Friday 3rd of July 2026 04:15:30 AM
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बीमार लालू को देखने पहुंचे तेजस्वी, राबड़ी और तेजप्रताप

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पहली बार लालू प्रसाद यादव को देखने रिम्स पहुंची राबड़ी देवी

आरजेडी सुप्रीमों लालू प्रसाद यादव की तबियत अब ठीक है । उन्हें फेफड़ों में इन्फेक्शन है। निमोनिया भी हो गया है । डॉक्टर और नर्सों की पूरी टीम उनके देखभाल में लगी है । लालू प्रसाद यादव को कुल 20 अलग-अलग तरह की बिमारियों ने जकड़ रखा है ।

लालू से मिलने पहुंची राबड़ी देवी

इस बीच बीमार लालू यादव को देखने राबड़ी देवी रांची के रिम्स पहुंची । वे पहली बार रिम्स में लालू प्रसाद यादव को देखने आई हैं । इससे पहले सिर्फ लालू यादव के बेटे-बेटियां ही उनसे मिलने रांची आते रहे हैं । इस दौरान राबड़ी देवी काफी उदास नजर आईं ।

बेटी मीसा कर रही हैं लालू की सेवा

रिम्स में बीमार लालू प्रसाद यादव की सेवा उनकी बड़ी बेटी मीसा भारती कर रही हैं । वे डॉक्टर्स की टीम के संपर्क में हैं । सूत्रों ने बताया कि जबतक लालू ठीक नहीं हो जाते मीसा भारती को पिता की देखभाल की इजाजत मिल गई है ।

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन से दिल्ली में मिले सांसद संजय सेठ

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रांची सांसद संजय सेठ के साथ रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सुनीत शर्मा

सरायकेला: रांची के सांसद संजय सेठ ने शुक्रवार को दिल्ली में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सुनीत शर्मा से मुलाकात कर चांडिल स्थित रेलवे फाटक संख्या केएस 8 को ल वैकल्पिक व्यवस्था होने तक रेलवे फाटक बंद नहीं करने को लेकर मुलाकात की। सांसद सेठ ने बताया पूर्व में भी इस संबंध में स्थानीय नागरिकों की समस्या को देखते हुए पत्राचार के माध्यम से अवगत कराया गया था, इसके बावजूद भी दिनांक 6 जनवरी 2021 को बिना किसी सूचना के इस रेलवे फाटक को बंद कर दिया गया है। अचानक फाटक बंद हो जाने से यहां के ग्रामीण व्यापारी सहित कॉलेज के छात्र छात्राओं को बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जनहित को ध्यान में रखते हुए मैंने पूर्व में भी जब तक वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो जाती है तब तक फाटक खुला रखने का आग्रह किया था। परंतु अचानक फाटक बंद हो जाने से स्थानीय लोगों को काफ़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

सांसद सेठ ने बताया फाटक संख्या केएस 8 के नजदीक पथ निर्माण विभाग झारखंड सरकार द्वारा एक सड़क का निर्माण प्रस्तावित है। जिस पर अभी चांडिल के रेलवे रैक द्वारा कोयला ,आयरन, और कई तरह के कच्चे माल की ढुलाई होती थी लेकिन अचानक फाटक बंद हो जाने से चांडिल रेलवे यार्ड भी काफी प्रभावित होता दिख रहा है। यहां के लोगों की जन भावनाओं को देखते हुए फाटक संख्या केएस 8 के पास अंडर पास का निर्माण कराया जाए जिसे आम जनजीवन समान रह सके। साथ ही वैकल्पिक व्यवस्था होने तक इस फाटक को खोलने का निर्देश जारी किया जाए।

थैंक्स सीएम सर, आपने कई बेटियों की जिंदगी बचा ली…

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नारकीय जीवन जी रहीं बेटियां हुई एयरलिफ्ट

..सरकार के सहयोग से अब संजो रहीं हैं सपने..

महिला उत्पीड़न की त्वरित सुनवाई के लिये 22 फास्टट्रैक कोर्ट के गठन को मंजूरी

रांची । 12 वर्षीय सिंगरी माल्टो (बदला हुआ नाम) पुलिस अधिकारी बनाना चाहती है। साहेबगंज निवासी सिंगरी कहती है, जो मेरे साथ हुआ, वह किसी अन्य के साथ न हो। उसने जो यातना और मानसिक पीड़ा झेली है, कोई और न झेले। सिंगरी मानव तस्करी की शिकार वही बच्ची है, जिसे राज्य सरकार पांच माह पूर्व दिल्ली से एयरलिफ्ट कर रांची लायी थी। यहां उसकी ब्रेन मैपिंग हुई। सरकार उसके भविष्य की योजनाओं से अवगत हुई और सिंगरी के भविष्य को गढ़ने में जुट गई। सिंगरी जैसी 44 अन्य बेटियां हैं। सभी की अपने भविष्य को लेकर अपनी योजनायें हैं, जिस पर राज्य सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। वर्तमान में रेस्क्यू की गयी बालिग़ बच्चियों को झारखण्ड में ही रोजगार उपलब्ध कराने की पहल हुई, साथ ही नाबालिग बच्चियों को बालिग होने तक प्रति माह दो हजार रुपये की सहायता राशि देने का निर्देश सम्बंधित जिला के उपायुक्तों को दिया गया।

इसी तरह ही, तमिलनाडु के कोयम्बटूर में जबरन 16 घंटे कार्य करने को विवश 24 युवतियों को एयरलिफ्ट कर रांची लाकर नौकरी दी गई। यही नहीं, राज्य सरकार ने हुनरमंद 111 नर्सों को देश के प्रतिष्ठित अस्पतालों में नियोजित कर उनके आर्थिक स्वावलंबन का मार्ग भी प्रशस्त किया।

