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चीन की भारत को धमकी, कहा

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उज्ज्वल दुनिया/पेइचिंग ।  लद्दाख के पैंगोंग इलाके में मात खाने के बाद चीन की सरकारी मीडिया भारत पर भड़की हुई है। जिनपिंग की पिठ्ठू ग्लोबल टाइम्स ने अपने संपादकीय में भारत को धमकाते हुए लिखा है कि भारतीय सेना चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी से खुद की रक्षा नहीं कर सकती है। इतना ही नहीं, डींगे हांकते हुए ग्लोबल टाइम्स ने आगे लिखा कि अगर भारत चीन के साथ युद्ध करता है तो अमेरिका भी उसकी सहायता नहीं करेगा।

1962 की तुलना में होगा अधिक नुकसान

ग्लोबल टाइम्स ने आगे शेखी बघारते हुए लिखा कि अगर भारत अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन करना चाहता है तो चीनी सेना 1962 की तुलना में भारतीय सेना को अधिक नुकसान पहुंचाने को बाध्य होगी। लेकिन, ग्लोबल टाइम्स यह भूल गया कि 1962 और 2020 में बड़ा अंतर है। आज अगर चीन कोई भी हरकत करता है तो उसकी नौसिखिया सेना को गंभीर अंजाम भुगतना पड़ेगा।

भारत मजबूत चीन का सामना कर रहा

ग्लोबल टाइम्स ने आगे लिखा कि चीन की सेना के पास देश की हर इंच की सुरक्षा के लिए पर्याप्त शक्ति मौजूद है। इसलिए, अभी नई दिल्ली को एक मजबूत चीन का सामना करना पड़ रहा है। उसने यह भी कहा कि चीनी लोगों ने भारतीय उकसावे को लेकर सरकार के प्रति अपना समर्थन दर्शाया है। इसलिए चीन के क्षेत्र में अतिक्रमण की अनुमति नहीं दी जा सकती है।

‘भारत और चीन का कोई मुकाबला नहीं’

सरकारी मीडिया ने आगे लिखा कि चीन भारत से कई गुना ज्यादा मजबूत है। भारत का चीन के लिए कोई मुकाबला नहीं है। हमें किसी भी भारतीय का भ्रम तोड़ना है कि वह अमेरिका जैसे अन्य शक्तियों के साथ मिलकर चीन के साथ टकराव कर निपट सकता है। ऐसा पहली बार नहीं है जब चीन ने भारत को धमकी दी है। गलवान में झड़प के दौरान भी चीनी मीडिया ने भारत के खिलाफ खूब जहर उगला था।

1962 के भारत ने चीन को घुसकर मारा, काला टॉप पर भारतीय जवानों का कब्ज़ा

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उज्ज्वल दुनिया  नई दिल्ली, 02 सितम्बर (हि.स.)। पैंगॉन्ग झील के दक्षिणी छोर पर चीनी सैनिकों से ताजा झड़प के बाद पूर्वी लद्दाख की सीमा पर स्थिति लगातार तनावपूर्ण होती जा रही है। ​​चीन ने बड़ी संख्या में बड़े और छोटे टैंक की तैनाती कर दी है, जो भारतीय रेंज के बिल्कुल पास है। चीन की हर हरकत को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भारतीय सेना ने भी झड़प वाली जगह के दक्षिणी छोर पर टैंक और आर्टिलरी सपोर्ट का जाल बिछा दिया है।दोनों ओर से भारत और चीन ने जहां अपने-अपने टैंकों की तैनाती की है वहां से दोनों सेनाएं एक-दूसरे के फायरिंग रेंज में हैं। 

एनएसए अजीत डोभाल ने शीर्ष अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक

भारत-चीन सीमा को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने मंगलवार को शीर्ष अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी आज ही एक और उच्च स्तरीय बैठक कर सकते हैं। 

ब्रिगेड कमांडर स्तर की वार्ता में भारत ने पीएलए की तैनाती पर जताई आपत्ति

 पैंगोंग झील इलाके के दक्षिणी क्षेत्र में हुई घटना के बाद भारत-चीन के बीच तनाव को देखते हुए सोमवार को भारतीय क्षेत्र चुशुल में दोनों देशों के बीच ब्रिगेड कमांडर स्तर की वार्ता हुई लेकिन कुछ नतीजा नहीं निकला। इसलिए तनाव खत्म करने की दिशा में आज फिर मंगलवार को चीनी क्षेत्र के मोल्डो में ब्रिगेड कमांडर स्तर की वार्ता हो रही है लेकिन इसका भी कुछ नतीजा आता नहीं दिख रहा है। भारत ने इस वार्ता में हेलमेट टॉप एंड ब्लैक टॉप जैसे क्षेत्रों में पीएलए की तैनाती पर आपत्ति जताई है। 

सामरिक दृष्टि से चीन के मुकाबले भारत की स्थिति मजबूत 

इनपुट के अनुसार भारतीय सेना पीएलए की तुलना में सामरिक दृष्टिकोण से बेहतर और मजबूत स्थिति में है, क्योंकि चीनी सेना की नीयत को देखते हुए भारत ने ऊंचाइयों के अग्रिम मोर्चों पर सेना की तैनाती कर रखी है। भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन कहते हैं कि भारतीय पक्ष काफी सक्रिय रहा है। निगरानी के बाद जब हमने पाया कि चीनी उन ऊंचाइयों तक रेंगने की कोशिश कर रहे थे, तो हमने यह सुनिश्चित कर लिया कि हम उस पर जल्दी से कब्जा कर लें।

