सरायकेला/सोनाहातू: रांची जिला के सोनाहातू थाना क्षेत्र के बारेन्दा पंचायत के पांडुडीह सतिघाट स्वर्णरेखा नदी में स्नान करने के दौरान 22 वर्षीय उदय महतो नदी के तेज बहाव में बह गया है। ग्रामीणों एवं प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक अपने दोस्तों के साथ रोजाना की तरह स्नान करने स्वर्णरेखा नदी गया था। स्नान करने के दौरान नदी के तेज बहाव में बह गया। घटना सोमवार सुबह साढ़े 7 बजे की है। घटना की सूचना पर सोनाहातू थाना की पुलिस एएसआई दलगोविंद महतो के नेतृत्व में ग्रामीणों के साथ युवक को खोजने का प्रयास किया गया। लेकिन, प्रयास असफल रहा।
इधर घटना के बाद मंगलवार की सुबह रांची से आयी एनडीआरएफ की 13 सदस्यीय की टीम ने सतीघाट स्वर्णरेखा नदी में युवक की करीब 4 घंटे तक खोजबिन की। लेकिन, युवक कही नही मिला, उसके बाद एनडीआरएफ रांची टीम के सब इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार के नेतृत्व एनडीआरएफ की टीम करीब डेढ़ बजे दोहपर को सरायकेला जिला के तिरुलडीह स्वर्णरेखा नदी पहुंची और खोजबीन शुरू कर दिया है। लेकिन तिरुलडीह स्वर्णरेखा नदी से करीब दस किलोमीटर तक शाम पांच बजे तक नदी में खोजबीन के बाद भी युवक कही नही मिला।
सतीघाट एवं तिरुलडीह स्वर्णरेखा नदी में एनडीआरएफ की टीम ने कुल मिलाकर 9 घंटे की कड़ी मसक्कत के बाद भी युवक कही नही मिला। इसके बाद एनडीआरएफ की टीम वापस लौट गई।
इधर पूरे घटनाक्रम में सतीघाट एवं तिरुलडीह स्वर्णरेखा पुल पर सोनाहातू जिप सदस्य प्रतिनिधि रमेश सिंह मुंडा,आजसू नेता अशोक महतो,गौतम सिंह देव, डॉ विश्वनाथ महतो, प्रदीप महतो,वबुद्देश्वर महतो, चंद्र कांत महतो सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि के साथ-साथ आम लोगो की काफी हुजूम देखी गई। वही सोनाहतु थाना एवं तिरुलडीह थाना की पुलिस भी मौजूद रही।
रांची । सरकार ने राज्य के छह आइएएस अधिकारियों का तबादला किया है। पदस्थापन के लिए प्रतीक्षारत अमित कुमार को स्थानांतरित करते हुए उत्पाद आयुक्त रांची के पद पर नियुक्त एवं पदस्थापित किया गया है । अमित कुमार अपने कार्यों के साथ प्रबंध निदेशक झारखंड बेवरेज कॉरपोरेशन रांची के अतिरिक्त प्रभार में रहेंगे । शराब को निजी हाथों में बेचने की मंजूरी दिए जाने के बाद इस बात की चर्चा थी कि इस विभाग का सचिव किसे बनाया जाता है।
दूसरा महत्वपूर्ण बदलाव पूजा सिंघल को लेकर है। पर्यटन सचिव पूजा सिंघल को स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक सचिव उद्योग विभाग रांची के पद पर नियुक्त किया गया है । पूजा सिंघल खान सचिव के अतिरिक्त प्रभार में भी रहेंगी । परिवहन सचिव के के सोन को स्थानांतरित करते हुए उन्हें अनुसूचित जनजाति अनुसूचित जाति अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के सचिव के पद पर नियुक्त किया है ।
अनुसूचित जनजाति अनुसूचित जाति अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के सचिव अमिताभ कौशल को स्थानांतरित करते हुए सचिव पर्यटन कला संस्कृति खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग रांची के पद पर नियुक्त किया गया है । डॉ अमिताभ कौशल अगले आदेश तक अपने कार्य के अतिरिक्त सचिव आपदा प्रबंधन प्रभाग रांची के अतिरिक्त प्रभार में भी रहेंगे ।
खान सचिव के श्रीनिवासन को स्थानांतरित करते हुए उन्हें अगले आदेश तक परिवहन सचिव झारखंड रांची के पद पर नियुक्त एवं पदस्थापित किया गया है । वहीं श्री कृष्ण लोक प्रशासन संस्थान रांची के उपनिदेशक हिमांशु मोहन को स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक सचिव झारखंड लोक सेवा आयोग रांची के पद पर नियुक्त एवं पदस्थापित किया गया है ।
सीधी नियुक्ति पाने वाले खिलाड़ी बेफ्रिक होकर खेलें, सरकार आपका पूरा ध्यान रखेगी
