Friday 26th of June 2026 05:06:03 PM
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बुढ़मू के छापर बालू घाट से बालू का अवैध धंधा फिर शुरू

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एन जी टी रोक के बावजूद  जारी है अवैध बालू उत्खनन का धंधा
दामोदर नदी घाट से ट्रैक्टर द्वारा किया जाता है डंप और डंप यार्ड से हाइवा के माध्यम से बेचा जाता है अवैध बालू
सुधीर सिंह एस के एस मिनिरल्स व ईदू खान मिनिरल्स सहित दो लोगों के नाम से छापर नदी के तट पर  बालू स्टॉक का जारी है  लाइसेंस 

सुदीप सिंह (उज्ज्वल दुनिया) बुढ़मू  : थाना क्षेत्र में एक बार फिर बालू का काला खेल छापर स्थित बालू घाट से बदस्तूर जारी हो चुका  है। यह अवैध धंधा स्टॉक लाइसेंस के नाम पर चलाया जा रहा है। स्टॉक पर बालू नही है फिर भी दर्जनों हाइवा प्रतिदिन निकल रहें है क्योंकि सारा बालू छापर स्थिति बालू घाट से अवैध तरीके से खनन कर स्टॉक पर गिराया जाता है।बालू स्टॉक करने के लिए ट्रैक्टरों का सहारा लिया जा रहा है । दर्जनों ट्रैक्टर दिन रात लग कर बालू का अवैध सटॉक पर प्रतिदिन लगे रहते है और यही स्टॉक दिखा कर चालान के नाम पर अवैध बालू का उठाव किया जाता रहा है। स्टॉक का चालान दिखा कर राँची व आसपास के इलाकों में धड़ल्ले से बेचते है। इस खेल में जहाँ माफियाओं को रोजाना लाखो की कमाई हो रही है वहीं झारखंड सरकार को  राजस्व की हानि हो रही है।

दामोदर तट के वन भूमि पर माफिया कर रहे अवैध डंपिंग 

थाना क्षेत्र के छापर देवनद दामोदर नदी तट के  वन भूमि पर बालू माफियाओं द्वारा डंप यार्ड बनाया गया है जहाँ नदी से ट्रैक्टर के माध्यम से बालू डंप करते है।और यही डम्पिंग यार्ड से हाइवा वाहनों में  700 सीएफटी ओवरलोड बालू  बेचते है।जबकि 250 से 300 सीएफटी तक का ही चालान रहता है हाइवा वाहनों में।ज्ञात हो कि उक्त तस्वीर  में जो नजारा है देखा जा रहा है वह नजारा प्रतिदिन छापर स्थित दामोदर नदी घाट में देखने को मिलती है। 

छापर बालू घाट से अवैध बालू उत्खनन दामोदर नदी का अस्तित्व खतरे में

 बरसात के मौसम में जहां झारखंड सरकार द्वारा नदी घाटो को बंद किया गया वहीं दर्जनों गाड़ियों के माध्यम से नदी घाट से बालू का अवैध उत्तखनन ने नदी के अस्तित्व को खतरे में डाल दिया है। अगर इसी प्रकार का अवैध उत्तखनन होता रहा तो आनेवाले समय मे ना ही नदी बचेगी और ना ही पानी।ऊपर से जल,जंगल व जमीन पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ेगा।

 ग्रामीणों द्वारा दिया गया था आवेदन 

अवैध बालू तस्करी को लेकर ग्रामीणों  ने आवेदन देकर मुख्यमंत्री झारखंड सरकार  से अवैध उत्तखनन रोकने की गुहार लगाई थी।वावजूद आज दर्जनों गाड़ियों को इस नदी घाट में देखी जा रहीं है।

  स्टॉक चलान दिखा कर सारा बालू का उठाव नदी से किया जा रहा है

बालू का यह काला खेल स्टॉक चालान दिखा कर किया जा रहा है।लॉक डाउन होने के वावजूद अवैध बालू उठाव ने ग्रामीणों को स्तब्ध कर दिया है।

प्रकृति पर असर 

बालू के अवैध उत्तखन्न से प्रकृति पर व्यापक असर पड़ रहा है।नदियों में बालू उठाव के कारण सुख चुकी है।पानी जमीन के अंदर धंस गयी है।आस पास के जंगलों पर भी इसका अच्छा खासा प्रभाव पड़ता नजर आ रहा है।लगातार गाड़ियों के जंगली  क्षेत्रों से आवागमन के कारण गांव गांव के साथ जंगल भी प्रदूषण के जद में आ गया है।परंतु माफियाओ को इससे कोई फर्क पड़ने वाला कहाँ है।इसका असर तो आनेवाले समय पर पड़ेगा जब नदियाँ बंजर बन जाएगी और पानी के स्थान पर सिर्फ गढ़े नजर आएंगे।आखिरकार नदियां का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगी।

