Wednesday 1st of July 2026 02:54:38 PM
Home Blog Page 60

झारखंड राज्यकर्मियों के लिए ‘स्वास्थ्य बीमा योजना’ जल्द लागू, सीएम हेमंत सोरेन ने दी मंजूरी

0

रांची: झारखंड राज्य के कर्मियों और उनके आश्रितों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ‘राज्यकर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना’ को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस योजना के तहत राज्यकर्मियों, सेवानिवृत्त कर्मियों, और उनके परिवारों को व्यापक स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिलेगा। योजना का प्रस्ताव शीघ्र ही मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक में लाया जाएगा और स्वीकृति के बाद इसे लागू कर दिया जाएगा।

योजना के मुख्य बिंदु:
  • स्वास्थ्य बीमा कवरेज:
    • प्रति परिवार प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये का बीमा कवरेज।
    • गंभीर बीमारियों के मामलों में यह सीमा 10 लाख रुपये तक बढ़ाई जा सकती है।
  • लाभार्थियों में शामिल:
    • कार्यरत और सेवानिवृत्त राज्यकर्मी।
    • उनके आश्रित परिवार के सदस्य जैसे पति/पत्नी, पुत्र (25 वर्ष तक बेरोजगार), पुत्री (अविवाहित, विधवा, या परित्यक्ता), आश्रित माता-पिता, और दिव्यांग आश्रित।
  • कॉरपोरेट बफर और कॉर्पस फंड:
    • गंभीर बीमारियों के लिए 50 करोड़ रुपये का कॉरपोरेट बफर तैयार किया जाएगा।
    • बीमा सीमा से अधिक चिकित्सा व्यय को कवर करने के लिए विशेष कॉर्पस फंड की व्यवस्था होगी।
स्वास्थ्य बीमा योजना का उद्देश्य:

झारखंड सरकार ने जुलाई 2023 में राज्य कर्मियों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ देने का वादा किया था। पहले कुछ तकनीकी खामियों की वजह से योजना अटकी रही, लेकिन अब स्वास्थ्य विभाग ने सभी त्रुटियों का समाधान कर लिया है। यह योजना राज्यकर्मियों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने और चिकित्सा व्यय का आर्थिक बोझ कम करने के उद्देश्य से लागू की जा रही है।

सीएम ने की पूर्व उपाध्यक्ष कड़िया मुंडा से मुलाकात:

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मेडिका अस्पताल में पूर्व लोकसभा उपाध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री कड़िया मुंडा से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: बेटी को पढ़ाई के लिए खर्च वसूलने का पूरा अधिकार

0

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि बेटी को अपनी शिक्षा जारी रखने के लिए माता-पिता से खर्च प्राप्त करने का मौलिक और कानूनी अधिकार है। यह फैसला 26 साल से अलग रह रहे दंपती के मामले में सुनाया गया, जिसमें बेटी की शिक्षा का मुद्दा मुख्य विषय था।

फैसले के मुख्य बिंदु:
  • माता-पिता की जिम्मेदारी: सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि माता-पिता अपनी वित्तीय क्षमता के अनुसार बेटी की शिक्षा के लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराने के लिए बाध्य हैं।
  • 43 लाख रुपये का मुद्दा: कोर्ट ने बताया कि आयरलैंड में पढ़ रही बेटी को उसके पिता द्वारा 43 लाख रुपये दिए गए थे, जो उसकी शिक्षा के लिए थे। पिता ने यह राशि स्वेच्छा से दी थी।
  • बेटी का अधिकार: सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह राशि बेटी को रखने का पूरा अधिकार है और उसे यह पैसे मां या पिता को लौटाने की आवश्यकता नहीं है। वह इसे अपनी इच्छानुसार खर्च कर सकती है।
मामले का विवरण:

26 साल से अलग रह रहे दंपती के बीच तलाक और बेटी की शिक्षा के खर्च को लेकर विवाद था। कोर्ट ने पिछले साल एक समझौते का हवाला दिया, जिसके तहत पिता ने 73 लाख रुपये देने पर सहमति जताई थी। इसमें से 43 लाख रुपये बेटी की शिक्षा के लिए और 30 लाख रुपये पत्नी के लिए थे। पत्नी को उसका हिस्सा मिल चुका है।

समझौता और तलाक का आदेश:

सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत आपसी सहमति से तलाक का आदेश दिया और कहा कि अब दोनों के बीच कोई अदालती विवाद नहीं होना चाहिए। यदि कोई मामला लंबित है, तो उसे समझौते के अनुसार निपटाया जाना चाहिए।

न्याय का संदेश:

इस फैसले से सुप्रीम कोर्ट ने न केवल बेटी के शिक्षा के अधिकार को मजबूत किया, बल्कि यह भी संदेश दिया कि माता-पिता की जिम्मेदारी शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्राथमिकता होनी चाहिए।

