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छठी जेपीएससी में सुप्रीम कोर्ट के गाइडलाइन की हुई अनदेखी

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जनरल से ज्यादा अंक लाने वाले ओबीसी अभ्यर्थियों का सेलेक्शन नहीं 

उज्ज्वल दुनिया /रांची । भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने छठी जेपीएससी की नियुक्तियों में सर्वोच्च न्यायालय के न्याय-निर्णयों की अनदेखी करने का आरोप हेमंत सरकार पर लगाया है। रघुवर दास ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि हाल में प्रकाशित हुए छठी जेपीएसपी के अंतिम परिणाम में सामान्य श्रेणी के अभ्यर्थियों से अधिक अंक लाने वाले ओबीसी अभ्यर्थियों को फेल घोषित कर दिया गया है।

झामुमो ने आदिवासियोंऔर मूलवासियों को दिया धोखा

पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य विधानसभा चुनावों में झारखंड मुक्ति मोर्चा द्वारा झारखंड के मूलवासी-आदिवासी और पिछड़ों के हित के प्रतिकूल राज्य सरकार द्वारा आचरण करने का आरोप लगाया है। उन्होंने जेपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा की चर्चा करते हुए कहा कि जब प्रारंभिक परीक्षा परिणाम प्रकाशित हुआ था, तब भी सामान्य से अधिक अंक लाने वाले ओबीसी अभ्यर्थियों को फेल कर दिया गया था। उनसे कम अंक लाने वाले अनारक्षित सामान्य अभ्यर्थी पास घोषित कर दिए गए थे। इन विसंगतियों की जानकारी उनके नेतृत्व में गठित भाजपा सरकार को मिली तो सरकार ने न्यायोचित निर्णय लिया था। इसके बाद ओबीसी के वैसे अभ्यर्थी, जिनके अंक सामान्य श्रेणी के अभ्यर्थियों से अधिक थे, उन्हें उतीर्ण किया गया था और वे मुख्य परीक्षा में भाग ले सके थे।

सुप्रीम कोर्ट के गाइडलाइन की हुई अनदेखी 

उन्‍होंने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा इंदिरा साहनी मामले को लेकर हाल तक के न्याय-निर्णयों की चर्चा की है। उन्होंने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि हर श्रेणी के अभ्यर्थी सबसे पहले तो सामान्य श्रेणी का भी अभ्यर्थी माना जाता है। अत: यदि आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थी के अंक सामान्य श्रेणी के अभ्यर्थी से अधिक हों तो वह सामान्य श्रेणी में शामिल माना जाएगा। ऐसा नहीं किए जाने की परिस्थिति को अदालत ने सामान्य श्रेणी के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने की संज्ञा दी है। ऐसी प्रक्रिया को गलत ठहराया है।

जनरल का कटऑफ- 600 और ओबीसी का कट-ऑफ मार्क्स 621

पूर्व मुख्यमंत्री ने जेपीएससी के अंतिम परिणामों के लिए अभ्यर्थियों के कट-ऑफ मार्क्‍स निर्धारण की चर्चा करते हुए कहा है कि अंतिम परिणाम के लिए जनरल श्रेणी के अभ्यर्थियों का कट-ऑफ मार्क्‍स 600 और ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 621 निर्धारित किया गया। यानी वैसे सभी ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थी जिनको 600 से लेकर 621 अंक प्राप्त हुए। मतलब अंतिम जनरल श्रेणी के अभ्यर्थी से अधिक अंक लाने वाले उन सभी को असफल घोषित किया गया है।
उन्होंने राज्य सरकार की आलोचना करते हुए कहा है कि जेपीएससी के अंतिम परिणाम से हेमंत सरकार का आदिवासी-मूलवासी पिछड़ा वर्ग विरोधी चेहरा बेनकाब हो गया है। हेमंत सोरेन ने झारखंड के सैकड़ों मूलवासी पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को राज्य की प्रशासनिक सेवा में नियुक्ति से वंचित कर दिया। यह इनके साथ सरकार का घोर अन्याय है।

विजयवर्गीय बोले

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भाजपा के केंद्रीय प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय बोले-बंगाल को ‘सोनार बांग्ला’ बनाने में प्रवासी बंगालियों की मदद लेगी भाजपा

राज्य ब्यूरो, कोलकाता : भाजपा अब बंगाल के विकास एवं भविष्य की योजनाओं और राज्य को ‘सोनार बांग्ला’ बनाने में प्रवासी बंगालियों की भी मदद लेगी। भाजपा के महासचिव व प्रदेश भाजपा के केंद्रीय प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने सोमवार को ट्वीट कर इसकी जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि बंगाल की विभूतियों ने देश एवं विदेश में न केवल बंगाल वरन पूरे देश का नाम ऊंचा किया है। अभी भी विश्व के विभिन्न देशों में बड़ी संख्या में प्रवासी बंगाली रहते हैं। वे बंगाल की वर्तमान स्थिति को लेकर चिंतित हैं।

श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले में अगली सुनवाई 30 सितंबर को

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मथुरा । श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मालिकाना हक मामले को लेकर दाखिल याचिका पर अब 30 सितंबर को सुनवाई होगी। सोमवार को इस याचिका पर सुनवाई होनी थी, लेकिन याचिकाकर्ता अदालत नहीं पहुंचे। श्रीकृष्ण विराजमान, स्थान श्रीकृष्ण जन्मभूमि और कई लोगों की ओर से पेश किए दावे में कहा गया है कि 1968 में श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ (जो अब श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के नाम से जाना जाता है) और शाही ईदगाह मस्जिद के बीच जमीन को लेकर समझौता हुआ था। इसमें तय हुआ था कि मस्जिद जितनी जमीन में बनी है, बनी रहेगी।

सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता हरीशंकर जैन और विष्णु शंकर जैन ने मथुरा की सीनियर सिविल जज छाया शर्मा की अदालत में याचिका दाखिल की है। भगवान श्रीकृष्ण विराजमान की ओर से दाखिल की गई इस याचिका में न्यायालय से 13.37 एकड़ की जन्मभूमि का मालिकाना हक मांगा गया है। भक्तों ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान और शाही ईदगाह प्रबंध समिति के बीच पांच दशक पूर्व हुए समझौते को अवैध बताते हुए उसे निरस्त करने और मस्जिद को हटाकर पूरी जमीन मंदिर ट्रस्ट को सौंपने की मांग की है। लखनऊ की रहने वाली रंजना अग्निहोत्री और अन्य कई लोगों ने मिलकर मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर में बनी शाही ईदगाह मस्जिद को जमीन देने को गलत बताते हुए सिविल जज सीनियर डिवीजन छाया शर्मा की कोर्ट में दावा पेश किया।

अधिवक्ता द्वारा शुक्रवार को मथुरा की अदालत में दायर की गई याचिका में कहा गया था कि 1968 में श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान और शाही ईदगाह प्रबंध समिति के बीच हुआ समझौता पूरी तरह से गलत है और भगवान कृष्ण एवं उनके भक्तों की इच्छा के विपरीत है। हालांकि 12 अक्तूबर 1968 को कटरा केशव देव की जमीन का समझौता श्रीकृष्ण जन्मस्थान सोसाइटी द्वारा किया गया। जिसके तहत 20 जुलाई 1973 को यह जमीन डिक्री की गई। याचिका में डिक्री को खारिज करने की मांग की गई है।

कोर्ट को यह तय करना था कि इस याचिका को स्वीकार किया जाए या नहीं, लेकिन सुनवाई को 30 सितंबर तक के लिए टाल दिया गया। ज्ञात हो कि याचिका में श्री कृष्ण जन्मभूमि के 13.37 एकड़ के स्वामित्व और शाही ईदगाह के निर्माण पर सवाल उठाए गए हैं।

कृषि बिलों के खिलाफ यूपी में कांग्रेस का प्रदर्शन

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लखनऊ । उत्तर प्रदेश की राजधानी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किसान बिल के विरोध व राज्य में अपराध बढ़ने समेत कई तरह के आरोप लगाते हुए जमकर प्रदर्शन किया। लखनऊ के परिवर्तन चौक पर बड़ी संख्या में कांग्रेसी जीपीओ की ओर बढ़े, जिनको चौक के पास ही रोक लिया गया। इस दौरान प्रदर्शन कर रहे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू समेत कई नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया है। बिल के विरोध को लेकर जगह-जगह से कांग्रेस नेता हिरासत में लिए गए। कई को उनके घर में ही नजरबंद कर दिया गया है। सेवादल के कई कार्यकर्ता परिवर्तन चौक के पास पुलिस हिरासत में लिए गए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। विरोध की हर आवाज को दबाया जा रहा है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष लल्लू का कहना है कि यह बिल किसानों के लिए ‘काला कानून’ है। रविवार को राष्ट्रपति द्वारा मंजूरी दिए जाने के बाद पूरे देश का किसान खुद को असहज महसूस कर रहे हैं। यह बिल किसान विरोधी है, जो आने वाले समय में खुद के खेत में ही किसान और अपने घर पालने के लिए बंधुआ मजदूरी करेगा। इसको केंद्र सरकार को वापस लेना चाहिए या इस बिल में एमएसपी तय किया जाना चाहिए।

उधर, कृषि बिल को लेकर कांग्रेस और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) ने सोमवार को उत्तर प्रदेश में विधानसभा का घेराव करने का ऐलान किया है। इसी कड़ी में सुबह अलग-अलग जगहों से दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता विधानसभा कूच करने लगे। इस दौरान पुलिस से भिड़ंत भी हुई। वहीं, प्रसपा कार्यकर्ताओं को कार्यालय के बाहर ही पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। रोके जाने से आक्रोशित हुए कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हुई, जिस पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया है।

किसान बिल के विरोध में प्रदर्शन करने से रोकने के लिए लखनऊ कमिश्नरेट के अफसरों ने बॉर्डर सील कर दिए थे। विधानसभा, मुख्यमंत्री और राजभवन के बाहर भारी पुलिस बल सुबह से ही तैनात है। चार कंपनी पीएसी समेत अतिरिक्त पुलिस फोर्स तैनात की गई है। शहर के करीब 14 स्थानों पर बैरिकेडिंग लगाई गई है।

राज्य में स्नातक कक्षाएं दो नवंबर से होंगी शुरू

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कोलकाता, । बंगाल में रविवार को राज्य स्तरीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और उच्चतर शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी के बीच हुई एक बैठक में कॉलेजों में दो नवंबर से स्नातक (यूजी) की कक्षाएं शुरू करने का फैसला किया गया।

कॉलेजों में अक्टूबर में नामांकन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद दो नवंबर से कक्षाएं शुरू होंगी। डिजिटल बैठक में शामिल हुए एक प्रमुख विश्वविद्यालय के कुलपति ने बताया कि यह फैसला किया गया है कि नवंबर के आखिरी सप्ताह में संभव नहीं होने की स्थिति में स्नातकोत्तर (पीजी) की कक्षाएं एक दिसंबर से आयोजित की जाएंगी।

उन्होंने बताया कि स्नातक और पीजी, दोनों कक्षाएं ऑनलाइन माध्यम से होंगी और संबद्ध शैक्षणिक संस्थान इसके तौर-तरीकों का खाका तैयार करेंगे।

उच्चतर शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि एक अन्य अहम फैसले के तहत विश्वविद्यालयों ने विभिन्न पीजी पाठ्यक्रमों के तहत 80 फीसद सीटें उन छात्रों के लिये सुरक्षित रखने का निर्णय किया है, जिन्होंने विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में स्नातक की पढ़ाई की है या स्नातक की पढ़ाई उसी विश्वविद्यालय (जैसे कि यादवपुर विश्वविद्यालय) से की है।

गोरखपुर डीएम की पत्नी और बेटे समेत मिले 240 कोरोना मरीज

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गोरखपुर जिले में कोरोना के संक्रमितों में एक दिन बाद ही अचानक बढ़ोतरी हो गई है। शनिवार को जहां केवल 94 मरीज मिले थे, वहीं रविवार को 24 घंटे में 240 मरीज मिले हैं। साथ ही नौ मरीजों की मौत भी हुई है। संक्रमितों में डीएम की पत्नी और उनका आठ साल का बेटा समेत निजी अस्पताल के डॉक्टर भी शामिल हैं। अब जिले में संक्रमितों की संख्या 15113 हो गई है। इनमें से 13406 लोग ठीक हो चुके हैं। 1467 लोगों का इलाज चल रहा है। जबकि 240 लोगों की जान जा चुकी है।

 जानकारी के मुताबिक, डीएम के विजयेंद्र पांडियन के पॉजिटिव आने के बाद एहतियात के तौर पर उन्होंने पत्नी और बेटे समेत काम करने वाले कुछ कर्मियों की कोरोना जांच कराई। रविवार को उनकी पत्नी और आठ साल का बेटा और काम करने वाला एक कर्मी संक्रमित मिले हैं। वही, एम्स  में तीसरे दिन एक और छात्र पॉजिटिव पाया गया है। शहर के एक निजी अस्पताल के डॉक्टर भी संक्रमण की चपेट में आए हैं।

उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने घोषित प्रत्याशी

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प्रदेश में 8 सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने दो टिकट घोषित कर दिए हैं। दोनों ही जगहों पर अपने पुराने व दिग्गज राजनीतिक परिवारों पर भरोसा जताया है। बांगरमऊ (उन्नाव) से आरती बाजपेई और स्वार (रामपुर) से हैदर अली खान उर्फ हमजहा मियां को टिकट दिया है।

आरती वाजपेई प्रदेश की कांग्रेस सरकारों में मंत्री रहे स्वर्गीय गोपीनाथ दीक्षित की बेटी हैं। गोपीनाथ दीक्षित पांच बार विधानसभा का चुनाव जीते थे। आरती के दादा उमा शंकर दीक्षित, गांधी-नेहरू परिवार के काफी नजदीकी थे। केंद्र की कांग्रेस सरकार में वह मंत्री और कर्नाटक व पश्चिमी बंगाल के गवर्नर भी रहे। उमाशंकर दीक्षित दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय शीला दीक्षित के ससुर थे। इस तरह से यहां कांग्रेस ने प्रतिष्ठित ब्राह्मण परिवार की सदस्य आरती पर दांव लगाया है।

 हैदर अली खान, दो बार की सांसद रहीं बेगम नूर बानो के पोते हैं। नूर बानो के पति जुल्फिकार अली खान उर्फ मिक्की मियां 5 बार सांसद चुने गए थे। हैदर अली खान के पिता काजिम अली भी पांच बार जीतकर प्रदेश विधानसभा में पहुंचे हैं। वह मंत्री भी रह चुके हैं। 2012 में वह इसी सीट से विधायक चुने गए थे लेकिन 2017 में अब्दुल्ला आजम खां से चुनाव हार गए थे जिनकी सदस्यता खत्म होने के बाद चुनाव हो रहा है। 

डॉ.अजय कुमार की राह पर प्रदीप बलमुचू और सुखदेव भगत,घर वापसी की चर्चा तेज

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उज्ज्वल दुनिया/रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष डॉ अजय कुमार की कांग्रेस पार्टी में वापसी हो गयी है. पार्टी के दो और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप बलमुचू और सुखदेव भगत भी पार्टी में वापसी का इंतजार कर रहे हैं. डॉ अजय की वापसी के बाद अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इन दोनों नेताओं की पार्टी में वापसी हो पाती है या नहीं.

रविवार को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने डॉ अजय कुमार की कांग्रेस में वापसी को मंजूरी दे दी । इसके बाद से ही झारखंड के राजनीतिक गलियारे में इस बात की चर्चा शुरू हो गयी कि क्या प्रदीप बलमुचू और सुखदेव भगत की भी कांग्रेस में वापसी होगी? इन दोनों नेताओं ने झारखंड विधानसभा चुनावों से ठीक पहले पाला बदल लिया था. प्रदीप बलमुचू सुदेश महतो की पार्टी ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) पार्टी में शामिल हो गये थे.

वहीं, सुखदेव भगत ने कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का कमल फूल अपना लिया था. सुखदेव भगत को भाजपा ने लोहरदगा से चुनाव लड़ने का मौका दिया, लेकिन अपने गृह जिला में वह डॉ रामेश्वर उरांव से हार गये. प्रदीप बलमुचू भी चुनाव नहीं जीत सके.

लातेहार के मनिका सीओ की गाड़ी से बेचा जा रहा था गरीबों को मिलने वाला चावल

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सीओ के घर 10 बोरी चावल जब्त, सरकारी जीप के साथ डीएसओ ने ऑन स्पॉट पकड़कर थाना लाया

मंत्री के संज्ञान के बाद रेस हुए अधिकारी, अधिकारियों के मिलीभगत से अन्नपूर्णा योजना के चावल का हो रहा था हेराफेरी

70 क्विंटल चावल का हो चुका है उठाव, बिना लिखित आदेश के हो रहा था उठाव

नितेश जायसवाल /उज्ज्वल दुनिया/लातेहार ।  मनिका खाद्य आपूर्ति मंत्री झारखंड सरकार रामेश्वर उरांव को मिली गुप्त सूचना के आधार पर सीओ सह एमओ नन्दकुमार राम के चालक नामुदाग निवासी हैदर अली के घर से डीएसओ संतोष कुमार ने सरकारी जीप के साथ 10 बोरी चावल जब्त किया। डीएसओ ने चालक हैदर अली  के घर से चावल ऑन स्पॉट पकड़ा।मिली जानकारी के अनुसार हैदर अली के द्वारा मनिका एफसीआई गोदाम से 70 क्विंटल चावल का उठाव बिना परमिशन लेटर के कर लिया है।  सूत्रों के अनुसार सरकारी चावल को खुले बाजार में बेचा जाता था जिसका बंदरबांट अधिकारी और बिचौलिया में हो रहा था। 

सीओ के ड्राइवर कैसे ढो रहा था अन्नपूर्णा का चावल

शनिवार को इसकी सूचना खाद्य आपूर्ति मंत्री झारखंड सरकार रामेश्वर उरांव को मिली।उन्होंने लातेहार डीसी को सूचना देकर जांच कराने को को कहा।डीसी जीशान कमर के निर्देश पर डीएसओ संतोष कुमार जांच में पहुंचे और मामला पकड़ा।मौके पर थाना प्रभारी प्रभाकर मुंडा दल बल के साथ सरकारी जीप को राशन सहित थाना लाया।

ग्रामीणों ने दी मंत्री को सूचना

चालक हैदर के द्वारा राशन का चावल बेचे जाने की भनक ग्रामीणों को लग गयी. इसके बाद ग्रामीणों ने इसकी सूचना खाद्य आपूर्ति मंत्री रामेश्वर उरांव को दी. सूचना मिलने पर श्री उरांव ने त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश जिला प्रशासन को दिया. इसके बाद जिला आपूर्ति पदाधिकारी संतोष कुमार सिंह ने तत्काल छापामारी किया और नामुदाग में चालक हैदर के घर से सरकारी वाहन पर 10 बोरा राशन का चावल जब्त किया गया. सरकारी वाहन में राशन का चावल बरामद होने के बाद चर्चा का बाजार गरम रहा. कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने इस पर प्रतिक्रिया जाहिर की.

सरकारी वाहन से चावल लाने के मामले में हो रही है जांच : जिला आपूर्ति पदाधिकारी

इस संबंध में जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्री सिंह ने बताया कि अंचलाधिकारी के सरकारी वाहन से 10 बोरा राशन का चावल बरामद किया गया है. चावल किस परिस्थिति में सरकारी वाहन से गांव में भेजा गया था, इसकी जांच की जा रही है.

आरा में जदयू नेता को गोलियों से छलनी किया

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उज्ज्वल दुनिया/आरा (बिहार) । आरा में युवा जदयू के राष्ट्रीय सचिव सह सासाराम विधानसभा प्रभारी प्रिंस सिंह बजरंगी समेत दो लोगों को हथियारबंद अपराधियों ने गोली मार दी । यह मामला भोजपुर के नवादा थाना क्षेत्र का है, यहां के जगदेव नगर मोहल्ले में युवा जदयू के नेता प्रिंस सिंह बजरंगी को अपराधियों ने अपना निशाना बनाया । जानकारी के मुताबिक जदयू नेता प्रिंस सिंह बजरंगी अपने साथियों के साथ कहीं जा रहे थे. इस दौरान पहले से घात लगाए बैठे अपराधियों ने उनके ऊपर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी ।

इस फायरिंग में प्रिंस के साथी मिथुन की मौत हो गई है, जबकि प्रिंस सिंह बजरंगी की हालत गंभीर है। फिलहाल घटना का कारण पता नहीं चल पाया है ।

पंचतत्व में विलीन हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री जसवंत सिंह, बेटे मानवेन्द्र ने दी मुखाग्नि

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उज्ज्वल दुनिया/जोधपुर, 28 सितम्बर (हि.स.)। पूर्व केंद्रीय मंत्री जसवंत सिंह जसोल की पार्थिव देह विशेष विमान से जोधपुर एयरपोर्ट पर औपचारिकता पूरी करने के बाद फॉर्म हाउस पहुंची। इस दौरान उनके पुत्र मानवेन्द्र सिंह व पुत्रवधु चित्रा सिंह भी साथ थे। मानवेन्द्र ने पिता का अंतिम संस्कार करते हुए चिता को मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान से किया गया। 

पूर्व केंद्रीय मंत्री जसवंत सिंह की अंतिम यात्रा जोधपुर स्थित उनके फार्म हाउस से निकली। इस दौरान पुत्रों ने पिता की देह को कांधा दिया। सेना के जवान भी अंतिम यात्रा में शामिल हुए। पुत्र मानवेन्द्र सिंह ने पिता का अंतिम संस्कार करते हुए चिता को मुखाग्नि दी। पूर्व केंद्रीय मंत्री जसवंत सिंह जसोल की पार्थिव देह फार्म हाउस पहुंचने पर मंत्री सालेह मोहम्मद, विधायक महेंद्र विश्नोई, पब्बाराम विश्नोई, भाजपा जिलाध्यक्ष देवेंद्र जोशी, प्रदेश उपाध्यक्ष प्रसन्न मेहता सहित अन्य नेता भी फार्म हाउस पहुंचे। यहां सभी ने पूर्व केन्द्रीय मंत्री जसोल को पुष्पाजंलि अर्पित कर श्रद्धाजंलि दी। 

महागठबंधन का साथ छोड़ने वाले उपेन्द्र कुशवाहा को एनडीए भी नहीं दे रहा भाव

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भूपेन्द्र यादव ने दिया पांच सीट का ऑफर

उज्ज्वल दुनिया\पटना । महागठबंधन का साथ छोड़ने के बाद आरएलएसपी के नेता उपेन्द्र कुशवाहा मंझधार में फंस गए हैं । नीतीश कुमार ने उनके लिए नो एंट्री का बोर्ड लगा रखा है । हालांकि उपेन्द्र कुशवाहा ने मीडिया में बयान भी दिया कि उनकी नीतीश कुमार से कोई दुश्मनी नहीं है । लेकिन इस बयान के बावजूद नीतीश कुमार का दिल नहीं पिघला । 

उपेन्द्र कुशवाहा ने भूपेन्द्र यादव से की मुलाकात 

नीतीश कुमार की बेरुखी के बाद उपेन्द्र कुशवाहा भाजपा के पास पहुंचे । उन्होंने भूपेन्द्र यादव से मुलाकात की । सूत्रों की मानें तो भूपेन्द्र यादव ने उन्हें पांच सीट का ऑफर दिया है लेकिन उपेन्द्र कुशवाहा को इतनी कम सीटें मंजूर नहीं है । 

कुशवाहा के प्रति आरजेडी के सुर बदले

आरएलएसपी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने तेजस्वी यादव के लिए जिन शब्दों का प्रयोग किया था उसके बाद शुक्रवार को दिनभर आरजेडी के प्रवक्ता उन्हें कोसते देखे गए। आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने यहां तक कह दिया कि जिन लोगों को एनडीए में दुत्कारा गया, उन्हें आरजेडी ने सम्मान दिया। लेकिन आज वही लोग तेजस्वी यादव के नेतृत्व पर सवाल उठा रहे हैं। मृत्युंजय तिवारी ने ये भी कहा कि जिस पार्टी के पास ना संगठन है, ना पर्याप्त प्रत्याशी है वह भी अगर अलग जाना चाहते हैं तो उनका स्वागत है। 

तेजस्वी को लेकर क्या कहा उपेंद्र कुशवाहा ने

गुरुवार को आरएलएसपी के नेताओं को संबोधित करते हुए पार्टी अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा था कि सभी लोग अगर मजबूती के साथ होते तो आरजेडी जिस नेता को खड़ा करती उसके पीछे रहकर बिहार में परिवर्तन करना संभव था। आज भी सीट शेयरिंग का मामला हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण नहीं है, एक-दो साथी हमारे छूटेंगे, हमारे मन में था हम उन्हें समझा लेंगे। क्योंकि एक-दो साथी का सवाल नहीं है बिहार का सवाल है। बिहार की जनता चाहती है कि नेतृत्व ऐसा हो जो नीतीश कुमार के सामने ठीक से खड़ा हो सके। तब बिहार के लोग साथ देंगे। इतनी आकांक्षा, अपेक्षा जरूरी थी। लोग चाहे जो भी सोचें, लेकिन आज भी हमारे मन में है कि राष्ट्रीय जनता दल अगर तय करे कि हम अपना नेतृत्व बदल देंगे तो उपेंद्र कुशवाहा आज भी अपने लोगों को समझा लेगा।