रांची। झारखंड राज्य में खेलों का अंतराष्ट्रीय पैमाना बनाने और खेलों तथा खिलाड़ियों के हुनर को निखारने तथा बढ़ावा देने का सरकार लगातार प्रयास कर रही है । खेल और खिलाड़ियों के लिए लगातार नई कड़ी जोड़ी जा रही है. यहां हर खेल में खिलाड़ी कैसे आगे आएं, इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है, ताकि वे राष्ट्रीय-अंतराष्ट्रीय स्तर पर अपने राज्य और देश का नाम रौशन कर सकें. मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने खिलाड़िय़ों को नियुक्ति पत्र और टोक्यो ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व कर रहे खिलाड़ियों को सम्मान राशि प्रदान करने के लिए आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए ये बातें कही ।
चुनौतियों के बीच खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा दे रही सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी और अन्य चुनौतियों के बीच खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने की दिशा में खेल विभाग लगातार सक्रिय है. इस दिशा में राज्य गठन के बाद पहली बार खेल पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई. इसके अलावा खिलाड़ियों की सीधी नियुक्ति की जा रही है. उन्हें उनके बेहतर प्रदर्शन लिए पुरस्कृत किया जा रहा है. इसके अलावा पंचायतों में खेल मैदान, एस्ट्रो टर्फ स्टेडियम और फुटबॉल मैदान विकसित किए जा रहे हैं.
टोक्यो ओलंपिक में भाग लेने वाले राज्य के खिलाड़ियों को सौगात देगी सरकार
तीरंदाज दीपिका कुमारी और हॉकी खिलाड़ी निक्की प्रधान तथा सलिमा टेटे को पांच-पांच लाख
मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्चरी में दीपिका कुमारी और महिला हॉकी में निक्की प्रधान तथा सलिमा टेटे भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व टोक्यो ओलंपिक में कर रही हैं. ये खिलाड़ी जब टोक्यो से वापस लौटेंगी तो इन्हें सरकार द्वारा सौगात दिया जाएगा, ताकि भविष्य में वे और भी बेहतर प्रदर्शन कर राज्य और देश का मान बढ़ाएं. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि टोक्यो ओलंपिक में शामिल इन खिलाड़ियों को सरकार आईकॉन बनाएगी, ताकि अन्य खिलाड़ियों को प्रेरणा मिल सके.
आप बेफ्रिक होकर खेलें, सरकार आपका पूरा ध्यान रखेगी
मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करने के बाद कहा कि वे यह नहीं समझे कि उनका दायित्व अब कुछ और होगा. वे पुलिस विभाग में नौकरी करेंगे, लेकिन वे पूरी तरह खेलों से ही जुड़े रहेंगे. यह तो सिर्फ खिलाड़ियों को व्यवस्था से जोड़े रखने का माध्यम है, ताकि उन्हें रोजगार की चिंता नहीं हो. मुख्यमंत्री ने विशेष तौर पर कहा कि सीधी नियुक्ति पाने वाले खिलाड़ी बेफ्रिक होकर खेलें. खेलों में आप अपना जौहर दिखाएं, सरकार आपका पूरा ध्यान रखेगी. खेलों में खिलाड़ियों की रफ्तार बढ़ाने के लिए ही सरकार ने यह कदम उठाया है.
नीतीश के साथ आने पर कहा- हम तो चाहते हैं कि सभी समाजवादी ताकतें एक मंच पर आएं
लोजपा में टूट पर कहा- हमारे लिए चिराग पासवान ही लोजपा के नेता
कहा- संघर्ष की समाजवादियों की असली पूंजी
हमें नेताओं को ही नहीं, देश के वंचित तबकों को भी एकजुट कर संघर्ष के लिए तैयार करना है
पेगासस के मुद्दे पर नीतीश ही नहीं, पूरा देश चाहता है कि निष्पक्ष जांच हो
देश की सभी समाजवादी ताकतें एक मंच पर आएं- लालू
नई दिल्ली। अपने दिल्ली प्रवास के दौरान लालू प्रसाद यादव लगातार अपने पुराने साथियों से मिल रहे हैं। उन्होने मुलायम सिंह यादव और शरद यादव से मुलाकात के बाद कहा कि देश में नये विकल्प की जरुरत है। अब इसे आप तीसरा मोर्चा कहें या फिर चौथा या पांचवां मोर्चा। लेकिन देश की सभी संघर्षशील तबके एकसाथ आएं, एक मंच पर आकर संघर्ष करें यही हमारा प्रयास होना चाहिए। लालू प्रसाद यादव ने कहा कि संघर्ष ही समाजवादियों की असली पूंजी है।
नीतीश के साथ आने पर क्या कहा ?
