Wednesday 1st of July 2026 04:14:27 AM
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फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत को मुंबई पुलिस ने जारी किया तीसरा नोटिस

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मुंबई । मुंबई पुलिस ने फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत व उनकी बहन रंगोली को विवादित ट्वीट की पूछताछ के लिए बुधवार को तीसरा नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में कंगना व रंगोली को 23 व 24 नवम्बर को बांद्रा पुलिस स्टेशन में पूछताछ के लिए उपस्थित होने के लिए कहा गया है।

जानकारी के अनुसार कंगना रनौत के विवादित ट्वीट की शिकायत बालीवुड के कास्टिंग डायरेक्टर सैयद बांद्रा ने पुलिस स्टेशन में किया था। मामले पर कार्रवाई न होने पर सैयद ने इस मामले को लेकर बांद्रा मजिस्ट्रेट से गुहार लगाई थी। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने इस विवादित ट्वीट की गहन जांच कर कार्रवाई करने का आदेश मुंबई पुलिस को दिया था। इसके बाद बांद्रा पुलिस स्टेशन में कंगना रनौत व उनकी बहन रंगोली के विरुद्ध 17 अक्टूबर को मामला दर्ज किया गया था और कंगना व रंगोली को पूछताछ के लिए पुलिस स्टेशन में उपस्थित रहने के लिए नोटिस जारी किया गया था लेकिन कंगना ने पुलिस के नोटिस को नजरअंदाज कर दिया था। 

इसके बाद बांद्रा पुलिस स्टेशन की ओर से कंगना व रंगोली के विरुद्ध 3 नवम्बर को दूसरा नोटिस जारी कर दोनों को 10 नवम्बर को पुलिस स्टेशन में उपस्थित रहने के लिए कहा गया था लेकिन कंगना के वकील ने पुलिस स्टेशन को पत्र लिखकर बताया कि कंगना व रंगोली दोनों अपने भाई अक्षत की शादी में व्यस्त हैं। शादी खत्म होने तक दोनों पुलिस स्टेशन में उपस्थित नहीं रह सकती है। इसके बाद बांद्रा पुलिस ने आज बुधवार को तीसरा नोटिस जारी कर कंगना व रंगोली को 23 व 24 नवम्बर को पुलिस स्टेशन में उपस्थित रहने के लिए नोटिस जारी किया है। 

मुंबई में छठपूजा की भीड़ पर प्रतिबंध को लेकर भाजपा आक्रामक

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मुंबई । मुंबई में छठपूजा पर लगाए गए सरकारी प्रतिबंध के बाद भाजपा आक्रामक हो गई है। भाजपा विधायक अतुल भातखलकर ने कहा कि सरकार हिंदू समाज की भावनाओं को कुचलने के लिए इस तरह का बेतुका निर्णय लिया है। 

अतुल भातखलकर ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि भाजपा की ओर से छठपूजा के लिए पहले ही अनुमति मांगी गई थी। राज्य सरकार ने अब कोरोना का कारण बताते हुए अनुमति देने से इनकार कर दिया है। राज्य सरकार ने मंदिर खोलने का निर्णय भी बहुत देर से लिया है। सरकार की भूमिका पूरी तरह से हिंदू विरोधी है। 
भाजपा उत्तर भारतीय मोर्चा के उपाध्यक्ष संजय पांडे ने कहा कि छठ पूजा उत्तर भारतीयों का महत्वपूर्ण त्योहार है। मुंबई सहित महाराष्ट्र में बसा उत्तर भारतीय समाज छठ पूजा बहुत ही श्रद्धा व सद्भाव के साथ मनाता रहा है। इसके बावजूद राज्य सरकार ने उत्तर भारतीय समाज की भावनाओं का ध्यान न रखते हुए छठ पूजा पर प्रतिबंध लगा दिया है। इससे उत्तर भारतीय समाज में सरकार के प्रति तीव्र असंतोष व्याप्त है। 
महाराष्ट्र के अल्पसंख्यक मंत्री नवाब मलिक ने कहा कि राज्य सरकार ने कोरोना की वजह से सभी त्योहार अपने घर में ही मनाया है। सरकार की ओर से त्योहार मनाने पर कोई पाबंदी नहीं है। सिर्फ भीड़ इकट्ठा कर लोग छठपूजा न करें, इतना ही आदेश सरकार की ओर से जारी किया गया है। छठपूजा पर किसी भी तरह का प्रतिबंध नहीं है। 
मुंबई नगर निगम की महापौर किशोरी पेडणेकर ने कहा कि जिस तरह कोरोना कालखंड में सभी त्योहार मनाए गए हैं, उसी तरह छठपूजा भी होगी। माताएं बहनें घर में अथवा भीड़ जमा न करते हुए छठ पूजा का पर्व मनाएंगी। सरकार का आदेश कोरोना को देखते हुए मात्र है लेकिन छठ पूजा के लिए सरकार पूरी तरह छठ व्रतियों के साथ है। मुंबई नगर निगम की नियमावली सिर्फ समुद्र तट व जलाशयों पर इकट्ठा होने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए ही है। 
उल्लेखनीय है कि मुंबई व ठाणे नगर निगम की ओर से छठ पूजा के दौरान समुद्र तट व जलाशयों पर भीड़ जमा न करने की नियमावली जारी की गई है। इस नियमावली का भाजपा की ओर से जोरदार विरोध किया जा रहा है। 

सुप्रीम कोर्ट ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को जारी किया नोटिस

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नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात से राज्यसभा निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर को नोटिस जारी किया है। एस जयशंकर की ओर से वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने नोटिस प्राप्त किया। वहीं इस मामले में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सुप्रीम कोर्ट में केविएट दाखिल की है।

 गुजरात हाईकोर्ट ने जयशंकर और जुगल ठाकोर के निर्वाचन को चुनौती देने वाली अर्जी खारिज कर दी थी। दरअसल कांग्रेस की आपत्ति जुलाई 2019 में दोनों सीटों पर अलग-अलग चुनाव कराने के आयोग के फैसले को लेकर है। अलग-अलग चुनाव होने के चलते दोनों सीटों पर बीजेपी को जीत मिल गई, क्योंकि वहां प्रथम वरीयता वोट नए सिरे से तय हुए। दोनों सीट पर एकसाथ चुनाव होते तो कांग्रेस को एक सीट मिल सकती थी। 

उप्र : मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले की अगली सुनवाई अब 10 दिसम्बर को

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एक प्रतिवादी का वकालतनामा दाखिल न होने से टली सुनवाई

मथुरा । जिला न्यायालय के जज साधना रानी ठाकुर की अदालत में बुधवार को श्रीकृष्ण जन्मभूमि मालिकाना हक को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई हुई जिसमें श्रीकृष्ण जन्मभूमि सेवा ट्रस्ट आज कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ। इस वजह से अब मामले की अगली सुनवाई 10 दिसम्बर को की जाएगी जबकि तीन प्रतिवादियों ने कोर्ट में अपना वकालतनामा दाखिल कर दिया। 

गत 12 अक्तूबर को याचिकाकर्ताओं ने जिला जज साधना रानी ठाकुर की अदालत में अपील की थी। 16 अक्टूबर को भगवान विराजमान श्रीकृष्ण की ओर से अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री के अधिवक्ता हरिशंकर जैन, विष्णु शंकर जैन और पंकज कुमार वर्मा ने दावा दाखिल करने के लिए न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष रखा। अदालत ने इस अपील को स्वीकार कर प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर दिया था और सुनवाई की तारीख 18 नवम्बर निर्धारित हुई, लेकिन बुधवार को उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की ओर से अधिवक्ता शैलेश दुबे, शाही मस्जिद ईदगाह कमेटी की ओर से अधिवक्ता नीरज शर्मा और श्रीकृष्णजन्म स्थान की ओर से अधिवक्ता मुकेश खंडेलवाल ने अपना वकालतनामा कोर्ट में दाखिल किया। अधिवक्ताओं ने जवाब दाखिल करने को अगली तारीख तय करने की मांग की।

जिला शासकीय अधिवक्ता शिवराम सिंह ने बताया कि अब इस मामले में 10 दिसम्बर को सुनवाई होगी। अभी श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट की ओर से वकालतनामा दाखिल नहीं किया गया है।
 उल्लेखनीय श्रीकृष्ण जन्मस्थान ट्रस्ट की करीब 13.37 एकड़ जमीन पर भगवान श्रीकृष्ण विराजमान की ओर से अधिवक्ताओं के माध्यम से दावा किया गया था। यह दावा विगत दिनों सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में किया गया था। उनकी अनुपस्थिति में इसकी सुनवाई लिंक एडीजे-पॉक्सो अदालत में हुई। इस अदालत ने यह दावा खारिज कर दिया था। 