 कुल मिलाकर देखें तो उपेंद्र कुशवाहा की मौजूदा हालत ‘धोबी का गदहा ना घर का ना घाट का’ वाली कहावत जैसी हालत हो गई है। 

देश के 62 करोड़ किसान पर हो अत्याचार को कांग्रेस सहन नहीं कर सकती

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उज्ज्वल दुनिया/रांची ।  कृषि बिल के विरोध में अखिल भारतीय कांग्रेसकमिटी के आवाहन पर देशव्यापी आंदोलनात्मक कार्यालय में शामिल होने रांची पहुंचे प्रदेश प्रभारी आर पी एन सिंह बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से सीधे राजकीय अतिथिशाला मोरहाबादी पहुंचे । वहाँ मौजूद पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा  कि वर्तमान की मोदी सरकार ने तीन काले कानूनों के जरिये किसान खेत मजदूर छोटे दुकानदार मंडी मजदूर व छोटे कर्मचारियों की आजीविका पर सीधा हमला बोला है कांग्रेस पार्टी उन 62 करोड़ किसान मजदूर पर हुए इस क्रूर हमले को चुप बैठ कर नहीं देख सकती । उन्होंने कहा कि कलदेशव्यापी आंदोलन में हिस्सा लेने के लिए वो झारखण्ड आये हैं ।

बंद कमरे में वरिष्ठ नेताओं से मिले आरपीएन सिंह 

स्थानीय राजकीय अतिथिशाला मोरहाबादी में उन्होंने सभी मंत्रियों विधायकों व संगठन के पदाधिकारियों से एक एक कर अलग से बंद कमरे में मुलाकात कीसरकार और संगठन की जानकारी ली सबसे पहले उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उराँव एवं नेता विधायकदल आलमगीर आलम , स्वास्थ मंत्री बन्नागुप्ता कृषि मंत्री बादल पत्रलेख से मिलकर विधानसभा सभा चुनाव के दौरान जनता से किये गए वायदों के ऊपर सरकार के स्तर पर अब तक उठाये गए कदमों कीजानकारी ली साथ ही साथ विभागवार कोरोना संक्रमण काल मे जनहित में लिए गए निर्णयों तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के अधतन स्थिति की जानकारी ली ।  प्रवासी मज़दूरों के सहायतार्थ चलाये जा रहे योजनाओं , अनाजों का वितरण तथा कोरोना संक्रमित लोगों के इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग के द्वारा उठाये गए कदमों तथा तैयारियों की जानकारी प्राप्त की ।

इन नेताओं से एक-एक कर मिले आरपीएन सिंह 

उन्होंने विधायक रामचंद्र सिंह प्रदीप यादव भूषण बाड़ा ,दीपिका पांडेय सिंह , बंधु तिर्की , अम्बा प्रसाद ,विकसल कोंगाड़ी , पुर्णीमा नीरज सिंह,  प्रदेश पदाधिकारी यथा कार्यकारी अध्यक्ष केशव महतो कमलेश , राजेशठाकुर , मानस सिन्हा ,   जोनल को ऑर्डिनेटर रमा खलखो  प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद , संगठन प्रभारी रविन्द्र सिंह , प्रवक्ता  शहज़ादा अनवर अजयशाहदेव डॉ एम तौसीफ , कुमार राजा अमूल्य नीरज खलखो , ज्योति सिंह मथारू महिला अध्यक्ष गुंजन सिंह ओबीसी अध्यक्ष अभिलाष साहू खेल प्रकोष्ठ केअमरेंद्र सिंह इसके अतिरिक्त अनादि ब्रह्म शशिभूषण राय  सुरेंद्र सिंह राकेश सिन्हा से भी मुलाकात की सरकार के क्रियाकलापों व संगठन के गतिविधियों की विस्तृत जानकारी ली ।

बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय जदयू में शामिल

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चुनाव लड़ना मेरा फैसला नहीं, यह दल का फैसला है कि क्या सेवा लेता हैः गुप्तेश्वर पांडेय