लालू प्रसाद यादव ने कहा कि नीतीश ने अपने जीवन के अंतिम दौर में भी सत्ता के लिए समझौता कर रखा है। उन्होने कहा कि मुझे नहीं लगता कि वे हमारे साथ आएंगे, लेकिन मैं चाहता हूं कि देश की सभी समाजवादी ताकतें एक साथ एक मंच पर आकर संघर्ष करें ।
हमारे लिए चिराग ही लोजपा के नेता
लालू यादव ने कहा कि चिराग पासवान के पिता स्वर्गीय रामविलास पासवान हमारे संघर्ष के दिनों के साथी रहे हैं। उनके निधन के बाद चिराग के साथ जो हुआ वो ठीक नहीं है । हमारे लिए तो चिराग ही लोजपा के असली नेता हैं, जनता चिराग के साथ है। षड़यंत्र करके चाहे कुछ दिनों के लिए लोग पद पा लें लेकिन ऐसे लोग जनता की नजरों में गिर चुके हैं।
पेगासस केस में बोले लालू- जांच होनी चाहिए लालू यादव ने कहा कि मैं शरद यादव की तबीयत के बारे में जानने के लिए आया था। उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है। उनके बिना संसद सूनी है। हम तीनों – मैं, शरद भाई, और मुलायम सिंह यादव ने कई मुद्दों पर लड़ाई लड़ी है। मुलायम सिंह यादव के साथ मेरी कल की मुलाकात शिष्टाचार भेंट थी। वहीं पेगासस जासूसी मामले में लालू यादव ने कहा कि हां, यह (जांच) होनी चाहिए। इसमें शामिल लोगों के नाम प्रकाशित हों।
काबुल, एएनआइ।अफगान युद्ध अब और तेज हो गया है। लड़ाई प्रांतीय राजधानियों पर कब्जे को लेकर हो रही है। हेलमंद प्रांत की राजधानी लश्कर गाह में घुस रहे तालिबान आतंकियों को रोकने के लिए अमेरिका ने यहां जमकर बम बरसाए। अमेरिकी सेना ने ऐसे सभी तालिबान ठिकानों को निशाना बनाया, जहां वे शहरों में घुसने का प्रयास कर रहे हैं। इधर अफगान सेना ने भी अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए पूरी ताकत लगा दी है। सैकड़ों तालिबान आतंकियों को मार गिराने का सरकार ने दावा किया है।
हेरात, कंधार, लश्करगाहमेंचलरहाभीषणसंघर्ष
अफगान सरकार के अनुसार सेना ने आतंकियों के खिलाफ अपने अभियान को जारी रखते हुए कई स्थानों पर बढ़त बनाई है। सेना ने पिछले 24 घंटे में 375 तालिबान आतंकियों को मार दिया और 193 आतंकी घायल हुए हैं। सुरक्षा बलों का यह आपरेशन कंधार, हेरात, हेलमंद, जौजान, बल्ख, उरुजगन, कपिसा आदि प्रांतों में चला। लश्कर गाह में तालिबान आतंकियों के घुसने से पहले अमेरिका ने कई हवाई हमले किए। यहां 40 आतंकी हवाई हमलों में ढेर हो गए। अमेरिका ने ऐसे सभी स्थानों पर बम बरसाए, जहां तालिबान आतंकी अफगान सेना पर हावी होने का प्रयास कर रहे थे। हवाई हमलों और जमीन पर हो रही लड़ाई में हेलमंद की राजधानी लश्कर गाह सहित अन्य स्थानों पर हो रहे संघर्ष में 75 से ज्यादा आतंकी मारे गए, 22 घायल हुए हैं। मरने वालों में तालिबान के तीन शीर्ष आतंकी भी हैं।
, बेंगलुरु, एजेंसी। कर्नाटक हाई कोर्ट ने एक हाउसिंग प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येद्दियुरप्पा, उनके बेटे, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष बीवाई विजेंद्र, उनके परिवार, पूर्व मंत्री एसटी सोमशेखर और एक आइएएस अफसर को नोटिस जारी किया है। एकल पीठ के जज जस्टिस एस. सुनील दत्त यादव ने एक कार्यकर्ता टीजे अब्राहम की शिकायत पर नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है।
हाउसिंगप्रोजेक्टमेंरिश्वतलिएजानेकेआरोप
अब्राहम ने विशेष अदालत के इस साल के आठ जुलाई के फैसले को चुनौती दी है। विशेष अदालत ने तत्कालीन मुख्यमंत्री येद्दियुरप्पा और तत्कालीन मंत्री सोमशेखर के मुकदमा चलाने पर रोक लगाने की मंशा को खारिज कर दिया था। बेंगलुरु विकास प्राधिकरण के एक हाउसिंग प्रोजेक्ट के मामले में ठेकेदार से रिश्वत लिए जाने के आरोप लगाए गए हैं। इस मामले पर कर्नाटक विधानसभा में भी चर्चा हो चुकी है। येद्दियुरप्पा और उनके बेटे ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि इस मामले में कोई सच्चाई नहीं है।
रांची के सदर अस्पताल में पीकू (PiCU) और एचडीयू (HDU) यूनिट का उदघाटन किया गया । कोरोना के संभावित तीसरे लहर में बच्चों पर प्रभाव की संभावना को ध्यान में रखते हुए पूरे राज्य में चाइल्ड फ्रेंडली व्यवस्था की जा रही हैं ताकि बच्चों का बेहतर इलाज हो।
बच्चों के ईलाज में नहीं होने देंगे कोई कमी- बन्ना गुप्ता
