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झारखंड: BJP विधायक दल का नेता कौन बनेगा? JMM ने साधा निशाना

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झारखंड विधानसभा चुनाव 2025 के चार महीने बीत जाने के बाद भी भाजपा अपने विधायक दल के नेता का चयन नहीं कर पाई है। इस देरी के कारण संवैधानिक पदों पर नियुक्तियाँ प्रभावित हो रही हैं। सर्वोच्च न्यायालय ने भी भाजपा को निर्देश दिया है कि दो सप्ताह के भीतर विधायक दल के नेता का नाम घोषित किया जाए।


तीन प्रमुख नामों पर चर्चा

  1. बाबूलाल मरांडी:
    • झारखंड के पहले मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता।
    • पार्टी में अनुभव और लोकप्रियता के आधार पर सबसे मजबूत दावेदार।
    • संगठन पर मजबूत पकड़, लेकिन विपक्ष की ओर से कटाक्ष का सामना कर रहे हैं।
  2. सीपी सिंह:
    • पूर्व विधानसभा अध्यक्ष।
    • भाजपा के वरिष्ठ नेता और रांची सीट से कई बार विधायक।
    • विधानसभा प्रक्रियाओं और संवैधानिक मामलों का गहरा अनुभव।
  3. डॉ. नीरा यादव:
    • पार्टी की महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने की संभावना।
    • पार्टी में उनकी सक्रियता और पिछड़ा वर्ग से आने का फायदा।
    • विपक्ष पर कटाक्ष करने और महिला सशक्तिकरण का उदाहरण पेश करने की रणनीति।

सत्तारूढ़ JMM का हमला

झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी विपक्ष में रहकर भी संवैधानिक जिम्मेदारियों को निभाने में विफल हो रही है।

  • JMM ने इसे भाजपा की आंतरिक गुटबाजी का परिणाम बताया।
  • साथ ही, इसे संवैधानिक प्रक्रियाओं में जानबूझकर देरी करने की कोशिश करार दिया।

संवैधानिक संकट का प्रभाव

  • सूचना आयुक्त की नियुक्ति में बाधा:
    • समिति में नेता प्रतिपक्ष का शामिल होना आवश्यक है।
    • भाजपा के नेता का चयन न होने से सूचना आयुक्तों की नियुक्ति रुकी हुई है।
  • भाजपा की साख पर सवाल:
    • संवैधानिक प्रक्रियाओं में देरी से विपक्ष को भाजपा की कार्यक्षमता पर सवाल उठाने का अवसर मिला है।

क्या कह रहा है सर्वोच्च न्यायालय?

सुप्रीम कोर्ट ने भाजपा को सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि दो सप्ताह के भीतर विधायक दल का नेता घोषित किया जाए। इस समय सीमा का पालन न करने पर भाजपा को और आलोचना झेलनी पड़ सकती है।


निष्कर्ष

भाजपा के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वह जल्द से जल्द विधायक दल के नेता का चयन कर संवैधानिक संकट को खत्म करे। पार्टी के भीतर बाबूलाल मरांडी के नाम पर सहमति बनने की संभावना सबसे ज्यादा है, लेकिन आंतरिक गुटबाजी और रणनीतिक फैसले इस प्रक्रिया में देरी का कारण बन रहे हैं।

करियर काउंसलिंग की आड़ में कई लड़कियों से यौन शोषण: नागपुर के मनोचिकित्सक की गिरफ्तारी, पत्नी भी आरोपी

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नागपुर: महाराष्ट्र के नागपुर में एक मनोचिकित्सक की काली करतूतों का पर्दाफाश हुआ है। करियर काउंसलिंग के नाम पर कई युवतियों और नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण करने, वीडियो-फोटो के जरिये ब्लैकमेल करने और उन्हें धमकाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसकी पत्नी को सह-आरोपी बनाया गया है।

मामले का खुलासा कैसे हुआ?

पुलिस के अनुसार, यह मामला तब उजागर हुआ जब एक युवती ने ब्लैकमेलिंग और धमकियों से परेशान होकर नवंबर 2024 में शिकायत दर्ज कराई। आरोपी ने करीब 10 साल पहले काउंसलिंग के दौरान ली गई युवती की तस्वीरों का इस्तेमाल कर उसे धमकाना शुरू किया था। पुलिस ने मामले की जांच के बाद आरोपी को पॉक्सो एक्ट और यौन उत्पीड़न के तहत गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस जांच में मिले पुख्ता सबूत

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के कार्यालय से एक हार्ड डिस्क जब्त की। इसमें कई युवतियों और नाबालिग लड़कियों के आपत्तिजनक फोटो और वीडियो पाए गए।

  • आरोपी ने करियर काउंसलिंग के बहाने इन युवतियों का शोषण किया।
  • आपत्तिजनक सामग्री के जरिये उन्हें ब्लैकमेल करता रहा।

पुलिस की जांच और आरोपी की पत्नी की भूमिका

  • पुलिस ने आरोपी की पत्नी को सह-आरोपी बनाया है।
  • पत्नी को अपने पति की आपराधिक गतिविधियों की जानकारी थी, लेकिन उसने इसे रोकने की कोशिश नहीं की।
  • पुलिस उसकी संलिप्तता की भी जांच कर रही है।

