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वाराणसी

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प्रधानमंत्री और वाराणसी के सांसद नरेंद्र मोदी सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए कई परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की जानकारी भाजपा काशी क्षेत्र के अध्यक्ष महेश चंद श्रीवास्तव, महानगर अध्यक्ष विद्यासागर राय, जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा ने संयुक्त रूप से दी।

महेश श्रीवास्तव ने बताया कि वर्चुअल संबोधन के तहत बनारस में छह जगह कार्यकर्ताओं के लिए अलग-अलग रूबरू होने की व्यवस्था की गई है। जिसमें कुछ कार्यकर्ताओं से पीएम मोदी प्रत्यक्ष रूप से जुड़ेंगे। काशी में सर्किट हाउस, मंडलायुक्त सभागार, दशाश्वमेध घाट, बाबतपुर एयरपोर्ट, शूटलंकेश्वर और टीएफसी पर कार्यकर्ता स्क्रीन पर पीएम मोदी के कार्यक्रम को देख व सुन सकेंगे।

प्रधानमंत्री दीपावली के पहले काशीवासियों को 614 करोड़ रुपये की सौगात देंगे, जिसमें तमाम परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास होगा। पीएम अपने संसदीय क्षेत्र के कार्यकर्ताओं से लगातार संवाद करते आ रहे हैं और कल भी कुछ कार्यकर्ताओं से संवाद स्थापित करेंगे।

उन्होंने बताया कि कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए अभी किसी कार्यकर्ता को बताया नहीं गया है क्योंकि अनावश्यक रूप से भीड़ जमा हो जाती है। कार्यक्रम के तहत संक्रमण को ध्यान में रखते हुए सभी को उसका पालन करते हुए कार्यक्रम में मौजूद रहना है। जिसके लिए एक जिम्मेदारी भी तय कर समुचित व्यवस्था की गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 620 करोड़ रुपये की 33 परियोजनाओं की सौगात काशीवासियों को देंगे। पीएम के हाथों बेनियाबाग की प्रस्तावित मल्टीलेवल पार्किंग, खिड़किया घाट का पुनर्विकास सहित अन्य परियोजनाओं का शिलान्यास रखा जाएगा। इसके अलावा सारनाथ की लाइट एंड साउंड परियोजना के अलावा 105 आंगनबाड़ी केंद्र और 101 आश्रय केंद्र का लोर्कापण होगा।

झारखंड की नौ कोयला खदानों की नीलामी पर रोक से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

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उज्ज्वल दुनिया/रांची । झारखंड की नौ कोयला खदानों की नीलामी पर रोक लगाने से इनकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नीलामी की छूट दे दी है। निर्देश दिया कि ई नीलामी उसके अंतिम आदेशों के दायरे में रहेगी। नीलामी के बाद औपबंधिक खनन की अनुमति सरकार को देनी होगी। केंद्र सरकार को बोली लगाने वालों को इसकी सूचना देने का भी निर्देश शीर्ष अदालत ने दिया। 

 झारखंड सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए  प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमणियन की पीठ ने कोर्ट ने यह निर्देश दिया। झारखंड सरकार ने राज्य की नौ कोयला खदानों की नीलामी पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। मामले की अगली सुनवाई दीपावली के बाद होगी। 

केंद्र सरकार ने  41 कोयला खदानों की नीलामी शुरू की थी, जिसमें से नौ खदान झारखंड में हैं।  इन खदानों की नीलामी रोकने के लिए झारखंड सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है फरवरी में कोयला खदानों की नीलामी को लेकर बैठक हुई थी।  इसमें जो बिंदु तय हुए थे उसका पालन किए बगैर खदानों की नीलानी की जा रही है। नीलामी में  कोविड-19 की वजह से बदली हुई परिस्थितियों को ध्यान में नहीं रखा गया है। याचिका में कहा गया है कि राज्य सरकार उसकी सीमा के भीतर स्थित इन खदानों और खनिज संपदा की मालिक है। याचिका में 5 और 23 फरवरी की बैठकों का जिक्र करते हुए कहा गया है कि केंद्र ने राज्य सरकार की ओर से दर्ज कराई गई आपत्तियों पर विचार नहीं किया। संविधान की पांचवी अनुसूची का जिक्र करते हुए कहा गया है कि झारखंड में नौ कोयला खदानों में से छह को नीलामी के लिए रखा गया है। ये सभी पांचवी अनुसूची के इलाके में हैं। झारखंड में 29.4 फीसदी वन क्षेत्र है और नीलामी के लिए रखी गई कोयला खदानें वन भूमि पर हैं। खनन से वनों को नुकसान होगा और पर्यावरण संतुलन भी बिगड़ सकता है। 

