Wednesday 1st of July 2026 03:58:29 PM
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Pakistan Blackout: अंधेरे में डूबे पाकिस्तान के कई शहर तो डर गए लोग, बोले

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पाकिस्तान के बिजली सिस्टम में खराबी आने की वजह से शनिवार को कई शहरों और कस्बों में अंधेरा छा गया। कई घंटों तक गुल रहने के बाद आखिरकार रविवार दोपहर को कुछ शहरों में बिजली वापस आई तो कुछ शहरों में आंशिक रूप से बहाली हो सकी। हालांकि, इस बीच सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे ट्वीट्स सामने आए, जिसे देखकर लगने लगा कि पाकिस्तान भारत से अभी भी काफी डरा हुआ है। बालाकोट एयरस्ट्राइक का डर पड़ोसी मुल्क के लोगों में अभी भी बना हुआ है। दरअसल, रात में बिजली गुल होने के बाद पाकिस्तान के लोग ट्विटर पर पूछने लगे कि कहीं भारत ने हमला तो नहीं कर दिया है। वहीं, कुछ लोग युद्ध की शुरुआत होने की भी आशंका जताने लगे।

पाक की एयरफोर्स हो जाए अलर्ट
पाकिस्तान में ब्लैकआउट होने की वजह से तरह-तरह के ट्वीट्स सामने आने लगे। पाकिस्तान के वैरिफाइड अकाउंट जैद हामिद नामक एक शख्स ने लिखा कि पूरे पाकिस्तान में पावर ब्रेकडाउन हो गया है। पाकिस्तान की एयरफोर्स को रेड अलर्ट पर होना चाहिए। तैयार रहें। वहीं, एक हसन खालिक नामक ट्विटर यूजर ने ट्वीट किया, ”पाकिस्तान में सबकुछ खत्म हो गया है। पूरे पाकिस्तान की लाइट चली गई है। कहीं सैन्य शासन तो लागू नहीं होने जा रहा है। भारत ने हमला तो नहीं कर दिया। प्लीज चेक करें।” इसके अलावा, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की पूर्व पत्नी रेहम खान ने भी बिजली गुल होने को लेकर ट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि इस्लामबाद से एक मेरे दोस्त ने मुझे मैसेज करके पूछा है कि क्या यह यु्द्ध है? एक अन्य ने लिखा है कि यह मुझे मुशर्रफ वाले तख्तापलट की याद दिला रहा है।

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क्या भारत-पाक में शुरू हो गया युद्ध?
एक मदीहा सयैद नामक ट्विटर यूजर ने ट्वीट कर पूछा कि काफी डर गई हूं। क्या भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध शुरू हो गया है? वहीं, कुछ ट्विटर यूजर्स बिजली गुल होते ही अफवाह फैलाने में भी लग गए। ताहा अहमद ने ट्वीट कर एक फेक ब्रेकिंग न्यूज दी। उन्होंने लिखा कि जनरल कमर जावेद बाजवा ने तख्तापलट करते हुए इमरान खान को हटा दिया है। संविधान को सस्पेंड कर दिया गया है और सैन्य शासन की घोषणा कर दी गई। इसके साथ ही उन्होंने ब्लैकआउट का हैशटैग भी लगाया। वहीं, कुछ लोगों ने इमरान खान पर तंज कसते हुए ट्वीट किया कि वे आराम से सो रहे हैं, जबकि पाकिस्तानी उन्हें ट्रोल करने के लिए जगे हुए हैं।

एक ही समय गई कई शहरों की बिजली
कई शहरों में आधीरात के बाद लगभग एक ही वक्त में बिजली आपूर्ति बाधित हुई। कराची, रावपिंडी, लाहौर, इस्लामाद, मुल्तान के अलावा कई शहरों के लोगों को कठिनाईयों का सामना करना पड़ा। इस्लामाबाद के उपायुक्त हमजा शफकत ने ट्वीट किया कि ‘नेशनल ट्रांस्मिशन डिस्पैच कंपनी की लाइनें खराब होने के कारण इसमें यह दिक्कत आई है। उन्होंने कहा,” सबकुछ सामान्य होने में थोड़ा वक्त लगेगा। बिजली मंत्री उमर अयूब खान ने कहा कि बिजली वितरण प्रणाली में आवृत्ति अचानक 50 से गिरकर शून्य हो गई, जिसके कारण ब्लैकआउट हुआ। ऊर्जा मंत्रालय ने ट्वीट कर कहा कि प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार सिंध प्रांत में गुड्डू बिजली संयंत्र में रात 11.41 बजे कोई खराबी आई।