पीड़ित छात्राओं से संपर्क

नागपुर पुलिस ने पिछले कुछ वर्षों में आरोपी के पास आने वाली सभी छात्राओं की सूची बनाकर उनसे संपर्क करना शुरू कर दिया है।

  • 4 जनवरी को दो और पीड़ितों ने हिम्मत जुटाकर मामले में शिकायत दर्ज कराई।
  • अब तक आरोपी के खिलाफ तीन मामले दर्ज हो चुके हैं।

विशेष समिति का गठन

नागपुर के पुलिस आयुक्त रवींद्र सिंघल ने बताया कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष समिति का गठन किया गया है।

  • समिति में महिला पुलिस अधिकारी, महिला एवं बाल कल्याण अधिकारी और महिला काउंसलर शामिल हैं।
  • यह जांच कर रही है कि अन्य पीड़ितों के साथ भी ऐसा हुआ है या नहीं।

आरोपी और सेंटर का नाम सार्वजनिक न करने का फैसला

पुलिस ने आरोपी का नाम और उसके काउंसलिंग सेंटर की जानकारी सार्वजनिक न करने का निर्णय लिया है।

  • ऐसा इसलिए किया गया है ताकि पीड़ित, जिनमें से कई अब शादीशुदा और खुशहाल जीवन जी रही हैं, की पहचान उजागर न हो।

निष्कर्ष

इस घटना ने काउंसलिंग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में विश्वास को झकझोर दिया है। नागपुर पुलिस मामले की तह तक पहुंचने और पीड़ितों को न्याय दिलाने की कोशिश कर रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की करतूतों के और भी मामले सामने आ सकते हैं।

L&T प्रमुख के ’90 घंटे काम’ बयान पर विवाद: HR हेड ने किया बचाव

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नई दिल्ली: इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन क्षेत्र की दिग्गज कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (L&T) के चेयरमैन एसएन सुब्रमण्यन के “सप्ताह में 90 घंटे काम” वाले बयान पर बहस तेज हो गई है। इस टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी आलोचना हो रही है। हालांकि, इस विवाद के बीच L&T की मानव संसाधन (HR) प्रमुख सोनिका मुरलीधरन ने सुब्रमण्यन का बचाव किया है।

HR हेड का बयान

सोनिका ने लिंक्डइन पर पोस्ट कर कहा कि सुब्रमण्यन की टिप्पणी को संदर्भ से बाहर लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बयान हल्के-फुल्के अंदाज में किया गया था और इसे गलत तरीके से समझा गया।

  • संदर्भ के बाहर टिप्पणी: सोनिका ने कहा कि यह टिप्पणी कंपनी की आंतरिक बैठक के दौरान हुई थी। न ही सुब्रमण्यन ने 90 घंटे काम का आदेश दिया और न ही ऐसा कोई सुझाव दिया।
  • कर्मचारियों की भलाई पर जोर: HR प्रमुख ने कहा कि सुब्रमण्यन कर्मचारियों की भलाई का ध्यान रखते हैं और उन्हें कंपनी का परिवार मानते हैं।

सुब्रमण्यन का कथित बयान

हाल ही में वायरल हुए एक वीडियो में सुब्रमण्यन ने कर्मचारियों से कहा:

“आप अपनी पत्नी को कितनी देर तक निहार सकते हैं? मुझे अफसोस है कि मैं आपसे रविवार को काम नहीं करवा पा रहा। अगर मैं रविवार को काम करवा सकूं, तो मुझे और खुशी होगी, क्योंकि मैं खुद रविवार को काम करता हूं।”

सोशल मीडिया पर आलोचना

सुब्रमण्यन के इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया हुई।

  • 90 घंटे के कार्य सप्ताह की वकालत: लोगों ने इस सुझाव को अव्यावहारिक और कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताया।
  • कार्य-जीवन संतुलन पर सवाल: कई लोगों ने कार्य-जीवन संतुलन पर जोर देते हुए इस बयान की आलोचना की।

सोनिका मुरलीधरन की टिप्पणी

HR प्रमुख ने लिखा कि सुब्रमण्यन जैसे लीडर कंपनी में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्रेरित करते हैं। उनके प्रयासों को सराहना मिलनी चाहिए, न कि आलोचना।

निष्कर्ष

यह विवाद नेतृत्व की व्याख्या और काम के घंटे को लेकर चर्चा को हवा दे रहा है। जहां सुब्रमण्यन के बयान को कई लोग कर्मचारियों के प्रति असंवेदनशील मान रहे हैं, वहीं HR प्रमुख ने इसे गलतफहमी बताया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि L&T इस विवाद से कैसे निपटता है और क्या सुब्रमण्यन इस पर कोई सफाई पेश करते हैं।

महाकुंभ 2025: कैलाशानंद की शिष्याएं हर्षा और पॉवेल बनीं चर्चा का केंद्र

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प्रयागराज: महाकुंभ 2025 का आयोजन प्रयागराज में 144 साल बाद हो रहा है। 13 जनवरी से शुरू हुए इस महाकुंभ में मकर संक्रांति के अमृत स्नान पर चार करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई। इस धार्मिक आयोजन के भव्य प्रबंधन की जमकर तारीफ हो रही है, लेकिन महाकुंभ में दो खास शिष्याएं, हर्षा और लॉरेन पॉवेल जॉब्स, भी सुर्खियां बटोर रही हैं।

