Tuesday 30th of June 2026 01:20:16 PM
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और कितने घुटने टेकेगी हेमंत सरकार? केली बंगले में जेल मैनुअल का लगातार उल्लंघन हो रहा है

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उज्ज्वल दुनिया /रांची ।  भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा की केली बंगले में लंबे समय से हो रहा जेल मैनुअल का उल्लंघन बिल्कुल भी नहीं रुक रहा। उन्होंने कहा कि आज बिहार राजद के नेता सईद अली ने लालू प्रसाद से मुलाकात की और मुलाकात की तस्वीरों को फेसबुक पर साझा करते हुए लिखा की लालू प्रसाद को बिहार चुनाव की स्थिति पर अवगत कराया।

प्रतुल ने कहा की जेल मैन्युअल के अनुसार आप  किसी सजायाफ्ता मुजरिम के साथ तस्वीर नहीं खींचा सकते। यहां बड़ा प्रश्न यह है कि अगर यह तस्वीर मोबाइल से ली गई है तो  मोबाइल को केली बंगले के अंदर ले जाने की इजाजत किसने दी? दूसरा जेल मैनुअल स्पष्ट करता है की सजायाफ्ता मुजरिम के साथ कोई राजनीतिक बातचीत नहीं होगी और असिस्टेंट जेलर लेवल का अधिकारी मुलाकात के दौरान मौजूद रहेगा।

प्रतुल ने कहा की राजद नेता के द्वारा सोशल मीडिया में डाली गई तस्वीर में तो असिस्टेंट जेलर नही दिख रहे हैं। मुलाकाती ने मास्क लगा कर भी नहीं रखा है जबकि लालू प्रसाद को संक्रमण से बचाने के नाम पर केली बंगले में रखा गया है। लेकिन वास्तविकता में यह राजद के चुनावी अभियान का संचालन केली बंगला से हो रहा है।बिहार के नेता लालू प्रसाद को बिहार चुनाव की लगातार जानकारी दे रहे हैं।केली बंगला राजद का प्रधान चुनावी कार्यालय बनकर कार्य कर रहा है। लालू प्रसाद अपने मिली सुविधाओं का जमकर दुरुपयोग कर रहे हैं। राज्य सरकार को इस पर अविलंब कार्रवाई करनी चाहिए।

सोमालिया में फंसे 33 भारतीयों की सुरक्षित वापसी के लिए प्रयास जारी

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नई दिल्ली (हि.स.)। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को कहा कि नैरोबी में भारतीय उच्चायोग सोमालिया के मोगादिशु में फंसे 33 भारतीयों के राहत और वापसी के काम में लगा हुआ है। इन सभी को एक कंपनी ने पिछले आठ महीने से अपनी हिरासत में रखा हुआ है।

विदेश मंत्री ने ट्वीट कर कहा कि सोमालिया में भारतीय उच्चायोग ने सोमालियाई अधिकारियों को इन भारतीयों की दुखद स्थिति के बारे में अवगत कराया है। इनको लेकर भारत में सोमाली दूतावास के साथ भी संपर्क साधा गया है। जल्द ही इसका कोई समाधान निकलने की आशा है।

उल्लेखनीय है कि भारत के 33 मजदूरों में से 25 उत्तर प्रदेश से हैं। यह सभी सोमालिया की एसओएम स्टील कंपनी में कार्यरत हैं। इन्हें वहां खाने को भी पर्याप्त नहीं मिल रहा है। इस कंपनी ने पहले दो महीने इन्हें वेतन दिया और उसके बाद से पिछले आठ महीनों से कोई वेतन नहीं दिया है।

टीसी और मार्कशीट के बगैर दो छात्रों का दाखिला करने का निर्देश

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नई दिल्ली । दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में नई दिल्ली महानगरपालिका को दो छात्रों का दाखिला बिना ट्रांसफर सर्टिफिकेट और मार्कशीट के करने के निर्देश दिए हैं। जस्टिस जयंत नाथ ने नई दिल्ली महानगरपालिका को उन दो बच्चों का दाखिला बिना ट्रांसफर सर्टिफिकेट के करने का निर्देश दिया जिनका रामजस स्कूल ने फीस जमा नहीं कर पाने की वजह से ट्रांसफर सर्टिफिकेट देने स इनकार कर दिया था।

दिल्ली के रामजस स्कूल के आनंद पर्वत ब्रांच में पढ़नेवाले दो छात्रों ने याचिका दायर किया था। इन छात्रों के अभिभावक दलीप कुमार की ओर से बकाया फीस जमा नहीं करने पर रामजस स्कूल ट्रांसफर सर्टिफिकेट जारी नहीं कर रही थी। दलीप कुमार की ओर से वकील अशोक अग्रवाल ने कहा था कि हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने कहा है कि बकाया फीस की वजह से कोई स्कूल ट्रांसफर सर्टिफिकेट रोक नहीं सकता है। उन्होंने कहा था कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों में दोनों छात्रों को दाखिले के लिए ट्रासंफर सर्टिफिकेट की जरुरत होगी। रामजस स्कूल की ओर से दोनों बच्चों का ट्रांसफर सर्टिफिकेट रोकने का फैसला संविधान की धारा 14 और 21 का उल्लंघन है।

एक छात्र ने दसवीं कक्षा पास की है जबकि दूसरे ने पांचवी पास किया है। दोनों बच्चे रामजस स्कूल में नर्सरी स्कूल से पढ़ रहे थे। याचिका में कहा गया था कि याचिकाकर्ता को एकेडमिक सत्र 2019-20 में अपने व्यवसाय में काफी घाटा हुआ। फिहलाल वे आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं। अभी उनकी हालत ऐसी नहीं है कि वे स्कूल की फीस दे सकें। इसी वजह से याचिकाकर्ता दोनों बच्चों की आगे की पढ़ाई के लिए दिल्ली के सरकारी स्कूल में दाखिला कराना चाहते हैं। दिल्ली के सरकारी स्कूल में दाखिले के लिए याचिकाकर्ता ने रामजस स्कूल से ट्रांसफर सर्टिफिकेट जारी करने की मांग की थी।

रामजस स्कूल ने पिछले 2 सितंबर को दोनों छात्रों की बकाया फीस 76,300 रुपये और एक लाख एक हजार तीन सौ रुपये जमा करने का नोटिस भेजा था। याचिकाकर्ता ने स्कूल से ट्रांसफर सर्टिफिकेट और मार्कशीट जारी करने की मांग की थी लेकिन स्कूल ने बकाया फीस चुकाए बगैर ट्रांसफर सर्टिफिकेट और मार्कशीट देने से इनकार कर दिया। उसके बाद याचिकाकर्ता ने दिल्ली के शिक्षा निदेशालय से भी अपनी बात रखी थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। उसके बाद याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

भारत की जासूसी के लिए पाकिस्तान ने तैनात किया अवाक्स

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स्वीडन की कंपनी साब एयरोस्पेस से चोरी-छिपे खरीदा गया है नया अवाक्स

श्रीनगर से 222 किमी. दूर तैनात किया एयरबोर्न वॉर्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम्स 

नई दिल्ली । बालाकोट एयर स्ट्राइक में भारत से मात खाने के बाद पाकिस्तान ने हाल ही में स्वीडन की कंपनी साब एयरोस्पेस से चोरी-छिपे नया अवाक्स (एयरबोर्न वॉर्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम्स) खरीदा है। इसे भारत की जासूसी के लिए पाकिस्तान के मिन्हास एयरफोर्स बेस पर तैनात किये जाने का खुलासा एक ओपन सोर्स इंटेलिजेंस कंपनी ने सेटेलाइट तस्वीरों से किया है। पाकिस्तान का यह एयरफोर्स बेस भारत के श्रीनगर से 222 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां से उड़ान भरने के बाद पाकिस्तानी लड़ाकू विमान मुश्किल से पांच मिनट में भारतीय वायुसीमा में प्रवेश कर सकते हैं। साथ ही कश्मीर और लद्दाख में भारत की ऑपरेशनल उड़ानों पर भी नजर रखी जा सकती है।   

दरअसल भारत ने ​पुलवामा हमले के बाद फरवरी, 2019 में इसी तकनीक का इस्तेमाल करके पाकिस्तान की सीमा में घुसकर बालाकोट एयर स्ट्राइक में जैश-ए-मोहम्मद और दूसरे आतंकी शिविरों को तबाह किया था। सेना ने सुरक्षा कारणों और गोपनीयता बनाए रखने की वजह से इसका कोड नाम ऑपरेशन बंदर दिया था। उस समय तक पाकिस्तान के पास यह अवाक्स सिस्टम नहीं था, इसलिए भारत के एयर स्ट्राइक के बारे में भनक तक नहीं लग सकी थी। ​​​अवाक्स या एयरबॉर्न अर्ली वॉर्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम एयरक्राफ्ट आधुनिक युद्धशैली का बहुत अहम हिस्सा है। यह सिस्टम दुश्मन और दोस्त के फाइटर प्लेन्स को आसानी से पहचान लेता है। इनकी मदद से दुश्मन की हर हरकत पर नजर रखी जा सकती है।​ ​हवाई नियंत्रण एवं चेतावनी तकनीक खास तौर पर युद्ध क्षेत्र के लिए विकसित की गई रडार पिकेट तकनीक है। इस तकनीक के जरिए लंबी दूरी में भी लड़ाकू विमानों को आदेश (कमांड) दिया जा सकता है। उन्हें टारगेट को तबाह करने के लिए नियंत्रित किया जा सकता है।

इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत है कि इसे ट्रैक करना बहुत मुश्किल होता है। ​​इस हवाई चेतावनी और नियंत्रण तकनीक का इस्तेमाल जमीन पर सर्विलांस यानी की जासूसी के लिए भी होता है। इस तकनीक का इस्तेमाल रक्षात्मक एवं आक्रमक हवाई संचालन दोनों के लिए किया जाता है। इस तकनीक के जरिए 400 किलोमीटर दूर से ही किसी भी संदिग्ध हवाई गतिविधि की पहचान की जा सकती है। हवाई चेतावनी और नियंत्रण तकनीक वाले लड़ाकू विमान 30​ हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ सकते हैं और 312,000  किलोमीटर का क्षेत्र कवर कर सकते हैं। यह तकनीक किसी भी तरह के खतरे को पहले ही भांप लेती है और खतरे का डाटा, टारगेट की पहचान कर लेती है।  

भारत से मात खाने के बाद पाकिस्तान ने हाल ही में स्वीडन की कंपनी साब एयरोस्पेस से चोरी-छिपे नया अवाक्स (एयरबोर्न वॉर्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम्स) खरीदा है। पाकिस्तान जब स्वीडन की कंपनी से यह डील कर रहा था तो इसे सीक्रेट रखा गया था। इस डील के बारे में किसी को भनक न लग पाए, इसलिए स्वीडिश कंपनी साब ने भी केवल इतना बताया था कि यह एक अघोषित क्लाइंट के लिए ऑर्डर है। बाद में जब इस डील का खुलासा हुआ तो पता चला कि नए अवाक्स की आपूर्ति पाकिस्तान को की गई है। अब ओपन सोर्स इंटेलिजेंस @detresfa_ द्वारा जारी की गई एक नई तस्वीर में खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान ने अपने एयरफोर्स बेस मिन्हास में नए एयरबोर्न वॉर्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम्स की तैनाती की है। इस तस्वीर में Saab 2000 ERIEYE AEW & C लिखा हुआ है। ​

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित मिन्हास एयरबेस या कामरा एयरबेस भारत के श्रीनगर से 222 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां से उड़ान भरने के बाद पाकिस्तानी लड़ाकू विमान मुश्किल से पांच मिनट में भारतीय वायुसीमा में प्रवेश कर सकते हैं। इसके पहले पाकिस्तान ने बरसों से वीरान पड़े स्कर्दू एयरबेस को फिर से चालू कर दिया है। इस एयरबेस पर पाकिस्तान ने जेएफ-17 लड़ाकू विमान तैनात किए हैं। पाकिस्तान के इस एयरबेस का उपयोग चीनी सेना भी करती है।

दुर्गा पूजा पंडालों के अंदर लोगों को जाने की अनुमति नहीं : कलकत्ता हाईकोर्ट

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कोलकाता। कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के सभी दुर्गा पूजा पंडालों को लोगों के लिए ‘नो-एंट्री जोन’ बनाने का निर्देश दिया। बंगालियों के सबसे बड़े पांच दिवसीय पर्व की शुरुआत से ठीक कुछ दिन पहले यह आदेश आया है। अदालत ने कहा कि छोटे पंडालों के लिए पांच मीटर का क्षेत्र और बड़े पंडालों के लिए 10 मीटर क्षेत्र को भी नो-एंट्री जोन में शामिल किया गया है।

हाईकोर्ट के आदेश में आगे कहा गया है कि छोटी पूजा के मामले में 15 से अधिक और बड़ी पूजा के मामले में 25 पहले से आइडेंटिफाइड किए गए लोगों को बफर जोन या पंडालों के अंदर अनुमति दी जाएगी। सूत्रों ने बताया कि इन लोगों को आयोजकों द्वारा पहले से पहचाना जाना होगा, जिसकी एक सूची को सख्ती से बनाए रखना होगा। सूची अस्थायी नहीं हो सकती।

अदालत ने कहा कि कोरोनोवायरस महामारी को देखते हुए, पंडाल क्षेत्रों को बैरिकेडिंग करना होगा और नो-एंट्री जोन के रूप में सीमांकन करना होगा, सिवाय उन लोगों को छोड़कर जिन्हें आयोजकों द्वारा पहले से आइडेंटिफाइड किया गया है।

मोदी के संबोधन ने पश्चिम बंगाल की चुनावी लड़ाई का केंद्रबिंदु को निर्धारित किया

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कोलकाता। बंगालियों के सबसे बड़े त्योहार दुर्गा पूजा की शुरुआत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्चुअल (ऑनलाइन) संबोधन ने 2021 में होने वाली पश्चिम बंगाल की महत्वपूर्ण चुनावी लड़ाई का केंद्रबिंदु को निर्धारित किया। कार्यक्रम की शुरुआत लाइव-स्ट्रीमिंग के माध्यम से हुई और प्रधानमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से ही राज्य के 10 पूजा पंडालों का उद्घाटन किया, जिसमें उन्होंने सभी आयोजकों को एक साथ वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया।

पारंपरिक बंगाली धोती और कुर्ता पहने, दिल्ली से भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, जैसे कैलाश विजयवर्गीय, अरविंद मेनन और अन्य, जो भाजपा के बंगाल प्रभारी हैं, उन्होंने ‘महाषष्ठी’ के अवसर पर साल्ट लेक में पूर्वी क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र (ईजेडसीसी) में एक कार्यक्रम में भाग लिया।

राज्य भाजपा की महिला मोर्चा और पार्टी के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ की ओर से ईजीसीसी में पहली बार दुर्गा पूजा संयुक्त रूप से आयोजित की जा रही है।

मोदी ने अपने 20 मिनट लंबे संबोधन में कहा, “हम बंगाल के लोगों के लिए फास्ट-ट्रैक विकास योजनाओं को सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं। हम राज्य में लोगों की समस्याओं को कम करने और उनके जीवन स्तर को सुधारने के लिए सब कुछ कर रहे हैं। हमने पूर्वी भारत और पश्चिम को विकसित करने के लिए पूर्वोदय के दृष्टिकोण को अपनाया है।”

राज्य के राजनीतिक युद्ध के मैदान में गुरुवार का कार्यक्रम काफी महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि भगवा ब्रिगेड राज्य के निवासियों की उत्सव भावनाओं को भुनाने के लिए राज्य में दुर्गा पूजा के आयोजन में शामिल हुई।

इससे पहले केवल कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के नेताओं को ही राज्यभर में बड़े पूजा समारोह में भाग लेते हुए देखा जाता था। अब राज्य भाजपा भी बड़े जोर-शोर से बंगालियों के इस खास उत्सव में अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं। प्रधानमंत्री के वर्चुअल संबोधन को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए राज्य के कई हिस्सों में बड़ी स्क्रीन लगाई गई थी।

प्रदूषित शहरों में लखनऊ तीसरे स्थान पर

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लखनऊ । लखनऊ में वायु प्रदूषण का स्तर वायु गुणवत्ता सूचकांक पर 300 का आंकड़ा पार कर गया है, जिससे यह देश का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर बन गया है। अक्टूबर में पहली बार लखनऊ में 328 का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) था, जो बुधवार को ‘बहुत प्रदूषित’ श्रेणी में आता है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने 300 से अधिक एक्यूआई वाले सात शहरों की सूची जारी की है। इनमें से तीन उत्तर प्रदेश में हैं। लखनऊ के अलावा, अन्य दो मेरठ और बागपत हैं।

पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में लगभग 96 फ्लाईओवर निमार्णाधीन हैं और त्योहारी सीजन के कारण वाहनों की आवाजाही अपने चरम पर है। वायु प्रदूषण के स्तर में वृद्धि के लिए अभी का मौसम अनुकूल है।

चूंकि तापमान नीचे जा रहा है, हवा में पार्टिकुलेट मैटर (पदार्थ) निलंबित हो जाते हैं और हवा की कम गति धूल को फैलाती नहीं है।

उन्होंने आगे कहा कि जैसे-जैसे सर्दी बढ़ती जाएगी, स्थिति और खराब हो सकती है और लोगों को सांस की बीमारी होने की संभावना बढ़ेगी, खासकर कोरोनावायरस महामारी के दौरान।

BJP का मुफ्त वैक्सीन का वादा सिर्फ बिहार के लिए क्यों : अखिलेश

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लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के घोषणापत्र में मुफ्त कोरोना वैक्सीन के वादे को लेकर सपा मुखिया अखिलेश यादव ने सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि ऐसी घोषणा उत्तर प्रदेश व अन्य राज्यों में क्यों नहीं की गई है? अखिलेश ने ट्वीट के माध्यम से भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि “आज देश की सत्ताधारी भाजपा बिहार के अपने घोषणापत्र में कह रही है कि वो बिहार के लोगों को कोरोना का टीका मु़फ्त लगवाएगी। ऐसी घोषणा उप्र व अन्य राज्यों के लिए क्यों नहीं की गई? ऐसी अवसरवादी संकीर्ण राजनीति का जवाब उत्तर प्रदेश व देश की जनता आगामी चुनावों में भाजपा को देगी।”

सपा प्रमुख ने एक अन्य ट्वीट में कहा, “बिहार के चुनाव में कश्मीर-कथा बांचने वाले स्टार प्रचारक जी से कोरोना की मार झेलने वाला अपना उत्तर प्रदेश तो संभल नहीं रहा है और दुनियाभर को वो सीख दे रहे हैं। आर्थिक बदहाली, बेरोजगारी और बढ़ती महंगाई से 365 दिनों त्रस्त रहने वाली जनता को ये 370 के फायदे गिना रहे हैं।”

रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) प्रमुख ने की नेपाल के प्रधानमंत्री से मुलाकात

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नेपाल सरकार ने चीन से बचने के लिए भारत से मांगी मदद,  रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) का काठमांडू दौरा

उज्ज्वल दुनिया/काठमांडू: जब नेपाली सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी एक नए संकट में घिरी है, तभी भारत की एक्सटर्नल स्पाय एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) के प्रमुख सामंत कुमार गोयल ने काठमांडू की एक अनौपचारिक यात्रा की. गोयल बुधवार को नेपाल की राजधानी में थे और गुरुवार को नई दिल्ली वापस आने वाले हैं. नेपाल की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 9 सदस्यीय टीम का नेतृत्व करते हुए गोयल ने प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व प्रधानमंत्रियों पुष्पा कमल दहल, शेर बहादुर देउबा, माधव कुमार नेपाल समेत अन्य नेताओं से मुलाकात की.

