रांची । मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवास में झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के केंद्रीय समिति के महासचिव सह प्रवक्ता श्री विनोद कुमार पांडेय ने मिलकर राज्य सरकार से छठ महापर्व से संबंधित सरकारी निर्देश पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है।
विनोद कुमार पांडेय ने मुख्यमंत्री को पत्र के माध्यम से अवगत कराया है कि विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 के उच्चतम संक्रमण काल में हमारा झारखंड राज्य आपके कुशल नेतृत्व में कोविड के अप्रत्याशित प्रसार को मात देता रहा। आपके द्वारा जारी दिशानिर्देश अनुरूप राज्य वासियों ने अपने संयम का परिचय देते हुए कोविड के संक्रमण को सीमित करते हुए सरकार के इच्छाशक्ति को बल प्रदान किया।
विनोद पांडेय ने पत्र में लिखा है कि कोविड-19 के कारण विगत 7 माह में सरहुल, रामनवमी, ईद, ईस्टर, स्वतंत्रता दिवस, करमा, विश्वकर्मा पूजा, दुर्गा पूजा, काली पूजा जैसे अनेक धार्मिक एवं राष्ट्रीय पर्व के हर्षोल्लास को सीमित रखते हुए लोगों द्वारा राज्य सरकार के हर दिशा निर्देश का अक्षरश: पालन किया है। छठ महापर्व हिंदुओं के आस्था का महापर्व है। देश में झारखंड, बिहार एवं उत्तर प्रदेश में छठ महापर्व अपना विशेष स्थान रखता है। नहाय-खाय के दिन से शुरू होकर खरना, अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के पश्चात प्रातः उदयीमान सूर्य को अर्घ्य देकर इस पर्व का पारन किया जाता है। कुल चार दिवस तक चलने वाले इस महापर्व से झारखंड ही नहीं पूरे विश्व में रहने वाले हिंदुओं की आस्था जुड़ी हुई है। वर्तमान समय में कोविड नियंत्रण एवं छठ महापर्व से जुड़ी लोक आस्था के कारण राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों पर पुनर्विचार की आवश्यकता है। अतः महोदय आप के माध्यम से हम यह आग्रह करना चाहेंगे कि छठ महापर्व के दौरान सीमित संख्या में छठ व्रतियों को घाट पर जाकर सूर्यदेव की उपासना हेतु अनुमति प्रदान करने की स्वीकृति मिले।
छठ पूजा को लेकर सरकार की गाइडलाइन्स का सभी दलों और सामाजिक संगठनों ने किया विरोध
रांची जिला युवा छठ पूजा समिति ने किया गाइडलाइंस का विरोध
रांची । सरकार द्वारा जारी किया गया गाइडलाइंस के विरोध में रांची जिला युवा छठ पूजा समिति ने हस्ताक्षर अभियान चलाया और मांग की सरकार जल्द से जल्द गाइड लाइन में संशोधन करें और छठ घाट मे सोशल डिस्टेंसिंग के साथ साफ सफाई व्यवस्था के साथ छठ कराने की अनुमति दें ।
अध्यक्ष सूरजभान सिंह सूरज ने कहा कि जो किराए के मकान में एक कमरे के घर में रहता है उनके लिए घरों में छठ करना बहुत ही मुश्किल है और यह सीधे-सीधे हिंदुओं के आस्था पर चोट पहुंचाती है इसलिए सरकार इसमें संशोधन करे।
वहीं राँची जिला छठ पूजा समिति के मुख्य सलाहकार रजनीश पांडे ने कहा हेमंत सरकार धार्मिक आधार पर भेदभाव करती है। जारी गाइडलाइन पर राज्य सरकार को संसोधन करना ही होगा।करो हस्ताक्षर अभियान में मुख्य रूप से विक्रम सिंह सोनू, शशांक राज, निशांत यादव, सुमित सिंह, रजनीश पांडे, मंटू मेहता, नवीन कुमार, अविनाश गिरी दीपक, मनी, रवि, आलोक, श्याम, रोशन मौजूद रहे।
छठ पर्व को लेकर सरकार का अध्यादेश तुगलकी फरमान
रांची । छठ पर्व पर हेमंत सरकार की के आदेश पर झारखण्ड संत समाज के संगठन मंत्री स्वामी दिव्यज्ञान ने कड़ी प्रतिक्रिया वक़्त की है । उन्होंने कहा कि, राज्य सरकार का दोहरा चरित्र क्या छठ महापर्व तालाब व्रतियों के जाने पर कोरोना हो जाएगा नियम की धज्जियां उड़ जाएगी? आज से कुछ दिन पूर्व, क्या मुख्यमंत्री खुद अल्पसंख्यक बाबा के मजार पर ज़ब चादर पोशी किए और यह है नियम का पालन डिस्टेंसिंग का मेंटेन करते हुए चादर पोशी किया था? मुख्यमंत्री ने बताएं मुख्यमंत्री जी झारखंड में ये दोहरी नीति क्यों क्या बहुसंख्यक समाज को बिलकुल ही नेस्तो नाबूद करने की कसम खा रखी है मुख़्यमंत्री ने? पूरे लॉकडाउन के समय अज़ान की आवाज पूरी तरह सुनाई देती रही वही मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए क्या ये न्यायपूर्ण नहीं था? वे या तो दोनों को अनुमति देते या दोनों को ही अनुमति नहीं देते। अगर ऊर्ज की अनुमति होती है तो छठ पर्व की भी अनुमति होनी चाहिए सोशल डिस्टेंस का पालन का निर्देश के साथ। स्वामी दिव्यज्ञान महाराज ने कहा कि मेरा माननीय मुख्यमंत्री से आग्रह होगा कि छठ व्रतियों को पूजन करवाने की पूरी व्यवस्था करें साथ मे आने वाले लोगों की संख्या को सिमित किया जा सकता है इसमें मुखिया, वार्ड पार्षद, एवं अन्य जनप्रतिनिधयों की अती आवश्य्क बैठक जिला मे जिला अधिकारी एवं अन्य क्षेत्रों मे थाना स्तर पर करवाई जाय ताकी त्वरित निवारण हो।
नड्डा, शाह समेत तमाम नेताओं ने दी राष्ट्रीय प्रेस दिवस की बधाई
नई दिल्ली । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत तमाम नेताओं व केंद्रीय मंत्रियों ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर सभी मीडियाकर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान मीडिया की भूमिका सराहनीय रही।
नड्डा ने सोमवार को ट्वीट कर कहा, “राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर मीडिया के सभी मित्रों को शुभकामनाएं। मैं उन मीडियाकर्मियों के काम की सराहना करता हूं जो बिना थके काम करते हैं और विभिन्न समाचारों को सामने लाते हैं। उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान भी ऐसा किया। समाज को आवाज देने में मीडिया की भूमिका सराहनीय है।”
वहीं, भाजपा के पूर्व अध्यक्ष व केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अपने ट्वीट में लिखा, “राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर बधाई। हमारी मीडिया बिरादरी अपने महान राष्ट्र की नींव को मजबूत करने की दिशा में अथक प्रयास कर रही है। मोदी सरकार प्रेस की स्वतंत्रता के लिए प्रतिबद्ध है और इसका विरोध करने वालों के खिलाफ है। कोविड-19 के दौरान मीडिया की उल्लेखनीय भूमिका सराहनीय है।”
सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने अपने बधाई संदेश में लिखा, “फ्री प्रेस हमारे लोकतंत्र की विशेषता और आधारशिला है। राष्ट्रीय प्रेस दिवस प्रेस की स्वतंत्रता एवं जिम्मेदारियों की ओर हमारा ध्यान आकर्षित करता है। आज सबसे बड़ा संकट है फेक न्यूज, पत्रकारों को इसका ध्यान रखना चाहिए। सभी पत्रकारों को शुभकामनाएं।”
केदारनाथ धाम में अटके उप्र और उत्तराखंड के सीएम, नहीं पहुंच सके बदरीनाथ
खराब मौसम के कारण केदारनाथ में रुकना पड़ा, मौसम अनुकूल हाेने का इन्तजार
देहरादून । केदारनाथ धाम में कपाट बंद होने के पूजन में शामिल होने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत को आज खराब मौसम के कारण केदारनाथ में रुकना पड़ा है। मौसम अनुकूल हाेने पर ही दोनों मुख्यमंत्री केदारनाथ से बदरीनाथ धाम के लिए हेलीकॉप्टर से रवाना होंगे।
दोनों मुख्यमंत्रियों को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सोमवार को केदारनाथ धाम में कपाट बंद होने के पूजन में शामिल होने के बाद बदरीनाथ पहुंच कर वहां उत्तर प्रदेश सरकार के अतिथि गृह का शिलान्यास करना था लेकिन केदारनाथ में खराब मौसम के कारण दोनों मुख्यमंत्री अभी भी फंसे हुए हैं। बदरीनाथ जाने के लिए मौसम के अनुकूल होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। बीती रात से ही बर्फबारी और बारिश के कारण मौसम अत्यंत खराब है और दृश्यता अत्यंत कम हो गई है। इसके कारण उनका हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर पा रहा है।
इसके मद्देनजर सेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर से दोनों मुख्यमंत्रियों को बदरीनाथ ले जाने का वैकल्पिक कार्यक्रम तय किया गया लेकिन समाचार लिखे जाने तक दोनों मुख्यमंत्री केदारनाथ में ही अटके हुए हैं। उनकी आगे की यात्रा में मौसम बड़ा बाधक है। रुद्रप्रयाग के एसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने भी इसकी पुष्टि की है। मौसम अनुकूल हाेने पर ही दोनों मुख्यमंत्री केदारनाथ से बदरीनाथ धाम के लिए हेलीकॉप्टर से रवाना होंगे।
प्रधानमंत्री ने किया स्टेच्यू ऑफ पीस का अनावरण
स्टेच्यू ऑफ पीस विश्व में बनेगी शांति, अहिंसा और सेवा का प्रेरणा स्रोत: प्रधानमंत्री
पाली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत ने हमेशा पूरे विश्व को, मानवता को, शांति व अहिंसा का मार्ग दिखाया है। ये वो संदेश हैं, जिनकी प्रेरणा विश्व को भारत से मिलती है। इसी मार्गदर्शन के लिए दुनिया आज एक बार फिर भारत की ओर देख रही है। मुझे विश्वास है कि ये स्टेच्यू ऑफ पीस विश्व में शांति, अहिंसा और सेवा का एक प्रेरणा स्रोत बनेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को वर्चुअल कार्यक्रम में जैन भिक्षु आचार्य विजय वल्लभ सूरिश्वर महाराज की 151वीं जयंती समारोह के अवसर पर पाली जिले में स्थापित उनकी 151 इंच ऊंची प्रतिमा के अनावरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने स्टैच्यू ऑफ पीस का वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से अनावरण किया। इस मौके पर मोदी ने विश्व शांति का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि खुशकिस्मत हूं कि सरदार वल्लभ भाई पटेल की विश्व की सबसे ऊंची स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के लोकार्पण का अवसर उन्हें मिला था और आज जैनाचार्य विजय वल्लभ जी की भी स्टैच्यू ऑफ पीस के अनावरण का सौभाग्य मुझे मिला है।
पीएम ने कहा कि आप भारत का इतिहास देखें तो महसूस करेंगे, जब भी भारत को आंतरिक प्रकाश की जरूरत हुई है, संत परंपरा से कोई न कोई सूर्य उदय हुआ है। कोई न कोई बड़ा संत हर कालखंड में हमारे देश में रहा है, जिसने उस कालखंड को देखते हुए समाज को दिशा दी है। आचार्य विजय वल्लभ जी ऐसे ही संत थे। पीएम ने कहा कि आज 21वीं सदी में मैं आचार्यों, संतों से एक आग्रह करना चाहता हूं कि जिस प्रकार आजादी के आंदोलन की पीठिका भक्ति आंदोलन से शुरू हुई। वैसे ही आत्मनिर्भर भारत की पीठिका तैयार करने का काम संतों, आचार्यों व महंतों का है। महापुरुषों का, संतों का विचार इसलिए अमर होता है, क्योंकि वो जो बताते हैं, वही अपने जीवन में जीते हैं। आचार्य विजय वल्लभ जी कहते थे कि साधु-महात्माओं का कर्तव्य है कि वो अज्ञान, कलह, बेगारी, आलस, व्यसन और समाज के बुरे रीति रिवाजों को दूर करने के लिए प्रयत्न करें।
उन्होंने कहा कि आचार्य जी के शिक्षण संस्थान आज एक उपवन की तरह हैं। सौ सालों से अधिक की इस यात्रा में कितने ही प्रतिभाशाली युवा इन संस्थानों से निकले हैं। कितने ही उद्योगपतियों, न्यायाधीशों, डॉक्टर्स और इंजीनियर्स ने इन संस्थानों से निकलकर देश के लिए अभूतपूर्व योगदान किया है। स्त्री शिक्षा के क्षेत्र में इन संस्थानों ने जो योगदान दिया है, देश आज उसका ऋणी हैं। उन्होंने उस कठिन समय में भी स्त्री शिक्षा की अलख जगाई। अनेक बालिकाश्रम स्थापित करवाए और महिलाओं को मुख्यधारा से जोड़ा।
गौरतलब है कि पाली जिले के जैतपुरा गांव स्थित विजय वल्लभ साधाना केन्द्र में अष्टधातु से बनी मूर्ति स्थापित की गई है। 151 इंच यानी 13 फीट की अष्ट धातु से बनी मूर्ति जमीन से 27 फीट ऊंची है। इसका वजन करीब 1300 किलो है, जिसे स्टेच्यू ऑफ पीस नाम दिया गया है। जैन भिक्षु आचार्य विजय वल्लभ सूरीश्वरजी 1870-1954 का जन्म गुजरात के बड़ौदा में विक्रम संवत 1870 में हुआ था। वे खादी व स्वदेशी आंदोलन के पैरोकार रहे हैं। बताया जाता है कि जब 1947 में भारत-पाकिस्तान का विभाजन हुआ था, तब वे पाकिस्तान के गुजरांवाला में चातुर्मास कर रहे थे, तब ब्रिटिश सरकार ने उनको लाने के लिए विशेष विमान भेजा था, लेकिन सितंबर 1947 को वे अपने 250 अनुयायियों के साथ पैदल ही भारत पहुंचे थे। सामाजिक कार्यों के लिए भी उन्हें याद किया जाता है। उन्होंने शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र में कई अहम योगदान दिए हैं। देश के गुजरात, पंजाब और राजस्थान सहित कई राज्यों में उनके द्वारा शिक्षण संस्थाएं और अस्पताल संचालित करवाए गए। उन्होंने खुद 50 संस्थाओं की स्थापना की।
तार किशोर प्रसाद का जीवन परिचय, नीतीश के साथ ली मंत्री पद की शपथ
पटना । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के निष्ठावान कार्यकर्ता और भाजपा के छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) से वर्ष 1974 में जिला प्रमुख के रूप में सियासी सफर शुरू करने वाले तारकिशोर प्रसाद सिंह कटिहार सदर विधानसभा सीट से लगातार चौथी बार जीते है। आज उन्होंने नीतीश कुमार के साथ मंत्री पद की शपथ ली और उनके उपमुख्यमंत्री बनने की प्रबल संभावना है।
ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय से 12वीं पास तारकिशोर प्रसाद बिहार विधानसभा में सत्तारूढ़ दल के सचेतक भी रहे हैं। राजनीति में अपनी पूर्ण सक्रियता रखने वाले प्रसाद सदा से पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के करीबी रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ पार्टी के कद्दावर नेताओं से भी उनके बेहतर संबंध रहे हैं।
पिछले कार्यकाल में उनके मंत्री बनने की प्रबल संभावना थी लेकिन ऐन मौके पर यह मौका जिले के प्राणपुर विधानसभा के पूर्व विधायक दिवंगत बिनोद कुमार सिंह को मिल गया था।
बाढ़ व कटाव की समस्या से अभिशप्त सीमांचल की उम्मीदें भी इसी के साथ बढ़ऩे लगी हैं। आज नीतीश कुमार के साथ उनके मंत्री पद की शपथ लेते ही कटिहार समेत पूरे सीमांचल में उम्मीद की नई किरण बिखर गई है। खुद कटिहार जिले में अब तक बाढ़, कटाव के साथ विस्थापितों के पुनर्वास की समस्याएं मुंह बांए खड़ी हैं। कृषि आधारित उद्योग की मांग यहां दशकों से होती रही है। इन दोनों समस्याओं को लेकर खुद तारकिशोर प्रसाद भी सदन में आवाज उठाते रहे हैं।
जीवन परिचय
इनका जन्म सहरसा जिले के सलखुआ बाजार में कलवार वैश्य परिवार में पांच जनवरी 1956 को हुआ। अपने व्यवसाय के क्रम में उनके पिता गंगा प्रसाद कटिहार नगर निगम क्षेत्र अवस्थित मिरचाईबाड़ी मोहल्ले में आकर बस गये। 1980 में रेणु प्रसाद के साथ वैवाहिक बंधन में बंधे तारकिशोर प्रसाद सिंह तीन पुत्र तथा एक पुत्री के पिता हैं।
पटाखों पर प्रतिबंध के आदेश की उड़ी धज्जियां
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के 13 शहरों में पटाखों पर प्रतिबंध आदेश की धज्जियां उड़ाते हुए लोगों ने दिवाली की रात खूब पटाखे फोड़े। इसका परिणाम यह हुआ कि लखनऊ में वायु गुणवत्ता सूचकांक आधी रात तक 881 तक बढ़ गया और रविवार सुबह 427 दर्ज किया गया।
राजाजीपुरम इलाके में रविवार सुबह एक्यूआई 752 और नाका हिंद, कैसरबाग और लालबाग इलाकों में एक्यूआई 450 दर्ज की गई, ये सभी ‘खतरनाक’ श्रेणी में दर्ज हुए।
ज्यादातर लोगों ने पुलिस वैन को विभिन्न क्षेत्रों में गश्ती करता देख करीब 8 बजे तक पटाखे फोड़ने से परहेज किया।
हालांकि, रात 9 बजे के बाद लोगों ने खूब पटाखे फोड़े। कुछ पटाखे हाई डेसिबल वाले भी थे।
यहां के एक व्यवसायी राकेश खत्री ने 10,000 रुपये के पटाखे फोड़े। उन्होंने कहा, “मैंने प्रतिबंध की घोषणा से बहुत पहले ये पटाखे खरीदे थे। पटाखे का भंडारण करना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि हमारे घर में बच्चे हैं इसलिए मुझे उनका इस्तेमाल करना था। जब मेरे पड़ोसियों ने दिवाली पूजा के बाद पटाखे फोड़ना शुरू किया, तभी मैंने भी वही किया।”
वहीं प्रतिबंध के बावजूद पटाखों के इस्तेमाल की खबरें कानपुर जैसे शहरों से भी आई हैं, जहां रविवार सुबह एक्यूआई 750 था।
प्रतिबंध की अवहेलना करने वाले अन्य शहरों में मेरठ, मुरादाबाद और पश्चिमी जिलों के कई अन्य शहर शामिल हैं।
मायावती ने भीम राजभर को उत्तर प्रदेश का नया अध्यक्ष नियुक्त किया