पीकू और एचडीयू उद्घाटन के मौके पर स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि पीकू वार्ड खुलने से कोविड महामारी के संक्रमण से पीड़ित गंभीर बच्चों को वेंटिलेटर की सुविधा मिल पाएगी । उन्होने बताया कि जनता को स्वास्थ्य के संबंध में किसी प्रकार की समस्या का सामना ना करना पड़े, इसके प्रति हम सभी अपने कर्तव्यों का निर्वाहन करने में जुटे हुए हैं . इस महामारी के समय में जनता की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है । सुरक्षा के संदर्भ में हरसंभव कदम उठाई जाएगी, बच्चों की सुरक्षा करना हमारी प्राथमिकता है ।
स्वास्थ्य संसाधनों में बढ़ोतरी हमारा लक्ष्य
मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि झारखंड सरकार का लक्ष्य है कि स्वास्थ्य सेवा में संसाधनों की बढ़ोतरी की जाए ताकि कोई भी मरीज चिकित्सा सुविधा के अभाव में दम न तोड़े । उन्होने कहा कि जिस प्रकार अमेरिका में कोरोना वायरस संक्रमण के दौरान डॉक्टरों के आपसी तालमेल में काम किया गया , वैसा ही मॉडल यहां लागू करने का हम प्रयास कर रहे हैं ।
69 ऑक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे हैं- अरुण सिंह
वहीं प्रधान सचिव अरुण कुमार सिंह ने कहा कि तीसरी लहर की आशंका के बीच राज्य भर के अस्पताल में व्यवस्था बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है । इसी के साथ बच्चों को समय पर उचित इलाज मिल सके, इसे लेकर भी प्रयास किया जा रहा है । सभी संस्थानों में तैयारी की जा रही है । इसके अलावा ऑक्सीजन की कमी ना हो इसके लिए 69 ऑक्सीजन प्लांट भी लगवाए जा रहे हैं ।
जैक के मेन गेट पर तालाबंदी करते 12वीं के असंतुष्ट छात्र
रांची । दसवीं और बारहवीं के असंतुष्ट छात्रों ने आजसू के युवा छात्र नेता दीपक दुबे के नेतृत्व में जैक काउंसिल के मेन गेट पर तालाबंदी की। हाल में ही जारी हुए 10वीं व 12वीं के रिजल्ट में हजारों की संख्या में फेल कर दिया गया है। इसको लेकर छात्र छात्राओं में अंसतोष है। इसी संदर्भ में आजसू के नेतृत्व में असंतुष्ट छात्र-छात्राओं ने एकेडमिक काउंसिल (जैक) का कार्यालय का घेराव किया । बोर्ड पर छात्राओं ने सवाल उठाते हुए कहा कि इतनी कठिन परिश्रम के बाद भी नंबर बहुत ही कम आए है। परंतु जो छात्र बेवजह टाइम पास करते रहें उनका नंबर अच्छा आया है।
इन सभी समस्याओं को लेकर आजसू छात्र संघ के, सूरज सिंह मेमोरियल महाविद्यालय के पूर्व अध्यक्ष दीपक दुबे के नेतृत्व में छात्रों ने जैक सचिव महिप कुमार सिंह से मुलाकात की तथा सचिव महोदय ने छात्रों को आश्वस्त किया है कि 10 से 15 दिनों के अंदर इन सभी समस्याओं का समाधान निकाला जाएगा। मौके पर शुभम राठौड़, ऋषि राज, आयुष तिवारी, शक्ति ठाकुर के साथ सैकड़ों छात्र उपस्थित थे।
लाभुकों को पूरे पैसे नहीं मिले, न पूरा काम हुआ, लेकिन सरकारी पैसों की अवैध निकासी कर ली गई
उज्ज्वल दुनिया / नितेश जायसवाल
लातेहार । हेरहंज प्रखंड में वर्मीकम्पोस्ट व सोखता निर्माण में फर्जी निकासी का मामला अभी शांत भी नही हुआ था कि गाय शेड के नाम पर बिचौलिए व मनरेगाकर्मी द्वारा किये गये फर्जी निकासी का मामला तूल पकड़ने लगा है। आरोप है कि अभी कितने ऐसे लाभुक हैं जिनको पता भी नही है कि उनके गायशेड योजना में बिचौलिया व मनरेगा कर्मियों के द्वारा अवैध निकासी कर ली गई है।
मीडिया में बयान न देने के लिए धमकी
खबर कवरेज के दौरान नाम नही छापने की शर्त पर एक लाभुक ने बताया कि हमलोगों को ऊपर काफी दबाव बनाया जा रहा है कि आप लोग जो मीडिया को बयान दिए हैं, उसको जांच करने आए पदाधिकारी के सामने न बोलें, वरना हम आपलोग का शेड निर्माण को नही होने देंगे।
बिचौलिए ब्लॉक के अधिकारियों को पहुंचाते हैं कमीशन
लाभुकों का आरोप है कि ब्लॉक में काम करने वाले चंद अधिकारियों ने अपने-अपने कमीशन एजेंट बना रखे हैं, जो हर स्विकृत योजना में एक खास परसेंट लाभुकों से लेकर उन्हें अलॉटमेंट करते हैं। इस बारे में जब उज्ज्वल दुनिया के रिपोर्टर द्वारा सवाल करने पर प्रभारी बीडीओ मेघनाथ उरांव ने बताया कि बीपीओ व जेई की जांच टीम बना दी गई है। इनकी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी ।
क्या कहते हैं पीड़ित लाभुक ?
युगल यादव की पत्नी व बेटे और सकेंद्र यादव की पत्नी ने बताया की हाँ, हमने गाय शेडका निर्माण कराया है . जब उज्ज्वल दुनिया ने उनसे पूछा कि क्या उनके नाम पर अवैध निकासी हुई है , तो उनका कहना था कि हमलोगों ने पैसा नहीं निकाला है। अब हमारा पैसा किसने निकाला है इस बारे में हमें जानकारी नहीं है ।
टुनश्वर यादव ने बताया पिछली बार गायशेड मेरा बेटा के नाम पर बनाया गया जिसका कुछ पैसा मिला और बाकी पैसे नहीं मिले। इस बार मेरे नाम पर गाय शेड मिला है, जिसमें कुछ लोगों का बालू व ईंट गिरा हुआ है, और कुछ लोगों को तो कुछ भी नहीं गिरा है । उन्बाहोने बताया कि बाकि कुछ काम नही हुआ है। हैरत की बात है कि काम न होने के बावजूद मजदूरों के नाम पर पैसे की फर्जी निकासी हो गई हैं। जबकि धरातल पर मजदूरों के द्वारा कुछ भी काम नहीं किया गया था।
बाद में सोशल मीडिया में खबर वायरल होने के बाद बिचौलियों द्वारा कार्य को शुरू कर दिया गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री सह भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास ने झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) की 12वीं के रिजल्ट पर छात्रों की मांग का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि मीडिया में आयी खबरों के मुताबिक 12वीं के नतीजों में कई योग्य छात्रों को कम अंक प्राप्त हुए हैं । जबकि वे बेहतर अंक के हकदार थे। यह छात्रों के मनोबल को तोड़गा और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा। उन्होने शिक्षा मंत्री से आग्रह किया है कि है कि वे इन छात्रों की मांग को सकारात्मक तरीके से लेकर इस मुद्दे पर छात्रों के साथ न्याय करें।
जैक 12वीं के रिजल्ट पर मीडिया में आयी खबरों के मुताबिक कई योग्य छात्रों को कम अंक प्राप्त हुए हैं। यह छात्रों के मनोबल को तोड़गा व उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा। शिक्षा मंत्री से आग्रह है कि वे छात्रों की मांग को सकारात्मक तरीके से लेकर उनके साथ न्याय करें। @Jagarnathji_mla
दरअसल इस साल के जैक रिजल्ट में कई तरह की गड़बड़ियों की सिकायत मिली है। छात्रों का आरोप है कि कई विद्यार्थियों के रिजल्ट में नन प्रैक्टिकल विषयों के 20 अंक के आंतरिक मूल्यांकन में 49 नंबर दिये गये हैं । ऐसे विषयों के लिये भी अंक दिये गये हैं, जिनकी पढ़ाई ही नहीं होती है । इसके अलावा उन विषयों में भी नंबर दिए गये हैं जिनकी पढ़ाई नहीं होती ।
12वीं के रिजल्ट में दिए गए IIT विषय के नंबर
12वीं जैक बोर्ड में आईआईटी की पढ़ाई कब से होने लगी ?
