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ओडिशा में 24 घंटे में कोरोना के 1341 नये मामले आए सामने

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भुवनेश्वर । राज्य में बीते 24 घंटे में कोरोना के रिकार्ड 1341 नये मामले सामने आये हैं। राज्य के सूचना व जन संपर्क विभाग ने इसकी पुष्टि करते हुए ट्वीट कर बताया है कि इसके साथ ही राज्य में कोरोना के कुल मामलों की सख्या बढ़कर 48796 हो गई है।

विभाग के अनुसार नये मामलों में 818 संगरोध केन्द्रों से और 523 स्थानीय संपर्क में आकर संक्रमित हुए हैं। मंगलवार को संक्रमित मिले लोग कुल 29 जिलों से हैं। गंजाम जिले से 227 और खोर्धा जिले से 218 नये मामले सामने आये हैं।

अनुगुल जिले से 4, बालेश्वर जिले से 54,  बरगढ जिले से 56 , भद्रक जिले से 83,  बलांगीर जिले से 27, बौद्ध जिले से 10 तथा  कटक जिले से 76 नये मामले सामने आये हैं। ढेंकानाल जिले से 14, गजपति  जिले से 20, जगतसिंहपुर जिले से 16,  जाजपुर जिले से 15, झारसुगुडा जिले से 67, कलाहांडी जिले से 25, कंधमाल जिले से 16, केन्द्रापडा जिले से 27, केन्दुझर जिले से 23 नये कोरोना संक्रमित पाये गये हैं।

कोरापुट जिले से 45, मालकानगिरि जिले से 17, मयुरभंज जिले से 9, नवरंगपुर जिले से 6,  नय़ागढ़ जिले से 57 कोरोना संक्रमित पाये गये हैं। नूआपडा जिले में 7, पुरी जिले से 16, रायगडा जिले से 75, संबलपुर जिले से 26, सोनपुर से 14 तथा सुंदरगढ़ जिले से 91 नये मामले सामने आये हैं।

24 घंटे में 23035 नमूनों की परीक्षण:

राज्य के स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभाग के अनुसार राज्य में गत 24 घंटे में 23035 नमूनों का परीक्षण किया गया है।अब तक राज्य में 692301 नमूनों का परीक्षण किया जा चुका है।

राज्य के विभिन्न जिलों में कोरोना संक्रमितों की संख्या:

आज गंजाम जिले में 227 नये कोरोना संक्रमितों की पहचान होने के बाद जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या 13315 हो गई है। गंजाम जिला इस सूची में आज भी सबसे ऊपर है।अनुगुल जिले में 443, बालेश्वर जिले में 1488, बरगढ जिले में 700, भद्रक जिले में 1076 कोरोना संक्रमित पाये गये हैं। बलांगीर जिले में 723, बौद्ध जिले में 220, कटक जिले में 3278, देवगढ जिले में 101, ढेंकानाल जिले में 681, गजपति जिले में 2040 व जगतसिंहपुर जिले में  908 संक्रमित पाये गये हैं।

जाजपुर जिले में 1649, झारसुगुडा जिले में 467, कलाहांडी जिले में 543 कंधमाल जिले में 932 , केन्द्रापडा जिले में 695, केन्दुझर जिले में 1066  तथा खोर्धा जिले में 6881 मामले सामने आ चुके हैं। कोरापुट जिले में 1316, मालकानगिरि जिले में 943 , मयुरभंज जिले में 927, नवरंगपुर जिले में 389, कोरोना संक्रमितों की पहचान की जा चुकी है। नयागढ जिले में 1098,  नूआपडा जिले में 194,  पुरी जिले में 1315 , रायगडा जिले में 1581  , संबलपुर जिले में 1195, सोनपुर जिले में 188 तथा सुंदरगढ जिले में 2453  मामले सामने आये हैं ।

नई शिक्षा नीति के साथ कृषि शिक्षा व शोध को बढ़ाएं: तोमर

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नई दिल्ली (हि.स.)। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने राष्ट्रीय कृषि उच्च शिक्षा परियोजना के अंतर्गत विकसित “कृषि मेघ” सहित तीन महत्वपूर्ण सुविधाओं का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं के माध्यम से डिजीटल इंडिया संकल्पना की कड़ी में कृषि क्षेत्र में कम्प्युटिंग के युग की शुरुआत हो गई है। कृषि मेघ के अंतर्गत, बरसों के कृषि संबंधी अनुसंधान का डाटा अब एक ही डिजीटल प्लेटफार्म पर मिल सकेगा, जिसका उपयोग करते हुए तरक्की के नए आयाम हासिल किए जा सकेंगे।

तोमर ने मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए इन सुविधाओं की शुरुआत करते हुए कहा कि यह प्लेटफार्म बहुत सुविधाजनक होगा, जिससे देश के लिए योगदान में सहभागिता रहेगी। उन्होंने नई शिक्षा नीति के साथ कदमताल मिलाते हुए कृषि शिक्षा और शोध कार्यों को बढ़ावा दिए जाने की बात पर भी जोर दिया।तोमर ने जिन सुविधाओं का शुभारंभ किया, उसमे कृषि मेघ (एनएआरईएस- क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर एंड सर्विसेज), उच्च कृषि शैक्षिक संस्थानों की प्रत्यायन प्रणाली पोर्टल और कृषि विश्वविद्यालय छात्र एलुमिनाई नेटवर्क (केवीसी एलूनेट) शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये नई सुविधाएं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के इतिहास में बहुत बड़ा कदम है। ये सिर्फ सुविधाएं मात्र नहीं है, बल्कि इससे पारिवारिक भावना को बल मिलेगा, क्योंकि बरसों से जिन भी छात्रों-प्राध्यापकों ने शोध कार्य किए, वे संयुक्त परिवार की तरह एक प्लेटफार्म पर उपलब्ध रहेंगे। पारिवारिक भावना होने से जिस प्रकार परिवार की उत्तरोतर प्रगति होती है, उसी तरह संस्थान की भी प्रगति होती है। इस दृष्टि से यह कार्य महत्वपूर्ण है। एलुमिनाई नेटवर्क से नए-पुराने स्टूडेंट्स को परस्पर मिलने के साथ ही पुराने-नए तौर-तरीके सीखने-समझने का अवसर भी मिलेगा। वहीं, कृषि शिक्षा संस्थाओं की मान्यता ऑनलाइन हो सकेगी, जिससे पारदर्शिता रहेगी। 

