Tuesday 30th of June 2026 02:13:46 PM
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बंगाल में विधानसभा चुनाव साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे लेफ्ट और कांग्रेस

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कोलकाता- बंगाल में 2021 विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा फैसला हुआ है। सीपीएम पोलितब्यूरो ने बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के साथ सीटों के समझौते-गठबंधन के प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी है। अब 30 और 31 अक्टूबर को सीपीएम सेंट्रल कमेटी इस पर मुहर लगा देगी।

लेफ्ट के उच्च सूत्रों ने बताया कि बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा को रोकने के लिए लेफ्ट और कांग्रेस का साथ आना ज़रूरी है, यही वजह है कि पार्टी पोलितब्यूरो ने दिल्ली में हुई दो दिनों कि बैठक में आखिरकार बंगाल विधानसभा चुनाव कांग्रेस के साथ मिलकर लड़ने का फैसला किया है।

सीपीएम पोलितब्यूरो के फैसले पर बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने कहा, “मैं सीपीएम पोलितब्यूरो के फैसले से खुश हूं और बंगाल में ममता बनर्जी और बीजेपी दोनों को रोकने के लिए लेफ्ट और कांग्रेस में गठबंधन होना हीं चाहिए।

आबादी के अनुपात में हो श्मशान, कब्रिस्तान

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उन्नाव । भाजपा सांसद साक्षी महाराज एक बार फिर अपने विवादास्पद बोल की वजह से सुर्खियों में आ गए हैं। उन्होंने कहा है कि उत्तर प्रदेश में विभिन्न जगहों पर श्मशान और कब्रिस्तान दोनों प्रमुख समुदायों की आबादी के हिसाब से होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि “मुसलमानों को भी शवों को दफनाने के बजाय जलाना शुरू कर देना चाहिए।”

महाराज रविवार को अपने संसदीय क्षेत्र उन्नाव की बांगरमऊ सीट पर होने वाले उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार श्रीकांत कटियार के समर्थन में एक जनसभा को संबोधित करते हुए सवालिया लहजे में कहा, “देश में लगभग 2-2.5 करोड़ साधु हैं और अगर हम उन सभी के लिए समाधि बनाना शुरू कर दें, तो कोई भी कल्पना कर सकता है कि उसके लिए कितनी जमीन की जरूरत पड़ेगी। इसी तरह, भारत में 20 करोड़ मुस्लिम हैं, और अगर सभी को दफनाना पड़ेगा तो फिर कितनी जमीन बचेगी?

साक्षी महाराज ने आगे कहा कि एक कानून होना चाहिए, जिसके तहत दफनाने के लिए कोई जमीन नहीं दी जानी चाहिए और सभी समुदायों को दाह संस्कार का विकल्प चुनना चाहिए। “अन्यथा, एक दिन, हमारे पास देश में खेती के लिए जमीन भी नहीं बचेगी। हमारे धैर्य और शालीनता की परीक्षा नहीं होनी चाहिए।

दुर्गा अष्टमी पर टीएमसी सांसद नुसरत जहां ने पंडाल में किया डांस

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कोलकाता । दुर्गाष्टमी के अवसर पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद नुसरत जहां कोलकाता के सुरुचि संघ पहुंचीं थीं, जहां उन्होंने मां दुर्गा का दर्शन किया। इस दौरान उन्होंने पारंपरिक वादन यंत्र ढाक (ढोलक) नृत्य किया और ढाकियों के साथ बजाया भी।

योगी ने की महागौरी की आराधना

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गोरखपुर । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री व गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने शनिवार की सुबह देवी दुर्गा के आठवें स्वरूप महागौरी की विधि-विधान से आराधना की। उन्होंने सभी देव विग्रहों का षोडशोपचार पूजन भी किया। पूजन के बाद योगी ने गोरखनाथ मंदिर में उनसे मिलने पहुंचे समाज के कई गणमान्य लोगों से उनका कुशलक्षेम पूछा। विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों ने योगी को ‘भारत माता’ की छवि भेंट की। गोरक्षपीठाधीश्वर नवरात्र और विजयादशमी की पारंपरिक पूजा के लिए शुक्रवार को दोपहर बाद गोरखनाथ मंदिर पहुंचे थे।

मुख्यमंत्री गोरखनाथ मंदिर में रविवार की सुबह अनुष्ठानिक कार्यकर्मो के बाद दोपहर 12 बजे कन्या पूजन करेंगे। शाम चार बजे विजयादशमी की शोभायात्रा निकलेगा, जिसमें परंपरागत वेशभूषा में शामिल होकर वह मानसरोवर मंदिर जाएंगे। यहां चल रही रामलीला में वह भगवान राम का तिलक करेंगे।

