Monday 29th of June 2026 07:32:25 PM
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कोडरमा में वर्षों बाद दिखा विलुप्त गिद्दों का झुंड

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हजारीबाग से पहुंचे पदाधिकारी ने जताया आश्चर्य

कोडरमा जिले के झुमरीतिलैया नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत गांधी स्कूल रोड स्थित झारखंड राज्य खनिज विकास निगम जमीन पर सैकड़ों गिद्ध के झुंड देखे जाने की सूचना के बाद शुक्रवार को हजारीबाग वन संरक्षक कार्य योजना अंचल के पदाधिकारी अजीत कुमार सिंह हजारीबाग से कोडरमा पहुंचे। जहां कोडरमा के डीएफओ सूरज कुमार सिंह ने उनका स्वागत किया। इसके बाद दोनों अधिकारी समेत वन विभाग के अन्य कर्मी गिद्ध की झुंड देखे जाने वाले स्थान पर पहुंचे। उक्त स्थल पर अलग-अलग झुंडों में करीब 100 से अधिक गिद्ध देखे गए। कोडरमा जिले से लगभग लुप्त हो चुके गिद्ध को वर्षों के बाद काफी संख्या में कोडरमा की धरती पर देखकर हजारीबाग से आए पदाधिकारी एवं डीएफओ आश्चर्यचकित एवं काफी खुश हुए।

इस मौके पर हजारीबाग वन संरक्षक पदाधिकारी अजीत कुमार सिंह ने बताया कि गिद्ध को प्राकृतिक सफाई कर्मी कहा जाता है। उन्होंने कहा कि गिद्ध खुले स्थानों पर फेंके गए मृत मवेशियों को साफ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

यदि हमारे प्राकृतिक में गिद्ध नहीं होते तो खुले स्थानों में फेंके जाने वाले मृत मवेशियों से काफी महामारी फैलती। उन्होंने बताया कि गिद्दों के लुप्त होने का एक प्रमुख कारण मवेशी पालकों के द्वारा मवेशी में जनित विभिन्न प्रकार के रोगों में उपयोग किए जाने वाले डायक्लोफेनिक के प्रयोग से मवेशियों के शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

इन मवेशियों की मौत के बाद जब गिद्ध इन्हें खाते हैं तो गिद्दों के किडनी पर काफी खराब प्रभाव पड़ता है। जिससे गिद्दों की मौत हो जाती है। और गिद्दों के प्रजनन क्षमता पर भी प्रभाव पड़ता।

.इन वजहों से काफी तेजी से गिद्दों की संख्या क्षेत्र से विलुप्त होती जा रही है। उन्होंने कहा कि गिद्ध एक बार में एक अंडा देती है और अंडे से निकले चूजे का जीवित रहने का दर भी काफी कम है। इस वजह से भी गिद्धों का हमारे प्राकृतिक में काफी अधिक महत्व है। उन्होंने कहा कि यदि हम इसे नहीं बचाएंगे तो हम एक अलग महामारी को आमंत्रित करेंगे। वन विभाग एवं कुछ एनजीओ इसके संरक्षण को लेकर पूरे झारखंड में काम कर रही है।

उन्होंने मवेशी पालकों से घातक डाइक्लोफिनेक दवा का इस्तेमाल नही करने एवं इसके जगह पर विकल्प के तौर पर उपलब्ध अन्य दवाओं का प्रयोग करने की अपील की। ताकि प्रकृति के सफाई कर्मी गिद्ध का संरक्षण हो सके। उन्होंने बताया कि इन दवाओं के प्रयोग रुकने के लिए भारत सरकार ने गाइडलाइन भी जारी की है।

वंही समाज में चमगादड़ को अशुभ माने जाने की सोच पर उन्होंने कहा कि चमगादड़ हमारे पूरे पर्यावरण के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण जीव है।

चमगादड़ जो कि एक शाकाहारी पक्षी है। जो मुख्यतः फलों का सेवन करते हैं। वह प्राकृतिक के विस्तार में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि कई ऐसे दुर्गम स्थान होते हैं जहां इंसान हमेशा नहीं पहुंच पाते हैं। लेकिन चमगादड़ उन इलाकों में आसानी से पहुंचते हैं और उनके द्वारा मल से निकले बीज से उक्त स्थल पर पेड़ पौधे उगते हैं।

वहीं डीएफओ सूरज कुमार सिंह ने बताया कि कोडरमा जिला एक पक्षी प्रधान जिला है। यहां पर कई विदेशी पक्षियों का भी आगमन होता है।

उन्होंने कहा कि गिद्दों के लिए घातक डाइक्लोफिनेक दवा को लेकर प्रशासन के सहयोग से इसके प्रयोग के रोकथाम को लेकर अभियान चलाया जाएगा और जरूरत पड़ी तो मेडिकल स्टोर पर छापेमारी कर इसकी बिक्री पर रोक लगाया जाएगा। डीएफओ ने बताया कि पर्यावरण में पशु पक्षियों के घटती संख्या का एक कारण औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तार एवं शहरी क्षेत्रों का विस्तार भी है। जिसकी वजह से पेड़ पौधे काटे जा रहे हैं। प्राकृतिक को नष्ट किया जा रहा है। इस वजह से भी पर्यावरण जीवों की संख्या घटी है। जिसके संरक्षण को लेकर वन विभाग लगातार कार्य कर रही है।

अच्छी खबर: झारखंड में बढ़ती बिजली बिल से मिलेगी राहत

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उज्ज्वल दुनिया/रांची: झारखंड में बिजली उपभोक्ताओं के लिए अच्छी खबर है. पिछले कुछ दिनों से बिजली बिल बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं, पर झारखंड विद्युत नियामक आयोग ने कोरोना काल मे बिजली उपभोक्ताओं पर किसी तरह के बिजली बिल में बढ़ोतरी नहीं किया है.

झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग ने उपभोक्ताओं को मिलने वाली बिजली की दर में कोई बढ़ोतरी नहीं किया है. यानी 2020-21 के टैरिफ में किसी तरह की बढ़ोतरी उपभोक्ताओं के लिए नहीं किया गया है. ये नया टैरिफ झारखंड में एक अक्टूबर से मान्य होगा.

इसके अलावे नियामक आयोग ने उपभोक्ताओं से मीटर रेंट की वसूली को बंद करने का निर्णय लिया गया है. साथ ही अब हर घर में मीटर लगाना अनिवार्य कर दिया गया है. जो आगामी एक जनवरी से लागू होगा, बिना मीटर के बिजली बिल की वसूली नहीं होगी. जो उपभोक्ता बिजली बिल का भुगतान डिजिटल करेंगे उनको 1 फीसदी की छूट मिलेगी, लेकिन भुगतान, देय तिथि तक करने पर लाभ मिलेगा.

नियामक आयोग के सदस्य ने नया टैरिफ लागू करते हुए बताया नियामक आयोग की ये कोशिश है बिजली की खपत में जो कमी आई है उसको बढ़ा कर प्रॉफिट को बढ़ाया जाए.  

वही, मेम्बर पीके सिंह ने बताया कि बिजली की गुणवत्ता पर केंद्र सरकार का जोर है. कंपनी को भी परफॉर्मेंस सुधाने पर जोर दिया गया है. सरकार आम उपभोक्ता को सस्ती बिजली देने के लिए लगातर प्रयासरत है. अगले कुछ सालों में बिजली बिल घटने की खबर आएगी, आने वाले समय मे लोगो को सस्ती बिजली मिलेगी. अगले कुछ वर्षों में बिजली मिलना भी मौलिक अधिकार में शमिल होगा.

पिछले एक महीने में झारखंड में पांच फीसदी कम हुई बेरोजगारी

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लॉकडाउन खुलने से लोगों को मिलने लगा काम

उज्ज्वल दुनिया /रांची । झारखंड के शहरों में महीने भर के अंदर बेरोजगारी 5.3 फीसदी घटी है। आर्थिक विश्लेषकों के थिंक टैंक सेंटर फॉर मॉनीटरिंग ऑफ इंडियन इकोनॉमी के सितंबर महीनों के आंकड़ों से इसका खुलासा हुआ है। इसके मुताबिक अगस्त के अंत में झारखंड के शहरों में 19.1 फीसदी बेरोजगारी थी जो सितंबर के अंत में घटकर 13.8 फीसदी पर आ गई है। कोरोना काल में एक माह के अंदर बेरोजगारी घटने की यह रफ्तार सुकून देने वाला है।

