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दलित विरोधी है हेमंत सरकार, दोषियों का कर रही संरक्षण

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राज्य भर में भूख से हुई मौत की न्यायिक जांच हो


उज्ज्वल दुनिया /रांची । राज्य में हो रहे भूख से मौत और दलितों के ऊपर हो रहे अत्याचार मामले को लेकर रविवार को रांची के भाजपा कार्यालय में भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सह चंदनकियारी विधायक अमर कुमार बाउरी ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया।


उन्होंने कहा कि 6 मार्च को बोकारो जिला के कसमार में भूखल घासी की मौत भूख के कारण हो जाती है। जिसका प्रमाण अखबारों और मीडिया में आई खबरों से मिलता है। मामले को लेकर उस वक्त चल रहे विधानसभा सत्र में भी मुख्यमंत्री का ध्यान इस ओर आकृष्ट करवाया गया था। बावजूद इसके अधिकारियों का दबाव लगातार भूखल घासी के परिजनों पर बनाया जा रहा था। उन्हें कहा जा रहा था कि वे अखबारों और मीडिया में कहे कि भूखल घासी की मौत का कारण बीमारी है। 

भूख से मौत को बीमारी बताने की साजिश 

बाउरी ने  कहा कि इसके ठीक दो महीने के बाद भूखल घासी के बेटे की मौत बीमारी के दौरान हो जाती है और फिर अगस्त महीने में उसकी बेटी की भी मौत भी हो जाती है। तीन मौतों के बाद भूखल घासी के परिवार को तीन सरकारी योजनाओं का लाभ मिलता है। अब स्थिति यह है कि बाकी के बचे परिवार को डर है कि अगर उनके साथ किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना होती है तो सरकार की तरफ से उन्हें कोई मदद नहीं मिलेगी।


अमर कुमार बाउरी ने बताया कि वर्तमान में विधानसभा का मानसून सत्र चल रहा है और सरकार को इस बात का डर है कि कहीं भूखल घासी का मामला विधानसभा में फिर से ना आ जाये इसलिए भूखल घासी के परिवार को बोकारो परिसदन में अतिथि के तौर पर रखा गया है। अब यह तो सरकार ही जाने कि उन्हें बतौर अतिथि रखा गया है या फिर उन्हें हाईजैक करके सरकारी संरक्षण में रखा गया है।

दलितों से अत्याचार के मामले को दबाने की कोशिश में सरकार 

वहीं उन्होंने एससी एसटी एक्ट मामले में दर्ज केस के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि दुमका में रंजीत तुरी ने एससी एसटी एक्ट में केस दर्ज किया। जिसे दबाने के लिए राज्य के मुखिया के भाई जिला के अधिकारियों पर दबाव बनाते नजर आए। और कोई करवाई नही होने दिया। झरिया की लीलू बाउरी ने जब एक अधिकारी पर गाली गलौज का मामला एससी एसटी एक्ट में दर्ज करवाया तो उसके बाद भी उसके इस केस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। 

सरकार अगर लैंड म्युटेशन बिल को विधान सभा मे पेश करेगी तो अब याचना नहीं रण होगा

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उज्ज्वल दुनिया /रांची । भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने लातेहार के चंदवा प्रखंड मुख्यालय के इंदिरा गांधी चौक पर भाजपा के अन्य नेताओं के के साथ झारखंड म्युटेशन एक्ट 2020 की  प्रतियों को जलाया।बाद में चंदवा आईबी में एक प्रेस वार्ता को संबोधित किया और कहा की ऐसी सूचना है कि राज्य सरकार सत्र के अंतिम दिन गरीबों की जमीन की लूट की छूट देने वाले इस बिल को पारित करने का कोशिश करेगी।


प्रतुल ने कहा अगर सरकार ने ऐसा प्रयास किया तो अब याचना नहीं अब रण होगा ।भाजपा सड़क से विधानसभा तक इस बिल के विरोध में सरकार के खिलाफ  कड़ा प्रतिकार करेगी और किसी सूरत में बिल को  पारित नहीं होने देगी। प्रतुल ने कहा की इस बिल के पास हो जाने से झारखंड के आदिवासी और मूल वासियों की जमीन को लूटने वालों भूमि माफिया और भ्रष्ट अधिकारियों को मज़बूत संरक्षण मिलेगा।


प्रतुल ने प्रेस से बात करते हुए बताया की बिल के सेक्शन 22 में स्पष्ट है की भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ किसी भी कार्रवाई को करने के पहले सरकार के द्वारा पहले जांच कराने और फिर अनुमति देने का प्रावधान है। अमूमन ऐसा होता है कि अगर किसी आदिवासी की जमीन को किसी रिवेन्यू अधिकारी ने गलत तरीके से किसी दूसरे व्यक्ति को बंदोबस्त कर दिया है तो उसके खिलाफ मुकदमा चलता है। लेकिन सरकार ने अब अदालतों के संज्ञान लेने की शक्ति को भी अपने पास रख लिया है। राज्य सरकार भ्रष्ट अधिकारियों को दोहरी सुरक्षा देना चाह रही है।


प्रतुल ने कहा की भाजपा सदन से सड़क तक लड़ाई लड़ कर इस गरीब विरोधी सरकार को इस जमीन की लूट की छूट देने वाले बिल को सदन में पेश कर पारित नही करने देगी।
 कार्यक्रम में चंदवा के प्रखंड अध्यक्ष राजकुमार पाठक,श्रवण प्रसाद गुप्ता, शिवकेश्वर यादव,अमित गुप्ता,कुलामन साव, गौरव दुबे,दीपक प्रसाद,बबलू सोनी,मनीष गुप्ता,राहुल शाहदेव,गोपाल शाहदेव, आदि उपस्थित थे।

सरना धर्म कोड की मांग को लेकर आदिवासी संगठन सड़क पर उतरे

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राजधानी समेत अन्य जिलों में मानव श्रृंखला बनायी गयी

रांची: जनगणना में सरना धर्म कोड की व्यवस्था करने की मांग को लेकर विभिन्न आदिवासी संगठनों द्वारा रविवार को राजधानी रांची समेत राज्य के विभिन्न जिलों में मानव श्रृंखला बनाई गई है। राजधानी रांची में भी बड़ी संख्या में जनजातीय समुदाय के लोगों ने मानव श्रृंखला बनाकर प्रदर्शन किया।


इसके अलावा रांची के ओरमांझी में विभिन्न आदिवासी संगठनों द्वारा एनएच-33 फोरलेन पर सरना धर्मकोड की मांग को लेकर मानव श्रृंखला बनाई गई है। झारखंड समेत देशभर के आदिवासी समाज के लोगों द्वारा अरसे से सरना धर्मकोड लागू करने की मांग की जा रही है। झारखंड में सरना धर्म कोड की मांग तेज हो गई है।


झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र से ठीक पहले आदिवासी संगठनों द्वारा जोर-शोर से आवाज उठाई गयी और लोगों से एकजुट होने की अपील की गयी। शहर के विभिन्न हिस्सों में रविवार को बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोगों ने सड़क पर उतर कर अपनी आवाज बुलंद की।
राजधानी एवं आसपास के प्रमुख चौक-चौराहों पर मानव श्रृंखला बनाई है। रांची के बिरसा चौक से लेकर जगरनाथपुर मंदिर मोड़ तक विभिन्न आदिवासी संगठनों ने सरना धर्मकोड की मांग को लेकर मानव श्रृंखला बनाई है। मानव श्रृंखला में कई सामाजिक संगठन के लोग शामिल हैं। बिरसा चौक नगरा टोली, अलबर्ट एक्का चौक, आदि स्थानों पर 11 बजे के बाद से ही लोग जुटने लगे थे। हजारों महिला-पुरुष इसमें शामिल हुए।ओरमांझी में जुलूस निकालकर सरकार से अलग धर्म कोड देने की मांग की। बच्चे, बूढ़े, नौजवान अपने हाथों में झंडा, पोस्टर-बैनर, तख्ती लेकर विभिन्न मोहल्लों से गुजर रहे हैं। केंद्रीय सरना समिति के सदस्य बिरसा चौक पर सरना धर्म कोड को लागू करने की मांग को लेकर मानव श्रृंखला में शामिल हैं।


लोहरदगा, गुमला, खूंटी और सिमडेगा समेत अन्य जिलों में भी आदिवासी समाज के लोगों ने अपनी चिर परिचित मांग सरना धर्म कॉलम की मांग को लेकर मानव श्रृंखला बनाया। मानव श्रृंखला में लोहरदगा जुरिया गांव के प्रबुद्ध जन के साथ-साथ बच्चे महिलाएं भी शामिल हुई। एक स्वर में कहा हमारी मांगे पूरी करनी होगी।


लोगों ने बताया कि आज तक उन्हें छला जाता रहा है। लोगों ने सरना कोड के नाम पर गंदी राजनीति की लेकिन अब और नहीं। हम सब अपना अधिकार लेके रहेंगे। मानव श्रृंखला में बडी संख्या में आदिवासी समाज के लोग शामिल थे।

अभिनेत्री पायल घोष अगर शिकायत करें, तो राष्ट्रीय महिला आयोग करेगा कार्रवाई

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आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा, पायल घोष को मिलेगी हर संभव मदद-