स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन पॉवेल का कल्पवास

  • भारत आगमन: एप्पल के को-फाउंडर स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन पॉवेल जॉब्स महाकुंभ में आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि के सानिध्य में कल्पवास कर रही हैं।
  • गंगा और हिंदू संस्कृति: उन्होंने गंगा स्नान, ध्यान और दान के जरिए हिंदू संस्कृति को समझने की कोशिश की है।
  • नाम और गोत्र: कैलाशानंद गिरि ने लॉरेन को “कमला” नाम और अपना गोत्र प्रदान किया है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि लॉरेन हिंदू धर्म नहीं अपना रही हैं, बल्कि इसे महसूस करने और जानने का प्रयास कर रही हैं।
  • सोशल मीडिया पर चर्चा: दुनिया की सबसे अमीर महिलाओं में शामिल लॉरेन की महाकुंभ में उपस्थिति ने मीडिया और सोशल मीडिया पर खूब ध्यान आकर्षित किया।

भोपाल की हर्षा बनीं महाकुंभ की सेंसेशन

  • कौन हैं हर्षा? हर्षा रिछारिया भोपाल की एक इंफ्लुएंसर हैं, जो कुछ महीने पहले कैलाशानंद गिरि से जुड़ीं। हाल ही में हरिद्वार और ऋषिकेश में उन्हें देखा गया था।
  • महाकुंभ में पहचान: संतों के रथ पर उनकी उपस्थिति ने उन्हें मीडिया की नजरों में ला दिया। लोगों ने उन्हें संत समझ लिया, हालांकि उन्होंने बाद में स्पष्ट किया कि वह केवल कैलाशानंद गिरि की शिष्या हैं।
  • आर्टिफिशियल जटाओं का खुलासा: हर्षा ने स्वीकार किया कि उनके बालों में लगी जटाएं असली नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल हैं। संतों की असली जटाएं बनने में वर्षों का समय लगता है।
  • फॉलोअर्स में जबरदस्त इजाफा: महाकुंभ में चर्चा में आने के बाद हर्षा के इंस्टाग्राम फॉलोअर्स एक दिन में 9 लाख से बढ़कर 1.3 मिलियन हो गए।

अखाड़ा परिषद का दृष्टिकोण

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी ने कहा, “शिष्य और संत में अंतर समझना चाहिए। शिष्य कोई भी हो सकता है, जरूरी नहीं कि भगवा वस्त्र पहनने वाला संत ही हो। गृहस्थी भी संत बन सकता है। महाकुंभ में आने वाले लोग विविध भूमिकाओं में हैं।”

निष्कर्ष

महाकुंभ 2025 न केवल धार्मिकता और संस्कृति का संगम है, बल्कि इसमें दुनिया भर से आने वाले व्यक्तियों की अनोखी कहानियों का केंद्र भी है। हर्षा और लॉरेन पॉवेल जैसी हस्तियों ने महाकुंभ को एक नई चर्चा का विषय बना दिया है।

रांची के हिंदपीढ़ी से गायब नाबालिग लड़कियां कर्नाटक से मिलीं, अपहरण का मामला दर्ज

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रांची: राजधानी के हिंदपीढ़ी इलाके से 11 जनवरी को रहस्यमय तरीके से गायब हुईं दो नाबालिग लड़कियों को कर्नाटक से बरामद किया गया है। रांची पुलिस ने उनकी बरामदगी की पुष्टि की है। दोनों लड़कियां सुरक्षित हैं और पुलिस टीम उन्हें रांची वापस ला रही है।

घटना का विवरण:

  • गायब होने की तारीख: 11 जनवरी की शाम से दोनों नाबालिग लापता थीं।
  • आखिरी संपर्क: लड़कियां आधार कार्ड सुधारने के लिए घर से निकली थीं और ऑटो से लौटते समय संदिग्ध हालात में गायब हो गईं।
  • एफआईआर दर्ज: परिजनों ने अपहरण की आशंका जताते हुए अज्ञात ऑटो चालकों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया था।

पुलिस कार्रवाई:

  • टीम का गठन: घटना की गंभीरता को देखते हुए आईजी रांची के निर्देश पर एक विशेष टीम बनाई गई।
  • टेक्निकल ट्रेसिंग: पुलिस ने तकनीकी सेल की मदद से लड़कियों की लोकेशन कर्नाटक में ट्रेस की।
  • बरामदगी: रांची पुलिस ने कर्नाटक पुलिस की सहायता से दोनों लड़कियों को बरामद किया।

गुमशुदगी का कारण:

  • लड़कियां आधार कार्ड ठीक कराने के बाद हिंदपीढ़ी लौट रही थीं।
  • ऑटो चालक ने उन्हें गलत रास्ते पर ले जाना शुरू किया, जिससे उन्हें संदेह हुआ।
  • लड़कियों ने अपने पिता को कॉल कर घटना की जानकारी दी, लेकिन बातचीत के दौरान चालक ने मोबाइल छीन लिया।
  • इसके बाद से लड़कियों का कोई संपर्क नहीं हो सका।

मामला तूल पकड़ा:

घटना के बाद राजधानी में हड़कंप मच गया था।

  • मंत्री का हस्तक्षेप: राज्य सरकार के मंत्री इरफान अंसारी ने परिजनों से मुलाकात की और भरोसा दिलाया कि प्रशासन हरसंभव प्रयास करेगा।
  • पुलिस का बयान: रांची पुलिस ने जनता को भरोसा दिया था कि लड़कियां जल्द बरामद होंगी।

अगले कदम:

पुलिस लड़कियों के रांची पहुंचने के बाद विस्तृत जांच करेगी।

  • यह स्पष्ट किया जाएगा कि यह अपहरण का मामला है या कुछ और।
  • घटना के सभी पहलुओं की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

निष्कर्ष:

इस घटना ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से लड़कियों को सुरक्षित बरामद कर लिया गया है, लेकिन यह मामला इस बात का संकेत है कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।

बिहार सरकार के मंत्री को धमकी: 30 लाख की फिरौती का व्हाट्सएप कॉल, पुलिस जांच में जुटी

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पटना: बिहार सरकार के श्रम संसाधन मंत्री संतोष कुमार सिंह को व्हाट्सएप कॉल और धमकी भरे मैसेज के जरिए 30 लाख रुपये की मांग की गई है। धमकी देने वाले ने कहा कि अगर पैसे नहीं दिए तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा। इस घटना के बाद पुलिस सतर्क हो गई है और जांच में जुटी है।


धमकी का विवरण

मंत्री को व्हाट्सएप पर कॉल के जरिए धमकी दी गई, जिसमें कहा गया:

  • “अगर अपनी जिंदगी चाहते हो तो 30 लाख रुपये भेज दो, वरना कहीं भी टपका दिया जाएगा।”
  • धमकी देने वाले ने मंत्री की गाड़ी का नंबर 00011 का जिक्र करते हुए कहा, “जिस गाड़ी में बैठोगे, वहीं मार दिया जाएगा।”
  • मैसेज में लिखा गया कि, “जैसे तेरा बाबा सिद्दीकी का मर्डर हुआ, वैसे ही तेरा भी होगा।”
  • धमकी देने वाले ने 2 बजे तक का समय दिया और कहा कि यह बात पार्टी के अन्य सदस्यों को भी बता दी जाए।

पुलिस की कार्रवाई

  • धमकी मिलने के तुरंत बाद मंत्री ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई।
  • कोतवाली थाना प्रभारी राजन कुमार ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू की।
  • लॉ एंड ऑर्डर डीएसपी कृष्ण मुरारी प्रसाद ने बताया कि मैसेज और कॉल की जांच की जा रही है।
  • तकनीकी जांच के जरिए कॉल और मैसेज के स्रोत का पता लगाया जा रहा है।

पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां

  • हाल ही में पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव को भी धमकी दी गई थी।
  • मंत्री को मिली धमकी से यह स्पष्ट है कि राज्य में ऐसी घटनाओं का सिलसिला बढ़ रहा है।

मंत्री और प्रशासन का रुख

मंत्री संतोष कुमार सिंह ने मामले को लेकर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर शीघ्र ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।


यह घटना न केवल राज्य प्रशासन के लिए चुनौती है, बल्कि जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा पर भी सवाल उठाती है।

मंईयां सम्मान योजना में गड़बड़ियों को दूर करने के लिए शिकायत सेल का गठन, WhatsApp नंबर भी जारी

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गिरिडीह: जिले के बगोदर प्रखंड में मंईयां सम्मान योजना के तहत लाभुकों को हो रही समस्याओं को दूर करने के लिए प्रशासन ने शिकायत सेल का गठन किया है। योजना का लाभ पाने में आ रही दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।


क्या है समस्या?

मंईयां सम्मान योजना के लाभार्थियों को फॉर्म भरने में हुई त्रुटियों और तकनीकी खामियों के कारण पेमेंट फेल या लंबित हो रहा है। लगभग 36,000 लाभुकों में से कई इस योजना का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।


शिकायत सेल की व्यवस्था

  • शिकायतों का निष्पादन करने के लिए बगोदर प्रखंड कार्यालय परिसर में शिकायत सेल की स्थापना की गई है।
  • सेल में चार कर्मचारी तैनात किए गए हैं:
    • प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी रामचंद्र दांगी
    • लिपिक रोहित कुमार
    • कंप्यूटर ऑपरेटर गोबिंद प्रसाद वर्मा
    • कंप्यूटर ऑपरेटर संजीव कुमार सिंह
  • ये कर्मचारी लाभुकों की शिकायतें सुनकर उन्हें समाधान प्रदान करेंगे।

WhatsApp नंबर जारी

लाभार्थी अपनी शिकायतें सीधे WhatsApp पर दर्ज करा सकते हैं। शिकायत दर्ज करने के लिए निम्नलिखित नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है:

  • 7004044790
  • 8252798684
  • 9123496132

बीडीओ की जानकारी

प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीडीओ निशा कुमारी ने बताया कि योजना के लाभार्थियों को जल्द से जल्द समाधान प्रदान करना प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि फॉर्म भरने के दौरान की गई त्रुटियों और तकनीकी गड़बड़ियों को ठीक किया जा रहा है।


लाभुकों के लिए निर्देश

लाभार्थियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी शिकायतों के लिए दिए गए नंबरों पर संपर्क करें और आवश्यक जानकारी प्रदान करें। इससे उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान हो सकेगा।


यह पहल मंईयां सम्मान योजना के लाभुकों को उनके अधिकार दिलाने और प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

महाकुंभ 2025: विदेशी श्रद्धालुओं ने किया अमृत स्नान, बोले- अनुभव अद्भुत और अनुपम

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प्रयागराज: महाकुंभ 2025 के पहले शाही स्नान में त्रिवेणी संगम पर आस्था का महासागर उमड़ा। साधु-संतों, देशी और विदेशी श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम में डुबकी लगाकर अमृत स्नान का आनंद लिया। इस आध्यात्मिक आयोजन में हजारों लोग शांति, पवित्रता, और आत्मिक ऊर्जा की तलाश में खिंचे चले आए।


विदेशी श्रद्धालुओं की अनोखी अनुभूतियां

  • रूस की जेरेमी: सात वर्षों से सनातन धर्म का पालन कर रहीं जेरेमी ने गंगा-यमुना के संगम में डुबकी लगाकर इसे तर्क और विश्वास का धर्म बताया। उन्होंने कहा, “यह अनुभव मेरी आत्मा को शांति देने वाला है।”
  • पोलैंड की क्लाउडिया: उन्होंने इसे जीवन का सबसे अद्भुत अनुभव बताया। क्लाउडिया ने कहा, “यहां की आध्यात्मिक ऊर्जा और आनंद को मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकती।”
  • ऑस्ट्रेलिया की मंजरिका: भारत में 40 दिन से रह रहीं मंजरिका ने कहा कि महाकुंभ में आने का उनका सपना पूरा हुआ। उन्होंने इसे एक अनोखा और दुर्लभ अनुभव बताया।
  • जापान के मसाजी और मिसाकी: मसाजी, जो दूसरी बार कुंभ में आए हैं, ने इसे मंत्रमुग्ध करने वाला अनुभव बताया। मिसाकी ने कहा, “यहां आकर मुझे शांति का एहसास हो रहा है।”
  • साउथ अफ्रीका की निक्की: निक्की ने बताया कि अमृत स्नान से उन्हें अद्भुत शक्ति मिली। उन्होंने संगम के स्वच्छ और सकारात्मक वातावरण की प्रशंसा की।
  • स्पेन के जोस और उनके दोस्त: जोस ने कहा, “अमृत स्नान करने से हमें नई ऊर्जा और शांति की अनुभूति हुई। यह यात्रा हमारी आत्मा के लिए धन्यकारी है।”

आध्यात्मिकता और उत्सव का संगम

माना जाता है कि मकर संक्रांति के दिन त्रिवेणी संगम में स्नान करना अमृतपान के समान है। विदेशी श्रद्धालुओं ने भारत की संस्कृति, आध्यात्मिकता, और मिलनसार लोगों की जमकर प्रशंसा की।


महाकुंभ के इस भव्य आयोजन ने न केवल देशवासियों बल्कि पूरी दुनिया के श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक आनंद प्रदान किया। यह आयोजन भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म की वैश्विक पहचान को और अधिक मजबूत बना रहा है

सड़क हादसे में पूर्व मंत्री राजा पीटर बाल-बाल बचे, पुलिस ने कंटेनर जब्त कर चालक को पकड़ा

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खूंटी: झारखंड के पूर्व मंत्री राजा पीटर एक सड़क हादसे में बाल-बाल बच गए। यह हादसा रांची-टाटा मुख्य मार्ग पर तमाड़ थाना क्षेत्र के पास हुआ। राजा पीटर की गाड़ी को एक कंटेनर ने जोरदार टक्कर मारी और मौके से फरार हो गया। हालांकि, पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कंटेनर को जब्त कर लिया और चालक व खलासी को हिरासत में ले लिया है।


कैसे हुआ हादसा?

राजा पीटर अपने होटल से बुंडू स्थित एसबीआई बैंक जा रहे थे। जब उनकी गाड़ी पोड़ाडीह कांची पुल के पास सिंगल लेन में प्रवेश कर रही थी, तभी सामने से आ रहे कंटेनर ने गाड़ी को जोरदार टक्कर मार दी। गाड़ी का ड्राइवर साइड बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन गाड़ी में सवार राजा पीटर और उनके अंगरक्षक सुरक्षित बच गए।


पुलिस की त्वरित कार्रवाई

घटना की सूचना पाकर तमाड़ थाना प्रभारी रोशन कुमार झा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने कंटेनर का पीछा कर उसे जब्त कर लिया। चालक और खलासी, जो हरियाणा के रहने वाले हैं, को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।


राजा पीटर ने क्या कहा?

