Wednesday 1st of July 2026 01:45:01 PM
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पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड आतंकी मसूद अजहर पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार, पाक कोर्ट ने जारी किया वारंट

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एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, पाकिस्तान की आतंक रोधी अदालत ने आतंकवाद के वित्तपोषण के आरोपों पर प्रतिबंधित जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के प्रमुख मसूद अजहर के लिए बृहस्पतिवार को गिरफ्तारी वारंट जारी किया। गुजरांवाला आतंकरोधी अदालत (एटीसी) ने जेईएम के कुछ सदस्यों के खिलाफ पंजाब पुलिस के आतंक रोधी विभाग (सीटीडी) द्वारा शुरू आतंक के वित्तपोषण मामले की सुनवाई के दौरान वारंट जारी किया।

एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया, ”एटीसी गुजरांवाला न्यायाधीश नताशा नसीम सुप्रा ने मसूद अजहर के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी किया है और सीटीडी को उसे गिरफ्तार कर अदालत मं पेश करने का निर्देश दिया है। सीटीडी ने न्यायाधीश को बताया कि जेईएम प्रमुख आतंक के वित्तपोषण में संलिप्त था और वह जेहादी साहित्य बेचता है।”

उन्होंने बताया कि सीटीडी के एक निरीक्षक के अनुरोध पर एटीसी न्यायाधीश ने अजहर के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी किया। समझा जाता है कि अजहर अपने पैतृक शहर बहावलपुर में कहीं सुरक्षित स्थान पर छिपा हुआ है। भारत में फरवरी 2019 में पुलवामा आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की पुलिस ने आतंकवाद के वित्तपोषण के खिलाफ अभियान शुरू किया था और इस मामले में गुजरांवाला में जेईएम के छह कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था। गुजरांवाला, लाहौर से करीब 130 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

सीटीडी ने कहा कि उसकी टीमों ने जेईएम के ‘सुरक्षित ठिकानों पर छापेमारी की और संगठन के कुछ सदस्यों को गिरफ्तार किया और उनके पास से लाखों रुपए नकदी बरामद की। पुलवामा हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ने पर पाकिस्तान सरकार ने जेईएम प्रमुख के बेटे और भाई समेत प्रतिबंधित आतंकी संगठन के 100 से ज्यादा सदस्यों को गिरफ्तार किया था। सरकार ने जेईएम, मुंबई आतंकी हमले के सरगना हाफिज सईद के जमात उद दावा (जेयूडी) और फलाहई इंसानियत फाउंडेशन (एफआईएफ) की संपत्तियों को अपने कब्जे में ले लिया था।

पुलवामा आतंकी हमले की जिम्मेदारी जेईएम ने ली थी। पाकिस्तान की पंजाब सरकार ने बहावलपुर में मदरसा और जामा मस्जिद सुभानल्लाह समेत जेईएम मुख्यालय पर नियंत्रण का दावा किया है। सरकार के मुताबिक वहां 600 छात्र पढ़ाई करते हैं और उनमें से कोई भी आतंकी संगठन से नहीं जुड़ा है। मई 2019 में संयुक्त राष्ट्र ने अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित किया था।

यूएस कैपिटल में हिंसा के बाद फेसबुक का बड़ा कदम, डोनाल्ड ट्रंप पर अनिश्चितकाल तक लगाया बैन

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यूएस कैपिटल में डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों द्वारा की गई हिंसा के बाद सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक ने गुरुवार को बड़ा कदम उठाया है। साइट ने डोनाल्ड ट्रंप को फेसबुक और इंस्टाग्राम से अनिश्चितकाल तक के लिए बैन कर दिया है। फेसबुक के सीईओ मार्क जकरबर्ग ने एक पोस्ट लिखकर डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ एक्शन लिए जाने की जानकारी दी है।

उन्होंने फेसबुक पोस्ट में लिखा, ”पिछले 24 घंटों की चौंकाने वाली घटनाएं स्पष्ट रूप से दिखाती हैं कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने निर्वाचित उत्तराधिकारी जो बाइडन को सत्ता के शांतिपूर्ण और वैध ट्रांसफर को कमजोर करने के लिए कार्यालय में अपने बचे समय का इस्तेमाल करने का इरादा कर लिया है। कैपिटल बिल्डिंग में अपने समर्थकों के कामों की निंदा करने के बजाय अपने मंच का उपयोग करने के उनके फैसले ने अमेरिका और दुनिया भर में लोगों को परेशान किया है। हमने उनके बयानों को कल हटा दिया था क्योंकि हमें लगा कि यह हिंसा को और अधिक बढ़ावा देने वाला है।”

मार्क जकरबर्ग ने आगे लिखा कि हमारा मानना है कि इस बचे हुए समय के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप को हमारी सेवाओं का इस्तेमाल जारी रखने की अनुमति देना जोखिम भरा ही होगा। इसलिए, हमने अपने फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट पर अनिश्चित काल के लिए पहले से किए गए ब्लॉक को बढ़ा दिया है। कम से कम अगले दो सप्ताह तक के लिए तो बढ़ाया ही गया है, जब तक कि सत्ता का शांतिपूर्ण हस्तान्तरण पूरा नहीं हो जाता।

ट्विटर ने 12 घंटों के लिए किया है ब्लॉक
हिंसा के फौरन बाद ट्विटर और फेसबुक ने डोनाल्ड ट्रंप के अकाउंट्स को प्रतिबंधित कर दिया था। ट्विटर ने ट्रंप के अकाउंट को 12 घंटे के लिए बैन किया था। उनके तीन ट्वीट्स को भी ब्लॉक कर दिया गया, जिनमें कैपिटल हिल पर समर्थकों को संबोधित करने का वीडियो भी शामिल है। ट्विटर सुरक्षा विभाग ने बताया था, ”अभूतपूर्व घटना एवं वॉशिंगटन में हिंसा की स्थिति को देखते हुए हमें डोनाल्ड ट्रंप के तीन ट्वीट को हटाने की जरूरत महसूस होती है जो आज किए गए थे और यह हमारी नागरिक एकता नीति का घोर उल्लंघन है।” वहीं, फेसबुक ने कहा था कि वह दो नीतियों के उल्लंघन के चलते राष्ट्रपति के आकउंट को 24 घंटे के लिए निलंबित रहेगा। फेसबुक और यूट्यूब ट्रंप की रैली से जुड़े वीडियो भी हटा रहा है।

कैपिटल हिल हिंसा में चार लोगों की गई जान
मालूम हो कि डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों ने बुधवार को कैपिटल हिल में जमकर उत्पात मचाया था। इस हिंसा में चार लोगों की जान चली गई थी। इनमें एक महिला प्रदर्शनों के बीच एक पुलिस अधिकारी द्वारा गोली चलाए जाने से मारी गई और तीन अन्य लोग-एक महिला तथा दो पुरुषों की मौत कैपिटल ग्राउंड के पास आपात स्वास्थ्य स्थिति जैसे कारणों की वजह से हुई।

HCQ मॉडल के जरिए कोरोना वैक्सीन को पड़ोसी देशों तक पहुंचाएगा भारत

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देश में बने कोरोना वैक्सीन को दूसरे देशों तक पहुंचाने के लिए भारत ‘एचसीक्यू मॉडल’ का इस्तेमाल करेगा। एक तरफ जहां देश में लोगों के लिए वैक्सीन की जरूरतों को ध्यान में रखा जाएगा, तो वहीं पड़ोसी और करीबी मित्र देशों को भी टीका मुहैया कराना भारत की पहली प्राथमिकता होगी। इस मामले से जुड़े लोगों ने यह जानकारी दी। दूसरे देशों को टीका उपलब्ध कराने की भारत की यह कोशिश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस संकल्प को दिखाती है जिसमें उन्होंने पूरी मानवता के लिए कोरोना वायरस के खिलाफ सुरक्षा मुहैया कराने की बात कही है।

भारत ने हाइड्रोक्लोरोक्वीन (एचसीक्यू) दवाओं को मित्र देशों तक पहुंचाने के लिए इसी तरीके का इस्तेमाल किया था। दरअसल एक अध्ययन में यह दावा किया गया था कि मलेरिया के खिलाफ इस्तेमाल होने वाली ये दवाएं कोरोना के इलाज में कुछ हद तक कारगर हैं, जिसके बाद केंद्र ने यह कदम उठाया था। मदद के तौर पर एचसीक्यू को भेजने के साथ ही भारत ने 82 देशों को करीब 50 करोड़ एचसीक्यू टैबलेट्स की आपूर्ति की थी।

भारत ने नेपाल को कोरोना वैक्सीन की 1 करोड़ 20 लाख कुरात देने का वादा किया है। अगले सप्ताह जब नेपाल के विेदेश मंत्री प्रदीप ग्यावली नई दिल्ली के दौरे पर आएंगे, उस वक्त इस बात पर आखिरी मुहर लगेगी। विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने पिछले साल ही अपनी नेपाल यात्रा के दौरान इस ओर संकेत दिया था कि भारत की कोशिश सबसे पहले दक्षिण एशियाई देशों को वैक्सीन मुहैया कराने की होगी। श्रृंगला ने कहा था, “हमारी पहली प्राथमिकता हमारे पड़ोसी देश और मित्र राष्ट्र होंगे।”

भारत ने पड़ोसी बांग्लादेश को कोविड टीकों की एक बड़ी खेप उपलब्ध कराने का फैसला पहले ही किया है। बांग्लादेश को 3 करोड़ टीकों की आपूर्ति करने के लिए समझौता हुआ है। सूत्रों के अनुसार, भारत अपनी ‘लाइन ऑफ क्रेडिट’ या आर्थिक सहायता का इस्तेमाल कर इस कोविड-रोधी टीके की कुछ खुराक आपातकालीन इस्तेमाल के लिए भूटान, मालदीव समेत कुछ पड़ोसी देशों को उपलब्ध कराने पर विचार कर सकता है। भारत ने टीके के लिए भी नेतृत्वकारी भूमिका निभाने का फैसला किया है। भारत टीका निर्माण के लिहाज से बड़ी क्षमता वाला देश है। सरकार ने तय किया है कि कोविड के खिलाफ जंग में इस क्षमता का व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाएगा।

भारत सार्क के ज्यादातर देशो को टीका उपलब्ध कराने को तैयार है। अफगानिस्तान को भी भारत ‘लाइन ऑफ क्रेडिट’ के जरिए टीका की सहायता उपलब्ध करा सकता है। गौरतलब है कि भारत दुनिया में बनने वाले 60 फीसद टीकों का उत्पादक है। लिहाज़ा सभी बड़ी कंपनियां और टीका बनाने वाले देश टीका के व्यापक उत्पादन के लिए भारत के साथ साझेदारी बनाने में लगे हैं। अधिकारियों ने बताया कि श्रीलंका की सरकार ने औपचारिक रूप से कोविड टीके के लिए भारत की सहायता मांगी है। वहीं, श्रीलंका की यात्रा पर पहुंचे विदेश मंत्री एस जयशंकर ने श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे राजपक्षे से कहा कि भारत ने अन्य देशों को भारतीय टीके की आपूर्ति करते समय श्रीलंका को प्राथमिकता दिए जाने पर सहमति जताई है।

लद्दाख

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कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ देश में टीकाकरण का अभियान शुरू होने वाला है। चंद दिनों के बाद से करोड़ों लोगों को वैक्सीन लगनी शुरू हो जाएगी। इसके लिए केंद्र सरकार ने पूरा खाका तैयार कर लिया है। कई राज्यों में ड्राई रन चलाए जा रहे हैं, ताकि जब वैक्सीन लगनी शुरू हो, तब कोई परेशानी न आए। वहीं, टीकाकरण को सपोर्ट करने के लिए भारतीय वायुसेना भी सामने आई है। वायुसेना और कमर्शियल एयरलाइंस देशभर में दोनों वैक्सीन्स को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने में मदद प्रदान करेगी।

सरकारी अधिकारियों ने बताया कि देश के दूरदराज इलाकों तक वैक्सीन को पहुंचाने के लिए वायुसेना के ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट्स, जिसमें सी-130जेएस और एएन-32एस भी शामिल हैं, का इस्तेमाल किया जाएगा। सप्लायर्स द्वारा वैक्सीन रखने के लिए विशेष तरीके के कंटेनरों को मुहैया कराया जा रहा है। इससे वैक्सीन्स स्थानीय प्रशासन तक पहुंचाने के लिए मदद मिलेगी। वैक्सीन्स को 24 घंटे तक रेफ्रिजिरेटर वाले कंटेनरों में सुरक्षित रखा जा सकेगा। हवा के जरिए से किया जाने वाला ट्रांसपोर्ट्रेशन कमर्शियल एयरलाइंस के जरिए से होगा।

अधिकारियों ने बताया कि भारतीय वायुसेना के सैन्य हवाई अड्डों पर कमर्शियल विमानों को उधार देने की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। वायुसेना के ट्रांसपोर्ट विमान का उपयोग अरुणाचल प्रदेश और केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख जैसी जगहों को टीकों से जोड़ने के लिए किया जाएगा।

प्लान के अनुसार, अगर जरूरत पड़ती है तो फिर वायुसेना हेलीकॉप्टर का भी इस्तेमाल कर सकती है ताकि वैक्सीन को सुरक्षित दूरदराज इलाकों तक पहुंचाया जाए। अधिकारियों ने यह भी बताया कि वैक्सीन के ट्रांसपोर्टेशन पर चर्चा जारी और अंतिम रूप दिया जा रहा है। वहीं, दिल्ली में, सशस्त्र बलों ने अपने कर्मियों को टीके लगाने के लिए सेना अनुसंधान और रेफरल अस्पताल, बेस अस्पताल, सशस्त्र बल क्लीनिक, वायुसेना केंद्र, सुब्रतो पार्क और वायु सेना स्टेशन, पालम की पहचान की है। पिछले हफ्ते, ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने भारत बायोटेक की कोवैक्सीन और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की कोवीशील्ड को इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए मंजूरी प्रदान की थी। सीरम का टीका ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी-एस्ट्राजेनेका द्वारा बनाया गया है।

DVC बिजली कटौती: JBVNL ने मांगा 13 जनवरी तक का वक्त, 100 करोड़ भुगतान का वादा

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Ranchi : डीवीसी की ओर से राज्य के सात जिलों में बिजली की कटौती जारी है. डीवीसी का कहना है कि जेबीवीएनएल बिजली खरीद का भुगतान हर महीने करें. वहीं जेबीवीएनएल राजस्व वसूली पर जोर देते हुए डीवीसी के बकाया भुगतान की तैयारी कर रहा है.

जेबीवीएनएल के ईडी केके वर्मा ने बताया कि 13 जनवरी तक के लिये डीवीसी से समय मांगा गया है. इस दौरान जेबीवीएनएल सौ करोड़ डीवीसी को भुगतान कर देगी. इसके पहले 20 दिसंबर तक 50 करोड़ का भुगतान कर दिया गया है.

इन सबके बावजूद सात जिलों के बिजली उपभोक्ताओं को 12 घंटे तक बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है. बता दें ये बिजली कटौती जेबीवीएनएल के पास लगभग पांच हजार करोड़ रूपये बकाया भुगतान के लिये की जा रही है. जो काफी समय से लंबित है. डीवीसी की ओर से इस बार बिजली कटौती अलग-अलग चरणों में की जा रही है.

दिसंबर की बिलिंग से होगा भुगतान
वर्मा ने बताया कि दिसंबर महीने में जेबीवीएनएल को 400 करोड़ रूपये बिलिंग वूसली से प्राप्त हुआ है. ऐसे में इसी राजस्व से सौ करोड़ डीवीसी को दी जायेगी. उन्होंने कहा कि जेबीवीएनएल इस समस्या के स्थायी समाधान के लिये तत्पर है.

जल्द ही इसका समाधान निकाला जायेगा. फिलहाल सात जिलों में बिजली व्यवस्था सामान्य रहें इस पर बल दिया जा रहा है. डीवीसी की ओर से 18 दिसंबर 2020 बिजली कटौती के लिये अल्टीमेटम दी गयी.

दस जनवरी से 60 फीसदी कटौती होगी
डीवीसी के अल्टीमेटम के अनुसार दस जनवरी से 60 फीसदी बिजली कटौती की जायेगी. वहीं चार से दस जनवरी तक 50 फीसदी बिजली कट रही है. वहीं अगर बकाया भुगतान नहीं किया गया तो 18 से 24 दिसंबर तक 70 फीसदी बिजली कटौती की जायेगी.

सात जिलों में छह सौ मेगावाट बिजली देता है डीवीसी
राज्य के सात जिलों में 600 मेगावाट बिजली दी जाती है. साल में ये दूसरी बार है जब डीवीसी सात जिलों की बिजली कटौती कर रहा है. इसके पहले फरवरी और मार्च के बीच लगभग दो सप्ताह बिजली कटौती की गयी थी.

इस दौरान डीवीसी ने 18 से 20 घंटे तक बिजली कटौती की थी. इन सात जिलों में गिरिडीह, बोकारो, धनबाद, रामगढ़, चतरा, कोडरमा, देवघर में बिजली आपूर्ति की जाती है.

ओरमांझी युवती हत्याकांड: लापता लड़की के कथित प्रेमी को पुलिस ने पकड़ा, पूछताछ शुरू

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Ranchi: ओरमांझी में युवती हत्याकांड की गुत्थी 100 घंटे बाद भी पुलिस नहीं सुलझा नहीं पायी है. इसके साथ ही पुलिस को अब तक युवती का गायब सर भी नहीं मिला है. हाल के दिनों में गायब हुई लड़कियों के परिजन भी पुलिस के पास पहुंचे. उनमें से कई लोगों ने शव को भी देखा लेकिन पहचानने से इनकार कर दिया. हालांकि रांची की ही एक महिला ने शव को देखकर अपनी बेटी होने का दावा किया है. इसके बाद पुलिस अब डीएनए जांच कर यह जानने की कोशिश करेगी की महिला के दावे में कितना दम है. वहीं युवती के डीएनए को एफएसएल में सुरक्षित रखवाया गया है, ताकि उसका मिलान प्राप्त डीएनए से करवाया जा सके.

महिला ने पुलिस को बताया था एक युवक का नाम
डीएनए जांच की तैयारियों के साथ ही पुलिस अपराधियों की तलाश में भी जुटी है. शव कोअपनी बेटी का बताने वाली महिला ने पुलिस को एक लड़के का नाम भी बताया था. महिला ने कहा था कि उसकी बेटी अक्सर एक लड़के से घंटों फोन पर बात करती थी. महिला ने दावा किया था कि उसी लड़के ने उसकी बेटी को भगाया था. इसके बाद पुलिस ने उस युवक को गिरफ्तार कर लिया है. फिलहाल पुलिस उस लड़के से पूछताछ कर रही है.

युवती की पहचान बनी पुलिस के लिए चुनौती
पुलिस के अनुसार सबसे बड़ी चुनौती युवती की पहचान को लेकर है. युवती का कटा हुआ सिर नहीं मिलने की वजह से अभी तक हत्या किसकी हुई है,यहीं जानकारी पुलिस को नहीं मिल पाई है. एफएसएल सहित दूसरी टीमें मामले की जांच में लगी हुई है. हत्याकांड की गुत्थी को सुलझाने के लिए सिल्ली डीएसपी चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में एसआइटी का गठन किया गया है. एसआइटी में ओरमांझी थाना प्रभारी, इंस्पेक्टर असित मोदी, साइबर इंस्पेक्टर ममता भी शामिल है.

आपके लिए बेहद जरूरी है कोरोना वैक्सीनेशन से जुड़े इन सवालों के जवाब जानना

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देश में कोरोना वैक्सीन आ चुकी है. वैक्सीनेशन की पुरजोर तैयारी चल रही है. इधर, वैक्सीन व वैक्सीनेशन को लेकर तरह-तरह की बातें हो रही है. आम से लेकर खास लोगों में कई तरह की शंकाएं हैं. ऐसे में ujjwajduniya आपके लिए कुछ एसे सवाल-जवाब प्रस्तुत कर रहा है, जो आपके लिए बेहद उपयोगी होगा. आपके शंकाओं का समाधान होगा और आपकी जानकारी बढ़ेगी. तो आइये जानते हैं क्या है सवाल-जवाब…

सवाल : क्या कोई व्यक्ति बिना पंजीकरण के कोरोना वैक्सीन प्राप्त कर सकता है ?

जवाब : नहीं, कोरोना वैक्सीन के लिए पंजीकरण अनिवार्य है, पंजीकरण के बाद ही सत्र, स्थल और समय की जानकारी साझा की जाएगी.

सवाल : यदि कोई व्यक्ति स्थल पर फोटो आईडी दिखाने में असमर्थ है तो क्या उसे वैक्सीन लगाया जाएगा ?

जवाब : फोटो आईडी पंजीकरण स्थल पर पंजीकरण और सत्यापन दोनों के लिए ज़रूरी है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इच्छित व्यक्ति को वैक्सीन लगाया गया है.

सवाल : पात्र लाभार्थी के पंजीकरण के लिए कौन से दस्तावेज आवश्यक हैं ?

जवाब : पंजीकरण के समय फोटो के साथ नीचे उल्लेखित पहचान पत्र में से कुछ भी दिखाया जा सकता है-

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आधार/ड्राइविंग लाइसेंस/वोटर आईडी/पैन कार्ड/पासपोर्ट/जॉब कार्ड/पेंशन दस्तावेज
स्वास्थ्य मंत्रालय की योजना के तहत ज़ारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी कार्ड( मनरेगा)
सांसदो/विधायकों/एमएलसी को ज़ारी किए गए आधिकारिक प्रमाण पत्र
बैंक/पोस्ट ऑफिस द्वारा ज़ारी पास बुक
केंद्र/राज्य सरकार/पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा ज़ारी सेवा आईडी कार्ड
सवाल : क्या यह वैक्सीन सुरक्षित होगी, क्योंकि इसे बहुत कम समय में बनाया गया है ?

जवाब : सुरक्षा और प्रभाव के data की जांच के आधार पर ही नियामक निकायों द्वारा vaccine को मंज़ूरी दी गई है.

सवाल : क्या वैक्सीन लेना अनिवार्य है.

जवाब : कोरोना के लिए वैक्सीनेशन स्वैच्छिक है. हालांकि स्वयं की सुरक्षा और बीमारी के प्रसार को सीमित करने के लिए कोरोना

वैक्सीन की पूरी ख़ुराक आवश्यक है.

सवाल : यदि कोई कैंसर, मधुमेह, उच्च रक्तचाप आदि जैसी बीमारियों की दवा ले रहा है, तो क्या वह कोरोना वैक्सीन ले सकता है?

जवाब : हां, इनमें से एक या एक से अधिक स्वास्थ्य परिस्थितियों वाले व्यक्तियों को एक उच्च जोख़िम वाली श्रेणी माना जाता है, उन्हें कोरोना की वैक्सीन लेने की आवश्यकता है.

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सवाल : क्या Healthcare Providers और Frontline Workers के परिवार को भी वैक्सीन दिया जाएगा ?

जवाब : प्रारंभिक चरण में सीमित वैक्सीन की आपूर्ति के कारण, इसे पहले प्राथमिकता वाले समूहों में लोगों को प्रदान किया जाएगा. बाद के चरणों में, वैक्सीन सभी को उपलब्ध कराया जाएगा.

सवाल : वैक्सीन की कितनी खुराक़ किस अंतराल पर लेनी होगी ?

जवाब : वैक्सीनेशन पूरा करने के लिए 28 दिन के अंदर एक व्यक्ति द्वारा वैक्सीन की दो खुराक़ ली जानी चाहिए

सवाल : खुराक़ लेने के बाद बाद एंटीबॉडी कब विकसित होगी ?

जवाब : कोरोना वैक्सीन की दूसरी खुराक़ प्राप्त करने के दो सप्ताह बादआमतौर पर एंटीबॉडी का सुरक्षात्मक स्तर विकसित होता है

सवाल : क्या कोरोना से ठीक हुए व्यक्ति को भी वैक्सीन लेना आवश्यक है ?

जवाब : हां। वैक्सीन की पूरी खुराक़ लेना आवश्यक है क्योंकि यह एक मज़बूत प्रतिक्रिया तंत्र विकसित करने में मदद करेगा।

सवाल : क्या कोरोना ( पुष्ट/संदिग्ध) संक्रमित व्यक्ति को भी वैक्सीन लगाया जा सकता है?

जवाब : संक्रमित व्यक्तियों को लक्षण खत्म होने के 14 दिन बाद तक वैक्सीनेशन स्थगित करना चाहिए क्योंकि वे वैक्सीनेशन स्थल पर दूसरों में वायरस फ़ैलाने का जोख़िम बढ़ा सकते हैं

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Post DateRecruitment BoardPost NameQualificationAdvt NoLast DateMore Information
26/12/2020CIMFRProject Assistant, Project Associate -I – 76 PostsB.E/ B.Tech (CS Engg), Degree, PG (Relevant Discipline)15-01-2021Get Details..
23/12/2020NHM, BokaroStaff Nurse, Counselor, Rehabilitation Worker, Lab Technician – 28 Posts10+2, DMLT, GNM, Diploma/ Degree (Relevant Disciplines)12/202011-01-2021Get Details..

झारखंड में भी मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा की तारीख घोषित, करीब दोगुने होंगे परीक्षा केंद्र

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झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) ने मैट्रिक और इंटरमीडिएट की परीक्षा तिथि जारी कर दी है। 9 मार्च से मैट्रिक और इंटरमीडिएट की परीक्षा शुरू होगी। दोनों परीक्षाएं 26 मार्च तक चलेंगी। परीक्षा की विस्तृत…

झारखंड में पुलिसकर्मियों को न्यू ईयर गिफ्ट, एक जनवरी से मिलेगा साप्ताहिक अवकाश

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नए साल से राज्यभर के थानों में तैनात थानेदार से सिपाही स्तर के पुलिसकर्मियों को एक दिन का साप्ताहिक अवकाश मिलेगा। यह सुविधा एक जनवरी से शुरू हो जाएगी। डीजीपी एमवी राव ने बुधवार को पुलिस मुख्यालय में…

अखाड़ा परिषद चाहता है हरिद्वार कुंभ मेले का भव्य आयोजन

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प्रयागराज: अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (एबीएपी) चाहता है कि हरिद्वार में होने वाला कुंभ मेला भव्य पैमाने पर आयोजित किया जाए, क्योंकि महामारी अब कमजोर पड़ रही है। एबीएपी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को नए साल में प्रयागराज की यात्रा करने और वार्षिक माघ मेले के लिए किए गए प्रबंधों को देखने के लिए निमंत्रण भेजा है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री कोविड से संक्रमित हैं और फिलहाल अस्पताल में हैं।

एबीएपी प्रमुख महंत नरेंद्र गिरि ने कहा, हम चाहते हैं कि वह देखें कि माघ मेले का आयोजन महामारी के बावजूद कैसे किया जा रहा है। एबीएपी हरिद्वार कुंभ मेले को छोटे पैमाने पर आयोजित करने पर विचार कर रहा था, लेकिन अब कोरोना के मामले लगातार कम होते जा रहे हैं। एबीएपी ने फैसला किया है कि सभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए मेले को पूरी भव्यता के साथ आयोजित किया जाना चाहिए।

एबीएपी के महासचिव और जूना अखाड़े के मुख्य संरक्षक महंत हरि गिरि ने कहा कि देश भर में कोरोना मामलों की घटती संख्या के संदर्भ में वर्तमान स्थिति को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

उन्होंने कहा, अगर, दुर्भाग्य से, फरवरी के मध्य के बाद देश में कोरोना के मामले बढ़ जाते हैं, तो उत्तराखंड प्रशासन द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार काम किया जाएगा। फिलहाल हम अपने धार्मिक कार्यक्रम पर कोई समझौता नहीं करेंगे।

एबीएपी के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने आगे कहा कि ऐसा कोई भ्रम नहीं होना चाहिए कि एबीएपी ने कभी कहा था कि हरिद्वार कुंभ आयोजित नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रयागराज की तरह, हरिद्वार में गंगा नदी का तट विशाल है और संत नदी के दूसरे तट पर जाने के लिए तैयार हैं, जहां कुंभ में आने वाले संतों को समायोजित करने के लिए पर्याप्त जगह है।

उन्होंने कहा कि संतों ने हमेशा माना है कि कोरोनोवायरस के संबंध में मौजूदा स्थिति के अनुसार कुंभ आयोजित किया जाना चाहिए, और इसलिए, इस कार्यक्रम को बड़े पैमाने पर आयोजित किया जाना चाहिए।

हरिद्वार में कुंभ मेला 11 मार्च से शुरू होने वाला है और 27 अप्रैल को संपन्न होगा।

दिलीप घोष

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कोलकाता, विश्वभारती विश्वविद्यालय के साथ टकराव के मसले पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व सांसद दिलीप घोष ने ममता सरकार को घेरते हुए उन पर करारा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी बंगाल को अपनी संपत्ति समझती हैं। यही कारण है कि वो अपनी मर्जी के अनुसार ज़मीन बांट रही हैं। विश्वाभारती विश्वविद्यालय में भी वो माफिया राज नहीं रोक पा रही हैं। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों को राजनीति से अलग होकर देखना चाहिए। इसके साथ ही भाजपा नेता ने विश्वभारती विश्वविद्यालय की जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर विवादों में घिरे नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन को भी निशाने पर लिया। 

अमर्त्य सेन द्वारा लव जिहाद कानून पर की गई टिप्पणी को लेकर घोष ने पलटवार किया। घोष ने कहा कि मैं उनकी निजी जिंदगी पर कमेंट नहीं करना चाहता, उन्होंने तीन शादी की और अलग-अलग धर्मों में की। ऐसे में वो इसपर टिप्पणी ना करें। भाजपा नेता ने कहा कि जब बंगाल में कई संकट आए, तो वो देश छोड़कर भाग गए थे। अमर्त्य सेन से जुड़े जमीन विवाद पर भी घोष ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष एक दूसरे की मदद करने में जुटे हैं।  

उत्तर प्रदेश में वाहनों पर अब नहीं लगाए जाएंगे जाति

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लखनऊ । उत्तर प्रदेश में अब दोपहिया और चौपहिया वाहनों की नंबर प्लेट और विंड स्क्रीन पर अपनी जाति की पहचान के तौर पर कोई स्टीकर नहीं लगाया जा सकेगा और अगर कोई ऐसा करते पाया गया, तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। पिछले कुछ सालों में यहां अपने वाहनों के विंड स्क्रीन और नंबर प्लेट पर यादव, जाट, गुर्जर, ब्राह्मण, पंडित, क्षत्रिय, लोधी और मौर्या जैसे जातिगत नामों को लिखने के फैशन का बोलबाला देखने को मिला है। ऐसा अकसर लोग किसी पार्टी के पक्ष में या उसके आधार पर करते हैं।

अतिरिक्त परिवहन आयुक्त मुकेश चंद्र द्वारा सभी क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (आरटीओ) को भेजे गए एक आदेश में ऐसे स्टीकर लगे वाहनों को जब्त किए जाने की बात कही गई है।

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के निर्देश के बाद परिवहन विभाग द्वारा ऐसे वाहनों की पहचान किए जाने का काम शुरू हो चुका है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र के एक शिक्षक के तौर पर कार्यरत हर्षल प्रभु के लिखे एक पत्र के बाद पीएमओ ने इस मामले को संज्ञान में लिया है।

उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि किसी समाज के निर्माण में इस तरह के स्टीकर से खतरा पैदा होने की संभावना रहती है।

किसानों को सम्मान निधि की राशि तत्काल जारी करें : जितिन

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नई दिल्ली। कांग्रेस ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के 70 लाख किसानों को ‘किसान सम्मान निधि’ योजना में शामिल न किए जाने पर केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस ने किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए उन्हें तत्काल धन जारी किए जाने की मांग भी की।

कांग्रेस नेता जितिन प्रसाद ने कहा, “यह जानकर दुख होता है कि केंद्र और राज्य सरकारों के अहंकारी रवैये के कारण पश्चिम बंगाल के 70 लाख किसान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के किसान सम्मान कार्यक्रम से बाहर हैं।”

उनकी टिप्पणी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नौ करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में 18,000 करोड़ रुपये स्थानांतरित करने के एक दिन बाद सामने आई है।

प्रसाद कांग्रेस के पश्चिम बंगाल प्रभारी भी हैं। उन्होंने कहा, “14,000 रुपये की राशि, जो किसानों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जानी थी, वह नहीं की गई है।”

प्रसाद ने कहा, “इसके लिए कौन जिम्मेदार है? मैं मांग करता हूं कि केंद्र और राज्य सरकार को किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखना चाहिए।”

कांग्रेस नेता ने मांग की कि पश्चिम बंगाल के किसानों को उनकी यह राशि हस्तांतरित की जानी चाहिए, जो उनका अधिकार है।

उन्होंने कोरोना महामारी के इस संकट के समय में किसानों को राशि दिए जाने की वकालत की।

सीएम योगी ने की घोषणा

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लखनऊ ,सिख समाज को भक्ति, शक्ति, पुरुषार्थ और परिश्रम में अग्रणी बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री आवास पर साहिबजादा दिवस मनाने की पहल की है। गुरु गोबिंद सिंह जी के चार साहिबजादों और माता गुजरी जी को नमन करते हुए सीएम योगी ने घोषणा की है कि अब प्रदेश के हर स्कूल में प्रतिवर्ष साहिबजादा दिवस मनाया जाएगा। साथ ही, सिख गुरुओं का इतिहास पाठ्यक्रम में भी शामिल किया जाएगा।

मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर रविवार को साहिबजादा दिवस पर आयोजित गुरुबाणी कीर्तन में सीएम योगी आदित्यनाथ समेत सरकार के अन्य मंत्री शामिल हुए। सीएम योगी ने कहा कि साहिबजादा दिवस सिख समाज और प्रदेशवासियों के लिए गौरव का दिन है। आज एक नया इतिहास बन रहा है। गुरु गोबिंद सिंह जी के चारों सुपुत्रों- साहिबजादा अजीत सिंह, जुझार सिंह, जोरावर सिंह और फतेह सिंह को सामूहिक रूप से साहिबजादा के तौर पर संबोधित किया जाता है।