सूबे में आर्थिक गतिविधियां बढ़ी

जानकारों की राय में पिछले एक महीने में प्रदेश के शहरों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ी हैं। धंधों के अवसर बढ़े हैं। इसी का नतीजा है कि काम मिलने में इजाफा हुआ है। होटल और रेस्टोरेंट के भी खुलने से अर्थव्यवस्था के मांग-आपूर्ति चक्र में पिछले महीने की तुलना में विस्तार हुआ है। हालांकि, शहरों में बेरोजगारी का घटकर कोरोना से पहले वाले के स्तर तक आाना बाकी है। मार्च में झारखंड की बेरोजगारी दर 16.4 फीसदी आंकी गई थी। जाहिर है कि अनलॉक के कई चरण बीत जाने के बाद आर्थिक गतिविधियां पूरी तरह से परवान नहीं चढ़ी हैं। आस-पास के इलाकों के लोगों का शहरों से आवागमन अभी भी पहले की तुलना में काफी कम है। इसी तरह शैक्षिक संस्थानों के भी नहीं खुलने से बाजार पर अभी असर है।
 

बिहार से कम है शहरी बेरोजगारी  

झारखंड के शहरों में रोजगार कोरोनापूर्व के स्तर तक नहीं पहुंचने के बावजूद यह बिहार से कम है। झाखंड के 13.8 फीसदी की तुलना में यह बिहार में 17.8 फीसदी है। हालांकि पड़ोसी ओड़िशा, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल भी बेरोजगारी के मामले में झारखंड से बेहतर स्थिति में हैं। शहरों में बेरोजगारी की राष्ट्रीय औसत 8.5 फीसदी भी झारखंड से कम है।

गांव में घटती बेरोजगारी थमी 

झारखंड के गांवों में कोरोना काल में घटती बेरोजगारी की रफ्तार थम गई है। अगस्त की तुलना में सितंबर में इस मामले में हल्का सा इजाफा हुआ है। अगस्त में झारखंड के गांवों की बेरोजगारी दर 6.3 फीसदी थी। जो सितंबर में बढ़कर 6.4 फीसदी हो गई है। विशेषज्ञों की राय में इसका कारण गांवों में खेती की सीजन का खत्म हो जाना है। इस कारण खेती में लगे ग्रामीण बेकारी झेलने के लिए मजबूर हैं। 

दुमका और बेरमो उप

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उज्ज्वल दुनिया /रांची । नवंबर को होने वाले उपचुनाव को लेकर आज बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सह सांसद दीपक प्रकाश और संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह ने आजसू प्रमुख सुदेश कुमार महतो से मुलाकात की. 

बीजेपी के दोनों नेता आजसू प्रमुख के आावास पर मिलकर उपचुनाव के सिलसिले में बातचीत की. बीजेपी नेताओं ने आजसू प्रमुख से उपचुनाव में साथ चलने के लिए समर्थन मांगा और पार्टी की तैयारियों की जानकारी दी. इन दोनों सीटों पर तीन नवंबर को उपचुनाव है. जबकि वोटों की गिनती दस नवंबर को होगी. 

बीजेपी नेताओं की इस मुलाकात के साथ राज्य की मौजूदा राजनीति, सरकार के कामकाज और एनडीए की मजबूती पर भी चर्चा हुई. उपचुनाव के साथ ही एनडीए में राज्य स्तर पर समन्वय कमेटी बनाकर दोनों दलों के नेता मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने पर सहमत हुए हैं.

सीएए आंदोलन से चर्चा में आई मुनव्वर राणा की बेटी कांग्रेस में शामिल, बिहार से लड़ेगी चुनाव

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उज्ज्वल दुनिया/पटना । सीएए आंदोलन के दौरान चर्चा में आई मशहूर शायर मुनव्वर राणा की बेटी फौजिया राणा कांग्रेस में शामिल हो गई है। पटना स्थित सदाकत आश्रम में फौजिया ने बिहार कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के सामने सदस्यता ली है। सीएए आंदोलन के दौरान फौजिया बिहार में भी सक्रिय रही थीं। ऐसे में कहा जा रहा है कि कांग्रेस फौजिया को बिहार के किसी सीट से चुनाव लड़ा सकती है।

फौजिया को बिहार कांग्रेस के प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने सदस्यता दिलाई है। इस मौके पर राज्यसभा सांसद अखिलेश सिंह और पार्टी के वरिष्ठ नेता सदानंद सिंह मौजूद रहे हैं। कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करते ही बिहार से फौजिया के चुनाव लड़ने की चर्चा तेज हो गई है। बिहार की राजनीति में पहले यह भी चर्चा थी कि फौजिया आरजेडी में शामिल हो सकती हैं।

मीडिया से बात करते हुए फौजिया राणा ने कहा कि सभी पार्टियों में छल-कपट है। फौजिया ने कहा कि हम लोग पुराने कांग्रेसी रहे हैं। हमारी विचारधारा जिनसे मेल खाएंगी और जहां महिलाओं को सम्मान मिलेगा, उस दल के साथ हम रहेंगे। अपनी आवाज को मजबूत करने के लिए एक बैनर जरूरी होता है।

चुनाव लड़ने के सवाल पर फौजिया ने कहा कि यह पार्टी तय करेगी। वहीं, अपनी इच्छा के सवाल पर भी उन्होंने कहा कि यह पार्टी ही तय करेगी। पार्टी की तरफ से आदेश मिला, तो मैं चुनाव लड़ने के लिए तैयार हूं। ऐसे चर्चा है कि कांग्रेस सीमांचल के किसी मुस्लिम बहुल सीट से फौजिया को उम्मीदवार बना सकती है।

भाजपा दोनो सीटें जीतेगी:सुनील सिंह

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प्रदेश चुनाव समिति ने प्रदेश अध्यक्ष सांसद दीपक प्रकाश,नेता विधायकदल बाबूलाल मरांडी एवम संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह को किया अधिकृत
बैठक में दिल्ली से ऑनलाइन जुड़े राष्ट्रीय महामंत्री, प्रदेश प्रभारी सांसद अरुण सिंह

उज्ज्वल दुनिया /रांची ।  दुमका एवं बेरमो में होने वाले विधानसभा उपचुनाव को लेकर भाजपा चुनाव समिति की बैठक प्रदेश कार्यालय में हुई।बैठक के बाद प्रदेश उपाध्यक्ष एवं सांसद सुनील सिंह ने कहा कि राज्य के दुमका और बेरमो उपचुनाव को लेकर गहन मंत्रणा हुई।

सुनील सिंह ने कहा कि बैठक में दुमका एवं बेरमो उपचुनाव में पार्टी उम्मीदवार चयन के लिए प्रदेश अध्यक्ष सांसद दीपक प्रकाश,नेता विधायक दल बाबूलाल मरांडी एवं संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह को अधिकृत किया गया।दोनो उपचुनाव के लिए अधिकृत नेतृत्व के द्वारा राष्ट्रीय नेतृत्व को उम्मीदवारों की सूची भेजी जाएगी।आगे श्री सिंह ने कहा कि प्रदेश की जनता हेमंत सरकार के कारनामो से तंग आ चुकी है। भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता वर्तमान की हेमन्त सोरेन सरकार के नाकामियों को जनता के बीच उजागर करेंगे।यह सरकार विकास विरोधी सरकार है।

उन्होंने कहा कि इसके पूर्व भी भाजपा ने दोनों सीटों में विजयी प्राप्त किया है।पूर्व में भी भाजपा ने दुमका में मुख्यमंत्री रहते हुए हेमन्त सोरेन एवं शिबू सोरेन को हराया है।

बैठक में प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद दीपक प्रकाश,राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवम पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास,केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा,संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ,प्रदेश उपाध्यक्ष एवम सांसद सुनील सिंह,पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ रविन्द्र कुमार राय,लक्ष्मण गिलुवा, सांसद सुदर्शन भगत, पूर्व विधायक केदार हाजरा,राकेश प्रसाद,आरती सिंह आदि मौजूद थे । 

महिला विरोधी है हेमंत सरकार: आरती कुजूर

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उज्ज्वल दुनिया /रांची ।  भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की अध्यक्ष आरती कुजूर ने कहा कि झारखंड की आधी आबादी हेमंत सरकार में महफूज नहीं है। सत्तारूढ़ हेमंत सरकार महिलाओं के हक अधिकार मारने पर तुली है। सरकार महिलाओं के हक अधिकार के विपरीत निर्णय ले रही है। पूर्ववर्ती सरकार के कई जनकल्याणकारी, महिला कल्याण से संबंधित योजनाएं सरकार ने बंद कर दिया है, जो दुर्भाग्यजनक है। 

महिलाओं से जुड़े सभी योजनाओं को बंद किया 

पूर्ववर्ती सरकार ने महिलाओं के सम्मान में 1 रुपिया में रजिस्ट्री, उज्ज्वला योजना के तहत गैस के साथ चूल्हा देना,   80 फीसदी महिलाओं को काम देने वाली टेक्सटाइल का काम बंद कर दिया गया। मुख्यमंत्री के क्षेत्र में दलित बेटी के साथ दुष्कर्म समेत राज्यभर में जनवरी से जुलाई तक 1033 मामले, दहेज हत्या के बढ़ते मामले, डायन हत्या के बढ़ते मामले झारखंड के लिए शर्म की बात है। 

सत्तारूढ़ महिला विधायक घुटन महसूस कर रही हैं

उन्होंने कहा की सरकार में शामिल दलों की महिला विधायक घुटना महसूस कर रही है। उनके दल के लोग ही महिला विधायक के सम्मान की खिल्लियां उड़ा रहे हैं।

गांधी जयंती पर पीएम मोदी ने कहा, हम स्वदेशी की ओर मुड़ रहे हैं

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उज्ज्वल दुनिया/ नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को गांधी जयंती के अवसर पर वैश्विक भारतीय वैज्ञानिक (वैभव) शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किए। सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारी सरकार ने विज्ञान, अनुसंधान और शोध को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि हम स्वदेशी टीका उत्पादन को प्रोत्साहन दे रहे हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि अपने किसानों की सहायता के लिए हम उच्च दर्जे के वैज्ञानिक अनुसंधान चाहते हैं, हमारा अन्न उत्पादन रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंचा है। हमें भारतीय विज्ञान के समृद्ध इतिहास का विस्तार करना है, पिछली शताब्दी में विज्ञान की मदद से कई ऐतिहासिक सवालों का जवाब खोजा गया है।

पीएम मोदी ने कहा कि हम चाहते हैं कि अच्छा वैज्ञानिक शोध हमारे किसानों की भी मदद करे। हमारे वैज्ञानिकों ने परिश्रम किया और दालों के उत्पादन में वृद्धि दर्ज की गई। आज हमें बहुत कम दाल आयात करनी पड़ती है। हमारे अनाज उत्पादन ने रेकॉर्ड बनाया है।

उन्होंने कहा कि मैं सभी वैज्ञानिकों और उनके विचारों का स्वागत करता हूं। आप सबने मिलकर काम करने पर जोर दिया है। भारत सरकार ने वैज्ञानिक शोध और इनोवेशन को बढ़ाने के लिए बहुत काम किया है। वैभव समिट दुनियाभर के विज्ञान और इनोवेशन को महत्व दे रहा है। मैं इसे ‘प्रतिभा का संगम’ कहूंगा।

पिछले एक महीने में झारखंड में पांच फीसदी कम हुई बेरोजगारी

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लॉकडाउन खुलने से लोगों को मिलने लगा काम 

उज्ज्वल दुनिया/रांची । झारखंड के शहरों में महीने भर के अंदर बेरोजगारी 5.3 फीसदी घटी है। आर्थिक विश्लेषकों के थिंक टैंक सेंटर फॉर मॉनीटरिंग ऑफ इंडियन इकोनॉमी के सितंबर महीनों के आंकड़ों से इसका खुलासा हुआ है। इसके मुताबिक अगस्त के अंत में झारखंड के शहरों में 19.1 फीसदी बेरोजगारी थी जो सितंबर के अंत में घटकर 13.8 फीसदी पर आ गई है। कोरोना काल में एक माह के अंदर बेरोजगारी घटने की यह रफ्तार सुकून देने वाला है।

सूबे में आर्थिक गतिविधियां बढ़ी

जानकारों की राय में पिछले एक महीने में प्रदेश के शहरों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ी हैं। धंधों के अवसर बढ़े हैं। इसी का नतीजा है कि काम मिलने में इजाफा हुआ है। होटल और रेस्टोरेंट के भी खुलने से अर्थव्यवस्था के मांग-आपूर्ति चक्र में पिछले महीने की तुलना में विस्तार हुआ है। हालांकि, शहरों में बेरोजगारी का घटकर कोरोना से पहले वाले के स्तर तक आाना बाकी है। मार्च में झारखंड की बेरोजगारी दर 16.4 फीसदी आंकी गई थी। जाहिर है कि अनलॉक के कई चरण बीत जाने के बाद आर्थिक गतिविधियां पूरी तरह से परवान नहीं चढ़ी हैं। आस-पास के इलाकों के लोगों का शहरों से आवागमन अभी भी पहले की तुलना में काफी कम है। इसी तरह शैक्षिक संस्थानों के भी नहीं खुलने से बाजार पर अभी असर है।

