रांची में महिला थाना की पुलिस ने शुक्रवार को भाजपा के सांसद संजय सेठ के पीए संजीव साहू को एक महिला का यौन शोषण करने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। महिला के बयान पर आरोपी के खिलाफ महिला थाना में प्राथमिकी दर्ज हुई है।
पुलिस ने महिला का कोर्ट में 164 के तहत बयान दर्ज कराया। पुलिस का कहना है कि आरोपी और महिला में पिछले दो साल से दोस्ती थी। इस वजह से दोनों अक्सर मिलते थे। महिला ने दर्ज प्राथमिकी में कहा है कि आरोपी ने बहला-फुसला कर उसका यौन शोषण किया है। आरोपी ने महिला के साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाया। हालांकि महिला पहले से शादीशुदा है।
महिला के घरवाले शुक्रवार को कोतवाली थाना पहुंचे और आरोपी को जेल भेजने के लिए हंगामा करने लगे। पुलिस ने महिला का बयान लिया और आरोपी से पूछताछ के बाद उसे कोर्ट भेज दिया। पुलिस आरोपी को कोर्ट भेज रही थी, उस वक्त कोतवाली थाना में कई लोग मौजूद थे। इस वजह से पुलिस ने अन्य आरोपियों के साथ संजीव साहू को थाना से बाहर निकाला, ताकि उसकी पहचान न हो पाए।
आरोपी ने महिला के साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाया
इस मामले को लेकर रांची में रहने वाले कई प्रतिष्ठित लोगों ने समझौता कराने का प्रयास किया। लेकिन महिला आरोपी को जेल भेजने के अलावा कुछ नहीं चाहती थी। थानेदार को कई जगहों से फोन भी आया, लेकिन आरोपी को पुलिस ने जेल भेज दिया। पुलिस ने आरोपी को गुरुवार की रात ही पकड़ लिया था। आरोपी का कहना है कि महिला ने उसे फंसाया है।
आंदोलनकारियों के खिलाफ अफवाह फैलाना बंद करे भाजपा- रामेश्वर उरावं
किसान बिल के खिलाफ पूरे देश के किसान, तत्काल बिल वापस ले मोदी सरकार- आरपीएन सिंह
उज्ज्वल दुनिया
रांची। कांग्रेस पार्टी की ओर से रांची में किसान अधिकार दिवस का आयोजन किया गया। केंद्र सरकार द्वारा बनाये गये तीन काले कानूनों को वापस लेने और पेट्रोल-डीजल की बढ़ी हुई कीमत को वापस लेने व बढ़ती महंगाई पर अंकुश लगाने को लेकर आयोजित राजभवन मार्च में हजारों की संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए । राजभवन मार्च के पूर्व मोराहाबादी मैदान में एक सभा भी आयोजित की गई जहां कांगेस के वरीष्ठ नेताओं ने प्रधानमंत्री के तानाशाह रवैये के खिलाफ जमकर निशाना साधा।
प्रभारी आरपीएन सिंह ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने किसानों के रीढ़ पर प्रहार किया है, अब बिना विलंब किये केंद्र सरकार इस नये काले कानून को वापस लें। उन्होंने कहा कि झारखंड में कांग्रेस गठबंधन की सरकार ने अपने वायदे के मुताबिक किसानों का ऋण माफ किया। केंद्र में भी जब-जब कांग्रेस सरकार बनी किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोत्तरी किया गया, यूपीए सरकार में 70 हजार करोड़ रुपये के ऋण माफ किये गये, लेकिन अब केंद्र की भाजपा सरकार किसानों के साथ वादाखिलाफी में जुटी है।
