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‘यूपीए सरकार की फिजूलखर्ची

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रांची : कॉंग्रेस के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती यूपीए सरकार की गलत नीतियों, फिजूलखर्ची और अदूरदर्शी फैसलों के कारण देश की सार्वजनिक क्षेत्र की विमानन कंपनी एयर इंडिया भारी नुकसान में है और अब इसके विनिवेश के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है| वर्तमान सरकार इसके विनिवेश की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है जिसकी गति कोरोना महामारी के कारण थोड़ी धीमी हुई है| राज्यसभा में बुधवार को सांसद महेश पोद्दार के एक प्रश्न का लिखित उत्तर देते हुए नागरिक विमानन राज्यमंत्री जनरल विजय कुमार सिंह ने यह जानकारी दी|

राज्यसभा में सांसद महेश पोद्दार के प्रश्न पर सरकार ने दी जानकारी
राज्यसभा में सांसद महेश पोद्दार के प्रश्न पर सरकार ने दी जानकारी

नागरिक विमानन राज्यमंत्री जनरल V.K. सिंह ने बताया कि 2007-08 में एयर इंडिया के विलय के बाद iसे लगातार घाटा उठाना पड़ा है| इसके अलावा पूर्ववर्ती यूपीए सरकार के कार्यकाल में विमानों की थोक खरीद के कारण लिए गए कर्ज के अत्यधिक ब्याज का भार, कम लागत वाले ऑपरेटर्स के साथ प्रतिस्पर्धा में वृद्धि, अधिक इनपुट लागत, विनिमय दर अंतर के प्रतिकूल प्रभाव और विलय के अनुमानित फ़ायदों के प्राप्त न होने से भी एयर इण्डिया का घाटा लगातार बढ़ता गया|

मंत्री डॉ. सिंह ने बताया कि एयर इण्डिया को 31 मार्च 2020 तक लगभग 70,280 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है| सरकार ने इसकी नाजुक वित्तीय स्थिति एवं इसके लगातार और बढ़ते हुए नुकसान के कारण इसके रणनीतिक विनिवेश का निर्णय लिया है| एयर इण्डिया की 100% बिक्री के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट के आमंत्रण के लिए 27 जनवरी 2020 को प्रारम्भिक सूचना ज्ञापन (पीआईएम) जारी किया गया था| कोविड-19 महामारी के कारण ईओआई जमा करने की अंतिम तारीख को समय-समय पर आगे बढ़ाया गया था, अंतिम तारीख 14 दिसंबर 2020 थी| अंतिम बोलियों को जमा किये जाने के लिए, शेयर खरीद प्रस्ताव (एसपीए) के मसौदा के साथ, प्रस्ताव हेतु अनुरोध (आरएफपी) 30 मकरच 2021 को इच्छुक बोलीदाताओं के साथ साझा किया गया है| वित्तीय बोलियों के 15 सितंबर 2021 तक प्राप्त होने की संभावना है|

एडीजे उत्तम आनंद डेथ केस को सीबीआई ने अपने हाथों में लिया

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पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार शरीर पर तीन बाहरी और सात अंदरूनी चोट
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार शरीर पर तीन बाहरी और सात अंदरूनी चोट

धनबाद के एडीजी उत्तम आनंद की मौत के मामले में सीबीआई ने केस दर्ज कर लिया है. झारखंड सरकार ने बीते एक अगस्त को इस मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी. राज्य सरकार की अनुशंसा पर केंद्र द्वारा नोटिफिकेशन जारी किये जाने के बाद सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर ली है. तीन अगस्त को झारखंड हाईकोर्ट ने भी इस मामले की सीबीआई जांच का आदेश दिया था.

इसके पहले तक मामले की जांच झारखंड पुलिस द्वारा गठित एसआईटी कर रही थी. बता दें कि गत 28 जुलाई को धनबाद के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश VIII उत्तम आनंद को एक ऑटो ने उस वक्त अपनी चपेट में ले लिया था, जब वह मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे.
घटना के कुछ घंटे बाद जब घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया तो यह साफ तौर पर दिखा कि सड़क के बिल्कुल बायें किनारे में जॉगिंग कर रहे एडीजे उत्तम आनंद को ऑटो ने जान बूझकर धक्का मार दिया. वह सड़क के किनारे गिर पड़े और उन्हें धक्का मारने के बाद ऑटो बगैर रुके आगे बढ़ गया. दूसरे दिन पुलिस ने एडीजे को टक्कर मारने वाले ऑटो को गिरिडीह से जब्त किया था. पुलिस ने ऑटो चालक लखन वर्मा और उसके साथी को भी गिरफ्तार किया था, जिससे पूछताछ चल रही है.

