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मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने मुंडारी हो एवं उरांव/ कुड़ुख जनजातीय भाषाओं को भारत के संविधान की आठवीं अनुसूची में सम्मिलित करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह को पत्र लिखा

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झारखंड में मुंडारी हो एवं कुड़ुख को द्वितीय राजभाषा का दर्जा दिए जाने की जानकारी से भी केंद्रीय गृह मंत्री को कराया है अवगत

 इन जनजातीय भाषाओं को आठवीं अनुसूची में शामिल करने से इनका विकास होगा

ज्ज्वल दुनिया \रांची । सीएम हेमंत सोरेन ने जनजातीय भाषा मुंडारी हो एवं   कुड़ुख को भारत के संविधान की आठवीं अनुसूची में सम्मिलित किए  जाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह को को पत्र लिखा है l श्री सोरेन ने  पत्र में कहा है कि झारखंड एक  आदिवासी बहुल राज्य है और यहां एक बड़े क्षेत्र में  जनजातीय भाषाएं  प्रचलन में है l ऐसे में उम्मीद करता हूं कि संताली भाषा की ही तरह इन जनजातीय भाषाओं को भी आठवीं अनुसूची में शामिल किया जाएगा l
 

जनजातीय भाषाओं के विकास के लिए सरकार  प्रतिबद्ध
 

मुख्यमंत्री ने पत्र में कहा है कि राज्य सरकार जनजातीय भाषाओं के विकास और संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है l इस दिशा में कई कदम भी उठाए गए हैं l उन्होंने यह भी लिखा है कि झारखंड में मुंडारी हो एवं   कुड़ुख को  पहले ही द्वितीय राजभाषा का दर्जा दिया जा चुका है l मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री  से आग्रह किया है कि इन भाषाओं को आठवीं अनुसूची में शामिल करने से इनके विकास का  मार्ग प्रशस्त होगा l

हजारीबाग एसपी हाइकोर्ट के समक्ष हुए उपस्थित, कोर्ट ने कहा

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हजारीबाग की एक नाबालिग युवती को जबरदस्ती एसिड पिलाये जाने के मामले में सुनवाई के दौरान हजारीबाग एसपी कार्तिक एस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उच्च न्यायालय के समक्ष उपस्थित हुए. हजारीबाग एसपी ने अदालत को बताया कि पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है और अभियुक्त का पॉलीग्राफी टेस्ट भी किया जा रहा है.

झारखंड हाइकोर्ट में हजारीबाग में नाबालिग लड़की को एसिड पिलाने के मामले में चीफ जस्टिस व जस्टिस संजय द्विवेदी की अदालत ने सुनवाई के दौरान काफी नाराज़गी जतायी. अदालत ने पुलिस जांच पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि पुलिस की जांच सही दिशा में नहीं है, ऐसा लग रहा है कि यह पूरी जांच अभियुक्त को बचाने के लिए की जा रही है. अदालत ने हजारीबाग एसपी से कहा कि पुलिस जो जांच कर रही है वह सीआरपीसी के तहत हो रही है. लेकिन अभियुक्त के खिलाफ पोक्सो की धाराएं लगी हुई हैं फिर इतने गंभीर मामले में पुलिस कस्टोडियल इंटेरोगेशन क्यों नहीं कर रही है?

इस मामले की सुनवाई झारखंड हाइकोर्ट की डबल बेंच में हुई, डबल बेंच में हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डॉ रवि रंजन एवं जस्टिस संजय द्विवेदी ने सुनवाई की. ज्ञात हो कि झारखंड हाइकोर्ट की अधिवक्ता अपराजिता भारद्वाज के द्वारा हजारीबाग में हुई इस घटना के बाद हाइकोर्ट को पत्र के माध्यम से सूचना दी थी जिस पर अदालत ने संज्ञान लेते हुए इस मामले की सुनवाई शुरू की थी.