एक भी पेड़ नहीं कटेंगे 

केन्द्र की ओर से अटार्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने कहा कि खनन के दौरान इलाके में क्षेत्र में एक भी वृक्ष की कटाई नहीं होगी।  कोर्ट ने चार नवंबर को यह आदेश देने का संकेत दिया था कि झारखंड में व्यावसायिक मकसद से पारिस्थितिकी रूप से संवेदनशील क्षेत्र के 50 किमी के दायरे में प्रस्तावित कोयला खदानों के आवंटन के लिये ई-नीलामी नही की जाएगी। कोर्ट ने कहा कि वह सिर्फ यह सुनिश्चित करना चाहती है कि ‘जंगलों को नष्ट नहीं किया जाये। न्यायालय ने कहा कि वह विशेषज्ञों की एक समिति गठित करने पर विचार कर रहा है जो यह पता लगायेगी कि क्या झारखंड में प्रस्तावित खनन स्थल के पास का इलाका इको सेंसेटिव जोन है या नहीं।अटार्नी जनरल अदालत की इस टिप्पणी का विरोध करते हुए कहा था कि इस तरह के पारिस्थितिकी दृष्टि से संवेदनशील जोन से खदान स्थल 20 से 70 किमी की दूरी पर हैं और अगर यही पैमाना लागू किया गया तो गोवा जैसे राज्यों में खनन असंभव हो जायेगा।

चेन्नई के आईटी कंपनी के यहां छापे में एक हजार करोड़ रुपये का काला धन बरामद

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उज्ज्वल दुनिया/चेन्नई । आयकर विभाग ने चेन्नई के एक सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी समूह के ठिकानों पर छापा मार कर एक हजार करोड़ रुपए के कालेधन और संभावित बेनामी संपत्ति का पता लगाया है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड(सीबीडीटी) ने चार नवंबर की इस कार्रवाई की शनिवार को यह जानकारी दी। विभाग ने चेन्नई और मदुरै में 5 ठिकानों पर तलाशी ली है। 

सीबीडीटी के बयान के मुताबिक इस अभियान में करीब एक हजार करोड़ रुपए की ऐसी आय का पता चला है जिसका ​हिसाब सरकार को नहीं दिया गया था। इसमें से अतिरिक्त आय के रूप में 337 करोड़ रुपये का ब्योरा पहले दिया जा चुका था। इसके अलावा बेनामी संपत्ति और कालाधन संबंधी अधिनियमों के तहत कुछ और मुद्दे भी सामने आए हैं।

इस कार्रवाई में सिंगापुर की एक कंपनी में निवेश का मामला भी हाथ लगा है। इस कंपनी के शेयर दो कंपनियों के नाम है। इनमें एक इसी समूह की कंपनी है और दूसरी बुनियादी ढांचा विकास और कर्ज का कारोबार करने वाले एक बड़े प्रतिष्ठान की अनुषंगी कंपनी है। बयान में कहा गया है कि जो कंपनी छापे में फंसे समूह की है, वह सिंगापुर में पंजीकृत कंपनी में छोटी रकम का निवेश कर 72 प्रतिशत की हिस्सेदार बन गई जबकि करीब-करीब पूरी शेयर पूंजी का निवेश करने वाली दूसरी कंपनी के पास उसके केवल 28 प्रतिशत शेयर ही हैं।

इस तरह इस निवेश में इस समूह को कई करोड़ सिंगापुरी डॉलर की कमाई हुई जिसका रुपए में मूल्य करीब 200 करोड़ है। आयकर विभाग के सामने इस लाभ का विवरण नहीं दिया गया। इस प्रकार की निवेश आय को भारत में टैक्स-वसूली के दायरे में रखा जाता है। इस निवेश का वर्तमान मूल्य 354 करोड़ रुपये आंका गया है।

छापे में यह भी दिखा कि इस समूह ने पांच फर्जी (खोखा) कंपनियां हाल में खरीदी। उनके जरिए फर्जी बिलों के माध्यम से 337 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गयी। बयान के मुताबिक कंपनी के एक निदेशक ने धन की हेराफेरी की बात स्वीकार की है। यह भी पता चला है कि इस समूह ने 2009 में लेखा मानकों का पालन न करते हुए 150 करोड़ रुपये के तरजीही शेयरों का आवंटन किया। ऐसा इसलिए किया गया ताकि पूंजी आधार ​बड़ा दिखा कर बैंक और वित्तीय संस्थानों से अधिक कर्ज उठाया जा सके।

इसी तरह 2015 के 150 करोड़ रुपये के तरजीही शेयर आवंटन के एक और मामले की जांच की जा रही है। सीबीडीटी का दावा है कि इस समूह ने बैंकों से ब्याज पर धन उठा कर उसे समूह की दूसरी कंपनियों की अन्य संपत्तियों में निवेश के लिए बिना ब्याज के दिया। बयान के मुताबिक इस प्रकार के लेनदेन में समूह ने कुल 423 करोड़ रुपये का ब्याज छोड़ा। 

छापे में पता चला कि इस समूह के पैसे से खोखा कंपनियों ने करीब 800 एकड़ जमीन खरीदी। ये जमीनें कम से कम 500 करोड़ रुपये की हैं। बयान के मुताबिक कार्रवाई में यह भी समाने आया कि इस समूह ने चालू वित्त वर्ष में भारी संख्या में शेयरों का हस्तांतरण किया। ये हस्तांतरण बाजार कीमत से कम पर किए गए। ऐसा करना आयकर अधिनियम 1962 के खिलाफ है।

वोटिंग खत्म होते ही लालू यादव की तबियत बिगड़ी, तनाव का असर

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उज्ज्वल दुनिया/रांची । रिम्स में इलाजरत लालू प्रसाद की तबीयत में अचानक गिरावट आई है। डायबिटीज के मरीज होने के कारण उनके क्रियेटनीन लेवल में अचानक वृद्धि हुई है। रिम्स में लालू प्रसाद का इलाज कर रहे डॉ. उमेश प्रसाद के मुताबिक अगर उनके स्वास्थ्य में ऐसे ही गिरावट जारी रही, तो उन्हें डायलिसिस की जरूरत पड़ सकती है। रिम्स प्रबंधन की तरफ से इसकी जानकारी हाईकोर्ट को भी दी गई है। हाईकोर्ट ने रिम्स प्रबंधन से लालू यादव के स्वास्थ्य पर रिपोर्ट मांगी थी। 

25 फीसदी काम कर रही है किडनी 

रिम्स के चिकित्सकों के मुताबिक लालू प्रसाद की फिलहाल 25 फीसदी किडनी ही काम कर रही है। हालिया कुछ दिनों की अपेक्षा इसमें 10 फीसदी की गिरावट आई है। अगर इसमें 10-12 फीसदी की और गिरावट आती है, तो उन्हें तुरंत डायलिसिस की जरूरत पड़ सकेगी। 

चिकित्सकों के लिए चिंता का विषय 

जब लालू प्रसाद रिम्स आए थे, तब उनकी किडनी 3बी के स्टेज में थी। अब यह स्टेज-4 में पहुंच गयी है। दो साल तक इंसुलिन और चिकित्सकों की देख-रेख में किडनी ने बेहतर काम किया था, लेकिन अब एक बार फिर उसकी हालत बिगड़ने लगी है। रिम्स के चिकित्सकों के मुताबिक अगर कोरोना के संक्रमण का खतरा नहीं होता, तो बेहतर इलाज के लिए लालू प्रसाद को एम्स भी भेजा जा सकता था। 

मानसिक तनाव में भी हैं लालू 

चिकित्सकों के मुताबिक उनकी तबीयत बिगड़ने का एक बड़ा कारण उनका मानसिक तनाव भी है। वे बिहार चुनाव को लेकर लगातार चिंतित हैं। खाने-पीने पर भी नियमित ध्यान नहीं दे रहे हैं।

कौन है सब्जी मंडी की जमीन का मालिक?

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नप के पास सब्जी मंडी का नहीं है कोई दस्तावेज, आरटीआई से हुआ इस मामले का खुलासा

नप द्वारा नौ महीने बाद दी गई जानकारी

उज्ज्वल दुनिया संवाददाता/ अजय निराला
हजारीबाग। उत्तरी छोटा नागपुर प्रमंडल हजारीबाग अंतर्गत कोडरमा जिले के झुमरी तिलैया के स्थानीय अशोका होटल के पीछे स्थित सब्जी मंडी की जमीन का कोई भी दस्तावेज झुमरी तिलैया नगर परिषद के पास नहीं है। 

आखिर इस जमीन का मालिक कौन है?  

नगर परिषद ने किससे और कब इस जमीन को अपने अधीन लिया, इसकी कोई जानकारी नगर परिषद के पास नहीं है। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब आरटीआई कार्यकर्ता विवेक कुमार सिन्हा ने नगर परिषद से सूचना अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी मांगी। उन्होंने नप से पांच जानकारियां मांगी थी।  पहला सवाल पूछा कि तिलैया मौजा के अधीन खाता 130 में स्थित सब्जी मंडी में कितने व्यक्ति ने 2019-20 में जगह लिया और वहां का क्या किराया और कैसे तय किया गया है? दूसरा सवाल पूछा कि उपरोक्त सब्जी मंडी को नगर परिषद ने कैसे और कब अधिग्रहित किया? तीसरे सवाल में पूछा गया है कि उपरोक्त सब्जी मंडी को अधिग्रहित करते समय किस रैयत को और कितना मुआवजा दिया गया? चौथे सवाल में पूछा गया कि उपरोक्त सब्जी मंडी को अधिग्रहित करते समय किन दस्तावेजों का उपयोग किया गया था? दस्तावेजों की छाया प्रति भी उपलब्ध कराने की मांग की गई थी। जबकि पांचवा और अंतिम सवाल पूछा गया कि सब्जी मंडी में कितनी भूमि अधिग्रहित की गई है? इन पांचों सवालों के जवाब में नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी कौशलेश कुमार ने जवाब दिया कि अभिलेख के आधार पर सूचना उपलब्ध नहीं है। अब ऐसे में सवाल उठता है कि जब नगर परिषद के पास इस जमीन से संबंधित कोई दस्तावेज उपलब्ध है ही नहीं तो उसने सब्जी व्यापारियों को दुकानें किस आधार पर आवंटित किया? 
बता दें कि नगर परिषद द्वारा पिछले कई सालों से उक्त स्थल पर शेड नुमा दुकान सब्जी विक्रताओं को आवंटित किया है। कई स्थाई शेड भी बने हुए हैं। ऐसे में सवाल उठता है की इस जमीन का असली मालिक कौन है? नगर परिषद ने किस आधार पर इस जमीन को अधिग्रहित किया और दुकानदारों को आवंटित किया? सवाल यह भी उठता है कि इन सब्जी विक्रेताओं से टैक्स के रूप में जो वसूली की जाती है वह कैसे और किस अधिकारी के आदेश से की जा रही है? 
विवेक कुमार सिन्हा ने बताया कि उन्हें नौ महीने देर से यह जानकारी उपलब्ध कराई गई। यानी आरटीआई का जवाब देने में नगर परिषद प्रशासन रुचि नहीं दिखाते। विवेक कुमार सिन्हा ने 27 फरवरी 2020 को सूचना अधिकार अधिनियम के तहत जवाब मांगे थे, किंतु नगर परिषद द्वारा तीन नवंबर 20 को जवाब दिया गया।

क्या कहते हैं अधिकारी: 

इस संबंध में नप के प्रशासक कौशलेश कुमार ने कहा कि उनके कार्यालय में इस मामले से संबंधित कोई भी दस्तावेज कार्यालय में उपलब्ध नहीं है। यह मामला बहुत लंबे समय से और मुझसे पहले से चला आ रहा है। 

क्या कहते हैं अंचल कार्यालय के सूत्र

इस संबंध में कोडरमा अंचल कार्यालय से जुडे़ एक कर्मी ने नाम न छापने की शर्त पर बातया कि खाता 130 की जमीन क्रिश्चियन माइका इंडस्ट्रीज की है। यह खाता आज भी ऑनलाइन पंजी टू में दर्ज है।

पुष्पा हिम्मत सिंह की हत्या के बाद गरमाई सियासत

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भाजपा ने बताया जंगलराज तो कांग्रेस ने भी उठाए सवाल 

दुमका/ रांची । दुमका में कांग्रेस नेत्री पुष्पा हिम्मत सिंह की हत्या के बाद सियासत तेज हो गई है । झामुमो ने कहा है कि चाहे कोई भी हो, दोषी बख्शे नहीं जाएंगे । कांग्रेस ने सीएम हेमंत सोरेन से पुष्पा हिम्मत सिंह के हत्यारों को पकड़कर इंसाफ दिलाने की मांग की है । 

झारखंड में भी जंगलराज की शुरुआत- भाजपा

भाजपा के प्रवक्ता अविनेश कुमार सिंह ने कहा कि झारखंड में भी जंगलराज शुरू हो गया है । उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार के 10 महीने के शासन में सिर्फ अपराध और भ्रष्टाचार का ही ग्राफ बढ़ा है। बाकी विकास तो कोसो दूर छूट गया है। 

24 घंटे के अंदर दोषियों को गिरफ्तार करे प्रशासन- बादल पत्रलेख 

 झारखंड सरकार के कृषि पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री बादल पत्रलेख ने दुमका की जुझारू कांग्रेस नेत्री पुष्पा हिम्मत सिंह की हत्या किए जाने पर  दुख प्रकट किया है। उन्होंने तुरंत दुमका पुलिस अधीक्षक  से बातचीत की और उन्हें 24 घण्टे के अंदर दोषियों को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया है । बादल पत्रलेख ने कहा कि अपराधियों को किसी शर्त पर बेलगाम नहीं छोड़ा जा सकता है । यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है । बादल पत्रलेख ने कहा कि पार्टी के लिए बड़ी क्षति  है । ईश्वर उनकी आत्मा को शान्ति प्रदान करे और दुख कि इस घड़ी में परिजनों को दुख सहने की शक्ति प्रदान करे।

दुमका के भीड़ भरे बाजार में कांग्रेस नेत्री पुष्पा हिम्मत सिंह की गोली मारकर हत्या

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उज्ज्वल दुनिया/दुमका । दुमका मेन मार्केट में शनिवार को दिनदहाड़े बक्सा व्यवसायी महिला की गोली मार कर हत्या कर दी गई। हत्यारोपी रॉकी हिम्मत सिंह मृतक महिला का भतीजा (जेठ का बेटा) है। दोनों परिवारों का मेन मार्केट में मारवाड़ी चौक के पास अगल-बगल बक्सा का दुकान है। दोनों परिवारों के बीच करीब चार साल से विवाद चल रहा था। रॉकी हिम्मत सिंह ने पहले भी गोली मार देने को धमकी दी थी।

आपसी रंजिश में की गई हत्या 

मृतक पुष्पा हिम्मत सिंह के पति रामचंद्र हिम्मत सिंह ने बताया कि रॉकी दोपहर 12 बजे रिवाल्वर ले कर आया और पत्नी के सिर में गोली मार दी। उसने मुझे और मेरे बेटे को भी गोली मारी, जो नहीं लगी। पुष्पा हिम्मत सिंह का को सिर में गोली लगते ही खून से लथपथ वह घटनास्थल पर गिर गई। तुरंत डीएमसीएच ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एसपी अम्बर लकड़ा ने बताया कि आपसी रंजिश में हत्या की घटना हुई है। हत्यारोपी की मां को हिरासत में लिया गया है।

कांग्रेस कार्यकर्ता भी थीं पुष्पा हिम्मत सिंह

पुष्पा हिम्मत सिंह कांग्रेस की सक्रिय कार्यकर्ता भी थी। उनकी मौत की खबर शहर में फैलते ही काफी संख्या में लोग डीएमसीएच में जमा हो गए। लोगों में भारी आक्रोश, गिरफ्तारी के बाद ही होने देंगे पोस्टमार्टम दिनदहाड़े मेन मार्केट में हत्या की इस घटना से लोगों में भारी आक्रोश है।लोगों ने कहा कि जब तक हत्यारोपी की गिरफ्तारी नहीं होगी तब तक शव का पोस्टमार्टम नहीं करने दिया जाएगा।

राज्य में कानून व्यवस्था नाम की चीज नहीं: डॉ लुईस मरांडी

पूर्व मंत्री डॉ लुईस मरांडी भी डीएमसीएच पहुंची। डॉ लुईस मरांडी ने घटना की निंदा करते कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गई है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पीएसएलवी –सी 49 के सफल लॉन्च पर ईसरो को दी बधाई

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नई दिल्ली । अंतरिक्ष की दुनिया में इसरो ने शनिवार को एक और इतिहास रचते हुए प्रक्षेपण यान पीएसएलवी-सी49 को 10 उपग्रहों के साथ लांच किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मिशन के सफल परीक्षण पर इसरो और उनकी टीम को बधाई दी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर कहा, पीएसएलवी-सी49, ईओएस-01 मिशन के सफल परीक्षण के लिए इसरो और उनकी टीम को बधाई। कोरोना काल में हमारे वैज्ञानिकों ने मेहनत से डेडलाइन का पालन किया और तय समय में पीएसएलवी को लॉन्च कर दिखाया है।
इसरो के अनुसार भारत का ईओएस-01 (अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट), लिथुआनिया का एक प्रौद्योगिकी डेमन्स्ट्रेटर, लक्समबर्ग के चार मैरीटाइम एप्लीकेशन सैटेलाइट और अमेरिका के चार लेमुर मल्टी मिशन रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट को लॉन्च किया गया। सभी उपग्रहों को लॉन्च करने का काउंटडाउन शुक्रवार दोपहर शुरू हुआ और दोपहर 3.12 बजे सभी सैटेलाइट्स को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेश सेंटर से लॉन्च कर दिया गया।

पिछड़े लोगों के साथ खाना खाने का है समय हाथरस जानें का नहीं

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कोलकाता: बंगाल के कांग्रेस प्रमुख अधीर रंजन चौधरी ने शुक्रवार को अमित शाह पर हमला बोलते हुए कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री के पास यहां पिछड़े समुदाय के लोगों के घरों में खाना खाने का समय है लेकिन उत्तर प्रदेश अथवा अन्य भाजपा शासित राज्यों में दलितों पर हुए हमले के पीड़ितों के घर जाने के लिए क्षण भर का भी समय नहीं है।

 चौधरी ने यहां कृषि कानूनों के खिलाफ ट्रैक्टर रैली निकाली थी और वह पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने शाह के बृहस्पतिवार और शनिवार को क्रमश: बांकुड़ा में आदिवासी व्यक्ति के घर और उत्तरी 24 परगना जिले में मतुआ समुदाय के एक व्यक्ति के घर जाने और खाना खाने का जिक्र किया।

 बांकुड़ा में आदिवासी और पिछड़ी जातियों की संख्या अधिक है और यह राज्य के वैसे जिलों में से एक है, जहां भाजपा 2019 के लोकसभा चुनाव में अपनी पैठ बनाने में कामयाब रही थी। वहीं मतुआ एक ऐसा समुदाय है जो पहले बांग्लादेश में थे और उन्होंने यहां शरण ली थी। उन्होंने कहा, ‘‘गृह मंत्री पिछड़ी जातियों के लोगों के घर हमेशा जा सकते हैं। लेकिन क्या वे हाथरस की दलित युवती के घर गए? क्या वे अन्य दलितों के घर गए?’’ उत्तर प्रदेश के हाथरस में 19 वर्षीय एक दलित युवती के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म की वारदात हुई थी और बाद में अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी। रैली में चौधरी ने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में ‘आतंक’ का माहौल है और वे दलितों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों को छीन रहे हैं।

विरोध प्रदर्शन के दौरान गन्ना किसान की मौत

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बागपत । एक नए गन्ना तौल केंद्र की मांग को लेकर जिला गन्ना अधिकारी के कार्यालय के बाहर धरना देते हुए 60 वर्षीय एक किसान का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। इसके बाद अधिकारियों पर ‘उदासीनता’ का आरोप लगाते हुए घटनास्थल पर मौजूद सैकड़ों लोगों के हंगामा करने के कारण तनाव पैदा हो गया। किसान सूरज सिंह पिछले पांच दिनों से बागपत में अपने गांव में एक नए केंद्र के लिए अन्य किसानों के साथ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।

सिंह की गुरुवार को हुई मौत से काफी तनाव पैदा हो गया है। किसानों ने अधिकारियों पर ‘अपनी उचित मांग के प्रति उदासीनता’ बरतने का आरोप लगाया है।

भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष प्रताप गुर्जर ने कहा, “हम गांव के लिए एक नए गन्ना तौल केंद्र की मांग कर रहे हैं। लेकिन अधिकारी अनुदान में देरी कर रहे हैं। ग्रामीणों ने विधायकों, सांसदों से संपर्क किया और लखनऊ भी गए, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।”

अधीर का शाह पर हमला कहा, पिछड़े लोगों के साथ खाना खाने का है समय हाथरस जानें का नहीं

किसानों को मिलने वाली बिजली की दरों में 126 फीसदी की वृद्धि हुई है

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लखनऊ । कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने उत्तर प्रदेश में बढ़ते बिजली के बिल को लेकर सरकार पर निशाना साधा और कहा कि बिजली के बढ़ते बिलों और बिजली मीटरों का आतंक व्याप्त है। प्रियंका ने शुक्रवार को अपने जारी बयान में कहा कि उत्तर प्रदेश तो बिजली मीटरों के लिए प्रयोगशाला बन गया है। बिजली के मीटर कई गुना तेज चलते पाए गए हैं। जिन घरों में ताले लगे हुए हैं, बिजली की कोई खपत नहीं हुई है, उन घरों में सात-आठ हजार रुपये तक का बिल आ रहा है। प्रदेश के कई जिलों में तो यह भी देखा गया कि बिना बिजली के मीटर लगे ही बिल आ गए। प्रियंका ने कहा कि यूपी में बिजली के बढ़ते बिलों और मीटरों का आतंक व्याप्त है। पिछले कुछ वर्षों में बिजली दरों में व्यापक बढ़ोतरी हुई है।

प्रियंका ने कहा कि पिछले आठ साल में ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं की दरों में 500 फीसदी, शहरी घरेलू बिजली की दरों में 84 फीसदी और किसानों को मिलने वाली बिजली की दरों में 126 फीसदी की वृद्धि हुई है। पूरे प्रदेश में बिजली के बढ़ते रेट से हाहाकार मचा हुआ है।

कांग्रेस महासचिव ने कहा कि जनता महंगाई की मार से त्रस्त है। छोटे कारोबारियों का व्यापार चौपट हो गया है। किसानों की फसलों की खरीद नहीं हो रही है। बाढ़, ओला एवं प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में उनकी कोई मदद नहीं होती। फसल बीमा योजना बड़ी कम्पनियों की कमाई का साधन बनकर रह गई है। ऐसी स्थिति में बिजली के लगातार बढ़ रहे दाम, मीटरों की अनियमितताओं की मार उपभोक्ता अब नहीं सह सकते हैं।

प्रियंका ने कहा कि इस महामारी में होना तो यह चाहिए कि बिजली बिलों की दरों में बड़े पैमाने पर कमी करके जनता को राहत दी जाती। किसानों के बिजली के बिल माफ किए जाते। बुनकरों-दस्तकारों, छोटे लघु उद्योगों को बिजली बिल भुगतान में रियायत मिलती। प्रियंका गांधी ने कहा कि किसानों को मिल रही बिजली का रेट तत्काल प्रभाव से हाफ किया जाए। बिजली मीटर घोटाले का सच सामने लाया जाए और दोषियों पर कार्रवाई हो। बुनकरों-दस्तकारों, छोटे लघु उद्योगों को बिजली भुगतान में रियायत दी जाए।

महिला मजिस्ट्रेट और पुलिसकर्मी को जिंदा जलाने की कोशिश

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दो बच्चों साथ बेघर हुई महिला को घर में पुनः स्थापित करने को पहुंचा था प्रशासन

महिला ने खुद पर भी किरोसिन उड़ेल आत्मदाह का किया प्रयास

घर में कब्जा किए परिजनों ने किया जमकर विरोध, दंडाधिकारी व महिला पुलिस पर महिला ने फेंका मिट्टी का तेल

उज्ज्वल दुनिया संवाददाता/ बरही। बरही के लोहारटोली में एक महिला ने शुक्रवार को महिला मजिस्ट्रेट और पुलिसकर्मी पर किरोसिन छिड़क माचिस से जिंदा जलाने का प्रयास किया। वहीं खुद के शरीर पर भी मिट्टी तेल छिड़क कर आत्मदाह की कोशिश की। जानकारी के मुताबिक बरही थाना अंतर्गत लोहार टोली में एक महिला मुन्नी देवी एवं उनके दोनों बच्चों को बेघर कर उस घर में कब्जा किए श्रीनगर गांव के एक परिवार को घर खाली कराने के लिए शुक्रवार की सुबह 10 बजे बरही प्रशासन दल बल के साथ वहां पहुंचा। मौके पर विवादित घर में कब्जा कर रहे श्रीनगर गांव के निवासी महादेव यादव की पत्नी एवं बहू को घर से निकाल कर प्रशासन ने घर पर ताला जड़ दिया। कार्रवाई एसडीएम बरही के निर्देश पर कार्यपालक दंडाधिकारी नाजिया फिरोज, बरही सीओ ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव, थाना प्रभारी उत्तम कुमार तिवारी ने किया। कार्रवाई में कई महिला पुलिस और हजारीबाग जिला से अतिरिक्त पुलिस मंगवाया गया था। मौके पर मौजूद मजिस्ट्रेट के रूप में उपस्थित कार्यपालक दंडाधिकारी नाजिया अफरोज व सीओ ब्रजेश  कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि बरही अनुमंडल न्यायालय में 145 का मामला चल रहा है। उसी के आलोक में एसडीएम के आदेशानुसार उक्त मकान में मुन्नी देवी एवं उनके दोनों बच्चों को पुनः स्थापित करने की कार्रवाई की जा रही है। इधर प्रशासन को देख घर में कब्जा किए महादेव यादव की पत्नी व बहू ने घर का दरवाजा खोलने से इंकार किया। प्रशासन विवादित घर के बाहर खड़ा होकर घर के अंदर मौजूद महादेव यादव की पत्नी और बहू को मकान का दरवाजा खोलने और मकान खाली करवाने का प्रयास करता रहा। किंतु जब महादेव यादव की पत्नी एवं बहू ने घर का दरवाजा खोलने से इंकार किया, तो प्रशासन बाध्य होकर गैस कटर लगाकर दरवाजे के मुख्य कुंडली को काटकर घर के अंदर प्रवेश कर काफी मशक्कत बाद घर से दोनों को बाहर कर घर के मुख्य दरवाजे पर ताला जड़ दिया। 

महिला मजिस्ट्रेट और महिला पुलिसकर्मियों पर छिड़का मिट्टी का तेल

मशक्कत के बाद जब दरवाजा खोल कर महिला मजिस्ट्रेट नाजिया अफरोज और कुछ महिला पुलिसकर्मियों ने घर के अंदर प्रवेश किया, तो वहां मौजूद महादेव यादव की बहू जमकर विरोध करते हुए मिट्टी का तेल उपस्थित कार्यपालक दंडाधिकारी नाजिया अफरोज और महिला पुलिसकर्मियों पर छिड़क दिया। साथ ही उसने अपने बदन पर भी मिट्टी का तेल छिड़ककर माचिस मारने की कोशिश की। जिसे उपस्थित महिला पुलिस कर्मियों ने पकड़ लिया। मौके पर महादेव यादव की पत्नी व बहू को बरही थाना लाया गया। बरही थाने में उक्त सास बहू को समझाने बुझाने के बाद उसने पैतृक आवास श्रीनगर भेजा गया। कार्यपालक दंडाधिकारी ने बताया कि मकान खाली करवाने जब अंदर प्रवेश किए तो उन पर एवं मौजूद महिला पुलिसकर्मियों मिट्टी का तेल फेंका गया। इस संबंध में वे अपनी कार्रवाई रिपोर्ट में लिखेंगे। वहीं घर खाली करवाने पहुंचे प्रशासन को काफी मशक्कत उठानी पड़ी। महादेव यादव के परिजन व शुभचिंतकों को जब जानकारी मिली तो उस घर के पास भारी संख्या में पहुंच गए और प्रशासनिक कार्रवाई पर विरोध जताना शुरू किया। किन्तु प्रशासन ने मशक्कत के साथ लोगों को समझाते हुए अपनी कार्रवाई की।

क्या है मामला

बरही लोहारटोली निवासी इंदर विश्वकर्मा की पत्नी मुन्नी देवी और उसके छोटे-छोटे दो बच्चों को श्रीनगर गांव के महादेव यादव और उनके परिजनों ने खुद को घर का मालिक बताते हुए पिछले 12 अक्तूबर को जबरन घर से बाहर कर दिया। यहां तक की पीड़िता के घर में रखा उसका सारा सामान भी बाहर फेंक दिया, जिसके कारण मुन्नी देवी और उसके दोनों बच्चे सड़क पर आ गए। बेघर हुई मुन्नी देवी ने बरही थाना में इस बाबत कांड संख्या 397/20 दर्ज करवायी है। इसमें श्रीनगर गांव के महादेव यादव, उनका पुत्र संतोष यादव, उनकी पत्नी व बहु एवं एक अन्य पर प्राथमिकी दर्ज करवायी है। वहीं न्यायालय अनुमंडल दंडाधिकारी, बरही में भी वाद दायर किया गया। स्थानीय प्रशासन ने बेघर हुई मुन्नी देवी और उसके दोनों बच्चों को बरही के एक होटल में ठहराया है। वहीं बेघर करने व महिला साथ छेड़खानी करने के आरोप में श्रीनगर ग्राम निवासी महादेव यादव व उनके पुत्र संतोष यादव को घटना के दूसरे दिन जेल भेजा। वहीं घर खाली करवाने के लिए न्यायालय अनुमंडल दंडाधिकारी बरही  द्वारा एक नोटिस दिया गया। साथ ही 48 घंटे के अंदर मकान खाली करवाने को लेकर पिछले 31 अक्तूबर को विवादित घर के बाहर एक नोटिस भी चिपकाया गया। किंतु महादेव यादव व उनके परिजनों द्वारा मकान खाली नहीं किया गया था।

दुमका, हजारीबाग और पलामू मेडिकल कॉलेज में छात्रों के प्रवेश के मुद्दे पर सीएम ने मेडिकल काउंसिल को लिखा पत्र

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उज्ज्वल दुनिया/रांची ।  सीएम हेमन्त सोरेन ने झारखण्ड के दुमका, हजारीबाग और पलामू मेडिकल कॉलेजों में मेडिकल छात्रों के नए प्रवेश को नहीं रोकने के लिए नेशनल मेडिकल काउंसिल के अध्यक्ष को पत्र लिखा है। मुख्यमंत्री ने पत्र के माध्यम से कॉउन्सिल से अनुरोध किया है कि नए नामांकन नहीं लेने के निर्णय के संबंध में पुनर्विचार करे। ताकि राज्य के योग्य छात्रों के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

*यह है मामला…*

एनईईटी द्वारा परीक्षाफल प्रकाशित होने के उपरांत शैक्षणिक वर्ष 2020-21 के लिए नामांकन प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। लेकिन नेशनल मेडिकल काउंसिल द्वारा झारखण्ड के दुमका, पलामू और हजारीबाग में नवनिर्मित मेडिकल कॉलेज में कॉउन्सिल द्वारा आधारभूत संरचना और फैकल्टी की कमी बता कर नए नामांकन लेने का आदेश जारी किया गया है। 

*राज्य सरकार हर सुविधा देने को प्रतिबद्ध*

मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन की वजह से नवनिर्मित कॉलेज में आधारभूत संरचना समेत कुछ कार्य होने शेष हैं। लेकिन राज्य सरकार मेडिकल कॉलेज की जरूरतों और कॉउन्सिल के नॉर्म्स को पूरा करने के लिए पूरी तरह से जागरूक और प्रतिबद्ध है, जिससे आदिवासी बहुल इस राज्य के छात्रों की उम्मीद व्यर्थ न जाए । 

जगरनाथ महतो का विभाग सीएम हेमंत सोरेन को और हाजी हुसैन का विभाग चंपई सोरेन को आवंटित

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उज्ज्वल दुनिया/रांची । झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पूर्व में आवंटित विभागों के अलावा शुक्रवार को निबंधन विभाग, शिक्षा विभाग तथा उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग आवंटित किये गये हैं । इसके साथ ही आदिवासी कल्याण मंत्री चंपई सोरेन को अल्पसंख्यक कल्याण विभाग आवंटित किया गया है । मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग ने इस बाबत अधिसूचना जारी कर दी है ।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पास पहले से कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा, गृह (कारा सहित), मंत्रिमंडल सचिवालय एवं समन्वय विभाग समेत वो विभाग हैं, जो किसी को आवंटित नहीं है. मंत्री चंपई सोरेन को परिवहन विभाग और आदिवासी कल्याण विभाग आवंटित है. इसके अलावा इन्हें अन्य विभाग आवंटित किये गये हैं.

मंत्री जगरनाथ महतो को आवंटित स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग तथा उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग उनके योगदान देने तक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को आवंटित किया गया है. इसके अलावा सीएम हेमंत सोरेन को निबंधन विभाग आवंटित किया गया है. आपको बता दें कि कोरोना संक्रमित मंत्री जगरनाथ महतो का इलाज चेन्नई में चल रहा है. उनके फेफड़े में संक्रमण है. इससे पहले उन्हें रांची के मेदांता में भर्ती कराया गया था. तबीयत ज्यादा खराब होने पर उन्हें एयर एंबुलेंस से चेन्नई ले जाया गया.

अमेरिका में अबकी बार बाइडेन सरकार, बहुमत से सिर्फ एक सीट पीछे हैं जो बाइडेन

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उज्ज्वल दुनिया/नई दिल्ली । अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडेन जीत के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। बिडने जॉर्जिया में डोनाल्ड ट्रंप से कुछ आगे निकल गए हैं। 1992 के बाद से यह पहली बार है जब रिपब्लिकन पार्टी के गढ़ में राष्ट्रपति चुनाव के लिए डेमोक्रेटिक उम्मीदवार को इस तरह का समर्थन मिला है। बाइडेन को अब जॉर्जिया, पेन्सिलवेनिया, नेवादा या नॉर्थ केरोलिना में से अब ही एक ही राज्य जीतने की आवश्यकता है और वह दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश के राष्ट्रपति बनने के लिए जरूरी बहुमत हासिल हो जाएगा।  

ताजा परिणामों के मुताबिक, जॉर्जिया में बाइडेन ट्रंप से 917 वोट आगे हो गए। पूर्व उपराष्ट्रपति चुनाव की रात से यहां पीछे चल रहे थे, लेकिन ट्रंप ने शुरुआत में मिली बढ़त खो दी है। इस मुकाबले में जीत किसकी होगी यह कहना अभी जल्दबाजी होगी क्योंकि हजारों वोटों की गिनती अभी बाकी है। दूसरे देशों में तैनात सैनिकों के वोट्स की गिनती अभी नहीं हुई है। 

बाइडेन 270 इलेक्टोरल कॉलेज वोट की ओर बढ़ रहे हैं जो राष्ट्रपति के तौर पर निर्वाचित होने के लिए जरूरी है। उन्होंने विस्कॉन्सिन और मिशीगन में जीत हासिल कर ली है। राष्ट्रपति निर्वाचित होने के लिए 538 सदस्यीय निर्वाचन मंडल में 270 मतों की जरूरत है जिनमें से 213 मत ट्रंप के पक्ष में गए हैं। 

उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अगर केवल ‘वैध मतों’ की ही गिनती होती तो वह कांटे की टक्कर वाले राष्ट्रपति चुनाव में आसानी से जीत गए होते। व्हाइट हाउस में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए ट्रंप ने संकेत दिया कि अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों का फैसला अंत में उच्चतम न्यायालय में होगा क्योंकि उन्होंने चुनाव में कथित धांधली के खिलाफ बड़े पैमाने पर वाद दाखिल करने की योजना बनाई है।