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डॉ अजय कुमार फिर से कांग्रेस में हुए शामिल

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कांग्रेस छोड़कर आप में शामिल हुए थे डॉ अजय कुमार

उज्ज्वल दुनिया रांची । झारखंड कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अजय कुमार रविवार को फिर से पार्टी में शामिल हो गए । कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने झारखंड प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व सांसद अजय कुमार के फिर से पार्टी में शामिल होने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

राहुल गांधी से प्रेरित होकर कांग्रेस में वापस लौटा- अजय कुमार 

अजय कुमार ने ट्वीट किया, ‘‘अन्याय और संस्थाओं पर कब्जा करने के खिलाफ बोलने के लिए अपनी अंतरात्मा की आवाज और राहुल गांधी से प्रेरित होकर मैंने आज कांग्रेस में लौटने का फैसला किया। उन्होंने महात्मा गांधी के एक कथन को भी उद्धृत किया, ‘‘जब सच बोलने की बारी आती है तो मौन धारण करना कायरता है। ’’ उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा है, ‘‘स्वास्थ्य, किसान, बेरोजगारी और आर्थिक संकट के बीच राहुल गांधी और सोनिया गांधी भारत और यहां के लोगों के लिए निरंतर अपनी आवाज उठा रहे हैं। मैं उनकी दृढ़ता से प्रेरित हुआ हूं और इससे मुझे फिर से कांग्रेस में वापसी की प्रेरणा मिली।’’ 

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने किया स्वागत 

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने पार्टी में कुमार का स्वागत करते हुए ट्वीट किया, ‘‘जहां तक मैं समझता हूं आप हमसे कभी दूर नहीं हुए ।’’ पूर्व आईपीएस अधिकारी और 15 वीं लोकसभा में जमशेदपुर से सांसद रह चुके कुमार ने पिछले साल झारखंड विधानसभा चुनाव के पहले पार्टी छोड़ दी थी। उन्हें नवंबर 2017 में झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था लेकिन अगस्त 2019 में उन्होंने इस्तीफा दे दिया और अगले महीने आम आदमी पार्टी से जुड़ गए । उस समय उन्होंने आरोप लगाया था कि झारखंड कांग्रेस में स्थानीय नेतृत्व भ्रष्ट है और अपने कई सहयोगियों को अपराधियों से भी बदतर बताया था।

जसवंत सिंह का निधन अपूरणीय क्षति: दीपक प्रकाश

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उज्ज्वल दुनिया /रांची ।  पूर्व केंद्रीय मंत्री जसवंत सिंह के निधन पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सह सांसद दीपक प्रकाश ने गहरा दुःख और शोक प्रकट किया। अपनी संवेदना प्रकट करते हुए उन्होंने कहा कि जशवंत सिंह जी का निधन अत्यंत दुःखद है। मैं ईश्वर से कामना करता हूँ कि दिवंगत आत्मा को शांति एवं परिजनों को यह दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। उन्होंने कहा कि देश के वरिष्ठ राजनेता एवं अटल जी की कैबिनेट में मंत्री रहे जसवंत सिंह जी का निधन देश के लिए एक अपूरणीय क्षति है। 

जसवंत सिंह ने पूरी निष्ठा के साथ देश की सेवा की: रघुवर दास

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पुर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने दुख जताते हुए कहा कि जसवंत सिंह का जाना देश के लिए बड़ी क्षति है। वे सेना में हो या सरकार में उन्होंने पूरी लगन और निष्ठा के साथ देश की सेवा की। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति और उनके परिजनों को दुख सहने की शक्ति प्रदान करें।

बॉर्डर से लेकर संसद तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई: अन्नपूर्णा देवी

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व कोडरमा सांसद अन्नपूर्णा देवी ने दुख प्रकट करते हुए कहा कि सरकार में विभिन्न पदों पर रहते हुए उन्होंने अपनी कर्तव्यनिष्ठा से एक गहरी छाप छोड़ी है। ‘जसवंत सिंह जी पहले एक सैनिक के रूप में देश की सेवा की, फिर राजनीति में भी सेवा दिया।  उन्‍हें राजनीति और समाज के विषयों पर अनूठे नजरिए के लिए याद किया जाएगा। उन्‍होंने बीजेपी को मजबूत करने में भी योगदान दिया था। 

