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मीसा आंदोलन में जब दूसरी बार हुई थी वरिष्ठ अधिवक्ता स्वरूपचंद जैन की गिरफ्तारी

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उज्ज्वल दुनिया, हजारीबाग(अजय निराला)। भारतीय इतिहास में 46 वर्ष पहले आज ही के दिन 25-26 जून की रात घोषित इमरजेंसी की यादों को ताजा करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता स्वरूपचंद जैन कहते हैं कि मीसा आंदोलन के तहत उनकी दूसरी बार गिरफ्तारी हुई थी।

इनमें कई छात्र नेताओं की तो पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी थी। उनके साथ रहे गौतम सागर राणा, अशोक चौरसिया आदि पहले ही हजारीबाग सेंट्रल जेल में बंद हो चुके थे।

तब संयुक्त बिहार रहने से उधर से भी सैकड़ों आंदोलनकारियों को बंदी बनाया गया था।

मामला तो मार्च से ही गर्म होना शुरू हो गया था। इससे पहले 18 अगस्त 1974 में मीसा आंदोलन के दौरान उनकी पहली बार गिरफ्तारी हुई थी।

25-26 जून 1975 की रात देश में इमरजेंसी लागू किया गया।

इस आपातकाल के दौरान उनकी दूसरी बार गिरफ्तारी मार्च 1976 में हुई थी। पूरे वर्षभर वह अन्य बंदी साथियों के साथ जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा (तब सेंट्रल जेल) हजारीबाग की चहारदीवारी में काटा था।

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सत्ता जाने के बाद नई सरकार के गठन के साथ मार्च 1977 में वे अन्य आंदोलनकारियों के साथ जेल से रिहा हुए थे।

आपातकाल का दौर काफी संघर्षों भरा रहा। जेपी के अनुयायी सरकार के विरोध में लगातार अभियान चलाते रहे।

इमरजेंसी लागू होने के बाद भी देश के युवा छात्रों ने हार नहीं मानी और केंद्र सरकार के इस सख्त और अदूरदर्शी व असंवैधानिक कदम का विरोध जताते रहे।

नतीजतन इंदिरा गांधी को सत्ता से हटना ही नहीं पड़ा, बल्कि उन्हें जेल तक जाना पड़ा।

देश की जनता ने यह साबित कर दिया कि भारत में तानाशाही नहीं चलेगी।

यहां जनता के लिए, जनता के द्वारा और जनता की ही लोकतांत्रिक सरकार चलेगी।

दमन का शासन वे हरगिज बर्दाश्त नहीं कर सकते और इसके लिए पूरे देशवासियों ने एकजुटता दिखाई।

 जब तीखे लहजे में अपने विधायक से पूछ बैठे रामेश्वर उरांव, क्या अगली बार पार्टी आपको टिकट देगी?

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24 जून
सर! कृषि मंत्री सामने ही हैं…. इन्हें बोल देते कि एनपीए वालों का भी माफ़ कर दें …. अबतक नहीं हो पाया है सर … जनता को जवाब देना पड़ता है …. किसान का नहीं माफ़ होगा तब तो अगली बार हार जायेंगे सर …. ! खिजरी से कांग्रेस विधायक राजेश कच्छप जब इतना बोले ही थे कि झारखण्ड कांग्रेस के अध्यक्ष सह मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव का चेहरा लाल हो गया। जिसका असर उनके तीखे जवाब में साफ दिखा। पलटवार किये, तुमको तो मैं पढ़ा लिखा समझता हूँ यार …. तुम पढ़े-लिखे भी हो या नहीं …. सभी चीजों के लिए प्रक्रिया है न यार … झूठ बोल दें, ऐसे ही, बीजेपी की तरह …. ये कांग्रेस पार्टी है, यहाँ ऐसी ही राजनीति होती है … तुम्हें अगली बार पार्टी टिकट देगी, यह तय है क्या?

खिजरी से कांग्रेस के विधायक राजेश कच्छप (फाइल तस्वीर)
खिजरी से कांग्रेस के विधायक राजेश कच्छप (फाइल)

यह दृश्य कांके रोड के रॉक गार्डन का है। दरअसल कांग्रेसी विधायकों की नाराजगी की खबर के बाद अध्यक्ष ने यहां बैठक बुलाई थी। घंटों तक चली बैठक के बाद जब रामेश्वर उरांव जाने के लिए अपनी गाडी में बैठे ही थे कि उन्हें विदा करने आये राजेश कच्छप ने उक्त बातें छेड़ दी थीं। पार्टी के कुछ विधायक और मंत्री बादल पत्रलेख यह सब सुन रहे थे।

डॉ. उरांव यहीं तक नहीं रुके… कच्छप को बोलते हुए कहा, मै खुद अगली बार उम्मीदवार बनाया जाऊंगा या नहीं यह नहीं पता… और आप सब लोग यह स्पष्ट समझ लीजिये आपकी जीत और हार की जिम्मेवारी आपकी खुद की होगी …. पार्टी आपकी जिम्मेवारी नहीं लेने जाएगी … कांग्रेस पार्टी ऐसे ही चलती है, आप राजनीति में अभी आये हैं… मैं कई दशक से राजनीति में हूं … दबाव बनाने से कुछ नहीं होगा… सब समय पर ही होगा… नियम अनुसार ही होगा

डॉ. रामेश्वर उरांव का यह गुस्सा अकारण नहीं है। दरअसल पार्टी के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. इरफान अंसारी की अगुवाई में दिल्ली गए चार विधायकों में राजेश कच्छप भी शमिल थे। चारों ने केंद्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल और प्रदेश प्रभारी आरपीएन सिंह से मुलाकात की थी। प्रदेश संगठन के कुछ नेताओं की शिकायत तक किए जाने की बात सामने आई है।

बैंककर्मी बन महिला ने नौ लोगों को लगाया 80 लाख रुपए का चूना

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उज्ज्वल दुनिया, हजारीबाग। हजारीबाग में नटवरलाल बन एक महिला ने नौ लोगों को करीब 80 लाख रुपए का चूना लगाया और फिर फरार हो गई।

एसबीआई में फिक्स डिपोजिट के नाम पर बैंककर्मी बनकर महिला ग्राहकों को झांसे में लेकर रकम लेती रही।

जब महीनों से उसके दर्शन नहीं हुए और न ही मोबाइल पर बात हुई, तब ग्राहकों का माथा ठनका।

बैंक में पता करने पर ऐसी किसी महिला के बैंककर्मी होने की बात से इनकार किया गया।

उसके बाद भुक्तभोगी ग्राहकों ने सदर थाने में महिला के खिलाफ आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई।

ग्राहकों के अनुसार स्टेट बैंक ऑफ इंडिया मुख्य शाखा हजारीबाग में टेबल पर बैठकर वह ग्राहकों को चूना लगाती रही और किसी को उसके कारनामे की भनक तक नहीं लगी।

ऐसे में ग्राहक इस मामले में बैंक की भूमिका को भी संदिग्ध बताते हैं।

बताया जाता है कि महिला बैंक में एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस का एजेंट थी।

इश्योरेंस की जगह लोगों को फिक्स डिपोजिट से पैसे कमाने का सब्जबाग दिखाने लगी।

जब काफी रकम इकट्ठा कर ली, तो अचानक सबसे पैसे लेकर फरार हो गई।

लोग इस महिला का नाम कहकशां निषाद बता रहे हैं।

उसने ग्राहकों से तीन से 20 लाख तक ठगे। दो लोगों से 10 और 50 हजार रुपए की ठगी की।

सभी ग्राहकों को फिक्स डिपोजिट के कागजात लेने के लिए अगले दिन बुलाया।

जब ग्राहक कागजात लेने के दिए दूसरे दिन बैंक पहुंचे, तो महिला का कहीं अता-पता नहीं पाया।

गहन जांच-पड़ताल के बाद ग्राहकों को यह पता चला है कि उस महिला ने यह सारी रकम किसी ननबैंकिंग कंपनी आईआईएफएल में जमा कराई है।

पिकअप में ले जाया जा रहा था 15 लाख से अधिक का गांजा, चालक फरार

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उज्ज्वल दुनिया, हजारीबाग। हजारीबाग मुफस्सिल थाना पुलिस ने पिकअप वैन से 15 लाख से अधिक की कीमत का गांजा बरामद किया है।

रांची-पटना रोड एनएच-33 पर चानो ओवरब्रिज के पास शुक्रवार को पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर उधर से जा रहे योद्धा पिकअप वैन को पकड़ा।

बिना नंबर के सफेद पिकअप का चालक पुलिस को देख कर पिकअप छोड़ फरार हो गया।

टाउन डीएसपी महेश प्रजापति ने बताया कि पिकअप में 28 बड़े पैकेट में गांजा बरामद किया गया।

हर पैकेट का वजन करीब पांच किलो और 14 माध्यम आकार के पैकेट में एक किलो और छोटे पैकेट में 700 ग्राम गांजा रखा हुआ था।

प्रत्येक का वजन एक किलो और छोटा पैकेट 700 ग्राम का पाया गया।

नेतरहाट में पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ावा देने की पहल, आयुक्त ने किया भ्रमण

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उज्ज्वल दुनिया, लातेहार(पलामू)। पलामू के आयुक्त जटाशंकर चौधरी ने शुक्रवार को नेतरहाट पहुंचकर पर्यटन के विभिन्न केंद्रों का भ्रमण किया।

उन्होंने नेतरहाट के विभिन्न पर्यटन स्थलों का परिभ्रमण कर पर्यटन की संभावनाओं का अवलोकन किया।

साथ ही नेतरहाट में किस तरह से पर्यटन को और बढ़ावा दिया जा सकता है, उसका आकलन किया, ताकि पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सके तथा नेतरहाट को भविष्य में और अच्छा बनाया जा सके।

 

आयुक्त ने पर्यटन केंद्र नेतरहाट को और विकसित किए जाने और भविष्य में पर्यटन संबंधी सुविधाएं बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन को निदेशित किया।

आयुक्त शैले हाउस, अपर घाघरी वाटर फॉल, कोयल व्यू, मैगनोलिया प्वाइंट आदि केंद्रों का भ्रमण किया।
नेतरहाट भ्रमण के पूर्व आयुक्त लातेहार पहुंचकर सर्किट हाउस में डीसी अबु इमरान के साथ बैठक कर नेतरहाट में पर्यटन को बढ़ावा देने के संबंध में विमर्श किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

नेतरहाट भ्रमण के दौरान आयुक्त के साथ महुआडांड़ अनुमंडल पदाधिकारी नीति निखिल सुरीन, महुआडांड़ प्रखंड विकास पदाधिकारी टुडू दिलीप एवं स्थानीय मुखिया आदि उपस्थित थे।

पिछले एक हफ्ते से अचानक खबरों में क्यों आ गए खिजरी विधायक राजेश कच्छप ?

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झारखंड कांग्रेस के तीन-चार विधायक ऐसे हैं जो किसी न किसी कारण से सुर्खियों में बनें ही रहते हैं।  जैसे इरफान अंसारी, उमाशंकर अकेला, अंबा प्रसाद और प्रदीप यादव आदि । लेकिन पिछले एक हफ्ते से एक और कांग्रेसी विधायक किसी न किसी कारण से न्यूज़ में है । और वो हैं रांची से सटे खिजरी विधानसभा से कांग्रेस के विधायक राजेश कच्छप।

धुर्वा इलाके में लगा गुमशुदगी वाला पोस्टर 

शुक्रवार की सुबह-सुबह धुर्वा गोलचक्कर के पास राज्य प्रदूषण बोर्ड वाले दफ्तर की दीवार पर लगे एक पोस्टर ने सनसनी फैला दी । देखते ही देखते इस पोस्टर की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई । हालांकि थोड़ी देर बाद ही इसे हटा दिया गया लेकिन तबतक पोस्टर अपना काम कर चुका था ।

धुर्वा में लगा खिजरी विधायक राजेश कच्छप की गुमशुदगी वाला पोस्टर
धुर्वा में लगा खिजरी विधायक राजेश कच्छप की गुमशुदगी वाला पोस्टर

राजेश कच्छप से जब इस पोस्टर के बारे में पूछा गया तो उनका जवाब था कि ये विरोधी दल के किसी कार्यकर्ता की हरकत है । पोस्टर लगाने वाले को अपना नाम लिखना चाहिए था । जबतक हमें ये पता नहीं चलेगा कि वो कौन है, हम उसकी परेशानी कैसे दूर करेंगे?

अगली बार तुमको टिकट मिलेगा जी ?

गुरुवार को राजधानी रांची के rock garden में कांग्रेस विधायक दल की बैठक थी । बैठक खत्म होने के बाद रामेश्वर उरावं अपनी गाड़ी की ओर बढ़ चले । पीछे-पीछे खिजरी विधायक राजेश कच्छप लपके । उन्होंने रामेश्वर उरावं से कहा कि अफसर विधायकों की नहीं सुन रहे । इसपर गुस्से से तमतमाए हुए रामेश्वर उरावं ने कह दिया कि क्या आपको विश्वास है कि अगली बार पार्टी टिकट देगी या नहीं? इतना कह रामेश्वर उरावं ने गाड़ी का दरवाजा बंद किया और चले गए। राजेश कच्छप को मानों सांप सूंघ गया,  आसपास मौजूद लोग भी सन्न रह गए ।

दिल्ली जाने वाले चार विधायकों में एक राजेश कच्छप भी 

कांग्रेस के जो चार विधायक शिकायत लेकर दिल्ली गये थे, उनमें एक राजेश कच्छप भी हैं। कांग्रेस के ही कुछ लोगों ने रामेश्वर उरावं और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को इनके बारे में खूब नमक-मिर्च लगाकर शिकायत की है।  ऐसी हालत में राजेश कच्छप को रामेश्वर उरावं हटाओ मोर्चे का अहम सदस्य बताया जा रहा है।

दिल्ली में आरपीएन सिंह से मुलाकात के दौरान की तस्वीर
दिल्ली में आरपीएन सिंह से मुलाकात के दौरान की तस्वीर

उपभोक्ताओं को अबाधित और गुणवत्ता युक्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो

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राज्य में सोलर पावर और जल विद्युत परियोजनाओं से बिजली उत्पादन के क्षेत्र में संभावनाएं तलाशे विभाग
राज्य में सोलर पावर और जल विद्युत परियोजनाओं से बिजली उत्पादन के क्षेत्र में संभावनाएं तलाशे विभाग

बिजली आज की नितांत जरूरत है। समय के साथ बिजली की खपत बढ़ती जाएगी । ऐसे में भविष्य में बिजली की जरूरतों और मांग का आकलन करते हुए बिजली उत्पादन बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाने की जरूरत है । मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को अबाधित और गुणवत्ता युक्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया । उन्होंने कहा कि बिजली उत्पादन के क्षेत्र में राज्य को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में विभाग सभी समुचित कदम उठाए ।

ऊर्जा के गैर परंपरागत स्रोतों को विकसित करने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज ऊर्जा के गैर परंपरागत स्रोतों को विकसित करने का समय आ चुका है ऐसे में राज्य में सोलर पावर और जल विद्युत परियोजनाओं से बिजली उत्पादन के क्षेत्र में संभावनाएं तलाशी जानी चाहिए । मुख्यमंत्री ने विभाग से कहा कि जल विद्युत परियोजनाओं के लिए सभी जलाशयों का सर्व करे और उसकी संभावित उत्पादन क्षमता को लेकर कार्य योजना तैयार करे.

सोलर पावर एनर्जी के लिए लैंड बैंक बनेगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सोलर पावर एनर्जी के क्षेत्र में काफी संभावनाएं हैं. लेकिन इसके लिए बड़े पैमाने पर भूमि की जरूरत पड़ती है. ऐसे में सोलर पावर प्लांट को अधिष्ठापित करने के लिए लैंड बैंक बनाया जाएगा. उन्होंने इस दिशा में विभाग को सोलर पावर प्लांट के उत्पादन क्षमता का आकलन करते हुए जमीन की जरूरत का ब्यौरा तैयार करने को कहा. सरकार का उदेश्य राज्य में ज्यादा से ज्यादा सोलर पावर प्लांट अधिष्ठापित करने पर फोकस है.

बिजली घाटे को कम करें, राजस्व बढ़ाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली से होने वाला घाटा लगातार बढ़ रहा है. इसे पाटने की दिशा में विभाग यथोचित कदम उठाए. उन्होंने बिजली से राजस्व बढ़ाने का भी निर्देश अधिकारियों को दिया. इस मौके पर विभाग की ओर से बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2020-21 में बिजली परिचालन हानि लगभग 2480 करोड़ रुपए रहा है. इसकी वजह कोरोना की वजह से बिजली बिल वसूली का नहीं होना प्रमुख रहा. विभागीय अधिकारियों ने कहा कि ऊर्जा विभाग को प्रॉफिट मेकिंग बनाने की दिशा में कार्य योजना तैयार की जा रही है. आने वाले दिनों में झारखंड न सिर्फ बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर होगा, बल्कि बिजली से आमदनी करने में भी सक्षम होगा.

क्या कांग्रेस के अंदर दलितों और सवर्णों के लिए कोई जगह नहीं बची ?

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कांग्रेस पार्टी के भीतर सबसे प्रमुख संस्था है AICC (All India Congress Committee) यानि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी । पार्टी के सारे अहम फैसलों पर इसी कमेटी की मुहर लगती है । या यूं कहें कि गांधी परिवार के बाद कांग्रेस में डिसिजन मेकिंग बॉडी है AICC  । इस दफे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी में बिहार से 6 नेताओं को शामिल किया गया है । इनमें से चार मुस्लिम हैं तो दो ओबीसी तबके से आते हैं । दिलचस्प बात ये है कि 4 मुस्लिम में 3 एक ही जिले से आते हैं । ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी में बिहार से सवर्ण औऱ दलित वर्ग का कोई नुमाइंदा नहीं है ।

कांग्रेस के अंदर अब दलितों और सवर्णों की पूछ नहीं

बिहार प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्‍यक्ष अनिल शर्मा ने पार्टी नेतृत्व को रवैया बदलने की नसीहत दी है । अनिल शर्मा ने सवाल उठाते हुए कहा है कि जब सबकुछ मुसलमानों को ही देना है तो फिर बाकी जातियां कांग्रेस का साथ क्यों दें ? उन्‍होंने कहा कि AICC में बिहार से 6 नेताओं में से चार मुस्लिम और दो ओबीसी से हैं । अनिल शर्मा ने पार्टी नेतृत्व को कहा है कि AICC बिहार से अनुसूचित जाति, अति पिछड़ा वर्ग और सवर्ण जातियों को भी जगह दी जानी चाहिए ।

बिहार कांग्रेस में टूट की आशंका

हाल ही में बिहार कांग्रेस में बड़ी टूट की पटकथा लगभग तैया थी। कांग्रेस से जेडीयू में गए अशोक चौधरी और ललन सिंह ने लगभग पूरी तैयारी कर ली थी, लेकिन एन वक्त पर मामला सामने आ गया । बिहार कांग्रेस के प्रभारी भक्तचरण दास ने किसी तरह आकर मामले को संभाला। अब AICC में सिर्फ मुसलमानों को वरीयता देते के बाद संगठन के अंदर असंतोष का लावा फूट पड़ा है।

बिहार-झारखंड दोनों में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बदले जाने की चर्चा

बिहार कांग्रेस में फेरबदल की चर्चा भी आम हैं । कांग्रेसियों के बीच चर्चा है कि बिहार-झारखंड सहित कई राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष को बदला जा सकता है । वहीं बिहार और झारखंड दोनों राज्यों में पार्टी के विधायकों को लेकर भी कई तरह के कयास लगाये जा रहे हैं ।

ईमानदारी का चोला ओढ़कर भ्रष्टाचार के नाले में डूबकी लगा रहे हैं कुछ लोग

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पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा है कि झारखंड में कुछ लोग ईमानदारी का चोला ओढ़कर भ्रष्टाचार के गंदे नाले में डूबकी लगा रहे हैं। ऐसे लोगों को मुंह ठुपाने की भी जगह नहीं मिलेगी । वे मैनहर्ट मामले की फाइल फिर से खोलने पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे।

मैनहर्ट के सहारे कुछ लोगों की राजनीति चल रही है- रघुवर
मैनहर्ट के सहारे कुछ लोगों की राजनीति चल रही है- रघुवर

हेमंत सोरेन ने वित्त मंत्री रहते क्यों नहीं जांच की

रघुवर दास ने कहा कि मेनहर्ट के मामले पर कुछ लोग राजनीतिक रोटी सेंक कर अपना गुजारा कर रहे हैं। 2005 से अब तक इस मामले में आरोपों के अलावा कुछ नहीं मिला है। इस बीच में कई सरकारें आयी और चली गयी। वर्ष 2011 में उच्च न्यायालय के आदेश के बाद कंपनी को भुगतान किया था, उस समय अर्जुन मुंडा जी मुख्यमंत्री और हेमंत सोरेन जी वित्त मंत्री थे। फिर भी राज्य सरकार चाहे जिस एजेंसी से जांच कराये, मैं घबरानेवाले लोगों में नहीं हूं। बल्कि मैं ये मांग करता हूं कि निष्पक्ष जांच कराकर सरकार इस मामले का पटाक्षेप करे, ताकि कुछ लोग जो इसे लेकर अपनी राजनीति चमकाने में लगे रहते हैं, उनको जवाब मिल जाये।

ईमानदारी का चोला ओढ़कर बईमानी करने वाले जल्द होंगे बेनकाब

रघुवर दास ने कहा कि साथ यदि इसकी जांच करायी जाये कि जिस कंपनी को उसके निक्कमेपन के कारण हटाकर मैनहर्ट का कार्य दिया गया था, उस कंपनी के पैरोकारों कौन हैं, इसमें उनका क्या लाभ था, कंपनी का दफ्तर किसके परिसर में था, तो उनकी पोल अवश्य खुल जायेगी। झारखंड में ईमानदारी का चोला ओढ़कर कुछ लोग भ्रष्टाचार के नाले में डुबकियां लगा रहे हैं, जल्द ही उनका चेहरा भी बेनकाब होगा। उन्हें मुंह छिपाने के लिए जगह नहीं मिलेगी।

बोकारो में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के लिए SAIL

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झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोशिएशन (जेएससीए) जो बोर्ड ऑफ कंट्रोल फॉर क्रिकेट इन इंडिया (बीसीसीआई) से संबद्ध है, ने बोकारो में एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण के लिए सेल-बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) के साथ एक लीज समझौता पर हस्ताक्षर किया। इस समझौते के तहत सेल-बीएसएल द्वारा बोकारो में एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण के लिए जेएससीए को 33 साल की अवधि के लिए 20.17 एकड़ भूमि का हस्तांतरण किया जाएगा । लीज समझौता में सेल बोर्ड द्वारा अनुमोदित लीज की शर्तों और अन्य अनुमोदनों के आधार पर आगे लीज नवीनीकरण का प्रावधान भी शामिल है । जेएससीए को लीज़ पर दी जाने वाली भूमि राष्ट्रीय राजमार्ग-23 के दक्षिण में मौजा-नरकारा और मौजूदा विस्थापित महाविद्यालय के दक्षिण पश्चिम में स्थित है ।

