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स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 में देश का बेस्ट परफॉर्मिंग स्टेट बना झारखंड

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राज्य के चार शहर विभिन्न कैटेगरी में सम्मानित

उज्ज्वल दुनिया/रांची ।  भारत सरकार की ओर से 20 अगस्त 2020 को नई दिल्ली में वर्चुअल प्लेटफॉर्म पर आयोजित स्वच्छ महोत्सव में स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 का रैंकिंग जारी कर दिया गया, जिसमें 100 नगर निकायों तक के राज्यों में झारखंड को देश का बेस्ट परफॉर्मिंग स्टेट घोषित किया गया है। ये अवार्ड मिलना झारखंड सरकार, शहरी निकायों और झारखंड के नागरिकों के लिए गौरव की बात है।

नई दिल्ली में केन्द्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 की रैंकिंग जारी की। अपरिहार्य कारणों से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस कार्यक्रम में शिरकत नहीं कर पाए लेकिन उनका संदेश देश के सभी नगर निकायों के पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों को सुनाया गया। 

रैंकिंग की खास बात ये रही कि स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 में भी झारखंड का दबदबा न केवल बरकरार रहा बल्कि राज्य को स्वच्छता के क्षेत्र में देश के 100 यूएलबी वाले राज्यों की श्रेणी में देश के बेस्ट परफॉर्मिंग स्टेट के तौर पर सम्मानित किया गया।

राज्य के चार शहरों को इन कारणों से मिला सम्मान 

1. स्वच्छता के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयास के लिए झारखंड को बेस्ट परफॉर्मिंग स्टेट (100 यूएलबी तक के राज्यों में)
2. देश के 3-10 लाख तक की आबादी वाले शहरों की श्रेणी में सिटीजन फीडबैक के क्षेत्र में जमशेदपुर अव्वल।
3. देश के पूर्वी क्षेत्र के 50 हजार से 1 लाख तक की आबादी वाले शहरों में मधुपुर को सिटीजन फीडबैक के लिए बेस्ट सिटी का सम्मान
4. देश के पूर्वी क्षेत्र के 25 से 50 हजार तक आबादी तक वाले शहरों में जुगसलाई को इनोवेशन एंड बेस्ट प्रेक्टिसेज के लिए बेस्ट सिटी का सम्मान 
5. देश के पूर्वी क्षेत्र के 25 से 50 हजार तक आबादी वाले शहरों में सिटीजन फीडबैक के लिए खूंटी को बेस्ट सिटी का सम्मान

धोनी के रिटायरमेंट पर पीएम मोदी की इमोशनल चिट्ठी, सेना में रोल को भी सराहा

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उज्ज्वल दुनिया\रांची ।  भारत को दो-दो वर्ल्ड कप जिताने वाले पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने हाल ही में इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहा था, जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पत्र लिखकर उनकी उपलब्धियों की तारीफ की थी..
अब महेंद्र सिंह धोनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टि्वटर पर इसके लिए धन्यवाद कहा है.

धोनी ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘एक कलाकार, सैनिक और खिलाड़ी को प्रशंसा की कामना होती है. वे चाहते हैं कि उनकी मेहनत और बलिदान को सभी पहचानें. शुक्रिया पीएम नरेंद्र मोदी, आपकी ओर से मिली शुभकामनाओं के लिए.’

पीएम मोदी ने इससे पहले लिखा था कि आपमें नए भारत की आत्मा झलकती है, जहां युवाओं की नियति उनका परिवार का नाम तय नहीं करता है, बल्कि वे अपना खुद का मुकाम और नाम हासिल करते हैं.

अर्जुन मुंडा ने किया ट्राइफूड कार्यक्रम का शुभारंभ

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उज्ज्वल दुनिया \नयी दिल्ली/रांची । जनजातीय मामलों के केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने छत्तीसगढ़ के जगदलपुर और महाराष्ट्र के रायगढ़ में “ट्राइफूड” कार्यक्रम का शुभारंभ किया। 

इस योजना को जनजातीय कार्य मंत्रालय,खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त निगम  निवेश के साथ इस संयुक्त उद्यम में समन्वय किया है। 

इन दो जिलों में उपलब्ध स्थानीय प्राकृतिक उत्पादों का प्रसंस्करण और मूल्य वर्धन बहुतायत से है और जनजातीय समुदायों के सदस्यों द्वारा एकत्र किए जाते हैं।इन खाद्य उत्पादों को दुनिया भर में ले जाने के अलावा उनके आर्थिक सशक्तिकरण को स्थापित किया जाता है।दोनों परियोजनाओं के अप्रैल, 2021 तक चालू होने की उम्मीद है और लगभग 90,000 आदिवासियों के लाभान्वित होने की संभावना है। 
 

