जेपी केंद्रीय कारा परिसर स्थित डिटेंशन सेंटर से दो विदेशी बंदी फरार

जिला प्रशासन के जिम्मे थी सुरक्षा व्यवस्था, खंगाले जा रहे हैं सीसीटीवी फुटे
हजारीबाग। जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा परिसर स्थित डिटेंशन सेंटर (अवैध रूप से भारत प्रवेश करने वाले विदेशी नागरिकों के लिए) से दो बंदी मंगलवार को फरार हो गए। बताया जा रहा है कि दोनों विदेशी नागरिक म्यांमार मूल के रोहिंग्या नागरिक थे। भागने वाले बंदियों में मो. जावेद और मो. जाहिद का नाम शामिल है। अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने के जुर्म में दोनों ने सजाएं पूर्ण कर ली थी। जिसके बाद पिछले 11 माह से इन्हें डिटेंशन सेंटर में रखा जा रहा था। बतातें चलें कि म्यांमार सरकार रोहिंग्याओं को राज्य विहीन मानती है और उन्हें देश की नागरिकता देने से इनकार करती है।
जिला प्रशासन के जिम्मे थी सुरक्षा व्यवस्था
जय प्रकाश नारायण केंद्रीय कारा हजारीबाग के काराधीक्षक कुमार चंद्रशेखर ने जानकारी देते हुए बताया कि डिटेंशन सेंटर की सुरक्षा व्यवस्था जिला प्रशासन के अंतर्गत है। यहां जिला बल के 4-1 के जवान इनकी सुरक्षा में लगे थे। अब तक यह पता नहीं चल पाया है कि आखिर दोनों बंदी सेंटर से कब और कितने बजे फरार हुए। काराधीक्षक ने कहा कि मंगलवार के दिन 1:47 बजे उन्हें पता चला कि उक्त सेंटर से दो बंदी फरार हुए हैं। उन्होंने बताया कि सुबह को उन्हें दिया जाने वाला नाश्ता भी उसी तरह पड़ा हुआ है।
खंगाले जा रहें हैं सीसीटीवी फुटेज
कैंप में लगे सीसीटीवी फुटेज से जानकारी तलाशने में सदर एसडीपीओ मुकेश प्रजापति, जेपी नारायण केंद्रीय कारा के काराधीक्षक कुमार चंद्रशेखर व जेलर तथा लोहसिंघना थाना प्रभारी निशि कुमारी लगे हुए हैं। फुटेज से यह तलाशने के प्रयास किया जा रहा है कि आखिर कैसे व कितने बजे तथा किन रास्तों से होकर बंदी फरार हुए।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
बंदियों के फरार होने को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। इतने चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था वाले क्षेत्र से फरार होने के मामले को लेकर सुरक्षा पर ही सवाल खड़े हो रहें हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह पता चला है कि कैंप की सुरक्षा में लगे जवान शराब के नशे में धुत रहतें हैं। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि नशेड़ियों की बदौलत सुरक्षा लगाकर प्रशासन ने कितनी बड़ी भूल की है।
पूर्व में भी एक बंदी हो चुका है फरार
कैंप से फरार होने की यह कोई पहली घटना नहीं है। पूर्व में भी यहां से एक बंदी फरार हो चुका है। बावजूद इसके प्रशासन ने इसे संजीदगी से नहीं लिया। जिसके कारण यहां फिर से दो बंदी भागने में सफल हुए हैं। इन दोनों बंदियों के फरार होने के बाद अब इस कैंप में एक भी बंदी नहीं है।
क्या कहते हैं एसपी और सदर एसडीओ
इस संबंध में पूछे जाने पर एसपी कार्तिक एस ने बताया यह डिटेंशन सेंटर जिला प्रशासन के नियंत्रण में है। जिला प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर तैनात पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस संबंध में सदर एसडीओ विद्याभूषण प्रसाद ने कहा कि अभी इस मामले पर एसडीपीओ व काराधीक्षक की टीम जांच कर रही है। यदि जांच के क्रम में सुरक्षा कर्मियों की लापरवाही सामने आती है तो निश्चित रुप से उपर कार्रवाई की जाएगी।
