Friday 3rd of July 2026 08:08:47 AM
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चंदवारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में नहीं आते डॉक्टर, मरीज परेशान

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सरकार के दावों का मज़ाक उड़ाने वाले डाक्टरों पर “आयरन हैंड” कब ?

चंदवारा (कोडरमा) : स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराए जाने के भले ही दावे किए जा रहे हों, परंतु ग्रामीण क्षेत्रों में खुले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति यह है कि डॉक्टर आते ही नही।

स्टाफ़ के सहारे चल रहा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र

कुछ ऐसा ही हाल चंदवारा प्रखण्ड मुख्यालय स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का है जहां डॉक्टरों की मनमानी मरीजों की परेशानी का कारण बनी हुई है। सारी सेवाएं सिर्फ स्टाफ के सहारे ही चलती हैं। डॉक्टर सिर्फ खानापूर्ति के लिए ही आते है ओर चले जाते है। यही कारण है कि प्रखण्ड के लोग पूरी तरह से झोला छाप डॉक्टरों पर ही निर्भर है।

हमेशा अनुपस्थित क्यों मिलते हैं डॉक्टर?

ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खोलकर डॉक्टरों की तैनाती की गई है। जिससे समय पर गांवों में मरीजों को इलाज की सुविधा मिल सके, लेकिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चंदवारा की हकीकत कुछ और ही है,कभी-कभार ही डॉक्टर अस्पताल आते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से मरीज सरकारी इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचते हैं पर अस्पताल में हमेशा डॉक्टर अनुपस्थित ही मिलते है ओर उन्हें बिना इलाज कराए लौटना पड़ता है। डॉक्टर नहीं आने के कारण परेशान होकर लोगो को प्राइवेट क्लीनिक में इलाज करवाने पर मजबूर हो जाते है।

पटना के पॉश इलाके में सरकटी लाश मिलने से सनसनी

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मृतक के परिवार ने रामनाथ और सन्नी नाम के दो युवकों पर हत्या का आरोप लगाए हैं

पटना के बैरिया इलाके में एक युवक की बेरहमी से हत्या कर उसके सिर को हत्यारे कहीं ले गये । सरकटी लाश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई । पुलिस ने मौके पर पहुंच लाश को कब्जे में ले लिया । मृतक युवक की पहचान हो गई है , उसका नाम रविकांत है ।

परिवार का आरोप, दो दोस्तों ने की हत्या

मृतक रविकांत के परिवार वालों ने रामनाथ और सन्नी नामक युवकों पर हत्या का आरोप लगाया है । परिवारवालों ने बताया कि रामनाथ और सन्नी ने बिजनस के लिए 14 लाख रुपये उधार लिए थे। बाद में उनकी नियत बदल गई । वे पैसे नहीं लौटाना चाहते थे। जब उन्हें लगा कि रविकांत अपने रुपये वापस मांगेगा, तो उन्होंने धोखे से बुलाकर हत्या कर दी । खबर लिखे जाने तक पुलिस ने किसी को गिरफ्तार नहीं किया था ।

शौचालय घोटाले को लेकर मृतक पर दबाव डाल रहे थे मुखिया- मृतक का भाई

लोजपा के इकलौते विधायक होंगे जेडीयू में शामिल

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बेगूसराय के मटिहानी से लोजपा के इकलौते विधायक राजकुमार सिंह

बिहार में बसपा के इकलौते विधायक जमा खान के जेडीयू में शामिल होने के बाद अब लोजपा के इकलौते विधायक राजकुमार सिंह के भी जेडीयू में शामिल होने की चर्चा है । बेगूसराय के मटिहानी से लोजपा के इकलौते विधायक राजकुमार सिंह ने अशोक चौधरी से मुलाक़ात की । मुलाक़ात के बाद राजकुमार सिंह ने कहा कि जहां नीतीश कुमार हैं, वही असली एनडीए है ।

मटिहानी से बाहुबली बोगो सिंह को हराकर जीता चुनाव

राजकुमार सिंह ने विधानसभा चुनाव में बाहुबली बोगो सिंह को हराकर चुनाव जीता है । अगर वे जेडीयू में शामिल होते हैं तो बिहार में लोजपा का एक भी विधायक नहीं बचेगा । कयास तो ये भी लग रहे हैं कि कहीं राजकुमार सिंह लोजपा का जेडीयू में विलय का एलान न कर दें ।