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पू्र्वी लद्दाख से डिस-एंगेजमेंट को लेकर किए गए चीन के वादे पर भारत पूरी तरह से भरोसा नहीं कर पा रहा है। भारत को संदेह है कि शायद ही चीन जुलाई महीने में होने वाले कम्युनिस्ट पार्टी के समारोह से पहले पूर्वी लद्दाख में डिस-एंगेजमेंट और डी-एस्केलेशन के अपने वादे को पूरा करे। इस मामले से वाकिफ सूत्रों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिनपिंग लद्दाख, भूटान, ताइवान, साउथ चाइना सी और जापान पर माओ की 1959 की लाइन को लागू करने की अपनी स्पष्ट रणनीति से चिपके रह सकते हैं। इस साल सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के 100 साल पूरे हो रहे हैं।

लद्दाख में 1,597 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के वास्तविक स्थिति को बदलने के चीन के प्रयास से पैदा हुए गतिरोध के बारे में भारत सरकार के आकलन पर करीब से नजर रखने वाले लोगों ने कहा कि बीजिंग से उम्मीद थी कि वह अपने सैनिकों को लद्दाख से वापस बुला लेगा। कोरोना वायरस मामलों और उसकी वजह से आर्थिक झटका झेलने वाले शी जिनपिंग लगातार देश की जनता की आलोचना का शिकार हो रहे थे, लेकिन लद्दाख में उनकी विस्तारवादी सोच की वजह से लोगों का ध्यान भटकाने में उन्हें मदद मिली। कोरोना महामारी ने दुनियाभर में नौ करोड़ से ज्यादा लोगों को संक्रमित किया है और लगभग 20 लाख से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। इसकी वजह से कई देश जिनपिंग पर हमला बोलते रहे हैं।

पूर्वी लद्दाख में चीन के आक्रामक होने की तमाम वजहों में से एक वजह यह भी है कि इससे वह अपने देश की जनता को लुभा सके और दक्षिणी एशियाई के छोटे देशों जैसे- नेपाल, भूटान और म्यांमार आदि पर दबाव बना सके। एक राष्ट्रीय सुरक्षा योजनाकार ने चीन की इस हरकत पर कहा, ”लेकिन हम अपनी जमीन पर तब तक डटे रहने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं, जब तक यह सबकुछ सही तरीके से खत्म नहीं हो जाता।”

यह भी पढ़ें: लद्दाख में कोई भी हिमाकत करने से पहले 100 बार सोचेगा चीन, भारत ने की पुख्ता तैयारी

मालूम हो कि भारत ने पिछले साल पूर्वी लद्दाख की वास्तविक नियंत्रण रेखा पर 40 हजार से ज्यादा सैनिकों को भेजा था। वहीं, कई हजारों सैनिकों की तैनाती पहले से ही सीमा पर थी। भारत ने चीन के साथ जून महीने में गलवान घाटी में हुई हिंसक घटना के बाद चीनी सेना को जवाब देने के लिए ऐसे कई कदम उठाए थे। भारत ने हमेशा से ही एलएसी पर तैनात अतिरिक्त सेनाओं के डिस-एंगेजमेंट पर सहमति जताई है, लेकिन साथ ही भारत का यह भी कहना है कि सीमा पर चीन अप्रैल के शुरुआती समय वाली यथा-स्थिति कायम करे। अब तक दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति को बने हुए नौ महीने से ज्यादा हो चुके हैं।

हालांकि, लद्दाख कोई इकलौता ऐसा गतिरोध नहीं है, जिसे चीन ने कोरोना के चलते हो रही आलोचना की वजह से शुरू किया हो, बल्कि अपने आस-पड़ोस में वह कई मुद्दों पर आमने-सामने की स्थिति में बना हुआ है। अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया पर दबाव बनाने के लिए फिर चाहे चीन की साउथ चाइना सी में लगातार की जा रही हरकतें हों या फिर ताइवान और हॉन्ग-कॉन्ग, जहां पर चीन अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में लगा हुआ है। वहीं, सरकार में मौजूद कई रणनीतिकारों का मानना है कि इस साल भी चीन की ओर से टेंशन बढ़ाने वाली हरकतें होती रहेंगी, क्योंकि राष्ट्रपति जिनपिंग ने जब सत्ता संभाली थी, तभी वे कम्युनिस्ट पार्टी के 2021 शताब्दी समारोह के आयोजन के लिए योजना बना चुके थे।

5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनने के लिए तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास कर रहा है भारत

