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ट्रंप ने पुतिन से यूक्रेनी सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का अनुरोध किया, शांति वार्ता को बताया सकारात्मक कदम

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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से एक अप्रत्याशित और भावनात्मक अपील की, जिसमें उन्होंने यूक्रेन में घिरे हजारों सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया। यह बयान ऐसे समय पर आया है जब उनके विशेष दूत ने मॉस्को में पुतिन के साथ संभावित युद्धविराम को लेकर गहन वार्ता की। इस कूटनीतिक पहल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है, क्योंकि यह संकेत देता है कि अमेरिका और रूस के बीच पर्दे के पीछे बड़े समझौते की तैयारी हो सकती है।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, “हमारी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ चर्चा बेहद उपयोगी रही। इस भयावह और रक्तरंजित युद्ध को समाप्त करने की एक वास्तविक संभावना नजर आ रही है।” उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने विशेष रूप से पुतिन से अनुरोध किया कि यूक्रेनी सैनिकों के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई न की जाए और मानवीय आधार पर उन्हें सुरक्षित निकलने का अवसर दिया जाए। “यह एक भीषण नरसंहार बन सकता है, जैसा कि हमने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद नहीं देखा। भगवान उन सभी की रक्षा करें!” ट्रंप के इस बयान ने पश्चिमी जगत में गंभीर चर्चाओं को जन्म दिया है, क्योंकि यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने रूस के साथ शांति वार्ता को बढ़ावा देने की कोशिश की हो।

हालांकि, कीव ने तुरंत इस दावे का खंडन किया कि उसके सैनिक पूरी तरह से घिरे हुए हैं। यूक्रेनी अधिकारियों ने इसे “वास्तविकता से परे” बताया, जिससे यह स्पष्ट संकेत मिला कि युद्ध के मैदान पर परिस्थितियां कितनी जटिल बनी हुई हैं।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लिविट ने इस मुद्दे पर सफाई देते हुए कहा कि ट्रंप और पुतिन के बीच कोई सीधी बातचीत नहीं हुई, बल्कि उनके विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने गुरुवार देर रात रूसी राष्ट्रपति से मुलाकात की थी। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ट्रंप और पुतिन की चर्चा संभावित है और किसी भी समय वार्ता का नया दौर शुरू हो सकता है।

रूसी प्रशासन की ओर से भी उत्साहजनक प्रतिक्रिया आई। क्रेमलिन के प्रवक्ता ने पुष्टि की कि पुतिन ने अमेरिका को युद्धविराम के लिए “अतिरिक्त सकारात्मक संकेत” भेजे हैं और वार्ता को लेकर “संयमित आशावाद” रखा गया है। सूत्रों का कहना है कि मॉस्को और वाशिंगटन के बीच पर्दे के पीछे एक व्यापक समझौते पर बातचीत हो रही है, जिसमें न केवल युद्धविराम बल्कि संभावित भू-राजनीतिक बदलावों पर भी विचार किया जा सकता है।

विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम अंतरराष्ट्रीय राजनीति के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ हो सकता है। अगर ट्रंप की मध्यस्थता से रूस और यूक्रेन के बीच कोई समझौता होता है, तो यह उनके लिए एक बड़ी कूटनीतिक जीत मानी जाएगी, खासकर 2024 के चुनावों के बाद उनकी छवि को देखते हुए। वहीं, यूरोपीय संघ और नाटो के सदस्य इस वार्ता को संदेह की नजर से देख रहे हैं, क्योंकि यह उनके व्यापक रणनीतिक उद्देश्यों पर प्रभाव डाल सकता है।

अभी तक ट्रंप और पुतिन की सीधी बातचीत को लेकर कोई निश्चित तारीख तय नहीं हुई है, लेकिन संकेत साफ हैं कि दोनों पक्ष जल्द ही एक और महत्वपूर्ण कदम उठाने वाले हैं। क्या यह पहल वास्तव में युद्ध को समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ेगी, या यह सिर्फ एक और राजनैतिक पैंतरा साबित होगी? दुनिया की निगाहें इस ऐतिहासिक घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।

देखें – ऋषभ पंत की बहन की शादी में धोनी-रैना की धमाकेदार डांस परफॉर्मेंस

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देहरादून: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और चेन्नई सुपर किंग्स के दिग्गज विकेटकीपर-बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी संन्यास के बाद भी सुर्खियों में बने रहते हैं। इस बार वह ऋषभ पंत की बहन की शादी में अपने जबरदस्त डांस मूव्स की वजह से चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में धोनी को ऋषभ पंत और सुरेश रैना के साथ डांस करते देखा गया।

ऋषभ पंत की बहन साक्षी पंत की शादी की रस्में मसूरी में हो रही हैं। धोनी अपने परिवार के साथ 11 मार्च को देहरादून पहुंचे और शादी की रस्मों में शामिल हुए। वहीं, ऋषभ पंत भारतीय टीम के साथ चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीतने के बाद सोमवार सुबह शादी समारोह में पहुंचे। इंटरनेट पर वायरल हो रहे एक वीडियो में धोनी को अपने पूर्व साथी सुरेश रैना और ऋषभ पंत के साथ संगीत समारोह में थिरकते देखा जा सकता है।

आईपीएल 2025 में फिर दिखेगी धोनी-पंत की जंग

धोनी और पंत दोनों ही आईपीएल 2025 में एक बार फिर एक्शन में नजर आएंगे। इस सीजन की शुरुआत 22 मार्च से होने जा रही है। धोनी एक बार फिर चेन्नई सुपर किंग्स की जर्सी पहनकर मैदान पर उतरेंगे। शादी समारोह से पहले वह टीम के कैंप में भी शामिल हुए थे। यह धोनी का 18वां आईपीएल सीजन होगा।

दूसरी ओर, ऋषभ पंत आगामी आईपीएल सीजन में लखनऊ सुपर जायंट्स की ओर से खेलेंगे। इस फ्रेंचाइज़ी ने उन्हें ₹27 करोड़ की भारी कीमत में खरीदा है। आईपीएल 2025 में धोनी और पंत आमने-सामने नजर आएंगे, जिससे फैंस को रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे।

दक्षिण गुजरात में बड़ी बिजली बाधा से सूरत के हीरा और कपड़ा उद्योग प्रभावित

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सूरत: दक्षिण गुजरात के अधिकांश क्षेत्रों, विशेष रूप से सूरत शहर, में बिजली कटौती के कारण कई फैक्ट्रियों को बंद करना पड़ा है। इस समस्या का मुख्य कारण ग्रिड ब्रेकडाउन बताया जा रहा है।

डीजीवीसीएल के एमडी योगेश चौधरी के अनुसार, 400 केवी की हाई वोल्टेज सोर्स लाइन ट्रिप हो गई है। राज्य लोड डिस्पैच सेंटर (जम्बुआ) पर बहाली का कार्य जारी है। तापी, भरूच, राजपीपला, सूरत और नवसारी क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।

गेटको और एलएमयू की रिपोर्ट के मुताबिक, उकाई थर्मल पावर स्टेशन की 4 इकाइयां ट्रिप हो गईं, जिससे बिजली उत्पादन में 500 मेगावाट की गिरावट आई। इसके कारण डीजीवीसीएल के तहत कई सब-स्टेशनों पर शून्य बिजली आपूर्ति की सूचना मिली।

सूरत टॉरेंट पावर के एजीएम यू.एस. कनानी ने बताया कि कंपनी चरणबद्ध तरीके से बिजली आपूर्ति बहाल कर रही है, जिसमें प्राथमिकता आवश्यक सेवाओं को दी जा रही है। 220 केवी ग्रिड में खराबी के कारण पूरी तरह से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी।

इस बिजली संकट के कारण व्यापारियों और आम नागरिकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। अचानक आई इस समस्या के लिए कोई तैयार नहीं था, जिससे कई लोगों को भारी नुकसान हुआ।

इसका सबसे बड़ा असर सूरत के हीरा और कपड़ा उद्योग पर पड़ा है। लगातार 24 घंटे संचालित होने वाली टेक्सटाइल उद्योग की मशीनों के अचानक बंद होने से उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया। इससे व्यापारियों में चिंता की लहर दौड़ गई है। उन्हें डर है कि मशीनों में उपयोग होने वाले लाखों रुपये के केबल हेड्स खराब हो सकते हैं। इन मशीनों में इस्तेमाल होने वाले अधिकतर हेड्स एक इजरायली कंपनी से आते हैं, जिन्हें प्राप्त करना बेहद मुश्किल हो सकता है।

दिल्ली पुलिस ने 24 बांग्लादेशी नागरिकों को अवैध रूप से रहने के आरोप में गिरफ्तार किया

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नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने बुधवार को साउथ ईस्ट और साउथ दिल्ली में अभियान चलाकर 24 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, ये सभी लोग अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर रह रहे थे। इस अभियान के दौरान कई दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। दक्षिण जिले में 13 बांग्लादेशी नागरिकों को अवैध रूप से रहने के आरोप में गिरफ्तार किया गया, जबकि दक्षिण-पूर्व जिले में 11 लोगों को हिरासत में लिया गया।

इसके अलावा, पुलिस वर्तमान में इन इलाकों में 10 से अधिक लोगों के दस्तावेजों की जांच कर रही है। इससे पहले, मंगलवार को दिल्ली पुलिस ने अलग-अलग इलाकों से 5 बांग्लादेशी नागरिकों को भी गिरफ्तार किया था। इनमें से दो सदर बाजार क्षेत्र से और तीन अन्य बाहरी जिले से पकड़े गए थे।

दिल्ली पुलिस के अनुसार, ये सभी बांग्लादेशी नागरिक बिना वैध दस्तावेजों के भारत में रह रहे थे और उन्होंने फर्जी दस्तावेज भी तैयार कर लिए थे। इस संबंध में जांच जारी है।

इससे पहले, 8 मार्च को दिल्ली पुलिस ने वसंत कुंज स्थित जय हिंदी कैंप में अवैध प्रवासियों के खिलाफ सत्यापन अभियान चलाया था।

दिल्ली पुलिस के सब-इंस्पेक्टर रवि मलिक ने एएनआई को बताया कि सत्यापन प्रक्रिया के दौरान लोगों से उनकी पहचान संबंधी दस्तावेज मांगे जाते हैं और सभी विवरणों की पुष्टि की जाती है। यदि किसी पर संदेह होता है, तो उनके पहचान दस्तावेजों को संबंधित जिले में सत्यापन के लिए भेजा जाता है।

इस साल जनवरी में, दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने पुलिस को विशेष अभियान चलाकर राष्ट्रीय राजधानी में रह रहे अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान करने और उन्हें निष्कासित करने के निर्देश दिए थे। दिल्ली पुलिस के शीर्ष अधिकारियों की बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि अवैध प्रवासियों की पहचान और निर्वासन को तेज किया जाएगा।

इसके अलावा, उपराज्यपाल ने दिल्ली पुलिस को प्रिंट और सोशल मीडिया के माध्यम से जन जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया था, ताकि लोगों को अपने कर्मचारियों, घरेलू सहायकों और मजदूरों (विशेषकर निर्माण क्षेत्र के श्रमिकों) के सत्यापन के महत्व के बारे में जानकारी दी जा सके।

पीएम मोदी की मॉरीशस यात्रा: ग्लोबल साउथ के लिए MAHASAGAR विज़न के साथ ऐतिहासिक संबंध मजबूत

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो दिवसीय राजकीय यात्रा मॉरीशस के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई। 11 मार्च 2025 को शुरू हुई इस यात्रा में पीएम मोदी को मॉरीशस के 57वें राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। इस दौरान भारतीय रक्षा बलों, भारतीय नौसेना के युद्धपोत और भारतीय वायु सेना की ‘आकाश गंगा’ स्काईडाइविंग टीम ने भी भव्य आयोजन में भाग लिया।

पीएम मोदी ने अपने मॉरीशस समकक्ष नवीनचंद्र रामगुलाम के साथ कई द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने “महासागर” (MAHASAGAR – Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth Across Regions) नामक एक नई समुद्री सहयोग नीति की घोषणा की, जो ग्लोबल साउथ में समुद्री सुरक्षा और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। यह घोषणा भारत की 2015 की ‘सागर’ (SAGAR) नीति को और आगे ले जाने का संकेत देती है, जो हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा और विकास सुनिश्चित करने की भारत की रणनीति थी।

मुख्य समझौते और घोषणाएँ:
✔ भारतीय रिज़र्व बैंक और बैंक ऑफ मॉरीशस के बीच व्यापार में स्थानीय मुद्राओं (INR और MUR) के उपयोग को बढ़ावा देने का समझौता।
✔ मॉरीशस सरकार और भारतीय स्टेट बैंक के बीच क्रेडिट सुविधा समझौता।
✔ लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्यमों (MSME) में सहयोग को लेकर भारत और मॉरीशस के बीच समझौता ज्ञापन।
✔ समुद्री सुरक्षा में सहयोग के लिए भारतीय नौसेना और मॉरीशस सरकार के बीच तकनीकी समझौता।
✔ प्रवासी भारतीयों के लिए ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड की घोषणा।

