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बिहार में 3 चरणों में होगा मतदान, 10 नवम्बर को आएंगे नतीजे

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उज्ज्वल दुनिया/नई दिल्ली, 26 सितम्बर (हि.स.)। चुनाव आयोग ने शुक्रवार को बिहार विधानसभा चुनावों से जुड़े मतदान कार्यक्रम की घोषणा कर दी। बिहार में तीन चरणों में मतदान होगा और 10 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।

दिल्ली के विज्ञान भवन में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने बताया कि बिहार में तीन चरणों में मतदान होगा। पहले चरण में 16 जिलों की 71 वामपंथी उग्रवाद प्रभावित विधानसभा सीटों पर मतदान होगा। इसके लिए 31 हजार पोलिंग स्टेशन बनाए गये हैं। दूसरे चरण में 17 जिलों की 94 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा। इसके लिए 42 हजार पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं। तीसरे चरण में 15 जिलों की 78 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा। 10 जिलों में दो चरण में मतदान होगा।

उन्होंने बताया कि बिहार में 29 नवम्बर को बिहार विधानसभा का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। विधानसभा की कुल 243 सीटे हैं, जिनमें से 38 अनुसूचित जाति और 2 अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। इस बार वाम उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों को छोड़कर सभी विधानसभा सीटों पर एक घंटे ज्यादा सुबह 7 बजे से 6 बजे शाम तक मतदान होगा।

पहले चरण की अधिसूचना 1 अक्टूबर को जारी होगी। नामांकन 8 अक्टूबर कर सकते हैं, 9 अक्टूबर को जांच होगी। 12 अक्टूबर तक नाम वापस ले सकते हैं। मतदान 28 अक्टूबर को होगा। दूसरे चरण की अधिसूचना 9 अक्टूबर को जारी होगी। नामांकन 16 अक्टूबर तक कर सकते हैं। नामांकन की 17 अक्टूबर को जांच होगी। 19  अक्टूबर तक नाम वापस ले सकते हैं। मतदान 3 नवम्बर को होगा। तीसरे चरण की अधिसूचना 13 अक्टूबर को जारी होगी। नामांकन 20 अक्टूबर कर सकते हैं। नामांकन की जांच 21 अक्टूबर को होगी। 23 अक्टूबर तक नाम वापस ले सकते हैं। मतदान 7 नवम्बर को होगा। सभी सीटों के लिए 10 नवम्बर को नतीजे आएंगे।

एएमयू के छात्रों ने की सीएए के खिलाफ प्रदर्शनों

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अलीगढ़ । अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के छात्रों ने राज्य की पुलिस से मांग की है कि 15 दिसंबर को नागरिकता संसोधन कानून (सीएए) विरोधी प्रदर्शन और हिंसा की फिर से जांच करें और ‘निर्दोष’ लोगों पर लगे मामलों को खत्म करें। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार अब्दुल हामिद के नेतृत्व में छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को आगरा के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) अजय आनंद को ज्ञापन सौंपा। एडीजी आनंद ने उन्हें आश्वासन दिया है कि वे उनकी मांगों पर गौर करेंगे।

ज्ञापन में कहा गया, “घटना के बाद पुलिस द्वारा मोटरसाइकिलों की बरामदगी के आधार पर छात्रों के खिलाफ मामले दर्ज नहीं करना चाहिए क्योंकि उनमें से कई निर्दोष हैं। लिहाजा मामले की फिर से जांच करने के बाद ही आरोप लगाए जाने चाहिए।”

साथ ही कहा गया है कि जिन छात्रों का आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, उन्हें ‘राजनीति से प्रेरित’ इस घटना के लिए दंडित नहीं किया जाना चाहिए।

ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि छात्रों के खिलाफ पुलिस बल का उपयोग करने को लेकर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

वामो और कांग्रेस ने कहा

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कोलकाता, राज्य ब्यूरो।  माकपा की अगुआई वाली वाममोर्चा और कांग्रेस ने संसद में पारित कृषि विधेयक को ‘किसान विरोधी और श्रमिक विरोधी’’ करार देते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को इसपर चर्चा के लिए राज्य विधानसभा में विशेष सत्र बुलाने को कहा है।

विपक्ष के नेता अब्दुल मन्नान और वामो विधायक दल के नेता सुजन चक्रवर्ती ने मुख्यमंत्री को लिखे संयुक्त पत्र में कहा कि वे जनहित में इन मुद्दों पर विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस द्वारा लाए जाने वाले किसी भी प्रस्ताव का हिस्सा बनने को तैयार हैं।