एडीजे की पत्नी ने शुरुआत में ही इस मामले को हत्या बताते हुए थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी. एडीजे के पिता ने भी मीडिया से बातचीत में कहा था कि उनके सिर पर रॉडनुमा किसी वस्तु से प्रहार किया गया था. पोस्टमार्टम में भी बताया गया है कि एडीजे की मौत की सिर पर चोट लगने की वजह से हुई है. उन शरीर पर तीन बाहरी और सात अंदरूनी चोट लगी थी.एनएफ.उनके जबड़े की भी कई हडिड्यां टूटने की बात पोस्टमार्टम में कही गयी थी.

12 सितंबर को होगी 7वीं से 10वीं तक के जेपीएससी की परीक्षा, 250 सीटों पर होगी नियुक्ति

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झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने सातवीं से 10 वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा को लेकर संभावित तिथि जारी कर दी है। आयोग की तरफ से इस संबंध सूचना वेबसाइट पर जारी की गई है। सूचना के मुताबिक 12 सितंबर को परीक्षा हो सकती है। आयोग ने कहा है कि इससे संबंधित विस्तृत जानकारी बाद में आयोग की वेबसाइट पर दी जायेगी। इसके लिए 15 फरवरी से 15 मार्च तक पहली बार प्रारंभिक परीक्षा के लिए आवेदन भराए गए।

JPSC ने 250 सीटों के लिए परीक्षा लेने की घोषणा की है
JPSC ने 250 सीटों के लिए परीक्षा लेने की घोषणा की है

इससे पहले पीटी परीक्षा के लिए आवेदन करने की तारीख को बढाया गया। उम्मीदवारों को इसके लिए 21 मार्च तक का अवसर दिया गया। इसके बाद 26 मार्च को नोटिस जारी करते हुए उम्मीदवारों को आवेदन में हुई गलतियों में सुधार का मौका दिया गया। इसके लिए 5 अप्रैल तक का समय दिया गया। आयोग की ओर से 19 अप्रैल को कोरोना संक्रमण की वजह से प्रारंभिक परीक्षा स्थगित करने की सूचना जारी की गई।

इन पदों के लिए जारी किया गया था विज्ञापन
आयोग की ओर से आठ फरवरी को विज्ञापन जारी किया गया था। इस विज्ञापन के जरिये कुल 252 पदों में बहाली करनी है। जिसमें उपसमाहर्ता के 44, पुलिस उपाधीक्षक के 40, जिला समादेष्टा के 16, कारा अधीक्षक के 02, सहायक नगर आयुक्त के 65, झारखंड शिक्षा सेवा के 41, अवर निबंधक राजस्व के 10, सहायक निबंधक कृषि के 06, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा के 02, नियोजन पदाधिकारी के 09 और प्रोबेशन पदाधिकारी के 17 पद हैं।

200 मकान अवैध चिन्हित किए गए हैं, सभी को तोड़ा जाएगा

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रांची । अतिक्रण व अवैध निर्माण पर रांची नगर निगम ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। अवैध निर्माण व बिना नक्शे के बने मकानों पर अब नगर निगम का बुल्डोजर चलेगा। इससे पहले सभी अवैध भवन निर्माण करने वालों को नोटिस भेजा जा रहा है।

जिन्हे लगता है कि गलत नोटिस भेजा गया है वो कागज दिखाएं- मुकेश कुमार, नगर आयुक्त
जिन्हे लगता है कि गलत नोटिस भेजा गया है वो कागज दिखाएं- मुकेश कुमार, नगर आयुक्त

रांची नगर निगम के नगर आयुक्त मुकेश कुमार ने बुधवार को रांची में नगर निगम क्षेत्र में अवैध मकानों को चिन्हित किया गया है। अवैध रूप से बनाए गए मकानों को नगर निगम के कोर्ट से नोटिस दिया गया है। करीब 200 मकान अवैध पाए गए हैं, जिन्हें तोड़ने का आदेश दिया जा चुका है। बाकी मकानों पर कोर्ट में सुनवाई चल रही है।

नोटिस के बाद कोई नहीं दे पा रहे है वैधता का प्रमाण
नगर आयुक्त के मुताबिक ऐसा कोई भी दस्तावेज हमारे सामने नहीं प्रस्तुत किया गया है जो यह साबित करता है कि उनका मकान वैध है और उसे गलत तरीके से नोटिस दिया गया है। उन्होंने कहा कि कई मकान अवैध बनाए गए थे और वे सब टूटेंगे।

1974 के पहले का देना होगा प्रमाण
नगर आयुक्त ने यह भी कहा कि जो लोग यह कह रहे हैं कि हमारा भवन नक्शा बाइलॉज 1974 के पहले बनाया गया है तो मैं उन लोगों से यह कहूंगा कि उन्हें प्रमाण देना होगा कि उनका मकान 1974 से पहले बना है।

ग्रामीण क्षेत्रों में 485 घरों को अल्टीमेटम
ग्रामीण क्षेत्र के 485 घरों को तोड़ने का अल्टीमेटम दिया जा चुका है। साथ ही 15 दिन के बाद सेवा सदन अस्पताल की ओर से नगर निगम को अगर कोई प्रमाण नहीं दिया जाता है तो उसे तोड़ा जाएगा। नगर आयुक्त ने बताया कि 15 दिन का समय काफी है। इन 15 दिनों के अंदर सक्षम प्राधिकार द्वारा मनोनीत नक्शा दिखाने पर ही तोड़ने की कार्रवाई रोकी जा सकेगी।