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गंगा नदी पर कारोबार के लिए मालवाहक जहाजों की आवाजाही शुरु हो चुकी है…हरिद्वार से हल्दिया तक गंगा के किनारे व्यापार तेजी से फल-फूल सकेगा…कश्मीर से कन्याकुमारी और अरुणाचल से द्वारका तक डेडिकेटेड फ्राइट कोरिडोर बनना है, इसका पहला चरण वेस्टर्न और ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रांइट कोरिडोर के रुप में पूरा हो चुका है…बिजली के क्षेत्र में हम आत्मनिर्भर होने के करीब हैं…उर्जा जरुरतों को पूरा करने के लिए सोलर और एटोमिक उर्जा के क्षेत्रों में तेजी से काम हो रहा है…देश के हर छोटे और बड़े सहरों को हवाई जहाज के जोड़ने के लिए देश भर में एयरपोर्ट बनाने का काम जारी है…2025 तक 5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनने के लिए जरुरी इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में सरकार युद्ध स्तर पर लगी हुई है….ये बातें रेलवे मंत्री पियूष गोयल ने कही

उन्होने कहा कि अगले पांच साल के अंदर भारत डिजीटल सुपरपावर बनने जा रहा है…देश भर में हाइस्पी़ड इंटरनेट और सस्ते डाटा की उपलब्धता से क्रांतिकारी बदलाव आएंगे…कारोबार में सुगमता आएगी…वर्क प्रॉम होम वाले में अपना काम आसानी से कर सकेंगे…आपके मोबाइल में ही पूरी दुनिया की जानकारी होगी, मोबाइल पर ही करोड़ों-अरबों का व्यापार होगा…ये सब आज भले ही सपना लगता है लेकिन यही भविष्य की हकीकत है….

भारत साल 2025 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अपने समूचे पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत कर रहा है। केंद्रीय मंत्री ने प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है और हम तेज संरचनात्मक सुधारों से इस लक्ष्य को प्राप्त करेंगे। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है और देश और विदेश में भारतीयों के लिए बड़े अवसर उपलब्ध हो रहा है। 

गोयल ने अपने संबोधन में कहा, ‘‘वैश्विक स्तर पर भारतीय उत्पादों की पहुंच बढ़ाने के लिए आक्रामक तरीके से नए बाजारों में संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। विदेश में रहने वाले भारतीयों को उपभोक्ता बाजार की अधिक समझ है। आप उपभोक्ता व्यवहार को गहराई से समझते हैं और भारतीय उद्योग को विदेशी बाजारों के अनुरूप उत्पाद का विकास करने में मदद कर सकते हैं

मुख्तार अंसारी को वापस लाने के संबंध में ,योगी सरकार ने अपनी कोशिशें तेज कर दी

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लखनऊ। माफिया डॉन और बसपा विधायक मुख्तार अंसारी को वापस उत्तर प्रदेश लाने के संबंध में सुप्रीम कोर्ट द्वारा नोटिस जारी करने के बाद योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपनी कोशिशें तेज कर दी हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोपड़ जेल अधीक्षक को नोटिस जारी करने के बाद गाजीपुर से उत्तर प्रदेश पुलिस के 3 पुलिसकर्मी पंजाब के रोपड़ गए हैं क्योंकि अंसारी अभी रोपड़ जेल में ही बंद है।

कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार की एक अपील के बाद 18 दिसंबर को यह नोटिस जारी किया था। इससे पहले अंसारी के खिलाफ कई वारंट जारी किए गए थे, लेकिन पंजाब पुलिस ने उसकी खराब सेहत का हवाला देकर उत्तर प्रदेश में शिफ्ट करने की अनुमति नहीं दी थी।

बता दें कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने मुख्तार अंसारी और उसके नाम से अवैध कारोबार चलाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। लखनऊ, मऊ और गाजीपुर में अंसारी से जुड़ी करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति को ध्वस्त किया जा चुका है।

18 सितंबर को उप्र पुलिस ने एक सील संपत्ति पर अवैध रूप से कब्जा करने पर मुख्तार अंसारी की पत्नी अफसा अंसारी और उनके भाइयों शरजील रजा और अनवर शहजाद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। वहीं 28 अगस्त को मऊ जिला प्रशासन ने मुख्तार अंसारी के करीबी सहयोगी के अवैध बूचड़खाने को ध्वस्त कर दिया था।

कोयला चोर, बालू चोर ये बंगाल का प्रतिनिधित्व नहीं करेंगे :जे.पी.नड्डा

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बंगाल: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी.नड्डा ने शनिवार को कहा कि बंगाल की संस्कृति का हम प्रतिनिधित्व करते हैं ये बात मैं बड़े दावे के साथ कह सकता हूं, TMC नहीं करती। कोयला चोर, बालू चोर ये बंगाल का प्रतिनिधित्व नहीं करेंगे, ये बंगाल का संस्कार नहीं है.पिछली बार जब मैं आया था तो डायमंड हार्बर जाते समय जिस तरह से मेरा स्वागत हुआ था, जिस प्रकार से प्रशासन और राजनीतिक दल दोनों के आपसी योजनापूर्वक तरीके से हमला हम सब पर हुआ था, वो सारे देश ने देखा .