 बिहार से कम है शहरी बेरोजगारी  

झारखंड के शहरों में रोजगार कोरोनापूर्व के स्तर तक नहीं पहुंचने के बावजूद यह बिहार से कम है। झाखंड के 13.8 फीसदी की तुलना में यह बिहार में 17.8 फीसदी है। हालांकि पड़ोसी ओड़िशा, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल भी बेरोजगारी के मामले में झारखंड से बेहतर स्थिति में हैं। शहरों में बेरोजगारी की राष्ट्रीय औसत 8.5 फीसदी भी झारखंड से कम है।

गांव में घटती बेरोजगारी थमी 

झारखंड के गांवों में कोरोना काल में घटती बेरोजगारी की रफ्तार थम गई है। अगस्त की तुलना में सितंबर में इस मामले में हल्का सा इजाफा हुआ है। अगस्त में झारखंड के गांवों की बेरोजगारी दर 6.3 फीसदी थी। जो सितंबर में बढ़कर 6.4 फीसदी हो गई है। विशेषज्ञों की राय में इसका कारण गांवों में खेती की सीजन का खत्म हो जाना है। इस कारण खेती में लगे ग्रामीण बेकारी झेलने के लिए मजबूर हैं। 

भाजपा

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उज्ज्वल दुनिया/पटना ।  बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर एनडीए का घमासान चरम पर पहुंच गया है. जेडीयू से सीटों का बंटवारा फाइनल नहीं होने के बाद पटना में कैंप कर रहे देवेंद्र फडणवीस और भूपेंद्र यादव वापस दिल्ली लौट गये हैं. बीजेपी सूत्र बता रहे हैं कि पार्टी आलाकमान ने दोनों नेताओं को दिल्ली तलब किया है, जिसके बाद उन्होंने देश की राजधानी की फ्लाइट पकड़ ली.

बीजेपी सूत्रों के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी लोकसभा चुनाव की तर्ज पर सीटों के बंटवारे की बात कह रही है. लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने दो सीटों वाली जेडीयू को अपने बराबर यानि 17 सीट दिया था. बीजेपी कह रही है कि विधानसभा चुनाव में उसी तर्ज पर बंटवारा हो यानि जेडीयू और बीजेपी बराबर बराबर सीटों पर चुनाव लड़े. उधर नीतीश कुमार हर हाल में बड़े भाई की भूमिका चाहते हैं. यानि उन्हें बीजेपी से ज्यादा सीटें चाहिये.

भाजपा की जीती हुई सीट पर भी दावा ठोक रहे हैं नीतीश कुमार 

मामला कई सीटों पर दावेदारी को लेकर भी उलझ गया है. दरअसल नीतीश कुमार ने बीजेपी की कई परंपरागत सीटों पर दावा ठोंक दिया है. चुनाव से ठीक पहले उन्होंने बीजेपी की परंपरागत सीटों पर 2015 में चुनाव जीते आरजेडी के विधायकों को शामिल करा लिया. अब बीजेपी रही है कि वो अपने परंपरागत सीट को किसी हालत में नहीं छोड़ेगी.

बातचीत बीच में छोड़ दिल्ली वापस लौटे भूपेन्द्र यादव और देवेन्द्र फडनवीस 

जेडीयू और बीजेपी में हुई बातचीत में ये तमाम विवाद नहीं सुलझ पाये. लिहाजा बातचीत रूक गयी है. बीजेपी ने बिहार के चुनाव प्रभारी देवेंद्र फडणवीस और संगठन प्रभारी भूपेंद्र यादव को जेडीयू से बातचीत फाइनल करने भेजा था. लेकिन बीच में ही दोनों को वापस बुला लिया गया.

चिराग पासवान के हमले का भी असर

उधर चिराग पासवान ने नीतीश कुमार पर सीधा हमला बोल दिया है. लोजपा के प्रवक्ता ने नीतीश कुमार की 7 निश्चय योजना को भ्रष्टाचार का पिटारा करार दिया. लोजपा ने कहा कि अगर उसकी सत्ता आयी तो वह 7 निश्चय में लूट की जांच करा कर लुटेरों को दंडित करेगी. लोजपा के इस बयान के बाद साफ हो गया है कि चिराग पासवान नीतीश कुमार के साथ समझौता नहीं करने जा रही है. जेडीयू बीजेपी की बातचीत रूकने का ये भी एक कारण बना है.

