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ममता सरकार के खिलाफ, BJP कार्यकर्ता सड़कों पर, लाठीचार्ज

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कोलकाताः भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) कार्यकर्ताओं की हत्या के खिलाफ आज पार्टी सड़कों पर उतर आई है. राजधानी कोलकाता में जगह-जगह प्रदर्शन किए जा रहे हैं. इस वजह से विद्यागसागर सेतु और हावड़ा ब्रिज को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है. किसी भी तरफ से कोई भी गाड़ी ने आ सकती है और न ही जा सकती है.

प्रदर्शन कर रहे बीजेपी कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया है. इसके साथ ही वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया गया है. दरअसल, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की. ऐलान किया गया कि यहां मत इकट्ठा होइए. इसके बाद कुछ कार्यकर्ताओं ने पत्थरबाजी शुरू कर दी. जवाब में पुलिस ने लाठीचार्ज किया और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया है.

वोट के लिए बड़े वादे करने वालों की सच्चाई को बेनकाब

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कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को हाथरस सामूहिक दुष्कर्म और हत्या पर दुख जताया। उन्होंने इस कृत्य को बर्बर और शर्मनाक करार दिया। ममता बनर्जी ने ट्वीट किया, हाथरस में एक युवा दलित लड़की के साथ हुई बर्बर और शर्मनाक घटना की निंदा करने के लिए मेरे पास कोई शब्द नहीं है। परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदना।

उन्होंने कहा, परिवार की मौजूदगी या सहमति के बिना पुलिस द्वारा जबरदस्ती किया जाने वाला दाह संस्कार अधिक शर्मनाक है, वोट के लिए नारा लगाने वालों और बड़े वादे करने वालों की सच्चाई को बेनकाब करता है। उत्तर प्रदेश में सामूहिक दुष्कर्म और युवती की हत्या के मामले को लेकर देशभर में हो रही आलोचना के बीच तृणमूल सुप्रीमो की यह प्रतिक्रिया आई है।

दशहरा के कार्यक्रमों में भाग लेंगे योगी

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गोरखपुर । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 17 से 25 अक्टूबर तक गोरखनाथ मंदिर में परंपरा के अनुसार दशहरा के दौरान आयोजित होने वाले विजयादशमी के सभी महत्वपूर्ण अनुष्ठानों में भाग लेंगे। मंदिर कार्यालय के सचिव द्वारिका तिवारी ने कहा कि 25 अक्टूबर को योगी आदित्यनाथ कुंवारी कन्या भोज और तिलकोत्सव जैसे कार्यक्रमों के बाद मंदिर में प्रार्थना करेंगे।

तिवारी ने कहा, “इसके बाद वह एक रथ में विजयदशमी की शोभायात्रा में भाग लेंगे और तत्पश्चात मानसरोवर मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद रामलीला मैदान में भगवान राम, देवी सीता और लक्ष्मण का पूजन करेंगे।”

उन्होंने कहा, “मैं श्रद्धालुओं से अपील करता हूं कि कोविड महामारी के मद्देनजर समारोहों के दौरान सभी सावधानी बरतें। सभी कार्यक्रम भक्तों के लिए ऑनलाइन प्रसारित किए जाएंगे।”

आबादी बढ़ने के साथ ही जीवों का संरक्षण आवश्यक: योगी

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गिद्ध संरक्षण केंद्र पर्यावरण की शुद्धि का माध्यम बनेगा। साथ ही यह उस क्षेत्र में ईको टूरिज्म की संभावनाओं को भी बढ़ाएगा। मुख्यमंत्री ने बुधवार को अपने सरकारी आवास पर ‘वन्य प्राणी सप्ताह’ के समापन अवसर पर वर्चुअल माध्यम से महराजगंज के जटायु (गिद्ध) संरक्षण केंद्र का शिलान्यास किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार वन्य प्राणियों के संरक्षण व संवर्द्धन के लिए लगातार काम कर रही है। गिद्घ संरक्षण केंद्र पर्यावरण की शुद्धि का माध्यम बनेगा।

योगी ने कहा कि आबादी बढ़ने के साथ ही जीवों का संरक्षण आवश्यक है। अगर एक भी कड़ी कमजोर होती है, तो ईको सिस्टम भी कमजोर होता है। गिद्ध पर्यावरण की शुद्धि करता है। जल की शुद्धि में जिस तरह से डॉल्फिन का विशेष महत्व है, उसी तरह थल की शुद्धि में गिद्ध का स्थान है।

