Wednesday 1st of July 2026 12:02:12 AM
Home Blog Page 46

पूर्व मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने 60 साल की उम्र में रचाई दूसरी शादी, बच्चों की सहमति से लिया फैसला

0

बिहार के पूर्व मुख्य सचिव और 1987 बैच के आईएएस अधिकारी आमिर सुबहानी ने 60 वर्ष की उम्र में दूसरी शादी की है। यह फैसला उन्होंने अपने बच्चों की सहमति से लिया। हाल ही में उनका निकाह संपन्न हुआ, जिसमें उनके परिवार के सदस्य और दोनों बच्चे भी शामिल हुए। शादी के बाद बुधवार को पटना के अनीसाबाद स्थित पाटलिपुत्र कॉन्टिनेंटल होटल में वलीमा का आयोजन किया गया, जहां कई सियासी और प्रशासनिक हस्तियों ने शिरकत की और उन्हें बधाई दी।

पहली पत्नी का तीन साल पहले हुआ था निधन
तीन साल पहले एक दुर्घटना में सीढ़ियों से गिरने के कारण आमिर सुबहानी की पहली पत्नी डॉ. सादिका यासमीन का निधन हो गया था। इस दुखद घटना के लंबे समय बाद उन्होंने दूसरी शादी करने का निर्णय लिया।

प्रशासनिक करियर और उपलब्धियां
आमिर सुबहानी 1987 बैच के बिहार कैडर के आईएएस अधिकारी हैं और यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में टॉपर रह चुके हैं। उनकी पहली पोस्टिंग भोजपुर जिले के डीएम के रूप में हुई थी। बाद में उन्होंने पटना में जिला कलेक्टर के रूप में भी कार्य किया। वह बिहार के गृह विभाग में सबसे लंबे समय तक प्रधान सचिव रहने वाले नौकरशाह भी रहे हैं।

बचपन और शिक्षा
आमिर सुबहानी का जन्म बिहार के सीवान जिले के बहुआरा गांव में हुआ था। उन्होंने सरकारी स्कूल से पढ़ाई की और बचपन से ही सिविल सर्विस में जाने का सपना देखा था। किताबों के प्रति उनके विशेष लगाव के कारण उन्होंने शिक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और देश की सर्वोच्च प्रशासनिक सेवा में स्थान प्राप्त किया।

उनकी दूसरी शादी को लेकर प्रशासनिक और सामाजिक हलकों में चर्चा बनी हुई है, और उनके इस फैसले को निजी जीवन में एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

महाकुंभ में उमड़ा आस्था का सैलाब: 66 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे, फिर भी क्यों नहीं बना वर्ल्ड रिकॉर्ड?

0

महाकुंभ—दुनिया का सबसे विशाल धार्मिक आयोजन—इस बार भी आस्था, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बना। करोड़ों श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाकर मोक्ष की कामना की, लेकिन इसके बावजूद यह आयोजन भीड़ के मामले में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड नहीं बना सका।

गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने हालांकि महाकुंभ के नाम तीन नए रिकॉर्ड दर्ज किए हैं। इनमें पहला रिकॉर्ड गंगा सफाई अभियान के लिए मिला, जिसने दुनियाभर में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। पहली बार इतने बड़े स्तर पर भव्य आयोजन के बीच स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई, जिससे यह आयोजन ऐतिहासिक बन गया।

तो फिर क्यों नहीं बना भीड़ का वर्ल्ड रिकॉर्ड?
66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु महाकुंभ में शामिल हुए, लेकिन इसका आधिकारिक रिकॉर्ड दर्ज नहीं किया गया। इसके पीछे मुख्य वजह भीड़ के प्रबंधन और रिकॉर्डिंग प्रक्रिया की जटिलताएं बताई जा रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि श्रद्धालुओं की संख्या को सटीक रूप से ट्रैक करना मुश्किल होता है, क्योंकि लोग अलग-अलग समय पर आते-जाते रहते हैं।

महाकुंभ की इस अभूतपूर्व भव्यता ने भले ही नया भीड़ रिकॉर्ड न बनाया हो, लेकिन यह आयोजन भक्ति, श्रद्धा और भारतीय संस्कृति की अद्भुत मिसाल के रूप में इतिहास के पन्नों में दर्ज हो चुका है।

राजस्थान एसटी बस और बोलेरो की भिड़ंत में 5 लोगों की दर्दनाक मौत, दो बच्चे भी शामिल बनासकांठा में खून से सनी सड़क: मंजर देख कांप उठे लोग

0

बनासकांठा के अमीरगढ़ के खुनीया गांव में एक भयानक सड़क हादसा हुआ, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। राजस्थान राज्य परिवहन (एसटी) बस और बोलेरो के बीच हुई जबरदस्त टक्कर में बोलेरो पूरी तरह चकनाचूर हो गई। टक्कर इतनी भयावह थी कि शवों को निकालने के लिए प्रशासन को जेसीबी तक बुलानी पड़ी।

इस दर्दनाक हादसे में मौके पर ही पांच लोगों की मौत हो गई, जिनमें दो मासूम बच्चे और दो महिलाएं शामिल हैं। मृतकों की पहचान दिलीप मुगलाभाई खोखरिया (32), सुंदरिबेन भागाभाई सोलंकी (60), मेवलिबेन दिलीपभाई (28), रोहितभाई दिलीपभाई खोखरिया (6) और ऋत्विक दिलीपभाई खोखरिया (3) के रूप में हुई है।

हादसे में करीब 10 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत पालनपुर सिविल अस्पताल ले जाया गया। इनमें तीन बच्चों की हालत नाजुक बनी हुई है और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है। बेहतर इलाज के लिए उन्हें अहमदाबाद रेफर किया गया है।

सूचना मिलते ही अमीरगढ़ पुलिस घटनास्थल पर पहुंची, यातायात नियंत्रित किया और घायलों को एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया। रिपोर्ट के अनुसार, बोलेरो में सवार लोग अमीरगढ़ तालुका के धनपुरा वीरमपुर गांव के रहने वाले थे।

हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बचाव कार्य में काफी मुश्किलें आईं और शवों तथा घायलों को बाहर निकालने के लिए प्रशासन को जेसीबी मशीन का सहारा लेना पड़ा। मौके पर मौजूद लोगों ने इस दर्दनाक दृश्य को देखकर दहशत और गमगीन माहौल में आंसू बहाए।

बांग्लादेश में BNP का समयपूर्व चुनाव की मांग और नए राजनीतिक दल का गठन: भारत पर संभावित प्रभाव

