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नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा से गायब पायलट विवेक परिमल को सरकार ने किया सस्पेंड

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पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर पायलट कैप्टन विवेक परिमल की गैरहाजिरी पर सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया है। कैप्टन परिमल 18 दिनों से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित थे, और उन्होंने अपने मोबाइल नंबर भी बंद कर रखे थे। इस लापरवाही के कारण मुख्यमंत्री की यात्रा में नए पायलट की व्यवस्था करनी पड़ी।

कार्रवाई के कारण:

कैप्टन विवेक परिमल का काम मुख्यमंत्री की यात्रा के लिए हेलिपैड की एनओसी, कोऑर्डिनेट्स, फोटो और वीडियो उपलब्ध कराना था। लेकिन, उनकी गैरमौजूदगी और जिम्मेदारी न निभाने के कारण सरकार को कठिनाई का सामना करना पड़ा।

नियमों के तहत सस्पेंशन:

बिहार सरकार ने बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-9 (1) के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया।

अनुशासनहीनता और लापरवाही:

कैप्टन परिमल, जो राज्य के विशिष्ट व्यक्तियों (राज्यपाल, मुख्यमंत्री आदि) के वायु यात्रा के लिए जिम्मेदार थे, ने अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से नहीं निभाया। उनके पद पर रहते हुए King Air C-90 A/B, VT-EBG जैसे विमान का संचालन सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी थी, जिसे उन्होंने पूरा नहीं किया।

सरकार का रुख:

सरकार ने इस घटना को गंभीर लापरवाही और अनुशासनहीनता मानते हुए कहा है कि इस तरह की लापरवाही न केवल सरकारी कार्यों में बाधा डालती है, बल्कि राज्य के उच्चस्तरीय प्रशासनिक कार्यों को भी प्रभावित करती है।

एलन मस्क की पहली पत्नी जस्टिन ने खोले सफलता के राज: सिर्फ मेहनत नहीं, ‘ना’ कहने की आदत ने दिलाई कामयाबी

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दुनिया के सबसे अमीर इंसान एलन मस्क की कामयाबी के पीछे का राज उनकी पूर्व पत्नी जस्टिन मस्क ने उजागर किया है। उन्होंने बताया कि मस्क न केवल औसत इंसान से अधिक मेहनत करते थे, बल्कि उनकी सफलता का असली मंत्र था “ना कहना सीखना।”

जस्टिन का बयान:
साल 2014 में एक टेडएक्स टॉक में जस्टिन ने कहा, “मेरी शादी एक ऐसे व्यक्ति से हुई थी जो बेहद सफल हुआ। मैंने उनके जीवन में दो प्रमुख चीजें देखीं: उन्होंने असाधारण मेहनत की और वे अक्सर ‘ना’ कहा करते थे।”

जस्टिन के अनुसार, सफल होने के लिए “ना” कहना बेहद जरूरी है। चाहे दिल मना करे, लेकिन बिना इस आदत के सफलता पाना मुश्किल है।

एलन मस्क और जस्टिन का रिश्ता:
एलन और जस्टिन की मुलाकात ओंटारियो की क्वीन्स यूनिवर्सिटी में हुई। दोनों ने साल 2000 में शादी की थी। उनका पहला बच्चा 10 सप्ताह की उम्र में गुजर गया। इसके बाद, आईवीएफ के जरिए उन्होंने पांच और बच्चों का स्वागत किया।

ट्रंप प्रशासन में मस्क को बड़ी जिम्मेदारियों की संभावना:
डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिका का राष्ट्रपति बनने के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि उनके कार्यकाल में एलन मस्क को सरकार की ओर से बड़ी जिम्मेदारियां मिल सकती हैं।

सफलता के सबक:
जस्टिन का यह बयान एक महत्वपूर्ण सबक देता है कि सफलता सिर्फ मेहनत का परिणाम नहीं होती, बल्कि सही समय पर सही निर्णय लेना और अनावश्यक चीजों को ठुकराने की क्षमता भी इसमें बड़ी भूमिका निभाती है।

कोलकाता पुस्तक मेले में VHP को स्टॉल की अनुमति नहीं, हाईकोर्ट ने गिल्ड को लगाई फटकार

