Wednesday 1st of July 2026 01:58:33 PM
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डीपीएस बोकारो के पूर्व छात्र हिमांशु बने श्रम प्रवर्तन अधिकारी

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डीपीएस बोकारो के एक और होनहार छात्र ने राष्ट्रीय स्तर पर अपने विद्यालय और परिवार का नाम रोशन किया है। वर्ष 2015 बैच के मेधावी छात्र रहे हिमांशु कुमार का चयन श्रम प्रवर्तन अधिकारी (Enforcement Officer/Accounts Officer) के रूप में हुआ है। हिमांशु ने यह उपलब्धि संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित ईपीएफओ परीक्षा में 224वीं रैंक प्राप्त कर अर्जित की है।

देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक इस परीक्षा में सफलता प्राप्त कर हिमांशु ने अपने विद्यालय के गौरव में नया अध्याय जोड़ा है। उनकी इस सफलता पर डीपीएस बोकारो के शिक्षकों, छात्रों और पूरे विद्यालय परिवार में खुशी का माहौल है।


प्राचार्य की शुभकामनाएं

डीपीएस बोकारो के प्राचार्य डॉ. ए. एस. गंगवार ने हिमांशु की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की और उसे उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा,
“विद्यालय में छात्रों के सर्वांगीण विकास की प्रतिबद्धता का यह एक और प्रमाण है। हिमांशु न केवल एक मेधावी छात्र था, बल्कि सह-शैक्षणिक गतिविधियों में भी उसका प्रदर्शन हमेशा उत्कृष्ट रहा है।”

डॉ. गंगवार ने हिमांशु की सफलता को विद्यालय की उपलब्धियों का नया अध्याय बताते हुए कहा कि वह अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।


हिमांशु ने क्या कहा?

हिमांशु ने अपनी इस सफलता का श्रेय डीपीएस बोकारो और अपने परिवार को दिया। उन्होंने कहा कि विद्यालय में पढ़ाई के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास के लिए उपलब्ध विभिन्न अवसरों ने उनके सपनों को नई उड़ान दी। उन्होंने कहा,
“गांव से डीपीएस बोकारो आने के बाद मैंने करियर के अलग-अलग आयामों को पहचाना। विद्यालय में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और सह-शैक्षणिक गतिविधियों जैसे वाद-विवाद प्रतियोगिता, गिटार वादन, खेलकूद आदि ने मेरे व्यक्तित्व को निखारा।”


परिवार का योगदान

हिमांशु ने अपनी सफलता के पीछे अपने परिवार की भूमिका को सबसे महत्वपूर्ण बताया। वर्ष 1999 में पिता स्व. अनिल कुमार के निधन के बाद कठिन परिस्थितियों में उनकी माता विमला देवी ने उन्हें पढ़ाई जारी रखने और आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

तीन भाई-बहनों में सबसे छोटे हिमांशु के बड़े भाई ज्ञानदीप कुमार बिहार के नालंदा में युवा जदयू के नेता हैं, जबकि मंझले भाई सुधांशु कुमार एचपीसीएल, मुंबई में इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। हिमांशु ने कहा,
“मेरे परिवार ने मेरे हर कदम पर मुझे प्रोत्साहित किया और इस मुकाम तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।”


डीपीएस बोकारो का गौरव

हिमांशु की इस उपलब्धि ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि डीपीएस बोकारो न केवल शिक्षा में, बल्कि छात्रों के व्यक्तित्व विकास और उनके उज्जवल भविष्य के निर्माण में भी अग्रणी है। विद्यालय के शिक्षक और छात्र उनकी सफलता से प्रेरणा लेकर अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ने के लिए उत्साहित हैं।

झारखंड: स्कूल प्रिंसिपल ने छात्राओं की उतरवाई शर्ट, सिर्फ ब्लेजर में भेजा घर – शर्मनाक घटना पर मचा बवाल

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धनबाद, झारखंड के एक निजी स्कूल में शर्मनाक घटना सामने आई है, जहां प्रिंसिपल ने 80 से ज्यादा 10वीं की छात्राओं की शर्ट उतरवा दी। छात्राएं “पेन डे” मना रही थीं। इसके बाद उन्हें सिर्फ ब्लेजर पहनाकर घर भेज दिया गया। इस घटना से नाराज अभिभावकों ने प्रिंसिपल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

क्या है पूरा मामला?