गर्लफ्रेंड से झगड़े के बाद बॉयफ्रेंड ने खोला प्लेन का इमरजेंसी गेट, यात्रियों की जान खतरे में

0

बोस्टन (अमेरिका): अमेरिका के बोस्टन लोहन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जब एक युवक ने अपनी गर्लफ्रेंड से झगड़े के बाद फ्लाइट के इमरजेंसी गेट को खोलने की कोशिश की। यह घटना जेटब्लू की फ्लाइट 16 में हुई, जो प्यूर्टो रिको के सैन जुआन जा रही थी।

क्या हुआ:

घटना मंगलवार शाम करीब 7:30 बजे की है, जब फ्लाइट टेक ऑफ के लिए रनवे पर दौड़ रही थी। इसी दौरान प्यूर्टो रिको निवासी एंजल लुइस टोरेस मोरालेस ने अचानक इमरजेंसी गेट खोल दिया और प्लेन से कूदने की कोशिश की। हालांकि, प्लेन में मौजूद यात्रियों ने तुरंत उसे पकड़ लिया, जिससे बड़ी अनहोनी टल गई।

झगड़े की वजह:

प्लेन में मौजूद एक यात्री ने बताया कि लुइस अपनी गर्लफ्रेंड से फोन को लेकर बहस कर रहा था। उसे शक था और वह अपनी गर्लफ्रेंड का फोन चेक करना चाहता था। जब गर्लफ्रेंड ने फोन दिखाने से इनकार किया, तो आक्रोशित लुइस ने यह खतरनाक कदम उठाया।

इमरजेंसी गेट खुलने का असर:

लुइस द्वारा इमरजेंसी गेट खोलने से फ्लाइट की इमरजेंसी स्लाइड एक्टिव हो गई और विमान रोक दिया गया। यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। जेटब्लू एयरलाइन ने यात्रियों को दूसरी फ्लाइट में शिफ्ट कर दिया, जिससे फ्लाइट देरी से उड़ान भर पाई।

लुइस के खिलाफ कार्रवाई:

घटना के बाद लुइस को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां अगली सुनवाई 4 मार्च को होगी।

झारखंड में ठंड का कहर, अगले 72 घंटे और बढ़ेगी ठिठुरन: IMD का अलर्ट

0

रांची: झारखंड में ठंड का प्रकोप अपने चरम पर पहुंच गया है। अगले 72 घंटे राज्य के लिए ठंड के लिहाज से चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने ताजा अपडेट में बताया कि पछुआ हवा और पश्चिमी विक्षोभ की वजह से तापमान में और गिरावट की संभावना है।

राज्य के कई जिलों में न्यूनतम तापमान दो से तीन डिग्री तक और गिर सकता है। रात के समय कनकनी और बढ़ेगी। रांची में बुधवार को न्यूनतम तापमान 8.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो पिछले दिन के मुकाबले तीन डिग्री कम था। लातेहार जिला सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

तेज हवाओं के चलते दिन का तापमान भी कम महसूस हो रहा है। हालांकि, तेज धूप के बावजूद ठंड से राहत नहीं मिल रही है। IMD के अनुसार, तीन दिन बाद मौसम में बदलाव हो सकता है। आसमान में आंशिक बादल छाने और तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव होने की संभावना है।

धनबाद, बोकारो, और जमशेदपुर जैसे शहरों में हालात:
धनबाद और बोकारो में न्यूनतम तापमान 9-10 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया। जमशेदपुर में भी ठंड का असर महसूस किया जा रहा है, जहां तेज हवाओं के साथ दिन का तापमान सामान्य से कम रहा।

सावधानी और तैयारी:
मौसम विभाग ने लोगों को रात के समय अतिरिक्त सावधानी बरतने और गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।

बिहार में HMPV वायरस को लेकर सतर्कता, सरकार ने की तैयारी तेज

0

पटना: कोरोना के बाद अब एचएमपीवी वायरस को लेकर चिंता बढ़ रही है। हालांकि, बिहार में अभी तक इस वायरस के गंभीर मरीज नहीं मिले हैं, लेकिन राज्य सरकार ने एहतियातन तैयारियां तेज कर दी हैं।

राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी अस्पतालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल बिहार में 20,539 बेड सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध हैं। यदि मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी होती है, तो अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की जाएगी।

एचएमपीवी वायरस की जांच फिलहाल पुणे स्थित इंडियन वायरोलॉजी लैब (आईवीएल) में हो रही है। गंभीर मरीजों के ब्लड सैंपल जांच के लिए वहां भेजे जाएंगे। राज्य स्वास्थ्य समिति के आईएचआईवी प्रभारी डॉ. रणजीत कुमार ने बताया कि बुखार या श्वसन रोग के गंभीर मरीजों के सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए पुणे भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर इस वायरस पर नजर बनाए हुए हैं। सरकारी अस्पतालों में मरीजों की जांच, इलाज, और आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने की दिशा में प्रयास जारी हैं।

RJD नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी बाल-बाल बचे, सरकारी आवास पर गिरा बड़ा पेड़

0

पटना: बिहार की राजधानी पटना से बड़ी खबर सामने आई है। आरजेडी के सीनियर नेता और लालू प्रसाद यादव के करीबी अब्दुल बारी सिद्दीकी एक बड़े हादसे में बाल-बाल बच गए। जानकारी के मुताबिक, उनके सरकारी आवास में सुबह-सुबह एक बड़ा पेड़ गिर गया। इस घटना में उनकी निजी गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई, लेकिन गनीमत रही कि अब्दुल बारी सिद्दीकी और उनके परिवार को कोई चोट नहीं आई।

घटना के दौरान मची अफरातफरी:
सुबह जब यह हादसा हुआ, उस वक्त सिद्दीकी और उनका परिवार अक्सर उसी स्थान पर टहलते थे, जहां पेड़ गिरा। हालांकि, पेड़ गिरने के समय वे सभी वहां मौजूद नहीं थे। इस घटना के बाद सरकारी आवास में कुछ समय के लिए अफरातफरी मच गई।

सिद्दीकी का बयान:
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा, “ऊपरवाले का शुक्र है कि परिवार सुरक्षित है। यह एक बड़ा हादसा हो सकता था, लेकिन संयोग से कोई नुकसान नहीं हुआ।”

आवंटित आवास में जल्द करेंगे शिफ्ट:
सिद्दीकी ने बताया कि यह आवास आरजेडी विधायक अशरफ सिद्दीकी के नाम पर आवंटित है। वे जल्द ही अपने नए आवंटित आवास में शिफ्ट होने वाले थे। घटना के कारण पेड़ गिरने की वजह का अभी तक पता नहीं चल सका है।

प्रशासन से कार्रवाई की उम्मीद:
इस घटना के बाद प्रशासन द्वारा पेड़ गिरने के कारणों की जांच की जा रही है। साथ ही, यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। RJD के अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी सिद्दीकी और उनके परिवार की सुरक्षा के लिए चिंता जाहिर की है।

“कुंभ वक्फ की जमीन पर है, तो भी श्रद्धालु उसे अपने घर थोड़े ही ले जाएंगे” – मौलाना यासूब अब्बास का बड़ा बयान

0

लखनऊ: प्रयागराज में 13 जनवरी से शुरू होने वाले महाकुंभ को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कुंभ मेले की जमीन को वक्फ संपत्ति बताते हुए कुछ लोगों ने विवाद खड़ा किया है। इस पर ऑल इंडिया शिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव और शिया धर्मगुरु मौलाना यासूब अब्बास ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।

मौलाना यासूब अब्बास ने स्पष्ट रूप से कहा कि कुंभ में आने वाले श्रद्धालु पूजा-पाठ करके लौट जाते हैं, वे जमीन को अपने साथ घर नहीं ले जाते। उन्होंने कुंभ मेले की तैयारी को लेकर चल रही बहस को अनुचित बताया और कहा कि ऐसी बयानबाजी से माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है।

धर्मगुरु की अपील:
मौलाना यासूब ने कहा कि यह समय तंग नजरिए से सोचने का नहीं है। इंसानियत के नाते हिंदू और मुसलमान को एक-दूसरे के साथ खड़ा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर किसी को अपने धार्मिक कार्यक्रम शांति से मनाने की आजादी होनी चाहिए और इसे सियासत का मुद्दा नहीं बनाना चाहिए।

“सियासी बयानबाजी बंद हो”:
मौलाना ने अपील की कि कुंभ मेले को लेकर राजनीति बंद होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि धर्म और धार्मिक आयोजनों को लेकर बयानबाजी समाज में विभाजन का कारण बन सकती है, जबकि इनका उद्देश्य समाज को जोड़ना होना चाहिए।

महाकुंभ पर बढ़ता विवाद:
प्रयागराज में कुंभ मेले की जमीन को वक्फ संपत्ति बताने का दावा हाल ही में सामने आया, जिसके बाद यह मामला गरमा गया। इस पर हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों की ओर से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। मौलाना यासूब अब्बास के इस बयान ने इस विवाद को शांत करने की कोशिश की है।

सद्भाव का संदेश:
मौलाना ने कहा कि धर्म के नाम पर होने वाले कार्यक्रमों को सहयोग की भावना से देखा जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी धार्मिक आयोजन से किसी समुदाय को परेशानी नहीं होनी चाहिए, बल्कि ऐसे कार्यक्रम इंसानियत और भाईचारे का प्रतीक होने चाहिए।

‘बांग्लादेशियों को नहीं देना है काम’: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने उद्योगपतियों से की खास अपील

0

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मुंबई में देश के प्रमुख कॉरपोरेट घरानों के लीडर्स से मुलाकात की और उनसे अपील की कि वे अपनी कंपनियों में अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को काम पर न रखें। उन्होंने उद्योग जगत से सस्ते लेबर के चक्कर में देश में अवैध प्रवास को बढ़ावा न देने का आग्रह किया।

अवैध प्रवास पर रोक लगाने की जरूरत:
सरमा ने सोमवार को टाटा, अडानी ग्रुप, और महिंद्रा जैसे बड़े कॉरपोरेट लीडर्स के साथ मीटिंग की और इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बांग्लादेश से सस्ती लेबर की मांग के कारण इंडस्ट्रीज मिडिलमैन के जरिए ऐसे प्रवासियों को रोजगार दे रही हैं। उन्होंने इसे समस्या की जड़ बताते हुए कहा कि अवैध प्रवास को रोकने के लिए यह जरूरी है कि इंडस्ट्रीज इन्हें काम पर रखना बंद करें।

उन्होंने 1979 के ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (AASU) आंदोलन का जिक्र किया, जब असम में अवैध प्रवासियों को बाहर निकालने की मांग तेज हुई थी। सरमा ने कहा कि इस मुद्दे पर जोर देने की जरूरत है ताकि राज्य की सुरक्षा और समृद्धि सुनिश्चित हो सके।

असम में निवेश की उम्मीद:
सीएम ने बताया कि फरवरी में गुवाहाटी में होने वाले ‘एडवांटेज असम 2.0’ समिट के दौरान राज्य को 1 लाख करोड़ रुपये के निवेश की उम्मीद है। यह समिट 25-26 फरवरी को आयोजित होगी और इसमें टूरिज्म, डिफेंस, और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा।

टाटा के प्रोजेक्ट्स से बढ़ेगा राज्य का विकास:
असम के मोरीगांव में टाटा का सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्टिंग प्लांट लगभग बनकर तैयार है, जिसमें 27,000 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। इसका पहला चरण नवंबर या दिसंबर में शुरू होगा। इसके अलावा, टाटा ने असम में 500 मेगावाट क्षमता का सोलर प्रोजेक्ट शुरू करने में भी रुचि दिखाई है।

इस पहल के जरिए असम में बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है, जिससे राज्य की आर्थिक प्रगति को बल मिलेगा।

यश के बर्थडे पर फैंस को बड़ा गिफ्ट: ‘टॉक्सिक’ का धमाकेदार टीज़र रिलीज, देखें KGF स्टार का फर्स्ट लुक

0

हैदराबाद: साउथ के सुपरस्टार यश, जिन्हें इंडियन सिनेमा में रॉकिंग स्टार के नाम से जाना जाता है, आज अपना 39वां जन्मदिन मना रहे हैं। यश के फैंस के लिए यह दिन खास बना दिया गया है, क्योंकि उनके बर्थडे पर उनकी नई फिल्म ‘टॉक्सिक: ए डार्क फेयरीटेल’ का धमाकेदार टीज़र रिलीज हुआ है।

यश, जिनका असली नाम नवीन कुमार गौड़ है, इंडियन फिल्म इंडस्ट्री में पिछले 17 सालों से काम कर रहे हैं। हालांकि, उन्हें वर्ल्डवाइड पहचान 2018 में रिलीज हुई फिल्म KGF चैप्टर 1 से मिली। इसके बाद 2022 में रिलीज हुई KGF चैप्टर 2 ने उनकी लोकप्रियता को और बढ़ा दिया।

यश ने अपने फैंस को पहले ही वादा किया था कि वह अपने जन्मदिन पर एक खास सरप्राइज देंगे। उन्होंने 6 जनवरी को अपनी आगामी फिल्म ‘टॉक्सिक’ का पोस्टर शेयर किया था और अब उन्होंने फिल्म का टीज़र रिलीज कर दिया है। इस टीज़र में यश का फर्स्ट लुक सामने आया है, जिसमें वह क्रीम रंग के आउटफिट और हैट में बेहद दमदार नजर आ रहे हैं। टीज़र में एक बार सीक्वेंस भी दिखाया गया है, जिसमें यश का कैरेक्टर और फिल्म का टोन सामने आता है।

टॉक्सिक की रिलीज डेट:
गीतू मोनदास द्वारा निर्देशित यह फिल्म 10 अप्रैल को वर्ल्डवाइड रिलीज होगी। ‘टॉक्सिक: ए डार्क फेयरीटेल’ पैन इंडिया रिलीज के लिए तैयार है और बॉक्स ऑफिस पर धमाका करने की पूरी उम्मीद है। KGF 2 के बाद यश इस फिल्म के जरिए बड़े पर्दे पर लौट रहे हैं।

फैंस के बीच यश की इस फिल्म को लेकर जबरदस्त एक्साइटमेंट है, और यह देखना दिलचस्प होगा कि वह इस बार दर्शकों को कैसा सिनेमैटिक एक्सपीरियंस देते हैं।

चाईबासा में IED ब्लास्ट: लकड़ी चुनने गई नाबालिग लड़की की मौत, नक्सलियों के कायराना हरकत पर पुलिस की सख्त प्रतिक्रिया

0

चाईबासा: झारखंड के चाईबासा जिले के सारंडा जंगल क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) विस्फोट में एक नाबालिग लड़की की दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना 7 जनवरी की सुबह जराईकेला थाना क्षेत्र के तिरिलपोसी गांव में हुई। पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर ने इस घटना की पुष्टि की।

कैसे हुआ हादसा?

ग्रामीणों के अनुसार, तिरिलपोसी गांव की एक नाबालिग लड़की जलावन के लिए लकड़ी चुनने सारंडा जंगल के रादापोड़ा इलाके में गई थी। लकड़ी इकट्ठा करते समय लड़की का पैर नक्सलियों द्वारा लगाए गए प्रेशर IED पर पड़ गया, जिससे जोरदार विस्फोट हुआ। इस हादसे में लड़की की मौके पर ही मौत हो गई। मृतका का ननिहाल थोलकोबाद में बताया गया है।

इस विस्फोट में एक अन्य महिला भी मामूली रूप से घायल हुई है।

पुलिस की प्रतिक्रिया

चाईबासा पुलिस ने घटना के बाद एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की। उन्होंने बताया कि नक्सलियों द्वारा पहले से लगाए गए IED की चपेट में आने से यह दुखद हादसा हुआ। पुलिस ने इसे नक्सलियों की “कायराना हरकत” करार दिया, जिसका उद्देश्य ग्रामीणों और सुरक्षाबलों को निशाना बनाना है।

पुलिस ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है और जंगलों में बिना सावधानी के जाने से बचने का आग्रह किया है।

सारंडा क्षेत्र में नक्सली खतरा

सारंडा जंगल क्षेत्र नक्सलियों के गतिविधियों के लिए बदनाम है। जराईकेला और छोटानागरा सीमावर्ती थाना क्षेत्रों के जंगलों में नक्सलियों ने बड़ी संख्या में IED लगाए हुए हैं। ये विस्फोटक उपकरण सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने के लिए लगाए जाते हैं, लेकिन अक्सर निर्दोष ग्रामीण इनके शिकार हो जाते हैं।

कुछ दिन पहले ही नवाडीह गांव के सुनील सुरीन नाम के एक व्यक्ति की भी IED विस्फोट में मौत हो गई थी।

पुलिस की कार्रवाई और चुनौती

चाईबासा पुलिस ने नक्सली गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए अपनी सर्च ऑपरेशन तेज कर दी है। हालांकि, घने जंगलों में नक्सलियों द्वारा लगाए गए विस्फोटकों को ढूंढना और उन्हें निष्क्रिय करना एक बड़ी चुनौती है।

ग्रामीणों की सुरक्षा पर सवाल

इस तरह की घटनाएं न केवल नक्सलियों की क्रूरता को उजागर करती हैं, बल्कि ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करती हैं। प्रशासन को चाहिए कि ग्रामीण इलाकों में जागरूकता बढ़ाए और विस्फोटक उपकरणों का पता लगाने के लिए तकनीकी संसाधनों का उपयोग करे।

मंईयां सम्मान योजना: किसी को चार किस्त तो किसी को एक भी नहीं, महिलाओं की नाराजगी, आंदोलन की चेतावनी

0

धनबाद: झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी मंईयां सम्मान योजना इन दिनों सुर्खियों में है, लेकिन कारण सकारात्मक नहीं है। धनबाद के बाघमारा क्षेत्र की महिलाएं पिछले छह महीने से योजना का लाभ पाने के लिए प्रखंड अंचल का चक्कर काट रही हैं, फिर भी अब तक उन्हें एक भी किस्त नहीं मिली है।

नाराजगी और आंदोलन की तैयारी

महिलाओं ने बताया कि उन्होंने योजना के तहत आवेदन करने के लिए सभी प्रक्रियाएं पूरी की थीं, जिसमें ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों माध्यम से आवेदन शामिल हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों और साइबर कैफे से आवेदन जमा करने के बाद भी उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पाया है।

दूसरी ओर, कुछ लाभुकों को योजना के तहत चौथी किस्त तक मिल चुकी है। महिलाओं का आरोप है कि उनके आवेदन के साथ लापरवाही की गई है। उनका कहना है कि अगर जल्द ही उन्हें योजना का लाभ नहीं मिला तो वे प्रखंड अंचल कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन करेंगी।

ग्रामीण बनाम शहरी क्षेत्र की दिक्कत

बाघमारा के सीओ बालकिशोर महतो ने बताया कि योजना के तहत कई निगम क्षेत्र की महिलाओं ने ग्रामीण क्षेत्र का पता भरकर आवेदन जमा किया है, जिससे वास्तविक ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को दिक्कत हो रही है। हालांकि, उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी समस्याओं को हल कर जल्द से जल्द योजना का लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

सरकार की योजना और वितरण

हेमंत सोरेन सरकार ने इस योजना के तहत 6 जनवरी को 56 लाख 61 हजार 791 लाभुकों को कुल 1415 करोड़ 44 लाख 77 हजार रुपये का वितरण किया। साथ ही, 15 जनवरी तक लाभुकों को 2500 रुपये की अगली किस्त देने की घोषणा की गई है।

महिलाओं का आरोप

बाघमारा की महिलाओं का कहना है कि चुनाव के समय वादे किए गए थे कि सभी को मंईयां सम्मान योजना का लाभ मिलेगा, लेकिन अभी तक उन्हें इससे वंचित रखा गया है। महिलाओं ने बीडीओ और सीओ से शिकायत की थी, लेकिन अब तक आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला।

आंदोलन की चेतावनी

महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उन्हें योजना का लाभ नहीं मिला तो वे प्रखंड अंचल कार्यालय के बाहर धरने पर बैठेंगी और बड़ा आंदोलन करेंगी।

महाकुंभ 2025: श्रद्धालुओं के लिए रेलवे स्टेशनों पर 24×7 मेडिकल सुविधा, ऑब्जर्वेशन रूम से मिलेगी त्वरित सेवा

0

प्रयागराज: महाकुंभ 2025 को सुरक्षित और स्वस्थ बनाने की दिशा में सरकार और रेलवे प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। प्रयागराज रेल मंडल ने महाकुंभ में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे स्टेशनों पर 24×7 मेडिकल ऑब्जर्वेशन रूम स्थापित किए हैं। इन ऑब्जर्वेशन रूम में विशेष चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तीर्थयात्रियों को त्वरित और प्रभावी चिकित्सा सहायता दी जा सके।

स्टेशनों पर 24 घंटे मेडिकल सेवा

रेलवे प्रशासन ने प्रयागराज जंक्शन, प्रयाग, सुबेदारगंज, नैनी और छिवकी रेलवे स्टेशनों पर ऑब्जर्वेशन रूम स्थापित किए हैं। इन केंद्रों पर डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ 24 घंटे उपलब्ध रहेंगे। डॉक्टर और अन्य मेडिकल स्टाफ 8 घंटे की शिफ्ट में अपनी सेवाएं देंगे। हर ऑब्जर्वेशन रूम के लिए 15 स्टाफ नर्स, 12 फार्मासिस्ट, 12 हॉस्पिटल अटेंडेंट और 15 हाउसकीपिंग असिस्टेंट नियुक्त किए गए हैं।

उत्तर मध्य रेलवे के पीआरओ अमित मालवीय ने जानकारी देते हुए बताया कि जरूरत पड़ने पर रेलवे हॉस्पिटल के डॉक्टर्स भी ऑब्जर्वेशन रूम में ड्यूटी करेंगे। रेलवे प्रशासन ने श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए चिकित्सा सेवाओं को पर्याप्त और प्रभावी बनाने के लिए यह कदम उठाया है।

प्राथमिक चिकित्सा के अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध

ऑब्जर्वेशन रूम में प्राथमिक चिकित्सा के लिए सभी जरूरी उपकरण और दवाइयां उपलब्ध कराई गई हैं। इनमें ECG मशीन, डिफ़िब्रिलेटर, ऑक्सीजन कन्सेन्ट्रेटर, ग्लूकोमीटर जैसी सुविधाएं शामिल हैं। सर्दियों के मौसम, भीड़ और लंबी दूरी तय करने के कारण हार्ट पेशेंट, साइनस, डायबिटीज जैसी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान की जाएगी।

एम्बुलेंस सेवा का प्रबंध

रेलवे प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि यदि किसी तीर्थयात्री की स्थिति गंभीर होती है, तो उन्हें एंबुलेंस के माध्यम से नजदीकी रेलवे हॉस्पिटल या शहर के मेडिकल सेंटर तक तुरंत पहुंचाया जा सके। इसके लिए शहर के प्रमुख हॉस्पिटल्स और रेलवे के मेडिकल सेंटरों के साथ समन्वय स्थापित किया गया है।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्राथमिकता

महाकुंभ 2025 में करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचेंगे। उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य को सुनिश्चित करना रेलवे प्रशासन की प्राथमिकता है। ऑब्जर्वेशन रूम की स्थापना से तीर्थयात्रियों को समय पर चिकित्सा सहायता मिलेगी और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई संभव होगी।

रेलवे के इस कदम से महाकुंभ 2025 को सुरक्षित और सफल बनाने में बड़ा योगदान मिलेगा। श्रद्धालुओं के लिए यह एक राहत भरा कदम साबित होगा।

पांडेय गिरोह गैंगवार: निशि पांडेय और निशांत सिंह समेत कई गिरफ्तार, 11 पर एफआईआर दर्ज

0

पांडेय गिरोह गैंगवार मामले में पुलिस की एसआईटी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए निशि पांडेय, निशांत सिंह सहित कई अन्य को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों को पलामू लाने की प्रक्रिया जारी है। पलामू के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है।

रविवार देर रात, पलामू के चैनपुर थाना क्षेत्र के गरदा गांव में भरत पांडेय और दीपक साव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। दोनों पर रामगढ़ में कई आपराधिक मामले दर्ज थे। बताया जा रहा है कि कोयलांचल क्षेत्र में इनका अन्य गिरोहों के साथ वर्चस्व की लड़ाई चल रही थी। इस गंभीर घटना के बाद, पलामू पुलिस ने सदर एसडीपीओ मणि भूषण प्रसाद के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया।

पिता के आवेदन पर 11 पर एफआईआर दर्ज

भरत पांडेय और दीपक साव के मामले में उनके पिता की ओर से चैनपुर थाने में 11 नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इन आरोपियों पर बीएनएस की नौ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

एफआईआर में नामजद आरोपी:

  1. विकास तिवारी
  2. निशि पांडेय
  3. आकाश तिवारी
  4. विकास साव
  5. अमित साव
  6. सुभाष सिंह उर्फ बाघा सिंह
  7. अनिल यादव
  8. सुनील धोबी
  9. बबलू ठाकुर
  10. संदीप ठाकुर
  11. निशांत सिंह

भरत पांडेय के पिता ने पुलिस को बताया कि उनके बेटे को हजारीबाग जेल में बंद विकास तिवारी के इशारे पर बार-बार धमकी दी जा रही थी। उन्होंने कहा कि भरत 8 महीने पहले ही जेल से रिहा हुआ था।

इस मामले की जांच चैनपुर थाने के प्रभारी श्री राम शर्मा करेंगे। पुलिस ने कहा है कि जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी कार्रवाई की जाएगी।

पवन कल्याण ने चिरंजीवी को दी अपनी सफलता का श्रेय, ‘गेम चेंजर’ इवेंट में छाया उनका भाषण

0

सुपरस्टार राम चरण और कियारा आडवाणी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘गेम चेंजर’ का भव्य प्री-रिलीज़ इवेंट आंध्र प्रदेश के राजामहेंद्रवरम में आयोजित हुआ। इस आयोजन में दर्शकों की उत्सुकता और फिल्म की जबरदस्त चर्चा के बीच, आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने अपनी उपस्थिति से चार चांद लगा दिए। उनके प्रेरणादायक भाषण ने इवेंट को और खास बना दिया।


चिरंजीवी को बताया अपनी सफलता की जड़

इवेंट के दौरान, पवन कल्याण ने अपनी सफलता का पूरा श्रेय सुपरस्टार चिरंजीवी को दिया। उन्होंने कहा:

“चाहे मैं होऊं, राम चरण हों या कोई और, हमारी जड़ें चिरंजीवी गारू से जुड़ी हैं। आप हमें ‘गेम चेंजर’ या ‘ओजी’ कह सकते हैं, लेकिन हमारी नींव मोगलथुर जैसे छोटे से गांव से आई है।”

उन्होंने आगे कहा:

“आप मुझे ‘कल्याण बाबू’, ‘ओजी’ या ‘उपमुख्यमंत्री’ कह सकते हैं, लेकिन हर चीज़ की बुनियाद चिरंजीवी गारू हैं। मैं अपनी जड़ों और उन दिग्गजों को कभी नहीं भूल सकता, जिन्होंने इंडस्ट्री को आकार दिया है, जैसे रघुपति वेंकैया गारू, दादासाहेब फाल्के और नंदमुरी तारक राम राव गारू।”

उनके इस बयान पर इवेंट में मौजूद दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका स्वागत किया।


राम चरण ने व्यक्त की कृतज्ञता

इस भावुक भाषण के बाद, राम चरण ने भी सोशल मीडिया पर पवन कल्याण के प्रति अपना आभार व्यक्त किया। उन्होंने इवेंट की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा:

“डियर उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण गारू, आपके भतीजे, एक्टर और एक गौरवान्वित भारतीय के रूप में, मैं आपका बहुत सम्मान करता हूं। हमेशा मेरे साथ खड़े रहने और मेरा समर्थन करने के लिए धन्यवाद।”


‘गेम चेंजर’: शंकर का दमदार निर्देशन

शंकर द्वारा निर्देशित ‘गेम चेंजर’, जिसमें राम चरण और कियारा आडवाणी मुख्य भूमिकाओं में हैं, 10 जनवरी 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने के लिए पूरी तरह तैयार है।

  • यह फिल्म राजनीति, ड्रामा और एक्शन का अनोखा संगम पेश करेगी।
  • दर्शकों में फिल्म को लेकर जबरदस्त उत्साह है, और इसे ब्लॉकबस्टर बनाने की उम्मीदें हैं।

इवेंट की मुख्य बातें:

  • पवन कल्याण ने तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गजों को श्रद्धांजलि दी।
  • उनके भाषण में पारिवारिक बंधन, इंडस्ट्री के प्रति सम्मान और जड़ों की अहमियत झलकी।
  • ‘गेम चेंजर’ का यह प्री-रिलीज़ इवेंट फिल्म की रिलीज़ से पहले इसे और अधिक चर्चित बनाने में सफल रहा।

आपके विचार:

क्या ‘गेम चेंजर’ वाकई इंडस्ट्री के लिए गेम चेंजर साबित होगी? पवन कल्याण के इस भावुक भाषण ने आपको कितना प्रेरित किया? अपनी राय साझा करें।

भारत को मिला पहला ‘जनरेशन बीटा’ बेबी बॉय: जानें कहां और कैसे हुआ जन्म?

0

दुनिया ने 2025 में ‘जनरेशन बीटा’ का स्वागत किया, और भारत ने इस नई पीढ़ी का पहला बच्चा पाकर इतिहास रच दिया। मिजोरम की राजधानी आइजोल में, 1 जनवरी की सुबह 12:03 बजे, सिनॉड अस्पताल, डर्टलैंग में इस विशेष बच्चे का जन्म हुआ।

इस बच्चे का नाम फ्रेंकी रेमरूआतदिका जेडेंग रखा गया है। जन्म के समय उसका वजन 3.12 किलोग्राम था। अस्पताल के लॉम्ना वार्ड की सिस्टर लालछुआनावमी ने कहा कि “बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है और उसे कोई स्वास्थ्य समस्या नहीं है।”

परिवार में खुशी की लहर

फ्रेंकी अपने परिवार का सबसे नया सदस्य है। उनके परिवार में मां रामजिरमावी, पिता जेडडी रेमरुअत्संगा, और बड़ी बहन शामिल हैं। पूरा परिवार आइजोल के खटला ईस्ट इलाके में रहता है। मां ने देश का पहला बीटा बच्चा देने पर अपनी खुशी व्यक्त की और कहा, “यह हमारे परिवार और पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है।”

जनरेशन बीटा: क्या है यह नई पीढ़ी?

‘बीटा’ नाम का अर्थ और उत्पत्ति

‘जनरेशन बीटा’ शब्द को प्रसिद्ध भविष्यवादी मार्क मैक्रिंडल ने परिभाषित किया। यह पीढ़ी 2025 से 2039 के बीच जन्म लेने वाले बच्चों को संदर्भित करती है।

  • 2035 तक, ये बच्चे वैश्विक आबादी का 16% हिस्सा बन जाएंगे।
  • मैक्रिंडल के अनुसार, जनरेशन बीटा जनरेशन वाई (मिलेनियल्स) और जनरेशन जेड के बच्चों का प्रतिनिधित्व करेगी।
  • बीटा पीढ़ी के कई सदस्य 22वीं सदी तक जीवित रहेंगे, जो इसे एक लंबी और परिवर्तनकारी पीढ़ी बनाता है।

टेक्नोलॉजिकल युग में नई पीढ़ी

मैक्रिंडल के ब्लॉग के अनुसार, जनरेशन बीटा पूरी तरह से तकनीकी एकीकरण से जुड़ी दुनिया में पलेगी।

  • यह पीढ़ी डिजिटल और भौतिक दुनिया के बीच सहज सामंजस्य स्थापित करेगी।
  • शिक्षा, कार्यस्थल, स्वास्थ्य सेवा, और मनोरंजन में AI और ऑटोमेशन उनकी जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बनेंगे।
  • जनरेशन बीटा प्रौद्योगिकी, सामाजिक मानदंडों, स्थिरता, और वैश्विक नागरिकता पर बढ़ते ध्यान से आकार लेगी।

जनरेशन बीटा का वैश्विक महत्व

मैक्रिंडल ने कहा कि यह पीढ़ी विकासशील दुनिया का एक महत्वपूर्ण अध्याय होगी। उन्होंने कहा, “यह पीढ़ी ऐसे युग में पलेगी, जहां AI और तकनीकी सफलताएं रोजमर्रा के जीवन में पूरी तरह शामिल होंगी। यह नई दुनिया न केवल आधुनिकता को दर्शाएगी, बल्कि स्थिरता और प्रगति के प्रतीक के रूप में उभरेगी।”


भारत के लिए गर्व का क्षण

फ्रेंकी रेमरूआतदिका जेडेंग का जन्म भारत के लिए न केवल 2025 की शुरुआत में एक खास उपलब्धि है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर भी है।

आप क्या सोचते हैं?

क्या जनरेशन बीटा हमारे समाज के विकास में नई क्रांति लाएगी? इस नई पीढ़ी के लिए आपके विचार हमें बताएं और इस ऐतिहासिक पल का हिस्सा बनें।