प्रधानमंत्री मोदी को मॉरीशस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार एंड की ऑफ द इंडियन ओशन’ से सम्मानित किया गया। उन्होंने भारतीय प्रवासी समुदाय के साथ भी मुलाकात की और कई भारत-समर्थित विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया।

इस यात्रा ने भारत और मॉरीशस के ऐतिहासिक और रणनीतिक संबंधों को और मजबूत किया है और भविष्य में व्यापार, सुरक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के नए रास्ते खोले हैं।

नो स्मोकिंग डे 2025: कैसे धूम्रपान आपके पूरे शरीर को नुकसान पहुंचाता है

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धूम्रपान आपके शरीर पर एक सीधा हमला है। इस विश्व नो स्मोकिंग डे पर, धूम्रपान छोड़ने के लिए और अधिक कारण जानिए।

नो स्मोकिंग डे क्या है?

प्रत्येक वर्ष मार्च के दूसरे बुधवार को मनाया जाने वाला नो स्मोकिंग डे एक वार्षिक कार्यक्रम है, जो धूम्रपान के खतरों के बारे में जागरूकता बढ़ाने और लोगों को इसे छोड़ने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए समर्पित है। 1984 में यूनाइटेड किंगडम में शुरू हुआ यह दिन आज पूरी दुनिया में मनाया जाता है।

धूम्रपान कैसे आपके शरीर को प्रभावित करता है?

1. फेफड़े (Lungs)

धूम्रपान के सबसे घातक प्रभाव फेफड़ों पर पड़ते हैं। सिगरेट के धुएं में 7,000 से अधिक रसायन होते हैं, जिनमें आर्सेनिक और फॉर्मल्डिहाइड जैसे जहरीले तत्व शामिल हैं। ये फेफड़ों में टार जमा करते हैं, जिससे सांस लेना मुश्किल हो जाता है और क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD), फेफड़ों का कैंसर और एम्फायसेमा जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।

2. दिल (Heart)

धूम्रपान का प्रभाव सिर्फ फेफड़ों तक सीमित नहीं है। निकोटीन हृदय की धड़कन और रक्तचाप को बढ़ाकर रक्त वाहिकाओं को संकुचित कर देता है। इससे दिल का दौरा, स्ट्रोक और हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

3. मस्तिष्क (Brain)

धूम्रपान से मस्तिष्क पर भी गहरा असर पड़ता है। यह स्ट्रोक, ब्रेन एन्यूरिज्म और अल्जाइमर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ा सकता है।

4. त्वचा और बुढ़ापा (Skin & Ageing)

धूम्रपान से त्वचा का ऑक्सीजन प्रवाह कम हो जाता है, जिससे चेहरे पर झुर्रियां, ढीलापन और त्वचा का रंग फीका पड़ जाता है।

5. प्रजनन क्षमता (Reproductive Health)

  • पुरुषों में: धूम्रपान से स्पर्म काउंट कम होता है और इरेक्टाइल डिसफंक्शन हो सकता है।
  • महिलाओं में: यह हार्मोनल असंतुलन, गर्भधारण में कठिनाई, मिसकैरेज और प्रेग्नेंसी कॉम्प्लिकेशन को बढ़ाता है।

6. हड्डियां और मांसपेशियां (Bones & Muscles)

निकोटीन कैल्शियम के अवशोषण में बाधा डालता है, जिससे हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है।

7. पाचन तंत्र (Digestive System)

धूम्रपान एसिड रिफ्लक्स, अल्सर और लिवर व पेट के कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है।

8. दांत और मुंह (Teeth & Oral Health)

धूम्रपान से दांत पीले, सांसों से बदबू, मसूड़ों की बीमारी और मुँह के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।

धूम्रपान छोड़ने के फायदे

  • 24 घंटे में: दिल का दौरा पड़ने का खतरा कम हो जाता है।
  • 1 साल में: फेफड़ों की कार्यक्षमता बेहतर हो जाती है।
  • 5 साल में: स्ट्रोक का खतरा नॉन-स्मोकर जितना हो जाता है।

अब वक्त आ गया है छोड़ने का!

धूम्रपान छोड़ना कठिन हो सकता है, लेकिन यह संभव है। इस नो स्मोकिंग डे, अपने शरीर को स्वस्थ रखने का संकल्प लें।

भारत के रंग: देशभर में होली के 10 अनोखे उत्सव

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होली भारत का एक प्रमुख और रंगों से भरा त्योहार है, जो न केवल वसंत ऋतु के आगमन को चिह्नित करता है बल्कि बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक भी है। देश के अलग-अलग हिस्सों में यह त्योहार अपने अनोखे रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाता है। कहीं रंगों की बौछार होती है, तो कहीं फूलों की होली खेली जाती है। कुछ जगहों पर परंपरागत नृत्य और संगीत के साथ इसे धूमधाम से मनाया जाता है।

आइए जानते हैं कि भारत के विभिन्न राज्यों में होली को कैसे मनाया जाता है:

1. उत्तर प्रदेश – राधा-कृष्ण की भूमि की होली

उत्तर प्रदेश में होली का विशेष महत्व है, विशेषकर मथुरा और वृंदावन में। यहां लठमार होली सबसे प्रसिद्ध है।

  • लठमार होली (बरसाना और नंदगांव): इस अनोखी परंपरा में महिलाएं पुरुषों को लाठियों से मारती हैं, जबकि पुरुष खुद को ढाल से बचाने का प्रयास करते हैं।
  • ब्रजनंदी होली (मथुरा और वृंदावन): हजारों श्रद्धालु रंगों में सराबोर होकर कृष्ण भक्ति में डूब जाते हैं और भजनों व नृत्य के साथ उत्सव मनाते हैं।

2. राजस्थान – राजसी होली का अनोखा अंदाज

राजस्थान में होली को भव्य तरीके से मनाया जाता है, जहां हर क्षेत्र की अपनी अलग परंपरा है।

  • डोलची मार होली (बीकानेर): ऊंट की खाल से बने विशेष पात्र (डोलची) में पानी भरकर एक-दूसरे पर फेंका जाता है।
  • फूलों की होली (जयपुर): मंदिरों में भक्तगण गुलाब, गेंदे और अन्य फूलों की वर्षा करते हैं।
  • गनपाउडर होली (मेणार और मेड़ता): इस परंपरा में बारूद और तोपों से रंग उड़ाए जाते हैं, जो वीरता का प्रतीक मानी जाती है।