पत्र में कहा गया है-‘वर्तमान परिस्थितियों में केंद्र सरकार के विनाशकारी कदम के खिलाफ तत्काल कोई प्रस्ताव स्वीकार किया जाना अत्यावश्यक है। संसद में मानसून सत्र के दौरान जिस तरह से किसान विरोधी और श्रमिक विरोधी विधेयक पारित किए गए, वह असंसदीय, अलोकतांत्रिक और देश के लिए अत्यंत खतरनाक है।’

पत्र में मांग की गई कि मुख्यमंत्री को संसद से पारित विधेयकों पर चर्चा के लिए राज्य विधानसभा का विशेष सत्र बुलाना चाहिए।

कोवैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल को योगी ने दी मंजूरी

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लखनऊ । कोरोनावायरस के बढ़ते प्रकोप को रोकने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में कोवैक्सीन का मानव परीक्षण लखनऊ और गोरखपुर में किये जाने की इजाजत मुख्यमंत्री योगी ने दे दी है। भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड के तीसरे चरण का क्लीनिकल ट्रायल उत्तर प्रदेश के इन दो शहरों में करने को लेकर मंजूरी दी गई है। इसके लिए संजय गांधी पीजीआई के निदेशक डॉ. आर.के. धीमन को लखनऊ का नोडल अधिकारी और बीआरडी मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. गणेश कुमार को गोरखपुर का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। यह लोग भारत बॉयोटेक के वैज्ञानिक नोडल अधिकारियों के सहयोग से वैक्सीन का क्लीनकल ट्रायल करेंगे।

अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने इसका आदेश जारी कर दिया है। कोरोना वायरस के प्रकोप से बचने के लिए वैक्सीन बनायी जा रही है। कोवैक्सीन की क्षमता व सुरक्षा का पता लगाने के लिए यह ट्रायल होगा। मानव पर होने वाला यह तीसरे चरण का प्रयोग संवेदनशील होता है। कंपनी इस महीने के अंत या फि र अक्टूबर के पहले सप्ताह में तीसरे चरण का ट्रायल शुरू कर सकती है।

भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड ने भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) व राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआइवी) के साथ मिलकर यह पहला स्वदेशी टीका कोवैक्सीन तैयार कर रहा है। फि लहाल दो चरण के ट्रायल किए जा चुके हैं। अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि तीसरे चरण का ट्रायल यूपी में लखनऊ व गोरखपुर में करने को मंजूरी दी गई है। इसमें इन दो संस्थानों के साथ-साथ और लोगों पर भी इसका परीक्षा किया जाएगा।

विशेषज्ञों के अनुसार वैक्सीन के तीसरे चरण में देखा जाता है कि लोगों की बीमारी के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता विकसित हुई है या नहीं। इसका कोई दुष्परिणाम तो नहीं हो रहा है। टीका कोवैक्सीन के ट्रायल के तहत कोरोना के फ्रंट लाइन वर्कर व अन्य अलग-अलग उम्र के लोगों को टीका लगाया जाता है। टीका लगाने से पहले एंटीबाडी चेक की जाती है, अगर एंटीबाडी शून्य है तो टीका लगाया जाता है। फि र दोबारा खून के नमूने की जांच होती है, अगर एंटीबाडी बन रही है तो टीका काम कर रहा है।

छोटे किसानों का 2 हजार करोड़ रुपये का कर्ज माफ करेगी हेमंत सरकार

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हम केन्द्र के भरोसे सत्ता में नहीं आए, केन्द्र सरकार मदद करती है तो ठीक, वरना हम अपना रास्ता जानते हैं 

उज्ज्वल दुनिया/रांची: झारखंड में हेमंत सरकार का फोकस अब मुख्य रुप से कृषि विभाग पर है. मुख्यमंत्री ने कहा, जो भी लोग कृषि पर निर्भर हैं उन सभी किसान को कैसे अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए राज्य सरकार कृषि योजना बना रही है. राज्य सरकार का मानना है कि झारखंड में अधिकतर लोग कृषि पर निर्भर करते हैं, किसान को राज्य सरकार ने पुरजोर तरीके से फोकस किया है.कृषि से जुड़ी सभी योजना अंतिम चरण में है.