राज्य सरकार ने 111 नर्सों को देश के प्रतिष्ठित अस्पतालों में नियोजित कर उनके आर्थिक स्वावलंबन का मार्ग भी प्रशस्त किया

महिला उत्पीड़न की सुनवाई के लिये फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट

रेप एंड पोस्को एक्ट के अंतर्गत लंबित वादों की त्वरित सुनवाई एवं निष्पादन के लिए झारखण्ड राज्य में जिला एवं अपर सत्र न्यायधीश स्तर के 22 फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालयों के गठन के प्रस्ताव को स्वीकृत किया गया। विधि विभाग द्वारा पोस्को एक्ट के तहत राज्य के डालटनगंज(पलामू), धनबाद, जमशेदपुर, गढ़वा, गोड्डा, रांची और देवघर जिले में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, अपर न्यायायुक्त, अपर लोक अभियोजक को नामित किया गया है। इसकी प्रशासनिक स्थापना के सुचारू संचालन के लिए प्रत्येक न्यायालय में वर्ग-III एवं वर्ग-IV के 07-07 कुल 154 अराजपत्रित पदों के सृजन पर घटनोत्तर स्वीकृति दी गई है।

ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट का गठन जल्द

लातेहार, साहेबगंज, गोड्डा और गिरिडीह में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) का गठन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इन चार जिलों में एएचटीयू के गठन संबंधी प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। इन अधिसूचित थानों के कार्यक्षेत्र संबंधित जिला का संपूर्ण कार्यक्षेत्र होगा तथा इसमें एएचटीयू जिला के अन्य थाना क्षेत्र में अवैध मानव व्यापार से संबंधित मामले भी पंजीकृत करने के साथ अनुसंधान भी किए जाएंगे। इन इकाइयों द्वारा अवैध मानव व्यापार की रोकथाम, रक्षा एवं अभियोजन के संधारण तथा अपराध एवं अपराधियों/ गिरोहों से संबंधित पूरा ब्योरा तैयार कर रखा जाएगा। वर्तमान में आठ एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट झारखण्ड में संचालित हैं।

हेमंत सोरेन की कमजोर सरकार झारखंड के लिए बड़ा खतरा: रघुवर दास

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प्रेस को संबोधित करते पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास


अगर नेतृत्व कमजोर हो, अक्षम हो तो सारी मुसीबतें अपने आप पैदा होने लगती है। विकास की गति थम जाती है और सरकार किसी भी विषय पर फैसले लेने से कतराने लगती है,यह बातें पूर्व मुख्यमंत्री सह भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास ने कही । वे प्रदेश कार्यालय में एक प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।

रघुवर दास ने कहा कि कमजोर व्यवस्था में सब जगह,हर काम में अभाव ही रहता है। सर्वत्र एक ही चीज अभाव-अभाव ही नजर आता है। विकास कार्यों के लिए धन के अभाव का रोना इस सरकार की दिनचर्या का हिस्सा है। लेकिन दिल्ली में छह लाख रुपये महीने का बंगला लेने में धन की कमी आड़े नहीं आती। कमजोर किंतु गलाबाज शासन में चारों और व्यवस्था दिखाई जाती है, लेकिन होती नहीं है।
कमजोर शासन में भू-माफिया, जंगल माफिया और खनन माफियाओं को संरक्षण दिया जाता है। जमीन, जंगल और खनिजों के अवैध कारोबारी बेखौफ होकर काम करते हैं और अपनी काली कमाई से सत्ताधीशों की तिजोरिया भरते हैं।

प्रेस कान्फ्रेंस में रघुवर दास के साथ प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव


रघुुवर दास ने कहा कि कमजोर शासन में लोक गायब और तंत्र हावी हो जाता है। परिणामस्वरूप जनता जब मचलती है, अपने हक, सुरक्षा,जरूरतों और न्याय के लिए आवाज उठाती है तो कोलाहल पैदा होता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की शिकायत यह है कि जनता आंदोलन कर रही है, लेकिन आरोप तो विपक्ष पर लगाया जा रहा है।आखिर क्यों, इसका जवाब सरकारी पार्टियां नहीं देती हैं,देंगी भी कैसे, इन 13 महीनों में वे पूरी तरह बेनकाब हो गई हैं।

उन्होंने कहा कि सवाल यह है कि इन 13 महीनों में विकास की गाड़ी ठिठक क्यों गई।राज्य में अराजकता एवं अर्थव्यवस्था के कारण पैदा हुए सोचनीय हालात,एड़ी से चोटी तक व्यवस्था में फलता-फूलता भ्रष्टाचार, महिलाओं-बच्चियों के साथ दरिंदगी, नित हो रही हत्याएं और पेशेवर अपराधियों तथा उग्रवादियों के आतंक के लिए यदि मुख्यमंत्री नहीं, तो कौन जिम्मेदार है। हकीकत है कि आज पूरे राज्य में असंतोष पसर रहा है। समाज का हर तबका पीड़ित है। शासन से लोगों का भरोसा टूट रहा है।

हेमंत सोरेन से जो आशा-अपेक्षा थी,वह सूख रही है। जनता स्वयं को ठगा-छला महसूस कर रही है


रघुवर दास ने कहा कि 13 महीनों की इस सरकार की कारस्तानियों की आलम यह है कि इस सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में पत्थलगड़ी कांड के आरोपियों पर से बिना जांच-पड़ताल केस वापस ले लिया। इससे राष्ट्रविरोधी शक्तियों, उग्रवादियों, अपराधियों का मनोबल बढ़ गया और वे पूरे राज्य में तांडव मचाने लगे। यहां तक कि सांवैधानिक प्रमुख राज्यपाल के आवास की दीवारों पर दहशतगर्दी के पोस्टर चिपकाने लगे। ऐसा पिछले बीस साल में कभी नहीं हुआ।उन्होंने कहा कि अपराधियों, उग्रवादियों व राष्ट्र विरोधी ताकतों का मनोबल बढ़ाने का ही परिणाम था कि चाईबासा। वहां सात लोगों की नृशंस हत्या कर दी गई थी। उस पर तुर्रा यह कि बकौल मुख्यमंत्री जो मारे गए थे वह भी तो उनके ही थे, जिन्होंने मारा था, वे भी उन्हीं के थे। इसलिए कोई कार्यवाही तो होनी नहीं थी, हुई भी नहीं। दिखावे के लिए कमेटी बना दी गई। कमेटी की जांच का क्या हुआ, क्या कार्रवाई हुई, किसी को पता नहीं। आखिर जब मुख्यमंत्री के लोग मुख्यमंत्री के लोगों की हत्या करेंगे तो करवाई नहीं होगी। क्या मुख्यमंत्री बताएंगे कि इस राज्य के कौन से नागरिक उनके हैं और कौन पराये। क्या किसी राज्य का मुखिया इस आधार पर निर्णय लेता है? इसी को कहते हैं – अक्षम, अराजक सरकार।

रघुवर दास ने कहा कि अब जरा लोहरदगा दंगे पर गौर कीजिए। आम लोग नागरिकता कानून के समर्थन में जुलूस निकाल रहे थे। उन पर अचानक हमला कर दिया गया। दुकानें जला दी गई। मकानों में तोड़फोड़ की गई। बम चले, गोलियां चली। मकानों की छतों से पत्थर-ईंटे बरसायी गयीं। एक युवक की मौत हो गई। कई घायल हो गए। कर्फ्यू लगा। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। शायद उपद्रवी, मुख्यमंत्री और उनके एक मंत्री के लोग थे। जिस राज्य के लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों को भी दंगाई रौंद डाले, प्रदर्शनकारियों को लहूलुहान कर डाले तथा सरकार बगले झांकने लगे। तब भी क्या सरकार पर अक्षम और पक्षपाती होने का आरोप चस्पा नहीं होता है?


आगे उन्होंने कहा कि पिछली सरकार की एक महत्वकांक्षी योजना थी रेडी टू ईट। इस योजना का मकसद गांव-देहात के गरीब बच्चों को पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध कराना था। इस योजना का कार्यान्वयन सखी मंडलों (सेल्फ हेल्प ग्रुप) के माध्यम से होना था। इस पर 500 करोड़ रुपए खर्च होने थे। लेकिन सरकार ने यह कहते हुए इसे बंद कर दिया था कि इसका कार्यान्वयन फिलहाल असंभव है। सरकार अपने कैबिनेट संलेख में मानती है कि यह योजना बहुत अच्छी है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। कुपोषण भी दूर होगा, लेकिन सरकार अपने बूते इसका कार्यान्वयन नहीं कर पाएगी। लिहाजा इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जानी चाहिए। इससे स्पष्ट है कि सरकार स्वयं मानती है की वह ग्रामीण क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण योजनाओं के कार्यान्वयन में अक्षम है। वह गांव स्तर पर आटा पीसने-गुथने की छोटी सी मशीन तक नहीं लगवा सकती। अब टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। और चर्चा यह है कि टेंडर उसी को मिलने वाला है, जो अंडमान निकोबार से मजदूरों को हवाई जहाज से झारखंड लाया था।

रघुवर दास ने कहा कि इस सरकार के लिए सबसे बड़ी परेशानी कांग्रेस है। कांग्रेस के एकमात्र ऐसी पार्टी है जो सरकार के अंदर रहे या बाहर से समर्थन करें, जबरदस्त वसूली करती है। मधु कोड़ा के मुख्यमंत्री रहते कांग्रेस ने कैसे और कितना मधु चाटा तथा कोड़ा किन-किन लोगों पर पड़ा और पड़ रहा है, पूरा झारखंड जानता है। तब कांग्रेस की प्रभारी नूर बानो थी। अपने हर झारखंड दौरे पर वह इतना नूर-कोहिनूर बटोर कर ले जाती थीं, यह सर्वविदित है। अब आरपीएन सिंह है, जिनपर कांग्रेस के ही एक बड़े नेता फुरकान अंसारी ने खुलेआम आरोप लगाया कि वह अपने मंत्रियों के माध्यम से वसूली करते हैं। मुख्यमंत्री के वर्तमान दिल्ली दौरे को लेकर भी अटकलों का बाजार गर्म है। मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि वह कांग्रेस नेताओं से शिष्टाचार भेंट करने के लिए गये थे। लेकिन शिष्टाचार भेंट के लिए चार्टर्ड प्लेन से जाने की क्या जरूरत थी, वह भी तब जब वे कहते हैं कि खजाना खाली है। दरअसल कांग्रेस को अगले चार महीनों में पांच राज्यों में चुनाव लड़ना है और इसके लिए झारखंड से कुछ मोचन-दोहन वह नहीं करेगी, ऐसा कैसे हो सकता है।