गुरुवार को धनबाद के एक नामी प्राइवेट स्कूल में 10वीं की छात्राएं अपने बोर्ड परीक्षा से पहले का आखिरी दिन मना रही थीं। “पेन डे” के दौरान वे एक-दूसरे की शर्ट पर शुभकामनाएं लिख रही थीं। लेकिन स्कूल की प्रिंसिपल एम. देवश्री को यह गतिविधि पसंद नहीं आई।

प्रिंसिपल ने पहले तो छात्राओं को डांटा और फिर उनकी शर्ट उतरवा दी। शर्म की बात यह है कि उन्हें शर्ट वापस पहनने की अनुमति नहीं दी गई और सिर्फ ब्लेजर पहनाकर घर भेज दिया गया।

इस घटना से छात्राएं गहरे सदमे में थीं। उन्होंने घर जाकर अपने माता-पिता को पूरी घटना बताई, जिसके बाद अभिभावकों में भारी गुस्सा फैल गया।


अभिभावकों का गुस्सा

इस घटना से आहत अभिभावकों ने शुक्रवार को जिला प्रशासन से शिकायत की और प्रिंसिपल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

एक अभिभावक ने कहा,
“इस घटना ने हमारी बेटियों को मानसिक रूप से परेशान कर दिया है। अगर इस कारण वे कोई गलत कदम उठा लें, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?”

अभिभावकों ने यह भी कहा कि स्कूल प्रशासन को पहले उन्हें सूचना देनी चाहिए थी। वे खुद अपनी बेटियों को समझा देते। लेकिन बिना जानकारी के ऐसा अपमानजनक कदम उठाना पूरी तरह गलत है।


जांच और कार्रवाई की मांग

अभिभावकों के साथ स्थानीय विधायक रागिनी सिंह ने भी घटना की निंदा की। जिला उपायुक्त (डीसी) ने मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित की है और दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।


समाज और विशेषज्ञों की राय

बच्चों के अधिकारों और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विशेषज्ञों ने घटना की कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि इस तरह की घटनाएं छात्रों के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाती हैं और उनके मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डालती हैं।

एक स्थानीय प्रतिनिधि ने कहा,
“स्कूलों को बच्चों के लिए एक सुरक्षित और सकारात्मक माहौल बनाना चाहिए। इस प्रकार की घटनाएं प्रशासनिक विफलता को दर्शाती हैं।”


जिला प्रशासन का बयान

जिला प्रशासन ने कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। अगर स्कूल प्रबंधन दोषी पाया गया, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


महत्वपूर्ण सवाल

  • क्या स्कूल प्रशासन को इस तरह का अनुचित कदम उठाने का अधिकार है?
  • छात्राओं के मानसिक स्वास्थ्य और अधिकारों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जा सकती है?
  • स्कूलों में अभिभावकों की भागीदारी और संवाद कैसे बढ़ाया जाए?

निष्कर्ष

यह घटना झारखंड में शिक्षा और अनुशासन से जुड़े मुद्दों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। छात्राओं की गरिमा और मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल रखते हुए स्कूल प्रशासन को अपनी जिम्मेदारियां समझनी होंगी।

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पलामू टाइगर रिजर्व में बाघिन की पुष्टि, कुल सात बाघों का मूवमेंट रिकॉर्ड

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पलामू, झारखंड:
झारखंड के पलामू टाइगर रिजर्व (PTR) में एक बाघिन की उपस्थिति की पुष्टि हुई है। चतरा, लातेहार, और गढ़वा के जंगलों में अक्टूबर से बाघिन सक्रिय है। इसके अलावा, रिजर्व में कुल सात बाघों के मूवमेंट रिकॉर्ड किए गए हैं, जिनमें यह बाघिन भी शामिल है।

मुख्य बिंदु:

  1. वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट:
    अक्टूबर और नवंबर 2023 में PTR द्वारा बाघों के स्कैट (मल) की जांच के लिए सैंपल वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (देहरादून) भेजे गए थे। रिपोर्ट ने बाघिन की उपस्थिति की पुष्टि की।
  2. गढ़वा क्षेत्र में खतरा:
    गढ़वा इलाके में एक बाघ लगातार मवेशियों को शिकार बना रहा है। इस वजह से ग्रामीणों में भय व्याप्त है।
  3. कैमरे और सुरक्षा तैनाती:
    बाघिन की सुरक्षा और निगरानी के लिए PTR में हाई अलर्ट जारी किया गया है। उनके मूवमेंट वाले इलाकों में अतिरिक्त कैमरे और वनकर्मी तैनात किए गए हैं।
  4. PTR में बाघों की स्थिति:
    • 2020 में PTR में एक वृद्ध बाघिन का शव मिला था।
    • 2018 में PTR में बाघों की गिनती शून्य दर्ज की गई थी।
    • मार्च 2023 में PTR में एक नए बाघ का मूवमेंट रिकॉर्ड किया गया।
    • वर्तमान में छह बाघों और एक बाघिन का मूवमेंट दर्ज है।
  5. बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से संबंध:
    पलामू टाइगर रिजर्व के बाघ प्रवासी हैं और मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व तथा छत्तीसगढ़ के संजय डुबरी और गुरुघासी टाइगर रिजर्व से आते हैं।

    • बांधवगढ़ से PTR तक का गलियारा 322 किलोमीटर लंबा है।
    • बाघ अक्सर 400-500 किलोमीटर की दूरी तय करते हैं, नई टेरिटरी की तलाश में।