इसी वित्तीय वर्ष में होगा कर्ज माफी का ऐलान- कृषि मंत्री 

झारखंड के कृषि मंत्री ने साथ ही बताया कि किसान का दो हजार करोड़ की ऋण माफी इसी वित्तीय वर्ष में राज्य सरकार करेगी. कृषि मंत्री की मानें तो कृषि क्षेत्र को लेकर महत्वपूर्ण बैठकें होगी, आने वाले दिन में झारखंड के किसान को खुशी का भरोसा दिलाया है ।

हम केन्द्र सरकार के भरोसे सत्ता में नहीं आए 

वहीं, केंद्र सरकार की कृषि नीति पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि आनन फानन में केंद्र ने जिस तरह से किसान विरोधी को पास कराया है ,लगता है जन मुद्दों से हट कर किसी घराने के हित में सरकार काम कर रही है. साथ ही उन्होंने कहा है कि, आने वाले दिनों में केंद्र का सहयोग मिलता है तो ठीक है. नहीं तो हम उनके भरोसे सत्ता में नहीं आए हैं. हम अपने संसाधन से, हो सकता है कुछ हार्ड डिसीजन लेने पड़ सकते हैं  रेवेन्यू क्रिएट करने के लिए लेकिन अंतिम पंक्ति के लोगों को उनका वाजिब सम्मान देने में कोताही नहीं करेंगे

देश के 86 फीसदी किसानों के पास 5 एकड़ से कम जमीन, उन्हें कार्पोरेट के हाथों सौप रही मोदी सरकार

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उज्ज्वल दुनिया /रांची । प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी आरपीएन सिंह ने कहा कि मोदी सरकार किसान विरोधी और विकास विरोधी है। इस सरकार ने किसानों से संबंधित जो तीन बिल लाए हैं, इससे किसान तो बर्बाद होंगे ही बेरोजगारी भी बढ़ेगी। किसान अपने ही खेत में मजदूर बनकर रह जाएंगे। आरपीएन सिंह गुरुवार को दिल्ली से ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रांची के पत्रकारों के साथ बात कर रहे थे।

दोबारा जमींदरी प्रथा लागू करने की फिराक में मोदी सरकार 

उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी ने किसानों की गरीबी समाप्त करने के लिए जिस हरित क्रांति की शुरुआत की थी। भाजपा ने लोकसभा और राज्यसभा में काला कानून पास कर इसे समाप्त करने का प्रयास किया है। देशभर के किसान इसका जबरदस्त विरोध कर रहे हैं और सड़कों पर उतर आए हैं। कांग्रेस इन किसानों के साथ है और आगे भी इनके ही साथ रहेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस समझती थी कि भाजपा किसानों की जिम्मेदारी समझेगी लेकिन भाजपा ने जिम्मेदारी ना दिखा कर जमींदारी प्रथा लागू करने का प्रयास किया है। इसे सफल नहीं होने दिया जाएगा।

छोटे किसानों की खेतों पर होगा कार्पोरेट और पूंजीपतियों का कब्जा 

आरपीएन सिंह ने कहा कि देशभर में 86 फीसदी किसान ऐसे हैं, जिनके पास पांच एकड़ से कम जमीन है। जबकि 60 फीसदी ऐसे किसान हैं, जिनके पास दो एकड़ से कम जमीन है। अब ऐसे लोग अपने खेत का अनाज कहां बेचने जाएंगे। तब पूर्व की जमींदारों की तरफ उनके खेत और अनाज पर कारपोरेट घराने का कब्जा हो जाएगा। बिहार का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां इस तरह की व्यवस्था 2006 में एनडीए सरकार ने लागू किया था और वहां इससे कोई परिवर्तन नहीं आया बल्कि किसानों का अनाज बिचौलिए ही खरीद रहे हैं।

62 करोड़ किसान और मजदूरों पर क्रूर हमला 

आरपीएन सिंह ने कहा कि मोदी सरकार ने तीन काले कानूनों के माध्यम से किसान, खेत-मजदूर, छोटे दुकानदार, मंडी मजदूर व कर्मचारियों की आजीविका पर एक क्रूर हमला बोला है। यह किसान, खेत और खलिहान के खिलाफ एक घिनौना षड़यंत्र है। देश के अन्नदाता व भाग्यविधाता किसान तथा खेत मजदूर की मेहनत को चंद पूंजीपतियों के हाथों गिरवी रखने का षड़यंत्र किया जा रहा है। देश भर में 62 करोड़ किसान-मजदूर व 250 से अधिक किसान संगठन इन काले कानूनों के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व उनकी सरकार सब ऐतराज दरकिनार कर देश को बरगला रहे हैं।

विस्थापितों के लिए नहीं, आजसू ने खुद के स्वार्थ के लिए करवायी थी भूख हड़ताल

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उज्ज्वल दुनिया/रामगढ़ । पतरातू प्रखंड के अंतर्गत पीवीयूएनएल के विरोध में 8 दिनों से भूख हड़ताल विस्थापित एवं प्रभावित संघर्ष मोर्चा के द्वारा किया गया था। कल अंचल कार्यालय में त्रिपक्षीय वार्ता संपन्न हुई पर विस्थापितों और प्रभावितों के समस्यायों के समाधान हेतु कोई निष्कर्ष निकला। यह मोर्चा के आजसू के छिपे एजेंडा को दर्शाता है। मोर्चा ने 25 गांव के विस्थापितों और प्रभावितों को ठगा है।