45 हो जाएगी जेडीयू विधायकों की संख्या

बसपा के विधायक के जेडीयू में शामिल होने के बाद बिहार विधानसभा में जेडीयू विधायकों की संख्या 44 हो गई थी । अगर राजकुमार भी शामिल हो जाते हैं तो जेडीयू विधायकों की कुल संख्या 45 हो जाएगी । इस तरह नीतीश धीरे-धीरे अपनी ताकत बढ़ा रहे हैं ।

पीएम मोदी की तारीफ के बाद सोशल मीडिया पर छा गई झारखंड की सविता

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पीएम मोदी ने सविता के जज्बे और संघर्ष की तारीफ की

रांची: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को रांची की बेटी और इंटरनेशनल तीरंदाज सविता कुमारी से बातचीत की। राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए चयनित 32 बच्चों में शामिल सविता को प्रधानमंत्री ने ओलंपिक खेल तक पहुंचने और पदक जीतने की शुभकानाएं दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्पोर्ट्स के क्षेत्र में झारखंड के टैलेंट ने देश दुनिया में बड़ा नाम किया है। प्रधानमंत्री सोमवार को राष्ट्रीय बाल पुरस्कार जीतने वाले बच्चों से वर्चुअल माध्यम से संवाद कर रहे थे।

सविता ने पीएम मोदी को बताई संघर्ष की कहानी
प्रधानमंत्री ने वर्चुअल संवाद के दौरान रांची की अंतरराष्ट्रीय तीरंदाज सविता से संवाद करते हुए यह जानने की कोशिश की कि वह आर्चरी या तीरंदाजी के क्षेत्र में आगे बढ़ने का मन कैसे बनाया, इसमें परिवार का कितना सहयोग मिला। प्रधानमंत्री के इस प्रश्न के जवाब में सविता ने कहा कि जब वह कस्तुरबा गांधी आवासीय विद्यालय में पढ़ती थी तो तीरंदाजी के क्षेत्र में देश के लिए पदक जीतने और देश का नाम रौशन करने के लिए आगे बढ़ने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया वह अंतरराष्ट्रीय स्पर्द्धाओं में भारत के लिए मेडल जीतना चाहती हैं। 

सविता ने प्रधानमंत्री से कहा कि जब पदक जीतने पर देश के लिए राष्ट्र गान बजता है, तो उसे काफी खुशी होती है। प्रधानमंत्री ने यह भी जानना चाहा कि क्या उनके परिवार के लोग पहले भी इस खेल से जुड़े। इस पर सविता ने बताया कि इससे पहले तीरंदाजी के खेल से परिवार का कोई भी सदस्य नहीं जुड़ा और वह अपने घर-परिवार में पहली बार इस क्षेत्र में आगे आयी है। प्रधानमंत्री ने यह भी जानना चाहा कि खेल के लिए बाहर जाने में उन्हें कोई कठिनाई तो नहीं होती है, तो सविता ने बताया कि अभी उनके प्रशिक्षक साथ में रहते है और कहीं कोई कठिनाई महसूस नहीं होती है।

प्रधानमंत्री ने झारखंड की प्रतिभाओं की तारीफ की


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेल के क्षेत्र में झारखंड के टैलेंट की प्रशंसा करते हुए कहा कि पूरे देश में इस सुदूरवर्ती क्षेत्र में रहने वाले युवा खिलाड़ियों ने बड़े-बड़े कमाल किये है। उन्होंने सविता को ओलंपिक खेल में पदक जीतने की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जब छोटे से गांव और शहर से निकल देश-दुनिया में नाम रौशन करने वाले ऐसे खिलाड़ी निकलेंगे, तो देशभर के युवाओं को प्ररेणा मिलेगी। प्रधानमंत्री ने सविता को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाओं के साथ आशीर्वाद भी दिया।

डुमरी थाना में कार्यरत जवान की हुई मौत

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मृतक जवान का फाइल फोटो

गिरिडीह/डुमरी: डुमरी थाना में कार्यरत एक सेट के जवान की मौत रविवार की शाम हो गई। बताया गया कि जवान बाहर चाय पीने के लिए गया था लौटने के बाद उसकी तबीयत अचानक खराब हो गई। इसके साथी जवानों ने उसे इलाज के लिए मीना जनरल अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने हाई बीपी के कारण जवान की मौत होना बताया है।

