Wednesday 1st of July 2026 10:44:52 AM
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बंगाल : कैलाश विजयवर्गीय को मिली Z सिक्योरिटी सुरक्षा

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कोलकाता। भाजपा के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय की सुरक्षा में इजाफा किया गया है। बता दे कि बीते कुछ दिनों पश्चिम बंगाल में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर हमला हुआ था। इनके साथ ही कैलाश विजयवर्गीय की गाड़ी पर भी पत्थर फेंके गए थे जिसमें उन्हें चोट आई थी।

इसी घटना के बाद अब कैलाश विजयवर्गीय की सुरक्षा बढ़ाकर Z श्रेणी की कर दी गई है। कैलाश विजयवर्गीय को बुलेट प्रूफ गाड़ी की सेवा भी मिलेगी।

कार्यप्रणाली में सुधार जरूरी

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लखनऊ । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी विकास प्राधिकरणों के कार्यों की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि प्राधिकरणों की योजनाएं समयबद्ध हों, जनहित पर केंद्रित हों, अनावश्यक नागरिकों को परेशान न किया जाए, इसके ²ष्टिगत कई स्तरों पर इनकी कार्यप्रणाली में व्यापक सुधार की जरूरत है। मुख्यमंत्री, सोमवार को अपने सरकारी आवास पर एक उच्चस्तरीय बैठक में विभिन्न विभागों की समीक्षा कर रहे थे। समीक्षा बैठक में योगी ने किसानों के हितों के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि सभी धान क्रय केन्द्रों पर प्रोक्योरमेन्ट की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) का लाभ किसानों को समय से मिले।

उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी धान क्रय केंद्रों की समीक्षा की जाए। कुछ अराजक तत्व व्यवस्था में गड़बड़ी करने की फिराक में हैं। कतिपय शिकायतें भी मिली हैं। इन लोगों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। किसानों के हितों के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री ने औद्योगिक निवेश के लिए ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को और सरल करने के निर्देश देते हुए इन्वेस्ट यूपी, यूपीसीडा और विकास प्राधिकरणों में योग्य और कर्मठ अधिकारियों की तैनाती की जरूरत बताई।

मुख्यमंत्री ने बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों के अंतर्जनपदीय तबादलों की प्रक्रिया शीघ्रता से पूरी करने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जो भी गतिरोध थे, अब समाप्त हो चुके हैं। यह युवाओं की सुविधा का विषय है। इसमें तत्परता बरती जाए।

योगी ने कहा कि शीघ्र ही केंद्रीय शहरी विकास मंत्री के साथ प्रदेश की स्मार्ट सिटी और अमृत योजना की समीक्षा की जाएगी। यह कार्य जनहित से जुड़े हैं। इनकी सतत निगरानी की जाए। अधिकारीगण इन्हें प्राथमिकता में रखें।

मुख्यमंत्री योगी ने सभी सरकारी चिकित्सा संस्थानों में व्यवस्था सुधार के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि अब हम सभी कोविड अनलॉक के एक नए चरण में प्रवेश कर रहे हैं, कोविड वैक्सीनेशन की प्रक्रिया शीघ्र ही शुरू होने के आसार हैं, लेकिन इस बीच अन्य रोगों से ग्रसित रोगियों के उपचार में किसी तरह कीलापरवाही नहीं होनी चहिए।

उन्होंने कहा कि कोविड अनलॉक के इस दौर में अब जनजीवन तेजी से सामान्य हो रहा है, लेकिन सतर्कता और सावधानी में छोटी लापरवाही भी नहीं बरती जानी चाहिए। उन्होंने कोरोना वैक्सीन के लिए सुरक्षित कोल्ड चेन की स्थापना के निर्देश दिए।

अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि कोरोना वैक्सीनेशन के लिए वैक्सीनेटर्स का प्रशिक्षण सोमवार से शुरू हो रहा है। इस संबंध में आवश्यक तैयारियां कर ली गई हैं। सीएम ने कहा कि कोविड-19 के सम्बन्ध में शासन की गाइडलाइन्स का पालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। कोविड-19 के बचाव व उपचार के सम्बंध में प्रभावी व्यवस्था निरंतर बनाए रखी जाए।

उन्होंने कहा कि इन संस्थानों की स्थापना सरकार की प्राथमिकता में है। इनके डीपीआर शीघ्र तैयार कर लिए जाएं। यह परियोजनाएं जन महत्व की हैं, इनमें कतई विलम्ब नहीं होना चाहिए। वहीं, कतिपय घटनाओं का संज्ञान लेते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी धन की पाई-पाई का हिसाब होना चाहिए। फर्जी बिलिंग की एक भी घटना नहीं आनी चाहिए। ऐसे लोगों के साथ कोई रियायत नहीं होनी चाहिए। इन पर सख्त कार्रवाई हो।

सांसद ने बंगाल के शीर्ष अधिकारियों को तलब पर उठाए सवाल

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कोलकाता। केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) की ओर से 14 दिसंबर को पश्चिम बंगाल सरकार के दो शीर्ष अधिकारियों को तलब किए जाने पर राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने शनिवार को केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला को पत्र लिखा। बनर्जी ने समन को ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ करार दिया है। बनर्जी ने तीन पन्नों के अपने पत्र में कहा है, “हम सबसे पहले आपको सूचित करना चाहते हैं कि कानून एवं व्यवस्था (लॉ एंड ऑर्डर) विषय भारत के संविधान की राज्य सूची की 7वीं अनुसूची के तहत राज्य के डोमेन के अंदर आता है। कानून एवं व्यवस्था की स्थिति के संदर्भ में आप दोनों अधिकारियों को चर्चा के लिए या किसी भी तरह कैसे बुला सकते हैं? क्या आप भारत के संविधान और किसी अन्य कानून के तहत राज्य की कानून एवं व्यवस्था के संबंध में हस्तक्षेप कर सकते हैं?”

तृणमूल कांग्रेस के सांसद ने आरोप लगाया कि केंद्र का पश्चिम बंगाल के शीर्ष नौकरशाह और डीजीपी को समन भेजना राजनीतिक मकसद से प्रेरित है।

दरअसल, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रमुख जे.पी. नड्डा के काफिले पर हमले को लेकर गृह मंत्रालय ने राज्य के मुख्य सचिव अल्पन बंद्योपाध्याय और पुलिस महानिदेशक वीरेंद्र को राज्य में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति के बारे में स्पष्टीकरण के लिए तलब किया है। हालांकि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार ने मुख्य सचिव और पुलिस प्रमुख को राष्ट्रीय राजधानी नहीं भेजने का फैसला किया है।

ममता ने कोलकाता में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगने के लिए केंद्र सरकार जिस तरह पत्र भेज रही है, वह असंवैधनिक है। गृह मंत्रालय का मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को तलब करना अस्वीकार्य है।”

ममता ने कहा, “भाजपा और केंद्र सरकार द्वारा ऐसी स्थिति उत्पन्न करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि वे संघीय ढांचे में हस्तक्षेप कर सकें।”

उन्होंने कहा कि बंगाल भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष के भड़काऊ भाषणों से माहौल खराब हो रहा है। ममता ने दावा किया कि नड्डा के साथ दोषी, अपराधी व भाजपा से जुड़े हथियारों से लैस लोग थे।

U.P

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार ने राज्य के सभी पोस्टग्रेजुएट मेडिकल छात्रों के लिए अपनी पढ़ाई पूरी होने के बाद सरकारी क्षेत्र में कम से कम 10 साल की सेवाएं देना अनिवार्य कर दिया है। ऐसा न करने पर मेडिकल छात्रों को एक करोड़ रुपये का जुर्माना देना होगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) अमित मोहन प्रसाद के अनुसार, यदि राज्य में पीजी मेडिकल छात्र 10 साल के पहले सरकारी नौकरी छोड़ते हैं, तो उन पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही बीच में पीजी छोड़ने वाले छात्रों पर 3 साल के लिए कोर्स में दाखिला लेने पर रोक लगा दी जाएगी।

राज्य के अस्पतालों और चिकित्सा प्रतिष्ठानों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी से निपटने के लिए ये निर्णय लिया गया है। प्रसाद ने यह भी कहा कि राज्य भर के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के लिए 15,000 से अधिक पद सृजित किए गए हैं और वर्तमान में 11,000 एमबीबीएस डॉक्टर इन पदों पर काबिज हैं।

राज्य सरकार ने आगे कहा है कि ग्रामीण सरकारी अस्पतालों में कार्यरत एमबीबीएस डॉक्टरों को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) पीजी परीक्षा में एक साल की रियायत भी मिलेगी। इसी तरह, ग्रामीण सरकारी अस्पताल में 2 साल के अनुभव वाले लोगों को नीट परीक्षा में 20 अंकों की छूट मिलेगी, जबकि तीन साल के अनुभव वालों को 30 अंकों की छूट मिलेगी।

इस फैसले के बाद स्नातकोत्तर मेडिकल छात्रों के लिए निजी क्षेत्र में नौकरियों के लिए जाना बेहद मुश्किल होगा, जब तक कि वे एक करोड़ रुपये का जुर्माना देने के लिए तैयार नहीं होते हैं।

राम मंदिर होगा गणतंत्र दिवस पर उत्तर प्रदेश की थीम

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लखनऊ । अयोध्या में बन रहे राम मंदिर की महिमा और भव्यता का प्रदर्शन 26 जनवरी को राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में होने वाले गणतंत्र दिवस परेड के दौरान किया जाएगा। राज्य के सूचना विभाग द्वारा गणतंत्र दिवस परेड के लिए अयोध्या के राम मंदिर की झांकी खास तौर पर तैयार की जा रही है।

झांकी का शीर्षक ‘अयोध्या: उत्तर प्रदेश का सांस्कृतिक विरासत’ होगा। इसमें अयोध्या और विभिन्न देशों में भगवान राम से संबंधित संस्कृति, परंपरा और कला को भी चित्रित किया जाएगा।