मोर्चा ने पार्टी विशेष के स्वार्थ में विस्थापितों को ठगा

विधायक अंबा प्रसाद ने बताया कि मोर्चा और आजसू के लोगों ने विस्थापितों के लिए नहीं अपने खर्च के लिए भोली भाली जनता को 8 दिनों तक भूखे रखा ताकि इनकी खुद की स्वार्थ की पूर्ति हो सके। विधायक ने बताया कि उनकी पतरातु में विस्थापितों से मुलाकात से घबराकर इन लोगों ने आनन-फानन में प्रबंधन के साथ मिलकर कर विस्थापितों के साथ बहुत बड़ा विश्वासघात और धोखा देने का काम किया है।

षडयंत्र के पीछे हैं आजसू के रौशनलाल चौधरी – अंबा प्रसाद 

अंबा प्रसाद ने कहा कि विस्थापित प्रभावित जिसके लिए भूख हड़ताल किए उसके निराकरण के लिए अंचल के स्तर पर बैठक करा कर आजसू और मोर्चा ने अपना एजेंडा पूरा होने के बाद पल्ला झाड़ लिया।
यह लोग कभी विस्थापितों के लिए काम नहीं किए हैं, और ना ही करेंगे। विस्थापित ग्रामीण अब इन लोगों को समझ चुके हैं और अब इनकी बातों में आने वाले नहीं हैं।
इस सारे षड्यंत्र के नेतृत्व में आजसू के रोशन लाल चौधरी है जो कि विस्थापितों को ठगने में लगे हुए हैं और इनके भाई पूर्व में मंत्री रहते हुए पीटीपीएस को बेचने का काम किए थे। 

आजसू गुंडागर्दी और धमकी देना बंद करें- अंबा प्रसाद

विधायक अंबा प्रसाद ने बताया कि आजसू की तरफ से विस्थापित मोर्चा के अध्यक्ष हमारे समर्थकों को धमकी दे रहे हैं कि तुम लोगों को पतरातू घुसने नहीं देंगे जो कि दर्शाता है कि यह लोग अब गुंडागर्दी पर भी उतर गए हैं लेकिन मैं बता देना चाहती हूं कि हमारे सरकार में अराजकता फैलाने वालों की कोई जगह नहीं है और अब इन लोगों का गुंडागर्दी नहीं चलने दी जायेगी।

साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए डीजीपी ने की उच्चस्तरीय बैठक

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उज्ज्वल दुनिया/रांची: देश में साइबर अपराध से जुड़े ज्यादातर मामलों के तार झारखंड के जामताड़ा, देवघर, गिरिडीह, गोड्डा और दुमका जिले से पाये जाते हैं, ऐसे मामलों पर अंकुश लगाने के लिए झारखंड पुलिस ने अब प्रभावी और सख्त रणनीति के तहत काम करने का निर्णय लिया है। इसके तहत पिछले पांच वर्षों के दौरान साइबर अपराध से जुड़े केस हिस्ट्री की विशेषज्ञ समीक्षा करेंगे और फिर इस तरह की घटनाओं में जुड़े अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए समन्वय बनाकर काम किया जाएगा। इसी क्रम में झारखंड के पुलिस महानिदेशक एमवी राव ने गुरुवार को सभी जिलों में पिछले पांच वर्षों में घटित साइबर अपराध से संबंधित आंकड़े और लंबित मामलों के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

सभी जिलों के एसपी और वरीय अधिकारियों से की बात

एमवी राव रांची स्थित पुलिस मुख्यालय से वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से सभी जिलों के वरीय पुलिस अधीक्षकों, पुलिस अधीक्षकों और क्षेत्रीय पुलिस उपमहानिरीक्षकों के साथ बैठक में वर्षवार गिरफ्तार साइबर अपराधियों, विभिन्न कांडों में दर्ज प्राथमिकी में वर्णित मोबाईल नंबर और गिरफ्तार साइबर अपराधियों से बरामद सिमकार्ड धारकों के नाम-पता का सत्यापन, फर्जी कागजातों के आधार पर निर्गत सिमकार्ड विक्रेताओं एवं सर्विस प्रोवाईडरों के विरूद्ध की गई कार्रवाई के बारे में भी विस्तार से जानकारी मांगी है।