90 साल की लीज के लिए समझौते का आदान-प्रदान करते SAIL-JSCA और बोकारो स्टील के अधिकारी
90 साल की लीज के लिए समझौते का आदान-प्रदान करते SAIL-JSCA और बोकारो स्टील के अधिकारी

सेल-बीएसएल और जेएससीए के बीच लीज एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर सेल-बीएसएल के निदेशक प्रभारी अमरेन्दु प्रकाश, बीसीसीआई के पूर्व सचिव और आईसीसी के पूर्व डायरेक्टर अमिताभ चौधरी, मानद अध्यक्ष जेएससीए डॉ नफीस अख्तर तथा मानद सचिव जेएससीए संजय सहाय की उपस्थिति में किया गया । इस अवसर पर माननीय विधायक बोकारो बिरंची नारायण, सेल-बीएसएल के अधिशासी निदेशक और जेएससीए व बीएसएल के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे ।

उल्लेखनीय है कि जनवरी 2018 में जेएससीए ने बोकारो में एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण के लिए सेल-बीएसएल को भूमि आवंटित करने का अनुरोध किया था । इस प्रस्ताव को बीएसएल ने सेल बोर्ड और इस्पात मंत्रालय के अनुमोदन के लिए प्रेषित किया और सभी आवश्यक अनुमोदन प्राप्त होने के बाद आगे की कार्यवाई आरम्भ की । दोनों पक्षों द्वारा लीज एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करने से पहले अन्य सभी औपचारिकताएं भी पूरी कर ली गई थी ।

इस अवसर पर मीडिया को संबोधित करते हुए सेल-बीएसएल के निदेशक प्रभारी अमरेन्दु प्रकाश ने इसे सभी के लिए गर्व का क्षण बताया और कहा कि बोकारो में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम स्थानीय क्रिकेट प्रतिभाओं को तराशने में भी सहायक होगा । मीडिया के प्रश्नों का जवाब देते हुए अमिताभ चौधरी ने कहा कि बोकारो में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम सुविधाओं के मामले में अत्याधुनिक होगा और इसमें लगभग पच्चीस हजार लोगों के बैठने की क्षमता होगी । लीज एग्रीमेंट के सम्पन्न हो जाने से अब बोकारो में जेएससीए द्वारा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है ।

झारखंड

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मेदिनीनगर (उज्ज्वल दुनिया)। प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी और टीएसपीसी झारखंड-बिहार सीमा पर एक हो गए हैं। दोनांे के नजदीक होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने अलर्ट जारी किया है और दोनों के एक होने के प्रमाण जुटाए जा रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार पलामू के मनातू, पांडू, नौडिहा बाजार, हरिहरगंज, हुसैनाबाद और छत्तरपुर के इलाके में टीएसपीसी का दस्ता माओवादियों को सहयोग कर रहा है। साथ ही दोनों संगठन के दस्ते पलामू, चतरा और गया सीमा पर एक ही जगह को अपना ठिकाना बना रहे हैं। दोनों के एक हो जाने से

माओवादियों के छकरबंधा और बूढ़ापहाड़ कॉरिडोर भी प्रभावित हुआ है। कुछ महीने पहले माओवादियों के टॉप कमांडर के इसी कॉरिडोर से होते हुए बूढ़ापहाड़ पहंुचने की भी संभावना जताई गई है। बताया जाता है कि पलामू, चतरा, लातेहार, गढ़वा और हजारीबाग के इलाके में माओवादियों के बाद सबसे अधिक टीएसपीसी का प्रभाव रहा है। वहीं, चतरा में टीएसपीसी का प्रभाव अधिक रहा है।
मालूम हो कि माओवादियों से अलग होकर ही टीएसपीसी का गठन हुआ था। 2004 में एमसीसी और पीपुल्सवार के विलय के बाद भाकपा माओवादी बना था और इसी में से एक धड़ा अलग होकर टीएसपीसी बना। बाद में माओवादी और टीएसपीसी के बीच हिंसक संघर्ष की खबरें 2016-17 तक आती रही। 2011 में पलामू चतरा सीमा पर लकड़बंधा में टीएसपीसी ने 11 माओवादी टॉप कमांडर की हत्या की थी, जबकि 2013 में माओवादियों ने पलामू के बिश्रामपुर थाना क्षेत्र के कौड़िया में 15 टीएसपीसी सदस्यों की हत्या कर दी थी। दोनों के आपसी संघर्ष में अब तक 200 से अधिक लोगों की जान गई है।

बताया जाता है कि दोनों उग्रवादी संगठन का प्रभाव धीरे-धीरे कम होता जा रहा है। इसके बाद इन संगठनों ने एक होकर काम करने का निर्णय लिया है और अब दोनों संगठन पलामू, चतरा और बिहार सीमा से सटे हुए इलाकों में एक दूसरे की मदद कर रहे हैं। दोनों एक ही जगह को अपना ठिकाना बना रहे हैं।

खूंटी की आदिवासी नाबालिगों की सामूहिक दुष्कर्म ने किया राज्य को शर्मसार: भाजपा

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खूंटी गई भाजपा महिला मोर्चा की टीम पीड़ितों के साथ मुलाकात किया
 भाजपा महिला मोर्चा की टीम ने पीड़ितों के साथ की  मुलाकात

भाजपा महिला मोर्चा का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश अध्यक्ष आरती कुजूर के नेतृत्व में खूंटी में दो नाबालिग बच्चियों के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म की घटना की जांच के लिए खूंटी पहुंची l टीम के सदस्यों ने पीड़ित बच्चियों एवं उनके परिजनों से मुलाकात किया। इस मौके पर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष गंगोत्री कुजूर ने कहा कि पीड़िता के परिवार की स्थिति अत्यंत दयनीय है l परिवार को आर्थिक सामाजिक एवं न्यायिक सहायता की आवश्यकता है l आगे श्रीमती कुजूर ने कहा कि एक पीड़ित बच्ची की पहले भी सामूहिक दुष्कर्म हुआ था।

आगे उन्होंने कहा कि बातचीत के क्रम में पीड़ित बच्चियां मानसिक तनाव में थीं।।मोर्चा अध्यक्ष आरती कुजूर ने कहा कि झारखंड में यूपीए गठबंधन वाली हेमंत सरकार के राज्य में झारखंड की महिला एवं बच्चियां असुरक्षित है l हेमंत सरकार महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा देने में पूरी तरह विफल है l आए दिन महिलाओं के साथ छेड़खानी, दुष्कर्म, हत्या की घटनाएं बढ़ रही है। खूंटी सहित पुरे प्रदेश में ऎसी घटनाओ में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है।

डीएसपी से मामले की जानकारी लेती भाजपा महिला मोर्चा की टीम
डीएसपी से मामले की जानकारी लेती भाजपा महिला मोर्चा की टीम

हेमन्त सोरेन की सरकार में महिलाओं को सुरक्षा देने में विफल साबित हुआ

महिला मोर्चा की जाँच टीम महिला थाना भी पहुंची एवं खूंटी महिला थाना प्रभारी और डीएसपी जयदीप लकड़ा से मामले की जानकारी लिया और अविलम्ब दोषियो को गिरफ्तार करने की भी बात कही l  डीएसपी ने टीम को घटना में शामिल दोषियों की जल्द गिरफ़्तारी का आश्वासन दिया I जाँच टीम में भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय मंत्री श्रीमती आरती सिंह,भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती गंगोत्री कुजूर, माहिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष आरती कुजूर,, महामंत्री मंजुलता दुबे, प्रभारी पिंकी खोया, जिला महिला मोर्चा उपाध्यक्ष रंदाय नाग, मुरहु मण्डल महमंत्री सुशीला देवी शामिल थीं।

25 June 2021

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बोकारो: ATM मशीन को तोड़कर ले जाने की कोशिश नाकाम

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चास मुफस्सिल थाना क्षेत्र के चिकसिया स्थित बैंक ऑफ इंडिया की घटना 
चास मुफस्सिल थाना क्षेत्र के चिकसिया स्थित बैंक ऑफ इंडिया की घटना

बोकारो ।  बीते गुरुवार रात्रि चास मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के चिकसिया स्थित बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम को चोरों द्वारा तोड़ कर ले जाने की कोशिश नाकाम हो गई l

यह घटना रात के 12:40 की है जब दो चोरों के द्वारा एटीएम तोड़कर ले जाने की कोशिश की गई इसे जब ले जाने में नाकाम हो गए तो मशीन को छोड़कर चोर भाग निकले ।  शुक्रवार सुबह जब ग्रामीणों ने खेतों में एटीएम मशीन को फेंका पाया तो चास मुफस्सिल पुलिस को सूचना दी गई l पुलिस दलबल के साथ घटनास्थल पहुंची और घटनाक्रम का जायजा लिया ।

पुलिस ने जांच करते हुए सीसीटीवी को भी खंगाला जिसमें 2 चोर में एक ने पीपीई किट पहने हुए था , वही दूसरा रेनकोट पहना हुआ था । चोरों के द्वारा सीसीटीवी कैमरे को गीली मिट्टी लगाकर अपने आप को बचाने की कोशिश भी की थी ।

चास मुफस्सिल थाना के सर्किल इंस्पेक्टर मनोज गुप्ता ने बताया कि मशीन के कैश बॉक्स को चोरों ने काटने का प्रयास किया लेकिन उसे ले जाने में असफल रहे तो कैश बॉक्स को खेत में छोड़कर भाग गए l फिलहाल पुलिस ने।कैश बॉक्स को जेसीबी से उठाकर वापस रखवा दिया और आगे की जांच में जुट गए है l

तीन घंटे तक झारखंड कांग्रेस विधायक दल की बैठक में क्या हुआ?

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करीब तीन घंटे तक बंद कमरे में कांग्रेस के विधायकों का मंथन
करीब तीन घंटे तक बंद कमरे में कांग्रेस के विधायकों का मंथन

सबसे पहले तो आधिकारिक बयानों को पढ़ लिजिए । बंद कमरे में चली कांग्रेस “विधायक दल की बैठक में संगठन की मजबूती पर चर्चा हुई । कांग्रेस के कार्यक्रम को जन-जन तक पहुंचाने और सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर पर आकलन के लिए रणनीति तैयार की गई वगैरह…वगैरह….”

अब आते हैं मेन मुद्दे पर…

विधायक दल की बैठक से पहले चार विधायकों का दिल्ली दौरा चर्चा में रहा । उपर से इरफान अंसारी ने “एक व्यक्ति, एक पद” की मांग कर दी । जब इतने से भी जी नहीं भरा तो रामेश्वर उरावं को विफल प्रदेश अध्यक्ष बता दिया। मतलब स्टेज बिल्कुल सेट था ।

कांग्रेस विधायक दल की बैठक के अंदर की बातचीत का ब्योरा देने से पहले ये बताना जरूरी है कि ठीक उसी वक्त दिल्ली में सोनिया गांधी ने कांग्रेस के सभी महासचिव की बैठक बुलाई थी । केसी वेणुगोपाल भी उस बैठक में शामिल थे और उन्होंने झारखंड में बदल रहे राजनीतिक हालातों पर भी मैडम को ब्रीफ किया।

अब कांग्रेस विधायक दल की बैठक की अंदर की कहानी….

नोट:- ये सभी जानकारियां अलग-अलग नेताओं और पत्रकारों से हुई बातचीत के आधार पर हैं।

कांग्रेस विधायक दल की बैठक में शामिल कांग्रेस कोटे के चारो मंत्री
कांग्रेस विधायक दल की बैठक में शामिल कांग्रेस कोटे के चारो मंत्री

विधायकों के दिल्ली दौरे पर एक विधायक ने रामेश्वर उरावं को संबोधित करते हुए पूछा। रामेश्वर उरावं कुछ कहते इससे पहले ही विधायक जी बोल उठे ।

“काहे, दिल्ली जाने पर रोक है क्या?

रामेश्वर उरावं:- मैंने इसपर कुछ कहा है क्या?

विधायक:- हमारा भी अधिकार है कि हम अपनी बात शीर्ष नेतृत्व से जाकर कहें। इसपर कोई रोक है तो बता दीजिए?

फिर बात सरकार की शुरू हुई…इसपर रामेश्वर उरावं बुरी तरह घिर गए।

एक विधायक:- क्षेत्र में जाकर देख लीजिए, हमलोगों का एक भी काम नहीं हो रहा। लगता ही नहीं कि कांग्रेस की सरकार है ?

दुसरा :- अधिकारी लोग एकदम वैल्यू नहीं दे रहा , सरकार में भी हमारी नहीं सुनी जा रही ।

तीसरा:- प्रदेश अध्यक्ष जी, आपको इसपर बात करनी होगी । जब हमलोगों का कुछ काम ही नहीं होगा तो फिर जनता के बीच जाकर क्या कहें ?

बागी गुट का एक विधायक:- जब हेमंत सोरेन आपकी सुन ही नहीं रहे तो फिर ऐसे सरकार में रहने से क्या फायदा? बाहर से ही समर्थन दे दिजिए ?

.(….थोड़ी देर बहसबाजी, हल्ला…हंगामा….)

कांग्रेस में चुनाव बाद शामिल हुए एक विधायक:– कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों की पीड़ा तो समझनी होगी । हम सब अपने-अपने क्षेत्र में यही समस्या फेस कर रहे हैं। अधिकारियों को लगता है कि ये सिर्फ झामुमो की सरकार है, या फिर कांग्रेस में सिर्फ चार मंत्री ही हैं ।

दूसरा विधायक:- बाकी विधायकों की भी इज्जत होनी चाहिए, हम भी चुनाव जीतकर ही आए हैं।

तीसरा:- कभी दीपिका पांडे सिंह जी पर केस हो जा रहा है, कभी अंबा प्रसाद पर…झामुमो विधायकों के साथ कभी ऐसा हो, फिर देखिए….

बागी गुट का एक विधायक:- सब आपके लुंज-पुंज रवैये के कारण है ।

# कुल मिलाकर सारांश बस इतना ही….