Friday 26th of June 2026 01:33:57 PM
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केरल में मारे गए मज़दूरों के परिवार को मुआवजा दे हेमंत सरकार

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पंकज यादव ने पत्र लिखकर मुख्यमंत्री से मांग की

उज्ज्वल दुनिया/ रांची ।  पलामू जिले के 3 प्रवासी मजदूरों की केरल में पीट कर हत्या कर देने के मामले में पंकज कुमार यादव ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से 2500000 रुपए प्रति परिवार मुआवजे की मांग की है. पंकज यादव ने पत्र के माध्यम से यह भी निवेदन किया है कि केरल के पलक्कड़ जिले में मारे गए मजदूरों के हत्यारों को कठोर से कठोर सजा मिले यह मॉब लिंचिंग का मामला है. और हत्यारों को फास्ट ट्रैक कोर्ट के तहत जल्द सजा सुनाया जाए. पंकज यादव ने मृत मजदूरों  कन्हैया विश्वकर्मा , महागामा निवासी अरविंद राम और हरिओम कुमार के परिवारों से बात की और उन्हें  आश्वस्त किया कि उन्हें न्याय जरूर मिलेगा .

पंकज यादव ने कहा कि  कोरोना के इस महामारी में मज़दूर आर्थिक परेशानी झेल रहे हैं .और केंद्र तथा राज्य सरकार के द्वारा मिल रही मदद उनके लिए नाकाफी है यही कारण है कि मजदूर अब पलायन करने को मजबूर हैं .उल्लेखनीय है कि केरल के कोझिकोड स्थित आई आई परिसर के पास रेलवे ट्रैक पर तीन मजदूरों का  शव मिला था . तीनों मजदूर एक महीना पहले गढ़वा और पलामू से मजदूरी के लिए केरल गए हुए थे और शाम के समय सब्जी खरीदने के लिए बाहर निकले थे. और स्थानीय लोगों ने इन्हें कोरोना  पीड़ित समझ कर पीट पीट कर हत्या कर दी और लाश रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया. मजदूरों के परिवारों को अभी तक मदद नहीं मिलने की स्थिति में पंकज यादव ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है.

 सोशल एक्टिविस्ट पंकज कुमार यादव मजदूरों के हक के लिए हमेशा लड़ते रहते हैं. उन्होंने मजदूर कानून में परिवर्तन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी जिसके बाद इन राज्यों ने श्रम कानून में बदलाव को वापस ले लिया था .पंकज यादव ने विश्वास जताते हुए कहा कि मुझे विश्वास है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मेरे पत्र पर संज्ञान लेंगे और जिस प्रकार कोविड-19 के महामारी के दौरान मजदूरों को मदद की थी उसी प्रकार दुखी मजदूर के परिवारों को मदद पहुंचाएंगे.

प्रधानमंत्री के सपनों का ‘आत्मनिर्भर भारत’ बनाने के लिए शुरू होंगे कई आधुनिक उद्योग

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बेगूसराय (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किए गए आत्मनिर्भर भारत निर्माण का बड़े पैमाने पर असर पड़ रहा है। शासन-प्रशासन अगर परदेस से लौटे श्रमिकों को समुचित साधन मुहैया कराए तो कभी बिहार की औद्योगिक राजधानी रहा बेगूसराय एक बार फिर नए-नए उद्योगों का हब बन सकता है।

ह कहना है असम से काम छोड़कर गांव लौटे श्रमिकों का।
बेगूसराय स्टेशन पर असम से लौटे प्रवासी श्रमिकों ने गुरुवार।को हिन्दुस्थान समाचार से बातचीत के दौरान कहा कि आजादी के बाद पहली बार देश को एक ऐसे प्रधानमंत्री मिले हैं जो कहते हैं, वह करते भी हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जब सैकड़ों वर्ष के विवादित राम जन्म भूमि की समस्या का हल कर दिया तो श्रमिकों को गांव में स्वरोजगार देकर आत्मनिर्भर बनाने की उनकी योजना ने हम लोगों के मन में एक नई आशा का संचार किया है।

प्रमोद चंद्रवंशी, विकास चंद्रवंशी, सुरेश पासवान, रंजीत पासवान आदि ने बताया कि हम लोग गुवाहाटी में मोबाइल का कवर बनाने वाली फैक्ट्री में काम करते थे। बिहार में काम नहीं मिलने के कारण लाखों-लाख श्रमिक रोजी-रोटी के लिए परदेस में अपना श्रम सस्ते में बेच रहे थे, ताकि परिवार का भरण-पोषण हो सके। कभी सपनों में भी नहीं सोचा था कि ऐसा एक दिन आएगा, जब परदेस में आर्थिक रूप से मजबूत होने गए हम लोग वहां से कंगाल होकर घर लौट आएंगे। हम घर लौट कर आए हैं, यहां आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम चल रहा है। जिसमें नए नए उद्योग लगाने के लिए प्रोत्साहन, संसाधन और पूंजी की व्यवस्था अनुदान के साथ किए जाने की बात कही गई है। सरकारी मदद मिल जाए तो हम लोग यहां ग्रुप बनाकर मोबाइल का कवर बनाना शुरू कर देंगे। यह उद्योग कम पूंजी में ही शुरू हो जाता है तथा डिमांड बहुत ज्यादा है। अभी बिहार में उच्च गुणवत्ता के कवर महंगे दामों पर उपलब्ध होते हैं, लेकिन हम लोग जब निर्माण शुरू करेंगे तो सस्ता में और सरलता से उच्च गुणवत्ता का कवर लोगों को उपलब्ध हो सकता है।