महत्वपूर्ण जानकारी:

  • PTR में बाघों की संख्या बढ़ने की संभावना है यदि बाघिन प्रजनन करती है।
  • यह बाघिन वयस्क है और कई किलोमीटर का सफर कर रही है।

निदेशक का बयान:

PTR के निदेशक कुमार आशुतोष ने बताया:

“यह बाघिन प्रजनन के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। यदि PTR में बाघों की संख्या बढ़ती है, तो यह क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी।”

पलामू टाइगर रिजर्व का महत्व:

PTR झारखंड का एकमात्र टाइगर रिजर्व है और सेंट्रल लैंडस्केप तथा ईस्टर्न घाट कॉरिडोर के बीच एक प्रमुख पड़ाव है। बाघ संरक्षण के लिहाज से यह रिजर्व बेहद महत्वपूर्ण है।

निगरानी और अलर्ट:

वन विभाग ने क्षेत्र में ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है और शिकार की घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी बढ़ा दी है।

दिशोम गुरु शिबू सोरेन का 81वां जन्मदिन उत्साहपूर्वक मनाया गया

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रांची (RANCHI):
झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के केंद्रीय अध्यक्ष और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन ने आज अपना 81वां जन्मदिन मनाया। इस अवसर पर झारखंड के मुख्यमंत्री और उनके पुत्र हेमंत सोरेन सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता, और परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।

मुख्य कार्यक्रम:

  • स्थान: शिबू सोरेन का सरकारी आवास, मोरहाबादी, रांची।
  • विशेष केक: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 81 पाउंड का केक काटकर अपने पिता का जन्मदिन मनाया।
  • स्वास्थ्य कारणों से शिबू सोरेन ने घर के भीतर ही परिवार और करीबी पार्टी सदस्यों के साथ जन्मदिन मनाया।

महत्वपूर्ण उपस्थिति:

इस आयोजन में झामुमो के कई प्रमुख नेता और सदस्य मौजूद थे:

  • विधायक कल्पना सोरेन।
  • पूर्व मंत्री बसंत सोरेन।
  • राज्यसभा सांसद महुआ माजी।
  • पार्टी महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य।

शिबू सोरेन की बहू सीता सोरेन ने भी अपनी बेटियों के साथ कार्यक्रम में हिस्सा लिया और गुरुजी को शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का संबोधन:

  • हेमंत सोरेन ने अपने पिता को “दिशोम गुरु” कहते हुए उन्हें झारखंड आंदोलन का एक बड़ा प्रतीक और संघर्षशील नेता बताया।
  • उन्होंने कहा, “शिबू सोरेन किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। उनका योगदान झारखंड के आदिवासी, मूलवासी, और पिछड़े वर्गों के लिए अविस्मरणीय है।”
  • उन्होंने यह भी कहा कि दिशोम गुरु का ओहदा भारत के किसी भी पदक या सम्मान से ऊपर है।

भारत रत्न पर प्रतिक्रिया:

जब मीडिया ने सवाल किया कि क्या शिबू सोरेन को भारत रत्न मिलना चाहिए, तो हेमंत सोरेन ने कहा:

“हमारे लिए उनका नाम ही काफी है। वे गरीब, आदिवासी और शोषित वर्गों के लिए एक बड़ा रत्न हैं। जो सम्मान झारखंड के लोगों के दिल में उनके लिए है, वह किसी सरकारी सम्मान से अधिक महत्वपूर्ण है।”

भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी को शुभकामनाएं:

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में झारखंड भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी को भी जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं।

राजनीतिक और सामाजिक महत्व:

  • झारखंड के हर जिले में झामुमो कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने दिशोम गुरु का जन्मदिन मनाया।
  • यह दिन झारखंड आंदोलन और झारखंड के आदिवासी संघर्षों को याद करने का भी अवसर है।

शिबू सोरेन का जन्मदिन झारखंड के लिए सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण दिन के रूप में देखा जा रहा है।

रामगढ़-हजारीबाग पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में कुख्यात अपराधी राहुल तुरी का एनकाउंटर

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रामगढ़ (RAMGARH):
रामगढ़ और हजारीबाग पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में कुख्यात अपराधी राहुल तुरी उर्फ आकाश तुरी को मुरपा के जंगलों में एनकाउंटर में मार गिराया गया। घटना रामगढ़ जिले के कुजू थाना क्षेत्र के मुरपा इलाके में घटी। पुलिस ने एक अन्य अपराधी को गिरफ्तार किया है, जबकि एक फरार होने में सफल रहा।