राजा पीटर ने हादसे के बाद बताया कि टक्कर इतनी तेज थी कि गाड़ी का एक हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, इस दुर्घटना में किसी को चोट नहीं आई, सिर्फ गाड़ी को नुकसान हुआ है।


एफआईआर नहीं दर्ज

फिलहाल राजा पीटर ने घटना को लेकर थाने में कोई लिखित शिकायत (एफआईआर) नहीं दी है। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दुर्घटना के पीछे चालक की गलती थी या कोई अन्य कारण।


निष्कर्ष

यह हादसा एक बड़ा हादसा हो सकता था, लेकिन गनीमत रही कि राजा पीटर और उनके साथियों को कोई चोट नहीं आई। पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से हादसे के बाद अपराधी फरार नहीं हो सके। मामले में जांच जारी है।

पलामू: शराब दुकान में 45 लाख का घोटाला, ऑडिट से बचने के लिए रच दी चोरी की साजिश

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पलामू (PALAMU): हुसैनाबाद थाना क्षेत्र में एक सरकारी शराब दुकान में 45 लाख रुपये की शराब घोटाले का मामला सामने आया है। दुकान के मैनेजर और उसके साथियों ने चोरी की एक साजिश रचकर इसे छिपाने की कोशिश की। लेकिन पुलिस की सतर्कता से मामले का खुलासा हुआ और पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।


कैसे रचा गया चोरी का नाटक?

घटना 9 जनवरी की है, जब शराब दुकान में चोरी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। पुलिस को बताया गया कि दो हथियारबंद व्यक्ति दुकान में घुसे और कर्मचारियों को बंधक बनाकर चोरी की घटना को अंजाम दिया।

जांच के दौरान, पुलिस को संदेह हुआ कि यह पूरी वारदात पहले से प्लान की गई थी। दुकान के तीन कर्मचारी – रणधीर कुमार, अभय कुमार, और विकास कुमार ने मिलकर यह साजिश रची। उन्होंने पंकज सिंह और विपिन सिंह की मदद से दुकान में चोरी का नाटक किया ताकि ऑडिट से पहले घोटाले को छिपाया जा सके।


पुलिस की जांच और गिरफ्तारी

पलामू एसपी रिश्मा रमेशन ने बताया कि मामला दर्ज होने के बाद टेक्निकल सेल की मदद से जांच शुरू की गई। जब तीनों कर्मचारियों से सख्ती से पूछताछ की गई, तो उन्होंने घोटाले और चोरी की पूरी साजिश कबूल कर ली।

पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और उनके पास से 62,600 रुपये नकद, एक पिस्टल, और एक जिंदा गोली बरामद की है।


ऑडिट से बचने की कोशिश थी मकसद

जांच में यह खुलासा हुआ कि दुकान में काम करने वाले कर्मचारी लंबे समय से शराब और पैसे का गबन कर रहे थे। ऑडिट की जानकारी मिलने पर, उन्होंने चोरी की योजना बनाई ताकि घोटाले को छिपाया जा सके।


मामले का खुलासा और कार्रवाई

पुलिस की त्वरित कार्रवाई से यह साजिश नाकाम हो गई। सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है, और मामले की तह तक जाने के लिए जांच जारी है।

यह घटना न केवल सार्वजनिक धन के दुरुपयोग को उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि जिम्मेदार पदों पर कार्यरत लोग किस तरह साजिश रचकर कानून को चकमा देने की कोशिश करते हैं।

हजारीबाग: डीसी कार्यालय के कर्मचारी पिंटू नायक की गोली मारकर हत्या, ग्रामीणों में दहशत

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हजारीबाग: जिले के डीसी कार्यालय के कोषागार में कार्यरत 35 वर्षीय पिंटू नायक की कसमार थाना क्षेत्र के मधुकरपुर में गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना सोमवार रात करीब 11 बजे की है, जब दो अपराधी छत के रास्ते उनके घर में घुसे और सीने में दो गोलियां मारकर उनकी जान ले ली।


घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत

हत्या की इस वारदात के बाद ग्रामीणों में डर और आक्रोश का माहौल है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए तेनुघाट सदर अस्पताल भेज दिया है।


पुलिस की जांच जारी

पुलिस घटना की जांच में जुट गई है और अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए सघन प्रयास कर रही है। घटना का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं है।


इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई

वारदात के बाद इलाके में पुलिस की पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों ने इस घटना पर चिंता जताते हुए जल्द से जल्द अपराधियों को पकड़ने की मांग की है।


पिंटू नायक की हत्या ने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस के लिए यह घटना एक चुनौती बन गई है, और ग्रामीण जल्द न्याय की उम्मीद कर रहे हैं।

महाकुंभ 2025: संगम पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, डेढ़ करोड़ ने लगाई डुबकी

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प्रयागराज: महाकुंभ 2025 का शुभारंभ पौष पूर्णिमा के पहले स्नान के साथ भव्य तरीके से हुआ। सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया था, और दोपहर 2 बजे तक 44 घाटों पर डेढ़ करोड़ से अधिक भक्तों ने पवित्र संगम में डुबकी लगाई। यह आयोजन 144 साल बाद दुर्लभ खगोलीय संयोग में हो रहा है, जो इसे और खास बनाता है।


संगम तक 12 किमी की पैदल यात्रा

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते प्रशासन ने वाहनों की एंट्री पर रोक लगा दी है। भक्त रेलवे स्टेशन और बस अड्डों से 10-12 किलोमीटर पैदल चलकर संगम तक पहुंच रहे हैं। संगम पर एंट्री के सभी रास्ते श्रद्धालुओं से पटे पड़े हैं।


