Friday 3rd of July 2026 10:31:08 AM
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दस एकड़ में लगे अफीम के पौधों को पुलिस और वन विभाग ने किया नष्ट

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फोटो= अफीम की खेती को नष्ट करता ट्रैक्टर


उज्जवल दुनिया संवाददाता/ गीतांजलि


सिमरियाचतरा जिले के प्रतापपुर पुलिस और वन विभाग अधिकारियों ने गुरुवार को अभियान चला कर बामी कुंडी के जंगलों में लगे 10 एकड़ में अफीम की खेती को नष्ट कर दिया। इस संबंध में वन क्षेत्र पदाधिकारी आरबी पासवान और थाना प्रभारी नइम अंसारी ने बताया कि योगियारा पंचायत मेंं कुछ गांवों को छोड़कर लगभग सभी गांवों के वन भूमि पर अफीम की खेती लगा हुआ है।


अफीम की खेती की गुप्त सूचना मिलने के बाद पुलिस और वन विभाग अधिकारियों के द्वारा संयुक्त अभियान चला कर बामी में सात एकड़ तथा कुंडी में तीन एकड़ में लगे अफीम की खेती को ट्रैक्टर के सहारे और मजदूरों द्वारा लाठी डंडे से पिटवाकर नष्ट कर दिया गया । उन्होंने बताया कि पुलिस और वन विभाग अधिकारियों को आने की सूचना मिलने के बाद अफीम की खेती करने वाले किसान जंगलों की ओर भाग गए। उनकी पहचान की जा रही है। पहचान के बाद मामला दर्ज किया जाएगा।

अफीम की खेती किसानों के द्वारा ही नहीं वल्कि इस धंधे में सफेद
पोश के लोगों की भी संलिप्ता हैं। किसानों को खाद्य बीज एवं अन्य साधन सफेद पोश के द्वारा हीं मुहैया कराया जाता रहा है।
इस अभियान में प्रतापपुर थाना प्रभारी नइम अंसारी वन क्षेत्र पदाधिकारी आरबी पासवान, पुलिस के जवान और सभी वन कर्मी शामिल थे।

अधिकार क्षेत्र से बाहर निरीक्षण कर सर्विस कोड ऑफ कंडक्ट का किया उल्लंघन

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बरही क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी के चौपारण के स्कूलों में निरीक्षण का मामला
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बिना स्पष्टीकरण वेतन बंद करने का आदेश

संदीप सिन्हा/उज्ज्वल दुनिया


हजारीबाग। बरही में नव पदस्थापित क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी इन दिनों शिक्षा विभाग की सुर्खियां बनें हुए हैं। बरही क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी के क्षेत्राधिकार के अंतर्गत चार प्रखंड आतें हैं। इनमें बरही, पदमा, इचाक व विष्णुगढ़ प्रखंड शामिल हैं। बावजूद इसके उन्होंने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर चौपारण प्रखंड के अंतर्गत विद्यालयों का निरीक्षण कर डाला। बात इतने से ही नहीं रुकती उनके द्वारा निरीक्षण किए गए विद्यालयों के शिक्षकों का वेतन अगले आदेश तक बंद करने का फरमान भी जारी कर दिया गया।

क्या है पूरा मामला:

दरअसल बरही के क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी ने विगत 21 जनवरी को चौपारण प्रखंड के दो स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। इनमें मध्य विद्यालय सिंगरावां व मध्य विद्यालय पांडेबारा शामिल है। अधिकारी द्वारा जो पत्र जारी की गई उसके अनुसार इस औचक निरीक्षण में प्रधानाध्यापक सहित कुछ शिक्षक अनुपस्थित पाए गए।

बिना स्पष्टीकरण वेतन बंद करने का आदेश:

क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालयी ज्ञापांक 03 व 04 के तहत 25 जनवरी को एक आदेश जारी किया गया। इसमें उन्होंने लिखा है कि निरीक्षण के क्रम में प्रधानाध्यापक सहित कुछ शिक्षक अनुपस्थित पाए गए। उन्हें पांच दिनों के अंदर स्पष्टीकरण का जवाब देने को कहा गया। उन्होंने लिखा कि जब तक संतोषप्रद जवाब नहीं देतें हैं तबतक अगले आदेश तक सभी का वेतन स्थगित किया जाता है।

हास्यास्पद आदेश पर शिक्षा विभाग की किरकिरी:

जो चिठ्ठी अधिकारी ने जारी की है। उसे शिक्षा विभाग के लोग ही हास्यास्पद बता रहें हैं। विभाग की मानें तो जिस तिथि को निरीक्षण किया गया है। यदि उस तिथि को कोई कर्मी अनुपस्थित पाए जातें हैं तो उस तिथि का ही वेतन स्थगित किया जा सकता है। साथ ही जो अनुपस्थित होतें हैं स्पष्टीकरण सिर्फ उनसे ही पूछा जा सकता है। पत्र से यह जाहिर नहीं होता कि किन-किन शिक्षकों का वेतन बंद किया गया है। इस आदेश पत्र के अनुसार उन्होंने लिखा कि जब तक संतोषप्रद जवाब नही मिलता तब तक वेतन स्थगित रहेगा। इसका अर्थ यही लगाया जा रहा है कि शिक्षक कई बार अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत कर सकतें हैं।

सर्विस कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन:

विभागीय सूत्रों की मानें तो यह सर्विस कोड ऑफ कंडक्ट के उल्लंघन का मामला बनता है। क्योंकि अब तक चौपारण प्रखंड किस क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी के अंतर्गत आता है। इसकी अधिसूचना सरकार द्वारा जारी ही नहीं की गई। जब कोडरमा जिला हजारीबाग के अंतर्गत शामिल था उस समय चौपारण कोडरमा क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी के अंतर्गत शामिल था। जब से कोडरमा जिला बना तब से अब तक चौपारण किसी क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी के अधिकार क्षेत्र में नहीं है।

लंगटाबाबा समाधि पर सभी धर्मों के श्रद्धालुओं ने की चादरपोशी

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लंगटा बाबा की समाधि

[राजेश कुमार]
गिरिडीह: सम्प्रदायिक सद्भावना की मिसाल लंगटा बाबा समाधिस्थल पर वर्षों से चली आ रही परंपरा और बाबा के प्रति अटूट आस्था का संगम एक बार फिर इस साल भी देखने को मिला। हर वर्ष की तरह इस वर्ष पौष पूर्णिमा के मौके पर गुरुवार को चादर चढ़ाने और मन्नत मांगने के लिए बाबा के समाधि स्थल पर लोगों की भीड़ उमड़ी। दिखी।

गिरिडीह जिले के जमुआ प्रखंड अंतर्गत खगडीहा में अवस्थित लंगटा बाबा समाधि स्थल पर चादर चढ़ाने को लेकर गुरुवार को भारी संख्या में श्रद्धालुओं जुटे।अहले सुबह से ही लोग कतार में लगकर पूजा अर्चना करने में जुटे देखे गए। परम्परानुसार यहां सबसे पहले जमुआ के थाना प्रभारी प्रदीप दास ने बाबा की समाधि पर चादरपोशी किया। इसके बाद भक्तों की ओर से चादरपोशी का सिलसिला शुरू हो गया। चादरपोशी के लिए पहुंचे श्रद्धालु कोरोना संक्रमण को ध्यान में रख कर मास्क पहने हुए दिखे। लंगटा बाबा समाधि स्थल पर चादर चढ़ाने के लिए दूरदराज से श्रद्धालु पहुंचे थे। यंहा परम्परानुसार सुबह के पहले पहर में हिंदू धर्मावलंबियों ने बाबा के समाधि पर चादरपोशी किया जबकि दोपहर बाद दूसरे पहर में मुस्लिम धर्मावलंबियों द्वारा पूरे श्रद्धा और भक्ति के साथ चादरपोशी की गयी।

चादरपोशी को उमड़ा श्रधालुओं की भीड़

यूँ तो पौष पूर्णिमा के अवसर पर बाबा के समाधि स्थल पर हर साल मेला लगता रहा लेकिन इस वर्ष कोरोना को लेकर जिला प्रशासन की ओर से मेला लगाने की अनुमति नहीं दी गई है। प्रशासन के अनुसार इस बार सिर्फ चादरपोशी करने की इजाजत दी गई है।


पौष पूर्णिमा के अवसर पर बाबा के समाधि स्थल के इर्द गिर्द प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। खोरीमहुआ एसडीएम धीरेंद्र सिंह स्वंय ही पूरी व्यवस्था पर नजर रखे हुए थे। मौके पर जमुआ बीडीओ विनोद कुमार कर्मकार, अंचलाधिकारी रामबालक कुमार, पुलिस इंस्पेक्टर विनय कुमार राम डटे दिखे। गौरतलब है कि बाबा पर सभी धर्मों की आस्था है और सभी धर्म के लोग यहां मन्नत मांगने और चादर चढ़ाने पहुंचते हैं। 

जमीन हड़पने के लिए भूमाफिया

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अधिकारियों की मिलीभगत का परिणाम है बीएसएफ जवान पर हमला

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भूमाफिया व सीओ की मिली भगत से जमीन का हुआ म्युटेशन
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रंगदारी-धोखाधड़ी के मुकदमे के बाद फर्जी पेपर बनाने का हुआ खेल
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हजारीबाग। जिले के पतरातू बस्ती स्थित बीएसफ जवान डालेश्वर कुमार के जिस नवनिर्मित भवन में हमला कर उसके पिता और ससुर को हमलवारों ने सर पर गंभीर चोटें और पैर तोड़ दिया उसके बाद पुलिस विभाग के साथ बीएसफ के कमांडेंट ने भी मामले पर संज्ञान लिया है। हमलवारों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी बीच भूमाफियाओं के एक गहरी साजिश का भी पता चला है। जिससे भूमाफियाओं के साथ नेताओं और सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत से कैसे भूमाफिया काम करते हैं उसका भी खुलासा हुआ है। इसमें पुलिस की भूमिका और संलिप्तता भी उजागर होती है।