घटना का विवरण:
  • पुलिस को सूचना मिली कि मोस्ट वांटेड अपराधी राहुल तुरी अपने साथियों के साथ मुरपा जंगलों में मौजूद है और किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की योजना बना रहा है।
  • रामगढ़ एसपी अजय कुमार और हजारीबाग एसपी के नेतृत्व में पुलिस ने इलाके को घेर लिया।
  • अपराधियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू की। जवाबी कार्रवाई में राहुल तुरी मारा गया।
  • गिरफ्तार अपराधी की पहचान आकाश करमाली के रूप में हुई है। फरार अपराधी की तलाश जारी है।
पुलिस की बड़ी सफलता:

एसपी अजय कुमार ने बताया कि राहुल तुरी कुख्यात अपराधी था, जो रामगढ़, हजारीबाग और रांची में 20 से अधिक मामलों में वांछित था।

  • अपराध सूची:
    • ठेकेदारों और व्यवसायियों से लेवी वसूली।
    • लेवी नहीं देने पर हत्या।
    • हाल ही में उरीमारी के विस्थापित नेता और सीसीएलकर्मी संतोष सिंह की हत्या।
बरामदगी:
  • 2 पिस्टल।
  • कई मोबाइल।
  • अपराधियों के अन्य सामान।
पुलिस का संदेश:
  • एसपी अजय कुमार ने इस सफलता को पुलिस की बड़ी उपलब्धि बताया।
  • उन्होंने युवाओं से अपराध से दूर रहने की अपील की और कहा कि अपराध का अंत एनकाउंटर में ही होता है।
  • उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी अपराधी झारखंड या रामगढ़ में सक्रिय हैं, वे तुरंत इलाका छोड़ दें।
सुरक्षा प्रबंधन:

घटनास्थल पर मजिस्ट्रेट और मेडिकल टीम मौजूद रहे। डेड बॉडी को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया, जिसमें एनएचआरसी के नियमों का पालन किया गया।

स्थानीय प्रतिक्रिया:

इस एनकाउंटर के बाद इलाके में अपराधियों के खिलाफ पुलिस की सख्ती की सराहना की जा रही है। लेकिन फरार अपराधी की गिरफ्तारी को लेकर स्थानीय लोग सतर्क हैं।

झरिया विधायक रागिनी सिंह के कार्यालय के बाहर अंधाधुंध फायरिंग, इलाके में दहशत

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रांची:
झरिया की विधायक रागिनी सिंह के कार्यालय के बाहर हुई अंधाधुंध फायरिंग से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। गनीमत यह रही कि घटना के वक्त विधायक कार्यालय में मौजूद नहीं थीं। बताया जा रहा है कि पाँच राउंड से अधिक फायरिंग की गई, जिससे इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।

विधायक का बयान:

विधायक रागिनी सिंह ने घटना पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें लगातार टारगेट किया जा रहा है। उन्होंने कहा,
“आज सुबह मेरे कार्यक्रम में बदलाव हुआ, वरना मैं कार्यालय में मौजूद रहती और बड़ी घटना घट सकती थी। एक दिन पहले भी कार्यालय में तोड़फोड़ की गई थी। चुनाव में हार के बाद अब विरोधी गोली-बंदूक के जरिए लड़ाई लड़ने पर उतर आए हैं।”

फायरिंग की घटना:
  • स्थान: झरिया विधायक कार्यालय के बाहर।
  • समय: सुबह का वक्त।
  • वारदात: अपराधियों ने पाँच राउंड से अधिक फायरिंग की।
  • संदेह: विधायक ने संकेत दिया कि यह उन्हें जानबूझकर टारगेट करने की कोशिश हो सकती है।
इलाके में दहशत:

इस गोलीबारी के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बन गया है। स्थानीय निवासियों ने सुरक्षा व्यवस्था की कमी पर चिंता जताई है।

पुलिस जांच:

पुलिस ने घटनास्थल का दौरा कर जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयान के आधार पर अपराधियों की पहचान की कोशिश की जा रही है। विधायक को सुरक्षा बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है।

स्थिति पर नजर:

विधायक कार्यालय और आस-पास के इलाकों में सुरक्षा के मद्देनजर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

धनबाद: बमबाजी, गोलीबारी और झड़प के बाद पुलिस का सर्च ऑपरेशन, मिले जिंदा बम और हथियार

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धनबाद:कोयलांचल क्षेत्र गुरुवार को बमबाजी, गोलीबारी और हिंसक झड़प की घटनाओं के बाद तनावपूर्ण स्थिति में है। धर्माबांध ओपी क्षेत्र के हिलटॉप आउटसोर्सिंग में रैयत और कंपनी समर्थकों के बीच खूनी संघर्ष हुआ, जिसमें दर्जनों बम फेंके गए और कई राउंड गोलियां चलाई गईं। इस घटना में स्थानीय सुभाष सिंह गोली लगने से घायल हुए, जबकि बाघमारा एसडीपीओ पुरुषोत्तम सिंह पर हमला हुआ, जिसमें वे गंभीर रूप से जख्मी हो गए।