टेक्सटाइल कंपनी के लिए धागा बनाने वाले रोशन कुमार महतो, विजय कुमार, राधा देवी ने बताया कि बेगूसराय के उपजाऊ काली मिट्टी में कपास की खेती में अपार संभावना है। सरकार प्रयास कर अगर यहां खेती शुरू करवा दे तो कपास से धागा बनेगा और धागा से स्थानीय स्तर पर कपड़ा का उत्पादन होगा तो बिहार बड़ा हब बन सकता है। इसमें हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा, स्वरोजगार के व्यापक द्वार खुलेंगे। बिहार के बेगूसराय में अत्यधिक काली मिट्टी होने के कारण यहां रोजगार की असीम संभावनाएं हैं। जिले में टेक्सटाइल इंडस्ट्री स्थापित होने से किसानों, मजदूरों एवं युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार मुहैया होगा। यहां के मजदूरों के मेहनत से दूसरे राज्य को राजस्व की प्राप्ति होती है। यहां टैक्सटाइल्स फैक्ट्री लगने से ना केवल मजदूरों का पलायन रुकेगा, बल्कि बिहार सरकार को बड़े पैमाने पर राजस्व की भी प्राप्ति होगी।

देश में पिछले 24 घंटों में आए 56,282 नए मामले, 904 लोगों की हुई मौत

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रिकवरी रेट बढ़ कर हुआ 67.61 प्रतिशत 

नई दिल्ली (हि.स.)। देश में कोरोना के मरीजों की संख्या साढ़े 19 लाख के पार पहुंच गई है। पिछले 24 घंटों में कोरोना के 56 हजार 282 नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़कर 19,64,537 पर पहुंच गई है। वहीं कोरोना से पिछले 24 घंटों में 904 लोगों की मौत हो गई। इस तरह कोरोना से मरने वालों की संख्या 40,699 तक पहुंच गई है। 

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा गुरुवार सुबह जारी आंकड़ों के मुताबिक देश में 5,95,501 एक्टिव मरीज हैं। वहीं राहत भरी खबर भी है देश में पिछले 24 घंटे में 46,121 मरीज स्वस्थ हुए हैं। ठीक होने वाले मरीजों की संख्या का यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इसके साथ कोरोना से अबतक 13,28,337 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। देश का रिकवरी रेट बढ़कर 67.61 प्रतिशत हो गया है। 

गुजरात में पहली बार होगा पीपीई किट पहन कर कोरोना पीड़िताें के शवों का पोस्टमार्टम

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मुख्यमंत्री विजय रूपानी ने तीन दिन में मांगी जांच रिपोर्ट, मृतक के परिजनों को चार-चार लाख रुपये देने का किया ऐलान
अहमदाबाद (हि.स.)। कोविड अस्पताल में आग लगने वालों का सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम किया जायेगा। यह पहली बार होगा जब कोरोना रोगियों का पोस्टमार्टम किया जायेगा। इसी बीच मुख्यमंत्री विजय रूपानी ने आग लगने की घटना में मारे गये लोगों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है।अहमदाबाद सिविल के प्रभारी डॉ. एमएम प्रभाकर ने बताया कि कोविड के लिये बने श्रेय अस्पताल में आग लगने से मरने वालों के शव सिविल अस्पताल ले जाये जा रहे हैं। वहां  सरकारी दिशा निर्देशों के अनुसार उनका पोस्टमार्टम किया जायेगा। उन्होंने बताया कि डॉक्टर व अन्य कर्मी पीपीई किट पहनकर ही पोस्टमार्टम करेंगे। गुजरात में पहली बार किसी कोरोना मरीज के शव का पोस्टमार्टम अहमदाबाद सिविल में किया जायेगा उसके बाद ही उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अस्पताल में आग लगने के बाद राहत कार्य के दौरान कई लोग कोरोना रोगियों के संपर्क में आए हैं। उन सभी का कोरोना टेस्ट करवाया जायेगा।