0

नई दिल्ली: बांग्लादेश में विपक्षी ताकतें मजबूत होती जा रही हैं। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने समयपूर्व चुनाव की मांग तेज कर दी है, जिससे देश में राजनीतिक उथल-पुथल बढ़ गई है। इस बीच, स्टूडेंट्स अगेंस्ट डिस्क्रिमिनेशन (SAD) और जातीय नागरिक समिति (JNC) के नेताओं ने एक नए राजनीतिक दल के गठन की घोषणा की है, जिससे बांग्लादेश की चुनावी राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

BNP प्रमुख खालिदा जिया ने गुरुवार को पार्टी की विस्तारित बैठक को लंदन से वर्चुअली संबोधित करते हुए अस्थायी सरकार से जल्द चुनाव कराने और लोकतंत्र बहाल करने के लिए आवश्यक सुधार लागू करने की अपील की।

बांग्लादेश की नई राजनीतिक स्थिति

बांग्लादेश के मीडिया में आ रही खबरों के अनुसार, SAD और JNC के नेता शुक्रवार को “जातीय नागरिक पार्टी (National Citizens’ Party)” की औपचारिक घोषणा कर सकते हैं।

गौरतलब है कि अगस्त 2024 में छात्रों के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों के कारण प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता छोड़नी पड़ी थी। हसीना के इस्तीफे के बाद, नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में एक अंतरिम सरकार बनी, जिसका उद्देश्य राजनीतिक स्थिरता बहाल करना और नए चुनाव कराना था।

छात्र आंदोलन SAD ने सरकारी नौकरियों में आरक्षण व्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन किया था, जो धीरे-धीरे एक बड़े जनांदोलन में बदल गया। इस दौरान हुए संघर्ष में 1,000 से अधिक लोगों की मौत हुई, जिसके बाद शेख हसीना ने 5 अगस्त 2024 को इस्तीफा देकर भारत में शरण ली।

हालांकि, बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता अभी भी बनी हुई है। हाल ही में SAD के नेता नाहिद इस्लाम ने अंतरिम सरकार से इस्तीफा दे दिया और अब नए राजनीतिक दल के संयोजक बनने की संभावना जताई जा रही है।

BNP की रणनीति और भारत पर प्रभाव

BNP महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने आरोप लगाया कि शेख हसीना और कुछ गुप्त राजनीतिक ताकतें लोकतंत्र को बाधित करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर बांग्लादेश के प्रतिष्ठित बुद्धिजीवियों के नाम सरकारी संस्थानों से हटा रहे हैं और उनकी जगह विवादास्पद व्यक्तियों को ला रहे हैं।

भारत के लिए यह घटनाक्रम बेहद अहम है, क्योंकि बांग्लादेश भारत का करीबी पड़ोसी और रणनीतिक साझेदार है। बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन से भारत के साथ उसके द्विपक्षीय संबंधों, व्यापार और सुरक्षा सहयोग पर असर पड़ सकता है।

ढाका स्थित पत्रकार सैफुर रहमान तपन का कहना है कि आगामी चुनाव तभी निष्पक्ष माने जाएंगे, जब इसमें अवामी लीग को भाग लेने दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “हसीना के हटने के बाद अवामी लीग का समर्थन आधार अब भी मजबूत बना हुआ है।”

हालांकि, बांग्लादेश में निकट भविष्य में चुनाव होने की संभावना कम है। शुक्रवार को SAD और JNC के नए राजनीतिक दल की घोषणा से कुछ अटकलें जरूर लगाई जाएंगी, लेकिन स्थिति को लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है।

पीएम मोदी ने आयुष मंत्रालय के रोडमैप की समीक्षा की, वैश्विक स्वीकृति और सतत विकास पर दिया जोर

0

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए आयुष क्षेत्र के रोडमैप की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने आयुष की वैश्विक स्वीकृति और इसके सतत विकास में योगदान की संभावनाओं पर चर्चा की।

प्रधानमंत्री मोदी ने आयुष के समग्र स्वास्थ्य देखभाल, पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण और देश के वेलनेस इकोसिस्टम में इसके योगदान पर जोर दिया। उन्होंने सरकार की नीति समर्थन, अनुसंधान और नवाचार के माध्यम से आयुष क्षेत्र को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। पीएम मोदी ने योग, प्राकृतिक चिकित्सा और फार्मेसी क्षेत्र में मानकीकृत प्रोटोकॉल को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। 2014 में आयुष मंत्रालय की स्थापना के बाद से ही प्रधानमंत्री ने इसके विकास के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है।

बैठक के दौरान, प्रधानमंत्री ने इस क्षेत्र के सतत विकास और वैश्विक स्तर पर भारत की पारंपरिक चिकित्सा को मजबूत करने पर जोर दिया। पीएमओ के अनुसार, “समीक्षा बैठक में आयुष के विभिन्न पहलुओं को सुव्यवस्थित करने, संसाधनों का इष्टतम उपयोग करने और वैश्विक स्तर पर इसकी उपस्थिति को मजबूत करने के लिए एक दूरदर्शी योजना तैयार करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।”

प्रधानमंत्री ने बताया कि आयुष क्षेत्र का योगदान न केवल निवारक स्वास्थ्य देखभाल को बढ़ावा देने में है, बल्कि यह औषधीय पौधों की खेती के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त कर रहा है। साथ ही, उन्होंने इसे रोजगार सृजन और सतत विकास का एक प्रमुख कारक बताया।

उन्होंने यह भी कहा कि पारदर्शिता सरकार के प्रत्येक कार्य में सर्वोपरि होनी चाहिए और सभी संबंधित पक्षों को उच्चतम स्तर की ईमानदारी बनाए रखनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी कार्य कानूनी नियमों और सार्वजनिक हित को ध्यान में रखकर किए जाने चाहिए।

आयुष क्षेत्र की महत्वपूर्ण उपलब्धियां:

  • 2014 में आयुष निर्माण बाजार का आकार 2.85 बिलियन अमेरिकी डॉलर था, जो 2023 में बढ़कर 23 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया।
  • आयुष अनुसंधान पोर्टल पर अब 43,000 से अधिक शोध अध्ययन उपलब्ध हैं।
  • पिछले 10 वर्षों में अनुसंधान प्रकाशनों की संख्या पिछले 60 वर्षों की तुलना में अधिक रही है।
  • ‘आयुष वीजा’ की शुरुआत से चिकित्सा पर्यटन को बढ़ावा मिला, जिससे विदेशी मरीज भारत में समग्र चिकित्सा समाधान प्राप्त कर सकते हैं।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के इंटरनेशनल क्लासिफिकेशन ऑफ डिजीज (ICD-11) में पारंपरिक चिकित्सा को शामिल करने के लिए भारत लगातार प्रयासरत है।
  • राष्ट्रीय आयुष मिशन ने बुनियादी ढांचे और सेवाओं की पहुंच को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
  • 2024 के अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (IDY) में 24.52 करोड़ से अधिक लोगों ने भाग लिया, जिससे यह एक वैश्विक आयोजन बन गया है।

इस उच्चस्तरीय बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी.के. मिश्रा, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव-2 शक्तिकांत दास, प्रधानमंत्री के सलाहकार अमित खरे और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

महाशिवरात्रि 2025: वे टीवी कलाकार जिन्होंने भगवान शिव का किरदार निभाकर भक्तों का मन मोहा

0

भगवान शिव की महिमा को साकार करते ये कलाकार, जिनके अभिनय ने बना दिया उन्हें अमर

महाशिवरात्रि का पावन पर्व भगवान शिव की आराधना का विशेष अवसर होता है। इस दिन भक्तजन उपवास रखते हैं, महादेव का अभिषेक करते हैं और उनकी भक्ति में लीन हो जाते हैं। शिव पुराण में कहा गया है कि शिव ही सृष्टि के प्रारंभ और अंत का आधार हैं। उन्होंने अनेकों रूपों में भक्तों को दर्शन दिए हैं, और यही दिव्यता छोटे पर्दे पर भी देखी गई, जब कई प्रसिद्ध कलाकारों ने भगवान शिव की भूमिका निभाकर दर्शकों का दिल जीत लिया। कुछ कलाकारों के अभिनय ने तो लोगों के हृदय में ऐसी छवि बनाई कि उन्हें साक्षात शिव रूप मानकर पूजने तक लगे। आइए उन अद्भुत कलाकारों पर एक नज़र डालते हैं जिन्होंने शिवत्व को जीवंत कर दिया।

1. मोहित रैना – ‘देवों के देव महादेव’ में साक्षात महादेव

भगवान शिव की भूमिका निभाने वाले अभिनेताओं की बात हो, और मोहित रैना का नाम न लिया जाए, ऐसा संभव नहीं। वर्ष 2011 में ‘देवों के देव महादेव’ नामक पौराणिक धारावाहिक ने न केवल भारतीय टेलीविजन पर बल्कि दर्शकों के हृदय पर अमिट छाप छोड़ी। इस शो में मोहित रैना ने भगवान शिव का किरदार निभाकर अपार लोकप्रियता हासिल की। उनकी शांत मुद्रा, गहरी आवाज़ और दिव्य अभिव्यक्ति ने उन्हें साक्षात महादेव बना दिया। आज भी जब लोग भगवान शिव की चर्चा करते हैं, तो उनके मन में मोहित रैना की छवि उभर आती है।

2. सौरभ राज जैन – महादेव की कृपा से बना ‘छोटे पर्दे का भगवान’

सौरभ राज जैन को भारतीय टेलीविजन में ‘छोटे पर्दे का भगवान’ कहा जाता है। महाभारत में भगवान श्रीकृष्ण, ‘देवों के देव महादेव’ में भगवान विष्णु, और ‘महाकाली – अंत ही आरंभ है’ में भगवान शिव की भूमिका निभाने वाले सौरभ राज जैन ने अपनी अद्भुत प्रतिभा से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। शिव के शांत, धैर्यवान और करुणामयी रूप को उन्होंने अपने अभिनय से जीवंत किया।

3. समर जय सिंह – ‘ओम नमः शिवाय’ में शिवत्व को किया साकार

सनातन संस्कृति के आधार स्तंभ भगवान शिव की लीला और महिमा को ‘ओम नमः शिवाय’ धारावाहिक ने बड़े ही प्रभावी रूप में प्रस्तुत किया। इसमें भगवान शिव की भूमिका निभाने वाले समर जय सिंह को दर्शकों ने इतना पसंद किया कि कई लोग उन्हें साक्षात महादेव मानकर पूजने लगे। उनकी भाव-भंगिमा, संवाद अदायगी और शिव स्वरूप में उनकी दिव्यता ने उन्हें अमर बना दिया।

4. राणा यशोधन सिंह – ‘ओम नमः शिवाय’ का दिव्य स्वरूप

1997 से 2001 तक टेलीविजन पर प्रसारित हुए ‘ओम नमः शिवाय’ ने शिवभक्तों को परम आनंद की अनुभूति कराई। इस शो को बनाने के लिए पूरे 9 वर्षों की गहन शोध की गई थी ताकि शिव महिमा को संपूर्ण श्रद्धा और भक्ति के साथ दर्शाया जा सके। इसमें भगवान शिव का किरदार निभाने वाले राणा यशोधन सिंह ने अपने अभिनय से भगवान शिव के स्वरूप को साकार किया। उनका शांत, गंभीर और तेजस्वी रूप देखकर भक्तजन उनके प्रति भावविभोर हो गए।

5. तरुण खन्ना – 8 बार शिव का अवतार लेने वाले कलाकार

अगर कोई कलाकार 8 बार भगवान शिव का किरदार निभाकर दर्शकों के मन में बसा हो, तो वह हैं तरुण खन्ना। उन्होंने ‘करमफल दाता शनि’, ‘श्री कृष्ण’, ‘परमावतार श्री कृष्ण’, ‘राधा कृष्ण’, और ‘देवी अति पराशक्ति’ समेत कई धार्मिक धारावाहिकों में भगवान शिव की भूमिका निभाई। उनकी अद्भुत संवाद अदायगी और भक्तिभाव से भरा अभिनय दर्शकों को बार-बार शिव की भक्ति में डुबो देता है। उनके द्वारा निभाया गया भगवान शिव का चरित्र इतना प्रभावशाली है कि आज भी उनके संवाद लोगों की जुबान पर हैं।

भगवान शिव का आशीर्वाद और इन कलाकारों की भक्ति

शिव पुराण में कहा गया है, “जो भक्त श्रद्धा से भगवान शिव का स्मरण करता है, उसके समस्त कष्ट दूर हो जाते हैं और वह मोक्ष का अधिकारी बनता है।” ठीक इसी प्रकार, जब इन कलाकारों ने भगवान शिव का किरदार निभाया, तो उन्होंने केवल अभिनय नहीं किया, बल्कि उसमें पूर्ण रूप से समर्पित होकर शिवत्व को आत्मसात कर लिया।

महाशिवरात्रि 2025 के इस शुभ अवसर पर, आइए हम भी भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए उनकी भक्ति करें और इन कलाकारों के माध्यम से शिवत्व को हृदय में स्थान दें। ॐ नमः शिवाय!

फिल्म स्क्रीनिंग के दौरान स्क्रीन पर लगी आग, मॉल में मची भगदड़, अब हालात सामान्य

0

दिल्ली के सिलेक्ट सिटी मॉल में अचानक लगी आग, दमकल विभाग ने जल्द पाया काबू

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के साकेत स्थित सिलेक्ट सिटी वॉक मॉल में बुधवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब पीवीआर ऑडी-3 में एक फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान स्क्रीन पर अचानक आग लग गई। यह घटना शाम 5:44 बजे हुई, जब दर्शक चर्चित फिल्म “छावा” देख रहे थे। अचानक लगी इस आग से सिनेमाहॉल में भगदड़ मच गई, लेकिन गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और सभी दर्शकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

कैसे लगी आग? अभी तक स्पष्ट नहीं, जांच जारी

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग स्क्रीन के ऊपरी हिस्से में लगी और कुछ ही सेकंड में पूरे हॉल में धुआं फैलने लगा। आग लगने के बाद लोगों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन पीवीआर में आपातकालीन निकास (Emergency Exits) होने की वजह से दर्शक जल्दी बाहर निकलने में कामयाब रहे। हालाँकि, आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। मॉल प्रशासन ने बताया कि इस संबंध में जांच शुरू कर दी गई है और जल्द ही आग लगने की असली वजह का खुलासा किया जाएगा।

दमकल विभाग की तत्परता से बची बड़ी घटना

मॉल प्रशासन ने आग की सूचना तुरंत दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग को दी। जानकारी मिलते ही दमकल विभाग की 6 गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। दमकल कर्मियों ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए कुछ ही मिनटों में आग पर काबू पा लिया। दिल्ली फायर सर्विस के डायरेक्टर अतुल गर्ग ने बताया कि यह एक छोटी लेकिन चिंताजनक आग थी, जिसे समय रहते बुझा लिया गया।

भागदौड़ में कुछ लोगों को आई हल्की चोटें

हालांकि इस घटना में कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन भगदड़ के दौरान कुछ लोगों को हल्की चोटें आईं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जब आग लगी, तब लोग घबरा गए और तेजी से बाहर निकलने लगे, जिससे कुछ लोग लड़खड़ा गए और गिर पड़े। हालांकि, मौके पर मौजूद मॉल सुरक्षा कर्मियों और दिल्ली पुलिस ने स्थिति को संभाल लिया और लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की।

सिनेमाघर को अस्थायी रूप से किया गया बंद

घटना के बाद, एहतियात के तौर पर पीवीआर ऑडी-3 को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। मॉल प्रशासन का कहना है कि जब तक जांच पूरी नहीं होती और सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो जाती, तब तक इस हॉल में कोई शो नहीं चलेगा। हालांकि, मॉल के अन्य हिस्सों में सामान्य संचालन जारी है, और दुकानें व अन्य सिनेमाघर सुचारू रूप से कार्य कर रहे हैं।

मॉल प्रशासन और दमकल विभाग ने क्या कहा?

दिल्ली फायर सर्विस के डायरेक्टर अतुल गर्ग ने मीडिया को बताया,
“हमने इस आग को कुछ ही मिनटों में बुझा दिया। यह बहुत गंभीर घटना नहीं थी, लेकिन किसी भी मॉल या सिनेमाघर में आग लगना चिंता का विषय है। हमने मॉल प्रशासन को सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।”

मॉल प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा,
“हम अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं कि जल्द से जल्द स्थिति सामान्य हो। सुरक्षा के लिए मॉल के सभी सिनेमाघरों की जांच की जा रही है। हम इस मामले में दमकल विभाग और पुलिस के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं।”

मॉल में अब हालात सामान्य, सुरक्षा बढ़ाई गई

आग बुझाने के बाद, दमकल विभाग और मॉल प्रशासन ने पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया और सुरक्षा उपायों को और कड़ा करने का निर्णय लिया। मॉल में अब अतिरिक्त फायर सेफ्टी टीमों को तैनात किया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके। मॉल प्रशासन ने यह भी कहा कि सभी फायर अलार्म और सुरक्षा उपकरणों की गहन जांच की जाएगी, जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

दिल्ली में बढ़ती आग की घटनाएं— क्या हैं सुरक्षा उपाय?

दिल्ली में हाल के दिनों में मॉल, सिनेमाघरों और व्यावसायिक परिसरों में आग लगने की घटनाएं बढ़ी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि फायर सेफ्टी प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करना बेहद जरूरी है। इस घटना के बाद दिल्ली फायर सर्विस विभाग ने सभी सिनेमाघरों और मॉल्स को फायर सेफ्टी नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं।

फिलहाल, सिलेक्ट सिटी वॉक मॉल, साकेत में स्थिति सामान्य है, लेकिन प्रशासन ने मॉल में सुरक्षा को और सख्त कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि सभी सुरक्षा मानकों को फिर से परखा जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

सीएम रेखा गुप्ता 27 फरवरी को डिप्टी स्पीकर पद के लिए मोहन सिंह बिष्ट का नाम करेंगी प्रस्तावित – DELHI ASSEMBLY DEPUTY SPEAKER

0

दिल्ली विधानसभा में डिप्टी स्पीकर के पद को लेकर चल रही अटकलों का दौर आखिरकार खत्म होने जा रहा है। आगामी 27 फरवरी को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और विधायक मोहन सिंह बिष्ट के नाम को इस महत्वपूर्ण पद के लिए प्रस्तावित करेंगी। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब हाल ही में भाजपा विधायक विजेंद्र गुप्ता को विधानसभा अध्यक्ष के रूप में चुना गया था। अब डिप्टी स्पीकर के पद के लिए भी भाजपा ने अपने वरिष्ठ और अनुभवी नेता को नामित करने का फैसला किया है।

दिल्ली विधानसभा में मोहन सिंह बिष्ट होंगे डिप्टी स्पीकर

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता दिल्ली विधानसभा सत्र के तीसरे दिन, यानी 27 फरवरी को मोहन सिंह बिष्ट के नाम का प्रस्ताव पेश करेंगी। इस पद के लिए कोई अन्य दावेदार नहीं है, जिससे यह तय माना जा रहा है कि मोहन सिंह बिष्ट निर्विरोध रूप से दिल्ली विधानसभा के डिप्टी स्पीकर चुने जाएंगे।

दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष कार्यालय द्वारा उपलब्ध कराई गई कार्यसूची के अनुसार, मोहन सिंह बिष्ट को उपाध्यक्ष पद पर निर्वाचित करने के लिए दो अलग-अलग प्रस्ताव पेश किए जाएंगे। पहला प्रस्ताव मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा पेश किया जाएगा, जिसका समर्थन पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा करेंगे

महाशिवरात्रि 2025: ‘जय जय शिवशंकर’ से ‘नमो नमो’ तक, इन 5 बॉलीवुड गानों के बिना अधूरी है शिव की भक्ति देखें महाशिवरात्रि के पर्व पर बॉलीवुड के कुछ गानों की लिस्ट जिनसे यह त्यौहार और भी खास बन जाएगा

0

महाशिवरात्रि 2025 – भक्ति और संगीत का संगम

हैदराबाद: महाशिवरात्रि का पर्व पूरे भारत में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। यह दिन भगवान शिव की उपासना, व्रत, भजन-कीर्तन और भक्ति के लिए समर्पित होता है। इस दिन शिव मंदिरों में भारी भीड़ उमड़ती है, भक्तजन रुद्राभिषेक करते हैं, बेलपत्र चढ़ाते हैं और भक्ति में लीन रहते हैं।

लेकिन हर पर्व की तरह, महाशिवरात्रि की भक्ति भी संगीत के बिना अधूरी लगती है। संगीत हमारी भावनाओं को व्यक्त करने का सबसे सशक्त माध्यम होता है और जब बात शिव भक्ति की हो, तो बॉलीवुड ने हमें ऐसे कई गाने दिए हैं जो हमारी श्रद्धा और उत्साह को कई गुना बढ़ा देते हैं। ऐसे में अगर आप महाशिवरात्रि को और भी खास बनाना चाहते हैं, तो इन 5 जबरदस्त बॉलीवुड गानों को अपनी प्लेलिस्ट में जरूर शामिल करें। ये गाने सिर्फ भक्ति ही नहीं, बल्कि शिव की शक्ति, प्रेम और उनकी महिमा को भी उजागर करते हैं।


1. जय जय शिवशंकर (वॉर & आप की कसम)

बॉलीवुड में ‘जय जय शिवशंकर’ नाम से दो बेहद लोकप्रिय गाने हैं, जो शिव भक्तों की पहली पसंद बने हुए हैं।

  • ‘वॉर’ (2019) का ‘जय जय शिवशंकर’ – ऋतिक रोशन और टाइगर श्रॉफ के दमदार डांस मूव्स और जबरदस्त बीट्स के साथ यह गाना महाशिवरात्रि की प्लेलिस्ट में शामिल करने लायक है। इस गाने में आधुनिक संगीत के साथ शिव भक्ति की गूंज सुनाई देती है।
  • ‘आप की कसम’ (1974) का ‘जय जय शिवशंकर’ – किशोर कुमार और लता मंगेशकर द्वारा गाया गया यह गाना राजेश खन्ना और मुमताज पर फिल्माया गया था। इसकी धुन और बोल इतने मधुर हैं कि दशकों बाद भी यह लोगों की जुबान पर चढ़ा हुआ है। यह गाना शिवरात्रि के माहौल को और अधिक भक्ति-रस से भर देता है।

2. नमो नमो (केदारनाथ – 2018)

सुशांत सिंह राजपूत और सारा अली खान की फिल्म केदारनाथ का गाना ‘नमो नमो’ शिव भक्तों के बीच काफी लोकप्रिय हुआ। इस गाने में शिव की महिमा और उनकी शक्ति का गुणगान किया गया है। इसके बोल “जय शंकर, जय शंकर… हर हर शंकर, जय शंकर” सुनते ही भक्तों के मन में भक्ति की भावना उमड़ पड़ती है। यह गीत विशेष रूप से उत्तराखंड स्थित बाबा केदारनाथ मंदिर और वहां की दिव्यता को महसूस कराता है। आजकल यह गाना लोगों की कॉलर ट्यून और रिंगटोन में भी खूब सुना जाता है।


3. बोले हर हर (शिवाय – 2016)

अजय देवगन की फिल्म शिवाय का यह गाना भगवान शिव की ऊर्जा और शक्ति को दर्शाता है। इस गाने को मिथुन और बादशाह ने आवाज दी है और इसकी धुन बेहद एनर्जेटिक है।

गाने में बार-बार ‘हर हर महादेव’ का उच्चारण शिव भक्ति के माहौल को और भी ऊर्जावान बना देता है। अगर आप महाशिवरात्रि के दिन कुछ शक्तिशाली और भक्तिपूर्ण सुनना चाहते हैं, तो यह गाना आपकी प्लेलिस्ट में जरूर होना चाहिए।


4. बम लहरी (शोर इन द सिटी – 2011)

महादेव की भक्ति का नाम आए और कैलाश खेर की आवाज न हो, यह संभव ही नहीं है।

फिल्म शोर इन द सिटी का गाना ‘बम लहरी’ महाशिवरात्रि के अवसर पर भक्ति का रंग और भी गहरा कर देता है। इस गाने में बाबा भोलेनाथ की महिमा का गुणगान किया गया है। कैलाश खेर की दमदार आवाज, ड्रम की थाप और भक्तिभाव से भरपूर लिरिक्स इस गाने को खास बनाते हैं।

अगर आप महाशिवरात्रि के दिन भक्ति में पूरी तरह डूब जाना चाहते हैं, तो ‘बम लहरी’ गाने को अपनी प्लेलिस्ट में जरूर जोड़ें।


5. कौन है वो (बाहुबली – 2015)

बाहुबली फिल्म का यह गाना किसी मंत्र से कम नहीं लगता। इसमें भगवान शिव की महिमा, उनकी शक्ति और आस्था का जबरदस्त चित्रण किया गया है।

“कौन है वो, कहां से वो आया?” – इस गाने को कैलाश खेर ने गाया है और इसमें प्रभास का दमदार लुक देखने को मिलता है। यह गाना केवल भक्ति ही नहीं, बल्कि जोश और शक्ति से भी भरपूर है। अगर आप शिव की शक्ति को महसूस करना चाहते हैं, तो इस गाने को ज़रूर सुनें।


शिवरात्रि पर इन गानों से बढ़ाएं भक्ति का रंग

महाशिवरात्रि केवल एक पर्व नहीं, बल्कि शिव भक्ति का उत्सव है। इस दिन भक्तगण उपवास रखते हैं, रुद्राभिषेक करते हैं और भगवान शिव की आराधना में लीन रहते हैं। लेकिन इस भक्ति को और अधिक आनंददायक बनाने के लिए इन बॉलीवुड गानों को सुनना एक बेहतरीन अनुभव हो सकता है।

इस महाशिवरात्रि आप भी अपने प्रियजनों के साथ इन गानों का आनंद लें और “हर हर महादेव” के जयकारों से पूरे माहौल को शिवमय बना दें।

PMCH की ऐतिहासिक रात: जब महात्मा गांधी ने अपनी आंखों के सामने मनुबेन का ऑपरेशन कराया

0

पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (PMCH) ने अपने 100 साल पूरे कर लिए हैं। इस संस्थान ने दशकों से लाखों लोगों का इलाज किया है, लेकिन इसकी ऐतिहासिक घटनाओं में से एक वह रात थी, जब महात्मा गांधी अपनी पोती मनुबेन गांधी को लेकर यहां पहुंचे थे।

महात्मा गांधी और 15 मई 1947 की ऐतिहासिक रात

15 मई 1947 की रात बिहार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के इतिहास के लिए एक महत्वपूर्ण घटना थी। उस समय बिहार और कोलकाता दोनों जगह हिंदू-मुस्लिम दंगे चल रहे थे। महात्मा गांधी को जल्द ही कोलकाता जाना था, लेकिन इसी बीच उनकी पोती मनुबेन को अचानक तेज पेट दर्द होने लगा। उन्हें लगातार उल्टियां हो रही थीं और उनका शरीर बुखार से तप रहा था। गांधीजी ने तुरंत डॉक्टरों को बुलाया, जिन्होंने जांच के बाद बताया कि मनुबेन को अपेंडिसाइटिस है और उन्हें तुरंत सर्जरी की जरूरत है।

PMCH में गांधीजी की मौजूदगी

महात्मा गांधी ने मनुबेन को बांकीपुर स्थित पटना मेडिकल कॉलेज (PMCH) पहुंचाया। उस समय यह अस्पताल बिहार के सबसे प्रतिष्ठित अस्पतालों में से एक था। अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर द्वारका प्रसाद भार्गव ने जांच के बाद बताया कि ऑपरेशन करना अनिवार्य है। गांधीजी ने ऑपरेशन के लिए सहमति दे दी, लेकिन जब मनुबेन को ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया, तो अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों को आश्चर्य हुआ जब गांधीजी भी अंदर जाने की जिद करने लगे।

सामान्यत: मरीज के परिजनों को ऑपरेशन थिएटर के अंदर जाने की अनुमति नहीं होती, लेकिन गांधीजी के विशेष अनुरोध पर उन्हें मास्क पहनाकर अंदर जाने दिया गया। गांधीजी ने मनुबेन का हाथ पकड़कर कहा, “मन में राम नाम का जाप करना, तुम्हें कुछ पता नहीं चलेगा।”

गांधीजी ने अपनी आंखों से देखा ऑपरेशन

रात 10:30 बजे ऑपरेशन शुरू हुआ, और महात्मा गांधी पूरे समय वहीं मौजूद रहे। डॉक्टरों की टीम ने सफलतापूर्वक मनुबेन का ऑपरेशन किया। जब उन्हें रिकवरी वार्ड में शिफ्ट किया जाने लगा, तो डॉक्टरों ने उन्हें एक अलग कमरे में ले जाने का सुझाव दिया, ताकि वह आराम कर सकें और भीड़ से दूर रहें।

लेकिन गांधीजी ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। उन्होंने कहा, “यह गरीब की लड़की है। गरीबों की जैसी व्यवस्था होती है, उसे भी वैसी ही होनी चाहिए।” गांधीजी की इस जिद के आगे डॉक्टरों को झुकना पड़ा, और मनुबेन को अन्य मरीजों के साथ ही रखा गया।

गांधीजी की डायरी में दर्ज यह रात

महात्मा गांधी ने इस पूरी घटना का जिक्र अपनी डायरी में भी किया। अगले दिन सुबह की प्रार्थना सभा में उन्होंने इस घटना का उल्लेख किया और बताया कि कैसे उन्होंने पूरी प्रक्रिया को अपनी आंखों से देखा था।

गांधीजी हर दिन शाम को मनुबेन से मिलने जाते थे और उनका हालचाल लेते थे। इस दौरान वह अन्य मरीजों और अस्पताल कर्मचारियों से भी बातचीत करते थे।

PMCH का 100 सालों का गौरवशाली इतिहास

पटना मेडिकल कॉलेज की स्थापना 1925 में “प्रिंस ऑफ वेल्स मेडिकल कॉलेज” के रूप में की गई थी। 2025 में इस अस्पताल ने अपने 100 साल पूरे कर लिए हैं। इसने न केवल लाखों लोगों का इलाज किया है, बल्कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और कई ऐतिहासिक घटनाओं का भी साक्षी रहा है।

महात्मा गांधी की मनुबेन के इलाज से जुड़ी यह घटना न केवल इस अस्पताल के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरणादायक कहानी है। यह दर्शाता है कि कैसे एक महान नेता ने अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया और आम जनता की तरह ही अपने परिवार के सदस्यों का इलाज करवाया।

आज PMCH 100 साल पूरे कर चुका है, लेकिन उसकी दीवारों में अब भी उन ऐतिहासिक पलों की गूंज सुनाई देती है, जब गांधीजी वहां एक मरीज के अभिभावक के रूप में आए थे और अपनी पोती के ऑपरेशन के दौरान पूरे समय वहां मौजूद रहे थे।

तेलंगाना सुरंग हादसा: फंसे 8 मजदूरों के लिए बचाव कार्य जारी, रैट होल माइनर्स फिर करेंगे प्रयास, सरकार ने विशेषज्ञों से मांगी मदद

0

तेलंगाना के नगरकुरनूल जिले में श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल (SLBC) सुरंग परियोजना के निर्माण के दौरान टनल की छत गिरने से आठ मजदूर फंस गए हैं। हादसे के तीन दिन बाद भी बचाव कार्य जारी है, लेकिन अब तक फंसे हुए लोगों से संपर्क नहीं हो सका है। राज्य सरकार ने भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) और राष्ट्रीय भूभौतिकीय अनुसंधान संस्थान (NGRI) से मदद मांगी है ताकि बचाव कार्य को तेज किया जा सके।

बचाव अभियान में सेना, नौसेना, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और एलएंडटी के विशेषज्ञ शामिल हैं, लेकिन सुरंग में बढ़ती कीचड़ और पानी के कारण अभियान में बाधाएं आ रही हैं। अब उत्तराखंड के सिलक्यारा सुरंग हादसे में अहम भूमिका निभाने वाले रैट होल माइनर्स को बुलाया गया है, जो बेहद संकरी जगहों में खुदाई कर बचाव अभियान में माहिर माने जाते हैं।