प्रधानमंत्री जी किसानों की मदद करना चाहते हैं परन्तु ममता जी इसके बीच बाधा बनकर खड़ी हैं। बंगाल के 26 लाख किसान हैं जिन्होंने किसान सम्मान निधि के लिए खुद रजिस्ट्रेशन कराया परन्तु ममता जी ने उनको भी अनुमति नहीं दी.पश्चिम बंगाल प्रदेश का कर्ज़ा बढ़कर 4.5 लाख करोड़ रुपये हो गया है और ममता जी के बड़े सगे की आय 200% बढ़ गई है। ये हालत आज पश्चिम बंगाल की है। पश्चिम बंगाल की जनता के दिल से ममता जी की सरकार की विश्वसनीयता समाप्त हो गई है.

यूपी में नई आबकारी नीति जारी,

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लखनऊ । उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने नई आबकारी नीति पर मुहर लगा दी है। प्रदेश कैबिनेट ने 2021-22 के लिए आबकारी नीति को अनुमोदित कर दिया है। सरकार ने इस वित्तीय वर्ष में आबकारी विभाग से 34500 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य रखा है। इस नीति का मकसद प्रदेश में शराब उत्पादन को प्रोत्साहन देना और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस व गुड गवर्नेस को बढ़ावा देना है।

प्रदेश में अब वर्ष 2020-21 में 28,340 करोड़ रुपये के अनुमानित राजस्व के सापेक्ष वर्ष 2021-22 में 34,500 करोड़ रुपये का राजस्व संभावित है। इस नीति में प्रक्रियाओं का सरलीकरण भी किया गया है। इसके साथ ही फुटकर दुकानों में पीओएस मशीन व्यवस्था लागू की जाएगी।

अगले वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए आबकारी नीति को मंजूरी दे दी है। शराब व बीयर की दुकानों के लाइसेंस का नवीनीकरण पूर्व की भांति ही होगा। खास बात यह है कि नवीनीकरण प्रक्रिया में कोरोना संक्रमण के चलते आई दिक्कतों के मद्देनजर मौजूदा लाइसेंसी विक्रेताओं के लिए पूर्व में तय मानक शिथिल किए गए हैं। नवीनीकरण के बाद जो दुकानें बचेंगी, उनके आवंटन के लिए लाटरी ड्रॉ होगा।

उपभोक्ताओं को सस्ती व गुणवत्तापूर्ण शराब उपलब्ध करवाने के लिए ग्रेन ईएनए से निर्मित उच्च गुणवत्ता युक्त यूपी मेड लिकर की टेट्रा पैक में बिक्री देशी शराब की दुकानों से अधिकतम फुटकर विक्रय मूल्य 85 रुपये में होगी। वहीं, देशी शराब के अधिकतम फुटकर विक्रय मूल्य में कोई बढ़ोत्तरी नहीं की गई है।

वर्ष 2021-22 में आबकारी विभाग की समस्त प्रक्रियाओं को कम्प्यूटराज्ड कर इंटीग्रेटेड सप्लाई चेन मैनेजमेंट सिस्टम लागू होगा। फुटकर दुकानों से बिक्री पीओएस मशीन से करने की व्यवस्था भी लागू होगी।

किसानों ने कंगना राणावत को भेजा नोटिस

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मुंबईः बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत के साथ विवादों का सिलसिला है कि खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा. हाल ही में किसानों ने किसान आंदोलन को बदनाम करने वाले कुछ लोगों को मानहानि का नोटिस भेजा है.

आम आदमी पार्टी की मदद से किसानों ने यह कानूनी नोटिस भेजा है. जिसमें एक्ट्रेस कंगना रनौत का नाम भी शामिल है. किसान आंदोलन पर दिए बयान को लेकर कंगना को यह नोटिस भेजा गया है. हालांकि, अपने बयानों को लेकर कंगना पहले भी सोशल मीडिया यूजर्स और बॉलीवुड सेलिब्रिटीज के निशाने पर आ चुकी हैं.