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48वें अंतरराष्ट्रीय कोलकाता पुस्तक मेले में विश्व हिंदू परिषद (VHP) को स्टॉल लगाने की अनुमति न दिए जाने का मामला कोर्ट तक पहुंच गया। कलकत्ता हाईकोर्ट ने इस मामले में गिल्ड को फटकार लगाते हुए पूछा कि आखिर VHP को स्टॉल लगाने की अनुमति क्यों नहीं दी गई। न्यायमूर्ति अमृता सिन्हा ने स्पष्ट निर्देश दिया कि VHP को पुस्तक मेले में स्थान दिया जाए।

गिल्ड के वकील ने तर्क दिया कि VHP संवेदनशील पुस्तकों का प्रकाशन करता है और उनका कोई आधिकारिक प्रकाशन हाउस नहीं है। इसके विपरीत, VHP के वकील ने दावा किया कि उनका संगठन ‘विश्व हिंदू बार्ता’ 2011 से पुस्तक मेले में स्टॉल लगाता आ रहा है।

गिल्ड ने इस बार नियमों में बदलाव का हवाला देते हुए VHP की अनुमति को खारिज कर दिया। हालांकि, हाईकोर्ट ने इस दावे को खारिज कर दिया और आयोजकों को निष्पक्षता बरतने की नसीहत दी। न्यायालय के इस फैसले से VHP को पुस्तक मेले में शामिल होने का मौका मिलेगा।

DM इंद्र विक्रम सिंह: जब बैंक अधिकारियों को बंद कर दिया सभागार में

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उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में डीएम के रूप में तैनात इंद्र विक्रम सिंह ने अपने कार्यकाल के दौरान ऐसा साहसिक निर्णय लिया, जो हर जगह चर्चा का विषय बन गया। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना की समीक्षा बैठक में उन्होंने पाया कि बैंक अधिकारियों की लापरवाही के कारण 98 से अधिक लोन प्रकरण लंबित हैं। इस पर उन्होंने अधिकारियों को तुरंत इन मामलों का निपटारा करने का आदेश दिया और निर्देश दिया कि जब तक सभी लंबित मामले सुलझ नहीं जाते, कोई भी अधिकारी सभागार से बाहर नहीं जाएगा।

इतना ही नहीं, उन्होंने सभागार का दरवाजा बंद करवा दिया और सभी बैंक अधिकारियों को निर्देश दिया कि अगर रातभर रुकना पड़े तो भी काम जारी रहेगा। इसके लिए उन्होंने रजाई और गद्दे की व्यवस्था तक करवाई। उनकी इस सख्ती का प्रभाव यह रहा कि शाम 4 बजे शुरू हुई बैठक में रात 8 बजे तक 77 प्रकरण सुलझा लिए गए।

डीएम इंद्र विक्रम सिंह का सफर:

फतेहपुर जिले के मूल निवासी इंद्र विक्रम सिंह का जन्म 15 जून 1969 को हुआ। उन्होंने दर्शनशास्त्र (फिलॉसफी) में एमए की पढ़ाई पूरी करने के बाद यूपीपीएससी परीक्षा पास की और 1994 में पीसीएस अधिकारी बने। प्रशासनिक सेवा में उत्कृष्ट प्रदर्शन के कारण उन्हें 2016 में आईएएस के पद पर प्रमोशन मिला।

प्रशासनिक पदों पर कार्य:

आईएएस बनने के बाद इंद्र विक्रम सिंह ने कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं। उनकी पहली पोस्टिंग म्यूनिसिपल कमिश्नर, आगरा के रूप में हुई। इसके बाद उन्होंने शामली, शाहजहांपुर, बलिया, अलीगढ़ और गाजियाबाद जैसे जिलों में डीएम के रूप में कार्य किया। गाजियाबाद में उनका कार्यकाल उनकी सख्त कार्यशैली और जनहित के लिए किए गए अद्वितीय प्रयासों के लिए याद किया जाएगा।

तबादले से पहले चर्चा में:

गाजियाबाद के डीएम के रूप में उनका कार्यकाल 17 जनवरी 2025 को समाप्त हुआ, जिसके बाद उनका तबादला लखनऊ में सचिव कृषि, कृषि विपणन और विदेश व्यापार एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग में कर दिया गया। उनके तबादले से पहले की गई यह समीक्षा बैठक उनके कार्यशैली का एक शानदार उदाहरण थी।

उनकी कार्यशैली क्यों है अलग?