उन्होंने कहा केंद्र की सरकार पूरी तरह से तानाशाह की तरह व्यवहार कर रही थी, आज मोराबादी के ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शन में हम तानाशाह सरकार को उखाड़ फेंकने का संकल्प लेते हैं ।एक तरफ जब हमने किसानों की ऋण माफ की, 15 लाख राशन कार्ड बांटने का काम किया,मनरेगा के तहत 9 लाख लोगों को रोजगार देने का काम किया, वहीं दूसरी तरफ भाजपा की सरकार किसानों पर वार कर रही है।सभा समाप्ति पर उन्होंने जय जवान जय किसान का नारा लगाया और तमाम कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ अपराहन 2ः15 बजे राजभवन के लिए कूच किया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सह राज्य के वित्त तथा खाद्य आपूर्ति मंत्री डॉ0 रामेश्वर उरांव ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कृषिमंत्री नरेंद्र सिंह तोमर संविधान को मानते है, तो उन्हें किसानों की मांग को तुरंत मांग लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों की मांग जायज है और हर तरीके से उचित है। उन्होंने कहा कि किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य को जारी रखने, मंडी को बचाने और कांट्रेक्ट फॉर्मिंग का विरोध कर रहे है, किसानों की यह तीनों मांगों को तत्काल मान लेना चाहिए। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा नेताओं की ओर से यह अफवाह फैलाने की कोशिश की जा रही है कि इस किसान आंदोलन से झारखंड का कुछ लेना-देना नहीं है, लेकिन आज राजभवन मार्च में गांव-देहात से आ रहे किसानों को देख कर यह सहर्ष समझा जा सकता है कि यह आंदोलन पूरे देश के किसानों का है ।
जल्द से जल्द तीनों नये कृषि कानून को वापस ले लिया जाए
इस मौके पर कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने कहा कि 51 दिन से किसान आंदोलनरत है, तीनों काले कानून को वापस लिया जाना ही इसका समाधान है। उन्होंने कहा कि बार-बार किसान प्रतिनिधियों के साथ केंद्र सरकार बातचीत कर रही है, लेकिन इसका कोई फलाफल नहीं मिल पा रहा है, इसलिए पार्टी भी यह मांग करती है कि जल्द से जल्द तीनों नये कृषि कानून को वापस ले लिया जाए। केंद्र सरकार किसानों को विश्वास में लेने में पूरी तरह से असफल हो चुकी है।
सभा को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि गठबंधन की सरकार को किसानों के प्रति दर्द है इसलिए हमने अपने पहले ही वर्ष में दो हजार करोड़ कृषि ऋण माफ करके किसानों को एक सौगात देने का काम किया है, हमारा मानना है कि केंद्र की सरकार जानबूझकर किसानों को थकाने और हराने की साजिश कर रही है। मैं किसानों के बीच रहकर आया हूँ और मुझे उनकी दुख और पीड़ा का एहसास है,भाजपा के यह किसानों के प्रति तानाशाह रुख अपनाए हुए हैं जो देश के लिए सही नहीं है।
भाजपा की सरकार को यह देश कभी माफ नहीं करेगा
स्वास्थ मंत्री बन्ना गुप्ता ने सभा को संबोधित करते हुए कहा 73 वर्षों में पहली बार किसानों को सड़कों पर आंदोलन को मजबूर करने वाली भाजपा की सरकार को यह देश कभी माफ नहीं करेगा,10 मर्तबा किसानों के साथ वार्ता फेल हो चुके हैं,60 किसानों ने शहादत दे दी है,फसल उत्सव जैसे ऐतिहासिक अवसर पर किसानों को सड़कों पर ठिठुरते ठंड में आंदोलन करने को मजबूर करने वाली भाजपा सरकार तानाशाह और निष्ठुरता के लिए याद की जाती रहेगी, कांग्रेस पार्टी इस काले कानून को जब तक समाप्त नहीं कर देती आंदोलन जारी रहेगा।
पंद्रह लाख का इनामी दुर्दांत नक्सली मुनेश्वर उर्फ मुकेश गंझू ने विधिवत रूप से शुक्रवार को चतरा एसपी के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया । एसपी कार्यालय में पुलिस अधीक्षक ऋषभ झा व सीआरपीएफ के कमांडेंट पवन बासन, एसएसपी निगम प्रसाद, एसडीपीओ अविनाश कुमार समेत अन्य अधिकारियों के समक्ष उसने समर्पण किया।
प्रतिबंधित नक्सली संगठन टीएसपीसी का रिजलनल कमांडर मुकेश टीपीसी का सेकेंड सुप्रीमो माना जाता है। उसके आत्मसमर्पण से टीएसपीसी नक्सलियों के वैसे ग्रुप को बड़ा झटका लगा है जो अब तक यही समझते आ रहे हैं कि बंदूक ही सारी समस्याओं का समाधान है। वैसे मुकेश पर पत्रकार हत्याकांड व कोयलांचल में टेरर फंडिंग समेत दर्जनों मामले दर्ज हैं और झारखंड पुलिस तथा राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए को इसकी लंबे समय से तलाश थी।
मुकेश के आत्मसमर्पण के मौके पर एसपी ने कहा कि उसे जल्द मिलेगा आत्मसमर्पण नीति का लाभ मिलेगा। जबकि नक्सली मुकेश ने कहा कि सभी नक्सली संगठन अब अपने उद्देश्य से भटक गए हैं। मुकेश ने दूसरे फरार नक्सलियों से भी मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की है।
गोड्डा। हजारीबाग में मेडिकल की पढ़ाई कर रही गोड्डा की छात्रा पूजा भारती का शव सुबह लोहिया नगर स्थित आवास पर आते ही लोगो का आक्रोश सरकार के प्रति उबल गया। लोग मृतिका के न्याय के लिए सड़को पर उतर आए। जिसमे भाजपा अग्रणी भूमिका मे है। शहीद स्मारक पर लोग हत्यारों की गिरफ्तारी के साथ मृतिका को न्याय के लिए आवाज बुलंद किये हुए है।
घटना के बारे में जिसने भी सुना सबने दुख प्रकट करते हुए अपनी संवेदना व्यक्त किया। इस मौके पर एसपी वाई एस रमेश भी पहुंच परिजनों से मिलकर ढाढस बंधाया था और आश्वस्त किया था कि दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। वरीय पुलिस अधिकारी के अलावे रामगढ़ एसपी से भी बात हुई है पूरी टीम लगी हुई है। जल्द ही कांड का उद्भेदन कर लिया जाएगा। दूसरी और घटना को लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है।
भाजपा विधायक अमित मंडल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने स्थानीय शहीद स्मारक पर धरना दिया। जिसमे दोषियों को फांसी दिलाने के अलावा घटना की सीबीआई से जांच कराने की मांग की गई। इस मौके पर पहुंचे भाजपा प्रदेश मंत्री दिलीप वर्मा ने कहा कि वर्तमान सरकार की स्थिति बहुत ही खराब है कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। जब से हेमंत जी की सरकार बनी है महिलाओं के प्रति अत्याचार बढ़ गया है। अगर समय रहते अपराध को नियंत्रण नहीं किया गया तो बाध्य होकर हमें सड़क पर उतरना पड़ेगा ।
ज्ञात हो कि दो दिन पूर्व छात्रा ने सुबह अपनी मां से बात कर कहा था कि परीक्षा देने जाना है और फिर वो कॉलेज के निकली भी मगर कॉलेज नहीं पहुंचकर वहा से पचास किलोमीटर दूर पतरातू पहुंच गई। फिर एक दिन के बाद पतरातू डैम से लड़की की लाश मिली जिसके हाथ पैर रस्सी से बंधे थे। इस घटना को लेकर तरह-तरह की आशंका व्यक्त की जा रही है छात्रा के साथ हुई इस वीभत्स घटना से लोगों में जबरदस्त आक्रोश है।