पूरे पाकिस्तान में छाया अंधेरा, पूरी रात देश की बिजली गुल

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क्या किसी देश को अंधेरे में जाने की बात आपने सुनी है? क्या आज के जमाने में एक साथ पूरे देश की बिजली कट सकती है ? लेकिन पाकिस्तान में शनिवार रात को ये सब हुआ…एक साथ पूरे देश में अंधेरा छा गया…

तकनीकी खराबी की वजह से रात करीब 11.41 बजे कराची, इस्लामाबाद, लाहौर, पेशावर और रावलपिंडी समेत पूरा पाकिस्तान अंधेरे में डूब गया । बता दें कि पूरे पाकिस्तान में ब्लैक आउट होना कोई नई बात नहीं है। इससे पहले जनवरी 2015 में भी ऐसे ही तकनीकी खराबी की वजह से पूरे देश की बिजली गुल हो गई थी ।

अचानक आधी रात को अंधेरा छाने के बाद पूरे पाकिस्तान में अफरा-तफरी मच गई…लोगों के बीच अफवाहों को बाजार गर्म हो गया…किसी ने कहा कि सऊदी, अफगानिस्तान और भारत नें हमला कर दिया है, तो किसी ने इसे राष्ट्रीय शोक के साथ जोड़ दिया…पाकिस्तान के ऊर्जा मेंत्री को लोगों से संयम बरतने की अपील करनी पड़ी…

सोशल मीडिया पर एक यूजर ने लिखा- भारत से बाद में लड़ लेना, पहले अंधेरे से लड़ो…एक दूसरे यूजर ने इसे पाकिस्तान का “Dark Age” बताया…एक यूजर ने लिखा कि नुसरा बीवी को अंधेरे बुर्के में रहने की आदत है, इसलिए उन्होने जादू-टोने से पूरे मुल्क में अंधेरा फैला दिया…

बालाकोट एयर स्ट्राइक में मारे गए थे 300 आतंकी

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पाकिस्तान के पूर्व राजनयीक जफ़र हिलाली ने बालाकोट हमले के दो साल बाद कबूल किया है कि भारत की ओर से किए गए हवाई हमले में 300 आतंकी मारे गये थे…

पाकिस्तान के न्यूज चैनल के साथ बातचीत में जफ़र हिलाली ने कहा कि भारत ने अंतरराष्ट्रीय सीमा को पार कर युद्ध अपराध किया। इसमें हमारे 300 लोग मारे गए। हमने क्यों नहीं भारत पर हमला किया? इसलिए नहीं किया न, क्योंकि हमने यह स्वीकार किया कि सर्जिकल स्ट्राइक…लिमिटेड ऐक्शन…ओ हो, देखो-देखो कोई नहीं मारा। भाई, ये क्या बात है। हमारा जो नपा-तुला रिस्पांस था, उसको हमने क्यों नहीं किया?


उन्होंने कहा कि हमने सर्जिकल स्ट्राइक को स्वीकार करके, हमने उनको (भारत को) टेलिग्राफ किया है कि तुम जो भी करो, हम उतना ही करेंगे, ज्यादा नहीं करेंगे। नहीं-नहीं फिकर मत करो। हम तनाव को नहीं बढ़ाएंगे। उन्होंने इमरान खान से सवाल करते हुए कहा कि इसका क्या मतलब है।

जफर हिलाली पाकिस्तानी न्यूज चैनलों के लिए जाना पहचाना नाम हैं। वे अक्सर मीडिया डिबेट्स में पाकिस्तानी सेना का पक्ष लेते हुए दिखाई देते हैं। ऐसा कहा जाता है कि हिलाली की पाकिस्तानी सेना में गहरी पैठ है। जिसके दम पर उनके पास सेना से जुड़ी हुई ऐसी सूचनाएं भी होती हैं, जो आम लोगों के बस की बात नहीं होतीं। वे यमन, नाइजीरिया और इटली में पाकिस्तान के राजदूत भी रह चुके हैं।

क्या भाजपा से नाराज़ हैं नीतीश कुमार ?

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कहा- चुनाव के दौरान पता ही नहीं चला कि दोस्त कौन है और दुश्मन कौन ?

विधानसभा चुनावों में जेडीयू के खराब प्रदर्शन के बाद जीत-हार पर मंथन के लिए बैठक बुलाई गई थी । बैठक में हारे हुए प्रत्याशियों नें साफ-साफ कहा कि उनकी हार लोक जनशक्ति पार्टी की वजह से नहीं, बल्कि भाजपा और उसके कार्यकर्ताओं के असहयोगात्मक रवैये की वजह से हुई…

बैठक के पहले दिन कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने बिना नाम लिए कहा-

“चुनाव के दौरान हमें पता ही नहीं चला कि दोस्त कौन है और दुश्मन कौन ? ” कम समझदार लोग भी समझ गए कि उनका इशारा बीजेपी की तरफ था…

बैठक में जिन जेडीयू नेताओं ने उन्हें चुनाव में मिली हार के लिए बीजेपी के रोल पर सवाल उठाया उनमें चंद्रिका राय, बोगो सिंह, जय कुमार सिंह, ललन पासवान, अरुण मांझी और आसमां परवीन शामिल हैं. इन नेताओं ने साफ कहा कि चुनाव में उनकी हार लोक जनशक्ति पार्टी की वजह से नहीं बल्कि बीजेपी की वजह से हुई है.

मटिहानी विधानसभा से चुनाव हारने वाले जनता दल यूनाइटेड प्रत्याशी बोगो सिंह ने कहा कि पूरे चुनाव में एक नारा चारों तरफ गूंज रहा था, एलजेपी-बीजेपी भाई-भाई. इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि इसका खामियाजा जेडीयू को भुगतना पड़ा. जो बात सच है उसे उठाना बेहद जरूरी है. उन्होंने आगे कहा कि जेडीयू को हराने में एलजेपी से ज्यादा जिम्मेदार बीजेपी है. एलजेपी का कोई वजूद ही नहीं है. वह तो पूरी प्लानिंग के तहत काम हुआ. बीजेपी के वोटर ने मुझे वोट नहीं दिया.

जिस वक्त जनता दल यूनाइटेड के नेता बीजेपी को लेकर आग उगल रहे थे, उस दौरान नीतीश कुमार और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह मौन होकर सबकी बातें सुन रहे थे. उनका चेहरा बता रहा था कि अपने हारे हुए नेताओं की बातें उन्हे अच्छी लग रही है…अंत में उन्होने इतना ही कहा कि “समय बलवान होत है…”

दबाव में या सचमुच बेलगाम है झारखंड की नौकरशाही ?

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झारखंड के प्रभारी डीजीपी का “आयरन हैंड” वाला बयान आजकल सुर्खियों में है । इससे पहले के डीजीपी डीके पांडे भी कभी गले में सांप लटकाने तो कभी तत्कालीन सीएम के दरबारी होने का आरोप झेलते रहे हैं। वर्तमान डीजीपी एम. वी. राव पर भी आरोप लग रहे हैं कि ये कानून के अनुसार नहीं, बल्कि सीएम हेमंत सोरेन को जो पसंद हो उसके अनुसार एक्सन लेते हैं…
यही हाल डीसी और यहां तक की सचिव स्तर के IAS अफसरों के बारे में भी कही जाती है ।

सत्ता बदलते ही तास के पत्तों की तरह फेंटे जाते हैं अफसर । जो करीब है उसे मलाई और जिसपर विपक्षी दलों का करीबी होने के आरोप हैं उसे शंटिंग पोस्टिंग… हमारी नौकरशाही जनविमुख और भ्रष्ट होती जा रही है और ऐसा कई कारणों से है, लेकिन सबसे अहम कारण है नौकरशाही का राजनीतिक रुझान और नौकरशाहों पर राजनीतिक दबाव| नौकरशाही में भ्रष्टाचार एक सच्चाई है, इसके अलावा हमारी नौकरशाही संरचना भी लगातार विकृत होती जा रही है|


प्रभारी डीजीपी एम. वी. राव पूर्ववर्ती रघुवर सरकार के कार्यकाल में भटकते रहे…बकोरिया कांड को लेकर इनके साथ क्या-क्या नहीं हुआ . लेकिन हेमंत सरकार के आने के साथ ही “राव इज किंग”…सुनील वर्णवाल जैसे प्रतिभाशाली अफसर रघुवर दास के करीबी क्या हुए, हेमंत सरकार आने के साथ ही दुर्गति हो गई… यही है इस राज्य की नौकरशाही और नेताओं का असरली रिश्ता…इस रिश्ते में पैसों की छौंक मिला दी जाए तो एक “सड़ांध मारता सिस्टम” वाली रेसिपी तैयार होती है…


इसी राज्य ने अमित खरे जैसा नौकरशाह भी दिया है, जिनकी ईमानदारी के किस्से आज भी जनता की जुबान पर है तो वहीं प्रवीण सिंह जैसा पुलिस अफसर भी, जिसपर आरोप था कि उन्होने कनपटी पर पिस्टल सटाकर एक गरीब की जमीन लिखवा ली थी ।


हाल ही में केंद्र सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के एक और भारतीय पुलिस सेवा के दो वरिष्ठ अधिकारियों को कथित तौर पर काम में कोताही बरतने के कारण बर्खास्त कर दिया है| सरकार के इस कदम की प्रशंसा की जा रही है । यह माना जा रहा है कि पिछले 40 सालों से उपेक्षित रहे सिविल सेवा सुधारों की अब सुध ली जाएगी| आखिर IAS या IPS पर एक छोटी सी कार्रवाई पर आम जनता जश्न क्यों मनाती है ?