अर्जुन मुंडा ने आशा व्यक्त की कि इन पहलों को देश के अन्य भागों में भी शामिल किया जाएगा और इससे जनजातीय उद्यमिता का पता चलेगा । उन्होंने प्रकृति संरक्षण के लिए जनजातीय समुदायों के गुणों पर भी जोर दिया और इस बात पर जोर दिया कि उनकी अर्थव्यवस्थाओं में सुधार की जरूरत है ।

आधुनिक भारत के जनक थे राजीव गांधी

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उज्ज्वल दुनिया \रांची: झारखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरांव की अध्यक्षता में गुरुवार को पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी की 76वीं जयंती पार्टी कार्यालय में मनाई गई। इस अवसर पर कांग्रेस नेताओं ने राजीव गांधी के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया। इस अवसर पर सांसद गीता कोड़ा, पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, कार्यकारी अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, राजेश ठाकुर, पूर्व मंत्री गीताश्री उरांव और विधायक राजेश कच्छप उपस्थित हुए।

रामेश्वर उरांव ने कहा कि स्व. राजीव गांधी आधुनिक भारत के निर्माण के साथ -साथ संचार क्रांति के जनक थे। स्व. गांधी ने एक ओर भारत को संचार क्रांति के माध्यम से आधुनिक बनाने का पहल किया। वहीं भारत वर्ष की आत्मा गांवों को पंचायती राज देकर मजबूत बनाने का काम किया। पंचायती राज के माध्यम से ग्रामीण भारत सशक्त हुआ।

स्व. गांधी ने देश के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए मतदान का अधिकार 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष करने का काम किया। स्व. राजीव गांधी द्वारा पंजाब के समस्याओं का समाधान, दल-बदल कानून पर नियंत्रण, इन्फोरमेशन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान को देश कभी भुला नहीं सकता है। स्व. गांधी का हर प्रयास भारत को दुनिया के सामने मबजूत बनाने का रहा है।

उन्होंने कहा कि राजीव गांधी ही थे, जिन्होंने भारत में दूरसंचार क्रांति लाई। आज जिस डिजिटल इंडिया की चर्चा है, उसकी संकल्पना राजीव गांधी अपने जमाने में कर चुके थे।

राजीव गांधी की एक बड़ी उपलब्धि नवोदय विद्यालय की स्थापना भी है। मौजूदा समय देश में खुले 551 नवोदय विद्यालयों में 1.80 लाख से अधिक छात्र पढ़ाई कर रहे हैं।

श्रद्धासुमन अर्पित करने वालों में प्रदेश कांग्रेस के जोनल कोऑर्डिनेटर रमा खलखो, भीम कुमार, प्रवक्ता शमशेर आलम, डॉ. राकेश किरण महतो, ईश्वर आनंद, अमूल्य नीरज खलखो, आलोक कुमार दूबे, डॉ. जय प्रकाश गुप्ता, निरंजन पासवान, सुरेश बैठा, नेली नाथन, नीरज भोक्ता आदि शामिल थे।

लद्दाख तक एक और सड़क बनाएगा भारत

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दुश्मन की नजर में नहीं आएगी सैनिकों और हथियारों की तेजी से आवाजाही 
– भारत के पास अब लद्दाख तक पहुंचने के तीन रास्ते उपलब्ध हो जायेंगे 

– नई सड़क से मनाली और लेह की दूरी 3-4 घंटे कम हो जाएगी    

नई दिल्ली(हि.स.)। दुश्मन की निगाह से बचने के लिए भारत लद्दाख तक एक सड़क बनाने की तैयारी में है। इस मार्ग से ​लद्दाख तक सैनिकों और हथियारों की तेजी से आवाजाही हो सकेगी। अभी हाल ही में भारत ने लद्दाख बॉर्डर तक पहुंचने के लिए 17 हजार 800 फीट की ऊंचाई पर एक पुराने कारवां मार्ग को वैकल्पिक मार्ग के रूप तैयार किया है, जिससे डेप्सांग प्लेन्स, डीबीओ, डीएसडीबीओ तक आसानी से पहुंचा जा सकेगा। अब दूसरे बनने वाले मार्ग से चीन सीमा तक सैनिकों की पहुंच तेजी से हो सकेगी।

सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) अब ​मनाली से लेह तक नीमू-पद्म-दार्चा होते हुए वैकल्पिक मार्ग बनाने की तैयारी कर रहा है। इस सड़क से मौजूदा जोजिला पास वाले रास्ते और सार्चु से होकर मनाली से लेह तक के रूट के मुकाबले समय की काफी बचत होगी। यानी कि नई सड़क से मनाली और लेह की दूरी 3-4 घंटे कम हो जाएगी। साथ ही लद्दाख तक तेजी से सैन्य मूवमेंट हो सकेगा।खास बात यह है कि यह ऐसा मार्ग होगा जिससे भारतीय सेना की आवाजाही, ​तैनाती व लद्दाख तक तोप, टैंक जैसे भारी हथियारों की मूवमेंट की दुश्मन को भनक तक नहीं लगेगी। मनाली से लेह तक इस सड़क के बनने के बाद भारत के पास अब लद्दाख तक पहुंचने के तीन रास्ते उपलब्ध हो जायेंगे, इसलिए चीन के साथ पूर्वी लद्दाख में चल रहे टकराव के कारण भारत का यह कदम ​रणनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।   लद्दाख तक सामानों और लोगों के परिवहन के लिए मुख्य तौर पर जोजिला वाले रास्ते का इस्तेमाल होता है जो ड्रास-करगिल से लेह तक गुजरती है। 1999 में करगिल युद्ध के दौरान पाकिस्तानियों ने इसी रूट को बुरी तरह निशाना बनाया था। उस दौरान रोड से सटे ऊंचे पहाड़ों से पाकिस्तानी फौज ने बमबारी और गोलाबारी की थी​​। इस अहम प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो चुका है और नया रोड मनाली को लेह से ​​सिन्धु नदी के तट पर 11​ हजार फीट की ऊंचाई पर​ सेना की अग्रिम पोस्ट​​ ​नीमू के नजदीक जोड़ेगा​।​ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ​ने 3 जुलाई को ​लेह में ​स्थित सेना की इसी अग्रिम पोस्ट​​ ​नीमू​ का दौरा किया था। ​​नई सड़क लेह से खरदुंगा की तरफ जाएगी फिर वहां से ससोमा-​​सासेर ला श्योक और दौलत बेग ओल्डी समेत ग्लेशियरों से होकर गुजरेगी।  

पुराने कारवां मार्ग को वैकल्पिक मार्ग के रूप तैयार किया

इसके अलावा ​भारत ने लद्दाख के संवेदनशील क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए 17 हजार 800 फीट की ऊंचाई पर एक पुराने कारवां मार्ग को वैकल्पिक मार्ग के रूप तैयार किया है, जिससे डेप्सांग प्लेन्स, डीबीओ, ​​डीएसडीबीओ तक आसानी से पहुंचा जा सकेगा। यह पुराना मार्ग सियाचिन ग्लेशियर और डेप्सांग प्लेन्स के बीच था जिसे भारत ने पुनर्जीवित किया है। वास्तविक नियंत्रण रेखा के करीब होने की वजह से दुरबुक-श्योक-दौलत बेग ओल्डी रोड के कई बिंदुओं पर सैन्य जोखिम हैं।
नई सड़क सियाचिन ग्लेशियर के बेस के पास ससोमा से शुरू ​होकर 17 हजार 800 फुट ऊंचे सासेर ला के पूर्व तक जाती है। फिर डेप्सांग प्लेन्स में मुर्गो के पास गेपसम में उतरकर मौजूदा (डीएसडीबीओ) से जुड़ जाएगी। सेना की 14वीं कोर को सियाचिन के नजदीक दौलत बेग ओल्डी इलाके की तरफ आने वाली इस सड़क की जांच करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके लिए ट्रायल बेसिस पर एक यूनिट भेजी भी जा चुकी है।​ अभी फिलहाल भारतीय सेना ​के वाहन ​ससोमा से सासेर ला तक ​जा पाते हैं लेकिन आगे के बाकी इलाकों में पैदल ही जाना पड़ता है।

छत्तीसगढ़ और झारखंड देश के सबसे साफ राज्य

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सबसे साफ राज्यों में उत्तराखंड को तीसरा स्थान मिला
– दूसरे स्थान पर सूरत और तीसरे स्थान पर नवी मुंबई 

नई दिल्ली (हि.स.)। केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित वार्षिक स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 अवार्ड समारोह में इंदौर को सबसे स्वच्छ शहर का अवार्ड दिया गया। इंदौर को लगातार चौथी बार देश के सबसे स्वच्छ शहर की श्रेणी में पहला स्थान मिला है। गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समारोह में शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी ने एक लाख से ऊपर की आबादी वाले तीन स्वच्छ शहरों के नाम घोषित किए। इनमें इंदौर को प्रथम स्थान, सूरत को दूसरा स्थान और नवी मुंबई को तीसरा स्थान मिला है। इसी तरह 100 से कम शहरी स्थानीय निकायों वाले सबसे साफ राज्यों में झारखंड को प्रथम स्थान, हरियाणा को दूसरा स्थान और उत्तराखंड को तीसरा स्थान मिला है।