गिरिडीह: जिले के गावां थाना के जंगल में मिली महिला के शव मामले का खुलासा पुलिस ने करते हुये महिला के सभी हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। कोडरमा जिले के असनाबाद में उसके ससुरालवालों ने ही पीट पीट कर महिला की हत्या की थी और शव को गिरिडीह जिले के गावां थाना के करमाघाट जंगल में फेंक दिया था।
एसपी अमित रेणू ने बताया कि मृतका की पहचान बिहार के छपरा जिला निवासी राजेंद्र यादव की बेटी ममता देवी के रूप में हुई थी, ममता की शादी छपरा जिले निवासी मुसाफिर यादव के बेटे राजन राय उर्फ राजन यादव से हुई थी, ममता पिछले चार महीने से अपने पति और अन्य ससुरालवालों के साथ कोडरमा के असनाबाद स्थित खटाल में रह रही थी। पति और पत्नी के बीच अक्सरा झगड़ा होता था। 7 जनवरी की रात को भी ममता की लड़ाई उसके पति राजन से हुई, जिसके बाद राजन, उसके बड़े भाई पंकज यादव और उसके पिता मुसाफिर यादव ने ममता की बेरहमी से पिटाई की, जिससे ममता की मौत हो गई।
बताया कि घटना के बाद एक दिन शव को खटाल में ही छिपाकर रखा गया, इसके बाद 8 जनवरी को शव को बोरे में भरकर पिकअप वैन से गावां थाना इलाके के जंगल में फेंक दिया गया।
एसपी रेणू ने बताया कि हत्या में शामिल महिला के पति राजन के अलावा पति के भाई पंकज, ससुर मुसाफिर यादव को गिरफ्तार किया गया। साथ ही साक्ष्य के साथ शव को छिपाने में शामिल छपरा के उमा, कोडरमा के रामजी राय , बीर लाल राय के गावां के छोटेलाल यादव को गिरफ्तार किया गया। वहाँ इस घटना में प्रयुक्त पिकअप वैन, बाइक और दो मोबाइल को भी जब्त किया गया है।
नानहु राणा हत्याकांड में छोटे भाई विवेक वर्मा को भी भेजा गया जेल
उज्जवल दुनिया संवाददाता
हजारीबाग। बड़कागांव पुलिस ने रानी हॉस्पिटल के संचालक आनंद कुमार वर्मा को गुरुवार की रात टंडवा से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए नर्सिंग होम संचालक के ऊपर नानहु राणा की हत्या और डंपर हड़पने का आरोप है।
बिहार निवासी पिंटू सिंह ने बड़कागांव थाने में आवेदन देकर डंपर हड़पने को लेकर मामला दर्ज करवाया है। इसमें कहा है कि आनंद कुमार वर्मा ने धोखाधड़ी से डंपर एग्रीमेंट करा लिया। हड़पने की नीयत से गाड़ी को कोलकाता भेज दिया।
बताया जा रहा है कि पकड़े गए आरोपी आनंद कुमार वर्मा के छोटे भाई विवेक कुमार वर्मा के ऊपर दो-दो हत्याओं का आरोप लगा था। इसे लेकर पुलिस उसे ढूंढ रही थी। विवेक को सरेंडर करवाने के लिए पुलिस ने दबाव बनाने की नीयत से बड़े भाई आनंद कुमार वर्मा को हिरासत में लिया था। परिजनों ने इसकी शिकायत एसपी कार्तिक एस से की थी। इसके बाद थानेदार को सस्पेंड करते हुए एक से स्पष्टीकरण पूछा गया था।
बतातें चलें कि 2 जनवरी को पुलिस ने रामगढ़ जिला स्थित एक होटल से विवेक कुमार को गिरफ्तार किया था। उस पर दो-दो हत्याओं के आरोप के साथ डीपीसी के एरिया कमांडर का पुलिस ने प्रेस वार्ता कर खुलासा किया था।
लखनऊ । यूपी के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू और कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को राजभवन की ओर मार्च करने के प्रयास के दौरान शुक्रवार को हिरासत में ले लिया गया। लल्लू और उनके समर्थकों को उनके घर के पास हिरासत में लिया गया।
कांग्रेस ने घोषणा की थी कि वह शुक्रवार को किसान अधिकार दिवस मनाएगी और कृषि कानूनों के विरोध में राजभवन का घेराव करेगी।