फोन नहीं उठा रहे खनन पदाधिकारी 

दूसरी ओर इस विषय पर जिला खनन पदाधिकारी सुबोध कुमार सिंह के मोबाइल नम्बर पर कॉल किया गया।पर फ़ोन नही उठाया। वहीं अंचलाधिकारी मधुश्री मिश्रा ने कहीं की जानकारी प्राप्त हुई है मैं जांच करूँगा।जांचोपरांत दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।

8 लाख 50 हजार 784 प्रवासी मजदूर वापस लौटे, सभी को काम देने की तैयारी

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फिया फाउंडेशन झारखंड सरकार के श्रम विभाग निभा रही अहम भूमिका

उज्ज्वल दुनिया /रांची । प्रवासी मजदूरों को वापस लाने में अहम् भूमिका निभानी वाली ‘ फिया फाउंडेशन ’ अब मजदूरों की स्क्रिनिंग कर उनके हाथों में रोजगार देने की तैयारी में जुटी है। अजीम प्रेमजी फाइलेंट्ररोपिक इनिशिएटिव की सहयोगी संस्था फिया फांउडेशन विगत 26 मार्च 2020 से प्रवासी मजदूरों के लिए निरंतर काम कर रही है। 

200 स्वयंसेवी संस्थाओं ने संभाला मोर्चा

राज्य सरकार की पहल पर फाउंडेशन ने नेपाल हाउस स्थित मंत्रालय में कंट्रोल रूम स्थापित किये, जिसमें 200 स्वंयसेवी संगठन से जुड़े वोलेंटियर ने मोर्चा संभाला, जिनमें स्वंयसेवी संगठन,  जेएसएलपीएस, वायरलेस वूमेन पुलिस शामिल थे। ट्रॉल फ्री नंबर पर पूरे 24 घंटे फोन घनघनाते और वोलेंटियर उनका कॉल अटेंड कर उनकी समस्या का समाधान निकालने में जुटे रहे। शुक्रवार को भी 60 वोलेंटियर कंट्रोल रूम में प्रवासी मजदूरों के साथ संपर्क स्थापित कर उनकी समस्याओं को समझने और उसके निदान में जुटे हैं। प्रवासी मजदूरों के साथ आज भी कंट्रोल रूम संपर्क में है और उनके स्वास्थ्य से लेकर रोजगार तक की परामर्श उपलब्ध करा रही। वापस आये 8 लाख से अधिक प्रवासी मजदूरों में साढ़े तीन लाख कुशल श्रमिक के रूप में पहचान किये गये हैं, जिनके लिए मुख्यमंत्री श्रमिक योजना के तहत रोजगार की रूपरेखा तैयार की जा रही है। 

8 लाख 50 हजार 784 मजदूरों की हुई वापसी

23 मार्च 2020 को देश के प्रधानमंत्री ने लॉक डाउन की आधिकारिक घोषणा के साथ ही सबसे बड़ी मुसिबत प्रवासी मजदूरों के सामने आयी। खान पान और रहने के साथ साथ उनके रोजगार पर भी संकट आ गये। अपनी दैनिक समस्या से जूझते हुए प्रवासी मजदूरों ने अपने काम की जगह से पलायन करना शुरू किया और जो तस्वीर सामने आयी, वो सबको निशब्द और चौकाने वाले थे। किसी राज्य की सरकार ने ऐसे हालात की उम्मीद नहीं की थी। झारखंड कंट्रोल रूम में दिन रात फोन आने लगे और उनकी वापसी की रणनीति बनने लगी। सरकार की ओर से 10 से अधिक टॉल फ्री नंबर जारी किये गये, जिसके तहत प्रवासी मजदूरों का रजिस्ट्रेशन आरंभ हुआ। 2 मई को हैदराबाद के लिंगमपल्ली से पहली ट्रेन प्रवासी मजदूरों को लेकर रांची पहुंची जिसमें 1116 प्रवासी मजदूर थे। उसके ठीक 20 दिन बाद 28 मई को 180 प्रवासी मजदूरों को लेकर फ्लाईट मुम्बई से रांची पहुंची। 