वहीं घटना की जानकारी मिलते ही डुमरी डीएसपी नीरज कुमार सिंह थाना प्रभारी राजू मुंडा अस्पताल पहुंचे और अपने उच्च अधिकारियों को भी घटना की सूचना दी। मृतक जवान जोसेफ बिन्हा सिमरिया के झरहा गांव का निवासी है।

अधिकारियों ने परिजनों को भी घटना की सूचना दे दिया। सोमवार को जबान का शव पोस्टमार्टम के लिए गिरिडीह भेजा गया और बाद में पुलिस लाइन में उनके पार्थिव शरीर को श्रधांजलि देकर शव को परिजनों को सौंप दिया गया।

गिरिडीह में पुत्र के साथ एक विवाहिता हुई लापता

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गोद मे बच्चे के साथ विवाहिता

गिरिडीह : स्थानीय बस पड़ाव के समीप से एक विवाहिता अपने बच्चे के साथ लापता हो गई है। इस मामले में विवाहिता के पिता भरकट्टा के फुलची गांव निवासी बालेश्वर रजक ने नगर थाने अपनी बेटी के अपहरण का मामला दर्ज कराया है। जिंसमे भरकट्टा निवासी सुरेंद्र तुरी पर अपहरण का आरोप लगाया है। नगर थाना पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है।


थाने को दिये अवेदन में बालेश्वर रजक ने बताया है उनकी बेटी प्रीति की शादी पीरटांड़ थाना क्षेत्र के घाटेडीह में हुई है। बीते 22 जनवरी को प्रीति अपनी गोतनी के साथ गिरिडीह आई थी। इसी दौरान आरोपी युवक ने अपने साथियों के साथ उनकी बेटी और नाती का अपहरण कर लिया।
आवेदन में यह भी बताया है कि काफी खोजबीन के बाद भी बेटी का कोई सुराग अब तक नहीं मिला है।उसका मोबाइल भी स्विच ऑफ बता रहा है। कहा है कि जब बेटी और नाती कंहीं कुछ पता नहीं चला तो थाने में शिकायत की गई।

नगर थाना प्रभारी रामनारायण चौधरी ने बताया कि महिला के लापता होने सम्बन्धी मामला दर्ज कराया गया है। मामले की जांच पड़ताल की जा रही है। उन्होंने कहा कि विवाहिता गिरिडीह से गायब नहीं हुई है। वह घर से गिरिडीह जाने की बात कहकर निकली लेकिन गिरिडीह आई ही नहीं है। उन्होंने इस मामले के पीछे प्रेम प्रसंग की भी आशंका जताया है।

बंगाल में हुआ 84,505 लोगों का टीकाकरण

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कोलकाता : बंगाल में 30,000 से अधिक स्वास्थ्यकर्मियों को कोरोना का टीका लगाया गया जिसके साथ टीका लगवाने वाले कुल लोगों की संख्या यहां शुक्रवार को 84,505 पर पहुंच गई। स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को 35,100 लोगों के टीकाकरण का लक्ष्य था, हालांकि राज्यभर में 351 केंद्रों पर 30,517 लोगों को कोविशील्ड टीका लगाया गया।

अधिकारी ने बताया कि मामूली प्रतिकूल प्रभाव के 11 मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि इन 11 लोगों का स्वास्थ्य ठीक है। अधिकारी ने बताया कि वह नर्स जिन्हें कोलकाता के एक अस्पताल में 16 जनवरी को टीका लगवाने के बाद सीसीयू में भर्ती करवाना पड़ा था, शुक्रवार को उन्हें भी अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। उक्त नर्स टीकाकरण के कुछ मिनट बाद बेहोश हो गई थीं।