चीनी दूतावास ने कहा-भारत ने पैंगॉन्ग में ‘चीन के इलाके’ में घुसपैठ की 

भारत में चीन के दूतावास ने आज बयान जारी कर कहा है कि भारतीय सैनिकों ने पैंगॉन्ग में ‘चीन के इलाके’ में घुसने की कोशिश की। बयान में कहा गया है कि ‘भारत से सैनिकों को नियंत्रित करने को कहा गया है। 

 काला टॉप पर भारत का कब्ज़ा 

29-30 अगस्त की रात जिस थाकुंग चोटी पर चीन के कब्ज़ा करने की कोशिश की, उसे काला टॉप के नाम से भी जाना जाता है। चीनी टैंक और सैन्य वाहन पैंगॉन्ग इलाके के काला टॉप माउंटेन क्षेत्र के पास मौजूद हैं, जिसे भारतीय सेना ने अपने कब्जे में ले लिया है और चीन की हर चालाकी पर नजर गड़ाए है। भारतीय सेना ने चुशूल और स्पैंगोर त्सो इलाके के बीच पहले से ही अपने टैंक तैनात कर रखे हैं। अब भारतीय टैंक झील के उस दक्षिणी छोर पर तैनात किए गए हैं, जहां ताजा झड़प हुई है। 

कपाली पुलिस ने तालाब में तैरता हुआ शव बरामद किया, शव की शिनाख्त नही

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सरायकेला: कपाली ओपी क्षेत्र के कांदरबेड़ा दोमुहानी न्यू बाईपास सड़क मार्ग स्थित डोबो फुटबॉल मैदान के समीप तालाब में तैरता हुआ एक अज्ञात व्यक्ति का शव पुलिस ने बरामद किया है। कपाली ओपी के प्रशिक्षु एसआई विधायक प्रसाद यादव ने बताया कि मंगलवार की सुबह को ग्रामीण द्वारा सूचना मिला की एक व्यक्ति का शव तालाब में तैर रहा है। इसके बाद मौके पर पुलिस पहुंची तथा शव को तालाब से निकाला गया है। उन्होंने बताया कि शव की शिनाक्त नहीं हो पायी है, पुलिस शव को लेकर गम्भीर जांच पड़ताल कर रही है। फिलहाल पुलिस शव की पहचान के लिए जुटी है। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में ले कर पोस्टमार्टम के लिए सरायकेला सदर अस्पताल भेज दिया।

स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता कोरोना को हरा रिम्स से हुए डिस्चार्ज

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जमशेदपुर : स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता कोरोना को मात दे कर स्वस्थ हो गए हैं, कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद उन्हें रिम्स से उन्हें शाम करीब 4.30 बजे डिस्चार्ज कर दिया गया है।बता दें कि 18 अगस्त को उनका रिपोर्ट पॉजिटिव आया था जिसके बाद इलाज के लिए उन्हें रिम्स के पेइंग वार्ड में भर्ती कराया गया था।

स्वास्थ्यकर्मियों, चिकित्सकों और समर्थकों समेत रिम्स प्रबंधन का किया शुक्रिया अदा


डिस्चार्ज होने के बाद स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने रिम्स प्रबंधन के साथ इलाज में लगे चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों और सफाईकर्मियों का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि सबसे सेवा और बेहतर इलाज से ही उन्होंने कोरोना से जंग जीता है बिना सबके सहयोग से ये जंग जितना नामुमकिन था।उन्होंने रिम्स प्रबंधन का भी आभार जताया कि उनके टीम भावना और समर्पण के कारण ही मरीज स्वस्थ होकर घर जा रहे हैं।

स्वस्थ होने पर प्लाज्मा दान करूंगा


स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने बताया कि होम क्वारेन्टीन के बाद सारे जांच होनी है जिसके बाद मैं स्वयं प्लाज्मा दान करूंगा।उन्होंने इस अवसर पर सभी प्लाज्मा दान करने वालों का आभार प्रकट किया है।उन्होंने कहा कि कोरोना से जंग जीतने के बाद मैं स्वयं दूसरों मरीजों के लिए प्लाज्मा दान करूंगा।उन्होंने बाकी लोगों से भी प्लाज्मा दान करने का अनुरोध किया है।

जल्द लौटूंगा कर्मस्थली पर


स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि कुछ दिनों के होम क्वारेन्टीन होने के बाद वे फिर से काम पर लौटेंगे और प्रदेश की जनता की सेवा में लग जाएंगे।

शैड्यूल ऑफ रेट के बहाने शहर के विकास कार्यों पर लगाया ब्रेक

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उज्ज्वल दुनिया /रांची । मेयर आशा लकड़ा ने एक बार फिर राज्य सरकार पर खुलकर हमला किया है। इस बार उन्होंने शेड्यूल ऑफ रेट (एसओआर) के बहाने विकास कार्य ठप करने का आरोप सरकार पर लगाया है। उन्होंने कहा कि जेएमएम-कांग्रेस गठबंधन की सरकार ने शहर के विकास कार्यों पर ब्रेक लगा दिया है। राज्य सरकार ने निर्माण संबंधी कार्यो के लिए 30 जून तक संशोधित अनुसूचित दर निर्धारित करने का निर्देश दिया था। परंतु कोरोना काल में अधिकारियों की मनमानी के कारण अब तक संशोधित अनुसूचित दर का निर्धारण नहीं हुआ है।

रोड और नाली का निर्माण पूरी तरह ठप है

उन्होंने कहा कि नगर आयुक्त ने इस मामले को लेकर 25 मार्च, 27 मई व 17 जून को पत्राचार कर विभागीय अधिकारियों से मार्गदर्शन भी मांग था। परंतु इस विषय पर अब तक कोई स्पष्ट निर्देश नहीं दिया गया। नतीजतन रांची नगर निगम क्षेत्र में सड़क व नाली निर्माण से संबंधित कई निविदाओं का निष्पादन नहीं हो पा रहा है। रोड और नाली का निर्माण पूरी तरह ठप है। नया टेंडर नहीं हो रहा है और ना ही पहले से बने टेंडर डॉक्यूमेंट का निपटारा किया जा रहा है।

निगम के रेवेन्यू को मारने का भी लगाया आरोप, सचिव को बताया मोहरा

मेयर मे रांची नगर निगम के रेवेन्यू को मारने का आरोप भी सरकार पर लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार के इशारे पर नगर विकास सचिव रांची नगर निगम के राजस्व संग्रह को प्रभावित कर चुके हैं, वहीं अब दूसरी ओर संशोधित अनुसूचित दर के निर्धारण में विलंब कर विभिन्न वार्डों में होने वाले सड़क व नाली निर्माण संबंधी कार्यो को भी प्रभावित करने पर तुले हैं। विभागीय मंत्री और सचिव रांची नगर निगम की कार्य प्रणाली में हस्तक्षेप कर शहरी विकास में बाधक बन रहे हैं। रांची राजधानी है। राज्य के विकास का आईना है। कम से कम विभागीय मंत्री और विभागीय सचिव को इतना ध्यान तो अवश्य होना चाहिए कि वे रांची नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप कर राजधानी के विकास को बाधित कर रहे हैं।

ट्रेजरी से पैसा निकासी पर रोक लगने से भी ठप हुई विकास योजनाएं

ट्रेजरी से संबंधित कार्यों पर पाबंदी लगाने से पुरानी योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। संशोधित अनुसूचित दर निर्धारित नहीं होने से पिछले कई महीनों से नई योजनाओं से संबंधित निविदाओं का निष्पादन नहीं हो पा रहा है। संशोधित अनुसूचित दर के निर्धारण में विलंब होने से सिर्फ रांची नगर निगम क्षेत्र ही नहीं, पूरे राज्य में विकास कार्य बाधित हो रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह करते हुए कहा कि पूर्वाग्रह से ग्रसित न होकर आम जनता के हित मे सोचें। शहर की आम जनता उनसे उम्मीद लगाए बैठी है। 

शहरी क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में सड़क व नाली निर्माण संबंधी कार्य होंगे तो कई लोगों को रोजगार का अवसर प्राप्त होगा। कोरोना काल मे लोग आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। निर्माण संबंधी कार्य शुरू होने से कई लोगों के रोजी-रोटी का संकट का दूर होगा। राज्य सरकार कम से कम इतना तो अवश्य स्पष्ट करें कि संशोधित अनुसूचित दर के निर्धारण में इतना विलंब क्यों हो रहा है। कहीं ऐसा न हो कि विभागीय अधिकारियों की आपसी वैमनस्यता के कारण आम लोगों की उम्मीदों पर पानी फिर जाए।

प्लाज्मा दान, महत्वपूर्ण दान…जीवन दान

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उज्ज्वल दुनिया /रांची । सीएम हेमन्त सोरेन ने प्लाज्मा दान करने वाली डॉ स्मृति को धन्यवाद  दिया है। सीएम ने कहा किकोरोना के इस विकट संक्रमण काल में वारियर और सेवियर की भूमिका डॉ स्मृति जी ने निभाया है। प्लाज्मा दान, महत्वपूर्ण दान है, जीवन दान है। कोरोना पर विजय पाने वाले लोगों से मेरी अपील है कि प्लाज्मा डोनेट करें, कोरोना संक्रमण से लड़ने में साथ दें।

इसलिए हुई सराहना…

मुख्यमंत्री को जानकारी दी गई किकोरोना संक्रमण काल में डॉ स्मृति चिकित्सक होने का फर्ज बखूबी अदा कर रही थीं। फिर वे खुद संक्रमित हो गई। हिम्मत नहीं हारी और कोरोना से जंग जीतकर ठीक हुईं। डॉ स्मृति ने दूसरे मरीजों के इलाज हेतु अपना प्लाज्मा भी दान किया । 

सेवा, सुरक्षा एवं स्वास्थ्य के प्रति पूरी तरह से कटिबद्ध


सीएम ने कहा कि झारखण्ड में एक दिन में डेढ़ लाख जांच किया गया। यह शायद देश में एक दिन में किया गया सबसे अधिक टेस्ट हो। अपने सीमित संसाधनों के बावजूद वर्तमान सरकार हर एक झारखण्डवासी की सेवा, सुरक्षा एवं स्वास्थ्य के प्रति पूरी तरह से कटिबद्ध है। सभी से अपील है कि बिना मास्क घरों से बाहर ना निकलें।

हेमंत सोरेन सरकार राजधर्म की जगह लालूधर्म निभा रही है

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उज्ज्वल दुनिया /रांची ।  भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा है की हेमंत सोरेन सरकार राजधर्म भूलकर लालू धर्म निभाने में लग गई है। प्रतुल ने कहा की लालू प्रसाद को नियम विरुद्ध मिले बंगला से बिहार के चुनाव की तैयारी चल रही है। उन्होंने कहा की रोज सैकड़ों लोग बिहार से अनधिकृत रूप से आ रहे हैं और अपना बायोडाटा भी बंगले में जमा करा रहे हैं।इसमें से कई लोग लालू प्रसाद से मिल भी रहे है तो जेल मैनुअल का उल्लंघन है। 

प्रतुल ने कहा की प्राप्त जानकारी के अनुसार लालू प्रसाद की सुरक्षा में करीब 50 पुलिसकर्मी लगाए गए हैं जिसका महीने का खर्च ₹25 लाख से भी ज्यादा आता है। प्रतुल ने कहा की एक सजायाफ्ता मुजरिम के लिए जिस तरीके से हेमंत सोरेन सरकार ने रेड कारपेट बिछा दिया है वह असंवैधानिक है। 

उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति टीएस ठाकुर और न्यायमूर्ति श्रीमती भानुमति की खंडपीठ ने 2015 के अपने निर्णय में सभी जेलों में सीसीटीवी कैमरा अनिवार्य रूप से लगाने का निर्देश दिया था। अभी लालू जिस बंगले में रह रहे हैं उसे भी जेल के रूप में अधिसूचित किया गया है।लेकिन यहां सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय की अवहेलना कर सीसीटीवी नहीं लगाया गया है।प्रतुल ने कहा की कोरोना संक्रमण के इस काल में लालू प्रसाद के बंगले के सामने रोज सोशल डिस्टेंसिंग की अवहेलना कर सैकड़ों लोगों की भीड़ जुट रही है।लेकिन प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।बिहार से आने वाले नेताओं को न तो क्वारंटाइन किया जा रहा है न उनके अनुमति पत्र की जांच की जा रही है।हेमंत सोरेन सरकार ने सिर्फ सत्ता के लिए कानून की तिलांजलि दे दी है।

​भारत

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एनएसए अजीत डोभाल ने शीर्ष अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक
 ब्रिगेड कमांडर स्तर की वार्ता में भारत ने पीएलए की तैनाती पर जताई आपत्ति भारत में चीनी दूतावास ने कहा-भारत ने पैंगॉन्ग में ‘चीन के इलाके’ में घुसपैठ की 

नई दिल्ली(हि.स.)। पैंगॉन्ग झील के दक्षिणी छोर पर चीनी सैनिकों से ताजा झड़प के बाद पूर्वी लद्दाख की सीमा पर स्थिति लगातार तनावपूर्ण होती जा रही है। ​​चीन ने बड़ी संख्या में बड़े और छोटे टैंक की तैनाती कर दी है, जो भारतीय रेंज के बिल्कुल पास है। चीन की हर हरकत को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भारतीय सेना ने भी झड़प वाली जगह के दक्षिणी छोर पर टैंक और आर्टिलरी सपोर्ट का जाल बिछा दिया है।दोनों ओर से भारत और चीन ने जहां अपने-अपने टैंकों की तैनाती की है वहां से दोनों सेनाएं एक-दूसरे के फायरिंग रेंज में हैं। भारत-चीन सीमा को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने मंगलवार को शीर्ष अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी आज ही एक और उच्च स्तरीय बैठक कर सकते हैं। 

 पैंगोंग झील इलाके के दक्षिणी क्षेत्र में हुई घटना के बाद भारत-चीन के बीच तनाव को देखते हुए सोमवार को भारतीय क्षेत्र चुशुल में दोनों देशों के बीच ब्रिगेड कमांडर स्तर की वार्ता हुई लेकिन कुछ नतीजा नहीं निकला। इसलिए तनाव खत्म करने की दिशा में आज फिर मंगलवार को चीनी क्षेत्र के मोल्डो में ब्रिगेड कमांडर स्तर की वार्ता हो रही है लेकिन इसका भी कुछ नतीजा आता नहीं दिख रहा है। भारत ने इस वार्ता में हेलमेट टॉप एंड ब्लैक टॉप जैसे क्षेत्रों में पीएलए की तैनाती पर आपत्ति जताई है। इनपुट के अनुसार भारतीय सेना पीएलए की तुलना में सामरिक दृष्टिकोण से बेहतर और मजबूत स्थिति में है, क्योंकि चीनी सेना की नीयत को देखते हुए भारत ने ऊंचाइयों के अग्रिम मोर्चों पर सेना की तैनाती कर रखी है। भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन कहते हैं कि भारतीय पक्ष काफी सक्रिय रहा है। निगरानी के बाद जब हमने पाया कि चीनी उन ऊंचाइयों तक रेंगने की कोशिश कर रहे थे, तो हमने यह सुनिश्चित कर लिया कि हम उस पर जल्दी से कब्जा कर लें।

लद्दाख बॉर्डर पर भारत की हर मोर्चे पर नजर है, ताकि वक्त आने पर चीन को मुंहतोड़ जवाब दिया जा सके। इस बीच भारत और चीन ने अपनी-अपनी ओर टैंकों की तैनाती कर दी है, जो ऐसी जगह हैं, जहां से फायरिंग की जा सकती है। चीनी टैंक और सैन्य वाहन पैंगॉन्ग इलाके के काला टॉप माउंटेन क्षेत्र के पास मौजूद हैं, जिसे भारतीय सेना ने अपने कब्जे में ले लिया है और चीन की हर चालाकी पर नजर गड़ाए है। भारतीय सेना ने चुशूल और स्पैंगोर त्सो इलाके के बीच पहले से ही अपने टैंक तैनात कर रखे हैं। अब भारतीय टैंक झील के उस दक्षिणी छोर पर तैनात किए गए हैं, जहां ताजा झड़प हुई है। भारत-चीन सीमा को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने आज शीर्ष अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी आज ही एक और उच्च स्तरीय बैठक कर सकते हैं। भारत में चीन के दूतावास ने आज बयान जारी कर कहा है कि भारतीय सैनिकों ने पैंगॉन्ग में ‘चीन के इलाके’ में घुसने की कोशिश की। बयान में कहा गया है कि ‘भारत से सैनिकों को नियंत्रित करने को कहा गया है।’

एलएसी को पश्चिम की ओर धकेलने की अपनी योजना के तहत चीन पैंगॉन्ग झील के दक्षिणी छोर पर अपने दावे को फिर से स्थापित करने की कोशिश में लगा हैं। 29-30 अगस्त की रात जिस थाकुंग चोटी पर चीन के कब्ज़ा करने की कोशिश की, उसे काला टॉप के नाम से भी जाना जाता है। भारत-चीन के बीच हुए 1960 में आधिकारिक समझौते के अनुसार यह इलाका एलएसी पर भारतीय हिस्से में लगभग 1.5 किलोमीटर अन्दर है। इसके अलावा विवाद का मुख्य मुद्दा फिंगर-4 पर पीएलए की मौजूदगी है, क्योंकि यह भी 1960 के समझौते के अनुसार पश्चिम में एलएसी पर भारतीय हिस्से में पांच किलोमीटर अन्दर है।

वैसे तो चीन और भारत के बीच मई के बाद से ही हालात बिगड़ रहे हैं। 15 जून को गलवान घाटी में दोनों देशों की सेनाओं के बीच हुई हिंसक झड़प इसी तनाव का नतीजा थी, जिसमें भारत के 20 जवान शहीद हुए थे। अब एक बार फिर पैंगॉन्ग झील के दक्षिणी छोर पर चीनी सैनिकों से ताजा झड़प के बाद पूर्वी लद्दाख की सीमा पर स्थिति तनावपूर्ण है। 1993 से जब से भारत ने ‘वास्तविक नियंत्रण रेखा’ की अवधारणा को स्वीकार करना शुरू किया, तब से अब तक 16-20 स्थानों पर दोनों देशों के परस्पर दावे बढ़े हैं। इनमें 10 जगह पूर्वी लद्दाख में हैं और चार मध्य लद्दाख में हैं। इन जगहों के लिए तय हुआ था कि दोनों पक्ष अपनी-अपनी समझ के हिसाब से गश्त करेंगे कि एलएसी कहां पर है लेकिन अब यही जगह असहमति बढ़ने पर विवादित हो गई हैं। भारत ने एलएसी पर अपनी स्थिति मजबूत कर रखी है और वास्तव में चीन की तुलना में आगे हैं। 

सीबीआई 12वें दिन कर रही है रिया के माता

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ईडी की टीम दूसरे दिन भी गौरव आर्या से कर रही है पूछताछ
रिया से चार दिनों में 35 घंटे पूछताछ कर चुकी है सीबीआई

मुंबई (हि.स.)। सुशांत सिंह राजपूत मौत प्रकरण में मंगलवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) रिया चक्रवर्ती के पिता इंद्रजीत व मां संध्या से पूछताछ कर रही है। इस मामले में सीबीआई रिया से चार दिनों में 35 घंटे पूछताछ कर चुकी है। डीआरडीओ गेस्ट हाउस पर नीरज, सिद्धार्थ, केशव, रजत मेवाती को आज भी बुलाया गया है। रिया चक्रवर्ती ने मुंबई पुलिस में मीडिया पर मामला भी दर्ज करवाया है। रिया ने पुलिस से कहा कि मीडिया उनके रास्ते में न आए। वह जांच में पूरा सहयोग कर रही हैं। मीडिया भी संवैधानिक परिधि में रहकर इस मामले में अपना काम करें। 

सूत्रों के अनुसार प्रवर्तन निदेशालय आज दूसरे दिन इस मामले में होटल व्यवसाई गौरव आर्या से पूछताछ कर रहा है। ईडी ने सोमवार को गौरव आर्या से देर रात तक गहन पूछताछ की थी। गौरव से पूछताछ के बाद उसके तीन भागीदारों के नाम प्रकाश में आये हैं। इनमें कर्नाटक का एक विधायक व महाराष्ट्र का एक नेता का नाम शामिल है। गौरव आर्या ने अपने इन दोनों भागीदारों के साथ दुबई में भी बड़े पैमाने पर निवेश किया है। इसीलिए ईडी ने कर्नाटक के इस विधायक को भी इस मामले की पूछताछ के लिए समन जारी किया है। ईडी गौरव से सुशांत मामले में ड्रग कनेक्शन व मनी लॉडिंग एंगल से जांच कर रही है। 

सुशांत मामले की जांच के दौरान नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) को भी महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। इसी वजह से सोमवार को एनसीबी डायरेक्टर राकेश आस्थाना भी मुंबई पहुंचे थे और उन्होंने अपनी टीम के साथ बैठक की थी। इस मामले की जांच कर रहे डिप्टी डायरेक्टर केपीएस मलहोत्रा की टीम में वरिष्ठ अधिकारी अनिल व समीर वानखेड़े को भी शामिल किया गया है। सूत्रों के अनुसार एनसीबी टीम को वालीवुड ड्रग कनेक्शन से जुड़े दो बड़े नेताओं व एक फिल्मी हस्ती के नाम का पता चला है। इसलिए एनसीबी इस मामले में कार्रवाई की तैयारी मंगलवार को कर रही है। 

तय समय पर होगा कुंभः अवधेशानंद

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हरिद्वार (हि.स.)। तीर्थ नगरी हरिद्वार में साल 2021 में कोरोना काल में होने जा रहे महाकुंभ के आयोजन पर आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि ने सभी अटकलों पर पूर्णतया विराम लगा दिया है। उनका कहना है कि महाकुंभ का आयोजन अपने तय समय पर ही होगा।दरअसल कोरोना महामारी के चलते ये कयास लगाए जा रहे थे कि कुंभ इस बार एक साल आगे खिसक जाएगा, क्योंकि महाकुंभ का आयोजन हर 12 साल पर होता है। इसबार का आयोजित होने वाला कुंभ पर्व 11 साल के अन्तराल पर होना है।  ज्योतिष गणना के मुताबिक प्रत्येक 8 कुंभ के आयोजन के बाद सूर्य की गणना बदल जाती है और उसके बाद पड़ने वाला कुंभ पर्व 11 वर्ष के बाद आयोजित होता है। 

कुंभ के आयोजन को लेकर तमाम आशंकाओं को निराधार बताते हुए जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि ने कहा कि इस बार कुंभ का योग 11 सालों में बना है। लिहाजा कुंभ के आयोजन को स्थगित करने का कोई सवाल ही नहीं पैदा होता। कुंभ 2021 में ही होगा और अपने समय पर ही होगा। 

उन्होंने बताया कि पहला शाही स्नान 11 मार्च को होगा। आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि के अनुसार अगर कुंभ के समय भी स्थितियां ऐसे ही रहीं तो प्रतीकात्मक रूप से महाकुंभ स्नान होगा। लेकिन किसी भी कीमत पर कुंभ के समय में बदलाव नहीं किया जा सकता। वहीं, ज्योतिषियों के अनुसार जब मेष राशि में सूर्य और कुंभ राशि में बृहस्पति विराजमान होते हैं तब हरिद्वार में महाकुंभ का आयोजन होता है और यह संयोग साल 2021 में ही बन रहा है।

हरिद्वार में बुधवार को विसर्जित होंगी प्रणब मुखर्जी की अस्थियां

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हरिद्वार (हि.स.)। पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न प्रणब मुखर्जी की अस्थियां बुधवार को हरिद्वार में गंगा में विसर्जित की जाएंगी।

प्रणब मुखर्जी का गंभीर बीमारी के चलते सोमवार को दिल्ली में निधन हो गया था। मंगलवार को दिल्ली के लोधी रोड श्मशान घाट पर आज अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया। बुधवार को उनकी अस्थियां हरिद्वार में गंगा में विसर्जित की जाएंगी। 

यहां मिली जानकारी के अनुसार पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की अस्थियां हरिद्वार में पूरे विधि-विधान के साथ बुधवार को प्रवाहित की जाएंगी। दिल्ली में अंतिम संस्कार के बाद देर शाम तक परिजन प्रणब दा की अस्थियों को लेकर हरिद्वार पहुंचेंगे और कल गंगा तट पर अस्थि विसर्जन होगा। अस्थि विसर्जन में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और राज्यपाल बेबी रानी मौर्य के शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है।

झारखंड सरकार ने केस दर्ज कर किया हमारा अपमान

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पटना । राजद सुप्रीमों लालू प्रसाद यादव के सुपुत्र श्री तेज प्रताप यादव झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार से बेहद नाराज हैं । पटना स्थित राजद कार्यालय पहुंचे तेज प्रताप यादव से जब पत्रकारों ने झारखंड में उनके खिलाफ दर्ज केस के बारे में पूछा तो वे उखड़ गए । तेज प्रताप यादव ने कहा कि सबसे पहले तो झारखंड सरकार के खिलाफ केस दर्ज होना चाहिए ।

रांची में हमारा अपमान किया गया

तेज प्रताप यादव ने कहा कि उन्होंने झारखंड के मौख्य सचिव से इस बारे में बात की थी । चीफ सेक्रेटरी साहब ने बस इतना कहा कि आप लिख कर दे दिजिए कि आप दूसरे राज्य से आए हैं और आप कोरोना टेस्ट करवा लिजिए । हमने उनके दोनों आदेश को विनम्रता पूर्वक मान लिया । लेकिन रांची में पता नहीं क्यों हमारे खिलाफ FIR दर्ज करवा दिया?

आप होटल में क्यों रुके थे ?

इस सवाल पर तेज प्रताप यादव ने कहा कि पहली बात तो झारखंड सरकार को हमारे रहने का इंतजाम करना चाहिए था । अगर होटल में रुकने का नियम नहीं था तो कम से कम कोई गेस्ट हाउस ही बुक करवा देते ? चलिए गेस्ट हाउस भी नहीं दिया तो कम से कम ये तो बता देये की होटल में रुकने का नियम नहीं है? आप ही बताइए कि हम क्या करते ? क्या हमें पूरी रात सड़क पर सो कर गुजारना चाहिए था?

बड़ा काफिला लेकर क्यों गए?

तेज प्रताप यादव ने कहा कि हम पटना से सिर्फ चार गाड़ी लेकर निकले थे । रास्ते में आपने पीछे कौन आ रहा है, इसे आप कैसे रोक सकते हैं । रांची में भी कुछ लोग हमारे पीछे अपनी गाड़ी लेकर निकल पड़े । अब इसमें हम क्या कर सकते हैं ?

आपका अपमान कैसे हो गया? झारखंड के अधिकारी तो सिर्फ ड्यूटी कर रहे हैं?

जवाब:- मान लिजिए कि हेमंत सोरेन जी को पटना आना है ? वो फोन कर पूछें तो हम इधर से कह दें कि आइए, कोई दिक्कत नहीं है । और फिर जब वो यहां आएं तो हम न उनके रहने का इंतजाम करें और न खाने-पीने का …तो उनको कैसा लगेगा? ऊपर से लौटते वक्त हम उनपर FIR दर्ज करवा दें? अब इसे बेइज्जत करना नहीं कहेंगे तो क्या इज्जत देना कहेंगे?

