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2024 तक झारखंड के सभी घरों में पेयजल की आपूर्ति

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उज्ज्वल दुनिया/रांची । पेयजल व स्वच्छता मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने कहा है कि जल जीवन मिशन के तहत वर्ष 2024 तक राज्य के सभी घरों में पाइपलाइन से पेयजलापूर्ति की जाएगी। दुमका में शनिवार को पत्रकारों के साथ बातचीत में मंत्री ने बताया कि लोगों को स्वच्छ जल उपलब्ध कराना हमारा लक्ष्य है। हर पंचायत में 5 नए चापाकल लगाने की योजना इस साल के अंत तक पूरे राज्य में एक साथ शुरू की जाएगी। 

15 दिनों के अंदर आदिम जनजाति के घरों में नल

संताल परगना की चर्चा करते हुए पेयजल स्वच्छता मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने पहाड़िया और अनसूचित जाति-जनजाति के सभी घरों तक पाइपलाइन से जलापूर्ति की सभी लंबित योजनाओं को 15 दिनों के अंदर पूरा करने का निर्देश दिया। शनिवार को मंत्री ने दुमका, पाकुड़ और साहिबगंज के विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में यह निर्देश जारी किया। इन जिलों में चल रही योजनाओं की समीक्षा के दौरान मंत्री को जानकारी मिली कि कई ऐसे पेयजलापूर्ति योजनाएं हैं जो पूर्ण हो गई हैं पर घरों में पेयजल का कनेक्शन नहीं रहने के कारण रुकी है। मंत्री ने ऐसे सभी घरों में 15 दिनों के अंदर वाटर कनेक्शन करने का अधिकारियों को निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि केवल दुमका जिला में 5247 आदिम जनजाति और अनुसूचित जाति जनजाति के 26235 सहित करीब एक लाख आबादी तक 15 दिनों में नल से घरों में पानी पहुंचेगा।  

सीता सोरेन के आरोप पर बोले-पार्टी एकजुट है 

झामुमो विधायक सीता सोरेन द्वारा अपनी ही पार्टी झामुमो के महासचिव विनोद पांडेय पर साजिश करने के लगाए जा रहे आरोपों के संबंध में पत्रकारों के सवाल पर मंत्री ने कहा कि उन्हें भी मीडिया से जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि परिवार में भी इस तरह की बात होती है, झामुमो तो एक बड़ा परिवार है। मंत्री ने कहा कि पार्टी सुप्रीमो शिबू सोरेन और कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन के नेतृत्व में पार्टी एकजुट है। कोई असंतुष्ट है या किसी की भावना को ठेस पहुंची है तो पार्टी अपने घर में मिल बैठ कर मामले को सुलझाएगी। पत्रकार सम्मेलन में झामुमो विधायक नलिन सोरेन और झामुमो के जिला सचिव शिवा बास्की भी मौजूद थे।

प्रधानमंत्री ने दी बिहार को 901 करोड़ की सौगात

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बांका में 131 करोड़ की लागत से एलपीजी बॉटलिंग प्लांट का किया उद्घाटन

रघुवंश बाबू के निधन से राजनीति में एक शून्य पैदा हुआ : नरेंद्र मोदी

उज्ज्वल दुनिया/पटना, 14 सितम्बर (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को बिहार को 901 करोड़ रुपये की दूसरी सौगात दी। उन्होंने दिल्ली से ही रिमोट दबा कर बांका में एलपीजी प्लांट का शुभारम्भ किया। पारादीप-हल्दिया-दुर्गापुर  पाइपलाइन  के दुर्गापुर-बांका खंड के बीच बीच 634 करोड़ की लागत से  निर्मित 193 किलोमीटर लंबी यह पाइपलाइन बिहार को समर्पित करते हुए उन्होंने बांका में 131 करोड़ की लागत से एलपीजी बॉटलिंग प्लांट का भी उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री ने इन योजनाओं का उद्घाटन करते हुए आत्मनिर्भरता पर जोर दिया और कहा कि इससे बिहार के बहुत दिनों तक बंद रहे बरौनी खाद कारखाने को भी लाभ होगा। उन्होंने बांका के साथ हरसिद्धि में भी बॉटलिंग प्लांट का उद्घाटन किया।

प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के शुभारंभ से पहले बिहार के वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया और कहा कि उनके निधन से देश और बिहार की राजनीति में एक शून्य पैदा हो गया। उन्होंने उन्हें नमन करते हुए कहा कि उनसे मेरे वर्षों से व्यक्तिगत संबंध थे।  प्रधानमंत्री ने कहा कि वे जमीन और गांव से जुड़े नेता थे। रघुवंश बाबू ने अपने  सिद्धांत से कभी समझौता नहीं किया। जीवन के अंतिम दिनों में जब उन्हें लगा कि उनकी पार्टी सिद्धांत से हट गई है तो उनका दिल व्यथित हो उठा और उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। राजद छोड़ने के बाद रघुवंश बाबू ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखकर विकास के कामों की सूची दी थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि नीतीश जी से आग्रह करूंगा कि वे उनके सुझावों को कार्यान्वित करें। इसमें हम भी सहयोग करेंगे।

पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह का निधन

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उज्ज्वल दुनिया /नई दिल्ली, 14 सितम्बर (हि.स.)। पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉक्टर रघुवंश प्रसाद सिंह का रविवार सुबह निधन हो गया। उन्होंने दिल्ली एम्स में आखिरी सांस ली। शनिवार को तबीयत बिगड़ने पर उन्हें जीवन रक्षा प्रणाली पर रखा गया था। हाल ही में उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) से इस्तीफा दिया था। रघुवंश के निधन पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित कर समाज के लिए किए उनके कार्यों को याद किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “रघुवंश प्रसाद सिंह अब हमारे बीच नहीं रहे। मैं उनको नमन करता हूं। उनके निधन ने बिहार के साथ-साथ देश के राजनीतिक क्षेत्र में एक शून्य छोड़ दिया है। जमीन से जुड़ा व्यक्तित्व, गरीबी को समझने वाला व्यक्तित्व, पूरा जीवन बिहार के संघर्ष में बिताया। रघुवंश जी के भीतर अपने क्षेत्र के विकास की चिंता थी, उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री जी को अपनी एक विकास के कामों की सूची भेज दी। बिहार के लोगों की, बिहार के विकास की चिंता उस चिट्ठी में प्रकट होती है।”

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, “बिहार के वरिष्ठ राजनेता रघुवंश बाबू के निधन की सूचना से अत्यंत दुख हुआ। उनका पूरा जीवन लोहिया जी और कर्पूरी ठाकुर जी के विचारों के प्रति समर्पित रहा। गरीब व वंचित वर्ग के कल्याण के लिए उनका समर्पण सदैव याद किया जाएगा। मैं उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। ॐ शांति”

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा ‘रघुवंश प्रसाद सिंह जी बिहार के उन क़द्दावर नेताओं में गिने जाते थे जिन्होंने समाज के पिछड़े और कमजोर वर्गों के अधिकारों के लिए आजीवन संघर्ष किया। वे एक प्रबुद्ध एवं संवेदनशील व्यक्ति थे। उनके निधन का मुझे दुःख है।​ ​उनके परिवार एवं समर्थकों के प्रति मेरी संवेदनायें। ओम् शांति!’

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी ट्वीट कर पूर्व केंद्रीय मंत्री के निधन पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने लिखा, ‘रघुवंश प्रसाद सिंह जी के निधन के साथ ही गांव व किसान की एक मज़बूत आवाज़ सदा के लिए खो गई है। गांवों व किसानों के उत्थान के लिए उनकी सेवा और लगन तथा सामाजिक न्याय के लिए उनके संघर्ष को सदा याद रखा जाएगा। मेरी भावभीनी श्रद्धांजलि..’

कांग्रेस पार्टी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से लिखा, “राजनीति में नैतिक मूल्यों के पैरोकार, वंचितों की एक प्रखर आवाज आज खामोश हो गई। आपका जाना जनक्रांति के इतिहास से एक अध्याय की समाप्ति है। बिहार के प्रिय बेटे रघुवंश बाबू को कांग्रेस परिवार की ओर से सादर श्रद्धांजलि।”

आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने रघुवंश प्रसाद के निधन पर गहरा दुख जताया है। लालू यादव ने ट्वीट कर लिखा कि ‘प्रिय रघुवंश बाबू! ये आपने क्या किया? मैंने परसों ही आपसे कहा था आप कहीं नहीं जा रहे है लेकिन आप इतनी दूर चले गए.. नि:शब्द हूं.. दुखी हूं.. बहुत याद आएंगे’।

एलएसी पर भारत

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– एलएसी पर टैंक, मशीनगन और आधुनिक हथियारों का जमावड़ा 

– मुखपारी चोटी के करीब महज 170 मीटर की दूरी पर दोनों सेनाएं   

– रेजांग लॉ में 500 मीटर की दूरी पर चीनी और भारतीय सैनिक 

उज्ज्वल दुनिया  नई दिल्ली, 14 सितम्बर (हि.स.)। लद्दाख में भारतीय और चीन सीमा के बीच लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर हालात जंग की तरह लग रहे हैं। सीमा रेखा पर छह विवादित जगहों पर दोनों देशों की सेनाएं महज कुछ दूरी पर आमने-सामने हैं। सबसे गरम माहौल पैन्गोंग झील के दक्षिणी ओर है, जहां मुखपारी चोटी पर सिर्फ 170 मीटर और रेजांग लॉ में 500 मीटर की दूरी पर चीनी और भारतीय सैनिक हैं। दोनों तरफ की सेनाओं ने एलएएसी के पास टैंक, मशीनगन और आधुनिक हथियारों का जमावड़ा कर लिया है और एयरफोर्स की ताकत भी बढ़ाई जा रही है। 

