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गूगल ने 32 बिलियन डॉलर में साइबर सुरक्षा कंपनी Wiz खरीदने का किया सौदा, अब तक का सबसे बड़ा अधिग्रहण

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सैन फ्रांसिस्को: गूगल ने 32 बिलियन डॉलर में साइबर सुरक्षा कंपनी Wiz को खरीदने का सौदा किया है, जो अब तक का उसका सबसे बड़ा अधिग्रहण होगा। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब गूगल संभावित एंटीट्रस्ट जांच और इंटरनेट साम्राज्य के विभाजन के खतरे का सामना कर रहा है।

मंगलवार को घोषित इस अधिग्रहण का उद्देश्य क्लाउड कंप्यूटिंग क्षेत्र में गूगल की स्थिति को मजबूत करना है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते उपयोग के कारण डेटा केंद्रों की मांग तेजी से बढ़ रही है, जिससे गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और अमेज़न के बीच प्रतिस्पर्धा तेज हो गई है।

अगर नियामक इस नकद सौदे को मंजूरी देते हैं, तो Wiz गूगल क्लाउड का हिस्सा बन जाएगा—जो कि कंपनी के मुख्य विज्ञापन और सर्च इंजन व्यवसाय से अलग, एक तेजी से बढ़ता हुआ डिवीजन है। गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट के वार्षिक राजस्व का अधिकांश हिस्सा सर्च और विज्ञापन से आता है, लेकिन गूगल क्लाउड की आय 2022 में 26.3 बिलियन डॉलर से बढ़कर 2023 में 43.2 बिलियन डॉलर हो गई—जो 64% की वृद्धि है।

Wiz: एक उभरता हुआ साइबर सुरक्षा दिग्गज

Wiz की स्थापना 2020 में चार दोस्तों ने की थी, जो इज़राइली सेना में प्रशिक्षण के दौरान मिले थे। न्यूयॉर्क स्थित यह कंपनी डेटा केंद्रों में स्टोर्ड जानकारी की सुरक्षा के लिए टूल्स विकसित करती है। इस साल, Wiz का अनुमानित राजस्व 1 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है।

Wiz के सीईओ असफ रैप्पापोर्ट ने ब्लॉग पोस्ट में कहा,
“Wiz और Google Cloud दोनों इस विश्वास से प्रेरित हैं कि क्लाउड सुरक्षा को अधिक आसान, सुलभ, बुद्धिमान और लोकतांत्रिक बनाने की आवश्यकता है, ताकि अधिक संगठन क्लाउड और AI का सुरक्षित रूप से उपयोग कर सकें।”

गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने मंगलवार को एक कॉन्फ्रेंस कॉल में कहा कि Wiz की मदद से क्लाउड सुरक्षा को और भी बेहतर और किफायती बनाया जा सकेगा। यह बयान न केवल ग्राहकों को, बल्कि उन नियामकों को भी ध्यान में रखकर दिया गया है जो प्रतिस्पर्धा और मूल्य निर्धारण के प्रभावों की जांच कर सकते हैं।

गूगल ने Wiz के लिए क्यों बढ़ाई बोली?

रिपोर्ट्स के अनुसार, गूगल पिछले साल 23 बिलियन डॉलर की बोली के साथ Wiz को खरीदना चाहता था, लेकिन उस समय सौदा नहीं हो पाया था। उस समय Wiz इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लाने की योजना बना रहा था। हालांकि, हाल के बाजार उतार-चढ़ाव के कारण IPO योजनाएँ धीमी पड़ गईं, जिससे गूगल को यह सौदा करने का मौका मिला।

Wedbush विश्लेषकों ने इस अधिग्रहण को “माइक्रोसॉफ्ट और अमेज़न के लिए सीधी चुनौती” करार दिया। उन्होंने कहा कि गूगल क्लाउड कंप्यूटिंग क्षेत्र में पिछड़ रहा था, लेकिन Wiz के अधिग्रहण से यह बदल सकता है।

अब तक का सबसे बड़ा अधिग्रहण

32 बिलियन डॉलर की यह डील गूगल के 26 वर्षों के इतिहास का सबसे बड़ा अधिग्रहण होगा। इससे पहले, गूगल ने 2012 में 12.5 बिलियन डॉलर में मोटोरोला मोबिलिटी खरीदी थी, लेकिन वह सौदा उतना फायदेमंद नहीं रहा।

यह सौदा अब तक की सबसे महंगी साइबर सुरक्षा अधिग्रहण डील भी होगी और सॉफ्टवेयर कंपनियों के टॉप 20 सबसे महंगे टेकओवर में शामिल होगी

एंटीट्रस्ट जांच और नियामक चिंताएँ

इस सौदे से गूगल को AI और क्लाउड कंप्यूटिंग क्षेत्र में बढ़त मिलेगी, लेकिन यह प्रतिस्पर्धा नियामकों के निशाने पर भी आ सकता है।

गूगल पहले से ही अमेरिकी न्याय विभाग की एंटीट्रस्ट जांच का सामना कर रहा है। पिछले साल, एक फेडरल जज ने गूगल को सर्च इंजन के अवैध एकाधिकार के लिए दोषी पाया। अमेरिका में जस्टिस डिपार्टमेंट गूगल को क्रोम ब्राउज़र और डिजिटल विज्ञापन तकनीक अलग करने के लिए मजबूर कर सकता है

Wedbush विश्लेषकों के अनुसार, Wiz का सौदा तकनीकी क्षेत्र में “संभावित बड़े विलय-अधिग्रहण की शुरुआत” हो सकता है।

हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन गूगल-विरोधी नीतियों में नरमी बरत सकता है, जिससे सौदे के मंजूर होने की संभावना बढ़ सकती है।

समाप्ति समयसीमा

अगर नियामकों से मंजूरी मिलती है और समझौते की शर्तें पूरी होती हैं, तो गूगल और Wiz 2026 तक इस सौदे को पूरा करने की उम्मीद कर रहे हैं

केंद्र ने दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए 2 योजनाओं के बजट में 2,000 करोड़ रुपये की वृद्धि की