उन्होंने कहा कि हमेशा खजाना खाली होने की बात कहने वाले हेमंत सोरेन जी यह बताने का कष्ट करेंगे कि नयी दिल्ली में एन.आर.आई इनवेस्टमेंट सेल के नाम पर छह लाख रूपये प्रति माह में एक बंगला 5/1, आनंद निकेतन, नयी दिल्ली क्यों बुक किया गया है। झारखंड भवन में सारी सुविधाएं होने के बावजूद हेमंत सोरेन जब भी नयी दिल्ली की यात्रा पर रहते हैं अपनी सुविधा के लिए यहां क्यों ठहरते हैं। जनता की गाढ़ी कमाई इस पर उड़ाई जा रही है।

दारोगा जी रिश्वत में मांगते हैं मोबाइल

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हंटरगंज थाना प्रभारी के लिए खरीदे गए मोबाइल की रसीद

दारोगा जी फर्जी पता पर रिश्वत में लेते हैं मोबाईल, फिर भी एसपी हैं दरोगा पर मेहरबान
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फर्जी पता पर सिम-फोन खरीदने और बेचने वाले दारोगा-दुकानदार पर चलेगा आयरन हैंड ?
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उज्जवल दुनिया संवाददाता/ अजय निराला


हजारीबाग। उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल अंतर्गत चतरा जिले के हंटरगंज थाना के वर्तमान थाना प्रभारी सचिन कुमार ने इटखोरी थाना प्रभारी रहने के दौरान सुबोध सिंह नाम के व्यक्ति से प्रतिद्वंद्वियों की शिकायत पर केस नहीं करने के एवज में पचास हजार नगद व 42 हजार रुपए कीमत के वनप्लस ब्रांड के मोबाईल रिश्वत के रूप में वसूल लिया।

दारोगा सचिन कुमार ने रिश्वत तो लिया ही साथ में इस मोबाईल में भी फर्जीवाड़ा किया है। हजारीबाग के मालवीय मार्ग स्थित जिस रॉयल स्मार्ट मोबाईल सेंटर से सचिन ने सुबोध सिंह से मोबाईल खरीदवाया उस मोबाइल के बिल में सचिन कुमार का नाम और नंबर 6200282993 दर्ज है। लेकिन पता में हजारीबाग लिखा हुआ है। अब प्रश्न यह है कि जब सचिन कुमार चतरा जिले में सब इंस्पेक्टर हैं और उनका स्थायी पता देवघर जिला है, तो बिल में उसने अपना पता हजारीबाग क्यों लिखवाया ?

रिश्वत में मोबाईल खरीददारी करवाने में भी फर्जीवाड़ा किया है। रिश्वत में फर्जी पता लिखवा बिल बनवाने के बाद सुबोध सिंह ने पेटीएम के माध्यम से रॉयल स्मार्ट के प्रोपराइटर शाहिद अख्तर को 42000 रुपए भुगतान किया। एक और गंभीर सवाल यह उठ रहा कि दुकानदार ने कैसे बिना पहचान पत्र के घूसखोर दारोगा का फोन बिल में हजारीबाग का पता लिख दिया ? ऐसे में तब जब गलत पता पर फोन लेने और बेचने पर पुलिस कार्रवाई करती है। क्या दारोगा और दुकानदार पर ऐसी कोई कार्रवाई होगी जो का कुकर्म यहीं नहीं थमता।

दारोगा के लिए खरीदे गए स्मार्टफोन के लिए सुबोध ने पेटीएम से 42000 रुपये का भुगतान किया

डीआईजी हजारीबाग को दिए आवेदन में सुबोध सिंह ने लिखा है कि पैसे और मोबाईल लेने के बाद विपक्षियों से मेरे ऊपर काउंटर केस भी करवा दिया और मेरे घर मे घुसकर मेरी पत्नी से दुर्व्यवहार करने वाले आरोपियों पर कार्रवाई भी नहीं किया। अब आरोपियों द्वारा केस नहीं उठाने पर जान से हाथ धोने की धमकी दी जा रही है।


एसपी हैं मेहरबान तो दारोगा बनें हैं पहलवानॽ
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चतरा जिले के दारोगा सचिन के कारनामें उजागर होने पर झारखंड सरकार और पुलिस मुख्यालय द्वारा बेहतर पुलिसिंग के प्रयासों को गहरा झटका लगा ही है। साथ ही यह बदनामी का सबब बन गया है। नक्सली गतिविधि-घटनाओं को रोकने, लचर विधि-व्यवस्था में लाचार साबित हो रहे चतरा एसपी के नेतृत्व क्षमता के साथ उनकी कार्यशैली पर भी गंभीर प्रश्नचिन्ह उठने लगे हैं। आमजन का भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं किए जाने को लेकर लोगों का एसपी पर भरोसा भी उठने लगा है। ऐसी सोच इसलिए बन रही है कि सचिन कुमार पर इटखोरी थाना में रहते कई गंभीर शिकायतें की गई। लेकिन सचिन कुमार पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे सचिन कुमार का मनोबल बढ़ता गया।

दारोगा सचिन के खिलाफ़ शिकायतों का अंबार, फिर एसपी साहब आंखे बंद किए रहे

सचिन के खिलाफ शिकायतों के अंबार और सुर्खियों पर चतरा एसपी से डीआईजी ने रिपोर्ट तलब की थी। लेकिन उसमें में भी सचिन के शिकायतों को बारीकी से मोड़ने को कोशिश किए जाने की सूचना है। सुबोध सिंह द्वारा एसपी को शिकायत न कर सीधे डीआईजी को शिकायत किए जाने को लेकर भी एसपी के प्रति भरोसा नहीं होने का इशारा कर रहा है।

क्या कहतें हैं डीआईजी:

इस संबंध में पूछे जाने पर प्रमंडल के डीआईजी अमोल वेणुकांत होमकर ने कहा कि सुबोध सिंह के आवेदन पर दारोगा सचिन कुमार के मामले पर जांच के लिए चतरा एसपी को निर्देश दिया गया है। साथ ही आवेदन के प्रत्येक पहलुओं पर जांच करने के साथ ही जल्द प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। चतरा एसपी के प्रतिवेदन के आधार पर कार्यवाई की जाएगी।

सरकार कानून

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सदर विधायक कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस करते बाबूलाल मरांडी

उज्ज्वल दुनिया संवाददाता/ संदीप सिन्हा



हजारीबाग। सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने शुक्रवार को शहर स्थित सदर विधायक कार्यालय में मीडिया से मुखातिब हुए। इस दौरान उनके साथ सांसद जयंत सिन्हा, सदर विधायक मनीष जायसवाल, बरही के पूर्व विधायक मनोज यादव, पूर्व सांसद यदुनाथ पांडेय, जिलाध्यक्ष अशोक यादव, निगम की महापौर रौशनी तिर्की, उपमहापौर राजकुमार लाल शामिल थे।

बाबूलाल मरांडी सूबे की कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान लगाते हुए झारखंड की महागठबंधन सरकार पर आरोपों की झड़ी लगा दी। उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि सूबे की कानून व्यवस्था की वर्त्तमान स्थिति 20 वर्ष पूर्व वाली स्थिति नजर आ रही है। तमाम संसाधनों के होते हुए भी हेमंत सरकार में जनता के लिए कुछ करने की नीयत ही नही दिखती। इस दौरान उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जल्द से जल्द कानून व्यवस्था को सरकार पटरी पर लाए। अन्यथा भाजपा सड़क पर उतरने के लिए विवश होगी।

एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि सरकार से इतर भी कोई है जो सरकार को चला रही है। उन्होंने कहा कि कुछ दिनों पूर्व कुछ डीएसपी का तबादला किया गया था। जिसे अगले ही दिन निरस्त कर दिया गया। इसका मतलब यही है कि सरकार के निर्णय से इतर भी कोई बाहरी शक्ति है। जिसके हाथ मे चाबी है।

केन्दीय स्कीमों को लेकर घेरा:

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को हेमंत सरकार राजनीतिक दुष्प्रभावों से ग्रसित होकर चला नही रही है। वहीं इस सरकार ने वैसी योजनाओं को अनावश्यक रूप से बंद भी कर दिया।

राज्य में है भय का माहौल:

बाबूलाल ने कहा कि जब से यह सरकार आई है। कानून व्यवस्था के लचर हो जाने से राज्य में भय का माहौल व्याप्त है। सरकार और आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि जिन उग्रवादियों पर इनाम घोषित थे। साथ ही ऐसे उग्रवादी राज्य से फरार चल रहे थे। अब वे पुनः राज्य में लौटकर सक्रिय हो गए हैं। चोरी, डकैती, हत्या व बलात्कार की घटनाएं रोज देखने सुनने को मिल रही है। व्यावसायियों को आए दिन धमकियां दी जा रही है। उससे यह पता चलता है कि सूबे की कानून व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो गई है। वह भी तब जबकि सरकार के पास तमाम संसाधन उपलब्ध है। पर्याप्त सुरक्षा बलों के होने के बावजूद सरकार पंगु बनी हुई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के पास ही गृह विभाग भी है। इसके बावजूद स्थिति इतनी खराब है।

सूबे में भ्रष्टाचार चरम पर:

भ्रष्टाचार पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि थाना, अंचल व ब्लॉक सभी जगहों पर इन दिनों भ्रष्टाचारियों का बोलबाला है। अधिकारियों व कर्मचारियों के गठजोड़ से जबरन पैसों की उगाही हो रही है। दूसरी ओर सरकार मौन है।

महिलाओं पर बढ़े हैं अत्याचार:

महिला सुरक्षा पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्षों में लगभग 1700 महिलाएं अत्याचार की शिकार हुईं हैं। इनमें 700 से अधिक दलित महिलाएं शामिल हैं। ऐसे में सरकार को बताना चाहिए कि उन्होंने महिला सुरक्षा को प्राथमिकता क्यों नही दी?

सूबे की सरकार अयोग्य व अक्षम सरकार है: जयंत सिन्हा

प्रेस वार्त्ता के दौरान जिले के सांसद जयंत सिन्हा ने सूबे की आर्थिक व्यवस्था पर प्रश्न खड़ा करते हुए कहा कि यह सरकार खजाना खाली होने की बात करती है। जबकि यह निराधार है। रघुवर दास की सरकार ने भरा हुआ खजाना इन्हें सौंपा था। कोरोना महामारी के कारण इस बार जीएसटी का संग्रहण काम हुआ। जनता की बेहतरी के लिए व उद्योग-धंधों को ठीक करने की नीयत महागठबंधन की सरकार में नही है। इस सरकार ने आरबीआई से जीएसटी ऋण भी अन्य राज्यों की अपेक्षा सबसे अंत मे ली। सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत हजारीबाग व रामगढ़ जिले के लिए 180 सड़कों के निर्माण की अनुशंसा केंद्र सरकार ने की। बावजूद इसके राज्य सरकार ने इसे अब तक गंभीरता से नही ली। हजारीबाग, पलामू व दुमका में तीन नए मेडिकल कॉलेज खोले गए। लेकिन अब तक उनमें विद्यार्थियों के नामांकन के लिए इस सरकार ने गंभीरता नही दिखाई। जयंत सिन्हा ने कहा कि खर्चों को दिखाने में भी यह सरकार पीछे है। केंद्रीय सरकार द्वारा दी गई राशि का मात्र 20 फीसदी ही खर्चा इस सरकार ने किया है। यह आंकड़े भी पिछले वर्ष के सितंबर माह तक के हैं।