कोरोना से निपटने में झारखंड की देशभर में प्रशंसा हुई

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सिमडेगा में सदस्यता अभियान की शुरूआत
सिमडेगा में कांग्रेस के सदस्यता अभियान की शुरूआत

सिमडेगा। झारखंड के वित्त तथा खाद्य आपूर्ति सह सिमडेगा जिले के प्रभारी मंत्री डॉ0 रामेश्वर उरांव ने कहा है कि कोरोना से निपटने में राज्य सरकार की ओर से उठाये गये कदम और प्रयासों की पूरी देश में सराहना हुई। डॉ0 उरांव सिमडेगा नगर भवन में आयोजित विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास और उदघाटन तथा करोड़ों रुपये की परिसंपत्तियों के वितरण के मौके पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे।

पूरे देश में हो रही है झारखण्ड की तारीफ

रामेश्वर उरांव ने कहा कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर काफी खतरनाक रही, लेकिन इसके बावजूद राज्य सरकार ने बहुत ही अच्छे तरीके से इसे नियंत्रित करने का प्रयास किया। राज्य सरकार द्वारा कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने और जीवन के साथ ही लोगों की जीविका को बचाने को लेकर उठाये गये कदम की आज देशभर में प्रशंसा हो रही है।

तीसरी लहर से निपटने की पूरी तैयारी

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में तीसरी लहर की भी आशंका जतायी जा रही है। इससे निपटने के लिए सिमडेगा के उपायुक्त और सिविल सर्जन की ओर से बहुत ही अच्छा इंतजाम किया गया है, जिसे में ऑक्सीजन प्लांट की भी स्थापना हो गया है । बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन की ओर से आवश्यक इंतजाम किये गये है और उम्मीद की जानी चाहिए कि यदि तीसरी लहर आती भी है, तो यह सिमडेगा में प्रवेश नहीं कर पायेगा, बाहर-बाहर से ही चला जाएगा।

अफगानिस्तान में मीडिया पर टूटा तालिबानी कहर, बंद हुए 51 न्यूज आउटलेट

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काबुल,एजेंसियां: अफगानिस्तान में तालिबान के आतंक का आलम यह है कि, यहां पिछले तीन महीनों के दौरान भारी हिंसा के कारण देश में कुल 51 मीडिया संस्थान बंद कर दिए गए हैं। अफगान सूचना मंत्रालय ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया कि, चार टीवी नेटवर्क समेंत 16 मीडिया आउटलेट हेलमंद में हैं और बीते कुछ हफ्तों में उन्होंने काम करना बंद कर दिया है।

मीडिया पर तालिबानी नियंत्रण

अफगानिस्तान के कार्यवाहक सूचना और संस्कृति मंत्री कासिम वफीजादा ने कहा, अब तक 35 मीडिया आउटलेट ने अपना संचालन बंद कर दिया है और 6 से अधिक मीडिया संस्थानों पर तालिबान ने नियंत्रण हासिल कर लिया है। अब आतंकि उनका इस्तेमाल अपनी आवाज उठाने के लिए कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, जिन मीडिया आउटलेट ने अप्रैल में संचालन बंद कर दिया था उनमें पांच टीवी नेटवर्क और 44 रेडियो स्टेशन, एक मीडिया सेंटर और एक समाचार एजेंसी शामिल हैं। ये आउटलेट हेलमंद, कंधार, बदख्शां, तखर, बगलान, समांगन, बल्ख, सर-ए-पुल, जजजान, फरयाब, नूरिस्तान और बदघिस में चलाए जा रहे थे।

 

बोकारोः बीसीसीएल में सीआईएसएफ जवानों को बंधक बनाकर भीषण डकैती

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BCCL में लगातार लोहे और तांबे की चोरी की शिकायत
BCCL में लगातार लोहे और तांबे की चोरी की शिकायत

बोकारो: बोकारो जिले के बोकारो झरिया ओपी थाना अंतर्गत बीसीसीएल के बरोरा एरिया वन के दामोदा वर्कशॉप से दो सी आई एस एफ जवान आनंद मुर्मू और शिवजी यादव को बंधक बनाकर लगभग सात लाख मूल्य के तांबे का क्वाइल और तांबे की केबल की डकैती की गई है।
लगभग 15 से 20 की संख्या में आए हरवे हथियार से लैश डकैतों ने बंदूख की नोक पर डकैती के घटना को अंजाम दिया है।