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नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने बुधवार को राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम (NPDD) और राष्ट्रीय गोकुल मिशन (RGM) की पुनरीक्षित योजनाओं को मंजूरी दे दी, जिनका बजट ₹2,000 करोड़ बढ़ाकर ₹6,190 करोड़ कर दिया गया है। इस निर्णय का उद्देश्य दूध उत्पादन, खरीद स्तर, प्रसंस्करण क्षमता, लैब परीक्षण सुविधाओं और अन्य संबंधित अवसंरचना को बढ़ावा देना है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस संशोधित योजना को मंजूरी दी। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संवाददाताओं को बताया कि “पुनरीक्षित NPDD को अतिरिक्त ₹1,000 करोड़ की सहायता दी गई है, जिससे 15वें वित्त आयोग चक्र (2021-22 से 2025-26) के लिए कुल बजट ₹2,790 करोड़ हो गया है।”

यह योजना आधुनिक डेयरी अवसंरचना विकसित करने और उत्पादकता बढ़ाने पर केंद्रित है। इसके तहत दूध संग्रहण, प्रसंस्करण और गुणवत्ता नियंत्रण को बेहतर बनाया जाएगा। साथ ही, किसानों को बाजार से जोड़ने, मूल्य संवर्धन के माध्यम से बेहतर कीमत दिलाने और आपूर्ति श्रृंखला की दक्षता सुधारने में मदद मिलेगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर कहा कि “राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम में बदलाव से यह क्षेत्र सशक्त होगा, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य मिलेगा और अधिक रोजगार सृजित होंगे।”

राष्ट्रीय गोकुल मिशन में सुधार

कैबिनेट ने राष्ट्रीय गोकुल मिशन (RGM) की पुनरीक्षित योजना को भी मंजूरी दी है, जिससे पशुपालन क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।

“संशोधित RGM, विकास कार्यक्रमों की केंद्रीय क्षेत्र योजना के तहत, ₹1,000 करोड़ के अतिरिक्त बजट के साथ लागू किया जाएगा। अब 15वें वित्त आयोग चक्र (2021-22 से 2025-26) के दौरान कुल बजट ₹3,400 करोड़ होगा,” आधिकारिक बयान में कहा गया।

इस योजना में दो नई पहलें जोड़ी गई हैं:

  1. बछिया पालन केंद्र (Heifer Rearing Centres) की स्थापना के लिए 35% पूंजीगत लागत सहायता। इसके तहत कुल 30 आवासीय केंद्रों का निर्माण होगा, जिनमें 15,000 बछियों को रखा जाएगा।
  2. उच्च आनुवंशिक मूल्य (HGM) IVF बछियों की खरीद को प्रोत्साहित करने के लिए किसानों को 3% ब्याज अनुदान दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह फैसला दूध उत्पादन को बढ़ावा देगा, स्वदेशी नस्लों को बेहतर बनाएगा और डेयरी किसानों को सशक्त करेगा।

डेयरी विकास के प्रमुख बिंदु

  • RGM के तहत कृत्रिम गर्भाधान नेटवर्क, नस्ल सुधार कार्यक्रम, कौशल विकास, और डेयरी उद्योग में नवाचार को बढ़ावा दिया जाएगा।
  • NPDD के तहत नए डेयरी सहकारी समितियों की स्थापना, डेयरी अवसंरचना सुधार और जापानी सरकार के साथ सहयोग को जारी रखा जाएगा।
  • डेयरी सहकारी समितियों की संख्या बढ़ेगी, और उत्तर-पूर्वी राज्यों, पहाड़ी क्षेत्रों और पिछड़े क्षेत्रों में दुग्ध प्रसंस्करण को बढ़ावा दिया जाएगा।
  • पिछले 10 वर्षों में दूध उत्पादन में 63.55% की वृद्धि हुई है, और प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता 307 ग्राम से बढ़कर 471 ग्राम हो गई है।

सरकार के अनुसार, पुनरीक्षित योजनाओं के कार्यान्वयन से 10,000 नई डेयरी सहकारी समितियाँ स्थापित होंगी, जिससे लाखों किसानों को लाभ होगा

चंडीगढ़ में किसानों के साथ सरकार की रचनात्मक बैठक

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चंडीगढ़: केंद्र सरकार ने बुधवार को चंडीगढ़ में किसानों के साथ बैठक की, जिससे उसकी पहुंच और संवाद बढ़ाने के प्रयास जारी रहे। इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, उपभोक्ता मामले मंत्री प्रह्लाद जोशी और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने की। इसमें पंजाब के कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह खुड़ियां, किसान नेता और वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। तीन घंटे तक चली इस चर्चा में किसानों द्वारा उठाए गए विभिन्न कानूनी, आर्थिक और नीतिगत मुद्दों पर विचार किया गया।

सरकार ने किसानों के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और देशभर में किसान संगठनों, राज्य सरकारों और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ व्यापक विचार-विमर्श की योजना की घोषणा की। मंत्रियों ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी चिंताओं का समाधान किया जाएगा और बातचीत को प्राथमिकता दी जाएगी। अगली बैठक 4 मई को होगी।

कृषि मंत्री चौहान के नेतृत्व में इस बैठक में पंजाब सरकार के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए, जबकि किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) के 28 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने किसानों का प्रतिनिधित्व किया।

अब तक छह दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। पिछली बैठक 22 फरवरी को हुई थी, जिसमें किसानों ने कुछ आंकड़े प्रस्तुत किए थे, जिन्हें सरकार सत्यापित करने का वादा किया था। किसानों को उम्मीद है कि इस सातवें दौर की वार्ता से सकारात्मक निर्णय सामने आएगा।

किसान आंदोलन के मुख्य बिंदु:

  • फरवरी 2024 में हरियाणा पुलिस ने शंभु बॉर्डर पर बैरिकेड लगाकर किसानों को दिल्ली जाने से रोका।
  • किसानों ने दिसंबर 2024 में तीन बार दिल्ली कूच करने की कोशिश की लेकिन हर बार उन्हें रोक दिया गया।
  • किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल 113 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं और उन्होंने एमएसपी की गारंटी वाले कानून की मांग दोहराई।

किसानों की प्रमुख मांगें:

  1. सभी फसलों के लिए एमएसपी की गारंटी का कानून बने।
  2. डॉ. स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू की जाए।
  3. किसानों और मजदूरों का कर्ज माफ किया जाए और पेंशन दी जाए।
  4. भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 को फिर से लागू किया जाए।
  5. लखीमपुर खीरी घटना के दोषियों को सजा दी जाए।
  6. मुक्त व्यापार समझौतों पर प्रतिबंध लगाया जाए।
  7. विद्युत संशोधन विधेयक 2020 को रद्द किया जाए।
  8. मनरेगा के तहत हर साल 200 दिनों का काम और ₹700 की दिहाड़ी मिले।
  9. किसान आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों के परिवारों को मुआवजा और सरकारी नौकरी मिले।
  10. नकली बीज और कीटनाशक बेचने वाली कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई हो।
  11. मिर्च, हल्दी और अन्य मसालों के लिए एक राष्ट्रीय आयोग का गठन किया जाए।

सरकार और किसान संगठनों के बीच संवाद जारी रहेगा, और आने वाली बैठकों से समाधान की उम्मीद जताई जा रही है।

राजकीय बंशीधर महोत्सव-2025: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने किया उद्घाटन, गढ़वा जिले को 183 करोड़ की योजनाओं की सौगात

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गढ़वा जिले के नगरऊंटारी में आयोजित राजकीय बंशीधर महोत्सव-2025 का भव्य शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के कर-कमलों द्वारा किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लगभग 183 करोड़ रुपये लागत राशि की 27 विकास योजनाओं की सौगात दी, जिससे जिले के बुनियादी ढांचे, पर्यटन, जल आपूर्ति, खेल और महिला सशक्तिकरण को बल मिलेगा।

श्री बंशीधर महोत्सव को मिला राजकीय महोत्सव का दर्जा

मुख्यमंत्री ने कहा कि बंशीधर महोत्सव को राजकीय महोत्सव घोषित करने का निर्णय झारखंड की सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने के लिए लिया गया है। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव आने वाले वर्षों में राज्य की गौरवशाली परंपरा को विश्व पटल पर पहुंचाने का कार्य करेगा।

राज्यवासियों के उत्थान हेतु विकास योजनाओं की रूपरेखा तैयार

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार आने वाले वर्षों में विकास योजनाओं की व्यापक रूपरेखा तैयार कर रही है। विधानसभा सत्र में बजटीय प्रावधानों को पारित कर इन योजनाओं को धरातल पर उतारा जाएगा।

झारखंड की नारी शक्ति को सम्मान

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने हेतु विशेष योजनाएं लागू की जा रही हैं।

जल संकट से उबरेगा पलामू प्रमंडल

पलामू प्रमंडल में जल संकट दूर करने के लिए कनहर परियोजना को शीघ्र पूर्ण किया जाएगा, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए जल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

धार्मिक स्थलों को पर्यटन केंद्र के रूप में किया जाएगा विकसित

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में मौजूद महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। इससे राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को मजबूती मिलेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।

प्रत्येक सेक्टर में प्रतिबद्धता के साथ हो रहा है कार्य

राज्य सरकार बिजली, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, कृषि समेत सभी क्षेत्रों में तेजी से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत पांच वर्षों में राज्य में जो बदलाव देखने को मिला है, वह अभूतपूर्व है।

8 योजनाओं का शिलान्यास, 19 योजनाओं का उद्घाटन

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 45 करोड़ 88 लाख रुपये की लागत से 8 योजनाओं की आधारशिला रखी तथा 136 करोड़ 84 लाख रुपये की लागत की 19 योजनाओं का उद्घाटन किया। इनमें भंडरिया, रंका, धुरकी, चिनियाँ, रमकंडा और गढ़वा में मल्टीपरपस इनडोर स्टेडियम सहित विभिन्न बुनियादी विकास परियोजनाएं शामिल हैं।

इस अवसर पर विधायक श्री अनंत प्रताप देव, श्रीमती कल्पना सोरेन, श्री नरेश प्रसाद सिंह, पूर्व मंत्री श्री मिथिलेश कुमार ठाकुर, आईजी पलामू श्री सुनील भास्कर, डीआईजी श्री वाई. एस. रमेश, उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक तथा अन्य गणमान्य अतिथि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

एक पिता के दुःख ने एक अमर प्रेम गीत रच दिया – पंडित भरत व्यास की कहानी

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साल था 1957। फ़िल्म “जनम जनम के फेरे” रिलीज़ हुई और यह एक म्यूज़िकल हिट साबित हुई। इस फ़िल्म का गाना “ज़रा सामने तो आओ छलिये” उस दौर में इतना लोकप्रिय हुआ कि वह साल की बिनाका गीत माला की सूची में पहले स्थान पर रहा।

लेकिन इस गीत के पीछे एक भावनात्मक कहानी छिपी थी। इसके गीतकार पंडित भरत व्यास ने इसे अपने बेटे श्याम सुंदर व्यास के वियोग में लिखा था, जो एक विवाद के बाद घर छोड़कर चला गया था। भरत व्यास ने उसे खोजने के लिए हर संभव प्रयास किया—अख़बारों में विज्ञापन दिए, धार्मिक स्थलों पर प्रार्थना की, लेकिन वह नहीं मिला।

इसी दुख के दौरान एक निर्माता ने भरत व्यास से फ़िल्म के लिए गाने लिखने का अनुरोध किया, लेकिन वे इतने व्यथित थे कि उन्होंने उसे मना कर दिया। तब उनकी पत्नी ने उन्हें समझाया कि वे अपने बेटे की याद में ही सही, गीत जरूर लिखें। इस प्रेरणा से उन्होंने “ज़रा सामने तो आओ छलिये” लिखा, जिसे मोहम्मद रफ़ी और लता मंगेशकर ने गाया। यह गाना दर्द से भरा था और लोगों के दिलों को छू गया।

हालाँकि, उनका बेटा तब भी नहीं लौटा। दो साल बाद, 1959 की फ़िल्म “रानी रूपमती” के लिए उन्होंने एक और मार्मिक गीत लिखा—“आ लौट के आजा मेरे मीत।” इस गीत में भी गहरा दर्द और पुकार थी। इस बार उनकी प्रार्थना सफल हुई और उनका बेटा घर लौट आया।

विडंबना यह थी कि जो गाने पिता के वियोग से उपजे थे, वे प्रेमियों के अमर गीत बन गए। यह पंडित भरत व्यास की लेखनी का जादू था।