कुख्यात नक्सली परमेश्वर गोप रांची के टाटीसिल्वे से गिरफ्तार

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राजधानी में जमीन के कारोबार में भी था शामिल 

रांची ।  प्रतिबंधित नक्सली संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट आफ इंडिया (पीएलएफआई) के सबजोनल कमांडर परमेश्वर गोप को रांची पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस संबंध में पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि नक्सली रांची के टाटीसिल्वे थाना क्षेत्र के किसी मकान में गुप्त रूप से रह रहा है। 

इस संबंध में गुरुवार को रांची के सीनियर एसपी सुरेंद्र झा को गुप्त सूचना मिली थी कि टाटीसिल्वे इलाके में रहकर घाघीडीह जेल में बंद गैंगस्टर सुजीत सिन्हा और पलामू जेल में बंद हरि तिवारी से लगातार संपर्क में रहकर उनके गुर्गों की सहायता से रांची के विभिन्न थाना क्षेत्रों में व्यवसायियों और जमीन कारोबारियों को जान मारने की धमकी देता है और उनसे रंगदारी मांगता था। सूचना के सत्यापन एवं छापेमारी के लिए रांची के सीनियर एसपी ने सिटी एसपी नौशाद आलम के नेतृत्व में छापेमारी टीम का गठन किया। टीम ने सूचना के सत्यापन के बाद छापेमारी की और परमेश्वर गोप को गिरफ्तार कर लिया।

अखबार के मालिक अभय सिंह पर हमले में साजिशकर्ता 

बता दें कि 15 अगस्त 2020 को बोड़ेया रोड में दिव्यान चौक के पास वृन्दावन कंस्ट्रक्शन के गोदाम में दहशत फैलाने के उद्देश्य से कुछ अपराधियों ने फायरिंग की घटना को अंजाम दिया था। इस घटना में उपयोग में लाई गई कारबाइन और गोली परमेश्वर गोप ने उपलब्ध करायी थी। इस संबंध में बरियातू थाना में मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान चार अपराधियों रविरंजन पांडेय, फिरोज, अमित और कुलदीप गोप की गिरफ्तारी की गई थी। इनके पास से कारबाइन के साथ-साथ हैंड ग्रेनेड भी बरामद किया गया था। अपराधियों ने अपने स्वीकारोक्ति बयान में पुलिस को बताया था कि घाघीडीह जेल में बंद सुजीत सिन्हा के कहने पर परमेश्वर गोप उर्फ प्रेम गोप द्वारा उन्हें कारबाइन, गोली और हैंड ग्रेनेड उपलब्ध कराया गया था।

गिरफ्तार परमेश्वर गोप के खिलाफ दर्ज मामले

गिरफ्तार किए गए परमेश्वर गोप के खिलाफ गुमला के पालकोट थाना में आठ, बसिया थाना में सात, रायडीह थाना में एक, गुमला थाना में 11 मामले दर्ज हैं। ये सभी मामले हत्या, रंगदारी, आर्म्स एक्स से संबंधित हैं।

कोरोना के ईलाज में अस्पतालों की लूट पर भाजपा ने जताई चिंता, मनमानी पर सरकारी हस्तक्षेप की माँग

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लंबे समय से अस्पतालों की मनमानी की खबरें सुर्खियों में है लेकिन राज्य सरकार कुम्भकर्णी निंद्रा में सोई है: 

कोरोना आपदा में लाभ का अवसर तलाश रहें निज़ी अस्पताल, चिकित्सा शुल्क तय करे सरकार : कुणाल षाड़ंगी

उज्ज्वल दुनिया \रांची ।  कोरोना संक्रमित मरीजों के ईलाज और चिकित्सकीय परीक्षण में राज्य के प्राइवेट अस्पतालों में मची लूट पर भारतीय जनता पार्टी ने चिंता ज़ाहिर किया है। शुक्रवार को पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी ने इस विषय को संवेदनशील बताते हुए इसमें फ़ौरन सरकारी हस्तक्षेप की माँग की है।
 

राजधानी राँची सहित अन्य जिलों के डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर अस्पतालों में कोरोना संक्रमित मरीज़ों का भारी आर्थित दोहन की जा रही है। पीपीई किट, मास्क, कमरें, नर्सिंग शुक्ल सहित अन्य सुविधाओं के नाम पर मनमाने शुल्क वसूले जा रहे हैं। उदाहरणार्थ कई अस्पताल एक मरीज़ से 24 घँटों के ईलाज के नाम पर 58 हज़ार रुपये तक वसूल रहे हैं। निज़ी अस्पताल प्रबंधनों के इस कृत्य को भारतीय जनता पार्टी ने अमानवीय और घोर चिंता का कारक बताया है। 

प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता और पूर्व विधायक रहें कुणाल षाड़ंगी ने इस मामले पर राज्य सरकार की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए व्यवस्था में अविलंब सुधार की माँग की है। उन्होंने इस आशय में कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा कि कोरोना आपदा में लाभ का अवसर कमाना अमानवीय आचरण है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से अस्पतालों की मनमानी मीडिया की सुर्खियों में है, किंतु राज्य सरकार कुम्भकर्णी निंद्रा में है। 

आदिवासियों को वनाधिकार देने के लिए केंद्र सरकार के तीन मंत्रालय आए साथ

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फास्ट ट्रैक से आदिवासियों को मिलेगा वनों की जमीन का पट्टा 

उज्ज्वल दुनिया \नयी दिल्ली/ रांची । वनाधिकार अधिनियम के तहत आदिवासियों को उनका निजी स्वामित्व,पट्टा व सामुदायिक संसाधनों के अधिकार पर दिल्ली में जनजातीय मामलों के केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, वन,पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर एवं अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के संयुक्त महामंत्री विष्णुकांतज व गिरीश कुबेरज की उपस्थिति में ऐतिहासिक निर्णय हुआ।

बैठक के बारे में अर्जुन मुंडा ने बताया कि आदिवासियों को वनाधिकार मिलने का काम अब फास्ट ट्रैक पर होगा।मुझे पूरी उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हम एक लक्ष्य के साथ इसे पूरा करने में सफल होंगे।उन्होंने कहा कि अब वनाधिकार कानून के तहत जो नियम एवं गाइडलाइंस बनाये गये हैं,वन मंत्रालय उसका अक्षरशः पालन करेगा।इसे सुनिश्चित करने के लिए वन मंत्रालय सभी राज्यों को पत्र लिखेगा।

निजी पट्टाधारियों के संबंध में जो मामले विभिन्न स्तरों पर अभी तक लंबित है,उनका अतिशीघ्र समाधान कर अविलंब पट्टे प्रदान करने पर सहमति बनी।अब हर तीन माह में दोनों मंत्रालय बैठक कर कानून का अनुपालन सुनिश्चित करेंगे।

बैठक में यह बात सामने आयी कि सामुदायिक संसाधनों के वनाधिकार को मान्यता देने का कार्य अबतक मात्र 8-10 फीसदी ही हुआ है । उसे निश्चित अवधि में मिशन मोड में शत प्रतिशत करने का निर्णय हुआ। अर्जुन मुंडा ने कहा कि हम अवश्य लक्ष्य हासिल करेंगे।

जमीन दलालों को संरक्षण देने वाले पुलिस अफसरों की खैर नहीं, पुलिस मुख्यालय गुपचुप तैयार कर रहा लिस्ट

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कई अफसर खुद जमीन दलाली में हैं शामिल 

कुछ पुलिस अफसर जमीन दलालों को देते हैं संरक्षण 

जिलों के एसपी से संदिग्ध अफसरों की मांगी गई है सूची 

रातू, ओरमांझी, नगड़ी, हटिया, तुपुदाना, कांके और धुर्वा जैसे इलाकों के जमीन दलालों पर खास नजर 

उज्ज्वल दुनिया \रांची । राज्य में जमीन दलाली में लगे पुलिस अफसरों की लिस्ट तैयार की जाने लगी है। खुफिया विभाग और सीआईडी से भी इनपुट लिए जा रहे हैं। जमीन के धंधे में लिप्त इन अधिकारियों को राज्य सरकार वीआरएस देगी। सीएम के आदेश के बाद राज्य पुलिस मुख्यालय ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस मुख्यालय द्वारा प्रत्येक जिले में जमीन दलाली व कारोबार में जुटे पुलिसकर्मियों की लिस्ट तैयार करने का टास्क जिलों के एसपी के साथ-साथ जोनल डीआईजी व आईजी को दी गई है। प्रत्येक जिले के एसपी ऐसे पुलिसकर्मियों के खिलाफ सूचनाएं व साक्ष्य जुटा रहे हैं जो जमीन कारोबार में संलिप्त हैं। इसके बाद इस संबंध में जोन वाइज लिस्ट तैयार कर इसका प्रस्ताव डीआईजी व जोनल आईजी द्वारा पुलिस मुख्यालय को भेजा जाएगा। इसके बाद संबंधित प्रस्ताव पर साक्ष्यों के आधार पर सख्त कार्रवाई करते हुए पुलिसकर्मियों की वीआरएस की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