बोकारो झरिया ओपी थाना क्षेत्र में लगातार लोहे की चोरी हो रही थी लेकिन इसे लेकर ना कोयला प्रबन्धन संज्ञान ले रहा था और ना पुलिस जिस बजह से लूटेरों का हौसला बढ़ा और वो इतनी बड़ी घटना को अंजाम दे गए। अब कोयला प्रबन्धन लूटे गए सामानों का हिसाब जुटाने में लगा है और पुलिस मामले की जाँच में अंततोगत्वा आज एक बड़े घटना को अंजाम देते हुए डकैतों ने बोकारो पुलिस की सक्रियता की पोल खोल कर रख दी। सीआईएसएफ के जवान जो सुरक्षा में लगे हुए थे वो काफी डरे और सहमे दिखे, मीडिया के सामने आने से भी बचने का प्रयास किया।

वही बीसीसीएल के वर्कशॉप इंचार्ज तरुण कुमार ने बताया कि डकैतों ने बड़ी घटना को अंजाम दे दिया है और बोकारो की पुलिस की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि सी आई एस एफ जवान को बंधक बनाकर घटना को अंजाम देना एक बड़ी बात है कितने का माल गया है उसका हिसाब किताब मिलाने में लगे हुए हैं।

इधर पुलिस निरीक्षक बेरमो गजेंद्र पांडे ने कहा कि सी आई एस एफ को बंधक बनाकर डकैतों ने डकैती की घटना को अंजाम दिया है जो पुलिस के लिए एक चुनौती है शीघ्र ही इस मामले की उद्भेदन करेंगे।
वही सीआईएसएफ के कई अधिकारी भी घटनास्थल पर मौजूद थे जो खोजी कुत्तों के द्वारा मामले को ट्रेस करने का प्रयास में लगे हुए है।

कृषि कानून को लेकर

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Delhi: केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि चाहे कृषि का विषय हो या कोविड का सभी पर सरकार चर्चा के लिए तैयार है। जो विषय उन्हें (विपक्ष) रखना है रखें। सरकार जवाब देगी। कृषि के मामले में सरकार पूरी तरह पारदर्शी है। हमने कृषि कानून बनाते समय भी लोकसभा और राज्यसभा में 4 घंटे चर्चा की। उनका दृष्टिकोण क्या है और वे किस दृष्टिकोण के आधार पर आगे बढ़ना चाहते हैं इस मामले में उनके अपने मन में स्पष्टता नहीं है। हम सदन में चर्चा के लिए तैयार हैं।

पिछले दिनों संसद में कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें किसानों की चिंता है तो सदन में कामकाज होने दें। जिस समय तोमर यह बात कह रहे थे, उस समय भी विपक्षी सदस्य पेगासस जासूसी से जुड़े आरोपों और कृषि कानूनों सहित विभिन्न मुद्दों पर अपनी नारेबाजी जारी रखे थे। तोमर ने कहा कि किसानों से जुड़े करीब 15 सवाल हैं। अगर विपक्षी सदस्यों को वास्तव में किसानों की चिंता है तो उन्हें सरकार की बात सुननी चाहिए।

सेवा सदन अस्पताल तोड़ा गया तो होगा तीव्र विरोध

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सेवा सदन अस्पताल तोड़े जाने के खिलाफ आंदोलन की तैयारी
सेवा सदन अस्पताल तोड़े जाने के खिलाफ आंदोलन की तैयारी

रांची । राजधानी रांची के अपर बाजार स्थित नागरमल सेवा सदन अस्पताल को तोड़े जाने के नगर निगम के फैसले पर राजनीतिक बवाल शुरु हो गया है। तमाम विपक्षी दलों और सिविल सोसायटी ने निगम के आदेश के खिलाफ आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है। भाजपा के तमाम बड़े नेताओं ने भी सेवा सदन अस्पताल तोड़े जाने के खिलाफ बयान दिए हैं। अब ये मुद्दा राज्य सरकार के गले की हड्डी बनता जा रहा है। अगर अस्पताल टूटा तो इसपर तीखी प्रतिक्रिया हो सकती है।

सेवा सदन अस्पताल को तोड़े जाने का फरमान समझ से परे- रघुवर दास

पूर्व मुख्यमंत्री व भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास ने सेवा सदन को तोड़ने के संबंधी आदेश पर कहा कि समझ से परे है यह निर्णय। एक ओर प्रभावशाली लोगों को केवल नोटिस जारी कर खानापूर्ति की जा रही है, वहीं दूसरी ओर जनसेवा में जुटे एक अस्पताल को तोड़ने का फरमान सुनाया जा रहा है। नये मरीज लेने पर रोक लगा दी गयी है।

उन्होने कहा कि कोरोना के समय सेवा सदन ने डटकर लोगों की सेवा की और कई लोगों की जान बचाई। इसे तोड़ने का निर्णय पूरी तरह से अव्यवहारिक निर्णय है, इसे तुरंत वापस लेना चाहिए।

गरीबों का ईलाज करने वाले अस्पताल को तोड़ना गलत- बाबूलाल मरांडी

भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सरकार इंसानियत के नाते भी सोंचे । राँची के सेवा सदन को तोड़ने के आदेश की ख़बर हैरान करने वाली है। यह अस्पताल 50 से अधिक वर्षों से लोगों की सेवा करते आ रहा है । उसका राँची समेत पूरे राज्य में चिकित्सा के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान रहा है। इस मामले में नक्शा को रेगुलराइज़ कर जनहित में अस्पताल को राहत देनी चाहिए।