फंदे से झूल युवक ने दी जान, 5 जून को होनी थी शादी
गिरिडीह : जिले के नवडीहा ओपी क्षेत्र के गादीखुर्द गांव निवासी एक 23 वर्षीय युवक पंकज कुमार वर्मा ने घर के बरामदे में फांसी लगाकर अपनी इहलीला समाप्त कर लिया। मंगलवार की सुबह पंकज का शव उसके घर के बरामदे से सटे कमरे में फंदे से झूलता पाया गया। उस वक्त उनके घर पर कोई नहीं था।
बताया जाता है कि मृतक युवक पंकज गांव में बच्चों को ट्यूशन पढ़ाता था। मंगलवार को भी वो ट्यूशन पढ़ाकर आया और अपने निर्माणाधीन मकान के मेन गेट को अंदर से बंद कर लिया। इसके बाद पंकज ने बरामदे के पास के कमरे में रस्सी बांधकर फांसी लगा ली। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाने की पुलिस घटना स्थल पर पहुंची और शव को अपनी अभिरक्षा में ले पोस्टमॉर्टम हेतु गिरिडीह सदर अस्पताल भेज दिया।
बताया कि मृतक पंकज तीन भाइयों में सबसे बड़ा था जिसकी अगामी पांच जून को शादी होने वाली थी। उसकी शादी बिहार के चकाई थाना क्षेत्र के घुपीडीह गांव में तीन माह पूर्व ही तय हुई थी। मृतक के पिता सूरत में रहकर दैनिक मजदूरी करते हैं। वह अभी भी सूरत में ही हैं। बीए की शिक्षा पूरी कर पंकज गांव में ही ट्यूशन पढ़ाया करता था। अपनी शादी को लेकर नया मकान भी बनवा रहा था।
हालांकि उसने आत्महत्या क्यों की, इसकी वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी है।
अवैध बालू कारोबारियों के खिलाफ़ टास्क फोर्स ने चलाया मुहिम, किया अवैध बालू लदे 15 ट्रेक्टर जब्त
[राजेश कुमार]
गिरिडीह : बालू के अवैध कारोबार को लेकर गिरिडीह पुलिस ने काफी सख्त रवैया अख्तियार कर चुकी है। रुक रुक कर पुलिस धुंआधार छापेमारी अभियान चला रही है। इसी कड़ी में मंगलवार की सुबह पचंबा और मुफ्फसिल थाना की पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुये सदर प्रखंड के अलग- अलग नदी घाटों से अवैध बालू लोड 15 ट्रैक्टर को जब्त किया है। पुलिस के इस कड़े रुख से एक बार पुनः बालू माफिया के बीच हड़कम्प मच गया है।
बताया जाता है कि मंगलवार की सुबह एसडीपीओ अनिल कुमार सिंह और डीएमओ के नेतृत्व में मुफ्फसिल थाना प्रभारी विनय कुमार राम, पंचबा थाना के इंस्पेक्टर अनिल कुमार और थाना प्रभारी नीतीश कुमार के नेतृत्व टास्क फोर्स की टीम मुफ्फसिल थाना क्षेत्र स्थित बराकर नदी घाट पर छापेमारी की। इस बालू उक्त घाट से टास्क फोर्स की टीम ने अवैध बालू लदे 8 ट्रैक्टर को जब्त किया। उसके बाद टीम पचम्बा थाना क्षेत्र के रानीखावा, मोसफडीह, परसाटांड़, बनखन्जो आदि नदी घाटों पर छापेमारी कर 7 ट्रेक्टर को जब्त किया।
बताया गया कि मंगलवार की सुबह जब अवैध बालू के खिलाफ जिला प्रशासन द्वारा गठित टास्क फोर्स की टीम नदी घाटों पर छापेमारी करने पहुंची उस वक़्त ट्रैक्टरों में बालू लोड किया जा रहा था। पुलिस को घाट पर देखते ही बालू माफिया के साथ साथ सभी ट्रक्टरों के चालक ट्रेक्टर छोड़ फरार हो गए। पुलिस ने सभी ट्रैक्टरों को जब्त कर थाने ले गयी। इस बावत बताया गया कि सभी जब्त ट्रैक्टर के नंबरों के आधार पर उनके मालिक और चालक के विरुद्ध केस दर्ज करने की प्रक्रिया टास्क फोर्स द्वारा की जा रही है।
स्कूली बच्चों को दिया बाइक, गड्ढे में गिरकर दोनों की मौत

स्कूल से घर लौट रहे 8 वी के छात्र की मोटरसाइकिल गड्ढे में जाने से अनियंत्रित होकर गिर गया जिसमे दो छात्रों की मौत हो गई।
गढवा जिला के मेराल थाना क्षेत्र में डीएवी स्कूल से घर लौट रहे गोंदा गांव में पेट्रोल पंप के पास छात्र की मोटरसाइकिल गड्डे में जाने से अनियंत्रित होकर गिर गया जिसमें एक कि छात्र की मौके पर ही मौत हो गया दूसरे छात्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गढवा उपचार के भेजा गया जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत बता दिया। मेराल पुलिस द्वारा डेड बॉडी को अंतिम परीक्षण के लिए गढ़वा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भेजा गया।
मिली जानकारी के अनुसार मेराल निवासी रामप्रवेश साह का पुत्र हिमांशु अपने मित्र बनना गांव निवासी उमेश दास का पुत्र प्रिंस कुमार के साथ मोटरसाइकिल से मेराल की ओर लौट रहा था।
गढ़वा: जमीन कारोबारी की हत्या में शामिल सुपारी किलर गिरफ्तार
गढ़वा। जिले को पूरी तरह अपराध मुक्त बनाने की दिशा में अनवरत प्रयासरत गढ़वा पुलिस द्वारा उस वक्त एक बड़ी सफ़लता हासिल की गयी जब एक ज़मीन क़ारोबारी की हत्या में शामिल दो सुपारी किलरों को गिरफ़्तार किया गया ।
आपको बताएं कि शहर के सोनपुरवा मोहल्ले में एक वर्ष पूर्व राजेश मेहता नामक ज़मीन क़ारोबारी की हत्या एक करोड़ के ज़मीन के लिए दो लाख रुपये सुपारी दे कर करायी गयी थी । उक्त हत्याकांड का ख़ुलासा करते हुए पुलिस द्वारा घटना में मुख्य रूप से शामिल ज्ञानप्रकाश और दीपक तिवारी नामक दोनो सुपारी किलरों को गिरफ़्तार किया गया ।
ज्ञानप्रकाश रांची में पिछले दिनों हुए एक कर्मचारी की हत्या में भी शामिल था, जिसे गढ़वा पुलिस द्वारा गिरफ़्तार कर रांची पुलिस को सौंप दिया गया।
त्रिवेन्द्र सिंह रावत के इस्तीफे के बाद इन दो नामों पर मंथन

त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है । त्रिवेंद्र सिंह रावत ने राज्यपाल बेबी रानी मोर्या से मुलाकात की और उन्हें अपना इस्तीफा सौंपा ।
विधायकों की नाराज़गी के कारण इस्तीफा
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में विधायकों और कुछ मंत्रियों में नाराजगी के चलते त्रिवेंद्र सिंह रावत को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा है । इन नेताओं की नाराजगी जाहिर करने के बाद त्रिवेंद्र सिंह रावत के मुख्यमंत्री बने रहने पर संकट जारी था । इसके बाद से ही केंद्रीय नेतृत्व इस मसले पर मंथन कर रहा था । तभी से कयास लगाए जा रहे थे कि त्रिवेंद्र सिंह रावत की मुख्यमंत्री पद से छुट्टी हो सकती है ।
बुधवार को नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान बुधवार को होगा । इसको लेकर राज्य में सियासी उथल-पुथल मची हुई है ।
धन सिंह रावत या पुष्कर सिंह धामी का नाम आगे
सूत्रों के अनुसार, सीएम रावत ने पहली बार विधायक बनने वाले धन सिंह रावत का नाम अगले मुख्यमंत्री के लिए प्रस्तावित किया है । यही वजह है कि धन सिंह रावत को आनन-फानन में देहरादून बुलाया गया है । इसके अलावा राज्य में एक डिप्टी सीएम भी होगा । इस पद के लिए पुष्कर सिंह धामी का नाम रेस में सबसे आगे है ।
त्रिवेन्द्र सिंह रावत के इस्तीफे के बाद इन दो नामों पर मंथन

त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है । त्रिवेंद्र सिंह रावत ने राज्यपाल बेबी रानी मोर्या से मुलाकात की और उन्हें अपना इस्तीफा सौंपा ।
विधायकों की नाराज़गी के कारण इस्तीफा
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में विधायकों और कुछ मंत्रियों में नाराजगी के चलते त्रिवेंद्र सिंह रावत को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा है । इन नेताओं की नाराजगी जाहिर करने के बाद त्रिवेंद्र सिंह रावत के मुख्यमंत्री बने रहने पर संकट जारी था । इसके बाद से ही केंद्रीय नेतृत्व इस मसले पर मंथन कर रहा था । तभी से कयास लगाए जा रहे थे कि त्रिवेंद्र सिंह रावत की मुख्यमंत्री पद से छुट्टी हो सकती है ।
बुधवार को नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान बुधवार को होगा । इसको लेकर राज्य में सियासी उथल-पुथल मची हुई है ।
धन सिंह रावत या पुष्कर सिंह धामी का नाम आगे
सूत्रों के अनुसार, सीएम रावत ने पहली बार विधायक बनने वाले धन सिंह रावत का नाम अगले मुख्यमंत्री के लिए प्रस्तावित किया है । यही वजह है कि धन सिंह रावत को आनन-फानन में देहरादून बुलाया गया है । इसके अलावा राज्य में एक डिप्टी सीएम भी होगा । इस पद के लिए पुष्कर सिंह धामी का नाम रेस में सबसे आगे है ।
आबादी वाले क्षेत्रो मे प्रदूषण फैलाने वाले पत्थर क्रेशरों पर टास्क फोर्स करे कार्रवाई

नीरज कुमार जैन/संथाल ब्यूरो
साहिबगंज। उपायुक्त रामनिवास यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को कार्यालय प्रकोष्ठ में जिला खनन टास्क फोर्स की बैठक हुई। बैठक में उपायुक्त ने पूर्व की बैठक मे लिए गए प्रस्तावों की समीक्षा किया। इस दौरान क्षेत्र क्षेत्रीय पदाधिकारी झारखंड प्रदूषण नियंत्रण पर्षद, दुमका द्वारा बताया गया कि मुख्यालय से रिहायशी इलाकों तथा गांव सड़क के आसपास संचालित क्रशर को 15 दिनों का नोटिस देने की जानकारी दी । जहां डीसी रामनिवास यादव ने साफतौर पर टास्क फोर्स के सदस्यो को निर्देश दिया कि सात दिनों के दरम्यान दी गई नोटिस के आलोक मे कार्रवाई करें। उन्होंने संबंधित एसडीएम, एसडीपीओ व प्रदूषण रेंजर को कार्यवाही के तहत क्रशर यूनिट को शिफ्ट कराने का निर्देश दिया।

बैठक मे संचालित ईट भट्टों एवं चिमिनियों से निकलने वाली धूंआ की नियमित जांच के साथ बाल मजदूर काम ना करें यह सुनिश्चित करने के साथ ईट भट्टों, चिमनियों के कागजात की जांच करने का निर्देश भी दिया। बैठक में पत्थर तुड़ाई हेतु प्रयोग के विस्फोटक व विस्फोटक परिवहन करने वाले वाहनों की जांच भी आवश्यक बताया। एसडीपीओ एवं डीटीओ को विशेष कर सकरीगली, महाराजपुर में हो रहे ओवरलोड की जांच व नाव से अवैध पत्थर ढुलाई करने वालो तथा अवैध खनन में लिप्त व्यक्तियों को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया गया। टास्क फोर्स नियमित रूप से खनिज से लदे वाहनों की जांच तथा पत्थर प्रेषण करता एवं वाहन मालिकों द्वारा यह सुनिश्चित किया जाए कि खनिज प्रेषण के पूर्व खनिजों को त्रिपाल से ढक कर ही प्रेषण किया जाए।

टास्क फोर्स को बरहड़वा के कोटलपोखर में अवैध खनन एवं अवैध रूप से संचालित क्रशर की नियमित रूप से जांच कर प्रत्येक सप्ताह जांच प्रतिवेदन जिला खनन पदाधिकारी को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। टास्क फोर्स के द्वारा क्रशर इकाई संचालन करने के पूर्व भूमि से संबंधित अनापत्ति प्रमाण पत्र निर्गत करने से पहले संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी एवं संबंधित अंचलाधिकारी को पंचायत द्वारा निर्गत अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त होने के उपरांत ही भूमि से संबंधित अनापत्ति प्रमाण पत्र निर्गत करने की कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया। वहीं पहाड़ी क्षेत्र या पहाड़ पर अवस्थित वैसे क्रशरों को अविलंब कार्रवाई कर शील करें जिससे खेतो को उर्वरक क्षमता क्षीण हो रही है।
आबादी वाले क्षेत्रो मे प्रदूषण फैलाने वाले पत्थर क्रेशरों पर टास्क फोर्स करे कार्रवाई

नीरज कुमार जैन/संथाल ब्यूरो
साहिबगंज। उपायुक्त रामनिवास यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को कार्यालय प्रकोष्ठ में जिला खनन टास्क फोर्स की बैठक हुई। बैठक में उपायुक्त ने पूर्व की बैठक मे लिए गए प्रस्तावों की समीक्षा किया। इस दौरान क्षेत्र क्षेत्रीय पदाधिकारी झारखंड प्रदूषण नियंत्रण पर्षद, दुमका द्वारा बताया गया कि मुख्यालय से रिहायशी इलाकों तथा गांव सड़क के आसपास संचालित क्रशर को 15 दिनों का नोटिस देने की जानकारी दी । जहां डीसी रामनिवास यादव ने साफतौर पर टास्क फोर्स के सदस्यो को निर्देश दिया कि सात दिनों के दरम्यान दी गई नोटिस के आलोक मे कार्रवाई करें। उन्होंने संबंधित एसडीएम, एसडीपीओ व प्रदूषण रेंजर को कार्यवाही के तहत क्रशर यूनिट को शिफ्ट कराने का निर्देश दिया।

बैठक मे संचालित ईट भट्टों एवं चिमिनियों से निकलने वाली धूंआ की नियमित जांच के साथ बाल मजदूर काम ना करें यह सुनिश्चित करने के साथ ईट भट्टों, चिमनियों के कागजात की जांच करने का निर्देश भी दिया। बैठक में पत्थर तुड़ाई हेतु प्रयोग के विस्फोटक व विस्फोटक परिवहन करने वाले वाहनों की जांच भी आवश्यक बताया। एसडीपीओ एवं डीटीओ को विशेष कर सकरीगली, महाराजपुर में हो रहे ओवरलोड की जांच व नाव से अवैध पत्थर ढुलाई करने वालो तथा अवैध खनन में लिप्त व्यक्तियों को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया गया। टास्क फोर्स नियमित रूप से खनिज से लदे वाहनों की जांच तथा पत्थर प्रेषण करता एवं वाहन मालिकों द्वारा यह सुनिश्चित किया जाए कि खनिज प्रेषण के पूर्व खनिजों को त्रिपाल से ढक कर ही प्रेषण किया जाए।

टास्क फोर्स को बरहड़वा के कोटलपोखर में अवैध खनन एवं अवैध रूप से संचालित क्रशर की नियमित रूप से जांच कर प्रत्येक सप्ताह जांच प्रतिवेदन जिला खनन पदाधिकारी को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। टास्क फोर्स के द्वारा क्रशर इकाई संचालन करने के पूर्व भूमि से संबंधित अनापत्ति प्रमाण पत्र निर्गत करने से पहले संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी एवं संबंधित अंचलाधिकारी को पंचायत द्वारा निर्गत अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त होने के उपरांत ही भूमि से संबंधित अनापत्ति प्रमाण पत्र निर्गत करने की कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया। वहीं पहाड़ी क्षेत्र या पहाड़ पर अवस्थित वैसे क्रशरों को अविलंब कार्रवाई कर शील करें जिससे खेतो को उर्वरक क्षमता क्षीण हो रही है।
चांडिल में ट्रेनों के ठहराव को लेकर रेलमंत्री से मिले सांसद