इसी बीच मुख्यमंत्री विजय रूपानी ने अस्पताल में आग लगने की घटना में मारे गए कोरोना रोगियों के परिवारों को चार-चार लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की है। इसके अलावा घायल लोगों को भी 50 हजार रुपये की सहायता दी जायेगी। मुख्यमंत्री ने सभी घायलों का उचित इलाज करने के निर्देश भी दिये हैं। 

अहमदाबाद के अस्पताल में आग लगने की घटना के बाद सूरत के साथ अन्य स्थानों के अस्पतालों में भी अग्नि सुरक्षा व्यवस्था होने की जांच शुरू की जा रही है। सीएम रूपाणी ने अहमदाबाद के श्रेय अस्पताल में आग लगने की घटना की जांच के आदेश दिए हैं। गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव संगीता सिंह जांच का नेतृत्व करेंगी। मुख्यमंत्री ने तीन दिन में जांच रिपोर्ट मांगी है। इससे पूर्व पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायल मरीजों को 50,000 रुपये की राशि देने की घोषणा की थी।

उल्लेखनीय है कि गुरुवार की सुबह तड़के लगभग साढ़े तीन बजे शहर के नवरंगपुरा इलाके में एक कोविड -19 नामित श्रेय अस्पताल में आग लग गई। आग लगने से पांच कोरोना रोगियों और तीन महिलाओं सहित आठ लोगों की मौत हो गयी। जबकि अन्य 42 मरीजों को एसवीपी अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया है। माना जा रहा है कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी थी। हालांकि, दमकल विभाग अभी जांच कर रहा है। फिलहाल अस्पताल के बाहर मरीजों के परिवार और पुलिस के बीच तनातनी का माहौल है। पूरे अस्पताल को खाली कराने के बाद सील कर दिया गया है। अस्पताल को आग की घटना से बचाव संबंधी तैयारियों को लेकर मिलने वाली एनओसी भी जांच का विषय है।

महाराष्ट्र पुलिस ने पालघर मामले में सीबीआई

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नई दिल्ली (हि.स.)। सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से पूछा है कि उन पुलिसवालों के खिलाफ जांच में क्या निकाला, जिनकी मौजूदगी में पालघर में भीड़ ने दो साधुओं की हत्या की। कोर्ट ने पूछा कि महीनों गुजर जाने के बाद भी राज्य सरकार ने उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ अभी तक क्या कार्रवाई की। कोर्ट ने महाराष्ट्र पुलिस से इस मामले में दायर चार्जशीट भी पेश करने का निर्देश दिया।सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि अगर चार्जशीट देखने के बाद कोर्ट को मुंबई पुलिस की अपराध में मिलीभगत नजर आती है तब सीबीआई जांच होनी चाहिए।महाराष्ट्र पुलिस ने पालघर मामले में सीबीआई-एनआईए जांच का विरोध किया है।

यह याचिका शशांक शेखर झा ने दायर की है। सुप्रीम कोर्ट ने पिछली 11 जून को महाराष्ट्र सरकार, केंद्र सरकार औऱ सीबीआई को नोटिस जारी किया था। मृत साधुओं के रिश्तेदारों और जूना अखाड़ा के साधुओं ने याचिका दाखिल की है। याचिकाओं में कहा गया है कि महाराष्ट्र सरकार और पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है, क्योंकि इस मामले में शक के दायरे में पुलिस ही है। सुप्रीम कोर्ट ने पिछली 1 मई को भी इस हत्या मामले में महाराष्ट्र सरकार से रिपोर्ट तलब की थी। याचिका में घटना में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच राज्य सीआईडी से वापस लेने की मांग की गई है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने अभी जारी जांच पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था।

सरकार ने माना, एलएसी पर स्थिति ‘संवेदनशील’

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सरकार के दस्तावेज में बताया गया है कि पूर्वी लद्दाख में चीनी आक्रमण बढ़ा 
सीमा की करीबी निगरानी और त्वरित कार्रवाई की जरूरत पर दिया गया जोर 

नई दिल्ली (हि.स.)​​।​ पूर्वी लद्दाख में चीनी ​आक्रमण की बात पहली बार आधिकारिक तौर पर सरकार ने मानी है​। ​रक्षा मंत्रालय ने माना है कि ​वास्तविक नियंत्रण रेखा (​​एलएसी) ​पर खास तौर पर गलवान घाटी में 5 मई से चीन की आक्रामकता​​ बढ़ रही है। ​​सरकार ने यह भी माना है कि एलएसी ​पर चीन ​की एकतरफा आक्रामकता से पूर्वी लद्दाख में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है और ​यह गतिरोध लंबे समय तक रहने की आशंका है​​​​।​​