लगातार मिल रही जमीन धंधे की सूचना

रांची समेत अन्य जिलों में पुलिसकर्मियों के जमीन कारोबार में जुड़े होने व उसे संरक्षण देने की सूचनाएं मिलती रही हैं। हालांकि जमीन कारोबार में जुड़े पुलिसकर्मियों पर अबतक सरकार या पुलिस मुख्यालय के स्तर से कोई खास कार्रवाई नहीं हो पाई है। पहले भी राज्य पुलिस ने थानावार ऐसी लिस्ट तैयार की थी, जिसमें प्रत्येक थाना क्षेत्र में सक्रिय जमीन दलालों की सूची बनायी गई थी। साथ ही उन्हें संरक्षण देने वाले अधिकारियों को भी चिन्हित किया गया था। तब इस पुलिस की लिस्ट में थानेदार से लेकर आईपीएस अधिकारी तक के नाम सामने आए थे।

एफआईआर के बाद हुए थे बर्खास्त

रांची में जमीन कारोबार में संलिप्त चार पुलिसकर्मियों को पहले भी बर्खास्त किया गया था। इन पुलिसकर्मियों पर जमीन कब्जे के लिए फायरिंग करने का आरोप लगा था, वहीं सदर थाना में इस संबंध में एफआईआर भी दर्ज की गई थी।

जमीन खरीद के विवाद में फंस रहा पुलिस विभाग

जमीन की खरीद में पुलिस विभाग लगातार विवादों में फंस रहा है। कांके थानाक्षेत्र के चामा में पूर्व डीजीपी डीके पांडेय की पत्नी के नाम पर जमीन की खरीद में गड़बड़ी सामने आ चुकी है। इस जमीन की डील में भी दो आईपीएस अधिकारियों की भूमिका सामने आई है, वहीं पूरे मामले में जिस को-ऑपरेटिव ने जमीन की खरीद की है, उस कॉ ओपरेटिव के अधिकतर सदस्यों का पता फर्जी है। ओरमांझी में भी सीआईडी की गृह निर्माण समिति द्वारा जमीन खरीद में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है।

हिनू-कांके रोड के दलालों को आईजी लेवल के अफसर का संरक्षण

खुफिया विभाग की मानें तो हाल के दिनों में एक आईजी स्तर के अधिकारी की नजदीकियां कुछ जमीन दलालों के साथ लगातार बढ़ रही हैं। इनमें कांके, कांके रोड, हिनू, तुपुदाना जैसे इलाके में काम कर रहे धंधेबाज शामिल हैं। चर्चा तेज है कि अगर गहराई से जांच हो तो इस अधिकारी के निर्देश पर चंदाघासी, तुपूदाना और कांके रोड (हॉटलिप्स) के सामने जमीन की भारी खरीद फरोख्त की गई है।

चांद की कक्षा में चंद्रयान

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लैंडर विक्रम की चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग न हो पाने से फेल हुआ था भारत का यह मिशन
चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर अभी 7 साल और लगाएगा ‘चंदामामा’ के चक्कर, पर्याप्त ईंधन मौजूद

नई दिल्ली(हि.स.)। चंद्रयान-2 ने चंद्रमा की कक्षा में चारों ओर परिक्रमा करते हुए एक वर्ष पूरा कर लिया है। इसने ठीक एक साल पहले 20 अगस्त को चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश किया था लेकिन 7 सितम्बर को लैंडर विक्रम की चंद्रमा की धरती पर सॉफ्ट लैंडिंग न हो पाने से भारत का यह मिशन फेल हो गया था। हालांकि चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर और उसके उपकरण ठीक तरह से काम कर रहे हैं। अभी भी इसमें इतना पर्याप्त ईंधन है कि वह 7 वर्षों तक ‘चंदामामा’ के चक्कर लगा सकता है।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने चंद्रयान-2 मिशन 22 जुलाई 2019 को लॉन्च किया था। इसरो के वैज्ञानिकों ने 20 अगस्त, 2019 को सुबह 9:02 मिनट पर चंद्रयान-2 के तरल रॉकेट इंजन को दाग कर उसे चांद की कक्षा में पहुंचाया था। उसके बाद 7 सितम्बर को चांद पर फाइनल लैंडिंग होनी थी। चांद पर उतरने के लिए विक्रम लैंडर ने अपनी प्रक्रिया रात 1:40 बजे शुरू की थी। इसरो वैज्ञानिकों के लिए 35 किमी. की ऊंचाई से चांद के दक्षिणी ध्रुव पर इसे उतारना बेहद चुनौतीपूर्ण था। रात 1:55 बजे विक्रम लैंडर को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर मौजूद दो क्रेटर मैंजिनस-सी और सिंपेलियस-एन के बीच मौजूद मैदान में सॉफ्ट लैंडिंग करनी थी।