सरायकेला: मंगलवार को रांची के सांसद संजय सेठ ने नई दिल्ली में रेल मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान सांसद संजय सेठ ने रांची लोकसभा क्षेत्र के चांडिल स्टेशन पर विभिन्न ट्रेनों के ठहराव के लिए ज्ञापन सौंपा। सांसद संजय सेठ के द्वारा दिए गए ज्ञापन में रांची हावड़ा इंटरसिटी एक्सप्रेस, टाटा छपरा एक्सप्रेस, साउथ बिहार एक्सप्रेस, पुरुषोत्तम एक्सप्रेस, टाटा आसनसोल एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों के चांडिल रेलवे स्टेशन पर ठहराव की मांग की गई है। इसके अतिरिक्त टाटा बरकाकाना पैसेंजर का परिचालन आरंभ करने के लिए भी श्री सेठ ने केंद्रीय रेल मंत्री से आग्रह किया है।
केंद्रीय रेल मंत्री से मुलाकात के बाद सांसद संजय सेठ ने बताया कि चांडिल रेलवे स्टेशन पर जिन ट्रेनों के ठहराव की मांग की गई है, इनका ठहराव लॉकडाउन से पहले चांडिल स्टेशन पर था। लॉकडाउन खत्म होने के बाद जब ट्रेनों का परिचालन शुरू हुआ तो इस स्टेशन पर ट्रेन का ठहराव नहीं दिया गया। इस वजह से स्थानीय नागरिकों को काफी समस्या हो रही है, ट्रेनों का ठहराव नहीं होने के कारण भी लोगों को आवागमन में समस्या हो रही है।
इसके अतिरिक्त टाटा बरकाकाना पैसेंजर के संबंध में सांसद ने कहा कि यह ट्रेन इस रूट की लाइफ लाइन है। जिससे विद्यार्थी, श्रमिक, दिहाड़ी पर काम करने वाले लोग, सहित व्यवसायी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक विभिन्न स्टेशनों के लिए आवागमन करते हैं। ट्रेन का परिचालन आरंभ होने से क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी राहत की बात होगी। संजय सेठ ने कहा कि केंद्रीय रेल मंत्री ने इन सभी मामलों पर गंभीरता पूर्वक विचार करने और इन मांगों को पूरा करने की दिशा में कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है।
DVC से झारखण्ड त्रस्त है, विपक्ष साथ दे तो नकेल कस देंगे

झारखंड विधानसभा में बजट सत्र चल रहा है। इस दौरान मंगलवार को एक बार फिर से सदन DVC का मुद्दा गरमाया। सत्ता पक्ष के विधायकों ने कहा कि DVC से जनता परेशान है। कई विधायकों ने इससे संबंधित सवाल दिए। जिसका जवाब सदन में खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिया।
उन्होंने कहा कि विपक्ष साथ दे तो DVC की नकेल कस देंगे। डीभीसी से झारखंड त्रस्त है। आए दिन आंख दिखाता है, सिर्फ उद्योग को बिजली देता है। झारखंड के करोड़ों रुपए भी काट लिए हैं। DVC सिर्फ प्रदूषण फैला रहा।
इसके साथ ही विधानसभा में ग्रामीण विकास विभाग की अनुदान मांग पर भी चर्चा हुई। विपक्ष की तरफ से भाजपा विधायक रामचंद्र चंद्रवंशी ने कटौती प्रस्ताव लाया। उन्होनें सरकार से विधायक मद की राशि को पाँच से बढ़ाकर 10 करोड़ करने की मांग की। साथ ही उन्होंने सरकार से जल्द पंचायत चुनाव कराने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव नहीं होने से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य रुका हुआ है।


