Saturday 27th of June 2026 09:28:50 PM
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सहायक पुलिसकर्मियों का दर्द सुनो सरकार

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उज्ज्वल दुनिया/रांची ।  झारखंड के स्थानीय युवा सहायक पुलिसकर्मी अलग-अलग जिलों से चलकर रांची पहुंचे हैं ।  अनुबंध पर कार्यरत अब इनकी सेवा समाप्त हो रही है। ये लोग अनुबंध बढ़ाने और नियमित करने की मांग कर रहे हैं । पूर्ववर्ती भाजपा की रघुवर दास सरकार ने इनके साथ मात्र बिना किसी सुविधा लाभ के सिर्फ ₹10000 मानदेय तय किया गया था।

गोद में बच्ची को लेकर सैकड़ों किलोमीटर पैदल चली

लोहरदगा से 7 महीने की बच्ची के साथ आईं मनीता देवी ने कहा कि वे 3 साल से नौकरी कर रहीं हैं। एक साल की ट्रेनिंग की। इस दौरान बीच-बीच में नौकरी भी की। उनकी 3 बेटियां हैं। 2012 में शादी के बाद से अब तक पति मजदूरी कर रहे हैं, लेकिन कोरोना में उन्हें भी कहीं काम नहीं मिल रहा है। 4 साल और 6 साल की दो बेटियों को तो पति के पास छोड़ दिया है, लेकिन 7 महीने की बेटी को नहीं छोड़ सकती थी।

हजारीबाग की सैकड़ों पुलिसकर्मियों ने राजधानी में की आवाज बुलंद

हजारीबाग जिले से सैकड़ों सहायक पुलिसकर्मी स्थायीकरण की मांग को लेकर शनिवार को सैकड़ों की संख्या में पदयात्रा कर रांची के मोराबादी मैदान में पहुंचे। जहां अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। बता दें कि झारखंड राज्य के 22 जिलों के अनुबंधित सहायक पुलिसकर्मी अपनी मांगों की लेकर मोरहाबादी मैदान में धरना-प्रदर्शन पर उतर आए हैं। सीधी नियुक्ति की मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से पदयात्रा करते हुए राजधानी रांची पहुंच गये है।

सिपाही पद पर सीधी नियुक्ति का था वादा

2017 में अनुबंध पर नियुक्ति के वक्त उन्हें यह भरोसा दिलाया गया था कि अच्छे से काम करने पर उनकी सिपाही पद पर सीधी नियुक्ति कर दी जाएगी। अब तीन वर्षों का अनुबंध खत्म हो जाने के कारण उनके समक्ष संकट की स्थिति उत्पन्न हो गयी है। तमाम सहायक पुलिस कर्मियों ने सरकार से यह मांग की है कि उन्हें सीधे नियुक्ति दे दी जाए। 

कुछ महिला पुलिसकर्मियो की हालत नाजुक 

वहीं आंदोलन में महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। पदयात्रा करते हुए आने पर उन सबकी स्थिति बहुत ही नाजुक हो गई है। कुछ के पैरों में छाले पड़ गए हैं, तो कोई बुखार से ग्रसित है। इन पुलिसकर्मियों का कहना है कि जहां इस राज्य में नक्सलियों को मिलता है घर, इधर बर्दी बारे हो रहे हैं बेघर। अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए मोराबादी मैदान में अपनी डेरा डाल दिए हैं।

एम्स में भर्ती रघुवंश प्रसाद सिंह की तबीयत बिगड़ी, वेंटिलेटर पर रखा गया

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उज्ज्वल दुनिया/पटना ।  पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह की स्थिति बिगड़ने पर उन्हें दिल्ली एम्स में वेंटिलेटर पर रखा गया है। कोरोना वायरस संक्रमण के बाद की कुछ दिक्कतों को लेकर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), दिल्ली में हाल में भर्ती हुए सिंह ने गुरुवार को राजद की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। इसपर लालू ने उनसे कहा था वह जल्द स्वस्थ हों, फिर बैठकर बात करेंगे। 

रघुवंश प्रसाद सिंह के विश्वासपात्र केदार यादव ने शनिवार को कहा कि उनकी (रघुवंश) हालत कल रात काफी बिगड़ गई। रात 11 बजकर 56 मिनट पर उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया। हम उनकी सलामती की दुआ कर रहे हैं।

रघुवंश प्रसाद सिंह, पूर्व सांसद रामा सिंह को राजद में शामिल किए जाने की चर्चा से कथित तौर पर नाखुश हैं और उन्होंने 23 जून को तब राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था जब वह कोरोना वायरस से संक्रमित होने के कारण पटना एम्स में भर्ती थे। 

कटकमसांडी के डोड़वा में माओवादियों की धमक से पुलिस अलर्ट

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जोनल कमांडर कारू यादव के दस्ते ने माओवादी आनंद के नाम फेंका पर्चा, ग्रामीणों में दहशत

टोह के लिए जंगलों की खाक छान रही पुलिस

अजय निराला /प्रमोद उपाध्याय/उज्ज्वल दुनिया/हजारीबाग। कटकमसांडी के डोड़वा में माओवादियों की धमक से पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। बताया जाता है कि कटकमसांडी थाना क्षेत्र के अति उग्रवाद प्रभावित डोड़वा में गत रात्रि  माओवादियों ने घरों के दीवारों पर परचा चस्पा कर लोगों को अपनी मौजूदगी का एहसास कराया है। परचे में डोड़ंवा के टिकेश्वर यादव, रघु यादव, सफाड़ी यादव, विजय यादव व तुलेश्वर यादव को पूर्व से विवादित जमीन पर कोई भी रचनात्मक कार्य करने से मनाही की गई। परचे में लिखा गया है कि वर्ष 2004 में 16 एकड़ विवादित जमीन को भाकपा माओवादियों ने जब्त किया था। मगर एक पक्ष द्वारा जब्त विवादित जमीन के साढ़े नौ एकड़ जमीन को कब्जा कर पुन: 2018 से उक्त जमीन जोत कोड़ व घर बनाया जा रहा है, जो भाकपा माओवादियों के फरमान का उल्लंघन है। परचे मे 30 सितम्बर तक सामाजिक तौर पर फैसला कर विवाद को सुलझाने का निर्देश दिया गया है।