छठ पूजा को लेकर कोलकाता के गंगा घाटों पर सफाई अभियान शुरू

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कोलकाता, छठ पूजा आने के साथ ही हर गली और मुहल्ले में छठ के गानों की धुन सुनाई देने लगती है और इसके साथ ही छठ व्रतियों के लिये घाटों की सफाई को लेकर कोलकाता नगर निगम भी पूरी तरह से तत्पर दिख रहा है। जगन्नाथ घाट व नीमतल्ला घाट ऐसे घाट हैं जहां पर बड़ाबाजार के साथ ही अन्य कई इलाकों के लोग छठ व्रत करने के लिये आते हैं।

हालांकि जगन्नाथ घाट पर यूं तो गंदगी फैली हुई है लकिन स्थानीय कोऑर्डिनेटर का दावा है कि इस घाट की सफाई शुरू कर दी गई है थोड़ा समय लगेगा लेकिन सफाई कार्य पूरा कर लिया जाएगा। घाटों पर आने वाले छठ व्रतियों की भीड़ को कैसे नियंत्रित करना है इसे लेकर स्थानीय कोऑर्डिनेटर लगातार कोलकाता पुलिस के साथ बात-चीत कर तैयारियां शुरू कर दी गई है। वहीं कई घाटों पर छठ व्रतियों के लिये मास्क व सैनिटाइजर की खास

व्यवस्था की जा रही है।

योगी ने बद्रीनाथ धाम में पूजा

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लखनऊ । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम पहुंचे और पूजा-अर्चना की। उनके साथ उनके उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी थे।

आदित्यनाथ और रावत रविवार को केदारनाथ पहुंचे थे, लेकिन भारी बर्फबारी के कारण सोमवार को वहां फंस गए थे।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पहाड़ी राज्य के दो दिवसीय दौरे पर हैं।

दोनों मुख्यमंत्री दिन में बाद में बद्रीनाथ धाम में 11 करोड़ रुपये की यूपी टूरिस्ट गेस्ट हाउस परियोजना की आधारशिला रखेंगे।

चमोली जिले की जोशीमठ तहसील में प्रस्तावित 40 कमरों वाला पर्यटक गेस्ट हाउस गढ़वाल शैली में निर्मित हरे रंग का एक भवन होगा और इसके दो साल में पूरा होने की उम्मीद है।

एक एकड़ भूमि पर परियोजना का निर्माण प्रस्तावित है और इसमें एक रेस्तरां, कॉन्फ्रेंस हॉल, डॉर्मिटरी, पाकिर्ंग होगी। यहां बद्रीनाथ धाम के दर्शन के लिए आने वाले देशी और विदेशी पर्यटक और भक्त ठहर सकेंगे।

23 नवंबर से खुलेंगे सभी विश्वविद्यालय

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 23 नवंबर से सभी राज्य व निजी विश्वविद्यालय खोले जाएंगे। इस बारे में अपर मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी जिलों के जिलाधिकारियों, उच्च शिक्षा निदेशक, प्रयागराज, सभी राज्य व निजी विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों को पत्र लिखकर आदेश जारी कर दिए हैं। मंगलवार को इस संबंध में अपर मुख्य सचिव मोनिका एस गर्ग ने प्रदेश के सभी जिलों के जिलाधिकारियों, उच्च शिक्षा निदेशक, प्रयागराज, सभी राज्य व निजी विश्वविद्यालयों के कुलसचिव को पत्र लिखकर आदेश जारी कर दिए हैं। जारी आदेश में कहा गया है कि कक्षाओं में अधिकतम 50 प्रतिशत विद्यार्थी ही उपस्थित रहेंगे। वहीं, कॉलेज स्टॉफ को कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने का आदेश दिया गया है। निर्देश में छात्रों से अपील करते हुए कहा है कि सभी छात्रों को फेस कवर-मास्क पहनना अनिवार्य होगा।

सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते हुए छठ घाट पर जा सकते हैं लोग

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उज्ज्वल दुनिया/रांची । झारखंड सरकार ने घाटों पर छठ पूजा मनाने को लेकर गाइडलाइन में बदलाव करने की घोषणा कर दी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को खुद इसकी घोषणा की और लोगों से अपील की कि घाटों पर सोशल डिस्टेसिंग के साथ कम संख्या में उपस्थित होकर छठ महापर्व मनायें। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची स्थित झारखंड मंत्रालय में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि छठ पर्व को लेकर राज्य सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन केंद्र सरकार के दिशा-निर्देश के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा है।

हेमंत सोरेन ने कहा कि विभिन्न जलाशयों से शहरी और ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं का संचालन होता है, जबकि यह सर्वविदित है कि पानी से संक्रमण तेजी से फैलता है। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री भी यह कह रहे है कि जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं, लेकिन उनकी पार्टी के लोग ही ग ढिलाई की मांग कर रहे है। उन्होंने गाइडलाइन में ढिलाई की मांग पर छठ व्रतियों से अपील की कि नदी-तालाब और अन्य छठ घाटों में सोशल डिस्टेसिंग , सैनिटाइजेशन और दो गज की दूरी का पालन करते हुए त्योहार को मनायें।
‘ध्यानपूर्वक छठ पर्व मनायें’

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी कोरोना संक्रमण के कारण परिस्थितियां विपरीत है, कोविड-19 संक्रमण वातावरण में है, इसकी कोई दवा नहीं है, इलाज लोगों के खुद के हाथों में है, इसलिए लोग ध्यानपूर्वक छठ पर्व मनायें। हेमंत सोरेन ने यह भी कहा कि पानी से कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ जाएगा। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद कुछ ही देर में छठ पर्व को लेकर राज्य सरकार की ओर से नया गाइडलाइन जारी किये जाने की संभावना है।

लक्ष्मी विलास बैंक को सरकार ने मोराटोरियम में डाला, ग्राहक 25 हजार रुपये से ज्यादा नहीं निकाल सकते

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उज्ज्वल दुनिया/रांची । प्राइवेट सेक्टर के एक और संकटग्रस्त बैंक को सरकार ने मोराटोरियम में डाल दिया है। लक्ष्मी विलास बैंक पर 16 दिसंबर तक कई पाबंदियां लगा दी गई हैं। इसके तहत खाताधारक 25 हजार रुपए से अधिक की निकासी नहीं कर सकते हैं। वित्त मंत्रालय की ओर से यही जानकारी दी गई है। इससे पहले यस बैंक और पीएमसी बैंक के मामले में भी इसी तरह का कदम उठाया गया था।

बीआर एक्ट की धारा 45 के तहत आरबीआई की ओर से आवेदन के आधार पर मोराटोरियम लगाया गया है। मोराटोरियम लागू रहने तक बैंक जमाकर्ता को 25 हजार रुपए से अधिक का पेमेंट नहीं कर सकता है, जब तक रिजर्व बैंक की ओर से कोई लिखित आदेश ना हो।हालांकि, जमाकर्ता के इलाज, उच्च शिक्षा की फीस, शादी जैसे कामों के लिए जमाकर्ता 25 हजार रुपए से अधिक निकासी कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए रिजर्व बैंक से अनुमति लेनी होगी।

स्टार प्रचारकों ने बिहार चुनाव में कांग्रेस की लुटिया डूबा दी

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 राहुल गांधी जी अपना सलाहकार बदलें

उज्ज्वल दुनिया/बोकारो । पूर्व सांसद फुरकान अंसारी ने बोकारो परिसदन में प्रेस को संबोधित करते हुए बिहार चुनाव में कांग्रेस की हार पर जमकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि स्टार  प्रचारकों ने कांग्रेस की लुटिया डूबा दी। कांग्रेस आलाकमान को गुमराह कर ऐसे लोगों को बिहार चुनाव में भेजा गया जिनका अपना कोई जनाधार है और ना ही कोई अता पता। यह लोग जनता से कनेक्ट ही नहीं हो पाए कारणवश पार्टी को खामियाजा भुगतना पड़ा। 

फुरकान अंसारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी बिहार में अच्छा कर सकती थी परंतु राहुल गांधी जी के आस पास ऐसे लोग बैठे हैं जो गलत फीडबैक देकर उन्हें गुमराह करते हैं। उनके आसपास मैनेजमेंट और टेक्निकल लोग बैठते हैं जिन्हें राजनीति का कोई ज्ञान नहीं। राहुल जी का सलाहकार कोई राजनीतिक होना चाहिए। अब हम जैसे नेताओं को अगर वैसे टेक्नोक्रेट लोगो को सर बोलना पड़े तो इससे ज्यादा शर्म की बात और क्या हो सकती।

