्तरंजन प्रामाणिक के परिजनों के द्वारा बताया जा रहा है कि उन्हें एक नोटिस दिया गया है और गुरुवार को रांची के धुर्वा में स्थिर एनआईए कार्यालय बुलाया गया है। वही एनआईए की टीम जब बाकारकुड़ी गांव आयी थी तो चित्तरंजन प्रामाणिक घर मे नही था, वो अपने पिताजी को अस्पताल इलाज के लिए जमशेदपुर ले गया है।

बताया जा रहा है कि चित्तरंजन प्रमाणिक का कुकड़ू हाट के समीप सैलून चलता है। इधर एनआईए की टीम मामले पर मीडिया से किनारा करते हुये नजर आयी और कुछ भी कहने से इंकार दिया। दरअसल माओवादियों के कमांडर महाराज प्रमाणिक के दस्ते ने सरायकेला के जिला के तिरुलडीह थाना क्षेत्र के कुकड़ू साप्ताहिक हाट बाजार में 14 जून 2019 को पुलिस बलों पर हमला कर दिया था। पुलिस पेट्रोलिंग पार्टी पर किए गए अचानक हमले में पांच पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद माओवादी दस्ते ने हथियार, मोबाइल फोन, वायरलेस सेट समेत अन्य चीजों की लूट लिया था। मामले में तब पुलिस ने तिरूलडीह थाने में एफआईआर दर्ज की थी।
बता दे कि एनआईए ने 9 दिसंबर 2020 को केस को टेकओवर किया था। इस मामले में एनआईए ने 14 माओवादी और माओवादी समर्थकों को नामजद आरोपी बनाया था। केस में आरोपी नामजद माओवादी बोयदा पाहन ने हाल में झारखंड पुलिस के समक्ष सरेंडर भी किया है।










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