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झूठी निकली गैंगस्टर अमन के फरार की कहानी, अमन को गेस्ट बनकर रखा था थानेदार मुकेश कुमार

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शौचालय नहीं गेस्ट हाउस से भागा था गैंगस्टर अमन साहू, चौकीदार के बयान और फरारी के केस में भारी अंतर 

अजय निराला, उज्ज्वल दुनिया संवाददाता/हजारीबाग। बड़कागांव थाना के पूर्व (अब बर्खास्त) थानेदार मुकेश कुमार की मुश्किलें बढ़ती जा रही है । पुलिस के जवानों को भागलपुर ले जाकर जमीन कब्जा करने और मारपीट के आरोप में विभागीय जांच में पुष्टि हो जाने के बाद उत्तरी छोटा नागपुर प्रमंडल हजारीबाग के डीआईजी अमोल वेणुकांत होमकर ने मुकेश कुमार को बर्खास्त कर दिया है। 

 गैंगस्टर अमन साहू  के बड़कागांव थाना से फरारी मामले में चौकीदार के बयान ने पुलिस अधिकारियों के पोल खोल कर रख दिया है। मामले के जांच सीआईडी कर रही है। सूत्रों के अनुसार चौकीदारों ने बर्खास्त दारोगा मुकेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कहा कि अमन को थाना में मुकेश कुमार के आदेश पर गेस्ट बना कर रखा गया था। उसे हाजत में नहीं रखा गया था । बयान के बाद बड़कागांव थाना से अमन की फरारी के बाद बड़कागांव थाना में जिस चौकीदार भुवनेश्वर पासवान के बयान पर कांड संख्या 169/19 केस दर्ज किया गया था। दर्ज मुकदमें में कहा गया था कि हाजत से आधी रात को शौचालय के लिए अमन को बाहर निकाला गया था। चौकिदार भुवनेश्वर पासवान  के गुप्तांगों पर हमला कर अमन हथकड़ी सहित फरार हो गया था। लेकिन अब उसी चौकीदार भुवनेश्वर पासवान ने दर्ज केस में कही कहानी से अलग बयान देकर सीआईडी को चौंका दिया है। उसने अपने बयान में कहा कि अमन को पूरे से अतिथि कक्ष में रखा गया था,ड्यूटी बदलने समय उसे जानकारी मिली, सुबह अमन को जब चाय देने गया तो उसे वहां नहीं देखा, वेंटिलिटर टूटा हुआ था। इस बयान के बाद बर्खास्त दारोगा मुकेश कुमार पर शक की सुई और गहरा गई है।

चौकीदार के बयान से पुलिस अधिकारियों की संदिग्ध भूमिका उजागर

अमन साहू की फरारी की जांच सीआईडी कर रही है। जांच के दौरान आरोपी बर्खास्त दारोगा मुकेश कुमार तत्कालीन एसडीपीओ अनिल सिंह सहित अन्य लोगों से पुछताक्ष हुई है। बयान में सब ने खुद को निर्दोष बताते हुए एक दूसरे को जिम्मेवार ठहराने की कोशिश किया। लेकिन चौकीदार के बयान से पुलिस अधिकारियों अमन की फरारी में संलिप्तता के शक की सुई को और गहरा कर दिया है। चौकीदार ने जो बयान दिया है। अगर उसे सच माना जाए तो अब तक अमन की फरारी की कहानी पुलिस जो दिखा-बता रही थी वह पूरी तरह झूठ निकली ।

इस प्रकार पुलिस के अधिकारियों पर शक की सुई और गहरी हो जाती है कि आखिर चैकीदार से घटना की सच्चाई छुपा गलत तथ्य बता क्यों उसके बयान पर बड़कागांव थाना कांड संख्या 169/19 दर्ज किया गया। मुकेश कुमार के सस्पेंड होने से अब तक जिले के किसी भी पुलिस पदाधिकारी ने केस में बताए तथ्यों और वर्तमान में चौकीदार के बताए मूल तथ्यों की पता क्यों नहीं कर पाई ? या जानबूझ कर सबकी संलिप्तता से सच्चाई को दबा कर रखा गया ?

क्यों उठ रही पुलिस अधिकारियों पर संदेह की उंगली

अमन साहू की गिरफ्तारी से लेकर फरारी और उसके बाद कि गतिविधियों पर निम्न बिंदुओं में गौर करने पर पुलिस अधिकारियों पर शक उठती है। अगर उसे बड़कागांव में सुरक्षा के दृष्टिकोण से रखा गया था तो गेस्ट बनाकर क्यों और किसके कहने पर सुरक्षा में ढील देकर सुविधाएं दी जा रही थी ( जैसा चौकीदार ने बताया) ? और मूल तथ्यों को छुपाकर चौकीदार के नाम पर गलत कहानी बना क्यों मामला दर्ज किया गया ?

बड़कागांव थाना से अमन 27 सितम्बर को फरारी के दस दिन बाद मीडिया में मामला सामने आने के बाद वरीय पुलिस अधिकारी एक्टिव हुए और आनन-फानन में मुकेश कुमार को सस्पेंड किया गया। तब तक वरीय पुलिस अधिकारियों की चुप्पी के कारण क्या रहे थे और मीडिया में आने के बाद ही एक्टिव क्यों हुए ?

सबसे मुख्य बात यह है कि पूरे प्रकरण में एक ऑडियो की चर्चा है। जिसमें कहा जा रहा है कि वह कौन अधिकारी है जो मुकेश कुमार द्वारा अमन की फरारी के बाद बड़कागांव थाना में केस नहीं करने पर यह आश्वस्त कर रहा हैं कि तुम केस करो कुछ नहीं होगा। कौन है वह अधिकारी और क्यों ऐसा कह रहा है इसकी जांच में ही पूरे प्रकरण में संलिप्त लोगों को चिन्हित किया जा सकता है।

सुशांत केस: बिहार के डीजीपी बोले

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पटना (हि.स.)। एक्टर सुशांत सिंह राजपूत केस की जांच सीबीआई को सौंपने  के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय गदगद हैं। पांडेय ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर खुशी जताते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला अन्याय के खिलाफ न्याय की उम्मीद जगाता है। 

डीजीपी ने कहा है कि मैं बिहार पुलिस के मुखिया के तौर पर इस फैसले का स्वागत करता हूं। डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा है कि बिहार पुलिस ने सुशांत केस की जांच को लेकर जो पहल की थी, उसे सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला यह बता रहा है कि बिहार पुलिस ने कुछ भी गलत नहीं किया। गुप्तेश्वर पांडे ने कहा कि मेरी किसी से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है लेकिन एक्ट्रेस रिया चक्रवर्ती ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जिस तरह की टिप्पणी की थी, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण थी। 

डीजीपी ने कहा कि बिहार सरकार की कार्यशैली को सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब सुशांत के परिजनों को न्याय मिल पाएगा, इस बात की उम्मीद जगी है। गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि यह  बिहार ही नहीं, यह देश के उन लोगों की जीत है, जो न्याय चाहते हैं। उन्होंने कहा कि हम लोग कोई गलत काम नहीं कर रहे थे। सुप्रीम कोर्ट ने बिहार पुलिस की टीम के साथ महाराष्ट्र पुलिस के व्यवहार को गलत ठहरा दिया।

प्रणब मुखर्जी के स्वास्थ्य में गिरावट, अब फेफड़ों में संक्रमण

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नई दिल्ली (हि.स.)। सेना के अनुसंधान और रेफरल अस्पताल ने बुधवार को कहा कि पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के स्वास्थ्य में गिरावट आई है क्योंकि उन्हें अब फेफड़ों में संक्रमण हो गया है। प्रणब मुखर्जी के बेटे ने लोगों से पिता के शीघ्र स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना की भावुक अपील की है। 

सेना के रिसर्च और रेफरल (आरएंडआर) अस्पताल ने बुधवार को पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का स्वास्थ्य बुलेटिन जारी कर कहा कि प्रणब मुखर्जी की चिकित्सीय स्थिति में गिरावट आई है क्योंकि उनके फेफड़ों में संक्रमण हो गया है। वह आज भी वेंटिलेटरी सपोर्ट पर हैं और वर्तमान में विशेषज्ञों की एक टीम उनकी देखरेख कर रही है। 

हालांकि पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के बेटे अभिजीत बनर्जी ने कहा कि पिता की हालत स्थिर है और उनके शीघ्र स्वस्थ होने के लिए लोगों से प्रार्थना करने की भावुक अपील की। उन्होंने ट्वीट कर कहा, आप सबकी प्रार्थना और डॉक्टरों के ईमानदार प्रयासों से मेरे पिता की हालत अब स्थिर हैं। उनके महत्वपूर्ण पैरामीटर नियंत्रण में हैं। उनमें सुधार के सकारात्मक संकेत देखे गए हैं। मैं आप सभी से उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करने का अनुरोध करता हूं। 

भारत​​​​​

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भारत की सहायता में डिएगो गार्सि​​या में​ तैनात कर रखा है ​​​बम वर्षक विमान बी-2

पूर्वी लद्दाख में​ एलएसी पर ​चीनी हवाई सुरक्षा को ​पैदा हो सकता है​​ खतरा ​​​​ ​ ​​​​​​​​

नई दिल्ली (हि.स.)।​ ​​अमेरिकी वायु सेना ​बी-2 स्टील्थ बॉम्बर ​के साथ ​जल्द ही​ ​​​आने वाले दिनों में ​फ्लाई-ओवर मिशन ​के तहत ​भारत​​​​​-ची​न​​​​​​​​​​​​​ सीमा के पास ​​​​युद्ध अभ्यास​ करने की तैयारी में है​।​ अगर ऐसा होता है तो पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर ​चीनी हवाई सुरक्षा को ​खतरा पैदा हो सकता है​​।

​अमेरिकी वायुसेना के मुताबिक यह मिशन व्हिटमैन एयर फोर्स बेस में 509वें बम विंग की नियमित तैनाती के रूप में​ है न कि कोई लड़ाकू मिशन​​।​ यह ​​​​युद्ध अभ्यास​ अत्यधिक संवेदनशील ​हिन्द महासागर क्षेत्र में बमवर्ष​क विमानों​​​ को आगे बढ़ाने के लिए तत्परता और प्रशिक्षण का प्रयास है।​ अमेरिका का बम वर्षक विमान बी-2 भारत के पूर्वी तट के द्वीप ​​डिएगो गार्सिया में ​भारतीय नौसेना ​की पहले से ही ​सहायता ​और समर्थन कर ​रहे हैं। ​​बी​-​2 ​विमानों ने अफगानिस्तान में ऑपरेशन एंड्योरिंग फ्रीडम के शुरुआती दिनों में तालिबान के ठिकानों पर हमला करने के लिए मिसौरी में व्हिल्टमैन से डिएगो गार्सिया तक सीधे 30 घंटे की यात्रा की​ थी​।

अमेरिकी ​वायु सेना की रिपोर्ट के अनुसार​​ ​यह ​बॉम्बर टास्क फोर्स मिशन​ ​कहीं भी, कभी भी ​लड़ाकू कमांडरों को घातक, ​​​​लंबी दूरी ​का ​ ​भौगोलिक ​मुकाबला करने के लिए तैयार करने के मकसद से किया जाएगा।​ इस ​तरह के मिशन नियमित रूप से होते हैं, फिर भी ​इसकी व्याख्या प्रशांत​ महासागर में भारत और अन्य अमेरिकी सहयोगियों को समर्थन ​देने के रूप में की जा सकती है​​।​ ​बी​-​2​ बम वर्षक लड़ाकू विमान भले ही अमेरिकी वायुसेना में 30 साल से हों लेकिन ​​​​स्टील्थ बॉम्बर अब नए कंप्यूटर, सेंसर, हथियार और इलेक्ट्रॉनिक्स से लैस होने की प्रक्रिया में है। वायु सेना एक नए ​बी-2 सेंसर के साथ तेजी से प्रगति कर रही है, जिसे डिफेंस मैनेजमेंट सिस्टम के रूप में जाना जाता है​​।​​ इसलिए दुश्मन के हवाई हमलों की धमकी से बचता है।

भारत और चीन के बीच लद्दाख में जारी तनाव बढ़ता ही जा रहा है। भारत और चीन दोनों अब सर्दियों में भी इस क्षेत्र में तैनाती की तैयारी कर रहे हैं। भारत के साथ कई दौर की बातचीत के बाद चीन पैंगोंग झील और देपसांग क्षेत्र से हटने का नाम नहीं ले रहा है। संयुक्त राज्य अमेरिका अब ड्रैगन के खिलाफ भारत के साथ आ रहा है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि अमेरिका ड्रैगन को कड़ा संदेश देने के लिए भारत-चीन सीमा पर अपने सबसे घातक परमाणु बमवर्षक बी-2 स्प्रिट को उड़ा सकता है। यह अमेरिकी बमवर्षक एक साथ 16 परमाणु बम ले जा सकता है।

किसी भी चुनौती से निपटने के लिए नौसेना पर पूरा भरोसा : राजनाथ

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रक्षामंत्री ने किया दिल्ली में नौसेना कमांडरों के सम्मेलन का उद्घाटन

 ​पूर्वी लद्दाख में तनाव को लेकर नौसेना के कमांडरों का सम्मेलन काफी अहम 

नई दिल्ली (हि.स.)। चीन के साथ पूर्वी लद्दाख में तनाव बरकरार रहने के बीच बुधवार से दिल्ली में शुरू हुए नौसेना के शीर्ष कमांडरों के सम्मेलन में हिन्द महासागर में चीनी नौसेना के मंसूबों पर पानी फेरने और भारतीय नौसेना की ताकत बढ़ाने की रणनीति पर चर्चा हो सकती है। तीन दिन तक चलने वाले सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मुझे अपने जहाजों और विमानों को तैनात करने में सक्रिय प्रतिक्रिया के माध्यम से किसी भी चुनौती को पूरा करने के लिए नौसेना की तैयारियों पर पूरा भरोसा है।

रक्षामंत्री ने कोविड महामारी के दौरान अब तक के सबसे बड़े निकासी अभियान ‘ऑपरेशन समुद्र सेतु’ का संचालन करने के लिए भारतीय नौसेना की सराहना करते हुए कहा कि हिन्द महासागर क्षेत्र में स्थित पड़ोसी देशों के लगभग 4000 लोगों को घर लाने में नौसेना का महत्वपूर्ण योगदान था। उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना ने प्रमुख और संवेदनशील स्थानों पर नौसेना के जहाजों और विमानों को तैनात करके समुद्री हितों की रक्षा के लिए मिशन आधारित तैनाती को प्रभावी ढंग से किया है। इन तैनाती ने समुद्री डोमेन में जागरुकता बढ़ाने में मदद करने के साथ-साथ तेजी से मानवीय सहायता और राहत प्रदान की है। उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना स्वदेशीकरण प्रक्रिया में भी सबसे आगे रही है। अब यह महत्वपूर्ण है कि हम उन सफलताओं के साथ तालमेल बनाए रखें जो अब तक हासिल की गई हैं। हाल ही में शुरू किया गया नेवल इनोवेशन इंडिजेनलाइजेशन ऑर्गनाइजेशन एक ऐसा ही कदम है।

रक्षा मंत्री ने कहा कि इसके अलावा ‘मिशन सागर’ के तहत दक्षिण पश्चिम हिन्द महासागर क्षेत्र (मालदीव, मॉरीशस, कोमोरोस, सेशेल्स और मेडागास्कर) के देशों को चिकित्सा सहायता प्रदान की गई। उन्होंने कोविड-19 के प्रबंधन में नागरिक प्रशासन की सहायता के लिए संगरोध सुविधाओं की स्थापना में सभी नौसेना कमांडों के प्रयासों की भी सराहना की। राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय नौसेना ने प्रमुख और संवेदनशील स्थानों पर नौसेना के जहाजों और विमानों को तैनात करके समुद्री हितों की रक्षा के लिए मिशन आधारित तैनाती को प्रभावी ढंग से किया है। जून 2017 में मिशन आधारित तैनाती की शुरुआत के बाद से समुद्री जागरुकता को बढ़ाया है, जिससे हिन्द महासागर क्षेत्र के नागरिकों को मानवीय सहायता और आपदा राहत और अंतरराष्ट्रीय समुद्री समुदाय को सुरक्षा प्रदान की गई है।

रक्षा मंत्री को नौसेना स्टाफ के प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह ने कोविड-19 महामारी से लड़ने में भारतीय नौसेना द्वारा किए गए नवाचारों पर जानकारी दी गई। इनमें नौसेना द्वारा विकसित किए गए विभिन्न उपकरण शामिल हैं, जिन्हें विभिन्न एजेंसियों द्वारा प्रभावी रूप से उपयोग किया जा रहा है। नौसेना की ओर से जारी बयान के मुताबिक नौसेना कमांडरों के सम्मेलन में संयुक्त योजना ढांचे, तीनों सेवाओं में तालमेल और ऑपरेशनल तैयारियां बढ़ाने के उपायों के साथ-साथ कुशलता बढ़ाने के लिए नौसेना में कार्य संबंधी पुनर्गठन पर विचार किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि ​हिन्द महासागर में चीन और पाकिस्तान समेत सभी संभावित सुरक्षा चुनौतियों पर सम्मेलन में विस्तार से विचार किया जाएगा।

तीन दिन तक चलने ​वाला यह सम्मेलन ​​चीन के साथ पूर्वी लद्दाख में बरकरार तनाव को लेकर काफी अहम ​माना जा रहा है। नौसेना पहले से ही ​हिन्द महासागर में ऑपरेशनल अलर्ट पर है। नौसेना के जंगी जहाज, सर्विलांस और एयरक्राफ्ट कैरियर्स पूरी तरह से मुस्तैद हैं। साथ ही लद्दाख सेक्टर में भी ​भारतीय नौसेना की मौजूदगी है। ​सीमा पर जरा से हालात और खराब हुए तो नेवी पूरी ताकत के साथ दुश्‍मन को समुद्र में तहस-नहस के लिए पूरी तरह तैयार है। नौसेना के खास पोसाइडन-8​आई एयरक्राफ्ट का ​इस्तेमाल वहां सर्विलांस के लिए हो रहा है। ​​​ 

अटलजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण से रोकने पर न तो विपक्ष का धर्म निभा पायी भाजपा और न ही राजनीति करने आया

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( राजीव मिश्र के फेसबुक वाल से साभार)
रांची । झारखंड की झामुमो-कांग्रेस-राजद की विनम्र सरकार ने महापुरूषों को भी दलीय सीमा में बांध दिया। अपना कर्तव्य भी भूल गई। साथ ही विपक्षी दल भाजपा भी न तो तरीके से राजनीति कर पायी और न ही ठीक से विपक्ष का धर्म ही निभाने आया।

झारखंड के जनक भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की दो दिन पहले दूसरी पुण्यतिथि थी। लेकिन, न्यायिक सेवा से आये झारखंड विधानसभा के सचिव महेंद्र प्रसाद नैतिकता भी भूल गये। झामुमो से चुनाव जीत कर विधानसभा अध्यक्ष बनने वाले रवींद्र बाबू ने भी अपना कर्तव्य नहीं निभाया। कार्यक्रम तो छोड़िए, विधानसभा स्थित अटल जी की प्रतिमा पर एक पुष्प भी अर्पित नहीं हुआ। हद तो तब हो गई जब याद आने पर विपक्षी दल भाजपा के नेता दोपहर में अटल जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने विधानसभा पहुंचे और मार्शल ने उनलोगों को किक आउट कर दिया। कहा, सचिव महोदय ने ऐसा कोई निर्देश नहीं दिया है, इसलिए आपलोगों को माल्यार्पण नहीं करने देंगे। जब उन नेताओं में शामिल इस सदन के पूर्व सदस्य और वर्तमान में राज्य़सभा सांसद समीर उरांव ने विधानसभा अध्यक्ष को फोन किया तो बंद मिला। इसके बाद विधानसभा सचिव महेंद्र प्रसाद को फोन किया तो महेंद्र बाबू ने कहा कि आपलोगों को पहले याद दिलाना चाहिए था कि रविवार (16 अगस्त) को पूर्व प्रधानमंत्री की पुण्यतिथि है। 

सोचिए, उस न्याय के मंदिर की क्या स्थिति है जहां राज्य की सवा तीन करोड़ जनता के लिए कानून बनाये जाते हैं। न्यायिक सेवा से आये सचिव महोदय को उनका कर्तव्य भी अब भाजपा वाले याद दिलाएंगे तब वे उसका पालन करेंगे।

लेकिन, इसका दूसरा पहलू भी है। इस मामले को लेकर भाजपा ने एक महत्वपूर्ण अवसर गंवा दिया। उसे न तो तरीके से राजनीति करने आयी और न ही ठीक से विपक्ष का धर्म निभाने आया। आदत के अनुकूल भाजपा के नेता प्रेस कॉन्फ्रेंस और विज्ञप्ति जारी कर अपमानित महसूस करने, सदन का नैतिक दायित्व बताने, सत्तारूढ़ दल पर आरोप लगाने और माफी मांगने की औपचारिकता तक ही सीमित रह गए। इससे आगे प्रदेश संगठन नेतृत्व सोच ही नहीं पाया। लोकसभा और विधासनभा चुनाव की तरह इस बार भी पार्टी का आईटी सेल इस मौके को चूक गया। सोता रहा। दो-चार लोगों को छोड़कर सोशल मीडिया पर भी भाजपा के दिग्गजों ने इस मामले को नहीं परोसा। एक-दो लोगों ने लिखा भी तो पढ़कर आप समझ भी नहीं पायेंगे कि आखिर मामला क्या है। इसके अलावा उस दिन पार्टी के कुछ दिग्गज महेंद्र सिंह धौनी के पक्ष में बयानबाजी करने में मशगूल दिखे तो कुछ घोषित होने वाली भाजयुमो की कार्यसमिति में नाम जोड़-घटाव की चर्चा में।

