Wednesday 1st of July 2026 01:12:40 AM
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दोनों पैरों से दिव्यांग “मोनी” सबके लिए बनीं मिसाल, चुनौतियों से लड़कर DU से हासिल की PhD की डिग्री

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नई दिल्ली: अगर कोई व्यक्ति मन में कुछ बनने की ठान ले तो शारीरिक अक्षमता भी उसके मार्ग में बाधा नहीं बन सकती। तमाम चुनौतियों को पार कर इंसान कड़ी मेहनत से सफलता को प्राप्त कर सकता है। यह साबित कर दिखाया है दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास में पीएचडी पूरी करने वाली मोनी ने, जो बचपन से ही दोनों पैरों से दिव्यांग हैं।

गलत इलाज ने बनाया दिव्यांग, लेकिन नहीं छोड़ा हौसला

मोनी ने बताया कि जब वह 9-10 महीने की थीं, तभी डॉक्टर की गलती के कारण उन्हें दिव्यांगता का सामना करना पड़ा। वर्तमान में वह बैसाखियों के सहारे चलती हैं। उनके पिता नगर निगम में माली की नौकरी करते थे, जिसके कारण उनका परिवार दिल्ली के बुराड़ी में आ बसा। हालांकि, उनका मूल निवास यूपी के हापुड़ जिले के पिलखुवा के पास है।

पिता के सपने ने बढ़ाया हौसला

बचपन से ही मोनी के पिता चाहते थे कि उनका कोई बच्चा डॉक्टर बने। लेकिन उनके भाई को पढ़ाई में रुचि नहीं थी, इसलिए पिता ने यह सपना मोनी से जोड़ा। हालांकि, दिव्यांगता के कारण वह मेडिकल फील्ड में नहीं जा सकती थीं, इसलिए उन्होंने अकादमिक क्षेत्र में जाने का फैसला किया और पीएचडी करके डॉक्टर बनने का संकल्प लिया।

आईपी कॉलेज से ग्रेजुएशन और मिरांडा हाउस से मास्टर्स

मोनी ने दिल्ली विश्वविद्यालय के आईपी कॉलेज से ग्रेजुएशन किया। उनके पिता की आमदनी इतनी नहीं थी कि वे उनके लिए विशेष वाहन की व्यवस्था कर सकें, इसलिए उन्होंने हॉस्टल के लिए आवेदन किया। पहले साल में उन्हें हॉस्टल नहीं मिला, लेकिन बाद में शिक्षकों की मदद से उन्हें स्पेशल कैटेगरी में हॉस्टल मिला। इसके बाद उन्होंने मिरांडा हाउस से मास्टर्स किया।

कोचिंग न मिलने के कारण बदला लक्ष्य

मास्टर्स के बाद मोनी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करना चाहती थीं, लेकिन कोचिंग सेंटर की सीढ़ियां उनके लिए बड़ी चुनौती थीं। इस बाधा के कारण उन्होंने अकादमिक क्षेत्र में ही आगे बढ़ने का फैसला किया और पीएचडी में दाखिला लिया। दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा दिव्यांग छात्रों के लिए मुफ्त शिक्षा की घोषणा से उन्हें राहत मिली, जिससे उनकी फीस माफ हो गई और हॉस्टल में भी कम खर्च आया।

पीएचडी का सफर और नई उपलब्धि

मोनी ने 2018 में दिल्ली विश्वविद्यालय से पीएचडी में दाखिला लिया। उनका शोध विषय “आधुनिक भारत में विकलांगता और कानून” था। दिव्यांग छात्रों को पीएचडी पूरी करने के लिए 10 साल का समय मिलता है, लेकिन उन्होंने कड़ी मेहनत से यह शोध कार्य 6 साल में पूरा कर लिया। अक्टूबर 2024 में उनकी पीएचडी पूरी हुई और डीयू के 101वें दीक्षांत समारोह में उन्होंने अपनी डिग्री प्राप्त की।

अब प्रोफेसर बनने की जंग

मोनी का अगला लक्ष्य कॉलेज में सहायक प्रोफेसर की नौकरी पाना है। उन्होंने कहा कि अब उनकी योग्यता पूरी हो चुकी है और वे अपने करियर की नई यात्रा शुरू करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने अपनी पीएचडी पूरी कर डॉक्टर बनने का सपना साकार किया, लेकिन अब वे शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़कर दूसरों को भी प्रेरित करना चाहती हैं।

झारखंड विधानसभा का बजट सत्र शुरू, राज्यपाल ने बताया अहम

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रांची, 24 फरवरी: झारखंड विधानसभा का बजट सत्र सोमवार को शुरू हुआ, जो 27 मार्च तक चलेगा। इस सत्र की शुरुआत राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार के अभिभाषण से हुई। राज्यपाल को पारंपरिक रूप से गार्ड ऑफ ऑनर देने के बाद, विधानसभा के स्पीकर रवींद्रनाथ महतो ने गुलदस्ता भेंटकर उनका स्वागत किया। इस मौके पर मुख्य सचिव अलका तिवारी और गृह सचिव वंदना दादेल भी मौजूद थीं।

राज्यपाल ने अपने संबोधन में राज्य सरकार की उपलब्धियों पर चर्चा करते हुए, भ्रष्टाचार पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। हालांकि, भाजपा के विधायकों ने राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान सरकार की उपलब्धियों पर आपत्ति जताई। राज्यपाल ने मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कहा कि बजट सत्र बहुत महत्वपूर्ण है और इस दौरान विपक्ष भी सहयोग करेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि सदन में अच्छी चर्चा होगी और महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे।

