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लालू प्रसाद यादव के खिलाफ भाजपा विधायक ने दर्ज कराई प्राथमिकी

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पटना । भागलपुर जिले के पीरपैंती से भाजपा विधायक ललन पासवान ने गुरुवार को पटना के निगरानी थाने में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के खिलाफ कथित फोन कॉल को लेकर प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने लालू प्रसाद यादव के खिलाफ भारतीय दंड विधान एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। आवेदन के साथ उन्होंने लालू के साथ बातचीत की ऑडियो क्लिप और बातचीत की स्क्रिप्ट भी संलग्न की है।

निगरानी थाने को दिये गये आवेदन में भाजपा विधायक ने कहा कि 24 नवम्बर को मेरे मोबाइल फोन नंबर 9771710340 पर मोबाइल फोन नंबर 8051216302 से कॉल आई। फोन रिसीव करने पर दूसरी ओर से बताया गया कि मैं लालू प्रसाद यादव बोल रहा हूं, तब मैंने समझा की शायद चुनाव जीतने के कारण बधाई देने के लिए उन्होंने फोन किया है, इसीलिए मैंने उनको कहा, आपको चरण स्पर्श। उसके बाद उन्होंने मुझे कहा कि वो मुझे आगे बढ़ाएंगे। मुझे मंत्री पद दिलवाएंगे, इसीलिए 25 नवम्बर को बिहार विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव में मैं अनुपस्थित होकर अपना वोट नहीं दूं। उन्होंने यह भी बताया कि इस तरह से वो कल एनडीए की सरकार गिरा देंगे। इस पर मैंने उन्हें कहा कि मैं पार्टी का सदस्य हूं। ऐसा करना मेरे लिए गलत होगा। उस पर उन्होंने मुझे पुनः प्रलोभन दिया और कहा कि आप सदन से गैरहाजिर हो जाइए और कह दीजिये कि कोरोना हो गया है, बाकी हम देख लेंगे।

विधायक पासवान ने आवेदन में यह भी कहा है कि लालू प्रसाद यादव राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। साथ ही चारा घोटाला केस में रांची में सजायाफ्ता हैं। उन्होंने जानबूझ कर सोची-समझी साजिश के तहत राजनीति में आगे बढ़ाने और मंत्री बनाने का लालच देकर एक जनसेवक (विधायक) का वोट खरीदने और राष्ट्रीय जनतांत्रिक पार्टी की सरकार को गिराने के लिए जेल के अंदर से फोन कर मुझसे संपर्क किया। मेरा वोट महागठबंधन के पक्ष में लेने की कोशिश की और मुझसे भ्रष्ट आचरण कराने का प्रयास किया। इसलिए भारतीय दंड विधान एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की सुसंगत धाराओं के तहत लालू प्रसाद यादव पर मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाये। 

क्या है मामला

पूर्व मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने करोड़ों के चारा घोटाले के चार मामलों में सजायाफ्ता पूर्व मुख्यमंत्री व राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव पर रांची की जेल से बिहार विधानसभा अध्यक्ष पद के चुनाव को प्रभावित करने की नीयत से भाजपा विधायक को फोन कर प्रलोभन देने का आरोप लगाया था। 25 नवम्बर को अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से एक ऑडियो जारी करते हुए दावा किया था कि रांची की जेल में सजा काट रहे राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से भागलपुर जिले के पीरपैंती विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक ललन पासवान को फोन किया और उन्हें मंत्री पद का प्रलोभन दिया। इसके बाद भाजपा विधायक ललन पासवान ने भी दावा किया था कि लालू यादव ने उन्‍हें फोन कर मंत्री पद का ऑफर देते हुए सरकार गिराने की बात कही। हालांकि उन्‍होंने यह ऑफर ठुकरा दिया। उन्होंने कहा कि लालू यादव का फोन तब आया, जब वे पूर्व उपमुख्‍यमंत्री सुशील मोदी के आवास पर बैठे थे। 

ऑडियो से नहीं हुई हैकोई छेड़छाड़ः ललन पासवान

भाजपा विधायक ललन पासवान ने कहा कि एनडीए ने मुझे पहचान दी है और मेरे लिए पार्टी से बढ़कर कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर ऑडियो गलत साबित हुआ और उसके साथ छेड़छाड़ हुई होगी तो मैं विधायक पद से इस्तीफा दे दूंगा।  

प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को पुणे के सीरम इंस्टिट्यूट का करेंगे दौरा

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मुंबई । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोरोना का टीका बनाने वाले पुणे स्थित सीरम इंस्टिट्यूट आफ इंडिया (एसआईआई) का शनिवार (28 नवम्बर) को दौरा करेंगे। समझा जाता है कि इस दौरान प्रधानमंत्री कोरोना टीका की प्रगति का जायजा लेंगे।पुणे के विभागीय आयुक्त सौरव राव ने गुरुवार को बताया कि प्रधानमंत्री के दौरे का कार्यक्रम अभी तक उन्हें प्राप्त नहीं हुआ है, लेकिन पीएमओ से प्रधानमंत्री के दौरे की पुष्टि होने के बाद यहां तैयारी की जा रही है। राव ने बताया कि गुरुवार दोपहर में पीएमओ से प्रधानमंत्री के दौरे की सूचना मिलने के बाद उन्होंने अधिकारियों की बैठक बुलाई थी। प्रधानमंत्री के दौरे के बाद 4 दिसम्बर को एसआईआई में 104 देशों के राजदूत भी आएंगे। इसलिए पुणे में सुरक्षा और अन्य सुविधाओं को लेकर तैयारी की जा रही है। उल्लेखनीय है कि पुणे स्थित सीरम इंस्टिट्यूट में कोरोना का टीका बनाया जा रहा है। कोरोना का यह टीका एसआईआई, एस्ट्राजेनका कंपनी और आक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के सहयोग से बना रहा है। कोरोना का टीका बन जाने के बाद यह कोविशिल्ड के नाम से बेची जाएगी। 

दिल्ली कूच: दिनभर पुलिस व किसानों में हुई झड़प

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 अंबाला, जींद, कैथल, रोहतक समेत कई जगह वाटर कैनन का प्रयोग
 
चंडीगढ । कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली कूच कर रहे किसानों और दिल्ली पुलिस के साथ कई बार झड़प हुई। किसान हरियाणा-पंजाब बार्डर की बेरिकेडिंग को तोड़ते हुए दिल्ली की सीमा में पहुंच गए हैं। किसानों के दिल्ली कूच को रोकने के लिए अंबाला, जींद, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल व रोहतक में पानी की बौछारें की गई और आंसू गैस छोड़ी गई। पुलिस की कार्रवाई के विरोध में किसानों ने पथराव भी किया, जिसमें एक दर्जन से ज्यादा पुलिसकर्मी चोटिल हो गए।

गुरुवार को दिनभर किसानों का जोशीले अंदाज में दिल्ली कूच जारी रहा। पानी की बौछारें व आंसू गैस भी किसानों को जोश को कम नहीं कर पाई। दिल्ली कूच को लेकर दिनभर हरियाणा-पंजाब सीमाओं पर तनाव की स्थिति रही तो दिल्ली में सिंघू बार्डर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। दिल्ली में पड़ाव को लेकर पिछले दो दिनों से किसानों को रैला जारी है। पंजाब से सटे जिले की सीमाओं पर डटे किसानों ने योजनाबद्ध तरीके से बेरिकेडिंग तोड़कर दिल्ली की ओर कदम बढ़ाया। 

अंबाला में पानी की बौछारें व आंसू गैस का इस्तेमाल

हरियाणा के शंभू बार्डर पर दिनभर तनाव की स्थिति रही।अंबाला-पटियाला बार्डर पर किसान उग्र हो गए और पुलिस की बैरिकेंडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की। पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। पुलिस की कार्रवाई के विरोध में किसानों ने पथराव भी किया। वहीं हरियाणा के मोहड़ा से चला किसानों का जत्था मोहड़ा, शाहाबाद व पिपली की नाकेबंदी को लांघकर पानीपत जिले की सीमा में प्रवेश कर गया। किसान पूरा राशन-पानी व तमाम बंदोबस्त करके दिल्ली की ओर कूच कर रहे हैं। अंबाला में पंजाब-हरियाणा के सादोपुर बार्डर पर दिल्ली जाने पर अड़े किसानों ने बेरिकेट्स और पुलिस नाका तोडऩे की कोशिश की। इस पर पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोडे। इस दौरान पुलिस ने वाटर कैनन से पानी की बौछार भी की। बाद में पंजाब के किसानों को आगे बढ़ऩे की अनुमति दे दी गई।
 

कैथल में किसानों पर पानी की बौछार,लाठीचार्ज,एक घायल

कैथल में किसानों पर लाठीचार्ज किया गया। इसके बावजूद किसान नहीं रुके और आगे बढ़ते गए। किसानों की भारी संख्या को देखते हुए पुलिस बल को पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा। किसान नहीं माने और बैरिकेड्स हटाकर आगे बढऩे लगे। ऐसे में पुलिस प्रशासन ने उन पर वॉटर कैनन से पानी की बौछार की। बावजूद किसान आगे बढऩे लगे तो उन पर लाठीचार्ज शुरू कर दिया।
 
रोहतक में किसानों और पुलिस के बीच झड़प

किसानों के दिल्ली कूच को देखते हुए पुलिस ने बल प्रयोग किया। रोहद टोल पर पुलिस ने किसानों को गिरफ्तार कर लिया है। किसान नेताओं को रोडवेज बसों में भरकर ले जाया जा रहा है। किसानों ने इसका विरोध भी किया और हंगामा हो गया। पुलिस ने कुछ किसान नेताओं को पहले ही गिरफ्तार कर जेल में बंद दिया है, वहीं चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात है।
 
त्योड़ा थेह का बेरिकेट तोड़ पंजाब के किसानों ने किया दिल्ली कूच
कुरुक्षेत्र के शाहाबाद में गुरुवार को हजारों की संख्या में किसानों ने पंजाब शंभू बेरिकेटिंग को तोड़ते हुए जिले की सीमा में प्रवेश किया, लेकिन शाहाबाद के त्योड़ा थेह पर किसानों को रोक लिया गया। जहां पंजाब के किसान संगठनों ने बलबीर सिंह राजोवाल के इशारे पर त्योड़ा थेह के बेरिकेट को तोड़कर दिल्ली की ओर कूच किया।
 
करनाल में किसानों पर छोड़ी गई पानी की बौछारें
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी की अगुवाई में राष्ट्रीय राजमार्ग के रास्ते किसानों का जत्था दिल्ली कूच कर रहा है। किसानों के जत्थे को करनाल जिले की सीमा में रोक लिया गया। किसानों ने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश तो पुलिस ने पानी की बौछारें छोड़ थी। इसके बाद किसान बैरिकेडिंग तोड़ते हुए आगे बढ़े।
 
सोनीपत में स्थिति तनावपूर्ण
किसानों के दिल्ली कूच को लेकर सोनीपत में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। कुंडली बॉर्डर पर कड़ी नाकेबंदी की गई है। ड्रोन से हर गतिविधि पर निगरानी रखी जा रही है। केंद्र से रेपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की 5 कंपनियां कुंडली बार्डर पर तैनात की गई हैं। इसके साथ ही सिरसा, अम्बाला, जींद में पंजाब बॉर्डर और सोनीपत में दिल्ली बॉर्डर पर भी अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियां तैनात हैं।  पुलिस की 14 अतिरिक्त कंपनियां भी लगाई हैं।

प्रधानमंत्री ने उप्र की तस्वीर बदलने का दिया नजरिया : गडकरी

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लखनऊ । केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में गुरुवार को प्रदेश में 7,477 करोड़ की लागत से 505 किलोमीटर लम्बी 16 सड़क परियोजनाओं का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस मौके पर ​​केन्द्रीय राज्य मंत्री सेवानिवृत जनरल वीके सिंह, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य समेत कई मंत्री उपस्थित रहे।

इस मौके पर केन्द्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तर प्रदेश की तस्वीर को बदलने की एक नई दृष्टि-विजन दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश बहुत तेजी से बदल रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश एक सफल, समृद्ध और संपन्न बनेगा। ऐसा होते हुए दिखायी भी दे रहा है। इस सपने को पूरा करने में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार उत्तर प्रदेश के साथ खड़ी है।  इसलिए राष्ट्रीय राजमार्ग के सभी काम तेज गति से किए जा रहे हैं। 

केन्द्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में करीब दो लाख करोड़ रुपये के काम करने की बात उन्होंने कही थी। हम लगभग उसकी ओर पहुंच रहे हैं। कुछ कार्यों का लोकार्पण हुआ है और कुछ शुरू हुए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि इन सब कार्यों के कारण उत्तर प्रदेश में उद्योग आएंगे, कृषि को इसका फायदा मिलेगा, नए रोजगार निर्माण होंगे और उत्तर प्रदेश सुखी, समृद्ध और संपन्न राज्य बनेगा। 

उन्होंने कहा कि मैंने हमें अमेरिका के राष्ट्रपति रहे जॉन कैनेडी का प्रसिद्ध वाक्य था कि अमेरिका धनवान था, इस वजह से उसके रास्ते अच्छे नहीं हुए बल्कि अमेरिका के रास्ते अच्छे थे इस वजह से वह धनवान बना। इसलिए उत्तर प्रदेश को भी एक धनवान और संपन्न राज्य बनाने के लिए वाटर, पॉवर, ट्रांसपोर्ट और कम्युनिकेशन यह चार बातें अगर ठीक प्रकार से विकसित होंगी तो उत्तर प्रदेश का विकास होगा।

इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अच्छे राजमार्ग विकास और अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी धुरी बन सकते हैं। अच्छे राजमार्ग के निर्माण के साथ ही प्रदेश के अंदर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट का जो कार्य बीते छह वर्षों के दौरान हुआ है वह अभूतपूर्व,अभिनंदन और सराहनीय है। 
उन्होंने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट का दायित्व श्री गडकरी को दिया और उन्होंने अपने कृतित्व के माध्यम से देश के अंदर चमत्कार करके दिखाया। इस देश का कोई जनपद और कोई भू-भाग आज के दिन ऐसा नहीं है, जहां राष्ट्रीय राजमार्ग के माध्यम से विगत छह वर्षों के दौरान केंद्रीय मंत्री गडकरी ने सड़क परिवहन विभाग को ना पहुंचाया हो या इस विभाग के कार्यक्रमों के माध्यम से आम जनता को ना जोड़ा गया हो। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के अंदर 1947 से लेकर 2014 तक जितने कुल राजमार्ग बने थे, उतने ही मात्र छह वर्ष के अंदर सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने प्रदेश के अंदर बनाए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के अंदर कार्य एक नई गति से आगे बढ़ता हुआ दिखाई दिया है। श्री गडकरी ने गोरखपुर के अपने पहले दौरे में एक बाईपास निर्माण कार्य का आश्वासन दिया था। इसके बाद वह कार्य समय से स्वीकृत हुआ और आज पूरा होने के साथ ही गोरखपुर की यातायात व्यवस्था की रीढ़ की हड्डी बनते हुए उसका शुभारम्भ किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिना इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के विकास को एक नई गति नहीं दी जा सकती है। 

ट्रायल के लिए हैदराबाद से कोलकाता पहुंचे कोरोना की वैक्सीन

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कोलकाता, तीसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल के लिए पुणे की नेशनल इंस्टीच्यूट आफ वायरोलॉजी और भारत बायोटेक द्वारा स्वदेशी तौर पर निर्मित कोरोना की वैक्सीन के 1,000 नमूने बुधवार को कोलकाता पहुंच गए। ‘कोवैक्सीनÓ को हैदराबाद से नाइसेड कोलकाता लाकर रखा गया है।

नाइसेड सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इन टीकों को माइनस आठ डिग्री तापमान पर संरक्षित करके रखा गया है। क्लीनिकल ट्रायल का तीसरा चरण दिसंबर से शुरू होगा। एक हजार वोलेंटियरों को ये टीके लगाए जाएंगे। नाइसेड की निदेशक शांता दत्ता ने कहा-‘क्लीनिकल ट्रायल का तीसरा चरण सबसे महत्वपूर्ण है। देश की 24 संस्थाओं को में 26,000 लोगों के टीकाकरण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हम उनमें से एक हैं। हम दिसंबर के पहले सप्ताह से परीक्षण शुरू करेंगे। वोलेंटियर बनने की इच्छा जताने वाले लोगों के हमें ढेर सारे फोन आ रहे हैं।

विश्वविद्यालय इस देश और समाज के लिए किस तरह का योगदान करेगा अब तैयारी इसकी होनी चाहिए

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लखनऊ: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लखनऊ विश्वविद्यालय के 100 वें स्थापना दिवस समारोह पर अपील की है कि इस विश्वविद्यालय ने अपने 100 साल में बड़ी उपलब्धियां पाई हैं।मगर अब वक्त है कि देश के सौ साल पूरे होने के वक्त ये विश्वविद्यालय किस तरह से योगदान करेगा, उसका रोडमैप तैयार करने का। साल 2022 तक विश्वविद्यालय इस देश और समाज के लिए किस तरह का योगदान करेगा। किस तरह की बड़ी उपलब्धियां होंगी अब तैयारी इसकी होनी चाहिए।

विश्वविद्यालय के 100 वर्ष पूरे होने के मौके पर सात दिन से जारी आयोजनों का सिलसिला बुधवार की शाम स्थापना दिवस समारोह के समाप्त हुआ। स्थापना दिवस समारोह को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये संबोधित किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अलावा उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा राज्य नीलिमा कटियार मौजूद रहीं। कुलपति प्रो आलोक कुमार राय ने सभी का स्वागत किया। तय समय पर शुरू किए गए अपने संबोधन में मोदी ने कहा कि हमने एक नई शिक्षा नीति पर विमर्श करें। वाद विवाद करें। जिसके बाद इसको लागू करें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने 1920 से अब 100 साल पूरे कर चुका है। जरूरी है कि आप साल 2047 का विजन बनाइए। तब आप कहाँ होंगे। देश के लिए आप क्या करेंगे। बीते दिनों की गाथाएं आने वाले दिनों की पगडंडी बन जाए। 2022 से 25 साल का रोड मैप बनाएं। आप देश को सौ साल में क्या देंगे इसकी तैयारी करें।

धर्मातरण रोकने के लिए बने कानून पर लगी कैबिनेट की मुहर

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लखनऊ । उत्तर प्रदेश में गैरकानूनी धर्मातरण संबंधी प्रस्ताव को योगी कैबिनेट ने अपनी मुहर लगा दी है। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में गैरकानूनी धर्मातरण समेत 21 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि मंगलवार को उत्तर प्रदेश कैबिनेट ‘उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म समपरिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश 2020’ लेकर आई है, जो राज्य में कानून व्यवस्था सामान्य रखने के लिए और महिलाओं को इंसाफ दिलाने के लिए जरूरी है।

राज्य के गृह विभाग ने लव जिहाद के खिलाफ प्रस्तावित कानून का मसौदा पहले ही तैयार कर लिया था। इस मसौदे को परीक्षण के लिए विधायी विभाग को भी भेज दिया गया था। हालांकि विभाग ने कानून का जो मसौदा तैयार किया है उसमें ‘लव जिहाद’ शब्द का जिक्र नहीं है। इसे गैर कानूनी धमार्ंतरण निरोधक बिल कहा जा रहा है।

मंगलवार की सुबह यूपी कानून आयोग के अध्यक्ष आदित्यनाथ मित्तल ने भी कहा कि दो अलग-अलग धर्म के लोग आपस में शादी कर सकते हैं, लेकिन नए कानून में व्यवस्था अवैध रूप से धर्मातरण को लेकर है। इसमें 3 साल, 7 साल और 10 साल की सजा का प्रावधान है। नए कानून के जरिए अवैध रूप से धर्मातरण कर शादी करने पर रोक लगेगी।

कैबिनेट की बैठक में इसे पेश किया गया। गृह विभाग ने इसका मसौदा पहले तैयार कर लिया था। इसको परीक्षण के लिए विधायी विभाग को भेज दिया गया था। अब इस मसौदे को राज्यपाल के पास भेजा जाएगा, जहां से मंजूरी मिलने के बाद यह प्रभावी हो जाएगा।

संगठित होकर लड़ेंगे आगामी विधानसभा चुनाव : सौगत राय

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कोलकाता : बंगाल के कद्दावर मंत्री शुभेंदु अधिकारी इन दिनों पार्टी नेतृत्व व सरकार से लगातार नाराज चल रहे हैं। वहीं, शुभेंदु को मनाने व उनके पार्टी छोड़ने की अटकलों पर विराम लगाने का तृणमूल लगातार प्रयास कर रही है। सोमवार को तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद सौगत राय ने शुभेंदु के साथ बैठक भी की थी, हालांकि इसमें कोई हल नहीं निकला था। इस बीच मंगलवार को सांसद सौगत राय ने कहा कि शुभेंदु तृणमूल में ही हैं और पार्टी संगठित होकर आगामी विधानसभा चुनाव लड़ेगी।

मेरे पास बोलने के लिए नया कुछ नहीं

तृणमूल भवन में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता राय ने कहा कि शुभेंदु को लेकर मेरे पास बोलने के लिए नया कुछ नहीं है। वह तृणमूल में ही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शुभेंदु ने भी पार्टी के खिलाफ अभी तक कुछ नहीं कहा है।

कटाक्ष-भाजपा अध्यक्ष पहले बंगाल समझें

वहीं, आगामी विधानसभा चुनाव तक भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हर महीने बंगाल दौरे को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश जैसे छोटे राज्य से नड्डा आए हैं, जहां मात्र चार लोकसभा सीटें हैं। कटाक्ष करते हुए कहा कि वह (नड्डा) बंगाल में अपना परामर्श देंगे जहां 42 लोकसभा सीटें हैं। उन्होंने नसीहत दी कि भाजपा अध्यक्ष पहले बंगाल को समझें।

कोरोना के 3545 नए केस और 49 मरे, 4.63 लाख के पार संक्रमित

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कोलकाता : बंगाल में मंगलवार को भी कोरोना के नए मामलों में गिरावट दर्ज की गई। राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी मेडिकल बुलेटिन के अनुसार पिछले 24 घंटे में 3,545 नए मामले आए तथा 49 लोगों की मौत भी हो गई। इसी के साथ राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 4 लाख 63 हजार 463 हो गई, जिसमें 24,880 एक्टिव केस है। वहीं, कोरोना से मरने वालों की संख्या बढ़कर 8,121 हो गई है।

पिछले 24 घंटे में रिकवरी रेट बढ़कर 92.88%

नौ हजार करोड़ का निवेश करेंगी 28 विदेशी कंपनियां

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लखनऊ , कोरोना काल में जब वैश्विक स्तर पर मंदी के बादल घने होते जा रहे थे, उस दौर में भी उत्तर प्रदेश बेहतर निवेश और कारोबार के केंद्र के रूप में उम्मीद की किरण बनकर उभरा। यह योगी सरकार की बड़ी उपलब्धि है कि औद्योगिकीकरण की ओर कदम बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश ने विदेशी कंपनियों को खास तौर पर आकर्षित किया है। सिर्फ कोरोना काल में ही 28 विदेशी कंपनियों ने लगभग नौ हजार करोड़ रुपये उत्तर प्रदेश में निवेश करने के लिए करार किया है।

राज्य सरकार के प्रवक्ता के मुताबिक, कोरोना काल में देशी-विदेशी 57 कंपनियों ने 46 हजार 501 करोड़ रुपये के निवेश के लिए प्रदेश सरकार से करार किया है। इन कंपनियों में उत्पादन शुरू होने पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा। इनमें 28 विदेशी कंपनियों ने 9357 करोड़ रुपये के निवेश के लिए करार किया है। एक जूता बनाने वाली कंपनी ऐसी है, जो चीन से शिफ्ट होकर भारत आई है और तीन सौ करोड़ रुपये के निवेश से आगरा में उत्पादन शुरू किया है। इसके अलावा 37 हजार 144 करोड़ रुपये का निवेश करने के लिए घरेलू 29 कंपनियों ने करार किया है।

अयोध्या का हवाईअड्डा भगवान राम के नाम पर

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लखनऊ। अध्योध्या में निर्माणाधीन हवाईअड्डे का नाम भी भगवान श्रीराम के नाम पर होगा। हवाईअड्डे का नामकरण ‘श्रीराम हवाईअड्डा’ किए जाने का प्रस्ताव को मंगलवार को कैबिनेट से मंजूरी मिल गई। इस संबंध में विधानसभा में पारित कराने के लिए प्रस्ताव के मसौदे को मंजूरी दी गई है। उसके बाद प्रस्ताव नागर विमानन मंत्रालय, भारत सरकार को प्रेषित करने का निर्णय भी लिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व में ही अयोध्या में प्रस्तावित एयरपोर्ट का नाम मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम हवाईअड्डा रखने की घोषणा कर दी थी। बीते साल नवंबर में नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संसद में बताया था कि एएआई को उत्तर प्रदेश सरकार से अयोध्या हवाईअड्डे से संबंधित प्रस्ताव मिला है। यह हवाईपट्टी एनएच-27 और एनच-330 के बीच सुल्तानपुर नाका के पास है। इसी हवाईपट्टी को आधुनिक एयरपोर्ट का रूप दिया जा रहा है।

अयोध्या में हवाईपट्टी को अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे का आकार देने के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है। इस हवाईपट्टी को बड़े विमानों के लिए तैयार किया जा रहा है। एएआई ने पूर्व में ही प्री-फिजिबिलटी स्टडी पूरी कर ली है। इसके अनुसार, राज्य सरकार अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के लिए लगभग 600 एकड़ भूमि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को उपलब्ध कराएगी। हवाईपट्टी को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने एवं अन्य आवश्यक निर्माण कार्यो के लिए 525 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम एयरपोर्ट के पूर्व के मास्टर प्लान के अनुसार राज्य सरकार ने 263़ 47 एकड़ भूमि खरीदने के लिए 525़ 91 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।

चुंबन पर ट्वीट कर ट्रोल हुए यशवंत सिन्हा, लोगों ने कहा मोदी से नफरत है तो मोदी को गाली दो, हिंदू धर्म को गाली क्यों?

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रांची । हजारीबाग के पूर्व सांसद यशवंत सिन्हा अपनी विरासत तो बेटे जयंत सिन्हा को सौंप चुके हैं लेकिन राजनीति से खुद को अलग नहीं कर सके। भाजपा में बेटे जयंत सिन्हा के फ्रंट फुट पर आने के बाद उनकी पूछ समाप्त हो गई। धीरे-धीरे पार्टी ने भी उन्हें दरकिनार कर दिया। तब से यशवंत सिन्हा लगातार केंद्र की मोदी सरकार के साथ ही भाजपा शासित राज्यों की सरकार की नीतियों के खिलाफ मुखर हैं। 
पिछले कुछ दिनों से उन्होंने लव जिहाद को लेकर एक के बाद एक कई ट्वीट किये। अब उन्होंने चुंबन को लेकर ट्वीट किया है। ट्वीट करते ही यशवंत सिन्हा ट्रोल होने लगे हैं। यशवंत सिन्हा को लोग नसीहत दे रहे हैं। उन्हें उम्र का हवाला देकर इस तरह के मामलों से दूर रहने की अपील भी की जा रही है।
एक वेबसीरिज के लिए एमपी के मंदिर में चुंबन का सीन फिल्माने पर हो रहे विवाद को लेकर यशवंत सिन्हा ने यह ट्वीट किया है। यशवंत सिन्हा ने ट्वीट के जरिये मध्य प्रदेश सरकार पर हमला बोलते हुए लिखा कि चुंबन कही भी स्वीकृत नहीं किया जाना चाहिए। चाहे वह बेडरूम हो या धार्मिक स्थल। ईसाई समुदाय में शादी के बाद प्रथानुसार दूल्हा-दुल्हन के बीच जो चुंबन होता है, उन्हें सावधान रहना चाहिए, मध्य प्रदेश में उन्हें जेल भेज दिया जाएगा।
यशवंत सिन्हा ट्वीट करते ही ट्रोल होने लगे। लोगों ने लिखा कि भाजपा से दरकिनार होने के बाद वे लगातार अनर्गल ट्वीट कर रहे हैं। कुछ लोग यशवंत सिन्हा के समर्थन में भी दिखाई दिये। उनके ट्वीट पर दो समुदाय एक दूसरे के खिलाफ खड़े दिखाई दे रहे हैं। 
इससे पहले लव जिहाद पर भी यशवंत सिन्हा ने लगातार ट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि लव जिहाद आंदोलन के साथ भोजन, भाषा और पोशाक का भी आंदोलन होना चाहिए। यहां एक राष्ट्र, एक नेता, एक धर्म, एक भाषा हो गया है, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और लोकतंत्र नरक में चला गया है। दूसरे ट्वीट में लिखा कि हमें लव जिहाद के साथ प्यार, भाषा, भाईचारा के अलावा विभिन्न धर्मों के लोगों के बीच संबंधों के खिलाफ कानून बनाना चाहिए। ऐसे लोगों को अलग-अलग मुहल्लों में रखना चाहिए। यह है हमारा नया भारत।

शराब से हुई मौतों पर मायावती ने की अफसरों पर कार्रवाई की मांग

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लखनऊ । बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने यूपी में जहरीली शराब से हुई मौतों को लेकर दोषी अफसरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है। मंगलवार को बसपा मुखिया मायावती ने ट्विटर के माध्यम से लिखा कि यूपी में जहरीली शराब पीने से गरीबों की मौत व परिवारों के उजड़ने की घटनाएं लगातार हो रही हैं, जो अति-दु:खद है। प्रयागराज की ताजा घटना में भी अनेक लोगों की मौत के बाद सरकारी कार्रवाई उचित, किन्तु इस समस्या के समाधान हेतु दोषी अफसरों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होनी बहुत जरूरी।

ज्ञात हो कि उत्तर प्रदेश में जहरीली शराब पीने से लगातार हो रही मौतों को रोकने के लिए सूबे की योगी सरकार ने कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने जहरीली शराब बेचने वालों पर शिकंजा कसते हुए कहा है कि अब इन पर भी कड़ा रुख अपनाया जाएगा। कार्रवाई के साथ इन सबकी संपत्ति कुर्क कर जुर्माना वसूला जाएगा। बता दें, राज्य की राजधानी लखनऊ और प्रयागराज समेत कई जिलों में जहरीली देसी शराब पीने से लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में जहरीली शराब से हुई मौतों को गंभीरता से लिया है। योगी ने जहरीली शराब बेचने में लिप्त लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए संपत्ति जब्त करने और जब्त संपत्ति को नीलाम कर उससे प्राप्त धनराशि से पीड़ित परिवारों की मदद करने के निर्देश दिए हैं।

गौरतलब है कि सूबे के प्रयागराज जनपद के फूलपुर में जहरीली शराब पीने से 6 लोगों की मौत हो गई और अन्य पांच लोग गंभीर हालत में इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती हैं। इससे पहले राजधानी लखनऊ , मथुरा और फिरोजाबाद में जहरीली शराब से कई लोगों की मौतें हो चुकी हैं।

‘लव जिहाद’ के खिलाफ एक सख्त कानून लाया जाएगा।

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लखनऊ । कानपुर में लव जिहाद के मामलों की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) को विदेशी फंडिंग या सुनियोजित साजिश का कोई सबूत नहीं मिला है। टीम ने सोमवार को अपनी रिपोर्ट इंस्पेक्टर जनरल (आईजी) को सौंप दी है।

एसआईटी ने 11 सहित कुल 14 मामलों की जांच की, जिसमें पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था।

आईजी मोहित अग्रवाल ने कहा, “कानपुर में कुल 14 मामले सामने आए थे जिसमें माता-पिता ने आरोप लगाया था कि उनकी बेटियों को लड़कों ने धोखे से फंसाया है। एसआईटी ने सभी मामलों की जांच की। इन 11 मामलों में से कुछ में अपराध पाए गए और 11 लोगों को जेल भेजा गया।”

हालांकि, तीन मामलों में, बालिग युवतियों ने पुरुषों के बचाव में बयान दिया है, जिससे फाइनल रिपोर्ट तैयार करने में मदद मिली। इन तीनों मामलों में आगे कोई जांच नहीं हुई है।

अग्रवाल ने आगे कहा कि कथित लव जिहाद के इन मामलों में, एसआईटी ने पाया कि आरोपी पुरुषों में से चार एक-दूसरे के संपर्क में थे। इसके अलावा, तीन मामलों में, आरोपियों ने कथित तौर पर किसी और धर्म को दर्शाने वाला अपना नाम बताया था।

हालांकि, आईजी मोहित अग्रवाल ने यह भी बताया कि जांच में किसी गिरोह का हाथ होने या साजिश का खुलासा नहीं हुआ है।

उन्होंने कहा, “जांच में अभी तक ऐसी कोई बात सामने नहीं आई है जिससे यह पता चले कि वे कोई गिरोह है या उन्होंने एक संगठन बनाकर एक साजिश के तहत यह सब किया है। हालांकि, धोखाधड़ी की बात सामने आई है, उन्होंने अपना नाम बदलकर धोखा दिया है और उन्होंने कुछ नाबालिग लड़कियों के साथ भी ऐसा किया है।”

इसके अलावा, यह आरोप लगाया गया है कि अन्य धर्मों की लड़कियों से शादी करने के लिए, आरोपियों ने लड़कियों का नाम और धर्म भी बदल दिया। यह भी आरोप लगाया गया है कि नाम परिवर्तन और धर्मातरण की प्रक्रिया में कानून का पालन नहीं किया गया था। पुलिस द्वारा मामले में आगे की कार्रवाई करने की उम्मीद है।”

उत्तर प्रदेश के गृह विभाग ने पिछले हफ्ते घोषणा की थी कि राज्य में जल्द ही ‘लव जिहाद’ के खिलाफ एक सख्त कानून लाया जाएगा।

पीएम संग बैठक में बोलीं ममता

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कोलकाता।  कोरोना संकट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में मंगलवार को हुई बैठक में बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर जीएसटी बकाए का मुद्दा उठाया। ममता ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि केंद्र सरकार को राज्यों का जीएसटी बकाये का पैसा जारी करना चाहिए।

कोरोना संकट पर ममता ने कहा कि बीमारी जब फैलती है, तो किसी को पता नहीं चलता है इसे हाथ दबाकर तुरंत ठीक नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बंगाल एक संवेदनशील राज्य है, यहां की सीमा बांग्लादेश-भूटान से लगती है।

ममता ने बताया कि इन देशों से भी मरीज बंगाल में इलाज के लिए आते हैं, अगर बांग्लादेश में कोरोना बढ़ता है तो इसका असर बंगाल पर भी पड़ता है। ममता ने आगे कहा कि बिहार, झारखंड, ओडिशा से भी राज्य में लोग इलाज करवाने आते हैं। इसके बाद भी राज्य में कोरोना का मृत्यु दर काफी कम है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि पहले लोग डेंगू और किडनी रोग सरीखे अन्य बीमारियों से मरते थे, मगर उन बीमारियों के मौतों के आंकड़े के मुकाबले संख्या अभी न के बराबर है।

बताते चलें कि ममता ने इससे पहले भी केंद्र सरकार पर जीएसटी का बकाया नहीं देने का आरोप लगाया था और कहा था कि केंद्र के ऐसा ना करने से राज्य के आर्थिक ढांचे पर असर पड़ता है। हालांकि, बीच में केंद्र की ओर से कुछ राशि जारी की गई थी। बंगाल उन आठ राज्यों में शामिल है, जहां कोरोना के मामलों ने अचानक उछाल लिया है। यही कारण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना प्रभावित राज्यों के सीएम के साथ बैठक की।