सर्च ऑपरेशन और बरामदगी: वारदात के बाद, बोकारो आईजी माइकल राज, डीआईजी सुरेंद्र झा और एसएसपी एचपी जनार्दनन ने घटनास्थल पर निरीक्षण किया। पुलिस ने इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसमें झाड़ियों से जिंदा बम, बमों के अवशेष, कारतूस, तीर, तलवार, ईंट और पत्थर बरामद किए गए। बम स्क्वाड और एफएसएल टीम ने भी जांच में भाग लिया।
घटनाओं का सिलसिला:
  1. हिलटॉप आउटसोर्सिंग संघर्ष:
    • जमीन विवाद को लेकर रैयत और कंपनी समर्थकों के बीच हिंसक झड़प हुई।
    • स्थानीय निवासी सुभाष सिंह घायल हुए।
  2. एसडीपीओ पर हमला:
    • मधुबन थाना क्षेत्र में आजसू सांसद सीपी चौधरी के कार्यालय को आग के हवाले किया गया।
    • खरखरी तालाब के पास जेएमएम नेता कारु यादव को गिरफ्तार करते समय, उपद्रवियों ने बाघमारा एसडीपीओ पर पत्थरबाजी की।
आईजी का बयान: आईजी माइकल राज ने कहा, “इलाके में सर्च अभियान चलाया जा रहा है। दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
स्थानीय निवासियों की प्रतिक्रिया: सुभाष सिंह ने बताया, “हमारी जमीन को दबंगों ने आउटसोर्सिंग के नाम पर कब्जा कर लिया है। अवैध खनन और कोयला चोरी की गतिविधियों में कई लोगों की मिलीभगत है।”
वर्तमान स्थिति: घटनास्थलों पर आईजी, डीआईजी और एसएसपी समेत पुलिस बल कैंप कर रहे हैं। रांची और धनबाद के जैप-3 और अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात किया गया है। क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है और उपद्रवियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी गई है।

हजारीबाग डीसी को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का समन, बिरहोर जनजाति की मौत से जुड़ा मामला

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हजारीबाग: आदिम जनजाति बिरहोर के मौत के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने हजारीबाग के उपायुक्त नैंसी सहाय को समन जारी किया है। आयोग ने उपायुक्त को 10 फरवरी तक व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर जवाब देने का निर्देश दिया है। हालांकि, यदि पूर्व में मांगे गए चार बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट समय पर जमा कर दी जाती है, तो व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट दी जा सकती है।

मामले का विवरण: यह मामला एनटीपीसी चट्टी बरियातू कोल परियोजना के खनन से जुड़ा है। बताया गया है कि हजारीबाग जिले के केरेडारी प्रखंड स्थित इस परियोजना के खनन के दुष्प्रभावों के कारण आदिम जनजाति समुदाय के दो सदस्य, किरणी बिरहोर और बहादुर बिरहोर की मृत्यु हो गई थी।
आयोग की ओर से मांगी गई जानकारी: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने उपायुक्त से निम्नलिखित चार बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी है:
  1. खनन कार्य की अवधि: बिरहोर टोला, पगार में एनटीपीसी का खनन कार्य कब से चल रहा है?
  2. प्रदूषण का प्रभाव: बिरहोर टोला के निवासियों के स्वास्थ्य पर किस प्रकार के प्रतिकूल प्रभाव दर्ज किए गए हैं?
  3. स्थानांतरण में असहमति: बिरहोर समुदाय ने एनटीपीसी द्वारा निर्मित घरों में स्थानांतरित होने का विकल्प क्यों नहीं चुना है? क्या वह स्थान खनन प्रदूषण से सुरक्षित है?
  4. मृत्यु का विवरण: खनन शुरू होने के बाद से कितने लोगों की मृत्यु हुई है और प्रत्येक मृत्यु का कारण क्या है?
शिकायत और रिपोर्ट का आधार: यह कार्रवाई मंटू सोनी द्वारा की गई शिकायत और पुलिस अधीक्षक हजारीबाग की रिपोर्ट पर आधारित है। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया था कि एनटीपीसी के खनन से प्रदूषण की समस्या बढ़ी है, जिससे बिरहोर समुदाय के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ा है।
डीसी का बयान: उपायुक्त नैंसी सहाय ने कहा, “हमें राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का समन मिला है। हम इस पर उपयुक्त जवाब देंगे।”
पृष्ठभूमि: पिछले साल नवंबर में, आयोग ने उपायुक्त को छह सप्ताह के भीतर उपरोक्त बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। रिपोर्ट न भेजने पर आयोग ने यह समन जारी किया है।

सेरनदाग पंचायत में निर्विरोध आंगनबाड़ी सहायिका चुनाव, बालविकास परियोजना के तहत हुआ आयोजन

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हेरहंज:
प्रखंड क्षेत्र के सेरनदाग पंचायत में मिनी आंगनवाड़ी केंद्र को अपग्रेड करते हुए सहायिका का निर्विरोध चुनाव किया गया। बालूमाथ समेकित बालविकास परियोजना के तहत सासंग, सीकीद बंधुआ गांवों में मिनी आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए सहायिका का चुनाव किया गया था।