चिराग पासवान का नीतीश पर हमला, सात निश्चय को बताया भ्रष्टाचार का निश्चय

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उज्ज्वल दुनिया/रांची । बिहार विधानसभा चुनाव के लिए एनडीए में सीट शेयरिंग का मुद्दा अभी तक सुलझा नहीं है। लोक जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। वहीं पार्टी के अन्य नेताओं ने नीतीश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को एलजेपी के प्रदेश प्रवक्ता श्रवण अग्रवाल ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महत्वाकांक्षी योजना में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है।

बिहार सरकार की सात निश्चय योजना को उन्होंने फेल करार दिया। बता दें कि यह नीतीश कुमार की महत्वाकांक्षी योजना है और वे इसका बखान हर जगह करते हैं। सरकार का दावा है कि इस योजना के माध्यम से बिहार के गांवों में अच्छा काम हुआ है। चुनावी समर में सत्ताधारी दल इसे अपनी कामयाबी के तौर पर भी प्रस्तुत कर रहा है।

वहीं एनडीए में सहयोगी एलजेपी ने का कहना है कि सात निश्चय को लोजपा नहीं मानती है। श्रवण अग्रवाल ने कहा कि सात निश्चय पार्ट वन में भ्रष्टाचार हुआ है और पार्ट-2 को भी हम लोग नहीं मानेंगे। बता दें कि सीएम नीतीश कुमार ने सत्ता में वापसी पर सात निश्चय पार्ट-2 शुरू करने का ऐलान किया है। एलजेपी प्रवक्ता ने कहा कि एनडीए का कॉमन एजेंडा ही बिहार में चलेगा।

इन सबके बीच एलजेपी ने शनिवार यानी 3 अक्टूबर को पार्टी के केंद्रीय संसदीय बोर्ड की बैठक बुलाई है। सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार इस बैठक में एनडीए के साथ सीट शेयरिंग को लेकर चल रही खींचतान के बीच चिराग पासवान कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं।

सिंगुर में तृणमूल ने कृषि बिल के विरोध में निकाली रैली

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कोलकता ।  पिछले दिनों भाजपा द्वारा बंगाल के हुगली जिले के बहुचर्चित सिंगुर में कृषि बिल के समर्थन में निकाली गई रैली के बाद गुरुवार को इस बिल के विरोध में तृणमूल कांग्रेस के सांसद, मंत्री तथा विधायकों ने साथ मिलकर सिंगुर में रैली निकाली।

सिंगुर के दालुईगाछा गांव से सिंगुर ब्लाक तक किसान खेत मजदूर तृणमूल कांग्रेस कमेटी की ओर से नए कृषि बिल के विरोध में एक बड़ी रैली निकाली गई। इस प्रतिवाद रैली में तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी व अपरूपा पोद्दार, मंत्री तपन दासगुप्ता, मंत्री असीमा पात्रा, जिला तृणमूल कांग्रेस के अध्यक्ष दिलीप यादव, विधायक बेचाराम मन्ना, प्रवीर घोषाल व स्हेनाशीष चक्रवर्ती के साथ सैकड़ों की संख्या में तृणमूल के नेता व कर्मी उपस्थित थे।

जुलूस में सांसद कल्याण बनर्जी ने नारा लगाते हुए कहा कि किसानों के विरोध में बनाए गए नये कृषि बिल को जला दो। जो बिल गरीब किसानों एव मजदूरों के हित में नहीं है उसके खिलाफ हमारा अंदोलन जारी रहेगा।

नवनीत सहगल को दी गई सूचना विभाग के प्रमुख की जिम्मेदारी

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लखनऊ । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार रात को राज्य के ब्यूरोक्रेसी में बड़े प्रशासनिक फेरबदल के साथ अतिरिक्त मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी से सूचना विभाग का प्रभार ले लिया।

अतिरिक्त मुख्य सचिव एमएसएमई नवनीत सहगल को सूचना विभाग का प्रभार दिया गया है।

सूत्रों ने कहा कि यह फेरबदल हाथरस की घटना के दौरान मीडिया प्रबंधन खराब होने के कारण हुआ।