बिजली की समस्या पर बात करते हुए जयंत सिन्हा ने कहा कि रघुवर दास की सरकार ने डीवीसी को समय-समय पर राशि भुगतान की थी। केंद्र सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर ही कुछ समस्याओं के निराकरण संभव है। उन्होंने महागठबंधन की सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस सरकार की वित्तीय क्षमता अत्यधिक कमजोर है।

ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार नही तो होगा आंदोलन: मनीष

शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पर बोलते हुए सदर विधायक मनीष जायसवाल ने कहा कि यदि इसमें जल्द सुधार नही की गई तो आंदोलन होगा।

रांची के बिरसा चौक पर संविदाकर्मियो पर बरसी लाठियां

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बिरसा चौक पर पुलिस लाठीचार्ज में घायल संविदाकर्मी

बिरसा चौक पर आंदोलनकर्मी-पुलिस के बीच विवाद के बाद लाठीचार्ज

रांची : जगरनाथपुर थाना क्षेत्र के बिरसा चौक पर मुख्यमंत्री आवास घेरने के लिए जमा हुए 14वें वित्त आयोग के संविदा कर्मियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया है।

पुलिस की लाठीचार्ज के बाद अपने जख्म दिखाता संविदाकर्मी

लाठीचार्ज में कई संविदा कर्मियों को चोटे आई हैं। मिली जानकारी के अनुसार जगन्नाथपुर पुलिस एचईसी गेट के पास नारेबाजी होने लगी थी। गेट को जबरन खोलने पर आंदोलनकारी आमादा थे। पुलिस गेट को बंद कर दूसरी और मुस्तैद थी।

एचईसी गेट खोलने पर आमादा थे आंदोलनकारी

मामले की जानकारी पाकर आला अधिकारी सदर एसडीओ, एएसपी हटिया विनीत कुमार सिटी एसपी सौरभ कुमार मौके पर पहुंचे। इसी बीच आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच विवाद हो गया। पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इसमें कई लोग घायल हुए हैं। घायलों को इलाज के लिए पहुंचाया गया है।

एक का पैर टूटा, कई घायल..
थोड़ी देर के लिए जंग का मैदान बना रांची का बिरसा चौक
पुलिस ने खदेड़-खदेड़ कर पीटा
पुलिस लाठीचार्ज के बाद कई आंदोलनकारी फूट-फूट कर रोने लगे
रोते हुए संविदाकर्मियो को ढाढ़स बंधाते पुलिस अफसर

UP बोर्ड की प्रायोगिक परीक्षा का ऐलान

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की प्रायोगिक परीक्षाओं की आज घोषणा कर दी गई है। यूपी बोर्ड के सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने प्रायोगिक परीक्षा का विस्तृत कार्यक्रम जारी करते हुए बताया कि प्रायोगिक परीक्षा मंडलवार दो चरणों में होगा। पहले चरण की परीक्षा तीन फरवरी से शुरू हो रही है, जबकि दूसरा चरण 13 फरवरी से शुरू होकर 22 फरवरी तक चलेगा।

उन्होंने बताया कि मंडलवार दो चरणों में होगा और उसकी सीसीटीवी कैमरे से निगरानी कराई जाएगी। इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए यूपी बोर्ड परीक्षकों की तैनाती करेगा। वहीं, हाईस्कूल में आंतरिक मूल्यांकन प्रधानाचार्य के माध्यम से कराया जाएगा।

दिव्यकांत शुक्ल ने बताया कि सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। यूपी बोर्ड पहले ही हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की लिखित परीक्षाएं मार्च व अप्रैल में कराने का संकेत एकेडमिक कैलेंडर में दे चुका है। संभव है कि जल्द ही परीक्षा कार्यक्रम का भी ऐलान हो जाए।

यूपी बोर्ड के सचिव ने बताया कि इंटरमीडिएट के प्रयोगात्मक विषयों में 50 प्रतिशत अंक आंतरिक परीक्षक व इतने ही अंक वाह्य परीक्षक देंगे। वहीं, व्यक्तिगत परीक्षार्थियों के लिए जो कॉलेज प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए निर्धारित होगा, वहां संबंधित विषयों के शिक्षक 50 प्रतिशत अंक आंतरिक मूल्यांकन के तहत देंगे और वाह्य परीक्षक भी इतने ही अंक दे सकेंगे।

‘हम’ भाव से टीम वर्क मजबूत करें

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लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने लखनऊ आते ही मंत्रियों को अनुसाशन का पाठ पढ़ाया। उन्होंने मंत्रियों से साफ कहा कि मैं नहीं, हम भाव से टीम वर्क मजबूत करें। जेपी नड्डा दो दिवसीय प्रवास के लिए गुरुवार शाम को लखनऊ पहुंचे। लखनऊ पहुंचे कुछ घंटे ही हुए थे, जनता और कार्यकर्ताओं से फीडबैक न होने के बावजूद जिस तरह से नड्डा ने मंत्रियों को सीख दी है। उससे इशारा मिलता है कि रिपोर्ट कार्ड तो पहले ही दिल्ली पहुंच चुका था। सरकार और संगठन के कामकाज के साथ ही समन्वय की भी तारीफ की, लेकिन मंत्रियों को अपने काम के तौर-तरीके बदलने की स्पष्ट सलाह दी। उन्होंने समझाया कि मैं नहीं, हम भाव से टीम वर्क मजबूत करें।