पूरे जीवन काल मे देश की सेवा में लगे रहे जसवंत सिंह: बाबूलाल मरांडी

भाजपा विधायक दल के नेता व पुर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने अपनी संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि पूर्व केंद्रीय रक्षा, वित्त व विदेश मंत्री श्री जसवंत सिंह जी का निधन राष्ट्र के लिए बड़ी क्षति है। ईश्वर उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान दे एवं शोक संतप्त परिजनों को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। राजनीति और समाज के मामलों पर उनके अनूठे दृष्टिकोण के लिए हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने भाजपा को मजबूत बनाने में भी अहम भूमिका निभाई थी।

वित्त विदेश और रक्षा मंत्रालय को नया आयाम दिया: धर्मपाल सिंह

भारतीय जनता पार्टी के संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने दुःख जताते हुए कहा कि श्रद्धेय अटल जी के कैबिनेट में मंत्री रहते हुए व सरकार में विभिन्न पदों पर रहते हुए उन्होंने जन-जन के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन करने में अपना प्रत्येक क्षण समर्पित कर दिया। श्री जसवंत सिंह जी का निधन देश के लिए एक अपूरणीय क्षति है। जसवंत सिंह ने केंद्र में रहते हुए वित्‍त, विदेश और रक्षा जैसे अहम मंत्रालयों का जिम्‍मा संभाला। जसवंत सिंह ने राज्‍यसभा और लोकसभा, दोनों सदनों में बीजेपी का प्रतिनिधित्‍व किया।

कानून और जेल मैन्युअल की सभी नियमों को तोड़कर लालू प्रसाद से मिलने वालों का दौर जारी है

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जेल आईजी का यह बयान निराधार है की केली बंगला में लालू हिरासत में नही है और उनपर जेल मैन्युअल लागू नही होगा

उज्ज्वल दुनिया /रांची  भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने प्रदेश मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा की लालू प्रसाद से राजनीतिज्ञों की मुलाकात का सिलसिला लगातार जारी है और इस दौरान जेल मैनुअल और कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।प्रतुल ने कहा की जेल आईजी ने कहा की केली बंगला को जेल नहीं माना जा सकता है।प्रतुल ने कहा यह बयान पूरे तरीके से निराधार है क्योंकि उच्च न्यायालय ने अपने 24 अगस्त 2018 के आदेश में लालू प्रसाद को रिम्स में इलाज करने की सुविधा देते हुए यह टिप्पणी की थी यह इलाज रांची में *हिरासत* में हो।

प्रतुल ने कहा की *जेल एक्ट (1894) का सेक्शन 3(1)* कहता है की जेल वह कोई ऐसी जगह भी हो सकता है सजायाफ्ता कैदी को अल्पकाल के लिए भी रखा जाए। इसलिए सरकार या अधिकारी कुछ भी कहे लेकिन तकनीकी रूप से लालू प्रसाद फिलहाल रिम्स में हिरासत में है और उनके ऊपर जेल मैनुअल के सारे नियम लागू होंगे।

प्रतुल ने कहा की मुलाकात के दौरान भी जेल मैनुअल का बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखा जा रहा। *जेल मैनुअल का चैप्टर 17 का रूल 620* कहता है की किसी भी मुलाकाती को मिलने से पहले जेल अधीक्षक से लिखित आदेश अनिवार्य रूप से लेना होगा। लेकिन हमें जानकारी है की अधिकांश नेता मौखिक आदेश से ही लालू प्रसाद से मिल रहे हैं।

रूल 625* स्पष्ट कहता है की एक सजायाफ्ता कैदी के साथ हर मुलाकात के दौरान कम से कम असिस्टेंट जेलर के रैंक की अधिकारी की उपस्थिति अनिवार्य है।प्रतुल ने कहा की लालू प्रसाद से बेधड़क लोग मिल रहे हैं और राजनीतिक बातें भी हो रही हैं और कोई जेल का अधिकारी भी मौजूद नहीं रहता। *रूल 634*  स्पष्ट कहता है कि अगर कोई दिए गए सुविधा का दुरुपयोग करें तो उससे यह सुविधा अविलंब वापस ली जा सकती है।

भाजपा सीधा सीधा आरोप सुबूतों के साथ इस निरंकुश सरकार पर लगा रही है कि लालू जी को सजायाफ़्ता क़ैदी नहीं बल्कि राज्य स्तरीय मेहमान बनाया गया है।ऐसा लग रहा है मानो घोटाले के मामले में जेल में रहने वाले क़ैदी और उनकी घोटाले की विचारधारा को सरकार खुद में आत्मसात कर चुकी है।लगता है जैसे सरकार ये संदेश देना चाहती है कि घोटालेबाज़ों के लिए हमने अपनी बाहें खोल रखी हैं।माननीय मुख्यमंत्री से हम पूछना चाहते हैं कि क्या नियमों का उल्लंघन कर सरकार घोटाले बाज़ी को बढ़ावा देने का संकेत देना चाह रही है?

जिले में मजदूरों को नहीं मिल रहा रोजगार, दूसरे राज्य में पलायन करने को मजबूर

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नितेश जायसवाल/उज्ज्वल दुनिया संवाददाता/लातेहार । जिले में मजदूरों को रोजगार देने का संकल्प कागजों में सिमटता जा रहा है। करोना काल में प्रवासी मजदूर काफी मुसीबतों का सामना कर घर लौटे हैं। घर लौटने के बाद मजदूरों की स्थिति काफी दयनीय हो गई उन्हें अबतक रोजगार प्राप्त नहीं हुआ है । ऐसी स्थिति में मजदूर मजबूर होकर काम की तलाश में बाहर का रुख कर रहे हैं।
 अब जिले के कई प्रखंडों से मजदूरों का पलायन जारी है।

लातेहार के हेरहंज चंदवा ,बालूमाथ,मनिका,गारू, महुआटांड समेत कई प्रखंडों से मजदूर बेबस होकर दूसरे राज्यों में काम पर जाने को मजबूर  हैं। प्रतिदिन बिचौलियों व ठेकेदारों के द्वारा बोलेरो,बस,ट्रेन के द्वारा लोगों को दूसरे राज्य ले जाया जा रहा हैं। कुछ मजदूरों को तो बिना निबन्धन या बिना रजिस्ट्रेशन कराए ही ठेकेदारों के द्वारा ले जाया जा रहा हैं। हेरहंज प्रखंड के सभी पंचायतों से मजदूरों को ले जाया जा रहा हैं । वहां के दर्जनों मजदूरों ने बताया कि वे काम करने को लेकर बेंगलुरु, अहमदाबाद को जा रहे हैं। उन्हें एडवांस के तौर पर 10 से 12 हजार रुपए प्राप्त हुए हैं। ठेकेदार ने उन्हें काम के बदले प्रतिदिन तीन सौ रुपए देने का वादा किया है। वहीं कहीं कहीं तो दुगना मजदूर के नाम पर भी मजदूरों को ले जाया जा रहा है। 

इधर जिले के लगभग सभी प्रखंड से भी मजदूरों का पलायन प्रतिदिन कई छोटी बड़ी गाड़ियों से बाहर जाने का सिलसिला जारी है। इधर विभाग की माने तो जिले में मनरेगा के अलावे कई योजनाएं चल रही है जिसमें मजदूरों को काम मिला है। लेकिन लगता हैं कि सभी मजदूरों का सिर्फ कागज पर नाम तक ही सीमित रह गया हैं । जिला प्रशासन व प्रखण्ड प्रशासन मजदूर पलायन को रोक पाने में असफल साबित हो रहे है। जिले में मनरेगा योजनाएं सिर्फ कागज में ही पूरा होती हैं जिसके कारण लोग पलायन करने के लिए मजबूर हैं।हर गांव में पांच योजनायें संचालित कर लोगों को काम मुहैया करवाना था। लेकिन बहुत ऐसे गांव हैं जहाँ एक भी योजना को अब तक संचालित नहीं किया गया हैं। 

नड्डा की नई टीम में, मुकुल राय राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, अनुपम हाजरा सचिव व राजू बिष्ट बने प्रवक्ता

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कोलकाता : भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने शनिवार को अपनी नई टीम की घोषणा की जिसमें बंगाल को खास तरजीह दी गई है। राष्ट्रीय टीम में तीन महत्वपूर्ण पद मिले हैं। इसमें सबसे प्रमुख नाम मुकुल राय का है जिन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। संस्थापक सदस्य रहे मुकुल ने पिछले लोकसभा चुनाव में बंगाल में भाजपा को जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, ऐसे में माना जा रहा है कि इसी का इनाम के तौर पर पार्टी ने उन्हें अहम जिम्मेदारी दी है। अगले साल राज्य में विधानसभा चुनाव भी होने हैं ऐसे में उनका कद और बढ़ गया है।

किसान बिल की आड़ में महौल खराब कर रहा विपक्ष

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जौनपुर/ । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार किसानों के हित में कार्य कर रही है, वहीं विपक्ष बिल को लेकर जनता को बरगला रहा है। माहौल खराब करने का काम कर रहा है।

मुख्यमंत्री शनिवार को जौनपुर और देवरिया दौरे पर थे। दोनों सीटों पर उपचुनाव होने हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि, “एक नेता संसद में बैठता है, उन्हें पता नहीं कि गन्ना कहां पैदा होता है। उन्हें लगता है कि गन्ना आम की तरफ पेड़ पर लटकता है। किसानों के हित में बिल को पारित कराया है। इससे किसानों की आय दोगुनी होगी। बिचौलियों से मुक्त करने की दिशा में यह कदम बढ़ाया गया है। किसान बिल की आड़ में विपक्ष में माहौल खराब कर रहा है।”

जौनपुर में उन्होंने कहा कि, “हमारी सरकार ग्रेट इच्छाशक्ति के साथ संकट के समय में खड़ी है। यह संकट का दौर है और हर कोई परेशान है। ऐसे में सरकार सभी की मदद के लिए दृढ़ संकल्पित है। मल्हनी में विधानसभा उपचुनाव होना है। अन्य चुनावों की तरह न तो बड़ी-बड़ी रैलियां होंगी न जनसभा। ऐसे में भाजपा के एक-एक पदाधिकारी व कार्यकर्ता चाहे वह बूथ स्तर का हो या जिला स्तर का। सभी की जिम्मेदारी है कि वह तन-मन से लगकर मल्हनी की यह सीट जीतकर भाजपा की झोली में डाले। हर कार्यकर्ता एक-एक वोटर से घर-घर जाकर संपर्क करे और उन्हें भाजपा के पक्ष में मतदान के लिए प्रेरित करते हुए यह सीट जीतने के लिए पूरी तल्लीनता से अभी से लग जाएं।”

उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं को बूथ जीतने का मंत्र दिया। भाजपा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे बूथ की जिम्मेदारी लें। बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करते हुए लोगों का जनसमर्थन हासिल करें।

सिद्धो

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उज्ज्वल दुनिया/रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अमर शहीद सिद्धो-कान्हो के वंशज रामेश्वर मुर्मू की हत्या की घटना की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से करने के प्रस्ताव पर अपनी सहमति दी है। रामेश्वर मुर्मू की हत्या 12 जून 2020 को हुई थी।

रामेश्वर मुर्मू की हत्या की घटना की जांच सीबीआई  से कराने के लिए विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक संगठनों द्वारा मांग की जा रही थी। इस संबंध में राज्य के महानिदेशक द्वारा घटना की सीबीआई जांच के लिए मुख्यमंत्री का अनुमोदन के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। यह घटना साहेबगंज जिलान्तर्गत बरहेट थाना कांड में कांड संख्या-97/2020 के तहत 17 जून 2020 को भादवि की धारा-302 के तहत दर्ज है।

13 जून को भोगनाडीह के मांझी टोला के एक खेत में सिद्धो-कान्हू के वंशज रामेश्वर मुर्मू का शव मिला था। 12 जून को वे घर से गये थे। परिजनों से कहा था कि बगल में जा रहे हैं। शव मिलने के बाद परिजनों ने मोमिन टोला के सद्दाम अंसारी पर हत्या का आरोप लगाया था, जिसके बाद सद्दाम अंसारी ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है।

गौरतलब है कि सिद्धो-कान्हो और भोगनाडीह का झारखंड की राजनीति में खास महत्व है। संथाल आदिवासी समाज सिद्धो-कान्हू को अपना नायक मानते हैं, उनसे भावनात्मक जुड़ाव है, भोगनाडीह में हर साल 30 जून को हूल दिवस मनाया जाता है। यह अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई में उनके बलिदान की याद में मनाया जाता है। इस दिन झारखंड के मुख्यमंत्री भोगनाडीह जाकर सिद्धो-कान्हू की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित करते है।

सीता सोरेन ने लालू प्रसाद यादव से की मुलाकात

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उज्ज्वल दुनिया/रांची। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) विधायक सीता सोरेन ने शनिवार को लालू यादव से मुलाकात की। रिम्स के केली बंगला में करीब 20 मिनट तक उन्होंने लालू यादव से बातचीत की। मुलाकात के बाद बाहर निकली मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की भाभी सीता सोरेन ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वह सिर्फ लालू यादव का हाल जानने के लिए आई थीं। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि लालू यादव की तबीयत अभी अच्छी है।

एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि बिहार में चुनाव की घोषणा हुई है तो क्या बिहार के राजनीतिक समीकरण पर लालू यादव से किसी बात को लेकर चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि उनकी कोई राजनीतिक बात नहीं हुई।

बिहार चुनाव में आप प्रचार करने के लिए जाएंगी क्या। इस पर उन्होंने कहा कि अगर मौका मिलेगा तो जरूर चुनाव प्रचार करने के लिए भी बिहार जाऊंगी।

पूर्व मंत्री इलियास हुसैन के बेटे फिरोज ने आरजेडी छोड़ी

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उज्ज्वल दुनिया/पटना। राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश महासचिव के पद पर तैनात इलियास हुसैन के बेटे मोहम्मद फिरोज हुसैन ने राजद को अलविदा कह दिया है. उन्होंने एक बड़ा बयान देते हिये कहा है कि आरजेडी पार्टी पर सिद्धांत से भटकने लगी है. यानी कि सीधे तौर पर उन्होंने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को निशाने पर लिया है.

अलकतरा घोटाले में जेल चले जाने के बाद आरजेडी के पूर्व मंत्री इलियास हुसैन की विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी गई थी. रोहतास के डिहरी विधानसभा सीट पर पूर्व मंत्री इलियास हुसैन की सदस्यता खत्म होने के बाद उनके पुत्र फिरोज हुसैन ने इस सीट पर दावा ठोक था।

न दाम मिलेगा, न सम्मान…अपने ही खेतों में मजदूर बन जाएगा किसान

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उज्ज्वल दुनिया /रांची । झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता लाल किशोरनाथ शाहदेव ने कहा है कि संसदीय परंपरा और संवैधानिक व्यवस्था की अनदेखी कर संसद में पारित कृषि संबंधित तीन काले कानूनों के कारण किसानों की एमएसपी छीन ली जाएगी और उन्हें कांट्रेक्ट फॉर्मिंग के जरिये खरबपतियों का गुलाम बनने पर मजदूर किया जाएगा। उन्हें न दाम मिलेगा, न सम्मान मिलेगा, किसान अपने ही खेत में मजदूर बन जाएगा। 

राज्यव्यापी विरोध कार्यक्रम के तहत लातेहार में आज संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता लाल किशोरनाथ शाहदेव ने कहा कि जिस वप्रधानमंत्री को रबी और खरीफ फसलों में अंतर पता नहीं, वह किसानों का भला क्या खाक करेगा, इसलिए कहा जाता है-नीम हकीम खतरा-ए-जान। उनका ट्वीट पढ़े, उन्हें धान और गेंहू का अंतर पता नहीं है। 

प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि नये कृषि कानून से किसान गुलाम बन जाएंगे । संसद में संविधान का गला घोंटा जा रहा है । खेत-खलिहान को पूंजीपतियों के हाथ गिरवी रखने का षड़यंत्र किया जा रहा है। हरित क्रांति को हराने की साजिश की जा रही है। प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि नरेंद्र मोदी कसम तो किसानों की खाते है, लेकिन फायदा चंद पूंजीपति मित्रों को पुहंचाते है। 
इस मौके पर पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे और प्रदेश कांग्रेस के प्रतिनिधि रोहित प्रियदर्शी उरांव भी उपस्थित थे।

शिवानंद तिवारी ने उपेन्द्र कुशवाहा को बताया बिन पेंदी का लोटा

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शिवानंद तिवारी ने कहा 

जीतने की औकात पांच सीट की नहीं और मांग रहे थे 25 सीट

* कोई चार पैर वाले को बांध सकता है,  दो पैर वाले को कैसे बांध कर रखेंगे 

* कुशवाहा जी को एनडीए में भी नहीं मिलेगी जगह 

* उपेन्द्र कुशवाहा जैसे नेता के लिए सिद्धांत नहीं मायने रखता 

* महागठबंधन में सीट बंटवारे में देरी से होगा नुकसान 

उज्ज्वल दुनिया/पटना ।  राजद के कद्दावर नेता रह चुके शिवानंद तिवारी ने शनिवार को महागठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर चल रही खींचतान पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि रालोसपा के नेता उपेंद्र कुशवाहा एनडीए छोड़कर महागठबंधन में आए हैं। मन मुताबिक सीट न मिलने पर अब वह महागठबंधन से अलग होने की बात कर रहे हैं। ऐसे बिन पेंदी का लोटा पर कौन भरोसा करेगा? उपेंद्र कुशवाहा कहीं नहीं जाने वाले। उनके पास जाने के लिए जगह ही कहां है। चार पैर वाले को बांधकर रखा जा सकता है, दो पैर वाले को कोई कैसे रोककर रख सकता है।