बिहार: भाजपा और राजद कार्यकर्ताओं में हिंसक झड़प

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उज्ज्वल दुनिया/ पटना । पटना के खुसरूपुर थाना क्षेत्र के बड़ा हसनपुर में बख्तियारपुर में भारतीय जनता पार्टी के विधायक रणविजय सिंह के काफिले में शामिल बोलेरो में राष्ट्रीय जनता दल कार्यकर्ताओं स्कॉर्पियो के द्वारा टक्कर मारे जाने के बाद भाजपा और राजद कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प की खबर है। घटना से गुस्साए विधायक रणविजय सिंह के द्वारा अपने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ धरना पर बैठ जाने की खबर है। इस बात की सूचना मिलते ही खुसरूपुर और फतुहा पुलिस ने मौके पर पहुंची और आक्रोशित कार्यकर्ताओं को शांत कराया.।बाद में इस संबंध में भाजपा कार्यकर्ताओं ने राजद कार्यकर्ताओं के खिलाफ स्थानीय खुसरूपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है।

 खुसरूपुर थाना क्षेत्र के बड़ा हसनपुर के समीप बख्तियारपुर में भाजपा विधायक रणविजय सिंह के काफिले में राजद कार्यकर्ताओं की स्कॉर्पियो घुस गई और बोलेरो में टक्कर मार दी। इसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओं और राजद कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक के बाद मारपीट हो गई।

बख्तियारपुर के भाजपा विधायक रणविजय सिंह अपने समर्थकों के साथ अलावलपुर स्थित शक्ति केंद्र में बैठक कर खुसरूपुर स्थित बड़ा हसनपुर लौट रहे थे।इसी दौरान राजद कार्यकर्ताओं की स्कॉर्पियो ने प्रदेश भाजपा कार्यसमिति के सदस्य कुंवर विजय पासवान के बोलेरो गाड़ी में टक्कर मार दी।भाजपा कार्यकर्ताओं ने जब इस बात का विरोध किया तो राजद कार्यकर्ता आक्रोशित हो उठे और देखते ही देखते दोनों दल के कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट शुरू हो गयी। 

 हंगामा की सूचना मिलने पर बख्तियारपुर के पूर्व राजद विधायक अनिरुद्ध यादव भी मौके पर पहुंच गए, जिससे दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच तनाव उत्पन्न हो गया।घटना के संबंध में पूछे जाने पर बख्तियारपुर विधायक रणविजय सिंह ने राजद कार्यकर्ताओं पर गुंडई करने का आरोप लगाया। साथ पूरे मामले से पुलिस के वरीय पदाधिकारियों को अवगत कराने की बात कही राज्य सरकार से अपनी सुरक्षा बढ़ाए जाने की मांग की।

चीन से झड़प के बाद एलएसी पर युद्ध के हालात

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– तनाव कम करने को दोनों देशों के बीच ब्रिगेड कमांडर लेवल की बातचीत शुरू
– चीन के जे-20 विमान लद्दाख इलाके के आसपास उड़ान भरने लगे 
    

उज्ज्वल दुनिया/नई दिल्ली, 01 सितम्बर  (हि.स.)। पैंगॉन्ग झील के ​​दक्षिणी इलाके में भारतीय सैनिकों और चीनी सैनिकों के बीच 29-30 अगस्त की रात हुई झड़प के बाद एलएसी पर ‘सीमित युद्ध’ के हालात बन गये हैं। चीनी सैनिकों की संख्या करीब 500 थी लेकिन यह भिड़ंत बिना हथियारों के हुई। इस घटना के बाद हालात काफी नाजुक हैं और अब लद्दाख बॉर्डर पर फिर अलर्ट बढ़ गया है। विवादों को सुलझाने के लिए चुसूल में ब्रिगेड कमांडर स्तर की फ्लैग मीटिंग चल रही है ताकि स्थिति को काबू में लाया जा सके। चीनी विदेश मंत्रालय ने घुसपैठ की बात मानने से इनकार कर दिया है। चीन की ओर से बयान दिया गया कि बॉर्डर पर मौजूद चीनी सैनिकों ने एलएसी को पार नहीं किया है। बॉर्डर पर जारी तनाव की स्थिति के बीच चीन के जे-20 विमान लद्दाख इलाके के आसपास उड़ान भर रहे हैं। इसके अलावा​ ​पैंगॉन्ग झील के आसपास के स्थानीय निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है।

– पैंगॉन्ग झील के आसपास के स्थानीय निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया

इससे पहले 15 जून को गलवान घाटी में भी चीन ने ऐसे ही घुसपैठ की कोशिश की थी, जिसमें 20 भारतीय सैनिकों ने अपनी शहादत देकर चीन को करारा जवाब दिया था। इस घटना में चीन के सैनिक भी मारे गये थे लेकिन चीनी सेना ने आज तक इस घटना में अपने हताहत सैनिकों की संख्या नहीं बताई है। रात भर में तीन दौर के खूनी संघर्ष के बाद तड़के 5 बजे के करीब दोनों सेनाओं के बीच शवों और घायल सैनिकों का आदान-प्रदान हुआ था। भारत की ओर से चीन को 5 सैन्य अधिकारियों समेत 26 सैनिकों के शव और 70 घायल सैनिक सौंपे गए थे, जिसकी फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी की गई थी। इसके बाद भी घटनास्थल के पास से चीन के हेलिकॉप्टर दूसरे दिन तक अपने घायल और मृत सैनिकों को लेकर गए। इसके बावजूद मृत सैनिकों के शव उनके परिवार को नहीं दिए गये और गुपचुप तरीके से सामूहिक रूप से दफना दिए गये थे। इसी वजह से पीएलए में तेजी से अंसतोष बढ़ा और अब ढाई माह बाद गलवान घाटी में मारे गए 35 चीनी सैनिकों के कब्र की तस्‍वीर वायरल हुई है। 

​- चीनी विदेश मंत्रालय ने एलएसी को पार न करने और घुसपैठ से किया इनकार

भारत और चीन की सेनाएं एक बार फिर लद्दाख में आमने-सामने है। चीनी सेना की ओर से घुसपैठ की कोशिश को भारत के बहादुर जवानों ने नाकाम तो कर दिया लेकिन इस वक्त लद्दाख बॉर्डर के पास हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। 29-30 अगस्त की रात ड्रैगन सेना के ने करीब 500 जवान पैंगॉन्ग झील के दक्षिणी इलाके में कैंप लगाने की कोशिश कर रहे थे। चीन के सैनिक पूरी तैयारी के साथ रात के अंधेरे में भारतीय सीमा में घुसपैठ करने आये थे। इनके साथ टैंक और गोला बारूद भी था लेकिन मुस्तैद भारतीय जवानों को जब इसकी भनक लगी तो चीनी सैनिकों को रोका और उन्हें काफी पीछे खदेड़ दिया। चीनी सैनिकों की तैयारियों से पता चला कि वे इस इलाके में घुसपैठ करके पूरी तरह से डटने के लिए आए थे। चीन के धोखेबाजी का इतिहास को देखते हुए भारत ने लद्दाख से लगती वास्तविक नियंत्रण रेखा पर जबरदस्त मोर्चेबंदी कर रखी है। ड्रैगन की नापाक हरकतों को रोकने के लिए भारतीय जवान दिन-रात निगरानी कर रहे हैं। 

भारतीय राजनीति में खालीपन छोड़ गये प्रणबदा, याद रखेगा देश

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उज्ज्वल दुनिया/ ​नई दिल्ली, 01 सितम्बर  (हि.स.)। भारत के 13वें राष्ट्रपति रहे​ भारत रत्न ​​प्रणब मुखर्जी हमारे बीच नहीं रहे। अगस्त माह के आखिरी दिन 85 वर्ष की आयु में वे हमसे विदा ले गए। 
भारत रत्न प्रणब मुखर्जी का जन्म 11 दिसम्बर 1935 को पश्चिम बंगाल के वीरभूम जिले में किरनाहर शहर के निकट स्थित मिराती गांव के एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके पिता कामदा किंकर मुखर्जी 1920 से कांग्रेस पार्टी में सक्रिय होने के साथ पश्चिम बंगाल विधान परिषद में 1952 से 64 तक सदस्य रहे। वह वीरभूम (पश्चिम बंगाल) जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रह चुके थे। उनके पिता एक सम्मानित स्वतन्त्रता सेनानी थे, जिन्होंने ब्रिटिश शासन की खिलाफत के परिणामस्वरूप 10 वर्षो से अधिक जेल की सजा भी काटी थी।

निजी जीवन और शिक्षा प्रणब मुखर्जी ने सूरी (वीरभूम) के सूरी विद्यासागर कॉलेज में शिक्षा पाई, जो उस समय कलकत्ता विश्वविद्यालय से सम्बद्ध था। कलकत्ता विश्वविद्यालय से उन्होंने इतिहास और राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर के साथ साथ कानून की डिग्री हासिल की है। वे एक वकील और कॉलेज प्राध्यापक भी रह चुके हैं। उन्हें मानद डी-लिट उपाधि भी प्राप्त है। उन्होंने पहले एक कॉलेज प्राध्यापक के रूप में और बाद में एक पत्रकार के रूप में अपना कैरियर शुरू किया। वे बांग्ला प्रकाशन संस्थान देशेर डाक (मातृभूमि की पुकार) में भी काम कर चुके हैं।

प्रणब मुखर्जी बंगीय साहित्य परिषद के ट्रस्टी एवं अखिल भारत बंग साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष भी रहे। कामदा किंकर मुखर्जी और राजलक्ष्मी मुखर्जी के घर जन्मे प्रणब मुखर्जी का विवाह 22 वर्ष की आयु में 13 जुलाई 1957 को शुभ्रा मुखर्जी के साथ हुआ था। उनके दो बेटे और एक बेटी यानी कुल तीन बच्चे हैं। पढ़ना, बागवानी करना और संगीत सुनना, उनके तीन व्यक्तिगत शौक भी रहे। 
राजनीतिक जीवनकरीब पांच दशक पुराना उनका संसदीय जीवन 1969 में कांग्रेस पार्टी के राज्यसभा सदस्य के रूप में (उच्च सदन) से शुरू हुआ था। वे 1975, 1981, 1993 और 1999 में फिर से राज्यसभा सदस्य चुने गये। 1973 में वे औद्योगिक विकास विभाग के केंद्रीय उप मन्त्री के रूप में मन्त्रिमंडल में शामिल हुए। सन 1982 से 1984 तक कई कैबिनेट पदों के लिए चुने जाते रहे।  सन् 1984 में भारत के वित्त मंत्री बने। सन 1984 में यूरोमनी पत्रिका के एक सर्वेक्षण में उनका विश्व के सबसे अच्छे वित्त मंत्री के रूप में मूल्यांकन किया गया। उनका कार्यकाल भारत के अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के ऋण की 1.1 अरब अमेरिकी डॉलर की आखिरी किश्त नहीं अदा कर पाने के लिए उल्लेखनीय रहा।

राजीव गांधी की सलाहकार मंडली के राजनीतिक षड्यन्त्र के शिकार हुए

वित्त मंत्री के रूप में प्रणबदा के कार्यकाल के दौरान डॉ. मनमोहन सिंह भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर थे। श्रीमति इंदिरा गांधी की हत्या के बाद वे प्रधानमंत्री पद के लिए सबसे उपयुक्त माने गए पर गांधी परिवार के राजीव ही प्रधानमंत्री बने। उसके बाद हुए लोकसभा चुनाव के बाद राजीव गांधी की सलाहकार मंडली के राजनीतिकषड्यन्त्र के शिकार हुए, जिसने इन्हें राजीव के मन्त्रिमंडल में शामिल नहीं होने दिया। इसी तनातनी के चलते कुछ समय के लिए उन्हें कांग्रेस पार्टी से निकाल दिया गया। उस दौरान उन्होंने अपने राजनीतिक दल राष्ट्रीय समाजवादी कांग्रेस का गठन किया, लेकिन सन 1989 में राजीव गान्धी के साथ समझौता होने के बाद उन्होंने अपने दल का कांग्रेस पार्टी में विलय कर दिया।