पांच जिलों में शुरू किये जीदन कार्यक्रम

फिया फाउंडेशन ने कोविड-19 के मौजूदा हालात के मद्देनजर रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा और लोहरदगा जिले में विशेष कार्यक्रम की शुरूआत की है। इस योजना को झारखंड इंटीग्रेटेड हेल्थ एंड न्यूट्रिशन प्रोग्राम (जीदन) का नाम दिया गया है। संस्था प्रखंड स्तर पर कॉर्डिनेटर की नियुक्ति कर रहा, जिसके माध्यम से गांव स्तर तक स्वास्थ्य के कार्यक्रम चलाये जायेंगे। राशन के साथ सुरक्षा किट भी बांटे फिया नेसंस्थान ने 10 हजार से अधिक जरूरतमंदों तक सूखा राशन पहुंचाया। राशन के किट में 4 किलो आंटा, पाउडर दूध के पैकेट, एक किलो चना, दाल, तेल, सोयाबीन के साथ साथ घरेलु चीजों को शामिल किया गया। जिसमें हेंड वॉश, सैनेटरी नैपकिन, फ्लोर क्लीनिंग, मॉस्क्यूटो क्वॉल के साथ साथ बच्चों के लिए नोटबुक, ड्राईंग बुक, कलर पेंसिल भी शामिल थे। फिया फाउंडेशन ने हेल्थ केयर किट के तहत बरनाबास अस्पताल व के.सी मेमोरियल अस्पताल को 400 पीपीई किट और मास्क उपलब्ध कराये। 

5 ट्रूनेंट एंव 2 थर्मो फीशर आर.एन.ए एक्सट्रेक्टर मशीन सरकार को दिये

झारखंड सरकार को अबतक फाउंडेशन ने लगभग 4.61 करोड़ रूपये की मेडिकल इक्यूपमेंट उपलब्ध कराये हैं। इस मेडिकल रिलिफ आईट्म में फील्ड हल्थ वर्कर के लिए सुरक्षात्मक किट से लेकर चिकित्सालय में जांच किट तक शामिल हैं। संस्था ने राज्य को 5 ट्रूनेट मशीन, 2 थर्मो फीशर आर.एन.ए एक्सट्रेक्टर, 29 हजार पीपीई किट, 36 हजार N-95 मास्क, 10 हजार सर्जिकल मास्क उपलब्ध कराये हैं

कंट्रोल रूम संचालित करना थी बड़ी चुनौती – जॉनसन टोप्पनो

फिया फाउंडेशन के राज्य प्रमुख जॉनसन टोप्पनो ने बताया कि कोविड-19 का यह दौर हर आम और खास लोगों के लिए अलग अलग तरह की परेशानी लेकर आया है। सबसे बड़ी समस्या प्रवासी मजदूरों की रही, जिसकी वापसी सुनिश्चित करना वाकई एक बड़ी चुनौती थी। 26 मार्च 2020 से लगातार तीन महीने तक दिन रात उनकी टीम काम में जुटी रही। एक भी दिन छुट्टी नहीं ली और 18 घंटे तक कंट्रोल रूम में डटे रहे। सरकार का स्पष्ट निर्देश था कि किसी भी तरह प्रवासी मजदूरों की जरूरतों को पूरी तरह ख्याल रखा जाये। ना केवल उनकी वापसी की तारीख तय हो, बल्कि उनके अस्थायी ठिकाने तक राहत और राशन भी उपलब्ध कराये जायें। इस काम में राईट टू फूड के बलराम जी, सुनील मिंज और पूर्व टीएसी सदस्य रतन तिर्की ने हाथ बंटाये। चुनौती अभी खत्म नहीं हुई है। उनके लिए उनके निवास स्थान पर रोजगार उपलब्ध हो, यह तय होने तक उनकी टीम काम करेगी।

सुशांत सिंह मामले की बंबई हाईकोर्ट ने 21 अगस्त तक सुनवाई टाली

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मुंबई (हि.स.)। फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह आत्महत्या मामले की सुनवाई बंबई हाईकोर्ट ने 21 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दिया है। बंबई हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता व न्यायाधीश अजय गडकरी ने कहा कि मामला सर्वोच्च न्यायालय में प्रलंबित है, इसलिए इस मामले की सुनवाई अब 21 अगस्त को होगी। 

हाईकोर्ट में वकील प्रियंका तब्रेवाल व समित ठक्कर ने सुशांत सिंह राजपुत आत्महत्या मामले की सीबीआई जांच के लिए याचिका दायर की है। शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान राज्य के महाधिवक्ता आशुतोष कुंभकोणी ने कहा कि इस मामले का मामला सीबीआई ने दर्ज किया है। मुंबई पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू की लेकिन सुशांत के घर वालों ने इस मामले में किसी भी तरह का संदेह नहीं व्यक्त किया था।  इसके बाद सीबीआई के वकील अनिल सिंह ने कहा कि रिया के पिता की शिकायत के आधार पर बिहार पुलिस ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दिया है। इसके बाद न्यायाधीश ने कहा कि मामला सर्वोच्च न्यायालय में चल रहा है, इसलिए मामले की सुनवाई 21 अगस्त तक के लिए स्थगित की जा रही है। 

अयोध्या मामले में मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के खिलाफ चीफ जस्टिस को पत्र

