Tuesday 30th of June 2026 04:03:44 AM
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बड़कागांव के इतीज में पाषाण काल के मिले गुफा

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बड़कागांव के चिरुडीह बरवाडी एवं केरेडारी के इतीज के बॉर्डर पर हैं यह गुफा

बड़कागांव प्रखंड में है दर्जनों गुफाएं

(संजय सागर)

झारखंड के हजारीबाग जिले के बड़कागांव प्रखंड से 15 किलोमीटर दूर स्थित पुरापाषाण काल का इतिज गुफा है . यह गुफा बड़कागांव प्रखंड के ग्राम चिरुडीहबरवाडी एवं के केरेडारी प्रखंड के ग्राम इतीज के बॉर्डर पर स्थित बाघ लतवा पहाड़ में है.अब तक यह गुफा गुमनाम ही था .इसे आज तक किसी भी रूप प्रकाशित नही किया गया था . इस गुफा  की खोज का श्रेय कर्णपुरा  के इतिहास पर अध्ययन कर रहे हैं युवा पत्रकार संजय सागर को जाता है .पुरातात्विक विज्ञान के अनुसार यह गुफा पुरापाषाण काल एवं मध्य पाषाण काल का लगता है. श्री सागर का कहना है कि विश्व के प्रसिद्ध बड़कागांव का इसको गुफा एवं मध्य प्रदेश के भीमबेटका गुफा की तरह या गुफा लगता है. पुरापाषाण काल 2500000 से 10,000 ईसा पूर्व एवं मध्य पाषाण काल 10 से 5000 वर्ष ईसा पूर्व एवं नवपाषाण काल 7000 से 1000 वर्ष ईसा पूर्व माना जाता है. इतीज गुफा में पत्थरों के औजार एवं शैल चित्र भी मिले हैं .पुरातात्विक विज्ञान के अनुसार प्राचीन मानव पत्थर के औजारों से शिकार करते थे. पाषाण काल में जावा मानव ,सीनाथ्रोपस मानव व नियंडरथल मानव  गुफाओं में निवास करते थे .इस गुफा को देखने से ऐसा लगता है कि यह गुफा भी इसी तरह के मानव का निवास रहा होगा. ज्ञात हो कि बड़कागॉव प्रखंड के इसको का पाषाण काल का गुफा एवं महोदी पहाड़ में डूमारो गुफा ,द्वारपाल गुफा ,छगरी -गोदारी गुफा, केरेडारी प्रखंड के नवटंगवा गुफा मिलने से ऐसा लगता है कि बड़कागांव प्राचीन मानव की सभ्यता केंद्र रही है. अगर यहां के पत्थरों को कार्बन डेटिंग के आधार पर जांच किया जाएगा तो यहां के गुफाएं काफी पुरानी सभ्यता के रूप में साबित होगी.

कैसे पता चला यह गुफा

 मैं  संजय सागर जब इतीज गांव पहुंचा तो 3 किलोमीटर दूर से एक पहाड़ी नजर आया, जो गुफा की तरह दिखाई दे रहा था. स्थानीय निवासी किरणधर गंझू ,सुनील गंझू अन्य ग्रामीणों ने बताया कि उस पहाड़ में बाघ की मांद है.वहां डर से कोई नहीं जाता है. मुझे  वह मांद गुफा के रूप में प्रतीत हुआ .मैं आर्यकर्ण निधि लिमिटेड के निर्देशक रंजीत कुमार मेहता व कुछ ग्रामीणों को लेकर उस बाघ लतवा पहाड़ उबड़- खाबड़ एवं झाड़ियों से भरे कठिन रास्तों होते हुए पहुंचा. यह गुफा 15 फीट ऊंची पहाड़ पर स्थित है. गुफा तक जाने के लिए खतरनाक व संकीर्ण रास्ता है.गुफा देखकर हैरान सा लगा. यहां तीन गुफा है. गुफा के दोनों किनारे में छोटा-छोटा  द्वारा वाले दो गुफाएं हैं. जबकि बीच में एक बड़ा सा गुफा है .इस गुफा के द्वार की ऊंचाई लगभग 4:30 फिट है .गुफा के अंदर लंबी सुरंग है .जिसकी लंबाई नहीं नापी नही जा सकती है. आवाज लगाने पर आवाज लौटकर नहीं सुनाई देती है. गुफा के अंदर अंधेरा ही अंधेरा नजर आता है टॉर्च जलाकर कुछ ही दूर तक दिखाई देती है. गुफा के इर्द-गिर्द में एवं गुफा के अंदर कई पत्थर के औजार बिखरे पड़े हुए हैं मैंने कुछ पत्थर के औजार को संग्रह करके एक स्थान में रख दिया.

गुफा की खासियत

इतीज गुफा  विश्व प्रसिद्ध बड़कागांव का इसको गुफा एवं मध्य प्रदेश के भीमबेटका गुफा की तरह लगता है.  गुफा एवं पत्थर के औजार को देखने से ऐसा लगता है जैसे यहां  प्राचीन मानव की सभ्यता  रही है . गुफा के अगल-बगल में गुफा को ढकने के लिए चट्टान का दरवाजा भी  है जो गुफा के नीचे गिरा पड़ा है गुफा में सफेद व लाल रंग के कई तरह के चित्र भी अंकित है.

पत्थरों के औजार मिले

]इस गुफा में प्राचीन मानव द्वारा बनाएगी पत्रों का औजार भी मिले हैं इनमें से हैमर (फेंक कर चोट पहुंचाने वाली आजार ) हैंड एक्स (काटने व कूटने के लिए),भाले की नोक( चमड़ा सिलने और छेद बनाने के उपकरण) डेढ़ इंच के आकार का माइक्रोलिथ (छोटे और धारदार चाकू) प्रारंभिक बेडौल मुट्ठीछुरा( हाथ की कुल्हाड़ी) खिरिया ढेकली हावड़ा चीनी आदि पत्थर के औजार मिले हैं .जो पुरापाषाण  युगीन लगता है.