ऐसे ही एक छात्र ने आरोप लगाया है कि उसे IIT विषय में 100 में से 88 नंबर मिल गये हैं, दबकि उसने कभी आईआईटी विषय की न तो पढ़ाई की है, न ही इस विषय में परीक्षा दिया है। ऐसे ही एक मामले में एक छात्र को एचइएल (विषय कोड) के लिए अंक दिये गये हैं, जबकि इस कोड से संबंधित कोई विषय ही नहीं हैं। अब इन विसंगतियों के कारण फेल होनेवाले छात्र सड़कों पर उतर कर फिर से मूल्यांकन की मांग कर रहे हैं ।
महेश पोद्दार ने राज्यसभा में उठाया छऊ नृत्य कलाकारों के समक्ष बेरोजगारी का मुद्दा
रांची : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने कोविड-19 महामारी और लॉकडाउन के दौरान समाज के सभी वर्गों के साथ-साथ परफॉर्मिंग आर्ट्स से जुड़े कलाकारों, विशेषतः झारखण्ड के छऊ कलाकारों का भी बखूबी ध्यान रखा है| महामारी के दौरान, जब पूरी दुनिया में सार्वजनिक तौर पर सांस्कृतिक आयोजन बंद थे, भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर रोजगार और कला प्रदर्शन का अवसर देकर कलाकारों को आजीविका का जरिया दिया| राज्यसभा में सांसद महेश पोद्दार ने अपने प्रश्न के जरिये झारखण्ड के छऊ कलाकारों की समस्या रखी, जिसका उत्तर देते हुए भारत सरकार के संस्कृति, पर्यटन एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कलाकारों को इस दौरान दी गयी सहायता का ब्यौरा दिया|
मंत्री जी. किशन रेड्डी ने स्वीकार किया कि देश में कोविड-19 महामारी के कारण, पूरे कलाकार समुदाय को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा| इन कलाकारों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाने हेतु संस्कृति मंत्रालय ने कई पहलें की हैं ताकि कोविड-19 महामारी के दौरान विपत्तिग्रस्त कलाकारों की सहायता की जा सके|
भारत सरकार के सात क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र (जेडसीसी) पूरे देश में नियमित आधार पर सांस्कृतिक कार्यकलाप और कार्यक्रम आयोजित करते हैं| झारखण्ड पूर्वी क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र (ईजेडसीसी) कोलकाता का सदस्य राज्य है| झारखण्ड के छऊ कलाकारों सहित पूरे भारत से विभिन्न कला रूपों के लोक कलाकारों को इन कार्यक्रमों में शामिल किया जाता है, जिसके लिए इन कलाकारों को मानदेय, टीए/डीए, भोजन और आवास तथा परिवहन की सुविधा प्रदान की जाती है ताकि वे अपनी आजीविका जुटाने में समर्थ हो सकें|
ईजेडसीसी ने ऑनलाइन कार्यक्रमों के माध्यम से लगभग 12,000 कलाकारों को सहायता प्रदान की है और शिल्पकारों की आर्थिक सहायता करने हेतु शिल्पग्राम, शांतिनिकेतन में निर्माण उन्मुखी कार्यशालाओं का आयोजन किया है| इन सांस्कृतिक कार्यकलापों को कार्यान्वित करने के लिए, इन जेडसीसी को भारत सरकार द्वारा वार्षिक सहायता अनुदान उपलब्ध कराया जाता है| जेडसीसी द्वारा ऑनलाइन कार्यक्रमों का आयोजन और कलाकारों की प्रस्तुतियों को फेसबुक और यूट्यूब जैसे विभिन्न सोशल मीडिया मंचों पर इनका प्रसारण किया जा रहा है| कलाकारों को उनकी ऑनलाइन प्रस्तुतियों के लिए पारिश्रमिक प्रदान किया जाता है|
कांग्रेस के टिकट पर झारखंड में 16 विधायक चुनाव जीत कर आए हैं । इसके अलावा बंधु तिर्की और प्रदीप यादव के रुप में पार्टी को दो और विधायक अलग से मिल गये । यानि कुल मिलाकर 18 विधायक….झारखंड जैसे छोटे से राज्य में 18 विधायकों की संख्या वाली पार्टी और ऊपर से सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल दल हर मायने में संतुष्ट रहनी चाहिए थी. लेकिन झारखण्ड कांग्रेस में ऐसा नहीं है। यहां सत्ता की मलाई सिर्फ चंद लोगों को नसीब है और बाकि को सिर्फ आश्वासन पीकर जिंदा रहना पड़ रहा है।