विदेशी भक्तों की भी मौजूदगी

महाकुंभ में केवल भारत ही नहीं, बल्कि जर्मनी, ब्राजील, रूस जैसे 20 से अधिक देशों से श्रद्धालु पहुंचे हैं। ब्राजील से आए फ्रांसिस्को ने कहा,

“मैं योग का अभ्यास करता हूं और मोक्ष की तलाश में हूं। भारत दुनिया का आध्यात्मिक केंद्र है। जय श्रीराम।”


प्रशासन की विशेष तैयारी

सुरक्षा और व्यवस्था को बनाए रखने के लिए 60,000 जवानों की तैनाती की गई है। कमांडो और पैरामिलिट्री फोर्स के जवान भी विभिन्न जगहों पर तैनात हैं। पुलिसकर्मी स्पीकर के माध्यम से भीड़ को नियंत्रित कर रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह विशेष व्यवस्था की गई है।


महाकुंभ से जुड़ी दो खास बातें

  1. स्टीव जॉब्स की पत्नी की भागीदारी: एपल के को-फाउंडर स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन पॉवेल जॉब्स भी महाकुंभ में पहुंचीं। उन्होंने निरंजनी अखाड़े में अनुष्ठान किया और कल्पवास करने की तैयारी में हैं।
  2. गूगल का अनूठा फीचर: महाकुंभ की लोकप्रियता को देखते हुए गूगल ने एक खास फीचर लॉन्च किया है। ‘महाकुंभ’ सर्च करते ही स्क्रीन पर वर्चुअल फूलों की बारिश होती है।

कल्पवास की शुरुआत

पहले स्नान के साथ ही श्रद्धालुओं ने 45 दिनों के कल्पवास का भी संकल्प लिया। हर घंटे संगम में करीब 2 लाख लोग स्नान कर रहे हैं।


महाकुंभ 2025 श्रद्धा और आस्था का ऐसा संगम बन चुका है, जहां हर कोने से भक्तों का सैलाब उमड़ रहा है। सुरक्षा और सुविधाओं की पुख्ता तैयारी के बीच यह आयोजन भारत की आध्यात्मिक समृद्धि को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित कर रहा है।

डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण में शामिल होंगे भारत के ‘चाणक्य’, अमेरिका की नई सरकार से बढ़ाएंगे दोस्ती: एस. जयशंकर

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वॉशिंगटन: अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 20 जनवरी को 47वें राष्ट्रपति के तौर पर शपथ लेंगे। इस दौरान उपराष्ट्रपति जेडी वैंस भी शपथ लेंगे। इस ऐतिहासिक अवसर पर भारत को भी शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया गया है। भारत की ओर से विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर अमेरिका जाएंगे और इस समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।


विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर की महत्वपूर्ण यात्रा

भारत सरकार के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस यात्रा के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर अमेरिका का दौरा करेंगे और डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेंगे। इस दौरान डॉ. जयशंकर नए अमेरिकी प्रशासन के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे। यह यात्रा भारत और अमेरिका के रिश्तों को और भी मजबूत करने का महत्वपूर्ण अवसर होगी।


भारत-अमेरिका संबंधों में मजबूती की दिशा में कदम

विदेश मंत्री की इस यात्रा से भारत-अमेरिका संबंधों को नया आयाम मिलेगा। डॉ. जयशंकर की कूटनीति को लेकर कई बार उन्हें भारत के ‘चाणक्य’ के रूप में संदर्भित किया गया है। उनकी रणनीतिक सोच और कूटनीतिक कौशल दोनों देशों के रिश्तों को और प्रगाढ़ बनाने में मदद करेगा।


शपथ ग्रहण समारोह का विवरण

डोनाल्ड ट्रंप दूसरी बार अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेंगे। यह समारोह कैपिटल बिल्डिंग के सामने होगा, जहां अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ट्रंप को शपथ दिलाएंगे। शपथ के बाद ट्रंप अपने पहले भाषण में अमेरिकी जनता से संवाद करेंगे। इस अवसर पर निवर्तमान राष्ट्रपति जो बाइडन भी शामिल होंगे और सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया का गवाह बनेंगे। गौरतलब है कि साल 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप को हार का सामना करना पड़ा था, और तब उन्होंने बाइडन के शपथ ग्रहण समारोह में भाग नहीं लिया था।


विशेष अतिथि और समागम

इस विशेष शपथ ग्रहण समारोह में कई वैश्विक नेताओं को आमंत्रित किया गया है। इनमें अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिली और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी शामिल हैं। इस अवसर पर जो बाइडन अपने आखिरी संबोधन में अमेरिकी नागरिकों को संबोधित करेंगे।


निष्कर्ष

डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में भारत की सहभागिता और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर की यात्रा दोनों देशों के रिश्तों में नई ऊर्जा का संचार करेगी। यह यात्रा अमेरिका और भारत के बीच राजनयिक, आर्थिक, और वैश्विक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

BPSC: बिहार बंद में तोड़फोड़ के लिए पप्पू यादव पर एफआईआर, पटना में हुआ था बवाल

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पटना: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर रविवार को बिहार बंद के दौरान पटना में हुई तोड़फोड़ के मामले में पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इस मामले में पुलिस ने 10 लोगों को गिरफ्तार भी किया है।


क्या था मामला?