मिर्जापुर 2′ पर प्रतिबंध लगाने की मांग

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मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में अपना दल की सांसद अनुप्रिया पटेल ने वेब सीरीज ‘मिर्जापुर 2’ पर प्रतिबंध लगाने की मांग करते हुए कहा है कि यह सीरीज जातीय विद्वेष फैला रही है। सांसद ने यह भी आरोप लगाया है कि हाल ही में एमेजॉन प्राइम पर जारी की गई यह सीरीज मिर्जापुर की ‘हिंसक’ क्षेत्र की छवि बना रही है।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मिर्जापुर एक ‘सौहार्द का केंद्र’ बन चुका है। इसकी छवि को खराब करने वाले जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।”

बता दें कि ‘मिजार्पुर 2’ परिवारों, राजनीति और चुनावों के बीच संघर्ष की एक हिंसक कहानी है। इसमें श्वेता त्रिपाठी शर्मा, पंकज त्रिपाठी, अली फजल और दिव्येंदु शर्मा ने मुख्य भूमिकाएं निभाईं हैं

बंगाल में लगातार चौथे दिन 4,000 से ज्यादा नए मामले आए सामने

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कोलकाता : बंगाल में दुर्गा पूजा उत्सव के बीच कोरोना का संक्रमण लगातार बेकाबू होता जा रहा है। शुक्रवार को लगातार चौथे दिन 4,000 से ज्यादा नए मामले आए। राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, पिछले 24 घंटे के दौरान 4143 नए मामले सामने आए जबकि 60 लोगों की मौत भी हुई है। एक दिन पहले भी रिकॉर्ड 4157 नए मामले आए थे। इसी के साथ राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 3 लाख 41 हजार 426 हो गई, जिसमें 36,471 एक्टिव केस है। वहीं, कोरोना से मरने वालों की संख्या बढ़कर 6,368 हो गई है।

24 घंटे में रिकॉर्ड 3676 मरीज हुए स्वस्थ

दूसरी ओर पिछले 24 घंटे में रिकॉर्ड 3676 मरीजों के स्वस्थ होने से ठीक होने वाले लोगों की कुल संख्या भी बढ़कर 2 लाख 98 हजार 587 हो गई है। वहीं, मरीजों के स्वस्थ होने की दर (रिकवरी रेट) मामूली बढ़कर 87.45 फीसद हो गई है, जो 1 दिन पहले 87.44 फीसद थी।

यूपी में दाढ़ी रखने पर सब

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सहारनपुर । दारुल उलूम देवबंद के मौलवियों ने बागपत के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिषेक सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, जिन्होंने सब-इंस्पेक्टर इंतेसर अली को दाढ़ी रखने पर निलंबित कर दिया। सब-इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई को ‘गलत’ करार देते हुए मौलवी एसपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

इत्तेहाद उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना कारी मुस्तफा देहलवी ने कहा कि पूर्वाग्रह के आधार पर कार्रवाई की गई है और इसकी निंदा की जानी चाहिए।

उन्होंने मांग की है कि सरकार एसपी के खिलाफ कार्रवाई करे।

कुछ अन्य मौलवियों, जिन्होंने नाम न जाहिर की शर्त पर बात की, इन मौलवियों ने भी कहा कि यह कार्रवाई ‘धार्मिक प्रतिशोध’ का परिणाम है।

बागपत में तैनात सब-इंस्पेक्टर को या तो अपनी दाढ़ी को शेव करने या फिर अपेक्षित अनुमति लेने के लिए कहा गया था क्योंकि पुलिस मैनुअल में सिखों को छोड़कर किसी भी जवान को दाढ़ी रखने की अनुमति नहीं है।

अली को शेव करने या दाढ़ी रखने की अनुमति लेने के संबंध में तीन बार चेतावनी दी गई थी।

हालांकि, पुलिसकर्मी ने अनुमति नहीं ली और दाढ़ी रखना जारी रखा।

इससे पहले, बागपत के एसपी अभिषेक सिंह ने कहा कि पुलिस मैनुअल के अनुसार, केवल सिखों को दाढ़ी रखने की अनुमति है, जबकि अन्य सभी पुलिसकर्मियों को बिना दाढ़ी के रहना होगा।

एसपी ने कहा, “अगर कोई पुलिसकर्मी दाढ़ी रखना चाहता है, तो उसे उसी की अनुमति लेनी होती है। इंतेसर अली से बार-बार अनुमति लेने के लिए कहा गया था, लेकिन उन्होंने इसका अनुपालन नहीं किया और बिना अनुमति के दाढ़ी रखनी जारी रखी।”

अली पुलिस बल में सब-इंस्पेक्टर के रूप में शामिल हुए और पिछले तीन वर्षों से बागपत में तैनात थे।

उन्होंने पत्रकारों से कहा कि उन्होंने दाढ़ी रखने की अनुमति मांगी थी, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।

योगी ने 3,313 सहायक शिक्षकों को दिये नियुक्तिपत्र

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लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को यहां अपने सरकारी आवास पर 3,317 सहायक शिक्षकों को नियुक्तिपत्र वितरण किया। इस दौरान उन्होनें कहा कि उत्तर प्रदेश में नौकरी का एकमात्र मानक मेरिट है। बावजूद इसके नियुक्तियों में भ्रष्टाचार हुआ तो दोषियों को जेल में ही ठिकाना मिलेगा।