उन्होंने कहा कि कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए इस वर्ष रिकार्ड 25 करोड़ पौधे लगाए गए हैं। इससे प्रदेश का वनाच्छादन बढ़ा है।

हाथरस के बहाने दंगा भड़काने की थी साज़िश, वेबसाइट के जरिए जुटाए गए करोड़ों रुपये

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उज्ज्वल दुनिया/ लखनऊ। उत्तर प्रदेश में हाथरस का मामला विपक्ष में बैठे राजनीति दलों द्वारा काफी तेजी के साथ उठाया गया। इसको लेकर तमाम दल योगी सरकार पर निशाना साधने से बाज नहीं आए। हालांकि योगी सरकार ने इस मामले में तेजी के साथ कार्रवाई की और गैर-जिम्मेदार अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया। इसके साथ ही योगी सरकार ने इस मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश भी कर दी है। आपको बता दें कि इन सबके बाद इस मामले में खुलासा हुआ है कि हाथरस मामले को लेकर योगी सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाने का काम किया गया था। हाथरस मामले को लेकर हुए बवाल के पीछे की मंशा पीएम मोदी और सीएम योगी की छवि को खराब करने की थी। तैयारी कुछ ऐसी थी कि, इसके लिए जातीय दंगे कराने की साजिश रची गई थी और करोड़ों रूपयों की फंडिग भी की गई थी। आपको बता दें कि दंगों को लेकर रातोंरात वेबसाइट भी बनाई गई थी।

एमनेस्टी इंटरनेशनल से जुड़े हैं दंगा भड़काने वालों के तार

बता दें कि इस वेबसाइट के तार बदनाम संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल से पाए गए हैं। इसके लिए इस्लामिक देशों से हुई जमकर फंडिंग हुई थी और जाँच एजेंसियों के हाथ अहम और चौंकाने वाले सुराग लगे हैं। यूपी शासन व्यवस्था को चुनौती देने के लिए प्रदेश में जातीय दंगों की साजिश करा दुनिया में पीएम मोदी और योगी सरकार की छवि को ख़राब करने के लिए जस्टिस फॉर हाथरस के नाम से रातों रात वेबसाइट तैयार हुई की गई थी। इस वेबसाइट में फ़र्ज़ी आईडी से हजारों लोगों को जोड़ा गया था। विरोध प्रदर्शन की आड़ में बेवसाइट पर प्रदेश में दंगे कराने और दंगों के बाद बचने के तरीके भी बताये गये थे। इतना ही नहीं मदद के बहाने दंगों के लिए फंडिग भी की जा रही थी। फ़ंडिंग की बदौलत अफ़वाहें फैलाने के लिए मीडिया और सोशल मीडिया के दुरूपयोग करने के भी सुराग मिले हैं।

जांच एजेंसियों के हाथ लगी वेबसाइट की डिटेल्स और पुख्ता जानकारी

आपको बता दें कि यूपी में योगी सरकार की सतर्कता के चलते अराजकतत्वों की मंशा कामयाब नहीं हो पाई लेकिन इनकी पोल अब खुलती जा रही है। यूपी में अमेरिका में हुए दंगों की तर्ज पर ही घटना को अंजाम देने की कोशिश थी। इसको लेकर देश भर में जातीय दंगे कराने की तैयारी की गई थी। बहुसंख्यक समाज में फूट डालने के लिए मुस्लिम देशों और इस्लामिक कट्टरपंथी संगठनों से पैसे मंगाए गए थे। सीएए हिंसा में शामिल उपद्रवियों और राष्ट्रविरोधी तत्वों पर योगी सरकार ने जिस तरीके से कार्रवाई की थी, उसका बदला लेने के लिए दंगे की योजना बनाई गई थी, जिसके लिए ही वेबसाइट बनाई गई थी।

आपत्तिजनक कंटेंट मिले हैं

गौरतलब है कि वेबसाइट दंगा करने की रणनीति बताते हुए कहा गया था कि चेहरे पर मास्क लगाकर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को विरोध प्रदर्शन की आड में निशाना बनाया जाय। इसमें कहा गया था कि, प्रदेश में नफरत का ऐसा बीज बोया जाय जिससे बहुसंख्यकों में फूट डाला जा सके। इसके लिए वेबसाइट पर तरह-तरह के तरीके भी बताए गए थे। इसके अलावा वेबसाइट पर मिले और भी आपत्तिजनक कंटेंट मिले हैं।

हाथरस की घटना का सहारा लिया

दंगा कराने के लिए हाथरस की घटना का सहारा लिया जा रहा था, इसे तूल देकर देशभर में आपसी नफरत पैदा करने की साजिश सामने आई है। दंगे की लिए तैयार की गई इस बेवसाइट ने वालंटियरों की मदद से हेट स्पीच और भड़काऊ सियासत की भी स्क्रिप्ट तैयार की थी। मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए फेक न्यूज, फोटो शाप्ड तस्वीरों को फैलाकर, अफवाहों, एडिटेड विजुल्स को लोगों तक पहुंचाकर दंगे भड़काने का पूरा इंतजाम किया गया था।

सोशल मीडिया के बड़े एकाउंटों का इस्तेमाल

अपनी साजिश में दंगा की मंशा रखने वाले कामयाब तो हो जाते लेकिन योगी सरकार की मुस्तैदी और दंगाईयों के खिलाफ योगी सरकार की सख्ती से उनकी सारी कोशिशें नाकाम हो गई हैं। हाथरस मामले को ढाल बनाकर नफरत फैलाने के लिए दंगों के मास्टर माइंड ने कुछ मीडिया संस्थानों और सोशल मीडिया के बड़े एकाउंटों का इस्तेमाल किया। इसके लिए अच्छी खासी रकम खर्च की गई।

कंटेंट एजेंसियों के पास मौजूद

जानकारी के मुताबिक जब इस वेबसाइट को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हुईं तो रातोंरात ये वेबसाइट बंद हो गई। फिलहाल इस वेबसाइट पर मौजूद कंटेंट एजेंसियों के पास मौजूद हैं।

14 हजार 949 करोड़ रुपये से ज्यादा की हुई स्वर्णरेखा बहुउद्देशीय परियोजना, सरकार को मिलने लगा राजस्व

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उज्ज्वल दुनिया/सरायकेला:  केंद्र सरकार की अति महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शुमार स्वर्णरेखा बहुउद्देशीय परियोजना 150 करोड़ से बढ़कर 14 हजार 949 करोड़ रुपये से ज्यादा की हो गई है। वहीं, अब इस परियोजना से सरकार को राजस्व मिलने लगे हैं। झारखंड राज्य में प्रस्तावित यह परियोजना एकमात्र परियोजना है, जो देश के उन 99 प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है जो अब राष्ट्रीय परियोजना घोषित हो चुके हैं।

•महत्वाकांक्षी परियोजना की मॉनिटरिंग

करीब 40 वर्ष पूर्व तत्कालीन बिहार राज्य में शुरू की गई यह परियोजना 40 साल बाद 14 हजार 949 करोड़ रुपए से ज्यादा की घोषित हो चुकी है। वहीं, केंद्र सरकार की इस अति महत्वकांक्षी परियोजना की मॉनिटरिंग केंद्रीय जल आयोग की तरफ से होता है। इस पर सीधा नियंत्रण प्रधानमंत्री का होता है  तत्कालीन बिहार राज्य में शुरू हुई इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य बिहार (अब झारखंड) समेत ओडिशा और पश्चिम बंगाल को भी सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराना था. हालांकि, अब इस योजना से केवल झारखंड और ओडिशा को ही सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाता है।

•परियोजना को 584 करोड़ का राजस्व प्राप्त

परियोजना निर्माण पर अब तक कुल 6,071 करोड़ खर्च हो चुके हैं। वहीं, परियोजना पूर्ण होने के बाद इससे बड़ा राजस्व सरकार को प्राप्त हो सकेगा। परियोजना को प्राप्त राजस्व के संबंध में जानकारी देते हुए मुख्य अभियंता वीरेंद्र कुमार राम ने बताया कि अब तक परियोजना को 584 करोड़ राजस्व के तौर पर प्राप्त हुआ है, जबकि विभिन्न कंपनियों और अन्य विभागों पर परियोजना का 1023 करोड़ रुपये बकाया है, जो प्राप्त होने से सरकार समेत परियोजना को एक बड़ी राशि बताओ राजस्व प्राप्त हो सकेगी।

•टाटा स्टील पर 770 करोड़ का बकाया

स्वर्णरेखा बहुउद्देशीय परियोजना के जलकर के रूप में टाटा स्टील पर 770 करोड़ रुपये का बकाया है। मुख्य अभियंता ने बताया कि इस मामले में टाटा स्टील पानी के दर निर्धारण को लेकर मामले को अदालत में ले गई है। अदालत से प्राप्त आदेश के अनुसार बकाया राशि के एवज में टाटा स्टील स्वर्णरेखा परियोजना को हर माह एक करोड़ रुपये देगा। जब तक विवादित पानी के दर पर कोई फैसला नहीं हो जाता।

•55 हजार हेक्टेयर सिंचाई का लक्ष्य निर्धारित

परियोजना की तरफ से कृषि के लिए भूमि सिंचाई के तहत 55 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचाई का लक्ष्य गत वर्ष निर्धारित किया गया था, जिसके तहत परियोजना ने 49 हजार कृषि भूमि सिंचाई लक्ष्य को प्राप्त किया था। वहीं, मुख्य अभियंता ने बताया है कि इस साल अच्छी बारिश होने के साथ-साथ डैम और कैनाल में मौजूद पानी से 55 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचाई लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकेगा।

मनाली

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​- ​निर्माण कार्य पूरा​, इसी माह यातायात के लिए खोल दिया जाएगा 
​- ​भागा नदी पर 360 मीटर लंबे ​इस ​पुल को ​बनाने में ​​10 साल लगे 
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उज्ज्वल दुनिया /​नई दिल्ली, 08 अक्टूबर (हि.स.)।​ हिमाचल प्रदेश में सामरिक मनाली-लेह राजमार्ग पर सबसे लम्बे पुल का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। इसे इसी महीने यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। इसे बारसी ब्रिज के रूप में जाना जाता है​​।​ यह लद्दाख में दौलत बेग ओल्डी में दुनिया के सबसे ऊंचे लैंडिंग ग्राउंड के मार्ग पर श्योक नदी पर कर्नल चेवांग रिंचेन सेतु के बाद देश में अपनी तरह का दूसरा सबसे लंबा पुल है​​।

बीआरओ के सूत्रों ने बताया कि दारचा में ​​​​भागा नदी पर 360 मीटर लंबे ​इस ​पुल को ​बनाने में ​मुश्किल इलाकों, खराब मौसम के कारण लगभग 10 साल लग गए।​ ​​प्रशासनिक कारणों से पिछले कुछ समय से पुल पर काम भी स्थगित था। ​पुल का निर्माण कार्य सही मायने में लगभग चार साल पहले शुरू हुआ था और हाल ही में इसने गति पकड़ी थी। यह ​पूरा पुल ​स्टील​ का बनाया गया है, जिस​की सुपर संरचना स्टील बीम ​को जोड़कर बनाई गई है। ​पुल को सहारा देने के लिए पूरी लम्बाई में नदी के ​भीतर पांच जगह खंभे लगाये गए हैं। ​​इस पुल का निर्माण सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की 70 सड़क निर्माण कंपनी ​ने किया है। इसी यूनिट ने रोहतांग दर्रे के तहत अटल टनल के उत्तरी पोर्टल को जोड़ने वाले 100 मीटर के स्टील ट्रस ब्रिज का भी निर्माण किया था, जिसका उद्घाटन इसी महीने मनाली​-लेह हाइवे पर सिस्सू के पास केलांग में किया गया था​​।​

बीआरओ अधिकारियों के अनुसार​ ​​भागा ​​नदी चिनाब नदी की एक सहायक नदी है और सूरज ताल से निकलती है, जो बरलाचा दर्रे से कुछ किलोमीटर दक्षिण में है। ​​पहले ​नदी के तल पर बना हुआ एक ​छोटा सा पुराना पुल ​था, जो नदी के दो ​किनारों के बीच मौजूदा मार्ग का अधिकांश हिस्सा ​एक ​अनपेक्षित ट्रैक था​​।​​ बाढ़, चट्टान के खतरों या ​नदी में पानी बढ़ने पर विशेष रूप से बारिश के दौरान यातायात बाधित होता ​था। ​इस ​​​समस्या को दूर करने का एकमात्र तरीका नदी के ऊपर एक अच्छी तरह से एक स्थायी पुल का निर्माण करना था। ​यह इलाका ​लाहौल क्षेत्र में केलोंग से लगभग 33 किलोमीटर आगे दारचा लेह से 11,020 फीट की ऊंचाई पर है​​।​ यह हाइ​वे से कारगिल-वाया पदुम के लिए वैकल्पिक मार्ग​ ​और हिमाचल में इस मार्ग पर ​जाने का आखिरी स्थायी ​रास्ता है​​। 

एलएसी के पास निम ओर हिम वीरों ने 6 चोटियां की फतह

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– सेना और आईटीबीपी के लिए एलएसी पर पहुंचने के लिए ये रूट पहली बार खोले गए

उज्ज्वल दुनिया/उत्तरकाशी, 08 अक्टूबर (हि.स.)। भारत-चीन अंतरराष्ट्रीय सीमा पर चल रहे गतिरोध के बीच नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) और भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) बल ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। एलएसी के पास निम ओर हिम वीरों की संयुक्त पर्वतारोहण टीम ने 6 चोटियां फतह की हैं, जो सामरिक दृष्टिकोण से भारत के लिए महत्वपूर्ण है। किसी भी परिस्थिति में सेना और आईटीबीपी के लिए एलएसी पर पहुंचने के लिए ये रूट पहली बार खोले गए हैं। 

उत्तरकाशी जनपद से सटे एलएसी क्षेत्र में विषम परिस्थितियां होने के कारण आज तक कोई भी इन चोटियों और एलएसी के अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पाया है। इसी क्रम में पहली बार आईटीबीपी और निम की संयुक्त 21 सदस्यीय टीम ने एलएसी पर 5 अनाम सहित 6 चोटियों का सफल आरोहण किया है। इतना ही नहीं, इस टीम ने एलएसी के वॉटर शेड पर पेट्रोलिंग और पर्वतारोहण भी किया। 

बुधवार को नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के प्रधानाचार्य कर्नल अमित बिष्ट ने मीडिया को यह जानकारी देते हुए बताया कि 19 सितम्बर को आईटीबीपी और निम की संयुक्त टीम ने एलएसी पर स्थित अनाम चोटियों के आरोहण का अभियान शुरू किया था, जिसे वॉटर शेड नाम दिया गया था। वॉटर शेड वह क्षेत्र होता है, जहां पर दोनों देशों की चोटियों का अंतिम छोर होता है। यहां एलएसी की लाइन मौजूद है। इस संयुक्त टीम ने 75 किमी के एलएसी के क्षेत्र का निरीक्षण किया। यह टीम माणा पास होते हुए बदरीनाथ पहुंची। 

कर्नल अमित बिष्ट ने बताया कि रास्ता मालूम न होने के बावजूद निम और आईटीबीपी की सयुंक्त टीम ने एलएसी पर 6100 मीटर ऊंची स्वरूप चोटी और 5 अनाम चोटियों, जिनकी ऊंचाई 6129 मीटर, 6007 मीटर, 6075, 6030 और 6025 मीटर है, फतह की हैं.। यह पहली बार हुआ है कि उत्तरकाशी और चमोली से सटी एलएसी पर किसी संयुक्त टीम ने पर्वतारोहण के साथ पेट्रोलिंग भी की है। आईटीबीपी और निम की इस संयुक्त टीम में आईटीबीपी के 18 अधिकारी और जवान, निम के प्रधानाचार्य और एक सूबेदार और हवलदार ने कर्नल अमित बिष्ट और आईटीबीपी की उत्तरी फ्रंट की डीआईजी आईपीएस अपर्णा कुमार के नेतृत्व में फतह किया है। 

अफ्रीकन देशों के लिए रवाना हुआ 2080 टन चावल

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कोलकाता : लॉकडाउन से लेकर अनलॉक के बीच विदेशों में आवश्यक वस्तुओं को पहुंचाने के लिए पूर्व रेलवे के हावड़ा डिवीजन का प्रयास निरंतर जारी है। इसी क्रम में अब रेलवे ने चावल से लदे कंटेनर रैक को रवाना किया है, जो पोर्ट के रास्ते अफ्रीकन देशों तक पहुंचेगा। जानकारी के अनुसार गत शनिवार को हावड़ा डिवीजन के सांईथिया रेल साइडिंग से हल्दिया पोर्ट के लिए 80 कंटेनर में 2080 टन चावल की ढुलाई की गई।

मंडल रेल प्रबंधक इशाक खान, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक राजीव रंजन समेत अन्य अधिकारियों ने कंटेनर के पहले रैक को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अधिकारियों के अनुसार, चावल की ढुलाई से रेलवे के राजस्व में करीब 9 लाख का इजाफा हुआ है।

कोविड

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लखनऊ, उत्तर प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान कोरोना वायरस संक्रमण के 3,663 नए मामले सामने आये हैं। इस दौरान 4,432 मरीज स्वस्थ भी हुए, जबकि 61 मरीजों ने दम तोड़ दिया। नए मरीजों की तुलना में स्वस्थ होने वालों की संख्या लगातार अधिक बनी रहने से प्रदेश में अब कोरोना संक्रमितों का रिकवरी रेट बढ़कर 88.07 प्रतिशत हो गया है।

उत्तर प्रदेश के आठ जिलों में कोरोना के नए मरीजों की संख्या 100 से अधिक है। इनमें सर्वाधिक 428 मरीज लखनऊ में पाये गए हैं। इसके अलावा गौतमबुद्धनगर में 247, प्रयागराज में 191, गाजियाबाद व मेरठ में प्रत्येक में 185, कानपुर नगर में 168, वाराणसी में 160 और गोरखपुर में 158 नए मरीजों का पता चला है। वहीं मंगलवार को डिस्चार्ज हुए लोगों को मिलाकर अब तक प्रदेश में 3,70,753 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।

कोरोना वायरस संक्रमण से 24 घंटों के दौरान को सबसे ज्यादा 12 मरीजों ने लखनऊ में जान गंवाई।

भाजपा 121, जदयू 115 और मांझी की पार्टी हम 7 सीटों पर लड़ेगीः नीतीश कुमार

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– भाजपा अपने कोटे से देगी मुकेश सहनी की वीआईपी को सीट

– भाजपा बोली, पासवान स्वस्थ होते तो लोजपा के मामले में यह स्थिति ना बनती

उज्ज्वल दुनिया/पटना, 07 अक्टूबर (हि.स.)। बिहार विधानसभा चुनाव में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) 122 और भाजपा 121 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। जदयू अपने कोटे से पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी हम को सात सीटें देगा और भाजपा मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) को अपने कोटे से। सीट बंटवारे को लेकर भारी उतार-चढ़ाव के बीच मंगलवार की शाम भाजपा और जदयू की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यह एलान किया। 
उन्होंने कहा कि हम लोगों का एनडीए गठबंधन है और सीटों के बंटवारे का निर्णय हो चुका है। न्याय के साथ विकास और समाज के हर तबके का उत्थान हमलोगों का मकसद है। समाज में प्रेम और भाइचारे का भाव होना चाहिए। बिहार को हम सब लोगों को मिलकर आगे बढ़ाना है। नीतीश कुमार ने नाम लिये बगैर इशारों ही इशारों में ही चिराग पासवान पर हमला बोला। कहा, कौन क्या बोल रहा है इससे मेरा कोई लेना-देना नहीं । रामविलास पासवान से हमारे पुराने संबंध हैं। पता नहीं किसी के मन में क्‍या है। किसी को अगर कुछ कहने से आनंद आता है, तो बोलता रहे। मुझे इससे कोई मतलब नहीं है। हमलोगों के मन में किसी भी तरह की कोई गलतफहमी नहीं है। एक-एक चीज के बारे में फैसला हो गया है। 

तीन चौथाई बहुमत के साथ नीतीश के नेतृत्व में सरकार बनायेंगेः सुशील मोदी

उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा कि हम चुनाव विकास के मुददे पर चुनाव लड़ेंगे। विपक्ष को चुनौति देते हुए उन्होंने कहा कि हिम्मत है तो बिजली, पानी, सड़क और प्रवासियों को मुद्दा बनायें। हमने एक-एक मुद्दे का प्रभावी तरीके से समाधान का प्रयास किया है। हम तीन चौथाई के बहुमत के साथ नीतीश जी के नेतृत्व में सरकार बनायेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि बिहार एनडीए में वही रहेगा, जो नीतीश कुमार को एनडीए का नेता स्वीकार करेगा। ज्यादा और कम सीटों से कोई अंतर नहीं पड़ता है। एक बार घोषणा हो गई तो इसके बाद कोई इफ बट नहीं हैं। नीतीश कुमार आज भी मुख्यमंत्री हैं और आगे भी रहेंगे। इसमें कोई कन्फ्यूजन नहीं है। नीतीश के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने एक दर्जन बार स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा कि रामविलास पासवान बीमार हैं। अगर वह स्वस्थ होते तो ऐसी स्थिति नहीं होती। लोजपा का नाम लिये बगैर उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ी तो हमलोग चुनाव आयोग को लिखकर देंगे कि प्रधानमंत्री के चित्र का इस्तेमाल हमारे गठबंधन के चार दल ही कर सकते हैं। इसके अलावा और कोई करता है तो चुनाव आयोग कार्रवाई करने को स्वतंत्र है।

सीएए का विरोध करने वाले अब किसान बिल के खिलाफ हैं

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उज्ज्वल दुनिया/ भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास आज नई दिल्ली में पार्टी की राष्ट्रीय पदाधिकारी बैठक में शामिल हुए। इस बैठक में कोरोना, किसान, बिहार चुनाव व उप चुनावों समेत अन्य विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में निर्णय लिया गया कि किसान जागरण अभियान को जन-जन तक ले जाना है और लोगों को ये बताना कि किस प्रकार कांग्रेस राजनीतिक स्वार्थ के लिए सीएए की तरह ही कृषि सुधार कानूनों का भी विरोध कर रही है।

झामुमो ने राजद को उसकी हैसियत से ज्यादा दिया सम्मान, लेकिन राजद ने मक्कारी की

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उज्ज्वल दुनिया/रांची । बिहार विधानसभा में महागठबंधन के तहत सीटें नहीं दिए जाने से नाराज़ झारखंड मुक्ति मोर्चा ने रांची में प्रेस कान्फ्रेंस कर राजद और कांग्रेस को जमकर खरी-खोटी सुनाई। सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि राजद में आज जो नए नेता बने हैं, वो अपने दिन भूल जाते हैं । झारखंड में राजद के घर में सालों से अंधेरा था । लोकसभा चुनाव में भी हमने उनके लिए सीट छोड़ी । विधानसभा में भी सात सीटें दी । तब एक सीट पर राजद की जीत हुई. हमने उनके अंधेरे घर में दीया जला दिया । सम्मान के साथ एक विधायक को मंत्री बना दिया । ये हेमंत और गुरुजी (शिबू सोरेन) का त्याग है ।

झारखंड में दीया बारने के लिए एक मंत्री रखा है लेकिन अब उसपर भी विचार करेंगे 

सुप्रियो भट्ट्चार्य ने कहा कि हम लालूजी का आदर करते हैं. सम्मान करते हैं । आगे भी करते रहेंगे । अगर लालू सामाजिक न्याय की बात करते हैं, तो कहां गई उनकी यह बात । जवाब लालू को ही देना होगा ।  आगे झारखंड में राजद के साथ क्या संबंध रहेंगे, इस सवाल पर पार्टी महासचिव ने कहा कि यहां पर हम मूल्यों के साथ हैं. दीया बारने के लिए उनके प्रतिनिधि को सरकार में रखा है. लेकिन वक्त आने पर विचार भी करेंगे । 

हम अंतिम समय तक इंतजार करते रहे

जेएमएम महासचिव ने कहा कि पार्टी ने इंतजार किया कि महागठबंधन के प्रमुख घटक दल राजद के साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे । हमारी सांगठनिक ताकत वहां हैं, इसका भान राजद को भी है. बिहार की राजनीति में जेएमएम का सीधा हस्तक्षेप रहा है. लालू को जेएमएम ने बिहार में मुख्यमंत्री बनाने में साथ दिया. राबड़ी देवी को भी गद्दी में बैठाने पर साथ दिया. 2015 के चुनाव में समर्थन दिया महागठबंधन को. शायद राजद वाले वे दिन भूल गए ।

पुराने दिनों को भूल रहा राजद

उन्होंने कहा कि हम चाहते थे कि बीजेपी को मिलकर हराया जाए. चुनाव में रोका जाए. लेकिन राजनीति में परिस्थितियां बदल जाती है. मौजूदा राजद का नेतृत्व पुराने दिनों को याद नहीं करना चाहता. या फिर हमारे संघर्ष की पहचान नहीं करना चाहता. राजद याद रखे, जेएमएम सम्मान के साथ कभी समझौता नहीं करता. इस बात को बोलने में कतई हिचक नहीं कि राजद ने राजनीतिक मक्कारी की है ।

