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9 अक्तूबर तक जेल में ही रहेंगे लालू यादव, अभी नहीं मिली जमानत

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उज्ज्वल दुनिया /रांची । राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद की जमानत पर सुनवाई शुक्रवार को टल गयी। अब इस पर नौ अक्तूबर को सुनवाई होगी। चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी के मामले में लालू प्रसाद को सीबीआई की अदालत ने पांच साल की सजा सुनायी है। 

लालू की ओर से दाखिल जमानत याचिका में कहा गया है कि उन्होंने इस मामले में आधी सजा काट ली है। इस आधार पर उन्हें जमानत मिलनी चाहिए। जबकि सीबीआई की ओर से इसका विरोध किया गया। 

सीबीआई की ओर से बताया गया कि अभी आधी सजा पूरी होने में 23 दिन कम है। इस कारण आधी सजा काटने के आधार पर जमानत नहीं दी जा सकती। जबकि लालू प्रसाद की ओर से पक्ष रखते हुए वरीय अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि नौ अक्तूबर को आधी सजा की अवधि पूरी हो रही है। उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है।  वह कई गंभीर बीमारियों से ग्रसित हैं। इस कारण भी अदालत लालू को जमानत दे सकती है।

जुलाई महीने में लालू प्रसाद यादव के अधिवक्ता के द्वारा झारखंड हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की गई थी और जमानत के लिए लालू यादव के बिगड़ते स्वास्थ्य का हवाला दिया गया था।  जमानत याचिका में आधार बनाया गया है कि लालू प्रसाद यादव ने चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी के मामले में सीबीआई कोर्ट द्वारा सजा की आधी अवधि पूरी कर ली है और लालू प्रसाद यादव फिलहाल आधा दर्जन से ज्यादा गंभीर असाध्य रोगों से ग्रसित हैं इसलिए उन्हें जमानत दी जाए।वहीं आज सुनवाई से पहले नेता प्रतिपक्ष और लालू के बेटे तेजस्वी प्रसाद यादव ने कहा है कि उच्च न्यायलय पर हम लोगों को पूरा भरोसा है कि लालू जी को न्याय जरूर मिलेगा। आधी सज़ा पूरी हो जाने के बाद जमानत में कोई रुकावट नहीं होती। 

रघुवर दास और दोषी अधिकारियों से वसूला जाए एनजीटी का जुर्माना

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उज्ज्वल दुनिया /रांची । कांग्रेस नेता व पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी रांची आने के क्रम में बोकारो परिसदन में रुके । जहां पार्टी नेताओ ने उनका स्वागत किया । इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस नेता व पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी ने एनजीटी के मुद्दे पर रघुवर सरकार से जुर्माना का पैसा वसूलने की वकालत की ।

खासकर राज्य के पूर्व सीएम रघुवर दास और उनका साथ देने वाले अधिकारियों से जुर्माना उनकी संपत्ति बेचकर वसूलने की बात कही । के एन त्रिपाठी ने कहा कि जल्दबाजी पिछली सरकार ने बिना एनजीटी के परमिशन के हाईकोर्ट, विधानसभा भवन समेत अन्य जगहों पर भवनों का निर्माण करा दिया । चुनाव को लेकर पीएम से भी शिलान्यास व उदघाटन हड़बड़ी में करवायी ।

पूर्व की सरकार ने तोड़े सारे नियम

उन्‍होंने कहा कि पूर्व की सरकार ने सारे नियम को तोड़ा और अब ऐसे में यूपीए की सरकार क्यों उनके कार्यो को भुगते । वहीं बीएसएल समेत अन्य पीयूसी कंपनियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यहां के विस्थापितों के साथ न्याय करें । नियोजन व अन्य जो मांगें हैं उसे पूरा करें । उन्‍होंने सरकार से इस मामले में बात कर समस्या का समाधान करने का आग्रह करुंगा । साथ ही ऐसी कंपनियों को एक माह की मोहलत देने का काम किया ।

एनजीटी द्वारा लगाए जुर्माने को अपनी जेब से भरकर अपने ऊपर लगे कलंक धो लें रघुवर दास

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उज्ज्वल दुनिया /रांची। झरखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे, लाल किशोरनाथ शाहदेव एवं डा राजेश गुप्ता छोटू ने पर्यावरण स्वीकृति लिये बिना झारखंड हाईकोर्ट और विधानसभा के नवनिर्मित भवन का निर्माण कराये जाने के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास और अन्य भाजपा नेताओं से अपनी गलती स्वीकार कर जुर्माने की राशि का भुगतान कर अपने ऊपर लगे पाप के कलंक को धोने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने इन दोनों भवनों के निर्माण में एनजीटी द्वारा निर्धारित मानकों और अन्य मापदंड का पालन नहीं किया, जिसके कारण यह जुर्माने की राशि लगायी गयी है और इसके लिए पूर्ववर्ती सरकार ही पूरी तरह से जिम्मेवार है।

जुर्माने की राशि का प्रबंध करना शुरू कर दें भाजपा नेता प्रदेश प्रवक्ताओं ने कहा कि भाजपा नेता एनजीटी के आदेश के बाद इधर-उधर की बात करना छोड़ कर जुर्माने की राशि का प्रबंध करना शुरू कर दें, क्योंकि कुछ लोगों की मनमर्जी और व्यक्तिगत स्वार्थ और वाहवाही लूटने की मंशा का पूरे राज्य की जनता परिणाम नहीं भुगत सकती। इसलिए पार्टी राज्य सरकार से मांग करती है कि एनजीटी ने जुर्माना लगाया है, उसकी भरपाई तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास, उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगियों, तत्कालीन मुख्य सचिव और जिम्मेवार अधिकारियों तथा संवेदकों की संपत्ति से किया जाए।

छाया मंत्रिमंडल जनता में भ्रम फैलाने के लिए 

प्रदेश प्रवक्ताओं ने कहा कि सत्ता में रहकर करोड़ों रुपये का गोलमाल करने वाले भाजपा नेताओं की खुमारी अब भी नहीं टूटी है, अब वे छाया मंत्रिमंडल का गठन करने की बात कर रही है, जिसकी कोई संवैधानिक मान्यता नहीं है, ऐसा कर भाजपा नेता सिर्फ लोगों के बीच भ्रम पैदा करना चाहते है और उनकी यह कोशिश है किसी भी तरह से सत्ता का सुख हासिल किया जाए, जबकि जनता ने उन्हें पूरी तरह से नकार दिया गया है और अब शैडो कैबिनेट गठन की कोई औचित्य नहीं है।

भाजपा रोजगार पर बात न करे तो ही बेहतर 

प्रदेश प्रवक्ताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास द्वारा रोजगार के मसले को लेकर उठाये गये सवाल पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी सरकार में मोमेंटम झारखंड के नाम किस तरह का खेल हुआ, इससे सभी परिचित है, रोजगार देने के नाम पर कई बेरोजगार युवक-युवतियों को पांच-सात हजार रुपये की नौकरी के लिए चेन्नई, बेंगलुरु और दिल्ली-कोलकाता जैसे महानगरों में भेज दिया गया और कुछ ही दिनों में सभी वापस लौट आये। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के कार्यकाल में भी सैकड़ों एमओयू हुआ, लेकिन भाजपा नेतृत्व वाले शासनकाल में जूता सिलाई की एक कंपनी भी नहीं खुल सकी, वहीं पुरानी कंपनियां बंद हो गयी। 

आंतरिक कलह में घिरी झामुमो जनता का ध्यान बांटने के लिए गलत बयान बाजी कर रही है

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उज्ज्वल दुनिया /रांची ।  भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने भाजपा मुख्यालय में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि अपने चुनावी वादों को पूरा करने में अक्षम झारखंड मुक्ति मोर्चा अपने पार्टी के भीतर चल रहे कलह और गठबंधन के भीतर के मतभेद से ध्यान बांटने के लिए झूठी बयानबाजी का सहारा ले रही है। प्रतुल ने कहा कि झामुमो का यह आरोप बिल्कुल बेबुनियाद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस विधानसभा भवन का उद्घाटन किया उसका एनवायरमेंटल मंजूरी नहीं मिली थी। प्रतुल ने कहा कि केंद्र के द्वारा  अधिकृत स्टेट लेवल एनवायरमेंट इंपैक्ट एसेसमेंट अथॉरिटी ने 4 सितंबर 2019 को विधानसभा भवन को मंजूरी दी थी। ऐसे झूठे बयान करने के लिए झारखंड मुक्ति मोर्चा को माफी मांगनी चाहिए।
 

प्रतुल ने कहा कि  एनजीटी ने 2 सितंबर 2019 को जस्टिस एसपी बांगड़ी और डॉ सत्यवान सिंह की बेंच ने इसी मुद्दे पर जांच करने के लिए 2 सदस्य टीम का गठन किया था। इस आदेश के तुरंत बाद चुनाव आ गया और नई सरकार का गठन दिसंबर में हो गया।लेकिन नई सरकार ने एनजीटी की समिति के सामने प्रभावी तरीके से अपने पक्ष को नहीं रखा जिसके कारण फाइन लगने की सूचना आ रही है। प्रतुल ने कहा कि एनजीटी का आर्डर अभी तक वेबसाइट पर अपलोड भी नहीं हुआ है। लेकिन झामुमो बयानबाजी कर अदालत की अवमानना कर रही है। प्रतुल ने कहा की वैसे  एनजीटी का यह आदेश अंतिम नहीं  है । एनजीटी एक्ट  के सेक्शन 22 के अंतर्गत राज्य सरकार  सर्वोच्च न्यायालय में इसकी अपील कर सकती हैं।

प्रतुल ने कहा कि भाजपा मांग करती है की एनवायरमेंट क्लीयरेंस आने के बाद और पोस्ट फैकटो अप्रूवल का प्रावधान होने के बाद भी एनजीटी में अपने पक्ष को सही तरीके से नहीं रखने के कारण यह जो फाइन लगने की बात सामने आ रही है यह वर्तमान सरकार के कैबिनेट से वसूल करना चाहिए।

 प्रतुल शाहदेव ने कहा कि राज्य के विधानसभा और हाईकोर्ट की बिल्डिंग भाजपा की बिल्डिंग नहीं है ।यह पूरे राज्य की धरोहर है। लेकिन झारखंड मुक्ति मोर्चा तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश कर झारखंड की बदनामी कररही है जो निम्न स्तर की राजनीति का परिचायक है। इस प्रेस वार्ता में प्रदेश मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक भी उपस्थित थे

प्रधानमंत्री ने मार्कशीट को बताया ‘प्रेशर शीट’, कहा

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नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में अंग्रेजी के साथ अन्य विदेशी भाषाओं के सीखने पर कोई पाबंदी नहीं

ई-5 पर जोर, शिक्षा में नए तौर-तरीकों को बढ़ाना होगा 

प्री स्कूल में फन लर्निंग कराने वाले शिक्षकों की जरूरत 

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को नई शिक्षा नीति के कार्यान्वयन को बड़ी चुनौती करार देते हुए कहा कि असल काम की शुरुआत तो अब हुई है। उन्होंने 21वीं सदी में स्कूली शिक्षा के विषय पर शुक्रवार को देशभर के शिक्षकों को वर्चुअल संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति आने के बाद अब पूरा जोर इसके अमल को लेकर है।

प्रधानमंत्री मोदी ने शिक्षा मंत्रालय द्वारा 21वीं सदी में स्कूली शिक्षा विषय पर आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को तैयार करने के लिए हर क्षेत्र, विधा और भाषा के लोगों ने पिछले चार-पांच वर्षों में कड़ी मेहनत की है लेकिन ये काम अभी पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, अब काम की असली शुरुआत हुई है। अब हमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति को उतने ही प्रभावी तरीके से लागू करना है और ये काम हम सब मिलकर करेंगे।उन्होंने कहा कि 2022 में जब देश अपनी आजादी की 75वीं वर्षगांठ का जश्न मनाएगा, उस समय स्कूली छात्रों के पास एक नया पाठ्यक्रम होना चाहिए। नई शिक्षा नीति 21वी सदी के भारत को एक नई दिशा देने जा रही है और हम उस क्षण का हिस्सा बन रहे हैं, जो हमारे देश के भविष्य के निर्माण की नींव रख रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दशकों में शायद ही हमारे जीवन का कोई पहलू समान रहा हो लेकिन हमारी शिक्षा प्रणाली अभी भी पुरानी व्यवस्था के तहत चल रही है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति हमारे नए भारत की नई आकांक्षाओं और नई उम्मीदों को पूरा करने का एक माध्यम है।

छात्रों के लिए मार्कशीट ‘प्रेशर शीट’ और परिवारों के लिए ‘प्रेस्टीज शीट’

बच्चों की स्कूल मार्कशीट को समाज में प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाये जाने के कारण छात्रों में बढ़ते तनाव के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि छात्रों के लिए मार्कशीट ‘प्रेशर शीट’ और परिवारों के लिए ‘प्रेस्टीज शीट’ बन गई। एनईपी का लक्ष्य इस दबाव को दूर करना है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में मार्कशीट के स्थान पर हॉलिस्टिक रिपोर्ट कार्ड पर बल दिया गया है। 

अंग्रेजी के साथ अन्य विदेशी भाषाओं के सीखने पर पाबंदी नहीं

मातृभाषा में 5वीं कक्षा तक पढ़ाने की वकालत करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भाषा शिक्षा का केवल माध्यम मात्र है, यह पूरी शिक्षा नहीं है। विश्व में कई देशों में प्राथमिक शिक्षा मातृभाषा में ही दी जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नई शिक्षा नीति में अंग्रेजी के साथ अन्य विदेशी भाषाओं के सीखने पर कोई पाबंदी नहीं है। 

ई-5 पर जोर, शिक्षा में नए तौर-तरीकों को बढ़ाने की सलाह

मोदी ने कहा कि हमें शिक्षा में नए तौर-तरीकों को बढ़ाना होगा। इंगेज, एक्सप्लोर, एक्सपीरियंस, एक्सप्रेस और एक्सल बच्चों के लिए नए युग की शिक्षा का हमारा मंत्र होना चाहिए। क्रिटिकल थिंकिंग, क्रिएटिविटी, कोलोब्रेशन, क्यूरोसिटी और कम्युनिकेशन 21वीं सदी के स्किल होंगे।


प्री स्कूल में फन लर्निंग कराने वाले शिक्षकों की जरूरत 

प्रधानमंत्री ने कहा कि शिक्षा नीति में बच्चों की शिक्षा पर ज्यादा जोर दिया गया है। बच्चा प्री स्कूल में पहली बार माता-पिता से दूर जाता है। ऐसे में प्री स्कूल में ऐसे शिक्षकों की जरूरत है जो उन्हें फन लर्निंग कराएं। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी का निर्माण बचपन से ही शुरू हो जाता है इसलिए जैसा बचपन होगा भविष्य उसी पर ही निर्भर करता है। 
मोदी ने शिक्षकों से नई शिक्षा नीति के मद्देनजर खुद को तैयार करने का आह्वान करते हुए कहा कि उन्हें काफी कुछ सीखना होगा तो कुछ पुराना भूलना भी होगा।

आसपास के परिवेश से जोड़ने पर जोर 

प्रधानमंत्री ने शिक्षकों से कहा कि वह बच्चों को आसपास के परिवेश से जोड़कर अध्यापन पर जोर दें। उन्होंने इसके लिए शिक्षकों को सलाह दी कि वह बच्चों को रेलवे स्टेशन, फायर स्टेशन, अस्पताल, हथकरघा उद्योग लेकर जाएं और उन्हें प्रश्न पूछने के लिए भी प्रेरित करें। मोदी ने अपने आसपास के परिवेश से सीखने के संबंध में ईश्वर चंद्र विद्यासागर और जापान में विद्यार्थियों को प्रकृति के करीब ले जाकर सीखने के अवसर मुहैया कराने का भी जिक्र किया। 

मोदी ने मुख्यमंत्री काल में किए प्रयोग का दिया उदाहरण 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो उस समय उन्होंने बच्चों में पर्यावरण के साथ-साथ अपने आसपास के परिवेश से परिचित कराने के लिए बच्चों को क्षेत्र के सबसे पुराने पेड़ तलाशने का जिम्मा सौंपा था। 

झारखंड सरकार ने प्रवासी मजदूर के साथ किया धोखा, बड़े वादे विज्ञापनों में सिमट कर रह गए।

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■ सरकार गठन के बाद रोजगार के एक अवसर सृजन नही कर पाई हेमंत सरकार, कई कंपनियों को बंद कर हजारों युवाओं को किया बेरोजगार: रघुवर दास


रांची – वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के मद्देनजर धीमी हुई आर्थिक गतिविधियों के बीच अपने प्रदेश वापस आये मजदूरों ने अब पुनः रोजगार के तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन करना प्रारंभ कर दिया है। रोजगार की तलाश में मजदूरों के महानगरों के रुख करने से पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्य सरकार की उदासीनता व वादाखिलाफी पर सवाल उठाया है। बुधवार को जारी बयान में पूर्व सीएम रघुवर दास ने कहा कि लॉकडाउन के प्रारंभिक दिनों में बड़े बड़े वादे कर मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने प्रवासी श्रमिकों को झारखंड प्रदेश वापस बुलाया। उन दिनों प्रवासी श्रमिकों व प्रवासी छात्रों के समस्याओं के प्रति राज्य सरकार के रुख और रवैये को सबने देखा कि कैसे अन्य राज्यों में फंसे मजदूरों व छात्रों को उनके हालात पर छोड़ दिया गया। कहा कि प्रदेश वापसी के समय शासन एवं प्रशासन द्वारा प्रवासी श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने का वादा जोर-शोर से किया गया था। लेकिन वास्तविकता यह है कि बड़े पैमाने पर लौटे मजदूरों के समक्ष बड़ी समस्या रोजगार को लेकर खड़ी हुई। राज्य सरकार ने प्रवासी मजदूरों को राज्य में रोजगार के आश्वासन पर प्रदेश बुलाया परंतु राज्य सरकार द्वारा रोजगार मुहैया कराने की दिशा में कोई कार्ययोजना नहीं होने के कारण सभी कामगार मजदूरों की आशाएं टूट चुकी है। सरकार के द्वारा कोई ठोस पहल ना करने व पूर्ण रूप से निष्फल होने के कारणr भोले-भाले आदिवासी व कामगार मजदूर अब वापस दूसरे प्रदेश पलायन पर विवश हो रहे हैं। राज्य सरकार के बातों पर विश्वास करने के पश्चात सरकार ने प्रवासी मजदूरों के साथ विश्वासघात किया है। रोजगार के लिए प्रवासी मजदूर दर-दर भटक रहे हैं। प्रवासी मजदूरों की दिखाई दे रहे दर्द से सरकार के सभी दावे हवा-हवाई प्रतीत हो रहे हैं। केवल बड़े-बड़े विज्ञापनों में रोजगार के वादे सिमट कर रह गए। श्री दास ने सरकार के नियत पर सवाल उठाते हुए कहा कि साल में 5 लाख युवाओं को रोजगार देने की बात करने वाली सरकार द्वारा रोजगार के एक अवसर सृजन करने की बात तो दूर, उनकी गलत नीतियों के कारण प्रदेश में 2400 करोड़ निवेश वाली प्रदेश की सबसे बड़े टेक्सटाइल कंपनी ‘ओरिएंट क्राफ्ट’ में ताले लग गए। जिससे हजारों युवा बेरोजगार हो गए। राज्य में भाजपा सरकार के टेक्सटाईल पॉलिसी से प्रभावित होकर निवेश को आये अरविंद मिल्स और किशोर एक्सपोर्ट्स जैसे बड़ी कंपनियां भी जाने की तैयारी कर रही है। उन्होंने पूर्व की भाजपा सरकार के दौरान प्रारंभ किये गए टेक्सटाइल कंपनी का जिक्र करते हुए कहा कि टेक्सटाइल व फुटवेयर के क्षेत्र में हजारों युवाओं को रोजगार मिला। रोजगार की तलाश में तमिलनाडु ,त्रिचूर में काम कर रही झारखंड की बेटियों को अपने प्रदेश में रोजगार मिला। परंतु हेमंत सरकार की गलत नीतियों व अड़ियल रवैये ने उन हुनरमंद युवाओं का रोजगार भी छीन लिया। सरकार गठन के 8 महीने बाद भी राज्य सरकार द्वारा विकास के दिशा में ना कोई निति दिखे हैं और ना ही कोई सकारात्मक प्रयास।
कहा कि पिछली भाजपा सरकार के दौरान 70 हजार से अधिक सरकारी नियुक्तियां की गई, जिनमें शिक्षक, वनरक्षी एवं प्रशासनिक पदाधिकारियों की नियुक्ति शामिल है। इनमें 90 फीसदी रोजगार स्थानीय युवक-युवतियों को मिली थी। पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्य सरकार को सलाह दी है कि झूठे सपने दिखाकर जनता को दिग्भ्रमित करने का प्रयास ना करें। उन्होंने पंचायत सचिव की सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी नियुक्ति पत्र के आवंटन पर हो रही देरी पर चिंता जताई है।

भारतीय

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उज्ज्वल दुनियानई दिल्ली, 10 सितम्बर (हि.स.)। पैंगोंग झील के दक्षिण किनारे पर सोमवार रात हुई फायरिंग के बाद भारतीय और चीनी सेना के ब्रिगेडियर कमांडर ने मंगलवार को आमने-सामने बैठकर वार्ता करने के बजाय ​​हॉटलाइन पर बैठक की। इस दौरान दोनों पक्षों के अधिकारियों ने हॉटलाइन पर गर्म तर्कों का आदान-प्रदान किया। 

​पीएलए सैनिकों के ​मध्ययुगीन हथिया​रों पर जताया कड़ा ऐतराज

भारतीय ब्रिगेडियर ने चीन पर एलएसी के बिलकुल करीब पोस्ट बनाकर मौजूदा तनाव को बढ़ाने के लिए कसूरवार ठहराया। ब्रिगेडियर ने भारतीय सेनाओं के प्रभुत्व वाली मुखपारी चोटी पर ​​​​मध्ययुगीन हथियार के साथ घुसपैठ करने के लिए चीनी सैनिकों की कोशिश पर भी कड़ा ​ऐतराज जताया​। 

चीनी ब्रिगेडियर ने ​बताया ​चीन की मार्शल संस्कृति का हिस्सा ​​ 

सूत्रों के अनुसार दोनों पक्षों के अधिकारियों ने हॉटलाइन पर गर्म तर्कों का आदान-प्रदान किया। भारतीय ब्रिगेडियर ने घुसपैठ के दौरान पीएलए सैनिकों के ‘मध्ययुगीन’ हथियार का इस्तेमाल किये जाने का हॉटलाइन पर काफी तीखे शब्दों में विरोध जताया। जब पीएलए सैनिकों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले हथियारों के बारे में सवाल किया गया, तो ​​चीनी ब्रिगेडियर ने कहा कि यह हथियार (‘गुआंडो’ के समान) ​​चीन की मार्शल संस्कृति का हिस्सा थे। हॉटलाइन पर बातचीत के दौरान भारतीय ब्रिगेडियर ने चीन पर पक्के निर्माण करने और एलएसी के करीब नई पोस्ट बनाने का प्रयास करके तनाव बढ़ाने का आरोप लगाया।    

आज वायुसेना में शामिल होगा फाइटर जेट राफेल, अंबाला एयरबेस में मेगा शो की तैयारी

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उज्ज्वल दुनिया  नई दिल्ली, 10 सितम्बर (हि.स.)। फ्रांस से आया अत्याधुनिक लड़ाकू विमान राफेल गुरुवार को भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल हो जाएगा। इसके लिए अंबाला एयरफोर्स स्टेशन में एक मेगा समारोह आयोजित होगा। इन्हें वायुसेना में शामिल करने से पहले पारंपरिक सर्व धर्म पूजा की जाएगी। राफेल लड़ाकू विमान इस मौके पर तेजस एयरक्राफ्ट और सारंग एयरोबेटिक टीम के साथ आसमान में उड़ान भरकर शानदार हवाई नजारे प्रस्तुत करेगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उनकी फ्रांसीसी समकक्ष फ्लोरेंस पार्ली और भारत के शीर्ष सैन्य अधिकारी मौजूदगी में राफेल वायुसेना को सौंपा जाएगा।

देशी-विदेशी मेहमान भव्य कार्यक्रम के गवाह बनेंगे  

इस अहम मौके का गवाह बनने के लिए कई हस्तियां अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंच रही हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, फ्रांस की सशस्त्र सेनाओं की मंत्री फ्लोरेंस पार्ली कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहेंगे। अधिकारियों के मुताबिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए फ्रांसीसी रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ली गुरुवार सुबह तक अंबाला पहुंचेंगी और कार्यक्रम में शामिल होने के बाद शाम को यहां से रवाना हो जाएंगी। समारोह में रक्षा स्टाफ के प्रमुख जनरल बिपिन रावत, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया, रक्षा सचिव डॉ. अजय कुमार, डीआरडीओ के सचिव और अध्यक्ष डॉ. जी सतीश रेड्डी के साथ रक्षा मंत्रालय और सशस्त्र बल के वरिष्ठ अधिकारी भी भारतीय वायुसेना के इतिहास में एक बहुत महत्वपूर्ण मील का पत्थर चिह्नित करने के लिए शामिल होंगे। 

पारंपरिक सर्व धर्म पूजा होगी, वाटर कैनन सैल्यूट दिया जाएगा 

कार्यक्रम में भारत में फ्रांस के राजदूत इमैन्युअल लेनैन, एयर जनरल एरिक एटुलेट, फ्रांस के वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ और दूसरे वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। फ्रांसीसी रक्षा उद्योग के वरिष्ठ अधिकारियों का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल भी कार्यक्रम में शामिल होगा, जिसमें राफेल जेट बनाने वाली कंपनी डसॉल्ट एविएशन के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी एरिक ट्रैपियर अध्यक्ष और एमबीआरए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एरिक बेरांगर शामिल होंगे। फ्रांस की सशस्त्र सेनाओं की मंत्री फ्लोरेंस पार्ली को दिल्ली आगमन पर औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा। 

​17वें स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज’ का हिस्सा बनेगा राफेल   ​

अंबाला एयरफोर्स स्टेशन में राफेल को वायुसेना में शामिल करने से पहले पारंपरिक सर्व धर्म पूजा की जाएगी। इसके बाद राफेल लड़ाकू विमान, तेजस एयरक्राफ्ट और सारंग एयरोबेटिक टीम आसमान में उड़ान भरेगा और शानदार एयर डिस्पले प्रस्तुत करेगा। इसके बाद राफेल लड़ाकू विमानों को ​​पारंपरिक वाटर कैनन सैल्यूट दिया जाएगा। इसी के साथ राफेल लड़ाकू विमान वायुसेना की गौरवशाली टीम का हिस्सा बन जाएगा। ​​इस कार्यक्रम के बाद फ्रांसीसी रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ली के साथ राजनाथ सिंह दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रक्षा संबंधों और सुरक्षा सहयोग को और मजबूती देने के लिए अंबाला में ही चर्चा करेंगे। 

36 में से 10 राफेल लड़ाकू विमान  भारत पहुंचे 

नरेंद्र मोदी की सरकार के पहले कार्यकाल के दौरान भारत और फ्रांस के बीच 36 लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए 59 हजार करोड़ रुपये की डील हुई थी। इसके करीब चार साल बाद 29 जुलाई को पांच राफेल लड़ाकू विमानों का पहला जत्था भारत पहुंचा था।समझौते के तहत भारत को अब तक 10 राफेल विमानों की आपूर्ति की जा चुकी है, जिनमें से पांच अभी फ्रांस में ही हैं।

झारखंड के 15 लाख गरीब परिवारों को 05 रुपये प्रति किलो की दर से मिलेगा राशन

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उज्ज्वल दुनिया/रांची: झारखंड सरकार ने कोरोना संक्रमण काल में 15 लाख जरूरतमंद और गरीब परिवारों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा की तर्ज पर अनाज उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार रांची में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी गयी।

अनाज पाने के लिए ऑनलाइन आवेदन देना होगा 

बैठक समाप्त होने के बाद कैबिनेट सचिव अजय कुमार सिंह ने बताया कि झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के तहत जिन गरीब और जरूरतमंद परिवारों को खाद्य सुरक्षा अधिनियम का लाभ नहीं मिल रहा था, वैसे 15 लाख परिवारों को प्रति लाभुक पांच किलोग्राम के हिसाब से प्रति माह 5 रुपये की दर से अनाज मिल सकेगा। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन देना होगा और पंचायत एवं वार्ड में ग्रामसभा की बैठक में इस आवेदन को मंजूरी प्रदान की गयी जाएगी।

योजना के लिए सरकार 213 करोड़ रुपये करेगी खर्च 

इस योजना पर राज्य सरकार को 213 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ेगा। एक अन्य प्रस्ताव में कोरोना संक्रमण काल में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत अनाज वितरण में आने वाले परिवहन खर्च को लेकर 143करोड़ रुपये व्यय के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दे दी गयी। मंत्रिमंडल की बैठक में आज कुल 29 प्रस्तावों को मंजूरी दी गयी।

झारखंड म्यूटेशन बिल को स्वीकृति

मंत्रिमंडल की बैठक में एक अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव में झारखंड लैंड म्यूटेशन बिल को स्वीकृति प्रदान कर दी गयी। कैबिनेट सचिव ने बताया कि राज्य में अभी तक अवैध जमाबंदी या म्यूटेशन को रद्द करने का कोई प्रावधान नहीं था, इस कारण विधेयक को लाने का निर्णय लिया गया है। इस प्रावधान के लागू हो जाने के बाद म्यूटेशन या अवैध जमाबंदी रद्द करने को लेकर डीसीएलआर या उपायुक्त के समक्ष अपील कर सकेंगे। जबकि रिवीजन के लिए आयुक्त के समक्ष भी आवेदन कर सकेंगे।

दंड प्रक्रिया संहिता संशोधन विधेयक 2020

बैठक में दंड प्रक्रिया संहिता 2020 में संशोधन के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी गयी। इसके तहत फरार अभियुक्तों के खिलाफ भी अब अदालत में सुनवाई सुनिश्चित हो सकेगी। इसके अलावा कोविड महामारी पर अंकुश को लेकर लागू अध्यादेश को विधानसभा के आगामी मॉनसून सत्र में विधेयक के रूप में भी पारित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी है। विधानसभा के मॉनसून सत्र में कैग रिपोर्ट को प्रस्तुत करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दे दी गयी।

मेडिकल कॉलेजों का नामकरण

राज्य के तीन नये मेडिकल कॉलेजों के नामांकरण और धनबाद स्थित पीएमसीएच के नाम में बदलाव का फैसला लिया गया है। हजारीबाग स्थित मेडिकल कॉलेज का नामांकन शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल करने का निर्णय लिया गया है, जबकि दुमका मेडिकल कॉलेज का नाम फूलो-झानो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, पलामू मेडिकल कॉलेज का नाम मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल और धनबाद स्थित पीएमसीएच का नामांकरण शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल करने का निर्णय लिया गया।

चार बड़े ईसाई संगठनों की विदेशी फंडिंग का लाइसेंस निलम्बित

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उज्ज्वल दुनिया/रांची । नार्थ ईस्ट, झारखंड, महाराष्ट्र में धर्म परिवर्तन करने वाले मिशनरियों पर बड़ी कार्यवाई करते हुए गृह मंत्रालय ने चार बड़े मिशनरियों का एफसीआरए लाइसेंस गृह मंत्रालय ने रद्द किया। इतना ही नहीं अमेरिका के दो बड़े चर्च द्वारा चलाये जा रहे मिशनों के खिलाफ भी एक्शन लिया गया है । इस तरह कुल छ ईसाई संस्थानों के एफसीआरए लाइसेंस रद्द किया गया है । 

झारखंड के दो बड़े ईसाई संस्थानों के लाइसेंस रद्द 

सरकार ने अभी हाल ही में चार मिशनरी संगठनों के विदेशी पैसे से जुड़े लाइसेन्स  निलंबित किए हैं, जिनमें  झारखंड में स्थित एक्रीकोसूलिस नॉर्थ वेस्टर्न गॉसनर इंजीलिकल, मणिपुर में स्थित इंजील चर्चों एसोसिएशन (ईसीए), झारखंड में बसे उत्तरी इवेंजेलिकल लूथरन चर्च और मुंबई में स्थित न्यू लाइफ फेलोशिप एसोसिएशन (एनएलएफए) भी शामिल है।

बता दें कि किसी भी NGO को विदेशी फण्ड्स प्राप्त करने के लिए एफसीआरए लाइसेंस बहुत आवश्यक है। इनमें से एक जर्मनी से, एक वेल्स से, एक न्यूज़ीलैंड से तो एक अमेरिका से संबंध रखता है।

अमित शाह के नेतृत्व वाले गृह मंत्रालय के डाटा के अनुसार न्यू लाइफ फेलोशिप एसोसिएशन का एफसीआरए लाइसेंस 10 फरवरी को निलंबित किया गया था।

चीनी सैनिकों की खौफनाक तस्वीर आई सामने, राइफलों, भाले और ​कुल्हाड़े से लैस थे चीनी सैनिक

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गलवान घाटी जैसी खूनी घटना को अंजाम देने का था इरादा  


उज्ज्वल दुनिया/ ​नई दिल्ली, 09 सितम्बर (हि.स.)​​।
​ ​​पैंगोंग झील के दक्षिण किनारे पर सोमवार रात खदेड़े गए चीनी सैनिकों की सामने आईं तस्वीरें किसी बड़ी हिंसक योजना की गवाही दे रही हैं​​​।​​  ​राइफलों, भाले और ​कुल्हाड़े से लैस ​दिखाई दे रहे चीनी सैनिकों ने भारी मात्रा में बड़े-बड़े पत्थर भी इकट्ठा कर रखे हैं​।​​ ​ऐसे लगता है जैसे चीनी गलवान घाटी जैसी खूनी घटना को अंजाम देने के इरादे से आये थे​​​​​। ​साथ ही यह भी खुलासा हो रहा है कि चीनी से​​ना​​ एलएसी पर​ बाउचर चाकू के साथ छड़ी ​जैसे इन नए हथियारों का उपयोग कर रही है​।​​ ​​ 

ड्रग्स केस में एनसीबी ने रिया चक्रवर्ती को किया गिरफ्तार

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उज्ज्वल दुनिया  /नई दिल्ली, 09 सितम्बर (हि.स.)। सुशांत सिंह राजपूत मामले से जुड़े ड्रग्स केस में अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया है। रिया ने खुद भी ड्रग्स लेने की बात कुबूल की है। रिया चक्रवर्ती से मंगलवार को लगातार तीसरे दिन 3 घंटे तक पूछताछ हुई। इसके बाद रिया को गिरफ्तार किया गया। अब रिया चक्रवर्ती को मेडिकल टेस्ट के लिए लाया जाएगा। उनका कोविड-19 टेस्ट भी किया जाएगा। एनसीबी ऑफिस के बाहर सुरक्षा बढ़ाई जाएगी। रिया की गिरफ्तारी पर सुशांत सिंह राजपूत की बहन ने कहा कि ‘भगवान हमारे साथ’ हैं। 

रिया की गिरफ्तारी का औपचारिक ऐलान करने के लिए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो एक प्रेस वार्ता भी कर सकती है। सूत्र बताते हैं कि रिया को अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश करके एनसीबी उनके रिमांड की मांग भी कर सकती है। रिया से एनसीबी ने रविवार को छह घंटे और सोमवार को आठ घंटे तक पूछताछ की थी। 

सुशांत सिंह राजपूत मामले में यह अब तक की सबसे बड़ी गिरफ्तारी है। इससे पहले रिया के भाई शोविक चक्रवर्ती, सुशांत के हाउस मैनेजर सैमुअल मिरांडा (33) और राजपूत के निजी स्टाफ सदस्य दीपेश सावंत को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन तीनों ने एनसीबी को बताया था कि वह लोग रिया चक्रवर्ती के कहने पर ही ड्रग्स खरीदते थे। इसके बाद एनसीबी ने इन तीनों के सामने बिठाकर रिया से पूछताछ की। बुधवार को इन तीनों और दो ड्रग पेडलर्स को कोर्ट में पेश किया जाना है।

भारतीय मीडिया को भी ग्लोबल होने की जरूरत: प्रधानमंत्री

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उज्ज्वल दुनिया /नई दिल्ली, 08 सितम्बर (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने भारतीय मीडिया के वैश्वीकरण की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि आज लगभग हर अंतरराष्ट्रीय मंच में भारत की मजबूत उपस्थिति है। ऐसे में भारतीय मीडिया को भी ग्लोबल होने की जरूरत है। 
प्रधानमंत्री ने अपने सम्बोधन में कहा कि भारत के उत्पाद तो ग्लोबल हो ही रहे हैं, भारत की आवाज भी ग्लोबल हो रही है। दुनिया अब भारत को और ज्यादा ध्यान से सुनती है। उन्होंने कहा कि ऐजे में हमारे अखबारों, पत्रिकाओं की ग्लोबल प्रतिष्ठा बने, डिजिटल युग में डिजिटल माध्यम से हम पूरी दुनिया में पहुंचे, दुनिया में जो अलग अलग साहित्यिक पुरस्कार दिये जाते हैं, भारत की संस्थाएं भी वैसे ही अवार्ड दें, ये भी आज समय की मांग है। ये भी देश के लिए जरूरी है।

महामारी के इस दौर में मीडिया की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि मीडिया ने कोरोना वायरस महामारी पर जागरूकता फैलाकर ‘अभूतपूर्व तरीकों’ से लोगों की सेवा की। प्रधानमंत्री ने वेद और उपनिषदों को वर्तमान वैश्विक समस्याओं के समाधान के लिए प्रासंगिक बताते हुए कहा कि उपनिषदों का ज्ञान व वेदों का चिंतन केवल आध्यात्मिक और दार्शनिक आकर्षण का ही क्षेत्र नहीं है, वेद और वेदांत में सृष्टि व विज्ञान का भी दर्शन है। आज विश्व जिन समस्याओं से जूझ रहा है, उसकी चर्चा हजारों साल पहले हुई है। उन्होंने कहा कि आज जब हम आत्मनिर्भर भारत की बात कर रहे हैं, ‘वोकल फॉल लोकल’ की बात कर रहे हैं तो हमारा मीडिया इस संकल्प को एक बड़े अभियान की शक्ल दे रहा है। हमें अपने इस विजन को और व्यापक करने की जरूरत है। 