तबादलों में विधायकों की राय तक नहीं ली गई
अभी-अभी सरकार ने बड़े पैमाने पर अधिकारियों का तबादला किया है। कांग्रेस विधायकों का कहना है कि हमारे क्षेत्र के अधिकारियों को ताश के पत्तों की तरह फेंटा जा रहा है, लेकिन हमसे राय तक नहीं ली जा रही । कांग्रेस के सिमडेगा विधायक भूषण बाड़ा ने ट्वीट कर अपना दर्द कुछ इस तरह रखा
सिमडेगा में पहले से ही डाॅक्टरों की कमी है। ऐसे में 11 डाॅक्टरों को बाहर भेजकर महज चार को सिमडेगा भेजा गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से जिले में पर्याप्त संख्या में डाॅक्टरों को पदस्थापित और प्रतिनियुक्त करने की मांग की है।
इसी तरह कृषि और ग्रामीण विकास विभाग में तबादलों पर भी कांग्रेस विधायकों में भारी नाराजगी है। इरफान अंसारी, उमाशंकर अकेला और दीपिका पांडे सिंह पर तो पार्टी के अंदर से ही इतने तीखे हमले हुए कि विपक्ष भी पानी मांगता नजर आया ।
महिला विधायकों का सिर्फ मुंह से सम्मान, पद देने में कोताही
कांग्रेस के अंदर नेताओं का एक गुट ऐसा है जो महिला विधायकों को किसी भी प्रकार का पद देने के मानो खिलाफ है। रांची में बैठा यह ग्रुप मीडिया तक ऐसी खबरें पहुंचाता है, जिससे कि इन महिला विधायकों की बदनामी हो । अंबा प्रसाद के नजदीकी का अवैध बालू लदा ट्रक पकड़ाना, अंबा प्रसाद का थाने में जाकर जब्त किए गये ट्रैक्टरों को छुड़ाना, रामगढ़ विधायक ममता देवी को सरकार के खिलाफ षड़यंत्र करते हुए बताना, दीपिका पांडे सिंह के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस….ये सब खबरें इसी रांची में बैठे पुरुषवादी मानसिकता वाले नेताओं की ओर से या तो प्लांट की घई या फिर प्रत्यक्ष तौर पर कहा गया । सिर्फ पूर्णिमा नीरज सिंह के बारे में ये ग्रुप इतना मुखर नहीं है, पर उसकी वजह सिंह मेंशन, राजपूत बिरादरी और कोयलांचल की राजनीति है, वरना अब तक शायद वो भी शिकार हो चुकी होतीं ।
बंधु तिर्की, राजेश कच्छप, भूषण बाड़ा, नमन विक्सल कोंगाड़ी को सुबोधकांत और ईसाई लॉबी का समर्थन
कांग्रेस के विधायकों का यह ग्रुप मिशनरीयों का लाडला है और राजधानी सहित आसपास के जिलों में काफी प्रभावी है। लेकिन हेमन्त सोरेन की सरकार को “क्रिसमस गिफ्ट” बताने वाले ईसाई समुदाय को इस सरकार में एक भी मंत्रीपद न मिलना अपने आप में चर्चा का विषय है। ये ईसाई लॉबी हमेशा से कांग्रेस के साथ रही है, लेकिन जब सत्ता में हिस्सेदारी की बात आती है तो इन्हें मायूसी ही हाथ लगती है। और मंत्री पद तो बन्ना गुप्ता और बादल पत्रलेख के हिस्से आ गई।
पलामू और कोयलांचल से कांग्रेस का सरकार में प्रतिनिधित्व नहीं
वर्तमान सरकार में प्रतिनिधित्व के मामले में कांग्रेस ने शायद कोयलांचल और पलामू पारमंडल को भुला ही दिया है। ऐसा लगता है मानों समूचे पलामू प्रमंडल के विकास की जिम्मेदारी झामुमो कोटे के मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने ही संभाल रखा है। इसी तरह बेरमो से जयमंगल सिंह और झरिया से पूर्णिमा नीरज सिंह इस जुगाड़ में हैं कि कोयलांचल से कांग्रेस को प्रतिनिधित्व देने कीबारी आएगी तब शायद इनका नंबर भी आ जाय ?