क्या कहना है पुरातत्व विभाग का

पुरातत्व विभाग के राजेंद्र देहरी का कहना है कि हजारीबाग जिले के बड़कागांव प्रखंड में कई पाषाण काल के गुफाए है. उन गुफाओं की तरह ईतीज गुफा भी होगा .वहां पर जाने एवं देखने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है. अखबारों में इसे प्रकाशित किया जाए ,ताकि विभाग व सरकार का ध्यान वहां पहुंचे और उस पर काम हो सके.

जमीन तलाशने की तैयारी में आम आदमी पार्टी

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लखनऊ । उत्तर प्रदेश में आम आदमी पार्टी (आाप) धीरे-धीरे अपने पांव जमाने में लग गयी है। पार्टी दिल्ली में सत्ता हासिल करने के बाद यूपी में जमीन तलाशने की पुरजोर प्रयास में लग गयी है। सोशल मीडिया के जरिए सरकार को घेरने में लगे सपा, बसपा और कांग्रेस को इसी के दबाव के चलते जमीन पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा है। आप के रणनीतिकारों का मानना है कि जब तक पार्टी यहां सत्ता पर काबिज नहीं होती है तब तक विपक्ष का विकल्प बनने की पूरी तैयारी कर रही है।

दिल्ली में सत्ता मिलने के बाद से ही पार्टी ने देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश की ओर अपनी विशेष निगाह डालनी शुरू कर दी। आम आदमी पार्टी यूपी में अपने संगठन के विस्तार के लिए तेजी से सदस्यता अभियान चला रही है। इसके अलावा सूबे में सियासी जमीन को मजबूत करने के लिए अरविंद केजरीवाल ने यूपी के प्रभारी संजय सिंह को मोर्चे पर लगाया है जो योगी सरकार को घेरने में तेजी से लग गए हैं।

आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रभारी संजय सिंह ने राजधानी लखनऊ में डेरा जमा लिया है। लगातार जनहित से जुड़े मुद्दे उठाकर वह सरकार की आंख में खटकने लगे हैं। इसका उनको खमियाजा भी भुगतना पड़ रहा है। उनके ऊपर उप्र के कई जिलों में एफआईआर दर्ज हुई है। लेकिन वो पीछे नहीं हटे हैं। संजय सिंह न सिर्फ जनहित के मुद्दों पर पार्टी को सड़क पर उतार रहे हैं बल्कि संगठन को मजबूती और विस्तार भी दे रहे हैं।

बंगाली अभिनेता सौमित्र चटर्जी की हालत खराब

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कोलकाता। वरिष्ठ बंगाली अभिनेता सौमित्र चटर्जी(85) की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें शुक्रवार देर रात एक निजी अस्पताल के आईसीयू में शिफ्ट किया गया। यह जानकारी अस्पताल के सूत्रों ने शनिवार को दी। चटर्जी का 5 अक्टूबर को कोरोनावायरस रिपोर्ट पॉजिटिव आया था। अभिनेता कई अन्य बीमारियों से भी पीड़ित हैं। उन पर करीब से निगरानी रखने के लिए आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया है।

बीते 5 अक्टूबर को कोविड -19 पॉजिटिव आने के एक दिन बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन तब हालत स्थिर थी। सूत्रों ने कहा कि चटर्जी पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ थे और कथित तौर पर उन्हें बुखार था। वह अभिनेता परमब्रत चट्टोपाध्याय द्वारा निर्देशित ‘अभिजन’ नामक एक डॉक्यूमेंट्री की शूटिंग कर रहे थे।

उन्होंने 1 अक्टूबर को भरतलक्ष्मी स्टूडियो में शूट किया था। अगली शूटिंग 7 अक्टूबर को थी। जानकारी के अनुसार, अभिनेता को फेफड़े से संबंधित पुरानी बीमारी है। पिछले साल उन्हें निमोनिया के कारण कुछ दिनों के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

पाकिस्तानी वायुसेना में समाया राफेल का खौफ

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एयर मार्शल ​मुजाहिद अनवर खान ने कहा, राफेल से जल्‍द हमला कर सकता है भारत​​
बोले, ​भारत अब ‘कश्मीर से परे और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर संघर्ष’ फैलाने का प्रयास करेगा

नई दिल्ली । पाकिस्ता​नी वायु सेना ​में ​भारत को फ्रांस से फाइटर जेट राफेल मिलने के बाद से हमले का डर सता रहा है​।​ इसका खुलासा खुद पकिस्तान वायुसेना के एयर मार्शल और पाकिस्तानी एयर यूनिवर्सिटी के चांसलर ​​​​मुजाहिद अनवर खान ने किया है​​​।​ उन्होंने एक कार्यक्रम में बेहिचक कहा कि भारत निकट भविष्य में पाकिस्तान के अंदर कई लक्ष्यों पर हमला ​करने के लिए पाक वायु क्षेत्र में गहराई से प्रवेश करेगा।​​ उन्होंने दावा किया कि फ्रांस से मिले मिटयोर मिसाइल से लैस राफेल जेट को वायुसेना में शामिल करने के बाद भारत एक आक्रामक योजना बना रहा है। उन्होंने कश्मीर पर अपने देश की पुरानी बयानबाजी को आगे बढ़ाते हुए कहा कि ​​भारत अब ‘कश्मीर से परे और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर संघर्ष’ फैलाने का प्रयास करेगा।