लखनऊ । बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने भीम राजभर को मुनकाद अली की जगह उत्तर प्रदेश का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। मुनकाद अली को पिछले साल अगस्त में उप्र इकाई का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था और हाल ही में हुए उपचुनाव में पार्टी द्वारा एक भी सीट न जीत पाने के कारण उन्हें हटाया गया है।
मऊ जिले के निवासी भीम राजभर सबसे पिछड़ी जाति (एमबीसी) से आते हैं। पद पर उनकी नियुक्ति का उद्देश्य एमबीसी को पार्टी के करीब लाना है।
वहीं हाल के उपचुनावों में देवरिया से बसपा के उम्मीदवार अभय नाथ त्रिपाठी ने रविवार को पार्टी छोड़ दी। साथ ही आरोप लगाया कि बसपा गलत नीतियों पर चल रही है और उन्होंने पार्टी के समन्वयकों पर मानसिक और आर्थिक रूप से उनका शोषण करने का आरोप भी लगाया है।
दिग्गज अभिनेता सौमित्र चटर्जी का निधन
कोलकाता । वरिष्ठ बंगाली अभिनेता सौमित्र चटर्जी नहीं रहे। चटर्जी का रविवार को 85 वर्ष की अवस्था में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वो कोलकाता के बेले व्यू अस्पताल में भर्ती थे। दादासाहेब फाल्के पुरस्कार विजेता को करीब 40 दिन पहले कोलकाता के बेले व्यू अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था और शुक्रवार से उनके स्वास्थ्य का स्तर काफी नीचे गिर गया था।
सातवीं बार सीएम पद की शपथ लेंगे नीतीश कुमार, तारकिशोर प्रसाद और रेणु देवी बन सकती हैं डिप्टी सीएम
उज्ज्वल दुनिया/पटना । बिहार में नीतीश कुमार को अगला मुख्यमंत्री चुने जाने के बाद सभी की नजर राज्य के अगले डिप्टी सीएम पद पर लग गई है। राज्य के पूर्व डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी के हालिया ट्वीट के बाद अटकलें लगाई जा रही हैं कि बिहार को इस बार नया डिप्टी सीएम मिलने जा रहा है। वहीं, सूत्रों की मानें तो बिहार में इस बार दो डिप्टी सीएम बनाए जा सकते हैं। इस रेस में सबसे आगे बिहार बीजेपी के नेता तारकिशोर प्रसाद और रेणु देवी आगे चल रही हैं।
बिहार की कटिहार सीट से जीत दर्ज करके विधायक बने तारकिशोर प्रसाद को रविवार को बीजेपी विधानमंडल दल का नेता चुना गया है। इसके अलावा, रेणु देवी को बीजेपी विधायक दल का उपनेता चुना गया। पत्रकारों के साथ बातचीत में तारकिशोर ने कहा कि मुझे जो जिम्मेदारी दी गई है, उसे मैं अपनी क्षमता के अनुसार पूरी निष्ठा के साथ निभाऊंगा। हालांकि, राज्य के डिप्टी सीएम को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने साफ-साफ उत्तर नहीं दिया। तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि इस बारे में मैं कोई कमेंट नहीं करना चाहता हूं।
बीजेपी नेता रेणु देवी ने क्या कहा?
एक निजी चैनल से बातचीत में रेणु देवी ने भी कहा है कि पार्टी ने जो भी जिम्मेदारी सौंपी है, उसे वह पूरी तरह से निभाएंगी। रेणु देवी को बीजेपी विधानमंडल की नई उपनेता बनाया गया है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने एक कार्यकर्ता को जिम्मेदारी दी है। नीतीश कुमार के नेतृत्व में हम काम करते रहेंगे। कार्यकर्ता का काम जनता की सेवा करना होता है।
सुशील मोदी के ट्वीट के क्या मायने?
बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी के ट्वीट के बाद यह अटकलें लगनी शुरू हो गईं कि वे अगले डिप्टी सीएम नहीं होंगे। सुशील मोदी ने रविवार को ट्वीट कर कहा कि उन्हें बीजेपी और संघ परिवार से बहुत कुछ मिला है और एक कार्यकर्ता का पद उनसे कोई छीन नहीं सकता। सुशील मोदी ने ट्वीट किया, ”भाजपा एवं संघ परिवार ने मुझे ४० वर्षों के राजनीतिक जीवन में इतना दिया की शायद किसी दूसरे को नहीं मिला होगा। आगे भी जो जिम्मेवारी मिलेगी, उसका निर्वहन करूँगा।
झारखंड की सच्ची सेवा,भगवान बिरसा के सपनो को पूरा करना: बाबुलाल मरांडी
उज्ज्वल दुनिया/रांची । बिरसा मुंडा जयंती पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश एवं भाजपा विधायक दल के नेता बाबुलाल मरांडी ने बिरसा चौक स्थित बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने कहा कि धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर बिरसा चौक में उनके प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित किया।तत्पश्चात प्रदेश कार्यालय में भगवान बिरसा मुंडा जी एवं जन आकांक्षाओं के अनुरूप झारखंड राज्य का गठन करने वाले महान विभूति श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
इस मौके पर *दीपक प्रकाश ने कहा कि झारखंड राज्य के गठन में तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार का सबसे बड़ा योगदान था।बिहार से अलग एक नये राज्य के गठन की राह में कई सियासी पेंच के बावजूद हर तरह के राजनीतिक विरोध का सामना करते हुए उन्होंने करोड़ों लोगों की पचास साल पुरानी मांग को पूरा किया था और झारखंड राज्य के गठन को मंजूरी दी थी।*
स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी ने झारखंड राज्य का गठन पिछड़े, आदिवासी एवं वंचित,जनजातीय समुदाय के लिए किया और इसके लिए उन्होंने अलग से जनजातीय मामलों का मंत्रालय भी बनाया।
देश की 7000 मंडियां होगी इंटरकनेक्ट, किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ: जफर इस्लाम
कांग्रेस ने अन्न पर ध्यान दिया अन्नदाताओं पर नही
1912 से 2000 तक के झारखंड आंदोलनकारियों को भाजपा करेगी सम्मानित: दीपक प्रकाश
उज्ज्वल दुनिया/रांची । भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय प्रवक्ता सह राज्य सभा सांसद सैयद जफर इस्लाम ने कृषि कानून पर कांग्रेस और झामुमो को घेरते हुए कहा कि जिन लोगों का किसान और किसानी से कभी नाता भी नहीं रहा वे लोग किसानों के हितैसी कभी नहीं हो सकते। कांग्रेस पार्टी और उसके सहयोगी किसानों को बरगलाने का कार्य कर रही है जबकि किसान इनके सच से वाकिफ हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की गाढ़ी कमाई बिचौलिया लूट ले जाते थें, कृषि कानून से इस पर रोक लगेगी, यही कारण है कि कांग्रेस के पेट मे दर्द हो रहा है। कांग्रेस बिचौलियों की रक्षा करने में लगी है। कांग्रेस अन्न पर ध्यान दी है अनन्दताओं पर कभी नहीं।उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वामीनाथन रिपोर्ट के आधार पर किसानों की हित में एमएसपी डेढ़ गुना कर दिया है। कृषि कानून से 2022 तक किसानों की आय दोगुनी हो जाएगी। कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के तहत सिर्फ उपज का कॉन्ट्रैक्ट होगा जमीन का नहीं। उन्होंने कहा कि किसानों के आय दोगुनी करने को लेकर एफपीओ बनाया जा रहा है। जिसके तहत 8 हजार करोड़ रुपिया खर्च किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि मंडियों को बेहतर और किसानों को लाभ के लिए देश के 7 हजार मंडियों को इलेक्ट्रॉनिकली इंटरकनेक्ट किया जा रहा है। ताकि किसान पूरे देश के सभी मंडियों का भाव किसी भी एक स्थल से जान सके। इससे उन्हें देश भर के बाजार का भाव भी मालूम हो पायेगा। 1हजार मंडियों को इंटरकनेक्ट कर दिया गया है।