वहीं अन्य जगहों से कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प की खबरें भी आईं और साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं ने राजभवन पहुंचने का प्रयास किया।
पत्रकारों से बात करते हुए, यूपीसीसी प्रमुख ने कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन कर रही है।
उन्होंने कहा, “कांग्रेस इस तरह के उत्पीड़न के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगी।
कोलकाता । तृणमूल कांग्रेस की सांसद व अभिनेत्री नुसरत जहां ने विवादित बयान देते हुए कहा कि भाजपा सिर्फ हिंदू-मुसलमान के बीच दंगा कराती है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर भाजपा सत्ता में आई तो मुस्लिमों के उलटे दिन शुरू हो जाएंगे। बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में अपने लोकसभा क्षेत्र अंतर्गत मुस्लिम बहुल इलाके देगंगा में चुनाव प्रचार के दौरान नुसरत जहां ने भाजपा की तुलना कोरोना वायरस से की। नुसरत ने कहा, ‘आप लोग अपनी आंख खोलकर रखिए… भाजपा जैसा खतरनाक वायरस घूम रहा है। यह पार्टी धर्म के बीच भेदभाव और आदमी-आदमी के बीच दंगा कराती है। अगर भाजपा सत्ता में आई तो मुसलमानों की उलटी गिनती शुरू हो जाएगी।
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अपने 65वें जन्मदिन पर आज बड़ी घोषणा की। मायावती ने मीडिया को संबोधित किया और कहा कि बसपा उत्तर प्रदेश के साथ ही उत्तराखंड में अकेले चुनाव लड़ेगी। पार्टी 2022 में किसी के साथ भी गठबंधन नहीं करेगी और उत्तर प्रदेश में अपने दम पर अपनी सरकार बनाएगी।
बहुजन समाज पार्टी अध्यक्ष मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखण्ड में होने वाले विधानसभा के आम चुनाव में बसपा बिहार की तरह किसी भी दल से गठबंधन न करके अपने दम पर चुनाव लड़कर अपनी सरकार बनाएगी। बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता एक बार फिर 2022 के विधानसभा चुनाव में 2007 की तरह ही सरकार बनाने का काम करें। साथ ही अन्य राज्यों में भी बसपा का जनाधार बढ़ाए। उनके लिए जन्म दिन का यही सबसे बड़ा तोहफा होगा।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने आज अपने जन्म दिन के अवसर पर कहा मेरी पार्टी गरीबों और दलितों के हितों के लिए काम करती है। लेकिन कुछ राजनीतिक दल हमें बांटना चाहते हैं। विपक्ष हमेशा कुच्रक्र रचा करता है। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से कहा कि वह भटके नहीं और विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट जाए। उन्होंने कहा कि बसपा ने कभी अपनी विचारधारा से समझौता नहीं किया और कुर्सी तक छोडऩे का काम किया है।
लखनऊ । उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को द्विवार्षिक विधान परिषद के लिए चार उम्मीदवारों के नाम जारी किए, जिसमें सबसे अहम नाम पूर्व आईएएस अधिकारी अरविंद शर्मा का है जिन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के बाद गुरुवार को भाजपा का दामन थामा था। शर्मा के अलावा, तीन अन्य उम्मीदवारों में उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा और लक्ष्मण प्रसाद आचार्य हैं।
भाजपा द्वारा आगामी चुनाव के लिए ऊपरी सदन में 12 सीटों के लिए 6 और उम्मीदवार नामित किए जाने की उम्मीद है।
पार्टी सूत्र ने कहा कि सभी भाजपा उम्मीदवार एक साथ सोमवार को नामांकन दाखिल करेंगे।
संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के राजदूत मुनीर अकरम (फाइल)
पाकिस्तान ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) सहित राष्ट्रवादी समूहों से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के समक्ष एक कार्य योजना बनाने की मांग की है।
संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के राजदूत मुनीर अकरम ने मंगलवार को 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद से कहा कि “हिंसक वर्चस्ववादी समूहों” को भी अन्य आतंकवादी संगठनों की तरह घोषित किया जाना चाहिए, फिर चाहे वो भारत के सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का मूल समूह ही क्यों न हो । अकरम ने UNSC में कहा कि इस तरह के हिंसक नस्लवादी और चरमपंथी आतंकवाद अनिवार्य रूप से जवाबी हिंसा को बढ़ावा देंगे और ISIS और अल-कायदा जैसे आतंकवादी संगठनों की “इस्लाम पर खतरा” जैसी कथा को मान्य करेंगे ।
मुनीर अकरम ने कहा कि हिंदूवादी विचारधारा और भाजपा की अति-राष्ट्रवाद की पॉलिसी के कारण भारत में मुसलमानों की जान को खतरा है। उन्होने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जैसे संगठन विश्व की शांति और समृद्धि के लिए खतरा हैं ।
भारतीय महिलाएं वर्चुअल बातचीत को खूब पसंद कर रही हैं
लॉकडाउन में देश के अर्थव्यवस्था का भले ही दिवाला निकल गया हो, लेकिन कुछ सेक्टर्स नें खूब कमाई की है । कुछ सबसे ज्यादा कमाई करने वाले सेक्टर्स हैं फार्मा, हेल्थ और ऑनलाइन डेटिंग . भारत में कोरोना के दौरान हुए लॉकडाउन में लोगों ने खूब ऑनलाइन डेटिंग किया है । आंकड़े बताते हैं कि ऑनलाइन डेटिंग का कारोबार 113% तक बढ़ गया ।
भारतीय महिलाओं को 30 से 40 वर्ष के पुरुष अच्छे लगते हैं
विवाहेतर संबंध यानी एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स के लिए भारतीय महिलाओं को 30 से 40 वर्ष के पुरुष अच्छे लगते हैं, जबकि पुरुषों को इसके लिए 25 से 30 उम्र की महिलाएं पसंद आती हैं। विवाहेतर डेटिंग एप ग्लीडन के डाटा से यह बात सामने आई है। शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, इस तरह के संबंध में पुरुष सब कुछ के लिए तैयार हैं और हमेशा रोमांच की तलाश करते रहते हैं, जबकि भारतीय महिलाएं अधिक सतर्क हैं और ज्यादातर वर्चुअल एक्सचेंजों को पसंद करती हैं।
भारतीय यूजर्स स्मार्टफोन्स के माध्मय से जुड़ना पसंद करते हैं
इसमें कहा गया कि भारतीय यूजर्स स्मार्टफोन्स के माध्मय से जुड़ना पसंद करते हैं और मोबाइल वेबसाइट के मुलाबले उन्हें एप ज्यादा पसंद है। कंपनी ने कहा कि वह तीन बार आकर चैट पर औसतन 1.5 घंटे बिताते हैं और ज्यादातर लंच ब्रेक में दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक व अपने पति-पत्नी के सोने के बाद रात 10 बजे से मध्यरात्रि तक यहां समय देते हैं।