कोई पार्टी सिद्धांत की राजनीति नहीं कर रही: तिवारी

तिवारी ने कहा, ‘कोई पार्टी सिद्धांत की राजनीति नहीं कर रही है। चुनाव की तारीखों की घोषणा हो गई है। अब जल्द से जल्द टिकट का बंटवारा भी हो जाना चाहिए। महागठबंधन में टिकट बंटवारे में जो देर हो रही है मैं उसका समर्थन नहीं करता। मगर बिहार की राजनीति में सब कुछ आसान नहीं होता। विवाद महागठबंधन और एनडीए दोनों जगह दिख रहा है।’

मांझी की जेड प्लस सिक्योरिटी पर उठाए सवाल

शिवानंद तिवारी ने पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को मिले जेड प्लस सिक्योरिटी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, ‘मांझीजी को किससे खतरा है। मुख्यमंत्री ने उन्हें इतनी अधिक सुरक्षा क्यों दी है? नेता सुरक्षा का इस्तेमाल सिर्फ अपने वीआईपी स्टेटस को बढ़ाने के लिए कर रहे हैं। वीआईपी सुरक्षा स्टेटस सिंबल बन गई है।’

मैं पार्टी का अनुशासित कार्यकर्ता, जो जिम्मेदारी मिली है उसे निभाऊंगा

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उज्ज्वल दुनिया /रांची । भाजपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए जाने पर पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि मैं भारतीय जनता पार्टी का एक अनुशासित कार्यकर्ता हूं, जो पार्टी के साथ आगे बढ़ रहा है। हम सभी हृदय से सदैव कार्यकर्ता ही रहेंगे। पार्टी द्वारा मुझे दिए गए इस महत्वपूर्ण दायित्व को मैं पूरी जिम्मेदारी और क्षमता के साथ निभाऊंगा। जो आदर्श और विचारधारा की विरासत डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी से मिली है, मैं उसे पूरी तरह से कायम रखूंगा। मुझ जैसे साधारण कार्यकर्ता को यह महत्वपूर्ण दायित्व सौंपने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष का हृदय से आभार और धन्यवाद करता हूं।

श्रीलंका के साथ बौद्ध संबंधों को बढ़ावा देने के लिए डेढ़ करोड़ अमेरिकी डॉलर देगा भारत

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उज्ज्वल दुनिया\नई दिल्ली, 27 सितम्बर (हि.स.)। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और श्रीलंका के बीच बौद्ध संबंधों को बढ़ावा देने के लिए 1.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर की सहायता की घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे की उपस्थिति में शनिवार को पहली बार भारत-श्रीलंका वर्चुअल द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया। यह हाल के समय में किसी पड़ोसी देश के साथ भारत का पहला शिखर सम्मेलन रहा।

भारत और श्रीलंका के बीच रक्षा संबंधों को मजबूती देने पर सहमति 

विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव अमित नारंग ने एक विशेष पत्रकार वार्ता में बताया कि दोनों प्रधानमंत्रियों ने देशों के बीच सुरक्षा और रक्षा सहयोग की मजबूती पर संतोष व्यक्त किया। वे कर्मियों के आदान-प्रदान और प्रशिक्षण, समुद्री सुरक्षा सहयोग और रक्षा व सुरक्षा के क्षेत्र में श्रीलंका को भारत के समर्थन पर आपसी सहयोग को जारी रखने और आगे बढ़ाने के लिए सहमत हुए। दोनों नेताओं ने आतंकवाद-रोधी प्रयासों और क्षेत्रीय मादक पदार्थों की तस्करी से निपटने में सूचना के आदान-प्रदान और सहयोग में हुई प्रगति पर भी संतोष व्यक्त किया।