चंद्रमा पर लैंडिंग के दौरान 07 सितम्बर,2019 की रात में चंद्रमा की सतह से केवल 2.1 किमी. ऊपर चंद्रयान-2 का लैंडर विक्रम रास्ता भटककर अपनी निर्धारित जगह से लगभग 500 मीटर की दूर अलग चंद्रमा की सतह से टकरा गया जिसके बाद से इसरो का संपर्क टूट गया। चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर ने बाद में लैंडर विक्रम की थर्मल इमेज इसरो को भेजी थी। इसरो वैज्ञानिकों के मुताबिक़ लैंडर विक्रम की हार्ड लैंडिंग होने की वजह से वह एक तरफ झुक गया, जिससे उसका एंटीना दब गया। लैंडर का कम्युनिकेशन लिंक वापस जोड़ने के लिए उसका एंटीना ऑर्बिटर या ग्राउंड स्टेशन की दिशा में करना बेहद जरूरी था लेकिन वैज्ञानिकों को काफी कोशिश करने के बावजूद इसमें कामयाबी नहीं मिल सकी। 

हालांकि अमेरिका, रूस और चीन भारत से पहले चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग कर चुके हैं। फिर भी भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के दूसरे मून मिशन चंद्रयान-2 पर नासा सहित पूरी दुनिया की निगाहें टिकी थीं क्योंकि इसका सबसे बड़ा कारण यह रहा कि चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर को चांद के उस हिस्से पर उतरना था जहां आज तक कोई भी नहीं पहुंच सका था। दरअसल चांद का दक्षिणी ध्रुव बेहद खास और रोचक इसलिए है, क्योंकि यहां हमेशा अंधेरा रहता है। साथ ही उत्तरी ध्रुव की तुलना में यह काफी बड़ा भी है। हमेशा अंधेरे में होने के कारण यहां पानी होने की संभावना भी जताई जा रही है। इसरो ने चांद के इस हिस्से में मौजूद क्रेटर्स में सोलर सिस्टम के जीवाश्म होने की संभावना भी जताई है। 

अब चंद्रयान-2 ने चंद्रमा की कक्षा में चारों ओर परिक्रमा करते हुए एक वर्ष पूरा कर लिया है। इसरो के मुताबिक अंतरिक्षयान ने चंद्रमा की कक्षा में करीब 4,400 परिक्रमा पूरी की हैं और इसके सभी उपकरण अच्छी तरह काम कर रहे हैं। इसरो ने कहा कि अंतरिक्षयान बिल्कुल ठीक है और इसकी उप-प्रणालियों का प्रदर्शन सामान्य है। ऑर्बिटर में उच्च तकनीक वाले कैमरे लगे हैं जिससे वह चांद के बाहरी वातावरण और उसकी सतह के बारे में जानकारी जुटा सके। अभी भी इसमें इतना पर्याप्त ईंधन है कि वह 7 वर्षों तक ‘चंदामामा’ के चक्कर लगा सकता है।

देश में कोरोना से ठीक होने वाले लोगों का प्रतिशत बढ़कर हुआ 74.30

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पिछले 24 घंटों में आए 68,898 नए मामले, 983 लोगों की मौत

नई दिल्ली (हि.स.)। देश में कोरोना के मरीजों की संख्या 29 लाख के पार पहुंच गई है। पिछले 24 घंटों में कोरोना के 68 हजार 898 नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़कर 29,05,824 पर पहुंच गई है। वहीं, कोरोना से पिछले 24 घंटों में 983 लोगों की मौत हो गई। साथ ही इस बीमारी से मरने वालों की संख्या 54,849 तक पहुंच गई है।केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक देश में 6,92,028 एक्टिव मरीज हैं। वहीं, राहत भरी खबर भी है कि पिछले 24 घंटों में 62,282 मरीज ठीक हो गए हैं। कोरोना से अबतक 21,58,947 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। देश का रिकवरी रेट बढ़कर 74.30 प्रतिशत हो गया है।

सुशांत सिंह राजपूत मौत प्रकरण में कुक नीरज से सीबीआई की पूछताछ शुरू

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-सीबीआई करेगी मुंबई के 2 डिसीपी से भी पूछताछ