क्या वाट्सएप मेरी कमाई के आंकड़े फेसबुक पर डाल देगा ? क्या मेंरी अंतरंग तस्वीरों को पेसबुक के पास भेज देगा ? क्या मेरी किसी के साथ हुई बातचीत के डाटा को फेसबुक के साथ शेयर करेगा ? कुछ इसी तरह के सवाल आज वाट्सएप यूजर्स के मन में तैर रहे हैं…लेकिन जवाब किसी के पास नहीं है…
व्हॉट्सएप की नई निजता नीति के खिलाफ गुरुवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की गई है। याचिका में व्हाट्सएप की नई निजता नीति को न सिर्फ करोड़ों लोगों के निजता के अधिकार का हनन बताया गया है, बल्कि इससे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा होने का दावा किया गा है। अधिवक्ता चैतन्या रोहिल्ला ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दाखिल कर तत्काल प्रभाव से व्हॉट्सएप की नई निजता नीति पर रोक लगाने की मांग की है।
याचिका में न्यायालय से व्हॉट्सएप द्वारा गोपनीयता नीति में किसी भी तरह का बदलाव करते समय लोगों के मौखिल और निजी अधिकारों का रक्षा करने और इसके किसी भी तरह की अनदेखी नहीं करने का निर्देश दिया है। अधिवक्ता रोहिल्ला ने याचिका में कहा है कि व्हॉट्सएप की नई नीति कंपनी को वास्तव में लोगों के 360डिग्री प्रोफइल यानी इसमें दिए गए सभी तरह की जानकारी लेने का अधिकार देती है।
याचिका में न्यायालय से केंद्र सरकार को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 87 (2) (जेडजी ) के साथ धारा 79 (2) (ग) के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करके यह सुनिश्चित करने का आदेश देने की मांग की है कि व्हॉट्सएप किसी भी यूजर का डेटा किसी तीसरे पक्ष या फेसबुक और उसकी कंपनियों के साथ अपने उपयोगकर्ताओं के लिए साझा नहीं करे।
व्हॉट्सएप ने 4 जनवरी को नई निजता नीति को घोषित करते हुए अपने उपयोक्ताओं को सेवा की शर्तों और गोपनीयता की नीति के बारे में अपडेट देना शुरू किया है। व्हॉट्सऐप ने इसमें बताया कि वह कैसे उपयोक्ताओं के डाटा का प्रसंस्करण करती है और उन्हें फेसबुक के साथ किस तरह से साझा करती है। अपडेट में यह भी कहा गया कि व्हॉट्सऐप की सेवाओं का उपयोग जारी रखने के लिए उपयोक्ताओं को आठ फरवरी, 2021 तक नई शर्तों व नीति से सहमत होना होगा।
झारखंड की निचली अदालतों में फिजिकल हियरिंग को लेकर हाइकोर्ट ने गाइडलाइन्स जारी कर दिया है । हाईकोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार ही सभी नियमों का पालन करना होगा।
फिजिकल सुनवाई शुरू करने के पहले सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी कोविड-19 यूजर मैनुअल का ट्रेनिंग लेना जरूरी होगा। सभी को फिजिकल और वर्चुअल कोर्ट के लिए अलग अलग कॉज लिस्ट जारी करना होगा। फिजिकल कोर्ट की पूरी व्यवस्था सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही करनी होगी। हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जेनरल ने एसओपी सभी जिलों के प्रधान जिला जज को भेज दी है। हालांकि फिजिकल सुनवाई की तिथि अभी जारी नहीं की गई है। जल्द ही तिथि जारी कर दी जाएगी।
50 फीसदी फिजिकल और 50 फीसदी वर्चुअल कोर्ट बैठेगा
हाईकोर्ट ने राज्य की अदालतों को तीन श्रेणी में बांटा है और इसी अनुरूप दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। जिन जिलों में कोरोना के 50 से कम सक्रिय केस हैं, वहां 50 फीसदी फिजिकल और 50 फीसदी वर्चुअल कोर्ट बैठेगा। जिला जज रोटेशन के आधार पर फिजिकल और वर्चुअल कोर्ट तय करेंगे। साथ ही विषयवार और कैडर के अनुसार कोर्ट की व्यवस्था भी करेंगे।