नड्डा ने प्रदेश मुख्यालय में योगी सरकार के मंत्रियों और पदाधिकारियों के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में उन्होंने केंद्र व प्रदेश सरकार के काम की सराहना की। खासकर कोरोना संकट के दौरान किए सेवा कार्यों के लिए सरकार के साथ संगठन की पीठ भी थपथपाई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेवा कार्यों को राजनीति का माध्यम बनाने की अनूठी पहल हुई है।

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर जनता के बीच जाएं। संपर्क-संवाद बढ़ाकर सेवा कार्यों के जरिए चुनावी तैयारियों में जुटें। उन्होंने सरकार व संगठन के समन्वय की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश में विकास के नए आयाम गढ़े जा रहे हैं।

ममता सरकार को झटका, वन मंत्री राजीब बनर्जी ने दिया इस्तीफा

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कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस के कैबिनेट से राजीब बनर्जी ने शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया। बनर्जी ने वन मंत्री के पद से त्याग पत्र देने के बाद लिखा, “मुझे यह सूचित करते हुए बेहद खेद है कि मैंने वन विभाग में एक कैबिनेट मंत्री के रूप में अपने कार्यायल से इस्तीफा दे दिया है।

उन्होंने कहा कि राजभवन में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ के पास त्याग पत्र की एक प्रति भेज दी गई है।

बनर्जी ने आगे कहा, “पश्चिम बंगाल के लोगों की सेवा करना मेरे लिए एक सम्मान की बात रही है। इस अवसर के लिए मैं दिल से अपना आभार व्यक्त करता हूं।”

बनर्जी हावड़ा के डोमजूर विधानसभा क्षेत्र से विधायक थे और साथ ही हावड़ा जिले में तृणमूल कांग्रेस के समन्वयक भी रहे थे।

वन विभाग का कार्यभार संभालने से पहले वह राज्य के सिंचाई मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।

रामगढ विधायक ममता देवी ने सोना पहाड़ी मंदिर में पूजा अर्चना की

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पूजा करने के उपरान्त समर्थकों के साथ ममता देवी

रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक ममता देवी शुक्रवार को गिरिडीह जिला अंतर्गत बगोदर विधानसभा में स्थित सोना पहाड़ी मंदिर में पहुंच कर दर्शन एवं पूजा अर्चना की। सोना पहाड़ी मंदिर में ममता देवी के साथ उनके सैकड़ों समर्थक एवं शुभचिंतकों ने पूजा अर्चना की एवं प्रसाद चढ़ाया।

ममता देवी ने कहा कि हमारे शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो जी जल्द से जल्द स्वस्थ हों एवं राज्य और देश कोरोना संक्रमण हो से मुक्त हो, यही कामना है। उन्होंने माता रानी से खुशहाल झारखंड की कामना की।

मौके पर कांग्रेस नेता सुधीर मंगलेश बगोदर विधानसभा युवा नेता नितिश पटेल प्रदीप महतो बजरंग महतो अमित महतो गौरीशंकर महतो मानिक पटेल राजू महतो हिरालाल महतो भरत महतो युगलकिशोर महतो मुरली महेता कमलेश महतो परवेज़ कुमार हेमंत चौधरी संतीश कुमार पवन.कुमार अन्दू महतो रितेश कुमार मुकेश कुमार रुकेश कुमार उतम कुमार रामप्रसाद करमाली मन्टू महतो मुकेश कुमार सागर रजावार अमर उपाध्यक्ष संजय महतो ऐनामुल अंसारी शंक्ति कुमार मनोज कोटवार मनोज पुझर रवि कुमार हेमंत महतो शशी कुमार मनोज करमाली कुलदीप महतो अभिमन्यु कुमार दुष्यंत कुमार सुनिल करमाली पवन केवट नंदकिशोर गुप्ता विकास कुमार ललित कुमार आदि मौजूद थे ।

कर्नाटक के शिमोगा में ब्लास्ट, 8 लोगों की मौत

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पुलिस का कहना है कि डायनामाइट से धमाका हुआ

कर्नाटक के शिमोगा में करीब आधी रात को जोरदार धमाका हुआ…इस धमाके से कई घरों को नुकसान पहुंचा है । अब तक पुलिस ने 8 लोगों के मौत की पुष्टि की है, जबकि स्थानीय लोगों का कहना है कि मरने वालों की संख्या अधिक है ।

डायनामाइट और जिलेटिन का हुआ इस्तेमाल- पुलिस

पुलिस के अधिकारी ने बताया कि धमाके में जिलेटिन का इस्तेमाल हुआ है । वहीं पास में ड्यूटी पर तैनात पुलिस के जवान ने बताया कि एक ट्रक में ब्लास्ट हुआ, उसमें डायनामाइट भरा हुआ था । धमाके के बाद ट्रक में मौजूद 6 मजदूरों की तत्काल मौत हो गई, जबकि पास में मौजूद दो लोग भी धमाके के चपेट में आ गए, जिनकी मौत अस्पताल ले जाने के क्रम में हुई ।

ब्लास्ट के बाद डायनामाइट लदे ट्रक की हालत

पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया

शिमोगा पुलिस ने रातोरात पूरे इलाके को घेर लिया । ब्लास्ट इतना शक्तिशाली था कि आसपास के कई घरों को नुकसान पहुंचा है । स्थानीय लोगों ने बताया कि धमाके के बाद लगा कि धरती हिल रही है। मानों कोई तेज भूकंप आया है । कर्नाटक के मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने पूरी घटना के उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं ।

देश भर में 10 लाख लोगाें ने लगवाया कोरोना वैक्सीन

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10 लाख लोगों मे से 187 लोगों ने कीसी तरह की शिकायत की

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि कोविड-19 के देशव्यापी टीकाकरण अभियान के छठे दिन शाम छह बजे तक टीका लगवाने वाले स्वास्थ्य कर्मियों की संख्या अंतरिम रिपोर्ट के अनुसार 10 लाख से अधिक हो गयी है. मंत्रालय ने बताया कि बृहस्पतिवार को शाम छह बजे तक 27 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में आयोजित 4,043 टीकाकरण सत्रों के माध्यम से 2 लाख 33 हजार 530 लोगों को यह टीका लगाया गया. उसने बताया कि अंतिम रिपोर्ट देर रात तक पूरी तैयार होगी.