नगरकुरनूल के जिलाधिकारी बी. संतोष के अनुसार, दुर्घटनास्थल तक पहुंचने के लिए पानी निकालने का काम जारी है, लेकिन अंतिम 40 से 50 मीटर की दूरी तय करना अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार विशेषज्ञों की सलाह लेकर नए वैकल्पिक रास्तों पर भी विचार कर रही है।

परिजनों की बढ़ती चिंता, सरकार ने दिया आश्वासन
फंसे हुए मजदूरों में से चार झारखंड के रहने वाले हैं—संदीप साहू, जगदा जेस, संतोष साहू और अंजू साहू। उनके परिवारजन तेलंगाना पहुंचे हैं और उन्हें सरकार की ओर से सभी आवश्यक सहायता दी जा रही है। दुर्घटना के बाद प्रशासन ने तुरंत परिजनों को सूचित किया था और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। परिवारजन अब भी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि उनके प्रियजन सुरक्षित बाहर निकल आएंगे।

मंत्री बोले—बचाव कार्य में लग सकते हैं और 3-4 दिन
तेलंगाना सरकार के मंत्री जुपल्ली कृष्णा राव ने कहा कि बचाव कार्य बेहद जटिल है और इसमें कम से कम तीन से चार दिन और लग सकते हैं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि फंसे हुए लोगों के जिंदा बचने की संभावना ‘बहुत कम’ है, लेकिन सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क, सिंचाई मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी और सड़क निर्माण मंत्री कोमती रेड्डी वेंकट रेड्डी ने बचाव कार्य की समीक्षा की और कहा कि राज्य सरकार परियोजना को अपने नियंत्रण में लेकर तेजी से आगे बढ़ने के लिए दृढ़ संकल्पित है।

बचाव दल के सामने चुनौतियां

  • सुरंग के अंदर पानी भर जाने और कीचड़ जमा होने से बचाव दल का आगे बढ़ना मुश्किल हो गया है।
  • अब तक राहत टीम केवल 13.5 किलोमीटर की दूरी तय कर पाई है।
  • वैकल्पिक रास्तों की तलाश की जा रही है ताकि मलबे को हटाकर जल्दी से जल्दी मजदूरों को निकाला जा सके।
  • विशेषज्ञों की टीम बचाव कार्य के लिए नई तकनीकों का इस्तेमाल करने पर विचार कर रही है।

सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बचाव कार्य किसी भी हाल में रोका नहीं जाएगा और जब तक फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर नहीं निकाला जाता, तब तक ऑपरेशन जारी रहेगा। अगले 24 घंटे इस अभियान के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

‘हिट: द थर्ड केस’ का धांसू टीजर रिलीज, नानी बने खौफनाक पुलिस ऑफिसर

0

हैदराबाद: ‘हिट: द थर्ड केस’, जो ‘हिट’ (होमिसाइड इंटरवेंशन टीम) फ्रेंचाइजी की तीसरी किस्त है, का मोस्ट अवेटेड टीजर सोमवार को एक्टर नानी के बर्थडे पर रिलीज किया गया। सैलेश कोलानू द्वारा निर्देशित इस क्राइम-एक्शन थ्रिलर फिल्म को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह है। यह फिल्म 1 मई को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है।

क्या है टीजर में

टीजर में नानी को अर्जुन सरकार के रूप में एक क्रूर और प्रभावी पुलिस ऑफिसर के तौर पर दिखाया गया है, जो अपराधियों को पकड़ने के लिए अपने अलग और बेहद खौ़फनाक तरीकों का इस्तेमाल करता है। एक मिनट के इस टीजर में एक्शन और क्राइम से भरपूर दृश्य हैं।

टीजर की शुरुआत होती है जब अर्जुन सरकार एक हत्या की जांच की जिम्मेदारी संभालते हैं। जैसे-जैसे वह जांच की गहराई में जाते हैं, उन्हें एक खौ़फनाक पैटर्न का पता चलता है, जिससे पता चलता है कि कई हत्याएं एक ही तरीके से की गई हैं। ये हत्याएं एक बड़ी साजिश का इशारा करती हैं। टीजर का अंत और भी दिलचस्प है, जब एक महिला अर्जुन से पूछती है, “क्या आप वाकई पुलिस ऑफिसर हैं?” इस पर अर्जुन का जवाब होता है, “लोगों ने बहुत लंबे समय तक इस झूठ पर विश्वास किया है, अब मैं आपको असली दिखाऊंगा।” इसके बाद टीजर में अर्जुन सरकार का खून से लथपथ भयंकर एक्शन सीन दिखाया जाता है, जो फिल्म के लिए एक्साइटमेंट को और बढ़ा देता है।

फिल्म में नानी के साथ श्रीनिधि शेट्टी भी अहम भूमिका में हैं। दर्शक नानी को इस नए अवतार में देखने के लिए बेहद उत्साहित हैं। इस टीजर ने फिल्म के प्रति उत्सुकता को और बढ़ा दिया है।

फिल्म 1 मई को सिनेमाघरों में रिलीज होगी और इसके लिए फैंस का इंतजार अब और भी ज्यादा बढ़ गया है।

महाकुंभ में गिद्धों को लाश और सूअरों को मिली गंदगी, सीएम योगी के बयान पर अखिलेश ने किया पलटवार

0

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के पांचवे दिन सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी के बीच एक बार फिर जुबानी जंग देखने को मिली। महाकुंभ को लेकर उठाए गए सवालों के जवाब में मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तीखा हमला किया।

अपने भाषण में सीएम योगी ने कहा, “किसी ने सच कहा है कि महाकुंभ में जिसने जो तलाशा, उसे वही मिला। गिद्धों को केवल लाश मिली, सूअरों को गंदगी मिली। संवेदनशील लोगों को रिश्तों की खूबसूरत तस्वीर मिली, आस्थावान को पुण्य मिला, सज्जनों को सज्जनता मिली और भक्तों को भगवान मिले।”

अखिलेश यादव का पलटवार

सीएम योगी के इस बयान पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अपने आधिकारिक X (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर लिखा, “लेकिन महाकुंभ में जिन्होंने अपनों को तलाशा, उन्हें न तो अपने उन परिवारवालों का नाम मृतकों की सूची में मिला, जो हमेशा के लिए खो गए और न ही खोया-पाया के रजिस्टर में। कुछ लोगों ने महाकुंभ में राजनीतिक अवसरवाद को तलाशा और उसे आत्मप्रचार का माध्यम बना लिया, लेकिन इस प्रक्रिया में उन्होंने अपनी नैतिकता, सत्यनिष्ठा और मानवीय संवेदनाओं को खो दिया।”

