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राजस्व संग्रहण की स्थिति में सुधार, अब विकास कार्यां में आएगी तेजी

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बेरमो-दुमका दोनों सीटों से यूपीए को जीत मिलेगी-आलमगीर आलम

उज्ज्वल दुनिया /दुमका। झारखंड प्रदेश प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सह राज्य के वित्तमंत्री खाद्य आपूर्ति डॉ. रामेश्वर उरांव ने कहा कि जब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में कांग्रेस-झामुमो गठबंधन ने सत्ता संभाली है, तो पिछली सरकार से खजाना खाली मिला, इसके बाद राज्य सरकार ने अपने संसाधनों के माध्यम विकास के काम शुरू किये, लेकिन अचानक 24 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी टीवी पर आये और बिना सोचे-समझे लॉकडाउन की घोषणा कर दी। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि देशव्यापी लॉकडाउन के कारण लोग पैदल चलकर, साईकिल से , मोटरसाईकिल से या ऑटो से अपने घरों की ओर से लौटने लगे। झारखंड सरकार की ओर से वापस लौटने वाले हर प्रवासी कामगारों को मदद पहुंचायी गयी, झारखंड देश का एकमात्र ऐसा राज्य है, जिसने हवाई जहाज से प्रवासी कामगारों को वापस लाने की दिशा में पहल की, स्पेशल ट्रेन से सबसे पहले झारखंड के प्रवासी कामगारों को वापस लिया गया।

संताल परगना के विभिन्न इलाकों में सामूहिक दुष्कर्म और महिलाओं की हत्या के संबंध में पूछे गये एक प्रश्न के उत्तर में डॉ. रामेश्वर उरांव ने कहा कि वे यह स्वीकार करते है कि घटनाएं घटी है, लेकिन पुलिस-प्रशासन की ओर से कार्रवाई की गयी है, आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है, कार्रवाई से पीड़िता के परिजन और अभिभावक भी संतुष्ट है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के हाथरस में क्या हुआ, पहले पीड़िता का केस दर्ज किया गया, बाद में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई और फिर पीड़िता का समुचित इलाज नहीं हुआ और मौत हो जाने के बाद परिजनों से बिना पूछे अंत्येष्टि कर दी गयी। उन्होंने कहा कि वे भी पुलिस अधिकारी रहे है, पुलिस के समक्ष दो जिम्मेवारियां रहती है, पहला तो घटनाओं पर अंकुश लगायी जाए और यदि घटनाएं घट जाये, तो त्वरित कार्रवाई हो। इन मामलों में भले ही घटनाओं को होने से रोका नहीं जा सका, लेकिन कार्रवाई हुई है। 

वित्तमंत्री ने बताया कि कोरोना संक्रमणकाल में झारखंड का राजस्व लगभग शून्य हो गया था, लेकिन अब स्थिति में सुधार हुआ है, राजस्व संग्रहण के काम में तेजी आयी है, अब विकास के कार्यां में भी तेजी आएगी। एक अन्य प्रश्न के उत्तर में डॉ. उरांव ने कहा कि पार्टी के घोषणा पत्र में बेरोजगारी भत्ता देने का वादा किया गया था, इस बीच वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के कारण राजस्व संग्रहण में आयी कमी के कारण थोड़ी कठिनाई हुई है, इस वायदे पर किन्तु-परंतु लग गया है, खजाना की स्थिति में सुधार होने पर इस वायदे को भी पूरा किया जाएगा। 

इस मौके पर कांग्रेस विधायक दल के नेता और ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि कांग्रेस-झारखंड मुक्ति मोर्चा गठबंधन पूरी तरह से एकजुट है। उन्होंने दावा किया कि दोनों ही सीटों पर गठबंधन के प्रत्याशियों की जीत होगी। आलमगीर आलम ने कहा कि भाजपा की हमेशा यह कोशिश रहती है कि सरकार को अस्थिर कर लोकतंत्र का अपमान किया जा सके, लेकिन झारखंड में गठबंधन पूरी तरह से मजबूत है और आने वाले समय में भी भाजपा का मंसूबा सफल नहीं होगा। 

कृषि मंत्री बादल ने कांग्रेस पार्टी ने किसानों की कर्जमाफी का वादा किया था, इसके लिए बजट में 2000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, सैद्धांतिक मंजूरी भी राज्य सरकार द्वारा प्रदान कर दी गयी है। अधिक से अधिक किसानों को इसका फायदा मिल सके, इस दिशा में कार्रवाई हो रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमणकाल में केंद्र सरकार की ओर से झारखंड जैसे आदिवासी बहुल राज्य को कोई खास सहायता नहीं मिली, इसके बावजूद राज्य सरकार अपने संसाधनों से कर्जमाफी के वादा को पूरा करेगी।

1417 करोड़ रुपये की वसूली के खिलाफ कांग्रेस ने सभी जिलों में आवाज बुलंद की

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उज्ज्वल दुनिया /रांची। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सह राज्य के वित्त तथा खाद्य आपूर्ति मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव के निर्देशानुसार प्रदेश के सभी जिलों में प्रदेश कार्यकारी अध्यक्षों, प्रवक्ताओं और मीडिया टीम के सदस्यों द्वारा संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर केंद्र सरकार द्वारा 1417 करोड़ रुपये की वसूली के खिलाफ आवाज बुलंद किया। प्रदेश कांग्रेस नेताओं ने कहा है कि केंद्र सरकार के इस पक्षपातपूर्ण निर्णय का असर बेरमो और दुमका विधानसभा उपचुनाव पर पड़ेगा और जनता उपचुनाव में भाजपा को सबक सिखायेगी।  

पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने इस क्रम में लोहरदगा में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि केंद्र सरकार और केंद्रीय उपक्रमों के पास झारखंड का करीब 75 हजार करोड़ रुपये का बकाया है, लेकिन केंद्र सरकार इस राशि को देने के बजाय संकट की इस घड़ी में झारखंड जैसे पिछड़े राज्यों से ही गलत और अलोकतांत्रिक तरीके से अचानक 1417 करोड़ रुपये आरबीआई के माध्यम से डीवीसी के बकाया राशि के रूप में वसूल लेती है। आदिवासी विरोधी केंद्र सरकार के नकारात्मक और असहयोगात्मक रवैये के कारण झारखंड के समक्ष बड़ी मुश्किल उत्पन हुई है। 

प्रदेश प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने कहा कि सबसे आश्चर्य की बात यह है कि एक ओर केंद्र सरकार खुद कोरोना संकट की बात कह कर गैर भाजपा शासित राज्यों को जीएसटी क्षतिपूर्ति के बकाया भुगतान देने से इंकार कर रही है, वहीं इस संकट की घड़ी में ही राज्य सरकार के खाते से सीधे राशि निकाल लेने का काम कर रही है। केंद्र सरकार के पास झारखंड सरकार का अभी 2982 करोड़ रुपये जीएसटी कंपनसेशन मद में बकाया है। वहीं 38600 करोड़ रुपये कोल इंडिया और सेल पर खान विभाग का बकाया है। इसके अलावा 33000 करोड़ रुपये कोल कंपनियों पर लगान का बकाया है।  आलोक कुमार दूबे ने कहा कि अन्य राज्यों पर भी बकाया है पर राशि नहीं काटी गयी, जबकि  तामिलनाडू, तेलंगाना, कर्नाटक, कश्मीर, आंध्रप्रदेश पर 60 हजार करोड़ से भी ज्यादा बकाया है।  
 प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता लाल किशोरनाथ शाहदेव ने गुमला में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा है कि केंद्र सरकार ने डीवीसी के बकाया के रूप में 1417 करोड़ रुपये काट कर झारखंड जैसे आदिवासी बहुल राज्य को नीचा दिखाने और राज्य की अर्थव्यवस्था को अस्त-व्यस्त करने का कदम उठाया गया है। इसका जवाब राज्य की जनता दुमका और बेरमो विधानसभा उपचुनाव के माध्यम से देगी। 

झारखंड के साथ केंद्र सरकार के भेदभाव का जनता देगी जवाब

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उज्ज्वल दुनिया /पलामू ।  झारखण्ड प्रोफेशनल कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष आदित्य विक्रम जायसवाल भाजपा पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि केंद्र सरकार और केंद्रीय उपक्रमों के पास झारखंड का करीब 75 हजार करोड़ रुपये का बकाया है, लेकिन केंद्र सरकार इस राशि को देने के बजाय संकट की इस घड़ी में झारखंड जैसे पिछड़े राज्यों से ही गलत और अलोकतांत्रिक तरीके से अचानक 1417 करोड़ रुपये आरबीआई के माध्यम से डीवीसी के बकाया राशि के रूप में वसूल लेती है। 

डीवीसी की ओर से जिस 5417.50 करोड़ रुपये बकाये की बात की जा रही है । वह सारा बकाया पूर्ववर्ती रघुवर दास सरकार के समय का है। हेमंत सोरेन के नेतृत्व में गठित सरकार की ओर से अपने कार्यकाल का समय पर डीवीसी का बकाया का भुगतान किया गया है और मात्र 100 से 125 करोड़ का ही बकाया होगा, जिसका भुगतान भी राज्य सरकार की ओर से जल्द ही कर देने का भरोसा कराया गया है। लेकिन पिछले पांच वर्षां में भाजपा सरकार के शासन में डीवीसी का बकाया बढ़ता ही गया, इस बीच रघुवर दास सरकार के कार्यकाल में 2017 में एक ऐसा द्विपक्षीय समझौता कर लिया गया, जिससे बकाया राशि राज्य सरकार के खाते से सीधे काट लिये जाने का प्रावधान शामिल कर लिया गया। लेकिन पांच सालों में डीवीसी का बकाया राशि बढ़ता ही गया, लेकिन इस दौरान एक बार भी बकाया राशि की कटौती नहीं की गयी । परंतु अब झारखंड में कांग्रेस-जेएमएम-आरजेडी के नेतृत्व में सरकार गठन होने से केंद्र सरकार द्वारा गैर भाजपा शासित राज्यों को परेशान करने तथा आर्थिक स्थिति को कमजोर करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। डीवीसी की ओर से जो 5417.50करोड़ रुपये बकाया का दावा किया जा रहा है, उस दावे पर भी राज्य के ऊर्जा विभाग द्वारा आपत्ति दर्ज करायी गयी है और बकाया करीब 3500 करोड़ रुपये का ही होने को लेकर सारे दस्तावेज के साथ विस्तृत जानकारी दी गयी।

सबसे आश्चर्य की बात यह है कि एक ओर केंद्र सरकार खुद कोरोना संकट की बात कह कर गैर भाजपा शासित राज्यों को जीएसटी क्षतिपूर्ति के बकाया भुगतान देने से इंकार कर रही है, वहीं इस संकट की घड़ी में ही राज्य सरकार के खाते से सीधे राशि निकाल लेने का काम कर रही है। केंद्र सरकार के पास झारखंड सरकार का अभी 2982 करोड़ रुपये जीएसटी कंपनसेशन मद में बकाया है। वहीं 38600 करोड़ रुपये कोल इंडिया और सेल पर खान विभाग का बकाया है। इसके अलावा 33000 करोड़ रुपये कोल कंपनियों पर लगान का बकाया है।

मौके पर पलामू जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बिट्टू पाठक पूर्व जिला अध्यक्ष चंद्रशेखर शुक्ला कैसर जावेद विनोद तिवारी सज्जाद खान पप्पू अजहर शमीम अहमद राइन सुधीर चौबे ईश्वरी सिंह अजय पांडे जितेंद्र कमलापुरी अजय साहू इमरान सिद्दीकी रमजान खान चतरू उरांव चिंतामणि तिवारी भिखारी राम विनोद पाठक रूद्र शुक्ला मनोज अग्रवाल आदि मौजूद थे । 

चुनाव आयोग बसंत सोरेन का नामांकन रद्द करे : भाजपा

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तथ्य छुपाकर झामुमो ने चुनाव आयोग को दिया धोखा

उज्ज्वल दुनिया /रांची ।  तथ्य छुपाकर नामांकन दाखिल करने को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव आयोग से दुमका उपचुनाव लड़ रहे झामुमो के प्रत्याशी बसंत सोरेन का नामांकन खारिज करने की मांग की है। प्रत्याशी बसंत सोरेन के द्वारा शपथ पत्र के माध्यम से गलत जानकारी देने के संबंध में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ,मुख्य चुनाव आयुक्त, नई दिल्ली, उपायुक्त दुमका और अनुमंडल पदाधिकारी, दुमका से शिकायत दर्ज कराया है। 

भारतीय जनता पार्टी के चुनाव आयोग संपर्क विभाग के प्रदेश सह संयोजक सुधीर श्रीवास्तव ने कहा कि उपचुनाव में दिए गए शपथपत्र में कई तथ्यों को छुपाकर नामांकन दाखिल किया है। चुनाव आयोग के आंख में धूल झोंकने का प्रयास असंवैधानिक है। झामुमो ने चुनाव आयोग के साथ साथ झारखंड की जनता के साथ धोखा किया है। 2016 के राज्यसभा चुनाव में नामांकन के दौरान दिए गए शपथपत्र और 2020 उपचुनाव में दिए गए शपथपत्र में कई असमानताएं है। दोनों जानकारी में भारी विसंगति है। कार के दाम में बदलाव, सोने चांदी की गलत जानकारी, जमीन के आंकड़े छुपाए गए, और बंदूक की जानकारी में असमानताएं है। 

उन्होंने बताया कि राज्यसभा चुनाव में बतौर प्रत्याशी बसंत सोरेन ने शपथ पत्र के माध्यम से जानकारी दी थी कि उनके पास एक वाहन हुंडई I-20 (JHOI BS/3030) गाडी जो 2016 में खरीदी गई और जिसका कीमत 8 लाख 22 हजार रुपये था। दूसरी ओर 2020 के उप चुनाव में दाखिल जानकारी में बताया गया कि वाहन में हुंडई I-10 (J H01BS/3030) जो 2015 में खरीदा गया है और इसका मूल्य 5,04,811 है। अर्थात गाडी वही, नम्बर वही, और मॉडल बदल गया और  साथ ही खरीदने का वर्ष भी बदल गया। 

उन्होंने कहा कि 2016 में बतौर राज्यसभा प्रत्याशी श्री बसंत सोरेन ने सोना-चांदी की जानकारी के मामले में पत्नी हेमलता सोरेन के पास 3 किलो 65 ग्राम सोना है, जिसका कीमत 34 लाख 79 हजार 49 रु. है। चांदी 11.22 ग्राम/किलो है, जिसका कीमत 2 लाख 19 हजार 125 है। वहीं दूसरी ओर 2020 के उप चुनाव में श्री बसंत सोरेन ने बताया है कि उनकी पत्नी के पास अब 3 किलो 55 ग्राम सोना है, जिसका कीमत 34 लाख 79 हजार 6 सौ 49 रु. है। चादी 5 किलो है और इसका मूल्य 2 लाख 19 हजार 125 है। 

आश्चर्य की बात है कि सोना का कीमत 2016 से 2020 के बीच में उतना ही रहा और चांदी का कीमत 11.22 ग्राम का कीमत भी 2016 में जितना था, उतनाही 2020 में 5 किलो का मूल्य था। जबकि वास्तविक यह है कि 2016 में 3 किलो 65 ग्राम सोने का कीमत लगभग लगभग 75 लाख रुपये था और 2020 में 3 किलो 55 ग्राम सोने का कीमत लगभग 1.5 करोड रुपया है। वहीं चांदी 2016 में 11.22 ग्राम का कीगत लगभग 1 हजार रुपया था, जबकि 2020 में 5 किलो चांदी का कीमत लगभग लगभग 3 लाख रुपया है।

2016 में बतौर राज्यसभा प्रत्याशी बसंत सोरेन ने उनके पास पिस्टल और गन है, जिसका कीगत 1 लाख 52 हजार 750 रु. है। वहीं दूसरी ओर 2020 में होने वाले उप चुनाव में श्री बसंत सोरेन के द्वारा पिस्टल और गन की जानकारी नहीं दी गई है, जो संदेहास्पद हैऔर तथ्य छुपाने का प्रश्न खड़ा होता है।

2016 में बतौर राज्यसभा प्रत्याशी बसंत सोरेन ने नामांकन के समय शपथ पत्र के माध्यम से घोषणा की थी कुल 5 जगह (बाईपास रोड चास, दामकोदा बरवा, दामकोदा बरवा, दामकोदा बरवा एवं भवानीडीह) में नन एग्रीकल्चर लैंड (गैर कृषि योग्य भूमि) है। वहीं दूसरी ओर 2020 के विधानसभा उप चुनाव में बाईपास रोड, चास स्थित जमीन जिसका कीमत 2016 में 43 लाख 37 हजार 150 रुपया था. उसे छोड़कर बाकी चार जगह की ही जानकारी चुनाव आयोग को दी।
प्रदेश भाजपा ने दुमका से झामुमो प्रत्याशी वसंत सोरेन के द्वारा उपचुनाव में  नामांकन के समय निर्वाचन अधिकारी दुमका को गलत जानकारी देने को लेकर उम्मीदवारी तत्काल प्रभाव से रद्द करने  की मांग की है।  प्रेसवार्ता में मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक भी मौजूद थें।

बोनसः प्लांट को चलाने वाले ठेका मजदूरों को ही भूल गया सेल प्रबंधन

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ठेका मजदूरों के लिए बोनस की मांग को लेकर जय झारखंड मजदूर समाज ने दिया धरना

बोकारो। बुधवार को जय झारखंड मजदूर समाज के बैनर तले यूनियन के महामंत्री बीके चौधरी की अध्यक्षता में ठेकेदार मजदूरों ने गांधी चौक पर एक दिवसीय धरना दिया। मौके पर बीके चौधरी ने कहा कि मजदूरों के बोनस के मुद्दे पर एनजेसीएस के नेता घड़ियालू आंसू बहा रहे है। वे सेल प्रबंधन के समक्ष उनकी बोनस के मुद्दे पर बात तक नहीं करते वहीं मजदूरों के बीच आकर उनको दिगभ्रमित करने के लिए प्रबंधन से ठेकेदार मजदूरों को 20 प्रतिशत बोनस का मांग कर रहे हैं। एनजेसीएस की दो बार के बैठक में एक बार भी इनके बोनस का मांग नहीं रखी गई। मजदूर भी समझ चूके हैं और इनके बहकावे में आने वाले नहीं है। उन्होंने कहा कि जय झारखंड मजदूर समाज अपना मांगपत्र 15 सितम्बर को ईडी संकार्य कार्यालय पर आक्रोश प्रदर्शन के माध्यम से कम से कम 8.33 प्रतिशत बोनस ठेकेदार मजदूरों का मांग यह कहते हुए किया है कि आज पलांट के उत्पादन में ठेकेदार मजदूरों का अहम भूमिका है। पूनः 12 अक्टूबर को नया मोड़ से इस्पात भवन तक जुलूस प्रदर्शन के माध्यम से डायरेक्टर इंचार्य को संदेश दिया गया था, लेकिन भाजपा नीत सरकार के अधीन चल रहे सेल प्रबंधन ने जय झारखंड मजदूर समाज की मांगो को अनदेखा करने का काम किया है। कहा कि खून पसीना बहाकर मजदूर टारगेट से ज्यादा उत्पादन कर रहे है फिर भी उनकी नोकरी कब प्रबंधन और ठेकेदार गठजोड़ के कारण चली जायगी कोई ठीक नहीं रहता है। मिनिमम वेज, ई एल, बोनस, पूरा हाजरी, सुरक्षा उपकरण इत्यादि के मांग करने पर इन्जीनियर इंचार्य से मिली भगत कर काम से निकालने का काम किया जाता है। मजबूर होकर बेरोजगारी के देश में अपनी रोजगार बचाने के लिए उन्हें बैंक से निकालकर वापस करने के लिए मजबूर होना पड़ता है ।आज के एक दिवसीय धरना के माध्यम से महामंत्री बि के चैधरी ने प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ठेकेदार मजदूरों का सारे समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया तो वह दिन दूर नहीं जब ठेकाकर्मी चिमनी का धुआं बन्द करने के लिए मजबूर हो जाय। यूनियन आगे बढ़ प्रबंधन को घुटना टेकाने का काम करेगा। कार्यक्रम में उपस्थित जनता मजदूर सभा के महामंत्री साधु शरण गोप ने एन जे सी एस के नेताओं को सलाह देते हुए कहा कि 1973 से हीं मजदूरों को छलने का करते आये हैं अब समय आ गया है कि मजदूरों के मौलिक अधिकारों के रक्षा के लिए अगर प्रवंधन बात नहीं मानती है तो एन जे सी एस से इस्तीफा दे देना चाहिए और मजदूरों के बीच आकर आबाज बुलंद करना चाहिए ।साधु शरण गोप ने प्रबंधन को आरे हाथों लेते हुए कहा कि 2015और 2017 को लोकल युनियन द्वारा एतिहासिक हड़ताल को याद रखना चाहिए ।कार्यक्रम में उपस्थित झारखंड क्रान्तिकारी मजदूर युनियन के महामंत्री डी सी गोहाई ने कहा कि आज पलान्ट के उत्पादन में ठेकेदार मजदूरों का अहम भूमिका है। ठेकेदार मजदूरों के लिए एन जे सी एस के नेताओं द्वारा बोनस की मांग नहीं उठाना दुर्भाग्यपूर्ण एवं निन्दनीय है ।अभी भी समय है कि प्रबंधन के साथ नूरा कुस्ती बन्द कर मजदूरों के हितों की रक्षा करना चाहिए । कार्यक्रम में उपस्थित झामुमों बोकारो नगर अध्यक्ष मंटू यादव ने कहा कि अब समय आ गया है कि सभी अस्थायी मजदूर एक होकर प्लांट का चक्का जाम करेगे और अस्थायी मजदूर अपना हक और अधिकार लेकर रहेगा । तीनों युनियन नेताओं ने एक साथ कहा कि अभी भी समय है कि अस्थायी मजदूरों को कम से कम 8.33 बोनस या इन्सेंटिव रिवार्ड के रुप मे राशि दिया जाय। अगर ऐसा नहीं हुआ तो मजदूरों से सलाह मशविरा कर आगे का रूप रेखा बनाया जायेगा।
इस धरना कार्यक्रम में मुख्य रूप से एनके सिंह, आरबी चौधरी, संजय कुमार सिंह, झामुमो केन्दीय सदस्य हसन इमाम, अल्पसंख्यक जिला अध्यक्ष कलाम अंसारी, अभिमन्यु मांझी, आशिक अंसारी, रौशन कुमार, आईं अहमद, विजय कुमार साह, मोहन राम, राज कुमार, ओपी चौहान, देवे न्द्र गोराई, नाशिर अहमद खान, मंटू, प्रमोद, रामा शंकर, पिंटू मालाकार, श्री राम, बी पी मेहता,संजय , नारद, शिबू, माधो, अजय कुमार सिंह, विक्की, जान अली, बिनोद यादव, मघा कालिन्दी, कृष्णा कालिन्दी, अमित कुमार, बिनोद कालिन्दी ,शिवचरण रजक, सतेंदर कुमार, कृष्ण डोम, इम्तियाज, डी के पाठक, फलिंडर,भरत महतो,आनंद लायक,संजय रावत, पूरन चंद महतो , अनिल कुमार राय,दुखन मंझी, रंजीत कुमार,नेपाल चंद महतो, नरेश यादव, इत्यादि उपस्थित थे। यह जानकारी संगठन के कार्यालय मंत्री आरबी चौधरी ने दी।

भाजपा सांसद का बड़ा दावा

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कोलकाता : बंगाल भाजपा युवा मोर्चा के प्रमुख और सांसद सौमित्र खान ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि तृणमूल कांग्रेस के शासन में राज्य की कानून-व्यवस्था पूरी तरह ढह गई है और राज्य में दिसंबर तक राष्ट्रपति शासन लग जाएगा। खान ने राज्य में भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या को लेकर ममता बनर्जी सरकार को चेतावनी भी दी।

बांकुड़ा जिले में मंगलवार रात पार्टी के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विष्णुपुर से सांसद खान ने कहा, ‘राज्य में कानून- व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह से ढह गई है। भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या रोज का मामला हो गया है। मैं आप सबको आश्वस्त करना चाहता हूं कि इस साल दिसंबर तक राज्य में राष्ट्रपति शासन लग जाएगा।’ उनके भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

जो परिवारवाद से ऊपर नहीं उठ रहे, वे जनता का भला क्या करेंगे : स्वतंत्रदेव

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लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने विपक्षी दलों पर निशाना साधा और कहा कि जो दल परिवारवाद से ऊपर नहीं उठ पा रहे वे जनता का भला क्या सोचेंगे। उन्होंने कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों की नीयत पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि कभी आंतकी घटनाओं के आरोपियों और कभी हिंसा और अराजकता करने वालों का समर्थन करने वाले दलों के नेताओं को अब जनता के बीच जबाब देना चाहिए कि आखिर ऐसा करने के पीछे उनका मकसद क्या है।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जनता को भरोसा दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में देश सुरक्षित हाथों में है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य की भाजपा सरकार उत्तर प्रदेश में पूर्ववर्ती सरकारों की तरह हिंसा व अराजकता का वातावरण नहीं बनने देगी।

जातिवाद से हटकर विकास के नाम पर चुनाव लड़ रही भाजपा : दिनेश शर्मा

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टूंडला। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा कि भाजपा जातिवाद से हटकर विकास के नाम पर चुनाव लड़ रही है। भारतीय जनता पार्टी सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास की मूल भावना के साथ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा बुधवार को यहां पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भाजपा जातिवाद से हटकर विकास के नाम पर चुनाव लड़ रही है।

शर्मा ने विपक्ष पर हमलावर होते हुए कहा कि इन पार्टियों की कारगुजारियों से जनता भली भांति परिचित है। केंद्र व प्रदेश सरकार की नीतियों व कार्यों से विपक्षी परेशान हैं। विपक्षियों द्वारा विदेशी फंडिंग से हाथरस जैसे कांड कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चीनी सामान पर बैन लगाने के बाद अब सरकार राज्य में सैमसंग का कारखाना लगाने जा रही है, जहां लाखों बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा।

संगठन महामंत्री सुनील बंसल ने कहा कि वंशवाद व जातिवाद की राजनीति से देश बाहर निकल चुका है। अब विचार व कार्यो के आधार पर ही जनता राजनीतिक सफलता निर्धारित करती है। राष्ट्रहित में लिए गए निर्णयों के साथ पूरा देश एकजुटता के साथ खड़ा है और देश का जनमानस देश को तोड़ने वाले परिवारवादी व अलगाववादी विचारों को नकार चुका है।

पाकिस्तान में गृहयुद्ध जैसे हालात, सिंध पुलिस का आर्मी के खिलाफ बगावत

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 पुलिस के समर्थन में देश भर के वकील सडकों पर उतरे, कई शहरों में पुलिस और आर्मी के बीच झड़प 

 देर रात कई धमाकों से गूंज उठा कराची शहर, लगभग तमाम विपक्षी पार्टियों ने पुलिस के समर्थन में आंदोलन का किया एलान 

उज्ज्वल दुनिया/कराची । पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के दामाद और पीएमएल (एन) की उपाध्यक्ष मरियम नवाज शरीफ के पति को गिरफ्तार करना इमरान सरकार और पाकिस्तानी सेना के लिए भारी पड़ गया है। इस बीच सिंध पुलिस प्रमुख को कथित तौर पर अगवा किए जाने के बाद कराची में पुलिस अधिकारियों ने सामूहिक अवकाश पर जाने की चेतावनी दी है।

इस मुद्दे पर पाकिस्तान में इन दिनों सियासी भूचाल मचा हुआ है और यहां सेना और पुलिस आमने-सामने आ गए हैं। इस्लामाबाद के सूत्रों ने कहा कि विपक्षी दलों और सेना के बीच चल रही तनातनी के साथ ही पाकिस्तान तेजी से गृहयुद्ध जैसी स्थिति की ओर बढ़ रहा है।

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के मुख्यमंत्री सैयद मुराद अली शाह की अध्यक्षता में सिंध प्रांत के कराची में, सिंध पुलिस ने पाकिस्तान सेना के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पुलिस ने पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की बेटी और पीएमएल (एन) की उपप्रमुख मरियम के पति सफदर अवान की गिरफ्तारी के लिए सेना की ओर से दबाव डाले जाने पर कड़ा विरोध जताते हुए छुट्टी पर जाने की धमकी दे दी है।

सूत्रों ने कहा कि सिंध पुलिस महानिरीक्षक मुश्ताक महर और कम से कम दो एआईजी, सात डीआईजी और सिंध पुलिस के छह वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (एसएसपी) ने मंगलवार को छुट्टी पर जाने के लिए आवेदन किया है। सूत्रों ने कहा कि इन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कैप्टन (रिटायर्ड) सफदर के खिलाफ ‘एफआईआर दर्ज करने के प्रकरण’ के कारण यह फैसला लिया है। सिंध पुलिस ने सोमवार को मरियम नवाज शरीफ के पति और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के दामाद सफदर अवान को कराची के एक होटल से गिरफ्तार कर लिया था।

दरअसल, पीएमएल (एन) की उपाध्यक्ष ने 11 विपक्षी दलों के महागठबंधन पीपुल्स डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) की विशाल रैली में इमरान खान सरकार पर जमकर निशाना साधा था। इसके कुछ घंटों के बाद ही उनके पति को गिरफ्तार कर लिया गया, जिसके बाद सियासी संग्राम छिड़ गया और इमरान खान सरकार की चहुंओर किरकिरी हुई। हालांकि बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के प्रमुख बिलावल भुट्टो-जरदारी ने एक ट्वीट करते हुए इस घटनाक्रम पर सेना और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से सफदर की गिरफ्तारी को लेकर सवाल पूछा, जिसके बाद पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने सफदर अवान की गिरफ्तारी की जांच के आदेश दिए।

पाकिस्तानी मीडिया ने बिलावल के हवाले से कहा कि सिंध पुलिस प्रमुख को सफदर की गिरफ्तारी से कुछ घंटे पहले ही पाकिस्तानी सेना और उसकी खुफिया विंग ने अगवा कर लिया था। बिलावल ने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान सेना ने सिंध पुलिस पर सफदर के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए दबाव डाला।

डॉन अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, पीएमएल (एन) नेता और सिंध के पूर्व गवर्नर मुहम्मद जुबैर की ओर से एक कथित ऑडियो संदेश एक पत्रकार द्वारा साझा किया गया है। इसमें जुबैर ने आरोप लगाया कि सिंध के पुलिस महानिरीक्षक मुश्ताक का अपहरण कर लिया गया है और उन पर मरियम, उनके पति सफदर और 200 अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का दबाव डाला गया था। पुलिस प्रमुख पर मोहम्मद अली जिन्ना के मकबरे की पवित्रता के कथित उल्लंघन के लिए यह कार्रवाई करने का दबाव डाला गया।

नीतीश कुमार के मंच पर पहुंची लालू प्रसाद यादव के घर की बहू एश्वर्या राय

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उज्ज्वल दुनिया/छपरा । लालू प्रसाद यादव की बहू और तेज प्रताप यादव की पत्नी एश्वर्या राय ने पहली बार सार्वजनिक मंच से अपने ही ससुराल पर हमला बोला । अपने पिता चंद्रिका राय के लिए वोट मांगने पहुंची एश्वर्या ने कहा कि मेरे पिता ने जिंदगी भर लालू परिवार का साथ दिया,  लेकिन बदले में उन्हें क्या मिला ? सिर्फ अपमान ।
एश्वर्या ने कहा कि ये लड़ाई मान-सम्मान की लड़ाई है । ये परसा के स्वाभिमान की लड़ाई है । आपके सामने दो ही रास्ते हैं । पहला,  आप जाति के नाम पर एक अनपढ़ और दबंग परिवार को सत्ता सौंप दें और दूसरा,  आप ऐसे व्यक्ति को सीएम बनाएं जिन्होंने आपके गांव में बिजली पहुंचाई, सड़क बनवाया,  हर घर में नल का पानी दिया,  गांव की गलियों में पीसीसी सड़क बनवाया । 
एश्वर्या राय ने कहा कि जो परिवार चंद्रिका राय और रामकृपाल यादव जैसे परिवार के भक्तों का नहीं हुआ वो आपका क्या होगा ? वे लोग सिर्फ अपने स्वार्थ के लिए जीते हैं । उनके परिवार में भी सत्ता के लिए आपसी कलह है जो आज न कल खुलकर सामने आएगा ।

झारखंड पुलिस ने महिलाओं के लिए जारी किया हेल्पलाइन नंबर

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किसी मुसीबत में हों तो तुरंत डायल करें 

उज्ज्वल दुनिया/रांची ।  झारखंड में महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस ने वुमन हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। अब महिला किसी भी समय वॉट्सऐप या कॉल के जरिए अपनी समस्या को बता सकती है।

डीजीपी एमवी राव ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी है। डीजीपी ने ट्वीट कर लिखा कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध पर अंकुश लगाने और बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के सघन प्रयासों के तहत, राज्य भर के जिलों के सभी एसएसपी को आज शाम तक व्हाट्सएप नंबर जारी करना आवश्यक है। संकट में घिरी महिलाएं और लड़कियां मैसेज भेज सकती हैं। जिसके तुरंत बाद मदद किया जाएगा। उधर, डीजीपी ने बुधवार को राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। जहां उन्होंने महिला हेल्पलाइन नंबर के बारे में जानकारी दी। साथ ही यह भी कहा कि दुर्गापूजा को देखते हुए सुरक्षा को लेकर विशेष ध्यान रखा जाएगा । 

पाकिस्तान के कराची शहर में धमाका, पांच की मौत

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उज्ज्वल दुनिया/कराची (हि.स.) । पाकिस्तान के कराची शहर में बड़ा धमाका हुआ है। गुलशन-ए-इकबाल में कराची विश्वविद्यालय मस्कान गेट के सामने एक 4 मंजिला इमारत में विस्फोट के बाद पांच लोग मारे गए और 20 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। हालांकि यह कैसा धमाका था इसकी पुष्टि अभी पुलिस ने नहीं की है। पाकिस्तानी मीडिया ने यह खबर दी है।

पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक अधिकारियों ने कहा है कि सभी घायलों और मृतकों को पटेल अस्पताल ले जाया गया है।फुटेज से पता चलता है कि इमारत का बुनियादी ढांचा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। विस्फोट एक इमारत की दूसरी मंजिल पर होने का संदेह है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आसपास की इमारतों की खिड़कियों के साथ-साथ कुछ वाहनों को भी नुकसान पहुंचा।
विस्फोट की प्रकृति का अभी तक पता नहीं चला है। हालांकि, मुबीना टाउन पुलिस एसएचओ ने कहा कि यह एक सिलेंडर ब्लास्ट लगता है। बम निरोधक दस्ता विस्फोट के कारण को सत्यापित करने के लिए आ रहा है।

सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने इस घटना को लेकर कराची के आयुक्त को इस संबंध में एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों को घटना में घायल लोगों के लिए चिकित्सा उपचार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया और दुख भी जताया है ।

झामुमो नेता हत्याकांड में गैंगेस्टर अमन साहू को हजारीबाग पुलिस रिमांड पर लेकर किया पूछताछ

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अजय निराला /  उज्ज्वल दुनिया संवाददाता
हजारीबाग। उरीमारी के झामुमो सह विस्थापित नेता गहन टुडू हत्याकांड में हजारीबाग पुलिस ने रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में बंद गैंगस्टर अमन साहू को 48 घंटे की रिमांड पर लेकर पुछताछ कर जेल भेज दिया है। 

गैंगस्टर अमन साहू से पुछताछ भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच विष्णुगढ़ एसडीपीओ कार्यालय में हुई। अमन साहू को उरीमारी कांड संख्या 161/19 में रिमांड लेकर उरीमारी ओपी प्रभारी, विष्णुगढ़ एसडीपीओ और एसपी कार्तिक एस ने पुछताछ किया।

पुलिस से जुड़े सूत्रों के अनुसार उस हत्याकांड में अमन ने अपनी संलिप्तता से इंकार कर साजिश कर फंसाए जाने की बात पुलिस अधिकारियों को बताया है। उसने कहा है कि उसे बड़कागांव थाना  से भागने के झूठा केस खड़ा करने के लिए गहन टुडू हत्याकांड में गिरफ्तारी बताया गया। जबकि हत्याकांड के समय वो जेल में था और जेल से निकलने के बाद पुलिस उसे अवैध रूप से बड़कागांव थाना में रखी थी ।पुछताछ में अमन ने यह भी कहा कि सुजीत सिन्हा और अमन साहू गिरोह के नाम लेकर अन्य अपराधी भी धमकी भरे फोन कॉल कर रंगदारी की मांग कर रहे हैं। इसमें उनकी संलिप्तता नहीं है। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद उसे रांची केंद्रीय कारा भेज दिया गया।

पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर सीएम से मिला प्रेस क्लब का प्रतिनिधिमंडल

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उज्ज्वल दुनिया/ रांची । सीएम हेमन्त सोरेन से रांची प्रेस क्लब के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा । इसमें पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने,  पत्रकार पेंशन योजना  की त्रुटियों में सुधार करने और पत्रकारों की समस्याओं का निराकरण करने  की मांग की गई है। प्रतिनिधिमंडल ने  गंभीर बीमारी से जूझ रहे पत्रकार राजकुमार सिंह और शाहीन अहमद और दिवंगत पत्रकार पीवी रामानुजम के परिजनों को सरकार के स्तर पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का आग्रह किया । मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर यथोचित कार्रवाई की जाएगी ।
 मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वालों  में रांची प्रेस क्लब के अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह,  सह सचिव जावेद अख्तर और कार्यकारिणी सदस्य सुनील कुमार सिंह तथा सुनील कुमार गुप्ता शामिल थे।

देश और राज्य की सुरक्षा के लिए शहादत देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि

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उज्ज्वल दुनिया/रांची ।  पुलिस संस्मरण दिवस के मौके पर सीएम हेमन्त सोरेन को पुलिस महानिदेशक एम वी राव और स्पेशल ब्रांच के अपर पुलिस महानिदेशक एम एल मीणा ने पुलिस झंडा प्रदान किया । इस मौके पर मुख्यमंत्री ने शहीद पुलिस जवानों को नमन करते हुए कहा कि आज का यह दिन शहीद जवानों को समर्पित है । मुख्यमंत्री ने कहा कि देश और राज्य की रक्षा के लिए  शहादत  देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि तथा सम्मान देकर हम खुद को गौरवान्वित महसूस करते हैं । मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों को स्वस्थ और सुरक्षित जीवन के लिए शुभकामनाएं दी । ज्ञात हो कि शहीद होने वाले जवानों की याद में पुलिस संस्मरण दिवस मनाया जाता है ।