चुनाव प्रक्रिया:
  • मुख्य अधिकारी: सीडीपीओ सोमा उरांव और लेडीज सुपरवाइजर ममता मासूम ने इस चुनाव की निगरानी की।
  • प्राथमिकता: चुनाव में एसी और एसटी वर्ग के अलावा स्थानीय लाभुक बहुओं को प्राथमिकता दी गई।
निर्विरोध चुनाव:
  • सासंग सेंटर: गूंजा देवी (बीए पास)
  • सिकीद सेंटर: संजू देवी (इंटर पास)
  • बंधुआ सेंटर: रानो देवी (मैट्रिक पास)

चुनाव में जाति, आवासीय और शैक्षिक योग्यता प्रमाण पत्र भी शामिल किया गया था।

स्थानीय प्रतिनिधि और ग्रामीणों की उपस्थिति:

इस आयोजन में मिशन देवी आंगनवाड़ी केंद्र की सेविका सोनमती देवी, पदमा देवी, पंचायत समिति की परमिला देवी, मुखिया फूलदेव सिंह, प्रधान राम सेवक सिंह, रामकिशु यादव, बालमोहन सिंह, संतोष गंझू, सुरेश भोक्ता, रंजीत गंझू, गोपाल गंझू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

लोहरदगा कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या के दोषी को फांसी की सजा

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लोहरदगा: नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में लोहरदगा व्यवहार न्यायालय ने दोषी इंदर उरांव को फांसी की सजा सुनाई है। डीजे वन सह पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश अखिलेश कुमार तिवारी की अदालत ने यह सजा सुनाते हुए दोषी पर ₹25,000 का जुर्माना भी लगाया।

फैसले की प्रमुख बातें:
  • धारा 302 (भारतीय दंड संहिता): दोषी को फांसी की सजा।
  • पॉक्सो एक्ट (धारा 6): दोषी को आजीवन कारावास।
  • जुर्माना: ₹25,000।
घटना का विवरण:

यह दर्दनाक घटना 24 दिसंबर 2022 को लोहरदगा जिले के बगडू थाना क्षेत्र में हुई थी। लोक अभियोजक मिनी लकड़ा के अनुसार, दोषी इंदर उरांव ने नाबालिग बच्ची को पैसे का लालच देकर सुनसान स्थान पर बुलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। पकड़े जाने के डर से उसने बच्ची की हत्या कर शव छुपा दिया।

पुलिस कार्रवाई और केस की जांच:
  • मामले का खुलासा: बच्ची की मां ने जब उसे तलाशना शुरू किया, तब घटना का खुलासा हुआ।
  • आरोपी की गिरफ्तारी: ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़कर उसकी पिटाई की और पुलिस को सौंप दिया।
  • जांच: पुलिस अवर निरीक्षक पंकज कुमार शर्मा ने मामले की जांच की।
अदालती प्रक्रिया और गवाह:
  • गवाहियां: इस मामले में कुल 17 लोगों की गवाही दर्ज की गई।
  • अदालत का निर्णय: दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने दोषी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
दोषी का आपराधिक इतिहास:

इंदर उरांव इससे पहले भी अपनी दादी की हत्या के मामले में जेल जा चुका है।

न्यायपालिका का संदेश:

यह फैसला न केवल न्यायपालिका की सख्ती का प्रतीक है, बल्कि समाज को एक संदेश भी देता है कि ऐसे जघन्य अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

रांची से अलकायदा का संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार: अब तक 9 गिरफ्तारियां, दिल्ली स्पेशल सेल और झारखंड एटीएस का बड़ा ऑपरेशन

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रांची: झारखंड एटीएस और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने रांची के चान्हो इलाके से अलकायदा के संदिग्ध आतंकी शाहबाज अंसारी को गिरफ्तार किया है। शाहबाज अंसारी दिल्ली स्पेशल सेल के कांड संख्या 301/24 में अभियुक्त था। झारखंड एटीएस के एसपी ऋषभ झा ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि की है।

गिरफ्तारी का स्थान और संदर्भ

शाहबाज को रांची-लोहरदगा बॉर्डर पर स्थित उसके गांव चितरी से पकड़ा गया। यह कार्रवाई अलकायदा इन इंडियन सब-कॉन्टिनेंट (AQIS) के नेटवर्क का हिस्सा तोड़ने के लिए चल रहे अभियान का हिस्सा है।

पिछली गिरफ्तारियां और जांच का दायरा
  • भारत में खिलाफत की साजिश:
    पिछले साल झारखंड, दिल्ली और राजस्थान में AQIS के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई थी।
  • झारखंड में 8 संदिग्ध गिरफ्तार किए गए थे।
  • राजस्थान में ट्रेनिंग ले रहे 6 संदिग्ध गिरफ्तार हुए, जिनमें अधिकतर झारखंड के थे।
शाहबाज और अन्य संदिग्धों की भूमिका
  • डॉ. इश्तियाक अहमद:
    इससे पहले गिरफ्तार किए गए मास्टरमाइंड, डॉ. इश्तियाक अहमद, को रांची के एक निजी अस्पताल में काम करते हुए पकड़ा गया था।
  • अगस्त 2024 में लोहरदगा के हेंजला कौवाखाप गांव में छापेमारी के दौरान शाहबाज के घर से आपत्तिजनक दस्तावेज मिले थे, लेकिन वह फरार था।
  • शाहबाज और उसके साथियों पर हथियार रखने और आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के गंभीर आरोप हैं।
गिरफ्तारी की प्रक्रिया और टीम का योगदान
  • झारखंड एटीएस और दिल्ली स्पेशल सेल को शाहबाज के चितरी गांव में मौजूद होने की सूचना मिली।
  • संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए शाहबाज को गिरफ्तार किया।
विशेष जानकारी
  • अगस्त 2024 की छापेमारी:
    • लोहरदगा के कुडू में छापेमारी के दौरान अलताफ के घर से हथियार और दस्तावेज बरामद हुए।
    • शाहबाज की तलाश में उसके घर पर भी छापा मारा गया था।
संकेत और प्रभाव

यह गिरफ्तारी अलकायदा नेटवर्क के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी सफलता है। शाहबाज की गिरफ्तारी से संगठन की साजिशों के और खुलासे होने की संभावना है। सुरक्षा एजेंसियों ने संकेत दिया है कि AQIS से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।

नए साल में नीतीश कैबिनेट ने खोला खजाना: 55 एजेंडों को मंजूरी, रक्सौल में हवाई अड्डे का विकास होगा

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पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में नए साल की शुरुआत में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में 55 एजेंडों को मंजूरी दी गई, जिनमें से 21 प्रस्ताव मुख्यमंत्री की प्रगति यात्रा से संबंधित हैं। इन 21 प्रस्तावों पर कुल 2960 करोड़ 48 लाख 18 हजार 435 रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई।

नीतीश कैबिनेट के अहम फैसले:

  1. जेवियर विश्वविद्यालय का निर्माण:
    पटना के दीघा घाट में निजी क्षेत्र में जेवियर विश्वविद्यालय की स्थापना और संचालन के लिए स्वीकृति।
  2. रक्सौल हवाई अड्डे का विकास:
    रक्सौल हवाई अड्डे के विस्तार के लिए 149 एकड़ भूमि अधिग्रहण हेतु 207 करोड़ 70 लाख 46 हजार रुपये की स्वीकृति।
  3. फिल्म विकास निगम के लिए पद सृजन:
    बिहार राज्य फिल्म विकास और वित्त निगम लिमिटेड, पटना के लिए 38 नए पदों का सृजन।
  4. नेहरू पथ आवास परियोजना:
    पटना के नेहरू पथ पर 60 सेट ऑफिसर्स आवास और हॉस्टल परिसर के पुनर्विकास के लिए 246 करोड़ 23 लाख 60 हजार रुपये स्वीकृत।
  5. औद्योगिक क्षेत्र का विकास:
    • वैशाली जिले में 1243.45 एकड़ भूमि के विकास हेतु 1001 करोड़ 92 लाख 15 हजार 154 रुपये स्वीकृत।
    • सीतामढ़ी जिले में औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए 298 करोड़ 77 लाख रुपये की स्वीकृति।
  6. लव कुश इको टूरिज्म पार्क:
    पश्चिम चंपारण के वाल्मीकि नगर में लव कुश इको टूरिज्म पार्क के विकास के लिए 51 करोड़ 54 लाख रुपये की स्वीकृति।
  7. सड़क सुरक्षा और अन्य योजनाएं:
    • 26 जिलों में 72 प्रमुख चौक-चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए 35 करोड़ 46 लाख रुपये की मंजूरी।
    • राज्य के 422 प्रखंडों में पुराने वाहनों को बदलने के लिए 59 करोड़ 8 लाख रुपये स्वीकृत।
  8. नमामि गंगे योजना:
    कटिहार में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण हेतु 356 करोड़ 99 लाख रुपये की मंजूरी।
  9. अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय:
    पूर्वी चंपारण के सुगौली और सिवान के जिरादेई में अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों के निर्माण के लिए 59 करोड़ 83 लाख और 58 करोड़ 59 लाख रुपये की स्वीकृति।
  10. गन्ना मूल्य में वृद्धि:
    गन्ना किसानों को राहत देते हुए 2024-25 सत्र के लिए गन्ना मूल्य में 10 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि।

कैबिनेट विभाग के अपर मुख्य सचिव एस. सिद्धार्थ ने कहा:
“21 प्रस्तावों पर कुल 2960 करोड़ 48 लाख 18 हजार 435 रुपये की स्वीकृति दी गई है।”