बोलने को मजबूर हुए

सुप्रियो भट्टाचार्य न कहा, ”हम बोलने को मजबूर हैं. दो दिन पहले महागठबंधन का प्रेस कांफ्रेस हो रहा था. तेजस्वी यादव ने कहा था कि 144 सीटों पर लड़ेंगे. लेकिन जेएमएम को अपने साथ रखेंगे. वह विजुअल हमारे पास है. लेकिन फिर उन्होंने जेएमएम के लिए सीटों की घोषणा नहीं की.144 सीटें मुबारक हो, पर याद रखें, नतीजे आने के बाद फिर हमारी जरूरत पड़ेगी ।

राजद के खिलाफ आंखे तरेरने के साथ ही पार्टी महासचिव ने झाझा, चकाई, कटोरिया से लड़ेंगे. धमदाहा, मनिहारी, पीरपैंती और नाथनगर से चुनाव ल़ड़ने का एलान किया. यह भी कहा कि कुछ और सीटों पर लड़ने के तैयारी है. बिहार में पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं से बातचीत जारी है. 

झारखंड में हुए कोयला घोटाला मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप रे दोषी करार

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उज्ज्वल दुनिया/रांची । दिल्ली की एक विशेष अदालत ने मंगलवार को पूर्व केन्द्रीय मंत्री दिलीप रे को वर्ष 1999 में झारखंड में एक कोयला ब्लॉक आवंटन में अनियमितताओं से संबंधित कोयला घोटाले मामले में दोषी ठहराया है. 

अदालत सजा के संबंध में 14 अक्टूबर को दलीलें सुनेगी. यह मामला 1999 में झारखंड के गिरडीह में ‘ब्रह्मडीह कोयला ब्लॉक’ के आवंटन से जुड़ा है.

विशेष न्यायाधीश भारत पारसकर ने अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में राज्य मंत्री (कोयला) रहे रे को आपराधिक साजिश और अन्य अपराधों को लेकर दोषी ठहराया. 

अदालत ने कोयला मंत्रालय के तत्कालीन दो वरिष्ठ अधिकारी, प्रदीप कुमार बनर्जी और नित्या नंद गौतम, कैस्ट्रोन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (सीटीएल), इसके निदेशक महेंद्र कुमार अग्रवाल और कैस्ट्रॉन माइनिंग लिमिटेड (सीएमएल) को भी दोषी ठहराया है. 

मिलन चौक के शराब दुकान में चोरी मामले का खुलासा ओर एक चोर गिरफ्तार

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 उज्ज्वल दुनिया/सरायकेला ।  ईचागढ़ थाना क्षेत्र के मिलनचौक में स्थित सरकारी कंपोजिट शराब दुकान में ताला तोड़कर शराब चोरी किए जाने के मामले में ईचागढ़ थाना की पुलिस ने  मंगलवार को एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। गिरफ्तार व्यक्ति का नाम दिलीप कालिंदी बताया जा रहा है।

जानकारी देते हुए ईचागढ़ थाना प्रभारी विनोद कुमार सिंह ने बताया कि गुप्त सुचना के आधार पर छापामारी कर जमशेदपुर निवासी दिलीप कालिंदी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। उन्होंने बताया कि छह फरवरी को ईचागढ़ थाना अंतर्गत मिलन चौक में स्थित सरकारी कंपोजिट शराब दुकान से अज्ञात चोरों द्वारा शटर तोड़कर नकद 3300 ओर 37,4280 रुपए की शराब की चोरी कर ली गई थी। शराब दुकान मालिक राजेश गुप्ता ने ईचागढ़ थाना में अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया की पुलिस ने पहले ही जांच में चोरी की 348 बोतल विभिन्न ब्रांड की शराब जमशेदपुर के सिदगोड़ा व बिरसानगर से बरामद की थी। जहां पुलिस ने इस मामले में जमशेदपुर के बिरसानगर थाना अंतर्गत हुड़लुंग निवासी दीनबंधु मुखी व सीतारामडेरा थाना क्षेत्र अंतर्गत एग्रिको निवासी दुर्गा साहू को उनके घर से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।