यह भी लिखा है कि निर्धारित तिथि के बाद संगठन अपने स्तर से कार्रवाई करेगी। परचे मे नीचे क्रांतिकारी अभिवादन के साथ उत्तरी छोटानागपुर जोनल कमिटी, सचिव कामरेड आनंद जी लिखा है। बता दें कि डोड़वा गांव मे भाकपा माओवादी जोनल कारू यादव का पैतृक घर व जमीन है, जिसपर उसके चचेरे भाइयों का कब्जा है। पूर्व विवादित जमीन को लेकर कई बार ग्रामीण स्तर पर पंचायत भी हुई। मगर किरू यादव के गोत्र हमेशा उक्त जमीन पर जबरन हावी रहे। वर्ष 2004 में विवाद को सलटाने का जिम्मा भाकपा माओवादियों को मिला। भाकपा माओवादियों ने करीब 16 एकड़ जमीन को अपने कब्जे मे ले लिया था। मगर दूसरे पक्ष द्वारा विवादित जमीन के करीब नौ एकड़ जमीन पर जोत कोड़ करने व मकान बनाने का काम जारी है।

इन चचेरे भाइयों से जोनल कमांडर कारू यादव का है जमीन विवाद

माओवादी जोनल कमांडर कारू यादव का अपने चचेरे भाइयों  टिकेश्वर यादव, रघु यादव, सफारी यादव, विजय यादव, तुलेश्वर यादव आदि से जमीन का विवाद है। तुलेश्वर यादव के घर के बाहर पर्चा फेंका मिला। पुलिस ने पर्चा को जब्त कर लिया है और माओवादियों की टोह में जंगलों की खाक छान रही है। कई ग्रामीण इसे फेक पर्चा बता रहे हैं।

क्या कहते हैं एसपी कार्तिक एस

इस संबंध में एसपी कार्तिक एस से पूछे जाने के बाद उन्होंने कहा कि कारु यादव माओवादी का जोनल कमांडर है। उसका गांव में व्यक्तिगत विवाद था। पर्चा फेंकने की सूचना मिली है। अभी जांच की जा रही है। जांच के बाद ही कुछ पता चल पाएगा।

सीएम हेमंत सोरेन के आदेश के बाद भू माफिया पर कार्रवाई शुरू

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उज्ज्वल दुनिया/रांची । सीएम हेमन्त सोरेन के निदेश पर उपायुक्त पूर्वी सिंहभूम व झारखण्ड पुलिस ने गोलमुरी थाना क्षेत्र के नानक नगर निवासी एक महिला द्वारा भू माफिया पर लगाये गए आरोप की जांच शुरू कर दी है। सीएम ने कहा था कि मामले में संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करते हुए सूचित करें। मुख्यमंत्री को जानकारी देते हुए उपायुक्त पूर्वी सिंहभूम ने कहा कि मामले में संज्ञान ले लिया गया है और अग्रेत्तर कार्रवाई की जा रही है। पीड़ित परिवार को सारी सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी और दोषियों को चिन्हित कर कानूनी कार्रवाई होगी।

घर छोड़ देने की मिली धमकी

मुख्यमंत्री को बताया गया कि जमशेदपुर के गोलमुरी थाना अंतर्गत नानक नगर की रहने वाली एक महिला भू माफिया के आतंक से भयभीत है। भू माफिया ने महिला के घर का पानी और बिजली कनेक्शन कटवा दिया। उसके बाद घर से बाहर करने की योजना बना रहें हैं। भू माफियाओं ने महिला को जान से मारने की धमकी दी और घर छोड़ने का भी फरमान जारी कर दिया । 

झारखंड लैंड म्यूटेशन बिल गरीब जनता के साथ खिलवाड़

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उज्ज्वल दुनिया/रांची । माण्डर विधायक बंधु तिर्की ने हेमंत सरकार द्वारा लाए गए झारखंड लैंड म्यूटेशन एक्ट 2020 का विरोध करते हुए इसे आम जनता के साथ धोखा करार दिया है ।बंधु तिर्की ने कहा कि पता चला है कि आगामी मानसून सत्र में इस बिल को पेश किया जाएगा अगर ऐसा होता है तो इस राज्य के लिए यह बिल काला अध्याय की शुरुआत साबित होगा । 

अपनी ही जमीन से बेदखल हो जाएंगे जमीन मालिक 

बंधु तिर्की ने कहा कि बिहार सरकार ने बिहार लैंड मोटेशन एक्ट 2011 में लागू कर दिया है इसमें म्युटेशन, जमाबंदी रद्द करने और किसानों के खाता पुस्तिका आदि के लिए प्रावधान किया है ।  इसी के तर्ज पर राज्य सरकार ने झारखंड लैंड म्यूटेशन एक्ट 2020 बनाने के लिए इससे संबंधित बिल तैयार किया है । बिहार सरकार के इस एक्ट में जमीन के मामले में किसी तरह की गड़बड़ी की स्थिति में आम नागरिक अंचलाधिकारी एवं अन्य अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने न्यायालय में कंप्लेंट केस दर्ज करने का अधिकार है।  यानि बिहार सरकार ने आम आदमी के अधिकार को सुरक्षित रखा है जबकि झारखंड लैंड म्यूटेशन एक्ट 2020 में बिहार के मुकाबले एक अतिरिक्त प्रावधान जोड़कर आम आदमी के अधिकार को समाप्त कर दिया है । इससे झारखंड के आदिवासी, दलित एवं पिछड़े वर्ग के लोग जमीन से बेदखल हो जाएंगे। 

भ्रष्ट अधिकारियों को बचाने के लिए लाया जा रहा है कानून 

विदित हो कि यह सारी जमीन भूमि सुधार अधिनियम 1950 के अंतर्गत नहीं आते हैं और इन पर लगान रशीद अंचल अधिकारी द्वारा निर्गत करने का भी प्रावधान नहीं है ।  वैसे पदाधिकारी जो जमीन के मामले में गड़बड़ी किए हैं और जिन पर जांच चल रही है या जांच की जरूरत है वैसे पदाधिकारी बच जाएंगे और उन पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं हो सकेगी ।

इस प्रस्तावित एक्ट की धारा में किए गए प्रावधान के तहत अब तक कोई अंचलाधिकारी या अन्य अधिकारी द्वारा जमीन से संबंधित मामलों के निपटारे के दौरान किए गए किसी गैर कानूनी कार्य के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती है । कोई न्यायालय इन अधिकारियों के खिलाफ किसी तरह का सिविल या क्रिमिनल केस नहीं दर्ज कर सकेगा । अगर किसी न्यायालय में किसी अधिकारी के खिलाफ जमीन से संबंधित सिविल या क्रिमिनल मुकदमा चल रहा हो इसे समाप्त कर दिया जाएगा। इस तरह का प्रस्तावित बिल सरकार लाती है तो यह सरकार के लिए आत्मघाती साबित होगा ।

आदिवासी- मूलवासी इस बिल का विरोध करें 

बंधु तिर्की ने कहा कि ऐसे भी पूर्व में भ्रष्ट अंचलाधिकारी, अंचल कर्मी एवं बड़े पदाधिकारियों की मिलीभगत से भूमि संबंधित दस्तावेज में कई फर्जीवाड़े के उदाहरण मिले हैं । प्रमाण के बावजूद ऐसे फर्जीवाड़े से जुड़े राजस्व पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं होना जमीन की लूट की खुली छूट देने की तरह है । ऐसे कानून को झारखंड के आदिवासी-मूलवासी कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे । इस बिल को सदन में लाने से रोका जा सके इस बिल के विरोध में किसी हद तक जाने में कोई कसर नहीं छोड़ा जाएगा ।

कैबिनेट के सभी मंत्री करें बिल का विरोध 

ज्ञात हो कि पूर्व सरकार के द्वारा इसी से संबंधित रेवेन्यू प्रोटेक्शन लाया गया था परंतु सरकार के कैबिनेट मंत्रियों के विरोध के कारण कैबिनेट में दो बार प्रस्ताव आने के बावजूद इस पर सहमति नहीं बन पाई । मैं कैबिनेट के तमाम मंत्रियों एवं विधायकगण से आग्रह करूंगा कि इस तरह के प्रस्तावित बिल का पुरजोर विरोध करें ।

चीनी सेना ने पांच अरुणाचली युवाओं को रिहा किया

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शिकार करने के दौरान 10 दिन पहले भटककर चले गए थे एलएसी पार 
 किबिथू के कवाई इलाके में भारतीय सेना को सौंपे गए पांचों युवक 
सेना 14 दिन एकांतवास में रखने के बाद सौंपेगी परिवार वालों को 


इटानगर, 12 सितम्बर (हि.स.)। अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरी में राह भटक कर चीन की सीमा में चले गए पांच भारतीय नागरिक वतन लौट आए हैं। चीनी सेना ने शनिवार को अंजाव जिला के अंतर्गत किबिथू के कवाई इलाके में भारतीय सेना को सौंप दिया। भारत के रक्षा मंत्रालय के पीआरओ (तेजपुर) ने भी ट्वीट करके पुष्टि की है कि 2 सितम्बर को एलएसी पार करने वाले 5 शिकारी युवा आखिरकार 12 सितम्बर को भारत को सौंप दिए गए।

अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरी जिला के नाचो सर्कल निवासी सात युवक तोच सिगंकाम, प्रशांत रिंगलिंग, दोंगतू इबिया, तानू बाकर और गारु दिरी अपने दो अन्य साथियों के साथ इलाके में हमेशा की तरह शिकार की तलाश में गए थे। शिकार करने के दौरान पांच युवक चीनी सीमा में प्रवेश कर गए थे। दो युवक मौके से भाग निकलने में सफल रहे जिन्होंने घर पहुंचने के बाद अपने गांव के बुजुर्गों और युवकों के परिजनों को इस बारे में बताया। इसकी जानकारी परिजनों व प्रशासन को दी गई।

पांचों युवाओं के अन्य दो साथियों ने चीनी सेना द्वारा युवाओं का अपहरण करने का आरोप लगाया था। शनिवार को भारतीय सेना ने सभी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद पांचों युवकों को अपने जिम्मे ले लिया। सभी युवाओं को कोरोना नियमों के तहत अगले 14 दिनों के लिए एकांतवास में रखा जाएगा। उसके बाद उनके परिवार को सौंप दिया जाएगा।
इन युवाओं को आज भारतीय सेना को सौंपने जाने संबंधी जानकारी भारतीय सेना के तेजपुर स्थित पीआरओ लेफ्टिनेंट कर्नल हर्ष वर्धन पांडे ने शुक्रवार को ट्वीट कर दी थी। इससे पहले, केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने भी शुक्रवार को एक ट्वीट के माध्यम से कहा कि चीन की पीएलए द्वारा शनिवार को अरुणाचल प्रदेश से लापता पांच युवाओं को भारतीय अधिकारियों को सौंपने की जानकारी दी थी।

इस घटना को मिलाकर चालू वर्ष में ऊपरी सुबनसिरी और पश्चिम सियांग जिले में इस तरह की तीन घटनाएं हुईं हैं। अतीत में भी भारतीय सेना के लगातार प्रयासों और समन्वय के बाद ऐसे सभी व्यक्तियों को सुरक्षित तरीके से घर वापस लाया गया था। घटना की जानकारी मिलते ही भारतीय सेना ने गत 08 सितम्बर को हॉट लाइन के जरिए पीएलए से बात कर इस मामले में जानकारी मांगी थी जिसके बाद पीएलए ने पांचों युवकों के उनके कब्जे में होने की पुष्टि की थी। इसी के बाद युवकों को वापस लाने के लिए प्रयास शुरू किए गए।