सौ से अधिक शहरी स्थानीय निकाय वाले राज्यों की श्रेणी में छत्तीसगढ़ को प्रथम स्थान, महाराष्ट्र को दूसरा स्थान और मध्यप्रदेश को तीसरा स्थान मिला है। सबसे साफ कैंटोनमेंट बोर्ड की श्रेणी में जालंधर कैंट को प्रथम स्थान, दिल्ली कैंट को दूसरा स्थान, मेरठ को तीसरा स्थान और लैंडसडाउन को चौथा स्थान मिला है। गंगा नदी के किनारे बसे एक लाख से ऊपर की आबादी वाले शहरों की श्रेणी में वाराणसी को प्रथम स्थान, कानपुर को दूसरा स्थान और बिहार के मुंगेर को तीसरा स्थान और प्रयागराज को चौथा स्थान मिला है। इस मौके पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मौजूद थे। उन्होंने मंत्रालय का धन्यवाद करते हुए इस स्थान को बनाए रखने की बात कही। उन्होंने इसी प्रदर्शन को बरकरार रखने का भरोसा दिया।

अयोध्या राम मन्दिर : तांबे की पत्तियों से जोड़े जाएंगे पत्थर, भक्तों से दान का आह्वान

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तीन साल में पूरा होगा निर्माण कार्य, सीबीआरआई-आईआईटी मद्रास की मदद से हो रही मिट्टी की जांच

लखनऊ (हि.स.)। अयोध्या में भव्य राम मन्दिर निर्माण के लिए विगत पांच अगस्त को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों भूमि पूजन कार्यक्रम सम्पन्न होने के बाद अब मन्दिर निर्माण का काम धीरे-धीरे गति पकड़ने लगा है। मन्दिर निर्माण में लगने वाले पत्थरों को जोड़ने के लिए तांबे की पत्तियों का उपयोग किया जाएगा। इसलिए श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने श्रीरामभक्तों से तांबे की पत्तियां दान करने का आह्वान किया है। मंदिर के निर्माण कार्य पूरा होने में कम से कम तीन वर्ष लगेंगे। इसके बाद ही रामलला अपने भव्य राजमहल रूपी मन्दिर में विराजमान होंगे। 

श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र की ओर से  गुरुवार को बताया गया कि श्री राम जन्मभूमि मन्दिर के निर्माण के लिए कार्य प्रारंभ हो गया है। केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई) रुड़की और आईआईटी मद्रास के साथ मिलकर निर्माणकर्ता कम्पनी लार्सन एंड टूब्रो (एलएण्डटी) के अभियंता भूमि की मृदा के परीक्षण के कार्य में लगे हुए हैं। दो स्थानों से 60 मीटर तथा पांच स्थानों से 40 मीटर की गहराई से मिट्टी के नमूने भेजे गए हैं। कुछ जगहों पर 20 मीटर की गहराई से मिट्टी के नमूने भेजे गए हैं। मन्दिर निर्माण के कार्य में लगभग 36-40 महीने का समय लगने का अनुमान है।

श्री रामजन्मभूमि मन्दिर का निर्माण भारत की प्राचीन निर्माण पद्धति से किया जा रहा है ताकि वह सहस्त्रों वर्षों तक न केवल खड़ा रहे, बल्कि भूकम्प, झंझावात अथवा अन्य किसी प्रकार की आपदा में भी उसे किसी प्रकार की क्षति न हो। मन्दिर के निर्माण में लोहे का प्रयोग नहीं किया जाएगा।