नेता प्रतिपक्ष के बिना हुई सदन की शुरुआत

बजट सत्र के शुरू होने से पहले उम्मीद जताई जा रही थी कि नेता प्रतिपक्ष का चुनाव सदन शुरू होने से पहले कर लिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) के विधायक दल ने अभी तक नेता प्रतिपक्ष का चयन नहीं किया है, जिसके कारण सदन को नेता प्रतिपक्ष नहीं मिल पाया। इस स्थिति के बावजूद, बजट सत्र की शुरुआत हो गई।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उपस्थिति में कार्यवाही

बजट सत्र में राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी पत्नी, विधायक कल्पना सोरेन के साथ कार्यवाही में शामिल हुए। मुख्यमंत्री का स्वागत संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर, मुख्य सचिव अलका तिवारी, कार्मिक सचिव वंदना दादेल और झारखंड विधानसभा के प्रभारी सचिव मणिक लाल हेम्ब्रम ने पुष्पगुच्छ भेंटकर किया। इस अवसर पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के प्रमुख विधायक एवं मंत्री भी मौजूद थे।

दिल्ली में हाउस टैक्स माफी: AAP सरकार का बड़ा ऐलान, लाखों मकान मालिकों को मिलेगा फायदा!

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दिल्ली नगर निगम (MCD) में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने हाउस टैक्स को लेकर ऐतिहासिक फैसला लिया है, जिससे राजधानी के हजारों मकान मालिकों को बड़ी राहत मिलेगी। इस फैसले से लाखों लोग लाभान्वित होंगे, जो लंबे समय से पुराने बकाया हाउस टैक्स के कारण परेशान थे।

दिल्ली वालों के लिए बड़ी राहत

सोमवार को AAP मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्यसभा सांसद संजय सिंह और अन्य पार्टी नेताओं ने घोषणा की कि जो निवासी वित्तीय वर्ष 2024-25 का हाउस टैक्स समय पर जमा करेंगे, उनके सभी पुराने बकाया टैक्स पूरी तरह माफ कर दिए जाएंगे। इसके अलावा, आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 में भी हाउस टैक्स में भारी छूट दी जाएगी

किन-किन को मिलेगा फायदा?

  1. 100 गज से छोटे मकान: पूरा हाउस टैक्स माफ किया जाएगा।
  2. 100 से 500 गज तक के मकान: हाउस टैक्स में 50% की छूट मिलेगी।
  3. रिहायशी मकानों में चल रही दुकानें एवं व्यावसायिक संपत्तियां: इनके लिए भी विशेष छूट दी जाएगी।
  4. 1300 से अधिक हाउसिंग अपार्टमेंट्स: इन अपार्टमेंट्स में रहने वाले निवासियों को हाउस टैक्स में 25% की छूट मिलेगी, बशर्ते वे समय पर टैक्स जमा करें।

पुराने बकाया टैक्स से राहत

दिल्ली नगर निगम के मेयर महेश खींची ने कहा कि यह फैसला आम आदमी पार्टी की जनहितैषी नीतियों को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय न केवल दिल्ली के नागरिकों को आर्थिक राहत देगा, बल्कि एमसीडी की आय भी बढ़ाएगा। AAP नेता दुर्गेश पाठक ने भी कहा कि इस फैसले से वर्षों पुराने हाउस टैक्स विवाद खत्म होंगे और दिल्लीवासियों को बड़ी राहत मिलेगी।

संजय सिंह का पीएम मोदी और बीजेपी पर हमला

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी से कड़े सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने नरेंद्र मोदी को चुनाव के लिए 21 मिलियन डॉलर (लगभग 175 करोड़ रुपये) दिए थे। उन्होंने सवाल किया कि क्या पीएम मोदी ने इस फंडिंग का खुलासा चुनाव आयोग के सामने किया? अगर नहीं, तो क्या चुनाव आयोग को उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं करनी चाहिए?

क्या कहती है बीजेपी?

AAP ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) विदेशी फंडिंग से चुनाव लड़ रही है, जिससे भारत की चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। संजय सिंह ने मांग की कि नरेंद्र मोदी और बीजेपी को इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से जवाब देना चाहिए

दिल्ली के मकान मालिकों के लिए ऐतिहासिक कदम

AAP सरकार का यह फैसला दिल्ली के लाखों लोगों को सीधा फायदा पहुंचाएगा। इससे न सिर्फ हाउस टैक्स का बोझ कम होगा, बल्कि दिल्ली में रिहायशी और व्यावसायिक संपत्तियों पर टैक्स से जुड़ी परेशानियां भी खत्म होंगी। यह कदम आम जनता को राहत देने और एमसीडी के वित्तीय सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है

पीढ़ियों की धरोहर होगी डिजिटल: पंडों और पुजारियों की पोथियों को सहेजने की ऐतिहासिक पहल

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नई दिल्ली: भारत की सांस्कृतिक धरोहर को संजोने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार (NAI) ने देश के विभिन्न तीर्थस्थलों में मौजूद वंशावली पुजारियों के अभिलेखों को डिजिटल रूप देने की ऐतिहासिक योजना बनाई है। इस परियोजना का उद्देश्य पीढ़ियों से संरक्षित पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक तकनीक की मदद से स्थायी और सुलभ बनाना है।