जिन जिलों में 50 से 100 तक सक्रिय केस हैं, वहां एक तिहाई फिजिकल और दो तिहाई वर्चुअल कोर्ट बैठेगी। यहां याचिकाएं मौजूदा व्यवस्था के साथ-साथ ई-सेवा केंद्र से भी दाखिल की जा सकेंगी। इन जिलों में एक-एक फैमिली कोर्ट, जिला जज, एडीजे, सीजेएम, एसीजेम का कोर्ट बैठेगा। दो सिविल जज, एक एसडीजेएम और न्यायिक दंडाधिकारी (प्रथम श्रेणी) का कोर्ट बैठेगा।
150 से अधिक सक्रिय केस वाले जिलों में एक चौथाई फिजिकल और तीन चौथाई वर्चुअल कोर्ट में सुनवाई होगी। इन जिलों में याचिका ड्राप ब़ॉक्स में डाली जाएगी। इन जिलों के जिला जज को विषयवार रोस्टर तैयार करने का अधिकार दिया गया है। साथ ही वर्चुअल और फिजिकल कोर्ट के लिए कॉज लिस्ट भी जारी करना होगा।
वकीलों के चैंबर के लिए भी निर्देश न्यायालय परिसर के अंदर स्थित वकीलों के चैंबर के लिए भी निर्देश जारी किए गए हैं। यहां भी सभी को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। सेनेटाइजेशन की व्यवस्था करनी होगी। सुबह दस से शाम पांच बजे तक ही चैंबर खोले जाने की अनुमति रहेगी। अवकाश के रविवार और अन्य अवकाश के दिन चैंबर का सेनेटाइज करना अनिवार्य होगा। हाईकोर्ट ने वकीलों को सुझाव दिया है कि यदि वह चाहें तो सुविधा अनुसार ऑड इवेन के आधार पर चैंबर खोल सकते हैं।
सिर्फ वकील और उनके स्टॉफ ही जाएंगे न्यायालय परिसर में हाईकोर्ट ने न्यायालय परिसर में सिर्फ वकील और उनके कर्मचारियों को ही प्रवेश की अनुमति दी है। सभी को अपना आईकार्ड दिखाना होगा। न्यायालय परिसर के एंट्री प्वाइंट पर सेनेटाइज मशीन लगानी होगी। थर्मल स्कैनिंग करनी होगी। थोड़ा भी लक्षण मिलने वालों को प्रवेश करने की अनुमति नहीं रहेगी।
रांची–ओरमांझी हत्याकांड का मुख्य आरोपी चंदवे निवासी शेख बेलाल को पुलिस ने किया गिरफ्तार। बेलाल की गिरफ्तारी ओरमांझी सिकिदिरि रोड़ से की गई है। वह ऑटो से कहीं भागने के फिराक में था।
पुलिस हत्या के मुख्य आरोपी बेलाल ख़ान को घटनास्थल पर ले जाकर मामले की पूरी जानकारी ली। इस दौरान आरोपी ने पूरी वारदात को किस तरह अंजाम दिया पुरा बताया। आरोपी ने जिस जगह को चुना और उस जगह पर जाने के लिए जिस रास्ते का इस्तेमाल किया था। उस तक किसी की नजर और सोच नही पहुँच रही थी। हत्यारा बेलाल बहुत ही शातिर है और उसका क्राइम रिपोर्ट बहुत ही खराब है।
सूफिया मर्डर केस में बेलाल की पहली पत्नी साबो खातून और उसके नाबालिग बेटे को पहले ही पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। बेलाल की पत्नी और बेटे की निशानदेही पर ही पुलिस को सूफिया का कटा सिर और सिर को दफनाने में इस्तेमाल किया गया सबल बरामद किया गया है। पुलिस इन्हें अलग-अलग जगह पर रखकर लगातार पूछताछ कर रही है।
कुख्यात बंबईया जावेद की हत्या में भी शामिल था बेलाल
बता दें कि 9 साल पहले रांची के पिठौरिया के चन्दवे इलाके में कुख्यात बंबइया जावेद की हत्या के मामले में भी शेख बेलाल का नाम सामने आया था। पुलिस ने बेलाल खान की तस्वीर पूरी महकमे में जारी कर दी थी।