मन्दिर निर्माण में लगने वाले पत्थरों को जोड़ने के लिए तांबे की पत्तियों का उपयोग किया जाएगा। निर्माण कार्य के लिए 18 इंच लम्बी, 3 एमएम गहरी और 30 एमएम चौड़ी 10,000 पत्तियों की आवश्यकता पड़ेगी। इसके मद्देनजर श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने श्रीरामभक्तों से तांबे की पत्तियां दान करने का आह्वान किया है। इन तांबे की पत्तियों पर दानकर्ता अपने परिवार, क्षेत्र अथवा मंदिरों का नाम गुदवा सकते हैं। इस प्रकार से ये तांबे की पत्तियां न केवल देश की एकात्मता का अभूतपूर्व उदाहरण बनेंगी, अपितु मन्दिर निर्माण में सम्पूर्ण राष्ट्र के योगदान का प्रमाण भी देंगी।
करीब तीन एकड़ जमीन पर मन्दिर का निर्माण होगा और लगभग 1200 खम्भे होंगे। अब आगे के सभी काम विशेषज्ञों से जुड़े हैं। इसलिए इन कार्यों में जन्दबाजी नहीं हो सकती है। 
श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र के मुताबिक जो राम भक्त अपना आर्थिक योगदान मंदिर निर्माण के लिए करना चाहते हैं। वह सीधे तीर्थ क्षेत्र के बैंक खाते में धनराशि ट्रांसफर कर सकते हैं।श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र को दिया गया दान आयकर कानून की धारा 80 जी(2)(बी) के अन्तर्गत करमुक्त है। 
बैंक खाता श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र

सेविंग एकाउंट-39161495808

करंट एकाउंट-39161498809

आईएफएससी कोड-एसबीआईएन0002510

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, अयोध्या (02510) शाखा

विदेश मंत्री बोले

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आसियान-भारत नेटवर्क थिंक टैंकों (एआईएनटीटी) की 6वीं गोलमेज बैठक

नई दिल्ली । विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि कोरोना महामारी से दुनिया की अर्थव्यवस्था और समाजिक जीवन पर इतना घातक असर हुआ है, वह हमारी कल्पना से परे है। यह संकट 1930 के दशक में आई बड़ी आर्थिक मंदी जैसा ही है जिसने पूरी अंतरराष्ट्रीय बिरादरी के सामने अभूतपूर्व संकट पैदा किया है।

विदेश मंत्री ने कहा, “वर्तमान अनुमानों के अनुसार कुल नुकसान 58 से 88 खरब अमरीकी डालर या वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 6.5-9.7 प्रतिशत है। विश्व अर्थव्यवस्था के सिकुड़ने की भविष्यवाणी की जा रही है, निश्चित रूप से यह ग्रेट डिप्रेशन के बाद सबसे बड़ा होगा।”

विदेश मंत्री ने आसियान-भारत नेटवर्क थिंक टैंकों (एआईएनटीटी) की 6वीं गोलमेज बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि महामारी से मुकाबला करने में अंतरराष्ट्रीय संस्थायें और मंच प्रभावी तरीके से कार्रवाई नहीं कर सके। महामारी ने दुनिया को यह संदेश दिया है कि संकट के समय कैसे मिलजुलकर काम करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि आज अंतरराष्ट्रीय संबंधों में सबसे अधिक मूल्यवान वस्तु विश्वास है। हमने पहले से ही कई स्तरों पर राष्ट्रीय सुरक्षा को आर्थिक सुरक्षा में शामिल करने के लिए नए सिरे से परिभाषित किया है। हाल ही में इसने प्रौद्योगिकी सुरक्षा के बारे में सवाल और चिंताओं को भी जन्म दिया है। वहीं महामारी ने अब स्वास्थ्य सुरक्षा के महत्व को बढ़ा दिया है।

आर्थिक सुरक्षा को आत्मनिर्भर भारत से जुड़ते हुए एस जयशंकर ने कहा कि इसका मतलब है कि अपनी राष्ट्रीय क्षमताओं को तत्काल मजबूत करना। यह सामाजिक अस्तित्व, विशेष रूप से स्वास्थ्य के महत्वपूर्ण पहलुओं को खतरे से बाहर निकालने के महत्व को भी रेखांकित करता है। इसका अर्थ है कि घरेलू प्राथमिकता को पूरा करने वाली और रोजगार सृजन करने वाली अर्थव्यवस्था का निर्माण करना न कि केवल लाभ कमाने वाली। हम इसे आत्मानिभर भारत कहते हैं।

विदेश मंत्री ने कहा कि संकट के इस काल में भी कई अच्छे उदाहरण विश्व के सामने आए हैं जहां देशों ने दवा और संसाधनों को साझा किया है। अपने कार्यों से उन्होंने दर्शाया है कि आज अधिक उदार और न्यायसंगत विश्व दृष्टिकोण की आवश्यकता है।

जयशंकर ने कहा कि आसियान वैश्विक अर्थव्यवस्था के क्रॉस-रोड में से एक है। भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। हम न केवल एक-दूसरे के समीप हैं, बल्कि साथ मिलकर एशिया और दुनिया को आकार देने में मदद करते हैं। यह महत्वपूर्ण है कि इस मोड़ पर एक सोच से आगे बढ़ें। भारत-प्रशांत सहित बहस के लिए वैचारिक मुद्दे हैं। इंडो-पैसिफिक महासागरों की पहल है कि हमें विस्तार की जरूरत है। जैसे-जैसे वैश्विक संबंध बदलते हैं, हमें भी जायजा लेना होगा। सुरक्षा, कनेक्टिविटी, अर्थव्यवस्था और राजनीति आपकी चर्चाओं में जगह बनाएंगे।

‘एक भारत

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जयपुर, 20 अगस्त (हि.स.)। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि मोदी सरकार आमजन के सर्वांगीण विकास और “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” दोनों लक्ष्यों को एकसाथ केंद्र में रखते हुए काम कर रही है। इसके लिए देश की जनता को व्यर्थ की सरकारी कानूनी जटिलता से बचाने के साथ ही उनके हितों का भी ध्यान रख रही है।

कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि मोदी सरकार ने किसानों के लिए ‘एक देश-एक मंडी’ और करदाताओं के लिए ‘एक देश-एक टैक्स’ के बाद अब युवाओं के लिए ‘एक देश-एक परीक्षा’ का प्रावधान किया है। इसके लिए केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी को मंजूरी देकर ऐतिहासिक कदम उठाया है। इससे देश के करोड़ों युवाओं को फायदा मिलेगा।

चौधरी ने कहा कि नौकरी के लिए युवाओं को बहुत सारी परीक्षाएं देनी पड़ती हैं, ये सब समाप्त करने के लिए राष्ट्रीय भर्ती संस्थान की स्थापना होगी। रेलवे, बैंकिंग और एसएससी की प्राथमिक परीक्षा के लिए अलग-अलग परीक्षा देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अब इन तीनों के लिए एक ही एजेंसी, एक ही आवेदन, एक ही शुल्क, एक ही परीक्षा होगी।

एसआई भर्ती में पुराने 227 पद बढ़ाएं राजस्थान सरकार :

केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि चार साल पहले राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से निकाली गई सब इंस्पेक्टर भर्ती मामले में सरकार को 227 पद बढ़ाने चाहिए। मगर सरकारी स्तर से इस मामले में कोई निर्णय नहीं हुआ। इसी दौरान आरपीएससी ने इंटरव्यू शुरू कर दिए। ऐसे में ये पद बढ़ाए बिना ही इंटरव्यू शुरू कर दिए हैं। यह सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में शामिल हुए छात्रों के साथ अन्याय है। आरपीएससी की ओर से 330 पदों के लिए 2016 में भर्ती निकाली गई थी। बाद में 2018 में फिर से आवेदन मांगे गए और पदों की संख्या 721 कर दी गई। इसके बाद लिखित परीक्षा अक्टूबर 2018 में ली गई। 26 अगस्त 2019 को परिणाम जारी करने के दौरान 227 पद कम कर दिए गए। चौधरी ने कहा कि राजस्थान सरकार को पुलिस विभाग की मांग के अनुसार 227 पदों में वृद्धि कर युवाओं को राहत देनी चाहिए।

खरसावां के राजा प्रदीप चंद्र सिंहदेव का निधन,खरसावां में शोक की लहर

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सरायकेला: सरायकेला-खरसावां जिले के खरसावां राजघराने के राजा प्रदीप चंद्र सिंहदेव का 83 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। खरसावां राजवाड़ी परिसर में बुधवार को तड़के तीन बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। खरसावां के लोग उन्हें स्नेह से टिकैत साहब के नाम पुकारते थे। राजा प्रदीप चंद्र सिंहदेव के निधन की सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में लोग राजवाड़ी पहुंच कर पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन किये और श्रद्धांजलि अर्पित की। केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने निधन पर गहरा शोक प्रकट किया है।
राजा प्रदीप चंद्र सिंहदेव के पार्थिव शरीर को खरसावां के राजवाड़ी परिसर में लोगों के अंतिम दर्शन के लिये रखा गया है। लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि राजा साहब के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार बनारस में होगा। इससे पूर्व उनके पार्थिव शरीर को रांची के एक आश्रम में भी ले जाया जायेगा।आपको बता दे कि राजा प्रदीप चंद्र सिंहदेव खरसावां रियासत के अंतिम राजा श्रीराम चंद्र सिंहदेव के पोता थे। राजा प्रदीप चंद्र सिंहदेव का जन्म पांच अप्रैल 1937 को हुआ था। उनके पिता पुर्णेंदु नारायण सिंहदेव खरसावां के युवराज थे। राजा प्रदीप चंद्र सिंहदेव ने प्रारंभिक शिक्षा खरसावां से प्राप्त की थी। इसके बाद राजकुमार कॉलेज रायपुर से स्नातक की पढ़ाई करने के बाद चार्टर्ड एकाउंट (सीए) की पढ़ाई लंदन से की थी। ये अपने पीछे एक पुत्र व एक पुत्री छोड़ गये हैं। युवराज गोपाल नारायण सिंहदेव व एक पुत्री मीनाक्षी सिंह हैं।
राजा के निधन से क्षेत्र में शोक की लहर है। राजा प्रदीप चंद्र सिंहदेव काफी मिलनसार व मृदभाषी थे। क्षेत्र के लोगों के साथ उनका गहरा संबंध था। इधर केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, स्थानीय विधायक दशरथ गागराई, पूर्व विधायक मंगल सिंह सोय, सरायकेला के राजा प्रताप आदित्य देव, क्षत्रिय युवा मंच के अध्यक्ष उमेश सिंहदेव आदि ने राजा साहब के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