निष्पादित मामलों की मांगी रिपोर्ट 

इसके अलावा राज्य के बाहर घटित साईबर अपराधों में जिले के साईबर अपराधियों की संलिप्तता सहित झारखण्ड ऑनलाइन इन्वेस्टिगेशन को-ऑपरेशन रिक्वेस्ट प्लेटफॉर्म में प्राप्त अनुरोधों की संख्या के विरूद्ध निष्पादित मामलों की रिपोर्ट मांगी है।

साथ ही साइबर अपराध के लंबित मामले और वर्ष 2016 से अब तक के सजा प्राप्त साइबर अपराधियों की संख्या के बारे में भी जानकारी मांगी है। उन्होंने साईबर अपराध को नियंत्रित करने तथा साइबर अपराधियों के विरूद्ध कार्रवाई करने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिये।

कौन-कौन थे मौजूद 

इस बैठक के दौरान अपराध अनुसंधान विभाग के अपर पुलिस महानिदेशक अनिल पालटा, पुलिस महानिरीक्षक, मानवाधिकार नवीन कुमार सिंह, पुलिस महानिरीक्षक अभियान साकेत कुमार सिंह, पुलिस उप-महानिरीक्षक अंजनी कुमार झा और पुलिस अधीक्षक अपराध अनुसंधान विभाग अखिलेश झा समेत अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

सिस्टम पर भारी इटखोरी थाना प्रभारी

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सोशल मीडिया पर जारी वीडियो बता रही कई कहानी, होमगार्ड जवान ने लगाए गंभीर आरोप,

कहा-चोरी की घटना की शिकायत करने पर आवेदन फाड़ कर मुंह पर फेंका, कही अपमानजनक बातें

तत्कालीन एसपी से शिकायत करने पर उल्टा केस करने की धमकी देकर करवाया था समझौता

एसपी से की कार्रवाई की मांग, डीजीपी-सीएम को किया ट्वीट

अजय निराला /  उज्ज्वल दुनिया संवाददाता/ हजारीबाग। बीते कुछ महीनों से चतरा पुलिस के कारनामे लगातार सामने आ रहे हैं। इसी क्रम में एक नया गंभीर मामला प्रकाश में आया है जिससे एक दारोगा के कारण पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा हो रहा है ।होटल संचालक भाइयों को पकड़कर बुरी तरह पीटने, रातभर थाने में रख सुबह पैसा लेकर छोड़ने के बाद पीड़ित भाइयों के एसपी से न्याय की मांग करने पर बदले में थानेदार सचिन कुमार द्वारा केस कर जेल भेज देने के मामले में के बाद सचिन कुमार का एक नया कारनामा सामने आया है । 

होमगार्ड के जवान आशीष प्रसाद के सिग्नेचर में टाइपिंग आवेदन सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है । इसमें कहा गया है कि होमगार्ड के जवान के किराए के घर मे चोरी की सूचना दिए जाने पर थानेदार सचिन कुमार में आवेदन फाड़ कर मुंह मे फेंक दिया और अपमानजनक बात कहा..तत्कालीन एसपी से शिकायत करने पर उल्टा केस करने की धमकी देकर समझौता कराने का गंभीर आरोप लिखा गया है। वर्तमान एसपी से जांच कर कार्रवाई की मांग करते हुए ट्वीट कर डीजीपी, सीएम को भी जानकारी दी गई है।

इन दोनों प्रकरणों से पुलिस विभाग पर सवाल उठता है कि थानेदार की शिकायत एसपी से करने के बाद पीड़ित को न्याय तो नही मिलता शिकायतकर्ता को दारोगा सचिन कुमार का कहर झेलना पड़ता है। क्या सचिन कुमार सिस्टम और वरीय अधिकारियों पर भारी है या वरीय अधिकारी सचिन कुमार पर हाथ डालने से घबराते हैं या खुली मनमानी की खुली छूट दे रखे हैं ?नए प्रकरण पर परिणाम चाहे जो हो लेकिन सचिन कुमार के मामले पर पूरे सिस्टम पर सवालिया निशान जरूर उठ रहा है।

क्या कहते हैं थाना प्रभारी

इस संबंध में पूछे जाने पर इटखोरी थाना प्रभारी सचिन कुमार ने कहा कि यह पुराना मामला है। इसमें मामला दर्ज किया गया है। गृहरक्षक का आरोप गलत है। ऐसी कोई बात नहीं है।

पोरबंदर के पास नाव पर पाकिस्तान ने की 4 राउंड फायरिंग

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एक मछुआरा घायल, 3 अन्य गोलियां पानी में चली गईं