मुंबई (हि.स.)। फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मौत प्रकरण मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो(सीबीआई) टीम ने शुक्रवार को सुबह से सुशांत के कुक नीरज से पूछताछ शुरू कर दी है। इस मामले में सीबीआई रिया चक्रवर्ती के भाई सौविक चक्रवर्ती को भी आज ही जांच के लिए बुलाया है। इस मामले में सीबीआई मुंबई पुलिस के दो एसपी की पूछताछ करने वाली है। 

जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह ही सीबीआई ने चार टीम बनाकर जांच शुरू कर दी है। सीबीआई की पहली टीम सुशांत सिंह राजपूत से जुड़े आर्थिक मामलों की पूछताछ करने वाली है। दूसरी टीम मुंबई पुलिस के साथ संपर्क करने का काम सौपा गया है। इसी तरह तिसरी टीम को जांच के लिए हर जगह पर आने -जाने का काम सौपा गया है, जबकि चौथी टीम को स्टेटमेंट रिकार्ड का काम सौपा गया है। इसी आधार पर पहली टीम ने सुशांत के कुक नीरज से पूछताछ शुरु कर दिया है।

जानकारी मिली है कि नीरज ने  सुशांत को 14 जून को मौत से पहले ज्यूस पीने के लिए दिया था। साथ ही सुशांत के रुम पार्टनर सिद्धार्थ पिठानी से भी सीबीआई जांच करने वाली है। इसी तरह सीबीआई ने रिया चक्रवर्ती के भाई सौविक को भी दफ्तर में बुला रखा है। 

सीबीआई की दूसरी टीम इस मामले में आवश्यक दस्तावेज लेने के लिए मुंबई पुलिस के उपायुक्त अभिषेक त्र्यंबके के दफ्तर में पहुंच चुकी है। यह टीम मुंबई पुलिस से सुशांत सिंह मामले से जुड़े सभी दस्तावेज लेने वाली है। इन दस्तावेजों में मुंबई पुलिस की से अब तक की गई 56 लोगों की पूछताछ व उनके स्टेटमेंट, फोरेंसिक रिपोर्ट, अडाप्सी रिपोर्ट ,पोस्टमार्टम रिपोर्ट आदि शामिल है।
सीबीआई की टीम बांद्रा स्थित सुशांत के निवास पर भी जाने वाली है। हालांकि सुशांत की जिस फ्लैट में मौत हुई थी,वह पूरी तरह से खाली है। लेकिन सीबीआई यहां जाकर जांच करने वाली है। 

आत्मनिर्भर कृषि के लिए केंद्र की योजनाओं को किसानों तक पहुंचाए राज्य

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दिल्ली/जयपुर (हि.स.)। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने शुक्रवार को कृषि क्षेत्र में सुधार तथा आधारभूत संरचना निधि के विषयों पर विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों एवं कृषि मंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा की। इस चर्चा में किसानों को उद्यमियों में बदलने, भारत को दुनिया के लिए फूड बास्केट बनाने, कृषि में निवेश के अवसर बनाने तथा कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में रोजगार एवं उद्यमिता के अवसर सृजित करने सहित अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विचार विमर्श हुआ।

इस डिजिटल संवाद में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर एवं कृषि राज्यमंत्री पुरषोत्तम रुपाला सहित हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, गुजरात, असम, बिहार, कर्नाटक, तमिलनाडु और गोवा राज्यों के मुख्यमंत्री एवं कृषि मंत्री उपस्थित रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन “आत्मनिर्भर भारत” की एक बड़ी प्राथमिकता देश की कृषि और किसानों को स्वावलंबी बनाना है। कैलाश चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार इस दिशा में कृषि क्षेत्र में सुधारों को आगे बढ़ाने के साथ-साथ इस काम के लिए जरूरी ढांचागत सुविधाओं का विकास प्राथमिकता के आधार पर कर रही है।

केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत की एक अहम प्राथमिकता है- आत्मनिर्भर कृषि और आत्मनिर्भर किसान। इसके लिए हमने किसानों को आधुनिक ढांचागत सुविधा देने के लिए एक लाख करोड़ रुपए का कृषि बुनियादी ढांचा कोष बनाया है। कृषि राज्यमंत्री चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदीजी ने कृषि अवसंरचना कोष के तहत एक लाख करोड़ रुपये की वित्तपोषण सुविधा की शुरूआत की है। यह कोष कृषि-उद्यमियों, स्टार्टअप्स, कृषि क्षेत्र की प्रौद्योगिकी कंपनियों और कटाई बाद फसल प्रबंधन में किसान समूहों की मदद के लिए बनाया गया है।