पूर्णिमा नीरज सिंह को पद मिलने की उम्मीद ज्यादा
अगर कांग्रेस ने झरिया विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह को बोर्ड निगम या फिर 12वां मंत्री पद दिया तो वे महिला, कोयलांचल और राजपूत कोटा, तीनों एक साथ भर देंगी । मतलब एक पद देने से तीन तबकों को खुश किया जा सकता है। लेकिन उनके साथ बड़ी समस्या ये है कि वे पहली बार जीत कर आई हैं और दूसरी अबतक वे कम बोलने वाली, थोड़ी शर्मिली किस्म की विधायक रही हैं ।
रामचंद्र सिंह और बैजनाथ राम बियाबान में भटक रहे
लातेहार जिले की दो सीटें मनिका और लातेहार से इस बार कांग्रेस के रामचंद्र सिंह और बैजनाथ राम जीत कर आए हैं। लेकिन पिछले डेढ़ सालों में शायद ही ये दोनों कभी खबरों में रहे हों । कांग्रेस के सूत्र बताते हैं कि जिन 11 विधायकों के पालाबदल की बात आ रही थी, उनमें से इन दोनों से भी संपर्क किया गया था । खैर, आरोप तो जांच का विषय हैं लेकिन ये दोनों भटकते हुए कहां जाएंगे, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है ।
सुबोधकांत, डॉ. अजय कुमार, धीरज साहू, प्रदीप बलमुचू और सुखदेव भगत जैसे पर्दे के पीछे के खिलाड़ी
ये झारखंड कांग्रेस के वे दिग्गज हैं जिन्हें रामेश्वर उरावं के कार्यकाल में लगभग हाशिए पर रखा गया। सुखदेव भगत और प्रदीप बलमुचू की कांग्रेसमें वापसी के सावल पर रामेश्वर उरावं ने पहले ही कह दिया है कि जो चुनाव के वक्त गद्दारी कर पार्टी का साथ छोड़ गये, उनकी वापसी मुश्किल है। लिहाजा सुखदेव भगत और प्रदीप बलमुचू की दिली तमन्ना ये होगी कि किसी तरह रामेश्वर उरांव हटे, ताकि इनकी कांग्रेस में घर वापसी की राह आसान हो सके। कभी सुबोधकांत सहाय की झारखंड कांग्रेस में तूती बोलती थी। लेकिन लगातार दो लोकसभा चुनाव हारने के बाद इनके आभामंडल की चमक कहीं खो सी गई है. सुबोधकांत सहाय की जबरदस्त इच्छा है कि वे एक बार फिर झारखंड कांग्रेस की राजनीति के केन्द्र में आ जाएं, लेकिन ये तब संभव है जब वर्तमान सत्ता के केन्द्र को पलट दिया जाय । इसके लिए सुबोधकांत सहाय अपने कुछ खास विधायकों को अपने विश्वास में रखे हुए हैं . तलाश है तो एक अच्छे मौके की ।
डॉ. अजय कुमार और दीरज साहू, ये दो ऐसे दिग्गज हैं जिनकी दिल्ली में खूब चलती है। इन दोनों की पहुंच सीधे कांग्रेस आलाकमान तक है, और ये दोनों किसी भी वक्त कांग्रेस के अंदर का समीकरण बदलने का माद्दा रखते हैं। जो स्थिति बन रही है उसमें ये भी आसंका है कि कांग्रेस के ये पांचों दिग्गज सुबोधकांत, डॉ. अजय कुमार, धीरज साहू, प्रदीप बलमुचू और सुखदेव भगत आपस में हाथ मिला लें कि हमें प्रदेश नेतृत्व को बदलना है । कांग्रेस के लिहाज से अगले कुछ महीने बेहद अहम होने वाले हैं।
मुख्यमंत्री के खिलाफ सोशल मीडिया में आपत्तिजनक भाषा के प्रयोग का मामला
झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस राजेश कुमार की अदालत ने एक मामले में सुनवाई करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यह मामला इंटरनेट मीडिया पर मुख्यमंत्री के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने से जुड़ा है। इस मामले के आरोपित ऋषिकेश कुमार की ओर से हाई कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की गई है। सुनवाई के बाद अदालत ने कहा कि एसएसी-एसटी एक्ट की धारा-15 (ए) के तहत बिना पीड़ित को सुने अदालत कोई आदेश पारित नहीं कर सकती है। इसलिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को नोटिस जारी किया जा रहा है।
गढ़वा के रहने वाले ऋषिकेश कुमार द्वारा इंटरनेट मीडिया पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी। इस पर पुलिस ने चार जून को इसके खिलाफ एससी-एसटी एक्ट की धारा और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के तहत मामला दर्ज किया है। सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से कहा गया कि उसकी मंशा किसी को अपमानित करने की नहीं थी। वहीं, उनके खिलाफ किसी तरह का मामला नहीं बनता है। इसलिए उन्हें जमानत की सुविधा प्रदान की जाए।
इसके बाद अदालत ने गढ़वा एसपी को अदालत में वीडियो कांफ्रेंसिंग यानि वीसी के जरिए हाजिर होने का आदेश दिया। जब गढ़वा एसपी अदालत में वीसी से जुड़े तो अदालत ने पूछा कि क्या इस मामले में पुलिस फाइनल फार्म जमा करेगी। उनकी ओर से स्पष्ट जवाब नहीं दिए जाने पर कोर्ट ने नाराजगी जताई। इस दौरान अपर महाधिवक्ता सचिन कुमार ने अदालत को बताया कि अगर कोई किसी व्यक्ति को अपमानित करने की मंशा से इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट लिखता है तो उसके खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत आपराधिक मामला चलाया जा सकता है। उनकी ओर से यह भी बताया गया कि इस मामले में मुकदमा चलाया जाएगा। फिलहाल मामले की जांच चल रही है। इसके बाद अदालत ने मुख्यमंत्री को नोटिस जारी किया है।