पाकिस्तान में सेंटर फॉर एयरोस्पेस एंड सिक्योरिटी स्टडीज के एक कार्यक्रम में ​​मुजाहिद अनवर​ ​खान के इस बयान से पाकिस्तानी सेना और इमरान खान प्रशासन का डर दिखा। उन्होंने कहा कि भारत का रुख अगले 18-24 महीनों में आक्रमक होगा। फ्रांस से राफेल फाइटर जेट मिलने के बाद एयरोस्पेस डोमेन में अपना प्रभुत्व साबित करने के लिए पाकिस्तान में पांच किमी. तक घुसकर कई तरह के हमले भी कर सकता है। इसके अलावा एयरोस्पेस डोमेन में अपनी श्रेष्ठता पर मुहर लगाने के लिए कई और भी लक्ष्य रख सकता है। उन्होंने यह भी संभावना जताई कि आने वाले दिनों में भारत जल्‍द ही पाकिस्‍तान पर हवाई हमले कर सकता है। उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया कि भारतीय वायुसेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया प्रेस कॉन्फ्रेंस में नए राफेल जेट को शामिल करने के बाद चीन और पाकिस्तान के साथ टू-फ्रंट वार को एक साथ संभालने के लिए देश की तैयारियों के बारे में बात कह चुके हैं।

उन्होंने यह भी कहा था कि राफेल के आने से भारत की गहराई तक हमले करने की क्षमता बढ़ी है और भारतीय वायु सेना दोनों मोर्चों पर युद्ध सहित किसी भी संभावित संघर्ष के लिए तैयार है। पाकिस्तानी वायुसेना के एयर मार्शल ने स्वीकार किया कि भारत ने पुलवामा आतंकी हमले के 26 दिनों बाद 26 फरवरी,2019 को पाकिस्तान के बालाकोट में खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में हवाई हमले कर जैश-ए-मोहम्मद के सबसे बड़े प्रशिक्षण शिविर को खत्म कर दिया। एक सटीक एयरस्ट्राइक में भारतीय वायुसेना ने 350 आतंकवादियों और प्रशिक्षकों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया। भारत ने पूरी तरह से सशस्त्र मिराज-2000 लड़ाकू विमानों का इस हमले में उपयोग किया। उन्होंने कहा कि भारत की इस ‘प्रीमेप्टिव एंड नॉन-मिलिट्री’ कार्रवाई को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मजबूत नेतृत्व के रूप में देखा गया था। इससे पहले पीएम मोदी ने 15 फरवरी,2019 को कहा था कि आतंकवादियों से निपटने के लिए सुरक्षा बलों को फ्री हैंड दिया जाएगा और पुलवामा हमले के जिम्मेदार लोग बहुत भारी कीमत चुकाएंगे। पाकिस्तानी वायुसेना के एयर मार्शल ने बालाकोट एयर स्ट्राइक में पहली बार पाकिस्तानी लड़ाकू विमान एफ-16 को भारत द्वारा मार गिराए जाने की बात भी कबूली और कहा कि भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्थमान अपनी बहादुरी दिखाने के बाद भी कई दिन पाकिस्तानी हिरासत में बिताए। बालाकोट हवाई हमले के बाद सुबह जब पाकिस्तान ने जवाबी हमला करने की कोशिश की तो भारत के मिग-21 को पाकिस्तान एयरफोर्स के साथ डॉगफाइट में गोली मार दी गई थी।

संत की सरकार में संतों पर खतरा

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लखनऊ । बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने उत्तर प्रदेश के गोंडा में एक मंदिर के पुजारी पर जानलेवा हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने प्रदेश सरकार से साधु-संतों की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। मायावती ने सोमवार सुबह ट्वीट के माध्यम से प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि, राजस्थान की तरह यूपी के गोण्डा जिले में मन्दिर के पुजारी पर भू-माफियाओं द्वारा मन्दिर की जमीन पर कब्जा करने के इरादे से किया गया जानलेवा हमला अति-शर्मनाक अर्थात संत की सरकार में अब संत भी सुरक्षित नहीं। इससे खराब कानून-व्यवस्था की स्थिति और क्या हो सकती है।

उन्होंने आगे लिखा कि यूपी की सरकार इस मामले में सभी पहलुओं का गम्भीरता से संज्ञान लेकर दोषियों के विरूद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करे तथा इस घटना से जुड़े सभी भू-माफियाओं की सम्पत्ति भी जरूर जब्त की जाये। साथ ही, साधु-सन्तों की सुरक्षा भी बढ़ाई जाये।

महज 8 मिनट में खत्म हो गया ‘निर्भय’ का परीक्षण

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पांचवें और आखिरी परीक्षण में खराबी आने पर डीआरडीओ ने खुद ही मार गिराया
-परीक्षण के अगले दौर के बाद औपचारिक रूप से सेना में किया जाएगा शामिल

नई दिल्ली । चीन से टकराव के बीच लद्दाख सीमा पर तैनात 1000 किमी. की दूरी तक मार करने वाली सबसे खतरनाक मिसाइल ‘निर्भय’ का आखिरी और पांचवां परीक्षण सोमवार को तकनीकी खराबी आ जाने से महज 8 मिनट के अंदर ख़त्म हो गया। इससे पहले परमाणु सक्षम लॉन्ग रेंज सबसोनिक क्रूज मिसाइल निर्भय के चार परीक्षण किए जा चुके हैं। आज हुए परीक्षण में डीआरडीओ ने निर्भय क्रूज मिसाइल को 8 मिनट के बाद खुद ही मार दिया। कुछ ही महीनों में परीक्षण के अगले दौर के बाद निर्भय मिसाइलों को औपचारिक रूप से सेना में शामिल किया जाएगा।

