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मेडिकल कॉलेजों के छात्रों के लिए रघुवर दास ने की केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री से बात

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मेडिकल में नामांकन के लिए छूट देने का आग्रह किया

रांची. पूर्व मुख्यमंत्री सह भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन से फोन पर बात कर झारखंड में मेडिकल कॉलेज में नामांकन के लिए छूट देने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि राज्य में तीन मेडिकल कॉलेज बनकर तैयार है, लेकिन पिछले एक साल में राज्य सरकार ने कुछ शर्तों को पूरा नहीं किया है, जिसके कारण नेशनल मेडिकल कमीशन ने नामांकन की अनुमति नहीं दी है। इससे झारखंड के छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। उन्हें कहा कि विशेष परिस्थिति में झारखंड के छात्रों के लिए यह छूट दी जाए। तीनों मेडिकल कॉलेज में 100-100 सीटों के लिए नामांकन हो सकेगा।

इससे पहले आज उनसे राज्य के मेडिकल के छात्रों का प्रतिनिधिमंडल मिलने आया। इसमें उन्होंने श्री दास से सहयोग करने का आग्रह किया। छात्रों ने बताया कि पहले भी शर्ते पूरी नहीं करने के कारण एमसीआइ ने राज्य के नवनिर्मित मेडिकल कॉलेज में नामांकन पर रोक लगायी थी, लेकिन तब 2019 में तत्कालीन सरकार इस मामले में सुप्रीम कोर्ट गयी और तीन माह में शर्तों के पूरी करने के आलोक में नामांकन की अनुमति दी। इसके बाद राज्य में सरकार बदल गयी। लेकिन वर्तमान सरकार ने उन शर्तों को पूरा करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। इससे इस वर्ष भी नामांकन पर रोक लग गयी।

श्री दास ने उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री अजीत कुमार से टेलीफोन पर बात कर मामले को फिर से उच्चतम न्यायालय में ले जाने को कहा। इस बार राज्य सरकार पार्टी नहीं बनती है, तो छात्रों की ओर से याचिका दायर की जायेगी।

प्रतिनिधिमंडल ने श्री दास के प्रयास के लिए उनको धन्यवाद दिया। इस दौरान रांची के सांसद संजय सेठ, छात्र विशाल कुवर, गौरव, प्रियांषु कुमारी, प्रेरणा, रानी समेत अन्य छात्र व उनके अभिभावक उपस्थित थे।

ओरमांझी दुष्कर्म कांड की सीबीआई जांच हो

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पूर्व मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने ओरमांझी में हुए जघन्य बलात्कार और हत्याकांड में राज्य सरकार व पुलिस तंत्र की विफलता को देखते हुए घटना की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि झारखंड में महिलाओं-बच्चियों के साथ हर दिन दरिंदगी हो रही है। राज्य की कानून-व्यवस्था ध्वस्त गई है और राज्य सरकार कान में तेल डाल कर सोई हुई है। घटना के सात दिन बाद अपराधियों की गिरफ्तारी तो दूर पीड़िता की पहचान करने में राज्य सरकार का पुलिस तंत्र पुरी तरह से फेल है। यही कारण है कि अपराधियों की पहचान के लिए सरकार हर दिन इनाम की राशि बढ़ा रही है।
राज्य सरकार की नाकामी को देखते हुए अपराधियों की गिरफ्तारी और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए उन्होंने सीबीआइ जांच की मांग की है।

झारखंड में सरकारी नौकरियों के लिए अब होगी संयुक्‍त परीक्षा, नई नियमावली के बारे में जानिए सब कुछ

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झारखंड कैबिनेट में बुधवार को दो महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। पहला, झारखंड ने केंद्र और आरबीआई के साथ बिजली खरीद में भुगतान सुरक्षा के लिए 2017 में हुए त्रिपक्षीय समझौते से बाहर निकलने का फैसला लिया। साथ ही पहली बार झारखंड कंबाइंड एग्जामिनेशन रूल्स 2021 को भी मंजूरी दी गई। अब इसके आधार पर जेपीएससी परीक्षाओं का कैलेंडर जारी करेगा और राज्य में नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होगी।

कैबिनेट की बैठक के बाद ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव अविनाश कुमार ने बताया कि ऊर्जा मंत्रालय, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया और राज्य सरकार के बीच केंद्रीय ऊर्जा उत्पादन कंपनियों का बकाया भुगतान के लिए पेमेंट सिक्योरिटी मैकेनिज्म के तहत किए गए त्रिपक्षीय समझौता से झारखंड ने बाहर निकलने का निर्णय लिया है। राज्य के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिलाओं और 15वें वित्त आयोग व संविधान के तहत मिलने वाली राशि से बिजली कंपनियों का बकाया चुकाने के लिए कटौती की गई। इससे राज्य और राज्य के लोगों को संविधान द्वारा प्रदत्त सुविधाए प्रभावित हुईं। सरकार ने इसे एकतरफा पाया। इसलिए इससे बाहर निकलने का निर्णय के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई।