एफपीओ को बढ़ावा दे रही है केंद्र सरकार :

कृषि क्षेत्र में सुधारों का जिक्र करते हुए कृषि राज्यमंत्री ने कहा कि किसानों के लिये उनके उत्पाद बेचने के मामले में सीमित दायरे को समाप्त किया गया है। अब किसान दुनिया के किसी भी हिस्से में अपना सामान बेच सकता है। इसके लिए केंद्र सरकार किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को बढ़ावा दे रही है। साथ ही चौधरी ने दोहराया कि कृषि और गैर कृषि उत्पादों के लिये ग्रामीण इलाकों में संकुलों का विकास किया जाएगा। इस कदम से किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने में मदद मिलेगी।

लालू प्रसाद यादव की सुरक्षा में लगे 9 सुरक्षाकर्मी कोरोना पॉजीटिव

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उज्ज्वल दुनिया/रांची : रिम्स में भर्ती सजायाफ्ता राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव पर फिर कोरोना का खतरा मंडराने लगा है. लालू यादव के सुरक्षा में लगे 09 सुरक्षाकर्मी कोरोना पोजिटिव पाये गये हैं. इन 9 सुरक्षाकर्मियों के संक्रमित होने के बाद लालू पर कोरोना का खतरा फिर से मंडराने लगा है. अब लालू की फिर से कोरोना की जांच हो सकती है. बका दें कि पहले भी लालू के सेवक और सुरक्षाकर्मी हो कोरोना संक्तमित हो चुके हैं. 

रांची

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उज्ज्वल दुनिया/रांची: कोरोना के कारण बदहाल स्थिति से गुजर रहे परिवहन व्यवसाय की हालत पहले से ही खराब है। अब रांची से रामगढ़, हजारीबाग आने-जाने में 330 रुपए टोल टैक्स देना छोटे वाहनों के लिए बहुत मुश्किल है। रांची गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि टोल टैक्स को लेकर शुक्रवार को बैठक होगी।पिछले 5 महीनों के दौरान नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने दूसरी बार टोल टैक्स बढ़ा दिया है।

टोल टैक्स बढ़ने से वाहन मालिकों में आक्रोश है। वाहन मालिकों को चुटुपालू स्थित टोल प्लाजा पर वहां नियुक्त कर्मचारियों से बहस करते देखा गया।

रांची-हजारीबाग एक्सप्रेस-वे पर रांची-रामगढ़ के बीच टोल प्लाजा द्वारा टैक्स की राशि बढ़ा दी गई है। पिछले अप्रैल में ही टैक्स बढ़ाया गया था, अप के लिए 105 और डाउन के लिए 50 रुपए लिया जा रहा था। अगस्त में फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। अब अप और डाउन दोनों तरफ के लिए 165-165 रुपए लिया जा रहा है।

जीतनराम मांझी ने महागठबंधन से तोड़ा नाता, एनडीए में हो सकते हैं शामिल

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उज्ज्वल दुनिया/पटना ।  बिहार के पूर्व सीएम एवं हिन्दुस्तान अवाम मोरचा (हम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने गठबंधन से अपना संबंध तोड़ लिया है । जीतन राम मांझी के इस निर्णय के साथ ही उनके अगले सियासी कदम पर सबकी निगाहें टिक गयी है । सियासी गलियारों में चर्चा जोरों पकड़ रही है कि एक बार फिर से वह एनडीए में शामिल होने का निर्णय ले सकते हैं । हालांकि, इस बारे में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है ।

दरअसल गुरुवार को पार्टी की कोर कमिटी की बैठक में जीतन राम मांझी ने महागठबंधन से अलग होने का निर्णय लिया है । चर्चा है कि महागठबंधन से अलग होने के बाद जीतन राम मांझी फिर से एनडीए में शामिल हो सकते हैं । पार्टी की कोर कमिटी की बैठक के बाद हम प्रवक्ता दानिश रिजवान ने पत्रकारों को महागठबंधन से अलग होने की जानकारी दी । बताया कि महागठबंधन में निरंतर उपेक्षा और समन्वय समिति की गठन करने की बात नहीं माने जाने के बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी और कोर कमेटी ने सर्वसम्मति से यह फैसला लिया है ।