शेष फिर कभी…

अब बरकट्ठा में महिला से सामूहिक दुष्कर्म

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पुलिस अधीक्षक थाना पहुंच कर ली मामले की जानकारी
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उज्जवल दुनिया संवाददाता
बरकट्ठा। प्रखंड के ग्राम केन्दुआ तीन में एक महिला के साथ सामुहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। इस बाबत थाना क्षेत्र अंतर्गत हरिजन टोला निवासी पीड़ित परिवार ने बरकट्ठा थाना में फर्द ब्यान दर्ज कराया है। उन्होंने बताया है कि वह आठ जनवरी की रात अपने घर पर अकेली थी। इसी बीच गांव के इन्द्रदेव यादव पिता रामलाल यादव ने उन्हें आवाज देकर बाहर बुलाया। घर से बाहर निकलने के बाद वहां पहले से खड़ी चार चक्का गाड़ी में जबरन खींचकर जंगल की ओर ले गये। गाड़ी पर तीन लोग सवार थे। जो उसे जंगल में ले जाकर उसका मुंह बांधकर बारी बारी से दुष्कर्म किया। पीड़िता के देर रात्री तक घर नहीं लौटने पर उसके पिता ने खोजबीन शुरु किया। जिन्हें कलहाबाद केन्दुआ मार्ग में पुत्री को गंभीरावस्था में मिली। जिसकी सूचना पीडिता ने शनिवार की सुबह बरकट्ठा थाना पहुंच कर अपनी आपबीती सुनाई। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ग्राम केन्दुआ पूरब टोला निवासी अजय कुमार यादव पिता रामेश्वर यादव व एक अन्य व्यक्ति को हिरासत में लिया है। वहीं पीड़िता को पुलिस मेडिकल जांच व 164 का ब्यान दिलाने हजारीबाग अपने साथ ले गई। मामले की सूचना पर हजारीबाग पुलिस अधीक्षक कार्तिक एस, बरही डीएसपी मनीष बरकट्ठा थाना पहुंच कर मामले की जानकारी ली। एसपी ने बताया कि महिला के साथ सामुहिक दुष्कर्म का मामला संज्ञान में आया है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दो नामजद आरोपी को हिरासत में लेकर मामले की अनुसंधान कर रही है।

भगवान हेमंत सोरेन को सुबुद्धि दें

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भगवान हेमंत सोरेन को सुबुद्धि दें – किसलय तिवारी

भारतीय जनता युवा मोर्चा , झारखंड प्रदेश के तत्वाधान में आज दिनांक 9 जनवरी 2021 दिन शनिवार को ” सुबुद्धि यज्ञ “का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष किसलय तिवारी ने कहा कि, जिस तरह से झारखंड प्रदेश में जंगलराज का वातावरण व्याप्त है। लगातार प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बच्चियों एवं महिलाओं के ऊपर बलात्कार जैसे घिनौने अपराध धड़ल्ले से हो रहे हैं और इतना सब होने के बाद भी राज्य के मुखिया मौन होकर अभी तक कोई भी ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं। इस घटना से राज्य के सभी युवा भयवित होकर मानसिक तनाव की ओर अग्रसर हो रहे हैं। छात्रायें सहमे और असुरक्षित महसूस कर रहे है। इससे यह साफ हो गया है कि इनके मस्तिष्क पर दुर्बुद्धि का साया व्याप्त है। इसलिए हम लोग आज इस यज्ञ के माध्यम से भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं कि हमारे प्रदेश के मुखिया को सुबुद्धि प्रदान करें । हेमंत सोरेन के एक वर्ष के कार्यकाल में करीब 1700 से अधिक मामले दुष्कर्म के सामने आये है।

इस अवसर पर भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष किसलय तिवारी, उपाध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह, सूर्य प्रभात, मंत्री अमित कुमार, पवन पासवान, प्रवक्ता मिंटू चौबे, सोशल मीडिया प्रभारी अमिताभ कु0 धीरज, आई टी प्रभारी श्वेतांक गर्ग, भाजयुमो रांची महानगर महामंत्री रॉमीत नारायण सिंह, उपाध्यक्ष टुनटुन यादव, मंत्री रजनी अनांद, देवराज सिंह, रवनीत सिंह, निर्भय सिंह, उज्ज्वल सिंह ,राहुल सिन्हा चंकी,सुमन बखला,पंकज चौधरी,कमलजीत ,रोहित ठाकुर,अखिलेश पांडेय आदी।