आकाश में मंडराने और पैंतरेबाजी के प्रदर्शन में माहिर यह मिसाइल लंबी दूरी तक परमाणु हथियार ले जाने और सभी मौसम में कई लक्ष्यों के बीच हमला करने में सक्षम है। छह मीटर लंबी और लगभग 1500 किलो वजन वाली यह मिसाइल 1000 किलोमीटर से अधिक दूरी तक मार कर सकती है। दो पंखों के साथ यह मिसाइल 500 मीटर से लेकर चार किमी. की ऊंचाई पर उड़ान भरने में सक्षम है। मिसाइल को टेक ऑफ के लिए ठोस रॉकेट बूस्टर द्वारा संचालित किया जाता है, जिसे उन्नत प्रणाली प्रयोगशाला (एएसएल) द्वारा विकसित किया गया है। आवश्यक वेग और ऊंचाई तक पहुंचने पर मिसाइल में लगा टर्बोफैन इंजन इग्निशन के रूप में प्रयोग किया जाता है। इसे स्वदेशी अनुसंधान केंद्र (आरसीआई) द्वारा विकसित एक अति उन्नत जड़त्वीय नेविगेशन प्रणाली और ऊंचाई निर्धारण के लिए रेडियो तुंगतामापी (ऑलटीमीटर) द्वारा निर्देशित किया जाता है। दुश्मन के रडार से बचने के लिए यह नीची ऊंचाई पर भी उड़ान भर सकती है। यह मिशन की आवश्यकताओं के आधार पर अलग-अलग प्रकार के 24 हथियारों को वितरित करने में भी सक्षम है।

पहले परीक्षण में राह से भटकी

निर्भय मिसाइल के सतह संस्करण (ग्राउंड वर्जन) का परीक्षण पहली बार ओडिशा के बालासोर जिले में चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज से 12 मार्च,2013 को किया गया। अपनी पहली उड़ान में मिसाइल बंगाल की खाड़ी में 1000 किमी की दूरी पर स्थित एक स्थिर लक्ष्य को भेदने वाली थी। मिसाइल ने सफलतापूर्वक लांच पैड से उड़ान भरी और प्रणोदन (इग्निशन) के दूसरे चरण में पहुंचकर 0.7 मैक की रफ्तार से 15 मिनट तक अपने निर्धारित पथ पर गई। इसके बाद यह अपने लक्ष्य से दूर मुड़ गई जिसकी वजह से उड़ान के मध्य रास्ते में ही मिसाइल को इंजन से अलग करके जानबूझकर नष्ट कर दिया गया। ऐसा मिसाइल के तटीय क्षेत्रों से टकराने के जोखिम से बचने के लिए किया गया था। फिर भी इस परीक्षण को आंशिक सफलता के रूप देखा गया क्योंकि मिसाइल ने अपनी सीमा में 30 प्रतिशत सफलतापूर्वक यात्रा की। मिसाइल ने अपनी राह से हटने से पहले मिशन के ज्यादातर उद्देश्यों को प्राप्त कर लिया गया था। डीआरडीओ की जांच में दोषपूर्ण जड़त्वीय (इनरशिअल) नेविगेशन प्रणाली के बारे में पता चला जिसे बाद में सही कर लिया गया।

दूसरा परीक्षण पूरी तरह सफल रहा

निर्भय मिसाइल का दूसरा लांच फरवरी-मई 2014 के लिए निर्धारित किया गया था लेकिन बाद में यह अक्टूबर 2014 तक स्थगित हो गया। अक्टूबर में कुछ देरी हुदहुद चक्रवात के कारण भी हुई। 17 अक्टूबर 2014 को मिसाइल के सतह संस्करण का परीक्षण फिर से एक बार ओडिशा के बालासोर जिले में चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज से किया गया और इस बार परीक्षण सफल रहा। मिसाइल ने परीक्षण के सभी 15 मापदंडों पूरा किया। मिसाइल 1000 किलोमीटर से अधिक दूर और 1 घंटे 10 मिनट की अवधि तक चली। मिसाइल को जमीन आधारित रडार की मदद से ट्रैक किया गया और डीआरडीओ के आईटीआर और एलआरडीई (इलेक्ट्रॉनिक्स एंड रडार विकास स्थापना) के टेलीमेटरी स्टेशनों से निगरानी की गई। भारतीय वायु सेना के लड़ाकू जेट जगुआर ने मिसाइल का पीछा करके उड़ान के दौरान की वीडियो बनाई।

तीसरे परीक्षण में हुई दुर्घटनाग्रस्त  

मिसाइल का तीसरा टेस्ट 16 अक्टूबर 2015 को 11:38 बजे हुआ। मिसाइल का नीची उड़ान क्षमता के लिए परीक्षण किया जा रहा था। उड़ान के दौरान मिसाइल को 4800 मीटर से धीरे-धीरे 20 मीटर की दूरी पर लाना था। सुखोई-30 एमकेआई विमान ने उड़ान को वीडियो टेप किया। मिसाइल के सभी शुरुआती आवश्यक ऑपरेशन सफल रहे लेकिन अपनी 1000 किमी. रेंज में से केवल 128 किमी. कवर करने के बाद 11 मिनट की उड़ान में मिसाइल बंगाल की खाड़ी में दुर्घटनाग्रस्त हो गई।

चौथे परीक्षण में फिर राह भटकी

मिसाइल का चौथा टेस्ट 21 दिसम्बर, 2016 को एकीकृत परीक्षण रेंज के प्रक्षेपण परिसर-III (आईटीआर) बालासोर, ओडिशा में 11:56 बजे किया गया। इस परीक्षण के परिणाम पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया लेकिन यह परीक्षण सफल नहीं था। पहले चरण में बूस्टर इंजन ने काम शुरू किया और इसके लांचर ने मिसाइल को ऊपर उठाया लेकिन मिसाइल ने लिफ्ट बंद होने के दो मिनट बाद एक ओर खतरनाक तरीके से मुड़ना शुरू कर दिया और राह भटककर अपने सुरक्षा गलियारे के बाहर मुड़ गई। इस कारण मिसाइल परीक्षण को निरस्त करना पड़ा और इसे दूर से नष्ट कर दिया गया। मिसाइल की विफलता के लिए एक संभावित कारण एक हार्डवेयर की समस्या को बताया गया।