सीएम योगी आदित्यनाथ बोले

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लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को वर्चुअल माध्यम से गौतमबुद्ध नगर की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने नोएडा में जल रहे उत्तर प्रदेश दिवस समारोह में प्रतिभाग भी किया।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आप लोगों ने पिछले साढ़े तीन वर्षों के दौरान बदलते हुए गौतमबुद्ध नगर को देखा है। अकेले ने वहां पर विकास की हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण करवाया गया है। आज भी नोएडा की एक साथ सैकड़ों करोड़ रुपए की परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं आप सभी को उत्तर प्रदेश दिवस की हार्दिक बधाई देता हूं। आज उत्तर प्रदेश दिवस के चतुर्थ संस्करण समारोह में आज मुझे प्रदेश में आर्थिक रूप से सबसे समृद्धशाली क्षेत्र, गौतमबुद्ध नगर से जुड़ने का अवसर मिला है। हमारी सरकार का प्रयास यहां के विकास को और ऊंचे मुकाम तक ले जाने का है। हम इसके लिए लगातार योजना बनाने के साथ क्रियान्वित भी कर रहे हैं।

मुकेश अंबानी के हर सेकंड की कमाई मजदूर के तीन साल की कमाई के बराबर

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मुकेश अंबानी की कमाई बांट दी जाए तो हर गरीब को मिलेंगे लगभग 95, 000 रुपये

कोरोना महामारी के दौरान करोड़ों लोगों की आजीविका चली गई, लेकिन इसी दौरान मुकेश अंबानी की कमाई में 35% का इजाफा हो गया । गरीबी उन्मूलन के लिए काम करने वाली संस्था ऑक्सफैम (Oxfam) ने ये रिपोर्ट जारी की है । ऑक्सफैम की रिपोर्ट ने कोरोना को ‘इनइक्वालिटी वायरस’ (inequality virus) बताया है ।

अंबानी की एक सेकंड की कमाई मजदूर के तीन साल की कमाई के बराबर

रिपोर्ट में आय की असमानता का जिक्र करते हुए बताया गया कि महामारी के दौरान मुकेश अंबानी को एक घंटे में जितनी आमदनी हुई, उतनी कमाई करने में एक अकुशल मजदूर को दस हजार साल लग जाएंगे । या मुकेश अंबानी ने जितनी आय एक सेकेंड में हासिल की, उसे पाने में एक अकुशल मजदूर को तीन साल लगेंगे। रिपोर्ट कहती है कि मुकेश अंबानी की संपत्ति का बंटवारा यदि देश के 13.8 करोड़ सबसे गरीब लोगों में किया जाए, तो इनमें से प्रत्येक को 94,045 रुपये दिए जा सकते हैं।

लॉकडाउन के दौरान पलायन की तस्वीर

1930 की आर्थिक मंदी जैसे हैं दुनिया के हालात- रिपोर्ट

रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना वायरस महामारी पिछले सौ वर्षों का सबसे बड़ा स्वास्थ्य संकट है और इसके चलते 1930 की महामंदी के बाद सबसे बड़ा आर्थिक संकट पैदा हुआ। ऑक्सफैम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ बेहर ने बताया कि शुरुआत में सोच थी कि महामारी सभी को समान रूप से प्रभावित करेगी, लेकिन लॉक़डाउन होने पर समाज में विषमताएं खुलकर सामने आ गईं।

अप्रैल में प्रति घंटे 1.7 लाख लोग बेरोजगार हो रहे थे- रिपोर्ट

रिपोर्ट के मुताबिक मुकेश अंबानी, गौतम अडाणी, शिव नादर, सायरस पूनावाला, उदय कोटक, अजीम प्रेमजी, सुनील मित्तल, राधाकृष्ण दमानी, कुमार मंगलम बिरला और लक्ष्मी मित्तल जैसे अरबपतियों की संपत्ति मार्च 2020 के बाद महामारी और लॉकडाउन के दौरान प्रति घंटे 1.5 करोड़ की रफ्तार से बढ़ रही थी। दूसरी ओर अप्रैल 2020 में प्रति घंटे 1.7 लाख लोग बेरोजगार हो रहे थे।

भारत और चीन के सैनिकों के बीच सिक्किम के नाकू ला में हिंसक झड़प

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चीन के 20 तो भारत के 04 जवान जख्मी, तनाव बढ़ा

उत्तरी सिक्किम के मुगुथांग दर्रे से आगे नाकू ला सेक्टर है। यहां पिछले हफ्ते भारत और चीन की सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई । खबर है कि इस झड़प में 20 चीनी फौजी घायल हुए हैं, जबकि भारत के चार सैनिक भी जख्मी हैं ।