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भी जोर पारदर्शिता पर ही है। हैदराबाद में डिजास्टर रिकवरी सेंटर खोलने से काफी सुविधा रहेगी। केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति आने के बाद नए तरीके से सोचना और काम करना होगा। शिक्षा रोजगारोन्मुखी हो, गुणवत्ता अच्छी हो। सिर्फ भीड़ न हों बल्कि शिक्षा में उत्कृष्टता आए, इसका लाभ भी कृषि शिक्षा के क्षेत्र में मिलेगा। शिक्षा नीति की बातों को कैसे कृषि विज्ञान के अनुरूप बनाया जाएं, इसकी योजना बनाई जाएं।

वायुसेना में लड़ाकू विमानों की बनेंगी 11 नई स्क्वाड्रन

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नई दिल्ली, 11 अगस्त (हि.स.)। मौजूदा समय में पाकिस्तान के साथ ही चीन से संघर्ष बढ़ने पर भारतीय वायुसेना एक साथ दो युद्ध लड़ने की क्षमता विकसित करना चाहती है। इसलिए फ्रांस से पांच राफेल फाइटर जेट की पहली खेप आने के बाद भारतीय वायुसेना को अभी भी कम से कम 230 लड़ाकू विमानों की जरूरत है। इसलिए लड़ाकू विमानों की 11 नई स्क्वाड्रन गठित करने की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है। स्वदेशी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट ‘तेजस’ और लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर ‘एलसीएच’ का सौदा एचएएल से अभी तक खटाई में पड़ा दिख रहा है। 

विश्व की चौथी सबसे बड़ी भारतीय वायुसेना के पास 900 लड़ाकू एयरक्राफ्ट हैं। भारतीय वायुसेना के पास फिलहाल सात तरह के फाइटर एयरक्राफ्ट हैं जिसमें सुखोई-30 एमकेआई, तेजस, मिराज 2000, मिग-29, मिग-21 और जगुआर शामिल हैं। फ्रांस की कंपनी डसॉल्ट एविएशन से 2016 में ऑर्डर किए गए 36 राफेल फाइटर जेट की पहली खेप के रूप में 5 विमान 29 जुलाई को भारत पहुंचे हैं 2023 तक सभी राफेल जेट की आपूर्ति होने के बाद यह स्क्वाड्रन पूरी होगी। अभी तक भारतीय वायुसेना के पास लड़ाकू विमानों की 31 स्क्वाड्रन हैं, जिनमें मिग-21 के पांच विमान भी शामिल हैं। अब तक इन मिग-21 की वायुसेना के बेड़े से विदाई हो जानी चाहिए थी जो नहीं हो पाई है क्योंकि वरिष्ठ वायु अधिकारियों का मानना है कि वायुसेना के पास मौजूदा 31 स्क्वाड्रन कम पड़ रही हैं जिसे बढ़ाए जाने की जरूरत है।

दरअसल मौजूदा समय में पाकिस्तान के साथ ही अब चीन से संघर्ष बढ़ने पर भारतीय वायुसेना एक साथ दो युद्ध लड़ने की क्षमता विकसित करना चाहती है। इसके लिए कम से कम 42 स्क्वाड्रन की आवश्यकता महसूस की जा रही है। नई 11 स्क्वाड्रन के लिए वायुसेना को करीब 230 फाइटर जेट की जरूरत है। हालांकि राफेल जेट की आपूर्ति शुरू होने को अधिकारी वायुसेना की ताकत बढ़ने का पहला कदम मानते हैं लेकिन बाकी राफेल्स की आपूर्ति होने में अभी 34 महीने बाकी हैं। इसके पहले नई 11 स्क्वाड्रन गठित करने की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है।

अगले दो वर्षों में स्वदेश निर्मित लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट तेजस मार्क-1ए के 83 जहाजों और लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर ‘एलसीएच’ के 85 जहाजों को वायुसेना के बेड़े में शामिल किया जाना है। स्वदेशी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) तेजस मार्क-1ए जेट के 83 विमानों के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित 5.2 बिलियन डॉलर का अनुबंध तैयार है और इस साल दिसम्बर में या उससे पहले एचएएल को दिए जाने की संभावना है। इसी तरह एचएएल ने पांच लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर ‘एलसीएच’ का उत्पादन भी शुरू कर दिया जिसमें से एचएएल ने एक जोड़ी एलसीएच एक सप्ताह के लिए ट्रायल के तौर पर वायुसेना को सौंप दिए हैं जो इस समय प्रक्षेपण तैनाती के हिस्से के रूप में लद्दाख में लेह और अन्य एयरबेसों के बीच सशस्त्र गश्ती दल उड़ान भर रहे हैं।

भारत ने 33 लड़ाकू जेट का ऑर्डर अपने पुराने सैन्य सहयोगी रूस को दिया है। इनमें 12 सुखोई 30 एमकेआई और 21 नये रूसी मिग-29 लड़ाकू विमान हैं। भारतीय वायुसेना के पास पहले से ही मौजूद 59 मिग-29 के लिए तीन स्क्वाड्रन हैं और पायलट भी इससे परिचित हैंं। नए मिग-29 की खरीद और पुराने 59 मिग-29 के अपग्रेडेशन पर 7 हजार 418 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा एचएएल से 12 सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान 10 हजार 730 करोड़ रुपये में खरीदे जायेंगे। भारत के पास 272 ऐसे जेट्स के लाइसेंस प्राप्त उत्पादन के लिए रूस से मंजूरी है। अब लिये जाने वाले 12 सुखोई 30 एमकेआई तत्काल कमी को पूरा करने के साथ ही पिछले एक दशक में दुर्घटनाग्रस्त हुए विमानों की भी भरपाई करेंगे।   वायुसेना को अगर 83 तेजस मार्क-1ए , 85 एलसीएच, 21 रूसी मिग-29 और 12 सुखोई 30 एमकेआई की आपूर्ति हो भी जाए, तब भी 30 लड़ाकू विमानों की कमी रह जाती है। अब रक्षा मंत्रालय ने ‘आत्म निर्भर भारत’ के तहत आर्टिलरी गन, असॉल्ट राइफलें, लड़ाकू जलपोत, सोनार प्रणाली, मालवाहक विमान, हल्के लड़ाकू विमान (एलसीएच), रडार जैसी उच्च प्रौद्योगिकी हथियार प्रणालियों के आयात पर प्रतिबन्ध लगा दिया है जिससे भारतीय वायुसेना की जरूरतें स्वदेशी बाजार से किस हद तक पूरी हो पाएंगी, यह वक्त बताएगा। 

पंचायत सचिव परीक्षा की अंतिम मेधा सूची जारी करे सरकार

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उज्ज्वल दुनिया \रांची । भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने सीएम हेमंत सोरेन को एक बार फिर पत्र लिखा है । अपनी चिट्ठी में उन्होंने पंचायत सचिव परीक्षा का अंतिम मेधा सूची को राज्य सरकार द्वारा अकारण लटकाए जाने के कारण 3088 अभ्यर्थियों के बर्बाद हो रहे भविष्य पर ध्यान दिलाया है । बाबूलाल मरांडी ने अपनी चिट्ठी में कहा है कि इस मामले में विभिन्न चरणों में लिखित व जांच परीक्षा पूर्ण की जा चुकी है। सफल अभ्यर्थियों का सितम्बर, 2019 में प्रमाण-पत्रों की जांच की जा चुकी है। इसके पूर्व परीक्षाफल प्रकाशित करने को लेकर आपको बहुत सारे जनप्रतिनिधियों ने आग्रह-पत्र लिखा है। स्वयं अभ्यर्थियों का प्रतिनिधित्वमंडल भी कई दफा आपसे मुलाकात कर लिखित आवेदन सौंपकर इस समस्या के तत्काल समाधान की गुहार लगा चुका है। बावजूद पंचायत सचिव का अंतिम मेधा सूची प्रकाशित नहीं होना दुखद है। 

विपक्ष में रहते हुए भरोसा दिया, सत्ता में आते ही पलट क्यों गए ?

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि  नेता-प्रतिपक्ष रहते हुए आपने इस मामले में ठोस आश्वासन भी दिया है। हमें नहीं लगता कि विपक्ष में रहते हुए दिए गए ठोस आश्वासन के मायने सत्ता प्राप्ति के साथ ही बदल जाते हैं ? 

बाबूलाल ने लिखा है कि हमें पता है कि मेरे द्वारा लिखा गया पत्र आपको काफी कड़वा लगता है। इसलिए हमने इस मुद्दे पर अब तक ज्यादातर चुप्पी साधे रखना मुनासिब समझा। लगा कि हमारे बगैर हस्तक्षेप के ही आप इन सबका कल्याण कर देंगे। परंतु आप मामलों को लटकाए रखने में माहिर हैं , आपको जनहित के ऐसे मामलों को लटकाए रखने में शायद आनंद आता है ? हम इस पर कभी विस्तार से चर्चा करेंगे। आपका यह रवैया लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए कतई शुभ नहीं है। हमने बहुत प्रतीक्षा किया कि इस मामले में बगैर हमारे पत्राचार के परीक्षाफल प्रकाशित हो जाए। परंतु जब कई जनप्रतिनिधियों के द्वारा पत्र लिखने के बावजूद आपके स्तर से सिवाय टालमटोल के कोई सुगबुगाहट देखने को नहीं मिली तो मुझे लगा कि अब इस पर देर करना मुनासिब नहीं है। एक जनप्रतिनिधि होने के नाते इस ओर आपका ध्यान आकृष्ट कराना, मेरा दायित्व बन जाता है।
वहीं अन्य रिक्तियों दारोगा, आईआरबी, रेडियो आॅपरेटर, वायरलेस दारोगा आदि का विज्ञापन, पंचायत सचिव के बाद का होने के बावजूद इन सभी की नियुक्ति की जा चुकी है और वे सभी कार्यरत भी हैं। वहीं विज्ञापन संख्या 03/2017 के तहत राजस्व कर्मचारी की भी नियुक्ति हो चुकी है और वे डेढ़ साल से अधिक समय से नौकरी भी कर रहे हैं। जबकि पंचायत सचिव व राजस्व कर्मचारी का नियमावली एक बताया जा रहा है।

पत्रकार विकास तिवारी पर गोली चलाने वाले दो अपराधी सहित चार गिरफ्तार कर भेज दिया गया जेल

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नितेश जायसवाल / उज्जवल दुनिया संवाददाता
लातेहार  । पुलिस के एक विशेष टीम ने गुप्त सुचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पत्रकार विकास तिवारी पर गोली चलाने वाले दो अपराधियों सहित सुजीत सिन्हा और अमन साहू गैंग के लिए काम करने वाले चार अपराधियों को सोमवार को हथियार, गोली और चारपहिया वाहन के साथ गिरफ्तार कर लिया।

लातेहार के एसपी प्रशांत आनंद ने प्रेसवार्ता कर बताया कि लातेहार सदर थाना के किनामाड़ से सुजीत सिन्हा और अमन साहू गैंग के तीन अपराधियों को चंदवा में आपराधिक कांड कारित करने के लिए जाते समय पकड़ा गया। इनके पास से लोडेड कार्बाइन, पिस्टल, मैगज़ीन, गोली और मोबाइल फ़ोन बरामद किया गया। एक अन्य अपराधी को पिपरवार थाना क्षेत्र से पकड़ा गया। 
एसपी प्रशांत आनंद ने बताया कि पुलिस की पकड़ में आये अनूप कुमार यादव और सकिंद्र उरांव ने 22 फरवरी को रेलवे स्टेशन लातेहार के पास पत्रकार विकास तिवारी पर गोली चलाने की घटना में संलिप्तता स्वीकार की है। इन दोनों ने एक अन्य अपराधी बीरेंद्र उरांव के साथ मिलकर 9 फरवरी को टोरी रेलवे साइडिंग में गोली चालन की घटना में भी शामिल होने की बात स्वीकारी है। 

अपराधियों के पास से बरामद 

9 एम एम कार्बाइन-1, कार्बाइन की मैगज़ीन-1, देशी पिस्टल-4, देशी पिस्टल की मैगज़ीन -8, 9mm की जिन्दा गोली- 25, 7.65 एम एम की जिन्दा गोली- 16, 7.65 एम एम का खोखा-1, बोलेरो-1 और मोबाइल फ़ोन-5 बरामद किया गया।

लातेहार थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अमित कुमार गुप्ता, परिपुअनि धर्मेंद्र महतो, आशुतोष यादव, जमील अंसारी, नितीश कुमार, राहुल कुमार मेहता, शहीद अंसार छापेमारी अभियान में शामिल थे।

तिलैया पुलिस का ख़ौफ़नाक चेहरा, एक डॉक्टर को बुरी तरह पीटा साथ ही घिसटकर ले गयी थाने

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संजय साजन/ उज्ज्वल दुनिया/कोडरमा। तिलैया पुलिस का ख़ौफ़नाक चेहरा सामने आया है। झुमरीतिलैया बाजार में पुलिस का रौद्र रूप देख हर कोई हैरान है। पुलिस और पब्लिक के बीच रिश्ते सुधारने की बात करने वाले पुलिस कप्तान डॉ एहतेशाम बकारीब के कार्यकाल में तिलैया पुलिस ने एक डॉक्टर को बुरी तरह पीटा साथ ही घिसटकर थाना ले गयी। 

क्या है पूरी घटना ? 

दरअसल डॉक्टर वीरेंद्र कुमार झुमरीतिलैया के झंडा चौक के समीप राधे राधे मार्केट के सामने  प्लास्टिक दुकान से खरीददारी करने  पहुंचे थे। बताया जाता है कि सड़क किनारे कार लगाकर दुकान गए थे। तभी तिलैया थाना प्रभारी पहुंच गए। कार हटाने को लेकर पुलिस और डॉक्टर के बीच नोंकझोंक हो गयी। पुलिस ने डॉ वीरेंद्र को बीच बाजार में ही पिटाई कर दी,साथ ही थाने ले गयी। 

आइएमए से जुड़े डॉक्टरों ने थाने में किया हंगामा 

मामले को लेकर देखते ही देखते थाना में आइएमए से जुड़े डॉक्टर पहुंचने लगे। उन्होंने थाने पहुंचकर जोरदार हंगामा किया ।  मामले की जानकारी होने पर एसडीपीओ राजेन्द्र प्रसाद थाना पहुंचे और मामले को समझौता कर निबटारा करने का अथक प्रयास किया। लेकिन आईएमए के डॉक्टर नही माने। आखिरकार डॉ वीरेंद्र कुमार ने थाना में मामला दर्ज कराने को लेकर आवेदन दिया है। आवेदन में पुलिस द्वारा अभद्र व्यवहार और मारपीट करने का आरोप लगाया गया है। 

थाना प्रभारी रामनारायण ठाकुर लाइन हाजिर

इधर मामला बढ़ने के बाद मामले में थाना प्रभारी  रामनरायण ठाकुर को लाइन हाजिर कर दिया गया। वहीं एसडीपीओ के जांच रिपोर्ट के बाद आगे की जायेगी कार्यवाई। फिलहाल डोमचांच अंचल निरीक्षक अजय कुमार सिंह तिलैया थाना प्रभारी के प्रभार में रहेंगे।बता दें की डॉ वीरेंद्र कुमार चर्म रोग स्पेशलिस्ट है। साथ ही सामाजिक सरोकार से जुड़े है। भोजपुरी फिल्मों से भी इनका बतौर लेखक प्रोड्यूसर के रूप में पहचान है।

आईएमए अध्यक्ष के नेतृत्व में चिकित्सकों ने एसपी से की मुलाकात 

आईएमए कोडरमा के जिला अध्यक्ष डॉ संजीव कुमार झा के नेतृत्व में चिकित्सकों का एक दल कोडरमा एसपी डॉ एहतेशाम वकारीब से मिलकर घटना की पूरी जानकारी दी और दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। घटना के बाद एसपी ने तत्काल प्रभाव से तिलैया थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया है। वहीं उन्होंने चिकित्सकों के दल को आश्वस्त किया है कि मंगलवार तक मामले की पूरी जांच कर इस मामले में शामिल सभी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 

एसपी के द्वारा डोमचांच अंचल निरीक्षक सह पूर्व तिलैया थाना प्रभारी को तिलैया थाना प्रभारी के रूप में प्रभार सौंपा गया है। एसपी से मिलने वाले चिकित्सक दल में आईएमए  के जिला सचिव डॉ सुजीत राज, डॉ प्रवीण कुमार, डॉ नरेश पंडित, डॉ रमन कुमार, डॉ देवेंद्र कुमार, डॉ संदेश गुप्ता आदि शामिल थे। हालांकि घटना के बाद पुलिस के द्वारा चिकित्सक के साथ की गई मारपीट का वीडियो काफी तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिस पर शहर वासियों ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी जाहिर की है।

राहुल

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उज्ज्वल दुनिया  नई दिल्ली, 11 अगस्त (हि.स.)। राजस्थान में जारी सियासी उठापटक के बीच एकबार फिर सुलह की सूरत दिखने लगी है। राजस्थान कांग्रेस में बगावत का बिगुल फूंकने वाले सचिन पायलट ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात कर सियासी हलचल के शांत होने की उम्मीद जगाई है। 

दरअसल राजस्थान सरकार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने सोमवार को कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और राहुल गांधी से मुलाकात की है। इससे सचिन पायलट की घर वापसी की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, उनकी मुलाकात में क्या बात हुई फिलहाल इसकी जानकारी नहीं है। सूत्रों के अनुसार ये मुलाकात सकारात्मक रही और संकेत मिल रहे हैं कि कांग्रेस सचिन पायलट को मनाने में कामयाब रही है।

राजस्थान में सियासी संकट के बीच जहां सचिन पायलट ने सोनिया, राहुल और प्रियंका गांधी से मुलाकात की। वहीं दूसरी तरफ राजस्थान कांग्रेस के विधायकों ने सचिन पायलट और अन्य बागी विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इसके इतर कुुुछ बागी विधायकों ने राजस्थान में पार्टी से संपर्क किया है, जिस पर उन्हें बिना शर्त माफी मांगने के लिए कहा गया है।

हिमाचल की पहाड़ियों में राफेल ने शुरू किया अभ्यास

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उज्ज्वल दुनिया  नई दिल्ली, 11 अगस्त (हि.स.)। फ्रांस से हाल ही में मिले राफेल फाइटर जेट्स ने भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में उड़ान भरने का अभ्यास करना शुरू कर दिया है। इससे भारतीय वायुसेना के पायलटों की भी पहाड़ी इलाकों में राफेल उड़ाने की ट्रेनिंग हो रही है। वायुसेना के पायलट राफेल के साथ यह अभ्यास रात के समय हिमाचल की पहाड़ियों में कर रहे हैं। करीब 1700 किलोमीटर के घेरे में अटैक करने की क्षमता रखने वाले राफेल अपने ​सर्कल में कहीं भी मार कर सकते हैं। इस सर्कल में पूर्वी लद्दाख, चीन के अवैध कब्ज़े वाला अक्साई चिन, तिब्बत, पाकिस्तान और पीओके है।  

 चीनी सेना के रडार की फ्रीक्वेंसी से बचाने के लिए राफेल को एलएसी से रखा जा रहा है दूर 

वायुसेना के सूत्रों का कहना है कि दरअसल चीन ने अपने कब्जे वाले अक्साई चिन में रडार लगा रखे हैं, जिनकी फ्रीक्वेंसी से दूर रखने के मकसद से राफेल फाइटर जेट्स को अभी एलएसी की बजाय हिमाचल के पहाड़ी इलाके में अभ्यास कराया जा रहा है। हालांकि ​राफेल में जैमर लगे हुए हैं जो दुश्मन के रडार को जाम करने की क्षमता रखते हैं। ​राफेल में एक टारगेट कॉर्डिनेटर डिवाइस लगा होता है जो राफेल को चील की नजर देता है। दुश्मन के इलाके में जाने से पहले ही टारगेट इसकी नजर में होते हैं। यही वजह है कि बॉर्डर क्रॉस करने से पहले ही पायलट टारगेट को हमले के लिए लॉक कर सकता है। ​

पहाड़ी इलाकों में लड़ाई के लिए खासतौर पर डिजाइन किया गया है  राफेल 

राफेल लद्दाख जैसे दुर्गम इलाके में भी बेहद फायदेमंद है क्योंकि इसे पहाड़ में लड़ने के लिए डिजाइन किया गया है और तेजी से रास्ते बदल सकता है। पलक झपकते ही ऊंचाई तक पहुंच सकता है और इतनी ही तेजी से गोते भी लगा सकता है। ​राफेल के अटैक का दायरा करीब 1700 किलोमीटर के घेरे में होता है। भारतीय वायुसेना की ‘गोल्डन ऐरोज’ 17 स्क्वाड्रन अंबाला में ही है जहां से लद्दाख की दूरी करीब 430 किलोमीटर है लेकिन सुपरसॉनिक विमान के लिए यह बहुत कम दूरी है।

भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों के खिलाफ डीजीपी ने संभाला मोर्चा

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उज्ज्वल दुनिया/रांची: झारखंड के डीजीपी एम वी राव ने भ्रष्ट पुलिस कर्मियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने भ्रष्ट पुलिस कर्मियों और अपने दायित्व का निर्वहन नहीं करने वाले पुलिस कर्मियों के एक्शन लेने का आदेश दे दिया है। इसी कड़ी में रांची के पिठोरिया थाना क्षेत्र के ओयना गांव में नकली विदेशी शराब की तस्करी मामले में रांची के तीन थानेदारों पर गाज गिरने की खबर से हड़कंप मच गया है।

सूत्रों के अनुसार एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा ने तीनों थानेदारों को शो-कॉज किया है। ओरमांझी इंस्पेक्टर श्याम किशोर महतो, बीआइटी ओपी प्रभारी बिरेन्द्र और पिठोरिया थाना प्रभारी को जल्द से जल्द जवाब देने का निर्देश है। इन सभी पर अवैध शराब के कारोबार की जानकारी होने के बाद भी कार्रवाई नहीं करने का आरोप है। तीनों थानेदारों को नोटिस भेजा गया है।

बता दें कि ओयना गांव में पिछले कई माह से विदेशी नकली शराब का अवैध उत्पादन और लेबलिंग का धंधा उफान पर था। यह सब थानेदार के साथ सेटिंग गेटिंग से हो रहा था। इस बात की भनक एसएसपी सुरेंद्र झा को लग गई और उन्होंने नकली शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था।
बताया जाता है कि जहां से बनी नकली शराब अलग-अलग गाड़ियों से बिहार, झारखंड, यूपी, ओड़िशा, हरियाणा समेत अन्य राज्यों में धड़ल्ले से आपूर्ति हो रही थी। धंधे का कर्ताधर्ता के रूप में रोहित शर्मा था।

बता दें कि इसके पहले पिछले दिनों में कई थाना प्रभारियों पर अपने दायित्व का निर्वहन सही ढंग से नहीं करने के कारण गाज गिर चुकी है। इसी कड़ी में पिछले दिनों बरहेट थाना प्रभारी हरीश पाठक जिनके द्वारा एक लड़की को थाना में पीटते हुए और गाली देते हुए वीडियो वायरल हुआ था। इस मामले को डीजीपी ने संज्ञान में लेते हुए डीएसपी को जांच का आदेश दिया था। उनकी जांच रिपोर्ट 2 दिन के बाद आने के बाद थाना प्रभारी के दोषी पाए जाने पर उन पर कार्यवाही हुई थी। इसके अलावा होमगार्ड ड्यूटी के नाम पर पैसा वसूली के मामले में भी डीजीपी ने संज्ञान लेते हुए बोकारो के डीआईजी को जांच का आदेश दिया था और जल्द रिपोर्ट देने को कहा था। साथ ही होमगार्ड के डीजी को भी इसकी रिपोर्ट जल्द सौंपने को कहा था। 

इसके अलावा रांची के लालपुर थाना के सब इंस्पेक्टर रंजीत कुमार मुंडा को रांची एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा ने निलंबित कर दिया है। उन पर आरोप था कि पी सी रोड में एक मकान का ताला तोड़कर दूसरे पक्ष को जबरन कब्जा दिलवाया था। बहरहाल वैसे ही कई मामलों में कार्रवाई अब तक पहुंच चुकी है डीजीपी फिलहाल सख्त नजर आ रहे हैं। जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है कब किस पुलिस अधिकारी पर गाज गिर जाए तो कहना मुश्किल है। 

कोरोना से मौत के मामले में पूर्वी सिंहभूम सबसे आगे, दूसरे नंबर पर रांची

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उज्ज्वल दुनिया/रांची: झारखंड में भी पड़ोसी राज्य बिहार की तरह कोरोना संक्रमितों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि दर्ज की जा रही है. इस बीच संक्रमितों की मौत का भी सिलसिला जारी है. राज्य में रांची जिले में भले ही संक्रमितों की संख्या सबसे अधिक हो, लेकिन संक्रमितों की मौत के मामले में पूर्वी सिंहभूम सबसे आगे बना हुआ है.

झारखंड सरकार द्वारा जारी बुलेटिन पर गौर करें तो, राज्य के रांची जिले में जहां अब तक कुल 3,563 मरीज सामने आए हैं. वहीं, रांची में अब तक 29 संक्रमितों की मौत हो चुकी है. इधर, पूर्वी सिंहभूम में अब तक संक्रमितों संख्या 2,792 है जबकि यहां 60 संक्रमितों की मौत हो चुकी है.

आंकड़ों के मुताबिक, रांची में संक्रमितों की मौत का प्रतिशत जहां 0.86 प्रतिशत है, जबकि पूर्वी सिंहभूम में यह प्रतिशत 2.18 प्रतिशत है. इस तरह देखा जाए तो रांची से पूर्वी सिंहभूम में संक्रमितों की मौत का मामल दोगुना से भी अधिक है.

आंकड़ों पर गौर करें तो, राज्य में छह ऐसे जिले हैं, जहां संक्रमितों का प्रतिशत रांची से अधिक है. सरकार द्वारा जारी सूची के मुताबिक, पूर्वी सिंहभूम जहां संक्रमितों की मौत के मामले में पहले नंबर पर है, वहीं उसके बाद धनबाद और हजारीबाग का नंबर आता है.

धनबाद में संक्रमण के अब तक 1,004 मामले आए हैं, जबकि यहां 19 संक्रमितों की मौत हो चुकी है. इसी तरह हजारीबाग में संक्रमितों की संख्या 864 है, जबकि यहां अब तक 13 संक्रमितों की मौत हो चुकी है. गौरतलह है कि, झारखंड में अब तक कुल 17,626 संक्रमित सामने आ चुके हैं, जिसमें 8,391 संक्रमित इलाज होकर ठीक हो चुके हैं. अब तक कुल 168 संक्रमितों की मौत हो चुकी है.

10 वीं पास शिक्षा मंत्री ने लिया 11वीं में एडमीशन

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कहा- खुद भी पढ़ेगे और दूसरों को भी पढ़ाएंगे

उज्ज्वल दुनिया/बोकारो/रांची। झारखंड के शिक्षा मंत्री ने जगरनाथ महतो 53 साल की उम्र में फिर से पढ़ाई शुरू करेंगे। उन्होंने सोमवार को बोकारो के नावाडीह के देवी महतो इंटर कॉलेज की ग्यारहवीं क्लास में एडमिशन लिया है। 1995 में मैट्रिक करने के बाद उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी थी। शिक्षा मंत्री बनने के बाद लोग दबी जुबान में अक्सर यह मुद्दा उठाते थे के दसवीं पास व्यक्ति कैसे शिक्षा मंत्रालय का कार्यभाल संभालेगा।  

क्लास भी करेंगे और मंत्रालय भी संभालेंगे 

कॉलेज के प्राचार्य दिनेश प्रसाद वर्णवाल ने खुद शिक्षा मंत्री का आर्ट्स संकाय में रजिस्ट्रेशन किया। कॉलेज के कार्यालय कक्ष में जाकर मंत्री महतो ने नामांकन फॉर्म भरा और 1100 रुपये शुल्क के साथ उसे जमा करवाया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि वह सारा काम देखते हुए सब कुछ करेंगे। ‘क्लास भी करेंगे और मंत्रालय भी संभालेंगे। घर में किसानी का काम भी करेंगे, ताकि मेरे काम को देखकर अन्य लोग भी प्रेरित हों। 

क्यों लिया जगरनाथ ने इंटर की पढ़ाई करने का फैसला

इसी साल जनवरी में उन्होंने शिक्षा मंत्री का पदभार ग्रहण किया। तभी कुछ लोगों ने कमेंट किया था दसवीं पास को शिक्षा विभाग दे दिया गया है। इसके बाद ही उन्होंने तय किया था कि वे आगे की पढ़ाई करेंगे। जगरनाथ महतो ने कहा, शिक्षा हासिल करने की कोई उम्र सीमा नहीं होती। नौकरियों करते हुए लोग आईएएस, आईपीएस की तैयारी करते हैं और सफल भी होते हैं। शिक्षा मंत्री ने कहा कि उनके अंदर कुछ करने का जज्बा है।

पूरे झारखंड में आदर्श स्कूल स्थापित कर गरीब बच्चों को देंगे उच्च क्वालिटी की शिक्षा

शिक्षामंत्री ने बताया कि राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए निरंतर प्रयासरत है, सोमवार को ही उन्होंने राज्यभर में 4,416 आदर्श इंटर स्कूल स्थापित करने के लिए विभाग की एक संचिका पर हस्ताक्षर किया है। यह प्रस्ताव कैबिनेट में जाएगा और राज्य मंत्रिपरिषद से स्वीकृति मिलने के बाद राज्यभर में आदर्श स्कूल स्थापित कर ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि उनकी यह कोशिश है कि गरीब विद्यार्थियों को निःशुल्क और बेहतर शिक्षा मिल सके। जब से जगरनाथ विधायक बने हैं तभी से वो गरीब बच्चों की उच्च शिक्षा पर होने वाले खर्च का वहन कर रहे हैं।

कई और मंत्री हैं दसवीं पास :

एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव में दाखिल शपथ पत्र के अनुसार झारखंड में जगरनाथ महतो के अलावा कई और मंत्री है जो दसवीं पास है। बन्ना गुप्ता ( स्वास्थ्य मंत्री), चंपई सोरेन (परिवहन मंत्री), जोबा मांझी (समाज कल्याण मंत्री) और सत्यानंद भोक्ता ( श्रम मंत्री) भी दसवीं पास है। 

दिव्यांग छात्रों को आरक्षण न देने पर यूपीएससी को हाई कोर्ट का नोटिस

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नई दिल्ली, 10 अगस्त (हि.स.)। दिल्ली हाई कोर्ट ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की प्रीलिम्स परीक्षा में दिव्यांग छात्रों को वैधानिक आरक्षण नहीं देने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए नोटिस जारी किया है। चीफ जस्टिस डीएन पटेल की अध्यक्षता वाली बेंच ने यूपीएससी और केंद्र सरकार को 31 अगस्त तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

संभावना सोसायटी ने दायर याचिका में कहा है कि यूपीएससी की प्रीलिम्स परीक्षा के लिए जारी नोटिफिकेशन में नियुक्तियों का सही आंकड़ा नहीं बताया गया है। उसकी जगह नोटिफिकेशन में कहा गया है कि संभावित नियुक्तियां 796 पदों पर होंगी। ऐसी स्थिति में दिव्यांग कैटेगरी के लिए 4 फीसदी पदों की गणना करना असंभव है। याचिका में कहा गया है कि यूपीएससी के नोटिफिकेशन में संभावित नियुक्तियों जैसे शब्द का इस्तेमाल सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ है।

याचिका में कहा गया है कि अगर संभावित नियुक्ति जैसे शब्द को स्वीकार भी कर लिया जाए तो भी 796 नियुक्तियों के हिसाब से 32 सीटें दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए होनी चाहिए लेकिन नोटिफिकेशन में दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए 24 सीटें बताई गई हैं। याचिका में कहा गया है कि ये गंभीर गणितीय चूक है। याचिका में कहा गया है कि मंत्रालयों से पूछने पर दिव्यांगों के लिए बैकलॉग नियुक्तियों की कोई जानकारी नहीं दी गई है। दिव्यांगों के लिए बैकलॉग नियुक्तियों पर यूपीएससी के नोटिफिकेशन में भी कोई चर्चा नहीं है।

पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी कोरोना पॉजिटिव

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कोलकाता । पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी अब कोरोना महामारी की चपेट में आ गए हैं। उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।88 वर्षीय मुखर्जी ने खुद ही ट्वीट कर यह जानकारी दी है।उन्होंने लिखा है किएक जरूरत की वजह से वह अस्पताल गए थे, जहां उनकी कोरोना वायरस जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। उन्होंने यह भी अनुरोध किया है कि पिछले एक सप्ताह के दौरान जो भी उनके संपर्क में आए हैं, वे सारे लोग अपने आपको होम आइसोलेट कर लें और अपनी कोरोना जांच करा लें।प्रणब मुखर्जी के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में स्थित उनके पैतृक आवास पर भी एहतियात बरती जा रही है। खबर है कि वहां सैनिटाइजेशन अभियान चलाया जाएगा और परिवार के बाकी सदस्य भी अपनी जांच कराएंगे।सूत्रों ने बताया कि पूर्व राष्ट्रपति को नई दिल्ली में आर्मी हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है, जहां चिकित्सकों की एक टीम उनकी हालत पर नजर रख रही है। फिलहाल उनकी हालत स्थिर है।उल्लेखनीय है कि इसके पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी कोरोना वायरस पॉजिटिव पाए गए थे। हालांकि इलाज के बाद उनकी पहली जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई है।

हिमाचल की पहाड़ियों में राफेल ने शुरू किया अभ्यास

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नई दिल्ली । फ्रांस से हाल ही में मिले राफेल फाइटर जेट्स ने भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में उड़ान भरने का अभ्यास करना शुरू कर दिया है। इससे भारतीय वायुसेना के पायलटों की भी पहाड़ी इलाकों में राफेल उड़ाने की ट्रेनिंग हो रही है। वायुसेना के पायलट राफेल के साथ यह अभ्यास रात के समय हिमाचल की पहाड़ियों में कर रहे हैं। करीब 1700 किलोमीटर के घेरे में अटैक करने की क्षमता रखने वाले राफेल अपने ​सर्कल में कहीं भी मार कर सकते हैं। इस सर्कल में पूर्वी लद्दाख, चीन के अवैध कब्ज़े वाला अक्साई चिन, तिब्बत, पाकिस्तान और पीओके है।   भारत सरकार ने फ्रांस की कंपनी दसॉल्ट एविएशन से 36 राफेल फाइटर जेट खरीदने का अनुबंध किया है। लम्बे इन्तजार के बाद फ्रांस से पांच राफेल विमान 29 जुलाई को अंबाला एयरबेस पहुंचे थे। आम तौर पर किसी भी नए लड़ाकू विमानों को आपूर्ति होने के तुरंत बाद मोर्चे पर तैनात नहीं किया जाता है क्योंकि उनका परीक्षण करने और रणनीति विकसित करने में समय लगता है लेकिन राफेल को जल्द ही हथियारों और सिस्टम की इस प्रक्रिया से गुजारकर पूर्वी लद्दाख की सीमा एलएसी पर चीन का मुकाबला करने के लिए तैनात किये जाने की योजना पहले से थी। इसी के मद्देनजर पहली खेप में मिले पांच राफेल लड़ाकू विमानों ने भारत आने के 10 दिन बाद ही यहां के पहाड़ी क्षेत्रों में उड़ान भरने का अभ्यास करना शुरू कर दिया है। चूंकि इन राफेल लड़ाकू विमानों को उड़ाने के लिए भारतीय वायुसेना के पायलेट्स को फ्रांस में ट्रेनिंग दी गई है, इसलिए वे पहाड़ी क्षेत्र में किसी भी संभावित युद्ध की तैयारी के लिहाज से हिमाचल प्रदेश की पहाड़ियों में राफेल जेट के साथ ट्रेनिंग कर रहे हैं। ताकि जरूरत पड़ने पर लद्दाख सेक्टर की वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर पायलट राफेल के साथ किसी भी कार्रवाई के लिए तैयार रहे सकें। 

वायुसेना के सूत्रों का कहना है कि दरअसल चीन ने अपने कब्जे वाले अक्साई चिन में रडार लगा रखे हैं, जिनकी फ्रीक्वेंसी से दूर रखने के मकसद से राफेल फाइटर जेट्स को अभी एलएसी की बजाय हिमाचल के पहाड़ी इलाके में अभ्यास कराया जा रहा है। हालांकि ​राफेल में जैमर लगे हुए हैं जो दुश्मन के रडार को जाम करने की क्षमता रखते हैं। ​राफेल में एक टारगेट कॉर्डिनेटर डिवाइस लगा होता है जो राफेल को चील की नजर देता है। दुश्मन के इलाके में जाने से पहले ही टारगेट इसकी नजर में होते हैं। यही वजह है कि बॉर्डर क्रॉस करने से पहले ही पायलट टारगेट को हमले के लिए लॉक कर सकता है। ​राफेल लद्दाख जैसे दुर्गम इलाके में भी बेहद फायदेमंद है क्योंकि इसे पहाड़ में लड़ने के लिए डिजाइन किया गया है और तेजी से रास्ते बदल सकता है। पलक झपकते ही ऊंचाई तक पहुंच सकता है और इतनी ही तेजी से गोते भी लगा सकता है। ​राफेल के अटैक का दायरा करीब 1700 किलोमीटर के घेरे में होता है। भारतीय वायुसेना की ‘गोल्डन ऐरोज’ 17 स्क्वाड्रन अंबाला में ही है जहां से लद्दाख की दूरी करीब 430 किलोमीटर है लेकिन सुपरसॉनिक विमान के लिए यह बहुत कम दूरी है। 

राफेल रनवे पर शॉर्ट टेकऑफ कर सकता है, इसलिए इसे रनवे पर दौड़ने की बहुत ज़्यादा जरूरत नहीं होती है। एक बार आसमान में पहुंचने के बाद इस पर नजर रखना मुश्किल होता है, इसीलिए ये दुश्मन के राडार को पलक झपकते ही चकमा दे सकता है। यही वजह है कि ये लद्दाख के पहाड़ों में लड़ने के लिए ये बेहद कारगर है। राफेल हैमर मिसाइल, स्क्लैप मिसाइल, माइका और मेट्योर मिसाइल से लैस है। स्क्लैप मिसाइल और हैमर मिसाइल गाइडेड मिसाइल हैं जो हवा से जमीन पर हमला करती हैं। स्क्लैप मिसाइल 500 किलोमीटर तक मार कर सकती है तो हैमर मिसाइल 60 से 70 किलोमीटर तक दुश्मन को निशाना बना सकती है। ​मेट्योर और माइका मिसाइलों की स्पीड करीब 5000 किलोमीटर प्रतिघंटा है और ये 80 से 150 किलोमीटर तक हवा से हवा में मार कर सकती हैं। मेटयॉर मिसाइल से विज़ुअल रेंज के बाहर होने पर भी दुश्मन के लड़ाकू विमान को गिराया जा सकता है। इसके साथ ही राफेल जमीन पर अचानक हमला करने की भी ताकत रखता है। 

सुशांत सिंह मामला: रिया चक्रवर्ती ने सुप्रीम कोर्ट में दिया नया हलफनामा

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नई दिल्ली (हि.स.)। अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मामले में रिया चक्रवर्ती ने सुप्रीम कोर्ट में नया हलफनामा दाखिल कर कहा है कि मेरे खिलाफ मीडिया ट्रायल चल रहा है। पिछले कुछ समय में दूसरे अभिनेताओं ने भी खुदकुशी की है लेकिन सुशांत के केस को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। इस मामले पर कल यानि 11 अगस्त को सुनवाई होने वाली है।

रिया चक्रवर्ती ने हलफनामे में कहा है कि बिहार के मुख्यमंत्री ने खुद एफआईआर दर्ज होने में दिलचस्पी दिखाई है। बिहार सरकार द्वारा सीबीआई जांच की सिफारिश करना कानूनन गलत है। अगर कोर्ट सीबीआई जांच का आदेश भी देती है तो भी मामला मुंबई में चलना चाहिए न कि पटना में। इस मामले में महाराष्ट्र सरकार ने सीबीआई जांच का विरोध किया है। महाराष्ट्र सरकार ने कहा है कि बिहार सरकार ने नियमों के खिलाफ जाकर काम किया है। बिहार सरकार के पास केवल जीरो एफआईआर दर्ज करने का अधिकार था। उन्हें जीरो एफआईआर दर्ज कर महाराष्ट्र सरकार के पास भेजना चाहिए था। बिहार सरकार ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी जिसका उन्हें कोई अधिकार नहीं था। जब जांच ही गैरकानूनी है तो बिहार सरकार सीबीआई जांच की अनुशंसा कैसे कर सकती है।

सुशांत के पिता केके सिंह ने कहा है कि सीबीआई को जांच का जिम्मा मिलने के बाद इस याचिका पर सुनवाई ज़रूरी नहीं। रिया ने खुद भी सीबीआई जांच की मांग की थी। अब एतराज़ नहीं कर सकती। सुशांत के पिता ने कहा है कि पटना में एफआईआर दर्ज होना कानूनन सही था। एफआईआर को मुंबई ट्रांसफर करने की मांग गलत है। सुशांत के पिता ने कहा है कि मुंबई पुलिस ने पटना पुलिस से सहयोग नहीं किया। आईपीएस अधिकारी को जबरन क्वारंटाइन किया गया। रिया ने याचिका के पैराग्राफ 7 में खुद लिखा है कि जांच सीबीआई को देने पर उसे कोई एतराज़ नहीं है। सुशांत के पिता ने कहा है कि रिया की याचिका पर आगे सुनवाई की ज़रूरत नहीं है।

इस मामले में केंद्र सरकार ने याचिका दायर कर पक्षकार बनाने की मांग की है। इस मामले में बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल किया है। बिहार सरकार ने कहा है कि सुशांत के पिता ने शिकायत दी है कि सुशांत के बैंक खाते से 15 करोड़ रुपये निकाले गए। सुशांत ऐक्टिंग छोड़कर कुर्ग में जैविक खेती करना चाहते थे। लेकिन रिया उनको मानसिक तौर पर परेशान कर रही थी। सुशांत को आत्महत्या के लिए मजबूर किया।

बिहार सरकार ने कहा है कि संज्ञेय अपराध की जानकारी मिलने पर एफआईआर दर्ज करना पुलिस की ज़िम्मेदारी है। जांच के लिए गई बिहार पुलिस को कोई सहयोग नहीं मिला। आईपीएस विनय तिवारी को जबरन क्वारंटाइन कर दिया गया। बिहार पुलिस का मानना है कि घटना के तार कई जगहों से जुड़े हैं। इसलिए सीबीआई जांच की सिफारिश की गई। अब सीबीआई ने केस अपने हाथ में ले लिया है ऐसे में रिया की याचिका पर सुनवाई की ज़रूरत नहीं है। पटना में दर्ज एफआईआर कानूनन सही थी। अपराध का सीधा असर सुशांत के पिता पर पड़ा, जो पटना में रहते हैं। जांच की शुरुआत में ही रिया की तरफ से ट्रांसफर की मांग विचार योग्य नहीं। बिहार सरकार ने रिया चक्रवर्ती की याचिका खारिज करने की मांग की है। कोर्ट ने पिछली 5 अगस्त को पुलिस से अब तक जांच की स्टेटस रिपोर्ट तलब की थी। जस्टिस ऋषिकेष राय की बेंच ने मुंबई पुलिस को तीन दिनों के अंदर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।

कोर्ट ने बिहार सरकार और सुशांत के पिता केके सिंह को नोटिस जारी कर रिया चक्रवर्ती की याचिका पर जवाब देने का निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया था कि बिहार सरकार की सीबीआई जांच की सिफारिश को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। मेहता ने कहा था कि बिहार सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की है। केंद्र ने इसे स्वीकार करने का फैसला लिया है। लिहाजा रिया की ट्रांसफर याचिका पर सुनवाई की ज़रूरत नहीं है।

रिया चक्रवर्ती ने अपने खिलाफ फटना में दर्ज एफआईआर को मुंबई ट्रांसफर करने के लिए याचिका दायर की है। रिया चक्रवर्ती ने याचिका में पटना में दर्ज एफआईआर को मुंबई ट्रांसफर करने की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि मुंबई में पहले से जांच चल रही है। एक ही घटना की दो जगह जांच नहीं हो सकती। सुशांत सिंह के पिता ने पटना में एफआईआर दर्ज करवाया था। एफआईआर में रिया चक्रवर्ती को सुशांत के सुसाइड के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया है। रिया पर सुशांत सिंह राजपूत के बैंक खाते से पैसे ट्रांसफर होने का आरोप लगाया गया है।