अभिनेत्री पायल घोष ने अनुराग कश्यप पर लगाया यौन शोषण का आरोप 

नई दिल्ली । अभिनेत्री पायल घोष ने निर्देशक और अभिनेता अनुराग कश्यप पर यौन शोषण का आरोप लगाया है। इस बारे में अभिनेत्री पायल घोष ने ट्वीट करके प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से कार्रवाई करने की मांग की है। इस ट्वीट का संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने अभिनेत्री को विस्तृत शिकायत देने को कहा है। रेखा शर्मा ने कहा कि ये एक चौकाने वाली बात है। अभिनेत्री अगर विस्तृत शिकायत करती हैं तो वे इस पर कार्रवाई करेंगी और पुलिस को भी इसकी जांच के लिए निर्देश जारी करेंगी। उन्होंने रविवार को जारी एक बयान में कहा कि महिला आयोग अभिनेत्री पायल घोष के साथ है।

अभिनेत्री पायल घोष ने अनुराग कश्यप को ट्विटर पर टैग करते हुए लिखा है, ‘अनुराग कश्यप ने मेरे साथ जबरदस्ती की। नरेंद्र मोदी जी आपसे अनुरोध है कि इनके खिलाफ कार्रवाई कीजिए ताकि देश को पता चले कि हकीकत क्या है। मुझे पता है कि ये कहना मेरे लिए नुकसानदेह है और मेरी सुरक्षा खतरे में है। कृपया मदद कीजिए।’ पायल ने आरोप लगाया है कि साल 2015 में अनुराग कश्यप ने उनका यौन शोषण किया था।

​अब ​​अंतरिक्ष में होगी​ ​भारत ​की चौथी सेना​

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​बेंगलुरु में ​बनेगी ​अंतरिक्ष युद्ध एजेंसी​, ​​आसमान में ​​होगी ‘अंतरिक्ष कमान​’
भारत ने पिछले साल ​​की थी ‘रक्षा अंतरिक्ष एजेंसी‘ के निर्माण की घोषणा


नई दिल्ली । जमीन से लेकर आसमान और समुद्री सीमाओं के बाद अब भारत ने युद्ध की तैयारियों के लिहाज से अंतरिक्ष में भी खुद को मजबूत करना शुरू कर दिया है। हालांकि अभी तक दुनिया के चार देशों ने ही अंतरिक्ष में अपनी सैन्य शक्तियों को बढ़ाया है जिसमें अमेरिका, रूस और चीन के साथ भारत भी शामिल है। भारत ने चीन से मुकाबला करने के लिए अंतरिक्ष से संचालित होने वाली ‘चौथी सेना’ के लिए एक मजबूत कमांड बनाने के लिए जमीनी कार्य शुरू कर दिया है। बेंगलुरु में बनने वाली अंतरिक्ष युद्ध एजेंसी की निगरानी में इस चौथी सेना की कमान अंतरिक्ष में होगी, जो भारत के अंतरिक्ष आधारित रणनीतिक गियर की देखरेख और देखभाल करेगी। भारत ने पिछले साल ही रक्षा मंत्रालय के एकीकृत रक्षा स्टाफ मुख्यालय के तहत एक विशिष्ट ‘रक्षा अंतरिक्ष एजेंसी‘ के निर्माण की घोषणा की थी।

पिछले साल भारत ने ‘मिशन शक्ति’ का सफलता के साथ प्रदर्शन करके अपनी सैन्य और तकनीकी योग्यता दिखाई है। आज दुनिया भर के आतंकवादी अंतरिक्ष में तैनात संचार प्रणालियों, टोही और निगरानी प्रणालियों पर बहुत अधिक निर्भर हैं। मौजूदा समय में युद्ध क्षेत्र की पारदर्शिता के कारण सैन्य बलों के लिए अंतरिक्ष जनित सेंसर रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इनसे युद्ध परिदृश्य की बेहतर स्थितिजन्य और खुफिया जानकारियां मिलती हैं। इसीलिए अमेरिका, रूस और चीन जैसे देशों में सैन्य संचार, इलेक्ट्रॉनिक खुफिया और इलेक्ट्रो ऑप्टिकल के साथ-साथ रडार उपग्रहों सहित अंतरिक्ष जनित सेंसर बड़े पैमाने पर हैं। अकेले चीनी सेना दर्जनों जासूसी श्रेणी के सेंसरों का संचालन करती है, जिसमें हुंजिंग और योगान श्रृंखला के उपग्रह शामिल हैं।

भारतीय सेना ने पहले अंतरिक्ष में अपनी तैयारियों पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया था लेकिन इधर कुछ वर्षों में अंतरिक्ष बजट बढ़ाने के साथ ही भारत ने भी अपनी अंतरिक्ष आधारित क्षमताओं में पर्याप्त प्रगति की है। भारत ने स्वदेशी नेविगेशन प्रणाली विकसित की है जिसका लाभ वर्तमान में भारतीय रक्षा बलों को मिल रहा है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो), रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) समय-समय पर नई पीढ़ी के अंतरिक्ष जनित डिटेक्टरों का विकास और प्रक्षेपण कर रहा है। इसी क्रम में इसरो ने भारतीय सेना के लिए कई उच्च तकनीकी सैन्य संचार, इलेक्ट्रो-ऑप्टिक और उपग्रहों को लॉन्च किया है। भारतीय सेना अपने हवाई, समुद्री और भूमि आधारित अभियानों में एक दर्जन से अधिक अंतरिक्ष जनित गियरों का उपयोग करने में सक्षम हुई है।