बक्सर से विधानसभा चुनाव लड़ने की अटकलें तेज 

वाल्मीकिनगर संसदीय क्षेत्र से उपचुनाव लड़ने की भी थी चर्चा

राजीव मिश्रा/पटना, 28 सितम्बर (हि.स.)। बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय रविवार को आखिरकार जनता दल यूनाइटेड (जदयू) में शामिल हो गये। सीएम आवास पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुप्तेश्वर पांडेय को पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी, जदयू के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष व भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी, सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह आदि मौजूद थे। जदयू में शामिल होने के साथ ही गुप्तेश्वर पांडेय के बक्सर से विधानसभा चुनाव लड़ने की अटकलें तेज हो गयी हैं । 

जदयू में शामिल होने के बाद गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि मैं दल का अनुशासित सिपाही हूं। चुनाव लड़ना मेरा फैसला नहीं हो सकता है। ये दल का फैसला होगा कि वह मेरी सेवा कैसे लेता है। नीतीश कुमार हमारे नेता हैं। पार्टी जो भी हमसे कहेगी, वह करूंगा। मैं दिल का साफ आदमी हूं। मुझे तो अभी पता भी नहीं है कि राजनीति क्या होती है। जो भी हमारे नेता का आदेश होगा, उसका पालन होगा।

डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने पांच दिन पहले 22 सितम्बर को वीआरएस ले लिया था। तभी से उनके राजनीति में जाने और विधानसभा या लोकसभा का उपचुनाव लड़ने के कयास लगाए जा रहे थे। इस बात की जबरदस्त चर्चा थी कि वे वाल्मीकिनगर लोकसभा क्षेत्र से उपचुनाव लड़ सकते हैं। साथ ही बक्सर में उनकी सक्रियता को देखते हुए बक्सर से भी विधानसभा चुनाव लड़ने की चर्चा है। इससे पहले भी 2009 में उन्होंने इस्तीफा देकर चुनाव लड़ने का फैसला किया था लेकिन कहीं से टिकट न मिल पाने के कारण चुनाव नहीं लड़ पाए और अपना इस्तीफा वापस ले लिया।
एक दिन पहले शनिवार को गुप्तेश्वर पांडेय ने जदयू कार्यालय में ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की थी। इसके बाद से ही उनके जदयू में जाने की अटकलें तेज हो गई थीं। हालांकि, नीतीश से मिलकर निकलने के बाद पत्रकारों के पूछने पर पांडेय ने खुलकर कुछ नहीं बोला था। इतना जरूर कहा था कि मैं स्वतंत्र नागरिक हूं। किसी से कभी भी मिल सकता हूं लेकिन जदयू की सदस्यता ग्रहण करने को लेकर कोई बात नहीं हुई है

झारखंड आंदोलनकारियों को पेंशन देने के वादे को पूरा करें हेमंत सोरेन

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उज्ज्वल दुनिया /रांची । पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को चिट्ठी लिखकर झारखंड आंदोलन के शहीदों के परिवारों तथा आंदोलकारियों को किये चुनावी वादे कराए । 
 भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री को चुनाव से पहले किए गए वादों को याद दिलाते हुए कहा है कि आपकी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा के चुनावी निश्चय पत्र में साफ-साफ शब्दों में लिखा है कि-“झारखंड आंदोलन के शहीदों के परिवारों तथा आंदोलकारियों के लिए पेंशन योजना सरकार बनने के एक साल के अंदर शुरू कर दी जाएगी। लेकिन इस ओर सरकार के तरफ से कोई भी पहल नहीं की गई है ऐसा लगता है कि यह सिर्फ चुनावी वादे थे।

उन्होंने कहा है कि झारखंड आंदोलनकारी चिह्नितीकरण आयोग का कार्यकाल पिछले अप्रैल माह में ही समाप्त हो चुका है.आयोग में 50 हज़ार झारखंड आंदोलकारियों का आवेदन मंजूरी के लिए लंबित है.इसके साथ ही आंदोलकारियों का पेंशन भुगतान भी कई महीनों से लंबित है.जबकि महागठबंधन सरकार अपना दसवां महीना पूर्ण कर रही और उनके हिस्से में जो कुछ मिल रहा था वो भी कई महीनों से बंद है। ऐसे में  गठबंधन सरकार के लगभग 1 साल पूरे होने वाले हैं। लेकिन शहीदों के परिवार और आंदोलनकारियों को किए गए वादे पर सरकार गंभीरता नहीं दिखा रही है। जो समझ से परे है।