इन पैसों से दोनों देशों के बौद्ध धर्मगुरु संबंधों को मजबूत बनाएंगे

उन्होंने बताया कि लंबे समय से भारत और श्रीलंका के बीच सभ्यतागत और सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों के बीच बौद्ध संबंधों को बढ़ावा देने के लिए 1.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर की सहायता की घोषणा की। यह अनुदान बौद्ध धर्म के दायरे में दोनों देशों के बीच लोगों से लोगों के आपसी संबंधों को प्रगाढ़ करने में सहायता करेगा। इसका उपयोग बौद्ध मठों के निमार्ण व रख-रखाव, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, पुरातात्विक सहयोग, भगवान बुद्ध के अवशेषों को साझा करने, बौद्ध विद्वानों के सुदृढ़ीकरण और धर्मगुरुओं को सहयोग करने के लिए किया जाएगा।

श्रीनगर

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उज्ज्वल दुनिया\नई दिल्ली, 26 सितम्बर (हि.स.)। ​भारत अब पाकिस्तान की सीमा तक एशिया की सबसे लम्बी सुरंग बनाएगा। भारत 14.2 किमी. लंबी यह सड़क सुरंग बनाकर एलओसी तक अपनी रणनीतिक पहुंच मजबूत करने जा रहा है। छह साल से लटका यह प्रोजेक्ट अब फाइनल हो गया है और निर्माण कार्य शुरू होना बाकी है। 

यह सुरंग ​केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के कारगिल जिले में सोनमर्ग और द्रास शहर के बीच हिमालय पर जोजी ला दर्रे के करीब बनाई जाएगी। यह सुरंग लद्दाखी लोगों की आवाजाही आसान करने के साथ ही सेना की रणनीतिक जरूरतों को भी पूरा करेगी, क्योंकि यह सुरंग पूरे साल राजमार्ग को खुला रखने में मदद करेगी। पाकिस्तान की नियंत्रण रेखा करीब होने से अभी तक इसी इलाके से होने वाली आतंकवादियों की घुसपैठ पर भी काफी हद तक लगाम लगेगी।   

मई 2018 में पीएम मोदी ने किया था शिलान्यास 

वैसे तो इस सुरंग का प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार ने ​अक्टूबर 2013 में ही मंजूरी दे दी थी लेकिन पांच बार टेंडर निकाले जाने के बावजूद किसी भी एजेंसी ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। हर बार बोली रद्द होने के बाद मई 2017 में एलएंडटी, इन्फ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज, जेपी इंफ्राटेक और रिलायंस इंफ्रा कम्पनियां सामने आईं। टेंडर प्रक्रिया जुलाई 2017 में आईएल एंड एफएस ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क्स लिमिटेड के पक्ष में पूरी हुई। इस फर्म ने 4,899 करोड़ की लागत से सात साल में सुरंग का निर्माण के लिए बोली हासिल की। 

मई 2018 में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के शिलान्यास करने के बाद निर्माण कार्य भी शुरू हो गया। इस बीच मार्च 2019 में सुरंग का निर्माण कर रही कंपनी दिवालिया घोषित हो गई। इसलिए जून 2020 में फिर से नए टेंडर निकाले गए। अगस्त 2020 में मेघा इंजीनियरिंग एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने 4509 करोड़ रुपये में बोली हासिल की।

सुरंग की लंबाई होगी 14.2 किलोमीटर 

जोजी ला सुरंग परियोजना इस फर्म को ईपीसी मोड (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट, कंस्ट्रक्शन) के तहत सौंपी गई है, जिसमें भारत सरकार पैसा मुहैया कराएगी और निष्पादन एजेंसी निर्माण कार्य करेगी और बाद में परियोजना भारत सरकार को सौंप देगी। 14.2 किमी. यह द्वि-दिशात्मक सड़क सुरंग पांच साल में बनकर तैयार होगी, क्योंकि बहुत कठिन इलाका है। यहां कुछ क्षेत्रों में तापमान शून्य से 45 डिग्री सेल्सियस तक नीचे चला जाता है। इस परियोजना का पश्चिमी सिरा सोनमर्ग से लगभग 15 किलोमीटर पूर्व 3,000 मीटर की ऊंचाई पर बालटाल में है। पूर्वी सिरा मिनरसग में द्रास-कारगिल छोर पर है। पूरी सुरंग ​श्रीनगर-कारगिल-लेह राजमार्ग पर 11 हजार 578 फीट की ऊंचाई पर होगी। 

सामूहिक दुष्कर्म मामले में पुलिस की लापरवाही से नष्ट हुए सबूत या जानबूझकर सबूत को मिटाया गया?