मुगुथांग दर्रे से आगे नाकू ला सेक्टर है। करीब 19 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित इस क्षेत्र को चीन विवादित मानता है। चीन को शायद लगा होगा कि इतनी भयंकर ठंड में भारतीय सैनिक मुस्तैदी से गश्त नहीं कर रहे होंगे । चीन सेना की एक टुकड़ी ने नाकू ला में कैंप बनाने की कोशिश की। भारतीय फौज ने मना किया तो वे मरने-मारने पर ऊतारु हो गए । लेकिन भारतीय सेना के पलटवार के बाद उन्हें ईलाका छोड़कर भागना पड़ा ।

इस ईलाके में अक्सर झड़प होती है, लेकिन हथियारों का इस्तेमाल नहीं होता

अटल बिहारी वाजपेयी के साथ हुए समझौते को नहीं मान रहा चीन

2003 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के साथ यह सहमति बनी थी कि सिक्किम भारत का है और चीन इसपर कोई दावा नहीं करेगा। बदले में भारत ने तिब्‍बत को चीन का हिस्‍सा मान लिया था। हालांकि इसके एक साल के भीतर ही चीन के उप-विदेश मंत्री ने तत्कालीन विदेश मंत्री से कहा था कि यह मुद्दा अभी सुलझा नहीं है। सिक्किम-तिब्‍बत संधि 1890 में भी सीमांकन को लेकर स्थिति साफ है। 1894 का सिक्किम गजेटियर भी नाकू ला के पास से गुजरने वाली सीमा का जिक्र करता है।

जनता की अदालत में चुनाव हार चुके लोग किसानों के बहाने तख्तापलट की साजिश रच रहे हैं

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कोई अदृश्य ताकत है जो नहीं चाहती कि सरकार और किसानों के बीच समझौता हो – कृषि मंत्री

केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि जो लोग जनता की अदालत में चुनाव-दर-चुनाव ठुकरा दिए गए, अब वो किसानों के कंधे पर बंदूक रखकर अपनी सियासत चमकाना चाहते हैं । उन्होंने कहा कि हिंसक आंदोलन के जरिए तख्तापलट की साजिश रची जा रही है । कभी मुसलमान तो कभी सिख तो कभी दलित की भावनाओं को भड़का कर देश को अस्थिर करने की साजिश रची जा रही है । भारत की जनता ने पहले भी इनकी बुरी मंशा को कामयाब नहीं होने दिया है और आगे भी इन्हें मुंह की खानी पड़ेगी ।

SC-ST act, CAA-NRC आंदोलनों की श्रृंखला की अगली कड़ी है किसान आंदोलन

कृषि मंत्री नरेन्द्र तोमर ने कहा कि जबसे मोदी सरकार सत्ता में आई है ये लोग साजिश कर रहे हैं । कभी दलित भाइयों को भड़काते हैं तो कभी जाट-गुर्जरो को । कभी सीएए-एनआरसी के नाम पर मुसलमानों को सड़कों पर बैठाते हैं तो कभी किसानों को । ये लोग इतने फ्रस्ट्रेशन में हैं कि हिंसा फैलाकर तख्तापलट की कोशिश भी कर रहे हैं । लेकिन भारत की महान जनता इन ताकतों को अच्छी तरह पहचानती है ।

हर आंदोलन के पीछे कांग्रेस-कम्युनिष्ठ का नापाक गठबंधन

कौन है बुरी शक्तियों के पीछे की अदृश्य ताकत ?

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मुंबई में किसान आंदोलन को खड़ा करने के पीछे शरद पवार का हाथ है तो दिल्ली में कांग्रेस-कम्युनिष्ट के साथ-साथ सिख फॉर जस्टिस जैसे संगठन रोज भड़काऊ बयान दे रहे हैं । सरकार किसानों की हर मांग मानने के लिए तैयार है, उनकी हर आपत्ति का हल निकालने के लिए राजी है, लेकिन कोई अदृश्य शक्ति है जो चाहती ही नहीं कि किसान आंदोलन समाप्त हो । दरअसल, इस आंदोलन के जरिए वो सत्ता पाना चाहते हैं ।