सेवा सदन अस्पताल ने लाखों जिंदगियां बचाई है- संजय सेठ

रांची सांसद संजय सेठ ने कहा कि जब राँची में अस्पताल नहीं थे, नक्शे का प्रावधान नहीं था, तब से इस अस्पताल ने लाखों जिन्दगियाँ बचाई..और आज इसे तोड़ने का फरमान जारी किया गया है। इस सरकार का काम सिर्फ विनाश है, निर्माण नहीं । ये तोड़ सकते हैं, कुछ नया बना नहीं सकते ।

सेवा सदन तोड़ने का आदेश राज्य सरकार का अमानवीय चेहरा – दीपक प्रकाश

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद दीपक प्रकाश ने रांची सेवा सदन अस्पताल के तोड़े जाने के आदेश को अमानवीय और अलोकतांत्रिक बताया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन लगातार गरीबों पर अत्याचार कर रहा है। भारी बरसात में गरीबो के घर तोड़े जा रहे ।दूसरी ओर दिन रात गरीबों की सेवा में जुटा शहर का प्रसिद्ध और पुराना अस्पताल तोड़ने का आदेश दिया जा रहा। दीपक प्रकाश ने कहा कि यह अस्पताल सेवा भाव से चलने वाला शहर का अस्पताल है जिसमे लाखों लोग लाभान्वित हुए हैं। कोरोना काल मे सेवा सदन ने गरीबों और जरूरतमंदों की पूरी सेवा की। प्रतिदिन मामूली शुल्क पर यहाँ सैकड़ों मरीजों का चिकित्सीय परामर्श दिया जाता है। ऐसे में इस अस्पताल को तोड़ने का आदेश देकर राज्य सरकार ने गरीबों से चिकित्सा सुविधा छीनने का आदेश दिया है।

सेवा सदन अस्पताल को तोड़ने का आदेश वापस ले सरकार

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पूर्व में बने सभी भवनों को तोड़ने से पहले भवनो का नक्शा रेगुलाईज कराने का प्रावधान लाए झारखण्ड सरकार
पूर्व में बने सभी भवनों को तोड़ने से पहले भवनो का नक्शा रेगुलाईज कराने का प्रावधान लाए झारखण्ड सरकार

राँची । रांची के डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय ने कहा कि पिछले कई दिनों से राँची शहर में राँची नगर निगम के द्वारा पुराने भवनों को तोड़ने का नोटिस दिया जा रहा है जिससे पुरे शहर में भय का माहौल है । अखबार के माध्यम से पता चला की नागरमल मोदी सेवा सदन अस्पताल को राँची नगर निगम के द्वारा 15 दिनों में अस्पताल हटाने का नोटिस दिया गया है ।

संजीव विजयवर्गीय ने कहा कि एक वैसी संस्था जो कि पिछले 50 सालों के भी पूर्व से सेवा कार्य कर रही हैं । और उनका अस्पताल भवन का निर्माण 1960 के आस – पास का है । पिछले कई वर्षों से यह अस्पताल बड़ी संख्या में हर दिन मरीजों का इलाज करता आ रहा है । राँची शहर में जब अस्पताल नहीं थे , नक्शे का प्रावधान नहीं था , तब से इस अस्पताल ने लाखों जिन्दगियाँ बचाई और आज इसे तोड़ने का फरमान जारी किया गया है । ऐसे पुराने भवन को तोड़ने का नोटिस देना अव्यवहारिक है । सेवा सदन अस्पताल के साथ – साथ वैसे भवन जिनका रेगुलाईज नहीं हुआ हैं । वैसे भवनों को नियम संगत रेगुलाईज करने की प्रक्रिया जब तक पुरी न हो जाये तब तक वैसे भवनों को हटाने के लिए त्वरित कार्रवाई न किया जाए ।

उन्होने सवाल पूछा है कि 1960 में क्या कोई एजेन्सी थी जो नक्शा बनाती थी ? उन्होने कहा कि जितना मुझे जानकारी है कि बिल्डिंग बाइलॉज में भी 1974 के पूर्व के भवनो पर यह नियम लागू नहीं होता है तो फिर इस तरह की कार्रवाई क्यों ? आज शहर के 1 लाख 80 हजार घर के मालिक भय में जी रहें है , तो क्या सरकार का यह कर्त्तव्य नहीं है कि जिस जनता ने सरकार बनाई है , उनके लिए राहत पहुँचाने का काम करें ।

जैक के चेयरमैन से मिला एआईडीएसओ का प्रतिनिधिमंडल, सौपा ज्ञापन

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सरायकेला: ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन के प्रदेश कोषाध्यक्ष सोहन महतो एवं रांची जिला सचिव श्यामल मांझी एवं राज्य कमेटी सदस्य खुशबू कुमारी झारखंड अधिविद्य परिषद के चेयरमैन अरविंद कुमार से मिले औऱ उन्हें इंटरमीडिएट परीक्षाफल में गड़बड़ी को अविलंब दूर करने को लेकर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान एआईडीएसओ के प्रदेश कोषाध्यक्ष सोहन महतो ने कहा कि विगत दिनों इंटरमीडिएट परीक्षाफल जारी किया गया, परंतु उसमे भारी गड़बड़ी के कारण हजारों की संख्या में मेधावी विद्यार्थी भी फेल हो गए हैं। बोर्ड द्वारा मूल्यांकन के प्रणाली में काफी त्रुटियां हुई। त्रुटि का खामियाजा वैसे छात्र भी उठा रहे जो पढ़ाई में अच्छे है। विभिन्न अलग अलग जिले पूरे राज्य भर में वैसे छात्र अपने कॉलेज और सड़कों पर आंदोलन कर रहे हैं।उन्होंने झारखंड एकेडमिक काउंसिल अविलंब छात्रों के परीक्षा फल में सुधार करने की मांग की है। वही चेयरमैन ने आश्वासन दिया की हम लोगों ने नोटिफिकेशन जारी किया है। विशेष सभी विद्यार्थी जो अपने परीक्षा फल को लेकर असंतोष है उसमें सुधार किया जाएगा। कहां क्या-क्या गलती हुई है पर हम लोग काम कर रहे हैं। इस बात की जानकारी सरायकेला जिला के एआईडीएसओ के कार्यालय सचिव प्रभात कुमार महतो ने दिया।

प्रेरणाश्रोत: रांची के एक दम्पत्ति ने बेसहारा मासूम को दी जिंदगी की नई उड़ान

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दुनिया में बहुत से मासूम बच्चों को माता- पिता का प्यार- दुलार, सर पर छत, खाने को पौष्टिक युक्त आहार और तन को ढकने के लिए अच्छा वस्त्र भी नसीब नहीं होता है। ऐसे बच्चों के लिए या तो अनाथालय या तो झुग्गी- झोपड़ी या फिर सड़क किनारे ठेले- खोमचे या होटलों या रसूखदारों के घरों में बाल मजदूरी का काम ही एकमात्र सहारा होता है। वर्तमान कोरोना काल में भी समाज में कई ऐसे बच्चे हैं जो अपना सर्वस्व खोकर अनाथ हो गए हैं और उनके समक्ष भी कुछ ऐसी मजबूरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। लेकिन आज हम आपको एक ऐसी सच्ची प्रेरक कहानी बताएंगे जो समाज को आईना दिखाने का काम करता है ।

मुकेश कुमार और उनकी धर्मपत्नी रीमा सिन्हा ने पाल-पोसकर बड़ा किया और अब शादी भी कराई
मुकेश कुमार और उनकी धर्मपत्नी रीमा सिन्हा ने पाल-पोसकर बड़ा किया और अब शादी भी कराई

झारखंड की राजधानी रांची के निवारणपुर निवासी एक दंपत्ति मुकेश कुमार और उनकी धर्मपत्नी रीमा सिन्हा अनुसूचित जनजाति परिवार की एक बच्ची मनीषा कुमारी और मुन्नी के लिए उम्मीद की किरण बनकर महज 4 वर्ष की उम्र में उसका हाथ थामे। इस दंपत्ति का खुद का औलाद होते हुए इन्होंने मुन्नी को पलकों पर बिठाकर अपने साथ रखा और माता- पिता की तरह उसका लालन-पालन कर उसे लाड़- दुलार और प्यार दिया।

चार साल की उम्र में मुन्नी के माता-पिता की मौत हो गई थी
चार साल की उम्र में मुन्नी के माता-पिता की मौत हो गई थी

जब इन्होंने मुन्नी का दामन थामा था तब उसके सिर से ममता की आंचल छिन चुकी थी (मतलब उसकी मां की मृत्यु हो गई थी)। मां की मृत्यु के बाद उसके पिता ने दूसरी शादी कर अपना अलग घर बता लिया था। ऐसे में मासूम मुन्नी अकेली हो गई थी। दंपत्ति मुकेश कुमार और रीमा सिन्हा ना सिर्फ मुन्नी को अपने औलाद की तरह लालन-पालन किया बल्कि उसकी शिक्षा-दीक्षा का भी पूरा ध्यान रखा। उन्होंने मुन्नी को ब्यूटीशियन और कुकीज़ का प्रशिक्षण भी करवाया।

मुन्नी को ब्यूटीशियन और कुकिंग का प्रशिक्षण भी दिलवाया
मुन्नी को ब्यूटीशियन और कुकिंग का प्रशिक्षण भी दिलवाया