हर छोटी-छोटी बात पर मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखने वाले अमान्यताप्राप्त नेता प्रतिपक्ष भी चुप रहे तो पूर्व मुख्यमंत्री ने भी दो-दो करोड़ रुपये में झारखंड आंदोलन खरीदने और बेचने का झारखंड मुक्ति मोर्चा पर कटाक्ष कर अपनी ड्यूटी पूरी कर ली। भाजपा के कद्दावर नेता और केंद्रीय मंत्री ने भी कुछ नहीं बोला। यह स्थिति बताती है कि अंदरखाने में सब कुछ वैसा नहीं है जैसा दिख रहा है। लेकिन, इस हालत के लिए न तो पार्टी के प्रवक्ताओं की गलती है, न आईटी सेल की और न ही सोशल मीडिया पर चूक जाने वाले भाजपा के सिपाहियों की, अगर अटल जी को श्रद्धा सुमन अर्पित करने गये भाजपा नेता विधानसभा परिसर से लौटकर पार्टी कार्यालय में प्रेस-कॉन्फ्रेंस करने की बजाये वहीं विधानसभा के गेट पर अटल जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करने की मांग को लेकर बैठ गये होते और भाजपा का प्रदेश नेतृत्व उनका साथ दे दिया होता तो अभी परिदृश्य ही कुछ और होता। 

कांग्रेस की आड़ में अपनी गलतियां छुपाने वाले झामुमो के विनम्र मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष और विधानसभा सचिव को भी वास्तविकता का अहसास हो गया होता और जिस मीडिया को प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए बुलाना पड़ा, वह मीडिया खुद-ब-खुद दौड़ कर उनके पीछे आता और पूरे देश का ध्यान झारखंड विधानसभा सचिवालय की करतूत पर होता। अब तक इस मामले का रंग कुछ और हो चुका होता। साथ ही जनता की निगाह भी सत्ताधारी दलों की करतूत पर पड़ चुकी होती। हालाकि, अगले दिन यानी सोमवार  (17 अगस्त ) को पार्टी ने फिर प्रेस कॉन्फ्रेंस और भूल-चूक, लेनी-देनी की तर्ज पर भाजयुमो ने अल्बर्ट एक्का चौक पर पुतला फूंक कर अपने विरोध की रश्म अदायगी कर दी।

कोरोना से भी जंग लड़नी है और व्यवस्था भी चलानी है – मुख्यमंत्री

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राज्य को छह ग्रिड सब स्टेशन एवं संबंद्ध संचरण लाइन परियोजनाओं की सौगात

उज्ज्वल दुनिया/रांची ।  गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति की दिशा में झारखंड ने आज एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है ।  हेमन्त सोरेन ने छह ग्रिड सब स्टेशन एवं संचरण लाइन का ऑनलाइन उद्घाटन करते हुए कहा कि राज्य के विकास में यह मील का पत्थर साबित होगा । सीएम ने कहा कि कोरोना संकट में इन छह बिजली परियोजनाओं का कार्य पूरा कर उसे शुरू करना एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन सरकार की संकल्पशीलता ने यह संभव कर दिखाया ।

मानव जीवन का अहम हिस्सा है बिजली 

सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि आज बिजली मानव जीवन का अहम हिस्सा बन चुकी है । बिजली के बिना किसी विकास परियोजना की कल्पना नहीं की जा सकती है । घरेलू कामकाज से लेकर उद्योग धंधों के संचालन में बिजली की महत्ता से हम सभी वाकिफ है । हमारी सरकार इस बात के लिए प्रतिबद्ध है कि गांव-गांव बिजली पहुंचे । घर-घर रौशन हो, इसी संकल्प के साथ बिजली परियोजनाओं के काम की गति तेज की गई है ।

 निर्बाध बिजली आपूर्ति की दिशा में बढ़े बड़े कदम

हेमंत सोरेन ने कहा कि इन छह बिजली परियोजनाओं के शुरू होने से निर्बाध बिजली आपूर्ति की दिशा में यह बड़ा कदम हैं । गढ़वा में जहां बिजली के लिए दूसरे राज्य से आपूर्ति पर निर्भरता थी । वहीं अब  भागोडीह ग्रिड सब स्टेशन व संचरण लाइन शुरू होने से इससे निजात मिल गई है । वहीं जसीडीह ग्रिड सब स्टेशन के चालू होने से देवघर में निर्बाध बिजली आपूर्ति हो सकेगी इसके साथ  यहां एम्स और एयरपोर्ट का निर्माण कार्य  हो रहा है । इससे देवघर में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

डीवीसी से नहीं लेनी होगी महंगी बिजली

गिरिडीह, जमुआ और सरिया में ग्रिड सब स्टेशन एवं संबंद्ध संचरण लाईन के चालू होने से गिरिडीह जिले में बिजली आपूर्ति के लिए डीवीसी पर निर्भरता नहीं रहेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि डीवीसी  उद्योग धंधों को बिजली देने में आगे रहती है, लेकिन झारखंड के ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति को लेकर अलग रवैया अपनाती है. लेकिन, अब इससे छुटकारा मिल गया है. इतना ही नहीं, जहां डीवीसी से पांच रुपए प्रति यूनिट बिजली लेनी पड़ती थी, वहीं अब इसकी दर मात्र तीन रुपए प्रति यूनिट आएगी ।

आपदाओं से लड़ने में सक्षम हैं

सीएम ने कहा कि कोरोना संकट  न सिर्फ झारखंड बल्कि पूरी दुनिया के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है. लेकिन, इस आपदा से निपटने में हम सक्षम हैं. हमारी सरकार को राज्य के सवा तीन करोड़ लोगों की चिंता है. हर घटना पर हमारी नजर बनी हुई है. जांच में तेजी लाई गई है और स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. 

उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी और ल़ॉकडाउन के दौरान सरकार ने मुफ्त में अनाज के साथ भोजन  वितरण का कार्य बड़े पैमाने पर किया. इसी का नतीजा है कि हमारे राज्य में भूख से मौत नहीं हुई. उन्होंने कहा कि कोरोना के बढ़ रहे मामले से निपटना कड़ी चुनौती जरूर है, लेकिन हतोत्साहित नहीं है. लोगों की जान बचाना औऱ भूख से कोई मौत नहीं हो, इसके लिए सरकार ने सभी पुख्ता इंतजाम किए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि अब कोरोना जंग से भी लड़ना है औऱ व्यवस्था भी चलानी है ।

स्थानीय नीति पर राज्य की जनता को दिग्भ्रमित कर रही हेमंत सरकार

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उज्ज्वल दुनिया \रांची । भाजपा प्रदेश महामंत्री एवम सांसद समीर उरांव ने हेमंत सरकार पर कड़ा प्रहार किया। समीर उरांव ऑनलाइन प्रेसवार्ता से मीडिया को संबोधित कर रहे थे।समीर उरांव ने कहा कि हेमंत सरकार स्थानीय नीति को लेकर राज्य की जनता को गुमराह कर रही है। ये जनता के बीच झूठे वायदों और बड़ी बड़ी घोषणाओं से बनी सरकार है।8 महीने में यह सरकार एक कदम भी नही चल सकी।विकास के कार्यक्रम ठप्प है।लोक कल्याणकारी योजनाएं बंद की जा रही है।मजदूर पलायन को मजबूर हैं।

समीर उरांव ने कहा कि हेमंत सरकार फिर स्थानीयता के नाम पर युवाओं को रोजगार से वंचित रखना चाहती है। रघुवर सरकार ने सभी दलों से स्थानीय नीति पर राय मांगी थी पर उस वक्त नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन मौन रहे,सदन से भागते रहे। इनका चरित्र ऐसा ही है। अर्जुन मुंडा की सरकार से समर्थन वापस लिया परंतु 14 महीनों में स्थानीय नीति की चर्चा नही की।

समीर उरांव ने कहा कि आज फिर से हेमंत सरकार स्थानीय नीति का स्वांग रच रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को कर के दिखाने में विश्वास रखना चाहिये न कि बोलने में। उन्होंने कहा कि यह सरकार रोज रोज जनता को गुमराह नही करे। भाजपा मांग करती है कि यह सरकार शीघ्र अपनी मंशा स्पष्ट करे।विधानसभा पटल पर बात रखे।भारतीय जनता पार्टी एक सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाते हुए राज्य हित और प्रदेश की 3.25 करोड़ जनता के हित मे अपनी राय स्पष्ट करेगी।

राज्य में कोरोना वायरस से मौत का आंकड़ा बढ़कर 323 हुआ

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उज्ज्वल दुनिया \रांची । कोरोना वायरस के संक्रमण से दुमका में पहली मौत हुई है। शहर के सदर अस्पताल में करीब 40 साल तक कार्यरत रहे 70 साल के डॉक्टर सीताराम साह ने इलाज के दौरान मंगलवार को रांची के राम प्यारी अस्पताल में दम तोड़ दिया। डॉक्टर में आठ दिन पहले कोरोना वायरस की पुष्टि के बाद उन्हें यहां भर्ती कराया गया था। डॉक्टर की मौत के बाद प्रोटोकॉल के तहत रांची में ही अंतिम संस्कार किया जाएगा।

वेंटिलेटर पर थे डॉक्टर सीताराम साह

बताया जा रहा है कि डॉक्टर की कोरोना जांच की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें दुमका के कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया था लेकिन हालत नाजुक होने के बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें रांची के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां वे वेंटिलेटर पर थे। करीब 40 साल तक सदर अस्पताल में मरीजों का इलाज करने के बाद वे सेवानिवृत्त हो गए थे और शहर के ही नापित पाड़ा में निजी क्लीनिक चला रहे थे। बता दें कि दुमका जिले में अब तक 263 कोरोना पॉजिटिव केस मिल चुके हैं जिनमें से 142 स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। एक मौत के बाद अन्य 120 कोरोना पॉजिटिव मरीजों का जिले के कोविड अस्पताल में इलाज चल रहा है।

कोरोना समेत अन्य बीमारियों से जूझ रहे थे डॉक्टर

जानकारी के अनुसार, डॉक्टर सीता राम साह कोरोना समेत कई अन्य बीमारियों से ग्रसित थे। वे दुमका सदर अस्पताल के चिकित्सक के पद से हाल ही में सेवानिवृत्त हुए थे। कहा जाता है कि वे गरीब, लाचार मरीजों का इलाज मुफ्त में करते थे। खासकर आदिवासी समुदाय के बीच इनकी गहरी लोकप्रियता थी। आदिवासी मरीजों से वे उनकी भाषा में ही बात करते थे।

राज्य में कोरोना संक्रमितों की मौत का आंकड़ा बढ़कर 323 हुआ

राज्य में कोरोनावायरस से अब तक 323 मरीजों की मौत हो चुकी है। इनमें सबसे अधिक 98 मौत पूर्वी सिंहभूम में हुई है। पूर्वी सिंहभूम के अलावा राजधानी रांची में अब तक 45 लोगों की मौत हो चुकी है।

आत्मनिर्भर भारत के तहत छोटे उद्यमियों को बैंक सहायता करें

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उज्ज्वल दुनिया \ रांची ।  सांसद संजय सेठ और बैंक ऑफ इंडिया रांची के उप महाप्रबंधक परितोष कुमार व अन्य अधिकारियों के साथ बैठक हुई इस बैठक में आत्मनिर्भर भारत, कृषि, व अन्य क्षेत्रों में हो रहे काम पर विस्तार पूर्वक चर्चा हुई ।  सांसद सेठ ने अधिकारियों से आत्मनिर्भर भारत के तहत जो भी छोटे-छोटे उधमी, लघु उद्योग, या कुटीर उद्योग, के माध्यम से व्यापार करना चाहते हैं बैंक उसे प्रोत्साहित करें और उन्हें तुरंत लोन उपलब्ध कराएं ।

सांसद सेठ ने मैक्सलुस्कीगंज एवं खेलारी के राय में बैंक की  शाखा एवम एटीएम  खोलने की मांग रखी एवं खलारी में एटीएम जल्द बंद होने एवं एटीएम में कैश कम रहने की बात सांसद महोदय द्वारा बताई गई सांसद ने कहा खेलारी में एटीएम देर रात तक खुले और एटीएम में पर्याप्त पैसे हो जिससे वहां के लोगों को परेशानी ना हो इस पर अधिकारियों ने कहा इसे तुरंत ठीक कर लिया जाएगा ।

 सांसद ने बैंक के अधिकारियों से छोटे दुकानदार एवं छोटे उद्यमियों को हर संभव सहायता करने को कहायह जानकारी सांसद प्रेस प्रतिनिधि संजय पोद्दार ने दी

टाटा, धनबाद, लोहरदगा और साहिबगंज में उर्वरक की अतिरिक्त रेक प्वाइंट बनें

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उज्ज्वल दुनिया \रांची ।  राज्य में उर्वरक के रेक पॉइंट को बढ़ाया जाए ,टाटानगर लोहरदगा ,साहिबगंज और धनबाद मे रैक पॉइंट दिए जाएं । यह बातें कृषि पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री बादल पत्रलेख ने केंद्रीय सरकार के राज्य मंत्री रसायन एवं उर्वरक मनसुख भाई मंडाविया से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान कही। मनसुख भाई  ने यह आश्वासन दिया कि झारखंड की मांग पर समुचित विचार किया जाएगा तथा उचित निर्णय लिया जाएगा। उसी क्रम में उन्होंने कहा कि साहिबगंज में गंगा नदी है एवं वहां जलमार्ग के माध्यम से खाद परिवहन करने की दिशा में उचित कदम उठाए जाएंगे।

मंत्री बादल पत्रलेख ने केंद्रीय राज्यमंत्री से कहा कि माह अप्रैल से माह अगस्त 2020 तक के लिए आवंटित 1 लाख  70 हजार 550 मेट्रिक टन यूरिया उर्वरक के विरुद्ध 1 लाख 10 हजार 291 मैट्रिक टन उर्वरक की आपूर्ति की गई है। वहीं माह अगस्त में यूरिया उर्वरक की कुल आवश्यकता 42 हजार मैट्रिक टन है, जिसके विरुद्ध 13 हजार मैट्रिक टन यूरिया की आपूर्ति अभी तक की गई है ।  मैसर्स आईपीएल ने 21 हजार 800 मेट्रिक टन आवंटित मात्रा के विरुद्ध मात्र 2 हजार 90 मेट्रिक टन ही झारखंड को उपलब्ध कराया  है । 

राज्य को छह ग्रिड सबस्टेशन और संचरण परियोजनाओं की सौगात मिलने पर बधाई

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उज्ज्वल दुनिया \रांची। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे और डा राजेश गुप्ता ने राज्य को आज छह ग्रिड सबस्टेशन और संचरण परियोजनाओं की सौगात मिलने पर बधाई देते हुए कहा है कि अब प्रदेश में बिजली आपूर्ति व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो सकेगी।उन्होंने कहा इस ऐतिहासिक कदम के लिए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन,वित्त मंत्री डा रामेश्वर उराँव एवं उर्जा विभाग संचरण के एमडी के.के.वर्मा की जितनी भी प्रशंसा की जाए वह कम होगी।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी कमेटी के प्रवक्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा आज संचरण परियोजनाओं का ऑनलाइन उद्घाटन और गढ़वा के भागोडीह, देवघर के जसीडीह, गिरिडीह, सरिया और जमुआ सब स्टेशन और गोड्डा-दुमका संचरण लाइन के उदघाटन से पलामू, संतालपरगना और गिरिडीह के कोयलांचल क्षेत्र में बिजली आपूर्ति व्यवस्था पहले से और अधिक सुचारू तथा बेहतर हो सकेगी। उन्होंने कहा कि अलग झारखंड राज्य गठन के अधिकांश समय तक भाजपा और गठबंधन सरकार सत्ता में रही, लेकिन इस दौरान एक मेगावाट बिजली उत्पादन में भी बढ़ोत्तरी नहीं हुई, वहीं झारखंड सरकार की एक बड़ी संपदा पतरातु थर्मल पावर कॉरपोरेशन, पीटीपीसी को एनटीपीसी के हाथों सौंप दिया गया। इसके पीछे राज्य में बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार मुख्य मकसद नहीं था, बल्कि इस निर्णय के पीछे भाजपा नेताओं के कुछ करीबी लोगों को फायदा पहुंचाना था और अब इसका धीरे-धीरे खुलासा होना शुरू हो गया है। 

प्रदेश प्रवक्ता आलोक दूबे एवं राजेश गुप्ता ने कहा कि पूर्ववर्ती रघुवर दास के पांच वर्षां के शासनकाल में बिजली विभाग में कई अन्य गड़बड़ियां हुई, जिसकी उच्चस्तरीय जांच जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस दौरान बिजली विभाग और केबुल कंपनियों की लापरवाही से लगातार कई दुर्घटनाएं भी हो रही है। ऐसी दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और इसके लिए जिम्मेवार लोगों पर कार्रवाई की जरूरत है और गठबंधन की सरकार इस दिशा में लापरवाह अधिकारियों को बख्शने नहीं जा रही है।

सीएम को धमकी और अखबार के संपादक से रंगदारी, ये कैसी कानून

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उज्ज्वल दुनिया \रांची । भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने एक बार फिर सीएम हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर राज्य की गिरती कानून व्यवस्था पर ध्यान देने का आग्रह किया है ।  बाबूलाल मरांडी ने लिखा है कि 7 अगस्त को राज्य के कारोबारी सह अखबार के प्रधान संपादक अभय सिंह को उनके व्हाट्सएप पर अपराधियों द्वारा 2 करोड़ रूपये रंगदारी देने का धमकी भरा संदेश मिलता है। उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी। 15 तारीख को उनके कार्यालय पर फायरिंग वाली घटना हो जाती है। ये सब स्वतंत्रता दिवस जैसे हाई अलर्ट विधि-व्यवस्था के दौरान घटी वारदात है । 

सीएम को धमकी शाले मामले में पुलिस के हाथ खाली 

बाबूलाल मरांडी ने लिखा है कि अभय सिंह वाले मामले में पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया है लेकिन सीएम हेमंत सोरेन को ईमेल से प्राप्त धमकी के मामले में तो पुलिस के हाथ खाली हैं ।  आपके वाले मामले में अपराधियों का धमकी भरा पहला ई-मेल 8 जुलाई को आता है और 13 जुलाई को पुलिस प्राथिमिकी दर्ज करती है। मामले में अपराधियों द्वारा प्रयुक्त सिस्टम का सर्वर स्विट्जरलैंड व जर्मनी यानि दूसरे देश के होने की बात सामने आने के बाद इंटरपोल की मदद लेने की बजाय साइबर थाना रांची से ई-मेल कर प्रयुक्त उक्त सर्वर सिस्टम का ब्यौरा मांगकर झारखंड की काबिल पुलिस पहले ही अपनी किरकिरी करा चुकी है। आज भी 40 दिन गुजरने के बाद भी इस मामले में पुलिस के हाथ खाली ही हैं । 

क्या पुलिस विधि-व्यवस्था से इतर किसी दूसरे काम-धंधे  में लीन हो चुकी है ?    

बाबूलाल मरांडी ने अपने पत्र में लिखा है कि चौतरफा शिकायतें मिल रही हैं कि छोटे-से लेकर बड़े पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ट्रांसफर-पोस्टिंग में बड़े पैमाने पर रिश्वतखोरी हो रही है। पैसे लेकर अधिकारियों और सत्ता में मौजूद नेताओं के द्वारा मनपसंद स्थानों पर ट्रांसफर-पोस्टिंग का खेल खेलने की बात सामने आ रही है। भ्रष्टाचार का आलम यह है कि राज्य के छोटे से इलाके दुमका में प्रतिदिन केवल ट्रकों के परिवहन से लगभग 50 लाख तक की अवैध वसूली की जा रही है। इस एक मामले से पूरे राज्य की तस्वीर समझी जा सकती है।

सत्ताधारी दल के राजनीतिक महत्वाकांक्षा की पूर्ति को ही अपना काम समझने लगी है पुलिस 

दूसरी तरफ राज्य सरकार पुलिस की उर्जा का इस्तेमाल अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों से निपटने और उन्हें पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर सबक सिखाने में  कर रही है। स्वभाविक है, जब पुलिस अपना मूल काम छोड़कर सत्ताधारी दल के राजनीतिक महत्वाकांक्षा की पूर्ति को ही अपना मूल काम समझने लगेेगे तब अपराधी, गुंडे, चोर-उचक्के, बदमाश उत्पात करेंगे ही/कर भी रहे हैं और आगे भी करेंगे। क्योंकि जिनको अपराध पर अंकुश लगाना है वे खुद कहीं और व्यस्त हो गए हैं या कर दिए गए हैं। 

शाह एम्स में भर्ती, थकान और सिरदर्द का चल रहा इलाज

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नई दिल्ली (हिं.स.)। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को थकान और सिरदर्द के चलते सोमवार देर रात अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया। उनका इलाज ओल्ड प्राइवेट वार्ड में चल रहा है। बताया जा रहा है कि उन्हें हल्का बुखार भी है। एम्स के निदेशक डॉक्टर गुलेरिया की देखरेख में अन्य चिकित्सकों की टीम उनका इलाज कर रही है। इससे पहले उन्हें कोरोना की शिकायत के चलते गुरुग्राम के मेदांता में भर्ती कराया गया था। एम्स की तरफ से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि गृहमंत्री अमित शाह बीते 3-4 दिनों से थकान और शरीर में दर्द और सांस लेने में कुछ तकलीफ का अनुभव कर रहे थे। उनकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई है। वह एम्स में कोरोना के बाद होने वाली समस्याओं की देखरेख (पोस्ट कोविड केयर) के लिए भर्ती कराए गए हैं। अब वह आरामदायक महसूस कर रहे हैं और अस्पताल से ही काम कर रहे हैं। अमित शाह के एम्स में भर्ती होने के बाद एम्स की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

देश में कोरोना से स्वस्थ होने वाले लोगों का प्रतिशत बढ़कर हुआ 73.17

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पिछले 24 घंटों में आए 55,079 नए मामले, 876 लोगों की मौत 

नई दिल्ली (हि.स.)। देश में कोरोना के मरीजों की संख्या 27 लाख के पार पहुंच गई है। पिछले 24 घंटों में कोरोना के 55 हजार 079 नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़कर 27,02,743 पर पहुंच गई है। वहीं, कोरोना से पिछले 24 घंटों में 876 लोगों की मौत हो गई। साथ ही इस बीमारी से मरने वालों की संख्या 51,797 तक पहुंच गई है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक देश में 6,73,166 एक्टिव मरीज हैं। वहीं, राहत भरी खबर भी है कि पिछले 24 घंटों में 57937 मरीज ठीक हो गए हैं। कोरोना से अबतक 19,77,780 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। देश का रिकवरी रेट बढ़कर 73.17 प्रतिशत हो गया है।