इसरो ने सशस्त्र बलों की उपग्रह आधारित संचार और नेटवर्क केंद्रित ताकत बढ़ाने के लिए जीएसएटी-7 और जीएसएटी-7ए को पृथ्वी की कक्षा में रखा है। मल्टी बैंड जीसैट-7 को रुक्मिणी के रूप में भी जाना जाता है। इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से भारतीय नौसेना करती है। यह पहला ऐसा सैन्य संचार उपग्रह है, जो समुद्री जहाजों और वायुयानों के बीच सटीक वास्तविक समय की जानकारी प्रसारित करता है। नई पीढ़ी के जीसैट-7ए की सहायता से भारतीय वायु सेना अपने हवाई बेड़े, एयरबेस, रडार स्टेशनों के साथ-साथ अवाक्स नेटवर्क को संचालित करती है। इसके अलावा यह भारतीय सेना को भूमि आधारित संचालन के लिए पर्याप्त ट्रांसमिशन तंत्र से लैस करता है। इसके अलावा एक अधिक शक्तिशाली जीसैट-7R वर्ष के अंत तक अंतरिक्ष में भेजा जाना है जो जीसैट-7 को निष्क्रिय कर देगा। 

भारतीय सेना भी निगरानी के लिहाज से अंतरिक्ष के कार्टोसैट और रिसैट श्रृंखला पर बहुत अधिक निर्भर हैं। इसरो ने इनमें से एक दर्जन से अधिक अंतरिक्ष यान को पृथ्वी की कक्षा में डाल दिया है। नौ लॉन्च किए गए कार्टोसैट उपग्रहों में नवीनतम तीसरी पीढ़ी का कार्टोसैट-3 अंतरिक्ष में भारत का सबसे शक्तिशाली इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल पर्यवेक्षक है। यह अत्यधिक फुर्तीला उपग्रह है जो उच्च-रिज़ॉल्यूशन वाले पंचक्रोमाटिक पेलोड से लैस है। इसके जरिये 0.25 मीटर ग्राउंड रिज़ॉल्यूशन की तस्वीरें मिलती हैं जो मौजूदा समय में भारतीय सेना द्वारा संचालित किसी भी रक्षा उपग्रह से बेहतर है। इसरो के नवीनतम लॉन्च रिसैट-2बीआर1 और रिसैट-2बी रडार इमेजिंग जासूस उपग्रह हैं जो रडार का उपयोग करके भारत की भूमि सीमाओं के साथ-साथ सभी मौसमों में समुद्री सीमाओं की 24 घंटे निगरानी करते हैं।

कृषि सुधार विधेयक से किसान होंगे सशक्त: पीएम मोदी

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राज्यसभा में कृषि विधेयक पारित होने पर प्रधानमंत्री ने किसानों को दी बधाई 

नई दिल्ली (हि.स.)। देश में कृषि सुधार के लिए दो महत्वपूर्ण विधेयक, कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक, 2020 और कृषक (सशक्तिकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक, 2020 रविवार को राज्यसभा में पारित कर दिया गया। इस पर खुशी जताते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज के दिन को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने ट्वीट करके कहा कि भारत के कृषि इतिहास में आज एक बड़ा दिन है। संसद में अहम विधेयकों के पारित होने पर अपने परिश्रमी अन्नदाताओं को बधाई देता हूं। यह न केवल कृषि क्षेत्र में आमूल-चूल परिवर्तन लाएगा, बल्कि इससे करोड़ों किसान सशक्त होंगे। 

उन्होंने कहा कि दशकों तक हमारे किसान भाई-बहन कई प्रकार के बंधनों में जकड़े हुए थे और उन्हें बिचौलियों का सामना करना पड़ता था। संसद में पारित विधेयकों से अन्नदाताओं को इन सबसे आजादी मिली है। इससे किसानों की आय दोगुनी करने के प्रयासों को बल मिलेगा और उनकी समृद्धि सुनिश्चित होगी। हमारे कृषि क्षेत्र को आधुनिकतम तकनीक की तत्काल जरूरत है, क्योंकि इससे मेहनतकश किसानों को मदद मिलेगी। अब इन बिलों के पास होने से हमारे किसानों की पहुंच भविष्य की टेक्नोलॉजी तक आसान होगी। इससे न केवल उपज बढ़ेगी, बल्कि बेहतर परिणाम सामने आएंगे। यह एक स्वागत योग्य कदम है। 

