Thursday 13th of August 2026 11:48:35 AM
Homeअंतरराष्ट्रीययूएस और चीन के निशाने पर पाक

यूएस और चीन के निशाने पर पाक

इस्लामाबाद भारत कई सालों से विश्व मंचों पर पाकिस्तान के द्वारा आतंकवाद को बढ़ावा देने व कई हमलों के सबूत तक भी दुनिया को दिखा चुका है। मौके मौके पर पाकिस्तान को आतंकवाद को पनाह न देने की हिदायत दी जाती रही है, लेकिन वह बाज नहीं आता। अब उसकी चपेट में चीन भी आ गया है, जिससे ड्रैगन भी भयभीत है। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में बम विस्फोट की घटना में नौ चीनी इंजीनियरों सहित तेरह लोगों की मौत के बाद अब बीजिंग की नींद उड़ गई है। मारे गए इंजीनियर दासू बांध परियोजना में काम कर रहे थे। परियोजना पर काम कर रही कंपनी ने सभी पाकिस्तानी कामगारों की सेवाएं समाप्त कर कार्यस्थल से बाहर निकाल दिया है। इस कार्रवाई से चीनी नागरिकों को फिर हमले का डर सता रहा है। उधर अमेरिका ने पाकिस्तान को दो टूक नसीहत दी है। उसका कहना है कि एफएटीएफ की काली सूची में जाने से बचना है तो खूंखार आतंकियों को पकड़ कर सजा देना सुनिश्चित करे।

आतंकी घटना को बताया महज हादसा

ज्ञात हो, पाकिस्तान में चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीइसी) के तहत कई परियोजनाएं चल रही हैं। इसमें हजारों चीनी नागरिक विभिन्न पदों पर कार्य कर रहे हैं। पिछले बुधवार को परियोजना स्थल के पास एक बस में बम विस्फोट में नौ चीनी इंजीनियरों की मौत हो गई थी। घटना को पाकिस्तान ने दबाने की कोशिश में महज हादसा बताया। बाद में जब चीन ने आंख दिखाई तो गृह मंत्रालय ने बम विस्फोट को आतंकी घटना बताकर जांच शुरू कर दी।

चीनी नागरिकों को पाकिस्तान में हमले का डर

इस मामले के बाद चीनी परियोजनाओं को गहरा धक्का लगा है। यहां काम करने वाले चीनी नागरिक पाक छोड़ना चाहते हैं। चीन का एक पंद्रह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भी जांच के लिए पाकिस्तान पहुंच गया है। परियोजना पर काम करने वाली चीनी कंपनी गेझुबा ग्रुप कंपनी के यहां से ढाई हजार पाकिस्तानियों को नौकरी से निकाले जाने और कार्यस्थल से बाहर किए जाने के बाद स्थानीय स्तर पर हालात और खराब हो गए हैं। चीनी कंपनी की इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों में तेजी से आक्रोश बढ़ रहा है। चीनी नागरिकों को अब फिर हमले का डर सता रहा है।

 

 

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments