Saturday 27th of June 2026 10:35:22 AM
Home Blog Page 425

तेज प्रताप की साली करिश्मा RJD के टिकट पर दानापुर से लड़ेगी चुनाव

0

पटना, । Bihar Assembly Election: राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बड़े पुत्र व विधायक तेजप्रताप यादव की साली करिश्मा राय दानपुर से चुनाव लड़ेगी। लालू परिवार और समधी चंद्रिका राय के कुनबे के बीच तल्खी किसी से छिपी नहीं है। चंद्रिका राय राजद छोड़कर अब जदयू में शामिल हो चुके हैं। परसा विधानसभा सीट पर चंद्रिका को मात देने के लिए तेजस्वी यादव ने उनकी ही भतीजी करिश्मा राय को राजद में शामिल कराया था। करिश्मा पहले परसा को ध्यान में रखकर ही आगे बढ़ रही थी, लेकिन अचानक से वह दानापुर में सक्रिय हो गई है। दो दिनों से जनसंपर्क अभियान चला रही है। करिश्मा ने कहा कि पार्टी का जहां से आदेश होगा, वहीं से वह लड़ेगी।

कौन हैं करिश्‍मा

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने चंद्रिका राय की भतीजी करिश्मा को राजद में शामिल कराया था। वह चंद्रिका के बड़े भाई विधानचंद्र राय की पुत्री और तेजप्रताप की पत्नी ऐश्वर्या राय की बड़ी बहन हैं। पेशे से डेंटिस्ट करिश्मा को तेजस्वी ने धूमधाम से पार्टी की सदस्यता दिलाई थी। क्‍याेंकि माना जा रहा था कि विधानसभा चुनाव में लालू परिवार और चंद्रिका परिवार का मुकाबला हो सकता है। तेजस्वी या तेजप्रताप में से किसी एक के खिलाफ ऐश्वर्या चुनाव लड़ सकती हैं।

करिश्मा ने तेज प्रताप को बताया था बिहार का सबसे प्‍यारा नेता

बता दें कि चंद्रिका राय को उनके विधानसभा क्षेत्र परसा में ही घेरने के लिए करिश्‍मा को राजद में शामिल किया गया था। करिश्मा ने भी राजद में शामिल होते ही बहन ऐश्वर्या से तलाक मांग रहे तेजप्रताप को बिहार का सबसे प्यारा नेता बताया और लालू परिवार के प्रति समर्पण दिखाया है। करिश्मा ने कहा था कि ऐश्वर्या की शादी से पहले ही लालू परिवार से हमारा करीबी रिश्ता है। मेरे पिता विधानचंद्र राय और लालू प्रसाद कॉलेज के दिनों से ही अच्छे मित्र रहे हैं। राजद में किसी लालच से नहीं आई हूं, बल्कि तेजप्रताप और तेजस्वी यादव के नेतृत्व में काम करने आई हूं।हर किरदार निभाने के लिए तैयार हूं। करिश्मा को लालू प्रसाद में अपने दादा व बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री दारोगा प्रसाद राय का अक्स दिखता है। उन्होंने कहा था कि मेरे दादा ने भी गरीब-गुरबों के लिए काम किया है। राजद प्रमुख भी कर रहे हैं।

बता दें कि चंद्रिका राय की पुत्री ऐश्वर्या राय और तेजप्रताप के तलाक का मामला अभी अदालत में लंबित है। शादी के छह महीने बाद ही तेजप्रताप ने तलाक की अर्जी दी थी। उसके बाद से ही दोनों परिवारों के संबंध बिगड़ चुके हैं। ऐश्वर्या ने भी अपनी सास राबड़ी देवी एवं अन्य पर मारपीट कर घर से निकलने का मामला दर्ज करा रखा है। करिश्मा ने राबड़ी को मातातुल्य बताया और कहा कि मैं उन्हें जमाने से जानती हूं। साथ काम करते हुए मुझे अच्छा लगेगा। तेजस्वी और तेजप्रताप सबके चहेते हैं। मीसा दीदी तो बहुत ही प्यारी हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने प्रशांत भूषण पर लगाया एक रुपये का जुर्माना

0

नई दिल्ली (हि.स.)।  सुप्रीम कोर्ट ने वर्तमान चीफ जस्टिस और चार पूर्व चीफ जस्टिस को लेकर किए गए ट्वीट के मामले पर प्रशांत भूषण पर एक रुपये का जुर्माना लगाया है। जस्टिस अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच ने जुर्माने का एक रुपया 15 सितंबर तक जमा करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि अगर 15 सितंबर तक जुर्माने की रकम जमा नहीं की जाती है तो प्रशांत भूषण को तीन महीने की कैद और तीन साल की वकालत की प्रैक्टिस पर रोक लगाई जाएगी।

कोर्ट ने कहा कि जजों को प्रेस में नहीं जाना चाहिए। इसलिए कोर्ट के बाहर कही गई बातों पर भरोसा नहीं करना चाहिए। जस्टिस अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि हमने अटार्नी जनरल की राय पर विचार किया है और पाया है कि प्रशांत भूषण के व्यवहार को ध्यान में रखना चाहिए। हमने प्रशांत भूषण को माफी मांगने का अवसर दिया था लेकिन उसका कोई असर नहीं हुआ और वे अपने बयानों को और ज्यादा प्रचार करने लगे। पिछले 25 अगस्त को कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। पिछले 14 अगस्त को कोर्ट ने प्रशांत भूषण को इस मामले पर दोषी करार दिया था।

सुनवाई के दौरान अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा था कि पहले कई जजों ने भी ऐसे बयान दिए हैं। तब कोर्ट ने अटार्नी जनरल को प्रशांत भूषण के स्पष्टीकरण के कुछ हिस्से पढ़ने को कहते हुए कहा था कि पैरा 17 में लिखा है कि बतौर संस्था सुप्रीम कोर्ट ढह गया है। कोर्ट ने पूछा था कि क्या ऐसे स्पष्टीकरण को स्वीकार किया जा सकता है। क्या उन्होंने अवमानना को ही और आगे नहीं बढ़ाया है। तब अटार्नी जनरल ने कहा था कि 2009 के मामले में उन्होंने खेद जताया है। इसमें भी ऐसा कर सकते हैं । तब कोर्ट ने कहा था कि उन्होंने किसी को नहीं बख्शा। पूर्व चीफ जस्टिस को पद से हटाने के लिए सांसदों के प्रस्ताव का ज़िक्र किया। अयोध्या और कुछ मामलों को कोर्ट की तरफ से ज़्यादा महत्व देने की बात कही। कोर्ट ने अटार्नी जनरल से पूछा था कि आप यह बताइए कि अगर सज़ा देनी हो तो क्या दें। तब अटार्नी जनरल ने कहा कि आप कह दीजिए कि भविष्य में ऐसा बयान न दें। तब कोर्ट ने कहा था कि हम जानते हैं कि दुनिया में कोई भी पूर्ण नहीं है। गलती सब से होती है। लेकिन गलती करने वाले को इसका एहसास तो होना चाहिए। हमने उनको अवसर दिया लेकिन उन्होंने कहा कि माफी नहीं मांगना चाहते हैं।

राजीव धवन ने कहा था कि मेरी ड्यूटी सिर्फ अपने मुवक्किल (प्रशांत भूषण) के लिए नहीं, कोर्ट के लिए भी है। मैं वरिष्ठ वकील की हैसियत से बोल रहा हूं। अगर आपको लगता है कि व्यक्ति संस्था के लिए किसी काम का नहीं है तो उसे सजा दें। अगर नहीं तो बतौर वकील किए गए उसके काम को देखें। धवन ने कहा था कि मैंने कोर्ट में तत्कालीन चीफ जस्टिस खेहर को सुल्तान कहा था। फिर अपनी बात स्पष्ट की थी। अवमानना का मुकदमा नहीं चला। सुप्रीम के कंधे इतने चौड़े हैं कि आलोचना सहन कर सकें। धवन ने कहा था कि कोर्ट को बिना शर्त माफी के लिए बाध्य नहीं करना चाहिए था। धवन ने कहा था कि भूषण के अपने विचार हैं। उसके आधार पर बयान दिया। स्पष्टीकरण में बयान पर पक्ष रखा। उसके कुछ हिस्से उठा कर अवमानना को बढ़ाने वाला बताना सही नहीं। माफी ज़ोर देकर नहीं मंगवानी चाहिए। जिस बात में भरोसा रखते हों, उसके बारे में डर कर माफी मांगना ईमानदारी नहीं।

धवन ने कहा था कि संसद की आलोचना होती है। लेकिन वह विशेषाधिकार की शक्ति का कम इस्तेमाल करते हैं। सुप्रीम कोर्ट को भी भली मंशा से की आलोचना को उसी तरह लेना चाहिए। चीफ जस्टिस बाइक पर बैठे थे, सबने देखा। उस पर टिप्पणी अवमानना न समझें। इतिहास 4 पूर्व जस्टिसों के बारे में फैसला लेगा। यह कहना अवमानना नहीं माना जाना चाहिए।
अटार्नी जनरल ने कहा कि पूर्व जजों के बारे में जो कहा गया, उस पर फैसला उनको सुने बिना नहीं हो सकता। इसलिए इसे रहने देना चाहिए। प्रशांत भूषण बार-बार कह रहे हैं कि वह न्यायपालिका का सम्मान करते हैं। इसे ध्यान में रखा जाना चाहिए। तब जस्टिस अरुण मिश्रा ने कहा था कि जज अपने लिए कुछ नहीं कह सकते। व्यवस्था की रक्षा कौन करेगा? अगर आपने किसी को तकलीफ पहुंचाई है तो माफी मांगने में क्या हर्ज है। आपने अपने बयान में महात्मा गांधी की बात कही लेकिन माफी मांगने को तैयार नहीं हुए।

प्रशांत भूषण ने इस बात पर अफसोस जताया था कि सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें बयान पर दोबारा विचार के लिए दो दिन का समय देने की बात कही थी। पर आदेश में लिखा कि बिना शर्त माफी मांगने के लिए समय दिया है। भूषण ने कहा था कि मेरे ट्वीट अच्छी नीयत से किए गए थे और वे संस्था की बेहतरी के लिए किए थे। ऐसे में माफी मांगना सही नहीं है। पिछले 20 अगस्त को सुनवाई के दौरान प्रशांत भूषण ने महात्मा गांधी के बयान का हवाला देते हुए कहा था कि न मुझे दया चाहिए न मैं इसकी मांग कर रहा हूं। मैं कोई उदारता भी नहीं चाह रहा। कोर्ट जो भी सज़ा देगा मैं उसे सहर्ष लेने को तैयार हूं।

रिया चक्रवर्ती से सीबीआई की लगातार चौथे दिन पूछताछ

0

होटल व्यवसाई गौरव आर्य से ईडी ने शुरू की पूछताछ 

मुंबई (हि.स.)। फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह मौत मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई ) रिया चक्रवर्ती से लगातार सोमवार को चौथे दिन पूछताछ कर रही है। मुंबई के डीआरडीओ गेस्ट हाउस में रिया का भाई शोविक, कुक नीरज भी मौजूद है। आज सीबीआई इस मामले में पूछताछ के लिए सुशांत की बहन मीतू सिंह को भी बुलाने वाली है। होटल व्यवसाई गौरव आर्या भी आज पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दफ्तर में पहुंच चुका है। सुशांत मामले में मनी लॉड्रिंग के एंगल से ईडी गौरव आर्या से पूछताछ कर रही है। ईडी गौरव आर्या से इस मामले ड्रग कनेक्शन संबंधी छानबीन भी करने वाली है। सूत्रों के मुताबिक रिया चक्रवर्ती से सीबीआई अब लगातार तीन दिनों में 26 घंटे गहन पूछताछ कर चुकी है। सीबीआई ने रिया से शुक्रवार को 10 घंटे, शनिवार को 7 घंटे और रविवार को 9 घंटे तक पूछताछ की थी। सीबीआई ने रिया से सुशांत के मानसिक तनाव , उसके साथ संबंध,उसे दी जाने वाली दवा, उपचार करने वाले डॉक्टरों के संबंध तथा आर्थिक लेन देन आदि से संबंधित पूछताछ की। साथ ही सीबीआई एक ही सवाल बार-बार भी पूछ कर रिया की मनोवैज्ञानिक स्थिति को समझने का भी प्रयास किया। सीबीआई रिया से 8 जून को सुशांत का घर छोडक़र चले जाने के बाद 13 जून तक की दिनचर्या की भी जानकारी हासिल किया है। 

सोमवार को सीबीआई इन्हीं सवालों का फिर से जवाब जानने का प्रयास रिया से कर रही है। रविवार को सीबीआई ने सुशांत की एक्स मैनेजर श्रुति मोदी को भी बुलाया था। आज सीबीआई रिया व शोविक, नीरज, सिद्धार्थ पिठानी, सैमुअल मिरांडा, रजत मेवाती को आमने सामने बिठाकर क्रासचेक कर सकती है। इस मामले में सीबीआई सोमवार को सुशांत की बहन मीतू सिंह को भी पूछताछ के लिए बुलाने वाली है। बताया जा रहा है कि सीबीआई रिया व मीतू सिंह को आमने-सामने बिठाकर दोनों से सुशांत मामले की सच्चाई जानने का प्रयास करेगी। 

पंथाचौक मुठभेड़ में तीन आतंकवादी ढेर, एएसआई शहीद

0

श्रीनगर (हि.स.)। श्रीनगर जिले के बाहरी इलाके पंथाचौक के धोबी मोहल्ला में रात भर हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने रविवार सुबह तीन आतंकवादियों को मार गिराया जबकि जम्मू-कश्मीर पुलिस का एक सहायक उप निरीक्षक भी शहीद हो गया।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि रात भर चली मुठभेड़ में रविवार सुबह तीन आतंकवादी मारे गए और हथियार व गोला-बारूद सहित तीनों आतंकवादियों के शव बरामद कर लिया गए हैं। वहीं मुठभेड़ में कार्गाे श्रीनगर के घायल हुए एएसआई बाबू राम ने बीबी कैंट अस्पताल श्रीनगर में अपने घावों का ताव न सहते हुए दम तोड़ दिया। मारे गए आतंकवादियों की पहचान साकिब अहमद खांडे, उमर तारिक भट, जुबैर अहमद शेख के रूप में हुई है। तीनों द्रंगबल पांपोर के निवासी है। सुरक्षाबलों ने मुठभेड़स्थल से एक एके-47 राइफल और उसकी दो मैग्जीन भी बरामद की हैं। घटनास्थल से एक स्कूटी (जेके-13ई-5471) भी बरामद की गई है।

अधिकारी ने कहा कि ऑपरेशन अंधेरे के कारण रुका हुआ था और रविवार को सवेरा होते ही फिर से ऑपरेशन शुरू किया गया। इस दौरान सुरक्षाबलों ने तीनों आतंकवादियों को मार गिराया। इस वर्ष अब तक 153 आतंकवादी मारे गए हैं जबकि 2019 में आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 152 आतंकवादी मारे गए थे। 

आत्मनिर्भर भारत योजना से बेगूसराय में होगी सोलर प्लेट और सोलर पंखे की एसेम्बलिंग

0

बेगूसराय (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार द्वारा शुरू किए गए आत्मनिर्भर भारत अभियान का जबरदस्त असर देखा जा रहा है। कोरोना से लॉकडाउन होने के बाद जब सभी काम-धंधे बंद हो गए तो बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर अपने घर वापस लौटे थे। अब अनलॉक होने से सभी काम धंधे, रोजगार शुरू हो चुके हैं। परदेस में रह रहे श्रमिकों को काम भी मिलना शुरू हो गया लेकिन अब भी परदेस से श्रमिकों के घर वापसी का सिलसिला जारी है। अब यह सब श्रमिक मजबूरी में घर नहीं लौट रहे हैं। बल्कि केन्द्र सरकार की आत्मनिर्भर भारत योजना तथा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम इन्हें घर बुला रही है। रविवार को भी असम से 50 से अधिक श्रमिक अपने घर लौटे हैं। घर लौटने वाले श्रमिक स्वरोजगार की एक नई पहल करने आए हैं। इनकी मंशा सफल हो गई तो सौर ऊर्जा प्लेट और सौर ऊर्जा से चलने वाले पंखे की असेम्बलिंग बेगूसराय में होगी। श्रमिक इसके लिए असम से पूरी तैयारी कर घर लौटे हैं। वापस लौटे मजदूरों ने बेगूसराय स्टेशन पर बातचीत के दौरान बताया कि अपने बेगूसराय और बिहार में औद्योगिक विकास की कई संभावनाएं हैं। प्रशासन का सहयोग और उचित प्लेटफार्म मिल जाए तो अपना बेगूसराय पूरे बिहार में औद्योगिक विकास की एक नई गाथा लिखेंगे। हम लोग सनराइज कंपनी में सोलर प्लेट असेंबलिंग और सोलर प्लेट से चलने वाला पंखा बनाते थे। आठ साल से वहां काम कर रहे हैं, पहले बिजली का पंखा बनता था। लेकिन केंद्र में इस सरकार के बनने पर लोग सौर ऊर्जा के उपयोग के लिए प्रेरित हुए तो हमारी कंपनी के मालिक ने भी बिजली पंखा बनाना बंद कर सौर संचालित पंखा बनाना शुरु कर दिया। देशभर में इसकी डिमांड है, यह सस्ता, अच्छा और पर्यावरण के अनुकूल भी है। हम लोगों को इस संबंध में पूरी जानकारी है, कमी है सिर्फ पूंजी की। विनोद महतो, भोलानाथ महतों, रंजीत कुमार एवं सुरेश कुमार ने बताया कि आत्म निर्भर भारत अभियान शुरू होने की जानकारी लेकर, इसके महत्त्व को समझकर हमने फैक्ट्री मालिक से अपने जिला में निर्माण कार्य शुरू करने की बात की। उन्होंने बहुत मदद किया है। सोलर प्लेट निर्माता, पंखा के सभी पार्ट के निर्माता से कांटेक्ट करवा दिया है। आज गांव आए हैं, अब उद्योग विभाग से मिलकर प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम से आर्थिक सहयोग लेंगे और यही पर पंखा एवं सोलर प्लेट एसेेेेम्बलिंग करेंगे। इन लोगों ने बताया कि हमारी टीम द्वारा शुरू किए गए इसमें उद्योग से जहां लोगों को सस्ता में पंखा मिलेगा। पर्यावरण संरक्षण की अच्छी पहल होगी। हमारी टीम के साथ-साथ आस पड़ोस केे बेरोजगारों को रोजगार भी मिलेगा। इसमें योगदान कर नए प्रगतिशील आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करेंगे। हमारे आर्थिक सशक्तिकरण से सशक्त और उन्नत, विकासशील बिहार निर्माण में गति मिलेगी, बेगूसराय में एक नई तरह के संरचना का विकास होगा। देश के विकास को लेकर हर मुद्दे पर पैनी नजर रखने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की यह महत्वाकांक्षी आत्मनिर्भर भारत योजना हम श्रमिकों के प्रगति और उन्नति में मील का पत्थर साबित होगा।

भारत में खिलौना उद्योग की अपार संभावनाएं: पीएम मोदी

0

‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री मोदी ने खरीफ फसल की बुआई ज्यादा होने पर किसानों को बधाई दी


नई दिल्ली (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हर महीने के अंतिम रविवार को प्रसारित होने वाले कार्यक्रम ‘मन की बात’ में उन्होंने प्रकृति व पर्व, किसानों की अथक मेहनत से लेकर भारत में खिलौने इंडस्ट्री की आपार संभावनाएं, पोषण माह के बारे में विस्तार से चर्चा की। पीएम मोदी ने किसानों को नमन करते हुए कहा कि इस बार खरीफ की फसल की बुआई पिछले साल के मुकाबले 7 प्रतिशत ज्यादा हुई है। धान की रुपाई इस बार 10 प्रतिशत, दालें लगभग 5 प्रतिशत, मोटे अनाज 3 प्रतिशत, तिलहन 13 प्रतिशत, कपास लगभग 3 प्रतिशत ज्यादा बोई गई है। इसके लिए देश के किसानों को बधाई दी और उनके परिश्रम को नमन किया।

पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना काल में देश कई मोर्चों पर लड़ाई लड़ रहा है। काफी समय से बच्चे भी घरों पर हैं। ऐसे में इनके लिए नए खिलौने बाजार में आने चाहिए। खिलौने हमारी आकांक्षाओं को उड़ान देते हैं, मन बनाते हैं और मकसद गढ़ते भी हैं। उन्होंने कहा कि अकसर अधूरा खिलौना अच्छा होता है, जिसे बच्चे खेल खेल में पूरा करते हैं। खिलौने कैसे होने चाहिए इस पर पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में भी खेल खेल में शिक्षा पर जोर दिया गया है। लोकल खिलौनों की समृद्ध परंपरा है। देश में खिलौनों के कोरिडोर, कर्नाटक में रामनगरम, आंध्रप्रदेश में कोंडापल्ली, असम में धुबरी, उत्तर प्रदेश में वाराणसी में है। विश्व में खिलौनों का बाजार 7 लाख करोड़ से अधिक का है लेकिन इसमें भारत की हिस्सेदारी काफी कम है। 

उन्होंने कहा कि जिस राष्ट्र के पास इतनी विरासत हो, परंपरा हो, विविधता हो, युवा हो खिलौने के बाजार में हिस्सेदारी कम है। खिलौने का बाजार काफी बड़ा है। इसे आगे बढ़ाने के लिए देश को मिलकर मेहनत करनी होगी। उन्होंने आंध्रप्रदेश के सीवी राजू का जिक्र करते हुए कहा इस क्षेत्र में स्थानीय खिलौने के गौरव को वापस लाए। स्वर्णिम भविष्य को वापस ला सकते हैं। उन्होंने कहा कि कंप्युटर गेम्स का भी बहुत ट्रेंड हैं। युवाओं का आहवान करता हुए कहा कि वे भारतीय संस्कृति को भी इस खेल में शामिल करें। आत्मनिर्भर भारत में सबमें महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है। आत्मनिर्भर भारत बनाने की दिशा में युवाओं को नए नए आईडिया पर काम करना चाहिए। इसी कड़ी में कई युवाओं ने अच्छे ऐप तैयार किए हैं। 

पोषण पर भी रहेगा जोर 

पीएम मोदी ने कहा कि देश में सितंबर के महीने को पोषण माह के रूप में मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जैसा अन्न होता है, वैसा ही मानसिक विकास होता है। पोषण के प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए जनभागीदारी भी जरूरी है। गुजरात में सरदार वल्लभ भाई पटेल स्टैच्यू के पास न्यूट्रिशन पार्क बनाया गया है उसे जरूर देखना चाहिए। देश में खान पान में विविधता है, इसलिए यह महत्वपूर्ण है, पोषक तत्व से भरे मोटे अनाज को भी भोजन में शामिल किया जाना चाहिए। अनाज के पोषक तत्व को बताने के मकसद से भारतीय कृषि कोष तैयार किया जा रहा है जिसमें किन राज्यों में क्या पैदा होता है उसमें कितना पोषक तत्व है इसकी जानकारी होगी।

जांबाज डॉग सोफी और विद का किया जिक्र 

पीएम मोदी ने कहा कि हमारे सुरक्षा बलों के सोफी और विदा इंडियन आर्मी के डॉग हैं जिन्हें चीफ ऑफ आर्मी कमांडेट की पदवी मिली है। इन डॉग ने देश की रक्षा करते हुए अपना फर्ज बखूबी निभाया है। ये देश के लिए जीते हैं।

युवाओं का किया आह्वान  

पीएम मोदी ने कहा युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि आजादी के 75वें वर्ष में विद्यार्थी अपने क्षेत्र के 75 नायकों पर कविताएं लिखेंगे, नाट्य कथाएं लिखेंगे। इस प्रयास से देश के हजारों ऐसे गुमनाम हीरो को सामने लाया जा सकता है जिन्होंने देश के लिए अपने प्राण दे दिए लेकिन उनके नाम समय के साथ विस्मृत हो गए, ऐसे महान व्यक्तित्तवों को सामने लाना उनके लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी। युवाओं को उन शहीदों को याद जरूर करना चाहिए जिन्होंने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र के शहीदों के बारे में जानना चाहिए जिससे उनके व्यक्तित्व में भी इसका प्रभाव दिखेगा। इसमें शिक्षक बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। शिक्षक बच्चों को इस बारे में रिसर्च करवा सकते हैं। उसे स्कूल के हस्तलिखित अंक के रूप में तैयार किया जा सकता है, इसके साथ स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े किसी भी स्थान पर छात्रों को ले जा सकते हैं।

रिया को ड्रग देने वाले हाईप्रोफाइल पेडलर का पता लगा

0

मुंबई (हि.स.)। फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मौत प्रकरण में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) रविवार को लगातार तीसरे दिन डीआरडीओ गेस्ट हाउस में रिया चक्रवर्ती से सुशांत के मानसिक तनाव, आर्थिक लेन-देन व ड्रग संबंधी जानकारी हासिल करने के लिए सवाल दाग रही है। इस मामले में सीबीआई सुशांत की बहन मीतू सिंह व प्रियंका को भी पूछताछ के लिए बुलाने वाली है। ड्रग कनेक्शन की जांच कर रहे नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो को रिया को ड्रग सप्लाई करने वाले ड्रग पेडलर का पता चल गया है जिसकी गहनता से तलाश की जा रही है। 

सूत्रों के अनुसार रिया चक्रवर्ती ने सीबीआई को 8 जून से ही सुशांत को छोड़ कर जाने और इसके बाद 8 जून को ही सुशांत की बहन मीतू सिंह के घर आने 12 जून तक सुशांत के साथ रहने के बारे में जानकारी दी है। इस तरह की जानकारी सिद्धार्थ पिठानी, सैमुअल मिरांडा, नीरज सिंह, रजत मेवाती व केशव ने भी सीबीआई को दी है। इसलिए इस मामले में सुशांत की बहन मीतू सिंह व प्रियंका से पूछताछ जरूरी हो गया है। सूत्रों के अनुसार सीबीआई ने सिद्धार्थ पिठानी, सैमुअल मिरांडा व नीरज को आज भी डीआरडीओ गेस्ट हाउस में बुला रखा है। रिया को इन सबके सामने बिठाकर पूछताछ किये जाने की संभावना है। 

सूत्रों के अनुसार सुशांत मामले में ड्रग कनेक्शन की छानबीन एनसीबी की टीम गहनता से कर रही है। एनसीबी की टीम ने शनिवार को करण अरोरा व अब्बास नामक दो ड्रग पेडलरों को गिरफ्तार किया था। अब्बास ने एनसीबी टीम को बालीवुड हस्तियों को ड्रग सप्लाई करने वाले हाईप्रोफाइल ड्रग पेडलर के बारे में जानकारी दी है। इसलिए एनसीबी ने अब उसकी गहन तलाश शुरू कर दी है।

संघ प्रमुख ने कहा

0

नई दिल्ली, 30 अगस्त (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहनराव भागवत ने प्रकृति के संरक्षण को सबसे महत्वपूर्ण बताते हुए कहा है कि हमारे और सृष्टि के बीच पारस्परिक संबंध है इसलिए प्रकृति का पोषण हमारा कर्तव्य है। 

डॉ. भागवत रविवार को प्रकृति वंदन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस ऑनलाइन संबोधन का आयोजन वन एवं पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से संघ की पर्यावरण संरक्षण गतिविधि इकाई और हिन्दू आध्यात्मिक एवं सेवा फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था। प्रकृति वंदन कार्यक्रम के तहत रा.स्व. संघ और उसके विभिन्न समविचारी संगठनों के कार्यकर्ताओं और प्रकृति प्रेमियों ने देशभर में पेड़-पौधों की पूजा-अर्चना की और प्रकृति के संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लिया। 

अपने संबोधन में संघ प्रमुख ने कहा कि पर्यावरण दिवस कोई मनोरंजन का कार्यक्रम नहीं है बल्कि इसका उद्देश्य संपूर्ण मानव जाति के जीवन को बेहतर बनाना है। हम भी प्रकृति के एक घटक हैं। हमें प्रकृति पर विजय नहीं बल्कि प्रकृति से पोषण पाना है। सृष्टि सुरक्षित होगी, मानव जाति सुरक्षित होगी तभी जीवन सुखमय और सुंदर होगा। उन्होंने कहा कि इस एक दिन का संदेश अपने कार्य व्यवहार में वर्ष भर दिखना चाहिए, तभी मानव का जीवन सुखी और सुरक्षित होगा। पिछले तीन-साढ़े तीन सौ वर्षों में इस संस्कृति का जो क्षरण हुआ है उसको अगले दो-ढाई सौ वर्षों में हम पुनर्जीवित कर लेंगे। तीस अगस्त को पर्यावरण दिवस मनाने का हमारा यही उद्देश्य है। 

डॉ. भागवत ने कहा कि शरीर के सभी अंग जब तक काम करते हैं तभी तक शरीर चलता है। जब तक शरीर चलता है तभी तक शरीर का कोई अंग काम कर पाता है। शरीर में जब प्राण नहीं रहा तो उसके सारे अंग काम करना बंद कर देते हैं। शरीर सभी अंगों के कार्य और सभी अंगों से मिलने वाली ऊर्जा पर निर्भर है। इसी प्रकार का परस्पर संबंध सृष्टि का हमसे है। हम उसके अंग हैं। सृष्टि का पोषण हमारा कर्तव्य है। अपने प्राण धारणा के लिए सृष्टि से कुछ लेते हैं। शोषण नहीं करते, सृष्टि का दोहन करते हैं। यह जीने का तरीका हमारे पूर्वजों ने समझा। सिर्फ एक दिन के लिए नहीं बल्कि पूरे जीवन के लिए इस बात को रचा-बसा लिया। 

उन्होंने कहा कि हमारे यहां यह स्वाभाविक रूप से कहा जाता है कि शाम को पेड़-पौधों को मत छेड़ो, पेड़ सो जाते हैं। पेड़-पौधों में जीव है और जीव सृष्टि का हिस्सा है। यह बात हमारे यहां का सामान्य और अनपढ़ आदमी भी जानता है कि पेड़ों को शाम को छेड़ना नहीं चाहिए। हमारे यहां रोज चीटियों को आटा डाला जाता था। घर में गाय को गोग्रास, कुत्तों, पछियों एवं कृमि-कीटों को भी भोजन देने का सामान्य नियम था। यहां तक कि कोई अतिथि भूखा है तो उसको भी भोजन देने के बाद गृहस्थ भोजन करता था। इन सबका पोषण करना मनुष्य की जिम्मेदारी है क्योंकि इन सबसे मनुष्य को पोषण मिलता है। हमारे यहां पेड़-पौधों, नदियों, पहाड़ों, गाय और सर्पों की भी पूजा होती है। ये सभी बातें यही बताती हैं कि हम सभी इस सृष्टि के अंग हैं, लेकिन हम लोग ये बातें भूल गए। इसलिए हमें पर्यावरण दिवस मनाकर इसको स्मरण करना पड़ रहा है। तुलसी विवाह, नागपंचमी और गोवर्धन पूजा इसी का उदाहरण हैं। हम सबको इन त्योहारों को उचित ढंग से मनाना चाहिए। ताकि नई पीढ़ी भी इससे सीखे। पर्यावरण दिवस का यही संदेश है कि हम सभी मनुष्य इस सृष्टि के ही अंग हैं और इसके संरक्षण  से ही हमारा वर्तमान और भविष्य संरक्षित रह सकता है।

चंद बड़े प्राइवेट संस्थानों के इशारों पर नीट

0

उज्ज्वल दुनिया\रांची । झारखंड प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता सह पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने देशभर में नीट-जेईई परीक्षओं को टालने को लेकर हो रही वकालत के बीच झामुमो, कांग्रेस सहित झारखंड सरकार पर निशाना साधा है। भारतीय जनता पार्टी का आरोप है कि चंद बड़े निज़ी कोचिंग और शिक्षण संस्थानों के इशारों पर जेईई और नीट परीक्षा को लेकर जेएमएम, कांग्रेस सहित झारखंड कैबिनेट प्रायोजित विरोध कर रही है। कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि झारखंड के सभी विश्वविद्यालयों में परीक्षाएँ आयोजित हो रहें है। जेपीएससी द्वारा विभिन्न इंटरव्यू और चयन को लेकर तिथि भी घोषित है। कोल्हान विश्वविद्यालय, राँची विश्वविद्यालय, नीलांबर-पीताम्बर विश्वविद्यालय सहित राज्य के सभी यूनिवर्सिटी कॉलेज छात्रों की परीक्षाएं लेने पर अडिग हैं, लेकिन झारखंड सरकार महज़ राजनीति से प्रेरित होकर जेईई-नीट पर निशाना साध रही है। उन्होंने कहा है कि कुछ लोग अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए छात्रों के भविष्य के साथ खेलने की कोशिश कर रहे हैं। परीक्षा लेने में देरी से छात्रों का कीमती वर्ष बर्बाद हो जाएगा। हमारे युवाओं और छात्रों के सपनों और भविष्य के साथ किसी भी कीमत पर ऐसा समझौता नहीं किया जाना चाहिए। कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि भाजपा शासित प्रदेश गोवा, कर्नाटक और गुजरात में हाल के दिनों में सभी तरह की परीक्षाएं व्यवस्थित ढंग से हुई है। बाहर फंसे छात्र-छात्राओं के लिए भी राज्य सरकार ने उचित प्रबंधन सुनिश्चित किया था। दूसरी ओर कांग्रेस शासित प्रदेश राजस्थान में भी इसी माह के अंत में प्री. डीएलएड परीक्षाएं निर्धारित हैं। ऐसे में कांग्रेस पहले अपनी स्थिति स्पष्ट करें।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि झारखंड सरकार छात्रों के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित या संवेदनशील नहीं है, बल्कि निज़ी कोचिंग और शैक्षणिक संस्थानों के इशारों पर नीट-जेईई परीक्षाओं को लेकर भ्रामक विरोध किये जा रहे हैं, जिसकी जाँच होनी चाहिए। कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि परीक्षाओं के बहाने राज्य सरकार अपनी अकर्मण्यता छिपाने की नाकाम कोशिशें कर रही है। यदि नीट और जेईई के आयोजन में चुनौतियां है, तो विश्वविद्यालय स्तरीय परीक्षाएं प्रासंगिक और उचित कैसे ? राज्य सरकार पहले यूनिवर्सिटी एग्जाम को लेकर स्थिति स्पष्ट करे। 

इंजीनियरिंग के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा (मुख्य) या जेईई एक से छह सितंबर के बीच होगी जबकि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-स्नातक) 13 सितंबर को कराने की योजना है। जेईई मेन्स परीक्षा मूल रूप से 7-11 अप्रैल को आयोजित होनी थी लेकिन इसे 18-23 जुलाई के लिये टाल दिया गया। नीट परीक्षा मूल रूप से 3 मई को आयोजित होनी थी लेकिन इसे 26 जुलाई के लिए टाल दिया गया था। नीट के लिए 10.5 लाख परीक्षार्थी एडमिट कार्ड डाउनलोड कर चुके हैं। है। जेईई मेन के लिए करीब 7.5 लाख छात्रों ने एडमिट कार्ड डाउनलोड किया है जो कि पंजीकृत परीक्षार्थियों का लगभग 99% से ज़्यादा है।कोरोना वायरस के कारण ये परीक्षाएं पहले ही दो बार टाली जा चुकी हैं।

परीक्षा के नाम पर लाखों विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा की अनदेखी कर रही केंद्र सरकार

0

उज्ज्वल दुनिया \रांची । सीएम हेमन्त सोरेन ने कहा कि ज्वाइंट एंट्रेस एग्जामिनेशन- मेन ( JEE-MAIN) और नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट-यूजी (NEET) की एक सितंबर से शुरू हो रही परीक्षा को वे रद्द करने के की मांग नहीं कर रहे हैं, लेकिन जिस गति से पूरे देश में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं, ऐसे हालात में इन दोनों परीक्षाओं का स्थगित किया जाना चाहिए. लेकिन, केंद्र सरकार जेईई-मेन और नीट-यूजी के आय़ोजन को लेकर हठधर्मिता दिखा रही है. शॉर्ट पीरिएड में दोनों परीक्षाओं को लेने पर अड़ी है. इन परीक्षाओं के आय़ोजन से जहां कोविड-19 के संक्रमण का खतरा बढ़ेगा, वहीं राज्य सरकारों  की भी मुश्किलें बढ़ेंगी. श्री सोरेन आज कांग्रेस के श्री अभिषेक मनु सिंघवी के साथ वीडिय कांफ्रेंसिंग में यह कह रहे थे. इस मौके पर श्री सिंघवी ने बताया कि जेईई- मेन  और नीट-यूजी को स्थगित करने को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में रिव्यू पिटीशन दाखिल किया गया  है. उन्होंने इस याचिका में इन दोनों परीक्षाओं को स्थगित किए जाने के लिए जो तर्क दिए हैं, उससे अवगत कराया.  

स्कूल-कॉलेज बंद है तो परीक्षा लेने की जल्दबाजी क्यों


मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पांच माह से देश के सभी स्कूल-कॉलेज बंद हैं. विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, लेकिन जेईई-मेन और नीट की परीक्षा हर हाल में लेने पर केंद्र सरकार अड़ी  है.  इससे पहले ये दोनों परीक्षाएं अप्रैल और जून में स्थगित की जा चुकी हैं, पर अब इन परीक्षाओं को जल्दबाजी में लेने जा रही है. कहीं न कहीं इन परीक्षाओं के आय़ोजन के साथ सरकार बड़े रिस्क की ओर बढ़ रही है. यह हम सभी के लिए गंभीर चिंता की बात है. उन्होंने  कहा कि देश में कोरोना संक्रमण के लगभग चौंतीस लाख मामले सामने आ  चुके हैं. मौत का आंकड़ा साठ हजार को पार कर चुका है. वर्तमान में इस महामारी का कोई कारगर इलाज भी नहीं है. ऐसे में अगर इन दोनों परीक्षाओं के होने से विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के साथ कोई घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा.
 

सिर्फ 25 लाख स्टूडेंट्स से जुड़ा मामला नहीं है


मुख्यमंत्री ने कहा कि जेईई-मेन और नीट-यूजी में लगभग पच्चीस लाख विद्यार्थी शामिल होंगे. लेकिन मैं यह बताना चाहूंगा कि यह सिर्फ 25 लाख विद्यार्थियों से जुड़ा मामला नहीं है. इन दोनों परीक्षाओं में लाखों छात्राएं भी शामिल होंगी. इन छात्राओं के साथ उनके अभिभावक भी रहेंगे. इसके साथल कई वाहनों के ड्राइवर भी होंगे.  इतना ही नहीं, कई विद्यार्थी दूर-दराज के इलाकों से परीक्षा देने जाएंगे. उनके लिए इस परीक्षा में शामिल होना सिर्फ एक दिन की बात नहीं बल्कि दो-तीन दिनों का मसला है. होटल-लॉज बंद हैं. ऐसे में वे कहां रहेंगे. यह भी गंभीर मसला है. ऐसे में  अगर किन्हीं वजहों से कोरोना का खतरा और बढ़ता है तो मुश्किलें औऱ भी बढ़ जाएंगी, पर केंद्र सरकार को शायद इससे कोई लेना-देना नहीं है.
 

परीक्षा के आयोजन के विकल्पों पर चर्चा होनी चाहिए


मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संकट में परीक्षाओं का आयोजन खतरनाक है. ऐसे में इन दोनों परीक्षाओं के आयोजन के विकल्प पर केंद्र सरकार को विचार करना चाहिए था. इसमें राज्य सरकारों की भी सहमति ली जानी चाहिए थी. पर, लगता है केंद्र को इससे कोई लेना-देना नहीं है. वह विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा की अनदेखी करते हुए परीक्षा लेने पर अड़ी है. उन्होंने यह भी कहा कि जेईई मेन और नीट के आधार पर  चयनित इंजीनियरिंग और मेडिकल के विद्यार्थियों का सेशन चार-पांच सालों का   होता है. ऐसे में समय प्रबंधन को लेकर शिक्षा विशेषज्ञों की राय ली जानी चाहिए, ताकि पढ़ाई और सेशन के बीच समन्वय बन सके, ताकि विद्यार्थियों को किसी तरह का नुकसान नहीं हो.

*अगर परीक्षा लेना ही है तो इसे सुरक्षित तरीके से आय़ोजित करने पर चर्चा होनी चाहिए

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर केंद्र सरकार जेईई-मेन और नीट लेना ही चाहती है तो उसे कैसे सुरक्षित तरीके से आय़ोजित किया जाए, इसपर राज्य सरकारों से चर्चा करनी चाहिए थी. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार इस बात को लेकर भी तैयारी कर रही है कि अगर परीक्षाएं होती हैं तो विद्यार्थियों के लिए इसे कैसे सुरक्षित बनाया जा सकता है.

सीबीआई के घेरे में आई सुशांत की गर्ल फ्रेंड रिया चक्रवर्ती

0

जांच के आठवें दिन सीबीआई की तीन टीमें अलग-अलग कर रही हैं पूछताछ

मुंबई (हि.स.)। फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले में शुक्रवार को जांच के 8वें दिन केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की तीन टीमें अलग-अलग पूछताछ कर रही हैं। पहली टीम नीरज, सिद्धार्थ पिठानी, सैमुअल मिरांडा से पूछताछ कर रही है तो दूसरी टीम में सीबीआई एसआईटी के एसपी रिया से पूछताछ कर रहे हैं। तीसरी टीम रिया के भाई सौविक से पूछताछ कर रही है। आज ही बाकी गवाहों के संग रिया को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जा सकती है। 
सीबीआई एसआईटी के एसपी सुबह पौने 11 बजे से रिया चक्रवर्ती से पूछताछ कर रहे हैं। सीबीआई की एक अन्य टीम सुशांत के कुक नीरज सिंह, दीपेश सावंत, केशव से पूछताछ करने वाली है। आज 8वें दिन सीबीआई इनके पूछताछ में विरोधाभास पाए जाने पर बाकी गवाहों संग रिया को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ कर सकती है। इससे पहले गुरुवार को सीबीआई ने रिया के भाई सौविक चक्रवर्ती से 14 घंटे पूछताछ की थी। गुरुवार को ही रिया के पिता इंद्रजीत चक्रवर्ती से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी पूछताछ की थी। ईडी की टीम गुरुवार को सांताक्रुज के वाकोला इलाके में एक्सिस बैंक में ही गई थी और वहां इंद्रजीत के लॉकर खंगाले थे। 

सूत्रों के अनुसार सुशांत सिंह राजपूत केस में अब नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की जांच तेज हो गई है।ड्रग्स कनेक्शन मामले में पूछताछ के लिए एनसीबी रिया और उनके भाई सौविक को आज एनसीबी समन भेज सकता है। रिया की कई चैट पब्लिक में वायरल हुई हैं जिससे रिया के ड्रग पैडलर्स संग कनेक्शन की बात सामने आई। एनसीबी की टीम इसी मामले में आज 4 लोगों को पूछताछ के लिए मुंबई कार्यालय में लाई है और उनसे पूछताछ जारी है। 