उज्ज्वल दुनिया/ अहमदाबाद, 25 सितम्बर (हि.स.)। पाकिस्तान जमीनी सीमा पर अपने कारनामों से बाज नहीं आ रहा है। अब उसने अंतर्राष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा पर भारतीय जलक्षेत्र में एक नाव पर 4 राउंड फायरिंग की है। इस गोलीबारी में एक मछुआरा घायल हो गया, जबकि 3 अन्य गोलियां पानी में चली गईं। पाकिस्तानी नावों से की गई इस गोलीबारी से भारतीय मछुआरों में भय व्याप्त है।

पाकिस्तानी गोलीबारी से भारतीय मछुआरो में भय

पोरबंदर के चार भारतीय मछुआरे अपनी नाव के साथ अंतर्राष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा की तरफ गए थे। वे सभी भारतीय जलक्षेत्र में ही मछली पकड़ रहे थे लेकिन पाकिस्तान समुद्री सुरक्षा एजेंसी के कर्मियों ने समुद्री सीमा के पास एक एक नाव पर 4 राउंड फायरिंग की। इस दौरान नाव का टंडेल धीरूभाई बंभानिया घायल हो गया। एक गोली टंडेल के हाथ में लगी है जबकि 3 गोलियां पानी में जा गिरीं। वर्तमान में यह नाव वापस पोरबंदर तक पहुंच गई है लेकिन  नाव पर सवार मछुआरों के बीच भय का माहौल है।

रघुवर सरकार के दौरान 53 हजार करोड़ कहां खर्च हुए, नहीं बता रहे विभाग

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उज्ज्वल दुनिया /रांची । झारखंड सरकार के विभिन्न विभाग पूर्व की रघुवर सरकार के दौरान हुए 53 हजार 379 करोड़ रुपए का हिसाब नहीं दे रहे हैं। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। सीएजी ने इस राशि की धोखाधड़ी की आशंका जताई है। इसलिए समय-सीमा निर्धारित कर इसके तहत उपयोगिता प्रमाण-पत्र जमा नहीं करने वाले विभागों और निकायों का अनुदान रोकने की अनुशंसा की गई है।

वित्तीय वर्ष 2019 के लिए जारी सीएजी के लेखा परीक्षा प्रतिवेदन में 12 महीने में सभी बकाया उपयोगिता प्रमाण-पत्रों को उपलब्ध कराने की ताकीद की गई है। बकाया उपय़ोगिता प्रमाण-पत्रों का बड़ा हिस्सा पांच विभागों का है। इसके तहत शहरी विकास विभाग के पास 12 हजार 232 करोड़ 71 लाख, मानव संसाधन विकास विभाग के पास 11 हजार 781 करोड़ 58 लाख, कल्याण विभाग के पास कुल चार हजार 772 करोड़ 79 लाख, कल्याण विभाग के पास दो हजार 71 करोड़ 84 लाख, कृषि, पशुपालन और सहकारिता विभाग के पास एक हजार 250 करोड़ 65 लाख का उपयोगिता प्रमाण-पत्र बकाया है। केवल वर्ष 2018-19 में कुल 19 हजार 545 करोड़ 33 लाख रुपए का उपयोगिता प्रमाण-पत्र बकाया हो गया है।

मजदूरों के कल्याण में नहीं दिए 473 करोड़ 

मजदूरों के कल्याण के नाम पर ठेकेदारों से वसूले गए सेस के 473 करोड़ 48 लाख रुपए खर्च नहीं किए गए। श्रम विभाग ने मजदूरों के कल्याण की 22 योजनाएं ही बंद कर दी। इस कारण धन का उपयोग नहीं हो सका। इस कारण मजदूरों के कल्याण के नाम पर वसूली गई यह राशि झारखंड भवन और अन्य निर्माण कल्याण बोर्ड को नहीं दी जा सकी।

विकास का 20 हजार करोड़ नहीं खर्च कर पाए विभाग 

सीएजी की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2018-19 में राज्य सरकार के सभी विभाग मिलकर विकास के लिए मिले अनुदानों में 20 हजार 223 करोड़ रुपया नहीं खर्च कर पाए। इस कारण कल्याणकारी योजनाओं और विकास परियोजना में संरचनागत प्रबंधन का महत्वपूर्ण लक्ष्य नहीं पूरा किया जा सका। पशुपालन य़ोजनाओं में अनुदान की 56 फीसदी और सहकारिता य़ोजनाओं की 62.5 फीसदी राशि खर्च नहीं की जा सकी। नागरिक उड्डयन के विस्तार के लिए मिली राशि में से 89.10 फीसदी नहीं खर्च की जा सकी।