जब
उज्ज्वल दुनिया/रांची। अलग झारखंड राज्य स्थापना दिवस और भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सह राज्य के वित्त तथा खाद्य आपूर्ति मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव ने राज्यवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी है।
प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रामेश्वर उरांव ने अपने बधाई संदेश में कहा कि कोरोना संक्रमण काल में झारखंड राज्य भले ही अपना स्थापना दिवस सादगीपूर्वक मना रहा है, लेकिन उत्साह में कमी कोई नहीं आयी है। उन्होंने कहा कि अमर शहीद भगवान बिरसा मुंडा ने झारखंड के विकास का जो सपना देखा था, उसे राज्य सरकार पूरा करने में जुटी है।
डॉ. रामेश्वर उरांव ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बिरसा मुंडा भी ऐसे ही एक युगांतरकारी शख्सियत थे,जिन्होंने आदिवासी जनजीवन के मसीहा के रूप में केवल 25 सालों में बिहार, झारखंड और ओडिशा में जननायक की पहचान बनाई।आज भी आदिवासी जनता बिरसा मुंडा को भगवान की तरह याद करती है।
आदिवासियों को लगातार जल-जंगल-जमीन और उनके प्राकृतिक संसाधनों से बेदखल किया जाता रहा और वे इसके खिलाफ आवाज उठाते रहे। 1895 में बिरसा ने अंग्रेजों की लागू की गयी जमींदारी प्रथा और राजस्व-व्यवस्था के खिलाफ लड़ाई के साथ-साथ जंगल-जमीन की लड़ाई छेड़ी थी। उन्होंने सूदखोर महाजनों के खिलाफ भी जंग का ऐलान किया। ये महाजन, जिन्हें वे दिकू कहते थे, कर्ज के बदले उनकी जमीन पर कब्जा कर लेते थे। यह मात्र विद्रोह नहीं था, बल्कि यह आदिवासी अस्मिता, स्वायतत्ता और संस्कृति को बचाने के लिए महासंग्राम था। उन्होंने कहा कि अमर शहीद बिरसा मुंडा के दिखाये रास्ते पर चलकर ही झारखंड का सर्वांगीण विकास हो सकता है, गठबंधन सरकार इस संकल्प को पूरा करने के लिए तत्पर है।
जमीन कारोबारी की गोली मारकर हत्या, जांच में जुटी पुलिस*
उज्ज्वल दुनिया/लोहरदगा : लोहरदगा में अपराधियों ने एक बार फिर दुस्साहस का परिचय देते हुए जमीन कारोबारी की गोली मारकर हत्या कर दी है। यह घटना रविवार को सदर थाना क्षेत्र के हरमू ईट भट्ठा के समीप की है। मोटरसाइकिल से पहुंचे दो अज्ञात अपराधियों ने जमीन कारोबारी को निशाना साधकर दो गोली मारी है। इससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। जमीन कारोबारी को अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इस वारदात की सूचना मिलने के बाद सदर थाना पुलिस अनुसंधान के साथ जांच पड़ताल में जुट गई है। बताया जा रहा है कि सदर थाना क्षेत्र के हरमू निवासी घुड़ा उरांव का पुत्र वीरेंद्र उरांव ( 40) मूल रूप से सदर थाना क्षेत्र के रामपुर गांव का रहने वाला है। उसने हाल में ही हरमू गांव में अपना घर बनाया है। वह जमीन का कारोबार करता था।
रविवार को हरमू स्थित अपने घर से कुछ ही दूरी पर वह गया हुआ था। यहां पर पहुंचे दो अज्ञात अपराधियों ने वीरेंद्र को लक्ष्य कर दो गोली मार दी। एक गोली सीने में और एक गोली कनपटी में मारी गई। इससे मौके पर ही वीरेंद्र की मौत हो गई। गोली की आवाज सुनकर जब लोग वहां पर पहुंचे तो वीरेंद्र को अचेत पड़ा देखकर अस्पताल लाया गया। यहां पर चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