60 किसानों की मौत के बाद भी पीड़ा से बेखबर है घमंडी मोदी सरकार

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अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार कृषि विरोधी कानूनों के खिलाफ एवं पिछले 73 वर्षों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि को लेकर 15 जनवरी को प्रदेश मुख्यालय पर किसान विरोधी दिवस मनाया जाएगा एवं राजभवन का घेराव किया जाएगा।


प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे, लाल किशोर नाथ शाहदेव एवं डॉ राजेश गुप्ता छोटू ने बताया कि भारत के 62 करोड किसान निरंकुश मोदी सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ लड़ रहे हैं ।

कृषक जीवन और आजीविका के लिए करोड़ों किसान पिछले 45 दिनों से दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहे हैं, उत्तर भारत में शीतलहर, बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण 60 किसानों ने अपना जीवन खो दिया है वहीं घमंडी भाजपा सरकार किसानों की पीड़ा से बेखबर है ,प्रतीत होता है कि मोदी सरकार जान बूझकर आठ दौर की किसानों की वार्ता को निर्मूल विफल कर 3 काले कानूनों को बिना निरस्त किए प्रदर्शनकारी किसानों को थकाने की नीति अपनाई हुई है

अफसरशाही के आगे हेमन्त सरकार का सरेंडर

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पेयजल स्वच्छता में फिसड्डी साबित हुई हेमंत सरकार: बिरंची नारायण

भारतीय जनता पार्टी के मुख्य सचेतक एवं विधायक बिरंची नारायण ने पेयजल और स्वच्छता के क्षेत्र में हेमन्त सरकार को फेल, फिसड्डी व नाकाम घोषित करते हुए कहा कि राज्य की जनता पानी के कारण मरणासन्न की स्थिति में है और सरकार प्यासे को पानी पिलाने के बजाय आश्वासन का घूंट दे रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा में वादा किया था कि प्रत्येक पंचायत में पांच – पांच चापाकल लगाऊंगा, साल भर बीत जाने के बाद भी एक ही चापाकल नहीं लगा। उन्होंने कहा कि यह सरकार उलटी खोपड़ी की सरकार है, विजन लेस सरकार है। इस सरकार को सिर्फ घोषणा करना आता है, जमीन पर एक भी काम नहीं हुआ।

श्री नारायण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर घर शौचालय और आवास योजना के बाद 2024 तक हर घर नल से जल देने का निश्चय किया है। किंतु हेमंत सरकार की सुस्ती दर्शाता है कि राज्य के लोग पानी के लिए त्राहिमाम करेंगे। उन्होंने कहा कि इस सरकार ने पेयजल एवं स्वच्छता में एक भी उपलब्धि भरा काम नहीं किया है। रघुवर सरकार में बनी अच्छी नीतियों को इस सरकार ने दरकिनार कर दिया है। 2020 में 572 करोड रुपए जल जीवन मिशन के तहत दिया गया था लेकिन एक भी काम नहीं हुआ। झारखंड में 50 लाख आवास में पीने के लिए पानी की व्यवस्था करना है जबकि सरकार ने 1 वर्षों में 1.98 लाख आवास तक पानी की व्यवस्था की है। इसी गति में कार्य हुआ तो जो काम 5 वर्षों में होना है, उसे पूरा करने में 25 साल लगेंगे।

उन्होंने कहा कि रघुवर सरकार ने 17 शहरों में 20 हजार करोड़ व ग्रामीण में 5275 हजार करोड़ से 234 ग्रामीण जलापूर्ति योजना शुरू किया था। आज वह सभी योजनाएं बंद है। हेमंत सरकार कोरोना का बहाना लेकर किसी भी मुद्दे पर एक भी काम नहीं किया है। उन्होंने कहा कि गोविंदपुर, साहिबगंज और पांकी.. छतरपुर में तीन बड़ी जलापूर्ति योजना, सुदूर नक्सल प्रभावित इलाके में सौर ऊर्जा के मदद से जलापूर्ति योजना शुरू किया गया किंतु आज वे सभी काम बंद पड़े हैं। उन्होंने कहा कि इस सरकार में शौचालय निर्माण का कार्य भी ठप पड़ा है। सरकार पर अफसरशाही इतनी हावी है कि विभागीय मंत्री के आदेश की भी नही मानती। विभागीय मंत्री को पत्र लिखने की जरूरत पड़ जाती है।इसी से सरकार की कार्यशैली का अंदाज़ा लगाया जा सकता है।