मुंबई के आजाद मैदान की ओर कूच करता किसानों का रेला

आंदोलन की पवित्रता और उसकी नैतिकता समाप्त हो जाए तो फल की प्राप्ति नहीं होती

कृषि मंत्री नरेश तोमर ने कहा कि किसी भी आंदोलन की ताकत उसकी नैतिकता होती है । लेकिन यहां कुछ लोगों ने आंदोलन की पवित्रता को गिरवी रख दिया है । वे पर्दे के पीछे की ताकतों का मोहरा बन गए हैं । आंदोलन का चेहरा कोई है और इन चेहरों को निर्देशित कोई और कर रहा है ।

गणतंत्र दिवस को घमासान, मुंबई में आजाद मैदान तो दिल्ली की सड़कों पर ताकत का प्रदर्शन

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मुबंई में किसानों की महारैली को संबोधित करेंग शरद पवार, उद्धव ठाकरे और कांग्रेस के नेता

गणतंत्र दिवस को किसान आंदोलन के सहारे एक बार फिर विपक्ष अपनी ताकत दिखाना चाहता है । CAA-NRC आंदोलन की तरह ही दिल्ली से लेकर मुंबई तक रैली और प्रोटेस्ट मार्च का आयोजन किया गया है । ऑल इंडिया किसान सभा के नेतृत्व में नासिक से पैदल चले हजारों किसान मुंबई पहुंच नए हैं ।

मुंबई के आजाद मैदान में सोमवार को किसानों की बड़ी रैली

महाराष्ट्र की राजनीति किसान और मराठा के इर्द-गिर्द घूमती है। शरद पवार किसानों और मराठा समुदाय के सबसे बड़े नेता माने जाते रहे हैं । हाल के दिनों में हिंदुत्व लहर पर सवार भाजपा ने पवार के किसान-मराठा वोटबैंक में जबरदस्त सेंध लगाई थी । पवार को लगता है कि किसान आंदोलन के जरिए वो अपने खोए वोटबैंक को दोबारा वापस पा सकते हैं । इसी रणनीतिक के तहत मुंबई के आजाद मैदान में महाराष्ट्र के अलग- अलग जिलों से हजारों किसानों को जुटाया गया है ।

मुंबई के आजाद मैदान में जुटने लगे किसान

दिल्ली में ट्रैक्टर रैली को लेकर तनाव

दिल्ली में किसानों के ट्रैक्टर रैली करने की इजाजत तो सरकार ने दे दी है, लेकिन अब भी तनाव बना हुआ है । खुफिया विभाग ने हिंसा फैलने की आशंका जारी की है । उधर किसानों ने अपने ट्रैक्टर के आगे लोहे की कील लगा रखी है ताकि बैरिकेडिंग तोड़ने से उन्हे कोई रोक न सके । इससे पहले किसान नेताओं की हत्या की खबर जिस तरह मीडिया में प्लांट करने की कोशिश की गई, उससे हिंसा की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता ।

दिल्ली में ट्रैक्टर रैली को लेकर आसपास के राज्यों से किसान दिल्ली में दाखिल हो रहे

26 जनवरी को हिंसा हुई तो भारत होगा जिम्मेदार- सिख फॉर जस्टिस

इस बीच नई दिल्ली के CISF के कंट्रोल रूम में प्रतिबंधित संगठन की ओर से फोन कॉल किया गया, जिसमें 26 जनवरी को होने वाली किसानों की ट्रैक्टर रैली का जिक्र था । फोन करने वाले ने खुद को सिख फॉर जस्टिस संगठन का मुखिया गुरुपतवंत सिंह “पन्नू” बताया । उसने धमकी दी है कि अगर 26 जनवरी को हिंसा होती है तो इसके लिए पूरी तरह भारत सरकार जिम्मेवार होगी और हर सिख की मौत का बदला लिया जाएगा ।

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनावों की तैयारी शुरू

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लखनऊ । उत्तर प्रदेश में राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) ने तीन-स्तरीय पंचायत के 8.88 लाख से अधिक पदों के लिए होने वाले चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है। राज्य में 12.8 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। मतदान मतपत्र के जरिए होगा। दुनिया के सबसे बड़े मतदान के रूप में लोकप्रिय यह मतदान लगभग 59,000 ग्राम प्रधानों और गांव, ब्लॉक और जिला स्तर की समितियों के शेष सदस्यों के चुनाव का गवाह बनेगा।