इस बीच सीमा पर चीन ने टाइप 15 लाइट टैंक्स, इंफैंट्री फाइटिंग व्हिकल्स, एएच4 हॉवित्जर गन्स, एचजे-12 एंटी टैंक्स गाइडेड मिसाइल्स, एनएआर-751 लाइट मशीनगन, डब्ल्यू-85 हैवी मशीनगन और एंटी-मैटेरियल स्नाइपर राइफल्स के साथ भारत को चुनौती दे रहा है। चीन ने एलएसी से लगे इलाकों में सैन्य ठिकानों के साथ-साथ एयरफोर्स की ताकत जुटाना शुरू कर दिया है। उसने तिब्तत के उतांग क्षेत्र में एयरबेस तैयार किया जो एलएसी से सिर्फ 200 किमी की दूरी पर है। चेंगदू जे-20 स्टील्थ लड़ाकू विमान एलएसी पर सक्रिय किए और अब उसने परमाणु बम गिराने वाले बॉम्बर विमानों के साथ तिब्बत के पठारी क्षेत्र में युद्धाभ्यास भी शुरू कर दिया है।

भारत ने भी जबाव में एलएसी पर टी-90 भीष्म टैंक, बीएमपी-2के इन्फैंट्री फाइटिंग व्हिकल्स, एम-777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर गन्स, स्पाइक एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल्स, लाइट मशीनगन्स, टीआरजी स्नाइपर राइफल्स की तैनाती की हुई है। ऐसे ही कुछ हालात आसमान के भी हैं। भारत ने लद्दाख क्षेत्र में सुखोई 30, मिग 29, मिराज 2000, चिनूक और अपाचे हेलिकॉप्टर की तैनाती की हुई है। चुशूल में भारतीय सेना और चीनी सेना के टैंक आमने-सामने हैं तो डेप्सांग प्लेन्स एरिया में भारतीय और चीनी युद्धक टैंक के बीच की दूरी महज 6 किमी. है। 

सहायक पुलिसकर्मियों के समर्थन में उतरे बाबूलाल मरांडी

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सहायक पुलिसकर्मियों पर डंडा बरसाने वाले अधिकारियों पर हो कार्रवाई- बाबूलाल  


उज्ज्वल दुनिया /रांची । भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने अपनी मांगों को लेकर मोराबादी में डटे सहायक पुलिसकर्मियों से मुलाकात की। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि आंदोलनरत सहायक पुलिसकर्मियों ने जैसा बतलाया तो हमें लगा कि कोई भी सरकार इतनी अमानवीय कैसे हो सकती है ? लोकतंत्र में किसी को भी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने का हक है। आंदोलन के लिए ये लोग जब रांची आ रहे थे। तब रास्ते में इनके साथ जैसा सलूक किया गया, वह जांच का विषय है। आंदोलन में महिलाएं भी शामिल हैं । महिलाओं के साथ उनके छोटे छोटे बच्चें भी साथ में हैं परंतु इनकी भी परवाह नहीं की गई। रास्ते में इन्हें रोका गया । इन्हें वाहन से उतार दिया गया। 70-80 किमी की दूरी पैदल तय कर ये यहां पहुंचे हैं। सरकार को जांच करानी चाहिए कि किन अधिकारियों ने ऐसा कृत्य किया है। उन्हें सजा मिलनी चाहिए। इनकी मांगें जायज है। इन पर डंडा बरसाना, कहीं से भी न्यायसंगत नहीं है। सरकार को इनसे बात करनी चाहिए।

मॉनसून सत्र सोमवार से, कोरोना संक्रमित मिले पांच सांसद

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उज्ज्वल दुनिया/नई दिल्ली, 14 सितम्बर (हि.स.)। सोमवार से शुरू हो रहे संसद के मॉनसून सत्र से पहले सभी सांसदों का कोविड-19 टेस्ट किया जा रहा है। रविवार को भी लोकसभा और राज्यसभा के तमाम सदस्यों ने संसद भवन परिसर स्थित एनेक्सी में कोरोना टेस्ट कराया, जिसमें से पांच सदस्य कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। रविवार को दोनों सदनों के तमाम सदस्यों ने कोरोना जांच कराई। 

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, पूर्व मंत्री व सांसद सत्यपाल सिंह, लोकजनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष चिराग पासवान समेत तमाम सदस्य कोरोना जांच करते नजर आए। इसके साथ ही लोकसभा व राज्यसभा के तमाम अधिकारी, कर्मचारी, सुरक्षाकर्मी व मीडिया के लोग भी जांच कराने पहुंचे। 

लोकसभा सचिवालय के एक अधिकारी ने बताया कि सोमवार से शुरू हो रहे मॉनसून सत्र में स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से तय सभी दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के मद्देनजर कागज का कम से कम उपयोग करने का प्रयास किया जा रहा है। सांसद अपनी उपस्थिति डिजिटल माध्यम से दर्ज कराएंगे। सदन में प्रवेश करने वाले सभी लोगों के शरीर के तापमान को जांचने के लिए थर्मल गन और थर्मल स्कैनर का उपयोग किया जाएगा। 

सदन के भीतर 40 स्थानों पर टचलेस सेनिटाइटर लगाए गए हैं। साथ ही आपातकालीन मेडिकल टीम और स्टैंडबाय पर एम्बुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। उन्होंने बताया कि कार्यवाही में भाग लेने वाले सदस्यों की उपस्थिति मोबाइल के माध्यम से की जाएगी। 

मॉनसून सत्र में शून्यकाल आधे घंटे का होगा और कोई प्रश्नकाल नहीं होगा, हालांकि सदस्य लिखित प्रश्न पूछ सकेंगे और उनके जवाब भी लिखित में दिए जाएंगे। शनिवार और रविवार को कोई छुट्टी नहीं  होगी। 

हजारीबाग जेपी केंद्रीय कारा के डिटेंशन कैंप से म्यांमार का बंदी फरार

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खिड़की का रंग काटकर भागा अब्दूल्ला, सुरक्षा में तैनात कक्षपाल को शोकाॅज

घटनास्थल से हस्का्ब्लेड, काटा हुआ रड बरामद

अजय निराला/उज्ज्वल दुनिया संवाददाता/हजारीबाग। जय प्रकाश नारायण केंद्रीय कारा हजारीबाग परिसर स्थित डिटेंशन कैंप से रविवार की अहले सुबह म्यांमार का बंदी अब्दूल्ला खिड़की का रंग काटकर फिल्मी अंदाज में फरार हो गया। अब्दूल्ला भारत बिना बीजा के ही प्रवेश कर गया था।इसी आरोप में उसे 23 मई 2018 को मनोरंजन कुमार ने दुमका में पकड़ा था। उसे दुमका के गेस्ट हाउस में रखा गया था। अब्दूल्ला 26 फरवरी 2020 को हजारीबाग भेजा गया। म्यांमार वर्मा देश के मनगरीटोंग थाना भुशीटोंग निवासी  अब्बू उफैन का पुत्र अब्दूल्ला है। इसके माता का नाम रोकीमा खातून है। काराधीक्षक कुमार चन्द्र शेखर के अनुसार वह अहले सुबह 3 से 6 बजे के बीच फरार हुआ है। इस संबंध में सुरक्षा में तैनात कक्षपाल रणधीर कुमार पाल और बंदेश्वर दूवे समेत अन्य कक्षपालों से भी स्पष्टीकरण पूछा गया है।  मौके पर डिटेंशन कैंप के खिड़की का काटा हुआ रड और काटने में इस्तेमाल किए गए हस्काब्लेड बरामद किया गया है।

एसपी ने किया सेंट्रल जेल का निरीक्षणहजारीबाग के एसपी कार्तिक एस ने रविवार को घटना की सूचना मिलने के बाद सेंट्रल जेल पहुंच कर निरीक्षण किया। साथ ही सुरक्षा के वाबत काराधीक्षक से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि फरार बंदी डिटेंशन कैंप में रह रहा था। फरार होने के बाद हजारीबाग जिले की सीमाएं को सील कर दी गई है। बंदी को पकड़ने के लिए छापामारी की जा रही है।

जेल की सुरक्षा पर उठे सवालम्यांमार के बंदी अब्दूल्ला के फरार होने से सेन्ट्रल जेल हजारीबाग की सुरक्षा पर कई सवाल उठ खड़े हुए हैं। जेल अधीक्षक भी यह मानते हैं कि डिटेंशन कैंप की खिड़की का रंग एक दिन में नहीं काटा गया है। फिर हस्काब्लेड बंदी तक कैसे पहुंचा। इन बिन्दुओं पर गहनता से जांच शुरू कर दी गई है।

झारखंड लैंड म्यूटेशन बिल वापस ले हेमंत सरकार: बाबूलाल मरांडी

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काला कानून के खिलाफ सड़क से सदन तक विरोध करेगी भाजपा


उज्ज्वल दुनिया /रांची  झारखंड लैंड म्यूटेशन बिल 2020 को राज्य विरोधी बिल बताते हुए भाजपा विधायक दल के नेता व पूर्व मुख्य मंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि सरकार ने चुपके चुपके झारखंड लैंड म्युटेशन बिल कैबिनेट से पास करा कर झारखंड की जनता के साथ धोखा किया है। उन्होंने इस बिल को काला कानून होने की संज्ञा देते हुए कहा कि सरकार भू माफियाओं के लिए यह बिल लेकर आ रही है। उन्होंने आशंका जताया है कि विधानसभा के मानसून सत्र में सरकार इस बिल को पास करा कर कानून बनाने का प्रयास करेगी। जो राज्य के लिए दुर्भाग्यजनक होगा। उन्होंने कहा कि इस बिल के सेक्शन 22 में निर्धारित किया गया है कि म्यूटेशन में किसी भी तरह की फर्जीवाड़ा होने की स्थिति में पदाधिकारी के खिलाफ ना ही सिविल और ना ही क्रिमिनल किसी तरह का केस नही  बनेगा।

भ्रष्ट अधिकारियों को बचाने के लिए लाया जा रहा है लैंड म्यूटेशन बिल 


बाबूलाल मरांडी ने कहा कि यह कानून भू माफिया के लिए और भू माफियाओं द्वारा सरकारी पदाधिकारी के संरक्षण के लिए लाया जा रहा है। सरकार भू माफियाओं से घिरी हुई है। यह सरकार जनता के लिए काम करने के बजाए भू माफियाओं को खुश करने में लगी है।


फर्जीवाड़ा करने वाले अधिकारियों को नहीं मिल सकेगी सजा 

 बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झारखंड में गैरमजरूआ और सरकारी जमीन का भी फर्जीवाड़ा हो रहा है। फर्जी तरीके से म्यूटेशन हो रहा है। ऐसे गैरमजरूआ जमीन सरकारी पदाधिकारी और जमीन के दलाल मिलकर बेच रहे हैं। ऐसे सैकड़ों मामले आने के बाद अफसरों पर कार्रवाई करने हेतु मैंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को चिट्ठी लिखा था। किंतु सरकार ने पदाधिकारियों के प्रोटेक्शन के लिए ही कानून बनाने को लेकर बेताब दिख रही है। कहा कि सरकार म्यूटेशन में फर्जीवाड़ा होने की स्थिति में जेल भेजे जाने का कड़ा कानून बनाने के बजाय पदाधिकारियों के प्रोटेक्शन में बिल लाया जा रहा है।यह कानून राज्य के हित में नहीं होगा। 


बाबूलाल मरांडी ने कहा कि  इस कानून के पारित होने पर गरीब अपने जमीन से हाथ धो बैठेंगे। सरकार दलाल और पदाधिकारियों से मिलकर गरीबों की जमीन बेच देगी। उन्होंने सरकार से इस जनविरोधी कानून को वापस लेने की मांग की।

शाह दोबारा एम्स में हुए भर्ती

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नई दिल्ली । केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को शनिवार रात करीब 11 बजे अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) एम्स में भर्ती कराया गया है। कोरोना से उबरने के बाद उन्हें स्वास्थ्य सम्बंधी दिक्कतों का कारण दोबारा एम्स में भर्ती किया गया है।


शाह बीते माह अगस्त में भी कोरोना बीमारी के बाद देखभाल के लिए (पोस्ट कोविड केयर) एम्स में भर्ती हुए थे। इसके 12 दिन बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी गई थी। हालांकि उनको दोबारा किस लिए भर्ती कराया गया है कि इस संबंध में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है।


उल्लेखनीय है कि गृहमंत्री अमित शाह पिछले दिनों कोरोना संक्रमित पाए गए थे। मेदांता अस्पताल में इलाज के बाद थकान और शरीर में दर्द की शिकायत के कारण उन्हें एम्स में भर्ती किया गया था। अमित शाह का इलाज एम्स के डायरेक्टर डॉक्टर रणदीप गुलेरिया की अगुवाई वाली टीम की देखरेख में चला था। 


55 वर्षीय शाह ने दो अगस्त को ट्विटर के माध्यम से देश को बताया था कि वह कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं। इसके बाद उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया। कोरोना से उबरने के बाद उन्हें यहां से छुट्टी दी गई।

चीन से तनातनी के बीच उत्तरकाशी में चिन्यालीसौड़ से अग्रिम चौकियों में सैन्य हलचल तेज

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उत्तरकाशी (हि.स.)। चीन से तनातनी के बीच जिले में सैन्य हलचल बढ़ गई है। उत्तरकाशी जिला चीन और तिब्बत की सीमा से सटा है। चिन्यालीसौड़ से सीमा की अग्रिम चौकियों तक आईटीबीपी और सेना ने चौकसी बढ़ा दी है। चिन्याली हेलीपैड में भी सेना की हलचल बढ़ गई है। सीमांत उत्तरकाशी जिले में नेलांग सीमा की अंतिम चौकियों पर सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आइटीबीपी) के जवानों की संख्या बढ़ाई जा रही है।

हालांकि, आईटीबीपी की उप महानिरीक्षक अपर्णा कुमार का कहना है कि उत्तराखंड से लगी सीमा पर हाई अलर्ट तो है, पर गतिरोध जैसी कोई बात नहीं है। जो हिमवीर कोरोना पॉजिटिव हुए थे, उन्हें भी स्वस्थ होने के बाद सीमा पर भेजा जा रहा है। स्थानीय लोगों का सेना के साथ अच्छा तालमेल है। सूत्रों के मुताबिक रविवार को 150 जवानों की टुकड़ी बॉर्डर के लिए रवाना हुई है।  उत्तराखंड की चीन सीमा पर सुरक्षा को लेकर वायु सेना भी अलर्ट है।

चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी पर सेना की गतिविधि बढ़ गई है। सीमा की ओर जाने वाले जवानों का अहम पड़ाव चिन्यालीसौड़ है। यहां सेना के जवानों की आवाजाही दो दिन से बढ़ गई है। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ की करीब 345 किलोमीटर सीमा चीन से सटी है। यह बेहद संवेदनशील सीमा है। यहां की चौकसी बेहद जरूरी है। इसमें से 122 किलोमीटर हिस्सा उत्तरकाशी जिले में पड़ता है। उधर, नीलांग घाटी में सेना की नई टुकडियां पहुंच गई हैं। वायुसेना के जंगी विमान भी गस्त लगा रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारत-चीन के बीच बढ़ते तनाव के बाद उत्तराखंड के सीमांत इलाकों में वायुसेना अलर्ट पर है। उत्तरकाशी जिले की 122 किलोमीटर सीमा पर आईटीबीपी के जवान मोर्चा संभाले हैं। पिछले दो दिन से सुबह के वक्त वायुसेना के हेलीकॉप्टर सीमा का जायजा ले रहे हैं।   

प्रधानमंत्री ने दी बिहार को 901 करोड़ की सौगात, किया बॉटलिंग प्लांट का उद्घाटन

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पटना । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को बिहार को 901 करोड़ रुपये की दूसरी सौगात दी। उन्होंने दिल्ली से ही रिमोट दबा कर बांका में एलपीजी प्लांट का शुभारम्भ किया। पारादीप-हल्दिया-दुर्गापुर  पाइपलाइन  के दुर्गापुर – बांका खंड के बीच बीच 634 करोड़ की लागत से  निर्मित 193 किलोमीटर लंबी यह पाइपलाइन बिहार को समर्पित करते हुए उन्होंने बांका में 131 करोड़ की लागत से एलपीजी बॉटलिंग प्लांट का भी उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री ने इन योजनाओं का उद्घाटन करते हुए आत्मनिर्भरता पर जोर दिया और कहा कि इससे बिहार के बहुत दिनों तक बंद रहे बरौनी खाद कारखाने को भी लाभ होगा। उन्होंने बांका के साथ हरसिद्धि में भी बॉटलिंग प्लांट का उद्घाटन किया।

 प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के शुभारंभ से पहले बिहार के वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया और कहा कि उनके निधन से देश और बिहार की राजनीति में एक शून्य पैदा हो गया। उन्होंने उन्हें नमन करते हुए कहा कि उनसे मेरे वर्षों से व्यक्तिगत संबंध थे।  प्रधानमंत्री ने कहा कि वे जमीन और गांव से जुड़े नेता थे। रघुवंश बाबू ने अपने  सिद्धांत से कभी समझौता नहीं किया। जीवन के अंतिम दिनों में जब उन्हें लगा कि उनकी पार्टी सिद्धांत से हट गई है तो उनका दिल व्यथित हो उठा और उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। राजद छोड़ने के बाद रघुवंश बाबू ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखकर विकास के कामों की सूची दी थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि नीतीश जी से आग्रह करूंगा कि वे उनके सुझावों को कार्यान्वित करें। इसमें हम भी सहयोग करेंगे।
 इस अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार को इतनी बड़ी सौगात देने के लिए प्रधानमंत्री का आभार प्रकट किया।

मेरी खामोशी को मेरी कमजोरी न समझें: मुख्यमंत्री

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मुंबई,। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि वह हर तरह के तूफान का सामना कर रहे हैं, जिनमें राजनीतिक तूफान भी शामिल हैं। हालांकि वह इस तूफान पर बाद में बोलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह खामोश हैं, तो उनकी खामोशी को उनकी कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष लगातार मुंबई और महाराष्ट्र की बदनामी कर रहा है, जबकि उनकी सरकार कोरोना से मजबूती से निपट रही है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने रविवार को राज्य की जनता को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार लगातार तूफानों का सामना कर रही है। कोंकण में निसर्ग तूफान हो या कोरोना का संकट, राज्य सरकार इन सबसे मजबूती से निपट रही है। इसी दौरान विपक्ष राजनीतिक तूफान लाने का लगातार प्रयास कर रहा है ।

उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिवसेना इस तरह तूफान का सामना करने में समर्थ रही है लेकिन मैंने इस समय अपने मुंह पर मुख्यमंत्री पद का मास्क लगाया है, इसलिए आज कुछ नहीं बोलूंगा। इस मुद्दे पर बोलेंगे जरूर ,लेकिन आज नहीं, बाद में बोलेंगे। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मराठा आरक्षण के लिए हर तरह का प्रयास कर रही है। इस संबंध उन्होंने परसों नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस से बात करने का प्रयास किया था लेकिन वे बिहार में थे। आज फिर उनकी फडणवीस से बात हुई है। मराठा आरक्षण जब दिया गया था तो उस समय शिवसेना सरकार के साथ थी। उस समय कांग्रेस व राष्ट्रवादी कांग्रेस ने भी इसका समर्थन किया था। इसलिए मराठा आरक्षण भाजपा, शिवसेना, कांग्रेस, राकांपा सहित सभी राजनीतिक दलों की सहमति के साथ एकमत से (बहुमत से नहीं) दिया गया था। पिछली सरकार के समय जो वकील इसकी पैरवी कर रहे थे, वही वकील इसकी अब भी पैरवी कर रहे हैं। इसलिए इस मामले को लेकर जनता किसी भी तरह का आंदोलन न करे, राज्य सरकार इस पर रास्ता निकालने का प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सूबे में 15 सितंबर से मेरा परिवार मेरी जिम्मेदार अभियान शुरू कर रही है। इस अभियान में सभी जनप्रतिनिधि शामिल होकर कोरोना से निपटने का प्रयास करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के नागरिकों को यह समझना जरूरी है कि कोरोना का संकट समाप्त नहीं हुआ है। राज्य सरकार धीरे-धीरे अनलॉक शुरू कर रही है लेकिन लोग कोरोना से बचाव के लिए बनाई गई गाइडलाइन का पालन जारी रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के लिए बेहतर काम कर रही है। किसानों का कर्ज भी माफ किया है।    

Big Breaking: पूर्व केंद्रीय मंत्री और बिहार के दिग्गज नेता डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह का निधन

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रघुवंश प्रसाद सिंह (Raghuvansh Prasad Singh) का इलाज 4 अगस्त से ही दिल्ली स्थित एम्स (AIIMS) में चल रहा था और वो पिछले चार दिनों से वेंटिलेटर पर थे

नई दिल्ली: पूर्व केंद्रीय मंत्री और बिहार के दिग्गज नेता रहे डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह (Raghuvansh Prasad Singh) का आज निधन हो गया. राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव के करीबी रहे नेता ने दिल्ली स्थित AIIMS में अंतिम सांसें ली. बिहार की राजनीति में रघुवंश बाबू के नाम से जाने-पहचाने जाने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री को कुछ दिन पहले ही दिल्ली एम्स में भर्ती किया गया था।

सांस लेने में थी तकलीफ-

पिछले कई दिनों से रघुवंश सिंह की हालत लगातार नाजुक बनी हुई थी। बताया जा रहा था कि उनको सांस लेने में भी दिक्कत हो रही है. दिल्ली के एम्स में इलाजरत रघुवंश बाबू की निगरानी 4 डॉक्टर, ICU में कर रहे थे। रविवार सुबह रघुवंश बाबू के परिवारवालों ने बताया था कि वो अभी भी वेंटिलेटर पर ही हैं और उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। मालूम हो कि रघुवंश प्रसाद सिंह का इलाज 4 अगस्त से ही दिल्ली स्थित एम्स में चल रहा था और वो पिछले चार दिनों से वेंटिलेटर पर थे।

आरजेडी से दिया था इस्तीफा-

मालूम हो कि पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह ने कुछ दिन पहले की आरजेडी से इस्तीफा था। दिल्ली एम्स में भर्ती रघुवंश प्रसाद सिंह ने अपना इस्तीफा एक सामान्य पन्ने पर लिखकर भेजा था। इसमें उन्होंने आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को संबोधित करते हुए लिखा था कि जननायक कर्पूरी ठाकुर के निधन के बाद 32 वर्षों तक आपके पीछे-पीछे खड़ा रहा, लेकिन अब नहीं। पार्टी नेता, कार्यकर्ता और आमजनों ने बड़ा स्नेह दिया। मुझे क्षमा करें।

महागठबंधन के साथ मिलकर बिहार चुनाव लड़ेगा झामुमो

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हेमंत सोरेन और लालू यादव के बीच मुलाकात के बाद बनी सहमति 

उज्ज्वल दुनिया/रांची । आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में अब ज्यादा समय नहीं बचा है। ऐसे में सभी राजनीतिक पार्टियां अपना-अपना गठबंधन मजबूत करने में जुटी हुई हैं। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची के रिम्स जाकर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद से मुलाकात की। लालू प्रसाद रिम्स के केली बंगला में इलाजरत हैं। उनका इलाज रिम्स के पेइंग वार्ड में चल रहा था, लेकिन कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए उन्हें केली बंगला में शिफ्ट किया गया है।

करीब डेढ़ घंटे चली मुलाकात 

लालू प्रसाद और हेमंत सोरेन के बीच करीब डेढ़ घंटे बातचीत हुई। लालू से मिलने के बाद हेमंत बाहर आए और वहां उपस्थित पत्रकारों से बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि बिहार में हम लोग साथ चुनाव लड़ें इसके प्रारूप की तैयारी हो रही है। इसी संबंध में लालू जी से चर्चा करने गया था। आपको बता दें कि झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस और राजद गठबंधन की सरकार है।

सीटों पर फैसला जल्द 

सीएम हेमंत सोरेन ने आगे कहा कि लंबे अंतराल के बाद लालू प्रसाद का स्वास्थ्य का हाल जानने आया था। लालू प्रसाद का स्वास्थ्य पहले से काफी बेहतर है। कहा कि इस मुलाकात में बिहार चुनाव को लेकर राजनीति पर भी चर्चाएं हुई। सीट शेयरिंग के फार्मूले पर कहा कि इसपर उचित फॉर्मेट से मीडिया तक बातें पहुंचाई जाएंगी। लेकिन बिहार चुनाव में जेएमएम महागठबंधन के साथ चुनाव लड़ेगी।

स्वाब टेस्ट लेते वक्त स्लाइड टूट कर गर्भवती महिला के गले में फंसा

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उज्ज्वल दुनिया /बोकारो: बोकारो सदर अस्पताल में कोरोना जांच कराने गई गर्भवती महिला के साथ ऐसी घटना घटी सब हैरान रह गए वहीं महिला की जान पर बन आई। साथ में गए पति भी सहम गए। हुआ यूं कि कोविड जांच के दौरान गर्भवती महिला का स्वाब टेस्ट लेने के लिए स्वास्थ्य कर्मी ने जैसे ही स्लाइड को मुंह के अंदर डाला, स्लाइड टूटकर गले में फंस गया। घटना के बाद हड़कंप की स्थिति बन गई। जबकि को भी जांच कराने के लिए अस्पताल में भारी भीड़ जमा थी। लोक स्वास्थ्य कर्मी पर लापरवाही का आरोप लगा रहे थे। मामले की जानकारी सदर अस्पताल के उपाधीक्षक और सिविल सर्जन को दी गई। डॉक्टरों की टीम आई और सदर अस्पताल में इसके लिए कोई विशेष व्यवस्था नहीं होने के कारण और स्थिति बिगड़ता देख महिला को धनबाद के पीएमसीएच रेफर कर दिया।

महिला को धनबाद रेफर किया गया 


खबरों के अनुसार गर्भवती महिला के 108 एंबुलेंस की व्यवस्था कर धनबाद पीएमसीएच भेजा गया। पीड़ित महिला का कहना है कि गर्भवती होने के कारण उन्हें कॉविड टेस्ट कराने के लिए अस्पताल बुलाया गया था। शुक्रवार को चास से सदर अस्पताल कोविड टेस्ट कराने पहुंची थी। महिला के पति का कहना है कि यह हादसा काफी दुर्भाग्यपूर्ण है। हम कोविड-19 टेस्ट कराने आए थे और इस तरह की घटना घट गई।

स्टिक स्लाइड का अगला भाग टूट कर गले में अटका 

वहीं बोकारो के सिविल सर्जन का कहना है कि इस तरह की ये पहली घटना है। कोविड जांच के लिए स्वाब लेने के लिए स्थास्थ्यकर्मी जैसे ही स्टिक स्लाइड डाला आगे का भाग टूट गया है और गला में फंस गया। ऐसी घटना किसी के साथ भी हो सकती है। उन्होंने कहा कि महिला को पीएमसीएच धनबाद रेफर किया गया है। उन्होंने कहा मामला दुर्भाग्यपूर्ण है टेक्नीशियन की गलती क्या है यह जांच हो रही है।