Wednesday 1st of July 2026 09:50:19 AM
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बिहार के शिक्षा अधिकारी के घर मिला करोड़ों का खजाना, मशीनों से गिना जा रहा कैश

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बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) रजनीकांत प्रवीण के घर और अन्य ठिकानों पर विशेष निगरानी इकाई (विजिलेंस) ने छापेमारी की, जिसमें भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई। अधिकारियों ने बताया कि नकदी इतनी अधिक थी कि गिनने के लिए मशीनों का सहारा लेना पड़ा।

मामले का खुलासा:
विजिलेंस की जांच में पाया गया कि रजनीकांत प्रवीण ने 20 वर्षों की सेवा में 1.87 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति अर्जित की है, जो उनकी वैध आय से कई गुना अधिक है। यह संपत्ति दरभंगा, समस्तीपुर और बेतिया में फैली हुई है।

छापेमारी की जगहें:

  • बेतिया: रजनीकांत प्रवीण का निजी आवास
  • समस्तीपुर: ससुराल
  • दरभंगा: अन्य संपत्तियां

छापेमारी के दौरान:
जब विजिलेंस की टीम उनके घर पहुंची, उस समय रजनीकांत प्रवीण पूजा कर रहे थे। छापे के दौरान घर के अंदर से नकदी के बंडल, संपत्ति के दस्तावेज, और अन्य अवैध संपत्तियों से जुड़े कागजात बरामद किए गए।

पत्नी की भूमिका:
रजनीकांत प्रवीण की पत्नी सुषुमा कुमारी, जो पहले संविदा शिक्षिका थीं, ने अपनी नौकरी छोड़ दी और अब दरभंगा में ओपन माइंड बिरला स्कूल की निदेशक के रूप में काम कर रही हैं। बताया जा रहा है कि इस स्कूल का संचालन अवैध कमाई से किया जा रहा है।

आरोप और जांच:
विशेष निगरानी इकाई को विश्वसनीय सूचना मिली थी कि प्रवीण ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अवैध कमाई की है।

  • उनकी संपत्ति 2005 से 2023 के बीच अर्जित की गई है।
  • कुल चल और अचल संपत्ति का मूल्य उनकी आय से काफी अधिक पाया गया है।

विजिलेंस की कार्रवाई जारी:
फिलहाल, विजिलेंस टीम की कार्रवाई बेतिया, समस्तीपुर, और दरभंगा में चल रही है। टीम ने बरामद नकदी और संपत्ति के दस्तावेजों की गहन जांच शुरू कर दी है।

फिलीपींस में दोहरे भूकंप से धरती डोली, 45 झटके दर्ज, सड़कों और दीवारों में दरारें

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गुरुवार को मध्य फिलीपींस में दो जोरदार भूकंपों ने धरती को हिला कर रख दिया। ज्वालामुखी एवं भूकंप विज्ञान संस्थान (PHIVOLCS) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.4 और 5.9 मापी गई। भूकंप का केंद्र समुद्र तल से 10 किलोमीटर की गहराई में, लेयटे प्रांत के सैन फ्रांसिस्को शहर के पास स्थित था।

घटनाक्रम:

  • झटकों की संख्या: एजेंसी ने बताया कि मुख्य भूकंप के बाद 45 आफ्टरशॉक्स रिकॉर्ड किए गए।
  • क्षति: पुलिस प्रमुख बार्नी कैटिग ने पुष्टि की कि भूकंप से सड़कों और दीवारों में दरारें आ गईं। हालांकि, किसी जानी नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
  • प्रभाव: झटके इतने मजबूत थे कि हर तरफ चीख-पुकार मच गई। लोग घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों पर भागने लगे।

आशंका:
PHIVOLCS ने चेतावनी दी है कि उथले भूकंप के कारण अधिक नुकसान की संभावना रहती है। साथ ही, आफ्टरशॉक्स से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

प्रभावित क्षेत्र:
यह भूकंप विशेष रूप से सैन फ्रांसिस्को शहर और आसपास के इलाकों में महसूस किया गया। वहां की इमारतों और सड़कों को नुकसान हुआ है, और लोग अभी भी भूकंप के डर से सहमे हुए हैं।

स्थानीय प्रशासन का रुख:
शहर के प्रशासन और पुलिस ने तुरंत राहत कार्य शुरू कर दिया है। क्षेत्र में भूकंपरोधी उपायों को लागू करने और इमारतों की जांच करने का काम जारी है।

छत्तीसगढ़ में नक्सली मुठभेड़: 27 नक्सली ढेर, 1 करोड़ का इनामी अप्पाराव मारा गया

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छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 27 नक्सलियों को मार गिराया। यह मुठभेड़ कुल्हाड़ी घाट पंचायत के भालू डिग्गी टोला के जंगलों में हुई। मारे गए नक्सलियों में 1 करोड़ का इनामी नक्सली लीडर अप्पाराव भी शामिल था।

कैसे हुआ ऑपरेशन?
रविवार रात को सुरक्षाबलों को सूचना मिली कि अप्पाराव अपनी टीम के साथ राशन और पानी की व्यवस्था के लिए जंगल में डेरा डाले हुए है। इसके बाद ई-30 गरियाबंद की टीम, कोबरा 207, सीआरपीएफ 65 और 211 बटालियन ने तीन तरफ से जंगल को घेर लिया।

  • ओडिशा बॉर्डर की ओर भागने का रास्ता बंद करने के लिए एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) की टीम को तैनात किया गया।
  • बस्तर की दिशा में भी फोर्स की टुकड़ी को तैनात किया गया, जिससे नक्सली पूरी तरह घिर गए।
  • सुरक्षाबलों ने ट्रायंगल शेप एंबुश का इस्तेमाल किया और नक्सलियों पर हमला बोल दिया।

क्यों है कुल्हाड़ी घाट नक्सलियों के लिए अहम?
कुल्हाड़ी घाट का इलाका नक्सलियों के लिए सुरक्षित सेफ जोन माना जाता है। यह इलाका छत्तीसगढ़, ओडिशा, और आंध्र प्रदेश की सीमाओं से जुड़ा हुआ है, जिससे नक्सलियों को राज्यों के बीच आवाजाही में मदद मिलती है।

अहम बातें:

  1. 27 नक्सलियों का सफाया: मुठभेड़ में शामिल नक्सलियों में से कई टॉप कैडर के नेता थे।
  2. अप्पाराव का अंत: पिछले 20 सालों से कुल्हाड़ी घाट के जंगल अप्पाराव जैसे नक्सली नेताओं के गढ़ बने हुए थे।
  3. तीन राज्यों का तालमेल: ऑपरेशन में छत्तीसगढ़, ओडिशा, और आंध्र प्रदेश की फोर्स ने मिलकर काम किया।
  4. भविष्य का संदेश: यह कार्रवाई नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सेना की मजबूत उपस्थिति और उनके प्रभाव को खत्म करने की रणनीति को दर्शाती है।

सेनेगल का बाय फ़ॉल समुदाय: एक अनोखा मुस्लिम समूह, जो पारंपरिक इबादत से है अलग

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सेनेगल के मध्य में स्थित छोटे से गाँव मबैके कादिओर में एक अनोखा मुस्लिम समुदाय रहता है, जिसे बाय फ़ॉल कहा जाता है। यह समुदाय पारंपरिक इस्लामिक प्रथाओं से अलग अपना विशिष्ट मार्ग अपनाता है। ये ना रोज़ा रखते हैं और ना ही हर दिन नमाज़ पढ़ते हैं, लेकिन उनकी इबादत और भक्ति का तरीका अनोखा और ध्यान आकर्षित करने वाला है।

शाम ढलने पर बाय फ़ॉल अनुयायी मस्जिद के बाहर छोटे-छोटे घेरों में इकट्ठा होते हैं। वे ‘साम फ़ॉल’ नामक पवित्र अनुष्ठान में भाग लेते हैं। इस दौरान आग की पृष्ठभूमि में झूमते और गाते हुए वे ईश्वर की प्रार्थना में डूब जाते हैं। उनके बहुरंगी कपड़ों पर आग की परछाई नाचती है, और उनका उत्साह देखते ही बनता है।

विशेषताएं जो बाय फ़ॉल को अलग बनाती हैं:

  • बाय फ़ॉल, सेनेगल के प्रमुख मौराइड ब्रदरहुड का एक उप-समूह है।
  • उनके कपड़े रंग-बिरंगे और पैचवर्क से सजे होते हैं, जो उनकी पहचान बन गए हैं।
  • उनकी इबादत संगीत, नृत्य और सामूहिक भक्ति के माध्यम से होती है।
  • वे हफ्ते में दो बार सामूहिक अनुष्ठान करते हैं, जो लगभग दो घंटे तक चलता है।
  • वे अपने गुरु शेख अमादु बाम्बा और उनके अनुयायी इब्राहिमा फ़ॉल की शिक्षाओं को मानते हैं।

हालांकि, कुछ लोग उनके रीति-रिवाजों को पारंपरिक इस्लामिक प्रथाओं से भिन्न मानते हैं। फिर भी, बाय फ़ॉल समुदाय की अनूठी परंपराएं और उनकी भक्ति का तरीका उन्हें सेनेगल और पश्चिमी अफ्रीका में एक खास पहचान दिलाता है।

CM नीतीश का तोहफा: बुजुर्गों के लिए ‘वय वंदन योजना’, 5 लाख का स्वास्थ्य बीमा और पेंशन निदेशालय की सौगात

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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के बुजुर्गों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए एक बड़ी पहल की है। ‘वय वंदन योजना’ के तहत 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के बुजुर्गों को 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया जाएगा। इस बीमा के माध्यम से बुजुर्ग सरकारी और निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज करवा सकेंगे। योजना का लाभ 55.73 लाख बुजुर्गों को मिलेगा, जो उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने का एक महत्वपूर्ण कदम है।

योजना की प्रमुख विशेषताएं:

  1. बुजुर्गों को 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा।
  2. सरकारी और निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज का अधिकार।
  3. टोल-फ्री नंबर 14555 पर कॉल करके स्वास्थ्य कार्ड प्राप्त किया जा सकता है।
  4. नंबर 18001-10770 पर मिस कॉल देकर कार्ड की स्थिति चेक की जा सकती है।

इस योजना के माध्यम से आयुष्मान भारत योजना को बुजुर्गों तक विस्तारित किया गया है। इससे पहले 3.67 करोड़ लोग आयुष्मान कार्ड का लाभ उठा चुके हैं। अब 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोग भी इस योजना का हिस्सा बनेंगे, जिससे उनके इलाज का बोझ कम होगा।

सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए राहत
बिहार सरकार ने पेंशन निदेशालय और कोषागार निदेशालय की स्थापना का भी ऐलान किया है। इनका उद्देश्य सेवानिवृत्त कर्मचारियों की समस्याओं को तेजी से हल करना और वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।

कोषागार निदेशालय की जिम्मेदारियां:

  • कोषागार का नियंत्रण और लेखा-परीक्षा।
  • वित्तीय लेन-देन में पारदर्शिता।
  • वित्तीय अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण।

पेंशन निदेशालय की जिम्मेदारियां:

  • पेंशन मामलों का शीघ्र समाधान।
  • राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) के तहत ऑनलाइन योगदान का प्रबंधन।

यह पहल न केवल राज्य के बुजुर्गों को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेगी, बल्कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को वित्तीय और पेंशन संबंधी समस्याओं का त्वरित समाधान भी सुनिश्चित करेगी।

बड़ौदा की महारानी राधिकाराजे का घर: 24000 करोड़ का लक्ष्मी विलास पैलेस, सादगी में भी अद्वितीय

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बड़ौदा की महारानी राधिकाराजे गायकवाड़ को देश की सबसे खूबसूरत और मॉडर्न महारानियों में गिना जाता है। भले ही वे रॉयल परिवार से हों, लेकिन उनकी सादगी और पहनावा उन्हें दूसरों से अलग बनाता है। वे 24000 करोड़ रुपये की कीमत वाले भव्य लक्ष्मी विलास पैलेस में रहती हैं, जिसे 1890 में महाराजा सयाजीराव गायकवाड़ तृतीय ने बनवाया था। यह पैलेस न केवल नीता अंबानी के एंटीलिया बल्कि ब्रिटेन के शाही बकिंघम पैलेस को भी टक्कर देता है।

लक्ष्मी विलास पैलेस में 170 कमरे हैं, जिनकी दीवारों पर सोने का काम किया गया है। पैलेस की भव्यता इसे दुनिया के सबसे महंगे और आलीशान घरों में शुमार करती है। इसके बावजूद महारानी राधिकाराजे सादगी भरा जीवन जीती हैं। वे पारंपरिक परिधानों में नजर आती हैं, जो उनकी शालीनता और सौंदर्य को और भी निखारता है।

2020 में CDS आर्ट फाउंडेशन फैशन शो में राधिकाराजे ने लाल रंग की रंगघाट बनारसी साड़ी पहनी थी, जिस पर सुनहरे धागों से हाथ की कढ़ाई की गई थी। उन्होंने अपने लुक को सोने की बड़ी माला और स्टड्स के साथ पूरा किया। इस सादे लेकिन प्रभावशाली अंदाज ने सभी का ध्यान खींचा।

महारानी राधिकाराजे का रहन-सहन और व्यक्तित्व इस बात का उदाहरण है कि सादगी में भी शाही गरिमा बनाए रखी जा सकती है।

झारखंड में बारिश और ठंड बढ़ेगी, 4 डिग्री तक गिर सकता है तापमान; 26 जनवरी का मौसम पूर्वानुमान

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झारखंड में आगामी दिनों में सर्दी में और वृद्धि की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने 25 और 26 जनवरी को राज्य के कई हिस्सों में बारिश और तापमान में गिरावट का अनुमान व्यक्त किया है। विभाग के अनुसार, शनिवार से ठंड फिर से बढ़ सकती है, और 26 जनवरी तक राज्य में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। यह गिरावट राज्य के उत्तरी और मध्य हिस्सों में अधिक होगी। मौसम में इस बदलाव से बादल छाए रहने और हल्की बारिश होने का भी अनुमान है।

रांची और आसपास के क्षेत्रों में 25 जनवरी तक न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है, जबकि 26 जनवरी को यह तापमान 10 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। 24 जनवरी तक कोई बड़ा मौसम परिवर्तन नहीं होगा, लेकिन 25 और 26 जनवरी को राज्य के अधिकांश हिस्सों में आंशिक बादल और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश देखने को मिल सकती है।

मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि गुरुवार को झारखंड के गुमला में राज्य का सबसे कम न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जबकि रांची में यह तापमान 12 डिग्री सेल्सियस था, जो सामान्य से 2.2 डिग्री अधिक है। अन्य प्रमुख शहरों जैसे जमशेदपुर और बोकारो में भी न्यूनतम तापमान क्रमशः 12.8 डिग्री और 11.2 डिग्री सेल्सियस रहा।

मौसम विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि सर्दी बढ़ने के कारण राज्य के कई क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों में पाला पड़ने की संभावना है, जिससे किसानों को फसलों की सुरक्षा के उपायों की जरूरत होगी। रांची के उपायुक्त ने ठंड से बचाव के लिए शहर के प्रमुख चौकों और पार्किंग स्थलों पर अलर्ट जारी किया है।

बिहार को केंद्रीय बजट से बड़ी उम्मीदें: क्या इस बार भी केंद्र सरकार खोलेगी खजाना?

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बिहार के लिए केंद्रीय बजट 2025 में एक बार फिर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, खासतौर पर बाढ़ और सूखा प्रभावित क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त मदद की उम्मीदों के साथ। पिछले साल केंद्र सरकार ने बिहार को अतिरिक्त सहायता प्रदान की थी, और इस बार भी राज्य को उम्मीद है कि उसे वित्तीय सहायता मिलेगी।

पिछले बजट में मिली अतिरिक्त सहायता

पिछले केंद्रीय बजट में बिहार को करीब 63,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त पैकेज मिला था। इसमें 13,000 करोड़ रुपये बाढ़ राहत, 26,000 करोड़ रुपये सड़क और एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए और 8,000 करोड़ रुपये विशेष सहायता के रूप में दिए गए थे। इन संसाधनों का बिहार ने बाढ़ राहत और विकास कार्यों में उपयोग किया।

विकास दर और जनसंख्या घनत्व

बिहार की विकास दर 14.47% है, जो उसे राष्ट्रीय स्तर पर चौथे स्थान पर रखता है। हालांकि, राज्य का जनसंख्या घनत्व 11,106 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी है, जो एक बड़ा चुनौती है। जनसंख्या वृद्धि दर भी 14.4% तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे राज्य के संसाधनों पर दबाव बढ़ सकता है।

केंद्र प्रायोजित योजनाओं में बढ़ी राज्य की हिस्सेदारी

केंद्र प्रायोजित योजनाओं में अब राज्यों की हिस्सेदारी 40-50% तक बढ़ गई है, और कुछ योजनाओं में यह 25% तक भी हो सकती है। यह बिहार जैसी राज्यों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है, जहां वित्तीय संसाधन सीमित हैं। केंद्र की योजनाओं का लाभ उठाने के लिए बिहार को अपनी हिस्सेदारी समय पर पूरी करनी होती है, जो कई बार समस्याओं का कारण बन जाती है।

बिहार को अतिरिक्त सहयोग की आवश्यकता

बिहार सरकार का बजट 2.78 लाख करोड़ रुपये है, और राज्य इस बजट को बढ़ाने के लिए केंद्र से अतिरिक्त मदद की उम्मीद कर रहा है। विशेष रूप से बाढ़ और सूखा राहत के लिए अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता है।

अर्थशास्त्रियों और पत्रकारों की राय

अर्थशास्त्री डॉ. विद्यार्थी विकास का मानना है कि जैसे आंध्र प्रदेश को अतिरिक्त सहायता दी गई है, वैसे ही बिहार को भी विशेष पैकेज की आवश्यकता है। वे सुझाव देते हैं कि पटना यूनिवर्सिटी को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिया जाना चाहिए और राज्य में वन क्षेत्र बढ़ाने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए।

वरिष्ठ पत्रकार अरुण पांडे का भी मानना है कि बिहार को केंद्रीय सहायता बढ़ानी चाहिए, विशेषकर सड़क, एक्सप्रेसवे, कृषि और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में। वे इस बात पर जोर देते हैं कि बिहार को केंद्र सरकार से विशेष प्रोजेक्ट्स के जरिए सहायता प्राप्त करनी चाहिए।

केंद्र सरकार ने खोला था खजाना

पिछले साल, 2023-24 के लिए केंद्र सरकार ने बिहार को 63,000 करोड़ रुपये का पैकेज दिया था। इस पैकेज का अधिकांश हिस्सा बाढ़ राहत, सड़क निर्माण और विशेष सहायता के रूप में था। बिहार सरकार ने इन फंड्स का उचित उपयोग किया, और 45,000 करोड़ रुपये तक की राशि केंद्र से प्राप्त हो चुकी है।

सुरक्षाबलों की सटीक रणनीति से नक्सलवाद की कमर टूटी, 2026 तक खात्मे का लक्ष्य

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छत्तीसगढ़ और आसपास के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षाबलों की रणनीतिक कार्रवाई ने नक्सलियों के हौसले पस्त कर दिए हैं। पिछले एक साल में सुरक्षा बलों की सटीक रणनीति और राजनीतिक इच्छा शक्ति ने नक्सलवाद को खत्म करने की दिशा में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है।

अमित शाह का रोडमैप और नवनियुक्त सरकार की इच्छाशक्ति

21 जनवरी 2024 को गृह मंत्री अमित शाह ने रायपुर में नक्सलवाद को खत्म करने का रोडमैप पेश किया। नई सरकार ने इस योजना को अमलीजामा पहनाने में तेजी दिखाई। इसमें तीन प्रमुख बिंदु शामिल थे:

  1. अग्रिम सुरक्षा चौकियां स्थापित करना:
    नक्सलियों के कोर इलाकों में सुरक्षा चौकियां बनाकर उनके मूवमेंट पर रोक लगाई गई।
  2. फंडिंग रोकना:
    मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून के तहत ईडी ने नक्सलियों की 72 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त कीं।
  3. एनआईए की जांच और सजा:
    गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम कानून के तहत 96 मामलों की जांच चल रही है, जिनमें से 77 में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है।

अग्रिम चौकियां: नक्सलवाद के खात्मे की कुंजी

2019 से अब तक 290 अग्रिम सुरक्षा चौकियां स्थापित की जा चुकी हैं, जिनमें अकेले 2024 में 58 चौकियां शामिल थीं। 2025 में 88 नई चौकियां बनाने का लक्ष्य है।

  • प्रभाव:
    • इन चौकियों से तीन-चार किलोमीटर के दायरे में नक्सलियों की गतिविधियां पूरी तरह रुक जाती हैं।
    • सरकारी योजनाएं और विकास कार्य ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच रहे हैं।

नक्सली फंडिंग और ऑपरेशन पर सख्त कार्रवाई

  • ईडी और एनआईए की संयुक्त कार्रवाई ने नक्सलियों की फंडिंग के प्रमुख स्रोत बंद कर दिए हैं।
  • 2023 में 50 नक्सलियों के मुकाबले 2024 में 290 नक्सलियों को मारा गया।
  • 2025 के शुरुआती दिनों में ही 28 नक्सली मारे जा चुके हैं।

मार्च 2026 तक नक्सलवाद के खात्मे का लक्ष्य

अमित शाह के रोडमैप के अनुसार, मार्च 2026 तक नक्सल प्रभाव वाले क्षेत्रों में हर तीन-चार किलोमीटर पर एक सुरक्षा चौकी स्थापित की जाएगी। इससे:

  • नक्सलियों के लिए कोई सुरक्षित क्षेत्र नहीं बचेगा।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और शांति का माहौल बनेगा।

ट्रंप के इंपोर्ट टैरिफ फैसले से बांग्लादेश को झटका, भारत के लिए बड़ा मौका

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इंपोर्ट टैरिफ फैसले ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार में हलचल मचा दी है। इस फैसले से बांग्लादेश की गारमेंट इंडस्ट्री को भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है, जबकि भारत के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर बन सकता है।

बांग्लादेश को बड़ा झटका

  • गारमेंट एक्सपोर्ट पर असर:
    2022 में बांग्लादेश ने अमेरिका को 11.7 बिलियन डॉलर का गारमेंट एक्सपोर्ट किया। अमेरिका इसका सबसे बड़ा बाजार है।
  • आर्थिक निर्भरता:
    बांग्लादेश की गारमेंट इंडस्ट्री का अधिकांश हिस्सा अमेरिकी बाजार पर निर्भर है।
  • टैरिफ का प्रभाव:
    ट्रंप के नए आयात शुल्क (टैरिफ) के फैसले से बांग्लादेश की बढ़ती निर्यात दर रुक सकती है। इससे गारमेंट फैक्टरियों पर बंद होने का खतरा मंडरा रहा है।

भारत के लिए संभावनाएं

  • वैकल्पिक सप्लायर बनने का मौका:
    भारत के पास अमेरिकी बाजार में अपनी गारमेंट इंडस्ट्री का विस्तार करने का अवसर है।
  • मजबूत गारमेंट सेक्टर:
    भारत की कपड़ा और गारमेंट इंडस्ट्री पहले से ही विश्व स्तर पर प्रतिष्ठित है। अगर उत्पादन क्षमता को सही दिशा में बढ़ाया जाए, तो भारत अमेरिका में बांग्लादेश का विकल्प बन सकता है।
  • सप्लाई चेन का विकास:
    भारतीय उद्योगों को इस मौके का फायदा उठाने के लिए अपने सप्लाई चेन को और मजबूत बनाना होगा।

ग्लोबल मार्केट पर प्रभाव

  • नई चुनौतियां:
    बांग्लादेश को अमेरिकी बाजार से टैरिफ के कारण हुए नुकसान की भरपाई के लिए अन्य बाजारों में विस्तार करना होगा।
  • प्रतिस्पर्धा:
    भारत, वियतनाम, और अन्य गारमेंट उत्पादक देश इस स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश करेंगे।
  • दीर्घकालिक प्रभाव:
    ट्रंप के इस फैसले से गारमेंट इंडस्ट्री में वैश्विक व्यापार का पुनर्गठन हो सकता है।

भारत के लिए आवश्यक कदम

  1. नीतिगत सुधार:
    सरकार को गारमेंट इंडस्ट्री के लिए प्रोत्साहन पैकेज और टैक्स रियायतें देनी चाहिए।
  2. नवीन तकनीक का उपयोग:
    उत्पादन में ऑटोमेशन और नई तकनीकों का उपयोग कर लागत कम करनी होगी।
  3. अंतरराष्ट्रीय मार्केटिंग:
    अमेरिकी बाजार में अपनी उपस्थिति मजबूत करने के लिए आक्रामक मार्केटिंग रणनीति अपनानी होगी।

लातेहार: पुलिस और जेजेएमपी उग्रवादियों के बीच मुठभेड़, एक उग्रवादी घायल

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लातेहार (झारखंड): जिले के सेमरखाड़ गांव के पास पुलिस और जेजेएमपी (झारखंड जनमुक्ति परिषद) उग्रवादियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में एक उग्रवादी को गोली लगी, और पुलिस ने घटनास्थल से एक हथियार भी बरामद किया है।

घटना का विवरण:

  • गुप्त सूचना पर कार्रवाई:
    लातेहार एसपी कुमार गौरव को जानकारी मिली थी कि जेजेएमपी उग्रवादी लातेहार और लोहरदगा के सीमावर्ती क्षेत्र में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं।
  • मुठभेड़:
    पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इलाके में घेराबंदी की, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच आधे घंटे तक फायरिंग हुई।
  • उग्रवादी घायल:
    मुठभेड़ में एक उग्रवादी को गोली लगी है, जिसे इलाज के लिए हिरासत में लिया गया है।
  • हथियार बरामद:
    पुलिस ने घटनास्थल से एक हथियार भी जब्त किया है।

एसपी का बयान:

लातेहार एसपी कुमार गौरव ने बताया कि मुठभेड़ के बाद घटनास्थल पर सर्च ऑपरेशन जारी है। विस्तृत जानकारी सर्च ऑपरेशन के पूरा होने के बाद साझा की जाएगी।

इलाके में उग्रवाद का असर:

  • लातेहार और लोहरदगा का सीमावर्ती इलाका लंबे समय से उग्रवादियों का गढ़ रहा है।
  • पुलिस की लगातार कार्रवाई के कारण इस क्षेत्र में उग्रवादियों का प्रभाव कम हो रहा है।
  • मुठभेड़ के बाद उग्रवादी जंगल का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे।

फोरलेन साइट इंजीनियर पर गोलीबारी, कोई हताहत नहीं

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लातेहार (झारखंड): मनिका थाना क्षेत्र के दुमुहान के पास सड़क निर्माण स्थल पर अज्ञात अपराधियों ने दिनदहाड़े गोलीबारी की। इस घटना में साइट इंजीनियर के पैर को गोली छूकर निकल गई, लेकिन कोई गंभीर चोट या हताहत होने की सूचना नहीं है।

घटना का विवरण:

  • अपराधियों का हमला:
    मोटरसाइकिल पर सवार तीन अज्ञात अपराधियों ने निर्माण स्थल पर पहुंचकर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
  • इंजीनियर पर हमला:
    गोली इंजीनियर के पैर को छूकर निकल गई, जिससे उन्हें मामूली चोट आई।
  • मजदूरों का बयान:
    मजदूरों के अनुसार, अपराधी अचानक आए और बिना किसी चेतावनी के फायरिंग शुरू कर दी।

पुलिस की कार्रवाई:

  • जांच शुरू:
    घटना की सूचना मिलते ही मनिका पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।
  • अपराधियों की तलाश:
    थाना प्रभारी शशि कुमार ने बताया कि अपराधियों की पहचान के लिए छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है।
  • कोई हताहत नहीं:
    उन्होंने पुष्टि की कि गोलीबारी के बावजूद किसी को गंभीर चोट नहीं आई है।

IAS पूजा सिंघल निलंबन मुक्त, कार्मिक विभाग में करेंगी योगदान

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रांची: झारखंड कैडर की चर्चित IAS अधिकारी पूजा सिंघल के लिए राहत भरी खबर आई है। लंबे समय तक निलंबन में रहने के बाद उन्हें निलंबन से मुक्त कर दिया गया है। इसके साथ ही उन्हें झारखंड सरकार के कार्मिक, प्रशासनिक सुधार और राजभाषा विभाग में योगदान देने के लिए अधिसूचना जारी की गई है।

पूजा सिंघल का मामला

  1. गिरफ्तारी और निलंबन का कारण:
    • पूजा सिंघल को 11 मई 2022 को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनरेगा घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था।
    • गिरफ्तारी के अगले दिन, 12 मई 2022, को उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था।
  2. छापेमारी और बरामदगी:
    • 6 मई 2022 को ईडी ने पूजा सिंघल और उनके करीबियों के ठिकानों पर छापेमारी की थी।
    • इस दौरान 19 करोड़ रुपये से अधिक नकदी बरामद हुई थी।
    • घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में उनका नाम प्रमुखता से आया।
  3. जमानत:
    • जुलाई 2023 में अंतरिम जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट तक पहुंची।
    • 7 दिसंबर 2024 को रांची की पीएमएलए कोर्ट ने उन्हें नियमित जमानत दी।
  4. निलंबन समाप्ति:
    • जमानत के बाद, निलंबन समीक्षा समिति ने पूजा सिंघल को निलंबन मुक्त करने की अनुशंसा की।
    • कार्मिक विभाग ने 7 दिसंबर 2024 से निलंबन समाप्त कर दिया।
    • हालांकि, निलंबन अवधि के वेतन और अन्य भत्तों के निर्धारण पर अलग से निर्णय लिया जाएगा।

प्रमुख घटनाएं

  • जेल और स्वास्थ्य:
    गिरफ्तारी के बाद, खराब स्वास्थ्य के कारण पूजा सिंघल को रांची के रिम्स अस्पताल के पेइंग वार्ड में रखा गया।

    • उन्होंने बेटी के इलाज के लिए अंतरिम जमानत भी प्राप्त की थी।
  • जांच और आरोप:
    • ईडी ने पूजा सिंघल पर मनरेगा फंड के दुरुपयोग और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाए।
    • उनके चार्टर्ड अकाउंटेंट सुमन कुमार के घर से भी बड़ी रकम बरामद हुई थी।

झारखंड कैबिनेट बैठक: स्वास्थ्य बीमा योजना और नया रिम्स बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी

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रांची: झारखंड सरकार की कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने बैठक के बाद जानकारी दी कि कुल 18 प्रस्तावों पर मुहर लगी। इन निर्णयों में सबसे खास राजधानी रांची में एक नए रिम्स अस्पताल के निर्माण और राज्यकर्मियों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू करने का प्रस्ताव है।

मुख्य फैसले:

  1. रांची में नया रिम्स:
    • सुकुरहुटू में 102 एकड़ भूमि पर 1074 करोड़ रुपये की लागत से नया रिम्स अस्पताल बनेगा।
    • यह आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा और चिकित्सा सेवाओं में सुधार लाएगा।
  2. स्वास्थ्य बीमा योजना:
    • राज्यकर्मियों को 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा लाभ मिलेगा।
    • इसमें विधायक, सेवानिवृत्त कर्मी और राज्य सरकार के कर्मचारी शामिल होंगे।
  3. नारकोटिक्स मामलों के लिए विशेष न्यायालय:
    • चतरा जिले में जिला न्यायाधीश स्तर का विशेष न्यायालय खोला जाएगा।
  4. सरकारी अस्पतालों में पद सृजन:
    • वरीय अस्पताल प्रबंधक, वित्तीय प्रबंधक, और आईटी एग्जीक्यूटिव पदों के सृजन की स्वीकृति।
  5. झारखंड ऊर्जा संचरण निगम लिमिटेड:
    • केके वर्मा को प्रबंध निदेशक के पद पर दिसंबर 2025 तक अवधि विस्तार।
  6. अन्य महत्वपूर्ण फैसले:
    • झारखंड पारा मेडिकल नियुक्ति, प्रोन्नति नियमावली को मंजूरी।
    • माध्यमिक विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा के लिए ‘ज्ञानोदय योजना’ के तहत राशि स्वीकृत।
    • वित्तीय वर्ष 2024-25 के द्वितीय अनुपूरक बजट को मंजूरी।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का बयान:

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इन फैसलों को राज्य की विकास यात्रा का अहम हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि नए रिम्स और स्वास्थ्य बीमा योजना से जनता को बड़ी राहत मिलेगी।

डोनाल्ड ट्रंप ने शपथ लेते ही लिया बड़ा फैसला, दक्षिणी सीमा पर नेशनल इमरजेंसी घोषित

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वाशिंगटन: अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शपथ लेने के तुरंत बाद एक्शन मोड में आते हुए दक्षिणी सीमा पर राष्ट्रीय आपातकाल (नेशनल इमरजेंसी) घोषित कर दी। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता देश में अवैध घुसपैठ को रोकना और सीमा सुरक्षा को मजबूत करना है।

शपथ और बड़े ऐलान:

डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को राष्ट्रपति पद की शपथ ली। इसके बाद अपने पहले आदेश में उन्होंने दक्षिणी सीमा पर सैनिकों की तैनाती का ऐलान किया। ट्रंप ने कहा, “हमारी प्राथमिकता अवैध घुसपैठ को पूरी तरह से रोकना है। मैं दक्षिणी सीमा पर नेशनल इमरजेंसी की घोषणा करता हूं।” उन्होंने यह भी कहा कि देश में “लाखों” अवैध प्रवासियों को वापस भेजने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।

अवैध घुसपैठ पर सख्त रुख:

चुनाव प्रचार के दौरान ट्रंप ने अवैध प्रवासियों को रोकने और उन्हें देश से बाहर करने का वादा किया था। शपथग्रहण के बाद उन्होंने इसे अपनी सरकार की पहली प्राथमिकता बताते हुए कहा कि अवैध प्रवासियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

मैक्सिको सीमा पर दीवार बनाने का ऐलान:

राष्ट्रपति ट्रंप ने मैक्सिको बॉर्डर पर दीवार बनाने की योजना का भी ऐलान किया। उन्होंने कहा कि यह दीवार अवैध घुसपैठ और मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए जरूरी है।

महंगाई पर भी फोकस:

अपने संबोधन में ट्रंप ने देश में बढ़ती महंगाई को काबू करने का भी भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार आर्थिक सुधारों के जरिए देश के हर नागरिक की जिंदगी बेहतर बनाने के लिए काम करेगी।