गुजरात : गिर अभयारण्य में 16 अक्टूबर से शुरू होगी पर्यटकों की आवाजाही

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कोरोना संबंधी दिशा निर्देशों का करना होगा कड़ाई से पालन

अहमदाबाद । राज्य सरकार ने कोरोना संकट के चलते कई माह से बंद राज्य के कई उद्यान और अभयारण्य को अब खोलने का फैसला किया है। राज्य सरकार ने कोरोना संबंधी  नियमों का पालन करने की शर्त पर गिर अभयारण्य को 16 अक्टूबर से पर्यटकों के लिए खोलने का निर्णय किया है। अभयारण्य में 16 अक्टूबर से फिर से पर्यटकों की चहल पहल शुरू हो जायेगी।वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार कोरोना की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार होने पर सरकार ने कोरोना संबंधी कुछ शर्तों और नियमों के साथ गिर अभयारण्य 16 से फिर शुरू करने के निर्देश जारी कर दिये हैं। नए नियमों के तहत गिर अभयारण्य आने वाले पर्यटकों को शारीरिक दूरी, मास्क और सेनिटाइज़र का उपयोग करना होगा। इससे पूर्व राज्य के दो सफारी पार्क पहली तारीख से शुरू कर दिए गए थे। इस सफारी पार्क के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए अब 16 अक्टूबर से अभयारण्य खोलने का निर्णय लिया गया है।

लीबिया में रिहा भारतीयों की जल्द होगी भारत वापसी

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विदेश मंत्रालय ने भारतीयों को लीबिया न जाने के लिए परामर्श जारी किया

नई दिल्ली । भारत ने लीबिया में अपहरण किए गए 7 भारतीयों की सुरक्षित रिहाई के लिए सरकार और स्थानीय जनजातीय नेताओं का धन्यवाद दिया है। इन सभी भारतीयों की रविवार शाम सुरक्षित वापसी संभव हुई थी। अब इन्हें जल्द भारत भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

विदेश मंत्रालय के अनुसार 14 सितंबर को अपहरण किए गए 7 भारतीयों की 11 अक्टूबर को सुरक्षित वापसी संभव हो पाई। लीबिया मामलों को देख रहे हैं ट्यूनीशिया के भारतीय दूतावास के प्रमुख पुनीत रॉय ने सभी सातों भारतीयों से बातचीत की है। इन्हें अपहरणकर्ताओं ने इनके नियोक्ताओं को बातचीत के बाद सौंप दिया।मंत्रालय के अनुसार सभी भारतीय पूरी तरह से सुरक्षित है और कंपनी कार्यालय में रह रहे हैं। उन्हें जल्द ही भारत वापस भेजे जाने के सभी जरूरी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

विदेश मंत्रालय ने लीबिया सरकार और स्थानीय जनजातीय नेताओं का सभी भारतीयों की सुरक्षित वापसी में सहयोग देने के लिए उनका धन्यवाद दिया है। ट्यूनीशिया में भारतीय राजदूत लीबिया में वाणिज्य दूतावास के अधिकारी लीबिया सरकार, स्थानीय नेताओं और इन भारतीयों के नियोक्ताओं साथ लगातार संपर्क बनाए हुए थे। विदेश मंत्रालय ने एक बार फिर सभी भारतीयों को लीबिया के हालात देखते हुए वहां न जाने के लिए परामर्श जारी किया है।

उल्लेखनीय है कि आंध्र प्रदेश, बिहार, गुजरात और उत्तर प्रदेश से जुड़े सात भारतीयों का लीबिया में 14 सितंबर को अपहरण हो गया था । यह सभी तेल सप्लाई करने वाली कंपनी में कार्यरत थे। इनका अपहरण त्रिपोली में एयरपोर्ट से भारत के लिए विमान पकड़ने से पहले रास्ते में किया गया था।

भारत सरकार ने 2015 में परामर्श जारी कर भारतीयों से लीबिया की यात्रा नहीं करने को कहा था। इसके अलावा 2016 में भारत सरकार ने लीबिया यात्रा पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था। वहां पर सुरक्षा की स्थिति को देखते हुए यह प्रतिबंध लगाया गया था और यह अभी भी जारी है।

बिहार विधानसभा चुनाव में सीएम हेमंत सोरेन करेंगे वर्चुअल रैली

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उज्ज्वल दुनिया/रांची । मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) प्रत्याशियों के लिए वर्चुअल रैली करके समर्थन जुटाएंगे। झामुमो मुख्य रूप से भाजपा के खिलाफ चुनावी समर में उतरने का ऐलान कर चुका है। झामुमो के लिए बिहार चुनाव में युवाओं की बेरोजगारी, पलायन, महिला अपराध और किसानों का हाल अहम चुनावी मुद्दा है। बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर झामुमो में तैयारियों का दौर जारी है।

बिहार विधानसभा चुनाव के लिए झामुमो ने अब तक सात सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। झामुमो ने बिहार की चकाई सीट से एलीजाबेथ सोरेन, झाझा से अजीत कुमार, कटोरिया से अंजेला हांसदा, मनिहारी से फूलमणी हेम्ब्रम और धमदाहा से आशोक कुमार हांसदा को अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर दिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन यह स्पष्ट कर चुके हैं कि बिहार चुनाव के अगले चरणों के लिए प्रत्याशियों की घोषणा संगठन की सहमति से की जाएगी। उन्होंने और भी सीटों पर प्रत्याशी उतारने का संकेत दिया है। झामुमो मुख्य रूप से झारखंड-बिहार बॉर्डर से सटे बिहार विधानसभा की सीटों के अलावा उन सीटों पर प्रत्याशी उतारने की तैयारी कर रही है, जहां आदिवासी अधिक हैं। 

बिहार विधानसभा चुनाव के विभिन्न चरणों में प्रचार के लिए हेमंत मंत्रिमंडल के कुछ मंत्री भी पहुंचेंगे। अब तक की तैयारी के मुताबिक पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर, परिवहन मंत्री चंपई सोरेन के साथ पार्टी के विधायक भी वोटरों से रू-ब-रू होंगे। महिला अपराध के मुद्दे पर महिला बाल विकास मंत्री जोबा मांझी के साथ महिला विधायक भी जा सकती हैं।

झामुमो नेता शंकर रवानी और उनकी पत्नी की निर्मम हत्या

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 उज्ज्वल दुनिया /धनबाद ।  झामुमो धनबाद महानगर उपाध्यक्ष व भौरा गौर खूंटी निवासी शंकर रवानी और उनकी पत्नी बालिका देवी की निर्मम हत्या शनिवार देर रात घर में ही कर दी गई। अपराधियों ने घर के अंदर दोनों को दौड़ा-दौड़ा कर बेरहमी से हत्या की है।

अनुमान लगाया जा रहा है कि अपराधी घर में घुसकर सोए दंपति को उठाए। घर के अंदर अपराधियों के साथ पति-पत्नी का युद्ध भी हुआ है। इसके बाद आंगन में खींचकर दोनों की हत्या चाकू से की गई है। दो फायरिंग भी की गई है।घटनास्थल से पुलिस ने दो खोखा  और चाकू बरामद किया है। आंगन में ही दोनों का शव पड़ा हुआ है। घटना की जानकारी लोगों को रविवार सुबह में हुई।

खबर पाकर सिंदरी डीएसपी अजीत कुमार सिन्हा, सुदामडीह थाना प्रभारी, भोरा ओपी प्रभारी, जोड़ापोखर इंस्पेक्टर पहुंचे हैं। पुलिस छानबीन कर रही है। 

 17 अगस्त 2017 को  रेनबो ग्रुप के चेयरमैन धीरेन रवानी की हत्या हुई थी। हत्या का आरोप शंकर रवानी के बड़े पुत्र कुणाल रवानी पर लगा था। घटना के समय ही कुणाल रवानी की भी पीट-पीटकर लोगों ने हत्या कर दी थी। व्यवसाय और संपत्ति विवाद को लेकर शंकर रवानी और धीरेन रवानी में विवाद था। शंकर और धीरेन चचेरे भाई थे। शंकर रवानी उक्त घटना के समय जेल में बंद थे। दोनों परिवारों ने एक दूसरे पर आरोप लगाया था। पुलिस भी पुरानी रंजिश से ही जोड़कर इस हत्याकांड को देख रही है।

भाजपा ने जारी की 30 स्टार प्रचारकों की सूची, पहले नंबर पर पीएम मोदी

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-जेपी नड्डा, राजनाथ सिंह, अमित शाह करेंगे एनडीए उम्मीदवारों की जीत पक्की
-टॉप 10 स्टार प्रचारकों में बिहार के चार नेता संजय, सुशील, रविशंकर और राधामोहन के नाम
-स्टार प्रचारकों सूची में सिर्फ दो महिलाएं स्मृति ईरानी और निवेदिता सिंह को दी गयी जगह 

उज्ज्वल दुनिया/पटना, 12 अक्टूबर (हि.स.)। बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार के लिए भारतीय जनता पार्टी ने रविवार को स्टार प्रचारकों की सूची जारी कर दी। इसमें पहले नंबर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। इनके अलावा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह सहित 30 वरिष्ठ नेताओं के नाम हैं। टॉप 10 स्टार प्रचारकों में बिहार के चार नेता शामिल हैं। स्टार प्रचारकों में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ ही झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी और रघुवर दास भी हैं। बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय जायसवाल, सुशील कुमार मोदी, पार्टी के प्रदेश प्रभारी भूपेंद्र यादव और देवेंद्र फड़णवीस के नाम भी स्टार प्रचारकों में है। हालांकि, सूची में प्रदेश अध्यक्ष डॉ. जायसवाल को सुशील मोदी से पहले स्थान दिया गया है। सूची में सिर्फ दो महिलाओं को जगह मिली है। इनमें स्मृति ईरानी और बिहार की पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष निवेदिता सिंह को रखा गया है।

जिन स्टार प्रचारकों को बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए उम्मीदवारों की जीत पक्की करने के लिए रणक्षेत्र में उतारा गया है उनमें पीएम मोदी के अलावा भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, बिहार प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल, उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, बिहार प्रभारी व राष्ट्रीय महासचिव भूपेंद्र यादव, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री व चुनाव प्रभारी देवेंद्र फड़नवीस, पूर्व केंद्रीय मंत्री व भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राधामोहन सिंह, केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, गिरिराज सिंह, स्मृति ईरानी, अश्विनी कुमार चौबे, नित्यानंद राय, आरके सिंह, धर्मेंद्र प्रधान, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, मनोज तिवारी, बाबूलाल मरांडी, नंदकिशोर यादव, मंगल पांडेय, रामकृपाल यादव, सुशील सिंह, छेदी पासवान, संजय पासवान, जनक चमार, सम्राट चौधरी, विवेक ठाकुर और निवेदिता सिंह हैं।

रुडी, शाहनवाज और निरहुआ स्टार प्रचारकों में नहीं

भाजपा के स्टार प्रचारकों की सूची में पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रुडी को नहीं रखा गया है। दोनों के नाम पार्टी की सूची में नहीं है। इन दोनों के अलावा पिछली बार के प्रचारक अभिनेता दिनेश लाल यादव निरहुआ का नाम भी सूची में नहीं है, जबकि भोजपुरी अभिनेता व दिल्ली के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी स्टार प्रचारकों की सूची में हैं। 

मोदी सरकार की स्वामित्व योजना शुरु, किसानों को मिलेगा संपत्ति कार्ड

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उज्ज्वल दुनिया/नई दिल्ली । स्वामित्व योजना से 6 राज्यों के 763 गांवों के लोगों को फायदा मिलेगा । इसमें उत्तर प्रदेश के 346, हरियाणा के 221, महाराष्ट्र के 100, मध्य प्रदेश के 44, उत्तराखंड के 50 और कर्नाटक के 2 गांव शामिल होंगे । महाराष्ट्र को छोड़कर बाकी सभी राज्यों के लाभार्थी 1 दिन के अंदर फिजिकल कार्ड प्राप्त करेंगे जबकि महाराष्ट्र के भू-स्वामियों को संपत्ति कार्ड मिलने में 1 महीने का समय लग सकता है । 

इस योजना से भू-संपत्ति मालिक अपनी प्रॉपर्टी को वित्तीय संपत्ति के तौर पर इस्तेमाल कर सकेंगे । इसका इस्तेमाल लोन के लिए अप्लाई करने सहित अन्य आर्थिक लाभ के लिए किया जा सकेगा ।  इस योजना का शुभारंभ करने के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुछ लाभार्थियों से बात भी करेंगे ।

‘स्वामित्व’ केंद्र सरकार के पंचायती राज मंत्रालय द्वारा शुरू की गई एक योजना है । इस योजना के बारे में प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस, 24 अप्रैल, 2020 को घोषणा की थी । इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को ‘रिकॉर्ड ऑफ राइट्स’ देने के लिए संपत्ति कार्ड का वितरण किया जाना है । 

इस योजना को 4 चार सालों में चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा. इस योजना का काम 2020 से 2024 के बीच पूरा किया जाना है और देश के 6.62 लाख गांवों को कवर किया जाना है. इसमें से एक लाख गावों को आरंभिक चरण (पायलट फेज) में 2000-21 के दौरान कवर किया जाएगा. इस प्राइमरी फेज में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और कर्नाटक के गांवों के साथ-साथ से पंजाब तथा राजस्थान के सीमावर्ती कुछ गांव शामिल होंगे. पंजाब और राजस्थान में नियमित प्रचालन प्रणाली स्टेशन (सीओआरएस) नेटवर्क भी स्थापित किया जाएगा.  

इन सभी राज्यों ने सर्वे ऑफ इंडिया के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं जिसके तहत इस योजना के क्रियान्वयन के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में ड्रोन सर्वेक्षण किया जाएगा. इन राज्यों ने डिजिटल संपत्ति कार्ड के प्रारूप और जिन गांवों में ड्रोन सर्वेक्षण किया जाना है उसे अंतिम रूप दे दिया है. पंजाब और राजस्थान में सीओआरएस नेटवर्क की स्थापना के लिए सर्वे ऑफ इंडिया से समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं ताकि भविष्य में ड्रोन उड़ाने संबंधी गतिविधियों को संचालित करने में मदद की जा सके.  

अलग-अलग राज्यों में संपत्ति कार्ड को अलग-अलग नाम दिए गए हैं. हरियाणा में ‘टाइटल डीड’, कर्नाटक में ‘रूरल प्रॉपर्टी ओनरशिप रिकॉर्ड’ (आरपीओआर), मध्यप्रदेश में ‘अधिकार अभिलेख’, महाराष्ट्र में ‘सनद’, उत्तराखंड में ‘स्वामित्व अभिलेख और उत्तर प्रदेश में ‘घरौनी’ नाम दिया गया है । 

भाजपा की दूसरी लिस्ट में 11 राजपूत और सात यादव उम्मीदवार

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उज्ज्वल दुनिया/पटना । भाजपा ने बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए उम्मीदवारो की सूची जारी की है । भाजपा ने राजपूत उम्मीदवारों के लिए जबदस्त दरियादिली दिखायी है । पार्टी ने 11टिकट राजपूत जाति के दावेदारों को दे दिया है । दिलचस्प बात ये भी है कि बीजेपी ने ब्राह्मणों और भूमिहारों से ज्यादा यादवों को तवज्जो दिया है ।

46 में 11 राजपूत

दूसरे चरण के मतदान के लिए आज बीजेपी ने 46 उम्मीदवारों की सूची जारी की । 46 उम्मीदवारों की इस सूची में 11 राजपूत उम्मीदवार हैं ।  इसमें मधुबन से राणा रंधीर सिंह, मुजफ्फरपुर के बरूराज से अरूण कुमार सिंह, पारू से अशोक कुमार सिंह, गोपालगंज से सुभाष सिंह, बरौली से रामप्रवेश राय, दरौंदा से करनजीत सिंह, तरैया से जनक सिंह, सोनपुर से विनय कुमार सिंह, लालगंज से संजय कुमार सिंह, मोहद्दीनगर से राजेश सिंह और फतुहा से सत्येंद्र सिंह शामिल हैं ।

भूमिहार और ब्राह्मण पर यादव भारी

दूसरे चरण वोटिंग के लिए जारी बीजेपी के 46 उम्मीदवारों की सूची में ब्राह्मणों और भूमिहारों से ज्यादा यादवों को तवज्जों दी गयी है. पार्टी ने 46 में से 7 यादव उम्मीदवार खड़ा किया है. ब्राह्णों की तादाद सिर्फ चार है. दूसरे चरण में बीजेपी के यादव उम्मीदवारों में राघोपुर से सतीश यादव, पिपरा से श्यामबाबू प्रसाद यादव, उजियारपुर से शील कुमार राय, सिवान से ओम प्रकाश यादव, बख्तियारपुर से रणविजय सिंह, मनेर से निखिल आनंद और पटना साहिब से नंद किशोर यादव शामिल हैं.

 ब्राह्मणों का कोटा कम हो गया 

पार्टी ने अमनौर से अपने सीटिंग ब्राह्मण विधायक शत्रुध्न तिवारी का टिकट काटकर कुर्मी जाति से आने वाले कृष्ण कुमार मंटू को टिकट दिया है. बीजेपी ने इस दफे झंझारपुर से नीतीश मिश्रा, गोविंदगंज से सुनील मणि त्रिपाठी, भागलपुर से रोहित पांडे और बैंकुठपुर से मिथलेश तिवारी को टिकट दिया है ।

भूमिहारों को भी खास तवज्जो नहीं

बीजेपी ने अपने सबसे अहम वोट बैंक माने जाने वाले भूमिहारों को भी यादवों से कम टिकट दिया है । पार्टी ने चनपटिया से उमाकांत सिंह, बेगूसराय से कुंदन सिंह, पीरपैंती से शैलेंद्र कुमार, कल्याणपुर से सचिंद्र प्रसाद सिंह और गोरियाकोठी से देवेशकांत सिंह को टिकट दिया है ।
बीजेपी की इस सूची में दो कायस्थों को जगह मिली है । पटना के बाकीपुर से नितिन नवीन और कुम्हरार से अरूण कुमार सिन्हा को टिकट मिला है । पार्टी ने कुल मिलाकर 46 उम्मीदवारों में  22 सवर्णों को टिकट दिया है ।

भाजपा ने दुमका से लुईस मरांडी और बेरमो से योगेश्वर महतो बाटुल को बनाया प्रत्याशी

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उज्ज्वल दुनिया/रांची: भारतीय जनता पार्टी ने रविवार को दुमका और बेरमो विधानसभा सीट के लिए होनेवाले उपचुनाव के प्रत्याशियों के नाम की घोषणा कर दी है । भाजपा के केंद्रीय चुनाव समिति ने दुमका से डॉ लुईस मरांडी को प्रत्याशी बनाया है । जबकि बेरमो विधानसभा सीट से योगेश्वर महतो बाटुल को उतारा है । इसकी जानकारी भाजपा के प्रदेश महामंत्री आदित्य साहू ने दी है ।

सत्ताधारी दल ने पहले ही दुमका और बेरमो विधानसभा सीट के प्रत्याशियों के नाम को साफ कर दिया था और अब विपक्ष की भाजपा ने भी अपने प्रत्याशियों के नाम की घोषणा कर दी है । ऐसे में दुमका से जहां झारखंड मुक्ति मोर्चा सुप्रीमो शिबू सोरेन के बेटे और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के छोटे भाई बसंत सोरेन को अपना उम्मीदवार बनाया है तो वहीं बेरमो से गठबंधन की ओर से कांग्रेस पार्टी ने दिवंगत नेता राजेंद्र प्रसाद सिंह के बेटे कुमार जयमंगल को चुनावी मैदान में उतारा है ।

हेमंत सोरेन ने दुमका विधानसभा सीट से इस्तीफा दिया था जिसकी वजह से दुमका उपचुनाव हो रहा है । जबकि बेरमो विधानसभा सीट के उपचुनाव की वजह कद्दावर नेता राजेंद्र प्रसाद सिंह का निधन है । ऐसे में राजेंद्र प्रसाद सिंह के बेटे और यूथ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष कुमार जयमंगल को कांग्रेस पार्टी ने टिकट दिया है । जबकि भाजपा ने योगेश्वर महतो बाटुल को उतारा है । उन्होंने वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव में बेरमो सीट से जीत हासिल की थी ।  हालांकि 2019 के चुनाव में वह हार गए थे । 

झारखंड मुक्ति मोर्चा ने दुमका के साथ हमेशा भेदभाव किया

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उज्ज्वल दुनिया /दुमका । पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने आज दुमका के विभिन्न क्षेत्रों में चुनाव प्रचार किया। उन्होंने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा ने दुमका के साथ सदैव भेदभाव किया। चुनाव जीतने के बाद दुमका सीट छोड़कर झामुमो ने दुमका की जनता का अपमान किया है। झूठ, फरेब, दुष्प्रचार और बड़े-बड़े वादे कर झामुमो-कांग्रेस सत्ता में तो आ गई, लेकिन अब एक भी वादा पूरा नहीं कर रही है। चुनावों में सरकार को ऐसा सबक सिखाये कि वह चेत जाए। सरकार को संदेश जाये कि वादे पूरे नहीं किये तो जनता माफ नहीं करेगी। 

इसके बाद केराबनी में पहाड़िया समुदाय के लोग साथ बैठक की। ग्राम शंकर स्टेट गांदो और बरमत्ता में महिला चौपाल को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने बच्चियों के लिए कई योजना चलाई। जन्म से शादी होने तक गरीब बच्ची के परिवार को 70 हजार रुपये दे रही थी। इस सरकार ने ये योजनाएं बंद कर दी। साथ ही अपने किये वादे भी पूरा नहीं कर रही है। महिलाओं के विकास और सुरक्षा के लिए हमारी सरकार ने कई कार्य किए थे, लेकिन आज महिलाओं के प्रति अपराध बढ़े हैं।
 

इसके बाद उन्होंने बरडतल्ली गांव की निवासी नीलु हेंब्रम जी के घर पर भोजन किया। भोजन के बाद ग्रामीणों से बात की। ग्रामीणों ने बताया कि राज्य में सरकार बदलते ही विकास के कार्य बाधित हो गए हैं। कल्याण योजनाएं भी ठप पड़ी हैं। वर्तमान सरकार ने सारी योजनाएं बंद कर दी। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री व दुमका से भाजपा प्रत्याशी डॉ लुईस मरांडी, राज्य 20 सूत्री के उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद समेत भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता उपस्थित थे।