  • सख्ती और अनुशासन: डीएम इंद्र विक्रम सिंह की कार्यशैली सख्ती और अनुशासन पर आधारित है। वह लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने के लिए जाने जाते हैं।
  • जनता के लिए काम: उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान जनता की समस्याओं को प्राथमिकता दी और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।
  • सरल लेकिन सशक्त व्यक्तित्व: उनका व्यक्तित्व प्रशासनिक सख्ती के साथ-साथ सहानुभूति और सरलता का अनूठा मेल है।

क्या कहती है जनता?

गाजियाबाद के लोग उन्हें एक दृढ़ इच्छाशक्ति वाले और जनहितैषी अधिकारी के रूप में याद करते हैं। उनके इस सख्त निर्णय से बैंक अधिकारियों में अनुशासन कायम हुआ और आम जनता को योजनाओं का लाभ समय पर मिला।

महाकुंभ आगजनी की जांच तेज़, 2 दिन में आएगी रिपोर्ट

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महाकुंभ के सेक्टर 19 में आग लगने की घटना ने प्रशासन और कल्पवासियों को झकझोर दिया है। जिलाधिकारी विजय किरन आनंद ने बताया कि प्रथम दृष्टया आग का कारण सिलेंडर फटना प्रतीत होता है। सिलेंडर की गुणवत्ता और ब्लास्ट के कारणों की गहन जांच के लिए सेक्टर मजिस्ट्रेट शिवेंद्र वर्मा को निर्देश दिए गए हैं। मेला प्रशासन ने दो दिन के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है।

इस घटना के बाद प्रभावित कल्पवासियों को अन्य शिविरों में स्थानांतरित किया गया। गीता प्रेस और अन्य कल्पवासियों ने पीड़ितों को शरण देकर मेला क्षेत्र की सहयोग भावना को सजीव किया। इसके साथ ही, प्रशासन ने नई कुटिया तैयार करने का कार्य शुरू कर दिया है।

आग लगने की घटना ने रेलवे को भी सतर्क कर दिया। गंगा किनारे आग की लपटें उठने के कारण विभूति एक्सप्रेस को 20 मिनट तक रोक दिया गया। हालांकि, रेलवे पुल और आग के बीच दूरी होने के बावजूद संभावित खतरे को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा उपाय किए गए।

मेला प्रशासन के अनुसार, शिविर निर्माण का कार्य प्राथमिकता पर होगा, और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

न बाप बड़ा ना भैया भारत से दोस्ती पर तालिबानी मीडिया की दो टूक, पाकिस्तान को जी भर सुनाया

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काबुल: भारत और तालिबान के बीच प्रगाढ़ हो रहे संबंधों ने पाकिस्तान को परेशान कर दिया है। जिस तालिबान के काबुल पर कब्जे को पाकिस्तान ने अपनी जीत के रूप में प्रचारित किया था, अब उसी तालिबान से उसे सुनने को मिल रही हैं खरी-खोटी। तालिबान समर्थक मीडिया अल मिरसाद ने पाकिस्तान पर तीखा हमला करते हुए भारत-अफगानिस्तान के बीच बढ़ते संबंधों की तारीफ की है।

अल मिरसाद ने लिखा, “भले ही भारत और अफगानिस्तान के बीच कोई जमीनी सीमा नहीं है, लेकिन दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक, वाणिज्यिक और कूटनीतिक संबंधों का गहरा इतिहास है।” उसने पाकिस्तान की आलोचना करते हुए कहा कि पाकिस्तान ने हमेशा भारत-अफगान रिश्तों को कमजोर करने की कोशिश की, लेकिन तालिबान की भारत-केंद्रित नीति ने पाकिस्तान को कूटनीतिक झटके दिए हैं।

हाल ही में दुबई में भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री और अफगान विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी के बीच हुई बैठक को भारत-अफगान संबंधों में एक नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है। यह बैठक पाकिस्तान के लिए कूटनीतिक चुनौतियां खड़ी कर रही है।

पाकिस्तान, जो खुद गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है, अब अफगानिस्तान में भी अपनी स्थिति खोता जा रहा है। तालिबान समर्थक मीडिया ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत और अफगानिस्तान के बीच सहयोग आपसी लाभ पर आधारित है, जिसे पाकिस्तान के हस्तक्षेप से बाधित नहीं किया जा सकता।

बोकारो की मुखिया कविता सिंह दिल्ली के गणतंत्र दिवस में होंगी स्पेशल गेस्ट, जानें क्यों हुआ चयन

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दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस 2025 के मुख्य कार्यक्रम में झारखंड के बोकारो जिले की मुखिया कविता सिंह को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, भारत सरकार द्वारा जारी पत्र में इस संबंध में जानकारी दी गई है।

पेयजल आपूर्ति योजनाओं को पंचायत और स्वच्छता समितियों के संचालन और रखरखाव के लिए हस्तांतरित किए गए गांवों में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले मुखिया और जलसहिया को इस सम्मान के लिए चुना गया है। कविता सिंह के नेतृत्व में उनकी पंचायत ने “हर घर सत्यापित गांव” की दिशा में बेहतरीन कार्य किया है, जिसके लिए उन्हें यह गौरव प्राप्त हुआ।

झारखंड से कुल 4 मुखिया और 2 जलसहिया इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में चुने गए हैं। इसमें जामताड़ा, खूंटी और सिमडेगा जिलों के भी प्रतिनिधि शामिल हैं।

कविता सिंह ने इस मौके पर कहा, “जल नल योजना और अन्य सरकारी योजनाओं को पंचायत में सफलतापूर्वक लागू कर हम ग्रामीणों को लाभान्वित कर रहे हैं। ग्रामीणों और अन्य सहयोगियों के समर्थन से हम आने वाले समय में और बेहतर प्रदर्शन करेंगे।”

इस चयन ने बोकारो के साथ-साथ झारखंड का भी नाम रोशन किया है।

झारखंड के 4 जिलों में पहली बार पहुंचेगी ट्रेन: रेलवे बिछाएगा 120 किमी लंबी लाइन

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झारखंड के खूंटी, सिमडेगा, गुमला और चतरा जैसे जिले, जो अब तक रेलवे नेटवर्क से अछूते थे, जल्द ही देश के रेल मानचित्र पर शामिल हो जाएंगे। रेल मंत्रालय ने घोषणा की है कि इन जिलों को रेलवे से जोड़ा जाएगा, और इनका नियंत्रण रांची डिवीजन के अंतर्गत होगा।

इस परियोजना के लिए प्रारंभिक सर्वेक्षण पूरा हो चुका है, और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) रेलवे बोर्ड को भेज दी गई है। गुमला, खूंटी और सिमडेगा को रांची-लोहरदगा रेल लाइन से जोड़ा जाएगा, जबकि चतरा को रांची-हजारीबाग रेल मार्ग के साथ जोड़ा जाएगा।

झारखंड रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (JRIDCL) द्वारा किए गए सर्वे के अनुसार, लोहरदगा से गुमला तक 55 किलोमीटर, गुमला से सिमडेगा तक 43 किलोमीटर, हटिया से खूंटी तक 20 किलोमीटर और हजारीबाग से चतरा तक 42 किलोमीटर नई रेल लाइन बिछाई जाएगी।

अगस्त 2024 में, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 6500 करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दी थी, जिसमें चार राज्यों – झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के सात जिलों को कवर करते हुए दो नई रेल लाइनों और एक मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना की स्थापना शामिल है।

भारत में पहली ट्रेन 16 अप्रैल 1853 को चलाई गई थी। आजादी के 75 साल बाद भी झारखंड के इन जिलों में रेल नेटवर्क नहीं पहुंचा था। अब यह परियोजना उन इलाकों को विकास के मुख्यधारा में लाने का महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

भारत की बोल्ड महारानी: इंदिरा देवी की लव मैरिज, हीरे-जड़े जूते और आइकॉनिक स्टाइल

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भारत में जब फैशन, ब्रांड और रॉयल्टी का जिक्र होता है, तो कूच बिहार की महारानी इंदिरा देवी का नाम सबसे पहले लिया जाता है। 1892 में जन्मी इंदिरा देवी अपनी बोल्डनेस, विलासिता भरे जीवन और ब्रैंड के प्रति उनके जुनून के लिए जानी जाती थीं। वह जयपुर की मशहूर महारानी गायत्री देवी की मां थीं।

इंदिरा देवी ने अपनी जिंदगी के कई सामाजिक मानदंडों को तोड़ा। उन्होंने माधोराव सिंधिया से सगाई तोड़कर अपने प्यार के लिए परिवार के खिलाफ जाकर लव मैरेज की। इटली के सबसे प्रतिष्ठित ब्रांड साल्वाटोर फेरागामो से हीरे और मोती जड़े जूते मंगवाना उनकी खास पहचान थी। उन्होंने फेरागामो से 100 से अधिक जूते खरीदे, जिनमें माणिक और पन्ना जैसे कीमती रत्न जड़े थे।

इंदिरा देवी केवल फैशन की दिवानी ही नहीं थीं, बल्कि अपने समय की क्रांतिकारी महिलाओं में गिनी जाती थीं। वह अपनी बोल्ड पार्टियों और सामाजिक रूढ़ियों को चुनौती देने के लिए जानी जाती थीं। उन्होंने महिलाओं की स्वतंत्रता के लिए सामाजिक मानदंडों को धता बताते हुए नई मिसालें कायम कीं।

उनकी अनोखी जीवनशैली और मजबूत व्यक्तित्व ने उन्हें भारतीय राजघरानों की सबसे प्रभावशाली और बोल्ड शख्सियत बना दिया। आज भी उनकी स्टाइल, पसंद और विलासिता की कहानियां लोगों को आकर्षित करती हैं।

नवोदय स्कूल एंट्रेंस एग्जाम में फर्जीवाड़ा: 4 छात्र और 1 टीचर पर मामला दर्ज

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धनबाद: प्रोजेक्ट कन्या उच्च विद्यालय टुंडी में नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा के दौरान दो फर्जी परीक्षार्थियों को पकड़ा गया है। दोनों फर्जी छात्र बिहार के बक्सर जिले के इतारी के रहने वाले हैं और वर्तमान में नवोदय विद्यालय बेनागड़िया में पढ़ाई कर रहे हैं।

जांच के दौरान पता चला कि दोनों छात्र परीक्षा में किसी और की जगह बैठे थे। परीक्षा में शामिल बच्चों की उम्र से ज्यादा उम्र का होने के कारण मजिस्ट्रेट को संदेह हुआ। दस्तावेजों की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि दोनों छात्र फर्जी परीक्षार्थी हैं। पूछताछ में छात्रों ने बताया कि उनके शिक्षक उदय सर ने उन्हें छुट्टी दिलवाकर और एडमिट कार्ड में बदलाव कर परीक्षा दिलाने के लिए प्रेरित किया।

मजिस्ट्रेट दीपा सिन्हा ने इस मामले में टुंडी पुलिस को लिखित शिकायत दी। टुंडी थाना प्रभारी उमा शंकर ने बताया कि इस शिकायत में दो फर्जी छात्रों, जिनके बदले परीक्षा दी जा रही थी, और एक शिक्षक समेत कुल पांच लोगों के नाम शामिल हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

गौरतलब है कि पिछले साल भी फर्जी छात्रों को मोटी रकम देकर नवोदय विद्यालय में प्रवेश दिलाने का मामला सामने आया था। इस बार समीर कुमार और नितीश कुमार के नाम पर फर्जी छात्रों को पकड़ा गया है।

झारखंड में मैट्रिक-इंटर सहित एक दर्जन परीक्षाओं पर लगा ग्रहण, लाखों छात्रों के भविष्य पर संकट!

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रांची: झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) द्वारा आयोजित होने वाली मैट्रिक, इंटर सहित एक दर्जन से अधिक परीक्षाओं पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। 18 जनवरी को जैक अध्यक्ष अनिल कुमार महतो का कार्यकाल समाप्त हो गया, जिससे जैक अध्यक्ष विहीन हो गया है। जैक एक स्वायत्त संस्था है, जिसके संचालन की जिम्मेदारी संवैधानिक रूप से अध्यक्ष में निहित होती है। अध्यक्ष के अभाव में 28 जनवरी से निर्धारित आठवीं बोर्ड और 29 जनवरी से नौवीं बोर्ड की परीक्षा को स्थगित करना पड़ सकता है।

इसके अलावा, 11 फरवरी से प्रस्तावित मैट्रिक और इंटर की परीक्षाएं भी प्रभावित हो सकती हैं, जिससे लाखों छात्रों के भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है। राज्य सरकार ने जैक अध्यक्ष की नियुक्ति शीघ्र करने का आश्वासन दिया है। शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने कहा कि मुख्यमंत्री स्तर पर इस पर विचार किया जा रहा है।

पिछले अध्यक्ष का कार्यकाल और उपलब्धियां:
अनिल कुमार महतो ने 18 जनवरी 2022 को जैक अध्यक्ष का कार्यभार संभाला था। अपने कार्यकाल में उन्होंने 70 परीक्षाएं आयोजित कीं, जो पारदर्शिता और भ्रष्टाचार मुक्त थीं। उन्होंने रिकॉर्ड समय में परिणाम घोषित करने और डिजिलॉकर के माध्यम से 3 करोड़ से अधिक सर्टिफिकेट्स को सुरक्षित रखने जैसी उपलब्धियां हासिल कीं।

बगैर अध्यक्ष के जैक की चुनौतियां:
जैक अध्यक्ष की नियुक्ति न होने के कारण आठवीं, नौवीं, मैट्रिक, इंटर, मध्यमा, मदरसा बोर्ड और झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा जैसी परीक्षाएं समय पर आयोजित नहीं हो सकेंगी। जैक के प्रशासनिक कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।

जैक ने राज्य सरकार से अध्यक्ष के शीघ्र मनोनयन के लिए पत्र लिखा है। पिछली बार भी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद 18 सितंबर 2021 से 18 जनवरी 2022 तक खाली रहे थे। इस बार भी ऐसे ही हालात दोहराए जा रहे हैं।

पाकिस्तान का पहला स्वदेशी सैटेलाइट लॉन्च, सोशल मीडिया पर मच गया मीम्स का बवाल

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इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने शुक्रवार को अपने पहले स्वदेशी इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल (EO-1) उपग्रह को सफलतापूर्वक लॉन्च किया। इसे चीन के जिउक्वान सैटेलाइट लॉन्च सेंटर से लॉन्च किया गया। हालांकि, इस ऐतिहासिक पल पर खुशी के साथ सोशल मीडिया पर जमकर मजाक भी उड़ाया जा रहा है।

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इसे “देश के लिए गर्व का पल” बताते हुए एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर सैटेलाइट की तस्वीरें साझा कीं। लेकिन सोशल मीडिया पर यूजर्स ने इसे पानी के टैंकर से तुलना करते हुए मीम्स और चुटकुलों की बौछार कर दी।

एक यूजर ने लिखा, “हेलो शहबाज भाई, मोटर बंद कर दो। अब भर गया, पानी पूरा पड़ोस तक आ रहा है।” वहीं, कुछ यूजर्स ने पानी की टंकी की तस्वीरें पोस्ट कर सैटेलाइट के डिजाइन पर सवाल खड़े किए।

इसके बावजूद, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने इस लॉन्च को पाकिस्तान की प्रगति की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। EO-1 सैटेलाइट से आपदा प्रबंधन, कृषि निगरानी और शहरी नियोजन जैसे क्षेत्रों में बड़ी मदद मिलने की उम्मीद है।

SUPARCO के नेतृत्व में बने इस सैटेलाइट ने पाकिस्तान के अंतरिक्ष विज्ञान में नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं। हालांकि सोशल मीडिया पर मीम्स का दौर जारी है, लेकिन पाकिस्तान ने अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम में यह एक बड़ी छलांग मानी जा रही है।

भारत की अंतरिक्ष सफलता पर चीन ने दी बधाई, ISRO की डॉकिंग उपलब्धि की तारीफ

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तरिक्ष में भारत की ऐतिहासिक उपलब्धि ने प्रतिद्वंद्वी चीन को भी प्रभावित कर दिया है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने हाल ही में स्पेडेक्स मिशन के तहत अंतरिक्ष में अपने दो उपग्रहों की सफल डॉकिंग कर दुनिया को चौंका दिया। इस उपलब्धि के साथ भारत ऐसा करने वाला दुनिया का चौथा देश बन गया है। भारत से पहले केवल अमेरिका, रूस और चीन ने ही इस चुनौतीपूर्ण तकनीक में सफलता पाई थी।

इस सफलता पर चीन ने भारत को बधाई दी। चीन में भारतीय दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने कहा, “स्पेडेक्स मिशन के तहत उपग्रहों की सफल डॉकिंग के लिए ISRO को बधाई।” यह पहली बार नहीं है जब चीन ने भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों की प्रशंसा की हो।

2014 में भारत के मंगलयान (मार्स ऑर्बिटर मिशन) की सफलता पर भी चीन ने भारत की तारीफ की थी। उस समय चीन ने इसे भारत और एशिया के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि और मानव जाति के लिए एक “ऐतिहासिक प्रगति” बताया था। भारत मंगल की कक्षा में पहुंचने वाला पहला एशियाई देश और पहले ही प्रयास में ऐसा करने वाला दुनिया का पहला देश बना था।