मुन्नी के वयस्क होने के उपरांत उसके लिए इस दंपत्ति ने सच्चे और अच्छे माता पिता की तरह वर तलाश कर बीते दिनों कोविड-19 गाइडलाइन के सुरक्षा नियमों का अनुपालन करते हुए मुन्नी के हाथ पीले कर उसे एक नई जिंदगी जीने के लिए उसका घर बसा दिया। मुन्नी का कन्यादान खुद मुकेश कुमार और उनकी धर्मपत्नी रीमा सिन्हा ने वाईएमसीए वी टी सी कैंपस में आयोजित सादे वैवाहिक कार्यक्रम में पूरे विधि विधान से भीम सिंह मुंडा और उनकी धर्मपत्नी मुन्नी सिंह मुंडा के पुत्र अजय सिंह मुंडा के साथ 11 सामाजिक लोगों की उपस्थिति में हिंदू रीति- रिवाज से किया। इस नेक दिल और मानवीय मूल्यों के प्रति सजग दंपत्ति ने मुन्नी को विदा करते वक्त एक सामान्य घर के लिए काम में आने वाली तमाम जरूरी सामानों को भेंटकर देकर उसके सुख में दांपत्य जीवन की कामना की और डबडबाई आंखों से इस बेटी को एक नया घर – परिवार बसाने के लिए उड़ान भर दी ।

मुकेश कुमार और रीमा सिन्हा की सहृदयता की चर्चा पूरे निवारणपुर में है

वाकई इनके नेक सोच से जहां बच्चियों के प्रति ममत्व के अनोखा भाव जागृत होता है वहीं समाज के हर सक्षम लोगों को एक संदेश भी देता है की अगर आपने क्षमता है और आप अपने जीवन में कुछ बेहतर मानवीय कार्य करना चाहते हैं तो ऐसे मासूम बच्चे जो मुफसीली और बदनसीबी के कारण अपने बचपन और मासूमियत को खो देते हैं उनकी जिंदगी के लिए उम्मीद की किरण बनकर उनका हाथ थाम सकते हैं और उनकी जिंदगी बदल सकते हैं। हम दंपत्ति मुकेश कुमार व रिमा सिन्हा के दिलेरी को सलाम करते हैं ।

टाटा बरकाकाना पैसेंजर के परिचालन को लेकर रेल मंत्री से मिले सांसद संजय सेठ

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सरायकेला: रांची लोकसभा के सांसद संजय सेठ ने टाटा बरकाकाना पैसेंजर ट्रेन के परिचालन को लेकर नई दिल्ली में रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव से मुलाकात की। इस दौरान श्री सेठ ने उन्हें एक ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में श्री सेठ ने बताया कि रांची लोकसभा क्षेत्र में टाटा से बरकाकाना वाया चांडिल होते हुए एक पैसेंजर ट्रेन का संचालन होता है। वर्ष 2020 में कोरोना संक्रमण को देखते हुए जब देश भर में सभी ट्रेनों का परिचालन बंद हुआ, उसी समय इस ट्रेन का परिचालन भी बंद किया गया। लगभग 1 वर्ष से अधिक समय बीत चुके हैं। ट्रेनों का परिचालन धीरे-धीरे शुरू हो चुका है परंतु अब तक टाटा बरकाकाना पैसेंजर ट्रेन का परिचालन आरंभ नहीं किया गया। श्री सेठ ने मंत्री को बताया कि यह ट्रेन इस क्षेत्र की लाइफ लाइन मानी जाती है। पैसेंजर ट्रेन से क्षेत्र के मजदूर, किसान, विद्यार्थी, दिहाड़ी मजदूर सहित व्यवसायिक कार्य से जुड़े लोग भी यात्रा करते हैं। ट्रेन परिचालन बंद होने का असर सीधे-सीधे लोगों के रोजी-रोजगार पर पड़ा है।

रांची-हावड़ा इंटरसिटी एक्सप्रेस का चांडिल में पुनः ठहराव शुरू करने का आग्रह

इस दौरान उन्होंने इसके अलावे श्री सेठ ने रेल मंत्री से को बताया कि रांची से हावड़ा जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन का भी ठहराव कोरोना काल से पूर्व चांडिल रेलवे स्टेशन पर था। कोरोना संक्रमण के बाद इस ट्रेन का परिचालन तो शुरू हुआ परंतु चांडिल स्टेशन पर इसका ठहराव बंद कर दिया गया। चांडिल एक औद्योगिक और व्यवसायिक क्षेत्र है, इस दृष्टि से बड़ी संख्या में यहां के लोगों का आवागमन रांची व हावड़ा होता रहता है। इस इंटरसिटी ट्रेन का भी ठहराव यहां अति आवश्यक है। उन्होंने केंद्रीय रेल मंत्री मंत्री से आग्रह किया कि उपरोक्त दोनों बिंदुओं पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए पैसेंजर ट्रेन का परिचालन व इंटरसिटी ट्रेन का ठहराव के लिए निर्देश जारी किया जाए। ताकि आम जनता का आवागमन सुगम हो सके।

04 August 2021

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गिरिडीहः महज एक ही खदान, फिर भी 20