बीपीएससी की 70वीं परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों के कारण पप्पू यादव और उनके समर्थकों ने बिहार बंद बुलाया था। इस बंद का प्रभाव पटना, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा जैसे कुछ प्रमुख शहरों में देखा गया। आरोप है कि पप्पू यादव के समर्थकों ने पटना में एक गाड़ी में तोड़फोड़ की और एक शोरूम को जबरन बंद कराया। इसके बाद इस मामले को लेकर एफआईआर दर्ज की गई और पुलिस ने जांच शुरू कर दी।


पप्पू यादव पर एफआईआर

पटना के एक शोरूम में तोड़फोड़ करने के आरोप में पप्पू यादव समेत उनके समर्थकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। रविवार को पटना के डीएम ने बताया कि इस घटना में शामिल 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन 10 लोगों में पप्पू यादव भी शामिल हैं। पुलिस ने तोड़फोड़ और हिंसा के आरोप में कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है।


बंद के दौरान पटना में क्या हुआ?

बंद के दौरान पप्पू यादव के समर्थक पटना के साइंस कॉलेज के पास सुबह-सुबह इकट्ठा हुए और उन्होंने गाड़ियों को रोका। इसके बाद अशोक राजपथ पर पुतला दहन किया गया और डाक बंगला चौराहे के पास यातायात को बाधित किया गया। बंद के दौरान अन्य जगहों पर भी प्रदर्शन हुए, लेकिन सबसे ज्यादा बवाल पटना में देखा गया।


सांसद पप्पू यादव का पक्ष

बिहार बंद के आयोजनकर्ता पप्पू यादव ने इस पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि बीपीएससी परीक्षा में हुई अनियमितता को लेकर यह आंदोलन किया गया है और वे इसे पूरी तरह से शांतिपूर्वक करने का दावा कर रहे हैं। हालांकि, पटना में हुई हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाओं को लेकर उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है, जो मामले को और जटिल बना सकता है।


निष्कर्ष

इस मामले ने बिहार में एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। बिहार बंद और इसके बाद की हिंसक घटनाओं ने राज्य सरकार और प्रशासन के लिए चुनौती बढ़ा दी है। अब देखना यह होगा कि पप्पू यादव और उनके समर्थकों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है और इस आंदोलन के परिणाम क्या होते हैं।

IAS अफसर के घर मिला कुबेर का खजाना, ED को छापे में मिले थे हीरे

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ED Raid: हाल ही में एक रिटायर्ड आईएएस अधिकारी से जुड़ा मामला सामने आया है, जिसमें उनके घर से करोड़ों रुपये के हीरे और सोने का भंडार बरामद हुआ। इस मामले में IAS अधिकारी मोहिंदर सिंह का नाम जुड़ा है, जो उत्तर प्रदेश कैडर के अधिकारी रहे थे और नोएडा डेवलेपमेंट अथॉरिटी (Noida Development Authority) के सीईओ के रूप में कार्य कर चुके हैं।


आईएएस अधिकारी का संदिग्ध मामला

यह मामला उस समय चर्चा में आया जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने लोटस 300 घोटाले के संबंध में कई स्थानों पर छापेमारी की। इस घोटाले का अनुमानित मूल्य लगभग 300 करोड़ रुपये था। छापेमारी के दौरान, चंडीगढ़ स्थित मोहिंदर सिंह के घर से भारी मात्रा में सोने और हीरों की खेप मिली, जिसे देखकर अधिकारियों के होश उड़ गए।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, छापेमारी में 12 करोड़ रुपये के हीरे और सोने की बरामदगी हुई, जिससे यह घोटाला और भी गंभीर हो गया।


मोहिंदर सिंह की आईएएस यात्रा

मोहिंदर सिंह ने 1977 में यूपीएससी परीक्षा पास की और 1978 बैच के आईएएस अधिकारी बने। लगभग 34 साल तक सेवा देने के बाद, उन्होंने 31 जुलाई 2012 को रिटायरमेंट लिया। यूपी में उन्होंने अपने करियर की ऊंचाइयों को छुआ और उन्हें मायावती सरकार में एक प्रमुख भूमिका मिली। इस दौरान उन्हें नोएडा डेवलेपमेंट अथॉरिटी का सीईओ भी बनाया गया।


विभिन्न घोटालों में नाम आने से चर्चाओं में

मोहिंदर सिंह का नाम न केवल सुपरटेक और आम्रपाली बिल्डर जैसे घोटालों में सामने आया है, बल्कि नोएडा के विवादित ट्विन टावर घोटाले में भी उनका नाम जुड़ा था। इन घोटालों में 26 अधिकारियों के नाम थे, जिनमें से 20 रिटायर अधिकारी थे।

मोहिंदर सिंह का नाम अब एक और बड़े घोटाले से जुड़ा है, और इस घोटाले के कारण वह फिर से चर्चा में हैं।


निष्कर्ष

ईडी द्वारा की गई इस छापेमारी ने भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग से जुड़ी एक नई परत को उजागर किया है। अब सवाल यह उठता है कि क्या इस घोटाले की गहरी जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।