अखिलेश यादव ने आगे कहा, “इसके अलावा, उनकी वाणी पर भी संतुलन नहीं रहा। अशोभनीय कथनों का उच्चारण दर्शाता है कि जब मानसिकता नकारात्मकता के चरम पर होती है, तो देश, काल, स्थान की गरिमा का ख्याल न करते हुए शब्दों के रूप में यह प्रकट होती है।”

इस बयानबाजी से स्पष्ट है कि महाकुंभ के मुद्दे पर राजनीतिक दलों के बीच तल्खी जारी है, और मुख्यमंत्री योगी और विपक्षी नेता अखिलेश यादव के बीच इस मुद्दे पर तीखी बहस चल रही है।

अंबेडकर और भगत सिंह की फोटो लेकर AAP का हंगामा, कहा- दलित और सिख विरोधी है BJP

0

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला करते हुए उसे दलित और सिख विरोधी मानसिकता वाली पार्टी करार दिया है। सोमवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आतिशी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने दिल्ली के मुख्यमंत्री कार्यालय से बाबा साहब भीमराव अंबेडकर और शहीद भगत सिंह की तस्वीरें हटाकर अपनी असली मानसिकता देश के सामने रख दी है।

करोड़ों अनुयायियों को ठेस पहुंचाने का आरोप

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक व दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि दिल्ली की नई बीजेपी सरकार ने बाबा साहेब की फोटो हटाकर प्रधानमंत्री मोदी की फोटो लगा दी। उन्होंने कहा कि यह सही नहीं है, क्योंकि इससे बाबा साहेब के करोड़ों अनुयायियों को ठेस पहुंची है। उन्होंने बीजेपी से अनुरोध किया कि प्रधानमंत्री की फोटो लगाने में कोई आपत्ति नहीं, लेकिन बाबा साहेब की फोटो को न हटाया जाए।

‘मेरा काम विपक्ष को जवाब देना नहीं है’

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विपक्ष के इन आरोपों पर जवाब देते हुए कहा, “शहीद भगत सिंह और बाबा साहब अंबेडकर हमारे देश के महानायक हैं, जो हमारे लिए पूजनीय हैं… मेरा काम विपक्ष को जवाब देना नहीं, बल्कि जनता के प्रति जवाबदेह होना है।”

AAP का BJP पर सीधा प्रहार, विरोध की चेतावनी

प्रेस कॉन्फ्रेंस में आतिशी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी सरकार ने दिल्ली के सभी सरकारी कार्यालयों में बाबा साहब अंबेडकर और भगत सिंह की तस्वीरें लगाई थीं। लेकिन सत्ता में आते ही भाजपा सरकार ने उन्हें हटा दिया, जो दलित और सिख समुदाय का अपमान है। उन्होंने एक पुरानी तस्वीर भी दिखाई, जिसमें मुख्यमंत्री कार्यालय में अंबेडकर और भगत सिंह की तस्वीरें लगी हुई थीं।

मोदी सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप

आतिशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी वादा खिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने दिल्ली की महिलाओं से वादा किया था कि उन्हें 2500 रुपए की सम्मान राशि दी जाएगी, लेकिन अब तक यह वादा पूरा नहीं हुआ। उन्होंने मांग की कि 8 मार्च से पहले यह राशि महिलाओं के खातों में जमा हो जानी चाहिए।

आम आदमी पार्टी ने इस फैसले के खिलाफ सड़कों से लेकर सदन तक विरोध करने की चेतावनी दी है और कहा है कि वह भाजपा की दलित और सिख विरोधी मानसिकता को जनता के सामने बेनकाब करेगी।

चैंपियंस ट्रॉफी पर आतंकी खतरे का साया, पाकिस्तान खुफिया एजेंसी ने जारी की चेतावनी

0

इस्लामाबाद: पाकिस्तान में ICC चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन जोरों पर है, लेकिन इस दौरान एक बड़ा सुरक्षा खतरा उत्पन्न हुआ है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ने इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत (ISKP) द्वारा एक खतरनाक योजना के बारे में चेतावनी जारी की है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ISKP विदेशी नागरिकों का अपहरण करने या उनसे मोटी रकम वसूलने की योजना बना रहा है, जो पाकिस्तान में मैच देखने के लिए आए हैं।

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी की चेतावनी
खुफिया जानकारी के मुताबिक, ISKP ने पाकिस्तानी शहरों से दूर स्थित एक बेस में अपनी योजना तैयार की है। वे बिना कैमरा निगरानी वाली जगहों का इस्तेमाल करते हुए अपहृत व्यक्तियों को सुरक्षित घरों में ले जाने की योजना बना रहे हैं। यह घटनाक्रम पाकिस्तान के लिए एक गंभीर सुरक्षा चिंता का विषय बन गया है, विशेष रूप से 2009 में श्रीलंकाई क्रिकेट टीम पर लाहौर में हुए आतंकी हमले की यादें ताजा हैं।

चीन और अरब नागरिकों को निशाना बनाने की योजना
इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत की आतंकवादी योजना के तहत मुख्य रूप से चीन और अरब नागरिकों को निशाना बनाया जा रहा है। संगठन बंदरगाह क्षेत्रों, हवाईअड्डों और अन्य महत्वपूर्ण स्थलों पर नजर रखे हुए है। अफगानिस्तान में भी ISKP की गतिविधियां बढ़ी हैं, जिससे अफगान खुफिया एजेंसी (GDI) ने अपने अधिकारियों को प्रमुख स्थानों पर हमले की चेतावनी दी है और आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है।

पाकिस्तान की टीम टूर्नामेंट से बाहर होने के कगार पर
इस बीच, पाकिस्तान की क्रिकेट टीम चैंपियंस ट्रॉफी में अपने शुरुआती दोनों मैच हार चुकी है। 19 फरवरी को न्यूजीलैंड से हारने के बाद 23 फरवरी को भारत से भी उनकी हार हो गई। अब पाकिस्तान को सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए न्यूजीलैंड और बांग्लादेश के मैचों के परिणाम पर निर्भर रहना पड़ेगा।

यह चेतावनी और सुरक्षा चिंताएं चैंपियंस ट्रॉफी के आयोजन को एक नई दिशा में मोड़ सकती हैं, खासकर जब पाकिस्तान में पहले ही कई विवाद उत्पन्न हो चुके हैं, जैसे भारत का मैच दुबई में खेलना और अन्य आयोजकीय त्रुटियां।