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सफेद पत्थर का पावडर बनाने वाली 20-22 फैक्ट्रियां संचालित
सफेद पत्थर का पावडर बनाने वाली 20-22 फैक्ट्रियां संचालित
गिरिडीह । गिरिडीह जिले में सफेद पत्थर का काला कारोबार फल-फुल रहा है। क्वार्टर पत्थर का अवैध उत्खनन ज्यादातर वन भूखंड से किया जाता रहा है। दिन के उजाला में दिन-दहाड़े पत्थरों को तोड़ा कर, वो खुदई कर इकट्ठा की जाती है और रात के अंधेरे में परिवहन की जाती है।इस पत्थर को ट्रैक्टर वो हाइवा पर लादकर फैक्ट्रियों तक पहुंचाया जाता है। जिले में सफेद पत्थर का पावडर बनाने वाली 20-22 फैक्ट्रियां संचालित हैं। जबकी वैध खदान मात्र एक है। एक वैध खदान के भरोसे इतनी अधिक संख्या में फैक्ट्रियों को पत्थर की आपूर्ति की जाती है।
गिरिडीह में कीमती क्वा‌र्ट्ज पत्थरका अवैध खनन जोरों पर
गिरिडीह में कीमती क्वा‌र्ट्ज पत्थर का अवैध खनन जोरों पर (फाइल)
सवाल है कि उक्त खदान में रोजाना आखिर कितना प्रोडक्शन होता है कि जिले के सभी दो दर्जन से अधिक फैक्टरीयॉ को पत्थर सुगमता से उपलब्ध करा देता है। सूत्रों की माने तो जंगलों में अवैध रूप से उत्खनन कर सफेद पत्थर को इकट्ठा किया जाता है । इन पत्थर के बदले प्रति ट्रैक्टर मजदूरों को मात्र 700 से 900 रुपया दिया जाता है। इन पत्थर को चंद ठेकेदार- माफिया द्वारा रात के अंधेरे का फायदा उठाकर फैक्ट्रियों तक पहुंचाया जाता हैं। इस अवैध पत्थर की खरीदारी कर उसका रूप परिवर्तन कर फैक्टरी मालिक करोड़ों कमा रहे हैं।
हर महीने करोड़ों रुपये का होता है खेल
पत्थर के इस काले कारोबार में कई माफिया शामिल हैं। इन माफियाओं के कारण सरकार को राजस्व का नुकसान तो है ही और साथ ही साथ पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं । सफेद पत्थर का अवैध उत्खनन सदर प्रखंड के जीतपुर, उदनाबाद और उससे सटे क्षेत्र के अलावा पिरटांड़, डुमरी, जमुआ, देवरी, बेंगाबाद, गावां, तिसरी प्रखंड से हो रहा है।
हमारे पास भी कीमती क्वा‌र्ट्ज पत्थर के अवैध खनन की शिकायत- डीएफओ
गिरिडीह जिले में क्वार्टज, फलस्फर समेत अन्य कीमती पत्थर भी प्रचुर मात्रा में पाई जाती है । इन्हीं कीमती पत्थरों में से एक है सफेद पत्थर यानी क्वार्टज। यह पत्थर की काफी कीमती होते हैं और देश विदेश में इसकी काफी मांग भी है । डीएफओ प्रवेश अग्रवाल ने बताया कि सूचना मिल रही है कि जंगल क्षेत्र से लगातार सफेद पत्थर का अवैध खनन किया जा रहा है । इस मामले में कार्रवाई भी हो रही है । अब विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने के साथ-साथ क्विक रिस्पॉन्स टीम  का गठन किया गया है। यह टीम सफेद पत्थर के अवैध कारोबार पर रोक लगा रही हैं।
विभाग के दावे के बावजूद रात भर जंगलों में अवैध खनन
इसके बावजूद सफेद पत्थर धड़ल्ले से वाहनों से लोड होकर गुजरते देखा जा सकता है । विदित हो कि बेंगाबाद पुलिस एवम वन विभाग के पदाधिकारियों द्वारा बेंगाबाद-मधुपुर मुख्य मार्ग गगनपुर फॉरेस्ट एरिया में पत्थर तस्करों के द्वारा वन क्षेत्र से अवैध सादा पत्थर क्वार्टज पत्थरों को ले जाने की सूचना पर  पुलिस एवम वन विभाग के पदाधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से घेराबंदी कर डाकबंगला क्षेत्र के धावाटांड समीप अवैध रूप से ले जा रही सफेद पत्थर लदा दो ट्रैक्टर को धर दबोचा था।  रेंजर ऑफिस में कांड अंकित कर  गिरफ्तार चालक की पहचान मोहनपुर निवासी मोहम्मद मिनहाज व मोहम्मद मुस्ताक मिर्जा के रूप में हुई है। इनकी गिरफ़्तारी से अवैध पत्थर कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है । वहीं कुछ सफेदपोश लोगों के भी नाम सामने आ रहे हैं। इस अभियान में  मुख्य रूप से थाना प्रभारी कमलेश पासवान, एसआई पंकज दुबे,वन विभाग के कर्मी सहित कई पुलिस के जवान मौजूद थे।