खूँटी में नक्सलियों ने की पोस्टरबाजी, दहशत

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उज्ज्वल दुनिया /खूंटी: नक्सली संगठन भाकपा माओवादी ने गांव से लेकर शहर के बीचों-बीच पोस्टरबाजी कर खूंटी पुलिस को खुली चुनौती देने का काम किया है । खूंटी के अलावा अड़की थाना अंतर्गत नौढ़ी, पुरनाडीह, बुधुडीह समेत आसपास के गांव और सड़कों पर पोस्टरबाजी हुई है ।

व्यवसाइयों और आम लोगों में चर्चा 

पोस्टरबाजी से शहरवासियों में नक्सली खौफ झलक रहा है । शहर के व्यवसाई भी डरे सहमे हैं और आपस में चर्चा कर रहे हैं । व्यवसायी खुद को अब असुरक्षित महसूस करने लगे हैं, क्योंकि पिछले दो महीनों के भीतर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पोस्टरबाजी की घटना हुई है । नक्सलियों ने पोस्टरबाजी कर बताया है कि किसानों की जमीन पर जबरन अधिग्रहण कर डैम, नहर निर्माण, खाद्यह्न फैक्ट्री बनाने के सरकारी साजिश के खिलाफ जनता एकजुट होकर आंदोलन करें । पीएलएफआई/एसपीओ को भगाने के लिए जनता पीएलजीए में भर्ती हो जाए ।

क्या कहते हैं एसपी ?

शहर में नक्सलियों की पोस्टरबाजी से पुलिस पर सवाल उठ रहा है । एसपी आशुतोष शेखर ने बताया कि पोस्टर को जब्त कर लिया गया है और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया गया है ।

कृषि सुधार विधेयक मोदी सरकार का ऐतिहासिक कदम

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उज्ज्वल दुनिया /रांची ।  भाजपा के वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री और रांची के विधायक सीपी सिंह ने प्रदेश भाजपा कार्यालय में प्रेसवार्ता के दौरान कांग्रेस सहित यूपीए गठबंधन दलों पर कड़ा हमला बोला। सीपी सिंह मोदी सरकार द्वारा पारित कृषि सुधार विधेयक पर प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।

राहुल गांधी ने भी वादा किया था 

सीपी सिंह ने कहा कि विधेयक के विरोध में कांग्रेस का दोहरा चरित्र उजागर हुआ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में कृषि सुधार की बात कही परंतु आज वह विरोध कर रही है। 2013 में राहुल गांधी ने कहा था कि कांग्रेस शाषित राज्यों में फल एवम सब्जियों को एपीएमसी एक्ट से बाहर रखेंगे, परंतु आज वे इसी बदलाव का विरोध कर रहे हैं। सीपी सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने अपने 55 वर्षों के शाषण में किसानों को सशक्त करने हेतु कुछ नही किया। कर्ज माफी में भी घोटाला किया। कांग्रेस पास न सोच है न इच्छाशक्ति।

कांग्रेस और बिचौलिय कर रहे किसानों को गुमराह

उन्होंने कहा कि मोदी जी ने कृषि और किसानों की उन्नति के लिये ऐतिहासिक कार्य किए हैं । यूपीए शासन में कृषि बजट 12 हजार करोड़ था जिसे बढ़ाकर मोदी जी ने 1लाख 34 हजार करोड़ किया। किसान सम्मान निधि में अबतक 92 हजार करोड़ किसानों के खाते में सीधे ट्रांसफर किया गया है। किसानों के लोन केलिये 8लाख करोड़ के स्थान पर 15 लाख करोड़ की व्यवस्था की गई।प्रधानमंत्री किसान मानधन के तहत 60 वर्ष के किसानों केलिये 3000 रुपये प्रति माह पेंशन का प्रावधान किया गया। एमएसपी की बात करें तो 6 वर्षों में यूपीए सरकार से दोगुना 7 लाख करोड़ किसानों को भुगतान किया गया।

कृषि सुधार विधेयक को किसानों के लिये हितकारी बताते हुए सीपी सिंह ने कहा कि विरोधियों द्वारा जो भ्रम फैलाये जा रहे वह बिल्कुल निराधार और गलत है। उन्होंने कहा कि किसी प्रकार के विवाद का निपटारा के लिये 30 दिनों की समय सीमा निर्धारित की गई है। डिजिटल विनिमय से पारदर्शिता बढ़ेगी।

किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलता रहेगा,वन नेशन, वन मार्केट से अब किसान अब अपनी फसल कहीं भी किसी से बेच सकेगा,करार से किसानों को निर्धारित दाम पाने की गारंटी होगी,लेकिन किसान को किसी करार से बांधा नही जा सकेगा,किसान बिना कोई पेनाल्टी के किसी मोड़ पर करार से बाहर जा सकेगा,करार फसलों का होगा,जमीन का नही,इसमे जमीन की गिरवी,बिक्री और लीज पर पूरी तरह निषिद्ध है।