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उज्ज्वल दुनिया /रांची : राजधानी के लोअर बाजार थाना क्षेत्र में पुरानी पुलिस लाइन के समीप स्थित पुलिस गेस्ट हाउस में 12 अगस्त को 14 वर्षीया छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म किये जाने के मामले में अनुसंधान के दौरान लापरवाही बरती गयी है। अनुसंधान के दौरान लापरवाही बरतने की वजह से मामले में केस से जुड़े साक्ष्य भी नष्ट हो गये हैं।

इस बात का खुलासा तब हुआ, जब प्रभारी डीजीपी के निर्देश पर रांची रेंज के डीआईजी अखिलेश कुमार झा और दूसरे पुलिस पदाधिकारियों ने इस केस की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान पाया गया है कि पुलिस गेस्ट हाउस के जिस कमरे में छात्रा के साथ रेप हुआ था। घटना के एक महीना बाद पुलिस उस कमरे में जांच के लिए पहुंची। कमरे के बेड में घटना के दिन का चादर भी बेड पर ही पड़ा हुआ था। लेकिन पुलिस के पहुंचने से एक दिन पहले बेड का चादर बदल दिया गया था।

लेकिन इस अवधि में चादर जप्त कर एफएसएल के पास नहीं भेजने की वजह से घटना से जुड़े साक्ष्य नष्ट और बर्बाद हो गये। इसी तरह से पुलिस ने अनुसंधान के दौरान नाबालिग का मेडिकल जांच तो करवाया, लेकिन पुलिस ने उसके द्वारा घटना के दिन पहने गये कपड़े को एफएसएल से जांच करवाने के लिए जप्त नहीं किया। जिसके कारण भी घटना से संबंधित साक्ष्य नष्ट हो गये।
इसके अलावा घटना के मुख्य आरोपी विपुल जिसे पूर्व में पुलिस नाबालिग के अपहरण के आरोप में जेल भेज चुकी है। पुलिस ने उसका भी मेडिकल जांच रेप से संबंधित साक्ष्य एकत्र करने के लिए नहीं करवाया था। अब पुलिस के पास इस घटना को वैज्ञानिक रूप से स्थापित करने के लिए कोई साक्ष्य नहीं है। क्योंकि आरोपी विपुल का साधारण मेडिकल जांच हुआ था।

इसलिए घटनास्थल से अब विपुल का डीएनए बरामद करने के लिए पुलिस के पास कोई उपाय नहीं है। इसके अलावा भी पुलिस ने वैज्ञानिक अनुसंधान के बिंदु पर कुछ अन्य लापरवाही भी बरती है। अनुसंधान के मामले में लापरवाही बरतने की बात को सीनियर पुलिस अधिकारियों ने भी गंभीरता से लिया है।

मामले में साक्ष्य नष्ट करने वाले पुलिस अफसरों के खिलाफ साक्ष्य नष्ट करने के आरोप में कार्रवाई की जा सके। इसपर भी पुलिस अधिकारी विचार कर रहे हैं। हालांकि अभी इस पर कोई आदेश जारी नहीं हुआ है।

मामले में अनुसंधानकर्ता के अलावा रांची जिला के सीनियर पुलिस अधिकारियों के स्तर से भी अनुसंधान में लापरवाही बरतने की बात सामने आ रही है। क्योंकि घटना घटना के एक माह बीत जाने के बावजूद सीनियर अधिकारियों के स्तर केस के अनुसंधानकर्ता को कोई दिशा निर्देश नहीं दिया गया था।

एक तरफ से इस केस की मॉनिटरिंग भी सीनियर अधिकारियों के स्तर नहीं की गयी थी। उल्लेखनीय है कि 12 अगस्त को नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म की घटना पुलिस गेस्ट हाउस में घटना घटी थी। इसके बाद नाबालिग डालटेनगंज अपने परिचित के पास चली गई थी। जिसके कारण घटना की असली जानकारी उसके पिता को भी नहीं मिल सकी थी।

उन्होंने 13 अगस्त को अपनी बेटी के अपहरण का केस लोअर बाजार थाने में दर्ज करवाया था। पुलिस इस अपहरण केस में पूर्व में विपुल और करण नामक युवक को न्यायिक हिरासत में जेल भेज चुकी है। वहीं पुलिस इस केस में एक एएसआई राजकुमार शर्मा को जेल भेज चुकी है। नाबालिक के साथ रेप की पुष्टि तब हुई थी जब 18 अगस्त को सीडब्ल्यूसी ने पीड़ित नाबालिग का बयान लिया था।