पंचायत चुनाव अभी भी मतपत्र (बैलेट पेपर) के माध्यम से कराया जाता है।

साल 2015 में तत्कालीन चुनाव आयुक्त एस. के. अग्रवाल ने ईवीएम पर चुनाव कराने का प्रयास किया था, लेकिन अधिक खर्च होने के कारण इस निर्णय को टाल दिया गया था।

एसईसी के आधिकारिक प्रवक्ता के अनुसार, ईवीएम का उपयोग करने पर लगभग 1,500 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जबकि बैलट पेपर के उपयोग पर लगभग 45 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

प्रवक्ता ने कहा कि उम्मीदवारों और चुनाव-चिह्नों की बड़ी संख्या को देखते हुए ईवीएम को उसके लिए तैयार करना होगा।

अप्रैल में माध्यमिक बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने के कारण उससे पहले, मार्च में पंचायत चुनाव कराए जाने की संभावना है।

शराबी पोता ने पीट

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नारायणपुर। प्रतिनिधिथाना क्षेत्र के मदनाडीह गांव राय टोला में शनिवार को दिन के 04 बजे पोते ने अपनी 75 वर्षीय दादी की पीट-पीटकर हत्या कर दी। घटना को…

पूजा भारती केस में क्या छुपा रही है पुलिस? और क्यों?

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क्या बिना मदद के कोई अपने हाथ इस तरह बांध सकता है ?

गोड्डा की रहने वाली और हजारीबाग मेडिकल कॉलेज की छात्रा पूजा भारती मामले में पुलिस की आत्महत्या वाली थ्योरी में कई छेद हैं ।

पुलिस का बयान और लोगों के सवाल

पुलिस– पूजा भारती अवसाद में थी ।

सवाल:- पूजा के अवसादग्रस्त होने की जानकारी पुलिस को कहां से मिली ? पूजा की मां का कहना है कि पूजा ने वीडियो कॉल के जरिए उनसे बात की थी। उसने वीडियो कॉल के दौरान ही उनके सामने खाना खाया और फिर एग्जाम है, कहकर निकल गई ।

पुलिस– पूजा ने खुद ही नायलोन की रस्सी से अपने हाथ-पाँव बांधे और डैम में कूद गई

सवाल- ऊपर की तस्वीर को गौर से देखिए । क्या कोई खुद अपने दोनों हाथ इतनी मजबूती से बांध सकता है।

नीचे की तस्वीर मजबूत गांठ की ओर इशारा करती है

रामगढ़ के एसडीपीओ प्रकाश चंद्र ने कुछ दिनों पहले मीडिया के सामने खुलासा किया था कि ऐसा प्रतीत होता है कि मेडिकल छात्र की हत्या कहीं और की गई होगी और बाद में शव को लार पतरातू डैम में फेंक दिया गया होगा। एसडीपीओ के ऐसा कहने के पीछे क्या आधार था ?

सवाल- पुलिस ने अबतक नहीं बताया कि पूजा भारती का मोबाइल कहां है ? पूजा भारती के फेसबुक अकाउंट को किसने डिलीट किया ? अगर पूजा ने खुद अपना अकाउंट डिलीट किया तो आखिर क्यों?

पुलिस को जाँच में पता चला कि परीक्षा के दिन वो अपने हॉस्टल से ऑटो लेकर बस स्टैंड पहुँची थी। इसके बाद वो हजारीबाग से बस से राँची के लिए निकली। बस से राँची आकर वो पतरातू डैम क्यों गई और कैसे, इस बारे में अब तक पुलिस ने कुछ भी स्पष्ट नहीं बताया है।

कुछ दिनों पहले इस मामले में रवि पांडेय को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने युवती के फेसबुक पोस्ट पर अश्‍लील टिप्‍पणी करने वाले इस युवक को गिरफ्तार किया था। उसके बारे में पुलिस ने कुछ नहीं बताया ।

गोड्डा के सांसद निशिकांत दूबे कहते हैं कि आखिर झारखंड सरकार इस मामले में सीबीआई जांच से इतना घबरा क्यों रही है ?