झारखंड के आरबीआई खाते से काटे गए 1417 करोड़
त्रिपक्षीय समझौता 2016 में हुआ था। इसी समझौते के तहत केंद्र सरकार ने झारखंड सरकार को डीवीसी से खरीदी गई बिजली का 5608.32 करोड़ रुपये का बकाया 15 दिन में चुकाने के लिए 11 सितंबर 2020 को नोटिस दिया था। ऊर्जा मंत्रालय ने राज्य सरकार को कहा था कि यदि जेबीवीएनएल ने दिए गए समय में डीवीसी का बकाया भुगतान नहीं किया तो त्रिपक्षीय समझौते की शर्तों के तहत राज्य सरकार के आरबीआई खाते से यह बकाया 1417.50 करोड़ की चार किस्तों में वसूल लिया जाएगा। पहली किस्त अक्तूबर में काट ली गई। जनवरी में दूसरी, तीसरी अप्रैल में और चौथी जुलाई में वसूली जानी थी।

झारखंड कंबाइंड सिविल सर्विसेज एग्जामिनेशन रूल 2021 मंजूर
झारखंड सरकार ने बुधवार को झारखंड कंबाइंड सिविल सर्विसेज एक्जामिनेशन रूल 2021 को भी मंजूरी दी। अब जेपीएससी इसी नियमावली के तहत आगे की परीक्षाएं आयोजित करेगी। इसी आधार पर कैलेंडर जारी कर परीक्षाएं ली जाएंगी और नियुक्तियां हो सकेंगी। कैबिनेट सचिव सेक्रेटरी अजय कुमार ने बताया राज्य में अब तक 1951 की नियमावली से जेपीएससी की परीक्षाएं होती थीं। समय-समय पर संकल्प निकाल कर संशोधन किया जाता रहा, लेकिन विवाद होते रहे। इसे देखते हुए विकास आयुक्त, वित्त सचिव और कार्मिक सचिव की त्रिस्तरीय समिति ने सुझाव दिए। इसी आधार पर नई नियमावली बनी है।

नई नियमावली के तहत सभी 15 सेवाओं के लिए होने वाली परीक्षा की शैक्षणिक योग्यता और उम्र सीमा समान होगी। अब प्रीलीमिनरी परीक्षाओं में पद से 15 गुना उम्मीदवारों का चयन मुख्य परीक्षा के लिए होगा। अनारक्षित श्रेणी के कट ऑफ मार्क्स से आरक्षित श्रेणी एससी, एसटी, ओबीसी के उम्मीदवारों के लिए कट ऑफ मार्क्स अधिकतम आठ फीसदी ही कम किया जा सकेगा। सर्विस एलोकेशन के मामले अब भी न्यायालयों में हैं। सर्विस एलोकेशन के लिए फाइनल रिजल्ट के बाद अनारक्षित वर्ग के लिए मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी और इसीके आधार पर सेवा वितरण किया जाएगा। यदि इसमें मेरिट के आधार पर ओबीसी, एससी, एसटी के अभ्यर्थी क्वालिफाई कर जाएंगे तो उन्हें अनारक्षित कैटेगरी में रखा जाएगा। यदि अनारक्षित श्रेणी में कोई कैंडिटेड आता है, लेकिन उसे अपनी पसंद का सर्विस नहीं मिलता। यदि वह आरक्षित श्रेणी की सुविधा लेता है और तब उसे पसंद की सेवा मिलती है तो वह अनारक्षित से आरक्षित में माईग्रेट कर जाएगा ताकि उसे सर्विस च्वाइस मिल सके। इसमें अनारक्षित वर्ग के कटऑफ के बराबर या ऊपर अगर आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों का अंक होगा तो वे अनारक्षित श्रेणी में आ जायेंगे। पर उनको आरक्षित श्रेणी में वापस आने का विकल्प होगा। साक्षात्कार के लिए कुल सीटों के ढाई गुना उम्मीदवारों को बुलाया जायेगा। अंग्रेजी या हिंदी आदि भाषा वाले विषय का अंक केवल क्वालिफाइंग होगा, इसे फाइनल में नहीं जोड़ा जाएगा।

युवाओं से न्याय के लिए नई नियमावली : सीएम
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कैबिनेट की बैठक के बाद कहा कि जेपीएससी की नई नियमावली राज्य के युवाओं के साथ न्याय के लिए बनाई गई है। 1951 के बाद नियमावली में बदलाव किया गया है। युवाओं को इससे लाभ मिलेगा। पूर्व की सरकार में कुछ ऐसे निर्णय हुए हैं जिसका खामियाजा राज्य और जनता को भुगतना पड़ रहा है। लिहाजा सरकार ने पूर्व के दस्तावेज को निरस्त करने का निर्णय लिया है।

पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में पूर्व सैनिक गिरफ्तार

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लखनऊ । उत्तर प्रदेश में शुक्रवार को एक रिटायर्ड सैनिक को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि सेवानिवृत्त सिग्नलमैन सौरभ शर्मा को उत्तर प्रदेश के आतंकवाद-रोधी दस्ते (एटीएस) ने लखनऊ में सैन्य खुफिया (एमआई) यूनिट से मिले इनपुट के बाद गिरफ्तार किया।

पूर्व सैनिक कथित तौर पर कराची में स्थित पाकिस्तानी खुफिया संचालकों के लिए काम कर रहा था।

सूत्रों ने कहा कि पिछले नवंबर में, लखनऊ एमआई के अधिकारियों को जासूसी गतिविधियों में शर्मा की ‘भागीदारी’ के बारे में इनपुट मिले थे।

हापुड़ जिले के बिहुनी गांव में अपने पैतृक घर से गिरफ्तारी के बाद, शर्मा ने पूछताछकर्ताओं को बताया कि वह 2014 में फेसबुक पर एक पाकिस्तानी खुफिया ऑपरेटर के संपर्क में था।

सूत्रों के अनुसार, शुरुआत में पाकिस्तानी ऑपरेटिव ने खुद को एक रक्षा पत्रकार के रूप में पेश किया। इसके बाद, 2016 से, उसने पैसे के बदले में संवेदनशील सैन्य जानकारी साझा करना शुरू कर दिया।

पूर्व सैनिक को जून 2020 में चिकित्सा आधार पर सेना से डिस्चार्ज कर दिया गया था। सूत्रों ने कहा कि उसकी गतिविधियों का प्रमाण उसके मोबाइल फोन पर भी मिला है।

शर्मा के खिलाफ लखनऊ में गोमती नगर पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धारा 120-बी और 123, आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम की धारा 3, 4, 5 और 9 और गैरकानूनी गतिविधियों (रोकथाम) अधिनियम की धारा 13 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

मकर संक्रांति पर गंगासागर में पुण्य स्नान कर पायेंगे या नहीं, फैसला 13 को

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कोलकाता : कोरोना संक्रमण के इस दौर में गंगा सागर मेला के दौरान सागर में डुबकी लगाने पर भी संकट मंडराने लगा है. इस वर्ष आप सागर में पुण्य स्नान कर पायेंगे या नहीं, इस पर अब तक फैसला नहीं हो पाया है. हाइकोर्ट बुधवार को इस मामले में अपना फैसला सुनायेगा।

नए साल में ज्‍यादा महंगी नहीं होगी बीयर और शराब, सरकार ने नई आबकारी नीति में किया ये प्रावधान

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उत्‍तर प्रदेश सरकार ने अगले वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए आबकारी नीति शुक्रवार को मंजूर कर दी। शुक्रवार को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के जरिये इस नयी आबकारी नीति को मंजूरी दी गई। पिछले वर्षों की ही तरह अगले वित्तीय वर्ष में लिए भी शराब व बीयर की दुकानों के लाइसेंस का नवीनीकरण किया जाएगा। नवीनीकरण की प्रक्रिया में भी कोरोना की वजह से आई दिक्कतों को देखते हुए मौजूदा लाइसेंसी विक्रेताओं के लिए पूर्व में तय मानक भी शिथिल किये गये हैं। नवीनीकरण के बाद जो दुकानें बच जाएंगी उनके लिए लाटरी ड्रा करवाया जाएगा।

पीने के शौकीन लोगों को बगैर मिलावट वाली गुणवत्तापरक और सही दाम पर शराब व बीयर उपलब्ध हो सके इसके लिए अगले वित्तीय वर्ष से दुकानों पर पीओएस मशीनें लगाई जाएंगी। इन मशीनों से शराब व बीयर की बोतलों व केन आदि पर अंकित बार कोड को स्कैन कर यह पता लगाया जा सकेगा कि उक्त शराब व बीयर किस फैक्ट्री की बनी है, बोतल में कब भरी गई और इसका एमआरपी क्या है।

कोरोना संकट की वजह से उपजी वित्तीय विषमताओं को देखते हुए शराब व बीयर के लाइसेंसी विक्रेताओं और पीने के शौकीनों पर ज्यादा वित्तीय बोझ न पड़े इसके लिए लाइसेंस शुल्क व आबकारी शुल्क में बहुत ज्यादा बढ़ोत्तरी नहीं की गई है। चालू वित्तीय वर्ष में आबकारी मद से 37,500 करोड़ रुपये की राजस्व वसूली का लक्ष्य तय किया गया था। मगर कोरोना की वजह से इस वित्तीय वर्ष में लगभग 30 हजार करोड़ रुपये का राजस्व बमुश्किल मिलने का आंकलन किया गया है।

प्रयास इस बात के भी किए जाएंगे कि दुकानों पर इन पीओएस मशीनों के साथ प्रिंटर भी उपलब्ध करवाए जाएं ताकि खरीदने वालों को उक्त सारा ब्यौरा मुद्रित पर्ची पर उपलब्ध करवाया जा सके। जहरीली व मिलावटी शराब बनाने व बेचने वालों के खिलाफ और सख्त कार्रवाई करने और धरपकड़ तेज करने के लिए विभाग की प्रवर्तन मशीनरी को और मजबूत बनाया जाएगा। हाल ही में कैबिनेट में लाये गये एक प्रस्ताव के जरिये बार लाइसेंस की नियमावली तय कर दी गई है। इस नियमावली के आने से मण्डलायुक्त की अध्यक्षता में गठित होने वाली बार कमेटी का वजूद खत्म कर दिया गया है और अब आबकारी आयुक्त को सीधे बार का लाइसेंस जारी करने का अधिकार मिल गया है। इस फैसले से प्रदेश में और ज्यादा बार खुलने का रास्ता साफ हो गया है।