विपक्ष के सवालों पर उन्होंने कहा कि मैं पहले भी कह चुका हूं और एक बार फिर कहता हूं कि एमएसपी  की व्यवस्था जारी रहेगी। सरकारी खरीद जारी रहेगी। हम यहां अपने किसानों की सेवा के लिए हैं। हम अन्नदाताओं की सहायता के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे और उनकी आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर जीवन सुनिश्चित करेंगे। 

राज्यसभा के उप

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विधेयक पारित होने के विरोध में विपक्षी दलों के 12 सांसद सदन में ही धरने पर बैठे

नई दिल्ली । संसद में मानसूत्र के सातवें दिन आज रविवार को विपक्ष के हंगामे के बीच कृषि संबंधी दो विधेयक राज्यसभा से पास हो गए। दोनों विधेयक ‘कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक, 2020’ तथा ‘कृषक (सशक्तिकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक, 2020’ उच्च सदन में ध्वनिमत से पास हुए। इसे लेकर विपक्षी सांसदों ने विरोध जताया और उप-सभापति हरिवंश पर नियमों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया। यहीं नहीं विपक्षी दलों के 12 सांसद सदन में ही धरने पर बैठ गए हैं।

दरअसल, कृषि विधेयकों पर चर्चा के बाद जब कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर जवाब दे रहे थे तो विपक्षी दलों के सांसदों ने जोरदार हंगामा किया और विधेयक को प्रवर समिति के पास भेजने की मांग की। इसी दौरान उपसभापति ने राज्यसभा की कार्यवाही को निर्धारित समय दोपहर एक बजे के बाद भी चलाने का फैसला किया जिसके बाद विपक्ष के तमाम विरोधों के बावजूद दोनों विधेयक पारित हो गए। इसी बात को लेकर विपक्षी सांसद उपसभापति पर पक्षपात करने तथा सदन के सारे नियम तोड़ने का आरोप लगाकर उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ले आये। इतना ही नहीं विपक्षी दलों के 12 सांसद सदन में ही धरने पर बैठ गए हैं।

अविश्वास प्रस्ताव को लेकर कांग्रेस सांसद अहमद पटेल ने कहा कि आज का यह दिन इतिहास में ‘काले दिन’ के रूप में दर्ज होगा। उन्होंने कहा कि जिस तरह से ये बिल पारित किए गए हैं, वह लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के खिलाफ और लोकतंत्र की हत्या के रूप में जाने जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्यसभा के उपसभापति के फैसलों को लेकर ही 12 विपक्षी दल उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाये हैं।

कांग्रेस नेता ने कहा कि राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश को लोकतांत्रिक परंपराओं की रक्षा करनी चाहिए लेकिन वो खुद सदन के नियमों को तोड़ते हैं। आज के उनके रवैये ने लोकतांत्रिक परंपराओं और प्रक्रियाओं को नुकसान पहुंचाया है। उनके इस पक्षपातपूर्ण व्यवहार ने ही विपक्ष को ‘अविश्वास प्रस्ताव’ लाने की दहलीज पर खड़ा किया है।

तृणमूल कांग्रेस सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि आज जो हुआ वह लोकतंत्र की हत्या है। विपक्ष के विरोध को साइडलाइन करने के साथ आम लोगों तक हमारा विरोध न पहुंचे, इसलिए राज्यसभा टीवी की फीड तक काट दी गई। सदन के नियमों को ताख पर रखकर विधेयकों पास कराए जा रहे हैं, यह लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के खिलाफ की बात है।

भाजपा के लोकतंत्र बचाओ अभियान के पहले कोलकाता पुलिस ने मंच गिराया

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कोलकाता। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24-परगना जिले में राज्य सरकार के एक कार्यालय के सामने अस्थायी पोडियम (मंच) बनाने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह घटना गुरुवार रात की है। स्थानीय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता प्रतिबंधित क्षेत्र में सब-डिविजनल कार्यालय के बाहर अपनी विरोध रैली के लिए एक मंच बनाने में व्यस्त थे। भाजपा की राज्य इकाई ममता बनर्जी की अगुवाई वाली राज्य सरकार में बढ़ते अत्याचार के विरोध में शुक्रवार को ‘लोकतंत्र बचाओ’ अभियान आयोजित करने वाली थी।

हालांकि सूत्रों के अनुसार, स्थानीय पुलिस ने गुरुवार देर रात वहां जाने के पश्चात कोविड-19 महामारी में दिशानिदेशरें का उल्लंघन करने के आधार पर मंच को गिरा दिया। ऐसे में भाजपा की राज्य ईकाई शुक्रवार को जिलों के हर ब्लॉक में धरना प्रदर्शन और विरोध प्रदर्शन कर रही है।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बोली