उज्जैन से होगी शुरुआत

भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार के महानिदेशक अरुण सिंघल ने इस परियोजना की घोषणा करते हुए बताया कि मध्य प्रदेश के उज्जैन से इसकी शुरुआत की जाएगी। आने वाले वर्षों में इसे काशी, प्रयागराज, गया, बद्रीनाथ, केदारनाथ, जगन्नाथ पुरी और द्वारका सहित देश के अन्य प्रमुख तीर्थ स्थलों तक विस्तार दिया जाएगा।

खो न जाएं सदियों पुराने पारंपरिक दस्तावेज

पीढ़ियों से पंडों और पुजारियों के पास मौजूद ये वंशावली अभिलेख हजारों परिवारों की पीढ़ियों का इतिहास संजोए हुए हैं। तीर्थयात्रा पर जाने वाले भक्तों के आगमन, उनके परिवारों की जानकारी, और ऐतिहासिक संदर्भ इन पोथियों में दर्ज होते आए हैं। लेकिन प्राकृतिक आपदाओं और आधुनिकता के प्रभाव से ये दस्तावेज नष्ट होने के कगार पर हैं। 2013 की केदारनाथ आपदा में ऐसे कई मूल्यवान रिकॉर्ड नष्ट हो गए थे।

30 करोड़ पृष्ठ होंगे डिजिटल

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत दो वर्षों में लगभग 30 करोड़ पृष्ठों को डिजिटल रूप दिया जाएगा। वर्तमान में, ‘अभिलेख पटल’ पोर्टल पर लगभग 8.4 करोड़ पृष्ठों को डिजिटाइज़ किया जा चुका है, और प्रतिदिन 4 लाख नए पृष्ठ स्कैन किए जा रहे हैं। उम्मीद की जा रही है कि अप्रैल 2025 तक 10 करोड़ पृष्ठ पूरे हो जाएंगे

आधुनिक तकनीक से जुड़ेंगे पारंपरिक अभिलेख

इस पहल से भविष्य की पीढ़ियों को अपने पूर्वजों की वंशावली और इतिहास की जानकारी डिजिटल रूप में उपलब्ध हो सकेगी। इससे न केवल भारत की सांस्कृतिक धरोहर संरक्षित होगी, बल्कि शोधकर्ताओं और इतिहासकारों को भी बहुमूल्य डेटा प्राप्त होगा।

यह पहल उन परिवारों के लिए भी सौगात साबित होगी, जो अपनी वंश परंपरा को जानने की इच्छा रखते हैं। अब उज्जैन के पंडों और पुजारियों के अभिलेख डिजिटल रूप में संरक्षित होंगे, जिससे सदियों पुरानी परंपरा को आधुनिक युग में एक नया जीवन मिलेगा

जिसने टीम इंडिया को रुलाया, वही ड्रेसिंग रूम में फूट-फूट कर रोया! IND vs PAK महाक्लैश से पहले पाकिस्तान को तगड़ा झटका

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🏆 चैंपियंस ट्रॉफी 2025: विराट कोहली का महाशतक, पाकिस्तान का हुआ सफाया, भारत की ऐतिहासिक जीत! 🇮🇳🔥

📍 स्थान: दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम | तारीख: 23 फरवरी 2025

🔥 भारत ने फिर रचा इतिहास! विराट कोहली (100 रन) की महाकाव्य पारी और कुलदीप यादव (3/40) की घातक गेंदबाजी ने पाकिस्तान को 6 विकेट से धूल चटा दी। इस जीत के साथ ही टीम इंडिया ने सेमीफाइनल में लगभग अपनी जगह पक्की कर ली, जबकि पाकिस्तान टूर्नामेंट से बाहर हो गया!* 🇮🇳🎯


🇵🇰 पाकिस्तान की पारी – ‘टूटे अरमान, बिखरे सपने’ 💔

पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी की, लेकिन भारतीय गेंदबाजों के आगे उनके स्टार्स पानी मांगते नजर आए।

🔥 सिर्फ दो खिलाड़ी ही टिक पाए:

  • सऊद शकील – 62 (76)
  • मोहम्मद रिज़वान – 46 (77)

बाकी बल्लेबाज आए और चले गए! कुलदीप यादव (3/40) ने फिर से अपनी फिरकी का जादू चलाया, जबकि हार्दिक पंड्या (2/31) ने बाबर आज़म (23) जैसे दिग्गज को चलता किया।

पाकिस्तान: 241/10 (48.2 ओवर)

🔥 ड्रेसिंग रूम में मातम!
हार के बाद पाकिस्तान के ड्रेसिंग रूम में मातम छा गया, और कई खिलाड़ी रोते हुए नजर आए। यह वही टीम थी जो भारत को रुलाने के सपने देख रही थी, लेकिन आज खुद फूट-फूटकर रो पड़ी! 😢


🇮🇳 भारत की पारी – कोहली की शौर्य गाथा! 🔥

लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने तेज शुरुआत की। रोहित शर्मा (20 रन, 15 गेंद) ने कुछ आतिशी शॉट लगाए, लेकिन शाहीन अफरीदी की एक बेहतरीन गेंद पर आउट हो गए।

इसके बाद आया विराट कोहली का तूफान! 🌪️

विराट कोहली – 100 (111) | 9 चौके, 2 छक्के*
श्रेयस अय्यर – 56 (49) | बेहतरीन फिनिशिंग टच!
शुभमन गिल – 46 (55) | शानदार समर्थन

टीम इंडिया ने 42.3 ओवरों में 4 विकेट खोकर 242 रन बना लिए और पाकिस्तान को चैंपियंस ट्रॉफी से बाहर कर दिया!

🔥 भारत: 242/4 (42.3 ओवर) | जीत – 6 विकेट से!


🇮🇳 कोहली ने फिर दिखाया कि वह ‘किंग’ क्यों हैं! 👑

मैच के बाद विराट कोहली ने कहा:
“ऐसे मैचों में प्रदर्शन करना हमेशा खास होता है। हमें पता था कि पाकिस्तान पर दबाव बनाकर खेलना होगा। श्रेयस ने शानदार खेल दिखाया और हम प्लान के मुताबिक चले।”

🎙️ कप्तान रोहित शर्मा ने कहा:
“हमारे गेंदबाजों ने बेहतरीन शुरुआत दी। हमने पाकिस्तान को कमजोर पलों में दबोचा और मैच पर पकड़ बनाए रखी। विराट की पारी ऐतिहासिक थी!”


🚨 पाकिस्तान टूर्नामेंट से बाहर! भारत सेमीफाइनल में लगभग पक्का!

यह हार पाकिस्तान के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं थी। दो लगातार हार के बाद वह अब सेमीफाइनल की दौड़ से लगभग बाहर हो चुका है! दूसरी ओर, भारत लगभग सेमीफाइनल में पहुंच चुका है और अपनी बादशाहत कायम रखने को तैयार है!

🏏 🔥 अगला मिशन –🏆 फाइनल जीतना!
अब टीम इंडिया अपने अगले मुकाबले की तैयारी में जुटेगी, जहां उनका इरादा सिर्फ और सिर्फ ट्रॉफी पर कब्जा जमाने का होगा! क्या भारत एक और चैंपियंस ट्रॉफी अपने नाम कर पाएगा? पूरी दुनिया इंतजार कर रही है!

IND vs PAK: विराट कोहली ने रचा इतिहास, वनडे क्रिकेट में सबसे तेज 14,000 रन पूरे

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IND vs PAK: विराट कोहली ने रचा इतिहास, वनडे क्रिकेट में सबसे तेज 14,000 रन पूरे

दुबई, 23 फरवरी 2025: भारतीय क्रिकेट के सुपरस्टार विराट कोहली ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर ली है। उन्होंने वनडे क्रिकेट में सबसे तेज 14,000 रन पूरे करने वाले बल्लेबाज बनकर इतिहास रच दिया है। यह कारनामा उन्होंने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के भारत बनाम पाकिस्तान मैच के दौरान दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में किया।

कोहली ने सबसे तेज 14,000 रन पूरे किए

इस महामुकाबले से पहले 35 वर्षीय कोहली को इस मील के पत्थर तक पहुंचने के लिए केवल 15 रन की जरूरत थी। उन्होंने 13वें ओवर में एक शानदार चौका लगाकर यह उपलब्धि हासिल की और मात्र 287 पारियों में 14,000 रन पूरे करने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गए।

इससे पहले यह रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर (350 पारियां) और कुमार संगकारा (378 पारियां) के नाम था, लेकिन कोहली ने दोनों को पीछे छोड़ दिया।

सबसे तेज 14,000 वनडे रन बनाने वाले खिलाड़ीमैदानमैचपारी
विराट कोहलीदुबई298287
सचिन तेंदुलकरपेशावर359350
कुमार संगकारासिडनी402378

कोहली के नाम कई बड़े रिकॉर्ड

विराट कोहली ने इससे पहले भी कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाए हैं। सितंबर 2023 में एशिया कप के दौरान, उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ मैच में सबसे तेज 13,000 वनडे रन पूरे किए थे

इसके अलावा, वह वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक (50) लगाने वाले बल्लेबाज हैं। कोहली दुनिया के एकमात्र खिलाड़ी हैं जिनके नाम 50 वनडे शतक दर्ज हैं।

वनडे में भारत के लिए सबसे ज्यादा कैच लेने वाले खिलाड़ी बने

बल्लेबाजी के अलावा कोहली ने फील्डिंग में भी एक नया रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने वनडे क्रिकेट में 157वां कैच लेते ही मोहम्मद अजहरुद्दीन (156 कैच) का रिकॉर्ड तोड़ दिया और भारत के सबसे सफल फील्डर बन गए।

बाद में, पहली पारी के दौरान कोहली ने अपना 158वां कैच डीप मिडविकेट पर पकड़ा। उन्होंने हर्षित राणा की गेंद पर खुशदिल शाह को आउट कर एक और उपलब्धि अपने नाम की।

भारत के लिए वनडे में सबसे ज्यादा कैच लेने वाले खिलाड़ीमैचकैच
राहुल द्रविड़504333
विराट कोहली547*333
मोहम्मद अजहरुद्दीन433261
सचिन तेंदुलकर664256
रोहित शर्मा496*229

 

चैंपियंस ट्रॉफी 2025: भारत-पाक महामुकाबले से पहले देशभर में हवन-पूजन, टीम इंडिया की जीत के लिए उमड़ा आस्था का सैलाब!

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काशी से लेकर मिर्जापुर तक गूंजा ‘जय श्री राम’, मां विंध्यवासिनी से लेकर बाबा विश्वनाथ तक मांगी गई टीम इंडिया की जीत की दुआ

वाराणसी | लखनऊ | मिर्जापुर | 23 फरवरी 2025

चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच महामुकाबले को लेकर पूरे देश में क्रिकेट का जुनून चरम पर है। इस ऐतिहासिक मैच से पहले काशी, मिर्जापुर, लखनऊ समेत पूरे उत्तर प्रदेश में टीम इंडिया की जीत के लिए भव्य हवन-पूजन और आरती का आयोजन किया गया।

काशी में क्रिकेट प्रेमियों का आस्था संग क्रिकेट प्रेम का संगम

वाराणसी, जो धर्म और अध्यात्म की नगरी मानी जाती है, वहां क्रिकेट प्रेमियों ने बाबा विश्वनाथ के दरबार में विशेष पूजा अर्चना कर टीम इंडिया की जीत की प्रार्थना की। पांचों वीर बाबा मंदिर में भव्य विजय तिलक हवन का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमियों ने आहुतियां डालीं।

क्रिकेट प्रेमी रमेश त्रिपाठी ने बताया, “यह सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट की आन, बान और शान की परीक्षा है। पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले इस मुकाबले में हमारी टीम को जीत जरूर मिलेगी, इसलिए हमने हवन कर टीम इंडिया को विजय तिलक समर्पित किया है। बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद हमें निश्चित रूप से जीत दिलाएगा।”

लखनऊ में क्रिकेट प्रेमियों का जोश हाई, शमी से चमत्कारी प्रदर्शन की उम्मीद

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में क्रिकेट प्रेमियों में गजब का उत्साह देखा गया। जूनियर और युवा क्रिकेट खिलाड़ियों ने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा कि “टीम इंडिया पाकिस्तान को धूल चटाएगी!” इसके अलावा, भारतीय टीम के स्टार गेंदबाज मोहम्मद शमी के कोच बदरुद्दीन ने भी उनके शानदार प्रदर्शन की भविष्यवाणी की।

“शमी ने पिछले मैच में 5 विकेट झटके थे, और इस बार भी वह पाकिस्तान को ध्वस्त कर देगा। दुबई की यही पिच है, और हमें यकीन है कि भारत यह मैच आसानी से जीत जाएगा।” – बदरुद्दीन, कोच, मोहम्मद शमी

मिर्जापुर में मां विंध्यवासिनी के दरबार में विशेष हवन, श्रद्धालुओं ने मांगी जीत की मन्नत

मिर्जापुर के मां विंध्यवासिनी देवी मंदिर में भी विशेष हवन-पूजन हुआ, जिसमें तीर्थ पुरोहितों और श्रद्धालुओं ने मिलकर भारतीय टीम की जीत की प्रार्थना की। भक्तों ने हाथों में तिरंगा और टीम इंडिया के समर्थन में तख्तियां लेकर हवन में भाग लिया।

तीर्थ पुरोहित पंडित ओमप्रकाश मिश्रा ने कहा, “जब-जब मां विंध्यवासिनी के दरबार से प्रार्थना हुई है, तब-तब भारत ने विजय प्राप्त की है। आज भी टीम इंडिया की जीत निश्चित है।”

क्रिकेट के महायुद्ध से पहले भारत में आस्था और जोश का अनोखा संगम!

चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का यह हाई-वोल्टेज मुकाबला केवल एक क्रिकेट मैच नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की भावनाओं से जुड़ा एक युद्ध बन चुका है। दुबई में होने वाले इस महामुकाबले से पहले देशभर में प्रार्थनाओं का दौर जारी है।

अब सबकी नजरें इस बहुप्रतीक्षित मुकाबले पर टिकी हैं, जहां भारतीय शेर मैदान पर दहाड़ने के लिए तैयार हैं! क्या टीम इंडिया एक बार फिर पाकिस्तान को पटखनी देकर अपनी श्रेष्ठता साबित करेगी? इसका जवाब आज रात मिल जाएगा!

कुर्मी एकता रैली: नीतीश कुमार और बेटे निशांत की गैरमौजूदगी से जेडीयू नेताओं में मायूसी

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पटना में 31 साल बाद आयोजित हुई कुर्मी एकता रैली बिहार में कुर्मी समाज की राजनीतिक भागीदारी को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण आयोजन थी। यह रैली बीजेपी विधायक कृष्ण कुमार मंटू पटेल के नेतृत्व में आयोजित की गई थी, जिसमें जेडीयू के कई नेता भी शामिल हुए। हालांकि, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनके बेटे निशांत कुमार की गैरमौजूदगी से जेडीयू के नेताओं और समर्थकों में निराशा देखी गई।

1994 में आयोजित कुर्मी चेतना रैली ने बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार के उदय में अहम भूमिका निभाई थी। इस बार उम्मीद की जा रही थी कि उनके बेटे निशांत कुमार राजनीति में अपनी एंट्री करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

नीतीश और निशांत ने रैली से दूरी क्यों बनाई?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नीतीश कुमार अब जाति आधारित राजनीति पर निर्भर नहीं हैं, इसलिए उन्होंने रैली से दूरी बनाई। वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि निशांत अभी राजनीति में आने के लिए तैयार नहीं हैं, हालांकि हरनौत (नालंदा) सीट से उनके चुनाव लड़ने की चर्चाएं जोरों पर हैं