प्रधानमंत्री ने पुस्तक पढ़ने की लोगों की घटती आदतों पर चिंता जताते हुए कहा कि आज टेक्स्ट और ट्वीट के इस दौर में ये और ज्यादा जरूरी है कि हमारी नई पीढ़ी गंभीर ज्ञान से दूर न हो जाए। प्रधानमंत्री ने देशवासियों, विशेषकर युवाओं से पुस्तकें पढ़ने का आग्रह करते हुए कहा कि गूगल गुरु के इस युग में युवाओं को वैचारिक गहराई केवल पुस्तकों से ही मिल सकती है। उन्होंने घर में पुस्तकों के लिए भी एक स्थान निश्चित करने की सलाह दी।

मुंबई नगर निगम ने कंगना का दफ्तर किया सील, 24 घंटे के अंदर सभी दस्तावेज दिखाने को कहा

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उज्ज्वल दुनिया/मुंबई, 09 सितम्बर (हि.स.)। शिवसेना से टकराव के बाद फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत की मुसीबतें बढ़ गई हैं। मुंबई नगर निगम ने मंगलवार को बांद्रा में स्थित कंगना रनौत के बंगले पर नोटिस चिपका दिया है। नगर निगम ने इसके आगे बंगले पर हो रहे रिनोवेशन के काम को रोकने का भी निर्देश दिया है और 24 घंटे के अंदर बंगले के दस्तावेजों की जानकारी मुंबई नगर निगम को भी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। 

दरअसल, बांद्रा में स्थित पाली हिल इलाके में कंगना रनौत के बंगले में रिनोवेशन का काम काफी पहले से चल रहा था लेकिन शिवसेना के साथ उनके विवाद के बाद सोमवार को मुंबई नगर निगम के अधिकारी बंगले पर गए थे। इन अधिकारियों ने बंगले पर चल रहे काम का सूक्ष्म निरीक्षण किया था। इससे यहां कई काम मुंबई नगर निगम के नियमों के विरुद्ध पाए गए हैं। इसके बाद आज नगर निगम की ओर से कंगना रनौत के बंगले के बाहर नोटिस चिपकाया गया है। संभावना है कि मुंबई नगर निगम कंगना पर अनधिकृत काम करने का मामला भी दर्ज कर सकती है।  

नीतीश में दम है तो भाजपा के बिना अकेले लड़कर देख लें, दस सीट भी नहीं आएगी

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उज्ज्वल दुनिया/पटना । नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बुधवार को एक बार फिर से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला बोला। तेजस्वी ने ट्वीट कर कहा है कि नीतीश कुमार ने 1995 में  बिहार में अकेले विधानसभा चुनाव लड़ा था तो मात्र 7 सीट आयी थी। 2014 में लेफ़्ट के साथ मिलकर लड़े, तो मात्र 2 सीट आयी थी। नीतीश कुमार यदि जीवन में कभी भी अकेले चुनाव लड़ेंगे, तो प्रतापी चेहरे को दहाई के अंकों में भी सीट प्राप्त नहीं होगी।

वहीं कुछ दिनों पहले ही बॉलीवुड के दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत को लेकर भाजपा की ओर से जारी पोस्टर ‘ना भूले हैं, ना भूलने देंगे’ के जवाब में आरजेडी की ओर से कुछ स्टिकर जारी किये गए हैं। इन स्टिकरों में लिखा है कि ना भूल हैं ना भूलने देंगे… कोरोना काल में किस तरह मजदूरों पर लाठीचार्ज करवायी गई। कैसे श्रमवीरों को बस व रेल दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवानी पड़ी। कैसे लाखों लोगों को सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलने को मजबूर होना पड़ा। कैसे 40 लाख से ज्यादा बिहारवासियों को आपने मरने के लिए छोड़ दिया था।

इससे पहले मंगलवार को तेजस्वी यादव ने कहा है कि वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से खुली बहस को तैयार हैं। सीएम कहते हैं कि मै बिना ज्ञान के बोलता हूं तो तथ्यों के साथ बहस करने में हर्ज क्या है। आरोप लगाया कि सरकार शब्दों की बाजीगरी करती है। 

नेता प्रतिपक्ष ने जदयू के वर्चुअल रैली से पहले दस सवालों की फेहरिस्त जारी की थी। रैली खत्म होने के बाद तेजस्वी ने कहा कि मेरे किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया गया। कहा कि छह माह बाद सरकार कह रही है कि कोराना जांच के लिए मशीन लाएंगे। अब तक तो सरकार आंकड़ों का फर्जीवाड़ा कर ही लोगों को गुमराह करती रही। अगर राजद का 15 वर्ष का जंगलराज था तो क्यों 2015 में जदयू ने गठबंधन क्यू किया।

नेता प्रतिपक्ष ने सवाल किया था कि सरकार बताए कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा घोषित 1.65 लाख करोड़ के पैकेज का कितनी राशि ख़र्च हुई और कहां हुई। 15 वर्षों में रोज़गार क्यों नहीं दिया, बिहार में उद्योग-धंधे क्यों नहीं लगा और बिहार में नियमित बहाली क्यों नहीं की गई। बेरोज़गारी दर देश में सबसे अधिक 46.6 प्रतिशत क्यों है? नीति आयोग के सारे सूचकांकों पर बिहार साल दर साल क्यों पिछड़ता चला गया? नीति आयोग की रिपोर्ट अनुसार शिक्षा, स्वास्थ्य व सतत विकास सूचकांक में यह राज्य अंतिम पायदान पर कैसे पहुंचा।