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नई दिल्ली । ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड पर अयोध्या मामले में अवमानना की कार्रवाई की मांग करने वाला एक पत्र सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को भेजा गया है। याचिका में मांग की गई है कि सुप्रीम कोर्ट इस पर संज्ञान ले।

वकील विनय वत्स ने चीफ जस्टिस को लिखे पत्र में कहा है कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने बयान जारी कर अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को दबाव में लिया गया अन्यायपूर्ण फैसला कहा है। बोर्ड के बयान में सुप्रीम कोर्ट के जजों की निष्पक्षता और ईमानदारी पर सवाल उठाया गया है। पत्र में कहा गया है कि ये आरोप कोर्ट की अवमानना है। इसलिए सुप्रीम कोर्ट इस पर संज्ञान ले। पत्र में कहा गया है कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने बयान जारी कर सुप्रीम कोर्ट का मान गिराया है। ऐसे में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के खिलाफ कंटेंप्ट ऑफ कोर्ट की धारा 2(सी)(आई) के तहत अवमानना की प्रक्रिया शुरू की जाए।

रोहणी नक्षत्र के चलते श्रीकृष्ण जन्मभूमि में 12 अगस्त को मनेगी जन्माष्टमी

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मथुरा (हि.स.)। ब्रजवासी इस बार योगीराज श्रीकृष्ण का 5246वां जन्मदिन मनाने जा रहे हैं।ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि इस बार अष्टमी में रोहणी नक्षत्र न होने के वजह से 12 को जन्माष्टमी मनाई जाएगी। मथुरा में कई मंदिर देवालयों में 11 को जन्माष्टमी मनाई जाएगी तो श्रीकृष्ण जन्मभूमि, ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर, द्वारिकाधीश मंदिर में 12 अगस्त को मनाई जाएगी। 
श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 12 अगस्त को मनाई जाएगी।

ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में भी 12 अगस्त को श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। द्वारिकाधीश मंदिर के विधि और मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी एडवोकेट ने बताया कि मंदिर में 12 अगस्त को श्री कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाएगी। आचार्य श्यामदत्त चतुर्वेदी ने बताया कि भाद्रपद कृष्ण अष्टमी तिथि का प्रारंभ 11 अगस्त सुबह 9 बजकर 6 मिनट से हो रहा है, जो 12 अगस्त को दिन में 11 बजकर 16 मिनट तक रहेगी। वहीं रोहिणी नक्षत्र का प्रारंभ 13 अगस्त को तड़के 3 बजकर 27 मिनट से हो रहा है और समापन सुबह 5 बजकर 22 मिनट पर होगा। ऐसे में 12 अगस्त को जन्माष्टमी मनाना उचित रहेगा।

बाबा रामदेव को राहत, याचिकाकर्ता पर जुर्माना

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नैनीताल । नैनीताल हाईकोर्ट से शुक्रवार को बाबा रामदेव  को बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने कोरोना वायरस से निजात दिलाने की दवा कोरोनिल को लांच किए जाने के खिलाफ दायर जनहित याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने याचिकाकर्ता पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।हाईकोर्ट े याचिकाकर्ता को एक सप्ताह के भीतर एडवोकेट वेलफेयर फंड में 25 हजार रुपये जमा करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि याचिकाकर्ता ने जनहित याचिका को वापस लेने का आग्रह किया। मगर  कोर्ट का अमूल्य समय खराब करने पर याचिकाकर्ता पर जुर्माना लगाया। कोर्ट ने यह भी कहा कि गलत तथ्य पेश करने पर समाज मे इसका गलत प्रभाव पड़ता है।कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश  रवि कुमार मलिमथ एवं न्यायमूर्ति एनएस धानिक की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।

मामले के अनुसार हा‌ईकोर्ट के अधिवक्ता मनि कुमार ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि बाबा रामदेव व उनके सहयोगी आचार्य बालकृष्ण ने  हरिद्वार में कोरोना वायरस से निजात दिलाने के लिए पतंजलि योगपीठ के दिव्य फॉर्मेसी कंपनी द्वारा निर्मित कोरोनिल दवा को लांच किया। याचिकाकर्ता का कहना था कि बाबा रामदेव कि दवा कंपनी ने आईसीएमआर द्वारा जारी गाइड लाइन का पालन नही किया। आयुष मंत्रालय भारत सरकार की अनुमति नही ली। आयुष विभाग उत्तराखंड से कोरोना की दवा बनाने के लिए आवेदन नही किया। जो आवेदन किया था वह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए किया गया था। उसकी आड़ में बाबा रामदेव ने कोरोनिल दवा का निर्माण किया। कंपनी द्वारा निम्स विश्विद्यालय राजस्थान द्वारा दवा का परीक्षण होना बताया गया, जबकि निम्स का कहना है कि उन्होंने ऐसी किसी भी दवा का क्लीनिकल परीक्षण नही किया। याचिकाकर्ता ने दवा को इन चार बिंदुओं के आधार पर चुनौती दी थी। याचिकाकर्ता का कहना था कि बाबा लोगों मे अपनी इस दवा का भ्रामक प्रचार प्रसार कर रहे हैं। ये दवा न ही आईसीएमआर से प्रमाणित है और न ही इनके पास इसे बनाने का लाइसेंस है। इस दवा का अभी तक क्लीनिकल परीक्षण तक नही किया गया इसके उपयोग से शरीर मे क्या साइड इफैक्ट होंगे, इसका कोई इतिहास नहीं है इसलिए दवा पर पूर्ण रोक लगाई जाए। 