मंत्रिमंडल विस्तार पर नीतीश का जवाब, मेरे कार्यकाल में ऐसा कभी नहीं हुआ

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि बिहार में उनके कार्यकाल में पहले ऐसा कभी नहीं हुआ है कि मंत्रिमंडल विस्तार में इतनी देर हुई हो। कहा कि हमेशा से हम शुरुआत में ही पूरे मंत्रिमंडल का विस्तार कर देते थे। मुख्यमंत्री शुक्रवार को मुख्य सचिवालय में समीक्षा बैठक करने के बाद पत्रकारों के सवाल का जवाब दे रहे थे। गुरुवार को उनके साथ भाजपा प्रभारी भूपेंद्र यादव, प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल और दोनों मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद व रेणु देवी की हुई मुलाकात में मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा हुई या नहीं, यह पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनलोगों ने मंत्रिमंडल विस्तार पर कोई बात नहीं की। बिल्कुल सहज और सामान्य बातें हुई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में हमलोगों द्वारा जो भी काम हो रहा है, उसी पर बातचीत हुई। साथ ही, जो हमलोगों का लक्ष्य है, उन्हीं सब बातों पर चर्चा हुई। मंत्रिमंडल विस्तार पर कोई बात नहीं हुई है। गुरुवार की मुलाकात में कोई राजनीतिक बात नहीं हुई है। जबतक उन लोगों की राय नहीं आ जाएगी, तबतक तो नहीं हो पाएगी। अभी तो कुल मिलाकर मंत्रिमंडल में 14 लोग हैं। भाजपा की इस संबंध में रिपोर्ट आ जाएगी, तो उसी आधार पर मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा। गौरतलब हो कि 16 नवंबर को मुख्यमंत्री समेत 15 मंत्रियों ने शपथ ली थी। तभी से मंत्रिमंडल विस्तार के कयास लगाये जा रहे हैं।

सुशील मोदी को बिहार लाना या नहीं लाना, भाजपा के हाथ में
बिहार में फिर सरकार में सुशील कुमार मोदी को शामिल किए जाने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोगों का लंबे दिनों का संबंध है। काफी दिनों से हमलोग साथ काम कर रहे हैं। पर, उन्हें बिहार लाना या नहीं लाना, यह तो भाजपा के हाथ में है। उन्हें बिहार लाया जा रहा है, इसकी कोई जानकारी मुझे नहीं है।

CM के काफिले पर हमले के बाद गुस्‍से में पुलिस, ‘हाथ

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झारखंड के मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन के काफिले पर हमले के बाद झारखंड पुलिस का गुस्‍सा सातवें आसमान पर है। रोज कोई न कोई अधिकारी अपने इस गुस्‍से का इजहार करता नज़र आ रहा है। दो दिन पहले डीजीपी एमवी राव ने चेतावनी देते हुए कहा था कि यदि दोबारा किसी ने इस तरह की जुर्रत की तो मौके पर हाथ-पैर तोड़ देंगे। अब एक दारोगा फोन पर हमले के मुख्‍य आरोपी के भाई को लाश गिराने की खुल्‍लमखुल्‍ला धमकी देते मिले हैं। सोशल मीडिया में दारोगा का कथित ऑडियो खूब वायरल हो रहा है जिसमें वह अब तक 50 लोगों को मार चुकने का दावा कर रहे हैं। साथ ही धमकी दे रहे हैं कि 51 वां नंबर भैरव सिंह का होगा। भैरव सिंह सीएम के काफिले पर हमले का मुख्‍य आरोप है जबकि शक्ति सिंह उसका भाई है। ‘हिन्‍दुस्‍तान’ इस ऑडियो के सही होने की पुष्टि नहीं करता है।

ऑडियो में कथित तौर पर रांची के सुखदेव नगर थाने के इंचार्ज सुनील तिवारी और शक्ति सिंह के बीच बातचीत हुई है। इसका ब्‍यौरा इस प्रकार है

एसओ- पूरा जश्न मना रहे हैं न, मनाइये फिर दोबारा मौका नहीं मिलेगा।

शक्ति सिंह- आपको लग रहा है सर हम जश्न मना रहे हैं…आप तो मेरे दिल का टुकड़ा हैं।
एसओ- भैरव सिंह को बोल देना सारी हिन्दुगिरी हम भुलवा देंगे। हमको नहीं जानता है वह। 50 आदमी को मार चुके हैं। लाश गिरा देंगे भैरव सिंह का भी।
शक्ति सिंह- लंदफंद मत बोलिए। आपको बड़ा भाई मानते हैं। इसलिए बड़ा भाई जैसा बात कर रहे हैं।
एसओ-जो होना था हो गया, लेकिन भैरव सिंह को संवाद दे दीजिएगा किसी दिन लाश पक्का कर देंगे उसका। इतना दादागीरी किसी का थोड़े बर्दाश्त करेंगे।
शक्ति सिंह- आप क्या कह रहे हैं आपको पता है। ऐसा तो है नहीं कि वहां सिर्फ भैरव सिंह ने ही मारधाड़ किया था।
दारोगा- भैरव सिंह मर्द बन गया है। इतना मर्द बन गया है…