इन फैसलों से राज्य के बुनियादी ढांचे, शिक्षा, उद्योग, और सामाजिक विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

रामगढ़ के चुट्टूपालू घाटी में हादसा: बीच सड़क पर पलटा एलपीजी टैंकर, बड़ा खतरा टला

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पास एलपीजी से भरा एक टैंकर अनियंत्रित होकर बीच सड़क पर पलट गया। इस हादसे से रांची-पटना मुख्य मार्ग एनएच 33 पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। एलपीजी टैंकर पारादीप से नेपाल के काठमांडू जा रहा था।

हादसे की पूरी कहानी:
टैंकर चालक मोहम्मद शमशेर आलम ने बताया कि घाटी के ऊपर चाय पीने के बाद उसने वाहन चलाना शुरू किया। घाटी में एक खराब ट्रेलर को पार करने की कोशिश के दौरान, पीछे से रेलवे स्लैब लदे एक खुले ट्रेलर ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद टैंकर अनियंत्रित हो गया और डिवाइडर से टकराकर सड़क के बीचों-बीच पलट गया।

बड़ा खतरा टला:
हादसे के दौरान टैंकर में ज्वलनशील पदार्थ एलपीजी भरा हुआ था। गनीमत यह रही कि गैस लीक नहीं हुई और कोई जनहानि नहीं हुई। घटना की जानकारी मिलते ही रामगढ़ पुलिस टीम, फायर ब्रिगेड, और हाइड्रा क्रेन मौके पर पहुंच गई।

प्रशासन की तत्परता:
रामगढ़ थाना प्रभारी कृष्ण कुमार ने बताया कि टैंकर को सुरक्षित उठाने के लिए क्रेन और फायर ब्रिगेड की मदद ली जा रही है। हादसे के कारण घाटी क्षेत्र में ट्रैफिक जाम हो गया था, जिसे वन-वे यातायात चालू कर स्थिति को सामान्य बनाने का प्रयास किया जा रहा है। घटना की सूचना वरीय अधिकारियों को दे दी गई है।

यातायात जल्द होगा बहाल:
प्रशासन का कहना है कि टैंकर को जल्द से जल्द हटाकर एनएच 33 पर यातायात सुचारू रूप से चालू कर दिया जाएगा। इस हादसे ने एक बार फिर चुट्टूपालू घाटी की खतरनाक स्थिति को उजागर किया है, जहां सड़क दुर्घटनाएं आम हो चुकी हैं।

धनबाद में हिंसक झड़प में घायल एसडीपीओ दुर्गापुर रेफर, विधायक ने की कड़ी निंदा

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धनबाद: झारखंड के मधुबन थाना क्षेत्र में पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच हुई हिंसक झड़प के दौरान एसडीपीओ पुरुषोत्तम कुमार सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें असर्फी अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद बेहतर चिकित्सा के लिए दुर्गापुर मिशन अस्पताल रेफर कर दिया गया। इस घटना के बाद बोकारो रेंज के आईजी, डीआईजी, डीसी समेत अन्य अधिकारियों और विधायक जयराम महतो ने अस्पताल में पहुंचकर घायल एसडीपीओ का हालचाल लिया।

घटना का विवरण:
  • मामला: धर्माबांध ओपी क्षेत्र में दो गुटों के बीच विवाद के बाद हिंसक झड़प हुई। एक गुट ने मधुबन थाना क्षेत्र में गिरिडीह सांसद सीपी चौधरी के कार्यालय में आग लगा दी।
  • पुलिस की कार्रवाई: घटना का निरीक्षण करने गए एसडीपीओ पर पीछे से पत्थरबाजी की गई। इस दौरान बमबाजी भी हुई।
  • स्थिति: एसडीपीओ के सिर पर गंभीर चोट लगी है। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
प्रभाव और प्रतिक्रिया:
  • विधायकों और अधिकारियों का बयान:
    • विधायक जयराम महतो: घटना को “असंवैधानिक” बताते हुए माफियाओं और कोयला चोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि पुलिस को इस मौके का फायदा उठाकर क्षेत्र को माफिया मुक्त करना चाहिए।
    • आईजी राज माइकल: मामले की जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया।
  • पुलिस की प्रतिक्रिया: पत्थरबाजी और हमले में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। घटना को लेकर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
सामाजिक और कानूनी मुद्दे:

विधायक जयराम महतो ने सिस्टम की खामियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि माफियाओं के बढ़ते मनोबल के पीछे व्यवस्था की कमजोरी जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि इस मामले को मुख्यमंत्री तक ले जाया जाएगा और इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

आगे की कार्रवाई:
  • मामले की जांच के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।
  • प्रशासन और पुलिस क्षेत्र में शांति बहाली के लिए कदम उठा रहे हैं।
  • विधायक ने पत्रकार और वकीलों की सुरक्षा के लिए प्रोटेक्शन एक्ट की वकालत की है।