प्रशांत भूषण के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट के सामने वकीलों का प्रदर्शन

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बारिश के बावजूद बैनरों और पोस्टरों के साथ करीब सौ की संख्या में वकील शामिल हुए 


उज्ज्वल दुनिया/नई दिल्ली, 21 अगस्त (हि.स.)।
सुप्रीम कोर्ट में वकील प्रशांत भूषण को कोर्ट की अवमानना का दोषी ठहराये जाने के विरोध में गुरुवार को वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन के अलावा प्रगतिशील महिला समिति, आइसा और दूसरे संगठनों ने हिस्सा लिया।

बारिश में भीगते हुए करीब सौ की संख्या में वकीलों ने बैनरों और पोस्टरों के साथ सुप्रीम कोर्ट पर प्रदर्शन किया। वकीलों का कहना था कि कोर्ट की अवमानना का कानून ब्रिटिश राज से चला आ रहा है और अब इस कानून का उपयोग विरोध को दबाने के लिए किया जा रहा है। प्रशांत भूषण के साथ एकजुटता प्रदर्शित करते हुए इन वकीलों ने कहा कि प्रशांत भूषण जनता के वकील हैं। आल इंडिया लॉयर्स यूनियन के दिल्ली स्टेट के सचिव सुनील कुमार ने कहा कि कल्याण सिंह ने 28 साल पहले जो हलफनामा दायर किया था उस पर अभी तक कोई फैसला नहीं आया। उन्होंने कहा कि 2016 में खुद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी जज की आलोचना करना अवमानना नहीं है।

अवमानना केस में बोले भूषण

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सुप्रीम कोर्ट ने प्रशांत भूषण को बयान पर ‘पुनर्विचार’ करने के लिए दिया दो दिन का समय

उज्ज्वल दुनिया नई दिल्ली, 21 अगस्त (हि.स.)। सुप्रीम कोर्ट ने ट्वीट्स के मामले पर वकील प्रशांत भूषण को अपने बयान पर पुनर्विचार करने के लिए  दो दिन का समय दिया है। प्रशांत भूषण ने महात्मा गांधी के बयान का हवाला देते हुए कहा कि न मुझे दया चाहिए न मैं इसकी मांग कर रहा हूं। मैं कोई उदारता भी नहीं चाह रहा। कोर्ट जो भी सज़ा देगा मैं उसे सहर्ष लेने को तैयार हूं। सुनवाई के दौरान अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने प्रशांत भूषण को सजा नहीं देने की मांग की लेकिन कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया।

सुनवाई के दौरान प्रशांत भूषण के वकील दुष्यंत दवे ने सजा पर बहस टालने की मांग की। उन्होंने दलील दी कि दोषी ठहराने के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर करना है। इसके लिए 30 दिन समय दिये जाने का प्रावधान है। तब जस्टिस अरुण मिश्रा ने कहा कि हम जो भी सज़ा तय करेंगे, उस पर अमल पुनर्विचार याचिका पर फैसले तक स्थगित रखा जा सकता है । जस्टिस अरुण मिश्रा ने कहा कि सजा पर बहस होने दीजिए। सजा सुनाये जाने के बाद हम तत्काल सजा लागू नहीं करेंगे। हम पुनर्विचार याचिका पर फैसले का इंतज़ार कर लेंगे। हमें लगता है कि आप इस बेंच को नजरअंदाज करना चाहते हैं। बता दें कि जस्टिस मिश्रा 2 सितंबर को रिटायर हो रहे हैं।

प्रशांत भूषण ने कहा कि मुझे यह सुनकर दुःख हुआ है कि मुझे अदालत की अवमानना का दोषी ठहराया गया है । प्रशांत भूषण ने कहा कि मैं इस बात से दुखी नहीं हूं कि मुझे सजा हो सकती है बल्कि इस बात से दुखी हूं कि मुझे गलत समझा गया। प्रशांत भूषण ने कहा कि मेरा मानना है कि लोकतंत्र और इसके मूल्यों की रक्षा के लिए एक खुली आलोचना आवश्यक है । मेरे ट्वीट्स मेरे कर्तव्यों का निर्वहन करने का प्रयास हैं । मेरे ट्वीट्स को संस्था की भलाई के लिए काम करने के प्रयास के रूप में देखा जाना चाहिए।