कोर्ट में आत्‍मसमर्पण कर चुका है मुख्‍य आरोपी
मुख्‍यमंत्री के काफिले पर हमले के मुख्‍य आरोपी भैरव सिंह ने गुरुवार को कोर्ट में आत्‍मसमर्पण कर दिया था। वह घटना के बाद से ही फरार था। पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापामारी कर रही थी। सीएम के काफिले पर हमले के सिलसिले में पुलिस अब तक 34 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें से सात नाबालिग हैं। उन्‍हें बाल सुधार गृह भेज दिया गया है। अन्‍य 26 आरोपियों को जेल भेजा गया है। एक आरोपी कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। उसे आइसोलेशन में रखा गया है। पुलिस ने इस मामले में 76 लोगों के खिलाफ नामजद और 50 के खिलाफ अज्ञात में मुकदमा दर्ज किया है।

चार जुलाई को हुआ था हमला
सीएम के काफिले पर हमला चार जुलाई को हुआ था। यह हमला उस वक्‍त हुआ जब ओरमांझी में एक युवती की नृशंस हत्या को लेकर लोग रांची के किशोरगंज चौक पर प्रदर्शन कर रहे थे। हमले में कई पुलिसवालों को चोटें आई थीं। सीएम हेमंत सोरेन को रूट बदलकर सीएम आवास पहुंचाना पड़ा था।

सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाली बेटियों का जन्मदिवस मनाए जाने का फैसला

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लखनऊ । उत्तर प्रदेश में 22 जनवरी को सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाली बेटियों का जन्मदिवस मनाए जाने का फैसला लिया गया है। जिसके तहत योगी सरकार की ओर से मां व बेटी को उपहार भी दिए जाएंगे। मिशन शक्ति के तहत ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ मुहिम को बढ़ावा देते हुए यूपी के जनपदों में एक जनवरी से 20 जनवरी तक जन्म लेने वाली बेटियों की संख्या के बराबर वृक्षारोपण का कार्य भी किया जाएगा।

सरकार की ओर से मिली जानकारी के अनुसार वृक्षों के संरक्षण का दायित्व पुरूषों को सौंपा जाएगा। बालिकाओं के निम्न लिंगानुपात वाले ब्लॉकों की सभी ग्राम सभाओं से डिजिटल एनालॉग गुड्डा-गुड्डी बोर्ड की शुरूआत की जाएगी। इसका क्रियान्वन करते हुए समस्त ग्राम पंचायतों में छह माह के अंदर ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ के साथ-साथ ग्राम पंचायत विकास योजनाओं में भी इसे शामिल किया जाएगा।

राज्य में बेटियों के मनोबल को बढ़ाने के लिए अभियान के जरिए पाठशला कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। जिसके तहत उन बालिकाओं और महिलाओं की काउंसलिंग की जाएगी जो विभिन्न प्रशासनिक सेवाओं जैसे पुलिस, फौज, एयरफोर्स समेत मेडिकल, इंजीनियरिंग व उद्योग जगत में आगे बढ़ने का सपना देख रही हैं।

पीएम मोदी से मिले योगी

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नई दिल्ली । राजधानी दिल्ली के दौरे पर पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच इस दौरान वर्ष 2021 की शुभकामनाओं का आदान-प्रदान होने के साथ राज्य के सियासी हालात और विकास की परियोजनाओं को लेकर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने देश के सबसे बड़े सूबे के विकास के लिए केंद्र से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। इससे पूर्व बुधवार को योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और गृह मंत्री अमित शाह से भेंट की थी। उत्तर प्रदेश में मकर संक्रांति से कोरोना वैक्सीनेशन शुरू होने वाला है, जिसकी तैयारियां चल रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वैक्सीनेशन को लेकर राज्य सरकार की ओर से किए गए इंतजामों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आश्वस्त किया। उन्होंने बताया कि जिस तरह से केंद्र सरकार के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश सरकार ने बेहतर तरीके से सबसे बड़े सूबे में कोरोना प्रबंधन किया, उसी तरह से सही तरीके से टीकाकरण अभियान भी चलाया जाएगा।

सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में कई हाईवे परियोजनाओं के निर्माण से लेकर वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की प्रगति की भी जानकारी दी।

सौरव गांगुली को अस्पताल से मिली छुट्टी

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कोलकाता। बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली गुरुवार सुबह कोलकाता के वुडलैंड्स अस्पताल से छूट गए हैं। अस्पताल से बाहर आने के बाद उन्होंने कहा है ‘मैं बिल्कुल ठीक हूं।’ गांगुली को बीते शनिवार दो जनवरी को मामूली दिल का दौरा पड़ा था। इसके बाद उन्हें वुडलैंड्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां उनकी एंजियोप्लास्टी की गई थी।

गांगुली ने अस्पताल से बाहर आने के बाद कहा, “मैं ईलाज के लिए अस्पताल के डॉक्टरों का शुक्रिया अदा करता हूं। मैं बिल्कुल ठीक हूं। उम्मीद है कि मैं जल्दी उड़ान भर सकूंगा।”

उन्होंने अपने बचपन के दोस्त जॉयदीप का भी इस मुश्किल समय में साथ खड़े रहने के लिए शुक्रिया अदा किया।

गांगुली ने इंस्टाग्राम पर लिखा, “तुमने बीते पांच दिनों में जो मेरे लिए किया है वो मैं कभी नहीं भूलूंगा.. मैं तुम्हें 40 साल से जानता हूं और अब यह परिवार से ज्यादा हो गया है।