जेडीयू नेताओं ने जताई नाराजगी

जेडीयू के कई नेताओं ने निशांत की गैरमौजूदगी पर निराशा जताई। जेडीयू नेता अभय पटेल ने कहा:
“हमने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनके बेटे निशांत कुमार को बुलाया था, लेकिन वे नहीं आए। अगर निशांत भाई आते तो यह रैली और सफल होती।”

वहीं, बीजेपी नेताओं ने निशांत के राजनीति में आने का समर्थन किया और कहा कि अगर वह राजनीति में आते हैं तो उनका स्वागत किया जाएगा

बिहार में कुर्मी समाज की घटती भागीदारी

रैली में बिहार में कुर्मी समाज की घटती राजनीतिक भागीदारी पर चिंता जताई गई। पहले जहां इस समाज से कई सांसद और विधायक हुआ करते थे, अब उनकी संख्या कम हो गई है। इस आयोजन में नेपाल से भी बड़ी संख्या में कुर्मी समुदाय के लोग शामिल हुए, जिससे इस समाज की मजबूती का संकेत मिलता है।

क्या निशांत कुमार राजनीति में आएंगे?

बिहार में 2025 के चुनाव नजदीक हैं, ऐसे में सवाल उठता है कि क्या निशांत कुमार राजनीति में कदम रखेंगे? और क्या कुर्मी समाज अपनी राजनीतिक पकड़ दोबारा मजबूत कर पाएगा? इसका जवाब आने वाले समय में मिलेगा।

यह कैसा पुण्य! मां को घर में बंद कर कुंभ नहाने गए बेटा-बहू, भूख से तड़पकर प्लास्टिक खाने को मजबूर

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रामगढ़ जिले में इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक बेटे ने अपनी वृद्ध मां को घर में बंद कर दिया और खुद पत्नी व ससुराल वालों के साथ कुंभ स्नान के लिए प्रयागराज चला गया। घर में अकेली रह गई मां शुरू में किसी तरह दो दिन तक भूख सहती रही, लेकिन जब सहनशक्ति जवाब देने लगी, तो मजबूरी में प्लास्टिक खाने लगी।

स्थानीय लोगों ने जब वृद्धा की चीखें सुनीं, तो उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने ताला तोड़कर महिला को बाहर निकाला और तत्काल इलाज के लिए सीसीएल अस्पताल में भर्ती कराया।

बेटे अखिलेश कुमार ने सफाई दी कि उनकी मां बीमार थीं, इसलिए उन्हें कुंभ नहीं ले जा सके, लेकिन उनके खाने-पीने का इंतजाम किया था। हालांकि पड़ोसियों का कहना है कि घर के बाहर ताला बंद था, जिससे साफ है कि वृद्धा को अंदर अकेला छोड़ दिया गया था।

रामगढ़ पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। एसडीपीओ परमेश्वर प्रसाद ने बताया कि वृद्धा अभी बोलने की स्थिति में नहीं हैं। उनके बयान के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना की चारों ओर निंदा हो रही है, और समाज में ऐसे अमानवीय कृत्यों पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

तीन तलाक, UCC के बाद मुसलमानों के लिए BJP का नया मोर्चा? योगी आदित्यनाथ ने दिए संकेत

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तीन तलाक और समान नागरिक संहिता (UCC) के बाद, क्या बीजेपी मुसलमानों के लिए एक और नया मुद्दा तैयार कर रही है? असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के मदरसों पर दिए गए बयानों के बाद अब यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इसी तरह के संकेत दिए हैं। उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके नेता अपने बच्चों को अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाते हैं, लेकिन दूसरों के बच्चों को उर्दू तक सीमित रखना चाहते हैं।

योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में कहा कि उनकी सरकार हिंदी की उपभाषाओं—ब्रज, भोजपुरी, अवधी और बुंदेलखंडी—को बढ़ावा दे रही है। वहीं, सपा पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि वे कठमुल्लापन को बढ़ावा देना चाहते हैं और बच्चों को मौलवी बनाने की दिशा में ले जा रहे हैं।

इस बयान के बाद राजनीतिक घमासान मच गया। अखिलेश यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि शिक्षा से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने बीजेपी सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि समाजवादी सरकार ने अपने कार्यकाल में छात्रों को लैपटॉप बांटे थे और बीजेपी केवल भेदभाव की राजनीति कर रही है।

क्या बीजेपी असम मॉडल को यूपी और अन्य राज्यों में लागू करने की तैयारी में है? क्या मदरसा शिक्षा पर कोई बड़ा कदम उठाया जाएगा? इन सवालों पर राजनीति और गरमाने की संभावना है।

IAS इरा सिंघल: संघर्ष, सफलता और प्रेरणा की कहानी

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IAS इरा सिंघल का नाम आज देशभर में प्रेरणा का स्रोत बन चुका है। उन्होंने शारीरिक चुनौतियों के बावजूद न केवल यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में चार बार सफलता प्राप्त की, बल्कि 2014 में ऑल इंडिया पहली रैंक हासिल कर इतिहास रच दिया।

दिव्यांगता को बनाया ताकत

मेरठ की रहने वाली इरा सिंघल स्कोलियोसिस (Scoliosis) नामक रीढ़ की हड्डी से जुड़ी बीमारी से पीड़ित हैं, जिससे उनके हाथों की गति बाधित होती है। लेकिन उनकी इच्छाशक्ति इतनी मजबूत थी कि उन्होंने किसी भी तरह की शारीरिक बाधाओं को अपने सपनों के आड़े नहीं आने दिया।