 पूर्व सांसद फुरकान अंसारी ने असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम पर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा की बिहार चुनाव में मुस्लिम बहुल सीमांचल में मुसलमानों ने कांग्रेस के बजाय ओवैसी की एआईएमआईएम को तवज्जो दी है जिसका मुख्य कारण है की पार्टी ने हम जैसे जमीनी नेताओं को नजरअंदाज किया। ओवैसी ने ऐसे सीटों पर जीत हासिल की जो मुस्लिम बाहुल्य है। इन लोगों ने कोई कमाल नहीं किया है।अगर हम जैसे नेताओं को वहां भेजा जाता जिन्हें जनता सुनना चाहती है और हमारी बातों को मानती है तो परिणाम शायद कुछ और होता। मैंने बिहार में 25 साल तक राजनीति की है और वहां के एक-एक गांव से लेकर वार्ड तक की जानकारी रखता हूं। मैं आलाकमान तक अपनी बात को रखना चाहता हूं कि पार्टी है तभी हम लोग हैं और पार्टी से ही हमारी पहचान है। परंतु कुछ लोग पार्टी का भट्ठा बैठाने का बीड़ा उठा लिया है तो वैसे लोगों को चिन्हित करें और उन पर कार्रवाई करें।

तुगलकी फरमान की वापसी, जन भावनाओं और छठ पूजा समितियों की जीत: दीपक प्रकाश

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उज्ज्वल दुनिया/रांची । छठ पूजा पर हेमन्त सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देश में हुए परिवर्तन को लेकर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सह सांसद दीपक प्रकाश ने कहा कि यह जनभावना की जीत है। सनातनियों की जीत है। लोक आस्था के महापर्व के श्रद्धालुओं की जीत है।कहा कि  तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति के खिलाफ जीत है। हेमन्त सरकार के गलत नीतियों के खिलाफ जीत है। एक के बाद एक गलत फैसलों के खिलाफ जीत है।

उन्होंने कहा कि छठ पूजा समिति, सनातन धर्म संगठन, सामाजिक संगठन ने हेमन्त सरकार के जनविरोधी फैसला के खिलाफ चढ़ बढ़ कर हिस्सा लिया, भारतीय जनता पार्टी उन सभी संगठनों को धन्यवाद करती है। हेमन्त सरकार जनविरोधी नीतियां थोपने में लगी हुई है किन्तु जनविरोध के बाद सरकार को फैसला वापस लेने के लिए बाध्य होना पड़ा। भारतीय जनता पार्टी आम जन के लिए एक सशक्त विपक्ष की भूमिका का निर्वहन करते हुए सरकार के काले फैसलों के विरोध करते आई है और भविष्य में भी करेगी। कांग्रेस झामुमो की सरकार तुष्टिकरण में इतना डूब गई है कि लगातार जन विरोधी फैसले ले रही है। 

 दुर्गा पूजा के दौरान भी सरकार ने मूर्ति की साइज पर अपनी थोथी दलील देते हुए बैन कर दिया। कोरोना काल मे 1 लाख का फाइन सरकार की नीतियों पर सवाल उठाता है। राज्य की सरकार दिशाविहीन सरकार है, जिसमें नेतृत्व क्षमता का अभाव स्पष्ट दिख रहा है। सरकार को सलाह देते हुए कहा कि जनविरोधी फैसले लेने से सरकार को बचना चाहिए।

छठ जैसे महापर्व पर गंदी राजनीति बंद करे भाजपा

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उज्ज्वल दुनिया/रांची । एक ओर भाजपा की केन्द्र सरकार राज्यों के लिए गाइडलाइन्स जारी करती है और जब राज्य सरकार कोविड को लेकर केंद्र सरकार की गाइडलाइन्स का पालन करते हैं तो यही भाजपा लोगों को धर्म के नाम पर लोगों को भड़काती है । इनकी राजनीतिक दुर्गंध को भगवान् भास्कर भी माफ नहीं करेंगे । ये बातें झामुमो के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने प्रेस कान्फ्रेंस कर कही । 

सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि झारखंड सरकार राज्यवासियों की श्रद्धा का संपूर्ण सम्मान करेगी। आस्था पर कोई आंच नहीं आने देगी। लेकिन गंदी राजनीति के आगे घुटना नहीं टेकेगी। उन्होंने कहा कि छठ जैसे पवित्र त्यौहार पर गंदी राजनीति की सजा भाजपा को जरूर मिलेगी । जनता की नजर में तो वे पहले ही गिर चुके हैं अब भगवान् भी उनको माफ नहीं करेंगे । 