गणतंत्र दिवस परेड की झांकी को लेकर दिल्ली में हुई बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश से भेजे गए प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, भगवान राम के जन्मस्थान पर लंबे समय से प्रतीक्षित मंदिर के निर्माण के साथ अयोध्या धार्मिक पर्यटन का एक प्रमुख केंद्र बन रहा है।

योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार भी पूरी दुनिया में अयोध्या को धार्मिक पर्यटन का मुख्य केंद्र बनाना चाहती है।

मुख्यमंत्री ने विश्व स्तर पर भारतीय संस्कृति को पुनस्र्थापित करने के लिए एक शानदार अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत अयोध्या का कायाकल्प किया जा रहा है।

इतिहास में पहले कभी भी दीपोत्सव का आयोजन नहीं किया गया था, लेकिन अब हर साल दिवाली की पूर्व संध्या पर अयोध्या में भव्य दीपोत्सव समारोह आयोजित किया जाता है।

गणतंत्र दिवस की झांकी में अयोध्या में ‘दीपोत्सव’ की झलक भी होगी।

नड्डा के काफिले पर हमला लोकतांत्रिक पर धब्बा

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कोलकाता । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे. पी. नड्डा पर डायमंड हार्बर में कथित तृणमूल कांग्रेस समर्थित हमले के एक दिन बाद, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने गुरुवार की घटना के बारे में केंद्र को विस्तृत रिपोर्ट भेजी। राज्यपाल धनखड़ ने बंगाल में भाजपा प्रमुख नड्डा के काफिले पर कथित हमले को लेकर अपनी रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेज दी है। सूत्रों ने कहा कि गृह मंत्रालय (एमएचए) ने रिपोर्ट प्राप्त कर ली है और राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति का आकलन करने के लिए कहा है।

ममता बनर्जी की अगुवाई वाले राज्य प्रशासन को घेरते हुए धनखड़ ने कहा, “कल (गुरुवार) जो घटनाएं हुईं, वे सबसे दुर्भाग्यपूर्ण हैं। वे हमारे लोकतांत्रिक ताने-बाने पर एक धब्बा हैं।”

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24-परगना जिले में तृणमूल कांग्रेस समर्थकों द्वारा नड्डा के काफिले पर कथित रूप से हमला किया गया था। यह हमला तब हुआ, जब भाजपा प्रमुख गुरुवार को एक रैली में भाग लेने के लिए बाहर जा रहे थे। यह घटना शिराकोल इलाके के पास हुई जब नड्डा डायमंड हार्बर के रेडियो स्टेशन ग्राउंड में एक रैली को संबोधित करने के लिए जा रहे थे। नड्डा बुलेट-प्रूफ वाहन में यात्रा कर रहे थे।

यही नहीं उग्र भीड़ ने भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेताओं के वाहनों पर भी हमला बोला, जिनमें पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल रॉय और अनुपम हजरा शामिल थे।

बाद में, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पूरी घटना को ‘नाटक’ करार दिया और दावा किया कि राज्य विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक ध्यान आकर्षित करने के लिए भगवा ब्रिगेड द्वारा इसका मंचन किया गया था।

ममता बनर्जी ने पथराव की इस घटना को भाजपा का नाटक बताते हुए कहा कि उनके पास कोई और काम नहीं, सबके सब यहीं जमे रहते हैं।

ममता ने कहा, “उनके (भाजपा) पास कोई और काम नहीं है। अकसर गृह मंत्री यहां होते हैं, बाकी समय उनके चड्ढा, नड्डा, फड्डा, भड्डा यहां होते हैं। जब उनके पास कोई दर्शक नहीं होता है, तो वे अपने कार्यकर्ताओं को नौटंकी करने के लिए कहते हैं।”

इस घटना का जिक्र करते हुए, धनखड़ ने कहा कि कल एक राष्ट्रीय राजनीतिक दल के नेता पर कथित रूप से हमला किया गया। उन्होंने यहां मीडियाकर्मियों से कहा, “यह लोकतंत्र के लिए एक मौत की तरह है। राज्य में कानून और व्यवस्था की स्थिति लंबे समय से लगातार बिगड़ रही है। एक राज्यपाल के रूप में, भारतीय संविधान को बनाए रखना मेरा कर्तव्य है।”

राज्यपाल ने सीएम के उस बयान को भी गंभीरता से लिया जिसमें उन्होंने कहा था कि बीजेपी के काफिले पर हमला ‘नाटक’ के अलावा कुछ नहीं था।

राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कहा कि ममता बनर्जी को नड्डा के काफिले पर हमले के संबंध में दिए गए अपने बयान को लेकर माफी मांगनी चाहिए। जगदीप धनखड़ ने कहा कि मैडम भारत एक है, भारत की आत्मा और नागरिकता एक है। ये जो खतरनाक खेल है कि कौन बाहरी है और कौन अंदरूनी, आप इसको त्याग दीजिए। आपने संविधान के तहत काम करने की शपथ ली है।

नोएडा में डिस्प्ले उत्पादों की मैन्युफैक्चरिंग इकाई लगाएगा सैमसंग

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लखनऊ । दुनिया की दिग्गज आईटी कम्पनियों में शुमार सैमसंग, अब उत्तर प्रदेश में मोबाइल और आईटी डिसप्ले उत्पादों का निर्माण करेगी। सैमसंग की यह यूनिट इससे पहले चीन में स्थापित थी। नोएडा में स्थापित होने जा रहे सैमसंग के इस नए मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना से प्रदेश में करीब 4825 करोड़ रुपये का निवेश होगा। यही नहीं भारत, ओएलईडी तकनीक से निर्मित मोबाइल डिस्प्ले मैन्युफैक्चरिंग करने वाला दुनिया का तीसरा देश भी बन जाएगा। भारी-भरकम निवेश और औद्योगिक विकास को देखते हुए योगी सरकार ने सैमसंग के इस प्रोजेक्ट को विशेष प्रोत्साहन देने का फैसला किया है। शुक्रवार को प्रदेश मंत्रिपरिषद ने इस संबंध में निर्णय लिया। मंत्रिपरिषद के निर्णयानुसार मेसर्स सैमसंग डिस्प्ले नोएडा प्राइवेट लिमिटेड को उप्र इलेक्ट्रानिक्स विनिर्माण नीति -2017 के अन्तर्गत पूंजी उपादान, भूमि हस्तानांतरण पर स्टाम्प ड्यूटी में छूट की अनुमन्यता होगी।

चीन से विस्थापित होकर यूपी आ रही इस परियोजना को पूंजी उपादान के लिए भारत सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार स्थिर पूंजी निवेश में पुरानी मशीनों की लागत को भी अनुमन्य किया जायेगा। इस परियोजना के लिए प्रदेश सरकार पर 5 वर्षों की अवधि में 250 करोड़ का वित्तीय उपाशय अनुमानित है। इस इकाई में करीब डेढ़ हजार लोगों को सीधे तौर पर रोजगार मिलेगा। कंपनी को भारत सरकार की योजना ‘स्कीम फॉर प्रोमोशन ऑफ मैन्युफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रॉनिक कम्पोनेन्ट्स एण्ड सेमीकण्डक्टर्स’ के अन्तर्गत भी लगभग 460 करोड़ का वित्तीय प्रोत्साहन भी प्राप्त होगा।

विश्व में टीवी, मोबाइल फोन, टैबलेट, घड़ियों आदि में उपयोग होने वाले कुल डिस्प्ले उत्पाद का 70 प्रतिशत से अधिक सैमसंग द्वारा दक्षिण कोरिया, वियतनाम तथा चीन में निर्मित होता है। डिस्प्ले इकाईयों का प्रस्तावित निवेश मूल उत्पाद का एक ज्यादा लागत वाला हाई टेक्नोलॉजी कम्पोनेन्ट है, जो बीच की सप्लाई चेन की कड़ी को पूर्ण करने के लिये तथा भविष्य में प्रदेश में डिस्प्ले से सम्बन्धित फैब इकाई की स्थापना हेतु यह इकाई एक मील का पत्थर साबित होगी। विगत वित्तीय वर्ष में 27 बिलियन डॉलर के निर्यात के साथ मेसर्स सैमसंग उत्तर प्रदेश में सबसे बड़ा निर्यातक है। सैमसंग ग्रुप ने अगले पांच वर्षों में कुल 50 बिलियन डालर का निर्यात लक्ष्य रखा है।

पश्चिम बंगाल में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के काफिले पर हमला

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कोलकाता । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा के काफिले पर पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24-परगना जिले में तृणमूल कांग्रेस के कथित समर्थकों ने हमला कर दिया। भाजपा प्रमुख गुरुवार को वहां एक रैली में शामिल होने के लिए निकल रहे थे। यह घटना शिराकोल इलाके के पास हुई जब नड्डा आज(गुरुवार) दोपहर डायमंड हारबर के रेडियो स्टेशन ग्राउंड में एक रैली को संबोधित करने के लिए जा रहे थे। सूत्रों ने बताया कि नड्डा जिस बुलेट प्रूफ वाहन में यात्रा कर रहे थे, उस पर तृणमूल कांग्रेस समर्थित गुंडों ने हमला किया था।

नड्डा के अलावा, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल रॉय और पार्टी नेता अनुपम हाजरा के वाहनों पर भी कथित तृणमूल समर्थकों ने हमला किया, जो पार्टी के झंडे के साथ थे।

नड्डा के काफिले के कारों की विंडशील्ड्स खराब हो गई, क्योंकि उपद्रवियों ने ईंटों, लोहे की रॉड और कांच की बोतलों से हिंसक हमला किया।

हमले में काफिले के सुरक्षा के प्रभारी कुछ केंद्रीय बल के जवान और एक भाजपा समर्थक घायल हो गए । भाजपा के कुछ कार्यकर्ताओं को जबरन उनकी कारों से खींच लिया गया और सभा स्थल तक पहुंचने के दौरान रास्ते में पीटा गया।

जीवन मे पिछलग्गू नहीं, नजीर बने

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गोरखपुर । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई में पिछले छह साल में देश बदल रहा है, पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है। अब भारत का शुमार दुनिया के अग्रणी देशों में होता है। ऐसे में आप भी जीवन मे पिछलग्गू बनने की बजाय नजीर बनें। मुख्यमंत्री गुरुवार को महाराणा प्रताप (एमपी) शिक्षा परिषद के 88वें संस्थापक सप्ताह समारोह के समापन अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने महाराणा प्रताप इंटर कलेज परिसर में आयोजित समारोह में कहा कि खुद को समाज और देश के लिए बोझ नहीं, उपयोगी बनाएं। शिक्षण संस्थाएं टीम भावना के साथ ऐसा करें तो यह संभव है। परिषद से जुड़े सभी लोग (बच्चे, शिक्षक और अभिभावक) परिषद के शताब्दी वर्ष तक इसी को लक्ष्य बनाकर इसके लिए खुद, संस्था और पूरे प्रदेश को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम करना होगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति का भी यही मकसद है। यकीनन आप सारे लोग ऐसा करेंगे तो आने वाले समय मे यह परिषद उत्तर भारत का श्रेष्ठतम शिक्षण संस्थान बनेगा।

उन्होंने कहा जब तक वैक्सीन नहीं आ जाती है तब तक कोविड प्रोटोकल के मानकों का पहले जैसे ही अनुपालन करें। योगी ने कहा कि चुनौतियों को अवसर और असफता को सफलता में बदलने वाला ही जीवन मे सफल होता है, आप भी हर चुनौती में अवसर व असफलता में सफलता तलाशें। सफलता आपके कदम चूमेगी।

उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने कहा कि गुलामी के काल खंड को छोड़ दें तो भारत वैदिक काल से ही ज्ञान पिपाशु रहा है। इसी नाते उसे विश्वगुरु का दर्जा हासिल था। गोरक्षनगरी का इसमें बेहद महत्वपूर्ण योगदान रहा। यह परपरा अब भी जारी है। शिक्षा ही संसार और समाज को सुंदर बनाने का जरिया है। एमपी शिक्षा परिषद 1932 से यही कर रहा है। परिषद अपनी संस्थाओं में किताबी ज्ञान के साथ संस्कार भी देता है। ऐसा संस्कार जिससे बच्चों में अपने सम्पन्न इतिहास, परम्परा, संस्कृति और देश प्रेम के प्रति जज्बा और जुनून जगता है। ऐसे बच्चे ही देश और समाज मे अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देते हैं। इससे सशक्त और श्रेष्ठ भारत का सपना साकार होगा। देश की अन्य शिक्षण संस्थानों के लिए भी परिषद के कार्य नजीर हैं।

विशिष्ट अतिथि प्रदेश के जल शक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने कहा कि शिक्षा हर समस्या का हल है। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद 1932 से यही कर रहा है।

यूपी में माता

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लखनऊ । उत्तर प्रदेश में माता-पिता की संपत्ति हड़प कर उन्हें घर से बाहर निकालने वाली संतानों की अब खैर नहीं। माता- पिता और वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण एवं कल्याण नियमावली 2014 में संशोधन किया जाएगा। इसमें बेदखली की प्रक्रिया जोड़ी जाएगी।

राज्य विधि आयोग ने संबंधित प्रस्ताव का प्रारूप तैयार कर शासन को भेजा है। आयोग की सचिव सपना त्रिपाठी ने बताया कि प्रस्तावित संशोधन में बच्चों के साथ रिश्तेदारों को भी जोड़ा गया है। यह प्रक्रिया भी जोड़ी गई है कि किस तरह पीड़ित पक्ष अपने मामले को पहले एसडीएम और फिर प्राधिकरण के समक्ष रख सकता है। गौरतलब है कि उतर प्रदेश में माता-पिता तथा वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण एवं कल्याण नियमावाली वर्ष 2014 में प्रभाव में आई थी। परन्तु इस नियमावली में वृद्घ माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों की सम्पत्ति के संरक्षण हेतु विस्तृत कार्य योजना नहीं बन सकी थी।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय के भी संज्ञान में वृद्घ माता-पिता व वरिष्ठ नागरिकों के बच्चों द्वारा उनकी सम्पति से उन्हें बेदखल करने की कोशिशों के मामले सामने आए हैं। न्यायालय ने भी अपने कई निर्णयों में माना कि वृद्घ माता-पिता की देखभाल न करके उनको उन्हीं के घर में बेगाना बना दिए जाने के प्रकरण अत्यन्त शर्मनाक है।

दरअसल, यह नियमावली 2014 में ही बना दी गई थी, लेकिन इसमें वृद्घ माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों की संपत्ति को संरक्षित करने के लिए विस्तृत कार्य योजना नहीं बनाई गई। कोर्ट से मिल रहे निर्णयों से पता चला है कि बूढ़े माता-पिता को उनके ही बच्चे उनकी प्रॉपर्टी से निकाल देते हैं, या उनका ख्याल रखने की जगह घर में माता-पिता से पराया व्यवहार करते हैं। इसके बाद उत्तर प्रदेश राज्य विधि आयोग ने अपनी रिसर्च के बाद यह डाटा तैयार किया है। रिसर्च में पता चला है कि माता-पिता की देखभाल न करके उनको उन्हीं के घर में बेगाना बना देते हैं़, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अध्यादेश की मंजूरी के बाद बुजुर्ग मां-बाप की सेवा न करने वालों को प्रॉपर्टी से ही बेदखल कर दिया जाएगा।

यूपी लॉ कमीशन की स्टडी में पता लगा है कि उत्तर प्रदेश माता-पिता तथा वरिष्ठ नागरिकों के भरण पोषण एवं कल्याण नियमावली-2014 और माता-पिता तथा वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण अधिनियम 2007 जिन उद्देश्यों से बने थे वे उसे पूरा नहीं कर पा रहे। ऐसे में आयोग ने खुद ही नियमावली-2014 की विस्तृत कार्य योजना बनाई है और बेदखल की प्रक्रिया को भी शामिल करते हुए संशोधन का ड्राट तैयार किया है। जल्द ही शासन इसपर फैसला लेगा। आयोग की सचिव सपना त्रिपाठी ने बताया कि शासन को प्रारूप का प्रतिवेदन चार दिसंबर को प्रस्तुत किया गया है।

विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने तैयार किया अत्याधुनिक चुनावी वार रूम

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कोलकाता। आगामी वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव भाजपा के लिए अहम है। इसीलिए भगवा कैंप अपनी हर तरह की तैयारी को दुरुस्त कर रहा है। इसी क्रम में भाजपा ने दक्षिण कोलकाता के हेस्टिंग के दो सेंट जॉर्ज गेट रोड में मुख्यालय नहीं बल्कि चुनाव के लिए अत्याधुनिक वॉररूम बनाया है। इस दफ्तर में भाजपा ने जहां आइटी सेल, कॉल सेंटर के साथ-साथ हेलीकॉप्टर और कार निगरानी केंद्र भी तैयार किया है। वहीं नेताओं के ठहरने से लेकर बैठक के लिए कक्ष भी तैयार किए हैं। इसका उद्धघाटन बुधवार को भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने किया।

जब नेता प्रचार करने आएंगे तो हेलीकॉप्टर कहां जाएगा। कितने हेलीकॉप्टर तैयार रहेंगे। यहां से सब कुछ मैनेज होगा। इतना नहीं भाजपा नेताओं के ठहरने के लिए इस बहुमंजिला इमारत की आठवीं मंजिल पर गेस्ट हाउस भी बनाया गया है।कुछ दिनों के बाद केंद्रीय नेता और मंत्री हर दिन बंगाल आएंगे। सातवीं मंजिल पर पार्टी के महासचिव का कार्यालय है। चौथी मंजिल पर आइटी सेल। छठी मंजिल पर कॉल सेंटर। 650 वर्ग फुट वाले कॉल सेंटर और आइटी सेल में सैकड़ों लड़के और लड़कियां काम कर रहे हैं। एक सम्मेलन कक्ष भी है। यह वॉररूम कॉरपोरेट ऑफिस की शैली में बनाया गया है। यह 2021 की लड़ाई का प्रबंधन करने के लिए तैयार किया गया है। राज्य भाजपा के सह-अध्यक्ष प्रताप बनर्जी इस कार्यालय के प्रभारी हैं।

पूर्वांचल के विकास पर मंथन के लिए तीन दिन गोरखपुर में रहेगी सरकार

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लखनऊ । उत्तर प्रदेश का पूर्वांचल सबसे पिछड़ा इलाका माना जाता रहा है। योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद से इसमें और तेजी आई है। अब तो धीरे धीरे पूवार्ंचल की पहचान बदलने लगी है। एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) के जरिये हर जिले के पारम्परिक उद्योग को ग्लोबल पहचान, फोरलेन, सिक्सलेन से विस्तारित सड़कें, विकास की यह धारा सतत, अविरल प्रवाहित होती रहे, योगी सरकार इसे लेकर भी संजीदा है। पूवार्ंचल के समग्र विकास का ब्लू प्रिंट तैयार करने को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर में 10 से 12 दिसंबर तक राष्ट्रीय वेबिनार व संगोष्ठी का आयोजन होने जा रहा है।

प्रदेश शासन के नियोजन विभाग के सौजन्य व गोरखपुर विश्वविद्यालय के अकादमिक सहयोग से होने वाले तीन दिन के कार्यक्रम की गम्भीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि योगी सरकार का इन तीन दिनों में डेरा गोरखपुर ही रहेगा। खुद मुख्यमंत्री योगी कुछ सत्रों में मौजूद रहेंगे।

‘पूवार्ंचल का विकास मुद्दे, रणनीति एवं भावी दिशा’ विषयक राष्ट्रीय वेबिनार व संगोष्ठी मे पांच सेक्टरों प्राइमरी, मैन्युफैक्च रिंग, सर्विस, सोशल व वाटर सेक्टर में चार दर्जन से अधिक सत्रों में विकास की भावी रूपरेखा तैयार की जाएगी।

हर सत्र में प्रदेश सरकार के मंत्री, शासन के वरिष्ठ अधिकारी व देश विदेश के विषय विशेषज्ञ मंथन कर सतत विकास का रोड मैप बनाएंगे। इस दौरान कृषि व कृषि आधारित क्षेत्र के उन्नयन से किसानों की आय दोगुनी करने, विनिर्माण व सेवा क्षेत्र के विकास व रोजगार की नई संभावनाओं, सामाजिक सशक्तिकरण व जल प्रबंधन के जरिये पूवार्ंचल को खुशहाल बनाने पर मंत्रणा खास होगी।

इस राष्ट्रीय वेबिनार व संगोष्ठी का उद्घाटन 10 दिसंबर को शाम पांच बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। मुख्यमंत्री दूसरे दिन 11 दिसंबर को सुबह 10.30 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक सभी मंत्रियों, पूवार्ंचल के सभी सांसदों व पूवार्ंचल के सभी विधायकों के साथ एक-एक घंटे अलग-अलग बैठक कर इस क्षेत्र के विकास पर मंत्रणा करेंगे। राष्ट्रीय वेबिनार व संगोष्ठी के समापन सत्र में भी 12 दिसंबर को शाम 4 बजे से सीएम योगी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। समापन सत्र में विशिष्ट अतिथि के रूप में केंद्रीय आयुष मंत्री, स्वतन्त्र प्रभार श्रीपद यशो नाइक की मौजूदगी रहेगी।

अलग-अलग सत्रों में उप मुख्यमंत्री — केशव प्रसाद मौर्या, दिनेश शर्मा, खादी व ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, वस्त्र उद्योग, लघु, मध्यम उद्योग और निर्यात प्रोत्साहन मंत्री सिद्घार्थ नाथ सिंह, शहरी विकास मंत्री आशुतोष टंडन, संस्थागत वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, परिवार कल्या, मातृ व शिशु कल्याण मंत्री जय प्रताप सिंह, ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, गन्ना विकास मंत्री सुरेश राणा, वन, पर्यावरण व जंतु उद्यान मंत्री दर सिंह चौहान, पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी, जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह, समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री, पशुपालन, दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री अनिल राजभर, पर्यटन विकास मंत्री नीलकंठ तिवारी, दुग्ध विकास व मत्स्य मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी, बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री स्वतन्त्र प्रभार सतीश द्विवेदी, व्यावसायिक शिक्षा व कौशल विकास राज्य मंत्री स्वतन्त्र प्रभार कपिलदेव अग्रवाल, कृषि शिक्षा अनुसंधान राज्य मंत्री लाखन सिंह राजपूत, राजस्व व बाढ़ नियंत्रण राज्य मंत्री विजय कश्यप, लघु व मध्यम उद्यम मंत्री चौधरी उदयभान सिंह, आवास एवं शहरी नियोजन राज्य मंत्री गिरीश चंद्र यादव, परिवहन व संसदीय कार्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार अशोक कटारिया, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री अतुल गर्ग, महिला व बाल विकास राज्य मंत्री स्वाति सिंह, तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह की सहभागिता रहेगी।

गोरखपुर में खाद कारखाना जून जुलाई से उत्पादन प्रारम्भ कर देगा तो अन्नदाता को और सहूलियत हो जाएगी। हर जिले के एक विशिष्ट पारम्परिक उत्पाद को ओडीओपी में शामिल कर योगी सरकार ने पूवार्ंचल में भी हर जिले को औद्योगिकरण की राह दिखाई है। एक्सप्रेस के किनारे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के स्थापित होने से पूवार्ंचल औद्योगिक नक्शे पर भी चमकने लगेगा। सेवा क्षेत्र में विकास और रोजगार की संभावनाओं के लिए पर्यटन स्थलों का कायाकल्प हो रहा है।

बंगाल

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कोलकाता. पश्चिम बंगाल में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सक्रियता बढ़ती जा रही है. बुधवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बंगाल की राजधानी के हेस्टिंग्स में पार्टी के चुनावी कार्यालय का उद्घाटन किया. नड्डा बंगाल में दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे हैं.

ममता सरकार पर लगाए आरोप

कोलकाता में कार्यक्रम संबोधित करते हुए नड्डा ने ममता सरकार पर कई आरोप लगाए हैं. उन्होंने दावा किया है कि सरकार आंकड़े छिपा रही है. बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा, ‘बंगाल में मानव तस्करी, बलात्कार और महिलाओं पर हुए अपराधों की संख्या सबसे ज्यादा है.’ उन्होंने कहा. ‘ममता दी ने क्राइम ब्यूरो को आंकड़े देने बंद कर दिए हैं. इतना ही नहीं कोविड मामलों की संख्या देने से भी इनकार कर दिया है.’ नड्डा ने आरोप लगाया, ‘उनकी सरकार राजनीतिक हितों के लिए लोगों को मुख्यधारा के मामलों से दूर रख रही है.’ उन्होंने दावा किया है कि राज्य में हम 200 सीटें जीतेंगे. वहीं, उन्होंने कहा है कि राज्य में भ्रष्टाचार के मामले बढ़े हैं.

भाजपा अपनी रैलियों में अपने ही लोगों को मारती है : ममता

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कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपनी रैलियों में लोगों को मार देती है। ममता बनर्जी ने रानीगंज में एक बैठक में कहा, “वे झूठ बोलते हैं और लोगों को मारते हैं। वे रैलियां करते हैं और अपने लोगों को मार देते हैं।

मुख्यमंत्री का यह बयान सिलीगुड़ी में भगवा ब्रिगेड के विरोध प्रदर्शन के एक दिन बाद आया है।

भाजपा ने सोमवार को सिलीगुड़ी जिला में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के कार्यकर्ताओं पर हुई पुलिस की कथित कार्रवाई और उसमें एक कार्यकर्ता की मौत के विरोध में मंगलवार को उत्तर बंगाल के आठ जिलों में बंद बुलाया था।

सिलीगुड़ी में 50 वर्षीय पार्टी कार्यकर्ता उलेन रॉय की मौत के बाद भारतीय जनता पार्टी द्वारा ने 12 घंटे के बंद का आह्वान किया था।

दरअसल, सोमवार को सिलीगुड़ी में ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे भाजयुमो के कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने आंसूगैस के गोले दागे थे और पानी की बौछार की थी। इसमें पार्टी के एक कार्यकर्ता की मौत हो गई। भाजपा नेताओं ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि बंगाल में लोकतंत्र की हत्या हो रही है।

धारा 144 के उल्लंघन और भीड़ को शांत करने के लिए पुलिस ने यह कार्रवाई की थी।

ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी भाजपा के नेतृत्व वाले केंद्र को सरकार के स्वामित्व वाली कोयला खदानों को बेचने की अनुमति नहीं देगी। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि कोयला माफिया भाजपा के संरक्षण में थे।

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी विकेंद्रीकरण अभियान का विरोध करना जारी रखेगी। ममता ने कहा, “जब तक मैं जीवित हूं तब तक ऐसा कभी नहीं होने दूंगी। मैंने प्रस्ताव दिया था कि अवैध कोयला कारखानों को केंद्र और राज्य द्वारा संयुक्त रूप से वैध किया जाएगा। मैं चाहती हूं कि लोगों को रोजगार मिले।” उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने कभी भी उन्हें इस प्रस्ताव पर कोई जवाब नहीं दिया।

कृषि कानूनों को लेकर अखिलेश और प्रियंका ने सरकार अपनी नाराजगी जाहिर की

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लखनऊ । कृषि कानून के खिलाफ किसानों के भारत बंद में राजनीतिक दलों ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है। इस दौरान समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने सरकार अपनी नाराजगी जाहिर की है। समाजवादी पार्टी तथा कांग्रेस ने केंद्र सरकार को किसान विरोधी तथा अरबपति लोगों का समर्थक बताया है। इसे लेकर प्रियंका और अखिलेश ने ट्वीटर के माध्यम से निशाना साधा है।

प्रियंका गांधी ने लिखा कि, “किसानों का साथ देने के लिए आज पूरे उप्र में कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों को नजरबंद एवं गिरफ्तार किया जा रहा है। कड़कड़ाती ठंड में बैठे किसानों के लिए खेती, किसानी एमएसपी बचाने के लिए ये करो या मरो की लड़ाई है। कांग्रेस कार्यकर्ता अपने आखिरी दम तक किसानों के साथ हैं।”

उन्होंने आगे लिखा कि, “जो किसान अपनी मेहनत से फसल उगाकर हमारी थालियों को भरता है, उन किसानों को भाजपा सरकार अपने अरबपति मित्रों की थैली भरने के दबाव में भटका हुआ बोल रही है। यह संघर्ष आपकी थाली भरने वालों और अरबपतियों की थैली भरने वालों के बीच है। आइए, किसानों का साथ दें।”

इससे पहले प्रियंका ने लिखा कि, “प्रियंका गांधी ने कहा था कि भाजपा सरकार के पास 20,000 करोड़ का नया संसद कॉरिडोर बनाने तथा पीएम मोदी के लिए 16,000 करोड़ का स्पेशल जहाज खरीदने का पैसा है, लेकिन यूपी के गन्ना किसानों को 14,000 करोड़ भुगतान कराने का पैसा नहीं है। 2017 से गन्ने का मूल्य नहीं बढ़ा है। यह सरकार तो केवल देश के अरबपतियों के बारे में सोचती है।”

अखिलेश ने शायराना अंदाज में ट्वीट करके भाजपा सरकार पर तंज कसा। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, “अपनी जमीं की खातिर हम माटी में जा लिपटेंगे, वो क्या हमसे निपटेंगे। नहीं चाहिए भाजपा।”

ज्ञात हो कि अखिलेश को सोमवार को कन्नौज में होने वाली किसान यात्रा से पहले ही लखनऊ पुलिस ने धारा-144 के उल्लंघन मामले में गिरफ्तार किया था। उनके खिलाफ लखनऊ में महामारी एक्ट के उल्लंघन का केस भी दर्ज किया गया है।