भूमाफियों के जमीन हड़पने के हथकंडे सफल नहीं हुआ तो किया हमला
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इसको समझने के लिए शुरुवात दामोदर प्रसाद से करते हैं जो उक्त जमीन को 2011 में धनबाद के अलोका रानी से खरीद कर वर्तमान में दखल कब्जा कर मालिक हैं।जिसका म्यूटेशन और लगान रसीद भी कट रहा है। दामोदर प्रसाद से पंडल गोप ने फर्जीवाड़ा और धोखाधड़ी कर एग्रीमेंट कर 28 डिसमिल जमीन बिकवा दिया। उसी दामोदर प्रसाद से बीएसफ जवान ने भी चार डिसमिल जमीन खरीदा था और घर बना रहा था। पंडल गोप के फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी की पुलिस जांच के बाद कोर्रा टीओपी में 10 सितंबर 2020 को ठगी और रंगदारी का मामला डीजीपी के निर्देश पर दर्ज किया गया। जिसका कांड संख्या 146/20 है।


इसके बाद भूमाफियाओं ने नई तरकीब अपनाते हुए पचास साल पहले जमीन बेच चुके दो भाइयों के एक अन्य भाई हुरहुरू मुहल्ले के शोभनाथ पांडेय से 23.33 डिसमील जमीन अश्विनी कुमार नामक व्यक्ति ने पावर एग्रीमेंट करवा लिया।अश्विनी कुमार ने संदीप कुमार राणा और संदीप सौरव लावालौंग चतरा को बेच दिया। संदीप कुमार राणा ने 12 सितंबर को सदर अंचल में म्यूटेशन का आवेदन कर रसीद कटवा लिया। उसी एग्रीमेंट और रसीद के सहारे पहले जमीन पर काम बंद करवाने के लिए एसडीओ से 144 का नोटिस करवा लिया। एसडीओ कोर्ट ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद जमीन के दावे को खारिज कर दिया और 144 नहीं लगाया। उसके बाद बौखलाए भूमाफियों ने बीएसफ जवान के नवनिर्मित घर पर हमला बोल दहशत फैलाने की कोशिश इसलिए किया ताकि डर से लोग जमीन छोड़ भाग जाए और वे जमीन को कब्जा कर बेच सके।

जांच हुई तो होंगे कई बेनकाब, फंसेंगे कई सफेदपोश
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उक्त जमीन प्रकरण की जांच हुई तो कई ऐसे चेहरे बेनकाब होंगे जो बीएसएफ जवान के घर हमला करने में पर्दे के पीछे से सहयोग कर रहे थे और फर्जी हथकंडे अपने जमीन का कागज बनवा लिया। इसमें अंचल कर्मी भी फसेंगे। पूरे प्रकरण में मुख्य सवाल यह उठता है कि जिस शोभनाथ पांडेय के दो भाइयों ने पचास साल पहले धनबाद के आलोका रानी को जमीन बेच दिया । उससे दामोदर प्रसाद मेहता ने 2011 में खरीद कर दखल-कब्जा में हैं, उसमें बाउंड्री किए हुए हैं। उस जमीन की जानकारी जमीन बेचने वाले तीसरे भाई शोभनाथ पांडेय ने अब तक दावा क्यों नहीं किया ?
और अब भी वो खुद सामने नहीं आकर किसी अन्य आदमी को एग्रीमेंट क्यों और कैसे कर दिया ? जिस जमीन पर 2011 से दामोदर प्रसाद मेहता कब्जा कर रसीद कटवा रहे हैं उसपर अंचल कर्मियों ने कैसे म्यूटेशन कर रसीद जारी कर दिया ? यह जांच का विषय है।

सिमेंट गोदाम में दुर्घटना से एक मजदूर की मौत, दो गंभीर

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फोटो : तीतर बितर हुई सीमेंट की बोरियां

गिरिडीह : गिरिडीह जिले के सरिया स्थित लाफार्ज सिमेंट गोदाम सरिया में गुरुवार को हुई दुर्घटना में एक मजदूर की मौत हो गयी। मृतक मजदूर का नाम लखन महतो बताया जाता है। जो सरिया के ढिबरा गांव का निवासी था।
घटना के सम्बंध में बताया जाता है गोदाम में काम करने के दौरान सिमेंट की अनेकों बोरी के भरभरा कर गिर जाने से मजदूर लखन सिमेंट की बोरी के नीचे दब गया। जिससे उसकी मौत हो गई है। जबकि इस दुर्घटना में दो अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हैं। जिन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर किया गया है।

14 में से 13 वार्ड पार्षदों ने अध्यक्ष के खिलाफ खोला मोर्चा लाया अविश्वास प्रस्ताव

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डोमचाच नगर पंचायत भवन

कोडरमा : इस सर्द भरी मौसम में भी डोमचांच की राजनीति गरमा गयी है, पिछले दिनों एक कथित ऑडियो क्लिप के सामने आने के बाद बदले राजनीति के बीच यहां बड़ा उलटफेर होने का अनुमान है। डोमचांच नगर पंचायत अध्यक्ष राजकुमार मेहता के खिलाफ 14 में से 13 वार्ड पार्षदों ने सीधे तौर पर मोर्चा खोलते हुए अविश्वास प्रस्ताव लाया है। अचानक हुए इस घटनाक्रम के बाद चर्चा का बाजार गर्म है। वहीं अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले पार्षदों ने उपाध्यक्ष पप्पू मेहता के साथ कोडरमा ध्वजाधारी धाम में जाकर माथा टेका और बाद में नगर पंचायत के विशेष पदाधिकारी जितेंद्र कुमार जैसल से मुलाकात भी की। संभावना जतायी जा रही है कि यह अविश्वास प्रस्ताव कायम रहेगा और आनेवाले समय में नगर पंचायत के अध्यक्ष को लेकर सीन बदला हुआ नजर आयेगा।


जानकारी के अनुसार, बदलाव की पूरी पटकथा एक कथित ऑडियो क्लिप को सामने लाकर लिखी गयी। पिछले दिनों डोमचांच में टैक्सी स्टैंड के स्थानांतरण को लेकर उद्घाटन कार्यक्रम था, पर इसकी जानकारी अध्यक्ष एवं अन्य को नहीं दिये जाने की बात सामने आयी थी, बताया जाता है कि इस मुद्दे पर अध्यक्ष का मोबाइल पर हुई बातचीत का एक ऑडियो क्लिप सामने आया, जिसमें अध्यक्ष सीधे तौर पर नगर पंचायत के कार्यपालक, वार्ड पार्षदों यहां तक कि थाना प्रभारी के खिलाफ अमर्यादित शब्द, गाली- गलौज करते हैं। इसी ऑडियो क्लिप को आधार बनाकर पार्षदों ने पिछले दिनों डीसी-एसपी को लिखित आवेदन दिया था, वहीं कार्यपालक पदाधिकारी ने थाना में अध्यक्ष के खिलाफ आवेदन देते हुए केस दर्ज करा दिया। गुरुवार को डोमचांच नगर पंचायत सभागार में बोर्ड की बैठक उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में बुलायी गयी। इसमें अध्यक्ष राजकुमार मेहता भी पहुंचे, पर उनके सामने ही 13 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव लाने की बात कही। बैठक में एकमात्र वार्ड नंबर 13 के पार्षद नीलकंठ मेहता मौजूद नहीं थे। ज्ञात हो कि अप्रैल 2018 में नगर पंचायत बोर्ड का गठन हुआ था. गठन के कुछ वर्ष बाद ही यह उलटफेर हो गया है।

वायरल वीडियो से मचा बवाल

अविश्वास प्रस्ताव जिसके नाम है


बोर्ड की बैठक को लेकर तैयार कार्रवाई एवं अविश्वास प्रस्ताव पर वार्ड नंबर एक की पार्षद आरती देवी, वार्ड- 2 की सुनीता देवी, वार्ड- 3 की गुड़िया देवी, वार्ड- 4 की आशा देवी, वार्ड- 5 के अनिल यादव, वार्ड- 6 की सरिता वर्णवाल, वार्ड- 7 के उमेश मेहता, वार्ड- 8 के अविनाश कुमार, वार्ड- 9 के संजय सिंह, वार्ड- 10 के मुकेश कुमार, वार्ड- 11 के अशोक यादव, वार्ड- 12 के मुकेश कुमार रजक और वार्ड- 14 की पुष्पा देवी का हस्ताक्षर है. इसमें कहा गया है कि अध्यक्ष की अगुवाई में बोर्ड की बैठक करना संभव नहीं है. अविश्वास प्रस्ताव की बात सुनते ही अध्यक्ष बैठक से बाहर चले गये. ऑडियो क्लिप में अध्यक्ष का आचरण दिखा है. इनका व्यवहार महिला पार्षदों के प्रति अमर्यादित रहता है। पिछली बोर्ड बैठक की कार्रवाई पर आज तक उन्होंने हस्ताक्षर नहीं किया है. अध्यक्ष अपना नैतिक स्तर गिरा चुके हैं. वे अध्यक्ष पद पर बने रहने के योग्य नहीं हैं। बैठक में 15वें वित्त आयोग के तहत ली जाने वाली योजना जैसे- पार्क, तालाब जीर्णोद्धार, वेंडिंग जोन, शवदाह गृह आदि को लेकर प्रस्ताव पारित किया गया. कहा गया कि अध्यक्ष की जगह कार्रवाई पर उपाध्यक्ष हस्ताक्षर करेंगे।

भ्रष्टाचार का विरोध किया, तो रची गयी साजिश : मेहता

इधर, नगर पंचायत अध्यक्ष राजकुमार मेहता ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि भ्रष्टाचार का विरोध करने पर मेरे खिलाफ साजिश रचने की बातें कही है. उन्होंने कहा कि पीएम आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर पार्षदों के द्वारा पैसा मांगने की शिकायत पर मैंने संज्ञान लिया था। इसके अलावा गिरिडीह रोड में पेवर ब्लॉक बिछाने के बाद उखड़ जाने पर भी मैंने सवाल उठाया था. कार्यपालक कार्यालय में नहीं बैठते थे, जिसकी शिकायत डीसी से की थी. आये दिन कमीशनखोरी को लेकर विवाद होता था. मैं भ्रष्टाचार करने नहीं दे रहा था, इसलिए साजिश रची गयी. कहीं पर अध्यक्ष के रहते उपाध्यक्ष की अगुवाई में बैठक की जाती है क्या. वैसे भी आज की बैठक डोमचांच नगर परिषद सभागार में नहीं की गयी. कार्यपालक मनमाने तरीके से काम कर रहे हैं. इनका कार्यकाल पहले भी विवादों में रहा है।

बड़ी संख्या में यादव और पासवान जाति के लोग भाजपा में क्यों शामिल हो रहे हैं

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बड़ी संख्या में RJD, RLSP और कांग्रेस के नेता बीजेपी में शामिल हुए

बिहार में विधानसभा चुनाव भले ही खत्म हो गया हो, लेकिन बड़ी संख्या में नेताओं का पाला बदलने का सिलसिला जारी है । बिहार विधानसभा में उपेन्द्र कुशवाहा, चिराग पासवान और बीएसपी का प्रतिनिधित्व समाप्त करने के बाद अब उनके नेता और कार्यकर्ता जेडीयू और बीजेपी में शामिल हो रहे हैं । बुधवार को पटना के बीजेपी मुख्यालय में बड़ा मिलन समारोह का आयोजन किया गया । इस मिलन समारोह में भूपेन्द्र यादव और मंत्री रामसूरत राय की मुख्य भूमिका रही ।

जिन नेताओं ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की वे हैं राजद की तरफ से पूर्व सांसद सीताराम यादव, पूर्व विधायक सुबोध पासवान, दिलीप कुमार यादव पूर्व एमएलसी, पूर्व सांसद रामजी मांझी ,पूर्व विधायक नगीना देवी, कंग्रेस की नेत्री अनिता यादव, मीरा देवी उप महापौर पटना ,पूर्व उप महापौर पटना संतोष मेहता ।

मिलन समारोह को संबोधित करते बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल

इस अवसर पर मिलन समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री रामसूरत राय ने कहा कि पिछले तीन-चार साल का ट्रेंड देखिए । भाजपा में शामिल होने वाले नेता और कार्यकर्ता समाज के किस तबके से आते हैं । नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद पिछड़े और अति- पिछड़ा समाज की पहली पसंद भारतीय जनता पार्टी बनी है । दलित, पिछड़ा और अति-पिछड़ा समाज जानता है कि भाजपा में ही उसका भविष्य है । मैं मानता हूँ कि लालूजी और राम विलास पासवान जी ने समाज के लिए बहुत कुछ किया, लेकिन उनकी अगली पीढ़ी के पास देने के लिए क्या है? वे सिर्फ परिवार की जेबी पार्टियां बनकर रह गई हैं ।

मिलन समारोह को संबोधित करते भूपेन्द्र यादव

सभा को संबोधित करते हुए भूपेन्द्र यादव ने कहा कि शाहनवाज हुसैन जी बिहार की राजनीति में आ गए हैं । हमारे पास यादव, पासवान सहित दलित, पिछड़ा , अति- पिछड़ा और मुस्लिम नेताओं की फौज है । बिहार भाजपा के पास किसी भी दूसरे दल से ज्यादा प्रतिबद्ध कार्यकर्ता हैं । हमारे पास संगठन और नेता सब हैं, भविष्य के लिए दृष्टि है । वहीं हमारे विरोधियों के पास अपने-अपने पिता के नाम के अलावा बिहार को देने के लिए क्या है । शायद यही वजह है कि बिहार के लोग भाजपा की ओर देख रहे हैं ।

हिंदुत्व पर बहस के लिए तैयार हूं: ममता

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कोलकाता : किसान आंदोलन के बीच बंगाल की मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है। साथ ही उन्होंने हिंदुत्व के मुद्दे पर भाजपा को बहस की चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि राम दुर्गा को पूजते थे और मैं भी दुर्गा को पूजती हूं। मैं भी एक हिंदू हूं और गृहमंत्री अमित शाह से हिंदू धर्म पर बहस के लिए तैयार हूं। एक समाचार चैनल को दिए इंटरव्यू में ममता ने कहा कि मैं हिंसा के साथ नहीं हूं, लेकिन किसानों के साथ खड़ी हूं। नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती पर कोलकाता के विक्टोरिया मेमोरियल में 23 जनवरी को जय श्रीराम के नारे की घटना पर ममता ने कहा कि वहां जो कुछ भी हुआ, मुझे उसका कोई पछतावा नहीं है। ममता ने हिंदुत्व को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए जोर देकर कहा कि मैं अमित शाह से हिंदू धर्म पर बहस के लिए तैयार हूं।

सीएम योगी आदित्यनाथ बोले

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गोरखपुर  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तीन लाख 42 हजार 322 लाभार्थियों को बड़ी सौगात देते हुए उनकी पहली, दूसरी या तृतीय किस्त के रूप में 2409 करोड़ रुपये की धनराशि ऑनलाइन ट्रांसफर की। यह राशि एचडीएफसी बैंक के माध्यम से हस्तांतरित हुई है। मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से वाराणसी, मथुरा-वृंदावन, गाजियाबाद, अयोध्या एवं सहारनपुर के लाभार्थियों से सीधा संवाद भी किया। उत्तर प्रदेश में अब तक लगभग 17 लाख आवासों की स्वीकृति मिल चुकी है, जिसमें छह लाख 46 हजार आवास पूरे हो चुके हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रोटी, कपड़ा और मकान देने के नारे और वादे आजादी के बाद से ही चलते रहे हैं, लेकिन इन नारों को हकीकत में बदलने कार्य

प्रधानमंत्री नरेंद्र ने किया। आज उसी का परिणाम है कि हर व्यक्ति को मकान की गारंटी हर व्यक्ति को आजीविका की गारंटी और रोटी की गारंटी केंद्र और प्रदेश सरकार मिलकर दे रही है। कोरोना काल में जब पूरी दुनिया पस्त है तब देश और उत्तर प्रदेश ने सफलता पाई है। कोरोना काल में हमने लोगों की जान को भी बचाया है और उनको आजीविका के साथ जोड़कर जहान को भी बचाया है। 

रांची के अजीत टेटे को फिर मिला राष्ट्रपति पुरस्कार

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संयुक्त राष्ट्र ने भी वर्ष 1998 में अजीत टेटे को यूनाइटेड नेशंस मेडल से सम्मानित किया

रांचीः रांची के मूल निवासी और बीएसएफ के डीआईजी अजीत टेटे को इस बार राष्ट्रपति पुरस्कार प्रदान किया गया है। अपने युवा जीवन में रांची के संत जेवियर कॉलेज के छात्र अजीत बॉलीबॉल के अच्छे खिलाड़ी भी रह चुके हैं। उन्हें उनकी उल्लेखनीय सेवाओं के लिए एक बार फिर से राष्ट्रपति पुरस्कार से नवाजा गया है।

रांची के अजीत टेटे ने वर्ष 1987 में अपनी युवावस्था में ही सीमा सुरक्षा बल में बतौर अधिकारी योगदान दिया था। योगदान के बाद से ही वह कठिन चुनौतियों का निरंतर सामना करते आ रहे हैं। नौकरी के प्रारंभिक जीवन में राजस्थान के जोधपुर में नये बटालियन के गठन के साथ साथ उन्होंने इस दौर के पंजाब का आतंकवाद का भी जमकर मुकाबला किया। दूसरी तरफ अपने खेल जीवन की रूचियों की वजह से वह अपने इलाके में खेल को भी प्रोत्साहित करते रहे। इसी वजह से जोधपुर की उनकी टीम ने वर्ष 1988 में शिलिगुड़ी में आयोजित राष्ट्रीय बीएसएफ एथेलेटिक्स प्रतियोगिता में चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया था। अपनी सेवाकाल में उन्होंने कश्मीर के आतंकवाद और पाकिस्तान से होने वाली फायरिंग का भी डटकर मुकाबला किया। इसकी वजह से उनकी पहले भी न सिर्फ सराहना हुई बल्कि उन्हें सीमा सुरक्षा बल के डीजी की तरफ से प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया गया था। वहां से उनका तबादला मणिपुर के इलाके में हुआ। वहां की विकट भौगोलिक परिस्थितियों के बीच भी उन्होंने वहां के उग्रवादियों का मुकाबला किया और शांति बनाये रखने में अपनी उल्लेखनीय भूमिका निभायी।

अपने सेवाकाल में वह संयुक्त राष्ट्र की शांतिसेना के सदस्य बनकर बोस्निया और हेरजेगोविना में भी तैनात रहे। वहां उन्होंने अमेरिकी सेना के साथ तालमेल बैठाकर हिंसा को नियंत्रित करने में प्रमुख भूमिका निभायी थी। उनकी उल्लेखनीय सेवाओं के लिए संयुक्त राष्ट्र ने भी वर्ष 1998 में उन्हें यूनाइटेड नेशंस मेडल से सम्मानित किया था। कश्मीर की वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास आतंकवादियों और पाकिस्तान की चुनौतियों का सफलतापूर्वक मुकाबला करने के लिए उन्हें वर्ष 2011 में पहली बार राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया था।

रांची के अजीत टेटे ने बांग्लादेश की सीमा पर बतौर डीआईजी पदस्थापित होने के दौरान खास तौर पर मवेशियों की तस्करी पर रोक लगाने की अहम भूमिका निभायी। पशु तस्करों पर हर रोज तस्करी के नये नये तरीके ईजाद किये जाने का भी उन्होंने न सिर्फ निदान किया बल्कि उनकी खोज के आधार पर दूसरी सीमाओं पर भी तस्करी पर इसी तरीके से लगाम लगाया जा सका। अपने 33 वर्षों के सक्रिय सेवा काल के दौरान बार बार उल्लेखनीय सेवाओं और राष्ट्र को उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें दूसरी बार राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया है। वर्तमान में रांची के अजीत टेटे कोलकाता में बतौर डीआईजी पदस्थापित हैं।

शराब बेच रही लड़की बोली, नहीं बेचेंगे तो पेट कैसे भरेगा ?

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थाना प्रभारी ने दिए एक हजार और कही यह बात…

कामडारा (गुमला): जिस कोख से बेटी ने जन्म लिया, जब वही कोख भूख से बिलबिलाने लगे तो पेट भरने के लिए शराब भी बेचना पड़ता है। ऐसा ही हुआ कामडारा कुलकी गांव निवासी शिवरानी तानी (10) के साथ। वह अपनी भूखी मां की हालत देख न सकी और निकल पड़ी शराब बेचने, ताकि मां व पिता के साथ खुद का पेट भर सके। वह रविवार को साप्ताहिक पोकला बाजार में शराब बेच रही थी ताकि उससे मिलने वाले रुपये से वह अपने घर राशन ले जा सके। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

उसी समय मौके पर कामडारा पुलिस ने छापामारी शुरू कर दी। मौके पर भगदड़ मच गई। ऐसे में मासूम बच्ची चुपचाप खड़ी पुलिस को निहारने लगी। उसे देखकर थाना प्रभारी देवप्रताप प्रधान वहां पहुंचे और बच्ची से पूछा कि वह शराब क्यों बेच रही है। तब उसने डरते सहमते हुए कहा कि सर, मेरे घर में खाना नहीं है। मां भूखी है। पिता बेरोजगार है। ऐसे में उसे भी भूख लगी थी तो वह क्या करती। बस गांव के ही एक चाची से शराब का जार उधार लिया और उसे बेचने के लिए आ गई।


मासूम की बात सुनकर थाना प्रभारी की आंखें नम हो गई और उन्‍होंने कहा कि तुम शराब के अलावा सब्जी बेचकर भी तो रुपये कमा सकती हो। तब उस मासूम ने कहा कि सर सब्जी खरीदने के लिए उसके पास रुपये नहीं हैं तो कैसे सब्जी खरीद कर वह बेच सकती है। इतना सुनते ही थाना प्रभारी ने अपनी पाॅकेट से एक हजार रुपये निकाल कर उस बच्ची को दिए और कहा कि अब दोबारा शराब नहीं बेचना।


इस रुपये से सब्जी खरीद कर बेचो और अपने मां-पिताजी को ही दुकान में बैठने के लिए कहो। जबकि उस मासूम को पढ़ाई करने के लिए थाना प्रभारी ने जागरुक किया और कहा कि पढ़ाई करने में अगर कोई परेशानी होती है तो उससे आकर वह मिल सकती है। उसकी पढ़ाई की व्यवस्था भी वह करा देंगे। इतना सुनकर वह मासूम बच्ची थाना प्रभारी के सामने बिना कुछ कहे कान पकड़कर उठक बैठक करने लगी। यह देख थाना प्रभारी हंसने लगे और बच्ची को दुलाराते हुए घर जाने को कहा।।

डुमरी पुलिस ने मवेशी लदे वाहन किया जब्त

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फोटोः जब्त वाहन, चालक और खलासी को किया गिरफ्तार

गिरिडीह/डुमरी : डुमरी के चिरैया मोड़ से पुलिस ने बुधवार की सुबह गुप्त सूचना के आधार पर मवेशी लोड एक पिकअप भेन को जप्त किया। वही ड्राइवर और खलासी को भी गिरफ्तार कर लिया है। बताया जाता है कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक बोलेरो पिकअप वैन मवेशी लोड कर डुमरी की ओर आ रही है। सूचना पर पुलिस ने बैरियर लगाकर जामताड़ा के समीप भेन को रोकने का प्रयास किया लेकिन ड्राइवर पुलिस को देखकर गाडी भागने लगा। जिसका पीछा कर पुलिस ने चिरैया मोड़ के समीप भेन को जप्त कर लिया।

मवेशी लोड गाड़ी भवानंद से निरसा जा रही थी। वही गाड़ी में तीन गाय तीन बैल और एक भैंस का बच्चा लोड था। इस मामले में पुलिस ने वाहन चालक अजमल खान पिता गुलाम खान सहित उपचालक रिजवान खान पिता नसीम खान तेतूलिया धनबाद निवासी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने थाने में गिरफ्तार लोगों के अलावे दो अन्य व्यापारियों के खिलाफ पशु क्रुरता अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।फिलहाल पुलिस सभी मवेशियों को मधुबन गौशाला भेज दिया है।

गिरफ्तार किए गये वैन के ड्राइवर और खलासी

अवैध हथियार रखने के आरोप में मिल्लत एकाडेमी स्कूल का संचालक गिरफ्तार

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फोटो : जानकारी देते पुलिस अधिकारी

गिरिडीह : अवैध हथियार रखने के आरोप में चैताडीह स्थित मिल्लत एकाडेमी स्कूल के संचालक आरिफ हुसैन को पचंबा थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरिफ हुसैन के पास से एक सिक्सर के साथ चार जिंदा कारतूस बरामद किया है।

बताया गया कि सोमवार की देर रात पचंबा पुलिस मिली गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस निरीक्षक अनिल कुमार के साथ पचंबा थाना प्रभारी नीतिश कुमार, सुधीर कुमार ने जवानों के साथ चैताडीह स्थित मिल्लत एकाडेमी स्कूल में छापेमारी किया। छापेमारी के दौरान स्कूल के एक बंद गोदाम से कागज में बंधा सिक्सर के साथ जिंदा कारतूस बरामद किया गया। छापेमारी के दौरान पुलिस को आसपास के लोगों ने बीते कुछ दिनों से मिल्लत एकाडेमी स्कूल में कुछ आपत्तिजनक गतिविधी चलने की बाते बतायी।

पुलिस ने अवैध हथियार रखने के आरोप में स्कूल संचालक आरिफ हुसैन को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार स्कूल संचालक को पुलिस ने मंगलवार को जेल भेज दिया है और पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

सत्ता के संरक्षण में राजधानी में हो रही ज़मीन की लूट: दीपक प्रकाश

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भू-माफियाओं को सत्ता में बैठे लोगों का संरक्षण- दीपक प्रकाश

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सांसद दीपक प्रकाश ने प्रेस वार्ता कर सत्ता के संरक्षण में राजधानी में जमीन लूट की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि यह सरकार बिचौलियों की सरकार है । इस सरकार को चलाने वाले अफसर भी नही है ,मंत्री भी नही है ,सरकार के निर्णय को प्रभावित सत्ता में बैठे हुए लोगो के कॉरिडोर में चलने वाले कुछ ऐसे तत्व है जो खनिज संपदा से लेकर,ट्रांसफर पोस्टिंग से लेकर जमीन की दलाली करने में लगे हुए है। जमीन के दलाली के अलावा अवैध कब्जा करने का भी काम मे सत्ता में बैठे हुए लोग कर रहे है।


सत्ता में शामिल लोग प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से राजधानी में एकड़ के एकड़ जमीन पर चील की तरह दृष्टि लगाकर अवैध कब्जा करने में लगे हुए है। दीपक प्रकाश ने कहा कि राजधानी बनने के बाद यहां की ज़मीन की दर में काफी बढ़ोतरी हुई है। जमीन का अभाव हुआ है, इसलिए इसकी कीमतों में बढ़ोतरी हुई है।

उन्होंने कहा कि राँची के हेहल कटहल मोड़ खाता न-119 कैलाशपुरी कॉ-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी 1982 में बनी थी।और इसमें जिन गरीबों के पास घर नहीं है, उनके लिये घर उपलब्ध कराया जा रहा था। 12 एकड़ जमीन पर घर बनाने में सभी बेघर लोग लगे हुए थे। 2020-21 तक जमीन की रसीद भी उसके नाम पर काटी गयी है। रजिस्टर-2 में भी उन सभी का नाम है। समिति के लोगो ने अपने अपने जमीन की बाउंड्री भी किया। पर अब जनवरी के माह में सत्ता में बैठे लोग सत्ता के इशारे पर कोऑपरेटिव की ज़मीन को अवैध कब्जा करने का काम कर रहे है। इतना ही नही,उस जमीन के बगल में अन्य ज़मीन लगभग 120 एकड़ सत्ता में बैठे लोग कब्जे करने में लगे हुए है।

दीपक प्रकाश ने कहा कि जब वहां के लोगो ने सीओ के पास फरियाद किया तो उनका जवाब था कि हम कुछ नही कर सकते, इसमे ऊपर के लोगो का हस्तक्षेप है।एसडीओ के पास गए वहां भी कोई जवाब नही मिला। डीसी साहब भी इस प्रकरण में बेचारे नज़र आ रहे है।इस पर कमिश्नर का भी आदेश है कि यह ज़मीन कोआपरेटिव की ज़मीन है,दुर्भाग्य से पूरा शासन व्यस्वस्था वो चाहे राजस्व विभाग के सचिव हो या अन्य अधिकारी सभी उत्तर देने में असमर्थ साबित हुए है।क्योंकि सत्ता में बैठे लोगों का इन अधिकारियों पर पूरा दबाव है।ये सत्ता में बैठे लोगों की नज़र इसके अलावा 120 एकड़ ज़मीन पर भी है।

गरीबों की जमीन छिनी गई तो चुप नहीं बैठेगी भाजपा- दीपक प्रकाश


दीपक प्रकाश ने कहा कि सत्ता और सरकार में थोड़ी भी नैतिकता हो तो पूरी प्रकरण की जांच होनी चाहिए।और दूध का दूध और पानी का पानी होना चाहिए।उन्होंने कहा कि सत्ता समाज के हित के लिए है।सत्ता इस राज्य के विकास के लिए है,सत्ता कानून व्यवस्था को सुधार करने के लिए है।सत्ता इस राज्य को वैभवशाली बनाने के लिए है।लेकिन सत्ता का उपयोग सत्ता के बिचौलियों एवं दलालो के लिए होगी तो भारतीय जनता पार्टी मौन नही रहेगी ।

संदिग्ध परिस्थिति मे मिली वृद्ध महिला की लाश

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परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

गिरिडीह/ गांडेय : थाना क्षेत्र के चपरा गांव में एक 79 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थिति में मौत होने का मामला सामने आया है। परिजनों ने महिला की हत्या की आशंका जता रहे है। बताया गया कि महिला झाडू बेचने का काम करती थी। सोमवार की सुबह दस बजे वह घर से बरमसिया 1 हाट के लिए निकली थी। रँगा माटी खेल मैदान के पास उक्त महिला की संदिग्ध परिस्थिति में लाश मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।

मामले की सूचना स्थानीय थाना को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को अपनी अभिरक्षा में ले पोस्टमार्टम हेतु गिरिडिह सदर अस्पताल भेज दिया है।। इस बीच पुलिस ने थाना कांड संख्या 3/21 के तहत केस दर्ज कर मामले की छानबीन की छानबीन में जुट गयी है।