प्रेसवार्ता में मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक उपस्थित थे।

बिरसा ब्लड बैंक मामले में निचली अदालत में चल रही सुनवाई पर रोक

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हाईकोर्ट के जस्टिस आनंदा सेन की अदालत ने दिया आदेश  

उज्ज्वल दुनिया /रांची ।  रांची के चर्चित बिरसा ब्लड बैंक पर खून चढ़ाने के मामले में रांची निचली अदालत में चल रही सुनवाई पर हाईकोर्ट के जस्टिस आनंदा सेन की अदालत ने गुरुवार को रोक लगा दिया है ।
 बिरसा ब्लड बैंक पर वर्ष 2018 में ड्रैग इंस्पेक्टर पूनम तिर्की के शिकायत पर बरियातू थाना में बिरसा ब्लड के संजय सिंह व अन्य सात लोगों पर कांड संख्या 81/2018 दर्ज कराया गया था।  पुलिस ने छह लोगों पर चार्जशीट कर दिया था । रांची के एजेसी 2 स्वयंभू कुमार की अदालत में सुनवाई चल रही थी ।
ब्लड बैंक के अधिवक्ता अभिषेक कृष्ण गुप्ता ने यह कहते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर किया था कि ड्रग एन्ड कॉस्मेटिक एक्ट में एफआईआर करने का प्रावधान ही नही है तो कैसे मामला दर्ज कर चार्जशीट कर दी गई ? जिसकी याचिका संख्या सीआर एमपी 1495/2020 दायर किया गया था । जिसकी सुनवाई में गुरुवार को जस्टिस आनंदा सेन ने निचली अदालत में चल रहे ट्रायल पर रोक लगा दिया है ।

फिटनेस की डोज, आधा घंटा रोज : प्रधानमंत्री मोदी ने दिया फिटनेस मंत्र

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फिट इंडिया मूवमेंट की वर्षगांठ पर विराट कोहली, मिलिंद सोमन सहित सात प्रतिभागियों से की बात 

नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को फिट और स्वस्थ्य रहने का एक नया मंत्र दिया। फिट इंडिया अभियान की पहली वर्षगांठ के मौके पर आयोजित संवाद में उन्होंने कहा- ‘फिटनेस की डोज, आधा घंटा रोज’ के मंत्र को अपना कर लोग स्वस्थ्य रहने के साथ फिट रह सकते हैं। उन्होंने इस मौके पर क्रिकेटर विराट कोहली, मॉडल और अभिनेता मिलिंद सोमन, फूड एक्सपर्ट रुजुता दिवेकर, मुकुल कनितकर, स्वामी शिवाध्यानम सरस्वती, अफशान आशिक और देवेन्द्र झाझारिया से उनके फिटनेस मंत्र व उनके अनुभव को जाना।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि फिट इंडिया संवाद आम जन की भागीदारी के साथ भारत को एक स्वस्थ्य राष्ट्र बनाने की दिशा में किया जा रहा है। उन्होंने फिट इंडिया मूवमेंट की पहली वर्षगांठ पर सभी के अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। मोदी ने कहा कि देश में फिटनेस और स्वास्थ्य को लेकर लोगों में जागरुकता बढ़ रही है। योग, आसन, व्यायाम, हेल्दी लाइफ स्टाइल अब लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुके हैं। इस अभियान के एक साल के पिछले छह महीने तो लोगों का समय घर पर ही बीता, लेकिन इस मूवमेंट ने बताया कि यह इतना मुश्किल काम नहीं है जितना लगता है। थोड़े से परिश्रम से ही लोग फिट रह सकते हैं। 

फिटनेस पर नया मंत्र देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि फिटनेस की डोज, आधा घंटा रोज के अनुसरण मात्र से ही लोग आरोग्य हो सकते हैं। बस आधा घंटा बैंटमिंटन, कराटे, कब्बडी जैसे कोई भी खेल अपना कर स्वस्थ्य रह सकते हैं। उन्होंने कहा कि संसार में श्रम, सफलता, भाग्य सबकुछ आरोग्य पर निर्भर करता है। स्वास्थ्य है तभी भाग्य है और सफलता है। जब हम नियमित रूप से व्यायाम करते हैं तभी स्वस्थ्य होने का आत्मविशवास आता है। जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों में सफलता दिलाता है। यही बात परिवार और समाज पर भी लागू होता है। इस महामारी में फिजिकल फिटनेस व इमोशनल बॉंडिंग, म्यूचुअल समझ आपस की ताकत बनी।

प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से आग्रह किया कि सभी एक-दूसरे की मदद करें। इस अभियान से लोगों को जोड़ें।