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एमवी राव बने रहेंगे झारखंड के डीजीपी,  सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका 

उज्ज्वल दुनिया/रांची : झारखंड के डीजीपी एमवी राव की नियुक्ति को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गयी थी जिसे सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका को खारिज कर दिया है. प्रह्लाद नारायण सिंह ने उच्‍चतम न्‍यायालय में एक याचिका दाखिल कर उनकी नियुक्ति पर सवाल उठाए थे। याचिका में कहा गया था कि राज्‍य के स्थायी डीजीपी कमल नयन चौबे को हटाना सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार दो साल के लिए डीजीपी की नियुक्ति होती है और किसी राज्य में प्रभारी डीजीपी की नियुक्ति नहीं की जा सकती है। वहीं बुधवार को करीब 15 मिनट तक चली सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए याचिका को खारिज करते हुए याचिका को निष्पादित कर दी है. राज्य सरकार की तरफ से सुप्रीम कोर्ट के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता फली एस नरीमन, झारखंड सरकार के महाधिवक्ता राजीव रंजन ने बहस की. जबकि प्रह्लाद सिंह की तरफ से सीनियर अधिवक्ता वैंकट रमण उपस्थित हुए थे

सीएम हेमंत सोरेन सहित मंत्रिमंडल के सभी मंत्री होम क्वारेन्टाइन

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 उज्ज्वल दुनिया/रांची । स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद उनके संपर्क में आने के कारण मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित मंत्रिमंडल के सभी मंत्री (पेयजल मंत्री को छोड़कर) ने खुद को होम क्वारंटाइन कर लिया है। सरकार में सारे कार्यक्रम रद्द किए गए। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सहित कुछ आईएएस अधिकारी भी होम क्वारंटाइन हुए हैं।

उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में शामिल हुए थे। इसके बाद उनकी कोरोना जांच पॉजिटिव मिली। कुछ विधायक भी संपर्क में थे वे भी क्वारंटाइन हुए हैं। अब कोरोना जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री के अलावा उनके प्रेस सलाहकार अभिषेक प्रसाद, निजी सचिव सुनील श्रीवास्तव व मुख्यमंत्री कार्यालय के कई अधिकारी,  विधायक सुदिव्य कुमार, विधायक सरफराज आदि होम क्वारंटाइन हो गए हैं।

सुशांत मामले की सीबीआई जांच का बिहार चुनाव से कोई सम्बन्ध नहीं: नीतीश कुमार

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मौत की निष्पक्ष जांच का संबंध केवल न्याय से, कहा- महाराष्ट्र सरकार के सभी आरोप बेबुनियाद

राजीव रंजन/पटना, 20 अगस्त (हि.स.)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने के सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि अदालत में अब यह भी साबित हो गया है कि बिहार सरकार ने इस मामले में जो कदम उठाया, वह सही था और महाराष्ट्र सरकार के सारे आरोप बेबुनियाद थे। उन्होंने कहा कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत और इसकी सीबीआई जांच का कोई भी सम्बन्ध बिहार की चुनावी राजनीति से नहीं है। 