मुख्यमंत्री शुक्रवार को यहां अपने सरकारी आवास पर 3,317 सहायक शिक्षकों को पद स्थापन एवं नियुक्तिपत्र वितरण समारोह के वर्चुअल कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। नवनियुक्त शिक्षकों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने सभी के उज्‍जवल भविष्य के लिए कामना की। उन्होंने कहा कि पूरी शुचिता और पारदर्शिता के साथ योग्य उम्मीदवार को ही नौकरी मिलेगी। इसमें गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं है। नियुक्तियों में भ्रष्टाचार हुआ तो दोषियों को जेल में ही ठिकाना होगा। साथ ही कहा कि, याद कीजिये साढ़े तीन साल पहले उप्र लोक सेवा आयोग की शोहरत किस वजह से थी। अब उसके उलट इन नियुक्तियों में पारदर्शिता के लिए जाना जाता है। अब यहां नियुक्ति का एक मात्र मानक मेरिट है। आप लोगों का चयन खुद में इसका प्रमाण है। उप्र लोक सेवा आयोग से राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के लिए चयनित इन शिक्षकों में से बाराबंकी की ज्योति शर्मा, लखनऊ की कीर्ति वर्मा, बाराबंकी के अखलाख, प्रयागराज के संदीप कुमार सिंह और अयोध्या की सुमित्रा देवी को मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से नियुक्ति पत्र भी सौंपा।

मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त शिक्षकों से कहा कि मौजूदा युग तकनीक का है। खुद भी तकनीकी रूप से अपडेट रहें और बच्चों को भी करें। तकनीक ही पारदर्शिता की कुंजी है। अगर तकनीक नहीं होती तो हम कोरोना के इस अभूतपूर्व संकट में जरूरतमंदों को पेंशन, भरण-पोषण भत्ता और किसान सम्मान निधि के रूप में एक क्लिक पर लाभ नहीं पहुंचा पाते। तकनीक की वजह से ही हम कोरोना के इस दौर में ऑनलाइन प्रक्रिया से पठन-पाठन की प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी रख सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा हमारी पूंजी है। जो जिस लायक है उसकी मेरिट का सम्मान करते हुए वह जगह मिल रही है। मेरिट के आधार पर ही हमने अब तक करीब 3.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। इतनी ही नौकरी देने जा रहे हैं। शुरूआत हो चुकी है।

गुपचुप तरीके से मुंबई पहुंचे एनसीबी चीफ, बॉलीवुड के कई बड़े सितारों की गिरफ्तारी की तैयारी

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उज्ज्वल दुनिया/मुंबई । नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के डायरेक्टर जनरल राकेश अस्थाना मुंबई के गुपचुप दौरे के बाद शुक्रवार को दिल्ली लौट आए। इस मामले से जुड़े लोगों के मुताबिक, जून में सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद शुरू हुई ड्रग तस्करी की जांच केस की समीक्षा के लिए अस्थाना मुंबई पहुंचे थे। अस्थाना रातभर के लिए मुंबई ऐसे समय में पहुंचे जब एनसीबी की ओर से बड़े ऐक्शन की तैयारी चल रही है, जिसमें बॉलीवुड के कई बड़े सितारे और ड्रग तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

अधिक ब्योरा देने से इनकार करते हुए एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ”आप अगले दो सप्ताह में ऐक्शन की उम्मीद कर सकते हैं।” एनसीबी ने इस केस में पहले ही 20 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें रिया चक्रवर्ती भी शामिल हैं, जिन्हें करीब एक महीने तक जेल में बिताने के बाद हाल ही में जमानत पर रिहा किया गया है। मुंबई हाईकोर्ट ने यह कहते हुए उनके भाई शौविक चक्रवर्ती को जमानत नहीं दी कि वह ड्रग डीलर्स के बीच चेन की अहम कड़ी है।

रिया चक्रवर्ती के जेल से बाहर आने से पहले ही एनसीबी ने जांच का दायरा दूसरे सितारों तक बढ़ाने का फैसला कर लिया था। अभिनेत्री दीपिका पादुकोण, सारा अली खान, श्रद्धा कपूर, रकुल प्रीत सिंह, फैशन डिजाइनर सिमोन खामबत्ता और सेलिब्रेटी मैनेजर श्रुति मोदी से पिछले महीने पूछताछ हो चुकी है।

अधिकारी ने कहा, ”जांच में आगे की हलचल हो रही है, बॉलीवुड की ओर से डिमांग और सप्लाई साइड की ओर से पड़ताल चल रही है। अधिकारी ने बताया कि ऐसे लोग हैं जो फिल्म इंडस्ट्री में भी काम करते हैं और ड्रग रैकेट में भी शामिल हैं। सप्लाई साइड में एनसीबी ने केरल के कासरागोड में एक मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है जो बॉलीवुड केसों से जुड़ा हुआ है और मुंबई में मुख्य नारकोटिक्स आपूर्तिकर्ताओं की तलाश में जुटा है। 

अधिकतर समय एक से दूसरे मीटिंग में बिताने वाले अस्थाना को बताया गया कि जांचकर्ता यह स्थापित करने में कामयाब रहे हैं कि हेरोइन और ऐम्फेटमीन अफगानिस्तान-पाकिस्तान चैनल या मोजाबिक-मालदीव-श्रीलंका रूट से मुंबई पहुंच रहे हैं। कोकीन साउथ अमेरिका से साउथ अप्रीया या दूसरे अफ्रीक्री देशों से आ रहा है। एनसीबी ने पहले ही अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और साउथ अफ्रीका जैसे देशों में अपने समकक्षों से संपर्क साध लिया है ताकि तस्करी के मामलों में ऐक्शन लिया जा सके।

मुंबई पुलिस ने रिपब्लिक टीवी से मांगी टायलेट पेपर, मेकअप किट सहित सभी खर्च की जानकारी

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उज्ज्वल दुनिया/मुंबई । अर्नब गोस्वामी के रिपब्लिक टीवी और मुंबई पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह के नेतृत्व में मुंबई पुलिस के बीच खींचतान कम होने का नाम नहीं ले रही है। टीआरपी स्कैम में फर्जी तरह से रिपब्लिक टीवी का नाम लेने के बाद मुंबई पुलिस ने अब सभी सीमाओं को पार कर दिया है। हाल ही में, मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच की ओर से रिपब्लिक टीवी को जारी हुए नोटिस में उनसे पेन, कॉपी से लेकर टॉयलेट पेपर तक का हिसाब माँगा है। यह जानकारी रिपब्लिक टीवी ने एक बयान जारी करके दी है।

रिपब्लिक टीवी ने बताया कि परमबीर सिंह ने उनसे टॉयलेट पेपर, टिश्यू पेपर, कार्पेट, कुर्सी, चाय-कॉफी वेंडिंग मशीन के खर्चे से लेकर हाउस कीपिंग स्टाफ तक की सैलरी की जानकारी माँगी है।
मीडिया संस्थान के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर सुंदरम एस से पुलिस थाने में पिछले 4 साल में हुई सारी ट्रांजेक्शन डिटेल्स जमा करने को कहा गया है। सबसे हैरान करने वाली बात यह कि ये बात जानते हुए कि ऐसी जानकारी जुटाने में महीने भर का समय लग सकता है, मुंबई पुलिस ने रिपब्लिक टीवी को मात्र 12 घंटे का समय दिया है।रिपब्लिक टीवी के अनुसार, वित्तीय लेन-देन से संबंधित जानकारी की माँग करना, मुंबई पुलिस की संस्थान के ख़िलाफ़ एक साजिश है जिसे वह महाराष्ट्र सरकार के इशारों पर रच रहे हैं। चैनल ने दावा किया है कि पुलिस ने टॉयलेट पेपर, कॉफ़ी वेंडिंग मशीन, मेकअप किट, स्टेशनरी, फ़र्नीचर इत्यादि की लागत सहित छोटे और मामूली लेनदेन से संबंधित जानकारी भी उनसे माँगी है।रिपब्लिक टीवी द्वारा जारी किए गए बयान में मुंबई पुलिस के नोटिस को स्पष्ट रूप से मीडिया की स्वतंत्रता पर हमला कहा गया है। साथ ही बताया गया है कि रिपब्लिक टीवी को मुंबई पुलिस ने धारा 91 के तहत नोटिस जारी करके पिछले 4 सालों की हर छोटी-मोटी ट्रांजेक्शन का विवरण प्रस्तुत करने के लिए बोला है।

बिहार में अब लालटेन के जमाना गईलः नरेंद्र मोदी

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उज्ज्वल दुनिया /पटना, 24 अक्टूबर (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बिहार के सासाराम और गया में आयोजित चुनावी सभा में बिना नाम लिये राजद पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा, एक समय था जब बिहार में सूरज ढलने के बाद सब कुछ बंद हो जाता है। किडनैपिंग, डकैती, हत्या और रंगदारी सरकार की निगरानी में होती थी। ये वो दौर था जब लोग कोई गाड़ी नहीं खरीदते थे, ताकि एक राजनीतिक पार्टी के कार्यकर्ताओं को उनकी कमाई का पता न चल जाए लेकिन अब ऐसा नहीं है।

प्रधानमंत्री ने एनडीए प्रत्याशियों के पक्ष में सासाराम और गया में कीं चुनावी सभाएं

प्रधानमंत्री ने कहा कि 90 के दशक में बिहार के लोगों का खूब अहित किया गया। बिहार को अराजकता और अव्यवस्था के किस दलदल में धकेल दिया, ये आप में से अधिकांश ने अनुभव किया है। आज भी बिहार की अनेक समस्याओं की जड़ में 90 के दशक की अव्यवस्था और कुशासन है लेकिन नीतीश कुमार के नेतृत्व में जब से राज्य में एनडीए की सरकार बनी है, राज्‍य में कानून का राज कामय है। प्रधानमंत्री मोदी ने भोजपुरी में कहा, “ई पावन भूमि पर आप सबकर अभिनंदन करत बानी। बिहार में अब लालटेन के जमाना गईल..। इसलिए आत्मनिर्भरता के संकल्प को मजबूत करने के लिए नीतीशजी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार जरूरी है।”

इस दौरान उन्होंने लोजपा संस्थापक व केंद्रीय मंत्री रहे बिहार के सपूत रामविलास को श्रद्धांजलि भी दी। उन्होंने कहा कि ये वो दौर था जब बिजली संपन्न परिवारों के घर में होती थी, गरीब के घर दीये और ढिबरी के भरोसे रहते थे। आज के बिहार में लालटेन की जरूरत खत्म हो गई है। आज बिहार के हर गरीब के घर में बिजली का कनेक्शन है, उजाला है। आज बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज जैसे संस्थान खोले जा रहे हैं। वरना बिहार ने वो समय भी देखा है, जब यहां के बच्चे छोटे-छोटे स्कूलों के लिए तरस जाते थे। एनडीए का संकल्प है बिहार को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना।

एनडीए का संकल्प है बिहार को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना

उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने सरकारी नियुक्तियों के लिए बिहार के नौजवानों से लाखों की रिश्वत खाई, वो फिर बढ़ते हुए बिहार को ललचाई नजरों से देख रहे हैं। हमें याद रखना है कि बिहार को इतनी मुश्किलों में डालने वाले कौन थे। 2014 में केंद्र में सरकार बनने के बाद बिहार को डबल इंजन की ताकत मिली, राज्य में ज्यादा तेजी से काम हुआ है। आज बिहार में पीढ़ी भले बदल गई हो, लेकिन बिहार के नौजवानों को ये याद रखना है कि बिहार को इतनी मुश्किलों में डालने वाले कौन थे। बिहार के लोग भूल नहीं सकते वो दिन जब सूरज ढलते का मतलब होता था, सब कुछ बंद हो जाना, ठप पड़ जाना। आज बिजली है, सड़के हैं, लाइट है और सबसे बड़ी बात कि वो माहौल है, जिसमें राज्य का सामान्य नागरिक बिना डरे रह सकता है, जी सकता है।

रामविलास पासवान को श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल ही में बिहार ने अपने दो सपूतों को खोया है, जिन्होंने यहां के लोगों की दशकों तक सेवा की है। मेरे करीबी मित्र और गरीबों, दलितों के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले और आखिरी समय तक मेरे साथ रहने वाले रामविलास पासवान जी को मैं श्रद्धाजंलि अर्पित करता हूं।

बिहार में सम्मान बा, स्वाभिमान बा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार में का बा का जवाब उसी अंदाज में दिया। कहा, बिहार में सम्मान बा, स्वाभिमान बा। भारत के सम्मान बा बिहार, भारत के स्वाभिमान बा बिहार, भारत के संस्कार बा बिहार।

विपक्ष कश्मीर में फिर 370 लाना चाहता है, यह बिहार का अपमान होगा

प्रधानमंत्री ने कहा, ये लोग कह रहे हैं कि सत्ता में आए तो आर्टिकल 370 फिर लागू कर देंगे। इतना सब कहकर ये बिहार के लोगों से वोट मांगने की हिम्मत कर रहे हैं। क्या ये बिहार के लोगों का अपमान नहीं है। ये लोग जिसकी चाहे मदद ले लें, देश अपने फैसलों से पीछे नहीं हटेगा।

लोगों ने मन बना लिया कि बीमारू को पास नहीं फटकने देंगे

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बिहार के लोग कभी कन्फ्यूजन में नहीं होते। चुनाव के इतने दिन पहले ही अपना स्पष्ट संदेश दे रहे हैं। जितने सर्वे हो रहे हैं, जितनी भी रिपोर्ट आ रही है, सभी में यही आ रहा है कि बिहार में फिर एक बार एनडीए की सरकार बनने जा रही है। बिहार के लोगों ने मन बना लिया है, ठान लिया है कि जिनका इतिहास बिहार को बीमारू बनाने का है, उन्हें आसपास भी नहीं फटकने देंगे।  

नीतीश की जमकर तारीफ

उन्होंने नीतीश कुमार की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि कोरोना महामारी से बचने के लिए तेजी से जो फैसले लिये गये हैं, जिस तरह बिहार के लोगों ने काम किया, नीतीश कुमार के लोगों ने, एनडीए सरकार ने काम किया, उसके नतीजे आज दिख रहे हैं। दुनिया के बड़े-बड़े अमीर देशों की हालत किसी से छिपी नहीं है। अगर बिहार में तेजी से काम न हुआ होता तो ये महामारी न जाने कितने साथियों की, हमारे परिवारजनों की जान ले लेती, कितना बड़ा हाहाकार मचता, इसकी कोई कल्पना नहीं कर सकता। मैं बिहार के लोगों को इतनी बड़ी आपदा का डटकर मुकाबला करने के लिए बधाई देना चाहता हूं।

मंडी-एमएसपी तो बहाना है, असल में दलालों-बिचौलियों को बचाना

उन्होंने कहा कि मंडी और एमएसपी तो बहाना है, असल में विपक्षी दलों को दलालों और बिचौलियों को बचाना है। लोकसभा चुनाव से पहले जब किसानों के बैंक खाते में सीधे पैसे देने का काम शुरु हुआ था, तब इन्होंने कैसा भ्रम फैलाया था। जब राफेल विमानों को खरीदा गया, तब भी ये बिचौलियों और दलालों की भाषा बोल रहे थे।  

पर्यटन विकास की असीम संभावनाएं हैं चतरा में

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 गुमनामी के कगार पर है जिले का छलिया चट्टान  का मनोहारी जलप्रपात

नवीन कुमार पाण्डेय/ उज्ज्वल दुनिया संवाददाता 
चतरा: झारखंड राज्य का चतरा जिला का पहचान वैसे तो उग्रवाद की समस्या को लेकर हमेशा से सुर्खियों में रहा है परंतु यह जिला न सिर्फ कई ऐतिहासिक धरोहरों को सहेज कर रखा है बल्कि यहां कई पर्यटन स्थल भी मौजूद हैं जो झारखंड सरकार के उदासीन रवैया के कारण आज गुमनामी का चादर से ढका हुआ है। चतरा जिले के वादियों में कई मनमोहक जलप्रपात मौजूद हैं जहां पर्यटन विकास की असीम संभावनाएं छिपी हुई है। चतरा का तमासिन, खईवा- वंदारू, गोवा, चूंदरू- धाम जैसे कई पर्यटक स्थल मौजूद हैं जो पलक बिछाए पर्यटकों के आने का कब से राह निहार रही है परंतु यहां कुछ वैसे भी जलप्रपात मौजूद हैं जिनकी जानकारी अभीतक जिला वासियों तक को भी नहीं हो पाया है और यह स्थान अबतक उनकी आंखों से ओझल है। उन्हीं जलप्रपात में से एक है छलिया चट्टान का जलप्रपात जहां पर्यटन विकास की असीम संभावनाएं है। चारों ओर से वनों व पहाड़ों से घिरा प्रतापपुर प्रखंड मुख्यालय से महज 26 किलोमीटर तथा डूमरवार पंचायत मुख्यालय से  4 किलोमीटर की दूरी पर यह स्थल स्थित है। यह  पलामू तथा चतरा जिले के सीमावर्ती क्षेत्र के अंतर्गत आता है। यहां तक पहुंचने के लिए भले ही कुछ दूरी तक का सफर जंगली और पथरीली मार्गो से होकर गुजरता है परंतु यहां पहुंचने पर झरने का कल- कल करता स्वर, चारों दिशाओं में फैली हरियाली, सफेद चट्टानों से ढाका यह स्थल पर्यटकों को रोमांचित कर देती है। 

सफ़ेद चट्टानों के बीच से गिरता झरना, जंगली जानवरों का कौतुक तथा पक्षियों का स्वर को सुनकर ऐसा प्रतीत होता है जैसे प्रकृति ने इसे काफी फुर्सत के क्षण में गढ़ा है। यहां की जादुई मनमोहक दृश्य किसी भी पर्यटक को बार-बार यहां आने के लिए प्रेरित करता है परंतु यह एक दुर्भाग्य की बात है कि चतरा जिला प्रशासन से लेकर झारखंड सरकार तक का ध्यान अबतक यहां तक नहीं पहुंचा है और नहीं अबतक किसी भी पदाधिकारी यहां तक पहुंचने का कोशिश किए हैं। 

इस क्षेत्र के ग्रामीणों ने छलिया चटान को पर्यटक स्थल घोषित करते हुए यहां पर्यटकों को आने जाने के लिए सुगम मार्ग का निर्माण करने के साथ-साथ पर्यटकों के सुविधा के लिए यात्री शेड का निर्माण करने, बच्चों के खेलने के लिए झूला लगाने के साथ-साथ चट्टानों के बीच पर्यटकों को बैठने के लिए उचित व्यवस्था करने का भी मांग किया है। चक तथा डुमरवार के लोगों का कहना है कि यहां का मनोरम दृश्य को देखते हुए न सिर्फ पलामू तथा चतरा जिले के लोगों के लिए इस क्षेत्र को विकसित किया जाए बल्कि इसे बौद्ध सर्किट से भी जोड़ा जाए ताकि बोधगया तक आने वाले विदेशी पर्यटकों को ही यहां तक आने का सुविधा प्राप्त हो ताकि यह क्षेत्र पूर्ण रूप से विकसित हो सके और इसकी मनोरम छटा की गाथा देश से लेकर विदेशों तक में भी छाया रहे ।

इस क्षेत्र में पर्यटन विकास की संभावना प्रबल हो ताकि इस क्षेत्र से बेरोजगारी की समस्या भी दूर हो सके तथा रोजगार का सृजन भी हो सके। इस मामले को लेकर इस क्षेत्र के ग्रामीण अब जागरूक हो चुके हैं तथा ग्रामीणों का एक शिष्टमंडल इस क्षेत्र को पर्यटक स्थल घोषित करने की मांग को लेकर जल्द ही राज्य के श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण राज्य मंत्री सत्यानंद भोक्ता से मिलेगा तथा चतरा उपायुक्त से भी मिलकर इसे पर्यटक स्थल घोषित करने का मांग पत्र सौपेगा ताकि गुमनामी का चादर ओढ़े इस क्षेत्र का सर्वांगीण विकास का सपना साकार हो सके।

उजाड़ रहे जंगल, हो रही अवैध कोल माइनिंग और तस्करी

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पुलिस और वन विभाग मौन, बेखौफ कोयला तस्कर

उज्ज्वल दुनिया संवाददाता/हजारीबाग। बड़कागांव-केरेडारी थाना क्षेत्र में इन दिनों अवैध कोयला तस्कर सक्रिय हो गए हैं। कोयला तस्कर वन विभाग की जमीन पर जंगलों को उजाड़ कोयला खनन और तस्करी कर रहे हैं। केरेडारी थाना क्षेत्र के कंडाबेर, बुंडू के अलावा थाना क्षेत्र के मनातू पंचायत अंतर्गत लाजीदाग में कोयले की तस्करी कर रहे हैं। लाजीदाग में काला रोड़ में होरिल गंझू के घर से करीब दो सौ मीटर अंदर जंगल उजाड़कर जेसीबी से अवैध कोयला खनन कर तस्करी पिछले कई सप्ताह से की जा रही है।  इसके लिए जमीन खोद खोद रास्ता बनाए जाने के लिए कई बड़े पेड़ गिरा दिए गए हैं। 

बताया जाता है कि पुलिस और वन विभाग की मिली भगत से अवैध कोयले का कारोबार यहां पर फल-फूल रहा है। उक्त क्षेत्रों में रातभर जेसीबी से अवैध माईनिंग होता है और 12 से 15 ट्रैक्टरों के माध्यम से विभिन्न इलाकों में भेजा जाता है।लाजीदांग का कोयला सिमरिया के शीला-पीरी तक आपूर्ति किया जा रहा है। वहां से उक्त कोयला को ट्रक में लोड होकर बाहर के मंडियों में ले जाकर खपाया जाता है। उसी प्रकार बड़कागांव में भी कोयला तस्करी जोर शोर से हो रहा है। 

बड़कागांव क्षेत्र के आंगो, जरजरा, बादाम, गोंदलपुरा, चपरी, जोरकाठ से कोयला निकाल कटकमदाग और चरही इलाके में डंप कर ट्रक से कोयला बिहार और यूपी के मंडियों में भेजा जा रहा है। सूत्रों का दावा है कि अवैध कोयले का एक सिंडिकेट सक्रिय है जो हर स्तर से तैयारी और सेटिंग कर रखा है। इसके लिए वन विभाग, पुलिस से लेकर पत्रकार-सफेदपोशों को भी मैनेज किया जाता है । यहां तक कि वरीय अधिकारियों तक बात नही पहुंचने देने के लिए पुलिस एसपीओ तक को सूचना दबा कर रखने या क्रॉस चेक में पुष्टि नहीं किए जाने को लेकर एक मोटी रकम दी जाती है। इधर केरेडारी थाना की पुलिस शुक्रवार को कुछ कलम के सिपाहियों से जानकारी ले रहे थे कि लाजीदाग में चल रहे अवैध कोयला खदान का फोटो कैसे वायरल हो गया है। किसने फोटो खींच कर वायरल किया है। लाजीदांग जंगल में तीन-चार जगहों पर लगभग 30-40 टन कोयला जमा कर रखा गया है।

क्या कहते हैं डीएफओ

पश्चिमी वन प्रमंडल हजारीबाग के डीएफओ रवींद्र नाथ मिश्रा ने इस मामले में पूछे जाने पर कहा कि उन्हें गुप्त सूचना मिली कि केरेडारी थाना क्षेत्र के लाजीदाग अधिसूचित वनभूमि पर कोयले का अवैध खनन कार्य किया जा रहा है। उन्होंने सूचना मिलने के बाद त्वरित कार्रवाई करने के बड़कागांव वन प्रक्षेत्र पदाधिकारी उदय नारायण झा को निर्देश दिया। साथ ही इस अवैध खनन कार्य में शामिल व्यक्तियों को चिन्हित कर वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने का निर्देश दिया है। बड़कागांव के रेंजर शुक्रवार को वनकर्मियों के साथ लाजीदांग पहुंच कर अवैध खनन स्थल का निरीक्षण किया। वहां पर लगभग 30-40 टन जमा कोयले को भी देखा है। संसाधन के आभाव में कोयले का उठाव नहीं किया गया है।

क्या कहते हैं केरेडारी थाना प्रभारी

इस संबंध में पूछे जाने पर केरेडारी थाना प्रभारी बमबम कुमार ने कहा कि लाजीदांग उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि पहले भी उक्त अवैध कोयला खदान की डोजरिंग करवायी गयी है। संचालकों पर कार्रवाई करने के बावत पूछे जाने पर संतोष जनक बातें नहीं बतायी।

हेमन्त सरकार अपनी नाकामियों का ठीकरा केंद्र पर न फोड़े: दीपक प्रकाश

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मेडिकल कॉलेजों में नामांकन की अनुमति नहीं मिलना राज्य सरकार की विफलता

उज्ज्वल दुनिया /रांची ।  राज्य सरकार की नाकामियों पर बड़ा सवाल खड़ा करते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सह सांसद दीपक प्रकाश ने कहा कि हेमंत सोरेन की सरकार कांग्रेस की कठपुतली बनकर रह गयी है। राज्य को लूटने में लगी हुई है। राज्य के आधारभूत संरचना के निर्माण का काम ठप पड़ा हुआ है। राज्य सरकार की लापरवाही के कारण मेडिकल कालेजों का कार्य समय पर पूरा नहीं होना, नामांकन की अनुमति नहीं मिलने को लेकर जिम्मेवार है। राज्य के तीनों नए मेडिकल कॉलेज दुमका पलामू और हजारीबाग के आधारभूत सरंचना का कार्य अधूरा है। राज्य की सरकार खुद को घिरते देख अपनी सारी जिम्मेवारी केंद्र पर मढ रहे हैं। कहा कि मोदी सरकार ने तो राज्य को  तीन नए मेडिकल कॉलेज दिए।सीटों की संख्या बढ़ाई।यह राज्य की बड़ी उपलब्धि है परन्तु प्रदेश में भाजपा सरकार बदलते ही कॉलेज के निर्माण कार्य ठप पड़ गए। कॉलेजों में नामांकन की अनुमति केंद्र नहीं बल्कि आईएमसी देती है। इंडियन मेडिकल काउंसिल ने कई बार रांची स्थित रिम्स पर भी सवाल उठाया है। 

उन्होंने कहा कि राज्य में डॉक्टरों का घोर अभाव है। मरीज इलाज के अभाव में दम तोड़ रहे हैं। इसके बावजूद राज्य सरकार ने मेडिकल कॉलेज निर्माण में सुस्ती दिखाई इसका परिणाम है कि 300 मेडिकल सीटों पर नामांकन की अनुमति मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने नहीं दी। सरकार का ध्यान आधारभूत संरचना को पूरा करने के बजाए ट्रांसफर पोस्टिंग उद्योग चलाने में है। विकास विरोधी सरकार में राज्य का भला कभी नहीं हो सकता। 
साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य में विकास कार्य ठप पड़ा हुआ है। अपराधियों और उग्रवादियों का तांडव राज्य में जारी है, व्यवसायी वर्ग परेशान हैं। राज्य की बहू बेटियां खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है और इसके जिम्मेवार सिर्फ और सिर्फ हेमंत सोरेन की दिशाहीन सरकार है।

कार्तिक उरावं के योगदान को नहीं भूल सकता झारखंड

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उज्ज्वल दुनिया /रांची ।  झारखंड प्रदेश प्रोफेशनल कांग्रेस कमिटी की बैठक आज 23 अक्टूबर को झारखंड प्रदेश प्रोफेशनल कांग्रेस अध्यक्ष आदित्य विक्रम जायसवाल जी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। 

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि कर्तिक उरांव ने वर्ष 1959 में ब्रिटिश सरकार को दुनिया का सबसे बड़ा आटोमेटिक पावर स्टेशन का प्रारूप ब्रिटिश सरकार को दिया था। बिरसा कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना की थी साथ ही साथ वे पंडित जवाहर लाल नेहरू एवं श्रीमती इंदिरा गांधी के चहेते भी थे, जिन्होंने अपनी नौकरी छोड़कर राजनीति में प्रवेश किया। आदिवासी के जल, जंगल, जमीन की रक्षा की। आदिवासी विश्व परिषद का गठन किया। कार्तिक उरांव ने एक  और महत्वपूर्ण कार्य किया था जब 1980 में आदिवासियों एवं एससी समाज की संविधान में  आरक्षण की अवधि समाप्त हो रही थी तब कार्तिक उरांव ने इनके आरक्षण को बहाल रखने के लिए आवाज उठाई थी और इसके फलस्वरूप व्यवस्थाएं लागू भी रही। 
बैठक में प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे, लाल किशोर नाथ शाहदेव, जगदीश साहु, सलीम खान, जितेन्द्र त्रिवेदी, विभव नाथ शाहदेव, ख्याति मुंजाल, कोमल कृति, मनीषा, सुयश सिन्हा, अमरजीत सिंह, प्रेम चैरसिया, गौरव आनंद ,पुनीत कुमार आदि उपस्थित थे।