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कोलकाता। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक राजनीतिक दल दुर्गा पूजा के बारे में अफवाहें फैला रहा है, अब तक इस पर हमारी कोई बैठक नहीं हुई है। साबित करें कि पश्चिम बंगाल सरकार ने कहा है कि दुर्गा पूजा नहीं होगी, मैं 101 बार लोगों के सामने उठक-बैठक करूंगी।

बेरोजगारों के लिए यूपी में खुशखबरी

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लखनऊ । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 69,000 शिक्षकों की भर्ती मामले में 31,661 पदों पर एक सप्ताह में भर्ती प्रक्रिया पूरा करने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश में शिक्षकों की भर्ती का मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है, इसमें भी न्यायालय ने 31,661 पदों पर भर्ती की छूट दी है। योगी आदित्यनाथ सरकार अब उन्हीं 31,661 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया को एक सप्ताह में पूरी करेगी। इसके बाद के बचे पदों पर भर्ती सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बाद होगी।

राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा सहायक अध्यापकों के 69,000 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए 6 जनवरी, 2019 को टीटीई की परीक्षा कराई गई थी। 7 जनवरी, 2019 को निर्गत शासनादेश द्वारा टीटीई परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए सामान्य वर्ग के लिए न्यूनतम 65 प्रतिशत तथा पिछड़ा वर्ग एवं अन्य आरक्षित वर्गों के लिए न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक निर्धारित किया गया था।

इस शासनादेश के संबंध में कुछ अभ्यर्थियों द्वारा हाईकोर्ट में याचिकाएं दी गई थीं। मुख्य याचिका रामशरण मौर्या बनाम राज्य सरकार व अन्य में हाईकोर्ट द्वारा 29 मार्च, 2020 को शासन के पक्ष में निर्णय दिया गया। विशेष अनुज्ञा याचिका सं-11198-2020 रामशरण मौर्या व अन्य बनाम राज्य सरकार व अन्य में सुप्रीम कोर्ट के 21 मई, 2020 को पारित आदेश में राज्य सरकार को यह निर्देश दिए गए कि शिक्षामित्रों द्वारा धारित सहायक अध्यापकों के पदों को छोड़कर शेष पदों पर भर्ती की प्रक्रिया पूर्ण की जाए। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आदेश दिया है कि 31,661 पदों की भर्ती प्रक्रिया एक सप्ताह में पूर्ण कर लें।

बहुराष्ट्रीय कम्पनियों ने एएमयू के 180 छात्रों को हायर किया

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अलीगढ़। कोरोनावायरस महामारी के बीच अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के 180 छात्रों को कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव के तहत टेक महिंद्रा, बीवाईजेयू, ऑप्टम, चीग इंडिया, डेटा मार्क, एटीजी, हेक्सा व्यू, और टेक रिक्रू जैसी अन्य बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने हायर किया। ट्रेनिंग प्लेसमेंट ऑफिसर (टीपीओ) साद हमीद ने कहा, “हायर किए गए छात्र 6 लाख रुपये से लेकर 10 लाख रुपये प्रति वर्ष के पैकेज पर गए हैं।”

उन्होंने कहा कि प्लेसमेंट के लिए साक्षात्कार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्लेटफार्मो के माध्यम से आयोजित किए गए थे जिसमें 600 छात्रों की स्क्रीनिंग की गई थी।

प्लेसमेंट ड्राइव के संयोजक डॉ जहांगीर आलम ने कहा, “प्लेसमेंट ड्राइव के दूसरे चरण में अधिक बहुराष्ट्रीय कंपनियों के आने की उम्मीद है।

केईआई कंपनी को 60 करोड़ रुपये के भुगतान की जांच हो

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उज्ज्वल दुनिया /रांची। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे, लाल किशोरनाथ शाहदेव और डा राजेश गुप्ता छोटू ने बिजली विभाग और केईआई कंपनी की लापरवाही से पिछले 24 घंटे में देवघर और रांची के ओरमांझी में अलग-अलग हादसों में तीन लोगों की मौत पर गहरी शोक-संवेदना व्यक्त करते हुए मृतक के परिजनों को मुआवजा देने और दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई की मांग की है । 

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक दूबे,किशोर शाहदेव, राजेश गुप्ता ने कहा कि कोरोना काल में राज्य सरकार की ओर से पिछले छह महीने से अधिक समय से ट्रेजरी से  छोटे-छोटे हजारों संवेदकों के बकाया भुगतान पर रोक लगा दी गयी है, लेकिन इस रोक के बावजूद केईआई कंपनी को 60 करोड़ रुपये का भुगतान किस तरह से कर दिया जाता है, यह भी जांच विषय है। 