उल्लेखनीय है कि भारतीय और चीनी सेना लद्दाख में लंबे समय से आमने-सामने हैं। दोनों सेनाओं के बीच कई बार झड़प भी हुुई है। स्थिति गंभीर होते देख तिब्बत से लगने वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भारतीय सेना की निगरानी बेहद कड़ी की गई है। पीएलए भारतीय क्षेत्र और भारतीय सेना की गतिविधियों की जानकारी हासिल करने के लिए लगातार तरह तरह के हत्थकंडे अपना रही है। संभवतः इन पांचों युवकों को कब्जे में लेकर 10 दिन बाद छोड़ने के पीछे भी चीनी सेना की कोई गहरी चाल हो।

नौसेना के पूर्व अधिकारी से मारपीट करने वाले शिवसेना के 6 कार्यकर्ताओं को मिली जमानत

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मुंबई । कांदिवली इलाके में नौसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी मदन शर्मा की पिटाई के मामले में गिरफ्तार 6 शिवसैनिकों को शनिवार को जमानत मिल गई है। कोरोना महामारी को कारण बताते हुए 5-5 हजार रुपये के मुचलके पर यह जमानत दी गई है।  

जानकारी के अनुसार मदन शर्मा ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के एक कार्टून को सोशल मीडिया में फारवर्ड किया था। इससे नाराज शिवसेना कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को शर्मा की पिटाई कर दी थी। इसकी सूचना मिलते ही समतानगर पुलिस तत्काल घटना स्थल पर पहुंची थी और आरोपितों- कमलेश चंद्रकांत कदम(39), संजय शांताराम मांजरे(52), राकेश राजाराम वेलणेकर(31), प्रताप मोतीराम सुंदवेरा(45), सुनील विष्णु देसाई( 42) और राकेश कृष्णा मुलीक(35) को गिरफ्तार कर लिया था। शनिवार को इन सभी आरोपितों को कोर्ट ने कोरोना का कारण बताते हुए 5-5 हजार रुपये के मुचलके पर जमानत मंजूर कर दिया। मदन शर्मा ने बताया कि उन्होंने एक कार्टून व्हाट्सएप्प ग्रुप पर फारवर्ड कर दिया था। उसके बाद उन्हें धमकी भरे फोन आने लगे थे। शुक्रवार शाम को करीब 10 शिवसैनिक उनके घर आए और उनकी पिटाई की। मदन शर्मा ने कहा कि उन्होंने आजीवन देश की सेवा की और अब शिवसेना के गुंडों ने उनपर इस तरह हमला किया है। इस मामले में सभी आरोपितों को जमानत मिल चुकी है, इसलिए वह असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। इस घटना में घायल मदन शर्मा का इलाज मालाड स्थित संजीवनी अस्पताल में हो रहा है। भाजपा विधायक अतुल भातखलकर ने कहा कि कंगना रनौत का कार्यालय तोड़ने के बाद शिवसैनिकों ने अब एक पूर्व अधिकारी पर हमला किया है। यह सब मुख्यमंत्री की शह पर किया जा रहा है। 

उप्र में कोरोना के 67,955 सक्रिय मामले, मरीजों के स्वस्थ होने की दर बढ़कर हुई 76.35 प्रतिशत

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राज्य में संक्रमण से अब तक 4,349 मरीजों की हुई मौत

लखनऊ, । प्रदेश में कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या अब बढ़कर 67,955 हो गई है। राज्य में कुल 2,33,527 लोग इलाज के बाद पूरी तरह ठीक होने के बाद घर भेजे जा चुके हैं। बीते चौबीस घंटे में संक्रमण के 6,846 नए मामले सामने आए हैं। वहीं अब तक 4,349 लोगों की संक्रमण के बाद मौत हुई है। 


अब तक 73.58 लाख कोरोना नमूनों की हो चुकी है जांच

अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने शनिवार को बताया कि राज्य की विभिन्न प्रयोगशालाओं में शुक्रवार को कुल 1,40,562 कोरोना नमूनों की जांच की गई। इसके साथ ही राज्य में अब कुल जांच का आंकड़ा 73,58,471 हो गया है। 

प्रदेश में मृत्यु दर घटकर हुई 1.42 प्रतिशत

राज्य में मरीजों के ठीक होने की दर में एक बार फिर सुधार देखने को मिला है। वर्तमान में रिकवरी दर 76.35 प्रतिशत है, जबकि गुरुवार को यह 75.85 प्रतिशत थी। केस फैटेलिटी रेट (सीएफआर) यानी मामलों में मृत्यु दर की बात करें तो अब यह घटकर अब 1.42 प्रतिशत हो गई है। 

अब तक 1.49 लाख लोगों ने होम आइसोलेशन की सुविधा का लिया लाभ

उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में कुल सक्रिय मरीजों में से 36,334 लोग होम आइसोलेशन यानि घर पर रहकर इलाज की सुविधा का लाभ ले रहे हैं। यह कुल मरीजों का 53.46 प्रतिशत है। इसके अलावा 3,607 लोग निजी अस्पतालों और 275 लोग होटल में एल-1 प्लस की सेमिपेड फैसिलिटी सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। वहीं इनके अलावा शेष राज्य सरकार की एल-1, एल-2 व एल-3 की व्यवस्था के तहत सरकारी अस्पतालों में भर्ती हैं।अभी तक कुल 1,49,396 लोग होम आइसोलेशन की सुविधा का लाभ ले चुके हैं, जिनमें से 1,13,062 लोगों के इलाज का समय पूरा होने पर उन्हें डिस्चार्ज घोषित कर दिया गया है।

ई-संजीवनी का अब तक 72,148 लोगों ने उठाया लाभ

इसके साथ ही ई-संजीवनी पोर्टल का प्रदेश के लोग लगातार इस्तमाल कर रहे हैं, इस पोर्टल से घर बैठे डॉक्टरों से सलाह ले सकते हैं। शुक्रवार को 1,739 लोगों ने इस सुविधा का लाभ उठाया। अब तक कुल 72,148 लोग इस पोर्टल के जरिए चिकित्सीय लाभ ले चुके हैं।

आरोग्य सेतु एप को लेकर 10.75 लाख लोगों को किया जा चुका है फोन

प्रदेश में ‘आरोग्य सेतु’ एप डाउनलोड करने वालों के जो अलर्ट मिल रहे हैं, उन्हें कन्ट्रोल रूम और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 के जरिए फोन किया जा रहा है। अभी तक 10,75,978 लोगों को फोन कर सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

21-40 आयु वर्ग के लोगों में सबसे अधिक संक्रमण

उन्होंने बताया कि वहीं कोरोना संक्रमण के कुल मामलों में अभी भी पुरुषों का प्रतिशत महिलाओं की तुलना में ज्यादा है। अभी तक 69 प्रतिशत पुरुष और 31 प्रतिशत महिलाओं में संक्रमण पाया गया है। संक्रमण के कुल मामलों में 0-20 आयु वर्ग के 13.98 प्रतिशत, 21-40 आयु वर्ग के 48.58 प्रतिशत और 41-60 आयु वर्ग के 28.69 प्रतिशत और 60 से अधिक आयु के 8.75 प्रतिशत लोग संक्रमित हुए हैं। 

11.40 करोड़ लोगों के बीच पहुंची स्वास्थ्य टीमें

स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार विभिन्न क्षेत्रों में लोगों के बीच पहुंचकर सर्वेश्रण कर रही हैं। अभी तक 1,00410 इलाकों में 3,43,519 टीमों ने 2,28,74,346 करोड़ घरों का सर्वेक्षण किया है। इसके तहत 11,40,14,407 लोगों की मेडिकल स्क्रीनिंग की गई है।

प्रदेश में अब तक 64,447 कोविड हेल्प डेस्क स्थापित

प्रदेश में कुल 64,447 ‘कोविड हेल्प डेस्क’ की स्थापना की जा चुकी है। इनके जरिए 7,36,000 लक्षणात्मक लोगों की पहचान की गई। इनमें ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर उपलब्ध हैं। इन सभी इकाइयों में सैनिटाइजर की पर्याप्त उपलब्धता की गई है।

इस वर्ष 01 सितम्बर से 11 सितम्बर तक की गई 5,727 सर्जरी

अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ने बताया कि राज्य में कोविड केयर के साथ नॉन कोविड केयर पर भी पूरी तरह ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश में बीते वर्ष 01 सितम्बर से 11 सितम्बर तक सरकारी अस्पतालों में जहां 7,769 मेजर सर्जरी की गई वहीं कोरोना संक्रमण काल के बावजूद इस वर्ष इसी समयावधि में 5,727 मेजर सर्जरी की गई।

रजौली में बरामद नकली डीजल के मामले में कोेडरमा के फैक्ट्री संचालक पिता

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कोडरमा के गझंडी रोड में केमिकल के नाम पर  संचालित फैक्ट्री में चल रहा है नकली डीजल बनाने का खेल

संजय साजन
कोडरमा। केमिकल फैक्ट्री के संचालन की आड़ में पिछले कई सालों से चल रहा है नकली डीजल तैयार करने  का खेल।  बिहार के रजौली पुलिस द्वारा बुधवार की देर रात थाना क्षेत्र  के गोपालपुर से बरामद किए गए नकली डीजल भरे टैंकर की छानबीन में इसकी आपूर्ति कोडरमा के झुमरी तिलैया से किए जाने की पुष्टि हुई है। टैंकर के उप चालक राहुल  कुमार  के बयान पर इस मामले में  कोडरमा केमिकल के संचालक खीरु साव और उसके पुत्र दीपक साव सहित 5 लोगों पर मामला दर्ज किया गया है। वैशाली निवासी  खलासी राहुल कुमार ने पुलिस को बताया कि वह काफी दिनों से टैंकर के माध्यम से तिलैया थाना क्षेत्र अंतर्गत गझंडी रोड में स्थित उक्त केमिकल फैक्ट्री से मिलावटी डीजल लाकर मुजफ्फरपुर, रजौली और बिहार के अन्य जिलों  में बेचा करता था।  इसके पहले भी वह नकली डीजल आपूर्ति कर चुका है।जिले के तिलैया थाना क्षेत्र अंतर्गत गझंडी रोड में कोडरमा केमिकल्स फैक्ट्री में पिछले कई सालों से मिलावटी डीजल तैयार करने का खेल बड़े ही सुनियोजित तरीके से किया जाता रहा है। यहां से तैयार किए गए नकली डीजल की आपूर्ति झारखंड के कई जिलों के अलावा बिहार के भी कई जिलों में की जाती रही है। गौरतलब रहे कि जिले में उक्त फैक्ट्री के संचालन को लेकर संचालक द्वारा केमिकल ऑयल तैयार करने के नाम पर जिला प्रशासन सहित राज्य स्तर के कई विभागों से लाइसेंस ले रखी है।

कैमिकल फेक्ट्री फिर सुर्खियों में 


हाल ही में हुए एक हादसे के बाद एक बार फिर उक्त फैक्ट्री   सुर्खियों में  है । गत मंगलवार को फैक्ट्री में बड़े पैमाने पर हो रहे टैंकर निर्माण कार्य के दौरान गैस सिलेंडर फटने से टैंकर निर्माण में लगे 5 मजदूर बुरी तरह आग से झुलस गए थे। इस मामले को लेकर पुलिस के कई आला अधिकारी ने उस फैक्ट्री का मुआयना किया था मगर किसी भी पदाधिकारी की नजर वहां अरसे से चल रहे मिलावटी डीजल निर्माण के खेल पर नहीं पड़ा। विदित हो कि पूर्व में उक्त फैक्ट्री का संचालन कोडरमा थाना अंतर्गत चंचाई में भी कई सालों तक किया जाता था। 

गुरुजी की बड़ी बहु के बाद दोनों पोतियों ने खड़े किए सवाल

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थम नहीं रहा झामुमो में उठा तूफान, कहीं ये सोरेन परिवार के आपस का झगड़ा तो नहीं? 