संकट में हैं ओली

पार्टी के दो वरिष्ठ नेताओं दहल और नेपाल ने ओली की प्रधानमंत्री और पार्टी अध्यक्ष के तौर पर काम करने की शैली को चुनौती दी है. इसके बाद से ओली एक नए संकट का सामना कर रहे हैं. हालांकि ओली और दहल के बीच 8 महीने से चल रहा विवाद अगस्त में खत्म हो गया था. फिर भी दहल के करीबी करनाली प्रांत के मुख्यमंत्री महेन्द्र बहादुर शाही को पिछले हफ्ते ओली के अविश्वास प्रस्ताव का सामना करना पड़ा. इस अविश्वास प्रस्ताव के मुद्दे के साथ ही पार्टी के अंदर की दरारें खुल कर सामने आ गईं.

चीन के झुकाव की जांच चाहता है भारत

नई दिल्ली की सरकार को यह भी आशंका है कि काठमांडू का मौजूदा शासन चीन की ओर झुक रहा है, जिसकी जांच नई दिल्ली अपने अलग तंत्र के जरिए करना चाहती है. पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि ओली भारतीय समर्थन की मदद से अपने और दहल के बीच विवाद को दूर करना चाहते हैं इसलिए गोयल ने यह यात्रा की थी. हालांकि प्रधानमंत्री के प्रेस सलाहकार सूर्य थापा ने ओली और गोयल के बीच किसी भी बैठक से इनकार किया है. गोयल की यात्रा का मिशन अभी तक ज्ञात नहीं है, लेकिन सूत्रों ने कहा कि गोयल को सत्तारूढ़ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के एक वर्ग ने वहां आमंत्रित किया था जो आंतरिक तनाव का सामना कर रहा है.यह भी पढ़ेंः दुश्मनों को नेस्तनाबूद करेगा आईएनएस कवरात्ती, आज होगा नौसेना में शामिल

अगले माह सेना प्रमुख जाएंगे नेपाल

गौरतलब है कि गोयल की यात्रा भारतीय सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की यात्रा से ठीक पहले हुई है. नरवणे 3 नवंबर को 3 दिवसीय यात्रा के लिए नेपाल में रहेंगे. गोयल की इस यात्रा से नेपाल में विवाद छिड़ गया है. ओली के किसी जासूसी एजेंसी के प्रमुख से मिलने की खासी आलोचना हो रही है. एक मीडिया ने लिखा है, ‘नेपाल एक स्वतंत्र और संप्रभु देश है और गोयल की यात्रा देश की संप्रभुता को प्रभावित करती है.

बिहार चुनावः भाजपा के घोषणा पत्र में 11 संकल्प, कोरोना वैक्सीन के मुफ्त टीकाकरण का वादा

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19 लाख रोजगार देने के साथ ही एक साल में तीन लाख शिक्षकों की भर्ती का वादा
मेडिकल और तकनीकी शिक्षा हिन्दी भाषा में उपलब्ध कराने का संकल्प
मछली उत्पादन में राज्य को देश में नंबर वन बनाने का दिया भरोसा
पिछले 15 वर्षों में बिहार की जीडीपी 3 से 11.3 फीसदी हो गई  

उज्ज्वल दुनिया/पटना, 23 अक्टूबर (हि.स.)। बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर गुरुवार को भाजपा ने अपना घोषणापत्र जारी किया। केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ‘आत्मनिर्भर बिहार का रोडमैप’ के तहत भाजपा के 5 सूत्र, एक लक्ष्य, 11 संकल्प के साथ विजन डाक्‍यूमेंट को जारी किया। साथ में बिहार प्रभारी भूपेंद्र यादव और प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल भी थे। 

फ्री कोरोना वैक्सीन का वादा

घोषणापत्र में हर बिहारवासी को फ्री कोरोना वैक्सीन मुहैया कराने और मेडिकल तथा तकनीकी शिक्षा हिन्दी भाषा में उपलब्ध कराने, शिक्षा, स्वास्थ्य और आईटी समेत विभिन्न क्षेत्रों में 19 लाख रोजगार देने के साथ ही एक साल में तीन लाख शिक्षकों की भर्ती का वादा किया गया है। इसमें 15 साल बनाम 15 साल का जिक्र किया गया है। भाजपा ने बताया कि लालू-राबड़ी के 15 साल में प्रति व्यक्ति आय 8 हजार रुपये थी, जो भाजपा-जदयू की गठबंधन सरकार में बढ़कर 43 हजार रुपये से ज्यादा हो गई।

आत्मनिर्भर बिहार बनाएंगे

घोषणा पत्र में भाजपा का लक्ष्य आत्मनिर्भर बिहार है। इसमें पांच सूत्र स्वस्थ समाज-आत्मनिर्भर बिहार, शिक्षित बिहार-आत्मनिर्भर बिहार, गांव से शहर-सबका विकास, सशक्त कृषि-समृद्ध किसान और उद्योग आधार-सबल समाज बताये गये हैं। इसके अलावा घोषणापत्र में पार्टी के 11 संकल्प हैं। इसके तहत बिहार के हर निवासी का मुफ्त कोरोना टीकाकरण कराना, मेडिकल, इंजीनियरिंग समेत तकनीकी शिक्षा हिंदी में उपलब्ध कराना, तीन लाख शिक्षकों की नियुक्ति, आईटी हब के रूप में विकसित कर 5 साल में 5 लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये जाएंगे। 

एक करोड़ महिलाओं को स्वावलंबी बनाने का वादा

एक करोड़ महिलाओं को स्वावलंबी बनाने, एक लाख लोगों को स्वास्थ्य विभाग में नौकरी उपलब्ध कराने, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) का संचालन 2024 तक सुनिश्चित करने, धान और गेहूं के बाद अब दलहन की भी खरीद एसएमपी की निर्धारित दरों पर करने, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के और 30 लाख लोगों को वर्ष 2022 तक पक्के मकान देने का वादा किया गया है। 

कृषि क्षेत्र में 10 लाख नये रोजगार सृजन

दो वर्षों में निजी और कॉम्फेड आधारित 15 नये प्रोसेसिंग उद्योग लगाने, अगले 2 वर्षों में मीठे पानी में पलने वाली मछलियों के उत्पादन में राज्य को देश का नंबर एक राज्य बनाने के साथ ही बिहार के 10 हजार नये किसान उत्पाद संघों को आपस में जोड़कर विशेष फसल उत्पाद मक्का, फल, चूड़ा, मखाना, पान, मसाला, मेंथा, औषधीय पौधों आदि की सप्लाई चेन विकसित कर राज्य में 10 लाख रोजगार के अवसर सृजित करने को पार्टी संकल्पित है। 

नवरात्र की पूजा कर रहा हूं, हर वादा पूरा होगा : तेजस्वी

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उज्ज्वल दुनिया/भभुआ, 23 अक्टूबर (हि.स.)। महागठबंधन के घोषित मुख्यमंत्री उम्मीदवार और राजद नेता तेजस्वी यादव ने गुरुवार को कैमूर के चैनपुर व रामगढ़ विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी सभाएं कीं। चैनपुर के औखरा की सभा में उन्होंने कहा कि नवरात्र का पाठ कर रहा हूं, हर वादा पूरा करूंगा। 

उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि काफी कम समय में बिहार के 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी मिलने जा रही है,जो इतिहास में पहली दफा होगा। अगर सरकार बनी तो पहली कलम से सबसे पहला कार्य यही किया जाएगा। बता दें कि तेजस्वी के 10 लाख नौकरी देने के वादे पर नीतीश कुमार और सुशील कुमार मोदी लगातार सवाल उठा रहे हैं। 

तेजस्वी यादव ने कहा कि वर्तमान सरकार शिक्षकों के साथ क्रूर मजाक कर रही है, जो हमें बर्दाश्त नहीं है। हम उनके लिए समान काम के बदले समान वेतन लागू करके रहेंगे। हमने इसकी लड़ाई भी लड़ी है। उन्होंने कहा कि जब हमने दस लाख युवाओं को रोजगार देने की बात कही तो भाजपा के शीर्ष नेता पूछ रहे थे कि क्या वह पैसा जेल से आएगा। जब चुनाव बिल्कुल करीब आया तो अपनी घोषणाओं में भाजपा के द्वारा 19 लाख लोगों को रोजगार मुहैया कराए जाने की बात कही जा रही है। अब आप खुद समझ लीजिए कि वायदे कितने सच साबित होंगे। 

उन्होंने चैनपुर के कांग्रेस उम्मीदवार प्रकाश सिंह को वोट देने की अपील की। यहां सभा का संचालन राजद के प्रधान महासचिव भोला सिंह यादव ने किया। रामगढ़ विधानसभा के बिछियां में तेजस्वी ने राजद प्रत्याशी व पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद के पुत्र सुधाकर सिंह को भारी बहुमत से जिताने की अपील की। 

दुर्गा पूजा के पंडाल को काले कपड़े से ढकना प्रशासन की हिंदू विरोधी मानसिकता

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उज्ज्वल दुनिया/रांची । राजधानी रांची के रेलवे स्टेशन दुर्गा पूजा के पंडाल को प्रशासन ने काले कपड़े से ढकवा दिया । इसे लेकर राजधानी रांची की सियासत गरमा गई है । तमाम हिंदू संगठनों ने इसे प्रशासन की तानाशाही करार दिया है । रांची के विधायक सीपी सिंह ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि कल राँची रेलवे स्टेशन दुर्गा पूजा पंडाल का उद्घाटन विधिवत रुप से हम सभी ने मिलकर किया था और आज ही हेमंत सोरेन की हिन्दू विरोधी सरकार ने प्रशासन द्वारा वहाँ काले कपड़ों से पंडाल को ढकने का घृणित कार्य किया है। हिन्दू आस्था से खिलवाड़ करना देश विरोधी ताकतों का स्टेटस सिंबल हो गया है और अब तो झारखंड सरकार को भी इसे लगातार अंजाम देने में कोई गुर्रेज नहीं। इतिहास गवाह है जिसने भी हिन्दू धर्म को चोट पँहुचाया है वह मिट्टी में मिल गया है। 

आदिवासियों की हितैषी सरकार को अब सोहराय कलाकृतियों से भी परेशानी 

सीपी सिंह ने कहा कि आदिवासी हितैषी का ढिंढोरा पिटने वाली कांग्रेस-झामुमो की ठगबंधन सरकार को आदिवासी सभ्यता व झारखण्डी संस्कृति के प्रतिक ‘सोहराय कलाकृतियों’ से भी दिक्कत है, तभी तो इन्हें भी काले पर्दों से ढककर सरकार को कोई शर्म नहीं आ रही। इस सरकार का पतन जल्द होगा। अब हिन्दू विरोधी झामुमो-कांग्रेस की ठगबंधन सरकार से मेरे कुछ सवाल हैं। पहले तो आपकी सरकार ने जोर लगा ही दिया था की राज्य में दुर्गा पूजा न मनाया जा सके, लेकिन माँ दुर्गा के करोड़ों भक्तों के डर से आपने दुर्गा पूजा से संबंधित गाइडलाइंस जारी किए, और गाइडलाइंस भी ऐसे जिसे पढ़कर कोई भी माँ का अनन्य भक्त खुश नहीं होगा।

माँ के दर्शन करने से किसे कोरोना होगा? 

सीपी सिंह ने कहा कि  गाइडलाइंस के हिसाब से माँ की प्रतिमा 4 फीट से ज्यादा नहीं रहनी चाहिए। तो क्या सरकार यह तर्क दे रही की 7-8 फीट की प्रतिमा से कोरोना फैलेगा?  माँ को भोग नहीं लगाना है और न ही प्रसाद बाँटना है। पूरे लॉकडाउन में समाज के सभी वर्ग के लोगों ने यथासंभव मदद जरुरतमंदों के लिए किया। किसी ने सूखा राशन तो किसी ने पकाया हुआ भोजन बाँटा, क्या इस वजह से कोरोना संक्रमण बढ़ गया? क्या माँ को भोग लगाए हुए प्रसाद से बिमारी हो जाएगी? माँ की प्रतिमा को चारो ओर से ढँक कर पूजा करना है। क्या प्रतिमा के दर्शन मात्र से कोरोना हो जाएगा?

बार-बार सिर्फ हिंदुओं की भावनाओं से खिलवाड़ क्यों?  

आखिर ऐसी क्या वजह है की झामुमो व कांग्रेस पार्टी हमेशा हिन्दू धर्म में आस्था रखने वालों की भावनाओं से खिलवाड़ करती है। कुछ ही महीने पहले ईद की बाजारें सजी, तब क्यूँ नहीं ऐसे गाइडलाइन जारी किए गए? तब क्या कोरोना का प्रभाव नहीं था? सरकारी गाइडलाइंस के हिसाब से अंत्येष्टि में केवल 20 लोग सम्मिलित हो सकते हैं तो फिर मंत्रीमंडल के सदस्य की अंत्येष्टि में 10-15 हजार लोगों की भीड़ कैसे हो जाती है और सरकार क्यूँ नहीं यहां लॉ एंड ऑर्डर कायम कर पाती है? क्या इतने सारे लोगों के जमा होने से कोरोना संक्रमण नहीं हुआ होगा? यहाँ सरकार का कानून लागू नहीं होता है?

कांग्रेस में जल्द होगी सुखदेव भगत और प्रदीप बलमुचू की वापसी

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 प्रेस कांफ्रेस में राजेश ठाकुर ने कहा कि सुबह का भुला यदि शाम को घर लौट आये तो उसे भुला नहीं कहते

कहा, पार्टी में शामिल होने के लिए दोनों नेताओं ने दिया है आवेदन, शीर्ष नेतृत्व विचार कर जल्द लेगी निर्णय

उज्ज्वल दुनिया/रांची । विधानसभा चुनाव के ठीक पहले कांग्रेस छोड़ बीजेपी और आजसू में शामिल होने वाले क्रमशः सुखदेव भगत और प्रदीप कुमार बलमुचू दोबारा पार्टी में शामिल हो सकते है। इसका संकेत पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने एक प्रेस कांफ्रेस में मीडिया के पूछे सवालों के जवाब में दिया है। उन्होंने कहा है कि दोनों नेताओं ने बीते दिनों पार्टी में शामिल होने के लिए केंद्रीय नेतृत्व को आवेदन दिया है। पार्टी प्रभारी और शीर्ष नेतृत्व इसपर गंभीरता से विचार कर रही है।

जो भी निर्णय होगा, उसे हर कार्यकर्ता मानेगा

राजेश ठाकुर ने यह भी कहा है कि सुबह का भुला यदि शाम को घर लौट आये तो उसे भुला नहीं कहते। दोनों नेता भूले-भटके दुसरे दलों में चले गये थे। लेकिन उनके आने से पार्टी को यकीकन मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं ने पार्टी में दोबारा शामिल होने के लिए आला कमान को अपना आवेदन सौंपा है। बहुत ही जल्द आलाकमान इस पर अपना फैसला लेगा. इनके पार्टी में शामिल होने के लिए जो भी निर्णय शीर्ष नेतृत्व लेगा, उसे हर कार्यकर्ता मानेगा।

प्रदेश नेतृत्व से अनबन और घाटशिला सीट नहीं मिलने से छोड़ी थी पार्टी

गौरतलब हैं कि विधानसभा चुनाव के ठीक पहले सुखदेव भगत ने भाजपा का दामन थामा था। बताया जा रहा था कि उनके विधानसभा क्षेत्र से एक और कद्दावर नेता डॉ रामेश्वर उरांव, जो कि वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष है, से अनबन था। वहीं प्रदीप कुमार बलमुचू ने कांग्रेस छोड़ आजसू का दामन इसलिए थामा था क्योंकि उन्होंने चुनाव में घाटशिला सीट का टिकट नहीं मिला था। यह सीट गठबंधन के तहत जेएमएम के खाते में चली गयी थी।

न कोई विजन है न विकास का एजेंडा, 10 महीने में ही लोग ऊब गए

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 सरकार में बैठे लोग केंद्र से टकराव पैदा कर लोगों को भरमा रहे हैं 

उज्ज्वल दुनिया/दुमका । केंद्रीय मंत्री और झारखंड के पूर्व सीएम अर्जुन मुंडा ने कहा कि झारखंड की मौजूदा सरकार विजनलेस है । इन्हें ये पता नहीं कि हमें करना क्या है । पांच वर्षों के लिए विकास का कोई एजेंडा नहीं । इसलिए ये लोग केंद्र सरकार को दोष देकर लोगों को भ्रम में रखना चाहते हैं ।  अर्जुन मुंडा दुमका के मसानजोर में जनसभा को संबोधित कर रहे थे ।

कांग्रेस की तो राजनीति ही बांटो और राज करो पर चलती है 

अर्जुन मुंडा ने कहा कि कांग्रेस को सिर्फ राज करना है । उनकी राजनीति में सेवा का भाव ही नहीं है । वे आदिवासियों और गैर-आदिवासियों के बीच भेद पैदा कर अपना उल्लू सीधा करना चाहते हैं । अर्जुन मुंडा ने कहा कि बाहरी-भीतरी का झगड़ा लगाने वाले दरअसल विकास के दुश्मन हैं । 

केंद्र ने हेमंत सरकार को जो 300 करोड़ दिए वो कहां गए?  

राज्य सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए विकास से ज्यादा जोर राजनीतिक एजेंडे पर है। बिजली बकाये में कटौती मामले पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बयान पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि तयशुदा इकरारनामा के तहत ही कार्रवाई की गई है। सरकार को इकरारनामा की प्रति सबके सामने रखना चाहिए। जहां तक जीएसटी के हिस्सेदारी का सवाल है तो राज्य सरकार को उनके हिस्से की 300 करोड़ मिल गई है।

कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति और रेप की घटनाएं प्रशासनिक अक्षमता के कारण 

अर्जुन मुंडा ने कहा कि समग्र विकास के लिए भाजपा को विकल्प बनाने की जरूरत है। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जिस तरीके से मुख्यमंत्री बनने के बाद उपराजधानी और राजनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण दुमका के मतदाताओं का तिरस्कार किया है वह उनकी प्रशासनिक क्षमता को दर्शाता है। यही वजह है कि राज्य में विधि-व्यवस्था चौपट है। दुष्कर्म और हत्या की घटनाएं आम हो गई है और यहां की जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। बिना किसी दल का नाम लिए अर्जुन मुंडा ने कहा कि दुमका की प्रशासनिक दृष्टि से उपेक्षा और राजनीतिक दृष्टि से भरपूर उपयोग किए जाने से यहां की माटी का चरित्र बदल जाएगा। इसकी उर्वरा शक्ति खत्म हो जाएगी। लगातार उपेक्षा के दंश से दुमका को बाहर निकालने की जरूरत है।

दिउड़ी मंदिर का प्रबंधन ग्रामसभा को सौंपने और दानपेटी खोलने की मांग

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उज्ज्वल दुनिया /रांची । मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन  से मुलाकात कर झारखंड आदिवासी महासभा  ने एक  ज्ञापन सौंपा । महासभा ने मुख्यमंत्री को बताया कि 16 अक्टूबर को प्रशासन द्वारा  रांची जिला के तमाड़ प्रखंड स्थित  दिउड़ी  दिरी (दिउड़ी  पत्थर)  की दान पेटी को सील कर दिया गया  है । इसके अलावा 18 अक्टूबर को    आदिवासी सभा के कुछ  सदस्यों के खिलाफ  मुकदमा भी दर्ज  किया गया है ।  इससे आदिवासी मूलवासी समाज काफी आहत है । उन्होंने मुख्यमंत्री से  दान पेटी का ताला खोलने,  दिउड़ी  दिरी  का प्रबंधन वापस ग्राम सभा को सौंपने और ग्राम सभा में शांति भंग करने  को लेकर संबंधित पदाधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का आग्रह किया ।  
 मुख्यमंत्री को  ज्ञापन सौंपने वालों में झारखंड आदिवासी महासभा के संयोजक राधा कृष्ण सिंह मुंडा , सहसंयोजक यादूगोपाल सिंह मुंडा, दिउड़ी  दिरी  की ग्राम प्रधान सुमित्रा देवी के अलावा अमर सिंह मुंडा, दुखन सिंह मुंडा, देवी प्रसाद सिंह मुंडा, मानकी जगन्नाथ सिंह , गणेश सरदार,  सोनू सिंह , संजय सरदार और हिमांशु सरदार समेत  कई सदस्य शामिल थे ।