3. बिहार – पुरानी मान्यताओं से जुड़ी होली

बिहार में होली में भक्ति और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।

  • बिहारी होली (भिरहा गांव): यहां होली का उत्सव ब्रज क्षेत्र की तरह ही मनाया जाता है।
  • होलिका दहन (पूर्णिया): यहां लोग होली राख से खेलते हैं और यह प्रथा प्रह्लाद-हिरण्यकश्यप की पौराणिक कथा से जुड़ी हुई है।

4. झारखंड – प्रकृति के रंगों की होली

झारखंड में प्राकृतिक रंगों के साथ पर्यावरण-संरक्षण पर जोर दिया जाता है।

  • रांची की होली: यहां रंगभरी एकादशी से होली का आरंभ होता है, जहां भक्त मंदिरों में भगवान के साथ होली खेलते हैं।
  • हर्बल रंगों की होली (पलामू): यहां लोग फूलों, पालक और चुकंदर से बने प्राकृतिक रंगों से होली खेलते हैं।

5. महाराष्ट्र – जनजातीय परंपराओं और सामाजिक सेवा से जुड़ी होली

महाराष्ट्र में होली विभिन्न परंपराओं और सामाजिक सेवाओं से जुड़ी होती है।

  • मेलघाट होली (अमरावती): जनजातीय समुदायों के लिए यह त्योहार दीपावली से भी बड़ा पर्व माना जाता है।
  • कोल्हापुर होली: लोग गोबर के उपले इकट्ठा कर श्मशान भूमि में दान करते हैं, जिससे अंतिम संस्कार के लिए सहायता मिलती है।

6. हरियाणा – खेल, मस्ती और आध्यात्मिकता से भरी होली

हरियाणा में होली उत्साह और प्रतियोगिताओं से भरी होती है।

  • कोड़ा मार होली: इस परंपरा में भाभियां अपने देवरों को रंगने की कोशिश करती हैं और देवर खुद को बचाने का प्रयास करते हैं।
  • दाट होली (पानीपत): इस उत्सव में पुरुष दो दलों में बंटकर एक-दूसरे को धकेलने की कोशिश करते हैं, जबकि महिलाएं उन पर रंग बरसाती हैं।

7. उत्तराखंड – संगीत और नृत्य की होली

उत्तराखंड में होली संगीत और शास्त्रीय रागों से जुड़ी होती है।

  • खड़ी होली: लोग पारंपरिक वेशभूषा में ढोल-नगाड़ों के साथ होली के गीत गाते हुए नृत्य करते हैं।
  • बैठकी होली: शास्त्रीय रागों पर आधारित भजन मंदिरों और सामुदायिक केंद्रों में गाए जाते हैं।

8. मध्य प्रदेश – रंग पंचमी और गैर नृत्य

मध्य प्रदेश में होली रंग पंचमी के दौरान विशेष रूप से मनाई जाती है।

  • इंदौर की गैर: हजारों लोग ढोल-नगाड़ों की धुन पर नाचते हुए सड़कों पर रंग उड़ाते हैं।
  • मालवा क्षेत्र की रंग पंचमी: इस दौरान टैंकरों से रंगों की वर्षा की जाती है और पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किए जाते हैं।

9. दिल्ली – संस्कृतियों का संगम

दिल्ली में होली विभिन्न राज्यों की संस्कृति को समेटे हुए होती है।

  • पुरानी दिल्ली की होली: यहां होली को ऐतिहासिक अंदाज में मनाया जाता है, जहां मुगल काल की तरह आम लोग और शाही परिवार साथ मिलकर होली खेलते थे।
  • होली के पारंपरिक व्यंजन: दिल्ली में इस अवसर पर विभिन्न राज्यों के स्वादिष्ट पकवान जैसे मालपुआ (बिहार), गुजिया (उत्तराखंड) आदि बनाए जाते हैं।

10. छत्तीसगढ़ – अनोखी परंपराओं वाली होली

छत्तीसगढ़ में होली की परंपराएं बाकी राज्यों से थोड़ी अलग हैं।

  • समरा और अमरपुर की होली: यहां होली पांच दिन पहले ही मना ली जाती है, जिससे माना जाता है कि गांव में समृद्धि आती है।
  • जांजगीर-चांपा की होली: यहां भगवान शिव की शोभायात्रा निकाली जाती है और डंडा नृत्य किया जाता है।

पाकिस्तान ट्रेन हमला: 33 आतंकवादी, 21 यात्री और 4 सैनिक मारे गए

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क्वेटा: पाकिस्तान की सेना ने बुधवार को बताया कि बलूचिस्तान में आतंकियों द्वारा अगवा की गई ट्रेन में बंधक बनाए गए 21 यात्रियों और 4 सैनिकों की हत्या कर दी गई। सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ ने पुष्टि की कि सुरक्षा बलों ने 33 आतंकियों को मार गिराया और सभी बंधकों को छुड़ा लिया

कैसे हुआ हमला?

  • मंगलवार को आतंकवादियों ने क्वेटा से पेशावर जा रही जेफ़र एक्सप्रेस ट्रेन को निशाना बनाया।
  • ट्रेन आंशिक रूप से एक सुरंग में थी जब आतंकियों ने ट्रैक को विस्फोट से उड़ा दिया, जिससे इंजन और 9 कोच रुक गए।
  • हमले में ट्रेन चालक गंभीर रूप से घायल हो गया और ट्रेन में मौजूद सुरक्षा गार्डों पर भी हमला किया गया।
  • आतंकियों ने यात्रियों को बंधक बना लिया और धमकी दी कि यदि उनकी मांगे नहीं मानी गईं, तो वे सभी को मार देंगे।

सैन्य अभियान और आतंकवादियों का सफाया

  • सेना ने बुधवार शाम तक सभी 33 आतंकवादियों को मार गिराया और बंधकों को सुरक्षित बाहर निकाला
  • पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को हेलीकॉप्टरों से सहायता मिल रही थी और वे स्थिति को नियंत्रित करने में सतर्कता बरत रहे थे।
  • बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली और सरकार से बंदियों की अदला-बदली पर बातचीत करने की पेशकश की, लेकिन अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