उज्ज्वल दुनिया/रांची । ये सच है कि आज झारखंड मुक्ति मोर्चा पर सीएम हेमंत सोरेन का लगभग कब्जा है । ये भी उतना ही सच है कि मौत से पहले स्वर्गीय दुर्गा सोरेन ही शिबू सोरेन के असली उत्तराधिकारी समझे जाते थे । राजनीति की यह कड़वी सच्चाई है कि दुर्गा सोरेन के निधन के बाद उनकी पत्नी विधायक तो बनीं  पर झामुमो के संगठन पर उनका दबदबा कमतर होता गया । कभी दुर्गा सोरेन के विश्वासपात्र समझे जाने वाले लोग आज हेमंत सोरेन से नजदीकी बढ़ाने में लगे हैं । झामुमो के मौजूदा संकट की पृष्ठभूमि शायद यही है ।

जामा विधानसभा क्षेत्र से विधायक सीता सोरेन ने अपने पति की 52वीं जयंती के मौके पर उन्होंने जेएमएम सुप्रीमो शिबू सोरेन को पत्र लिखा । जिसमें पार्टी के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडे के ऊपर गंभीर सवाल खड़े किएगए । लेकिन हैरानी की बात है कि झामुमो के मौजूदा शीर्ष नेतृत्व ने उनकी चिट्ठी को लगभग अनसुना कर दिया । गुरुजी दिल्ली में हैं,  ऐसे में झामुमो का शीर्ष नेतृत्व अभी कौन है ये कोई पहेली नहीं । 

क्या विनोद पांडे में इतनी हिम्मत है कि बिना ऊपर के इशारे के सोरेन परिवार के किसी सदस्य को बेइज्जत कर सकें 

इसका एक लाइन में जवाब है नहीं । अब विनोद पांडे के ऊपर किसका हाथ है इसका अंदाजा लगाया जा रहा है । अब सीता सोरेन की बेटी ने भी ट्वीट कर पार्टी के लोगों को कटघरे में ला खड़ा किया है.सीता सोरेन खुद भी पार्टी की केंद्रीय महासचिव हैं. उनके पत्र लिखने के 18 घंटे के बाद ही उनकी बेटी राजश्री ने भी ट्वीट किया है. अपने ट्वीट में उन्होंने साफ तौर पर मुख्यमंत्री और जेएमएम के लोगों पर सवाल उठाया है.

सीता सोरेन का ट्वीट

सीता सोरेन ने उठाया सवाल, साजिश हो रही उनके खिलाफसीता सोरेन ने गुरुवार को झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन को पत्र लिखकर कहा कि पार्टी को उनके पति और गुरुजी ने सींचकर यहां तक पहुंचाया है लेकिन अब कुछ लोग इसे जेबी संस्था बनाने की मंशा से काम कर रहे हैं, साथ ही जामा विधायक ने सीधे तौर पर पार्टी के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडे पर उंगली उठाई है. इससे पहले सीता सोरेन दुमका और देवघर के बीच सड़कों की खस्ताहाल को लेकर सरकार को घेरती रही हैं.

सीता सोरेन की बेटी ने भी उठाया सवाल

सीता सोरेन के ट्वीट के बाद उनकी बेटी के ट्वीट ने झामुमो सुप्रीमो के परिवार के आंतरिक कलह की तरफ भी इशारा किया है. दुमका विधानसभा क्षेत्र के लिए नवंबर के अंतिम हफ्ते से पहले उपचुनाव होने हैं और उसकी उम्मीदवारी को लेकर बसंत सोरेन का नाम भी चल रहा है. वहीं कुछ हफ्ता पहले जेएमएम के केंद्रीय कोषाध्यक्ष रवि केजरीवाल को भी पार्टी ने किनारा कर दिया, जबकि पिछले दो विधानसभा चुनाव समेत इस बीच हुए लोकसभा चुनाव में केजरीवाल पार्टी के मजबूत स्तंभ माने जाते थे. इतना ही नहीं पूर्ववर्ती सरकार में रसूख रखने वाले झारखंड प्रशासनिक सेवा के अधिकारी गोपालजी तिवारी को भी मौजूदा सरकार में शुरू में महत्व दिया गया बाद में उन्हें किनारे कर दिया गया.

दुमका दौरा कर सकते हैं सीएम

इन सभी कड़ियों को जोड़ें तो एक नई राजनीतिक बिसात बिछती नजर आ रही है. इस बीच पार्टी के अंदरूनी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अगले कुछ दिनों में दुमका दौरे पर जाने वाले हैं. जिस दौरान वह पार्टी से विधानसभा सीट समेत पूरे संथाल परगना का फीडबैक लेंगे. बता दें कि दुमका लोकसभा सीट पर लगातार चुनाव जीतने वाले शिबू सोरेन 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में बीजेपी के सुनील सोरेन से हार गए थे.