नीतीश कुमार ने सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर ट्वीट कर प्रतिक्रिया व्यक्त की। इसमें उन्होंने कहा कि आज माननीय उच्चतम न्यायालय ने सुशांत सिंह राजपूत के पिता के पटना में दर्ज कराए गए मामले पर बिहार पुलिस की कार्रवाई एवं बिहार सरकार के इस मामले को सीबीआई को सौंपने के निर्णय को विधि सम्मत एवं उचित ठहराया है। मुख्यमंत्री ने कहा, कुछ लोग इसे राजनीतिक रूप देना चाह रहे थे जबकि राज्य सरकार का मानना था कि इसका संबंध न्याय से है। मुझे भरोसा है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद सीबीआई यथाशीघ्र इस मामले की जांच करेगी और शीघ्र न्याय मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सुशांत सिंह की मौत के बाद पूरा देश सीबीआई जांच की मांग कर रहा था। जब सुशांत के परिवार के सदस्यों ने सीबीआई जांच की मांग की तब उन्होंने इसकी सिफारिश केंद्र सरकार से कर दी। सुशांत के परिवार और उनके प्रशंसकों को लगता है कि सीबीआई के जरिए इस मामले की ठीक से जांच होगी और न्याय मिलेगा। 
मुख्यमंत्री ने जांच के क्षेत्राधिकार के संबंध में कोई भी टिप्पणी करने से इनकार किया और कहा कि इस संबंध में राज्य सरकार के वकील ने सारी बात सर्वोच्च न्यायालय में रखी, जिसपर सर्वोच्च न्यायालय ने अपना फैसला सुना दिया है। अब उन्हें कुछ कहने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि कौन क्या कहता है वह उसे महत्व भी नहीं देते हैं।

धनबाद के भाजपा विधायक राज सिन्हा के नजदीकी सतीश सिंह की गोली मारकर हत्या

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उज्ज्वल दुनिया/धनबाद: शहर के मटकुरिया में बुधवार को दोपहर बाद करीब तीन बजे भाजपा नेता सतीश सिंह को अपराधियों ने गोली मार दी। बाइक सवार दो अपराधी मटकुरिया पहुंचे और सतीश के सिर पर नजदीक से गोली दाग दी। इसके बाद अपराधी भाग निकले। सतीश को गंभीर स्थिति में पीएमसीएच ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही भाजपा विधायक राज सिन्हा पीएमसीएच पहुंचे। धनबाद के विधायक राज सिन्हा के सतीश काफी नजदीकी थे। हत्या का कारण अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। 

उज्ज्वल दुनिया’ की पहल पर बिहार के सात बच्चों की बची जिंदगी

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कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रन्स फाउंडेशन की टीम गया से रखे हुए थी नजर, हजारीबाग एसपी ने की त्वरित कार्रवाई, चौपारण में बस से बच्चे सुरक्षित बरामद

फैक्ट्री में काम कराने के लिए सहरसा से आंध्र प्रदेश ले जाए जा रहे थे सभी नाबालिग मासूम

अमरनाथ पाठक/उज्जवल दुनिया संवाददाता/हजारीबाग। दैनिक अखबार “उज्ज्वल दुनिया” की पहल पर बिहार के सात मासूमों की जिंदगी बच गई। इससे पहले कि उन बच्चों का बचपन फैक्ट्रियों में कुचल दिया जाता हजारीबाग के तेजतर्रार और काबिल एसपी कार्तिक एस और कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रन्स फाउंडेशन की त्वरित पहल पर चौपारण के एक लाईन होटल के पास खड़ी बस से सभी सात नाबालिग बच्चों को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। 

ऐसे हुआ रेस्क्यू

कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रन्स फाउंडेशन के सीनियर एक्टिविस्ट गोविंद खनाल ने “उज्जवल दुनिया” के इस संवाददाता को सूचना दी कि सहरसा से “विजय दुर्गा” नामक बस से सात बच्चों को फैक्ट्रियों में बाल मजदूरी कराने के लिए आंध्र प्रदेश ले जाया जा रहा है। बस गया होते हुए चौपारण-बरही जीटी रोड से जा रही है। चौपारण के एक लाईन होटल में बस रूकेगी। एसपी से मदद की दरकार है। “उज्जवल दुनिया”  ने इसकी सूचना एसपी कार्तिक एस को दी। उन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए चौपारण थाना प्रभारी नीतीश कुमार सिंह को किसी भी हाल में इस रेस्क्यू को सफल बनाने का निर्देश दिया। इसके साथ ही चौपारण थाना प्रभारी सदलबल वहां पहुंचे और कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रन्स फाउंडेशन की टीम के साथ बस में रेड कर सभी बच्चों को सकुशल बरामद कर लिया। इस संबंध में कैलाश सत्यार्थी ग्रुप के सीनियर एक्टिविस्ट गोविंद खनाल ने बताया कि बच्चों को एजेंट के माध्यम से आंध्र प्रदेश भेजा जा रहा था। बाल मजदूरी करानेवाला ठेकेदार आंध्र प्रदेश में ही है। फिलहाल बच्चों को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी/चाईल्ड लाईन को सुपुर्द करने की प्रक्रिया जारी थी।