उन्होंने कहा कि अरबों रुपये की लागत से केबुल बिछाने का काम किया जा रहा है, जिस तरह से पूरे शहर में जगह-जगह गड्ढे खोद कर छोड़ दिये गये है और उसमें बिजली प्रवाहित हो रही है, वह लोगों के लिए खतरनाक साबित हो रही है। उन्होंने इन सारी गड़बड़ियों के लिए पूर्ववर्ती रघुवर दास सरकार को जिम्मेवार ठहराते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकार में ही केबुल बिछाने के लिए बहार की एक असक्षम कंपनी को ठेका दिया गया और उनके कार्यकाल में ही पदस्थापित कुछ अधिकारियों और अभियंताओं द्वारा ही अब इन्हें संरक्षण दिया जा रहा है ।

सहायक पुलिस कर्मियों की तीन मांगें मानने को तैयार हुई हेमंत सरकार

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मंत्री मिथिलेश ठाकुर के साथ हुई सहायक पुलिसकर्मियों की वार्ता

सहायक पुलिसकर्मियों के वेतन वृद्धि, एक्सटेंशन पर सहमति, नियक्ति होने पर आरक्षण में ज्यादा पॉइंट्स देने पर भी सहमति

उज्ज्वल दुनिया/रांची । भारी बवाल और लंबे अंतराल के बाद आखिरकार सरकार के नुमाइंदे के रुप में मंत्री मिथिलेश ठाकुर सहायक पुलिस कर्मियों से मिलने मोराबादी मैदान पहुंचे । उन्होंने वहां मौजूद सहायक पुलिस कर्मियों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी मांगोंपर सहानुभूति पूर्वक विचार कर रही है । नौकरी तो परमानेन्ट नहीं कर सकते लेकिन अनुबंध बढ़ाने, वेतन में बढ़ोतरी पुलिस बहाली में सहायक पुलिस कर्मियों को प्राथमिकता जैसी मांगें मान ली गई है । 

सर, हमलोग सरकार के दुश्मन नहीं,  फिर क्यों पिटवाया ?

वहां मौजूद सहायक पुलिस कर्मियों में से एक ने मंत्री मिथिलेश ठाकुर से कहा कि सर हमलोग पक्का झारखंडी हैं । हमने तो हेमंत सोरेन के बारे में कभी गलत नहीं कहा । फिर हमलोगों को काहे पिटवा दिए ? इसपर मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि जो हो गया सो हो गया । पीछे जाइएगा तो दोनों ओर से शिकवा शिकायत होगी । बैरिकेडिंग के दोनों ओर अपने ही भाई थे । उनके बारे में भी सोचिए । मूल बात ये है कि सरकार ने आपकी तीन मांगें मान ली है । अब जाइए, मिठाई खाइए । 

 भाजपा के नेता भी घायलों से मिलने पहुंचे

भवनाथपुर विधायक भानु प्रताप शाही के नेतृत्व में भाजपा विधायकों का प्रतिनिधिमंडल भी घायल सहायक पुलिस कर्मियों से मिलने पहुंचा । प्रतिनिधिमंडल में शामिल विधायकों ने कहा कि वे सहायक पुलिसकर्मियों पर लाठीचार्ज के मामले को सोमवार को सदन में उठाएंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि जिला पुलिस बल ने महिला सहायक पुलिसकर्मियों पर लाठीचार्ज किया जो निर्मम है। प्रतिनिधिमंडल में भाजपा विधायक भानु प्रताप शाही, अमित मंडल, इंद्रजीत महतो और किशुन दास शामिल थे।

सरकार चाहे तो पुलिसकर्मियो की नियुक्ति नियमावली बदल सकती है 

भवनाथपुर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक भानु प्रताप शाही ने कहा कि जिला पुलिस बल ने महिला सहायक पुलिसकर्मियों पर लाठीचार्ज किया, महिलाओं के छोटे बच्चों को भी चोटें आईं, ये निर्मम है। उन्होंने कहा कि मैं इस मामले को सोमवार को सदन की कार्यवाही के दौरान उठाऊंगा। भानु प्रताप शाही ने कहा कि सहायक पुलिसकर्मियों की नियुक्ति की शर्तों में हर समय बदलाव की गुंजाइश है। सरकार इन बातों को छिपा रही है। हेमंत सोरेन सरकार इन्हें परमानेंट कर सकती है, लेकिन वो ऐसा कर नहीं रही है।

महिलाओं और बच्चों पर लाठी बरसाना गलत – अमित मंडल

गोड्डा विधानसभा सीट से भाजपा के विधायक अमित मंडल मो कहा कि इस मसले पर अब सदन में बात होगी। सहायक पुलिसकर्मियों में महिलाएं भी शामिल हैं जिनके साथ बच्चे-बच्चियां भी हैं। उनपर लाठीचार्ज हो रहा है जो कि गलत है। अमित मंडल ने कहा कि नियमावली में है कि समय-समय पर उनके अनुबंध को बढ़ाया जाएगा। हेमंत सोरेन और उनकी पार्टी ने चुनाव के समय कहा था कि प्रदेश में जो भी अस्थायी या संविदा पर कर्मचारी हैं, सरकार बनने के बाद उन्हें परमानेंट किया जाएगा।