सुशांत मामला: रिया चक्रवर्ती समेत छह पर सीबीआई की एफ़आईआर

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सुशांत सिंह राजपूत मामले में सीबीआई ने रिया चक्रवर्ती और उनके पिता इंद्रजीत चक्रवर्ती समेत छह लोगों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की है.
एफ़आईआर में संध्या चक्रवर्ती, शोविक चक्रवर्ती, सैमुअल मिरांडा और श्रुति मोदी का भी नाम है.

सीबीआई ने इन सब पर आईपीसी के सेक्शन 420 (धोखाधड़ी), 506 (डराने-धमकाने) और 120-बी (आपराधिक) साज़िश समेत कई अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है.
हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सुशांत सिंह मामले की सीबीआई जांच कराने की सिफारिश की थी, जिसे केंद्र सरकार ने स्वीकार कर लिया था. 

सरकार की विशेष अनुमति लेकर आए थे उमर सिंघार, नहीं हुआ नियमों का उल्लंघन

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उज्ज्वल दुनिया/रांची। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव और पार्टी के प्रदेश सह प्रभारी उमंग सिंघार राज्य सरकार से मंजूरी प्राप्त करने के बाद झारखंड आये हैं, इसमें कहीं से भी लॉकडाउन को लेकर जारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन नहीं हुआ है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता ने कहा कि पार्टी के प्रदेश सह प्रभारी ने रांची आने से पहले राज्य सरकार से विशेष अनुमति प्राप्त की और इसी के आधार पर उन्हें एयरपोर्ट पर होम क्वारंटाइन का मुहर नहीं लगाया गया। इस संबंध में भाजपा के नेता आरटीआई के माध्यम से जानकारी भी हासिल कर सकते है।

प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि लॉकडाउन को लेकर जारी दिशा-निर्देश के अनुसार तीन परिस्थितियों में लोगों को आने-जाने की अनुमति मिल सकते है, इसके तहत विधायिका से जुड़े लोगों, बिजनेस क्लास और स्पेशल अनुमति के तहत लोगों को लॉकडाउन में भी छूट दी जा सकती है, इसी आधार पर पार्टी के सह प्रभारी ने राज्य सरकार से अनुमति प्राप्त की है।

उन्होंने कहा कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश और विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी को यह जानकारी ही नहीं थी कि उन्हें किस तरह से सरकार से अनुमति लेनी है या फिर वे किसी गुप्त मिशन पर दिल्ली गये होंगे।

दिल्ली से आए भाजपा नेताओं को किया क्वारेन्टाइन, पर कांग्रेस के उमर सिंघार खुलेआम घूम रहे

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उज्ज्वल दुनिया/रांची । भाजपा के प्रदेश महामंत्री एवम सांसद समीर उरांव ने राज्य सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि राज्य सरकार के इशारे पर जिला प्रशासन कठपुतली बना हुआ है। लॉकडाउन के प्रारंभ से लेकर अबतक लगातार प्रशासन का दोहरा चरित्र उजागर हो रहा।

होम क्वारेन्टाइन का नियम सिर्फ आम आदमी और विपक्षी दलों के लिए है क्या? 

समीर उरांव ने कहा कि एक तरफ नेता विधायकदल एवम पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी को और राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेकर नई दिल्ली से लौटे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश को एयरपोर्ट पर ही 14 दिन के होम कोरेन्टीन का मुहर लगा दिया जाता है,  वहीं  कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी उमंग सिंगार नई दिल्ली से आकर रांची में कांग्रेस पार्टी के विभिन्न कार्यक्रमों में लगातार शामिल हो रहे।

उन्होंने कहा कि राज्य के मुख्य सचिव ने सरकारी आदेश निकालकर राज्य के बाहर से लौटने वालो को 14 दिन के होम कोरेन्टीन का स्पष्ट निर्देश दिया है परंतु ज़िला प्रशासन इसकी धज़्ज़िया उड़ा रहा है। सत्ताधारी दल केलिये अलग नियम लागू किये जा रहे जबकि विपक्ष केलिये अलग। सत्ताधारी दल के लोग सरकार के इशारे पर नंगा नाच कर रहे और प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है।

कांग्रेस और उसके नेता हर नियम-कानून से ऊपर कैसे ?