पूर्व भारतीय कप्तान की देखरेख के लिए अस्पताल ने नौ सदस्यीय टीम का गठन किया था।

अस्पताल ने गुरुवार सुबह बुलेटिन में बताया, “ईलाज करने वाले डॉक्टर उनके स्वास्थ पर निगरानी रख रहे हैं और समय-समय पर घर पर भी उन्हें उपयुक्त ईलाज मुहैया कराएंगे।”

राष्ट्रपति से बंगाल के राज्यपाल को हटाने की मांग की

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कोलकाता । ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने बुधवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखकर राज्य के राज्यपाल जगदीप धनखड़ को तत्काल हटाने की मांग की। राज्य सरकार और धनखड़ के बीच कानून-व्यवस्था, बंगाल में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की भूमिकाओं से लेकर प्रशासनिक कामकाज को लेकर वाद-विवाद रहा है।

पत्र में, राज्य के सत्तारूढ़ गठबंधन ने राज्यपाल कार्यालय के शपथ के गंभीर उल्लंघन का आरोप लगाया। तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने राष्ट्रपति को इस मामले पर एक ज्ञापन भेजा।

रॉय ने कहा, “हमने एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें कहा गया है कि राज्यपाल संविधान के संरक्षण, सुरक्षा और बचाव में विफल रहे हैं और बार-बार सुप्रीम कोर्ट द्वारा घोषित कानून का उल्लंघन किया गया है।”

रॉय के अलावा, तृणमूल के लोकसभा सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय, कल्याण बनर्जी, काकोली घोष दस्तीदार और राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन ज्ञापन के अन्य हस्ताक्षरकर्ता हैं, जिन्होंने धनखड़ को कार्यालय से हटाने की मांग की है।

अडाणी किसानों से अनाज नहीं खरीदते, कंपनी का ठेका खेती में जाने का भी कोई इरादा नहीं

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नये कृषि कानूनों को लेकर किसान संगठनों के जारी विरोध के बीच अडाणी समूह की कंपनी अडाणी एग्री लाजिस्टिक्स ने स्पष्ट किया है कि कंपनी न तो किसानों से सीधे अनाज खरीदती है, न ही कंपनी ठेका (कांट्रेक्ट) खेती का काम करती है और न ही भविष्य में कंपनी का ऐसा करने का इरादा है। कंपनी ने एक बयान में विभिन्न मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुये कहा कि वह किसानों से कोई अनाज नहीं खरीदती बल्कि वह अनाज के भंडारण की सेवायें देती है। उसने अनाज भंडारण के लिये जो गोदाम (साइलो) बनाए हैं, वह परियोजना उसने 2005 में भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) की निविदा के तहत प्रतिस्पर्धी बोली लगाकर हासिल की थी।

वर्ष 2005 में केन्द्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की सरकार सत्ता में थी। कृषि कानूनों के विरोध के बीच इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं कि नये कृषि कानून उद्योगपतियों के फायदे के लिये लाए गए हैं। कहा जा रहा है कि इन उद्योगपतियों को पहले से ही जानकारी थी कि सरकार कृषि कानून लाने वाली है इसलिए उन्होंने कृषि क्षेत्र में कारोबार शुरू कर दिया।

कंपनी कोई ठेका खेती का काम नहीं करती

इस संबंध में पूछे गये सवालों के जवाब में अडाणी एग्री लॉजिस्टिक्स के उपाध्यक्ष पुनीत मेंहदीरत्ता ने कहा, ”कंपनी कोई ठेका खेती का काम नहीं करती है और न ही भविष्य में कंपनी का ऐसा कोई इरादा है। यह भी गलत आरोप लगाया जा रहा है कि कंपनी ठेका खेती के लिए पंजाब और हरियाणा में जमीन का अधिग्रहण कर रही है। उन्होंने यह भी कहा, ”अदाणी एग्री लॉजिस्टिक्स मात्र अनाज के भंडारण एवं परिवहन का काम करती है, किसानों से सीधे अनाज खरीदने का काम नहीं करती है। भारत में कम से कम एक दर्जन ऐसी कंपनियाँ हैं जो अनाज के भंडारण या परिवहन का काम करती हैं। अदाणी एग्री लॉजिस्टिक्स उन एक दर्जन कंपनियों में से एक है।

यह भी पढ़ें: पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती चाहते हैं 69% लोग: सर्वे

मेंहदीरत्ता ने कहा, ”हमारा काम सिर्फ आधुनिक और विश्वस्तरीय भंडारण एवं परिवहन संबंधी ढांचागत सुविधाएं तैयार करना और उसे चलाना है। इस काम के लिए हमें तयशुदा शुल्क के रूप में राशि मिलती है। और उस राशि को प्रतिस्पर्धी निविदा के तहत तय किया जाता है। उल्लेखनीय है कि कंपनी के पंजाब के मोगा में स्थित कृषि गोदाम के बाहर हाल में किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया है।

गोदामों और अन्य ढांचागत सुविधा के बारे में मेंहदीरत्ता ने कहा, ”कंपनी कृषि बुनियादी यादी ढांचा क्षेत्र में पिछले कई साल से काम कर रही है। अदाणी एग्री लॉजिस्टिक्स देश की पहली एकीकृत भंडारण और परिवहन परियोजना है। इसके लिए निविदा की प्रक्रिया सरकार ने 2005 में पूरी की थी। इसके तहत कंपनी ने विभिन्न राज्यों में सात जगहों पर अनाज भंडारण के लिये गोदाम और रेलवे तक अनाज पहुंचाने के लिये जरूरी ढांचागत सुविधा (रेलवे साइडिंग्स) तैयार की है। उन्होंने कहा कि देश के विकास के लिये अच्छी बुनियादी सुविधाओं की जरूरत है और अडाणी एग्री लाजिस्टिक्स खाद्यान्न भंडारण सुविधाओं का निर्माण पिछले 15 साल से कर रही है और आगे भी करती रहेगी।

युजवेन्द्र चहल का बड़ा खुलासा, इस गेंदबाज के वीडियो देखकर सीखी लेग स्पिन

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भारतीय क्रिकेट टीम इन दिनों ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर है। जहां टीम इंडिया इस समय ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी में टेस्ट मैच खेल रही है। वहीं भारत के स्पिन गेंदबाज युजवेन्द्र चहल शेन वार्न की वीडियो देखकर अपनी गेंदबाजी में सुधार करने का प्रयास कर रहे हैं। चहल वनडे और टी20 सीरीज के दौरान टीम का हिस्सा थे लेकिन टेस्ट मैच में उन्हें मौका नहीं मिला।

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युजवेन्द्र चहल ने फ्रंटरो से एक्सक्लूसिव क्लास में बातचीत के दौरान बताया, ‘मैंने शेन वार्न सर के वीडियो देखना शुरू किया तब मुझे पता चला कि लेग स्पिन आखिर है क्या। वह मेरे आदर्श हैं और मैं उनके जैसा ही गेंदबाजी करना चाहता हूं।’ चहल ने कहा, ‘उनका नाम हर एक अखबार में छाया रहता था। मुझे काफी पसंद था जिस तरह वह बल्लेबाजों को अपनी जाल में फंसाते थे। एक क्लास में उन्होंने बताया था कि गेंद पर पकड़ कैसे बनाते हैं फिर मैं उनके सभी वीडियो देखा।’

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समाचार एजेंसी एएनाई को चहल ने बताया, ‘मैंने न्यूजीलैंड दौरे पर जिस तरह से माॅर्टिन गपटिल को आउट किया वह मेरी ड्रीम गेंद थी। फिर मुझे अहसास हुआ कि लेग स्पिन करके बल्लेबाज को फंसाया जा सकता है। बल्लेबाज को लेग स्पिन खेलने में दिक्कत होती है।’

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चहल अभी कुछ दिन पहले ही शादी के बंधन में बंधे थे। शादी से जुड़ी ढेर सारी तस्वीरें उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। युजवेन्द्र चहल भारतीय टेस्ट टीम में जगह बनाने के लिए काफी मेहनत कर रहे हैं। वह सीमित ओवरों के क्रिकेट में भारतीय गेंदबाजी की एक अहम कड़ी हैं।

कास्टिंग डायरेक्टर के बुरे बर्ताव पर नोरा फतेही ने बांध लिया था बोरिया बिस्तर, जानें

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नोरा फतेही ने बॉलीवुड में नाम कमाने के लिए कनाडा से भारत तक का सफर तय किया था, लेकिन अपने शुरुआती दिनों में एक कास्टिंग डायरेक्टर के बुरे बर्ताव के चलते वह ‘घर वापसी’ की तैयारी में थीं। नोरा फतेही ने करीना कपूर के साथ चैट शो What Women Want में बताया कि कास्टिंग डायरेक्टर उन पर बुरी तरह से भड़क गई थी और चिल्लाने लगी थे। इससे निराश होकर उन्होंने वापस कनाडा जाने का फैसला ले लिया था। नोरा फतेही ने करीना के शो में पूरा वाकया बताते हुए कहा, ‘कास्टिंग डायरेक्टर ने एक बार मुझे अपने घर बुलाया। सिर्फ डांटने-फटकारने के लिए बुलाया और कहा कि तुम्हारे अंदर कोई टैलेंट नहीं है।’ हालांकि नोरा फतेही ने उस कास्टिंग डायरेक्टर का नाम लेने से इनकार कर दिया।

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नोरा फतेही ने कहा, ‘एक कास्टिंग डायरेक्टर ने थे, जिनसे मैं अपने भारत आने के शुरुआती महीनों में मिली थी। उसने एक तरह से मुझे यह अहसास कराया कि मुझे अपने बैग पैक करके वापस लौट जाना चाहिए।’ नोरा ने कास्टिंग डायरेक्टर के बिहेव को लेकर कहा, ‘उन्होंने मुझसे कहा कि यहां तुम्हारे जैसा बहुत सारे लोग हैं। हमारी इंडस्ट्री तुम्हारे जैसे लोगों से भरी हुई है और परेशान है। हम तुम्हें नहीं चाहते।’ नोरा ने कहा कि वह कास्टिंग डायरेक्टर मुझ पर चिल्लेाने लगी थीं। वह चिल्लाते हुए कह रही थीं, ‘तुम टेलेंटलेस हो। हम तुम्हें नहीं चाहते।’

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कनाडाई एक्ट्रेस ने कहा कि इस वाकये ने उन्हें अंदर से तोड़ दिया था, लेकिन इसके चलते ही उन्हें ज्यादा से ज्यादा मेहनत करने और आगे बढ़ने की सीख मिली। उन्होंने कहा कि आज मुझे जो भी कामयाबी मिली है, उसमें उस घटना का भी अहम योगदान है। नोरा ने कहा, ‘उनके चिल्लाने के बाद मैं वापस लौट आई और खूब रोई। मैंने उनसे कुछ नहीं कहा क्योंकि उन्होंने मुझे बुलाया था, लेकिन मैं नहीं जानती कि वह कौन थीं। उन्होंने मुझे अपने घर बुलाया था और मुझे बिठाकर चिल्लाने लगी थीं। मैं उस वक्त इंडस्ट्री में नई थी और सोच रही थी कि क्या यहां हर कोई ऐसे ही करता है।’

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गौरतलब है कि इस चैट शो के दौरान ही नोरा फतेही की एक बात पर खुद करीना कपूर भी चौंक गईं। दरअसल नोरा फतेही ने कहा कि वह उनके बेटे तैमूर अली खान से शादी करना चाहती हैं। नोरा ने कहा कि तैमूर जब बड़े हो जाएंगे तो मैं उनसे शादी करना चाहूंगी। नोरा के इस सवाल पर करीना कपूर भी चौंक गईं। उन्होंने कहा कि अभी तो तैमूर सिर्फ 4 साल का ही है। इस पर नोरा ने कहा कि मैं इंतजार करूंगी।नोरा फतेही ने बॉलीवुड में नाम कमाने के लिए कनाडा से भारत तक का सफर तय किया था, लेकिन अपने शुरुआती दिनों में एक कास्टिंग डायरेक्टर के बुरे बर्ताव के चलते वह ‘घर वापसी’ की तैयारी में थीं। नोरा फतेही ने करीना कपूर के साथ चैट शो What Women Want में बताया कि कास्टिंग डायरेक्टर उन पर बुरी तरह से भड़क गई थी और चिल्लाने लगी थे। इससे निराश होकर उन्होंने वापस कनाडा जाने का फैसला ले लिया था। नोरा फतेही ने करीना के शो में पूरा वाकया बताते हुए कहा, ‘कास्टिंग डायरेक्टर ने एक बार मुझे अपने घर बुलाया। सिर्फ डांटने-फटकारने के लिए बुलाया और कहा कि तुम्हारे अंदर कोई टैलेंट नहीं है।’ हालांकि नोरा फतेही ने उस कास्टिंग डायरेक्टर का नाम लेने से इनकार कर दिया।

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नोरा फतेही ने कहा, ‘एक कास्टिंग डायरेक्टर ने थे, जिनसे मैं अपने भारत आने के शुरुआती महीनों में मिली थी। उसने एक तरह से मुझे यह अहसास कराया कि मुझे अपने बैग पैक करके वापस लौट जाना चाहिए।’ नोरा ने कास्टिंग डायरेक्टर के बिहेव को लेकर कहा, ‘उन्होंने मुझसे कहा कि यहां तुम्हारे जैसा बहुत सारे लोग हैं। हमारी इंडस्ट्री तुम्हारे जैसे लोगों से भरी हुई है और परेशान है। हम तुम्हें नहीं चाहते।’ नोरा ने कहा कि वह कास्टिंग डायरेक्टर मुझ पर चिल्लेाने लगी थीं। वह चिल्लाते हुए कह रही थीं, ‘तुम टेलेंटलेस हो। हम तुम्हें नहीं चाहते।’

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कनाडाई एक्ट्रेस ने कहा कि इस वाकये ने उन्हें अंदर से तोड़ दिया था, लेकिन इसके चलते ही उन्हें ज्यादा से ज्यादा मेहनत करने और आगे बढ़ने की सीख मिली। उन्होंने कहा कि आज मुझे जो भी कामयाबी मिली है, उसमें उस घटना का भी अहम योगदान है। नोरा ने कहा, ‘उनके चिल्लाने के बाद मैं वापस लौट आई और खूब रोई। मैंने उनसे कुछ नहीं कहा क्योंकि उन्होंने मुझे बुलाया था, लेकिन मैं नहीं जानती कि वह कौन थीं। उन्होंने मुझे अपने घर बुलाया था और मुझे बिठाकर चिल्लाने लगी थीं। मैं उस वक्त इंडस्ट्री में नई थी और सोच रही थी कि क्या यहां हर कोई ऐसे ही करता है।’

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गौरतलब है कि इस चैट शो के दौरान ही नोरा फतेही की एक बात पर खुद करीना कपूर भी चौंक गईं। दरअसल नोरा फतेही ने कहा कि वह उनके बेटे तैमूर अली खान से शादी करना चाहती हैं। नोरा ने कहा कि तैमूर जब बड़े हो जाएंगे तो मैं उनसे शादी करना चाहूंगी। नोरा के इस सवाल पर करीना कपूर भी चौंक गईं। उन्होंने कहा कि अभी तो तैमूर सिर्फ 4 साल का ही है। इस पर नोरा ने कहा कि मैं इंतजार करूंगी।