गुरुवार को रिया चक्रवर्ती ने एक चैनल को दिए इंटरव्यू में खुद पर लगे आरोपों पर पहली बार चुप्पी तोड़ी है। इस इंटरव्यू पर सभी की नजरें टिकी थीं। सीबीआई की टीम ने भी रिया का यह इंटरव्यू सुना और रिया के जवाबों पर नजर रखी कि वे अपनी सफाई में क्या कह रही हैं। रिया चक्रवर्ती पर सुशांत के चचेरे भाई नीरज सिंह बबूल ने निशाना साधा है। उन्होंने कहा की रिया ने सुशांत को हाईजैक कर रखा था, उसका सुशांत को समाप्त करने इरादा था। अब वो टीवी पर हंसकर इंटरव्यू दे रही हैं, इसलिए तुरंत रिया पर कार्रवाई पर हो। हमें सभी जांच एंजेंसियों पर भरोसा है।

जेईई

0

नई दिल्ली (हि.स.)। कोरोना महामारी के बीच संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) और राष्ट्रीय योग्यता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) को स्थगित करने की मांग को लेकर कांग्रेस पार्टी आज (शुक्रवार को) देशव्यापी प्रदर्शन कर रही है। कांग्रेस पार्टी का कहना है कि कोरोना महामारी के चलते छात्र-छात्राओं द्वारा जेईई व नीट परीक्षा के स्थगन को लेकर आन्दोलन किया जा रहा है लेकिन केन्द्र सरकार कोविड-19 संक्रमण के व्यापक प्रभाव के बावजूद परीक्षा कराने पर अड़ी है।

परीक्षा स्थगित किए जाने की मांग को लेकर कांग्रेस पार्टी ने ‘स्पीकअप फॉर स्टूडेंट सेफ्टी’ नाम से ऑनलाइन अभियान भी चलाया हुआ है। इस अभियान को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा, “लाखों परेशान छात्रों के साथ अपनी आवाज जोड़िए। ‘स्पीकअप फॉर स्टूडेंट सेफ्टी’ के जरिए छात्रों की बात सुनने के लिए सरकार से अपील करे।” उन्होंने कहा कि मौजूदा संकट के समय में परीक्षा कराने के फैसले ने लाखों परिवारजनों व छात्रों को परेशानी में डाल दिया है। केन्द्र सरकार के इस निर्णय के कारण छात्र-छात्राओं में काफी मानसिक तनाव है।

ऐसे में कांग्रेस के कई नेताओं ने ‘स्पीकअप फॉर स्टूडेंट सेफ्टी’ अभियान से जुड़कर लोगों को छात्रों के हित में आवाज बुलंद करने की मांग की है। सोशल साइट्स ट्विटर पर लगातार कांग्रेस एवं अन्य पार्टी के नेताओं द्वारा परीक्षा स्थगित करने की बात कही जा रही। इस क्रम में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, ‘कोरोना के बढ़ते संक्रमण के माहौल में जेईई-नीट परीक्षा देने जाने वाले छात्र-छात्राओं व उनके अभिवावकों की बात सुनना जरूरी है। ये बच्चे देश के भविष्य हैं। छात्र-छात्राओं की चिंताओं को संवेदना से देखना होगा न कि हठ और राजनीतिक दृष्टि से।’

वरिष्ठ कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने कहा कि कोरोना काल में जेईई-नीट परीक्षा में शामिल परीक्षार्थियों के सामने परिवहन, ठहरने और अन्य समस्यायें हैं। बाढ़ भी एक समस्या है। ग्रामीण पृष्ठभूमि के परीक्षार्थियों के सामने भी समस्यायें हैं। इन सब समस्याओं को देखते हुये सरकार को परीक्षा स्थगित करनी चाहिए।

महिला कांग्रेस अध्यक्ष सुष्मिता देव ने कहा, ‘देशभर में अब भी महामारी का प्रकोप जारी है। सरकार से हमारा सवाल यह है कि इस संकट के समय में जेईई और नीट की परीक्षाएं आयोजित कराने की जरूरत क्या है? हमारी मांग है कि ये परीक्षाएं अभी न आयोजित कर कुछ महीनों बाद कराई जाएं।’

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और ओडिशा सीएम नवीन पटनायक ने भी कहा कि वर्तमान स्थिति परीक्षा के आयोजन के लायक नहीं है। फिर भी केंद्र सरकार परीक्षा कराने को लेकर जिद पर है। वह न तो स्थिति की भयावहता को समझ रही है औऱ न ही छात्रों की उसे चिंता है। वहीं द्रमुक अध्यक्ष एमके स्टालिन ने कहा है कि भाजपा सरकार को छात्रों की आवाज को सुनकर फैसला करना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि जेईई (मुख्य) परीक्षा एक से छह सितंबर के बीच होगी, जबकि नीट परीक्षा 13 सितंबर को होनी है।

महानदी का बढ़ रहा जलस्तर, बाढ़ की आशंका

0

भुवनेश्वर (हि.स.)। महानदी का जलस्तर इधर लगातार बढ़ रहा है। इसके ऊपरी इलाकों में छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ समय से भारी बारिश होने के चलते तेजी से नदी का जलस्तर बढ़ रहा है, जिससे बाढ़ की आशंका से आसपास के लोग परेशान हैं। कटक, पुरी व जगतसिंहपुर जिले के प्रभावित होने की आशंका है। राज्य के जल संसाधन विभाग के सर्वोच्च अभियंता ज्योतिर्मय रथ ने लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भारी बारिश हो रही है। इससे महानदी का जल स्तर निरंतर बढ़ रहा है। शुक्रवार की सुबह महानदी के ऊपरी इलाके में 200 मीलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई है। हीराकुंड जल भंडार के 28 गेट खोल दिए गए हैं और आठ खोले जाएंगे। वर्तमान में हीराकुंड जल भंडार का जल स्तर 625 फुट है। कलमा से पांच लाख व भेडेन से 2.5 लाख क्यूसेक पानी हीराकुंड जल भंडार में प्रवेश कर रहा है, जिससे खतरा और बढ़ गया है। यह पानी कटक के मुंडली पहुंचते-पहुंचते 10 से साढ़े दस क्यूसेक पानी हो जाएगा। इसलिए छोटी-बड़ी बाढ़ आ सकती है।

मिशन गगनयान के लिए ‘अंतरिक्ष भोजन’ का मैन्यू फाइनल

0

खाने लायक ‘पैक्ड स्पेस फूड’ मार्च 2021 तक तैयार होने की उम्मीद

‘अंतरिक्ष भोजन’ के सैम्पल परीक्षण के लिए भारतीय वायुसेना को भेजे गए – 

इसरो से मिले मानकों के आधार पर तैयार होगा प्रयोगशाला में अंतरिक्ष भोजन

नई दिल्ली । मैसूरु स्थित रक्षा खाद्य अनुसंधान प्रयोगशाला (डिफेन्स फूड रिसर्च लेब्रोटरी-डीएफआरएल) के वैज्ञानिकों और तकनीकी अधिकारियों की 70-सदस्यीय टीम ने भारत के सबसे बड़े मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम ‘गगनयान’ के लिए स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन का मैन्यू फाइनल कर लिया है। सभी ‘अंतरिक्ष भोजन’ के सैम्पल तैयार करके परीक्षण के लिए भारतीय वायुसेना को भेजे गए हैं। इसके बाद अब भोजन बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। खाने लायक ‘पैक्ड स्पेस फूड’ मार्च 2021 तक तैयार होने की उम्मीद है। 