वहीं संजय प्रसाद को सूचना विभाग का प्रधान सचिव बनाया गया है।

नवनीत सहगल और संजय प्रसाद दोनों ही पहले सूचना विभाग में सेवा दे चुके हैं।

योगी ने यूपी में दुर्गा पूजा आयोजन की अनुमति दी

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लखनऊ । योगी आदित्यनाथ की सरकार ने महामारी के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल के साथ दुर्गा पूजा मनाने की अनुमति आखिरकार दे दी है। दुर्गा पूजा पंडाल अब खुले में धार्मिक या सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कर सकते हैं, बशर्ते उन्हें कोविड के सभी दिशा-निदेशरें का पालन करना होगा, जैसे सामाजिक दूरी का पालन करना और मास्क पहनना अनिवार्य होगा।

किसी सीमित स्थान में होने वाले कार्यक्रमों में लोगों की संख्या पर प्रतिबंध भी लगाया गया है। इसके मद्देनजर हॉल की क्षमता के अनुसार मात्र 50 प्रतिशत और अधिकतम 200 लोगों को शामिल होने की अनुमति दी जाएगी।

नए दिशानिर्देश 15 अक्टूबर से लागू होंगे, वहीं नवरात्रि 17 अक्टूबर से शुरू हो रहे हैं।

सरकार के इस फैसले से दुर्गा पूजा समितियों में खुशी की लहर दौड़ गई है, वह पहले से ही त्योहार की तैयारियों में जुट गई हैं।

झारखंड को लूटने नहीं देंगे : रघुवर दास

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सजाने और संवारने की जिम्मेवारी भाजपा की

उज्ज्वल दुनिया /रांची । राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए जाने पर रघुवर दास ने प्रदेश कार्यालय में हुए सम्मान समारोह में कहा कि लोकलुभावन वादे, झूठे वादे, व बदले की भावनाओं से पूर्वर्ती सरकार की योजनाओं को बंद करने वाली सत्तारूढ़ दल से जनता त्रस्त है। 9 महीने में दहेज हत्या, डायन हत्या, मुख्यमंत्री क्षेत्र समेत राज्य में हजार से ज्यादा दुष्कर्म, बढ़ते आपराधिक घटनाएं, बढ़ता नक्सलवाद, गिरता ला एंड आर्डर और भर्ष्टाचार ने चिंता बढ़ा दी है। इस सरकार में महिलाओं का सम्मान नहीं रहा। इस सरकार में  राज्य की जनता खुद को ठगा महसूस कर रही है। ब्यूरोक्रेसी हावी है, पदाधिकारी अधिकारी और सत्ता में शामिल दल और नेता मनमानी कर रहे हैं। ट्रांसफर पोस्टिंग का खेल जारी है। इनकी मनमानी नहीं चलने देंगे। झारखंड को लूटने नहीं देंगे। कोरोना काल के बाद पार्टी जवाब देगी। जनता फिर से गला लगाने को तैयार है। इस उपचुनाव में इसका असर देखने को मिलेगा। 

महात्मा गांधी के सपने को पूरा कर रहे हैं मोदी

उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी कहा करते थें की भारत को आत्मनिर्भर बनाना है तो गांव, किसान को आत्मनिर्भर बनाना होगा। इस सपने को पूरा करने में माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी करने में जुटे हुए हैं। जेबकतरा, बिचौलियों से मुक्ति के लिए कानून लाया गया है किंतु 50 साल तक देश को लूटने वाले व बिचौलियों की दलाल कांग्रेस के आंदोलन में एक भी किसान नहीं है। मोदी जी के शासन में बिचौलियों का नहीं चलेगा। किसानों को उनके सम्मान में यह कानून मिल का पत्थर साबित होगा। किसान आत्मनिर्भर बनेगा तभी देश आत्मनिर्भर होगा। मोदी जी ने एमएसपी भी बढ़ाने का कार्य किया है जबकि इसके नाम पर गंदी राजनीति की जा रही है। 

गुदड़ी के लाल हैं रघुवर: दीपक प्रकाश

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सह सांसद दीपक प्रकाश ने झारखंड राज्य से राष्ट्रीय कमेटी में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में रघुवर दास, अन्नपूर्णा देवी और अजज के राष्ट्रीय अध्यक्ष समीर उरांव को बनाए जाने पर हर्ष व्यक्त करते हुए केंद्रीय नेतृत्व का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि रघुवर दास जमशेदपुर समेत राज्य की समस्या पर बढ़ चढ़ कर काम किया है। समाज के प्रति संवेदनशीलता रहा, समाज के लिए संघर्षरत रहे हैं। गुदड़ी के लाल हैं।