चंद्रमा की सतह पर चंद्रयान की सफल लैंडिंग के समय भी चीन ने भारत की प्रशंसा की थी। चीन के ग्लोबल टाइम्स ने इसे भारत की वैज्ञानिक और तकनीकी प्रगति का प्रतीक बताया।

चीन की अपनी अंतरिक्ष यात्रा भी कम चुनौतीपूर्ण नहीं रही है। 2020 में चीन ने तियानवेन-1 मिशन के जरिए मंगल की कक्षा में सफलता हासिल की। हालांकि, एक दशक पहले 2011 में रूसी मिशन के साथ उसका मंगल ऑर्बिटर यिंगहुओ-1 असफल हो गया था।

झारखंड विधानसभा समितियों का पुनर्गठन: कल्पना सोरेन को मिली महिला और बाल विकास समिति की जिम्मेदारी

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रांची: झारखंड विधानसभा का विशेष सत्र 24 फरवरी से आहूत होने जा रहा है। इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने विधानसभा की प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमों के तहत विधानसभा की 25 समितियों का पुनर्गठन कर दिया है। इस बाबत अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।

गांडेय विधायक सह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन को महिला और बाल विकास समिति का सभापति बनाया गया है। इसके अलावा, बरही के भाजपा विधायक मनोज कुमार यादव को लोक लेखा समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जो आमतौर पर प्रमुख विपक्षी दल को दिया जाता है।

साथ ही, अन्य विधायकों को भी विभिन्न समितियों की जिम्मेदारी सौंपी गई है:

  • झारखंड मुक्ति मोर्चा विधायक बसंत सोरेन को प्रश्न एवं ध्यानाकर्षण समिति,
  • कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव को जिला परिषद एवं पंचायती राज समिति,
  • भाजपा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी को सामान्य प्रयोजन समिति,
  • झारखंड मुक्ति मोर्चा विधायक हेमलाल मुर्मू को प्राक्कलन समिति,
  • झामुमो विधायक निरल पूर्ति को सरकारी उपक्रम संबंधी समिति,
  • माले विधायक अरूप चटर्जी को सरकारी आश्वासन समिति,
  • कांग्रेस विधायक रामेश्वर उरांव को आंतरिक संसाधन एवं केंद्रीय सहायता समिति,
  • और कई अन्य विधायकों को महत्वपूर्ण समितियों का अध्यक्ष बनाया गया है।

समितियों का कार्यकाल गठन की तिथि से एक वर्ष या पुनर्गठन तक के लिए होगा। झारखंड विधानसभा के इस पुनर्गठन से राज्य की विभिन्न विकास और प्रशासनिक गतिविधियों में नयापन देखने को मिलेगा।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा हज़ारीबाग़ में आदिम जनजाति बिरहोर की मौत के मामले में कार्रवाई की चेतावनी

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हजारीबाग जिले के केरेडारी प्रखंड में भारत सरकार की महारत्न कंपनी एनटीपीसी के चट्टी बरियातू कोल परियोजना में खनन के दुष्प्रभाव से आदिम जनजाति समुदाय के दो सदस्यों, किरणी बिरहोर और बहादुर बिरहोर की मौत का मामला अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के संज्ञान में आ गया है। 25 नवम्बर 2024 को आयोग ने संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन रिपोर्ट नहीं भेजे जाने पर अब हज़ारीबाग डीसी, एसपी और रांची श्रमायुक्त को रिमाइंडर भेजा गया है। आयोग ने 24 फरवरी 2025 तक कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है और यदि रिपोर्ट समय पर नहीं भेजी जाती तो मानव सुरक्षा कानून 1993 की धारा 13 के तहत कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।

इस मामले में पहले ही एक जांच रिपोर्ट में यह पाया गया था कि एनटीपीसी द्वारा खनन कार्य के कारण स्थानीय बिरहोर समुदाय को प्रदूषण और विस्फोटों जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था, जो उनके स्वास्थ्य के लिए खतरे का कारण बन सकता है। इसके बावजूद, प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे यह सवाल उठता है कि क्यों आदिम जनजाति बिरहोर समुदाय की सुरक्षा की अनदेखी की गई और खनन कार्य जारी रखा गया।

अब यह देखना होगा कि आयोग द्वारा उठाए गए कदमों के बाद इस मामले में कितनी गंभीरता से कार्रवाई की जाती है, और क्या प्रशासन द्वारा बिरहोर समुदाय के अधिकारों की रक्षा की जाएगी।