झोलाछाप डॉक्टर के गलत ईलाज के कारण महिला की मौत

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नितेश जायसवाल / उज्ज्वल दुनिया /लातेहार । हेरहंज थाना अंतर्गत इचाक ग्राम में झोलाछाप डॉक्टर के इलाज के कारण महिला की हुई मौत। ग्रामीणों ने बताया कि महिला का इलाज  झोलाछाप डॉक्टर सुमित यादव के द्वारा किया जा रहा था । रीता देवी का इलाज लगभग 15 -20  दिनों से वही झोला छाप डॉक्टर कर रहा था । इसी ईलाज के कारण रीता देवी की मौत हो गई जिसके बाद परिजनों के द्वारा इस मामले में लेन देन करके दबाने का प्रयास किया जा रहा हैं। 

लातेहार जिले में झोला छाप डॉक्टरोंकी भरमार 

बताते चलें कि हेरहंज प्रखण्ड में कई ऐसे झोलाछाप डॉक्टर हैं जिनके पास कोई भी कागज न होते हुए भी खुलेआम फर्जी क्लीनिक में दवा रख कर चला रहे हैं और कई ऐसे झोलाछाप डॉक्टर हैं जो बाइक में बैग टांगकर कर ग्रामीण इलाकों में घूम कर इलाज करते हैं।जिससे आये दिन लोगों की मौत होते रहती हैं।

इसके पहले भी हेरहंज प्रखण्ड में ऐसा ही मामला आया था जिसके बाद  विक्रम शर्मा का क्लीनिक सील करने का आदेश मिला था लेकिन स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत से सिर्फ कुछ दिन क्लीनिक बन्द होने के बाद विक्रम शर्मा हेरहंज प्रखण्ड में क्लीनिक व इलाज करते नजर आ रहे हैं। यही नही बहुत ऐसे भी झोला झाप डॉक्टर हैं जो पारा शिक्षक भी हैं घर से स्कुल के नाम पर निकलते हैं और विद्यालय के आस-पास ग्रामीण इलाकों में अपना निजी प्रेक्टिस भी करते नजर आते हैं। प्रखण्ड क्षेत्र में ऐसे दर्जनों की संख्या में झोलाछाप व फर्जी डॉक्टर क्लिनिक व ग्रामीण क्षेत्र व देहातों में घूमकर इलाज करते नजर आ रहे हैं। इलाज करते हैं और मनमाना वसूली भी करते हैं। अगर किसी गरीब बीमार पड़ जाए तो उसे भहला फुसला कर रखते हैं की हम ठीक कर देंगें ठीक होने के बाद बकरी मुर्गा लेकर पैसा लूट लेते हैं।

क्या कहते हैं सीएस ?

लातेहार सीएस से पूछे जाने पर उन्होंने बतायाइस मामले में सीएस सन्तोष कुमार श्रीवास्तव से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि लातेहार सीएस का तबादला हो जाने के बाद मुझे सीएस का पदभार मिला था लेकिन कोरोना के कारण अब तक पूरी तरह से पदभार नहीं लिए हैं अगर क्षेत्र में अवैध क्लीनिक चला रहे हैं या  व झोलाछाप डॉक्टर ईलाज कर रहे हैं तो इनलोंगो पर जांच कर करवाई की जाएगी।

फीस न भरने पर स्कूल से कटा शिक्षा मंत्री के नतिनी का नाम , पैसे जमा किए तब सुलझा मामला

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उज्ज्वल दुनिया/बोकारो । कोरोना काल में स्कूल नहीं तो शुल्क नही जैसी बातों का झंडा बुलंद करने वाले झारखंड के स्कूली शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो को अब निजी स्कूलों और बच्चों के अभिभावकों की समस्या पूरी तरह समझ में आ गई है। ऐसा तब हुआ जब शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो को इस बात की सूचना मिली कि उनकी नतिनी रिया जो कि चास डीपीएस की छात्रा है उसका नाम ऑनलाइन से विद्यालय ने ऑफ लाइन कर दिया है। 

सूचना मिलने पर शनिवार को जगरनाथ महतो  डीपीएस चास पहुंचे। उन्होंने स्कूल के काउंटर पर खड़ा होकर नतिनी का अप्रैल से सितंबर 2020 तक प्रत्येक महीने  के 3,800 रुपए के हिसाब से 22,800 रुपए शिक्षण शुल्क जमा किया। इसके बाद उन्होंने स्कूल की प्रभारी प्राचार्य शैलजा जय कुमार से नतिनी के नाम काटने से संबंधित जानकारी हासिल की। प्रभारी प्राचार्य ने उनकी नतिनी का नाम काटने से इनकार किया। इसके पश्चात मंत्री वहां से निकल गए।