समीर उरांव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को कानून के अनुपालन का चरित्र कभी नही रहा। ये कानून को अपने हिसाब से चलाना चाहते हैं। सरकार के एक मंत्री ने बसों में भरकर जिला और समुदाय विशेष के लोगों को भेजा तो लॉक्ड डाउन के नियम धरे के धरे रह गए। सत्ताधारी विधायक नियमो को तोड़ते रहे ,राजभवन के सामने धरना प्रदर्शन होता रहा और प्रशासन मूकदर्शक बना रहा। 

पुलिस अफसरों के फोन टैपिंग मामले की सीआईडी ने शुरू की जांच

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उज्ज्वल दुनिया/ रांची : सीआइडी मुख्यालय में पुलिस अफसरों के मोबाइल नंबर को अपराधियों और पशु तस्करों का नंबर बता कर फोन टेप करने के मामले में डोरंडा थाना में दर्ज केस को सीआइडी ने अनुसंधान के लिए पुलिस से टेकओवर कर लिया है. केस की जांच के लिए सीआइडी मुख्यालय के अधिकारियों ने टीम का गठन किया है. टीम ने केस की जांच शुरू कर दी है. अनुसंधान में प्राथमिकी के नामजद आरोपी या अन्य किसी की संलिप्तता के बिंदु पर साक्ष्य एकत्र करने के बाद आगे की कार्रवाई करेगी.

उल्लेखनीय है कि मामले में डीएसपी मुख्यालय सीआइडी रंजीत लकड़ा की शिकायत पर डोरंडा थाना में 18 जुलाई को केस दर्ज हुआ था. पूर्व में जांच की जिम्मेवारी डोरंडा थाना के सब इंस्पेक्टर चंद्रशेखर यादव को सौंपी गयी थी. लेकिन बाद में पुलिस मुख्यालय के स्तर से केस में गहराई से अनुसंधान के लिए सीआइडी को ट्रांसफर करने का निर्णय लिया गया था.

सीआइडी की जांच में एक मोबाइल नंबरधारक की पहचान चौका के थाना प्रभारी रतन कुमार सिंह, दूसरे मोबाइल नंबरधारक की पहचान चुटिया थाना में पूर्व में पदस्थापित पुलिस पदाधिकारी रंजीत कुमार सिंह और तीसरे मोबाइल नंबर धारक की पहचान पुलिसकर्मी इरफान के रूप में की गयी थी. रतन सिंह का मोबाइल नंबर टैप करने के लिए उनके मोबाइल नंबर को अपराधी का बताया गया था. जबकि इरफान के मोबाइल नंबर को पशु तस्कर का और रंजीत सिंह के मोबाइल नंबर को धनबाद में सक्रिय पशु तस्कर रौनक कुमार का बताया गया था.

सीआइडी की जांच में यह बात सामने आयी थी कि उपरोक्त मोबाइल नंबर को टेप करने के लिए अनुरोध पत्र पर सीआइडी के तत्कालीन एसपी मनोज रतन चौथे और सीआइडी के तत्कालीन डीएसपी विनोद रवानी का हस्ताक्षर था. जिनसे पूछताछ करने पर सीआइडी के अधिकारियों को इस बात की जानकारी मिली थी कि संबंधित नंबरों को टेप करने के लिए तकनीकी शाखा के तत्कालीन पदाधिकारी अजय कुमार साहू ने संचिका तैयार की थी. गृह सचिव को भी अनुरोध पत्र भेजा गया था. जांच रिपोर्ट के आधार पर अजय कुमार साहू को प्राथमिकी अभियुक्त बनाया गया था.

अहमदाबाद के कोविड अस्पताल में लगी आग, 8 मरीजों की मौत

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उज्ज्वल दुनिया नई दिल्ली, 07 अगस्त (हि.स.)। अहमदाबाद में एक निजी अस्पताल के आईसीयू वार्ड में गुरुवार तड़के आग लगने से आठ मरीजों की मौत हो गयी है, जबकि 40 मरीजों को बचा लिया गया है। बचाये गए मरीजों को शहर के अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इस घटना पर प्रधानमंत्री ने दुख जताया है।

दरअसल अहमदाबाद में नवरंगपुर इलाके के श्रेय अस्पताल में गुरुवार तड़के शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। इस घटना में 8 मरीजों की जान चली गई, जबकि 40 मरीजों को बचा लिया गया। घटना के समय 50 से अधिक कोरोना मरीज अस्पताल में भर्ती थे। सीएम विजय रूपाणी ने अहमदाबाद के श्रेय अस्पताल में आग लगने की घटना की जांच के आदेश दिए हैं।

गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव संगीता सिंह जांच का नेतृत्व करेंगी। मुख्यमंत्री ने 3 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट मांगी है। गुजरात सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव कुमार गुप्ता ने बताया है कि श्रेय अस्पताल को सील कर दिया गया है। अस्पताल के 41 मरीजों को सरदार वल्लभभाई पटेल अस्पताल में स्थानांतरित किया गया है।

मनोज सिन्हा होंगे जम्मू

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उज्ज्वल दुनिया  नई दिल्ली, 07 अगस्त (हि.स.)। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गुरुवार को केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। उनके स्थान पर पूर्व केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा को नया उपराज्यपाल नियुक्त किया है।

राष्ट्रपति सचिवालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल के रूप में गिरीश चंद्र मुर्मू का इस्तीफा स्वीकार करके उनके स्थान पर मनोज सिन्हा को जम्मू कश्मीर का नया उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है। वह जिस दिन कार्यभार ग्रहण करेंगे, उनकी नियुक्ति उसी तारीख से मानी जाएगी। मनोज सिन्हा 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में मंत्री थे। उन्होंने दूरसंचार और रेल जैसे प्रमुख मंत्रालयों को संभाला था। वह पूर्वी उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से दो बार लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं। हालांकि वह 2019 में चुनाव हार गए थे। 

उल्लेखनीय है कि लगभग नौ महीने तक जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल की जिम्मेदारी संभालने के बाद गिरीश चंद्र मुर्मू ने बुधवार शाम को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। 1985 बैच के आईएएस अफसर रहे मुर्मू गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री रहे नरेंद्र मोदी के प्रधान सचिव भी रहे थे।

सरकार ने माना, एलएसी पर स्थिति ‘संवेदनशील’

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– सरकार के दस्तावेज में बताया गया, 5 मई से पूर्वी लद्दाख में चीनी आक्रमण बढ़ा 
​नई दिल्ली, 07 अगस्त (हि.स.)​​।
​ पूर्वी लद्दाख में चीनी ​आक्रमण की बात पहली बार आधिकारिक तौर पर सरकार ने मानी है​। ​रक्षा मंत्रालय ने माना है कि ​वास्तविक नियंत्रण रेखा (​​एलएसी) ​पर खास तौर पर गलवान घाटी में 5 मई से चीन की आक्रामकता​​ बढ़ रही है। ​​सरकार ने यह भी माना है कि एलएसी ​पर चीन ​की एकतरफा आक्रामकता से पूर्वी लद्दाख में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है और ​यह गतिरोध लंबे समय तक रहने की आशंका है​​​​।​​

सीमा की करीबी निगरानी और त्वरित कार्रवाई की जरूरत पर दिया गया जोर

रक्षा विभाग की ​​जून, 2020 ​में ​हुई ​प्रमुख गतिविधियों के बारे में ​रक्षा मंत्रालय की वेबसाइट ​पर ​​एक रिपोर्ट जारी की गई, जिसे मीडिया में आने के बाद वेबसाइट से हटा लिया गया​।​ ​पूर्वी ​लद्दाख में ​वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के बारे में सरकार की ओर से यह पहला आधिकारिक दस्तावेज​ है​।​ इसमें पहली बार सेना ने माना है कि ​5 मई से ​​एलएसी​ पर और ​​विशेष रूप से​ ​ग​​लवान घाटी में​ चीनी आक्रमण बढ़ रहा है। ​गलवान ​घाटी के बाद 17-18 मई को ​​कुगरांग नाला, गोगरा और ​पैंगोंग त्सो झील के उत्तरी तट ​तक चीनियों ने घुसपैठ की ​है।​ यह कुगरंग नाला हॉट स्प्रिंग्स के उत्तर में पीपी 16 और पीपी 15 (गोगरा) के पास है​​​​​। ​​​इन्हीं मामलों पर दोनों देशों के बीच ​​कोर कमांडर लेवल ​की ​फ्लैग मीटिंग 6​ ​जून को आयोजित ​की गई थी। ​​इसके बाद भी ​भारतीय क्षेत्र में एक किलोमीटर से अधिक की दूरी पर स्थित ​गलवान घाटी में ​​15 जून को ​भारत और चीन ​के​ सैनिकों के बीच​ हुई खूनी झड़प हुई, जिसमें 20 भारतीय सैनिकों की मौत हो गई​​।​​ ​इस घटना में चीनी पक्ष ​के ​हताहत​ ​सैनिकों की संख्या ​ज्यादा है लेकिन उनकी सहीं संख्या ​​के बारे में अभी भी​ पता नहीं ​है​​।   

