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भाजपा ने आपातकाल को काला दिवस के रूप मे मनाया

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तत्कालीन पीएम इंदिरा ने पावर का नाजायज प्रयोग कर 1977 के 25 जून की आधी रात से करवायी थी लोकतंत्र के काले अध्याय की शुरुआत

नीरज कुमार जैन

संथाल ब्यूरो/ भाजपा ने शुक्रवार को आपातकाल के दंश को याद कर काला दिवस के रूप मे मनाया। इस संबंध मे भाजपा के जिला महामंत्री कुशमाकर तिवारी ने बताया कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। लोकतंत्र में कहा जाता है कि जनता का, जनता के लिए और जनता द्वारा किए जाने वाला शासन है। जनता इसके लिए अपने प्रतिनिधि चुनती है, जो जनता से ताकत लेकर देश चलाते हैं, लेकिन जब जनता द्वारा चुनी गई सरकार ही निरंकुश हो जाए और सारे संवैधानिक उपायों को ताक पर रख कर अधिनायकवाद बन जाए, तो देश में अराजकता आ ही जाती है। भारत में 1975 में ऐसा ही हुआ था, जब पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने सत्ता के मोह और खुद को सबसे ताकतवर मानकर देश में आपातकाल लगाया था। ये भारतीय लोकतंत्र के बुनियाद पर सबसे गहरी चोट थी, जब आपातकाल के दौरान जनता पर बेइंतहा जुल्म ढाए गए और प्रेस की आजादी भी छीन ली गई। आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में काले अध्याय के रूप में याद किया जाता है, लेकिन आपातकाल को याद रखना भी जरूरी है ताकि मालूम रहे हैं कि कैसे संविधान को ही हथियार मानकर जनता के खिलाफ प्रयोग किया गया और कैसे इस स्तिथि से पार पाया गया।

आपातकाल का इतिहास

25 जून 1975 की रात को देश में आपातकाल लगाया गया था। ये आजादी के बाद बड़ी राजनीतिक घटनाओं में से एक थी। आपातकाल के दौरान देशवासियों के मौलिक अधिकारों को छीन लिया गया। देश को एक बड़े जेल खाने के रूप में तब्दील कर दिया गया। 26 जून 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की आवाज में ऑल इंडिया रेडियो पर एक संदेश प्रसारित किया गया। इंदिरा गांधी ने कहा, “भाइयों और बहनों राष्ट्रपति जी ने आपातकाल की घोषणा की है। लेकिन इससे सामान्य लोगों को डरने की जरूरत नहीं है।” इसके साथ ही देश में आपातकाल का दौर शुरू हुआ। इसका प्रावधान देश में आंतरिक अशांति से निपटने के लिए संविधान की धारा 352 के तहत किया गया है। प्रेस सेंसरशिप लागू कर दी गई। खास बात यह रही कि इंदिरा गांधी के इस संदेश से पहले ही 25 जून की आधी रात से आपातकाल लागू हो चुका था। आधी रात को ही प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने तत्कालीन राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद से इस फैसले पर दस्तखत करवा लिए थे। इसके बाद विपक्ष के तमाम नेताओं को जेल में डाल दिया गया। आपातकाल 21 महीने यानि 21 मार्च 1977 तक जारी रहा, जिसे भारतीय लोकतंत्र के सबसे बुरे दौर के रूप में जाना जाता है। जेपी आंदोलनकारी रामनाथ विद्रोही बताते हैं कि इंदिरा गांधी की विफलता, सरकार की विफलता और इलाहाबाद हाईकोर्ट का एक फैसला आपातकाल लगाने की वजहें थीं। दरअसल 1971 के आम चुनाव में इंदिरा गांधी रायबरेली सीट से निर्वाचित हुईं और अपने प्रतिद्वंदी विपक्ष के उम्मीदवार राज नाराण को पराजित किया, लेकिन चुनाव में सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग के आरोप लगे और राजनारायण अदालत चले गए। आरोप सही पाए जाने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इंदिरा गांधी का निर्वाचन रद्द करने के साथ ही उनके छह साल तक चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी। मामला सुप्रीम कोर्ट गया और 24 जून को वहां भी निर्वाचन रद्द करने के फैसले को सही ठहराया गया, लेकिन इंदिरा गांधी को प्रधानमंत्री बने रहने की छूट दी गई। वो लोकसभा में जा सकती थीं, लेकिन वोट नहीं कर सकती थीं। उन्होंने बताया कि जय प्रकाश नारायण ने की थी आंदोलन की शुरुआत। उधर जेपी के नाम से मशहूर जय प्रकाश नारायण ने ऐलान किया कि अगर 25 जून को इंदिरा गांधी अपना पद नहीं छोड़ेगी, तो 25 जून को देशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। दिल्ली के रामलीला मैदान से जेपी ने 25 जून को रामधारी सिंह दिनकर कि कविता – ‘सिंहासन खाली करो कि जनता आती है’… को नारे की तरह इस्तेमाल किया। हांलाकि कोर्ट का निर्णय आने से पहले ही देश के अलग-अलग हिस्सों में तत्कालीन सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार व बेरोजगारी के खिलाफ आंदोलन शुरू हो चुके थे। जैसे ही बिहार से जेपी आंदोलन शुरू हुआ, वैसे ही लोगों में इंदिरा गांधी की सत्ता के खिलाफ रोष बढ़ गया और 24 जून को दिल्ली में बहुत बड़ी रैली हुई। इंदिरा गांधी ने देखा कि उनकी सत्ता को खतरा है, तो उसी रात उन्होंने आपातकाल लागू कर दिया और जितने भी विपक्ष के नेता थे उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
25 जून की शाम को इंदिरा गांधी ने सलाहकारों से मंत्रणा की और तमाम अखबारों के दफ्तरों की बिजली काट दी गई। 21 महीने तक चले इस आपातकाल में कांग्रेस के लिए घातक साबित हुआ। इसके बाद हुए चुनाव में कांग्रेस की सबसे बड़ी हार हुई और मोरारजी देसाई के नेतृत्व में देश में पहली बार गैर कांग्रेसी की सरकार बनी।

आपातकाल के दौरान देश और समाज पर क्या हुआ असर

आपातकाल की घोषणा की बाद इसका नकारात्मक असर समाज के हर क्षेत्र पर पड़ा। सभी विरोधी दलों के नेताओं को गिरफ्तार कर आज्ञात जगह भेज दिया गया। सरकार ने मीसा यानि मेंटेनंस ऑफ इंटरनल सिक्योरिटी एक्ट के तहत नेताओं को बंदी बनाया। इसके तहत सभी बड़े नेताओं – मोरारजी देसाई, अटल बिहारी बाजपोयी, लालकृष्ण आडवाणी, जॉर्ज फर्नांडीज और जय प्रकाश नारायण को जेल भेज दिया गया।
गिरफ्तार व्यक्ति को कोर्ट में पेश करने का अधिकार किया गया खत्म
यही नहीं चंद्रेशेखर, जो कांग्रेस कार्यकारिणी के निर्वाचित सदस्य थे, उन्हें भी गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया। इस दौरान ऐसा कानून बनाया गया कि गिरफ्तार व्यक्ति को कोर्ट में पेश करने और जमानत मांगने का भी अधिकार खत्म कर दिया गया था। नेताओं की गिरफ्तारी की सूचना उनके मित्रों, परिवारों सहयोगियों तक भी नहीं दी जाती थी। जेल बंद नेताओं को किसी से मिलने की अनुमति नहीं थी। उनकी डाक तक सेंसर होती थी और मुलाकात के दौरान खुफिया अधिकारी भी मौजूद रहते थे। श्री विद्रोही बताते हैं कि देश में पूरी तरह से जंगलराज कायम हो गया था, जहां केवल एक आदमी की बात चलती थी और किसी के पास कोई अधिकार नहीं रह गया था यानि आपातकाल के दौरान भारत में एक विभत्स स्थिति हो गई थी। इस दौरान पुलिस का अत्याचार और दमन आम बात थी। पुरुष और महिला बंदियों के साथ अमानवीय अत्याचार किए जाता था। आपातकाल के दौरान इंदिरा गांधी को राज नारायण के मुकदमे पर इलाहाबाद हाइकोर्ट के फैसले और सुप्रीम कोर्ट के फैसले का निपटारा करना था। इसलिए इस फैसले को पलटने वाला कानून लाया गया, इसके लिए संविधान को संशोधन करने की कोशिशें भी की गई।
आपातकाल के दौरान ही संविधान का 42वां संशोधन किया गया। इसमें संविधान के मूल ढांचे को कमजोर करने, उसके संघीय विशेषताओं को नुकसान पहुंचाने और सरकार के तीनों अंगों के संतुलन को बिगाड़ने की कोशिश की गई।
संविधान के अनुच्छेद 14, 21और को 22 निलंबित कर दिया गया। इसके तहत कानून की नजर में सबकी बराबरी, जीवन और संपत्ति की सुरक्षा की गारंटी और गिरफ्तारी के 24 घंटे की भीतर अदालत के सामने पेश करने के अधिकार को रोक दिया गया। जनवरी 1976 में अनुच्छेद 19 को भी निलंबित कर दिया गया। इसमें अभिव्यक्ति की आजादी, प्रकाशन करने, संगठन बनाने और सभा करने की आजादी को छीन लिया गया यानि देश के किसी भी नागरिक के पास किसी तरह का अधिकार नहीं था। कई लेखकों, पत्रकारों को भी गिरफ्तार किया गया। इस दौरान किस्सा कुर्सी, आंधी जैसी फिल्मों को बैन कर दिया गया और किशोर कुमार को काली सूची में डाल दिया गया।
जबरदस्ती किया गया परिवार नियोजन आपातकाल के सबसे बुरे प्रभावों में से एक था, परिवार नियोजन के लिए अध्यापकों और छोटे कर्मचारियों पर सख्ती। उनका जबरदस्ती परिवार नियोजन किया गया। परिवार नियोजन और सौंदर्य करण के नाम पर आम लोगों का काफी उत्पीड़न हुआ। आपातकाल में अफरशाहों और पुलिस को जो अनियंत्रण अधिकार मिले थे, उनका बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया गया। यही नहीं सरकार ने इस दौरान यह प्रचार भी किया कि आपातकाल के दौरान भ्रष्टाचार कम हुआ, लोगों में अनुशासन बढ़ा और काम सही समय पर होने लगा, लेकिन आपातकाल लगाये जाने के दो – तीन महीने बाद ही देश की स्थिति बदतर होने लगी। इस बारे में वरिष्ठ पत्रकार अशोक गुप्ता बताते हैं कि उस दौरान लोगों की जबरदस्ती नसबंदी कराई गई। शादी-शुदा पुरुषों के अलावा कई 18 साल के युवाओं की भी नसबंदी कराई गई। कुल मिलाकर जो कुछ भी हुआ, उसे जनता ने देखा और सहा जनता ने इस आपातकाल का जवाब 1977 के चुनाव में दिया, जब इंदिरा गांधी की सरकार गिर गई और देश में पहली बार गैर-कांग्रेसी सरकार बनी। सच पूछिए तो यह लोगों में लोकतंत्र के प्रति आस्था का परिणाम था, जो आज भी बरकरार है।

पापा की पिटाई की शिकार बेटी को छोड़ मां फरार, बच्ची को ऐसे मिली ममता की छांव और दुलार

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उज्ज्वल दुनिया, कोडरमा। कोडरमा के डोमचांच प्रखंड स्थित बगड़ो पंचायत के हरिहरपुर की 13 वर्षीय बच्ची दीपा कुमारी उस वक्त अकेली हो गई, जब उसकी मां उसे छोड़कर कोलकाता फरार हो गई।

दरअसल बच्ची को उसके पापा लाला योगेंद्र नाथ काफी मारते-पीटते थे। बेटी उनकी प्रताड़ना से तो तंग थी ही, अब उसकी मां माधुरी देवी ने भी उसका साथ छोड़ दिया।

माधुरी देवी अपनी बड़ी बेटी दीपा को डोमचांच बाजार में छोड़ कोलकाता से साथ आए व्यक्ति सुजीत बोस के साथ फरार हो गई।
बेटी दीपा कुमारी ने बताया कि वह पिछले एक साल से कोलकाता में अपनी मां के साथ ही रह रही थी।

उसका एक छोटा भाई और छोटी बहन भी है। वह भी साथ में ही रहे थे।

उसके पापा बरहमसिया में रहते हैं और उसके साथ हमेशा मारपीट करते रहते हैं। इस वजह से वह घर नहीं जाना चाहती है।

बच्ची को बाजार में अकेला देख स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता रौशन कुमार सिन्हा ने कोडरमा चाइल्ड लाइन को फोन कर सूचना दी।

उसके बाद बच्ची को चाइल्ड लाइन की ममता की छांव और दुलार नसीब हुआ। बच्ची को वहां की महिला अपने साथ सुरक्षित ले गई।

अब भी 55 ऑक्सीजन सिलेंडर गायब, चोरी मामले में तीसरे लिपिक नपे, जारी है एसटीएफ की जांच

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उज्ज्वल दुनिया, हजारीबाग। शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल हजारीबाग से 182 ऑक्सीजन सिलेंडर चोरी के मामले में तीसरे लिपिक पर कार्रवाई की गई है।

यह लिपिक एसबीएमसीएच का लिपिक सह प्रभारी लेखापाल रविरंजन है, जिसे स्वास्थ्य विभाग के निदेशक ने सस्पेंड कर दिया है।

डीसी की अनुशंसा पर स्वास्थ्य निदेशक ने यह कार्रवाई करते हुए उसका मुख्यालय सिविल सर्जन कार्यालय गुमला बनाया है।

उस पर कार्यों में शिथिलता बरतने, सही ढंग से अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं करने, ऑक्सीजन सिलेंडर में हेराफेरी, रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी समेत कई आरोप लगे हैं।
इससे पहले ऑक्सीजन सिलेंडर चोरी मामले में आउटसोर्सिंग कंपनी के दो चालकों और दो वार्ड ब्वॉय को जेल भेजा गया है।

वहीं सात जून को जिला लेखा प्रबंधक भोलाशंकर गुप्ता और दो जून को स्टोर इंचार्ज शंभू शरण को इसी मामले में सस्पेंड किया जा चुका है।

सदर थाना प्रभारी गणेश सिंह ने बताया कि अब भी 55 ऑक्सीजन सिलेंडर गायब हैं।

स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम इस मामले की गहन पड़ताल में जुटी है।

चोरी के 65 मोबाइल जब्त, हजारीबाग से साहिबगंज तक जुड़े थे गिरोह के तार, आठ गिरफ्तार

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उज्ज्वल दुनिया, हजारीबाग। हजारीबाग सदर थाना पुलिस ने मोबाइल चोरी के बड़े मामले का खुलासा करते हुए दो नाबालिग समेत आठ युवकों को गिरफ्तार किया है।

इस अंतरजिला चोर गिरोह के पास से चोरी के 65 मोबाइल बरामद किए गए हैं।

इस संबंध में गुरुवार को सदर थाना पुलिस ने प्रेसवार्ता में बताया कि गुप्त सूचना पर पहले बस स्टैंड में छापेमारी कर चोरी के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

तलाशी में आरोपी मिथुन महतो के पास से विभिन्न कंपनियों के 14 और अनिल नोनिया के पास से चोरी के 10 मोबाइल बरामद किए गए।

उनकी निशानदेही पर मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत नूतन नगर स्थित खेमलाल साहू के आवास में किराया के एक कमरे से चार युवकों को हिरासत में लिया गया।

इनमें कन्हैया महतो, मुन्ना चौधरी, आकाश महतो, गोविंद कुमार महतो के साथ दो नाबालिग बच्चों को भी पकड़ा गया।

कमरे की तलाशी में विभिन्न कंपनियों के 41 मोबाइल बरामद किए गए।

इस संबंध में सदर थाना कांड संख्या 207/21 के तहत मामला दर्ज किया गया।

गिरोह का सरगना कन्हैया महतो था। कांड के बाद हर माह किराया का कमरा बदल लेता था।

पिछले पांच माह से हजारीबाग से साहिबगंज तक गिरोह बनाकर मोबाइल चोरी का धंधा करा रहा था।

छह माह पूर्व मोबाइल चोरी के मामले में वह कटकमदाग थाने की पुलिस की गिरफ्त में आकर जेल गया था।

गिरोह में शामिल सदस्य शहर औरआसपास लगने वाले साप्ताहिक बाजारों में बड़े ही सफाई से लोगों के मोबाइल उड़ा लेते थे।

इन लोगों ने हजारीबाग के अलावा चतरा, सिमरिया, टंडवा, झुमरा बाजार, गिरिडीह, धनबाद, दुमका आदि जिलों में भी मोबाइल की चोरी की है।

गिरफ्तार आरोपियों में साहिबगंज निवासी कन्हैया महतो, मुन्ना चौधरी, आकाश महतो, अनिल लोहिया, मिथुन महतो, गोविंद कुमार महतो एवं दो नाबालिग शामिल हैं।

रांची के इस दारोगा को एसीबी ने 5,000 रुपए घूस लेते जानिए कैसे किया गिरफ्तार

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उज्ज्वल दुनिया, रांची। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने रांची के नामकुम थाने में पदस्थापित एक दारोगा रवींद्र राम को रंगेहाथ 5,000 रुपए घूस लेते गिरफ्तार किया है।

वह एएसआई एक ढाबे में एक युवक से केस सलटाने की एवज में पहले से तय सौदे की रकम ले रहा था।

ठीक उसी वक्त एसीबी की टीम आ धमकी और एएसआई को 5,000 रुपए नगद लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी के बाद वह एएसआई इनकार करता रहा कि उसने पैसे नहीं लिए हैं, लेकिन एसीबी के पास पुख्ता सबूत थे।

दरअसल ढाबे में पैसे लेन-देन करने की योजना एसीबी की तरफ से ही तैयार की गई थी।

युवक ने उस दारोगा के खिलाफ पैसे मांगे जाने की शिकायत पहले ही एसीबी में की थी। तब एसीबी की टीम ने योजना बनाई थी।

वहां सौदेबाजी के पहले से एसीबी के आधा दर्जन जवान सादे लिबास में मुस्तैद थे।

हजारीबाग भाजपा के जिला कोषाध्यक्ष पद से मुक्त किए गए टोनी जैन

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उज्ज्वल दुनिया, हजारीबाग(अजय निराला)। प्रदेश नेतृत्व के निर्देश के बाद गुरुवार को हजारीबाग भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक यादव ने टोनी जैन को पार्टी के जिला कोषाध्यक्ष के पद से मुक्त कर दिया है।

उन पर आरोप है कि पिछले छह माह से जिला कोषाध्यक्ष के पद पर रहते हुए पार्टी के किसी भी कार्यक्रम में उन्होंने भाग नहीं लिया।

यह भी बताया गया कि पार्टी के विचारधारा के विपरीत अन्यत्र संगठनों में वह जिलाध्यक्ष के पद पर कार्यरत रहे।

इसकी जानकारी प्रदेश नेतृत्व को कार्यकर्ताओं के माध्यम से दी गई थी।

पार्टी स्तर से इसकी जांच कराते हुए उनसे स्पष्टीकरण पूछा गया था।

टोनी जैन के जवाब से पार्टी संतुष्ट नहीं हुई। साथ ही उनके खिलाफ साक्ष्य प्राप्त होने के बाद प्रदेश नेतृत्व ने उन्हें पदमुक्त करने का निर्देश जिलाध्यक्ष अशोक यादव को दिया था।

दुमकाः ट्रक की टक्कर से एक बाइक सवार की मौत, ग्रामीणों ने ट्रक को पकड़ा, हंगामा

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ट्रक के धक्के के बाद सड़क पर मृत पड़ा बाइक सवार
ट्रक के धक्के के बाद सड़क पर मृत पड़ा बाइक सवार

प्रतिनिधि रामगढ़
दुमका काठी कुंड सड़क मार्ग के तथा जामा थाना क्षेत्र के गोरिया चोरी मुख्य सड़क पर एक ट्रक ने एक बाइक सवार को जोरदार टक्कर मार दी।  जिसके कारण घटनास्थल पर ही बाइक सवार की मौत हो गई है ।

लोगों ने दौड़कर ट्रक ड्राइवर को पकड़ा

घटना के बाद आक्रोशित भीड़ ने ट्रक को चारो ओर से घेर लिया। ट्रक ड्राइवर ने भागने की कोशिश की, लेकिन युवकों ने डौड़कर ट्रक ड्राइवर को पकड़ लिया।

कौन है मृतक ?

जानकारी के अनुसार मृतक बाइक सवार जामा थाना क्षेत्र के नावाडीह गांव का रहने वाला बताया जाता है । वहीं सूचना पर मशीन थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गई है ।

गोविंदपुर

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  • सड़क परियोजनाओं को लेकर भूमि अधिग्रहण और फॉरेस्ट क्लियरेंस से जुड़े मामलों का यथाशीघ्र निराकऱण हो,
  • हर 15 दिन पर समीक्षा करे विभाग
  • सड़कों के निर्माण में गुणवत्ता और समय का पूरा ध्यान रखा जाए
  • फॉरेस्ट एऱिया से गुजरने वाली सिंगल लेन की सड़कें बेहतर बनाई जाएंगी

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पथ निर्माण विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते सीएम हेमंत सोरेन
पथ निर्माण विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते सीएम हेमंत सोरेन

रांची। सड़कें अच्छी और समय पर बनें । लंबित सड़क परियोजनाओं का कार्य तेजी के साथ पूरा किया जाए । नई सड़कों के निर्माण में उसकी उपयोगिता का विशेष ध्यान रखा जाए । मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने पथ निर्माण विभाग की बैठक करते हुए अधिकारियों को ये निर्देश दिए । इस मौके पर उन्होंने विभिन्न सड़क परियोजनाओं की प्रगति, नई सड़क निर्माण से से संबंधित कार्य योजनाओं और राजस्व संग्रह की समीक्षा की ।

माइन्स एरिया के लिए डेडिकेटेड रोड बनाने की योजना बनाएं

मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों से कहा कि माइन्स एऱिया में डेडिकेटेड रोड बनाने की दिशा में कार्य योजना बनाएं । ऐसी सड़कें के निर्माण में इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि ये घनी आबादी अथवा गांवों को ज्यादा प्रभावित नहीं करे ।  इस मौके पर विभाग की ओऱ से बताया गया कि राज्य में कुछ सड़कों पर टोल प्लाजा प्रस्तावित है ।  यहां मालवाहक वाहनों से टोल टैक्स लिया जाएगा ।  इस बाबत 4 हजार 856 किलोमीटर लंबी 425 सड़कों का सर्वे किया जा चुका है । इसपर मुख्यमंत्री ने कहा कि टोल प्लाजा के लिए सड़कों का चयन इस तरह किया जाए कि उसका आम जनता पर बोझ नहीं पड़े । इसके अलावा ऐसी सड़कों की गुणवत्ता बेहतर होनी चाहिए तथा यहां से कितना राजस्व प्राप्त हो सकता है, इसका भी बारीकी से आकलन किया जाए ।

गोविंदपुर-जामताड़ा-दुमका- साहेबगंज पथ बन सकती है संताल की लाइफलाइन

मुख्यमंत्री ने कहा कि गोविंदपुर-जामताड़ा-दुमका-साहेबगंज रोड पर इंडस्ट्रियल कोरिडोर विकसित करने की काफी संभावनाएं है । इस रोड में कुछ इलाकों का चयन कर उसे वेयर हाउस, लॉजिस्टिक सेंटर अथवा इंडस्ट्रीज को विकसित करने के लिए कार्य योजना बनाएं । उन्होंने कहा कि इससे यह सड़क संताल परगना एऱिया का लाइफलाइन बन सकता है ।

भू -अधिग्रहण से संबंधित समस्यओं का करें निराकरण

मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क परियोजनाओं के लिए फॉरेस्ट क्लियरेंस और भूमि अधिग्रहण से जुड़ी समस्याओं का यथाशीघ्र निराकरण हो । उन्होंने विभाग से कहा कि इस बाबत हर 15 दिन पर भू-अधिग्रहण से जुड़े मामलों की समीक्षा हो औऱ इसके लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाएं ।

फ़ॉरेस्ट एऱिया में सड़कों को बेहतर बनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि फॉरेस्ट एरिया में सड़कों के चौड़ीकऱण को लेकर भूमि अधिग्रहण मे काफी तकनीकी अड़चनें आती हैं । ऐसे में यहां सिंगल लेन की जो भी सड़कें हैं, उसकी उपयोगिता का आकलन करें । इसके उपरांत प्राथमिकता के आधार पर इन सड़कों का चौड़ीकऱण अथवा वर्तमान में जो सड़क मौजूद है, उसे ही कालीकऱण और बेहतर बनाया की पहल हो, ताकि आवागमन में लोगों को कठिनाई नहीं हो ।

केंद्र को सड़कों का भेजा जा रहा डीपीआर

विभाग की ओर से बताया गया कि राज्य में पिछले चार सालों में राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए कुछ 612.65 किलोमीटर सड़क योजना को स्वीकृति मिली है । वहीं केंद्र सरकार को 30 जून 2021 तक 184.23 किलोमीटर, 15 जुलाई 2021 तक 307.18 किलोमीटर और 31 जुलाई 2021 तक 180 किलोमीटर सड़क योजना का डीपीआर भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है । इन सड़क योजनाओं का करीब 3160 करोड़ रुपए का बजट है । वहीं राज्य पथ निर्माण विभाग के तहत 17 सड़क परियोजनाओं को स्वीकृति के लिए भेजा गया है और 10 परियोजनाओं पर स्टेट इंपावर्ड कमिटी के स्तर पर निर्णय़ लिया जाना है ।

इस बैठक में मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, पथ निर्माण विभाग के सचिव सुनील कुमार, अभियंता प्रमुख मुरारी भगत, मुख्य अभियंता केके लाल, मुख्य अभियंता अरविंद पांडेय और मुख्य अभियंता एनपी शर्मा उपस्थित थे ।

राज्य स्तरीय योग प्रतियोगिता में लातेहार के आयुष गौतम ने कांस्य पदक जीता

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क्रीड़ा भारती झारखण्ड प्रान्त ने ऑनलाइन आयोजित की थी योगासन प्रतियोगिता
क्रीड़ा भारती झारखण्ड प्रान्त ने ऑनलाइन आयोजित की थी योगासन प्रतियोगिता

लातेहार : क्रीड़ा भारती झारखण्ड प्रान्त की और से आयोजित ऑनलाइन योगासन प्रतियोगिता में लातेहार के आयुष गौतम ने कांस्य पदक जीत कर लातेहार जिले का नाम रौशन किया है।

क्रीड़ा भारती लातेहार के जिला महामंत्री व जिला योग संयोजक गौरव दास ने बताया कि 15 दिनों तक विभिन्न जिलों में खिलाड़ियों की चयन प्रतियोगिता आयोजित हुई थी। 19 जून को ऑनलाइन प्रतियोगिता के ग्रुप बी (10 से 15 वर्ष) बालक वर्ग में लातेहार के आयुष गौतम ने कांस्य पदक जीता।

उन्होंने बताया कि इस ऑनलाइन प्रतियोगिता में झारखण्ड से लगभग 100 खिलाड़ी शामिल हुए थे।
आयुष की जीत पर लातेहार जिले के खेलप्रेमियों ने हर्ष व्यक्त किया है।

बोकारोः भतीजी का दुष्कर्म कर वीडियो बनाने वाले आरोपी फूफा को जेल

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बोकारो के बालीडीह थानाक्षेत्र में अपना ही फूफा बना हैवान…भतीजी के साथ किया दुष्कर्म…. मांग में डाला सिंदूर…. वीडियो बनाकर वायरल करने की बात कह करता रहा ब्लैकमेल

आरोपी ने मांग में सिंदूर डाला, रेप का वीडियो भी बनाया
आरोपी ने मांग में सिंदूर डाला, रेप का वीडियो भी बनाया (प्रतिकात्मक तस्वीर)

बोकारो ।  रिश्ते को शर्मसार करने का एक मामला बुधवार को बालीडीह थाना पंहुचा। जिसमे सगे फूफा पर पीड़ित युवती को अगवा कर उसके साथ दुष्कर्म का वीडियो व फोटो बनाने का आरोप लगाया गया है। पीड़िता के शिकायत पर जमशेदपुर निवासी फूफा सुखदेव पोद्दार के खिलाफ आईटी एक्ट के साथ अपहरण व दुष्कर्म का केस दर्ज कर फूफा सुखदेव पोद्दार को गुरुवार को जेल भेज दिया गया ।

पहली बार घर छोड़ने के बहाने कार में बैठाया

दर्ज प्राथमिकी के अनुसार पीड़िता बालीडीह थाना क्षेत्र की रहने वाली है। 17 जून को जैनामोड़ से घर लौटने के क्रम में आरोपी फूफा सुखदेव पोद्दार ने घर छोड़ देने के बहाने कार में बैठा लिया कार में पीड़िता को कुछ केमिकल सुंघाकर बेहोश कर दिया। जब वो जमशेदपुर पंहुची तो उसे होश आया। शोर मचाने की कोशिश की तो फूफा ने पीटकर मुंह बंद कर दिया। इसके बाद उसे एक कमरे में बंद कर चला गया।

मांग में जबरदस्ती डाल दिया सिंदूर

कुछ घंटों बाद फूफा लौटा तो पीड़िता के मांग में जबरन सिंदूर डाल दी। इसके बाद जबरदस्ती उसके साथ शारीरिक संबंध बनाया। साथ ही शारीरिक संबंध बनाने का वीडियो व फोटो भी बना लिया। हैवानियत करने के बाद उस वीडियो फोटो को सोशल नेटवर्क पर वायरल करने की धमकी देकर चुप रहने को कहा।

इधर युवती के परिजन बेचैनी से बेटी की तलाश में लगे हुए थे। इस बीच उन्हें बेटी के जमशेदपुर में होने का संदेश मिला। फिर जमशेदपुर पंहुचकर स्थानीय लोगो की मदद से बेटी को आरोपी के चंगुल से मुक्त करवा कर बोकारो लाए और थाने पंहुचकर प्राथमिकी दर्ज कराई। जहा बालीडीह पुलिस आरोपी फूफा को गिरफ्तार करके जमशेदपुर से बोकारो लाई गई।

आरोपी फूफा को भेजा गया जेल

बालिडीह थाना इंस्पेक्टर ने कहा कि एक फूफा द्वारा जघन्य अपराध किया गया है जो अपने ही रिश्ते को कलंकित करते हुए अपनी ही भतीजी के मांग में सिंदूर भर कर उसे अगवा कर उसके साथ दुष्कर्म किया साथ ही उसका वीडियो भी बना लिया। आरोपी धमकी देता रहा और ब्लैकमेल करता रहा की अगर वह उसकी बात नहीं मानेगा तो वो वीडियो को वायरल कर देगा। पुलिस ने कहा की आरोपी को गिरफ्तार करके उसे जेल भेजा जा रहा है l

देवघर एम्स के उद्घाटन समारोह में निशिकांत दूबे को न बुलाए जाने के मामला , बाबूलाल ने लिखी सीएम को चिट्ठी

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किसके इशारे पर देवघर उपायुक्त ने हटाया निशिकांत दूबे का नाम ?
किसके इशारे पर देवघर उपायुक्त ने हटाया निशिकांत दूबे का नाम ?

देवघर एम्स के उद्घाटन समारोह में गोड्डा सांसद निशिकांत दूबे का नाम आमंत्रित लोगों की सूची में शामिल न होने का मामला राजनीतिक रंग लेता जा रहा है। प्रदेश भाजपा का कहना है कि उपायुक्त ने सरकार के इशारे पर निशिकांत दूबे का नाम हटाया है। वहीं इस मामले पर भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने सीएम हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर तत्काल हस्क्षेप की मांग की है ।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों को बुलाने की परंपरा रही है- बाबूलाल

बाबूलाल मरांडी ने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि झारखण्ड के लिए गौरव की बात है कि केन्द्र सरकार ने देवघर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान की स्थापना कर यहाँ के लोगों के लिए तोहफा दिया है और अब 26 जून को नवनिर्मित AIIMS, देवघर में O.P.D का उद्घाटन होना प्रस्तावित है। सरकारी योजना के किसी भी कार्यक्रम शिलान्यास / उद्घाटन में स्थानीय सांसद एवं विधायक विधिवत आमंत्रित किए जाते हैं। लोकतंत्र में यह परम्परा चले आ रही है एवं स्थानीय सांसद / विधायक का विशेषाधिकार भी है । लेकिन आपके नेतृत्व में चल रही सरकार ने इस लोकतांत्रिक व्यवस्था चली आ रही परम्परा को ही तोड़ने का काम कर रही है। किसी भी सरकार ने इस तरह का कार्य अभी तक नहीं किया है।

देवघर उपायुक्त गलत कर रही हैं- बाबूलाल

बाबूलाल मरांडी ने आगे लिखा है कि जैसा कि जानकारी मिली है Covid Protocol की वजह से पाँच ही लोगों को AIIMS, O.P.D उद्घाटन समारोह में उपस्थित रहने की स्वीकृति दी जा रही है । जिसमें स्थानीय सांसद को सशरीर उपस्थित रहने का आमंत्रण नहीं दिया गया है, जो सामान्य शिष्टाचार के प्रतिकुल है। केन्द्र सरकार की किसी भी संस्था के उद्घाटन कार्यक्रम में अतिथियों के नाम संबंधित मंत्रालय या संस्था तय करती है, लेकिन उक्त कार्यक्रम में राज्य सरकार / देवघर जिला उपायुक्त अतिथियों के नाम तय कर रही है, जो एक गलत और अलोकतांत्रिक प्रक्रिया की शुरूआत होगी।

कहीं गलत परंपरा की शुरुआत न हो जाए ?

बाबूलाल ने लिखा है कि यदि ऐसा होता है तो एक गलत परम्परा की शुरूआत होगी जो भविष्य के लिए उदाहरण बन जाएगा और आनेवाली सरकार भी इसी नक्शे कदम पर चलने के लिए मजबूर होगी। देवघर AIIMS के O.P.D उद्घाटन कार्यक्रम में देवघर उपायुक्त द्वारा अतिथियों का नाम पक्षपातपूर्ण तरीके से तय करते हुए स्थानीय सांसद को कार्यक्रम में सशरीर उपस्थिति से रोकना सांसद के अधिकार का हनन भी है।

कांग्रेस जनता को गुमराह करती रही,भाजपा कार्यकर्ता सेवा में जुटे रहे

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कोविड नियंत्रण में प्रधानमंत्री के प्रयासों को दुनिया ने सराहा 
कोविड नियंत्रण में प्रधानमंत्री के प्रयासों को दुनिया ने सराहा

भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष की अध्यक्षता पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों ,विधायकों जिलाध्यक्षों ,नगर निकाय के अध्यक्षों की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद दीपक प्रकाश ने 21 जून से पूरे देश मे केंद्र सरकार द्वारा प्रारंभ किये मुफ्त कोविड टीकाकरण अभियान की प्रशंसा करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का आभार प्रकट किया गया।

दीपक प्रकाश ने कहा कि मोदी जी के नेतृत्व में कोविड से निबटने केलिये किये गए प्रयासों को दुनिया मे सराहा जा रहा।  प्रधानमंत्री ने पहले चरण से ही कम संसाधनों में भी देश को महामारी से बचाया यह उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति एवम दूरदर्शी सोच का ही परिणाम है। दूसरी लहर से देश को बचाने में केंद्र सरकार ने परिश्रम की पराकाष्ठा की है।

उन्होने कहा कि एक तरफ देश मे आवश्यक मेडिकल सुविधा को बढ़ाना,आवश्यक दवाइयां,रेमेडीसीर ,ऑक्सीजन,सिलिंडर, वेंटीलेटर की आपूर्ति,कोरोना बेड को बढ़ाना जैसे कार्य को तेजी से धरातल पर उतरना,वही दूसरी ओर वैक्सीन अभियान को भी तेजी से आगे बढ़ना।यह सब यदि संभव हुआ तो ओ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे करिश्माई नेतृत्व के कारण।

श्री प्रकाश ने कहा कि भारत के टीकाकरण अभियान की डब्लूएचओ ने सराहना की। आज भारत विश्व के स्वदेशी टीका के निर्माण विकसित देशों के साथ खड़ा है। 9 महीने में भारत ने स्वदेशी टीका का निर्माण कर दुनिया को अचंभित कर दिया। और यह हुआ भारत के वैज्ञानिकों के प्रयासों के साथ प्रधानमंत्री के दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण।

दीपक प्रकाश ने कहा कि कांग्रेस ने कार्यक्रमो को भटकाने और लटकाने का काम किया है। कांग्रेस और उनके समर्थन से चल रही सरकारों में वैक्सीन की सर्वाधिक बर्बादी हुई है। मोदी जी ने जान और जहांन दोनो की चिंता करते हुए फिर से गरीबों केलिये नवंबर तक प्रति व्यक्ति 5किलो मुफ्त अनाज की व्यवस्था की। कोरोना से हुए अनाथ बच्चों केलिये फिक्स्ड राशि,उनकी शिक्षा स्वास्थ्य की चिंता की है।

साहिबगंज के मोबाइल चोर गिरोह हजारीबाग पुलिस के हत्थे चढ़ा

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गिरोह मे दो नाबालिग समेत आधे दर्जन सदस्य 65 मोबाइल के साथ धराए

नीरज कुमार जैन

गिरोह मे बच्चों की होती है अहम भूमिका, 65 मोबाइल के साथ गिरोह मे दो नाबालिग समेत आठ सदस्यों को हजारीबाग सदर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। धराए सदस्यों के पास से विभिन्न कंपनियों के 65 मोबाइल पुलिस ने जब्त किया है. सभी सदस्य साहिबगंज जिला के रहने वाले हैं. ये गिरोह बच्चों को पैसे का लालच देता है और उन्हें चोरी की ट्रेनिंग भी देता है. बताया जाता है कि ये कुछ समय बाद अपने ठिकाने बदलते रहते हैं. ये जानकारी सदर एसडीपीओ महेश प्रजापति ने प्रेस कांफ्रेंस कर दी। झारखंड के साहिबगंज तीनपहाड़ थाना क्षेत्र के बाबूपुर गांव के कन्हैया महतो (पिता स्व मोतीलाल महतो), अनिल नोनिया (पिता मेघु नोनिया), मिथुन महतो (पिता स्व लालजी महतो), गोविंद कुमार महतो (पिता मखन महतो), निचेतोला के आकाश महतो (पिता स्व बसंत महतो), हाथिगढ़ छोटा तुतलिया के मुन्ना चौधरी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सदर एसडीपीओ महेश प्रजापति ने कहा कि छापामारी में इस गिरोह के दो आरोपियों को पुलिस ने बस स्टैंड से पकड़ा. इनमें मिथुन महतो और अनिल नोनिया हैं. दोनों की तलाशी करने पर 24 मोबाइल पुलिस को मिला. दोनों आरोपियों से पूछताछ के बाद दो नाबालिग सहित छह आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा. आरोपियो के किराए के मकान में तलाशी करने पर 41 मोबाइल पुलिस ने बरामद किया। आरोपियों के पास से सभी जब्त मोबाइल महंगे हैं. जिनमें सबसे अधिक रेडमी कंपनी के 15 मोबाइल, ओप्पो कंपनी के नौ मोबाइल, एमआई के आठ मोबाइल, सैमसंग के छह मोबाइल, वीवो कंपनी के चार मोबाइल इसके अलावा 13 मोबाइल अन्य कंपनी के मोबाइल हैं। सदर थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर गणेश कुमार सिंह ने बताया कि मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के नूतन नगर निवासी खेमलाल साव के घर में किराये पर सभी आरोपी रहते थे. शहर व आसपास के इलाके में साप्ताहिक बाजार, डेली मार्केट व राहगीरों से मोबाइल चोरी व छिनतई करते थे. पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि चोरी के मोबाइल को दुकानों में आधा मूल्य पर बेचते हैं. मोबाइल चोरी का प्रशिक्षण छोटे बच्चों को दिया जाता है. बच्चों को पैसे का लालच देकर मोबाइल चोरी करने की तकनीक सिखाते हैं. मोबाइल चोरी कर लाने पर बच्चों को रुपये देते थे। इंस्पेक्टर गणेश सिंह ने बताया कि एक शहर में छह से आठ महीने तक इस गिरोह के सदस्य रहते हैं। सौ से अधिक मोबाइल चोरी कर लेने के बाद बड़े शहरों की दुकानों में मोबाइल को बेच देते हैं. इसके बाद अपना ठिकाना बदल लेते हैं. मोबाइल चोर गिरोह के मुख्य सरगना कन्हैया महतो है. इंस्पेक्टर ने बताया कि हज़ारीबाग के अलावा सिमरिया, टंडवा, चतरा, गिरिडीह, धनबाद और दुमका में मोबाइल चोरी की घटना को अंजाम दिया है. छह महीने पूर्व कन्हैया महतो को कटकमदाग पुलिस ने पकड़कर जेल भेजा था।

दुमका मुफस्सिल थाने के चौकीदार मो. शब्बीर की चाकू से गोदकर हत्या

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बीच सड़क पर पड़ी हवलदार मो. शब्बीर का शव
बीच सड़क पर पड़ी मो. शब्बीर की लाश

दुमका जिले के दुमका मुफस्सिल तथा शिकारीपाड़ा थाना सीमा के झिलमिली गांव में अपराधियों ने वर्दीधारी चौकीदार की चाकू से गोदकर हत्या कर दी ।  मृतक चौकीदार दुमका मुफस्सिल थाना में कार्यरत था । पुलिस ने मृतक मो. शब्बीर की कार जामा थाना क्षेत्र के चिगलपहाडी पंचायत के गणेशडीह जंगल से बरामद किया है । जामा थाना प्रभारी के  अनुसार कार पुरी तरह जल गई है । उन्होंने यह भी बताया कि जले कार मृतक चौकीदार का ही है ।

चिगलपहाडी पंचायत के गणेशडीह जंगल से बरामद कार
चिगलपहाडी पंचायत के गणेशडीह जंगल से बरामद कार

दो दिन पूर्व ही वर्दीधारी की सिरकटी लाश बरामद हुई थी 

वही घटना के बाद दुमका एसपीअंबर लकडा घटना स्थल झिलमिली गांव पहुंचे तथा घटना की पुरी जानकारी लिया । ज्ञात हो कि दो दिन पुर्व जामा थाना क्षेत्र के भुरभुरी पुल के पास पुलिस ने नदी में बहते हुये सिर कटी शव को बरामद किया था और दो दिनो के बाद चौकीदार का हत्या के बाद कार जला देने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है वही पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है ।

प्रेमी को 3 लाख की सुपारी देकर कराई पति की हत्या सरकारी नौकरी हासिल कर आशिक से करना चाहती थी शादी

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रामगढ़। रामगढ़ में एक महिला ने पति को मारने के लिए प्रेमी को तीन लाख की सुपारी दी और प्रेमी ने एक दोस्त के साथ मिलकर रेलवेकर्मी रविंद्र सिंह की हत्या कर दी। दरअसल, शादीशुदा महिला अपने प्रेमी के साथ शादी करना चाहती थी। इसी के चलते उसने पति को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। इसके लिए प्रेमी को 3 लाख की सुपारी दी। पति की तो हत्या हो गई लेकिन आगे का प्लान सफल नहीं हो सका। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर डालटनगंज थाना भेज दिया है।

दरअसल, 3 जून को बरकाकाना रेल पुलिस ने पतरातू डीजल शेड के पास से रेलवेकर्मी रविंद्र सिंह का शव बरामद किया था। रेल थाना प्रभारी मंगलदेव उरांव ने बताया कि टेक्निकल सेल की मदद से मृतक का कॉल डिटेल निकाला गया। संदेह के आधार पर रौशन को पूछताछ के लिए जीआरपी बरकाकाना लाया गया। रौशन से जब कड़ाई से पूछताछ की गई तब उसने जुर्म कबूल कर लिया। वहीं रौशन के बयान पर प्रेमी संदीप सिंह उर्फ गणेश को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

गणेश ने बताया कि रेलवे कर्मी की पत्नी मीरा देवी से उसका पिछले 2 सालों से प्रेम प्रसंग चल रहा है। इसकी भनक रविंद्र को लग गई थी। जिसके बाद मीरा और गणेश ने मिलकर उसे रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। इसके बाद मीरा ने गणेश को तीन लाख रुपए दिए ताकि रविंद्र को रास्ते से हटा दे और सरकारी नौकरी हासिल कर प्रेमी के साथ जिंदगी बिताए। आगे कुछ हो पाता उससे पहले ही पूरा राज खुल गया और हत्याकांड में शामिल तीनों लोग सलाखों के पीछे पहुंच गए।

पुलिस के मुताबिक घटना के दिन मृतक रेल कर्मी ने अपने दोस्त रौशन और संदीप के साथ पहले पार्टी मनाई और जमकर शराब पी। फिर रौशन और संदीप दोनों मिलकर बाइक से संदीप को कॉलोनी के चक्कर लगवाते रहे और रात होने का इंतजार किया। इसके बाद डीजल शेड के पास ले जाकर दोनों आरोपियों ने रविंद्र पर हमला कर दिया। रौशन ने एक बड़ा पत्थर संदीप को दिया और संदीप ने पत्थर से रविंद्र पर हमलाकर दिया। दोनों आरोपी उसे लेकर झाड़ियों के पास गए और पत्थर से कूचकर हत्या कर दी।