कांग्रेस में बड़े पैमाने पर सांगठनिक फेरबदल, गुलाम नबी आजाद से महासचिव पद छिना, सुरजेवाला का कद बढ़ा

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गुलाम नबी आजाद से महासचिव पद छिना
सुरजेवाला बनाए गए हैं कर्नाटक के प्रभारी
जितिन प्रसाद का भी संगठन में बढ़ा कद

उज्ज्वल दुनिया/ नई दिल्ली । कांग्रेस में शुक्रवार को बड़ा संगठनात्मक फेरबदल किया गया. गुलाम नबी आजाद से महासचिव का पद छीन लिया गया है. बता दें कि वे हरियाणा राज्य के प्रभारी थे. इस फेरबदल में सबसे बड़ा फायदा राहुल गांधी के वफादार रणदीप सिंह सुरजेवाला को हुआ है. सुरजेवाला अब कांग्रेस अध्यक्ष को सलाह देने वाली उच्च स्तरीय छह सदस्यीय विशेष समिति का हिस्सा हैं.इसके साथ ही सुरजेवाला को कांग्रेस का महासचिव भी बनाया गया है. उन्हें कर्नाटक का प्रभारी बनाया गया है. मधुसूदन मिस्त्री को केंद्रीय चुनाव समिति का अध्यक्ष बनाया गया है. प्रियंका गांधी को यूपी का प्रभारी बनाया गया है. इसके अलावा केसी वेणुगोपाल को संगठन की जिम्मेदारी दी गई है.

जानकारी के मुताबिक कांग्रेस महासचिवों में मुकुल वासनिक को मध्य प्रदेश की, हरीश रावत को पंजाब की, ओमान चांडी को आंध्र प्रदेश की, तारीक अनवर को केरल और लक्षद्वीप की, जितेंद्र सिंह को असम की, अजय माकन को राजस्थान की जिम्मेदारी दी गई है.

कांग्रेस में हुए बड़े बदलाव

इसके अलावा जितिन प्रसाद को कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का प्रभारी बनाया है. संगठन में यह उनके लिए बड़ी उछाल मानी जा रही है. बता दें कि विवादास्पद चिट्ठी पर दस्तखत करने वाले नेताओं में जितिन प्रसाद भी थे.

ताजा बदलाव के बाद पवन कुमार बंसल सचिव प्रभारी प्रशासन होंगे. इसके अलावा राहुल के वफादार मनकीम टैगोर को तेलंगाना का प्रभारी सचिव नियुक्त किया गया है.

नए सीडब्ल्यूसी सदस्य के तौर पर दिग्विजय सिंह, राजीव शुक्ला, मनिकम टैगोर, प्रमोद तिवारी, जयराम रमेश, एचके पाटिल, सलमान खुर्शीद, पवन बंसल, दिनेश कुंदुरो, मनीष चतरथ और कुलजीत नागरा की एंट्री हुई है.

भारत

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उज्ज्वल दुनिया  नई दिल्ली, 12 सितम्बर (हि.स.)। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को मॉस्को में अपने चीनी समकक्ष वांग यी से लद्दाख में जारी गतिरोध पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने एससीओ के विदेश मंत्रियों की बैठक से इतर आमने सामने बैठकर करीब 2 घंटे बातचीत की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच 5 मुद्दों पर सहमति बनी है। बैठक के बाद दोनों देशों की ओर से शुक्रवार सुबह जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि दोनों मंत्रियों ने भारत-चीन सीमा क्षेत्रों के साथ-साथ भारत-चीन संबंधों पर हुए घटनाक्रमों पर एक स्पष्ट और रचनात्मक चर्चा की।

दोनों मंत्रियों ने सहमति व्यक्त की कि दोनों पक्षों को भारत-चीन संबंधों को विकसित करने को लेकर नेताओं की आम सहमति की श्रृंखला से मार्गदर्शन लेना चाहिए, जिसमें मतभेदों को विवाद नहीं बनने देने पर सहमति बनी थी। दोनों विदेश मंत्रियों ने इस बात पर सहमति जताई कि सीमावर्ती क्षेत्रों में मौजूदा स्थिति किसी भी पक्ष के हित में नहीं है। इसलिए वे सहमत हुए कि दोनों पक्षों के सीमा सैनिकों को अपना संवाद जारी रखना चाहिए, जल्दी से अग्रिम चौकियों पर तैनाती हटानी चाहिए, उचित दूरी बनाते हुए तनाव कम करना चाहिए।

जन आकांक्षाओं के अनुरूप हो स्मार्ट सिटी का निर्माण

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कन्वेंशन सेंटर को रीडिजाइन कर सचिवालय का निर्माण किया जाए

उज्ज्वल दुनिया/रांची । सीएम हेमन्त सोरेन ने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत रांची में बनने वाले कन्वेंशन सेंटर को रीडिजाइन कर सचिवालय का निर्माण किया जाए। कन्वेंशन सेंटर की उपयोगिता राज्य हित में हो यह सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। सात एकड़ में बनने वाला कन्वेंशन सेंटर सचिवालय निर्माण के लिए उपयुक्त है। सीएम ने स्मार्ट सिटी के तहत निर्मित होने वाले अर्बन सिविक टावर की कार्य प्रगति की जानकारी लेते हुए निर्देश दिया कि अस्थायी रूप से काम पर लगे रोक को हटाते हुए इस टॉवर का निर्माण कार्य तत्काल प्रारंभ किया जाए। निर्माण कार्य प्रारंभ होते ही ऑक्शन की प्रक्रिया भी शुरू हो। उक्त बातें मुख्यमंत्री ने आज झारखण्ड मंत्रालय में रांची स्मार्ट सिटी मिशन अंतर्गत भारत सरकार एवं राज्य मद से व्यय किए जाने के मामले की समीक्षा करते हुए कहीं।

प्रेजेंटेशन के माध्यम से स्मार्ट सिटी के कार्य प्रगति की  जानकारी दी।

नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव विनय कुमार चौबे ने सीएम के समक्ष स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत हो रहे विभिन्न कार्य प्रगति की बिंदुवार जानकारी प्रेजेंटेशन के माध्यम से दी। विभागीय सचिव ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि करम टोली तालाब एवं अटल वेंडर मार्केट का काम पूर्ण किया जा चुका है। मुख्यमंत्री को एचईसी क्षेत्र में बन रहे स्मार्ट सिटी परिसर की विस्तृत जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने इंटीग्रेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के तहत बन रहे सड़क, ड्रिंकिंग वाटर पाइपलाइन, सीवरेज पाइपलाइन एवं ट्रांसमिशन लाइन इत्यादि पर कंपनी द्वारा किए जा रहे कार्य की जानकारी ली।

 मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि जो भी इंफ्रास्ट्रक्चर स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत बन रहे हैं उन इंफ्रास्ट्रक्चर का अधिक से अधिक इस्तेमाल जनता से जुड़ी समस्याओं के समाधान के रूप में हो। यह हम सभी की प्राथमिकता होनी चाहिए। सभी कार्य आम जनता के हित को देखते हुए करने की आवश्यकता है।

स्मार्ट सिटी के अंतर्गत राज्य मद से 13 योजनाओं पर हो रहा है काम

बैठक में सीएम हेमंत सोरेन के समक्ष यह जानकारी दी गई कि स्मार्ट सिटी के तहत राज्य मद से 13 योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री को कंट्रोल एंड कम्युनिकेशन सेंटर की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि कमांड कंट्रोल कम्यूनिकेशन सेंटर को पब्लिक फ्रेंडली बनाया जाए। उन्होंने कहा कि रांची शहर में स्थापित हो रहे सेंटर जनउपयोगी बने, इसका पूरा ख्याल रखा जाए। इस सेंटर के निर्माण से शहर की यातायात प्रबंधन से लेकर त्वरित आपातकालीन सेवा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रथम चरण में कंवेंशन सेंटर और झारखंड अर्बन प्लानिंग एंड मैनेजमेंट इंस्टीच्यूट (जुपमी) का निर्माण प्रगति पर है। स्मार्ट सिटी एरिया को जनता की जरूरतों के हिसाब से विकसित करें।

सीआईडी की पूछताछ में गैंगस्टर अमन साहू ने किए कई अहम खुलासे

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बड़कागांव थाना से फरारी के बाद अमन को थाना गेट से पदमा हाइवे तक पहुंचाया था गंगा साव

पुलिस और अपराधी के बीच लिंक मैन बना था गंगा

पुलिस की नजरों के सामने अपराधियों से करा रहा था अपराध

सामने हुई पूछताछ तो डीएसपी अनिल सिंह की भूमिका भी आई सामने

अजय निराला/उज्ज्वल दुनिया संवाददाता/हजारीबाग। सीआईडी की पूछताछ में रिमांड पर लिए गए गैंगस्टर अमन साहू ने कई अहम खुलासे किए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक एडीजी अनिल पालटा ने मुकेश कुमार, एसडीपीओ अनिल सिंह और चौकीदार के साथ अमन साहू से एक साथ बैठाकर पुछताछ किया।

अमन साहू से फरारी के दौरान पुलिस के मददगारों के बारे में पूछा गया। उसने पहले बात घुमाने का प्रयास किया । कड़ाई से पुछताक्ष करने पर इसने रामगढ़ के टेक्निकल सेल के दिलीप वर्णवाल और ऋषि का नाम कबूल किया है । जानकारी के मुताबिक उसने सीआईडी को बताया कि बड़कागांव थाना से भागने में उसका मदद टाइगर ग्रुप का सरगना राजकुमार गुप्ता के भाई गंगा सावने  किया था । उसी ने थाना गेट से पदमा हाइवे तक अमन को छोड़ा था  और चतरा-हज़ारीबाग़ में  रेकी कर सूचनाएं देता था ।

एसडीपीओ अनिल सिंह पर जबरन थाना प्रभारी मुकेश यादव पर अमन की फरारी की कहानी बना केस करवाने और जांच में जानबूझकर बात छुपाने का आरोप पाया गया है। इस मामले में एसडीपीओ अनिल सिंह पर जवाबदेही तय किए जाने की बात कही जा रही है। अमन ने यह भी बताया है कि गंगा साव ने ही थाने से फ़रार होने के बाद हजारीबाग से पदमा लाइन होटल तक स्कॉर्पियो से ड्रॉप किया था।फरारी के दौरान गंगा ही सारे कोयला पार्टी का नंबर देता था।अमन ने यह भी खुलासा किया है कि दिलीप वर्णवाल ही उसे पुलिस की गतिविधि और टेक्निकल जानकारियाँ देता था। इस खुलासे के बाद गंगा साहू की दोहरी नीति सामने आई है। इधर पुलिस से मिलकर खुद को विश्वासी बना रखा था और अपराधियों से मिलकर पुलिस और अपराधी के बीच ना सिर्फ लिंक मैंन बना हुआ था बल्कि बेखौफ होकर पुलिस की जानकारी में अपराधियों से अपराध करा रहा था।

राज्य के कई प्रशासनिक अधिकारियों का तबादला

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उज्ज्वल दुनिया /रांची । राज्य के कई प्रशासनिक अधिकारियों कातबादला किया गया है । इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है । शशिधर मंडल को नगर आयुक्त आदित्यपुरनगर निगम के पद से हटाया गया है । शशिधर मंडलको एससी, एसटी, ओबीसी, अल्पसंख्यक कल्याणविभाग का विशेष सचिव बनाया गया है ।


बशारत क्यूम को संयुक्त सचिव महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग बनाया गया । वहीं चंदन कुमार को अपर जिला दंडाधिकारीधनबाद बनाया गया है । कर्ण सत्यार्थी को भू-अर्जन, भू-अभिलेख और परिमाप विभाग का निदेशक बनाया गया है । मेघा भारद्वाज को संयुक्त सचिव योजना सहवित्त विभाग बनाया गया है । विशाल सागर को संयुक्तसचिव कार्मिक, प्रशासनिक सुधार और राजभाषा विभाग बनाया गया है । लोकेश मिश्रा को अपर जिलादंडाधिकारी रांची का पदभार सौंपा गया है ।