​​हालांकि दस्तावेज में ​​​इस बीच ​गलवान ​घाटी में हुए बदलावों का ​​​जिक्र नहीं ​किया गया ​है लेकिन ​यह माना गया है कि ‘हिंसक झड़प’ के बाद माहौल शांत करने के लिए​ ​दोनों सेनाओं के बीच 22 जून को ​कोर कमांडर लेवल ​की ​दूसरी बैठक हुई​​।​ इसी कमांडर स्तर की इसी वार्ता में डी-एस्केलेशन प्रक्रिया के तौर-तरीकों पर चर्चा की गई। बैठक में भारत ने चीन से दो टूक कहा कि पहले लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) से अपनी सेना हटाकर 2 मई से पहले की स्थिति बहाल करें, तभी आगे की बातचीत संभव है। सरकार ने यह भी माना है कि सैन्य और राजनयिक स्तर पर बातचीत पारस्परिक रूप से जारी है और वर्तमान गतिरोध लंबे समय तक रहने की आशंका है। चीन से ​गतिरोध के बारे में मंत्रालय ने दस्तावेज में कहा है कि चीन की एकतरफा आक्रामकता से उत्पन्न पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (​​एलएसी) पर स्थिति संवेदनशील बनी हुई है, इसलिए सीमा पर करीबी निगरानी और त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता है।

बड़कागांव के चंदौल से हथियार के साथ दो उग्रवादी गिरफ्तार

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प्रतिबंधित संगठन जेपीसी से जुड़ा बताया जा रहा एरिया कमांडर

उज्ज्वल दुनिया संवाददाता/हजारीबाग। बड़कागांव थाना अंतर्गत चंदौल से हथियार के साथ दो उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया है। दोनों प्रतिबंधित संगठन झारखंड प्रस्तुति कमेटी (जेपीसी) से जुड़े बताए जाते हैं। इनमें एक केरेडारी बुंडू निवासी पुरुषोत्तम गंझू एरिया कमांडर बताया जा रहा है। वहीं दूसरा बड़कागांव चंदौल निवासी बैजनाथ रजवार बताया जा रहा है। दोनों उग्रवादियों से हथियार भी बरामद हुए हैं। दोनों को गोपनीय ठिकानों पर रखकर गहन पूछताछ की जा रही है। बताया जाता है कि एसपी को चंदौल में उग्रवादियों के होने की गुप्त सूचना मिली थी। उनके निर्देश पर टीम बनाकर छापामारी की गई।

गोपनीय ठिकाने पर की जा रही पूछताछ, कुछ भी जानकारी देने से पुलिस का इनकार

जंगल का लाभ उठाकर कुछ उग्रवादियों के भागने की सूचना है। हालांकि पुलिस पूरे मामले में कुछ भी कहने से इनकार कर रही है। बताया जाता है कि उग्रवादी पुरुषोत्तम गंझू पर कई मामले दर्ज हैं। कटकमदाग के कुंडीलबागी स्थित पेट्रोल पंप में आग लगाने में भी यह आरोपी रहा है। केरेडारी, बड़कागांव, कटकमदाग, कटकमसांडी, चरही, गिद्दी और उरीमारी के अलावा चतरा जिले के टंडवा और सिमरिया थाना क्षेत्र में  दोनों उग्रवादियों पर कई मामले दर्ज हैं। करीब छह माह पूर्व पुरुषोत्तम गंझू हत्या के एक मामले में जेल से निकला था। क्षेत्र में लेवी वसूलना, आगजनी कर दहशत फैलाना समेत कई कांडों को अंजाम दिया है। पुलिस फरार उग्रवादियों की टोह में लगी है।

मेदिनीनगर के अनिमेष रंजन को यूपीएससी में 720वां स्थान

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रांची, 06 अगस्त। पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर के रहने वाले अनिमेष रंजन ने यूपीएससी (संघ लोक सेवा आयोग) में 720वां स्थान लाया है। वे आईआईटी खड़गपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की है। पिता मिथिलेश कुमार पांडेय सदगुरु जगजीत सिंह नामधारी कॉलेज गढ़वा में केमिस्ट्री डिपार्टमेंट में डिमांस्ट्रेटर हैं और मां मंजू पांडेय गृहिणी हैं। अनिमेष अपनी सफलता का श्रेय़ मां-पिता के अलावा विशेष रूप से अपने नाना शंभू नाथ दूबे को देते हैं।

मैट्रिक तक की पढ़ाई डीएवी मेदिनीनगर और प्लस टू कोटा से करने वाले अनिमेष ने बताया कि मैंने पिछले साल भी यूपीएससी क्वालिफाई की थी। आईआरटीएस (इंडियन रेलवे ट्रैफिक सर्विस) मिला है। फिलहाल लखनऊ में ट्रेनिंग में हैं। उन्होंने बताया कि सरकारी सेवा में आने से पहले स्नैपडील में भी कार्यरत रहा था।