BLA और बलूचिस्तान में अशांति

  • बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को निशाना बनाती रही है और पहले भी नागरिकों पर हमले कर चुकी है, खासकर चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) में शामिल चीनी नागरिकों पर।
  • बलूचिस्तान, जो तेल और खनिज संपदाओं से समृद्ध है, पाकिस्तान का सबसे बड़ा लेकिन सबसे कम जनसंख्या वाला प्रांत है।
  • यहां के बलूच अलगाववादी अधिक स्वायत्तता और संसाधनों में बड़ा हिस्सा मांगते रहे हैं।

पाकिस्तान में ट्रेन पर पहला बड़ा आतंकी हमला

यह पहली बार है जब पाकिस्तान में आतंकियों ने ट्रेन पर इस तरह का हमला किया है

  • पिछले साल नवंबर में, बलूच अलगाववादियों ने क्वेटा के एक रेलवे स्टेशन पर आत्मघाती हमला किया था, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी
  • पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार, BLA के पास लगभग 3,000 लड़ाके हैं, जो देश में अस्थिरता फैलाने के लिए हमले करते रहते हैं।

धनश्री वर्मा ने युजवेंद्र चहल के साथ इंस्टाग्राम तस्वीरें बहाल कीं, डेटिंग अफवाहों के बीच उठे सवाल

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हैदराबाद: कोरियोग्राफर धनश्री वर्मा ने क्रिकेटर युजवेंद्र चहल के साथ अपनी इंस्टाग्राम तस्वीरें फिर से बहाल कर दी हैं। यह कदम तब उठाया गया जब उनकी तलाक की अफवाहें और चहल के आरजे महवश के साथ कथित संबंध की खबरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं।

क्या हुआ था?

  • पहले धनश्री ने चहल के साथ अपनी सभी तस्वीरें इंस्टाग्राम से हटा दी थीं, जिससे तलाक की अटकलें तेज हो गईं।
  • हाल ही में, उन्होंने अपनी शादी, ब्रांड प्रमोशन और निजी पलों की सभी तस्वीरें फिर से अपलोड कर दीं
  • यह कदम तब आया जब चहल को दुबई में चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल के दौरान आरजे महवश के साथ देखा गया

क्रिप्टिक पोस्ट ने बढ़ाई चर्चा

सोमवार को, धनश्री ने इंस्टाग्राम पर एक रहस्यमयी पोस्ट साझा की, जिसमें लिखा था—
“औरतों को दोष देना हमेशा ट्रेंड में रहता है।”
इस पोस्ट के बाद उनके रिश्ते को लेकर और भी अटकलें लगाई जाने लगीं।

तलाक और एलिमनी की अफवाहें

  • 2024 में रिपोर्ट आई थी कि धनश्री और चहल ने तलाक की अर्जी दी थी, और
  • धनश्री ने ₹60 करोड़ एलिमनी की मांग की थी, हालांकि
  • धनश्री के परिवार ने इन दावों को गलत बताया और ऐसी किसी भी मांग से इनकार किया।

इंटरनेट पर प्रतिक्रियाएं

अब फैन्स और सोशल मीडिया यूजर्स चर्चा कर रहे हैं कि क्या दोनों के बीच सुलह हो गई है या यह सिर्फ अफवाहों पर नियंत्रण पाने की कोशिश है

पाकिस्तान: बलूचिस्तान में आतंकियों ने ट्रेन को बनाया बंधक, 450 यात्री फंसे

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क्वेटा: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में मंगलवार को सशस्त्र आतंकवादियों ने एक यात्री ट्रेन को बंधक बना लिया। इस ट्रेन में 450 से अधिक यात्री सवार थे, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।

कैसे हुआ हमला?

हमला बलूचिस्तान के सिबी जिले में हुआ, जब जाफर एक्सप्रेस क्वेटा से पेशावर की ओर जा रही थी। आतंकियों ने पहले रेलवे ट्रैक को बम से उड़ाया और फिर ट्रेन पर हमला कर दिया। ट्रेन के चालक को गोली मारकर घायल कर दिया गया और सभी यात्रियों को बंधक बना लिया गया।

BLA ने ली हमले की जिम्मेदारी

हमले की जिम्मेदारी बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने ली है। अलगाववादी संगठन BLA का कहना है कि वह बलूचिस्तान की स्वतंत्रता के लिए लड़ रहा है और बाहरी शक्तियों पर क्षेत्र के संसाधनों के शोषण का आरोप लगाता है। संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर यात्रियों को छुड़ाने की कोशिश की गई, तो गंभीर परिणाम होंगे

पाकिस्तान में बढ़ता आतंकवाद

  • बलूचिस्तान में पिछले कुछ वर्षों से उग्रवाद तेजी से बढ़ रहा है
  • 2024 में 1,600 से अधिक लोग आतंकी हमलों में मारे गए, जो एक दशक में सबसे खतरनाक वर्ष रहा।
  • फरवरी 2025 में BLA ने 7 पंजाबी यात्रियों की हत्या कर दी थी
  • नवंबर 2024 में क्वेटा रेलवे स्टेशन पर हुए हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी, जिसमें 14 सैनिक शामिल थे।

अब क्या होगा?

सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर दी है, लेकिन पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण आतंकवादियों को ढूंढना मुश्किल हो रहा है। सरकार ने सिबी जिले के अस्पतालों में आपातकाल घोषित कर दिया है। अब यह देखना होगा कि पाकिस्तानी सुरक्षाबल इस संकट को कैसे हल करते हैं

झारखंड का कुख्यात गैंगस्टर अमन साहू पुलिस मुठभेड़ में ढेर, एनकाउंटर पर उठे राजनीतिक सवाल

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झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर अमन साहू को पुलिस ने मंगलवार, 11 मार्च को पलामू जिले में एनकाउंटर में मार गिराया। घटना उस समय हुई जब उसे रायपुर से रांची ले जाया जा रहा था। पुलिस की गाड़ी चैनपुर इलाके में पलट गई, जिसका फायदा उठाकर अमन साहू ने पुलिस का हथियार छीन लिया और भागने की कोशिश की। पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में अमन को कई गोलियां लगीं और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस मुठभेड़ में एक पुलिस जवान भी घायल हुआ है।

अमन साहू का आपराधिक इतिहास

अमन साहू झारखंड में सबसे कुख्यात गैंगस्टर में से एक था। उस पर रंगदारी, हत्या और जबरन वसूली के 100 से अधिक मामले दर्ज थे। पहले वह नक्सली संगठन का सदस्य था, लेकिन 2013 में उसने अपना गैंग बना लिया। हाल ही में उसका नाम एनटीपीसी के डीजीएम कुमार गौरव की हत्या में भी सामने आया था। इसके अलावा, वह गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का करीबी सहयोगी भी माना जाता था।

पुलिस की कार्रवाई

झारखंड पुलिस ने पिछले कुछ वर्षों में अमन साहू के गिरोह के खिलाफ कई ऑपरेशन चलाए। उसके कई साथियों को गिरफ्तार किया गया, लेकिन उसका गिरोह अब भी सक्रिय था और अवैध उगाही, हत्या और अन्य आपराधिक गतिविधियों में लिप्त था।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

अमन साहू के एनकाउंटर के बाद झारखंड में राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है।

  • बीजेपी ने इस एनकाउंटर को ‘सुनियोजित हत्या’ करार दिया और आरोप लगाया कि यह सरकार की राजनीतिक चाल थी। पार्टी ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए और कहा कि अपराधियों के एनकाउंटर से अपराध खत्म नहीं होंगे
  • झारखंड सरकार ने पुलिस का समर्थन करते हुए कहा कि अमन साहू एक खतरनाक अपराधी था, जो जेल से भी अपनी गैंग चला रहा था। सरकार ने कहा कि राज्य में शांति स्थापित करने के लिए यह कार्रवाई जरूरी थी

निष्कर्ष

अमन साहू की मौत से झारखंड में अपराध की दुनिया में हलचल मच गई है। पुलिस ने इसे सफल ऑपरेशन बताया है, लेकिन राजनीतिक दलों ने इसे लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि झारखंड पुलिस इस कार्रवाई के बाद अपराध पर कितना नियंत्रण रख पाती है

संसद बजट सत्र | राष्ट्रीय शिक्षा नीति में किसी भाषा को थोपने का कोई प्रावधान नहीं: धर्मेंद्र प्रधान

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नई दिल्ली: संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे फिर से शुरू हुई। हालाँकि, राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई, क्योंकि विपक्षी सांसदों ने परिसीमन और अन्य मुद्दों पर हंगामा किया।

लोकसभा में राष्ट्रपति शासन की मंजूरी पर एक घंटे की चर्चा के अलावा, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा मणिपुर का बजट पेश किया गया। इसी दौरान, गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में ‘आप्रवासन और विदेशी विधेयक, 2025’ पेश किया, जिसका उद्देश्य भारत के आप्रवासन कानूनों को आधुनिक बनाना और मजबूत करना है।

सोमवार शाम को कांग्रेस पार्टी ने अपने सांसदों की बैठक बुलाई, जिसमें मतदाता सूची में “छेड़छाड़” के मुद्दे पर चर्चा करने की योजना बनाई गई। इसके अलावा, पार्टी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 पर कड़ा विरोध दर्ज कराने का फैसला किया।

सोमवार को राज्यसभा में विपक्षी सांसदों ने परिसीमन और नई शिक्षा नीति के मुद्दों को लेकर सदन से वॉकआउट कर दिया। लोकसभा में भी, जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने डीएमके पर “राजनीति करने” और “तमिलनाडु के छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़” करने का आरोप लगाया, तो सांसदों ने हंगामा किया।

7:53 PM, 11 मार्च 2025 (IST) | संसद लाइव अपडेट्स

लोकसभा में बोलते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जीएसटी पर केंद्र सरकार के फैसलों को “सर्वसम्मति से लिया गया” बताया। उन्होंने कहा, “हम जम्मू-कश्मीर को हरसंभव सहयोग देंगे। मंदिरों से जुड़े मामलों में जीएसटी और आयकर छूट दी गई है।”

सीतारमण ने तमिलनाडु में सड़क, नागरिक उड्डयन और सिंचाई जैसे विभिन्न क्षेत्रों में केंद्र सरकार द्वारा किए गए कार्यों की सूची प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि “जन धन योजना के तहत 54 करोड़ खाते खोले गए हैं, पीएम आवास योजना के तहत 4 करोड़ घर बनाए गए हैं और सौभाग्य योजना के तहत 21 करोड़ ग्रामीण घरों में बिजली पहुंचाई गई है।”

उन्होंने पश्चिम बंगाल पर आयुष्मान भारत योजना लागू न करने का आरोप लगाया और कहा कि “जल जीवन मिशन की प्रगति वहां बेहद धीमी है।”

इसके बाद, सीतारमण ने कांग्रेस पर मणिपुर की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि जब 1993 में वहां 750 लोगों की मौत हुई थी, तो तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव और गृह मंत्री शंकरराव चव्हाण ने इस पर कोई चर्चा नहीं की। उन्होंने पूछा, “क्या कांग्रेस सरकार के प्रधानमंत्री ने उस समय मणिपुर का दौरा किया था?”

उन्होंने 1989 में तमिलनाडु की तत्कालीन मुख्यमंत्री जयललिता के साथ विधानसभा में हुई घटना का भी उल्लेख किया और डीएमके पर निशाना साधते हुए कहा कि “जो पार्टी तमिल भाषा को ‘बर्बर’ बताने वाले व्यक्ति की पूजा करती है, उसने धर्मेंद्र प्रधान से माफी मांगने को कहा।”

लोकसभा ने 2024-25 के लिए पूरक अनुदान की मांगों को मंजूरी दी और 2025-26 के लिए मणिपुर का बजट पारित किया। साथ ही मणिपुर विनियोग (अनुदान लेखा) विधेयक, 2025 को भी मंजूरी दी गई।

इसके बाद, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन को 12 मार्च सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।

भारत ने कहा ‘कोई प्रतिबद्धता नहीं’ टैरिफ कटौती पर, ट्रंप के दावे के बाद बढ़ा तनाव

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नई दिल्ली: भारत ने स्पष्ट किया है कि उसने अमेरिकी उत्पादों पर आयात शुल्क कम करने की कोई प्रतिबद्धता नहीं दी है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हाल ही में यह दावा कर चुके हैं कि नई दिल्ली “अपने टैरिफ को काफी कम करने पर सहमत हो गई है।”

अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में ही, ट्रंप ने वैश्विक व्यापार संतुलन को झकझोर दिया है, जिसमें मित्र और प्रतिद्वंद्वी दोनों ही उनके निशाने पर रहे हैं। उन्होंने बार-बार अपने व्यापारिक साझेदारों पर “अनुचित” व्यापार नीतियों का आरोप लगाया और कई देशों, जिसमें भारत भी शामिल है, पर नए टैरिफ लगाने की घोषणा की है।

पिछले हफ्ते ट्रंप ने एक बार फिर भारत के “भारी-भरकम टैरिफ” को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, “भारत में कुछ भी बेचना लगभग असंभव है, यह पूरी तरह से प्रतिबंधात्मक है।” उन्होंने आगे कहा, “अब वे अपने टैरिफ को काफी कम करना चाहते हैं क्योंकि कोई पहली बार उन्हें बेनकाब कर रहा है।”

लेकिन भारत सरकार ने एक संसदीय पैनल को बताया कि “अमेरिका के साथ इस मुद्दे पर कोई प्रतिबद्धता नहीं दी गई है।” टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने अमेरिका से इस मसले पर सितंबर तक का समय मांगा है।

वाणिज्य सचिव सुनील बार्थवाल ने कहा कि भारत और अमेरिका एक “आपसी लाभकारी द्विपक्षीय व्यापार समझौते” की दिशा में काम कर रहे हैं, जो दीर्घकालिक व्यापार सहयोग पर केंद्रित होगा, न कि केवल तत्काल शुल्क समायोजन पर।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जो पिछले महीने व्हाइट हाउस दौरे पर गए थे, का कहना है कि “दुनिया की सबसे बड़ी और पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बहुत जल्द एक आपसी लाभकारी व्यापार समझौते को अंतिम रूप देंगी।”

हालांकि, अमेरिका भारत के आईटी और सेवा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है, वहीं वाशिंगटन ने हाल के वर्षों में नई दिल्ली को अरबों डॉलर के सैन्य उपकरण बेचे हैं।

ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या भारत वास्तव में टैरिफ में कटौती करेगा, या यह सिर्फ कूटनीतिक बातचीत तक ही सीमित रहेगा? आने वाले महीनों में दोनों देशों के बीच यह “रसी रस्साकशी” और दिलचस्प होने वाली है।

पुणे के बुजुर्गों ने चुना प्यार, अकेलेपन को कहा अलविदा – 90 वरिष्ठ नागरिकों ने की पुनर्विवाह, कई ने अपनाए लिव-इन संबंध

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बुजुर्गों के लिए नया सवेरा – प्यार और संगति की ओर एक कदम

पुणे: असावरी कुलकर्णी और अनिल यार्डी की जिंदगी अकेलेपन में बीत रही थी, जब तक कि उनकी मुलाकात ‘हैप्पी सीनियर्स’ से नहीं हुई। अपने जीवनसाथियों को खो देने के बाद, वे दोनों किसी ऐसे साथी की तलाश में थे, जिससे वे अपने जीवन के बाकी साल खुशी से बिता सकें। यहीं पर उन्हें एक-दूसरे का साथ मिला।

अनिल और असावरी शुरू में पुनर्विवाह को लेकर संशय में थे, लेकिन लिव-इन संबंध उन्हें एक व्यावहारिक विकल्प लगा। “मैं नहीं जानती थी कि इस उम्र में शादी करना सही रहेगा या नहीं। कई सवाल परेशान कर रहे थे – अगर रिश्ता नहीं चला तो क्या होगा?” असावरी कहती हैं। “लेकिन अनिल से मिलने के बाद, मुझे लगा कि मैं उनके साथ अपने जीवन के अंतिम वर्ष बिता सकती हूं। हमारी अच्छी समझ बनी और दस महीनों बाद, हमने साथ रहने का फैसला किया।”

बुजुर्गों के अकेलेपन की समस्या को देखते हुए, ‘हैप्पी सीनियर्स’ संस्था ने उन्हें नई दिशा दी है, जिससे वे अपने जीवन के सुनहरे वर्षों को खुशी और संगति के साथ बिता सकें।


12 वर्षों के अनुभव के बाद शुरू हुई ‘हैप्पी सीनियर्स’

इस अनोखी पहल के पीछे हैं माधव दामले, जिन्होंने वरिष्ठ नागरिकों के साथ 12 वर्षों तक काम किया और महसूस किया कि उम्रदराज पुरुषों और महिलाओं को भावनात्मक और सामाजिक संघर्षों से अकेले ही जूझना पड़ता है।

दामले बताते हैं, “मैं पहले वाई में एक वृद्धाश्रम चला रहा था। एक दिन, एक बुजुर्ग व्यक्ति ने अपने बेटे से लड़ाई के बाद आत्महत्या करने की कोशिश की। जब मैंने उनके बच्चों से संपर्क किया, तो उन्होंने इसे हल्के में लिया। तब मुझे अहसास हुआ कि हमारे समाज में बुजुर्ग कितने असहाय हो सकते हैं। तभी मैंने ठाना कि बुजुर्गों के लिए companionship यानी संगति का कोई समाधान निकालना जरूरी है।”

पहले दामले केवल पुनर्विवाह का विकल्प लाने के इच्छुक थे, लेकिन इसमें कई सामाजिक और पारिवारिक समस्याएं सामने आईं। बच्चों द्वारा संपत्ति विवादों को लेकर विरोध किया गया और समाज ने भी इसे संदेह की दृष्टि से देखा। “समाज में पुनर्विवाह को लेकर कई प्रकार की गलतफहमियां थीं, इसलिए मैंने लिव-इन संबंधों को एक वैकल्पिक समाधान के रूप में पेश किया,” वे कहते हैं।

2012 में, दामले ने औपचारिक रूप से ‘सीनियर सिटीजन लिव-इन रिलेशनशिप बोर्ड’ की स्थापना की। शुरुआत में इसे काफी विरोध झेलना पड़ा, लेकिन दामले ने हार नहीं मानी। वे समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए बैठकें, काउंसलिंग सत्र, और सामाजिक मेल-जोल आयोजित करते रहे। “आज, हमें गर्व है कि हमने यह कदम उठाया, क्योंकि यह कई बुजुर्ग जोड़ों के जीवन में खुशियां ला चुका है,” वे कहते हैं।


सुरक्षा और स्थायित्व के लिए सख्त दिशानिर्देश

संस्था के तहत आने वाले सभी सदस्यों को कुछ नियमों का पालन करना पड़ता है।

  • पृष्ठभूमि जांच और स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य हैं।
  • वित्तीय स्थिरता को लेकर भी विचार किया जाता है।
  • अगर कोई महिला आर्थिक रूप से स्वतंत्र नहीं है, तो उसे सुरक्षा राशि जमा करनी पड़ती है ताकि भविष्य में किसी समस्या का सामना न करना पड़े।

दामले कहते हैं, “हमारी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि बुजुर्गों को कानूनी और भावनात्मक सुरक्षा मिले।”


कानूनी बंधनों से परे, भावनाओं का रिश्ता

अनिल यार्डी बताते हैं, “2013 में मेरी पत्नी के निधन के बाद, मेरा जीवन बहुत अकेला हो गया था। मेरी बेटी मुंबई में शादी करके सेटल हो गई थी। दोस्त मुझे दोबारा शादी करने की सलाह देते थे, लेकिन मैं तैयार नहीं था। तभी मुझे ‘हैप्पी सीनियर्स’ के बारे में पता चला। असावरी से मिलने के बाद, मेरा जीवन बदल गया। यह मेरे लिए सबसे अच्छी बात थी। अब हम पिछले दस वर्षों से साथ हैं।”

दामले की संस्था केवल जोड़ों को जोड़ने तक ही सीमित नहीं है। यह एक बड़े समुदाय के रूप में कार्य करती है, जहां बुजुर्गों के लिए मासिक यात्राओं, मिलन समारोहों और सामूहिक गतिविधियों का आयोजन किया जाता है।

“शुरुआत में लोग हिचकिचाते हैं, लेकिन जब वे प्यार और अपनापन महसूस करते हैं, तो उनका नजरिया बदल जाता है,” दामले बताते हैं। अब, वे परिवार जो पहले इस विचार के विरोध में थे, वे भी सकारात्मक बदलाव को देखकर इसे स्वीकारने लगे हैं।


सरकारी सहायता के बिना भी मजबूत प्रयास

‘हैप्पी सीनियर्स’ संस्था अब तक अपनी फंडिंग स्वयं ही संभाल रही है। “हमें सरकार से कोई मदद नहीं मिली, लेकिन हम रुके नहीं हैं। अगर हमें समर्थन मिले, तो हम इसे और बड़े स्तर पर बढ़ा सकते हैं। लेकिन संसाधनों की कमी के बावजूद, हम अपने प्रयास जारी रखेंगे, क्योंकि यहां हमें उम्र और बाहरी कारकों से परे, सच्चा प्रेम, देखभाल और संगति मिलती है,” दामले कहते हैं।

जहां असावरी और अनिल जैसे लोगों के लिए जीवन का नया अध्याय खुल चुका है, वहीं कई बुजुर्ग अब भी अकेलेपन से जूझ रहे हैं। ऐसे सभी लोगों के लिए ‘हैप्पी सीनियर्स’ के दरवाजे खुले हैं – ताकि कोई अकेला न रहे, और हर किसी को अपनापन और प्यार मिले।

बीसीसीआई ने टीम इंडिया की अजेय यात्रा और चैंपियंस ट्रॉफी 2025 जीत का किया स्वागत

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हैदराबाद: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने टीम इंडिया को आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 जीतने पर हार्दिक बधाई दी है। भारत ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया और अपने अजेय रिकॉर्ड के साथ क्रिकेट की दुनिया में अपनी श्रेष्ठता साबित की। इस ऐतिहासिक जीत के साथ, भारत ने खुद को एकदिवसीय और टी20 क्रिकेट दोनों में शीर्ष स्थान पर स्थापित कर लिया है।

बीसीसीआई ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, “शुरुआत से ही टीम ने अनुशासित और आक्रामक क्रिकेट का प्रदर्शन किया। कठिन चुनौतियों का सामना करते हुए उन्होंने अपने अटूट संकल्प, रणनीतिक कौशल और जीत की भूख से सफलता हासिल की। फाइनल मुकाबला, जो न्यूजीलैंड के खिलाफ था, इस यात्रा का परफेक्ट समापन रहा, जहां भारतीय टीम ने जबरदस्त धैर्य और दबाव में बेहतरीन खेल दिखाया।”

धोनी की विरासत को आगे ले गए रोहित शर्मा

बीसीसीआई ने विशेष रूप से कप्तान रोहित शर्मा की सराहना की, जिनकी नेतृत्व क्षमता और रणनीतिक सोच ने टीम को इस ऐतिहासिक सफलता तक पहुंचाया। बोर्ड ने कहा, “रोहित शर्मा की कप्तानी में यह भारत की लगातार दूसरी आईसीसी ट्रॉफी जीत है। पिछले साल टी20 विश्व कप 2024 में मिली जीत के बाद, यह ट्रॉफी उनकी नेतृत्व क्षमता को और मजबूत करती है। धोनी के बाद, रोहित ने अपनी अलग पहचान बनाई है और भारतीय क्रिकेट को सही दिशा में आगे बढ़ाया है।”

बीसीसीआई ने हेड कोच गौतम गंभीर की भूमिका को भी सराहा, जिनकी आक्रामक रणनीति और आत्मविश्वास से भरपूर दृष्टिकोण ने टीम को जीत की राह दिखाई।

बीसीसीआई के शीर्ष अधिकारियों की प्रतिक्रिया

  • बीसीसीआई अध्यक्ष रोजर बिन्नी: “यह जीत भारतीय क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक क्षण है। लगातार दूसरी आईसीसी ट्रॉफी जीतकर टीम ने असाधारण खेल दिखाया है। कप्तान रोहित शर्मा, कोच गौतम गंभीर और पूरी टीम को हार्दिक बधाई।”

  • बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया: “इस जीत ने भारतीय क्रिकेट की गहराई और मजबूती को दिखाया है। यह पूरी टीम की मेहनत, दृढ़ संकल्प और दबाव में बेहतरीन प्रदर्शन का परिणाम है।”

  • बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला: “आईसीसी ट्रॉफी जीतना हमेशा खास होता है। टीम के अनुभव और युवा जोश का शानदार संतुलन देखने को मिला, जिससे यह जीत संभव हुई।”

  • बीसीसीआई कोषाध्यक्ष प्रभतेज सिंह भाटिया: “यह जीत भारत के क्रिकेट कौशल और आत्मविश्वास का प्रमाण है। टीम इंडिया ने पूरी दुनिया को अपनी ताकत का अहसास कराया है।”

2013 के बाद एक बार फिर चैंपियंस ट्रॉफी भारत के नाम

रविवार रात दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड को हराकर तीसरी बार आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया। यह जीत 2013 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में मिली चैंपियंस ट्रॉफी के बाद भारतीय क्रिकेट के सही दिशा में आगे बढ़ने का संकेत देती है।

इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष ए. जगन मोहन राव ने भी टीम इंडिया को बधाई देते हुए कहा, “12 साल बाद एक बार फिर चैंपियंस ट्रॉफी भारत लाई गई है। यह प्रदर्शन युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक रहेगा। कप्तान रोहित शर्मा, कोच गौतम गंभीर और पूरी टीम को मेरी ओर से हार्दिक शुभकामनाएं।”