मजाक उड़ाने वालों को दिया करारा जवाब

बचपन से ही जब इरा ने अपने दोस्तों से कहा कि वह IAS बनना चाहती हैं, तो कई लोगों ने उनका मजाक उड़ाया। उन्हें ‘कुबड़ी’ कहकर चिढ़ाया जाता था और लोग कहते थे, “जो खुद चल नहीं सकती, वह अफसर कैसे बनेगी?” मगर इरा ने इन तानों को अपनी प्रेरणा बना लिया।

शिक्षा और करियर की शुरुआत

इरा सिंघल ने दिल्ली के नेताजी सुभाष इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NSIT) से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया और फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (FMS) से MBA की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने एक कन्फेक्शनरी कंपनी में स्ट्रैटेजी मैनेजर के रूप में काम किया।

चार बार UPSC पास, लेकिन संघर्ष जारी

इरा ने 2010, 2011 और 2013 में UPSC परीक्षा पास कर IRS (Indian Revenue Service) में चयन पाया, लेकिन 62% लोकोमोटर विकलांगता के कारण उन्हें पोस्टिंग नहीं दी गई।

उन्होंने हार नहीं मानी और केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) में केस दायर किया। 2014 में उन्होंने यह केस जीता और जब उसी साल उन्होंने UPSC परीक्षा में AIR-1 हासिल किया, तो पूरे देश ने उनकी सफलता को सलाम किया।

नारीशक्ति और आत्मनिर्भरता का प्रतीक

इरा सिंघल की यह कहानी हमें यह सिखाती है कि दृढ़ निश्चय और मेहनत से किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है। आज वे IAS अधिकारी होने के साथ-साथ दिव्यांगजनों के अधिकारों की आवाज भी बन चुकी हैं

👉 उनका संदेश: “अगर लोग आपकी काबिलियत पर सवाल उठाएं, तो उन्हें अपनी सफलता से जवाब दें!”

 

 

घरों में ताले, खाली गलियां… संभल छोड़कर जा रहे मुसलमान? पलायन की खबरों पर क्या बोले एसपी कृष्ण कुमार

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उत्तर प्रदेश के संभल में कई घरों में ताले लगे होने और लोगों के पलायन की खबरें सामने आई हैं। इस पर संभल के पुलिस अधीक्षक (एसपी) कृष्ण कुमार ने सफाई देते हुए कहा कि यहां से जो लोग गए हैं, वे संभवतः वही लोग हैं जो पिछले साल 24 नवंबर को हुई हिंसा में शामिल थे।

एसपी कृष्ण कुमार ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि 24 नवंबर की हिंसा में करीब 2500 से 3000 लोग शामिल थे। हिंसा के दौरान पुलिसकर्मियों पर पथराव और गोलीबारी हुई थी। अब तक 79 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, और कुछ संदिग्धों के पोस्टर चिपकाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि संभल में हालात पूरी तरह सामान्य हैं। बच्चे स्कूल जा रहे हैं, बाजार खुले हैं, और पलायन की कोई भी बात पूरी तरह से गलत है।

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर दावा किया था कि मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है और वे अपने घर छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। इस पर एसपी ने जवाब दिया कि हिंसा में शामिल लोगों के पोस्टर जारी किए गए थे, जिससे वे खुद ही वहां से चले गए होंगे।

एसपी कृष्ण कुमार ने स्पष्ट किया कि किसी निर्दोष व्यक्ति को परेशान नहीं किया जाएगा, लेकिन जो दोषी हैं, जिन्होंने पुलिस पर हमला किया, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

दिल्ली में ‘त्रिदेव’ तो बिहार में ‘त्रिशूल’, RSS ने सेट कर दिया ‘2025 प्लान’; असली ‘खेला’ तो अब ग्राउंड पर होगा

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  • बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर आरएसएस ने अपनी रणनीति तैयार कर ली है। ‘मिशन त्रिशूल’ के तहत तीन प्रमुख पहलुओं पर फोकस किया जा रहा है—नाराज वोटरों की पहचान, प्रभावी मुद्दों का आकलन और बीजेपी के लिए फायदेमंद एवं नुकसानदेह मुद्दों का विश्लेषण।

आरएसएस पहले भी हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली में इसी तरह की रणनीति अपनाकर चुनावी सफलता हासिल कर चुका है। बिहार में इसे लागू करने के लिए स्वयंसेवकों को अपने इलाकों में शाखाओं का विस्तार करने और जमीनी स्तर पर जनता के विचार जानने का निर्देश दिया गया है।

इस मिशन के तहत आरएसएस एक गुप्त सर्वे भी करवा रहा है, जिससे यह पता लगाया जाएगा कि किन नेताओं के खिलाफ नाराजगी है, कौन से मुद्दे सबसे प्रभावी हैं, और कौन से मुद्दे बीजेपी के लिए लाभदायक या नुकसानदायक हो सकते हैं।

इसके अलावा, दिल्ली चुनाव की तरह बिहार में भी बूथ स्तर पर ‘त्रिदेव’ की तर्ज पर कार्यकर्ताओं की नियुक्ति की जा सकती है। दिल्ली में एक ‘त्रिदेव’ में एक पुरुष, एक महिला और एक युवा शामिल होते थे, जो मतदाताओं से संपर्क कर उनकी समस्याओं को समझते थे।