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) मिशन ‘गगनयान’ को अंतिम रूप देते समय इस स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन का परीक्षण करेगा। डॉ. अनिल दत्त सेमवाल की अध्यक्षता वाली डीएफआरएल ने सितम्बर, 2019 में इसरो के साथ एक एमओयू पर हस्ताक्षर करने के बाद गगनयान मिशन के लिए काम शुरू किया था। इसके बाद अंतरिक्ष भोजन विकसित करने की जिम्मेदारी खाद्य प्रौद्योगिकी, सूक्ष्म जीव विज्ञान और जैव प्रौद्योगिकी के विशेषज्ञ वैज्ञानिकों को दी गई। अंतरिक्ष भोजन का मैन्यू तैयार करते समय डीएफआरएल ने अपशिष्ट निपटान प्रणाली (बचे हुए भोजन), तरल वितरण प्रणाली, खाद्य पुनर्जलीकरण प्रणाली का ध्यान रखा है। फिलहाल अंतरिक्ष भोजन को सात दिनों के लिए पर्याप्त बनाने की योजना है, क्योंकि गगनयान मिशन के सटीक दिनों और अंतरिक्ष यात्रियों की संख्या के बारे में अभी पता नहीं चला है। फिर भी इसरो से मिलने वाले मानकों के आधार पर प्रयोगशाला में अंतरिक्ष भोजन तैयार किया जा रहा है।

दिलचस्प बात यह है कि डीएफआरएल को उस समय पहली बार अंतरिक्ष भोजन विकसित करने का मौका मिला था, जब रूस के अंतरिक्ष मिशन में भारत के राकेश शर्मा तीन अप्रैल, 1984 को सोवियत संघ के यूरी मालिशेव और गेनादी स्ट्रेकालोव के साथ गए थे। भारत के पहले और विश्व के 138वें अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा ने वहां सात दिन, 21 घंटे और 40 मिनट बिताए थे। इस दौरान तीनों अंतरिक्ष यात्रियों ने वहां करीब 43 शोध किए। उस समय डीएफआरएल ने रेडी टू ईट (आरटीई) मैंगो बार, फ्रीज ड्राई अनानास और आम के रस पाउडर उपलब्ध कराया था। तीनों अंतरिक्ष यात्रियों के लिए हल्के वजन के ये आरटीई उत्पाद हमेशा ताजा रहे और तुरंत पानी में घोलकर इनका इस्तेमाल किया। इसरो ने ही उस समय विंग कमांडर राकेश शर्मा (सेवानिवृत्त) को मानवयुक्त उड़ान के कई पहलुओं पर मार्गदर्शन और परामर्श दिया था।

सूत्रों का कहना है कि गगनयान मिशन के लिए डीएफआरएल के अंतरिक्ष उत्पादों की नासा के मानकों के अनुसार माइक्रो पोषक तत्व, माइक्रोबायोलॉजिकल सुरक्षा और स्वीकार्यता के बारे में योग्यता के लिए जांच की गई है। अंतरिक्ष यात्रियों के लिए मैन्यू तैयार करते समय उनकी कैलोरी आवश्यकताओं को ध्यान में रखा गया है। थकावट दूर करने वाले मैन्यू में सब्जी पुलाव, वेजिटेबल बिरयानी, चिकन कट्टी रोल, कट्टी रोल (अंडा), कट्टी रोल (पनीर, स्वीट कॉर्न), आलू भरवां परांठा, दाल-चावल, कढ़ी चावल, राजमा चावल, सांबर चावल, पीने के लिए ओआरएस घोल और संरक्षित चपातियों को शामिल किया गया है। इसके अलावा अंतरिक्ष यात्रियों को अनानास, गाजर और ककड़ी का रस पाउडर मिलेगा। इडली सांबर, खिचड़ी, मूंग दाल हलवा, नारियल की चटनी, जिफी उपमा जैसे इंस्टैंट फूड भी मैन्यू में शामिल किये गए हैं।​​

स्नैक्स के तौर पर मैन्यू में शामिल फ्रूट एंड नट बार, ओमेगा-3 रिच बार, खजूर बार, चॉकलेट बार, मैंगो बार, कॉम्बिनेशन टेक प्रोसेस्ड ड्राई फ्रूट्स (नमकीन बादाम, काजू और कद्दू के बीज), बीन्स इन सॉस, टोमैटो सॉस, आम और नींबू का अचार, कॉफी और चाय जैसे पेय भी अंतरिक्ष को प्रभावित करेंगे। खाद्य सामग्रियों की पैकेजिंग डिजाइन, मात्रा और पैकिंग आकार को मानक के अनुसार तैयार किया जाएगा। सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण को ध्यान में रखते हुए पाउच में पीने योग्य पानी की डिजाइन निर्धारित की गई है। लिक्विड डिलीवरी सिस्टम को पूरी तरह लीक प्रूफ बनाया गया है। गर्म होने वाले खाद्य पदार्थों को विशेष रूप से अंतरिक्ष भोजन के तौर पर डिजाइन किया गया है, जो 8 से 10 मिनट के औसत समय के भीतर 60-70 डिग्री सेल्सियस का मुख्य तापमान देता है। इन-पाउच रिहाइड्रेशन सिस्टम का एक प्रोटोटाइप भी तत्काल खाद्य पदार्थों के लिए डिजाइन किया गया है। इसके अलावा उचित जैविक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए योजनाएं बनाई गई हैं।

तेज प्रताप के अवैध काफिले के खिलाफ कार्रवाई करे प्रशासन

0

उज्ज्वल दुनिया \रांची । रांची। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव के 60 गाड़ियों के काफिले के साथ तड़के झारखंड की राजधानी रांची में प्रवेश को लॉकडाउन का उल्लंघन बताते हुए राज्य पुलिस से विधि सम्मत कार्रवाई करने की मांग की है।

भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर एक वीडियो जारी करते हुए लिखा, “बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव अपने पिता लालू यादव से मिलने के लिए बिहार से 60 गाड़ियों के काफिले के साथ रांची पहुंचे हैं, और कितने सबूत की जरूरत होगी। तेजप्रताप यादव के साथ 60 गाड़ियों और 300 लोगों का काफिला अनधिकृत रूप से रात के करीब दो बजे रांची में प्रवेश करता है। झारखंड पुलिस कृपया इस मामले पर संज्ञान लेकर विधि-सम्मत कार्रवाई करे। लॉकडाउन के उल्लंघन का स्पष्ट मामला।”

प्रतुल शाहदेव ने एक अन्य ट्वीट में लिखा, “रात के 2:30 बजे तेज प्रताप यादव का काफिला लॉकडाउन के नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए रांची में प्रवेश करता है। पूरे देश में महामारी अधिनियम लागू है। बिना अनुमति के राजधानी में 60 गाड़ियां और 300 लोग प्रवेश कर जाते हैं लेकिन फिर भी हेमंत सोरेन सरकार सोई हुई है।”

उल्लेखनीय है कि चारा घोटाला के विभिन्न मामलों में सजायाफ्ता और कई बीमारियों से ग्रसित राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव रांची के राजेन्द्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में इलाजरत हैं। वैश्विक महामारी कोरोना से बचाव के लिए श्री यादव को हाल ही में रिम्स के पेइंग वार्ड से बंगले में शिफ्ट किया गया है।