अगनानी ने कहा कि टीकाकरण के छठे दिन शाम छह बजे तक प्रतिकूल प्रभावों (एईएफआई) के 187 मामले सामने आये. उन्होंने कहा, ‘‘एक व्यक्ति जिसे 16 जनवरी को टीका लगाया गया और जिसे 20 जनवरी को इंटरक्रेनियल हैमरेज हो गया था, उसे राजस्थान में उदयपुर के गीतांजलि मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया है और इसका टीकाकरण से कोई संबंध नहीं है. आज तक मौत का एक भी मामला नहीं आया है.’’

सांस लेने में तकलीफ के बाद थोड़ी देर के लिए बेहोश हो गए थे लालू, रिम्स में मची अफरा

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चारा घोटाले मामले में सजायाफ्ता और रिम्स के पेइंग वार्ड में इलाज करवा रहे राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की तबीयत गुरुवार की शाम अचनाक ज्यादा बिगड़ गयी । उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। शाम को तो एक बार वो बेहोश भी हो गए । मिली जानकारी के मुताबिक लालू यादव को चेस्‍ट इंफेक्‍शन है । लालू यादव की तबीयत बिगड़ने के बाद सीनियर डॉक्टर के साथ ही रिम्स अधीक्षक डॉ.विवेक कश्यप, जेल आईजी बीरेंदर भूषण और झारखंड के स्वास्‍थ्‍य मंत्री बन्ना गुप्ता अस्पताल पहुंचे ।

लालू के फेफड़े में इंफेक्शन- रिम्स निदेशक

रिम्स के डायरेक्टर कामेश्वर प्रसाद ने कहा, ”लालू यादव की हालत स्थिर है. फेफड़े में संक्रमण है. यह एक प्रकार का निमोनिया है, उनका इलाज चल रहा है. हमने एम्स के लंग्स डिपार्टमेंट के एचओडी से सलाह ली है. कोविड-19 के लिए रैपिड एंटीजन टेस्ट किया गया है और रिपोर्ट निगेटिव है. आरटी-पीसीआर रिपोर्ट कल आएगी.” फिलहाल उनके इलाज में डॉक्टर उमेश प्रसाद और वीके झा लगे हुए हैं. वहीं, रिम्स के चिकित्सा अधीक्षक भी पेइंग वार्ड में उपस्थित हैं.


25 प्रतिशत ही काम कर रही किडनी

गौरतलब है कि आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव चारा घोटाला मामले में सजायाफ्ता हैं. लेकिन तबीयत खराब होने की वजह से रिम्स के पेइंग वार्ड में भर्ती हैं. बीते दिनों लालू प्रसाद यादव के डॉक्टर ने बताया था कि उनकी तबीयत काफी खराब है. उनकी किडनी केवल 25 प्रतिशत ही काम कर रही है और कभी भी कोलैप्स कर सकती है. वहीं, सुगर की वजह से उनके ऑर्गन डैमेज हो रहे हैं, जो चिंता का विषय है.

सात एकड़ में लगे पोस्ता खेती को रौंदा

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पोस्ता खेती को नष्ट करते वन विभाग और पुलिस कर्मी

उज्जवल दुनिया संवाददाता/गीतांजलि

सिमरिया । अफीम उन्मूलन अभियान के तहत वन विभाग और पुलिस के संयुक्त तत्वाधान में अफीम की खेती को नष्ट किया गया। अभियान का नेतृत्व रेंजर सूर्य भूषण कुमार कर रहे थे। इस दौरान मदनपुर और भोक्ताडीह जंगल में वन भूमि क्षेत्र में लगे पोस्ता खेती को नष्ट किया गया। मदनपुर में 4 और भोक्ताडीह वनक्षेत्र 3 एकड़ भूमि में पोस्ता की खेती की गई थी। जिसकी सूचना मिलने के बाद वन विभाग और पुलिस के द्वारा यह अभियान चलाया गया। अभियान में ट्रैक्टर लगाया गया था। ट्रैक्टर से पोस्ता लगे खेती की जोताई कर उसे नष्ट कर दिया गया।

वन विभाग और वशिष्टनगर पुलिस ने मिल कर चलाया अभियान 

अभियान की भनक लग जाने के कारण पोस्ता खेती करने वाले लोग फरार हो गए। रेंजर ने बताया कि अफीम की खेती करने वालों के विरुद्ध अभियान जारी रहेगा। साथ ही इसमें संलिप्त लोगों को चिन्हित करने का काम भी किया जा रहा है। इसमें संलिप्त लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर उनके विरूद्ध कार्रवाई किया जाएगा। इस अभियान से पोस्ते खेती करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है। अभियान में वनरक्षी अवधेश कुमार, दीपक गुप्ता, पवन कुमार, नितेश कुमार सहित पुलिस बल के जवान शामिल थे।