आरएसएस की इस विस्तृत योजना का उद्देश्य बिहार में चुनावी जीत सुनिश्चित करना है। मार्च तक इस रणनीति पर फील्ड रिपोर्ट तैयार कर आरएसएस की प्रांतीय बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा।

झारखंड में 15 आईएएस अफसरों का तबादला, पूजा सिंघल बनीं आईटी विभाग की सचिव

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झारखंड सरकार ने 18 फरवरी को एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया, जिसमें 15 आईएएस अधिकारियों का तबादला कर दिया गया। इस फेरबदल के तहत चर्चित आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल (IAS Pooja Singhal) को सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है।

राज्य सरकार ने इससे संबंधित अधिसूचना जारी कर दी है, जिसमें पूजा सिंघल को मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी (कम्युनिकेशन नेटवर्क लिमिटेड, रांची) का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।

महत्वपूर्ण बदलाव:

  • पूजा सिंघल – सचिव, सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग
  • मस्तराम मीना – प्रधान सचिव, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग
  • अन्य 13 अधिकारियों को भी विभिन्न विभागों में नई जिम्मेदारियां दी गईं

पूजा सिंघल केस पर अगली सुनवाई 27 फरवरी को

इस बीच, झारखंड हाई कोर्ट में पूजा सिंघल की याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें प्रवर्तन निदेशालय (ED) को जवाब दाखिल करने के लिए अंतिम मौका दिया गया। अगली सुनवाई 27 फरवरी को होगी।

गैर प्रशासनिक अधिकारियों को आईएएस बनाने पर विवाद

झारखंड प्रशासनिक सेवा संघ ने गैर प्रशासनिक अधिकारियों को आईएएस पद पर प्रोन्नति देने के सरकार के फैसले को चुनौती दी है। इस याचिका पर केंद्रीय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल (CAT) ने सुनवाई शुरू कर दी है।

झारखंड सरकार के इस प्रशासनिक फेरबदल से राज्य की नौकरशाही में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

 

 

झारखंड कैबिनेट बैठक: 12 प्रस्तावों को मिली मंजूरी, राज्य कर्मचारियों के लिए खुशखबरी

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झारखंड सरकार ने राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने और कर्मचारियों के हित में कई अहम फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 12 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

नई एमएसएमई नीति से उद्योगों को राहत

झारखंड सरकार ने नए उद्योगों को लाइसेंस राज से तीन साल की छूट देने का फैसला किया है। इसके तहत:

  • एमएसएमई श्रेणी के तहत आने वाले नए उद्योगों को शुरुआती तीन साल तक बिना लाइसेंस के कारोबार करने की अनुमति होगी।
  • इससे नए उद्योगों की स्थापना आसान होगी और राज्य में निवेश बढ़ेगा।
  • तीन साल बाद, उद्योगों को आवश्यक लाइसेंस लेने होंगे।
  • झारखंड एमएसएमई विशेष छूट विधेयक को मंजूरी दी गई, जिसे विधानसभा में पेश किया जाएगा।

राज्य कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता बढ़ा

सरकार ने राज्य कर्मियों, पेंशन भोगियों और पारिवारिक पेंशन धारकों के महंगाई भत्ते में वृद्धि की घोषणा की:

  • छठा वेतनमान लेने वाले कर्मियों का महंगाई भत्ता 239% से बढ़कर 246% कर दिया गया।
  • पांचवां वेतनमान पाने वालों के लिए यह 443% से बढ़कर 455% हुआ।
  • यह जुलाई 2024 से प्रभावी होगा।

आईटीआई छात्रों के लिए मारुति से करार

  • ऑटोमोबाइल सेक्टर में नवीनतम तकनीकी प्रशिक्षण देने के लिए सरकार ने मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के साथ एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर करने की मंजूरी दी।
  • झारखंड के चुनिंदा सरकारी आईटीआई संस्थानों में यह सुविधा मिलेगी, जिससे छात्रों को आधुनिक टेक्नोलॉजी की जानकारी और रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे।

कारखाना अधिनियम में संशोधन

  • ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए झारखंड सरकार ने कारखाना अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दी।
  • इसके तहत रात की शिफ्ट में महिला कर्मचारियों को काम करने की अनुमति दी गई है। वे शाम 7 बजे से सुबह 6 बजे तक काम कर सकेंगी।
  • यह कदम औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने और महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए उठाया गया है।

अन्य महत्वपूर्ण कैबिनेट फैसले

  1. बिहार राज्य औद्योगिक विकास निगम एवं बिहार स्टेट इलेक्ट्रॉनिक डेवलपमेंट कॉरपोरेशन से जुड़े आस्तियों एवं दायित्वों के बंटवारे की स्वीकृति।
  2. झारखंड जगुआर में प्रतिनियुक्त स्व. राजेश कुमार के परिवार को सेवांत लाभ देने की स्वीकृति।
  3. झारखंड आंगनबाड़ी सेविका/सहायिका चयन एवं मानदेय में किए गए संशोधनों को लागू करने का निर्णय।
  4. पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कर्मचारियों की नियमित सेवा के लिए हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार स्वीकृति

निष्कर्ष

झारखंड कैबिनेट के ये फैसले राज्य के औद्योगिक विकास, कर्मचारियों के कल्याण और महिलाओं के रोजगार को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण साबित होंगे। विशेष रूप से एमएसएमई क्षेत्र को दी गई छूट और महंगाई भत्ते में वृद्धि से राज्य में आर्थिक और औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी।