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उत्तर प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस कहां खड़ी है ?

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राहुल की तरह प्रियंका भी यूपी को लगातार मथने में नाकामयाब रहीं
राहुल की तरह प्रियंका भी यूपी को लगातार मथने में नाकामयाब रहीं

यूपी चुनाव में बीजेपी का पूरा जोर दोबारा सत्ता में वापस आने की है, तो सपा-बसपा बीजेपी को हराकर सरकार बनाना चाहते हैं। लेकिन कांग्रेस का दर्द कुछ अलग है। कांग्रेस को पता है कि वो अकेले चुनाव लड़ी तो मिट्टी पलीद होना तय है । इसलिए पार्टी का पूरा फोकस किसी तरह गठबंधन कर चुनाव में जाने की है ।

बसपा के एकला चलो के एलान के बाद अखिलेश पर टिकी उम्मीदें

कांग्रेस ने सबसे पहले बसपा के साथ गठबंधन की कोशिशें की। लेकिन मायावती ने साफ-साफ कह दिया कि वो उत्तर प्रदेश में किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेंगी । इसके बाद कांग्रेस अखिलेश यादव की पार्टी के साथ गठबंधन की उम्मीद लगाए बैठी है। लेकिन अखिलेश हैं कि कांग्रेस को भाव ही नहीं दे रहे । कांग्रेस ने इस काम के लिए प्रशांत किशोर की मदद ली है । प्रशांत किशोर अगले हफ्ते अखिलेश से मिलने वाले हैं।

आप-सपा में गठबंधन संभव

अखिलेश यादव कांग्रेस की बजाय आम आदमी पार्टी को कुछ शहरी सीटें देकर गठबंधन कर सकते हैं। खासकर नोएडा, गाजियाबाद के कुछ क्षेत्रों में आम आदमी पार्टी का प्रभाव है। दूसरा, अखिलेश की सोच यह भी है कि अगर शरद पवार की अगुवाई में क्षेत्रीय दलों का मोर्चा बना तो केजरीवाल के साथ गठबंधन में वो फायदे में रहेंगे।

कांग्रेस का धर्मसंकट

अमेठी हारने के बाद राहुल गांधी ने यूपी को लगभग भुला ही दिया है। वो केरल के वायनाड से सांसद हैं, लिहाजा वो दक्षिण भारत के राज्यों में ही ज्यादा दौरे कर रहे हैं। यूपी की कमान पूरी तरह प्रियंका गांधी के हाथों में है । ऐसे में अगर कांग्रेस उत्तर प्रदेश में बुरी तरह हार गई तो यह उनकी व्यक्तिगत छवि के लिए भी ठीक नहीं होगा। राहुल गांधी की तरह उनकी छवि भी हारे हुए नेता की हो जाएगी। यही कांग्रेस की सबसे बड़ी दुविधा है।

सिर्फ ट्विटर और चुनावों के पहले दौरे से मजबूत नहीं होगी कांग्रेस

प्रियंका गांधी ने नाव यात्रा के साथ बड़े धमाकेदार अंदाज में यूपी की राजनीति की शुरुआत की थी । उनके गंगा और बनारस दौरे को खूब मीडिया कवरेज़ भी मिली और उन्होंने उत्सुकता भी जगाई । लेकिन उसके बाद वो सिर्फ ट्विटर पर ही ज्यादा सक्रिय दिखीं। ऊब चुनाव नजदीक आते ही वो फिर उत्तर प्रदेश में घूम रही हैं। लेकिन ये दौर सीजनल राजनीति का नहीं है। प्रियंका के उलट योगी आदित्यनाथ सालों भर 365 दिन यूपी में रहकर राजनीति भी करते हैं और लोगों के बीच भी जाते हैं। ऐसे में उम्मीद बस इतनी सी है कि कांग्रेस किसी के साथ गठबंधन करने में कामयाब हो जाएगी, ताकि पार्टी की इज्जत बची रहे ।

एमनेस्टी इंटरनेशनल और उसकी गतिविधियों पर भारत में बैन लगे

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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने पेगासस जासूसी विवाद मामले में मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल की कथित भूमिका के चलते भारत में उसकी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने की मंगलवार को मांग की। भाजपा नेता ने दावा किया कि यह पूरा मामला नरेन्द्र मोदी की अगुवाई वाली केन्द्र सरकार की क्षवि खराब करने की अंतरराष्ट्रीय साजिश है।

अपने मोबाईल की फॉरेंसिक जांच क्यों नहीं कराते राहुल गांधी ?
अपने मोबाईल की फॉरेंसिक जांच क्यों नहीं कराते राहुल गांधी ?

दुनिया भर की वामपंथी शक्तियों के टारगेट पर मोदी सरकार

उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा,‘‘ एमनेस्टी इंटरनेशनल सहित दुनियाभर में विभिन्न वामपंथी संगठन, साजिश का हिस्सा हैं। यह स्पष्ट है कि वे भारत के लोकतंत्र को बदनाम करना चाहते हैं। मैं एमनेस्टी इंटरनेशनल की भारत में गतिविधियों पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग करता हूं।’’

सरमा ने कहा कि पहले भी साक्ष्य थे, लेकिन इस हालिया घटना से अब यह स्पष्ट हो गया है कि एमनेस्टी भारत के लोकतांत्रिक ताने बाने को बदनाम करने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है।

उन्होंने वाशिंगटन पोस्ट जैसे समाचार पत्र की आलोचना करते हुए कहा वह इस बारे में जानकारी नहीं देता कि किस राज्य में कितने लोगों की मौत कोरोना वायरस संक्रमण से हो रही या अमेरिका कैसे संक्रमण के मामले से निपट रहा है, लेकिन उसे इस बारे में ज्यादा दिलचस्पी है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी क्या कर रहे हैं।

सरमा ने इस मामले के सामने आने के वक्त पर प्रश्न उठाते हुए कहा,‘‘ जब भी भारत किसी उपलब्धि के नजदीक पहुंचता है तत्काल देश के बाहर और अंदर अंतरराष्ट्रीय साजिश प्रारंभ हो जाती है। ’’

 

मुस्लिम बच्चों को संस्कृत पढ़ने से रोकना असंवैधानिक और सांप्रदायिक

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पिछले दिनों कोल्हान प्रमंडल के एक सरकारी एवं दो असम्बद्ध संस्कृत विद्यालयों द्वारा मुस्लिम छात्रों को एडमीशन न देने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है । इस विषय को लेकर महागामा से कांग्रेस विधायक दीपिका पांडेय सिंह ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है । अपनी चिट्ठी में दीपिका पांडे सिंह ने विद्यालयों के इस कदम को सांप्रदायिक और अलोकतांत्रिक बताते हुए सीएम से कार्रवाी की मांग की है ।

जैक अधिकारी कौशल मिश्रा के मौखिक आदेश के बाद मुस्लिम छात्रों का निबंधन रद्द किया गया
जैक अधिकारी कौशल मिश्रा के मौखिक आदेश के बाद मुस्लिम छात्रों का निबंधन रद्द किया गया- दीपिका पांडेय सिंह

जैक के पदाधिकारी कौशल मिश्रा निशाने पर

दीपिका पांडेय सिंह अपनी चिट्ठी में लिखती हैं कि झारखण्ड एकेडमिक कॉउन्सिल के एक पदाधिकारी के कथित मौखिक आदेश के आलोक में विद्यालय प्रवन्धन ने अल्पसंख्यक वर्ग के छात्रों का मध्यमा परीक्षा के लिए निबंधन/नामांकन पर तत्कालीन रोक लगा दिया था जिसके कारण अल्पसंखयक छात्रों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। समाचार पत्रों में उक्त तीनों स्कूल के प्रिंसिपल का वयान छपा है की उन्होंने झारखण्ड एकेडमिक कॉउन्सिल के 10 वीं कक्षा सह-कोऑर्डिनेटर कौशल मिश्रा के मौखिक आदेश के आलोक में मुस्लिम छात्रों का निवन्धन रोक दिया था। कौशल मिश्रा ने अपना पक्ष रखते हुए इस अमर्यादित, गैरकानूनी, असंवैधानिक और साम्प्रदायिक कदम को यह कहते हुए सही ठहराया है की चूँकि मुस्लिम बच्चे वेद नहीं पढ़ते इसलिए संस्कृत स्कूल में उनका नामांकन नहीं किया जा सकता है। यहाँ तक की वह पूर्व में हुए नामांकनों पर भी प्रश्न उठाते हैं।

धर्म और भाषा के आधार पर छात्रों से भेदभाव गलत

कांग्रेस विधायक दीपिका पांडेय सिंह का कहना है कि झारखण्ड में ऐसा पहली बार हुआ है जब की धर्म और भाषा के आधार पर संस्कृत विद्यालयों में मुस्लिम छात्रों के नामांकन निषेध कर दिया गया, जो की बेहद आपत्तिजनक है। यह तो संविधान के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन तो है ही, यह कृत्य संविधान प्रदत्त ‘शिक्षा एक मौलिक अधिकार’ के विरुद्ध है। अब मामला प्रकाश में आने पर आननफानन में शिक्षा विभाग ने उक्त तीनों स्कूल के प्रिंसिपल के विरुद्ध निलंबन / कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। मगर ऐसा प्रतीत होता है की झारखण्ड एकेडमिक कॉउन्सिल के उक्त पदाधिकारी के विरुद्ध कोई भी कार्रवाई नहीं की गयी है। यह झारखण्ड एकेडमिक कॉउन्सिल और उसके पदाधिकारियों के द्वारा शिक्षा के साम्प्रदायिकरण का घृणित प्रयास है जिसे हलके से नहीं लिया जा सकता है। जानकारी के अनुसार 2019 में भी झारखण्ड एकेडमिक कॉउन्सिल ने संस्कृत स्कूलों को ऐसा ही मौखिक निर्देश जारी किया था।

इजराइली कंपनी द्वारा जासूसी कर देश की सुरक्षा खतरे में डाल रही मोदी सरकार

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22 को पेगासस जासूसी कांड के खिलाफ राजभवन मार्च करेगी कांग्रेस
22 जुलाई को पेगासस जासूसी कांड के खिलाफ राजभवन मार्च करेगी कांग्रेस

रांची। इजरायली कंपनी पेगासस द्वारा देश के बड़े सुरक्षा अधिकारियों, मंत्रियों, सैना के बड़े अफसरों, विपक्षी नेताओं और पत्रकारों के फोन टैपिंग से देश की सुरक्षा को एक गंभीर संकट खड़ा हो गया है। मोदी सरकार से देश की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा को गंभीर खतरा है। मोदी-अमित शाह की जोड़ी सत्ता में बने रहने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है । ये बातें झारखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरावं ने संवाददाता सम्मेलन में कही।

रामेश्वर उरावं ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा को समाप्त करना है । यह मौलिक अधिकारों और संवैधानिक कर्तव्यों का दिन-दहाडे हत्या है। जिस प्रकार केन्द्रीय मंत्री, सुरक्षा बलों के वर्तमान एवं पूर्व प्रमुख विपक्ष, पत्रकार, मीडिया प्रबंधकों, सहित कांग्रेस नेता राहुल गांधी के फोन हैक होने की जानकारी सामने आयी है,  इससे ऐसा प्रतीत होता है कि मोदी सरकार किस प्रकार निजता का हनन कर रही है। बेशक यह देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के बिना सहमति से नहीं हो सकता है। इसलिए इनकी भूमिका का पूर्ण जांच की जानी चाहिए । देश की जनता यह भी जानना चाहती है कि भारत सरकार इस अवैध स्पाईवेयर को कितने हजार करोड रूपये खर्च करके खरीदा।

उन्होंने कहा कि हर उस मुद्दे जो राष्ट्रीय सुरक्षा से जुडा हो मोदी सरकार और उसके मंत्री देश की आवाम को गुमराह करते रहे हैं। आज भी नये आईटी मंत्रियों में संसद को गुमराह करने की कोशिश की, जो देश हित में गलत है। देश की आवाम को यह भी जानना जरूरी है कि मोदी सरकार अपने नागरिकों और राजनीतिक नेताओं की जासूसी क्यों करा रही थी? 2019 के आमचुनावों के पहले और उसके दौरान और उसके बाद भी।

संवाददाता सम्मेलन में मुख्य रूप से प्रदेश कंाग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष सह मीडिया प्रभारी राजेश ठाकुर, केशव महतो कमलेश, मानस सिन्हा, प्रवक्ता शमशेर आलम, राकेश सिन्हा, संगठन प्रभारी रविन्द्र सिंह, अमूल्य नीरज खलखो उपस्थित थे।

नहीं रहे दारोगा गुप्तेश्वर राम, सासाराम के थे रहने वाले, सिमरिया पुलिस में शोक

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उज्ज्वल दुनिया, चतरा(गीतांजली)। चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र के शिला ओपी प्रभारी गुप्तेश्वर राम नहीं रहे।

उनका निधन मंगलवार की रात हृदय गति रुक जाने से हो गया।

वे बिहार के सासाराम के रहने वाले थे। उनके निधन से शोक की लहर है।

ओपी प्रभारी के रूप में उन्होंने यहां एक साल पहले योगदान दिया था।

तब से वे निष्ठा पूर्वक अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे थे।

अपने छोटे से कार्यकाल में उन्होंने काफी उपलब्धियां अर्जित की।

ग्रामीणों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करना उनकी खूबी थी।

पिछले कुछ दिनों से वे अस्वस्थ थे। बीती रात उनकी तबीयत अचानक ज्यादा बिगड़ गई।

उनके सीने में असहनीय दर्द था और उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें सदर अस्पताल हजारीबाग ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।

निधन के बाद उनका शव चतरा सदर अस्पताल लाया गया, जहां पोस्टमार्टम किया गया।

उनके असामयिक निधन से सिमरिया पुलिस में शोक की लहर है।

अज्ञात लड़की का अधजला शरीर मिलने से सनसनी, घटनास्थल पर पहुंचे डीएसपी

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उज्ज्वल दुनिया, चतरा(गीतांजली)। चतरा स्थित मयूरहंड थाना क्षेत्र के महेशा जंगल में अधजला शव मिलने से आसपास के क्षेत्रों में सनसनी फैल गई।

बताया जाता है कि कुछ चरवाहे जंगल में पशु चरा रहे थे कि इसी बीच उन्हें जंगल में एक युवती का अधजला शरीर मिला। चरवाहों ने इसकी सूचना पुलिस को दी।

सूचना के आधार पर थाना प्रभारी कौशल कुमार सिंह एएसआई जवाहर राम दलबल के साथ महेशा जंगल पहुंचे और अधजले युवती का शव अपने कब्जे में लिया।

घटना की खबर पाते ही चतरा डीएसपी केदार राम महेशा जंगल पहुंचकर घटना से संबंधित जानकारी लेने में जुट गए।

पुलिस को घटनास्थल से एक प्लास्टिक का थैला और चप्पल मिला है।

प्लास्टिक पर उदय नारायण मेहता का नाम लिखा हुआ है।

पुलिस इसी आधार पर कुछ साक्ष्य जुटाने में जुटी हुई है।

यह घटना लाडर्स इन्फ्रास्ट्रक्चर प्लांट के समीप सलैया जाने वाली सड़क के किनारे घटित हुई है।

21 JULY 2021

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मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने की 20 सूत्री कार्यक्रमों की समीक्षा, इन मुद्दों पर हुई चर्चा

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उज्ज्वल दुनिया, हजारीबाग(अजय निराला)। श्रम नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास मंत्री झारखंड सरकार एवं 20 सूत्री प्रभारी मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने हजारीबाग जिला समाहरणालय में बैठक की।

डीसी आदित्य आनंद की अध्यक्षता में हुई बैठक में मंत्री ने डीडीसी, सभी विभाग के कार्यपालक अभियंता, सिविल सर्जन एवं अन्य अधिकारियों को कड़े शब्दों में दिशानिर्देश देते हुए कहा कि सरकार किसान एवं मजदूरों, युवाओं, बेरोजगारों, महिला सशक्तीकरण आदि पर गंभीरता से काम कर रही है।

ऐसे में किसी किस्म की कोताही बर्दाश्त नहीं होगी।
सरकारी योजनाओं के ठेकेदारों की बिचौलियों से मिलीभगत होने की सूचना पर अविलंब उनके खिलाफ अधिकारी कठोर कारवाई करें।

बैठक में राजद के जिलाध्यक्ष संजर मलिक ने कहा कि हजारीबाग डेली मार्केट में कुछ भू-माफिया दुकानों का सौदा ऊपर से ही कर लेते हैं।

इस कारण नगर निगम को सरकारी राजस्व का नुकसान हो रहा है।

उन्होंने मंत्री से अनुरोध किया कि डेली मार्केट का सौंदर्यीकरण किया जाए।

साथ ही नए वार्डों में नागरिक सुविधा बहाल किया जाए।

उन्होंने वर्षों से उदासीन मोहम्मद अली लाइब्रेरी, कांग्रेस ऑफिस रोड की दुर्दशा, वार्ड-21 में पानी निकासी की समस्या, सरकारी डॉक्टरों के अस्पताल में कम निजी क्लिनिक संचालन में अधक समय देने आदि विषयों पर चर्चा की।

बाद में विनोबा भावे विश्वविद्यालय के वीसी डॉ मुकुल देव नारायण ने मंत्री को विशेष आमंत्रित अतिथि के तौर पर यूनिवर्सिटी में पौधरोपण कराया।

साथ ही विज्ञान भवन का भ्रमण कराते हुए अतिथि भवन में गुलदस्ता, मोमेंटो एवं शॉल ओढ़ा कर सम्मानित किया।

वहां बरकट्ठा विधायक अमित यादव, बरही विधायक अकेला यादव और राजद जिला अध्यक्ष संजर मलिक को भी सम्मानित किया गया।

बैठक में राजद जिलाध्यक्ष संजर मल्लिक, युवा राजद अध्यक्ष रघुनाथ कुमार राणा, बसंत कुमार मेहता, कांग्रेस जिलाध्यक्ष अवधेश सिंह, जेएमएम जिलाध्यक्ष शंभूलाल यादव, रूचि कुजूर आदि उपस्थित थे।

नमन विक्सल कोंगाडी और भूषण बाड़ा ने सिमडेगा में मेडिकल कॉलेज खोलने की मांग की

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मंगलवार को सीएम हेमंत सोरेन से मुलाकात करते सिमडेगा और कोलेबिरा विधायक
मंगलवार को सीएम हेमंत सोरेन से मुलाकात करते सिमडेगा और कोलेबिरा विधायक

सिमडेगा: जिले का चहुँमुखी विकास कराने की मांग को लेकर कोलेबिरा विधायक नमन विक्सल कोंगाडी और सिमडेगा विधायक भूषण बाड़ा ने मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को एक ज्ञापन सौंपा। मौके पर जिले के अम्बापानी में ही मेडिकल कॉलेज को बनवाने की मांग की। जिसपर सीएम ने भी जिले में ही मेडिकल कॉलेज का निर्माण कराने का अस्वाशन दिया। दोनों विधायकों ने सीएम को बताया कि कोलेबिरा डैम काफी जर्जर हो गया है। जर्जर होने के कारण बांध कभी भी टूट सकता है। बांध के टूटने से हजारों एकड़ उपजाऊ मिट्टी तो बर्बाद होगा ही। साथ ही जान माल की भी भारी क्षति होगी। जिसपर सीएम ने जल्द डैम का मरम्मत कराने की बात कही।

कृषि कार्य पर विशेष ध्यान देने की रखी मांग

मौके पर सिमडेगा और कोलेबिरा विधायक ने मुख्यमंत्री को बताया कि सिमडेगा जिला कृषि आधारित जिला है। यहां के सभी लोग कृषि पर ही निर्भर रहते हैं। लेकिन इन दिनों बारिश नहीं होने के कारण कृषि कार्य पिछड़ता जा रहा है। ऐसे में अगर किसान खेती नहीं कर पाएंगे तो मजबूरी वश दूसरे शहरों में पलायन करने को विवश होंगे। विधायक ने ऐसे स्थिति से निपटने एवं कृषि कार्य को बढ़ावा देने के लिए भी पहल करने की मांग की। सीएम ने कहा कि सरकार कृषि कार्य को बढ़ावा देने के लिए हर सम्भव कार्य कर रही है। सालों भर खेती के लिए डैम का पानी भी खेतों तक पहुंचाया जा रहा है। वहीं कृषि विभाग के माध्यम से कृषि कार्य को बढ़ावा देने के लिए भी कई अनगिनत योजना धरातल में उतारा गया है। आने वाले दिनों में किसानों के हित मे और भी कई अनगिनत योजनाएं उतारे जाएंगे।

चिकित्सकों की कमी को दूर करने की रखी मांग

विधायको ने बताया कि जिले के स्वास्थ्य बेवस्था को और अधिक दुरुस्त करने की जरूरत है। यहां चिकित्सकों की भारी कमी है। जिसके कारण लोगों का सही इलाज नहीं हो पा रहा है। विधायकों में सरकार से स्वास्थ बेवस्था को दुरुस्त कराते हुए पर्याप्त मात्रा में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों की बहाली कराने की मांग की। वहीं अनुबंध कर्मचारियों की भी सेवा स्थायी कराने के लिए पहल करने का आग्रह किया।

जिले के पर्यटक स्थलों का हो विकास

विधायकों ने सीएम को बताया कि जिले में पर्यटन की अपार संभावना है। तीन राज्यों के बॉर्डर इलाके में रहने के कारण पर्यटक स्थलों का विकास होने से लोगों का आवागमन जिला में बढ़ेगा जिससे लोगों को रोजगार भी आसानी से मिल पायेगा। विधायक ने जिले के केलाघाघ डैम और रामरेखाधाम को राज्यकीय पर्यटक स्थल का दर्जा दिलाते हुए इसका विकास कराने की मांग की। इसके अलावे पर्यटक स्थल बसतपुर, घुमरी, दनगद्दी, राजा डेरा, बुददाधार, अनजान शाह पीर बाबा का मजार, भवंर पहाड़ गढ़, गोबरधंसा डैम, सतकोठा आदि पर्यटक स्थल का विकास कराने की मांग की।

रामगढ़ में पुस्तक वितरण की जांच का आदेश, डीसी ने शिक्षा अधिकारियों को ऐसे किया मोटिवेट

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उज्ज्वल दुनिया, रामगढ़(मनोज मिश्र)। रामगढ़ में मंगलवार को डीसी माधवी मिश्रा ने जिला समाहरणालय सभागार में शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा की।

उन्होंने कहा कि किसी भी समाज को सही दिशा में ले जाने के लिए शिक्षा एक महत्वपूर्ण कड़ी है।

इसलिए यह बहुत जरूरी है कि सभी अधिकारी नौनिहालों को सही शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए अपना पूरा योगदान दें।

डीसी ने बच्चों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उपलब्ध कराए जा रहे लाभ की जानकारी ली।

उन्होंने शिक्षा विभाग की ओर से जिले के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में रह रहे बच्चों को समग्र शिक्षा अभियान के तहत उपलब्ध कराए गए किताबों की जानकारी ली।

उन्होंने सभी अधिकारियों को नियमित रूप से क्षेत्र भ्रमण करने एवं बच्चों को उपलब्ध कराए गए किताबों की जांच करने का आदेश दिया।

साथ ही बच्चों को उपलब्ध कराए गए यूनिफॉर्म, स्कूल किट आदि की जानकारी लेते हुए महत्वपूर्ण दिशा निर्देश दिए।

लॉकडाउन के दौरान बच्चों को डिजिटल माध्यम से शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए अब तक किए गए पंजीकरण कार्यों की जानकारी सभी बीइइओ एवं अन्य प्रखंड स्तरीय अधिकारियों से ली।

इस दौरान उन्होंने सभी अधिकारियों को इस कार्य में विशेष ध्यान देने एवं निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध जल्द से जल्द शत-प्रतिशत बच्चों का निबंधन कराने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना के तहत रामगढ़ जिले में अब तक हुए कार्यों की समीक्षा करते हुए डीसी ने सभी अधिकारियों को शत प्रतिशत योग्य विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ देने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

अगर किसी कारण से अब तक कुछ बच्चों का बैंक खाता नहीं खुल पाया है, तो जल्द सभी बच्चों का खाता खुलवाने का निर्देश दिया।

डीसी ने रामगढ़ जिले के अलग-अलग प्रखंडों में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की जानकारी लेते हुए कई निर्देश दिए।

लॉकडाउन में बच्चों को उपलब्ध कराए जा रहे मिड डे मील के संबंध में हो रहे कार्यों की जानकारी ली एवं राज्य सरकार द्वारा प्राप्त निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन करते हुए कार्य करने का निर्देश दिया।

डीइओ को रामगढ़ जिले में लॉकडाउन के दौरान बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य चलाए जा रहे लॉकडाउन ई-पाठशाला डीसी रामगढ़ के यू-ट्यूब चैनल के संबंध में अब तक हुए कार्यों की जानकारी दी गई।

बैठक में रिवॉल्यूशनरी यूथ फाउंडेशन से अमर कुमार सिंह ने पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से डीसी को लॉकडाउन ई-पाठशाला के क्रियान्वयन के संबंध में जानकारी दी।

डीसी ने रामगढ़ जिले में बनाए जा रहे सेंट्रलाइज किचन के कार्य प्रगति की समीक्षा की।

बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी, एडीपीओ, एपीओ, एई, सहायक जिला जनसंपर्क पदाधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी से एक भी मौत नहीं

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  • सरकार का दावा- कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सिजन की कमी से एक भी मौत की सूचना नहीं
  • केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉक्टर भारती प्रवीण पवार ने राज्यसभा में एक लिखित सवाल के जवाब में यह कहा
  • सरकार से पूछा गया था कि क्या सच में ऑक्सिजन की कमी की वजह से बड़ी तादाद में मरीजों की मौत हुई थी
लोकसभा में कोविड पर विपक्ष के प्रश्नों का जवाब देतीं स्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. भारती प्रवीण पवार
लोकसभा में कोविड पर विपक्ष के प्रश्नों का जवाब देतीं स्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. भारती प्रवीण पवार

केंद्र सरकार ने कहा है कि कोविड महामारी के दौरान ऑक्सिजन की कमी से किसी के मरने की कोई सूचना किसी राज्य या केंद्रशासित प्रदेश से नहीं है। केंद्र सरकार ने यह जवाब राज्यसभा में पूछे गये एक जवाब के दौरान दिया।

सवाल के लिखित जवाब में स्वास्थ्य राज्य मंत्री का दावा
सरकार से पूछा गया था कि क्या यह सच है कि कोविड की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सिजन की भारी कमी होने के कारण बड़ी संख्या में मरीजों की मौत हुई। इसपर सरकार की ओर से स्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉक्टर भारती प्रवीण पवार ने लिखित जवाब में कहा कि स्वाथ्य राज्यों का विषय है और उनकी ओर से कोविड से हुई मौत की सूचना दी जाती है लेकिन इसमें भी ऑक्सिजन की कमी से किसी मौत की सूचना नहीं है।

सोशल मीडिया पर फजीहत
सरकार के इस जवाब के बाद सोशल मीडिया पर बहुत चर्चा हुई। दरअसल कोविड की दूसरी लहर के दौरान कोरोना मरीजों के परिजनों की ऑक्सिजन के लिए भटकते हुए कई तस्वीरें आईं थीं। पूरे देश में इसकी कमी के कारण मरीजों को हो रहीं दिक्कतों को तब सरकार ने भी स्वीकारा था। ऐसे में सरकार के इस जवाब से विवाद पैदा हुआ।

राज्यों की तरफ से मौत के कारण में ऑक्सिजन की कमी का जिक्र नहीं
सरकारी सूत्रों के अनुसार सरकार ने मौत की रिपोर्ट में जिन कारणों का उल्लेख किया गया है उसी आधार पर यह रिपोर्ट दी है। इसमें ऑक्सिजन की कमी का जिक्र किसी मौत में नहीं किया गया। केंद्र सरकार के अनुसार इसका जवाब अलग-अलग राज्यों के अधिकारी ही बता सकते हैं।

पहले प्राइमरी स्कूल खेले जाएं, कोरोना के खिलाफ बच्चों की इम्यूनिटी बड़ों से बेहतर

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एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि कोरोना के खिलाफ बच्चों की इम्यूनिटी बड़ों के मुकाबले बेहतर है। आइसीएमआर ने केन्द्र सरकार को सलाह दी है कि पहले प्राइमरी स्कूल खोले जाएं, तब सीनियर क्लासेस पर विचार हो। कई देशों में ऐसा किया गया है। आईसीएमआर ने कहा कि पहले प्राइमरी स्कूल खोले जा सकते हैं और फिर सेकंडरी स्कूल खोले जाने चाहिए। हालांकि यह फैसला जिला और राज्य स्तर पर लिया जाएगा और कई फैक्टर्स पर निर्भर करेगा।

संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते आईसीएमआर के डीजी डॉ. बलराम भार्गव
संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते आईसीएमआर के डीजी डॉ. बलराम भार्गव

आईसीएमआर के डीजी डॉ. बलराम भार्गव ने कहा कि छोटे बच्चे वायरस को आसानी से हैंडल कर लेते हैं। उनके लंग्स में वह रिसेप्टर कम होते हैं जहां वायरस जाता है। सीरो सर्वे में देखा गया है कि 6 से 9 साल के बच्चों में लगभग उतनी ही एंटीबॉडी दिखी जितनी बड़ों में है। डॉ. भार्गव ने कहा कि यूरोप के कई देशों में प्राइमरी स्कूल बंद ही नहीं किए थे। कोरोना की किसी भी लहर में स्कूल बंद नहीं किए गए थे। इसलिए हमारी राय यह है कि पहले प्राइमरी स्कूल खोले जा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि इसके बाद फिर सेकंडरी स्कूल खोले जा सकते हैं। मगर यह देखना जरूरी है कि टीचर से लेकर सभी सपोर्ट स्टाफ पूरी तरह वैक्सिनेटेड हो। हालांकि यह फैसला जिला और राज्य स्तर पर लिया जाएगा। यह कई फैक्टर पर निर्भर होगा। स्कूल से जुड़े सभी लोगों को वैक्सीन लगाना सुनिश्चत करना होगा, वहां टेस्ट पॉजिटिविटी रेट क्या है और पब्किल हेल्थ सिचुएशन क्या है, इसपर भी ध्यान देना होगा।

राज कुंद्रा को कोर्ट लेकर पहुंची क्राइम ब्रांच की टीम, शुक्रवार तक पुलिस की हिरासत में रहेंगे!

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Bombay: अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा को हाल ही में अश्लील फिल्में बनानें को लेकर गिरफ्तार कर लिया गया है। राज कुंद्रा बिजनेसमैन हैं और कई सारी कंपनियों में उनके शेयर है। लेकिन इस खबर ने इंडस्ट्री के लोगों के साथ साथ पूरे देश की जनता को काफी चौंका दिया है। क्राइम ब्रांच की टीम ने उनको गिरफ्तार किया है और मेडिकल करवाया है। अब खबर आ रही है कि राज कुंद्रा कोर्ट पहुंच चुके हैं जहां उनके आरोपों को लेकर उनसे पूछताछ की जाएगी।

एएनआई ने एक तस्वीर साझा करते हुए इस बात की जानकारी दी है कि कुंद्रा कोर्ट पहुंच चुके हैँ। इसके अलावा एएनआई लिखता है कि.. ‘शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा को मुंबई कोर्ट लाया गया है। राज कुंद्रा अश्लील फिल्में बनाने वालों के लिंकअप की खबरों की वजह से गिरफ्तार किया गया है।’ उनको 23 जुलाई तक पुलिस कस्टडी में रखा जाएगा।

 

यूएस और चीन के निशाने पर पाक

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इस्लामाबाद भारत कई सालों से विश्व मंचों पर पाकिस्तान के द्वारा आतंकवाद को बढ़ावा देने व कई हमलों के सबूत तक भी दुनिया को दिखा चुका है। मौके मौके पर पाकिस्तान को आतंकवाद को पनाह न देने की हिदायत दी जाती रही है, लेकिन वह बाज नहीं आता। अब उसकी चपेट में चीन भी आ गया है, जिससे ड्रैगन भी भयभीत है। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में बम विस्फोट की घटना में नौ चीनी इंजीनियरों सहित तेरह लोगों की मौत के बाद अब बीजिंग की नींद उड़ गई है। मारे गए इंजीनियर दासू बांध परियोजना में काम कर रहे थे। परियोजना पर काम कर रही कंपनी ने सभी पाकिस्तानी कामगारों की सेवाएं समाप्त कर कार्यस्थल से बाहर निकाल दिया है। इस कार्रवाई से चीनी नागरिकों को फिर हमले का डर सता रहा है। उधर अमेरिका ने पाकिस्तान को दो टूक नसीहत दी है। उसका कहना है कि एफएटीएफ की काली सूची में जाने से बचना है तो खूंखार आतंकियों को पकड़ कर सजा देना सुनिश्चित करे।

आतंकी घटना को बताया महज हादसा

ज्ञात हो, पाकिस्तान में चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीइसी) के तहत कई परियोजनाएं चल रही हैं। इसमें हजारों चीनी नागरिक विभिन्न पदों पर कार्य कर रहे हैं। पिछले बुधवार को परियोजना स्थल के पास एक बस में बम विस्फोट में नौ चीनी इंजीनियरों की मौत हो गई थी। घटना को पाकिस्तान ने दबाने की कोशिश में महज हादसा बताया। बाद में जब चीन ने आंख दिखाई तो गृह मंत्रालय ने बम विस्फोट को आतंकी घटना बताकर जांच शुरू कर दी।

चीनी नागरिकों को पाकिस्तान में हमले का डर

इस मामले के बाद चीनी परियोजनाओं को गहरा धक्का लगा है। यहां काम करने वाले चीनी नागरिक पाक छोड़ना चाहते हैं। चीन का एक पंद्रह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भी जांच के लिए पाकिस्तान पहुंच गया है। परियोजना पर काम करने वाली चीनी कंपनी गेझुबा ग्रुप कंपनी के यहां से ढाई हजार पाकिस्तानियों को नौकरी से निकाले जाने और कार्यस्थल से बाहर किए जाने के बाद स्थानीय स्तर पर हालात और खराब हो गए हैं। चीनी कंपनी की इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों में तेजी से आक्रोश बढ़ रहा है। चीनी नागरिकों को अब फिर हमले का डर सता रहा है।

 

 

झारखंडः मुखिया की सभी वित्तीय शख्तियां समाप्त, मनरेगा का भुगतान बीडीओ के हाथ में

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झारखंड में ग्राम पंचायतों के सभी निवर्तमान मुखिया को झटका लग गया है । उनके हस्ताक्षर से पंचायतों के बैंक अकाउंट्स के संचालन पर रोक लग गयी है । 15वें वित्त आयोग और मनरेगा सहित अन्य योजनाओं में पेमेंट करने का अधिकार अब उनके पास नहीं रहा । सरकार ने राज्य में त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था को आगामी छह महीने के लिए एक्सटेंशन देने का निर्णय जरूर लिया है, लेकिन इससे संबंधित अधिसूचना अब तक जारी नहीं की गयी है । ऐसे में राज्य में प्रखंड कार्यालयों से इस आशय का आदेश जारी किया जा रहा है कि कार्यकाल पूरा होने की वजह से ग्राम पंचायतें स्वतः विघटित हो गयी हैं और इस वजह से ग्राम पंचायतों की कार्यकारी समितियों के प्रधान के माध्यम से सरकारी योजनाओं का भुगतान बंद कर दिया जाये।

पंचायत प्रतिनिधियों के साइन से अब एक पैसा नहीं निकलेगा
पंचायत प्रतिनिधियों के साइन से अब एक पैसा नहीं निकलेगा

पंचायतों में रुक गये काम

भुगतान रोकने के आदेश होने से पंचायतों में कामकाज ठप पड़ रहा है. मजदूरों से लेकर सामग्री मद में भी भुगतान रुक गया है. 15वें वित्त आयोग की 400 करोड़ से अधिक की योजनाओं का भी काम धीमा पड़ गया है. हालांकि, मुखिया यह मांग कर रहे हैं कि भुगतान का अधिकार बरकरार रखा जाये।

मनरेगा का भुगतान बीडीओ के हाथ में

मनरेगा के तहत भुगतान का अधिकार भी अब प्रखंड विकास पदाधिकारियों के हाथ में चला गया है. अब मनरेगा के अंतर्गत ग्राम पंचायत स्तर से योजना में खर्च के लिए फंड ट्रांसफर ऑर्डर (एफटीओ) का अनुमोदन संभव नहीं है. गिरिडीह सहित कई जिलों के उप विकास आयुक्तों द्वारा आदेश निकाल कर पंचायतों में मनरेगा से चल रही विभिन्न योजनाओं में किये जाने वाले व्यय का भुगतान इलेक्ट्रॉनिक फंड मैनेजमेंट सिस्टम (इपीएफएमएस) के जरिये करने को कहा गया है. यह अधिकार बीडीओ के पास है।

राज्यपाल से अध्यादेश की मंजूरी,पर आदेश नहीं पहुंचा जिलों में

बता दें कि झारखंड में ग्राम पंचायतों की त्रिस्तरीय व्यवस्था को दूसरी बार छह महीने का विस्तार देने से जुड़े अध्यादेश को राज्यपाल से मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन इससे संबंधित आदेश जिलों और प्रखंडों में नहीं पहुंचा है. पंचायतों को मिले पहले एक्सटेंशन की अवधि सात जुलाई की अर्द्धरात्रि को ही समाप्त हो चुकी है. छह महीने के दूसरे एक्सटेंशन में पंचायतों की व्यवस्था अधिकारियों के माध्यम से चलेगी या ग्राम प्रधान की अध्यक्षता की कार्यकारी समितियों के जरिये, यह क्लीयर नहीं हुआ है. इधर,खाता संचालन पर रोक लग गयी है. पंचायतों के अकाउंट्स को नियत तिथि से अनरजिस्टर्ड किया जा रहा है. ग्राम पंचायतों के निवर्तमान प्रधान द्वारा अब फंड ट्रांसफर ऑर्डर (एफटीओ) अप्रूव नहीं किया जायेगा।

कोरोना के चलते समय पर चुनाव नहीं हुआ

झारखंड में त्रिस्तरीय पंचायतों का कार्यकाल 25 दिसंबर 2020 को ही समाप्त हो गया था. कोरोना के चलते उस वक्त चुनाव संपन्न नहीं हो सका. ऐसे में सरकार ने पंचायतों को पहले छह माह का अवधि विस्तार दिया और यह कहा कि अप्रैल- मई तक चुनाव करा लेंगे. इस बार भी कोरोना संक्रमण के कारण चुनाव नहीं हुआ है. हालांकि, निर्वाचन आयोग चुनाव की तैयारी कर रहा है परीसीमन का काम लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन किसी भी हाल में दिसंबर के पहले चुनाव संभव नहीं लग रहा।।