राजस्थान के चुरू से आए भरत व्यास ने 1943 में पुणे और फिर मुंबई का सफर तय किया। संघर्षों के बाद उन्होंने बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाई और “ऐ मालिक तेरे बंदे हम,” “ज्योत से ज्योत जलाते चलो,” “सारंगा तेरी याद में” जैसे कई अमर गीत लिखे।

आज, 5 जुलाई को उनकी पुण्यतिथि पर, हम उस महान गीतकार को याद करते हैं जिनकी रचनाएँ प्रेम, विरह और भक्ति का संगम थीं और जो आज भी हमारे दिलों में जीवित हैं।

दिल्ली में 1 जनवरी से 15 मार्च के बीच रिकॉर्ड की गई सबसे स्वच्छ हवा, 2022 के बाद पहली बार

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नई दिल्ली: दिल्ली ने 1 जनवरी से 15 मार्च के बीच पिछले तीन वर्षों में सबसे स्वच्छ हवा दर्ज की है। शनिवार को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के अनुसार, 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 85 दर्ज किया गया, जो ‘संतोषजनक’ श्रेणी में आता है। यह वर्ष 2025 का पहला ‘संतोषजनक’ वायु गुणवत्ता दिवस है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, AQI को छह श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है:

  • 0-50: ‘अच्छा’
  • 51-100: ‘संतोषजनक’
  • 101-200: ‘मध्यम’
  • 201-300: ‘खराब’
  • 301-400: ‘बहुत खराब’
  • 401-500: ‘गंभीर’

CAQM ने अपने X (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर पोस्ट करते हुए कहा, “आज, दिल्ली ने 1 जनवरी से 15 मार्च की अवधि के दौरान पिछले तीन वर्षों में सबसे कम AQI 85 दर्ज किया। यह इस साल का पहला दिन है जब AQI ‘संतोषजनक’ श्रेणी (AQI 51-100) में आया है।” आयोग ने आगे बताया कि मार्च में दिल्ली में ‘संतोषजनक’ AQI पिछले पांच वर्षों में पहली बार 2020 के बाद देखा गया है।

इस बीच, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, शनिवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मौसमी औसत से 4.1 डिग्री अधिक था। न्यूनतम तापमान 18.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि आर्द्रता का स्तर 62% से 50% के बीच रहा।

शुक्रवार को दिल्ली में इस साल का अब तक का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया था, जब पारा 36.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से 7.3 डिग्री अधिक था। मौसम विभाग ने रविवार को हल्की बारिश या बूंदाबांदी के साथ आम तौर पर बादल छाए रहने की संभावना जताई है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 32 डिग्री और 17 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है। (PTI से प्राप्त इनपुट्स के साथ)

महाराष्ट्र: औरंगज़ेब की कब्र हटाने पर राजनीति, खुलताबाद में सुरक्षा कड़ी

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छत्रपति संभाजीनगर: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले के खुलताबाद में स्थित मुगल सम्राट औरंगज़ेब की कब्र को हटाने की धमकी के बाद विवाद गहरा गया है। धर्मवीर संभाजी महाराज प्रतिष्ठान के अध्यक्ष और पूर्व पार्षद मिलिंद रमाकांत एकबोटे ने कब्र को तोड़ने की धमकी दी है, जिससे प्रदेश में सियासत गरमा गई है।

महाराष्ट्र सरकार ने इस धमकी को गंभीरता से लेते हुए छत्रपति संभाजीनगर जिला प्रशासन को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। इस आदेश के तहत एकबोटे और उनके सहयोगियों को 16 मार्च 2025 से 5 अप्रैल 2025 तक जिले में प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह आदेश अतिरिक्त जिला कलेक्टर विनोद शिरालकर द्वारा जारी किया गया।

इसके अलावा, कब्र वाले क्षेत्र में सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। राज्य रिजर्व बल (SRF) के दो अधिकारियों और 15 जवानों को तैनात किया गया है। छत्रपति संभाजीनगर पुलिस ने इलाके में दो स्थानों पर नाका बंदी कर दी है।

इस मुद्दे पर शिवसेना नेता और महाराष्ट्र विधान परिषद में विपक्ष के नेता अंबादास दानवे ने सरकार को आड़े हाथों लिया है। इससे पहले, महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने औरंगज़ेब की कब्र गिराने को लेकर टिप्पणी की थी, जिसके बाद विवाद और तेज हो गया।

कुछ दिन पहले छत्रपति संभाजी महाराज के जीवन पर आधारित फिल्म छावा रिलीज़ हुई थी। औरंगज़ेब, जो मुगल साम्राज्य के छठे सम्राट थे, 3 मार्च 1707 को महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में निधन हो गया था। वे मुगलों में सबसे लंबे समय तक शासन करने वाले शासक थे और उनके शासनकाल में साम्राज्य अपने चरम पर था।

अंबादास दानवे ने कहा कि औरंगज़ेब की कब्र इतिहास का एक प्रमाण है कि मुगल सम्राट को हराकर यहीं दफन किया गया था। उन्होंने आगे कहा, “हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों को बताना चाहिए कि औरंगज़ेब यहां आया था और यहीं दफन हुआ।”

दानवे ने उन लोगों पर तंज कसते हुए कहा जो इस कब्र को हटाना चाहते हैं कि “अगर हिम्मत है तो जाओ और इसे हटाकर दिखाओ।”

सरकार और सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर कड़ी निगरानी रख रही हैं ताकि शांति और कानून-व्यवस्था बनी रहे।

छत्तीसगढ़ के कोर क्षेत्रों से नक्सलियों को खदेड़ने के लिए सुरक्षा एजेंसियों का टार्गेटेड मैनहंट

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नई दिल्ली: खुफिया जानकारी के आधार पर कि अधिकांश नक्सली छत्तीसगढ़ के कोर क्षेत्रों में छिपे हुए हैं, सुरक्षा एजेंसियों ने एक टार्गेटेड मैनहंट शुरू किया है। हाल ही में छत्तीसगढ़ के दौरे के दौरान केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के महानिदेशक जीपी सिंह ने सुरक्षा तैयारियों और नक्सल विरोधी अभियानों की प्रगति की समीक्षा की।

सुरक्षा एजेंसियों के पास उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 15 से 28 फरवरी के बीच आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ से 24 माओवादी गिरफ्तार किए गए हैं। इनमें से 22 छत्तीसगढ़ से पकड़े गए, जिनमें 17 बीजापुर से और 5 सुकमा से गिरफ्तार किए गए।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2024 में देशभर में कुल 374 वामपंथी उग्रवाद (LWE) से जुड़े घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें से 267 घटनाएं अकेले छत्तीसगढ़ में हुईं। हालांकि, 2010 में दर्ज 343 घटनाओं की तुलना में यह संख्या 64% कम है।

गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशों के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियां मार्च 2026 तक माओवादी खतरे को समाप्त करने के लक्ष्य पर काम कर रही हैं। इसके तहत विशेष फोर्सेस, खुफिया शाखाओं (SIBs), और जिला पुलिस को सुदृढ़ करने के लिए विशेष अवसंरचना योजना (SIS) के तहत फंड जारी किए गए हैं।

सुरक्षा से लेकर विकास तक, सरकार बहुआयामी रणनीति के तहत सड़क नेटवर्क विस्तार, टेली कम्युनिकेशन सुधार, युवाओं को कौशल विकास और वित्तीय समावेशन से जोड़ने पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है।

सरकारी योजनाओं और सुरक्षा बलों के दृढ़ संकल्प से वामपंथी उग्रवाद के प्रभाव वाले जिलों की संख्या 2010 के 126 जिलों से घटकर 2024 में केवल 38 रह गई है। 2010 में 1,936 हिंसक घटनाओं की तुलना में 2024 में यह आंकड़ा 81% घटकर 374 रह गया है।

सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की सख्त रणनीति के चलते वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ लड़ाई निर्णायक मोड़ पर पहुंच रही है।

भारत में पहली बार होगा एमिनेम का धमाका! 7 शहरों में होगा ऐतिहासिक रैप टूर, जानें तारीखें और टिकट डिटेल्स

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220 मिलियन से अधिक रिकॉर्ड्स की बिक्री, 15 ग्रैमी अवॉर्ड्स और एक ऑस्कर – हिप-हॉप के बेताज बादशाह एमिनेम अब भारत में रैप क्रांति लाने आ रहे हैं!

जिस घड़ी का इंतजार भारतीय हिप-हॉप फैंस सालों से कर रहे थे, वो अब आ चुकी है! माइक के जादूगर, लिरिक्स के सम्राट और रैप की दुनिया के निर्विवाद बादशाह एमिनेम 2025 में पहली बार भारत में लाइव परफॉर्मेंस देने आ रहे हैं। उनके हर शब्द तूफान की तरह बहते हैं, और अब यह तूफान भारतीय स्टेज पर उतरने के लिए तैयार है!

ये कोई आम कॉन्सर्ट नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक लम्हा होगा, जब दुनिया के सबसे तेज रैपर में से एक भारतीय धरती पर कदम रखेगा। कोल्डप्ले के बाद, भारत के म्यूजिक मैप पर ये सबसे बड़ा धमाका होगा।

एमिनेम का भारत दौरा: 7 शहरों में होगा जबरदस्त रैप तूफान!

Live Nation और Celebrity Talent International के सहयोग से आयोजित इस टूर में एमिनेम भारत के 7 बड़े शहरों में परफॉर्म करेंगे। यह भारत के लिए एक ऐतिहासिक मोमेंट होगा, जब दुनिया के सबसे बड़े हिप-हॉप आइकन हमारे देश में रैप का जलवा बिखेरेंगे।

📍 मुंबई – 15 जून 2025
📍 दिल्ली – 21 जून 2025
📍 बेंगलुरु – 28 जून 2025
📍 कोलकाता – 5 जुलाई 2025
📍 अहमदाबाद – 19 जुलाई 2025
📍 लखनऊ – 25 जुलाई 2025
📍 गुवाहाटी – 2 अगस्त 2025

एमिनेम: हिप-हॉप का देवता!

एमिनेम सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि क्रांति है!
उन्होंने सिर्फ रैप नहीं किया, बल्कि अपनी कलम से हर बीट को हथियार बना दिया। वह सड़क से उठे और संगीत के सिंहासन तक पहुंचे। 2000 के दशक में उन्होंने हिप-हॉप में जो क्रांति लाई, वो आज भी जारी है। उनके एल्बम The Marshall Mathers LP, The Eminem Show और Recovery ने हिप-हॉप के मायने ही बदल दिए।

“Lose Yourself” सिर्फ एक गाना नहीं, बल्कि प्रेरणा है।
“Rap God” सिर्फ एक ट्रैक नहीं, बल्कि रैप की पराकाष्ठा है।
“Not Afraid” केवल म्यूजिक नहीं, बल्कि आत्मा का विस्फोट है।

कैसा होगा एमिनेम का लाइव कॉन्सर्ट?

अगर आपने एमिनेम के लाइव परफॉर्मेंस नहीं देखे हैं, तो जान लें कि ये सिर्फ एक कॉन्सर्ट नहीं होगा, बल्कि एक महाकाव्य रैप युद्ध होगा!

🔥 तेज़ रैप वर्सेज जो बिजली से भी तेज होंगे।
🔥 माइंड ब्लोइंग स्टेज प्रोडक्शन जो हॉल में आग लगा देगा।
🔥 हिट्स का ताबड़तोड़ धमाका – Lose Yourself, Without Me, Rap God, Not Afraid और Houdini।

कैसे खरीदें टिकट?

अगर आप इस एपिक इवेंट का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो ध्यान दें – टिकट्स सेकंड्स में बिक जाएंगे!
🎟 Live Nation की आधिकारिक वेबसाइट पर टिकट्स उपलब्ध होंगे।
🎟 अन्य प्लेटफॉर्म पर लिमिटेड टिकट्स सिर्फ इवेंट के एक महीने पहले रिलीज़ किए जाएंगे।

अगर आप काला बाज़ारी से बचना चाहते हैं, तो शेडी डील्स से दूर रहें और सिर्फ ऑफिशियल साइट से टिकट खरीदें!

“You only get one shot, do not miss your chance to blow!”

यह मौका एक बार ही आएगा, और अगर चूक गए, तो सिर्फ अफसोस ही बचेगा! तो तैयार हो जाइए, क्योंकि एमिनेम आ रहा है – भारत को रैप से हिला देने! 🔥🎤

रोहित शर्मा इंग्लैंड टेस्ट सीरीज के लिए कप्तान बने रहेंगे

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BRISBANE, AUSTRALIA - DECEMBER 17: Rohit Sharma of India looks dejected after being dismissed by Pat Cummins of Australia during day four of the Third Test match in the series between Australia and India at The Gabba on December 17, 2024 in Brisbane, Australia. (Photo by Matt Roberts - CA/Cricket Australia via Getty Images)

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इंग्लैंड के खिलाफ आगामी 5 मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए रोहित शर्मा को कप्तान बनाए रखने का फैसला किया है। हाल ही में खराब फॉर्म और भारत के विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) फाइनल में जगह न बना पाने के कारण उनकी कप्तानी पर सवाल उठाए जा रहे थे, लेकिन चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में भारत को जीत दिलाने के बाद चयनकर्ताओं ने उन पर भरोसा जताया है।

रोहित शर्मा को कप्तानी का समर्थन

पिछले कुछ महीनों में रोहित शर्मा की टेस्ट क्रिकेट में फॉर्म चिंता का विषय रही थी। ऑस्ट्रेलिया में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा, जहां उन्होंने तीन टेस्ट में मात्र 10 रन बनाए। इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ भी भारतीय टीम को 3-0 की करारी हार झेलनी पड़ी थी। इन असफलताओं के चलते रोहित पर टेस्ट कप्तानी छोड़ने का दबाव बढ़ने लगा था।

हालांकि, इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में शानदार शतक जड़ने और चैंपियंस ट्रॉफी 2025 जीतने के बाद उन्होंने आलोचकों को करारा जवाब दिया। रोहित ने टूर्नामेंट के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह साफ कर दिया था कि वह वनडे और टेस्ट क्रिकेट में खेलना जारी रखेंगे।

इंग्लैंड दौरे के लिए चयनकर्ताओं का फैसला

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, BCCI और चयनकर्ताओं ने उनकी हालिया फॉर्म और अनुभव को ध्यान में रखते हुए उन्हें इंग्लैंड टेस्ट सीरीज के लिए कप्तान बनाए रखने का फैसला किया है। सूत्रों के अनुसार, बोर्ड के अंदर रोहित शर्मा को एक योग्य और अनुभवी कप्तान माना जा रहा है जो टीम को इंग्लैंड में सफलता दिला सकते हैं।

रोहित शर्मा ने खुद भी इस पर बयान देते हुए कहा,
“मैं इस समय अच्छा खेल रहा हूं और इस टीम के साथ खेलने में बहुत आनंद आ रहा है। टीम भी मेरे साथ खेलकर खुश है। फिलहाल मैं 2027 के बारे में कुछ नहीं कह सकता, लेकिन मैं सभी विकल्प खुले रख रहा हूं।”

क्या रोहित इंग्लैंड में जीत दिला पाएंगे?

इंग्लैंड की परिस्थितियां हमेशा से भारतीय टीम के लिए चुनौतीपूर्ण रही हैं। पिछली बार भारत ने वहां अच्छा प्रदर्शन किया था, लेकिन इस बार सीरीज जीतना रोहित शर्मा की कप्तानी के लिए एक बड़ी परीक्षा होगी। यदि वह अपनी फॉर्म बरकरार रखते हैं और टीम को सही दिशा में ले जाते हैं, तो इंग्लैंड दौरे पर भारत को बड़ी सफलता मिल सकती है।

“गौहत्या के खिलाफ धरने की अनुमति न मिलने पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद बोले – हम पीछे नहीं हटेंगे!”

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नई दिल्ली/गाजियाबाद: ज्योतिर्मठ पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने दिल्ली पुलिस द्वारा रामलीला मैदान में प्रस्तावित धरने की अनुमति न मिलने पर गहरी असंतुष्टि जाहिर की है। उन्होंने कहा कि गौहत्या के खिलाफ सभी राजनीतिक दलों को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए और सरकार इस विषय पर चुप नहीं रह सकती।

धरने की अनुमति से इनकार

दिल्ली पुलिस ने 17 मार्च (सोमवार) को रामलीला मैदान में धरना देने की अनुमति नहीं दी, यह कहते हुए कि इससे कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है। शंकराचार्य ने इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा, “आप हमें रोककर हमारी आवाज़ नहीं दबा सकते। हम सनातन धर्म के सभी लोगों की ओर से यह सवाल उठा रहे हैं। अगर सरकार या कोई भी राजनीतिक दल यह सोचता है कि वे इस आवाज़ को दबा देंगे, तो वे गलत हैं। गौ माता के प्रति श्रद्धा हमारे खून में बसी हुई है, और हम पीछे नहीं हटेंगे।”

अन्य स्थान पर विरोध की चेतावनी

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने साफ कहा कि अगर उन्हें रामलीला मैदान में धरने की अनुमति नहीं मिलती है, तो वे अपने समर्थकों के साथ दिल्ली के किसी भी अन्य स्थान, जैसे कृष्णलीला मैदान या किसी अन्य जगह पर बैठकर विरोध करेंगे। उन्होंने कहा, “जहां भी हम बैठेंगे, वहां 125 करोड़ सनातन धर्मियों की आवाज़ गूंजेगी। यह लड़ाई तब तक नहीं रुकेगी जब तक हमें राजनीतिक दलों से स्पष्ट जवाब नहीं मिल जाता।”

सभी राजनीतिक दलों को अल्टीमेटम

कुछ दिन पहले ही उन्होंने इस मुद्दे पर ईटीवी भारत से विशेष बातचीत में कहा था कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं बल्कि जनता की मांग पर हो रहा है। उन्होंने कहा, “हमने सभी राजनीतिक दलों को यह स्पष्ट करने के लिए कहा है कि वे गौहत्या के पक्ष में हैं या खिलाफ? 17 मार्च को हम रामलीला मैदान में शाम 5 बजे तक बैठेंगे और उनके जवाब का इंतजार करेंगे।”

गौहत्या पर राजनीतिक दलों की असलियत उजागर होगी

उन्होंने कहा कि यह धरना राजनीतिक दलों का एक्स-रे साबित होगा, जिससे यह स्पष्ट हो जाएगा कि कौन क्या सोच रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गौहत्या का मुद्दा पिछले 70 वर्षों से लटकाया जा रहा है, लेकिन अब यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सरकार पर कड़ा हमला

शंकराचार्य ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “अगर सरकार हमें विरोध करने से रोकती है, तो यह दिखाता है कि वे इस विषय पर बोलने से कतरा रहे हैं। यह आंदोलन तब तक चलेगा, जब तक गौहत्या पर सरकार और राजनीतिक दल अपना रुख स्पष्ट नहीं कर देते।”

अब देखना यह होगा कि सरकार और राजनीतिक दल शंकराचार्य की इस चुनौती का क्या जवाब देते हैं, और क्या गौहत्या पर कोई ठोस नीति बनाई जाती है या नहीं।

लोकेश कनकराज ने रजनीकांत की फिल्म कुली में आमिर खान की एंट्री के दिए संकेत!

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लोकप्रिय तमिल फिल्म निर्माता लोकेश कनकराज ने अपनी आगामी एक्शन थ्रिलर “कुली” को लेकर बड़ी हलचल मचा दी है। फिल्म में सुपरस्टार रजनीकांत मुख्य भूमिका में नजर आएंगे, लेकिन अब बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान की एंट्री को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। हाल ही में लोकेश कनकराज ने अपने जन्मदिन पर आमिर खान के साथ एक तस्वीर साझा की, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि वह कुली का हिस्सा हो सकते हैं।

क्या “कुली” में होंगे आमिर खान?

14 मार्च को आमिर खान और लोकेश कनकराज दोनों ने अपना जन्मदिन मनाया। इस मौके पर लोकेश ने सोशल मीडिया पर आमिर के साथ एक फोटो साझा करते हुए लिखा,
“आपको जन्मदिन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं आमिर खान सर! आपसे हुई बातचीत ने हमेशा मुझे प्रेरित किया है। आपके साथ और अधिक जादुई पलों को साझा करने के लिए उत्साहित हूं!”

इस पोस्ट के बाद फैंस को यकीन होने लगा है कि आमिर खान कुली में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि, अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

स्टारकास्ट और फिल्म से जुड़ी अहम जानकारी

कुली का निर्देशन लोकेश कनकराज कर रहे हैं, जो अपनी जबरदस्त कहानी और एक्शन सीक्वेंस के लिए मशहूर हैं। इस फिल्म में रजनीकांत, नागार्जुन, उपेंद्र, सौबिन शाहीर, सत्यराज, श्रुति हासन, रेबा मोनिका जॉन, जूनियर एमजीआर और मोनीषा ब्लेसी भी नजर आएंगे। इसके अलावा पूजा हेगड़े एक स्पेशल सॉन्ग में दिखाई देंगी।

फिल्म का संगीत अनिरुद्ध रविचंदर ने तैयार किया है, जो रजनीकांत की पिछली कई हिट फिल्मों का हिस्सा रहे हैं। हालांकि, कुली की रिलीज़ डेट अभी घोषित नहीं की गई है, लेकिन यह फिल्म साल की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर बनने की पूरी संभावना रखती है।

अगर आमिर खान इस फिल्म में शामिल होते हैं, तो यह तमिल और हिंदी सिनेमा का सबसे बड़ा क्रॉसओवर साबित हो सकता है। अब देखना यह होगा कि फिल्म के निर्माता इस खबर की पुष्टि कब करते हैं!

होलिका दहन का दिन बना मनहूस! जहानाबाद में सड़क हादसे में युवक की मौत, कई घायल

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बिहार के जहानाबाद में होलिका दहन के जश्न से पहले का दिन मातम में बदल गया, जब जिले में अलग-अलग जगहों पर कई भीषण सड़क हादसे हुए। तेज रफ्तार, लापरवाही और शराब के नशे ने इस पर्व को खौफनाक बना दिया। हादसों में एक युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।

सड़क पर बिखरा खून, चीख-पुकार से गूंजा अस्पताल

पहला भीषण हादसा टेहटा थाना क्षेत्र के सेरथुआ मोड़ के पास हुआ, जहां दो तेज रफ्तार बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि सड़क पर खून फैल गया और बाइक के टुकड़े दूर तक बिखर गए। मौके पर चीख-पुकार मच गई। मृतक युवक की पहचान काको थाना क्षेत्र के बंधु बिगहा गांव निवासी राकेश कुमार के रूप में हुई।

शकुराबाद और काको में भीषण टक्कर, जिंदगियां अधर में

दूसरा हादसा शकुराबाद थाना क्षेत्र के चगोड़ी गांव के पास हुआ, जहां दो बाइकों की टक्कर में तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। इनमें से एक की हालत इतनी नाजुक थी कि उसे तुरंत पीएमसीएच रेफर करना पड़ा।

इसी तरह, काको थाना क्षेत्र के सुखदेव बिगहा गांव के पास एक ऑटो और बाइक की टक्कर में दो लोग बुरी तरह जख्मी हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज गति और लापरवाही ही इन सभी घटनाओं की वजह बनी।

त्योहारों पर सड़क सुरक्षा के लिए कितने तैयार हैं हम?

इन दर्दनाक हादसों ने एक बार फिर बिहार की सड़क सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक नियमों के पालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर त्योहारों के दौरान लोग तेज गति, नशे और लापरवाही से वाहन चलाते हैं, जिससे सड़कें मौत का जाल बन जाती हैं।

डॉक्टरों ने बताया कि घायलों में से कई शराब के नशे में थे, जिससे उनका इलाज भी मुश्किल हो रहा है। यह साफ दर्शाता है कि होली और अन्य बड़े पर्वों पर ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। सख्त चेकिंग, हेलमेट और सीटबेल्ट की अनिवार्यता, शराब पीकर गाड़ी चलाने पर सख्त कार्रवाई और ट्रैफिक नियमों का कड़ाई से पालन ही इन हादसों को रोक सकता है।

अब भी नहीं सुधरे तो कब?