रक्षा विभाग की ​​जून, 2020 ​में ​हुई ​प्रमुख गतिविधियों के बारे में ​रक्षा मंत्रालय की वेबसाइट ​पर ​​एक रिपोर्ट जारी की गई, जिसे मीडिया में आने के बाद वेबसाइट से हटा लिया गया​।​ ​पूर्वी ​लद्दाख में ​वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के बारे में सरकार की ओर से यह पहला आधिकारिक दस्तावेज​ है​।​ इसमें पहली बार सेना ने माना है कि ​5 मई से ​​एलएसी​ पर और ​​विशेष रूप से​ ​ग​​लवान घाटी में​ चीनी आक्रमण बढ़ रहा है। ​गलवान ​घाटी के बाद 17-18 मई को ​​कुगरांग नाला, गोगरा और ​पैंगोंग त्सो झील के उत्तरी तट ​तक चीनियों ने घुसपैठ की ​है।​ यह कुगरंग नाला हॉट स्प्रिंग्स के उत्तर में पीपी 16 और पीपी 15 (गोगरा) के पास है​​​​​। ​​​इन्हीं मामलों पर दोनों देशों के बीच ​​कोर कमांडर लेवल ​की ​फ्लैग मीटिंग 6​ ​जून को आयोजित ​की गई थी। ​​इसके बाद भी ​भारतीय क्षेत्र में एक किलोमीटर से अधिक की दूरी पर स्थित ​गलवान घाटी में ​​15 जून को ​भारत और चीन ​के​ सैनिकों के बीच​ हुई खूनी झड़प हुई, जिसमें 20 भारतीय सैनिकों की मौत हो गई​​।​​ ​इस घटना में चीनी पक्ष ​के ​हताहत​ ​सैनिकों की संख्या ​ज्यादा है लेकिन उनकी सहीं संख्या ​​के बारे में अभी भी​ पता नहीं ​है​​।    

 ​​हालांकि दस्तावेज में ​​​इस बीच ​गलवान ​घाटी में हुए बदलावों का ​​​जिक्र नहीं ​किया गया ​है लेकिन ​यह माना गया है कि ‘हिंसक झड़प’ के बाद माहौल शांत करने के लिए​ ​दोनों सेनाओं के बीच 22 जून को ​कोर कमांडर लेवल ​की ​दूसरी बैठक हुई​​।​ इसी कमांडर स्तर की इसी वार्ता में डी-एस्केलेशन प्रक्रिया के तौर-तरीकों पर चर्चा की गई। बैठक में भारत ने चीन से दो टूक कहा कि पहले लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) से अपनी सेना हटाकर 2 मई से पहले की स्थिति बहाल करें, तभी आगे की बातचीत संभव है। सरकार ने यह भी माना है कि सैन्य और राजनयिक स्तर पर बातचीत पारस्परिक रूप से जारी है और वर्तमान गतिरोध लंबे समय तक रहने की आशंका है। चीन से ​गतिरोध के बारे में मंत्रालय ने दस्तावेज में कहा है कि चीन द्वारा एकतरफा आक्रामकता से उत्पन्न पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (​​एलएसी) पर स्थिति संवेदनशील बनी हुई है, इसलिए सीमा पर करीबी निगरानी और त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता है।  

हम आदिवासी सरना धर्म को मानने वाले , हम हिंदू नहीं हैं

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सरना धर्मकोड पर बोले पूर्व आईपीएस और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रामेश्वर उरांव – आदिवासी हर धर्म का सम्मान करता है, मगर अपने सरना धर्म का भी मजबूती से पालन करता है, हम हिन्दू नहीं है

आदिवासियों के सरना धर्मकोड की मांग को लेकर पूर्व आईपीएस और वर्तमान में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रामेश्वर उरांव ने बड़ा बयान दिया है. रामेश्वर उरांव ने कहा है की आदिवासी हर धर्म का सम्मान करते है, मगर अपने सरना धर्म का पूरी मजबूती से पालन करना जानते है. आदिवासी हिन्दू नहीं है, हमारा एक ही धर्म है सरना धर्म. श्री उरांव ने कहा की भगवान राम जब वनवास गए थे तब भी आदिवासियों ने उनका साथ दिया था, उनकी सेवा की थी, मगर अपने वनवास काल में एक बार भी भगवान राम ने आदिवासियों को हिन्दू नहीं कहा. 

इससे पहले अयोध्या में राम मंदिर शिलान्यास कार्यक्रम में आदिवासी समाज की ओर से आमंत्रित धनेश्वर मुंडा ने भी स्पष्ट किया था की वो मंदिर कार्यक्रम में आमंत्रित किये गए है इसलिए अयोध्या जा रहे है. धनेश्वर ने कहा था की आदिवासी हिन्दू नहीं है, ना मै हिन्दू हू. मै सरना आदिवासी हूँ और मुंडा जनजाति से आता हूँ. सरना धर्मकोड को लेकर आदिवासी संगठनो ने आंदोलन तेज करने का ऐलान कर दिया है. आदिवासी संगठनो ने रांची में बैठक कर आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है. आदिवासी समाज का मानना है की आदिवासी परंपरा और धर्म को खत्म करने की साजिश की जा रही है, इसलिए सरना धर्मकोड का आना बहुत जरूरी हो गया है.

उमाशंकर अकेला के मीडिया में दिए बयान से कांग्रेस नेतृत्व नाराज़

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अकेला ने खुद को बताया था यादवों का सबसे बड़ा नेता

रांची । बरही से कांग्रेस के विधायक उमाशंकर अकेला के रवैये से प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व बेहद नाराज है । उनके खिलाफ़ पार्टी अनुशासन तोड़ने पर कार्रवाई की जाएगी । अकेला ने दावा किया था कि वे कांग्रेस से निर्वाचित विधायकों में यादवों के बीच से एक मात्र विधायक हैं और इस आधार पर मंत्री पद पर उनका दावा बनता है। उनके इस बयान पर प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरांव ने स्पष्ट संकेत दिया है कि मामला अनुशासन के दायरे में आएगा।

मीडिया में बयानबाज़ी से कोई मंत्री नहीं बनता

प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष रामेश्वर उरावं से जुड़े लोग बताते हैं कि मंत्री बनना है, तो वहां दावेदारी करिए, जहां आवश्यक है। आम लोगों के बीच पार्टी की किरकिरी कराने पर एक्शन लिया जाएगा। कुछ नेताओं पर कार्रवाई बेहद जरूरी हो गया है । ऐसे लोग पार्टी की छवि खराब कर रहे हैं ।

लगातार विवादों में रहे हैं उमाशंकर अकेला

विधानसभा चुनाव के ठीक पहले उमाशंकर अकेला कांग्रेस में शामिल हुए । चुनाव जीतकर वे विधायक भी बन गए लेकिन उनके बाद वे लगातार पार्टी के लिए सिरदर्द बन गए हैं । कभी कोरोना काल में चेक नाके पर सरकारी अफसर से भिड़ जाते हैं तो कभी फोन पर ठेकेदारी को लेकर विवाद में फंस जाते हैं । अकेला के विधायक प्रतिनिधि खुलेआम ट्रकों से वसूली के लिए बदनाम हैं । हालांकि उमाशंकर अकेला इन सारे विवादों को खुद के खिलाफ साजिश बताकर ख़ारिज कर चुके हैं । 

रामेश्वर उरावं के खिलाफ कांग्रेस नेतृत्व को शिकायत करने वालों में उमाशंकर अकेला भी
कांग्रेस के जो तीन विधायक रामेश्वर उरावं की शिकायत लेकर धीरज साहू की अगुवाई में दिल्ली गये थे उनमें उमाशंकर अकेला भी हैं । रामेश्वर उरावं ही नहीं,  उमाशंकर अकेला को सरकार से भी कई शिकायत है । 

हर सोमवार को छह घंटे खुलेगा बासुकीनाथ मंदिर, बैद्यनाथ धाम पर फैसला नहीं

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उज्ज्वल दुनिया/ दुमका ।  सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बासुकीनाथ मंदिर में सीमित संख्या में श्रद्धालुओं को दर्शन कराने की व्यवस्था में जिला प्रशासन जुट गया है। बुधवार को उपायुक्त राजेश्वरी बी और एसपी अम्बर लकड़ा ने पंडा समाज के साथ बैठक की। बैठक के बाद जारी बयान में उपायुक्त ने कहा है कि प्रत्येक सोमवार को सुबह छह बजे से दोपहर 12 बजे तक सीमित संख्या में श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे। दर्शन करने से पूर्व श्रद्धालुओं को ऑनलाइन निबंधन कराना होगा, जिसमें उनका नाम, उम्र, पहचानपत्र की आवश्यकता होगी।

बच्चों, बुजुर्गों और बीमार को एंट्री नहीं 

डीसी के अनुसार पांच वर्ष से कम और 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के अलावा बीपी, शुगर, डायबिटीज या दिल की बीमारी वाले लोगों को मंदिर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं मिलेगी। हर सोमवार के लिए 300 की संख्या में श्रद्धालु ऑनलाइन निबंधन करा पाएंगे।

सरकार ने मांगा है दर्शन कराने की व्यवस्था का ब्लू प्रिंट

कोरोना के चलते सरकार के निर्देश पर बासुकीनाथ मंदिर 22 मार्च से आम श्रद्धालुओं के लिए बंद है। गोड्डा के भाजपा सांसद ने मंदिर खोलने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर झारखंड सरकार ने एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया है। सरकार ने श्रद्धालुओं को दर्शन कराने की पूरी व्यवस्था का ब्ल्यू प्रिंट तैयार कर समिति को सौंपने करने को कहा है।   

बैद्यनाथ मंदिर खोलने पर अभी फैसला नहीं

भादो मास में श्रद्धालुओं के लिए देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर खोलने पर अभी फैसला नहीं हुआ है। उपायुक्त कमलेश्वर प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को जिला कार्यकारी समिति की बैठक हुई, जिसमें विभिन्न बिंदुओं पर पंडा समाज की राय ली गई। इसकी रिपोर्ट बनाकर राज्य सरकार को भेजी जाएगी कि किस तरह सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए निर्धारित संख्या में श्रद्धालुओं को पूजा की अनुमति दी जा सकती है। राज्य सरकार की ओर से मिलने वाले दिशा-निर्देश के अनुसार ही बाबा बैद्यनाथ मंदिर का पट आम श्रद्धालुओं के लिए खोला जाएगा। 

बेरुत में विस्फोट के बाद 03 लाख से अधिक लोग हुए बेघर

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उज्ज्वल दुनिया/ बेरूत, 06 अगस्त (हि.स.)। शहर के गवर्नर मारवान अबाउद ने बुधवार को बताया कि लेबनान में बेरूत के बंदरगाह में हाल ही में हुए शक्तिशाली विस्फोट के परिणामस्वरूप लगभग 3 लाख लोग बेघर हो गए हैं। दूसरी ओर बेरूत के मेयर जमाल इतानी ने बुधवार को मीडिया को बताया कि यह युद्ध के क्षेत्र की तरह हो गया है। उनके पास शब्द नहीं हैं।  उन्होंने कहा कि यह बेरूत और लेबनान के लिए कैस्ट्रोस्ट्रोफ है। 

अमोनियम नाइट्रेट के अवैध भंडारण के कारण हुआ विस्फोट 

गवर्नर मारवान अबाउद ने लेबनानी अधिकारियों के हवाले से आगे कहा कि यह विस्‍फोट 2,750 टन अमोनियम नाइट्रेट के अनुचित भंडारण के कारण हुआ था। इस बंदरगाह विस्फोट के बाद लेबनान की राजधानी में लगभग 300,000 लोग विस्थापित हो गए हैं। वहीं, इसके कारण से 3 बिलियन डालर से अधिक का नुकसान हुआ है।

100 से ज्यादा मौत,  4 हजार लोग घायल 

इससे पहले दिन में, अधिकारियों ने विस्फोट से लगभग 3-5 बिलियन की क्षति का अनुमान लगाया था। इसी के साथ लेबनान के रेड क्रॉस के माध्‍यम से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार तक बेरूत में हुए बम धमाकों में 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। जबकि 4000 घायल लोग अब तक सामने आए हैं। मंगलवार को हुए बम धमाकों से कई इमारतों को बड़ी क्षति पहुंची है और पूरा शहर इस घटना से हिल गया है। 

सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई पुलिस से सुशांत सिंह खुदकुशी मामले की मांगी जांच रिपोर्ट

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 मुंबई पुलिस को तीन दिन में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश, सुनवाई अगले सप्ताह

उज्ज्वल दुनिया नई दिल्ली, 06 अगस्त (हि.स.)। सुप्रीम कोर्ट ने सुशांत सिंह खुदकुशी मामले में मुंबई पुलिस से अब तक की जांच की स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। जस्टिस ऋषिकेष राय की बेंच ने मुंबई पुलिस को तीन दिन में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई अगले हफ्ते होगी।

कोर्ट ने बिहार सरकार और सुशांत के पिता केके सिंह को नोटिस जारी कर रिया चक्रवर्ती की याचिका पर जवाब देने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि बिहार सरकार की सीबीआई जांच की सिफारिश को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। मेहता ने कहा कि बिहार सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की है। केंद्र ने इसे स्वीकार करने का फैसला लिया है। लिहाजा रिया की ट्रांसफर याचिका पर सुनवाई की ज़रूरत नहीं है।

रिया चक्रवर्ती की ओर से वरिष्ठ वकील श्याम दीवान ने कहा कि बिहार में दर्ज एफआईआर को ट्रांसफर किया जाए। रिया चक्रवर्ती के खिलाफ सभी कार्यवाही पर रोक लगाई जाए और कोई निरोधात्मक कार्रवाई न की जाए। हमें अंदेसा है कि हमें गिरफ्तार किया जा सकता है क्योंकि बिहार की चार सदस्यीय पुलिस की टीम मुंबई मदद मांगने आई थी। इस मामले में अब तक 56 लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं।

सुशांत के पिता की ओर से वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने कहा कि कोई सुरक्षात्मक आदेश जारी नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि इससे साक्ष्यों के नष्ट होने का खतरा है। कोर्ट ने पूछा कि बिहार सरकार के लिए कौन हैं। तब वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि मैं। कोर्ट ने कहा कि बिहार सरकार ने सीबीआई को जांच सौंपने का आदेश दिया है। विकास सिंह ने कहा कि इस मामले में साक्ष्य मिटाए जा रहे हैं। जांच अधिकारी को क्वारेंटाइन में भेज दिया गया, यह अविश्वसनीय है।

भारत की दिव्यता और दर्शन में हैं राम: नरेन्द्र मोदी

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– कहा, अस्तित्व मिटाने का हुआ प्रयास, राम आज भी हमारे मन में बसे 

उज्ज्वल दुनिया अयोध्या, 06 अगस्त (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यहां राम मन्दिर भूमिपूजन के बाद अपने सम्बोधन की शुरुआत जय सिया राम के साथ प्रारंभ की। उन्होंने कहा कि आज इस जय घोष की गूंज पूरे विश्व में है। सभी देश वासियों, भारत भक्तों को और राम भक्तों को कोटि-कोटि बधाई। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मुझे इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने का अवसर दिया। 

सदियों से चल रहे व्यतिक्रम से रामजन्मभूमि आज हो गई मुक्त

उन्होंने कहा कि बरसों से टाट और टेंट के नीचे रह रहे हमारे रामलला के लिए अब एक भव्य मंदिर का निर्माण होगा। टूटना और फिर उठ खड़ा होना, सदियों से चल रहे इस व्यतिक्रम से रामजन्मभूमि आज मुक्त हो गई है। राम मंदिर के लिए चले आन्दोलन में अर्पण भी था तर्पण भी था, संघर्ष भी था, संकल्प भी था। उन्होंने कहा कि जिनके त्याग, बलिदान और संघर्ष से आज ये स्वप्न साकार हो रहा है, जिनकी तपस्या राम मंदिर में नींव की तरह जुड़ी हुई है, मैं उन सब लोगों को आज नमन करता हूं, उनका वंदन करता हूं। राम हमारे मन में गढ़े हुए हैं, हमारे भीतर घुल-मिल गए हैं। कोई काम करना हो, तो प्रेरणा के लिए हम भगवान राम की ओर ही देखते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि आप भगवान राम की अद्भुत शक्ति देखिए। इमारतें नष्ट कर दी गईं, अस्तित्व मिटाने का प्रयास भी बहुत हुआ। लेकिन, राम आज भी हमारे मन में बसे हैं, हमारी संस्कृति का आधार हैं।

हनुमान जी के आशीर्वाद से श्री राममंदिर भूमिपूजन का आयोजन हुआ शुरू

उन्होंने कहा कि यहां आने से पहले, मैंने हनुमानगढ़ी का दर्शन किया। राम के सब काम हनुमान ही तो करते हैं। राम के आदर्शों की कलियुग में रक्षा करने की जिम्मेदारी भी हनुमान जी की ही है। हनुमान जी के आशीर्वाद से श्री राममंदिर भूमिपूजन का ये आयोजन शुरू हुआ है। उन्होंने कहा कि श्रीराम का मंदिर हमारी संस्कृति का आधुनिक प्रतीक बनेगा। हमारी शाश्वत आस्था का प्रतीक बनेगा। हमारी राष्ट्रीय भावना का प्रतीक बनेगा और ये मंदिर करोड़ों-करोड़ लोगों की सामूहिक संकल्प शक्ति का भी प्रतीक बनेगा।

संघ प्रमुख बोले

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उज्ज्वल दुनिया/ अयोध्या, 06 अगस्त (हि.स.)। राममन्दिर भूमिपूजन के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि मंदिर निर्माण के लिए कइयों ने बलिदान दिए, मंदिर के निर्माण से सदियों की आस पूरी होने से लोगों में आनंद का माहौल है। उन्होंने कहा कि यह भारत को वैभवशाली बनाने की शुरुआत है।

इस भव्य कार्य के लिए प्रभु श्री राम जिस धर्म के लिए जाने जाते हैं, जो दुनिया को सुख-शांति का संदेश देता है, उसके लिए हमें अपने मन को भी अयोध्या बनाना है। हमें हमारे मन को मंदिर बनाना होगा। पुरुषार्थ का भाव हमारे रग-रग में है। भगवान राम का उदाहरण है। सब राम के हैं और सबमें राम हैं। यह सभी भारतवासियों के लिए है। कोई अपवाद नहीं। संघ प्रमुख ने कहा कि मुझे स्मरण है कि तब के हमारे संघ के सरसंघचालक बाला साहब देवरस जी ने यह बात हमको कदम आगे बढ़ाने से पहले याद दिलाई थी। 30 साल काम करना होगा तब यह काम होगा, हमने किया। संकल्प पूर्ति का आनंद मिल रहा है। 

उन्होंने कहा कि देश में अब आत्मनिर्भर बनाने की ओर काम जारी है, आज महामारी के बाद पूरा विश्व नए रास्तों को ढूंढ रहा है। जैसे-जैसे मंदिर बनेगा, राम की अयोध्या भी बननी चाहिए। हमारे हृदय में राम का बसेरा होना चाहिए तभी सभी द्वेषों से विकार से मुक्ति मिलेगी। संघ प्रमुख ने कहा कि इस समय पूरे देश में आनंद की लहर है। सदियों की आस पूरे होने का आनंद है और यह सबसे बड़ा आनंद है। भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जिस आत्मविश्वास की आवश्यकता थी। जिस आत्म भान की आवश्यकता थी उस का शुभारंभ आज हो रहा है।

लालू यादव को रिम्स के पेइंग वार्ड से रिम्स डायरेक्टर के बँगले में शिफ्ट किया गया

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उज्ज्वल दुनिया \रांची ।  चारा घोटाले मामले मे काट रहे सजा और रिम्स के पेइंग वार्ड में इलाज करा रहे आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को कोरोनावायरस के खतरे को देखते हुए रिम्स डायरेक्टर के बंगले में बुधवार को शिफ्ट कर दिया गया। बता दें कि लालू प्रसाद यादव के कोरोना जांच की रिपोर्ट निगेटिव आई है, लेकिन उनके सेवादार पॉजिटिव पाए गए थे। ऐसी परिस्थिति में लालू प्रसाद यादव को रिम्स के नजदीक शिफ्ट करने किया जा रहा है।

पुलिस की टीम रही मौजूद


राजद सुप्रीमो और चारा घोटाला मामले में सजा काट रहे बिहार के पूर्व मुख्‍यमंत्री लालू प्रसाद यादव रिम्स के पेइंग वार्ड के पहले तल्ले के ए 11 नंबर कमरे में इलाजरत थे। उनके सेवादार की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने के बाद लालू का इलाज कर रहे डॉक्टर उमेश प्रसाद ने उन्हें पेइंग वार्ड से कहीं और सुरक्षित शिफ्ट करने की बात कही थी। इसके बाद रिम्स प्रबंधन की ओर से लालू को शिफ्ट करने का प्रस्ताव जेल प्रशासन को दिया गया था। अब लालू को एहतियातन निदेशक के बंगले में शिफ्ट किया गया है। लालू को पेइंग वार्ड से यहां शिफ्ट करने के लिए जेल प्रशासन की ओर से एंबुलेंस की व्यवस्था की गई थी। शिफ्ट किए जाने के दौरान पुलिस की टीम मौजूद रही।

लालू की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव 


उधर, आरजेडी के सदस्यों ने बताया कि जिस सेवक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, वह लालू के साथ ही रहता था। पिछले कई दिनों से इसे खांसी हो रही थी। खांसी होने पर सेवक को गले में दर्द और बुखार भी आ रहा था। ऐसे में उसके साथ अन्य दो सेवकों की भी रिपोर्ट कोरोना जांच के लिए भेजी गई। इस दौरान लालू की रिपोर्ट निगेटिव और उसके सेवक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। मालूम हो कि यह सेवक पिछले कई वर्षों से राजद प्रमुख की सेवा करता आ रहा है।

कई बीमारियों से पीड़ित हैं लालू :


आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव रिम्स के पेइंग वार्ड में काफी समय से भर्ती हैं। उनकी तबीयत में उतार चढ़ाव जारी है। कुछ समय पहले लालू की तबीयत सामान्य होने की बात सामने आ रही है। लालू प्रसाद को शुगर के साथ-साथ लगभग 11 अन्य बीमारियों ने भी अपने चपेट में ले रखा है। इनमें हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट, किडनी की बीमारी भी शामिल हैं। इन बीमारियों की वजह से डॉक्टर ने उन्हें खानपान में सतर्कता बरतने की सलाह दी

देश के स्वर्णिम और गौरवशाली युग की शुरुआत

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उज्ज्वल दुनिया /रांची । भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का भूमि पूजन देश के लिए एक नये स्वर्णिम व गौरवशाली युग की शुरूआत है। आज का ऐतिहासिक दिन भारतीय इतिहास के पन्नों में स्वर्णाक्षरों में दर्ज हो गया है। देश के आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने धर्म नगरी अयोध्या में भव्य, दिव्य और अलौकिक राम मंदिर निर्माण का शिलान्यास और भूमि पूजन कर नया इतिहास रचने का काम किया है।

 
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि भूमि पूजन कर प्रधानमंत्री ने भारतवासियों की श्रद्धा व आस्था का जो सम्मान किया है, उसके लिए प्रधानमंत्री का झारखंड की तमाम जनता की तरफ से सहृदय धन्यवाद एवं आभार। अयोध्या में भूमि पूजन के साथ ही भारतवर्ष में राष्ट्रीय एकता और समरसता का एक नया अध्याय प्रारंभ हुआ है। भगवान राम संपूर्ण भारतीय संस्कृति और मूल्यों के प्रतीक हैं। लगभग 500 साल के अथक इंतजार के बाद यह स्वर्णिम लम्हा आना हर भारतीय के लिए सुखद और गौरव का पल है।