उन्होंने आरोप लगाया कि छठ महापर्व को लेकर भाजपा राजनीतिक दुर्गंध फैला रही है। सुप्रीयो भट्टाचार्य ने कहा कि चुनाव में मुंह की खाने के बाद भाजपा के लोग अब धार्मिक उन्माद फैलाने में जुट गए हैं। जबकि यही लोग कभी थाली बजा कर तो कभी दीप जला कर कोरोना भगा रहे थे।

पटाखे से झुलसने से रीता बहुगुणा जोशी की छह वर्षीय पोती का निधन,

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प्रयागराज, भारतीय जनता पार्टी की सांसद रीता बहुगुणा जोशी का संकट से पीछा नहीं छूट रहा है। पति के साथ ही कोरोना के संक्रमण से मुक्ति पाने के बाद उनको बड़ा दुख झेलना पड़ा है। उनकी छह वर्षीय पोती का सोमवार देर रात निधन हो गया है। प्रोफेसर रीता बहुगुणा जोशी और उनके पति के साथ किया के कोरोना संक्रमण का कुछ दिन पहले ही गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में इलाज हुआ था।

दिवाली की छुट्टी पर किया अपने मामा अंकुर वैश्य के घर गई थी। वहां पर उनकी मां तथा प्रोफेसर रीता बहुगुणा जोशी की बहू ऋचा जोशी भी थीं। ननिहाल गई मयंक जोशी की छह वर्ष की बेटी दिवाली सोमवार को पड़ोस के घर में पटाखे से झुलस गई थी। इसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। उसको मंगलवार को प्रयागराज से दिल्ली के मिलिस्ट्री अस्पताल में शिफ्ट करने की तैयारी थी। इलाहाबाद से भारतीय जनता पार्टी की सासंद प्रोफेसर रीता जोशी की छह वर्षीय पोती किया सोमवार को पटाखों से गंभीर रूप से जल गई थी। प्रयागराज के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। देर रात उसकी मौत हो गई। उसका पार्थिव शरीर मिंटो रोड पर सांसद आवास पर लाया गया है। बालिका के पिता मयंक जोशी अभी दिल्ली में हैं।

कोलकाता में दिसंबर से खुल जाएंगे कॉलेज व विश्वविद्यालय

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कोलकाता। महानगर समेत राज्य में दिसंबर से कॉलेज और विश्वविद्यालय खुल जाएंगे। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने नवंबर में परिसर को फिर से खोलने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किया। इस स्थिति में छात्रों और अभिभावकों को संदेह है कि केवल मास्क और सैनिटाइजर की मदद से सार्वजनिक परिवहन में सफर कर परिसर में जाना कितना सुरक्षित है।

ऐसे में उम्मीद है कि कैम्पस खुलने के बाद भी कक्षाएं आनलाइन ही चलें। कोलकाता सहित राज्य के कई संस्थानों में सैकड़ों छात्र हैं। कोविड को लेकर जारी दिशा-निर्देश के अनुसार जिन शौचालयों को दिन में एक बार साफ नहीं किया जाता है, अब उन्हें कैसे कीटाणुरहित किया जाए, इस पर सवाल हैं। कई संस्थानों में बुजुर्ग शिक्षक हैं।

चौराहे से हटी आजम के नाम की पट्टिका

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रामपुर (उप्र)। रामपुर के जिला प्रशासन ने उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री आजम खान का नाम शहर के एक प्रमुख चौराहे से हटा दिया है। रामपुर के जिला मजिस्ट्रेट औंजनेय कुमार सिंह ने खान के नाम की पट्टिका को बदलकर पिछली पट्टिका लगवा दी है। साथ ही इस क्रॉसिंग को एक नया नाम ‘सर्व धर्म समभाव’ भी दिया गया है।

नए नाम के ऊपर रामपुर रजा लाइब्रेरी के स्तंभ की तस्वीर का होडिर्ंग भी लगाया गया है। जिला मजिस्ट्रेट ने कहा है, “मुझे आजम खान से कोई शिकायत नहीं है। मैं अपनी ड्यूटी करने के लिए यहां हूं। जब भी प्रशासन द्वारा कोई नया निर्माण या नवीनीकरण किया जाता है, नए नाम की पट्टिका लगाई जाती है।