यह सिर्फ जहानाबाद या बिहार की समस्या नहीं है, बल्कि पूरे देश में त्योहारों के दौरान सड़क हादसे आम हो गए हैं। सरकार और प्रशासन को सख्त कदम उठाने होंगे, लेकिन इसके साथ ही लोगों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। सड़क पर सुरक्षित चलना केवल कानून का पालन नहीं, बल्कि अपनी और दूसरों की जिंदगी की रक्षा करना है।

क्या हम अपने त्योहारों को जश्न की जगह मातम में बदलते रहेंगे, या अब सचेत होकर सड़क सुरक्षा को गंभीरता से लेंगे?

महिला के साथ दरिंदगी की हदें पार… पहले हवस का शिकार बनाया, फिर बेरहमी से मार डाला – जमशेदपुर की दहला देने वाली वारदात

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जमशेदपुर: झारखंड के जमशेदपुर के परसुडीह थाना क्षेत्र से आई इस खबर ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। गांव के खेतों में एक महिला का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ, जिसे देखकर हर किसी की रूह कांप उठी। पुलिस के मुताबिक, महिला के साथ पहले दुष्कर्म किया गया, फिर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। मृतका की पहचान पुष्पा भूमिज के रूप में हुई है, जो बीते दो-तीन दिनों से लापता थी।

गांववालों का कहना है कि पुष्पा अचानक गायब हो गई थी, लेकिन किसी को अंदेशा नहीं था कि उसकी लाश खेतों में मिलेगी। घटना की सूचना मिलते ही परसुडीह थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है, लेकिन अभी तक अपराधियों का कोई सुराग नहीं मिला है।

गांव में पसरा मातम, परिजनों की चीखों से गूंज उठा माहौल

घटना के बाद गांव में मातम पसर गया है। पुष्पा के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उनकी चीखें दिल दहलाने वाली हैं। ग्राम प्रधान अजीत भूमिज ने बताया कि पुष्पा के लापता होने की खबर पहले भी पुलिस को दी गई थी, लेकिन अब जब उसकी लाश मिली है, तो गांव के लोग दहशत में हैं।

क्या दरिंदे अब भी खुलेआम घूम रहे हैं?

इस जघन्य अपराध ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर कब तक बेटियां ऐसे वहशियों का शिकार बनती रहेंगी? क्या प्रशासन दोषियों को पकड़ने में कामयाब होगा या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा?

झारखंड में बढ़ते अपराध और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर अब एक बार फिर बहस छिड़ गई है। क्या पीड़िता को न्याय मिलेगा, या फिर यह भी उन अनगिनत मामलों की तरह धुंधला हो जाएगा, जिनमें इंसाफ की गुहार लगाते-लगाते परिजन भी थक जाते हैं?

“अंदर झांकें, उंगलियां न उठाएं” – जाफर एक्सप्रेस हमले में भारत की संलिप्तता के पाक दावों को केंद्र ने किया खारिज

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नई दिल्ली: भारत ने शुक्रवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय द्वारा लगाए गए आरोपों को सख्ती से खारिज कर दिया, जिसमें दावा किया गया था कि जाफर एक्सप्रेस हमले में भारत की संलिप्तता थी।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने एक कड़े बयान में कहा, “पूरी दुनिया जानती है कि वैश्विक आतंकवाद का केंद्र कहां है। पाकिस्तान को दूसरों पर आरोप लगाने और अपनी विफलताओं का ठीकरा फोड़ने के बजाय खुद के अंदर झांकने की जरूरत है।”

दरअसल, गुरुवार को पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता शफकत अली खान ने दावा किया था कि जाफर एक्सप्रेस पर हमले में शामिल विद्रोहियों के अफगानिस्तान में मौजूद रिंग लीडर्स से संपर्क थे। “भारत पाकिस्तान में आतंकवाद को बढ़ावा देता रहा है। जाफर एक्सप्रेस पर हुए हमले में शामिल आतंकवादी अपने आकाओं और संपर्क सूत्रों के साथ अफगानिस्तान से जुड़े थे,” खान ने अपनी साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा।

यह बयान तब आया जब पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने दावा किया कि उन्होंने उन सभी 33 बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) के लड़ाकों को मार गिराया जो जाफर एक्सप्रेस को हाईजैक करने में शामिल थे। यह ट्रेन 400 से अधिक यात्रियों को लेकर जा रही थी।

हालांकि, पाकिस्तानी सेना ने अब तक अपने “सफल ऑपरेशन” से संबंधित कोई तस्वीर या वीडियो जारी नहीं किया है, जिससे संदेह और बढ़ गया है। दूसरी ओर, विद्रोही संगठन BLA ने पाकिस्तानी सेना के दावों को खारिज कर दिया और इसे सरकार का एक और “झूठा प्रचार अभियान” करार दिया।

BLA के प्रवक्ता जियंद बलूच ने जोर देकर कहा, “युद्ध अभी भी कई मोर्चों पर जारी है। पाकिस्तानी सेना न तो युद्ध के मैदान में जीत हासिल कर सकी है और न ही अपने बंधक सैनिकों को बचा पाई है।” उन्होंने आरोप लगाया कि “राज्य ने अपने ही सैनिकों को छोड़ दिया और उन्हें बंधकों की तरह मरने के लिए मजबूर किया।”

इस बीच, बंधक बनाए गए यात्रियों में से कुछ, जो क्वेटा पहुंचे, उन्होंने पाकिस्तानी मीडिया को बताया कि BLA लड़ाकों ने ट्रेन पर कब्जा करने के तुरंत बाद महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित छोड़ दिया।

BLA ने पाकिस्तानी सरकार को चुनौती देते हुए मांग की है कि “स्वतंत्र पत्रकारों और निष्पक्ष पर्यवेक्षकों को संघर्ष क्षेत्र में जाने की अनुमति दी जाए।” संगठन का दावा है कि सेना का यह कदम “अपनी हार को छिपाने का प्रयास” है।

भारत ने इस पूरे घटनाक्रम पर दो टूक जवाब देते हुए कहा कि पाकिस्तान “अपने अंदर झांकने की बजाय भारत को दोषी ठहराने में व्यस्त है।” पाकिस्तान की आतंरिक स्थिति और बलूचिस्तान में बढ़ती अशांति को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी नजर बनाए हुए है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या पाकिस्तान इस मामले पर अपने रुख में बदलाव लाएगा या फिर वही पुरानी रणनीति अपनाकर भारत पर बेबुनियाद आरोप लगाता रहेगा।